WWW.ACNTIMES.COM & Latest Posts https://acntimes.com/rss/latest-posts WWW.ACNTIMES.COM & Latest Posts en Copyright @ ACNTIMES.COM | All Rights Reserved | Webmaster : HARSH SHUKLA जहरीली शराब के साथ 3 आरोपियों को पकड़ने का किया दावा, जांच में लापरवाही बरती, गवाह भी मुकरे, कोर्ट ने कर दिया बरी, SI और ASI की विभागीय जांच का दिया आदेश https://acntimes.com/ratlam-poisonous-liquor-case-three-accused-acquitted-police-investigation-negligence https://acntimes.com/ratlam-poisonous-liquor-case-three-accused-acquitted-police-investigation-negligence एसीएन टाइम्स @ रतलाम । माणक चौक थाने के वर्ष 2021 के बहुचर्चित जहरीली शराब मामले में रतलाम न्यायालय ने तीन आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की विवेचना में सामने आई गंभीर विसंगतियों पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने जांच में घोर लापरवाही के लिए तत्कालीन विवेचक SI सचिन डावर और ASI मुरली मकवाना के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई के लिए निर्णय की प्रति रतलाम जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) और पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) को भेजने के आदेश दिए हैं। 

यह महत्वपूर्ण फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) रवीना चौधरी की अदालत ने सुनाया। अभियोजन के अनुसार, 9 सितंबर 2021 को माणक चौक थाने में पदस्थ तत्कालीन कार्यवाहक एएसआई मुरली मकवाना को मुखबिर से सूचना मिली थी। पुलिस ने त्रिवेणी रोड स्थित श्मशान के पास से नवनीत चौहान को 5 लीटर अवैध एवं जहरीली हाथभट्टी कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़े जाने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में नवनीत ने उक्त शराब पवन उर्फ पप्पू राठौर और सोहनलाल उर्फ दादू से खरीदकर बेचने की बात बताई थी। इसी आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 49-क के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया गया था।

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कोर्ट में मुकर गए स्वतंत्र गवाह

विचारण के दौरान अभियोजन की कहानी को सबसे बड़ा झटका स्वतंत्र पंच साक्षियों के पक्षद्रोही होने से लगा। घटना और मेमोरेंडम से जुड़े सभी स्वतंत्र पंच गवाह न्यायालय में अपने पूर्व कथनों से मुकर गए। उन्होंने पुलिस द्वारा मौके पर किसी तरह की जप्ती अथवा कार्रवाई किए जाने से ही इनकार कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रोहित शर्मा ने इन विरोधाभासों को न्यायालय के समक्ष प्रमुखता से रखा। सुनवाई के दौरान जप्ती और सैंपलिंग से जुड़े दस्तावेजों तथा न्यायालय में पेश किए गए माल को लेकर भी गंभीर सवाल सामने आए।

जप्त सैंपल पर घटना से पहले की तारीख

मामले में पेश किए गए आर्टिकल-3 के सैंपल बोतल पर जप्ती की तारीख 2 अगस्त 2021 अंकित थी, जबकि पुलिस की केस कहानी के मुताबिक घटना 9 सितंबर 2021 की थी। यानी कथित घटना से करीब एक माह पहले की तारीख सैंपल बोतल पर दर्ज थी। निर्णय के अनुसार, इस महत्वपूर्ण विसंगति के संबंध में दोनों विवेचक न्यायालय के समक्ष कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके।

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सील से लेकर रोजनामचा तक, जांच पर उठे सवाल

अदालत के समक्ष जप्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं में भी विसंगतियां सामने आईं। जप्ती पत्रक पर नमूना सील अंकित नहीं थी। वहीं न्यायालय में पेश किए गए माल पर लगी सील और संबंधित दस्तावेजों के बीच भी समुचित मिलान नहीं पाया गया। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों के मौके पर रवाना होने और कार्रवाई के बाद थाने लौटने से संबंधित रोजनामचा सान्हा का वैध रिकॉर्ड भी अभियोजन द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन परिस्थितियों ने अभियोजन की पूरी कार्रवाई और विवेचना की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अतः संदेह का लाभ देते हुए न्यायालय ने आरोपी नवनीत चौहान, पवन उर्फ पप्पू राठौर और सोहनलाल उर्फ दादू को मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 49-क के आरोप से बरी कर दिया।

27 पृष्ठीय फैसले में कोर्ट ने बताई पुलिस की जवाबदेही

न्यायालय ने अपने 27 पृष्ठीय निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने में असफल रहा। इसी आधार पर तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। फैसले में सर्वोच्च न्यायालय के स्टेट ऑफ गुजरात विरुद्ध किशनभाई’ मामले में दिए गए न्यायदृष्टांत का भी उल्लेख किया गया। अदालत ने माना कि पुलिस अथवा विवेचना एजेंसियों की लापरवाही के कारण यदि निर्दोष व्यक्तियों को अनावश्यक रूप से कारावास और आपराधिक विचारण की पीड़ा झेलनी पड़े, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय किया जाना आवश्यक है।

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दो विवेचकों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर और DIG को पत्र

न्यायालय ने मध्यप्रदेश नियम तथा आदेश (आपराधिक) के नियम 241 के तहत तत्कालीन विवेचक एएसआई मुरली मकवाना और एसआई सचिन डावर की विवेचना में पाई गई घोर लापरवाही का संज्ञान लिया। अदालत ने निर्णय की प्रति के साथ जिला मजिस्ट्रेट (कलेक्टर) रतलाम तथा पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) को पत्र भेजकर दोनों अधिकारियों के विरुद्ध विधि अनुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से जहां तीनों आरोपियों को बड़ी राहत मिली है, वहीं आपराधिक मामलों की विवेचना में बरती जाने वाली लापरवाही और साक्ष्यों की शुचिता को लेकर पुलिस महकमे की जवाबदेही पर भी न्यायालय ने गंभीर संदेश दिया है।

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Tue, 08 Sep 2026 22:35:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
‘शोर’ पर प्रशासन का ‘जोर’ ! प्रशासन के उड़नदस्तों ने शहर की मस्जिदों सहित 8 स्थानों पर दी दस्तक, पहले ही दिन 26 से ज्यादा लाउडस्पीकर उतरवाए, हिदायत भी दी https://acntimes.com/ratlam-loudspeaker-action-flying-squads-religious-places https://acntimes.com/ratlam-loudspeaker-action-flying-squads-religious-places एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनधिकृत और नियम विरुद्ध उपयोग के खिलाफ रतलाम में प्रशासन की कार्रवाई शुरू हो गई है। अनुविभागीय दंडाधिकारी (रतलाम शहर) द्वारा गठित उड़नदस्तों ने अभियान के पहले दिन मंगलवार को मस्जिदों सहित 8 स्थलों पर लाउडस्पीकर जांचे। कार्रवाई के दौरान 26 से ज्यादा लाउडस्पीकर उतरवाए गए। अधिकारियों ने इनके पुनः उपयोग पर कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।

कार्रवाई कार्यपालिक दंडाधिकारी कुलभूषण शर्मा एवं आशीष उपाध्याय के नेतृत्व वाले उड़नदस्तों द्वारा की गई। इसमें पुलिस अधिकारी और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित सदस्य भी शामिल रहे। इन टीमों ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की स्थिति देखी और कार्रवाई करते हुए लाउडस्पीकर उतरवाए। कुछ स्थानों पर अनुविभागीय दंडाधिकारी तरुण जैन खुद भी उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर शुरुआत में लोगों ने आपत्ति जताई लेकिन लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि कार्रवाई प्रशासन द्वारा जारी आदेश और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन जारी की गई है। इस गाइडलाइन के अनुसार ही इनका उपयोग किया जा सकता है। यदि इसके उल्लंघन करने या पालन करवाने में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न की गई तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

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(अबुबकर मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवाए गए।)

लाउडस्पीकर जब्त भी किए, सुपुर्दगी की अलग व्यवस्था

(शेरानीपुरा जमातखाने के पास स्थित अहल-ए सुल्तान-रज़ा मस्जिद से लाउडस्पीकर उतरवाए गए।)

कार्रवाई के दौरान उतरवाए गए लाउडस्पीकरों को उड़नदस्तों द्वारा जब्त किया गया। हालांकि उन्हें संबंधित उपयोगकर्ताओं के ही सुपुर्द किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह भी माना जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति को स्पष्ट रूप से यह जानकारी रहे कि इन उपकरणों का दोबारा उपयोग नियमों के विपरीत नहीं किया जा सकता। अब यदि कार्रवाई के बाद किसी स्थान पर संबंधित लाउडस्पीकर को दोबारा नियम विरुद्ध तरीके से लगाया या संचालित किया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना प्रशासन के लिए और आसान होगा, क्योंकि उस स्थान पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी होगी।

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चार थाना क्षेत्रों में बनाई गई हैं संयुक्त टीमें

बता दें कि कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही सुनिश्चित कराने के आदेश दिए थे। इसके चलते रतलाम शहर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर कार्रवाई के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी तरुण जैन द्वारा स्टेशन रोड, माणकचौक, डीडीनगर और औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्रों के लिए अलग-अलग उड़नदस्ते गठित किए हैं। इन टीमों में राजस्व अधिकारियों के साथ संबंधित थाना प्रभारी तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी शामिल हैं। आदेश में टीमों को अपने-अपने क्षेत्र में धार्मिक, सार्वजनिक एवं अन्य स्थानों का सघन सर्वेक्षण और आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत प्राप्त होने पर भी उड़नदस्ते मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे। बिना सक्षम अनुमति, अनुमति की शर्तों के विपरीत अथवा नियमों का उल्लंघन करते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्र संचालित पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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एसडीएम तरुण जैन बोले- कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

रतलाम (शहर) के अनुविभागीय दंडाधिकारी तरुण जैन ने एसीएन टाइम्स से चर्चा में बताया कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एसडीएम जैन ने शहरवासियों से प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

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Tue, 08 Sep 2026 21:20:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को होगा निःशुल्क सामूहिक श्राद्ध कर्म, सामग्री भी निःशुल्क मिलेगी, जानिए& कैसे ले सकते हैं इसका लाभ https://acntimes.com/sarvapitra-amavasya-free-collective-shradh-ceremony-ratlam https://acntimes.com/sarvapitra-amavasya-free-collective-shradh-ceremony-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पितृ पक्ष में आने वाली सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर रतलाम में निःशुल्क सामूहिक श्राद्ध कर्म का आयोजन किया जाएगा। 10 अक्टूबर को होने वाले इस आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर श्री गुरु मंदिर, कालिका माता मंदिर के पास महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ महिला उत्थान मंडल एवं मांगल्य मंदिर धर्मक्षेत्र रतलाम के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी संत श्री वाटिका, चंपा विहार, रतलाम में आयोजित किया जाएगा। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष प्रेमप्रकाश बाथव ने बताया कि सामूहिक श्राद्ध कर्म में सम्मिलित होने वाले सभी श्राद्धकर्ताओं के लिए पूर्व रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रहेगा।

पंजीयन के लिए समिति द्वारा मोबाइल नंबर के साथ गूगल फॉर्म लिंक एवं QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा। श्राद्धकर्ता मोबाइल नंबर पर संपर्क करके अथवा गूगल फॉर्म लिंक खोलकर या QR कोड स्कैन करके अपना पंजीयन करवा सकेंगे। पंजीयन की प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रहेगी।

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आयोजन स्थल पर मिलेगी श्राद्ध कर्म की संपूर्ण सामग्री

बैठक में यह भी तय किया गया कि आयोजन स्थल पर सभी पंजीकृत श्राद्धकर्ताओं के लिए श्राद्ध कर्म की संपूर्ण सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं को आयोजन में शामिल होने के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सामूहिक श्राद्ध कर्म का विधिवत आह्वान उड़ीसा, जगन्नाथ पुरी के विद्वान एवं संयमी ब्राह्मण देव शारदा प्रसाद मिश्रा द्वारा किया जाएगा। आयोजन में सम्मिलित होने वाले सभी श्राद्धकर्ताओं को प्रसादी स्वरूप वैदिक ज्ञान विज्ञान जागृति पीठ के संस्थापक महर्षि संजय शिवशंकर दवे द्वारा अभिमंत्रित कुबेर पोटली भी वितरित की जाएगी।

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घर-घर जाकर अवगत कराएंगे श्राद्ध कर्म की महिमा

बैठक में आयोजन के प्रचार-प्रसार और जनजागरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समिति के सेवादार भाई-बहन घर-घर जाकर पितृ पक्ष एवं श्राद्ध कर्म की महिमा से लोगों को अवगत कराएंगे। साथ ही अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क सामूहिक श्राद्ध कर्म आयोजन में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए इस पुण्य अवसर पर सामूहिक श्राद्ध कर्म में सम्मिलित हों तथा समय रहते अपना निःशुल्क पूर्व पंजीयन अवश्य करवाएं।

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Tue, 08 Sep 2026 20:04:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
जनजाति कार्य विभाग की सहायक आयुक्त से तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ की मांग; PPO समय पर जारी कर GPF, अर्जित अवकाश, GIS, पेंशन और ग्रेच्युटी का दें लाभ https://acntimes.com/retired-employees-pending-cases-settlement-ratlam https://acntimes.com/retired-employees-pending-cases-settlement-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित स्वत्वों का समयसीमा में निराकरण कर उन्हें उनके सेवानिवृत्ति लाभ समय पर दिलाने की मांग तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने की है। संगठन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रकरण लंबित रहने से उन्हें पेंशन भुगतान आदेश (PPO), सामान्य भविष्य निधि (GPF), अर्जित अवकाश, समूह बीमा योजना (GIS), पेंशन एवं ग्रेच्युटी सहित अन्य स्वत्वों के लिए अनावश्यक रूप से इंतजार करना पड़ रहा है।

संघ ने यह मांग जनजाति कार्य विभाग रतलाम की सहायक आयुक्त डॉ. प्रियंका राय से की है। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि GPF राशि के भुगतान, बीमा तथा अर्जित अवकाश के लाभ से संबंधित प्रकरणों का निराकरण जिला स्तर से किया जाता है, लेकिन इनमें से भी कई प्रकरण लंबित हैं। संघ ने इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की मांग की है ताकि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को उनके हक की राशि और अन्य लाभ समय पर प्राप्त हो सकें।

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संकुल प्राचार्यों को भी दिए निर्देश

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने सभी संकुल प्राचार्यों को पत्र लिखकर कहा है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सेवा अभिलेख एवं अन्य आवश्यक जानकारियां, जिन्हें संकुल स्तर से पूर्ण किया जाना है, उन्हें समयसीमा में पूरा कर वरिष्ठालय को प्रस्तुत किया जाए। संगठन का कहना है कि संकुल स्तर पर दस्तावेज और औपचारिकताएं लंबित रहने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के प्रकरणों के अंतिम निराकरण में अनावश्यक विलंब होता है।

कलेक्टर से मिलकर रखेंगे लंबित प्रकरणों का मुद्दा

संघ ने कहा है कि वह शीघ्र ही कलेक्टर रतलाम से भी भेंट करेगा। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों की जानकारी प्रस्तुत कर उनके शीघ्र निराकरण और समय पर सेवानिवृत्ति लाभ दिलाने की मांग की जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ कर्मचारियों का अधिकार हैं और इनके लिए उन्हें लंबे समय तक विभागीय प्रक्रिया में उलझना नहीं चाहिए। सभी संबंधित स्तरों पर आवश्यक कार्रवाई समयसीमा में पूरी किए जाने की जरूरत है।

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ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष बृजलाल बोरिया, संरक्षक तेजपाल सिंह राणावत, बसंतीलाल मईड़ा, मिथिलेश मिश्रा, दिनेश शर्मा, नटवरलाल मईड़ा, भंवरलाल देवड़ा, कन्हैयालाल किहोरी, नानूराम देवड़ा, वीर सिंह, छगनलाल मईड़ा, नागूलाल निनामा, अशोक जोकचंद, लक्ष्मण गुजराती, भेरूलाल मुनिया, भेरूलाल गुजराती एवं रामलाल भाभर सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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Tue, 08 Sep 2026 19:28:19 +0530 Niraj Kumar Shukla
सावधान ! कलेक्टर अजय कटेसरिया के नाम से विदेशी नंबर से भेजे जा रहे फर्जी WhatsApp संदेश, कलेक्टर ने की सतर्क रहने की अपील https://acntimes.com/collector-ajay-katesaria-fake-whatsapp-number-cyber-fraud-alert-ratlam https://acntimes.com/collector-ajay-katesaria-fake-whatsapp-number-cyber-fraud-alert-ratlam कलेक्टर अजय कटेसरिया की प्रोफाइल फोटो और नाम का दुरुपयोग; +63 से शुरू नंबर से भेजे जा रहे संदेश, अधिकारियों-कर्मचारियों और नागरिकों को सतर्क रहने की अपील

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । अब साइबर ठगों ने धोखाधड़ी करने के लिए नया तरीका अपनाया है, वे कलेक्टर (आईएएस अफसर) के नाम का WhatsApp मैसेज भेज रहे हैं। इसमें कलेक्टर अजय कटेसरिया के नाम एवं प्रोफाइल फोटो का दुरुपयोग कर एक अनधिकृत WhatsApp नंबर +639615402077 से लोगों को संदेश भेजने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलेक्टर कटेसरिया ने स्पष्ट किया है कि यह नंबर उनका अधिकृत मोबाइल नंबर नहीं है, इसलिए सावधान रहें।

कलेक्टर अजय कटेसरिया ने नागरिकों एवं जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की है कि यदि +639615402077 अथवा किसी अन्य अनधिकृत नंबर से कलेक्टर के नाम, फोटो या पद का उपयोग करते हुए कोई WhatsApp संदेश प्राप्त होता है, तो उस पर विश्वास नहीं करें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि +639615402077 उनका अधिकृत नंबर नहीं है। इस नंबर से आने वाले किसी भी संदेश, कॉल अथवा पैसों की मांग पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दें।

न पैसा भेजें, न बैंक-यूपीआई की जानकारी दें

कटेसरिया के अनुसार फर्जी पहचान के जरिए भेजे जा रहे इन संदेशों को लेकर पैसों की मांग अथवा अन्य प्रकार की साइबर धोखाधड़ी किए जाने की आशंका है। ऐसे में नागरिकों के साथ-साथ जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। फर्जी संदेशों के जरिए यदि किसी व्यक्ति से पैसे मांगे जाते हैं तो किसी भी स्थिति में राशि का भुगतान नहीं किया जाए। बैंक खाता, UPI अथवा किसी अन्य माध्यम से कोई लेन-देन नहीं करें।

साथ ही अनजान नंबर से प्राप्त संदेशों के जवाब में अपनी कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करें। प्रशासन ने विशेष रूप से व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी जानकारी, OTP और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है।

वरिष्ठ अधिकारी की पहचान का सहारा लेकर भरोसा जीतते हैं साइबर ठग

कलेक्टर कटेसरिया ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं। परिचित नाम और सरकारी पद देखकर लोग कई बार संदेश को वास्तविक मान लेते हैं और ठगी का शिकार हो सकते हैं।

इसलिए किसी भी अनजान अथवा अनधिकृत नंबर से प्राप्त संदेश की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना कोई व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी जानकारी, OTP, पासवर्ड या राशि साझा नहीं करें।

हाईअलर्ट : एक संदेश भी पड़ सकता है भारी

कलेक्टर के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर भेजे जा रहे इन संदेशों को लेकर नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। सिर्फ प्रोफाइल फोटो और नाम देखकर WhatsApp अकाउंट को वास्तविक न मानें। किसी भी आर्थिक मांग या महत्वपूर्ण निर्देश की पहले अधिकृत माध्यम से पुष्टि करें।

स्पष्ट चेतावनी

+639615402077 कलेक्टर अजय कटेसरिया का अधिकृत नंबर नहीं है। इस नंबर से कोई संदेश या कॉल प्राप्त होने पर प्रतिक्रिया न दें और किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करें।

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Tue, 08 Sep 2026 17:16:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
उज्जैन से उमराई तक गूंजेंगे माँ त्रिपुरा सुंदरी के जयकारे, 11 अक्टूबर को निकलेगी भव्य दर्शन यात्रा https://acntimes.com/maa-tripura-sundari-yatra-ujjain-umrai-banswara-11-october-2026-ratlam https://acntimes.com/maa-tripura-sundari-yatra-ujjain-umrai-banswara-11-october-2026-ratlam रतलाम सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद, आस्था के साथ सामाजिक एकता का भी दिया जाएगा संदेश

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । माँ त्रिपुरा सुंदरी के भक्तों के लिए आस्था और श्रद्धा से जुड़ी भव्य दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। 11 अक्टूबर 2026 को उज्जैन में यात्रा का शुभारंभ होगा। यहां से श्रद्धालु बांसवाड़ा के उमराई स्थित माँ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के लिए रवाना होंगे।

भव्य दर्शन यात्रा का आयोजन श्री विश्वकर्मा पाँचाल समाज मध्यप्रदेश द्वारा किया जा रहा है। इसे लेकर श्रद्धालुओं और समाजजनों में उत्साह है। रतलाम जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भक्ति और श्रद्धा के साथ माँ के जयकारे लगाते हुए उमराई स्थित माँ के दरबार तक पहुंचेंगे। आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य केवल माँ त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करना नहीं है।

इसके माध्यम से समाज में धार्मिक आस्था, आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश भी दिया जाएगा। यात्रा को लेकर जारी संदेश में कहा गया है-आस्था की डगर, माँ का दरबार, त्रिपुरा सुंदरी करे बेड़ा पार।” श्रद्धालु माँ के दरबार में पहुंचकर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और क्षेत्र की उन्नति की कामना करेंगे।

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युवाओं की भागीदारी पर जोर

श्री विश्वकर्मा पाँचाल समाज मध्यप्रदेश द्वारा यात्रा में युवाओं की अधिक से अधिक सहभागिता का आह्वान किया है। उनका कहना है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों से जुड़कर युवा समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। माँ के आशीर्वाद से हर युवा आगे बढ़े” की भावना के साथ युवाओं से भी यात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की गई है। पाँचाल युवा मित्र मंडल मध्यप्रदेश ने भी श्रद्धालु भाई-बहनों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर यात्रा को सफल बनाने का निवेदन किया गया है।

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Tue, 08 Sep 2026 01:35:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
लाउडस्पीकर पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, रतलाम के लिए 4 उड़नदस्ते गठित, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई https://acntimes.com/ratlam-loudspeaker-monitoring-joint-flying-squads-noise-pollution https://acntimes.com/ratlam-loudspeaker-monitoring-joint-flying-squads-noise-pollution एसीएन टाइम्स @ रतलाम । धार्मिक और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित और नियम विरुद्ध उपयोग को लेकर प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई का तंत्र सक्रिय कर दिया है। रतलाम शहर के अनुविभागीय दंडाधिकारी ने इसके लिए अलग-अलग उड़नदस्ते गठित किए हैं। इनमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ ही संबंधित थाना प्रभारी और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को शामिल किया गया है।

अनुविभागीय अधिकारी शहर (राजस्व) द्वारा जारी आदेश के अनुसार कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा धार्मिक स्थलों एवं अन्य स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित एवं नियम विरुद्ध प्रयोग पर नियंत्रण और कार्रवाई के लिए जारी दिशा-निर्देशों के तहत की गई है। आदेश में उड़नदस्तों को स्पष्ट जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में धार्मिक, सार्वजनिक और अन्य ऐसे स्थानों का सघन सर्वेक्षण एवं आकस्मिक निरीक्षण करें, जहां लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग हो रहा है। इसके अलावा किसी स्थान को लेकर शिकायत प्राप्त होने पर भी उड़नदस्ता आकस्मिक जांच करेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएगा। यानी अब शिकायत मिलने के बाद मामला केवल संबंधित विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गठित संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करेगी।

