WWW.ACNTIMES.COM & acntimesup https://acntimes.com/rss/author/acntimesup WWW.ACNTIMES.COM & acntimesup en Copyright @ ACNTIMES.COM | All Rights Reserved | Webmaster : HARSH SHUKLA ऐसा क्या हुआ कि लोगों ने मृत बच्चे के पिता को ही पीट दिया, जांच हुई तो यह हुआ बड़ा खुलासा https://acntimes.com/What-happened-that-people-beat-the-father-of-the-dead-child https://acntimes.com/What-happened-that-people-beat-the-father-of-the-dead-child एसीएन टाइम्स @  हरिद्वार l धर्मनगरी हरिद्वार से आत्मा को झकझोर देने वाला वाक्या सामने आया है। कैंसर पीड़ित बेटे की जान बचाने की आस में एक दंपति यहां गंगा स्नान के लिए आ गए। दुर्भाग्यवश बच्चे की रास्ते में ही मौत गई। इसके बाद भी दोनों ने मृत बेटे को गंगा स्नान कराया। उन्हें भरोसा था कि गंगा स्नान के बाद बेटा जिंदा हो जाएगा। परंतु ऊपर वाले को शायद कुछ और मंजूर था। हर की पौड़ी में स्नान करने पहुंचे अन्य लोगों ने मां-बाप बच्चे का हत्यारा समझ लिया और पिटाई कर दी।

जानकारी के अनुसार दिल्ली सोनिया विहार में रहने वाले राजकुमार सैनी पत्नी के साथ हरिद्वार हर की पौड़ी पहुंचे थे। वे यहां ब्लड कैंसर से पीड़ित अपने 7 वर्ष के बेटे रवि को गंगा स्नान कराने लाए थे। रवि का इलाज दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल में चल रहा था जहां डॉक्टरों के जवाब दे दिया। रवि के माता-पिता अपने बेटे को खोना नहीं चाहते थे। रवि की मौसी ने उन्हें सलाह दी कि वे एक बार रवि को हरिद्वार में गंगाजी में स्नान करवा दें। उसने बताया कि ऐसी मान्यता है कि हर की पेढ़ी में गंगाजी में नहलाने से लोग ठीक हो जाते हैं।

लोगों को लगा कि माता-पिता ने बच्चे को डुबोकर मार दिया

बच्चे को बचाने के लिए परिजन हरिद्वार स्नान कराने पहुंच गए लेकिन रास्ते में ही रवि की मौत हो गई। इसके बाद भी राजकुमार और उनकी पत्नी ने अपने मृत बेटे को गंगाजी में डुबकी लगवा दी। तभी कुछ लोगों को लगा कि परिजन ने बच्चे को गंगा में डुबोकर मार दिया है। जानकारी मिलते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। पूछताछ में माता-पिता ने पूरा घटनाक्रम बताया। गौरतलब है कि, इस घटना का वीडियो खूब वायरल हुआ था। 

डूबने से नहीं, खून की कमी से हुई थी मौत

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान राजकुमार सैनी के ड्राइवर से बात की। उसने पूछताछ में बताया कि रास्ते में मे ही सैनी के बेटे की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो उसमें मौत कीवजह गंगाजी में डुबोने से होने की बात की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे में खून की काफी कमी थी जिसके चलते उसकी मौत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे का शव परिजन को सौंप दिया।

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Sat, 27 Jan 2024 20:28:58 +0530 acntimesup
जल शक्ति मंत्रालय ने मनाया 75वां गणतंत्र दिवस, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 'ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन की नायक' 475 महिलाओं से किया संवाद https://acntimes.com/Jal-Shakti-Ministry-celebrates-75th-Republic-Day https://acntimes.com/Jal-Shakti-Ministry-celebrates-75th-Republic-Day एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । जल शक्ति मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस की संध्या पर नई दिल्ली में एसबीएम-जी की बदलाव लाने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें देशभर की 475 से अधिक महिलाओं ने सहभागिता की। इस दौरान स्वच्छता के क्षेत्र में परिवर्तन लाने को लेकर सार्थक संवाद हुआ।

आयोजन का उद्देश्य सहयोग को बढ़ावा देकर प्रगति को आगे बढ़ाना था। इसकी योजना सिर्फ जश्न मनाने के लिए नहीं बल्कि सार्थक रणनीतिक चर्चा के लिए बनाई गई थी। इन विचारों ने स्वच्छता क्षेत्र में परिवर्तन लाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया और व्यावहारिक विचार-विमर्श का अवसर दिया। यह भविष्य की नीति निर्माण को प्रभावित कर सकता है। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जल शक्ति राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के साथ एक जीवंत संवाद हुआ। इसमें देश की 475 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं।