चार थाना क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें गठित

स्टेशन रोड थाना क्षेत्र : तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कुलभूषण शर्मा (मो. नं. 9827765833), स्टेशन रोड थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी उड़नदस्ते में रहेंगे।

माणकचौक थाना क्षेत्र : नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी आशीष उपाध्याय (7000532927), माणकचौक थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है।

डीडीनगर थाना क्षेत्र : आशीष उपाध्याय (7000532927), डीडीनगर थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।

औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र : कार्यपालिक दंडाधिकारी रामचन्द्र पाण्डेय (8319110709), औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नामित अधिकारी उड़नदस्ते में शामिल हैं।

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अनुमति और शर्तों का होगा सत्यापन

अभियान के दौरान प्रत्येक क्षेत्र में लगाए गए लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में यह देखा जाएगा कि उनके संचालन के लिए आवश्यक अनुमति प्राप्त है या नहीं और अनुमति में निर्धारित शर्तों का पालन किया जा रहा है या नहीं। प्रशासन ने इसके लिए उड़नदस्तों को मौके पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में यदि कोई लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र बिना सक्षम अनुमति, अनुमति की शर्तों के विपरीत अथवा लागू नियमों का उल्लंघन करते हुए स्थापित या संचालित पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग तत्काल बंद कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

7 से 17 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान

आदेश के अनुसार रतलाम शहर अनुविभाग में 7 सितंबर से 17 सितंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उड़नदस्ते अपने निर्धारित क्षेत्रों में निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई स्थान जांच से छूटे नहीं। अभियान में पहले से शिकायत वाले तथा नियमों के उल्लंघन की संभावना वाले स्थानों को विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

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कार्रवाई के बाद भी निगरानी जारी रहेगी

प्रशासन ने अभियान खत्म होने के बाद भी नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई है, वहां दोबारा अनधिकृत अथवा नियम विरुद्ध तरीके से ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग शुरू न हो। उड़नदस्तों को प्रतिदिन की गई कार्रवाई का संक्षिप्त प्रतिवेदन तैयार करना होगा। इसमें निरीक्षण किए गए स्थानों की संख्या, जांचे गए लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों की स्थिति और की गई कार्रवाई का विवरण दर्ज किया जाएगा।

गंभीर उल्लंघन पर तत्काल कानूनी कार्रवाई

आदेश में यह भी कहा गया है कि अभियान के दौरान यदि कोई गंभीर अथवा तत्काल प्रकृति का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित थाना प्रभारियों को उड़नदस्तों को आवश्यक पुलिस बल और अन्य सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान किसी व्यक्ति, आयोजक या प्रतिष्ठान संचालक द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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निगरानी का नया तंत्र क्यों महत्वपूर्ण

इस आदेश की खास बात यह है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामलों में राजस्व, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को एक ही उड़नदस्ते में जोड़ा गया है। इससे शिकायत की जांच, अनुमति एवं शर्तों का सत्यापन और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय की व्यवस्था की गई है।

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Tue, 08 Sep 2026 00:22:55 +0530 Niraj Kumar Shukla
सागर में मौतों से रतलाम में अलर्ट ! नकली शराब की सूचना देने वालों को मिलेगा इनाम, कलेक्टर ने आबकारी विभाग को आंख&कान खुले रखने के दिए निर्देश https://acntimes.com/collector-strict-on-spurious-liquor-ratlam https://acntimes.com/collector-strict-on-spurious-liquor-ratlam पिछली तीन बैठकों से आबकारी विभाग की कार्यशैली कलेक्टर के निशाने पर, सूचना देने वालों को मिलेगा पुरस्कार; निकायों को भी अपना सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सागर में नकली शराब से लोगों की मौत की घटना के बाद रतलाम अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सख्ती दिखाते हुए जिले में नकली शराब के निर्माण, बिक्री और अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की हिदायत दी है। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी से साफ कहा कि- विभाग अपनी आंख और कान खुले रखकर’ काम करे और आम नागरिकों से मिली शिकायतों को गंभीरता से ले। उन्होंने नकली शराब की सूचना देने वालों को पुरस्कार देने का भी ऐलान किया है।

कलेक्टर कटेसरिया प्रशासनिक अमले की साप्ताहिक समीक्षा बैठक ले रहे थे। लचर कार्यप्रणाली के चलते पिछली तीन बैठकों से आबकारी विभाग कलेक्टर के निशाने पर है। उधर, सागर में नकली शराब से हुई मौतों ने विभाग की सक्रियता को लेकर उनकी अपेक्षा और बढ़ गई है। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी से जिले में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग को लगातार सजग रहने की हिदायत दी। उन्होंने आमजन से नकली शराब से संबंधित सूचना देने की अपील भी की। कलेक्टर ने कहा कि सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को पुरस्कार भी दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि शिकायतों की सुनवाई नहीं होने से आम नागरिक परेशान और हतोत्साहित होते हैं। इसलिए शिकायत प्राप्त होते ही उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को भी की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। कलेक्टर ने वर्ष 2021 में नामली में नकली शराब से हुई बड़ी घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में पूर्व में ऐसी गंभीर घटना हो चुकी है। वर्तमान में सागर में नकली शराब से हुई मौतों के मद्देनजर रतलाम में विशेष एहतियात जरूरी है। आबकारी विभाग किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरते और अवैध शराब के कारोबार पर लगातार निगरानी रखे।

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नगरीय निकाय भी बनाएं अपना सूचना तंत्र

कलेक्टर ने नगरीय निकायों को भी नकली शराब के संबंध में अपना सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली शराब का सेवन विशेष रूप से गरीब तबके में अधिक देखने को मिलता है, इसलिए नगरीय निकाय अपने क्षेत्रों में भी निगरानी रखें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग तक पहुंचाएं।

ध्वनि विस्तारक यंत्रों की मनमानी पर लगेगी रोक, एसडीएम बनाएंगे कार्ययोजना

कलेक्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक बजाए जाने पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्र निर्धारित सीमा से अधिक नहीं बजना चाहिए। इसके लिए एसडीएम को स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। गौलतरब है कि ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज के कारण कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद की तबीयत बिगड़ गई थी और उनकी मौत भी हो गई थी। इसे लेकर पर्यावरणविद् डॉ. खुशालसिंह पुरोहित ने कलेक्टर कटेसरिया से पत्र लिखकर डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर संख्ती से रोक लगाने की मांग की गई थी।

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वन अधिकार के नाम पर नए कब्जे को पट्टा नहीं, दूर करें भ्रम

वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों को अधिनियम के प्रावधानों की सही और स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले से वन भूमि पर काबिज पात्र व्यक्तियों के दावों का नियमानुसार परीक्षण कर अधिकार प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पूर्व में किसी कारणवश निरस्त किए गए पात्र दावों का भी पुनः परीक्षण किया जाना है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सिर्फ नया अतिक्रमण या कब्जा कर लेने से वन अधिकार का पट्टा प्राप्त नहीं होता। इस संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही पात्र दावों का संवेदनशीलता और नियमों के अनुरूप परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

राशन में कटौती या फर्जी एंट्री मिली तो आपूर्ति अधिकारी होंगे जिम्मेदार

खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने जिला आपूर्ति अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को समय पर और पूरी मात्रा में राशन मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए केवल उचित मूल्य दुकान विक्रेता ही नहीं, बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। कलेक्टर ने विशेष रूप से सैलाना, बाजना और रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो माह का राशन एक साथ वितरित किए जाने की स्थिति में एक माह का राशन देकर दो माह के वितरण की एंट्री या अंगूठा लगवाने जैसी शिकायतें सामने नहीं आनी चाहिए।

कम मात्रा में राशन देकर अधिक मात्रा की एंट्री किए जाने की शिकायतों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

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स्वीकृत स्वास्थ्य भवनों पर अब नहीं चलेगा इंतजार, 15 दिन में शुरू करना होगा निर्माण

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने स्वीकृत लेकिन अब तक शुरू नहीं हुए अस्पतालों एवं अन्य स्वास्थ्य भवनों के निर्माण कार्यों को लेकर भी समय-सीमा तय कर दी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी निर्माण कार्य आगामी 15 दिनों के भीतर प्रारंभ कराए जाएं। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है और स्वास्थ्य सेवाओं तथा अधोसंरचना के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्य समय-सीमा में प्रारंभ कराने के साथ ही गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।

नए भवन से संचालित होगी शिवगढ़ तहसील, व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश

बैठक में शिवगढ़ तहसील कार्यालय को नए भवन में स्थानांतरित करने के संबंध में भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर नए भवन से तहसील कार्यालय का संचालन प्रारंभ कराने को कहा। बैठक में जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत, वन मंडल अधिकारी अनुभा सिंह, नगर निगम आयुक्त अनिल भाना सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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Mon, 07 Sep 2026 21:32:18 +0530 Niraj Kumar Shukla
MP में BJP की सरकार बने पौने तीन साल हो गए, फिर भी कई पद खाली; पूर्व गृहमंत्री कोठारी बोले& अब और इंतजार क्यों? https://acntimes.com/himmat-kothari-raised-issue-of-pending-appointments-for-bjp-workers https://acntimes.com/himmat-kothari-raised-issue-of-pending-appointments-for-bjp-workers समितियों, निगमों और विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों में देरी पर पूर्व गृह मंत्री की चिंता, कहा- जमीनी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने में नहीं हो विलंब

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार के गठन को करीब पौने तीन वर्ष बीतने के बावजूद विभिन्न समितियों, निगमों, प्राधिकरणों और अन्य संस्थानों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का मुद्दा अब पार्टी के भीतर से भी उठने लगा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने नाराजगी जताते हुए इन रिक्त पदों पर पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को शीघ्र जिम्मेदारी देने की मांग की है।

कोठारी ने कहा कि भाजपा की हर जीत का वास्तविक आधार उसका निष्ठावान कार्यकर्ता है। कार्यकर्ता पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करता है और संगठन को मजबूत करने के साथ ही पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में सरकार बनने के बाद कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी मिलना भी आवश्यक है। भाजपा की हर जीत का वास्तविक आधार उसका निष्ठावान कार्यकर्ता होता है। अतः कार्यकर्ताओं के समर्पण का सम्मान करते हुए उन्हें समय पर जिम्मेदारी मिलना जरूरी है।

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बड़े पदों पर जल्दी, कार्यकर्ताओं की बारी में लंबा इंतजार

पूर्व गृह मंत्री ने नियुक्तियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर सरकार बनने के बाद बड़े पदों पर नियुक्तियां अपेक्षाकृत जल्दी हो जाती हैं, लेकिन जब छोटे और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की बात आती है तो निर्णय और विचार-विमर्श में लंबा समय लग जाता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में एल्डरमैन और विकास प्राधिकरणों में जो नियुक्तियां की गई हैं, उनमें संबंधित कार्यकर्ताओं को काम करने के लिए अब लगभग एक वर्ष के आसपास का ही समय मिल पाएगा। यदि ये नियुक्तियां सरकार गठन के कुछ समय बाद ही कर दी जातीं, तो कार्यकर्ताओं को जनता के बीच काम करने तथा अपनी प्रशासनिक क्षमता साबित करने का पर्याप्त अवसर मिलता।

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कार्यकर्ताओं के मनोबल से जोड़ा मुद्दा

कोठारी ने कहा कि सरकार और संगठन के स्तर पर अभी भी ऐसे कई स्थान हैं, जहां निष्ठावान कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जा सकती है। लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी मिलने से उनका मनोबल बढ़ेगा और वे शासन की योजनाओं को जनता के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगे।

उन्होंने शासन और संगठन से आग्रह किया कि जहां-जहां कार्यकर्ताओं के मनोनयन का प्रावधान है, वहां शेष रिक्त पदों पर बिना किसी विलंब के शीघ्र नियुक्तियां की जाएं। कोठारी का कहना है कि इससे कार्यकर्ताओं के समर्पण का सम्मान होगा और उन्हें जनता की सेवा के लिए पर्याप्त समय भी मिल सकेगा।

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Sun, 06 Sep 2026 04:54:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
गणेशोत्सव की तैयारियों के लिए सकल हिन्दू समाज की वृहद बैठक आज, गणेश उत्सव समितियों में समन्वय और सामूहिक सहभागिता पर होगी बात https://acntimes.com/ganeshotsav-preparation-meeting-ratlam-hindu-samaj https://acntimes.com/ganeshotsav-preparation-meeting-ratlam-hindu-samaj एसीएन टाइम्स @ रतलाम । दस दिवसीय गणेशोत्सव को भव्य स्वरूप देने और नगर की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के बीच बेहतर समन्वय के उद्देश्य से सकल हिन्दू समाज की वृहद सामूहिक बैठक रविवार को होगी। सुबह 10 बजे सागोद रोड स्थित जेएमडी पैलेस में होने वाली बैठक में गणेशोत्सव की तैयारियों, समितियों के आपसी समन्वय, सामूहिक सहभागिता और आगामी आयोजनों को लेकर चर्चा की जाएगी।

गणेश उत्सव समिति, रतलाम के तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस बैठक में नगर की विभिन्न गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समाजजनों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, बैठक का उद्देश्य सभी समितियों को एक साझा मंच पर लाकर गणेशोत्सव के दौरान आपसी सहयोग और समन्वय को मजबूत करना है।

बैठक में आगामी गणेशोत्सव को व्यापक एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के साथ ही विभिन्न समितियों के स्तर पर प्रस्तावित आयोजनों और सामूहिक कार्यक्रमों को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। सकल हिन्दू समाज की ओर से नगर की सभी गणेश उत्सव समितियों के पदाधिकारियों एवं संबंधित कार्यकर्ताओं से बैठक में उपस्थित होने की अपील की गई है।

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Sun, 06 Sep 2026 04:05:59 +0530 Niraj Kumar Shukla
चुल्लू में तालाब का पानी लेकर पी गए कलेक्टर कटेसरिया, बोले& ‘स्वाद तो हिमालयन ड्रिंकिंग वाटर जैसा है’ https://acntimes.com/collector-drank-pond-water-in-shivgarh https://acntimes.com/collector-drank-pond-water-in-shivgarh शिवगढ़ में 6 किलोमीटर पैदल घूमकर देखा सघन वन और जल संरक्षण का काम

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । आमतौर पर सरकारी अफसरों के दौरों में बोतलबंद पानी को प्राथमिकता देते हुए देखा जाता है, लेकिन रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया का एक अलग ही अंदाज शिवगढ़ वन परिक्षेत्र के भ्रमण के दौरान देखने को मिला। जल संरक्षण के लिए बनाए गए चेकडैम में जमा स्वच्छ पानी देखकर कलेक्टर ने न तो बोतलबंद पानी मंगवाया और न ही पानी की गुणवत्ता पर औपचारिक टिप्पणी तक सीमित रहे। उन्होंने ठेठ आम आदमी की तरह चुल्लू में पानी भरा और खुद पीकर उसका स्वाद परखा। पानी पीने के बाद उन्होंने कहा- “इस पानी का स्वाद हिमालयन ड्रिंकिंग वाटर जैसा है।”

कलेक्टर के इस सहज अंदाज ने पूरे भ्रमण को खास बना दिया। उपलब्ध जानकारी के आधार पर रतलाम में संभवतः यह पहला अवसर माना जा सकता है, जब किसी कलेक्टर ने वन क्षेत्र में संरक्षित तालाब/चेकडैम के पानी को इस तरह सीधे चुल्लू में भरकर पीया हो। हालांकि, इसे आधिकारिक रूप से पहला उदाहरण कहने के लिए पूर्व के रिकॉर्ड की पुष्टि आवश्यक होगी।

कलेक्टर अजय कटेसरिया शुक्रवार को सैलाना प्रवास के दौरान शिवगढ़ वन परिक्षेत्र पहुंचे थे। यहां उन्होंने हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किए जा रहे सघन वन और जल संरक्षण कार्यों का करीब 6 किलोमीटर पैदल चलकर निरीक्षण किया। उन्होंने पौधरोपण, पौधों के रखरखाव, जल संरक्षण संरचनाओं तथा इन गतिविधियों से स्थानीय ग्रामीणों को मिलने वाले संभावित लाभों की जानकारी ली।

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चेकडैम का पानी पिया, जल संरक्षण की सराहना की

वन क्षेत्र में भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न चेकडैम एवं जल संरचनाओं का निरीक्षण किया। इनमें से एक चेकडैम में एकत्रित स्वच्छ पानी देखकर उन्होंने स्वयं पानी चखा। पानी पीने के बाद उन्होंने उसके स्वाद की तुलना हिमालयन ड्रिंकिंग वाटर से की। उन्होंने जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्षा जल को संरक्षित कर उसका उपयोग करना पर्यावरण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। जल संरचनाओं की निरंतर देखरेख और उनके बेहतर उपयोग पर भी उन्होंने जोर दिया।

859 हेक्टेयर में विकसित हो रहा सघन वन

हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट द्वारा शिवगढ़ वन परिक्षेत्र में लगभग 859 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वन विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत पिछले तीन वर्षों में करीब 2 लाख पौधों का रोपण और उनका रखरखाव किया गया है।

इसके साथ ही बीजारोपण के माध्यम से 3 लाख से अधिक पौधों की नर्सरी तैयार की गई है। नर्सरी के काम में स्थानीय समुदाय को भी जोड़ा गया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक स्थानीय महिलाओं की सहभागिता है, जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार और आय के अवसर मिल रहे हैं। परियोजना के अगले चरण में एक लाख नए पौधे लगाने की तैयारी की जा रही है। आगामी वर्षों में कुल 5 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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56 चेकडैम, 45 करोड़ लीटर वर्षाजल संरक्षण का प्रयास

शिवगढ़ वन क्षेत्र में जल संरक्षण के लिए विभिन्न जल संरचनाएं विकसित की गई हैं। परियोजना के अंतर्गत लगभग 56 चेकडैम बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से करीब 45 करोड़ लीटर वर्षाजल के संचयन का प्रयास किया जा रहा है।

इसके अलावा लगभग 2 करोड़ लीटर क्षमता वाले तीन सरोवरों के माध्यम से भी पानी संग्रहित किया जा रहा है। इन जल संरचनाओं से उपलब्ध पानी का उपयोग करीब 75 रेन गन तथा लगभग 70 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई के माध्यम से किया जा रहा है।

14 गांवों तक पहुंचेगा परियोजना का लाभ

परियोजना क्षेत्र के आसपास की 3 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इन गतिविधियों का लाभ मिलने की संभावना है। परियोजना के माध्यम से जल संरक्षण और वन विकास के साथ-साथ बिगड़े वनों के सुधार, वन सुरक्षा तथा स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

ग्राम वन समितियों के सहयोग से प्राकृतिक संपदा के विकास, जल प्रबंधन, पौधरोपण, वनों के सुधार और सुरक्षा से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों से स्थानीय आबादी को पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर लाभ मिलने की संभावना है।

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अतिक्रमण की स्थिति भी देखी, सुरक्षा के निर्देश

भ्रमण के दौरान कलेक्टर कटेसरिया ने वन क्षेत्र में किए जा रहे अतिक्रमण की स्थिति को भी संज्ञान में लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वन क्षेत्र की सुरक्षा एवं संरक्षण के संबंध में जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकसित किए जा रहे वन क्षेत्र की सुरक्षा, पौधों का संरक्षण और जल संरचनाओं की लगातार देखरेख बेहद जरूरी है। इन प्रयासों को निरंतर जारी रखा जाए, ताकि आने वाले वर्षों में शिवगढ़ क्षेत्र हरित विकास और जल संरक्षण के बेहतर मॉडल के रूप में विकसित हो सके।

कलेक्टर ने लगाया चंपा का पौधा

भ्रमण के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने वन क्षेत्र में चंपा का पौधा भी लगाया। उन्होंने पौधरोपण के साथ उसके संरक्षण और नियमित देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसे संरक्षित कर वृक्ष के रूप में विकसित करना है।

स्थानीय समुदाय को साथ लेकर आगे बढ़ रही परियोजना

हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के जिला समन्वयक नीलेश शुक्ला ने कलेक्टर को संस्था की गतिविधियों और शिवगढ़ परियोजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना में स्थानीय ग्राम वन समितियों और ग्रामीण समुदाय को साथ लेकर वन विकास, जल संरक्षण, पौधरोपण और रोजगार से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

कलेक्टर कटेसरिया ने संस्था द्वारा किए जा रहे पौधरोपण, जल संरक्षण और स्थानीय सहभागिता के कार्यों का अवलोकन किया तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। भ्रमण के दौरान सैलाना एसडीएम कृष्णपाल सिंह बघेल, तहसीलदार सैलाना मनीष जैन सहित संबंधित अधिकारी एवं हार्टफुलनेस संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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Fri, 04 Sep 2026 20:10:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
जन्माष्टमी की धूम : श्री योगीन्द्र सागर कॉलेज में गूंजा ‘नंद घर आनंद भयो’, विद्यार्थियों ने दही हांडी प्रतियोगिता में दिखाया उत्साह https://acntimes.com/shri-yogendra-sagar-college-ratlam-janmashtami-dahi-handi-celebration https://acntimes.com/shri-yogendra-sagar-college-ratlam-janmashtami-dahi-handi-celebration पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे विद्यार्थी, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । श्री योगीन्द्र सागर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, रतलाम में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस दौरान महाविद्यालय परिसर ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने दही हांडी प्रतियोगिता में उत्साह दिखाया।

उत्सव में मुख्य अतिथि संस्थान के संस्थापक गोपालप्रसाद शर्मा (टंच) एवं सहसंचालक वरदान शर्मा रहे। इस दौरान सहसंचालक उमेश शर्मा और संस्था निदेशक डॉ. लोकेन्द्र विक्रम सिंह भी मंचासीन रहे। सर्वप्रथम लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना एवं आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पारंपरिक वेश-भूषा में शामिल हुए विद्यार्थियों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए

आंख पर पट्टी बांधकर फोड़ी दही हांडी

प्रमुख आकर्षण दही हांडी (मटकी फोड़) प्रतियोगिता रही। दही हांडी प्रतियोगिता में बी.टेक., बीबीए, एमबीए, बीएससी माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी सीड टेक्नोलॉजी और बीएएलएलबी (ऑनर्स) के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्राओं ने भी आंखों पर पट्टी बांधकर मटकी फोड़ प्रतियोगिता में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

संचालन प्रो. मीमांशा मिश्रा एवं प्रो. पल्लवी शुक्ला ने किया। समन्यव सांस्कृतिक समिति की ओर से प्रो. मनीषा राठौर, प्रो. अंशिता शर्मा, प्रो. टीना हसले, प्रो. शिवानी मोदी एवं प्रो. चिंत्रांशी बैरागी का रहा। डीन एकेडमिक प्रो. गोविन्द झंवर ने अतिथियों, शिक्षकों, अनुशासन समिति तथा आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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Fri, 04 Sep 2026 19:08:16 +0530 Niraj Kumar Shukla
64 साल से सरकारी जमीन पर सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल का कब्जा ! सर्वे नंबर 318 को लेकर प्रशासन से जवाब मांग रहे रहवासी https://acntimes.com/st-joseph-convent-school-encroaching-on-government-land https://acntimes.com/st-joseph-convent-school-encroaching-on-government-land एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर की बेशकीमती जमीन से जुड़ा एक पुराना मामला फिर सुर्खियों में है। गुलमोहर कॉलोनी क्षेत्र स्थित सर्वे नंबर 318 की 2.190 हेक्टेयर भूमि को लेकर रहवासी समिति ने जिला प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। समिति का दावा है कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि आज भी शासकीय दर्ज है, जबकि इसी जमीन पर अवैध रूप से वर्ष 1962 से सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालित हो रहा है।