ओडीएफ प्लस मॉडल की अवधारणा पर डाला प्रकाश

एसबीएम-जी के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक जीतेंद्र श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और महिला परिवर्तनकर्ताओं को व बदलाव लाने के लिए बधाई दी जो वे दुनिया में देखना चाहती हैं। उन्होंने देश भर में एसबीएम की प्रगति के बारे में जानकारी दी। इससे नेत्रियों के उत्साह और प्रेरणा के कारण जल्द ही अधिक से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल श्रेणी में आ पाएंगे। ओडीएफ प्लस मॉडल गांव अपनी ओडीएफ स्थिति को बनाए रखते हैं। ये ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करते हैं और देखने में स्वच्छ होते हैं।

विभिन्न राज्यों से सीखते हुए स्वच्छता में जनभागीदारी पर ध्यान केंद्रित करें

अपर सचिव और मिशन निदेशक, जेजेएम चंद्रभूषण कुमार ने कार्यक्रम का संदर्भ बताया। उन्होंने आयोजन का संदर्भ नारी सशक्तिकरण  है क्योंकि महिलाओं ने एसबीएम-जी सहित सभी क्षेत्रों में खुद को नेतृत्वकर्ताओं और चेंजमेकर्स में बदल दिया है। स्वच्छता यात्रा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 'हमें अपनी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों में सुधार करना चाहिए। विभिन्न राज्यों से सीखते हुए,  संपूर्ण स्वच्छता के लिए जन भागीदारी' पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखना चाहिए।

उपलब्धियां छोटी नहीं, लेकिन सुस्ताने जितनी बड़ी भी नहीं

इस कार्यक्रम ने "स्वच्छता शक्ति : जमीनी स्तर पर भारत की स्वच्छता स्थिति को बदलने वाली महिलाओं की कहानियां" पर भी प्रकाश डाला। यह समर्पित महिलाओं के अनुकरणीय कार्यों के लिए एक आदर्श है। बातचीत के दौरान गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि एसबीएम की सफलता 11 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण, 5 लाख से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किए जाने और 4 लाख से अधिक गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। इससे स्पष्ट है ये उपलब्धियाँ कोई छोटी उपलब्धि नहीं हैं, फिर भी ये इतनी बड़ी भी नहीं हैं कि हम अपनी उपलब्धियों पर सुस्ताने लगें।'

महिला चेंजमेकर का सहयोग आपेक्षित

उन्होंने एसबीएम-जी के मिशन को 'दीर्घकालिक प्रयास' बताया और कहा महिला चेंजमेकर्स के साथ बातचीत करना विशेष है क्योंकि महिलाओं ने हमेशा स्वच्छता की यात्रा को आगे ले जाने में, एक नई गति, नई ऊर्जा और एक नया जीवन प्रदान किया है। हमें और अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित करके एसबीएम-जी आंदोलन पर आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए उन्होंने महिला चेंजमेकर्स से सहयोग मांगते हुए उनसे एसबीएमजी संपत्तियों के लिए समुदाय में स्वच्छता की संस्कृति और स्वामित्व की भावना पैदा करने में मदद करने का अनुरोध किया।

विविधता में एकता से मजबूत होता है विश्वास

कार्यक्रम में उपस्थित महिला चैंपियनों की सराहना करते हुए राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि आप सभी मिलकर अद्वितीय स्थलाकृति और इलाके के साथ,'विभिन्न राज्यों से आने वाली महिलाशक्ति को प्रेरणा देती हैं। आप सभी को एक साथ जोड़ने वाला सामान्य सूत्र स्वच्छता कार्यक्रम और मिशन के लिए अटूट प्रतिबद्धता है। एक स्वच्छ राष्ट्र की खोज में सामूहिक प्रयास करते हुए, भौगोलिक सीमाओं के पार, एकता की सच्ची भावना का प्रतीक हैं।" यह विविधता में एकता, मेरे विश्वास को मजबूत बनाती है कि आपके समर्पण और कड़ी मेहनत से, भारत स्वच्छता में दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश करेगा। एसबीएम ने एक क्रांति के माध्यम से दुनिया का सबसे बड़ा व्यवहार परिवर्तन का अभियान चलाया है, जिससे डायरिया से होने वाली मौतों को रोकने, पोषण और उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिली है। हमें प्रौद्योगिकी समाधानों को देखना चाहिए और एक-दूसरे से सीखना चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने समुदाय, विभागों के साथ सहयोग करने, और एसएचजी के साथ जुड़ कर महिलाओं का समर्थन करने के प्रयासों में दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहें। हमारे काम को आकार देने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्रॉस लर्निंग के लिए डिजिटल हैंडल का अनुसरण करने की प्रेरणा दें