गुलमोहर कॉलोनी रहवासी कल्याण समिति के सचिव प्रमोद जैन ने पत्रकार वार्ता में दस्तावेजों का हवाला देते हुए स्कूल प्रबंधन के साथ ही जिला प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकार वार्ता में समिति अध्यक्ष भी मौजूद थे। पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में अब तक भूमि की वास्तविक स्थिति का स्पष्ट और निष्पक्ष भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया है। समिति ने प्रशासन से राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान कराने की मांग की है।

शपथ पत्र में स्कूल संचालन का उल्लेख

रहवासी समिति के अनुसार, संस्था की ओर से के. यू. मैरी द्वारा दिए गए शपथ-पत्र में सर्वे क्रमांक 318 की भूमि पर स्कूल भवन निर्मित होने तथा वर्ष 1962 से सेंट जोसेफ कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के संचालन का उल्लेख है। स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होने की बात भी इसमें है। रहवासी समिति का मुख्य सवाल यह है कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में संबंधित भूमि शासकीय दर्ज है, तो उस पर दशकों से संचालित संस्थान के भूमि अधिकार और निर्माण की वैधानिकता की स्थिति क्या है? समिति ने इस पूरे मामले की दस्तावेजी जांच की मांग की है।

निर्माण अनुमति पर भी उठे सवाल

समिति द्वारा टीएनसीपी और नगर निगम से जारी निर्माण संबंधी अनुमतियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। उसका आरोप है कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद निर्माण संबंधी अनुमतियां जारी की गईं। पुरानी इमारत को डिसमेंटल किए बिना और मौके का पर्याप्त भौतिक सत्यापन किए बिना नई निर्माण अनुमति दी गई। समिति ने स्कूल परिसर में कथित रूप से बिना नगर निगम की अनुमति बनाए गए पैवेलियन की भी जांच कराने की मांग की है।

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पार्किंग से लेकर बच्चों की सुरक्षा तक का मुद्दा

मामला केवल जमीन तक सीमित नहीं है। रहवासियों ने स्कूल के आसपास रोजाना बनने वाली यातायात समस्या को भी गंभीर मुद्दा बताया है। समिति के मुताबिक स्कूल परिसर में पर्याप्त जगह होने के बावजूद विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों को परिसर में प्रवेश नहीं मिलने से चार पहिया वाहन और ऑटो सड़क पर खड़े होते हैं। इससे पीक टाइम में यातायात प्रभावित होने के साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।

फायर सेफ्टी और सुविधाओं की जांच की मांग

समिति ने स्कूल में फायर एनओसी, आपदा सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, क्लासरूम क्षमता और पार्किंग व्यवस्था की भी जांच की मांग की है। उसका कहना है कि विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का मौके पर परीक्षण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्कूल को नगर निगम की ओर से कथित टैक्स छूट दिए जाने के आधार पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति ने पूछा कि शैक्षणिक संस्था को कर संबंधी छूट किस नियम और प्रावधान के तहत दी गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

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संयुक्त जांच समिति की मांग उठी

रहवासी समिति ने कलेक्टर की अध्यक्षता में राजस्व, नजूल, नगर निगम, टीएनसीपी, शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित करने की मांग की है। समिति के अनुसार जांच में दो स्तरों पर सत्यापन होना चाहिए- पहला, उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड, फाइल, नक्शे, नोटशीट और डिजिटल दस्तावेजों का परीक्षण तथा दूसरा, मौके पर भूमि की वास्तविक स्थिति, निर्माण और उपयोग का भौतिक सत्यापन। शिकायतकर्ताओं ने जांच पूरी होने तक संबंधित विभागों के मूल दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग भी की है, ताकि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की छेड़छाड़ की आशंका न रहे।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे

रहवासी समिति ने कहा कि यदि जांच में शासकीय भूमि के उपयोग, निर्माण अनुमति अथवा अन्य नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए और क्षेत्र की यातायात समस्या का समाधान नहीं किया, तो रहवासी जनहित में आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

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Thu, 03 Sep 2026 23:50:41 +0530 Niraj Kumar Shukla
दिव्यांग बच्चों ने बांधे रक्षा सूत्र, मिला अपनत्व का उपहार, 2 दिव्यांग्य बच्चों को शिक्षा के लिए मिली 30 हजार की सहायता https://acntimes.com/divyang-children-celebrated-raksha-bandhan-with-academy-students https://acntimes.com/divyang-children-celebrated-raksha-bandhan-with-academy-students एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रक्षाबंधन का पर्व जब रिश्तों की औपचारिकता से आगे बढ़कर अपनत्व और समानता का संदेश बन जाए, तो उसकी सार्थकता और बढ़ जाती है। इसी भाव को साकार करते हुए रतलाम जन चेतना परिषद द्वारा संचालित दिव्यांग विद्यालय के विद्यार्थियों ने अरविंद मार्ग स्थित श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी के खालसा सभागृह में सामूहिक रक्षाबंधन पर्व मनाया। दिव्यांग बच्चों ने एकेडमी के विद्यार्थियों को रक्षा सूत्र बांधे, आरती की और भाई-बहन के स्नेहपूर्ण रिश्ते का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री डॉ. लीला जोशी, परिषद अध्यक्ष एम.एल. दुबे, पूर् प्राचार्य ओमप्रकाश मिश्र, श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हरजीत सिंह चावला, सचिव अजीत छाबड़ा, प्राचार्य डॉ. रेखा शास्त्री एवं प्रधान अध्यापिका कविता पंत ने मां सरस्वती तथा श्री गुरु तेग बहादुर जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इसके बाद प्रीति कौर भामरा एवं विद्यार्थियों ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया। दिव्यांग विद्यालय के बच्चों ने नृत्य और नाटिका की प्रस्तुति देकर उपस्थितजनों की सराहना बटोरी।

रक्षा सूत्र के साथ मिला रिश्ते और जिम्मेदारी का भाव

सामूहिक रक्षाबंधन के दौरान दिव्यांग बच्चों ने एकेडमी के विद्यार्थियों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर आरती की। इसके बाद भाइयों ने बहनों को उपहार प्रदान किए और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दिव्यांग बच्चों के साथ आत्मीयता और समानता के भाव को अनुभव किया। सबसे प्रेरक पक्ष यह रहा कि श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति की ओर से दो दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं गणवेश के लिए 30 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। यह सहयोग केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी बना।

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सामाजिक करोसारों पर दिया जोर

समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हरजीत सिंह चावला ने अपने उद्बोधन में सामाजिक सरोकारों और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में समिति कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह वाधवा, सहसचिव हरजीत सलूजा, प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह भामरा, कार्यकारिणी सदस्य सतपाल सिंह डंग, धर्मेंद्र गुरुदत्ता, बलजीत खनूजा, गगनदीप सिंह डंग, गुरविंदर खालसा सहित विद्यालय एवं समिति के पदाधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन एकता भट्ट एवं प्रीत कौर भामरा ने किया।

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Thu, 03 Sep 2026 21:43:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
जो कहा, सो किया ! अब रतलाम के ‘eOffice’ में ‘eFile’ ही दौड़ेंगी, e&mail पर जारी होंगे आदेश&निर्देश https://acntimes.com/ratlam-collector-changes-file-movement-system https://acntimes.com/ratlam-collector-changes-file-movement-system एसीएन टाइम्स @ रतलाम । प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव सिर्फ आदेश जारी करने से नहीं आता, बल्कि उसके लिए काम करने का तरीका बदलना पड़ता है। रतलाम में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने इसी दिशा में कदम बढ़ाया है। अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की बात कही थी। उसको अमल में लाते हुए कलेक्टर कार्यालय तक आने वाली भौतिक डाक और फाइलों का आवागमन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अब ‘eOffice’ में ‘eFile’ ही दौड़ेंगी और आदेश-निर्देश e-mail पर ही दिए और लिए जाएंगे।

कलेक्टर बदलते ही सरकारी महकमे में बदलाव की बयार भी बहने लगी है। सरकारी कार्यों के त्वरित, पारदर्शी एवं पेपरलेस निष्पादन तथा ‘eOffice’ प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं तहसीलदारों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। यानी अब किसी प्रकरण को कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचने के लिए डाक, डिस्पैच और भौतिक फाइल के रास्ते से नहीं गुजरना होगा। यह महज कागज बचाने का फैसला नहीं है। इसके पीछे प्रशासनिक कामकाज में उस समय को कम करने की कोशिश है, जो फाइल के निर्णय तक पहुंचने से पहले ही उसके आवागमन में खर्च हो जाता है।

सामान्य पत्र के लिए अब फाइल नहीं जाएगी

कलेक्टर ने व्यवस्था का दायरा केवल निर्णय वाले प्रकरणों तक सीमित नहीं रखा है। यदि किसी जिला स्तरीय कार्यालय या कलेक्टर कार्यालय को केवल जानकारी, प्रतिवेदन, तथ्यात्मक विवरण अथवा अभिमत चाहिए, तो संबंधित शाखा या अधिकारी की अधिकृत ई-मेल आईडी से ही जवाब भेजा जाएगा। अर्थात केवल सूचना देने के लिए पत्र बनाना, उसे डिस्पैच करना, भौतिक रूप से भेजना और फिर संबंधित शाखा तक पहुंचाना आवश्यक नहीं होगा। इससे काम कम नहीं होगा, लेकिन काम को करने की गैर-जरूरी औपचारिकताएं कम होंगी।

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फाइल दफ्तरों के बीच रेंगेगी नहीं, अब दौड़ेगी !

किसी सरकारी प्रकरण में सबसे महत्वपूर्ण चीज फाइल का भौतिक रूप से पहुंचना नहीं, बल्कि उस पर समय रहते निर्णय होना है। इसके बावजूद अब तक व्यवस्था में फाइल को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचाना भी प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा रहा है। अब यही हिस्सा हटाया जा रहा है। सीधे शब्दों में कहें तो जिस फाइल को पहले कर्मचारी के हाथों या वाहन के जरिए एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक पहुंचाना पड़ता था, वही प्रकरण अब डिजिटल रूप से eOffice की eFile प्रणाली के जरिए पहुंचेगी।

आदेश, अनुमोदन, स्वीकृति, निर्णय अथवा अन्य कार्रवाई वाले सभी प्रकरण eOffice की eFile प्रणाली से भेजे जाएंगे। अब तहसील या अनुविभाग स्तर पर तैयार प्रकरण का कलेक्टर कार्यालय तक आवागमन ऐसे ही होगा। खासबात यह है कि फाइल की गति अब उसके पहियों से नहीं, सिस्टम की गति से तय होगी। यही इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।

अनावश्यक अंतराल कम करना उद्देश्य

किसी सरकारी फाइल में लगने वाला हर दिन केवल सरकारी समय नहीं होता। इसमें किसी व्यक्ति की जमीन का मामला हो सकता है, किसी की स्वीकृति की प्रतीक्षा हो सकती है, किसी प्रशासनिक निर्णय की जरूरत हो सकती है या किसी शिकायत के निराकरण का अगला चरण हो सकता है। eOffice व्यवस्था का उद्देश्य इसी अनावश्यक अंतराल को कम करना है। यदि प्रकरण डिजिटल रूप से तत्काल संबंधित स्तर तक उपलब्ध होगा, तो अधिकारी के सामने निर्णय के लिए फाइल आने में लगने वाला समय भी घटेगा। फाइल जल्दी पहुंचना निर्णय जल्दी होने की गारंटी भले ही न हो, लेकिन निर्णय के रास्ते से एक अनावश्यक पड़ाव जरूर हटेगा।

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सीएम हेल्पलाइन में भी बदलेगी प्रक्रिया

सीएम हेल्पलाइन की स्पेशल क्लोजर से संबंधित प्रकरणों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिकायत के लिए अलग TOC तैयार होगी। उससे संबंधित आदेश-पत्रिका, प्रतिवेदन और अन्य आवश्यक दस्तावेज उसी TOC में क्रमबद्ध रूप से रखे जाएंगे। हर शिकायत के लिए अलग eFile बनाना जरूरी नहीं होगा, लेकिन प्रत्येक शिकायत की TOC अलग और स्पष्ट पहचान वाली होगी। इस व्यवस्था को अपनाने के लिए 30 सितंबर 2026 तक संक्रमणकालीन छूट दी गई है।

नई व्यवस्था से ये होंगे फायदे होंगे

फाइल रुकी, देखना होगा आसान

कागजी फाइल की व्यवस्था में किसी प्रकरण की स्थिति जानने के लिए कई बार यह पता लगाना पड़ता है कि फाइल किस शाखा में है, किस अधिकारी के पास है या किस स्तर पर आगे बढ़ना बाकी है। डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से यह तस्वीर बदलेगी। eFile के माध्यम से प्रकरण की प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड में रहेगी। इससे फाइल की स्थिति जानना, उसके स्तर को ट्रैक करना और लंबित रहने की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा। इस पेपरलेस व्यवस्था से पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना भी आसान होगा।

अधिकारियों-कर्मचारियों को फायदा

सबसे पहला फायदा समय का है। कर्मचारियों को बार-बार फाइल लेकर कलेक्टर कार्यालय तक भेजने की जरूरत नहीं होगी। डाक, डिस्पैच, फाइल प्राप्ति और संबंधित शाखा तक पहुंचाने में लगने वाला श्रम भी बचेगा। फाइलों के भौतिक रखरखाव, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और पुराने प्रकरण तलाशने की प्रक्रिया भी धीरे-धीरे सरल हो सकती है। इसके अलावा अधिकारी किसी प्रकरण को अपने डिजिटल कार्यक्षेत्र से देख सकेंगे। इससे कार्यालयीन कामकाज में स्थान की बाध्यता भी कम होगी।

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आम आदमी को फायदा

इस बदलाव का वास्तविक मूल्यांकन यहीं से होगा। आम नागरिक के लिए eOffice शब्द अपने आप में महत्वपूर्ण नहीं है। उसके लिए महत्वपूर्ण यह है कि उसका काम कितनी जल्दी होता है। यदि डिजिटल फाइल के कारण प्रकरण जल्दी संबंधित अधिकारी तक पहुंचता है, लंबित फाइल की स्थिति स्पष्ट रहती है और निर्णय प्रक्रिया में अनावश्यक समय कम होता है, तो इस बदलाव का वास्तविक लाभ नागरिक तक पहुंचेगा। इसलिए eOffice को केवल सरकारी दफ्तरों को ‘डिजिटल’ बनाने की कवायद के रूप में देखना अधूरा होगा। इसका लक्ष्य तभी पूरा माना जाएगा जब कागज कम होने के साथ-साथ काम के इंतजार का समय भी कम हो।

घोषणा से आगे बढ़कर कार्यसंस्कृति बदलने की कोशिश

सरकारी व्यवस्था में तकनीक लाने की घोषणाएं पहले भी होती रही हैं। फर्क तब पड़ता है, जब तकनीक किसी ऐप या पोर्टल तक सीमित न रहकर दफ्तर के रोजमर्रा के काम करने के तरीके को बदल दे। कलेक्टर कटेसरिया के मामले में फिलहाल पहला कदम इसी दिशा में दिखाई दे रहा है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेज, पारदर्शी और पेपरलेस प्रशासन की जरूरत की बात कही थी तब शायद किसी को यकीन नहीं हुआ हो। परंतु अब कलेक्टर कार्यालय में भौतिक फाइलों के प्रवेश पर रोक और ई-ऑफिस को अनिवार्य करने के उनके फैसले ने रतलाम जिले के लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

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Thu, 03 Sep 2026 21:08:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
रतलाम के बेटे की स्वर्णिम उपलब्धि ! डॉ. दिगंत पाटनी ने कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी द्वारा 200 से अधिक बच्चों को दी नई उम्मीद, ‘स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज हुआ नाम https://acntimes.com/young-cochlear-implant-surgeon https://acntimes.com/young-cochlear-implant-surgeon एसीएन टाइम्स @ रतलाम । किसी बच्चे के लिए पहली बार आवाज सुनना और फिर धीरे-धीरे बोलना सीखना बहुत सहज दिखाई देता है, लेकिन उसके पीछे कई परिवारों के लिए वर्षों की चिंता, उम्मीद और संघर्ष छिपा होता है। जन्मजात गंभीर श्रवण बाधिता से पीड़ित बच्चों के लिए कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी इसी उम्मीद को हकीकत में बदलने का माध्यम बनती है। रतलाम के युवा कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जन एवं ईएनटी सर्जन डॉ. दिगंत पाटनी ने इस दिशा में कार्य करते हुए ‘स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान बनाया है।

महज 32 वर्ष की उम्र से स्वतंत्र रूप से कॉक्लियर इम्प्लांट (CI) सर्जरी शुरू करने वाले डॉ. दिगंत अब तक विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से जन्मजात गंभीर श्रवण बाधिता से पीड़ित 200 से अधिक बच्चों की कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक कर चुके हैं। इन सर्जरियों का महत्व केवल चिकित्सा सफलता तक सीमित नहीं है। अनेक बच्चों को सुनने की क्षमता मिलने के साथ उनके बोलने, शिक्षा हासिल करने और सामान्य सामाजिक जीवन में आगे बढ़ने की राह आसान हुई है।

बच्चों के जीवन में सुनने और बोलने की नई उम्मीद जगाने वाले इस उल्लेखनीय कार्य और जरूरतमंद एवं वंचित बच्चों के प्रति उनकी सेवा भावना को देखते हुए डॉ. दिगंत पाटनी को स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ का रिकॉर्ड सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इंदौर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह सम्मान प. पू. सुधासागर जी महाराज की पावन निश्रा में प्रदान किया गया। इस अवसर पर विजय बाकलीवाल, अशोक दोशी, नवीन गोधा, वीरेंद्र कुमार जैन, अशोक शास्त्री, सौरभ बड़जात्या, गिरीश गिन्नी ग्रुप, पिंकेश टोंग्या, प्रिंसिपल टोंग्या एवं आलोक कोयला सहित गणमान्यजन द्वारा डॉ. दिगंत पाटनी को सम्मानित किया गया।

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‘Young Cochlear Implant Surgeon’ के रूप में सम्मान

स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से जारी प्रमाण-पत्र में डॉ. पाटनी को “Young Cochlear Implant Surgeon” के रूप में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनकी चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ उस मानवीय दृष्टिकोण को भी रेखांकित करता है, जिसके तहत उन्होंने जरूरतमंद और वंचित बच्चों के उपचार को अपने कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

बच्चों के लिए बदली जिंदगी की दिशा

कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी ऐसे बच्चों के लिए महत्वपूर्ण उपचार विकल्प है, जो जन्मजात गंभीर श्रवण बाधिता के कारण सुनने की क्षमता से वंचित होते हैं। सुनने की क्षमता विकसित होने से बच्चों के भाषा और बोलने के विकास, शिक्षा तथा सामाजिक सहभागिता के अवसर बेहतर हो सकते हैं।

डॉ. दिगंत पाटनी ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से ऐसे बच्चों तक उपचार की सुविधा पहुंचाने में अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का उपयोग किया। 200 से अधिक सफल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरियों के जरिए उन्होंने अनेक बच्चों और उनके परिवारों को उस उम्मीद से जोड़ा, जिसमें एक बच्चा आवाज सुन सके, शब्दों को समझ सके और शिक्षा तथा सामाजिक जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

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चिकित्सा से आगे मानव सेवा का संकल्प

डॉ. पाटनी की उपलब्धि का प्रेरक पक्ष यह है कि चिकित्सा विशेषज्ञता को उन्होंने केवल पेशेवर जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रखा। जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी प्रतिबद्धता ने उनके चिकित्सा कार्य को मानव सेवा का स्वरूप दिया है।

सम्मान समारोह में प. पू. सुधासागर जी महाराज ने डॉ. दिगंत पाटनी के मानव सेवा के इस उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने चिकित्सा के माध्यम से जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयासों को प्रेरणादायी बताया।

रतलाम से निकली प्रतिभा ने बढ़ाया शहर का गौरव

डॉ. दिगंत पाटनी की स्कूली शिक्षा रतलाम में हुई है। वे रतलाम के वरिष्ठ पत्रकार एवं कर सलाहकार दिलीप पाटनी के पुत्र हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में कम उम्र में विशेषज्ञता हासिल कर सैकड़ों बच्चों के जीवन में बदलाव लाने और अब ‘स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ से सम्मानित होने की उनकी उपलब्धि से रतलाम सहित उनके परिवार और परिचितों में हर्ष का माहौल है।

डॉ. दिगंत पाटनी की कहानी इस बात की मिसाल है कि चिकित्सा विज्ञान की विशेषज्ञता जब सेवा भावना से जुड़ती है, तो उसका प्रभाव केवल एक मरीज के उपचार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह पूरे परिवार के जीवन में उम्मीद की नई रोशनी ला सकता है। जन्म से ही खामोशी में जी रहे नन्हे बच्चों को सुनने और बोलने की दुनिया से जोड़ने का उनका प्रयास निश्चित रूप से युवा चिकित्सा पेशेवरों के लिए भी प्रेरणा का विषय है।

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Thu, 03 Sep 2026 18:34:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
जमीन के लिए बहाया खून ! पहली पत्नी के रिश्तेदारों ने दूसरी पत्नी के परिवार पर तलवार से किया हमला, सिर फूटा, हड्डियां टूटी, पांच दोषी करार https://acntimes.com/ratlam-land-dispute-first-wife-relatives-second-wife-family-attack https://acntimes.com/ratlam-land-dispute-first-wife-relatives-second-wife-family-attack एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जमीन विवाद में एक व्यक्ति की पहली पत्नी के रिश्तेदारों ने दूसरी पत्नी के परिवार पर तलवार, लोहे के सरियों और लाठियों से जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने 5 लोगों को दोषी ठहराया है। करीब सात साल पुराने इस मामले में सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने अभियुक्तों को सजा सुनाई।

प्रकरण में शासन की ओर से पैरवीकर्ता अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता समरथ पाटीदार ने बताया कि घटना 23 अक्टूबर 2019 को सुबह करीब 5:00 से 5:30 बजे ग्राम कुड़ीपाड़ा, थाना बिलपांक में हुई थी। भूमि विवाद को लेकर पांचों आरोपी एकत्र होकर धूलीबाई के घर के बाहर पहुंचे और उसकी बेटी सुभद्रा तथा दामाद नरसिंग के साथ तलवार, लोहे के सरिये और लाठियों से मारपीट की।

आरोपी बाबू भाभर ने तलवार से नरसिंग के सिर पर वार किया, जबकि अन्य आरोपियों ने लोहे के सरियों और लाठियों से दोनों घायलों के शरीर के विभिन्न हिस्सों पर चोटें पहुंचाईं। धूलीबाई जब उन्हें बचाने के लिए आई तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। घटना के दौरान आरोपियों ने जमीन नहीं देने की बात को लेकर जान से मारने की धमकी भी दी।

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डायल 100 वाहन से अस्पताल पहुंचाया

हमले में घायल सुभद्रा और नरसिंग को डायल 100 नंबर की गाड़ी से उपचार के लिए जिला अस्पताल रतलाम ले जाया गया। घटना की सूचना बिलपांक थाने को दी गई। पुलिस अस्पताल पहुंची और धूलीबाई की सूचना पर रिपोर्ट दर्ज की। नरसिंग के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उसे सिविल हॉस्पिटल अहमदाबाद रैफर किया गया। वहां उसके सिर का ऑपरेशन किया गया और सिर से ट्यूमर निकाला गया।

पुलिस ने घटनास्थल से खून लगा हुआ टॉवेल और गोदड़ी जब्त की। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनके कब्जे से तलवार और लोहे के सरिये सहित घटना में प्रयुक्त हथियार जब्त किए गए। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

14 बीघा जमीन को लेकर था विवाद

अभियोजन के अनुसार घटना की वजह सोना के नाम की 14 बीघा जमीन को लेकर चल रहा विवाद था। फरियादी धूलीबाई के पति सोना ने दो विवाह किए थे। धूलीबाई उनकी दूसरी पत्नी थी, जबकि पांचों आरोपी पहली पत्नी लीलाबाई के रिश्तेदार थे। जमीन को हांकने और बोने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर आरोपियों द्वारा जमीन नहीं देने की बात पर जान से मारने की धमकी दी गई और हमला किया गया।

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चिकित्सकीय साक्ष्य से गंभीर चोटें प्रमाणित

मामले में प्रस्तुत चिकित्सकीय साक्ष्यों के माध्यम से नरसिंग के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें प्रमाणित हुईं। उसके पैर की हड्डियों में फ्रैक्चर भी पाया गया। चिकित्सकीय विशेषज्ञ के अनुसार नरसिंग के सिर में लगी गंभीर चोट के कारण उसके मस्तिष्क में बड़ा हेमरेज हुआ था। इसके लिए उसका उपचार और ऑपरेशन किया गया। वहीं सुभद्रा के हाथ में भी फ्रैक्चर पाया गया।

न्यायालय ने फरियादी धूलीबाई, घायल नरसिंग, घायल सुभद्रा तथा प्रत्यक्षदर्शी संध्या डोडियार के साक्ष्य को विश्वसनीय माना। न्यायालय के अनुसार आरोपियों द्वारा घायलों के साथ मारपीट करने तथा नरसिंग को पहुंचाई गई चोटों के संबंध में प्रस्तुत साक्ष्य विश्वसनीय हैं और चिकित्सकीय साक्ष्य से भी समर्थित हैं।

एफएसएल रिपोर्ट ने भी अभियोजन के मामले को मजबूती दी

मामले में जब्त हथियारों और वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण माना गया। आरोपियों के कब्जे से लाठियां, लोहे का सरिया और तलवार जब्त की गई थी। आरोपी बाबू भाभर से जब्त टी-शर्ट, घायल नरसींग से जब्त बनियान तथा घटनास्थल से जब्त कपड़ों और टॉवेल को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया था। एफएसएल रिपोर्ट में बाबू भाभर से जब्त टी-शर्ट, घायल नरसिंग से जब्त बनियान तथा घटनास्थल से जब्त कपड़ों और टॉवेल पर मानव रक्त पाया गया।

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तलवार और सरिया घातक हथियार की श्रेणी में

न्यायालय ने पाया कि पांचों आरोपियों ने एक साथ मिलकर घायलों के साथ मारपीट की तथा घातक हथियारों का प्रयोग किया। न्यायालय के अनुसार घटना में प्रयुक्त तलवार और लोहे का सरिया घातक हथियारों की श्रेणी में आते हैं। आरोपी बाबू भाभर के कब्जे से जब्त तलवार जांच में प्रतिबंधित आकार-प्रकार की पाई गई। उसके संबंध में कोई वैध लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने इस आधार पर बाबू भाभर के विरुद्ध आयुध अधिनियम के तहत अपराध भी सिद्ध माना।

इन पांच आरोपियों को किया दोषसिद्ध

  • बाबू पिता गिरधारी भाभर, उम्र 55 वर्ष, निवासी लोचीतारा, जिला रतलाम।
  • नानालाल उर्फ नानजी पिता वागुजी देवदा, उम्र 45 वर्ष, निवासी झरखेड़ी।
  • चम्पालाल पिता नानुराम भूरिया, उम्र 45 वर्ष, निवासी कुड़ीपाड़ा, जिला रतलाम।
  • राधेश्याम पिता नानुराम भूरिया, उम्र 36 वर्ष, निवासी कुड़ीपाड़ा।
  • देवराम पिता नगजी मईड़ा, उम्र 63 वर्ष, निवासी झरखेड़ी।

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Wed, 02 Sep 2026 22:20:06 +0530 Niraj Kumar Shukla
स्कूल में ऑनलाइन हाजिरी का खेल पड़ा भारी, एक शिक्षिका की वेतनवृद्धि रोकी, दूसरी निलंबित https://acntimes.com/teachers-action-ratlam https://acntimes.com/teachers-action-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। रतलाम जिले में सामने आए दो अलग-अलग मामलों में विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक शिक्षिका की आगामी वेतनवृद्धि रोक दी, जबकि दूसरी प्राथमिक शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

पिपलौदा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय बोरतलाई की प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधान अध्यापक वर्षा राठौर के खिलाफ जनविश्वास अभियान के तहत शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच के दौरान उनके विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई। इसके बावजूद हमारे शिक्षक एप के माध्यम से उनकी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।

मामले में विभाग ने संबंधित शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा। प्रस्तुत जवाब को जांच के बाद संतोषजनक नहीं माना गया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी ने म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत लघुशास्ति की कार्रवाई करते हुए वर्षा राठौर की आगामी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के आदेश दिए हैं।

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आलोट में लापरवाही पर सीधे निलंबन

दूसरी कार्रवाई आलोट विकासखंड में की गई है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आलोट संकुल के शासकीय प्राथमिक विद्यालय (ईजीएस) भोईखेड़ा की प्राथमिक शिक्षक समीना मुलतानी को कर्तव्य के निर्वहन में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई में म.प्र. आचरण संहिता 1965 के नियम 3 (क), (स) तथा म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में समीना मुलतानी को नियमानुसार निलंबन भत्ता मिलेगा। उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आलोट निर्धारित किया गया है।

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शिकायत से कार्रवाई तक पहुंचा मामला

दोनों मामलों में कार्रवाई का संदेश साफ है कि स्कूलों में उपस्थिति, कर्तव्य निर्वहन और शासकीय जिम्मेदारियों में लापरवाही को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। खासतौर पर वर्षा राठौर के मामले में शिकायत के बाद जांच में ऑनलाइन उपस्थिति और वास्तविक उपस्थिति के बीच अंतर सामने आना विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। जनविश्वास अभियान के तहत मिली शिकायत के बाद हुई कार्रवाई से यह भी संकेत मिला है कि शिकायतों की जांच के बाद जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों पर विभाग कार्रवाई करने के मूड में है।

एक मामले में वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई हुई है, तो दूसरे में सीधे निलंबन। ऐसे में शिक्षा विभाग की इन कार्रवाइयों को जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जवाबदेही तय करने की दिशा में सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

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Tue, 01 Sep 2026 23:21:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
महिलाएं घर में रहें, सार्वजनिक जीवन से दूर रहें, महिलाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में लाने से हो सकती है तबाही& शेख अबूबकर अहमद https://acntimes.com/women-public-life-sheikh-abubakr-ahmad-statement-controversy https://acntimes.com/women-public-life-sheikh-abubakr-ahmad-statement-controversy एसीएन टाइम्स @ डेस्क । केरल में महिलाओं की सामाजिक भूमिका को लेकर एक धार्मिक बयान ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कोच्चि में आयोजित हब्बुल रसूल कॉन्फ्रेंस में ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद ने महिलाओं को घर तक सीमित रखने और सार्वजनिक जीवन से दूर रहने की बात कही। इस टिप्पणी पर सियासत गरमा गई है। IUML ने जहां इसे विद्वतापूर्ण विचार बताया, वहीं CPI(M) नेता पी. जयराजन ने महिलाओं की स्वतंत्रता और समान भागीदारी को लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा बताया।

कोच्चि में आयोजित हब्बुल रसूल कॉन्फ्रेंस के दौरान धार्मिक विद्वान शेख अबूबकर अहमद ने केरल में महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में शामिल होने को लेकर बड़ा बयान दिया। अहमद ने कहा कि महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रहना चाहिए और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में लाने के गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने इस्लाम में पर्दे की व्यवस्था का उल्लेख किया।

धार्मिक विद्वान ने यह भी कहा कि पिछले करीब एक सदी से इस तरह की सोच विद्वानों के बीच व्यक्त की जाती रही है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा को बनाए रखना है। उन्होंने अपने विचार के समर्थन में कुरान का भी हवाला दिया।

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IUML ने किया बचाव

बयान सामने आने के बाद केरल की राजनीति में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी IUML के प्रदेश अध्यक्ष पनाक्कड़ सादिक अली शिहाब थंगल से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो उन्होंने अबूबकर अहमद की टिप्पणी को विद्वतापूर्ण विचार’ करार दिया। थंगल ने कहा कि वे इस विषय पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि धार्मिक विद्वान की चिंता महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी हो सकती है।

उनके मुताबिक, मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों में महिलाओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को देखते हुए शायद इसी चिंता के कारण यह बात कही गई हो। उन्होंने ऐसे मामलों में संयम बरतने की बात भी कही।

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या मौजूदा दौर में महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों से दूर रहकर घर तक सीमित रहना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर अलग-अलग लोगों के अलग विचार हो सकते हैं। उनके अनुसार, समाज से जुड़े व्यापक मुद्दों पर मिलकर काम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

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CPI(M) नेता ने उठाए सवाल

दूसरी ओर, वरिष्ठ CPI(M) नेता पी. जयराजन ने इस सोच पर सवाल उठाया कि महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से अलग रखा जाना चाहिए। जयराजन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था और उसके बारे में विचार रखने का अधिकार है। लेकिन जब किसी धार्मिक धारणा के आधार पर यह तय करने की कोशिश होती है कि महिलाओं को किस तरह रहना चाहिए, कहां जाना चाहिए और समाज में उनकी भूमिका क्या होनी चाहिए, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था में उस पर चर्चा और आलोचना होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और महिलाओं के अधिकारों के बीच संतुलन जरूरी है। जयराजन के मुताबिक, महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी की रक्षा करना लोकतांत्रिक समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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Tue, 01 Sep 2026 22:44:39 +0530 Niraj Kumar Shukla
रतलाम पुलिस की कार्रवाई ! टेलीग्राम पर ऑनलाइन घड़ियां बेचने का दिया झांसा और ठग लिए ₹6.43 लाख; हरिद्वार और कोटा से दो आरोपी गिरफ्तार https://acntimes.com/telegram-online-selling-fraud-ratlam-cyber-cell-two-accused-arrested https://acntimes.com/telegram-online-selling-fraud-ratlam-cyber-cell-two-accused-arrested ₹28 हजार नकद और मोबाइल जब्त; ठगी की रकम की रिकवरी और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । टेलीग्राम पर ऑनलाइन घड़ियां बेचकर मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से ₹6.43 लाख की साइबर ठगी के मामले में रतलाम पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और जावरा औद्योगिक क्षेत्र पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों को उत्तराखंड के हरिद्वार और राजस्थान के कोटा से पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से ₹28 हजार नकद और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, लेन-देन, अन्य सहयोगियों और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस के अनुसार फरियादी मजदूरी का काम करता है और मोबाइल फोन पर टेलीग्राम का इस्तेमाल करता है। 29 दिसंबर 2025 को मजदूरी के दौरान उसे टेलीग्राम पर एक अज्ञात आईडी से संदेश मिला। इसमें ऑनलाइन घड़ियां सेल करने और इससे मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने ऑनलाइन काम शुरू करने के लिए फरियादी को एक वेबसाइट का लिंक, आईडी और पासवर्ड दिया। शुरुआत में रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर एक बैंक खाता उपलब्ध कराया गया, जिसमें फरियादी ने ₹10,000 जमा किए। इसके बाद आरोपियों ने ऑनलाइन घड़ियां बेचने के नाम पर उसके खाते में कुछ राशि मुनाफे के रूप में आने की जानकारी दी। इससे फरियादी को आरोपियों पर भरोसा हो गया।

डबल मुनाफे का झांसा देकर ₹6.43 लाख जमा करवाए

विश्वास बनने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा करने पर डबल मुनाफा मिलने का लालच दिया। फरियादी ने आरोपियों के बताए विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल ₹6,43,285 जमा कर दिए।

बाद में न तो फरियादी को वादा किया गया मुनाफा दिया गया और न ही उसकी मूल राशि लौटाई गई। इस तरह टेलीग्राम के जरिए संपर्क कर अलग-अलग व्यक्तियों और बैंक खातों का इस्तेमाल करते हुए फरियादी के साथ कुल ₹6,43,285 की धोखाधड़ी की गई। शिकायत मिलने के बाद थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।

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बैंकिंग और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देशन में साइबर सेल रतलाम तथा जावरा औद्योगिक क्षेत्र पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने साइबर तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों में हुए लेन-देन और उपलब्ध डिजिटल जानकारी का विश्लेषण किया। इसी आधार पर आरोपियों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई गई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के कब्जे से ₹28,000 नकद और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस पूछताछ में साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, अन्य सहयोगियों, ठगी की रकम के लेन-देन और संभावित पीड़ितों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार

  1. अश्वनी पिता रोशनलाल अरोरा, निवासी HN 08, राजा गार्डन, जगजीतपुर, हरिद्वार, उत्तराखंड को हरिद्वार से गिरफ्तार।
  2. अनिमेष पिता वीरेंद्र कुमार जैन, निवासी VTC, हाथीदिलोद, जिला बारां, राजस्थान को कोटा से गिरफ्तार।

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89 कोर्ट ऑर्डर पर ₹1.03 करोड़ से ज्यादा की राशि पर कार्रवाई

रतलाम पुलिस के अनुसार साइबर अपराध के खिलाफ जिले में लगातार कार्रवाई की जा रही है। अगस्त 2026 तक साइबर अपराध से संबंधित कुल 89 कोर्ट ऑर्डर के तहत ₹1,03,21,402.46 की राशि के संबंध में कार्रवाई की गई है। इनमें से 49 साइबर शिकायतों में ₹37,06,285.63 की राशि पीड़ितों को सफलतापूर्वक रिफंड करवाई जा चुकी है।

साइबर शिकायतों में बैंकिंग और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने, संबंधित बैंक खातों पर आवश्यक कार्रवाई करने और न्यायालयीन प्रक्रिया के जरिए पीड़ितों को राशि वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सभी थानों पर साइबर डेस्क, शुरुआती स्तर पर जांच पर जोर

साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर शुरुआती स्तर पर ही कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए रतलाम जिले के सभी थानों पर साइबर डेस्क संचालित की जा रही हैं। साइबर डेस्क और जिला साइबर सेल को मिलने वाली शिकायतों में बैंक खाते, लेन-देन, मोबाइल नंबर और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही NCRP पोर्टल से प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम को सुरक्षित कराने और पीड़ितों को राहत दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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म्यूल बैंक खातों पर ‘ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0’

साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम के लेन-देन और ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों को चिन्हित कर उनके खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

रतलाम पुलिस ने म्यूल खातों की पहचान और कार्रवाई के लिए ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0’ चलाया है। संदिग्ध बैंक खातों और उनसे जुड़े लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण कर संबंधित खाताधारकों और पूरे नेटवर्क को चिन्हित किया जा रहा है।

फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क पर ‘ऑपरेशन फास्ट 2.0’

साइबर अपराधों में फर्जी अथवा गलत तरीके से प्राप्त सिम कार्ड के इस्तेमाल को रोकने के लिए ऑपरेशन फास्ट 2.0’ के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान में फर्जी सिम धारकों के साथ ऐसे सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं को भी चिन्हित किया जा रहा है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम उपलब्ध कराने या खरीदने-बेचने वालों के खिलाफ नियमों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

थाना स्तर पर बढ़ेंगे ‘साइबर योद्धा’

साइबर अपराधों की रोकथाम और त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने के लिए प्रत्येक थाना स्तर पर संचालित साइबर डेस्क को और प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके लिए साइबर अपराधों में प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों यानी साइबर योद्धाओं’ की संख्या बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य थाना स्तर पर मिलने वाली साइबर शिकायतों की प्रारंभिक तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्य जुटाने और जरूरी कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।

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पुलिस की अपील- ऑनलाइन कमाई के लालच में न फंसें

रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन कमाई, निवेश, पार्ट टाइम जॉब, ऑनलाइन सेलिंग या अधिक मुनाफे के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे जमा न करें। किसी अनजान व्यक्ति से OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइट पर लॉगिन करने और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में संदिग्ध एप्लीकेशन इंस्टॉल करने से भी बचें।

यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और संबंधित बैंक को तत्काल सूचना दें। पुलिस के अनुसार समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है। रतलाम पुलिस ने कहा है कि साइबर अपराध के खिलाफ जिले में कार्रवाई लगातार जारी है और अपराधियों के नेटवर्क को चिन्हित कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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Tue, 01 Sep 2026 21:36:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
रतलाम में नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल, कलेक्टर ने जारी किया नया कार्यविभाजन https://acntimes.com/nayab-tehsildar-new-work-allocation https://acntimes.com/nayab-tehsildar-new-work-allocation पदोन्नति के बाद प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से आंशिक संशोधन; रतलाम शहर, ग्रामीण, जावरा और सैलाना में नई जिम्मेदारियां

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले में नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नति के बाद कलेक्टर अजय कटेसरिया ने प्रशासनिक कार्यसुविधा की दृष्टि से नायब तहसीलदारों के कार्यविभाजन में आंशिक संशोधन किया है। कलेक्टर द्वारा 1 सितंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार चार नायब तहसीलदारों को उनके नवीन कार्यक्षेत्र सौंपे गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार रामचंद्र पांडेय को रतलाम (शहर) के पश्चिमी भाग का कार्य सौंपा गया है। वहीं सुदेश कृष्णामे को जावरा तहसील के बड़ावदा टप्पा की जिम्मेदारी दी गई है। इसी क्रम में श्रद्धा त्रिवेदी को रतलाम (ग्रामीण) तहसील के मुंदड़ी टप्पा और करमचंद्र डोडियार को सैलाना तहसील के शिवगढ़ टप्पे का जिम्मा दिया गया है।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह संशोधन पूर्व में 14 जुलाई 2026 को जारी कार्यालयीन आदेश में आंशिक संशोधन के रूप में किया गया है। प्रशासनिक कार्यसुविधा को ध्यान में रखते हुए किए गए इस कार्यविभाजन के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन दायित्वों का निर्वहन करना होगा।

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Tue, 01 Sep 2026 20:47:55 +0530 Niraj Kumar Shukla
राहुल गांधी पर FIR को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, रतलाम में सड़क पर उतरे कार्यकर्ता, कार्रवाई वापस नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी https://acntimes.com/rahul-gandhi-fir-congress-protest-ratlam https://acntimes.com/rahul-gandhi-fir-congress-protest-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस का विरोध अब सड़कों पर उतर आया है। मंगलवार को रतलाम शहर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर क्षेत्र में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की और एफआईआर तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को राहुल गांधी की आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए चेतावनी दी कि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” और झूठी एफआईआर बंद करो” जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश जताया। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राहुल गांधी ने हल्द्वानी में हुई कथित शुद्धिकरण की घटना के खिलाफ आवाज उठाई थी और इसे छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीति से जोड़कर सवाल उठाया था। ऐसे में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना कांग्रेस के मुताबिक लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश है।

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हल्द्वानी की घटना से शुरू हुआ विवाद

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली आयोजित हुई थी। कांग्रेस के अनुसार, रैली के बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया था। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण की कार्रवाई मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति को लेकर की गई थी। पार्टी ने इसे छुआछूत और अपमानजनक मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध जताया।

इसी घटनाक्रम को लेकर राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी प्रतिक्रिया दी थी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी ने घटना को छुआछूत बताते हुए मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की थी।

राहुल के बयान के बाद दर्ज हुई FIR

कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राहुल गांधी के इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ जातिगत तनाव बढ़ाने और भावनाएं आहत करने के आरोप लगाए गए। इसके बाद उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई। एफआईआर के विरोध में रतलाम शहर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रदर्शन कर सीधे तौर पर कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सामाजिक भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ सवाल उठाना अपराध नहीं हो सकता।

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कांग्रेस की चेतावनी- अब और तेज होगा विरोध

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई है और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास है। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई तो रतलाम शहर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। इसके खिलाफ लगातार चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने साफ संकेत दिया कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर का मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक विरोध का केंद्र बनेगा और एफआईआर वापस नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा।

बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता

प्रदर्शन में पारस सकलेचा, महेंद्र कटारिया, शैलेंद्र सिंह अठाना, इक्का बेलूत, यास्मीन शेरानी, कविता महावर, निलोफर खान, मीनाक्षी सेन, प्रदीप राठौड, मेहमूद शेरानी, विजय उपाध्याय, राजेश प्रजापत, हरविंदर सिंह, हशमतुल्लाह खान, शाकिर खान, मकबूल कुरैशी, राधा प्रजापत, वीरपाल सिंह राठौर, इकरार चौधरी और उदित मूणत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

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Tue, 01 Sep 2026 20:26:38 +0530 Niraj Kumar Shukla
बड़ी खबर ! नोटरी अब नहीं करा सकेंगे शादी और तलाक की डीड, मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने जारी किया निर्देश https://acntimes.com/notary-marriage-divorce-deed-restriction-madhya-pradesh https://acntimes.com/notary-marriage-divorce-deed-restriction-madhya-pradesh नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं, विवाह या तलाक संबंधी डीड निष्पादित करना कानून के विपरीत; नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्यप्रदेश में नोटरी के माध्यम से विवाह अथवा तलाक संबंधी डीड निष्पादित कराने की प्रचलित व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि नोटरी मैरिज ऑफिसर नहीं होता और उसे विवाह एवं तलाक संबंधी डीड निष्पादित करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। ऐसे में नोटरी द्वारा इस तरह की कार्रवाई करना मौजूदा कानून के विपरीत माना जाएगा।

मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद की ओर से जारी पत्र में भारत सरकार के संबंधित निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि नोटरी को विवाह या तलाक संबंधी दस्तावेज निष्पादित करने का अधिकार नहीं है। परिषद ने हाईकोर्ट, जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघों को निर्देशित किया है कि इस अधिसूचना को अपने-अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर संबंधित नोटरी एवं अधिवक्ताओं को इसकी जानकारी दी जाए।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

परिषद ने अपने निर्देश में सुप्रीम कोर्ट के भगवान सिंह बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश एवं अन्य मामले का भी उल्लेख किया है। दस्तावेज के अनुसार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटरी के कार्यों और उनके द्वारा किए जाने वाले कृत्यों को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। निर्देश में कहा गया है कि Notaries Act, 1952 के तहत नोटरी के कार्य एवं कर्तव्य निर्धारित हैं। नोटरी द्वारा निर्धारित दायरे से बाहर जाकर किए गए कार्य अथवा चूक को कदाचार माना जा सकता है और संबंधित व्यक्ति को नोटरी के रूप में कार्य करने के लिए अयोग्य माना जा सकता है।

नोटरी को विवाह अधिकारी नियुक्त नहीं किया गया

भारत सरकार के संबंधित निर्देश का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि Notaries Act के तहत नियुक्त नोटरी को विवाह या तलाक संबंधी डीड निष्पादित करने से बचना चाहिए, क्योंकि उन्हें Marriage Officer के रूप में नियुक्त नहीं किया गया है। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नोटरी द्वारा विवाह अथवा तलाक से संबंधित डीड निष्पादित करना कानून के प्रचलित प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। Notaries Act, 1952 और Notaries Rules, 1956 के प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित नोटरी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

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अधिवक्ता संघों के नोटिस बोर्ड पर चस्पा होगा निर्देश

मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद ने हाईकोर्ट, जिला और तहसील स्तर के अधिवक्ता संघों से कहा है कि जारी अधिसूचना को नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जाए, ताकि संबंधित नोटरी और अधिवक्ताओं को इस संबंध में स्पष्ट जानकारी मिल सके। परिषद ने यह निर्देश प्रदेश के संबंधित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों सहित अधिवक्ता संघों तक भी पहुंचाया है। दस्तावेज की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, इंदौर एवं ग्वालियर खंडपीठ के प्रिंसिपल रजिस्ट्रार, महाधिवक्ता, सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सभी कलेक्टर तथा प्रदेश के हाईकोर्ट, जिला एवं तहसील अधिवक्ता संघों को भेजे जाने का उल्लेख है।