अपने समापन भाषण में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा, हमारे साथ अपने अनुभव साझा करने वाली सभी बदलाव निर्माताओं को अपने गांव वापस जाकर, घर के लोगों को देश भर में स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों के बारे में बताना चाहिए। उन्हें पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रथाओं का पालन करने और क्रॉस लर्निंग के लिए हमारे डिजिटल हैंडल का अनुसरण करने की प्रेरणा दें। उन्होंने कहा "मुझे विश्वास है कि यह कार्यक्रम आकर्षक रहा और इसने आपको अधिक समर्पण के साथ काम करते रहने के लिए प्रेरित किया है और मुझे यकीन है कि आपके द्वारा स्थापित उदाहरण को देखकर, अन्य लोग भी सीखेंगे और 'संपूर्ण स्वच्छ भारत' के निर्माण में योगदान देंगे।"

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Sat, 27 Jan 2024 20:10:38 +0530 acntimesup
बड़ा हादसा : अफ्रीका के सोना उत्पादक देश माली में ढही खान, काम कर रहे 73 से अधिक मजदूरों की मौत https://acntimes.com/Major-accident-More-than-73-killed-in-gold-mine-collapse-in-Mali https://acntimes.com/Major-accident-More-than-73-killed-in-gold-mine-collapse-in-Mali एसीएन टाइम्स @ डेस्क । माली में बहुत बड़ा हादसा हुआ है। वहां सोने की एक खदान के ढहने से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। समाचार लिखे जाने तक 73 मजदूरों के शव खदान से निकाले जा चुके हैं।

अफ्रीका के दक्षिण-पश्चिमी शहर कंगाबा के अधिकारी उमर सिदीबे ने बताया कि घटना की शुरुआत एक शोर के साथ हुई। इस दौरान धरती हिलने लगी। सिदीबे के अनुसार घटनास्थल के आस-पास के क्षेत्रों में 200 से अधिक सोने की खदानें हैं। हादसे के बाद से श्रमिकों की तलाश की जा जारी है। फिलहाल खदान से 73 शव बाहर निकाले जा चुके हैं।

बता दें कि, माली के खान मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान जारी किया था। इसमें बताया गया था कि में कई खनिकों की मौत की घोषणा की थी लेकिन सटीक आंकड़े नहीं दिए थे। सरकार ने “शोकाकुल परिवारों और मालियन लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। घटना के बाद सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि तय मानकों के आधार पर ही खदान में जाएं।

जानकारी के मुताबिक, माली के खनन क्षेत्र में विदेशी समूहों का वर्चस्व है। कनाडा के बैरिक गोल्ड और बी2गोल्ड, ऑस्ट्रेलिया के रेसोल्यूट माइनिंग और ब्रिटेन के हमिंगबर्ड रिसोर्सेज सहित विदेशी कंपनियां हैं, जो वर्षों से देश में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद काम कर रही हैं।

स्थानीय काउंसलर ने भी बताई समस्या

अफ़्रीका के तीसरे सबसे बड़े सोना उत्पादक देश माली में ऐसी दुर्घटनाएं आम हैं। अधिकारी करीम बर्थे ने बताया कि, “भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचने के लिए राज्य को इस कारीगर खनन क्षेत्र में व्यवस्था लानी चाहिए।” खान मंत्रालय ने इस दुर्घटना पर “गहरा दु:ख” व्यक्त किया है। माइनर्स के साथ-ही माइनिंग स्थलों के पास रहने वाले समुदायों से “सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने” का आग्रह किया गया है।

खतरनाक है सोने का खनन

माली के साहेल क्षेत्र में सोने का खनन करना एक खतरनाक व्यवसाय है। यही वजह है कि मानवाधिकार संगठन नियमित रूप से कारीगर खनन कार्यों में बाल श्रम के उपयोग की निंदा करते हैं। इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) की एक रिपोर्ट 2019 में प्रकाशित हुई थी। इसके अनुसार नए गोल्ड पैनिंग श्रमिकों के निरंतर आगमन और उन्हें समर्थन देने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी के कारण रहने और काम करने की स्थिति खतरनाक हो गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि “शहरी केंद्र से दूर, उन क्षेत्रों में जहां राज्य की उपस्थिति नगण्य है, प्रवासियों को आमतौर पर कार्यस्थल सुरक्षा के कोई उपाय नहीं होने से लाभ होता है।”