नोटरी के लिए भी महत्वपूर्ण चेतावनी

इस निर्देश के बाद विवाह अथवा तलाक संबंधी डीड को नोटरी से प्रमाणित अथवा निष्पादित कराने की प्रक्रिया अपनाने वालों के लिए स्थिति स्पष्ट हो गई है। साथ ही नोटरी के लिए भी यह चेतावनी महत्वपूर्ण है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर विवाह या तलाक संबंधी डीड निष्पादित न करें, अन्यथा इसे कदाचार मानते हुए Notaries Act और Notaries Rules के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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Mon, 31 Aug 2026 21:29:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
ऐसी संजीदगी जरूरी है ! जमीन पर इस तरह बैठकर फाइल टटोलने वाले अफसर कलेक्टर अजय कटेसरिया हैं; जिन्होंने अभिलेखागार में दशकों पुराने राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे खुद देखे https://acntimes.com/collector-ajay-katesariya-inspected-old-revenue-records https://acntimes.com/collector-ajay-katesariya-inspected-old-revenue-records एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सिस्टम सुधारा जाना चाहिए, यह कहने वाले तो बहुत हैं, परंतु सिस्टम में घुसकर उसे सुधारने का प्रयास अपनी जवाबदेही के प्रति संजीदा लोग ही करते हैं। कलेक्टर अजय कटेसरिया की कार्यप्रणाली भी उन्हें ऐसे ही संजीदा अफसरों में शामिल करती है। लंबे अरसे बाद शहर और ग्रामीण तहसील कार्यालयों के अभिलेखागार में पहुंचकर किसी आईएएस अफसर ने खुद फाइलों की धूल झाड़ी, वरन् जमीन पर पंजों के बल उकड़ू बैठकर रिकॉर्ड का बारीकी से निरीक्षण किया।

आमतौर पर दफ्तरों में फाइलों के बीच होने वाली समीक्षा बैठकों से अलग सोमवार को रतलाम में कलेक्टर अजय कटेसरिया का एक अलग अंदाज देखने को मिला। कलेक्टर तहसील कार्यालय शहर एवं तहसील कार्यालय ग्रामीण स्थित अभिलेखागार पहुंचे। उन्होंने यहां रखे मिसल रिकॉर्ड, पुराने नक्शे, खसरा रिकॉर्ड, नामांतरण पंजी, रीनंबरिंग संबंधी अभिलेख तथा बंदोबस्त रिकॉर्ड की जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों में दर्ज जानकारी का अवलोकन करते हुए यह भी जाना कि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की भिन्नता अथवा विसंगति सामने आने पर उसका निराकरण किस प्रकार किया जाता है।

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1956-57 के नक्शे व अभिलेखों भी देखे

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वर्ष 1956-57 के पुराने नक्शों सहित विभिन्न पुराने राजस्व अभिलेखों को देखा। उन्होंने सभी तहसीलों से संबंधित मिसल रिकॉर्ड, अपराध पंजी, लेखा रिकॉर्ड तथा पुराने न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही हल्का स्तर पर संधारित किए जाने वाले अभिलेखों की स्थिति के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

रिकॉर्ड की एक-एक कड़ी पर ली जानकारी

कलेक्टर ने पुराने राजस्व अभिलेखों के संधारण की व्यवस्था, रिकॉर्ड की वर्तमान स्थिति तथा उनमें दर्ज जानकारी के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि पुराने दस्तावेज किस स्थिति में रखे गए हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराने के लिए रिकॉर्ड व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

उन्होंने अभिलेखागार में उपलब्ध पुराने दस्तावेजों एवं पंजीयों के व्यवस्थित संधारण, सुरक्षा और रिकॉर्ड की प्रामाणिकता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पुराने राजस्व अभिलेख महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इनका सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रख-रखाव आवश्यक है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सके और उसकी प्रामाणिकता भी बनी रहे। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन सहित संबंधित राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Mon, 31 Aug 2026 20:31:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
बड़ा मुद्दा ! DJ की तेज आवाज से पार्षद नासिर कुरैशी की मौत के बाद उठे सवाल, पर्यावरणविद् डॉ. खुशालसिंह पुरोहित ने कलेक्टर से की सख्त कार्रवाई की मांग https://acntimes.com/ratlam-dj-noise-death-councillor-nasir-qureshi-noise-pollution-rules https://acntimes.com/ratlam-dj-noise-death-councillor-nasir-qureshi-noise-pollution-rules 26 अगस्त की घटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय अभिलेखों की जांच से जिम्मेदारी तय करने की मांग; डीजे, लाउडस्पीकर और ध्वनि-वर्धक यंत्रों के लिए अनुमति, समय-सीमा व ध्वनि-सीमा का कड़ाई से पालन कराने का आग्रह

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर में धार्मिक जुलूस के दौरान डीजे की अत्यधिक तेज आवाज के चलते कांग्रेस पार्षद नासिर कुरैशी की मौत की घटना के बाद ध्वनि प्रदूषण और इसके नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस मामले में पर्यावरणविद् एवं मासिक पर्यावरण डायजेस्ट के संपादक डॉ. खुशालसिंह पुरोहित ने कलेक्टर अजय कटेसरिया को पत्र लिखकर घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के प्रभावी पालन के लिए आवश्यक कार्रवाई की भी आवश्यकता जताई है।

डॉ. पुरोहित ने अपने पत्र में कहा है कि 26 अगस्त 2026 को रतलाम जिले में डीजे की अत्यधिक तेज आवाज के दौरान पार्षद नासिर कुरैशी की मृत्यु की घटना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक है। उनके अनुसार यह मामला केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है। अत्यधिक ध्वनि केवल असुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, विशेषकर हृदय एवं अन्य संवेदनशील रोगों से प्रभावित व्यक्तियों, बुजुर्गों, बच्चों तथा अस्पतालों में उपचाररत मरीजों के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर सकती है। ऐसे में डीजे और अन्य ध्वनि-वर्धक उपकरणों के संबंध में निर्धारित नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।

मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग

डॉ. पुरोहित ने कलेक्टर से मांग की है कि 26 अगस्त की घटना में संबंधित व्यक्ति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेख एवं मृत्यु के परिस्थितिजन्य तथ्यों की विस्तृत जांच कराई जाए। इसके माध्यम से यह निर्धारित किया जाए कि अत्यधिक ध्वनि से उत्पन्न तनाव एवं अन्य संबंधित परिस्थितियों की घटना में क्या भूमिका रही तथा इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित डीजे कार्यक्रम के आयोजक द्वारा लिखित अनुमति प्राप्त की गई थी या नहीं, इसकी जांच होना चाहिए। यदि अनुमति ली गई थी तो उसमें निर्धारित सभी शर्तों एवं समय-सीमा का पालन हुआ अथवा नहीं, इसका भी परीक्षण किया जाना चाहिए।

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डीजे सिस्टम की क्षमता और स्पीकर की दिशा की भी हो जांच

पर्यावरणविद् डॉ. पुरोहित ने पत्र में कार्यक्रम स्थल पर उस समय के ध्वनि-स्तर (dB(A)), डीजे सिस्टम की क्षमता, स्पीकरों की संख्या तथा उनकी दिशा से संबंधित उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की है। इसके साथ ही घटना से संबंधित मोबाइल वीडियो, CCTV फुटेज एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता भी बताई गई है, ताकि जांच के दौरान वास्तविक परिस्थितियों का आकलन किया जा सके।

उन्होंने संबंधित थाना पुलिस, जिला प्रशासन तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के अधिकारियों से संयुक्त जांच कराने और घटना से संबंधित उपलब्ध ध्वनि प्रदूषण संबंधी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि MPPCB के पास ध्वनि प्रदूषण की निगरानी और Noise Rules के क्रियान्वयन के लिए संबंधित व्यवस्था मौजूद है।

रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध

डॉ. पुरोहित ने Noise Pollution (Regulation and Control) Rules, 2000 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि Rule 5 के अनुसार लाउडस्पीकर अथवा Public Address System के उपयोग के लिए सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति आवश्यक है। सामान्य परिस्थितियों में रात्रि 10 से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर, ध्वनि-वर्धक यंत्र अथवा अन्य ध्वनि उत्पन्न करने वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध है।

नियमों की अनुसूची में विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिकतम अनुमेय ध्वनि-स्तर भी निर्धारित किए गए हैं। आवासीय क्षेत्र में दिन के समय 55 dB(A) Leq और रात के समय 45 dB(A) Leq की सीमा निर्धारित है। Noise Pollution Rules के Rule 7 के तहत निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि अथवा रात्रिकालीन प्रतिबंधों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा कार्रवाई की जानी अपेक्षित है। वहीं Rule 8 के तहत सार्वजनिक असुविधा, परेशानी, चोट अथवा उसके जोखिम की स्थिति में ध्वनि को रोकने, नियंत्रित करने अथवा विनियमित करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

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अस्पताल, स्कूल और शांत क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग

डॉ. पुरोहित ने विशेष रूप से अस्पताल, विद्यालय, न्यायालय तथा अन्य संवेदनशील एवं शांत क्षेत्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण की निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि Noise Rules में ऐसे क्षेत्रों को Silence Zone के रूप में निर्धारित करने का प्रावधान है। उनका कहना है कि इन स्थानों के आसपास डीजे, लाउडस्पीकर एवं अन्य ध्वनि-वर्धक उपकरणों के उपयोग पर विशेष निगरानी और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

नियम तोड़ने पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग

डॉ. पुरोहित ने मांग की है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि डीजे संचालक अथवा आयोजक ने निर्धारित ध्वनि-सीमा, समय-सीमा अथवा अनुमति की शर्तों का उल्लंघन किया है, तो Noise Pollution Rules, Environment (Protection) Act तथा अन्य लागू कानूनों के तहत नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि केवल मौजूदा घटना में कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।

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जिले में 24x7 शिकायत और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था बनाने का सुझाव

पत्र में डॉ. पुरोहित ने भविष्य में रतलाम जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डीजे, लाउडस्पीकर एवं ध्वनि-वर्धक यंत्रों के उपयोग के लिए पूर्व अनुमति, निर्धारित ध्वनि-सीमा और समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। इसके लिए आवश्यक नियामक व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया गया है।

उन्होंने जिले में 24x7 शिकायत एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था स्थापित करने का भी सुझाव दिया है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने की मांग की गई है, ताकि अत्यधिक तेज डीजे अथवा लाउडस्पीकर की शिकायत तत्काल दर्ज हो सके। डॉ. पुरोहित के अनुसार शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर ध्वनि-स्तर की जांच कर सकें, आवश्यकता पड़ने पर ध्वनि बंद कराई जा सके और दोषी पाए जाने पर मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई की जा सके।

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तत्काल संज्ञान लेकर भविष्य की घटनाएं रोकने की अपील

डॉ. पुरोहित ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि 26 अगस्त की घटना का तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक पहल शीघ्र की जाए। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि अत्यधिक तेज ध्वनि से जुड़ी घटनाओं को केवल असुविधा या मनोरंजन से जुड़े विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इनके स्वास्थ्य संबंधी संभावित गंभीर प्रभावों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक एवं नियामक स्तर पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

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Mon, 31 Aug 2026 19:41:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
मंदिर से बजरंग बली की मूर्ति गायब, खंडित कर बावड़ी में फेंकने की आशंका, हिंदू संगठनों ने जताया आक्रोश https://acntimes.com/bajrang-bali-idol-missing-from-temple-ratlam https://acntimes.com/bajrang-bali-idol-missing-from-temple-ratlam ग्रीन सिटी के पास गंगा झरिया महादेव मंदिर परिसर की घटना

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । माणक चौक थाना क्षेत्र के अशोक नगर के पीछे स्थित ग्रीन सिटी के पास गंगा झरिया महादेव मंदिर परिसर से बजरंग बली की मूर्ति खंडित कर गायब किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और घटना को लेकर गहरा आक्रोश जताया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

क्षेत्रीय निवासियों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के अनुसार, दो दिन पूर्व तक बजरंग बली की मूर्ति मंदिर में अपने स्थान पर विराजित थी। अज जब श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे तो मूर्ति अपने स्थान पर नहीं मिली। आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने मूर्ति को खंडित किया है। मंदिर से कुछ दूरी तक रास्ते में सिंदूर बिखरा हुआ मिला, मंदिर की ध्वजा भी कुछ दूरी पर नीचे गिरी मिली। लोगों ने मूर्ति को खंडित कर मंदिर परिसर में स्थित बावड़ी में फेंके जाने की आशंका जताई है।

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चहारदीवारी बनाने और नई मूर्ति स्थापित करने की मांग

घटना के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मंदिर परिसर के आसपास तत्काल बाउंड्रीवाल (चहारदीवारी) का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चहारदीवारी बनने से असामाजिक तत्वों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मूर्ति को जल्द तलाशकर पूरे सम्मान के साथ नई मूर्ति स्थापित की जाए। साथ ही घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम चौहान और तहसीलदार आशीष उपाध्याय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंच गए थे। अधिकारियों ने मौके मुआयना किया और जांच शुरू की। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच करने और आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है।

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Mon, 31 Aug 2026 18:25:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
ये कैसी स्वेच्छाचारिता ! सीएम हेल्पलाइन व विभागीय समीक्षा बैठक में नहीं पहुंचे आबकारी, खेल और पेंशन अधिकारी, कलेक्टर बोले& तीनों को नोटिस जारी करो https://acntimes.com/ratlam-collector-meeting-absent-officers-notice https://acntimes.com/ratlam-collector-meeting-absent-officers-notice एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले के कुछ सरकारी महकमे में अफसरों की स्वेच्छाचारिता कुछ ज्यादा ही हावी दिखाई देती है। आलम यह है कि सीएम हेल्पलाइन और विभागीय समीक्षा बैठकों तक में ये अफसर उपस्थित रहना जरूरी नहीं समझते। कलेक्टर अजय कटेरिया ने ऐसे तीन अफसरों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन की साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक सोमवार को कलेक्टर कटेसरिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें खेल अधिकारी, आबकारी अधिकारी और पेंशन अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों अनुपस्थित अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए दिए हैं।

कलेक्टर ने साफ कहा कि विभागीय कामकाज की समीक्षा और आमजन से जुड़ी समस्याओं के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा में काम पूरा करने के साथ ही जनता से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। बता दें कि, आबाकारी और नारकोटिक्स संबंधी कार्रवाई की समीक्षा को लेकर पिछले दिनो आयोजित बैठक के दौरान कलेक्टर ने आबकारी अधिकारी और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।

सीएम हेल्पलाइन में खराब प्रदर्शन पर हर शनिवार लगेगी क्लास

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा के दौरान भी कलेक्टर का रुख सख्त रहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को महज निपटाने के बजाय उनका गंभीरता से परीक्षण कर संतुष्टिपूर्ण और समय-सीमा में निराकरण किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन विभागों की शिकायत निराकरण में परफॉर्मेंस खराब रहेगी, उनकी हर शनिवार दोपहर 2.00 बजे से विशेष समीक्षा बैठक होगी। इसमें संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ एसडीएम और तहसीलदार भी मौजूद रहेंगे। उनके स्तर पर लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की भी समीक्षा की जाएगी।

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राशन वितरण पर भी मांगी हर महीने रिपोर्ट

बैठक में राशन के उठाव और वितरण को लेकर भी जिला आपूर्ति अधिकारी को नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि हर महीने आवंटित राशन का समय पर उठाव हो और पात्र हितग्राहियों को उसका वितरण सुनिश्चित किया जाए। राशन की वास्तविक स्थिति सामने रखने के लिए हर महीने एक स्लाइड के माध्यम से कुल आवंटन, उठाव और वितरण की मात्रा स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। राशन के उठाव की जानकारी भी हर महीने नियमित रूप से भेजने को कहा गया।

कलेक्टर ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत सहित विभिन्न विभागों के जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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Mon, 31 Aug 2026 16:47:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
देश के लिए लंदन की नौकरी छोड़ी, IAS बनीं; और 13 साल बाद अचानक दे दिया इस्तीफा, जानें& दिव्या मित्तल ने क्यों कहा& ‘मैं मूर्ख थी जो...’ https://acntimes.com/ias-divya-mittal-resignation-13-years-service-emotional-letter https://acntimes.com/ias-divya-mittal-resignation-13-years-service-emotional-letter 2013 बैच की IAS अधिकारी ने दिया इस्तीफा, लिखा- देश की मिट्टी का कर्ज चुकाने लौटी थी

एसीएन टाइम्स @ लखनऊ । उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद इस्तीफा (IAS Divya Mittal's resignation) दे दिया है। उन्होंने रविवार को अपने अधिकृत एक्स हैंडल पर एक भावुक पत्र साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। इस पत्र में उन्होंने अपनी पूरी यात्रा को याद किया तथा लंदन की नौकरी से लेकर आईएएस बनने और अलग-अलग जिलों में काम करने तक का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि पद भले ही छूट गया है, लेकिन देश की मिट्टी से मिला सपना नहीं छूटेगा।

हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से पढ़ाई की और IIM बेंगलुरु से प्रबंधन की शिक्षा हासिल की। उनकी गगनदीप सिंह से शादी हुई और दोनों भारी पैकेज पर नौकरी के लिए लंदन चले गए थे। हालांकि, दिव्या को देश से दूर रहना खल रहा था इसलिए वे भारत आ गईं। उन्होंने UPSC की तैयारी की और 2012 में दूसरे प्रयास में 68वीं रैंक हासिल की। इससे पहले वे UPSC परीक्षा के जरिए IPS के लिए भी चयनित हो चुकी थीं, लेकिन उन्होंने IAS को चुना। 2013 बैच में भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने मसूरी में प्रशिक्षण लिया और उत्तर प्रदेश में बतौर संयुक्त मजिस्ट्रेट अपनी प्रशासनिक पारी शुरू की।

कई जिलों में DM की जिम्मेदारी संभाली

दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में काम किया। इसके बाद संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के पद पर रहीं। मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान लहुरियादह जैसे दूरस्थ गांव में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने का काम विशेष रूप से चर्चा में रहा। उनके पत्र में भी इस काम से जुड़ी एक बुजुर्ग महिला के आशीर्वाद का भावुक उल्लेख है।

इसी वर्ष 6 मई से उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी पद पर रहते हुए उन्होंने आईएएस से इस्तीफा दिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अपने इस्तीफे की कोई स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की है।

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सोशल मीडिया पर भी रही सक्रिय

दिव्या मित्तल प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहीं। UPSC की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए वे समय-समय पर उपयोगी सुझाव साझा करती थीं। किताबों और पढ़ाई से जुड़ी पोस्ट के अलावा जिलों में अपने प्रशासनिक अनुभवों और जनहित से जुड़े संदेशों को भी सोशल मीडिया पर साझा करती रहीं।

इस्तीफे के पत्र में सेवा के अनुभवों को किया याद

अपने भावुक पत्र में दिव्या मित्तल ने लिखा कि सरकारी सेवा ने उन्हें यह समझाया कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक व्यक्ति होता है और उसकी गरिमा बनाए रखना ही न्याय है। उन्होंने देवरिया से सही के साथ खड़े रहने, मिर्जापुर से असंभव को सिर्फ एक राय मानने और लोगों के विश्वास से मिलने वाली शक्ति को अपनी बड़ी सीख बताया। उन्होंने कहा कि अपने लिए देखे सपने पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। उन्होंने अपने साथ काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों के प्रति भी आभार जताया।

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मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूं’

दिव्या मित्तल ने अपने पत्र में लिखा कि उन्हें लगा था कि वे देश और लोगों को कुछ देने आई हैं, लेकिन सेवा के दौरान उन्होंने जितना पाया, उससे उनका ‘कर्ज’ और बढ़ गया। उन्होंने लहुरियादह की एक बुजुर्ग महिला का जिक्र करते हुए बताया कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने पर उस महिला ने कुछ कहने के बजाय उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। दिव्या ने लिखा कि पद आज छूट गया, लेकिन वह स्पर्श जीवन भर उनके साथ रहेगा।

इस्तीफे के बाद भी सपना बाकी

दिव्या मित्तल का 13 साल का प्रशासनिक सफर अब समाप्त हो गया है, लेकिन उनके इस्तीफे का सबसे भावुक संदेश यही है कि सेवा से विदाई को उन्होंने अपने सपने की समाप्ति नहीं माना। उनके शब्दों में, पद छूट सकता है, लेकिन देश की मिट्टी से मिला वह सपना अब भी कायम है।

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दिव्या मित्तल का पत्र : ज्यों-का-त्यों

आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताक़त, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला। बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है।

मीरजापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और माँ विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है।

मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूँ। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया। लोग मेरी ख़ुशी में मुझसे ज़्यादा ख़ुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी। और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे। आज आभार से आँखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध माँ, जो अपने गाँव में पहली बार पानी पहुँचता देख कुछ नहीं बोली, बस काँपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।

आपकी अपनी,

दिव्या मित्तल

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Mon, 31 Aug 2026 15:58:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
जिला अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष सुनील जैन का हृदयाघात से निधन, अंतिम संस्कार आज, अभिभाषक संघ अध्यक्ष शर्मा ने अपूर्णनीय क्षति बताया https://acntimes.com/district-bar-association-vice-president-sunil-jain-passes-away https://acntimes.com/district-bar-association-vice-president-sunil-jain-passes-away एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर के वरिष्ठ अभिभाषक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष सुनील जैन का सोमवार देर रात हृदयाघात से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से जिला अभिभाषक संघ सहित सामाजिक क्षेत्र, विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों, मित्रों और परिजन में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा सोमवार अपराह्न 4 बजे उनके निवास स्थान राजीव नगर, कस्तूरबा नगर से निकालेगी। अंतिम संस्कार जवाहर नगर मुक्तिधाम पर होगा।

60 वर्षीय सुनील जैन, स्व. ईश्वरचंद जैन के सुपुत्र, दिलीप कुमार (दूरदर्शन) के भाई, श्रेयांश एडवोकेट), सुरभि के काका, पद्मेश, पुलकित (तहसीलदार) के पिता, सुमित कुमार (दुबई) के काका ससुर एवं राहुल कुमार भोपाल) के ससुर थे। परिजन ने बताया रात करीब 1.00 बजे पत्नी लघुशंका जाने के लिए उठीं तब जैन को बेसुध पाया। उनके दोनों हाथ उनके सीने से चिपके हुए थे। उन्होंने जैन को सीधा किया लेकिन अचेत देख वे घबरा गईं। उन्होंने तत्काल डॉक्टर को कॉल किया। डॉक्टर ने घर पहुंच कर परीक्षण किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

अभिभाषकों और संगठनों ने जताया शोक

सुनील जैन लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे और विभिन्न संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वे जिला बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में वे जिला अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष थे। लायंस क्लब से जुड़े होकर वे वे करीब 15 साल तक ब्लाइंड हेल्पिंग स्कूल के चेयरमैन रहे। उन्होंने लायंस क्लब के अनेक पदों पर रहते हुए सामाजिक एवं संस्थागत गतिविधियों में सक्रिय रहे। यही वजह रही कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका व्यापक परिचय और सम्मान था। उनके आकस्मिक निधन पर साथी अभिभाषकों के साथ ही सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने जैन से निधन को अपूर्णनीय क्षति बताया है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के रतलाम आगमन पर आयोजित सम्मान समारोह में जैन ने शामिल हुए थे। तब किसी ने नहीं सोचा था कि जैन इस तरह हमें छोड़कर चले जाएंगे। शर्मा ने बताया कि जैन जाते-जाते भी अपने नेत्र दान कर दो लोगों के लिए आंखों की रोशनी दे गए। जैन अपने व्यवहार, कार्यों के चलते हमेशा याद स्मृतियों में रहेंगे।

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Mon, 31 Aug 2026 13:06:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
पेट्रोल&डीजल, घरेलू गैस, शक्कर, खाद्य तेल और बिजली के बढ़ते दामों के विरोध में कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, महंगाई का पुतला फूंका, भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए https://acntimes.com/congress-protest-against-inflation-in-ratlam https://acntimes.com/congress-protest-against-inflation-in-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । त्योहारों के बीच बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस, शक्कर, गुड़, खाद्य तेल सहित आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों के विरोध में रविवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस कमेटी एवं कांग्रेस सेवादल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर के सामने से रैली निकाली, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कस्तूरबा नगर चौराहे पहुंची। यहां महंगाई के प्रतीकात्मक पुतले का दहन कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल-डीजल के भाव कम करो”, “शक्कर-गुड़ के भाव कम करो”, “नरेंद्र मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी”, “मोहन यादव तेरी तानाशाही नहीं चलेगी”, “भारतीय जनता पार्टी मुर्दाबाद” औरराष्ट्रीय कांग्रेस जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई से गरीब, मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ गया है। आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम आदमी परेशान है, लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है। जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाने और सरकार को जगाने के उद्देश्य से कांग्रेस ने यह प्रदर्शन किया है।

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ब्लॉक कांग्रेस ने किया सद्बुद्धि यज्ञ

महंगाई के विरोध में रविवार शाम 5 बजे ब्लॉक कांग्रेस क्रमांक-2 द्वारा हाट रोड स्थित हनुमान मंदिर पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन भी किया गया। यज्ञ के बाद कार्यकर्ताओं ने हाथ की चौकी से रैली निकाली। रैली के दौरान ऑटो में माइक के माध्यम से महंगाई डायन खाए जात है” गीत बजाकर लोगों का ध्यान बढ़ती महंगाई की ओर आकर्षित किया गया।

प्रदर्शन में ये हुए शामिल

प्रदर्शन में पूर्व महापौर पारस सकलेचा, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, रजनीकांत व्यास, कविता महावर, सतीश पुरोहित, शैलेंद्र सिंह अठाना, प्रदीप राठौड़, इकराम इक्का बेलूत, सुजीत उपाध्याय, विजय उपाध्याय, रमेश पोरवाल, हरविंदर सिंह, साकिर खान, वीरपाल सिंह, सलीम टेलर, राजू जलवानी, किशनलाल गोसर, सीताराम बैरागी, राधा प्रजापत, इकरार चौधरी, हेमंत नेका, रोहित मीणा, मनोज खोईवाल, विजय पंड्या, आर्यन खान, शाकिर अंसारी, पतंजलि जोशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।

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Sun, 30 Aug 2026 21:11:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
चुनाव है या मजाक ! फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव पर सवालों के साथ उठी नेतृत्व परिवर्तन की मांग, शांतिलाल वर्मा के फिर अध्यक्ष चुने जाने पर क्लबों में नाराजगी https://acntimes.com/ratlam-football-association-election-shantilal-verm https://acntimes.com/ratlam-football-association-election-shantilal-verm दो साल बाद हुए चुनाव की प्रक्रिया पर क्लबों ने उठाए सवाल, मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन से जांच की मांग

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम जिला फुटबॉल एसोसिएशन के हाल ही में हुए चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। शांतिलाल वर्मा के फिर से अध्यक्ष और राजेश कौशल के सचिव चुने जाने पर जिले के फुटबॉल क्लबों ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। क्लबों द्वारा मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन से शिकायत कर नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि करीब दो साल बाद हुए चुनाव में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

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फुटबॉल क्लबों द्वारा की गई शिकायत में बताया गया है कि जिला फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव लगभग दो वर्षों से नहीं हुए थे। इसे लेकर पूर्व में भी मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के समक्ष शिकायतें की जाती रही हैं। ऐसे में जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो क्लबों को उम्मीद थी कि इस बार निर्वाचन निर्धारित नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा। क्लबों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में ही कई ऐसे सवाल सामने आए, जिनसे निर्वाचन की वैधता को लेकर संदेह पैदा हुआ है।

क्लबों के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। इसके बावजूद समिति के ही दो सदस्यों और जिले के कई फुटबॉल क्लबों को चुनाव की पूर्व सूचना नहीं दिए जाने का आरोप है। क्लब से जुड़े लोगों का सवाल है कि यदि निर्वाचन पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से कराया जाना था तो उससे जुड़े सभी क्लबों तथा निगरानी समिति के सदस्यों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई?

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गुपचुप तरीके से चुनाव कराने का आरोप

सलमान अब्बासी का आरोप है कि चुनाव की पर्याप्त जानकारी संबंधित लोगों और क्लबों को नहीं दी गई तथा प्रक्रिया जल्दबाजी में गुपचुप तरीके से पूरी कर ली गई। क्लबों ने इन्हीं आरोपों के आधार पर चुनाव की प्रक्रिया और उसकी वैधता की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चुनाव निर्धारित नियमों के अनुरूप हुए हैं या नहीं।

शांलिलाल वर्मा को लेकर उठे सवाल

चुनाव विवाद का दूसरा और महत्वपूर्ण पहलू अध्यक्ष पद को लेकर है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा लंबे समय से रतलाम जिला फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। हालिया चुनाव में भी उन्हें अध्यक्ष चुना गया है। इसी को लेकर फुटबॉल क्लबों के एक वर्ग में यह सवाल उठ रहा है कि संगठन के इतने महत्वपूर्ण पद पर लंबे समय से एक ही नेतृत्व बने रहने के बजाय अब नए लोगों को जिम्मेदारी देने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा।

क्लबों की ओर से यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या लंबे समय से पद पर बने रहने के कारण नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं पीछे छूट रही हैं। इस पर अंतिम निर्णय संबंधित फुटबॉल संगठन के नियमों और सक्षम संस्था की प्रक्रिया के आधार पर ही होना है।

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प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची शिकायत

बताया जा रहा है कि चुनाव को लेकर क्लबों का विरोध केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। मामला मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित देव, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ, जिला खेल अधिकारी और मध्यप्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन को भी भेजी गई है। इसमें मनफाइटर क्लब, मुनीमन फुटबॉल क्लब, मॉर्निंग स्टार फुटबॉल क्लब, नवभारत फुटबॉल क्लब, जावरा यूनाइटेड, रतलाम स्पोर्ट्स एसोसिएशन सहित अन्य क्लबों का उल्लेख किया गया है। इसमें निर्वाचन प्रक्रिया की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की मांग की है। पूरे मामले में अब निगाहें मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन पर हैं। क्लबों की शिकायत में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं।

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Sun, 30 Aug 2026 18:19:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
लोक संस्कृति संरक्षण ! हिन्दी दिवस पर रतलाम में गूंजेंगे लोकगीत, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 14 सितंबर को https://acntimes.com/hindi-diwas-lokgeet-pratiyogita-ratlam https://acntimes.com/hindi-diwas-lokgeet-pratiyogita-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । स्व. पं. अरुण भार्गव हिन्दी प्रचार-प्रसार समिति, रतलाम द्वारा विगत अनेक वर्षों से हिन्दी दिवस के अवसर पर 14 सितम्बर को स्कूली विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष विद्यार्थियों में लोक संस्कृति के संरक्षण और उसके प्रति प्रेम की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय लोकगीत प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।

समिति ने कहा कि आज का युवा पाश्चात्य प्रभाव के कारण भारत की मूल लोक संस्कृति और संस्कारों से दूर जा रहा है। जबकि भारत की मूल सनातन संस्कृति और सभ्यता आज भी भारतीय लोकगीतों में सुरक्षित है। लोकगीत सुरक्षित रहेंगे तो हमारी लोक संस्कृति भी सुरक्षित रहेगी। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष लोकगीत प्रतियोगिता का जिला स्तरीय आयोजन किया जा रहा है।

कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी ले सकेंगे हिस्सा

प्रतियोगिता में कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थी सम्मिलित हो सकते हैं। प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक विद्यार्थी अपनी संस्था के पत्र के साथ 14 सितम्बर को शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सागोद रोड, रतलाम के सभा कक्ष में प्रातः 11.30 बजे तक उपस्थित हो सकते हैं।

प्रतियोगी चाहें तो प्रतियोगिता में अपने वाद्य यंत्रों का भी प्रयोग कर सकते हैं। प्रतियोगिता के विजेता प्रतियोगियों को समिति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता से संबंधित अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9343428638 पर संपर्क किया जा सकता है।

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अधिक से अधिक विद्यार्थियों और हिन्दी प्रेमियों से सहभागिता की अपील

प्रतियोगिता को सफल बनाने और हिन्दी भाषा के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए अधिक से अधिक प्रतियोगियों एवं हिन्दी प्रेमियों से कार्यक्रम में सम्मिलित होने की अपील डॉ. मुनीन्द्र दुबे, दिलीप पंवार, विनोद शर्मा, सीमा अरुण भार्गव, विनीता ओझा, हेमन्तसिंह राठौर, नरेन्द्रसिंह पंवार, डॉ. अंजुम खान, राजीव लबानिया, रजनीश चौहान, संजय मेहता, नरेन्द्र टाँक, मनीष यादव, गोपाल बोरिया, जुबैर आलम कुरैशी, पिंकी यादव, मुस्तकीम सिद्दिकी, योगेश कसेरा, आसिफ खान, शैतानसिंह राठौर, दिनेश बारोठ, दिलीप चौहान, कन्हैयालाल वास्कले, राजेन्द्र मेहोलिया, योगेश सरवाड़, हरीश भिण्डवाल, आलोक कोठारी आदि ने की है।


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Sun, 30 Aug 2026 17:05:27 +0530 Niraj Kumar Shukla
भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा संगठन का हुआ विस्तार, महावीर निनामा रतलाम का जिला संयोजक बने https://acntimes.com/mahavir-ninama-became-district-coordinator-of-bhil-pradesh-mukti-morcha-ratlam https://acntimes.com/mahavir-ninama-became-district-coordinator-of-bhil-pradesh-mukti-morcha-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा की रतलाम के डोंगरानगर में बैठक आयोजित हुई। इसमें संगठन का विस्तार किया गया। आदिवासी परिवार की सभी विंगों की जिला इकाइयों के संयोजकों और जनप्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई। इसके तहत प्रदेश संयोजक ध्यानवीर डामोर ने महावीर निनामा को रतलाम जिले का संयोजक नियुक्त किया।

महावीर निनामा की नियुक्ति उनके सामाजिक सरोकारों, सक्रियता एवं संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए की गई है। उनकी नियुक्ति से संगठन के कार्यकर्ताओं सहित रतलाम जिले के डीसीसी सदस्यों में उत्साह का माहौल है। संगठन पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त जिला संयोजक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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संगठन को मजबूत करने पर रहेगा जोर

नवनियुक्त जिला संयोजक महावीर निनामा ने कहा कि वे संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। समाज के हितों और अधिकारों के लिए कार्य करने के साथ ही संगठन की विचारधारा को मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने, युवाओं एवं समाज के लोगों को संगठन से जोड़ने तथा सामाजिक मुद्दों को लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाने का प्रयास किया जाएगा।

ये पदाधिकारी रहे मौजूद

नियुक्ति के दौरान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के प्रदेश संयोजक ध्यानवीर डामोर, विधायक कमलेश्वर डोडियार, भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा झाबुआ के सचिन गामड़, विद्यार्थी मोर्चा के प्रदेश संयोजक दिनेश माल, ईश्वर गरवाल, संदीप वसुनिया सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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Sun, 30 Aug 2026 15:35:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता का जिला अभिभाषक संघ ने किया अभिनंदन, न्यायमूर्ति बोले& ‘यह सम्मान अद्वितीय है’ https://acntimes.com/justice-rajesh-kumar-gupta-felicitation-ratlam https://acntimes.com/justice-rajesh-kumar-gupta-felicitation-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिला अभिभाषक संघ रतलाम द्वारा मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। अभिभाषक संघ के पदाधिकारियों एवं अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता का स्वागत किया। इससे अभिभूत न्यायमूर्ति ने कहा- यह सम्मान अद्वितीय है।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन के साथ हुआ। स्वागत भाषण जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा ने दिया। उन्होंने कहा कि कालिका माता की पावन धरा रतलाम का यह सौभाग्य है कि यहां पूर्व में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में पदस्थ रहे राजेश कुमार गुप्ता वर्तमान में ग्वालियर हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति के पद पर आसीन हैं। उन्होंने कहा कि आज संघ को उनका सम्मान करने का अवसर मिलना सभी के लिए गौरव की बात है। तत्पश्चात मंचासीन जिला न्यायाधीश रामजी गुप्ता एवं विशेष सत्र न्यायाधीश चुणावत ने भी विचार व्यक्त किए।

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रतलाम अभिभाषक संघ का सम्मान अद्वितीय : न्यायमूर्ति गुप्ता

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति गुप्ता ने कहा कि रतलाम अभिभाषक संघ द्वारा उनका जो सम्मान किया गया है, वह अद्वितीय है। उन्होंने अपने रतलाम कार्यकाल की यादें भी साझा कीं तथा रतलाम अभिभाषक संघ की प्रशंसा करते हुए सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया।

इसके पश्चात जिला अभिभाषक संघ द्वारा न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता को शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। संचालन संघ सचिव चेतन केलवा ने किया। आभार प्रदर्शन उपाध्यक्ष सुनील जैन ने किया। इस अवसर पर सभी न्यायाधीशगण एवं बड़ी संख्या में अभिभाषकगण उपस्थित रहे।

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ये रहे उपस्थित

आयोजन में सहसचिव वीरेन्द्र कुलकर्णी, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पंवार, पुस्तकालय सचिव सुनीता वासनवाल, सैलाना अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा, उपाध्यक्ष अरविंद मुरेरा, पूर्व अध्यक्ष के. एल. राठौर, सचिव निमित्त व्यास, जिला अभिभाषक संघ कार्यकारिणी सदस्य भूपेन्द्र सिंह पंवार, अनिल वर्मा, सतीष वर्मा, यश कैथवास, सौमेश वर्मा, रीना चौहान, दिव्या शर्मा, अरविंद बैरागी, चिकित्सा समिति के सुनील पारिख, डॉ. ईश्वर बोराना, वित्त समिति के नरेन्द्र सिंह, रेखा सांकला, अन्ना राणा सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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Sun, 30 Aug 2026 14:01:48 +0530 Niraj Kumar Shukla
प्रवेश का आखिरी मौका ! बाजना की शासकीय ITI में प्रवेश के लिए च्वाइस फिलिंग की आखरी तिथि 29 अगस्त, 1 सितंबर को मेरिट सूची से मिलेगा प्रवेश https://acntimes.com/iti-bajna-admission-last-chance https://acntimes.com/iti-bajna-admission-last-chance एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बाजना स्थित शासकीय आई.टी.आई. CLC राउंड के तहत प्रवेश लेने के इच्छुक युवाओं के लिए 29 अगस्त 2026 आखिरी मौका है। आवेदक चॉइस फिलिंग के साथ त्रुटि सुधार की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। संस्था प्रबंधन ने युवाओं से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना रिक्त सीटों के लिए चॉइस फिलिंग करने की अपील की है।

CLC राउंड के तहत 31 अगस्त को मेरिट क्रम प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें से आवेदक को एक विकल्प लॉक करना होगा। इसके बाद 1 सितंबर को मेरिट सूची जारी कर प्रवेश दिए जाएंगे। 3 सितंबर को प्रतीक्षा सूची के आवेदकों को प्रवेश का अवसर मिलेगा।

शासकीय आई.टी.आई. बाजना में वर्तमान में विभिन्न ट्रेडों में सीटें रिक्त हैं। इनमें सोलर ट्रेड में 16, मैकेनिक डीजल में 13, फिटर में 12, सिलाई तकनीशियन में 10, कम्प्यूटर (COPA) में 10 तथा विद्युतकार ट्रेड में 5 सीटें शामिल हैं।

संस्था के प्राचार्य ने युवाओं से अपील की है कि वे उपलब्ध रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए 29 अगस्त तक अनिवार्य रूप से चॉइस फिलिंग एवं त्रुटि सुधार की प्रक्रिया पूरी कर लें।

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Fri, 28 Aug 2026 23:26:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
यही तो इंसानियत है ! पहले सफाईकर्मी की नन्हीं बेटी को देते हैं चाय&बिस्किट, फिर पैर छूकर आशीर्वाद लेने के बाद शुरू करते हैं दुकानदारी, देखें वीडियो... https://acntimes.com/aravind-tiwari-humanity-bahadurpur-on-facebook https://acntimes.com/aravind-tiwari-humanity-bahadurpur-on-facebook इंसानियत बड़ी-बड़ी बातों में नहीं, छोटे-छोटे व्यवहार में दिखाई देती है। बहादुरपुर की एक चाय की दुकान पर रोज सुबह होने वाला एक छोटा-सा व्यवहार इसका बेहद खूबसूरत उदाहरण है। सफाईकर्मी की नन्हीं बेटी को चाय-बिस्किट देने के बाद उसके पैर छूकर आशीर्वाद लेना और फिर दुकानदारी शुरू करना- अरविंद तिवारी का यह सहज व्यवहार न सिर्फ दिल छूता है, बल्कि समाज में बराबरी और सम्मान का संदेश भी देता है। फेसबुक यूज़र आदित्य त्रिवेदी अपनी फेसबुक वॉल पर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में कैद हुए इस दृश्य को साझा करते लिखते हैं-

यह रिकॉर्डिंग एक सीसीटीवी कैमरे की है, जो कि बहादुरपुर में आकांक्षा मेडिकल स्टोर के बाहर लगा हुआ है।

आकांक्षा मेडिकल स्टोर से सटी हुई एक चाय की दुकान अरविंद तिवारी की है। कल दिनांक 23 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे मैं मॉर्निंग वॉक के बाद श्री तिवारी की दुकान पर चाय पीने के लिए ठहरा तो वह एक छोटी सी बच्ची के साथ एक अनूठा व्यवहार कर रहे थे। यह बच्ची एक सफाई कर्मी की बेटी थी, जो रोज सुबह अपनी माँ के साथ बाजार आ जाती है और स्नेहवश तिवारी जी की चाय की दुकान पर बिछी बेंच पर आ बैठती है। मैंने विस्मय भरी निगाहों से देखा कि बहुत ही मामूली आर्थिक स्थिति वाले अरविंद चाय के पहले घना में से पहली चाय और पतंजलि मिल्क बिस्किट का एक छोटा वाला पैकेट इस बच्ची के सामने रखते हैं और कन्या के पैर छूने के बाद आशीर्वाद लेकर अपनी दुकानदारी शुरू करते हैं।

मैं आश्चर्यचकित था, सहज भाव में अपने मोबाइल से इस लम्हे को कैमरे में कैद नहीं कर सका। किंतु मेरी नजर आकांक्षा मेडिकल स्टोर के बाहर लगे कैमरे पर गई, जिसका एंगल इस बेंच की ओर था। आज शाम मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर इस प्यारे से लम्हे को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया।

मेरे मन में अरविंद के प्रति एक आदर भाव जाग चुका है। तथाकथित रूप से अछूत समझे जाने वाले परिवार की एक बेटी के चरण स्पर्श कर अपनी आजीविका शुरू करने वाले अरविंद उन तमाम असामाजिक तत्वों के मुंह पर तमाचा मारते हैं जो आज भी मध्यकालीन भारत की अमानुषिक स्मृतियों को लेकर जब तब समाज को छिन्न भिन्न करने का कुत्सित प्रयास करते हैं।

सैल्यूट भाई अरविंद, तुम पर गर्व है हमें।

वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://www.facebook.com/reel/1674313703644094

(अरविंद त्रिवेदी की फेसबुक वॉल में उनकी रील से ज्यों-का-त्यों)

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Tue, 25 Aug 2026 22:02:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
फर्जी फर्म और कूटरचित कोटेशन देकर लिया बैंक से ₹17 लाख का लोन, जाकिर हुसैन को 5 से 7 वर्ष तक की सजा, 16 हजार अर्थदंड भी https://acntimes.com/ratlam-zakir-hussain-loan-fraud-conviction https://acntimes.com/ratlam-zakir-hussain-loan-fraud-conviction नक्की ट्रेडर्स के नाम से अस्तित्वहीन फर्म के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दोना-पत्तल निर्माण इकाई के लिए लिया था कर्ज

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव के न्यायालय ने मध्यप्रदेश शासन विरुद्ध जाकिर हुसैन एवं अन्य प्रकरण में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त जाकिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120बी के अपराधों में 5 से 7 वर्ष तक की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर 16 हजार रुपए का अर्थदंड भी किया गया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने प्रभावी पैरवी की।

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अभियोजन के अनुसार आरोपी जाकिर हुसैन पिता मोहम्मद हुसैन (55), निवासी 63 पी.एन.टी. कॉलोनी, रतलाम ने अपनी पुत्री एवं सह-आरोपी ऐहतेशाम बानो के साथ मिलकर प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत दोना-पत्तल निर्माण इकाई स्थापित करने के नाम पर बैंक से ऋण प्राप्त करने की योजना बनाई थी। आरोपियों ने जिला उद्योग केन्द्र, रतलाम के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। बैंक द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने और निरीक्षण के बाद ₹25 लाख की मांग के स्थान पर ₹17 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। मशीनरी खरीदने के नाम पर “निक्की ट्रेडर्स, इंडस्ट्रियल एरिया, साँवेर रोड, इंदौर” के नाम से कोटेशन प्रस्तुत किया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि जिस निक्की ट्रेडर्स के नाम से मशीनरी का कोटेशन प्रस्तुत किया गया था, उस नाम की फर्म बताए गए पते पर अस्तित्व में ही नहीं थी। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से प्राप्त शिकायत की जांच के दौरान औद्योगिक क्षेत्र, साँवेर रोड, इंदौर में फर्म का भौतिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन में संबंधित पते पर निक्की ट्रेडर्स नाम की कोई फर्म नहीं मिली। वहां दूसरी कंपनी का संचालन पाया गया और आसपास के क्षेत्र में भी उक्त नाम की कोई फर्म अस्तित्व में नहीं पाई गई। इस संबंध में सत्यापन पंचनामा तैयार किया गया।

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निक्की ट्रेडर्स के नाम से खोले खाते में पहुंची ₹17 लाख का लोन

जांच में यह भी सामने आया कि ऋण की राशि प्राप्त करने के लिए निक्की ट्रेडर्स के नाम से प्रस्तुत दस्तावेजों एवं कोटेशन का उपयोग किया गया तथा ऋण की राशि वास्तविक रूप से मशीनरी खरीदने के लिए उपयोग नहीं की गई। ₹17 लाख की ऋण राशि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, रेलवे कॉलोनी शाखा, रतलाम में निक्की ट्रेडर्स के नाम से खोले गए खाते में जमा कराई गई। उक्त खाता आरोपी जाकिर हुसैन द्वारा स्वयं को नक्की ट्रेडर्स का प्रोपराइटर दर्शाते हुए संचालित कराया गया था।