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Thu, 25 Jan 2024 21:00:11 +0530 acntimesup
अयोध्या में श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का होगा सीधा प्रसारण, जानिए& मीडिया कवरेज के लिए शासन&प्रशासन कर रहा क्या व्यवस्था https://acntimes.com/Shri-Rams-Pran-Pratistha-Mahotsav-will-be-telecast-live-in-Ayodhya https://acntimes.com/Shri-Rams-Pran-Pratistha-Mahotsav-will-be-telecast-live-in-Ayodhya एसीएन टाइम्स @ अयोध्या । अयोध्या धाम में 22 जनवरी 2024 को होने वाले श्री राम मंदिर के प्रतिष्ठापन समारोह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निर्धारित अनुष्ठानों के अनुसार 'प्राण प्रतिष्ठा' करेंगे। इस दिन 8,000 से अधिक अतिथियों के मंदिर में आने का अनुमान है। जबकि 23 जनवरी से भक्तों की संख्या लाखों में होगी। आयोजन के कवरेज के लिए मीडिया भी होगी। कवरेज में कोई परेशानी न हो इसके लिए भी व्यापक प्रबंधन किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार समारोह के सीधे प्रसारण की व्यापक व्यवस्था की गई है। दूरदर्शन पूरे कार्यक्रम का डीडी न्यूज और डीडी नेशनल चैनलों पर 4K गुणवत्ता में सीधा प्रसारण करेगा। 23 जनवरी को दूरदर्शन आरती और जनता के लिए श्री राम मंदिर खुलने का प्रसारण करेगा। दूरदर्शन 22 जनवरी को एएनआई टीवी और पीटीआई वीडियो के साथ अयोध्या में कार्यक्रम की क्लीन फ़ीड साझा करेगा। सभी टीवी चैनल जो एजेंसी के ग्राहक हैं, वे वहां से फ़ीड प्राप्त कर सकेंगे हैं।

अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रसारकों के लिए क्लीन फ़ीड की कुंजी के साथ एक यूट्यूब लिंक तैयार किया जा रहा है। यह लिंक संबंधित प्रसारकों के अनुरोध पर उनके साथ साझा किया जाएगा। यूट्यूब लिंक प्राप्त करने के लिए घरेलू प्रसारक-पत्र सूचना कार्यालय के पास अपना अनुरोध भेज सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों को अपना अनुरोध सीधे प्रसार भारती से करना होगा। संपर्क करने का पूरा विवरण पीआईबी मीडिया एडवाइजरी में उपलब्ध है।

यदि क्लीन फ़ीड की आवश्यकता नहीं है तो चैनलों के पास डीडी न्यूज़ से पैचिंग का भी विकल्प होगा। इस मामले में सौजन्य: दूरदर्शन देना होगा। पीआईबी अंग्रेजी, हिंदी और राज्य की भारतीय भाषाओं में कार्यक्रम की तस्वीरें और प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करेगा।

अयोध्या मीडिया सेंटर में होगी वाई-फाई सुविधा

अयोध्या के राम कथा संग्रहालय में सीमित क्षमता के साथ एक मीडिया सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यहां प्रसारण देखने की सुविधा के लिए बड़े एलईडी टीवी लगाए जाएंगे। मीडियाकर्मियों को अपनी स्टोरी भेजने के लिए मीडिया सेंटर में वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

मीडिया पास के लिए पोर्टल की व्यवस्था

अयोध्या से इस कार्यक्रम को कवर करने के इच्छुक मीडिया संगठन पीआईबी के केन्द्रीकृत पोर्टल के माध्यम से 17 जनवरी 2024 शाम 6 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इसके आधार पर राज्य प्रशासन के माध्यम से सुरक्षा पास जारी किए जाएंगे।

दूरदर्शन प्रसारित कर रहा विशेष कार्यक्रम

सीधे प्रसारण के अलावा, दूरदर्शन 1 से 15 जनवरी, 2024 तक राम की पेढ़ी नामक एक विशेष समाचार बुलेटिन भी चला रहा है। शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक "श्री राम अयोध्या आए हैं" शीर्षक से एक विशेष लाइव कार्यक्रम होगा। इसमें दैनिक अयोध्या राउंड-अप, अतिथि चर्चा, विशेष स्टोरी और वॉक्स-पॉप शामिल होंगे।

स्वास्थ्य सुविधाएं भी होंगी उपलब्ध

लोगों को पर्याप्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो, इसके लिए अयोध्या में चिकित्सा देख-रेख सुविधाओं की जानकारी स्थानीय प्रशासन और राम जन्मभूमि ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। 12 से 15 जनवरी, 2024 के दौरान अयोध्या में लगभग 200 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली स्थित एम्स के जेपीएनए ट्रॉमा सेंटर से एक टीम भेजी गई है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह और संबद्ध कार्यक्रम के दौरान अयोध्या में भारत सरकार द्वारा भीष्म आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा स्थापित करने की संभावना है।

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Wed, 17 Jan 2024 09:00:00 +0530 acntimesup