पुलिस ने जब्त किए कोटेशन, बैंक दस्तावेज और चेक

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी जाकिर हुसैन से निक्की ट्रेडर्स के नाम से तैयार कोटेशन, बैंक संबंधी दस्तावेज, चेक एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त दस्तावेजों में निक्की ट्रेडर्स के खाते से संबंधित चेक क्रमांक 22301 से 22305 तक कुल पांच चेक तथा कोटेशन के प्रारूप सहित अनेक दस्तावेज प्राप्त हुए। आरोपी के नमूना हस्ताक्षर भी जांच के लिए प्राप्त किए गए।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी जाकिर हुसैन ने श्रम विभाग में निक्की ट्रेडर्स नाम से फर्म का पंजीयन कराया था और उसका पता 63, पी.एन.टी. कॉलोनी, रतलाम दर्शाया गया था। न्यायालय ने इस तथ्य को भी ऋण प्राप्त करने की समग्र परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना।

ऋण संबंधी दस्तावेजों में जाकिर हुसैन और ऐहतेशाम बानो दोनों के नाम, फोटो एवं हस्ताक्षर पाए गए। न्यायालय ने बैंक दस्तावेजों एवं साक्ष्य के आधार पर स्पष्ट माना कि ₹17 लाख का ऋण केवल ऐहतेशाम बानो के नाम पर नहीं, बल्कि उसके साथ जाकिर हुसैन के नाम से भी स्वीकृत हुआ था।

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इंदौर में मौके पर नहीं मिली निक्की ट्रेडर्स

जांच अधिकारी ने 15 जनवरी 2021 को औद्योगिक क्षेत्र, साँवेर रोड, इंदौर पहुंचकर मौके का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान ई-71, सेक्टर-सी-6 नामक बताए गए पते का अस्तित्व नहीं मिला। उक्त स्थान पर अन्य कंपनी का संचालन पाया गया। पूरे क्षेत्र में भी निक्की ट्रेडर्स नाम की कोई फर्म नहीं मिली। इस संबंध में सत्यापन पंचनामा तैयार किया गया।

इसी जांच के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा से प्राप्त ऋण संबंधी मूल दस्तावेज, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से प्राप्त खाता एवं बैंक दस्तावेज, निक्की ट्रेडर्स के नाम के दस्तावेज, ऋण आवेदन, स्थापना प्रमाण पत्र, कोटेशन, चेक तथा अन्य संबंधित अभिलेख जब्त किए गए। अभियोजन ने बैंक अधिकारियों, जांच अधिकारी तथा अन्य संबंधित गवाहों के माध्यम से इन दस्तावेजों को न्यायालय के समक्ष प्रमाणित कराया।

बैंक को धोखा देकर लोन लेने की अभियोजन कहानी प्रमाणित

न्यायालय ने संपूर्ण मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य का विश्लेषण करते हुए पाया कि आरोपी जाकिर हुसैन ने अपनी फरार पुत्री सह-आरोपी ऐहतेशाम बानो के साथ मिलकर दौना पत्तल निर्माण इकाई स्थापित करने के उद्देश्य से ऋण आवेदन प्रस्तुत किया, ₹17 लाख का ऋण स्वीकृत कराया, नक्की ट्रेडर्स के नाम से कूटरचित कोटेशन प्रस्तुत किया तथा ऋण राशि को मशीनरी खरीदने के वास्तविक उद्देश्य के विपरीत अन्य प्रयोजन में उपयोग किया।

न्यायालय ने यह भी माना कि नक्की ट्रेडर्स के नाम से प्रस्तुत कोटेशन के आधार पर बैंक को धोखा देकर ₹17 लाख की राशि प्राप्त की गई तथा राशि का उपयोग वास्तविक मशीनरी खरीदने के लिए नहीं किया गया। इन परिस्थितियों को न्यायालय ने धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120 बी भा.दं.सं. के आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करने वाला पाया।

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न्यायालय ने बताया आपराधिक षड्यंत्र

द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष श्रीवास्तव ने अपने निष्कर्ष में कहा कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों से यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी ने बैंक से ₹17 लाख की ऋण राशि प्राप्त करने के लिए धोखाधड़ी की, नक्की ट्रेडर्स के नाम से कूटरचित कोटेशन तैयार किया और उसका वास्तविक दस्तावेज के रूप में उपयोग किया तथा फरार सह-आरोपी ऐहतेशाम बानो के साथ आपराधिक षड्यंत्र किया।

परिणामस्वरूप जाकिर हुसैन को सभी आरोपों में दोषसिद्ध किया गया। न्यायालय ने आरोपी जाकिर हुसैन को धारा 420 भा.दं.सं. में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड, धारा 467 में 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड, धारा 468 में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड, धारा 471 में 7 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹5,000 अर्थदंड तथा धारा 120 बी में 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड से दंडित किया है। सभी मूल कारावास की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इस प्रकार आरोपी पर कुल ₹16,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। 

दस्तावेजी साक्ष्यों से अभियोजन ने स्थापित की पूरी शृंखला

प्रकरण में खासबात यह रही कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत बैंक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के माध्यम से ऋण स्वीकृति, बैंक खाता, नक्की ट्रेडर्स के दस्तावेज, मौके का सत्यापन, जब्ती कार्यवाही तथा आरोपी से संबंधित दस्तावेजों की श्रृंखला न्यायालय के समक्ष स्थापित की गई।

अभियोजन ने विशेष रूप से यह स्थापित किया कि आरोपी का अपराध केवल ऋण प्राप्त करने तक सीमित नहीं था, बल्कि ऋण प्राप्त करने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करना, उनका वास्तविक दस्तावेज के रूप में उपयोग करना, काल्पनिक एवं अस्तित्वहीन फर्म के नाम का उपयोग करना तथा ऋण राशि को निर्धारित उद्देश्य के विपरीत उपयोग करना अपराध की समग्र शृंखला का हिस्सा था। दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक अधिकारियों के कथन, जांच अधिकारी की साक्ष्य तथा घटनाक्रम से संबंधित परिस्थितियों की समग्र शृंखला के आधार पर अभियोजन आरोपी जाकिर हुसैन के विरुद्ध आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित करने में सफल रहा।

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Tue, 25 Aug 2026 19:55:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
सराफा कारोबारी और सटोरिया पप्पू सेक्सी को मिली जान से मारने की धमकी और गालियां, पिंकू मिर्ची के खिलाफ FIR दर्ज https://acntimes.com/sarafa-trader-pappu-sexy-threat-case https://acntimes.com/sarafa-trader-pappu-sexy-threat-case एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर के घास बाजार क्षेत्र निवासी सराफा कारोबारी एवं सटोरिया राकेश सकलेचा उर्फ पप्पू सेक्सी को व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी देने और अश्लील गालियां भेजने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी नितेश उर्फ पिंकू मिर्ची के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पप्पू सेक्सी द्वारा पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक सोमवार रात करीब 10:16 बजे सकलेचा के व्हाट्सएप नंबर पर एक वॉइस कॉल आई, लेकिन उन्होंने वह रिसीव नहीं की। इसके करीब दो मिनट बाद जिस नंबर से कॉल आई थी उसी से एक के बाद एक 10 वॉइस मैसेज आए।

शिकायकर्ता सकलेचा का कहना है कि बाद में जब उन्होंने इन वॉइस मैसेज को सुना तो उनमें आरोपी द्वारा उन्हें जान से मारने की धमकी देने के साथ मां-बहन को लेकर आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि कुछ देर बाद आरोपी ने व्हाट्सएप से भेजे गए वॉइस मैसेज डिलीट भी कर दिए।

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वाट्सएप मैसेज के स्क्रीन तथा वाइस मैसेज उपलब्ध करवाए

अपने परिचित सतीश कटारिया और विशाल दुग्गड़ के साथ थाने पहुंचे सकलेचा ने पुलिस को पूरे मामले की लिखित शिकायत दी है। साथ में व्हाट्सएप बातचीत के पांच पेज के स्क्रीनशॉट तथा वॉइस मैसेज की रिकॉर्डिंग पेनड्राइव में उपलब्ध कराई है।

पुलिस कर रही मामले की जांच

पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। अब पुलिस वॉइस रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप से जुड़े साक्ष्यों की जांच के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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Tue, 25 Aug 2026 18:50:37 +0530 Niraj Kumar Shukla
रतलाम की 20 कॉलोनियों में सामान्य शुल्क पर मिलेंगे बिजली कनेक्शन, मंत्री काश्यप की अनुशंसा से हजारों रहवासियों को मिलेगी राहत https://acntimes.com/ratlam-20-colonies-electricity-connection https://acntimes.com/ratlam-20-colonies-electricity-connection एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की अनुशंसा पर शहर की 20 अवैध/अविकसित कॉलोनियों में सामान्य शुल्क पर विद्युत कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसके ले भाजपा के मंडल अध्यक्षों द्वारा मंत्री काश्यप के प्रति आभार ज्ञापित किया गया है।

मंडल अध्यक्षों ने बताया कि शहर की अवैध और अविकसित कॉलोनियों में मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 7 प्रतिशत सुपर विज़न योजना में बाहरी विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। नगर निगम द्वारा संपादित कराए गए इस कार्य में 20 कॉलोनियों का कार्य पूर्ण हो चुका है और इन कॉलोनियों में सामान्य शुल्क पर कनेक्शन दिए जा रहे हैं।

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इन कॉलोनियों के रहवासियों को मिलेगी राहत

विद्युतीकरण कार्य से लाभान्वित कॉलोनियों में भवानी नगर, मालवा नगर, श्रीराम नगर, बाणेश्वरी गृह निर्माण कॉलोनी, शृंगी नगर, शिवम परिसर, जनता नगर, राम रहीम नगर, त्रिमूर्ति नगर, आदर्श नगर, शक्ति नगर, होमगार्ड कॉलोनी, राजस्व नगर, प्रताप नगर, करमदी रोड़, करण नगर, हम्माल कॉलोनी, पटवारी कॉलोनी, वरदान नगर एवं रत्नेश्वर रोड़ शामिल है।

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Tue, 25 Aug 2026 17:57:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
नया घर – नया परिवार ! शिशुगृह में पल रहे ‘वेद’ को मिला ‘यशोदा’ और ‘नंदबाबा’ का प्यार, नए माता&पिता को सौंपने से पहले कलेक्टर ने किया दुलार https://acntimes.com/ratlam-child-adoption-ved-new-family-ajay-katesaria https://acntimes.com/ratlam-child-adoption-ved-new-family-ajay-katesaria एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिस नन्हे बच्चे के लिए अब तक शिशु गृह ही घर और वहां के सेवादार ही उसका परिवार था, उसे सोमवार को अपना परिवार, अपना आंगन और जीवनभर का अपनापन मिल गया। नए माता-पिता को सौंपने से पहले जिले के मुखिया कलेक्टर अजय कटेसरिया ने बालक वेद (परिवर्तित नाम) को अपनी गोद में उठाकर दुलार किया। दोनों को देखकर लग ही नहीं रहा था कि वे एक-दूसरे से अनजान हैं।

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कलेक्टर कार्यालय में हुआ यह पल औपचारिकता से कहीं अधिक भावुक था। दत्तक ग्रहण संबंधी आदेश जारी होने के बाद कुछ देर के लिए कार्यालय का माहौल भी बदल गया। फाइलों और सरकारी कामकाज के बीच एक नन्हे बच्चे की मुस्कान और उसके नए माता-पिता की खुशी सबसे खास नजर आई। यह सिर्फ एक बच्चे को परिवार सौंपने का अवसर नहीं था, बल्कि उसे जिंदगीभर के रिश्तों से जोड़ने का क्षण था। कलेक्टर कटेसरिया ने बालक को वात्सल्य से दुलारा और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए उसके नए नए माता-पिता को सौंप दिया जो यशोदा और नंदबाबा के रूप में उसके जीवन में आए हैं।

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शिशु गृह से परिवार की गोद तक

बालक वेद अब ऐसे परिवार का हिस्सा होगा, जहां उसके लिए प्यार होगा, सुरक्षा होगी और भविष्य के सपने होंगे। दत्तक माता-पिता ने उसे पूरे स्नेह और जिम्मेदारी के साथ पालने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे उसे बेहतर शिक्षा, अच्छे संस्कार और सुरक्षित वातावरण देने का हरसंभव प्रयास करेंगे।

दत्तक ग्रहण की यह प्रक्रिया बालक के जीवन में एक नई शुरुआत है। अब उसका बचपन शिशु गृह की सीमाओं से निकलकर एक परिवार की गर्माहट में बीतेगा। उसके लिए मां-पिता का रिश्ता होगा। घर होगा। अपनेपन की वह अनुभूति होगी, जिसकी जरूरत हर बच्चे को होती है।

कलेक्टर बोले- परिवार का प्यार हर बच्चे का अधिकार

कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा कि प्रत्येक बालक को परिवार का प्यार, संरक्षण और सुरक्षित वातावरण मिलना उसका अधिकार है। दत्तक ग्रहण को उन्होंने केवल कानूनी प्रक्रिया न मानते हुए इसे किसी बच्चे को परिवार और जीवनभर का स्नेह देने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों के संरक्षण के साथ बच्चों को सुरक्षित और प्रेमपूर्ण पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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Tue, 25 Aug 2026 01:22:57 +0530 Niraj Kumar Shukla
आबकारी अधिकारी और ड्रग इंस्पेक्टर को कलेक्टर की फटकार; अफसरों से पूछा “क्या किसी ने कार्रवाई देखी, सुनी या पढ़ी है?” अगली बैठक में अगस्त का पूरा हिसाब लेकर आएं https://acntimes.com/collector-warning-excise-officer-and-drug-inspector https://acntimes.com/collector-warning-excise-officer-and-drug-inspector एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर को फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों से जब पूछा कि- क्या किसी ने इन विभागों की कार्रवाई देखी, सुनी या पढ़ी है?” तो सब एक-दूसरे का मुंह ताकते नजर आए। कोई जवाब नहीं मिलने पर कलेक्टर ने असंतोष जताते हुए साफ कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ कागजों में नहीं, रोज जमीन पर दिखाई देनी चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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जिले में नारकोटिक्स एवं अन्य नशीले पदार्थों की रोकथाम तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर अजय कटेसरिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें एसपी अमित कुमार, अपर कलेक्टर बृजेंद्र कुमार रावत, एएसपी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने आबकारी विभाग एवं ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों की कार्रवाई प्रभावी भी हो और लगातार दिखाई भी देनी चाहिए। वर्तमान में कार्रवाई यदि हो भी रही है तो उसका असर जनता के बीच नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने बैठक में मौजूद अधिकारियों से सीधा सवाल किया- क्या किसी ने इन विभागों की कार्रवाई होते हुए देखी है, किसी ने सुना है या कहीं पढ़ा है?” इस सवाल पर बैठक में कोई भी अधिकारी जवाब नहीं दे सका।

इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि प्रतिदिन सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उसका प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।

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ड्रग इंस्पेक्टर से अगस्त की हर कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड तलब

कलेक्टर ने ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि अगस्त माह के दौरान विभाग द्वारा की गई सभी कार्रवाई का विस्तृत विवरण तत्काल प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सबसे पहले इसी विषय पर चर्चा होगी। उस बैठक में यह स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि कितनी कार्रवाई की गई और उन कार्रवाई के क्या परिणाम रहे। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को भी निर्देश दिए कि अवैध शराब एवं नशीले पदार्थों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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हॉटस्पॉट पर लगातार निगरानी, कानूनी प्रावधानों के तहत सख्ती

कलेक्टर अजय कटेसरिया ने पुलिस एवं संबंधित विभागों को मादक पदार्थों की तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफेमा अधिनियम सहित उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए।

कलेक्टर ने स्कूलों में नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि आरटीओ के माध्यम से बसों में नशामुक्ति संबंधी फ्लेक्स एवं बैनर लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नशे के दुष्प्रभावों का संदेश पहुंच सके।

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Mon, 24 Aug 2026 23:24:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
रतलाम विकास प्राधिकरण (RDA) के नए CEO तरुण जैन ने संभाला पदभार, अध्यक्ष से लंबित योजनाओं और वित्तीय स्थिति पर हुई चर्चा https://acntimes.com/ratlam-development-authority-new-ceo-tarun-jain https://acntimes.com/ratlam-development-authority-new-ceo-tarun-jain एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम विकास प्राधिकरण (RDA) के नवनियुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर तरुण जैन ने शुक्रवार को प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं संचालक मंडल के पदाधिकारियों से सौजन्य भेंट की।

RDA अध्यक्ष मनोहर पोरवाल के साथ हुई चर्चा में प्राधिकरण की वर्तमान योजनाओं, वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने तथा लंबित विकास कार्यों को गति देने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। तरुण जैन ने प्राधिकरण की योजनाओं की प्रगति और लंबित कार्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के संबंध में मार्गदर्शन लिया।

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इस दौरान अध्यक्ष ने प्राधिकरण की लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने तथा रतलाम में नवीन आवासीय योजनाएं प्रारंभ करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। उन्होंने प्राधिकरण की गतिविधियों को गति देने और आम नागरिकों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया।

ये उपस्थित रहे

पदभार ग्रहण के अवसर पर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गोविंद काकानी एवं प्रवीण सोनी, संचालक मंडल के सदस्य राजेंद्र सिंह गोयल, राजेंद्र मौर्य, धीरज व्यास, राखी व्यास एवं किरण महावर सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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Mon, 24 Aug 2026 22:26:51 +0530 Niraj Kumar Shukla
जिला स्तरीय व्याख्यानमाला : रॉयल कॉलेज में युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर दिया जोर, महर्षि अरविंद के विचारों से संस्कार और चेतना का दिया संदेश https://acntimes.com/aurobind-jayanthi-youth-nation-building-ratlam https://acntimes.com/aurobind-jayanthi-youth-nation-building-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज, सालाखेड़ी कैंपस रतलाम में महर्षि श्री अरविंद के राष्ट्रभक्ति, आध्यात्म और समग्र शिक्षा के विचारों को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से रतलाम में जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल भौतिक विकास से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए युवाओं में संस्कार, नैतिक मूल्य, आध्यात्मिक चेतना और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी जरूरी है। 

महर्षि श्री अरविंद जयंती पखवाड़े के अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला रतलाम द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य महर्षि श्री अरविंद के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारी योगदान, उनके जीवन दर्शन, शिक्षा संबंधी विचारों एवं राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को जनमानस, विशेषकर युवाओं तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महर्षि श्री अरविंद एवं श्री मां के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने सभी अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

स्वागत उद्बोधन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने दिया। व्याख्यानमाला में बीकानेर राजगुरु निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी विशोकानंद भारती ने राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण विषय पर युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि महर्षि श्री अरविंद के जीवन में राष्ट्रभक्ति और आध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को अपनाकर सशक्त राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें।

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शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास पर जोर

अखंड ज्ञान आश्रम के स्वामी संत देव स्वरूपानंद ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद का जीवन आत्मविकास के साथ राष्ट्र और समाज के विकास की प्रेरणा देता है। उनका शिक्षा दर्शन व्यक्ति के शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद ने ऐसे भारत की कल्पना की थी, जिसमें युवा अपनी प्रतिभा, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि भौतिक प्रगति के साथ हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है।

नागरिक कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा

न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम, नीरज पवैया ने महर्षि श्री अरविंद के विचारों को नागरिक कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होता है। अरविंद सोसायटी से प्राध्यापक ऋतम् उपाध्याय ने कहा कि महर्षि श्री अरविंद का शिक्षा दर्शन युवाओं के व्यक्तित्व के समग्र विकास पर आधारित है। उनके विचार विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए नहीं, बल्कि संवेदनशील, संस्कारित, जागरूक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।

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पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति का संदेश

पर्यावरणविद् एवं जिला जन अभियान समिति, रतलाम के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक पाटीदार ने महर्षि श्री अरविंद के प्रकृति एवं मानव जीवन के समन्वय संबंधी विचारों का उल्लेख करते हुए त्रिवेणी वन रोपण अभियान की जानकारी दी तथा पर्यावरण संरक्षण एवं पौधरोपण का संदेश दिया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी की बीके सविता दीदी ने महर्षि श्री अरविंद के आत्मचेतना और सकारात्मक जीवन संबंधी विचारों पर प्रकाश डालते हुए नशामुक्त भारत निर्माण के लिए “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।

नशामुक्ति की शपथ दिलाई

कार्यक्रम के उपरांत महाविद्यालय परिसर में उपस्थित विद्यार्थियों एवं नागरिकों को नशामुक्ति एवं स्वैच्छिकता की शपथ दिलाई गई। साथ हीएक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत त्रिवेणी के पौधों का रोपण भी किया गया। कार्यक्रम में महर्षि पं. संजय शिवशंकर दवे, महर्षि अरविंद सोसायटी के चेयरमैन सतीश पंड्या एवं रॉयल ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजल सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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इन्होंने की सहभागिता

संचालन महावीरदास बैरागी ने किया। आभार प्रदर्शन रॉयल कॉलेज प्रशासन के प्रो. दिनेश राजपुरोहित ने किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक मुकेश कटारिया, निर्मल अमलियार, शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, रतनलाल चरपोटा एवं विजयेश राठौड़, रॉयल कॉलेज के शिक्षा विभाग के प्राचार्य डॉ. आर. के. अरोड़ा, प्रबंधन विभाग के प्राचार्य डॉ. प्रवीण मंत्री, कॉमर्स विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा, लाइफ साइंस विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल, कम्प्यूटर विभाग की विभाग प्रमुख प्रो. दीपिका कुमावत एवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्राचार्य ज्योत्सना सोलंकी सहित बड़ी संख्या में नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि, सीएमसीएलडीपी के छात्र, समिति पदाधिकारी, रॉयल कॉलेज के विद्यार्थी एवं स्टॉफ, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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Mon, 24 Aug 2026 21:47:34 +0530 Niraj Kumar Shukla
उत्कर्ष&2026 : SYSITS में ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन, Gen Z, Gen Alpha और Millennials की विशेषताएं भी बताई https://acntimes.com/yogindra-sagar-institute-utkarsh-2026-orientation https://acntimes.com/yogindra-sagar-institute-utkarsh-2026-orientation एसीएन टाइम्स @ रतलाम । श्री योगीन्द्र सागर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट (SYSITS), रतलाम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत के साथ ओरिएंटेशन प्रोग्रामउत्कर्ष 2026’ का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में संस्थान के बीटेक, बीबीए, एमबीए, बीएससी माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी सीड टेक्नोलॉजी एवं बीए एलएलबी ऑनर्स के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक गोपाल प्रसाद शर्मा (टंच) एवं विशेष अतिथि मुकेश गुप्ता ( आईटी ऑफिसर- शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, जावरा) ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इस मौके पर विशेष अतिथि गुप्ता ने विद्यार्थियों को उनके विषयों की उपयोगिता, उच्च शिक्षा के विकल्प, करियर के विभिन्न अवसरों तथा भविष्य में आने वाली चुनौतियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।

उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा निरंतर मेहनत के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई, अपने कर्तव्यों, आगामी अकादमिक सत्र तथा करियर के प्रति पूर्ण निष्ठा, अनुशासन एवं जागरूकता के साथ अपने दायित्वों का निरंतर निर्वहन करने की शपथ भी दिलाई।

संस्थापक ने साझा किए अपने अनुभव

संस्थान के संस्थापक गोपाल प्रसाद शर्मा (टंच) ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्थान के संस्थापक के रूप में अपने अनुभव साझा किए तथा कॉलेज जीवन में सफलता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रेरणा दी। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

डिग्री के साथ व्यक्तित्व विकास पर जोर

संस्थान के सहसंचालक वरदान शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कॉलेज जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास, ज्ञान अर्जित करने और अपने करियर की मजबूत नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संचार कौशल, नेतृत्व क्षमता एवं नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष जोर दिया।

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शैक्षणिक गतिविधियों और सुविधाओं से कराया अवगत

सहसंचालक उमेश शर्मा ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, विभिन्न विषयों, उपलब्ध सुविधाओं तथा भविष्य में रोजगार एवं करियर के अवसरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समस्त विषयों के विभागाध्यक्षों के साथ उपस्थित प्राध्यापकों द्वारा छात्र-छात्राओं को विषय सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जो उनके अध्ययन में पूरे वर्ष उपयोगी रहेगी।

बदलते करियर ट्रेंड्स पर भी हुई चर्चा

संस्था के निदेशक डॉ. लोकेन्द्र विक्रम सिंह ने ‘उत्कर्ष 2026’ ओरिएंटेशन प्रोग्राम के दौरान विद्यार्थियों के साथ अपने व्यापक शैक्षणिक एवं क्षेत्रीय अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप भविष्य के अवसरों को पहचानने एवं उन्हें प्रभावी ढंग से हासिल करने के लिए प्रेरित और मार्गदर्शित किया।

उन्होंने बीटेक, बीबीए, एमबीए, बीएससी माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी सीड टेक्नोलॉजी एवं बीए एलएलबी ऑनर्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके करियर विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए उपयोगी जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने जेन जी, जेन अल्फा और मिलेनियल्स की विशेषताओं तथा बदलते करियर रुझानों पर भी विद्यार्थियों के साथ अपने विचार साझा किए।

संचालन प्रो. अंशिता शर्मा, प्रो. मनीषा राठौर एवं प्रो. टीना हसले ने किया। अतिथियों, शिक्षकों, अनुशासन समिति एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों का आभार डीन एकेडमिक प्रो. गोविन्द झंवर ने व्यक्त किया।

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Mon, 24 Aug 2026 21:13:52 +0530 Niraj Kumar Shukla
आभार पर मिली नसीहत ! नगर निगम के नवनियुक्ति एल्डरमैन को मंत्री चेतन्य काश्यप ने कराया जिम्मेदारी का अहसास, जनसमस्याओं की सूची बनाकर कराएं समाधान https://acntimes.com/ratlam-alderman-chaitanya-kashyap-public-problems https://acntimes.com/ratlam-alderman-chaitanya-kashyap-public-problems एसीएन टाइम्स @ रतलाम । नगर निगम में राज्य शासन द्वारा नियुक्त किए गए नवनियुक्त एल्डरमैन ने कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप से मुलाकात कर नियुक्ति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय की मौजूदगी में हुई मुलाकात में काश्यप ने सभी एल्डरमैन का अंगवस्त्र से स्वागत कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी एल्डरमैन को जनसमस्याओं की सूची बनाकर समाधान करने की नसीहत दी।

मंत्री काश्यप ने एल्डरमैन को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराते हुए कहा कि नगर निगम में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पार्षद के रूप में एल्डरमैन को जनता से सीधे जुड़े कामों को प्राथमिकता देना चाहिए। पेंशन, नामांतरण, लाइसेंस और अनुमति जैसे कार्यों में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए एल्डरमैन इनसे संबंधित समस्याओं की सूची तैयार कर उनके निराकरण के लिए तत्परता से काम करें।

काश्यप ने कहा कि पार्टी ने एल्डरमैन का चयन गंभीरता से किया है और इसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने का उद्देश्य संगठन की नींव को और मजबूत करना है।

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मुख्यमंत्री की योजनाओं को जमीन पर पहुंचाने की अपील

मंत्री काश्यप ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में ऐसे कई काम तेजी से हुए हैं, जो वर्षों से लंबित थे। उन्होंने अपने एमएसएमई विभाग के माध्यम से उद्योगों को सब्सिडी राशि के वितरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा प्रदेश का तीव्र गति से विकास करने की है। ऐसे में एल्डरमैन भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ जनता तक पहुंचाने में भागीदारी सुनिश्चित करें।

इन एल्डरमैन ने किया स्वागत

मुलाकात की शुरुआत में नवनियुक्त एल्डरमैन हेमंत राहोरी, राकेश परमार, गोपाल शर्मा, राकेश मिश्रा, पूजा बोहरा, प्रभु नेका एवं नारायण सांकला आदि ने पुष्पमाला पहनाकर मंत्री काश्यप का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री जयवंत कोठारी, आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, मंडल अध्यक्ष सोना शर्मा, संदीप मौर्य सहित अन्य उपस्थित रहे।

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Mon, 24 Aug 2026 20:14:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
ईद&ए&मिलाद&उन&नबी पर 26 अगस्त को निकलेगा जुलूस, पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक रूट प्लान जारी, 19 मार्ग रहेंगे परिवर्तित और 4 इलाके नो&व्हीकल जोन https://acntimes.com/eid-milad-un-nabi-traffic-route-ratlam https://acntimes.com/eid-milad-un-nabi-traffic-route-ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर 26 अगस्त को रतलाम में जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस सुबह 8 बजे आबकारी चौराहे से शुरू होकर निर्धारित मार्गों से होते हुए वापस आबकारी चौराहे पर समाप्त होगा। जुलूस के दौरान आमजन की सुविधा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रतलाम यातायात पुलिस ने मार्ग डायवर्जन, नो व्हीकल जोन और भारी वाहनों के लिए अलग डायवर्जन प्वाइंट निर्धारित किए हैं।

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ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस का रूट आबकारी चौराहा से जुलूस प्रारंभ होगा। यह हरदेवलाला की पीपली, तोपखाना, गणेश देवरी, डालूमोदी, महलवाड़ा, गणेश मंदिर, सूरजपोल, मोचीपुरा, अजाक थाना, हाथीखाना, मेहंदीकुई बालाजी, छत्रीपुल, स्टेशन रोड थाना, दोबत्ती चौराहा, न्यू रोड, लोकेन्द्र टॉकीज, शहर सराय, शहीद चौक होते हुए वापस आबकारी चौराहे पर समाप्त होगा।

रतलाम पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान लागू किए जाने वाले यातायात मार्ग डायवर्जन में सहयोग करें और असुविधा से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

जुलूस के दौरान इन 19 मार्गों पर रहेगा डायवर्जन

  1. सैलाना बस स्टैंड से शहीद चौक की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का जुलूस के दौरान मार्ग परिवर्ति रहेगा।
  2. बाजना बस स्टैंड से हाट की चौकी एवं आबकारी चौराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  3. नवकार नमकीन से तोपखाना की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  4. चांदनी चौक से तोपखाना की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  5. घास बाजार से डालूमोदी की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  6. नाहरपुरा तिराहा से डालूमोदी की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  7. नगर निगम तिराहा से महलवाड़ा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  8. चार चक्की चौराहा से शेरानीपुरा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  9. हाथीखाना से मोचीपुरा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  10. प्रतापनगर ब्रिज से शेरानीपुरा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  11. कॉन्वेंट तिराहा से शेरानीपुरा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  12. एलएमएल तिराहा से कोर्ट तिराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  13. मेहंदीकुई बालाजी मंदिर से कोर्ट तिराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  14. महाराजा सज्जन सिंह स्टेच्यू चौराहा से स्टेशन रोड थाना की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  15. सैलाना बस स्टैंड से दोबत्ती चौराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  16. लोकेन्द्र टॉकीज से दोबत्ती चौराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  17. आरोग्यम हॉस्पिटल से लोकेन्द्र टॉकीज की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  18. सैलाना बस स्टैंड से लोकेन्द्र टॉकीज की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग डायवर्ट रहेगा।
  19. सैलाना बस स्टैंड से शहर सराय की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का मार्ग डायवर्ट रहेगा।

चार स्थानों पर रहेगा नो व्हीकल जोन

  1. नवकार नमकीन से हाट की चौकी और आबकारी चौराहा तक नो व्हीकल जोन रहेगा।
  2. शहर सराय से शहीद चौक और आबकारी चौराहा तक नो व्हीकल जोन रहेगा।
  3. हरदेवलाला की पीपली से आबकारी चौराहा तक नो व्हीकल जोन रहेगा।
  4. दोबत्ती चौराहा से न्यू रोड, लोकेन्द्र टॉकीज और शहर सराय तक नो व्हीकल जोन रहेगा।

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भारी वाहनों के लिए डायवर्जन प्वाइंट

  1. बंजली तिराहा से अलकापुरी और राम मंदिर की ओर आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों का जुलूस के दौरान मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  2. वरोठ माता मंदिर से वन विहार, बाजना बस स्टैंड की ओर आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  3. प्रतापनगर ब्रिज से दोबत्ती चौराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।
  4. करमदी से चामरियाना नाका की ओर आने वाले सभी प्रकार के भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा।

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Mon, 24 Aug 2026 19:33:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
पिकनिक में मातम ! पैराडाइस वैली में निजी स्कूल के एक छात्र और दो शिक्षकों की डूबने से मौत, रतलाम प्रेस क्लब के साथियों ने छात्रा को पहुंचाया अस्पताल https://acntimes.com/paradise-valley-student-teachers-drowning https://acntimes.com/paradise-valley-student-teachers-drowning एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम-जावरा मार्ग से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम चिल्लर के पास स्थित पैराडाइज वैली में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया है। यहां पिकनिक मनाने पहुंचे जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के एक छात्र और दो शिक्षकों की पानी में डूबने से मौत हो गई। एक छात्रा को सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। छात्रों को अस्पताल पहुंचाने में रतलाम प्रेस क्लब के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जानकारी के अनुसार जावरा के मन्सापूर्ण रोड स्थित त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के प्राचार्य संदीप सक्सेना, शिक्षक शिवम राठौर, विजय सिंह राठौर, प्रिंस मोदी, परवेज खान और लेखापाल विजेंद्र सिंह रविवार सुबह करीब 10.30 बजे म्यूजिकल क्लास के 14 छात्र-छात्राओं के साथ पैराडाइज वैली पहुंचे थे। इनमें 7वीं से 12वीं तक की कक्षा के विद्यार्थी शामिल थे। दोपहर करीब 2.30 बजे कुछ विद्यार्थी पानी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान तीन-चार बच्चे पानी की ओर चले गए। पैर फिसलने से कक्षा 7वीं का छात्र हर्षित पाटीदार निवासी उपरवाड़ा और कक्षा नौवीं की छात्रा खुशी निवासी जावरा गहरे पानी की ओर जाने लगे।

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छात्र को डूबते देख शिक्षक भी उतर गए पानी में लेकिन...

खुशी को डूबता देख वहां मौजूद लोगों ने तत्काल प्रयास किए और उसे बाहर निकाल लिया गया। इसी दौरान हर्षित गहरे पानी की ओर चला गया और डूबने लगा। यह देख उसे बचाने के लिए शिक्षक विजय सिंह (40) निवासी तिलक नगर, जावरा और शिक्षक प्रिंस मोदी (22) निवासी खारीवाल कॉलोनी, जावरा पानी में उतर गए। हर्षित को बचाने की कोशिश में दोनों शिक्षक भी गहरे पानी में चले गए और डूब गए।

ग्रामीणों और मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने तीनों को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें रतलाम स्थित डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने छात्र हर्षित पाटीदार और दोनों शिक्षकों प्रिंस मोदी और विजय सिंह को मृत घोषित कर दिया।

छात्रा खुशी की जान बचाने के लिए रतलाम प्रेस क्लब के सदस्य दिलजीत सिंह मान और नवीन टांक उल्लेखनीय सक्रियता दिखाई। उन्होंने एम्बुलेंस या अन्य वाहन का इंतजार करने के बजाय अपनी अपनी मोटरसाइकिल से समय पर जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है।

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पैर फिसलने से पानी में गिरे विद्यार्थी

स्कूल प्राचार्य संदीप सक्सेना ने मीडिया को बताया कि बच्चे पानी के पास खेल रहे थे। पैर फिसलने के कारण तीन बच्चे पानी में चले गए थे। शिक्षकों ने दो बच्चों को किनारे पर ही पकड़ लिया था, लेकिन हर्षित गहरे पानी में चला गया। उसे निकालने के प्रयास में शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर भी पानी में चले गए और हादसे का शिकार हो गए।

स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

  • पिकनिक पर 14 विद्यार्थी और स्कूल स्टाफ गया था। ऐसे में गहरे पानी वाले स्थान पर विद्यार्थियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे?
  • क्या घटनास्थल पर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र चिह्नित किया गया था?
  • क्या पानी के पास जाने से रोकने के लिए पर्याप्त निगरानी रखी गई थी?
  • क्या विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक मौजूद थे?
  • क्या स्कूल ने पिकनिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था और पानी की गहराई का पहले आकलन किया था?
  • क्या गहरे पानी वाली जगह पर ले जाने से पहले संस्थान द्वारा बच्चों से यह पूछा गया था कि उन्हें तैरना आता है ?
  • क्या शिक्षकों को तैरना आता था ?
  • अगर बच्चों और शिक्षकों को तैरना नहीं आता था तो फिर ऐसी जगह ले जाना क्या सही है ?
  • क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए स्कूल के पास कोई पूर्व निर्धारित सुरक्षा योजना थी?

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पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस के अनुसार मौके पर मौजूद शिक्षकों से घटना की जानकारी ली गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। हादसे की परिस्थितियों और स्कूल की ओर से की गई सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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Sun, 23 Aug 2026 23:08:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
बस में सराफा व्यापारी से लूट मामले में फरार 8वां आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों को दी थी पनाह, 80 लाख के जेवर बरामद https://acntimes.com/ratlam-bullion-robbery-absconding-accused-arrested-gold-silver-recovered https://acntimes.com/ratlam-bullion-robbery-absconding-accused-arrested-gold-silver-recovered एसीएन टाइम्स @ रतलाम। बिलपांक थाना क्षेत्र में सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपए की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी गौरव पिता भागीरथ गुर्जर, निवासी हरसोला, इंदौर को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों को पनाह देने वाले गुर्जर के कब्जे और निशानदेही पर करीब 80 लाख रुपए कीमत के जेवर बरामद किए हैं।

घटना 13 अगस्त 2026 की रात की है। रतलाम के जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी अर्पित पिता ललित कुमार चौरड़िया बड़नगर में व्यापारिक काम पूरा करने के बाद बस से रतलाम लौट रहे थे। रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच हनुमान चौकी, उमरथाना फंटा क्षेत्र में आरोपियों ने बस में व्यापारी के साथ मारपीट की और आभूषणों से भरा बैग लूट लिया था। शिकायत पर बिलपांक थाने में अपराध क्रमांक 534/2026, धारा 309(6) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर डकैती और आपराधिक षड्यंत्र की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

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300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले

करोड़ों की लूट की वारदात को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देशन में विशेष टीमें गठित की गईं थीं। पुलिस टीमों ने घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक विभिन्न मार्गों पर लगे 300 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। साइबर तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी पुलिसिंग के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। मामले में पूर्व में 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इनके कब्जे से 4.167 किलोग्राम सोने के 238 नग जेवरात तथा 4.047 किलोग्राम चांदी के 183 नग जेवरात, डिब्बों सहित बरामद किए जा चुके हैं।

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502 ग्राम सोने और 1 किलो 270 चांदी के जेवर बरामद

लूट के आरोपियों का पनाह देने वाला आरोपी गौरव पिता भागीरथ गुर्जर, निवासी हरसोला, इंदौर वारदात के बाद से फरार था। गौरव की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम लगातार उसकी तलाश कर रही थी। शनिवार सुबह तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने इसे भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की निशानदेही पर उसके हिस्से आए करीब 80 लाख रुपए के आभूषण भी बरामद हुए हैं। इनमें 502 ग्राम सोने और 1.270 किलो चांदी के जेवल शामिल हैं। पुलिस आरोपी से लूट की वारदात में उसकी भूमिका, अन्य संलिप्तता और शेष लूटे गए मशरूके के संबंध में पूछताछ कर रही है। बता दें कि वारदात का मास्टर माइंड व्यापारी का पूर्व कर्मचारी ही था।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

फरार आरोपी की गिरफ्तारी और लूटे गए मशरूके की बरामदगी में निरीक्षक अय्यूब खान (थाना प्रभारी बिलपांक), प्रधान आरक्षक राहुल जाट, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र चावड़ा, प्रधान आरक्षक नीलेश पाठक, प्रधान आरक्षक दिलीप रावत, आरक्षक संजय सोनी, आरक्षक रोशन राठौर और आरक्षक माखन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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Sat, 22 Aug 2026 22:21:44 +0530 Niraj Kumar Shukla
बड़ा हादसा ! सरकारी अस्पताल के एनआईसीयू में आधी रात को वार्मर में लगी आग, तीन नवजात झुलसे; एक बच्ची की इलाज के दौरान मौत https://acntimes.com/chhindwara-nicu-fire-newborn-death https://acntimes.com/chhindwara-nicu-fire-newborn-death पीडियाट्रिक सर्जन नहीं होने से बच्ची को जबलपुर किया गया था रैफर

एसीएन टाइम्स @ छिंदवाड़ा । जिला अस्पताल से दिल-दहला देन वाली घटना सामने आई है। यहां आधी रात को नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) के वार्मर में आग लगने से तीन नवजात बच्चे झुलस गए। अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जन नहीं होने से एक बच्ची को जबलपुर रैफर किया गया था लेकिन उसकी मौत हो गई। जान गंवाने वाली बच्ची का जन्म हादसे से महज कुछ घंटे पहले ही हुआ था। 

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जिस अस्पताल में जिंदगी बचाने की उम्मीद लेकर परिवार अपने नवजात बच्चों को सौंपते हैं, उसी अस्पताल में होने वाले हादसे उनकी जान ले लेते हैं। मामला जिला मुख्यालय पर स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का है। यहां की नवजात एनआईसीयू में शनिवार देर रात वॉर्मर मशीन में आग लग गई। हादसे में वार्मर में रखे तीन नवजात झुलस गए। इनमें रात 10 बजे जन्मी एक बच्ची शामिल है जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। झुलसे दोनों बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, इनकी उम्र 6 से 12 दिन है। जिस समय हादसा हुआ एनआईसीयू में लगभग 30 नवजात बच्चे और 3 लोगों का स्टाफ था।

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बताया जा रहा है कि वॉर्मर में स्पार्किंग के बाद आग लगी। कुछ ही पलों में आग की लपटों ने उपकरण को अपनी चपेट में ले लिया। एनआईसीयू में मौजूद स्टाफ ने तत्काल स्थिति संभालने का प्रयास किया और झुलसे नवजातों को उपचार दिया। महज चार घंटे पहले जन्मी बच्ची की स्थिति ज्यादा नाजुक होने से जिसे जिले में पीडियाट्रिक सर्जन नहीं होने के कारण जबलपुर के मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

रात 2 बजे हुआ हादसा

जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने मीडिया को बताया कि हादसा रात करीब दो बजे हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वॉर्मर के फिलामेंट में स्पार्किंग होने के कारण आग लगी। अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

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फायर सेफ्टी इंतजामों पर उठ रहे सवाल

इस हादसे ने अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और फायर सेफ्टी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर एनआईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में, जहां नवजात बच्चे पूरी तरह अस्पताल की व्यवस्था और मशीनों पर निर्भर होते हैं। वहां सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक बेहद गंभीर परिणाम दे सकती है। सवाल सिर्फ इस हादसे की जांच का नहीं है, बल्कि यह भी है कि प्रदेश के अस्पतालों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम कितने पुख्ता हैं। एक नवजात की मौत ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है और दो मासूम अब भी जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में इस हादसे की जांच और जिम्मेदारी तय होने के साथ-साथ अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा भी जरूरी हो गई है।

विधानसभा में उठा मामला

छिंतवाड़ा की घटना को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अस्पताल इलाज और जीवन बचाने का भरोसा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में अस्पताल ही जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रदेश के सभी अस्पतालों का तत्काल फायर ऑडिट कराने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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Sat, 22 Aug 2026 21:15:02 +0530 Niraj Kumar Shukla
IMD Rain Alert ! 23 से 28 अगस्त तक कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, MP समेत इन इलाकों के लिए अलर्ट जारी https://acntimes.com/imd-rain-alert-august-23-to-28-heavy-rain-mp-delhi-up https://acntimes.com/imd-rain-alert-august-23-to-28-heavy-rain-mp-delhi-up दिल्ली-NCR से दक्षिण भारत तक बदलेगा मौसम का मिजाज, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी

एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । मानसून के बीच देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बेहद सक्रिय रहने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 23 से 28 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।

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उत्तर-पश्चिम भारत में भी 23 अगस्त को मौसम तेजी से बदल सकता है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के साथ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 अगस्त को छिटपुट भारी बारिश हो सकती है, जबकि 23 से 25 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के आसार हैं।

मध्य भारत में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 से 26 अगस्त तक व्यापक बारिश, आंधी और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इस अवधि में भारी बारिश के आसार हैं। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 अगस्त के दौरान मध्य भारत के अन्य हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 23 से 28 अगस्त तक बारिश का दौर बना रहेगा। 23 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 24 से 28 अगस्त के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है। विदर्भ में भी 23 से 25 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 23-24 अगस्त को भारी वर्षा की संभावना है।

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पहाड़ी राज्यों में कई दिन खराब रहेगा मौसम

उत्तराखंड में 23 से 28 अगस्त तक बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली का दौर जारी रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 23 अगस्त को व्यापक बारिश तथा 24 से 28 अगस्त के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी 23 से 28 अगस्त तक रुक-रुककर बारिश जारी रहने की संभावना है।

बिहार में आंधी के साथ बिजली गिरने का अलर्ट

बिहार में 23 अगस्त को मौसम विशेष रूप से सतर्क रहने वाला रहेगा। IMD ने तेज आंधी के साथ मध्यम से गंभीर स्तर की आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। 24 से 27 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है।

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ओडिशा, बंगाल और झारखंड में भी सक्रिय रहेगा मानसून

ओडिशा में 23 से 28 अगस्त तक अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 24 से 26 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 और 24 अगस्त को तेज बारिश हो सकती है। झारखंड में 23 से 28 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। यहां 23 और 24 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।

पूर्वोत्तर में 23 से 28 अगस्त तक बारिश का असर

पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। असम और मेघालय में 23 अगस्त तथा 26 से 28 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 23 से 28 अगस्त तक भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश में 26 से 28 अगस्त के दौरान भारी वर्षा हो सकती है।

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महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिश की संभावना

कोंकण और गोवा में 23 से 28 अगस्त के दौरान अधिकांश इलाकों में व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है। गुजरात रीजन, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में इसी अवधि के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश हो सकती है।

कर्नाटक और केरल में भारी बारिश का अलर्ट

केरल, माहे और लक्षद्वीप में 23 से 28 अगस्त के बीच बारिश का दौर रहेगा। 23 से 25 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। तटीय कर्नाटक में पूरे सप्ताह बारिश जारी रहने का अनुमान है, जिसमें 23 और 24 अगस्त को भारी वर्षा का अलर्ट है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 23-24 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 23-24 अगस्त को तेज सतही हवाओं, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंके चलने की चेतावनी है।

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तमिलनाडु, आंध्र और तेलंगाना में तेज हवाओं के साथ बारिश

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 24 और 25 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 22 से 25 अगस्त तक 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं तथा गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 23 से 26 अगस्त तक तेज सतही हवाओं के साथ 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तेलंगाना में 23 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 23 से 26 अगस्त तक 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

समुद्र में भी खराब मौसम, मछुआरों को सावधानी

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास 35 से 60 किमी प्रति घंटे तक की हवाएं चल सकती हैं। मन्नार की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में हवा की गति 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अरब सागर के पश्चिम-मध्य हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ इलाकों में 26 अगस्त तक समुद्र में जाने से मना किया गया है। उत्तर अरब सागर के कुछ हिस्सों में 25 अगस्त और पूर्व-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 24 अगस्त तक स्थिति खराब रहने की संभावना है।

केरल, लक्षद्वीप और कोमोरिन क्षेत्र के तटीय इलाकों में 23 से 26 अगस्त के दौरान मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

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Sat, 22 Aug 2026 19:54:27 +0530 Niraj Kumar Shukla