WWW.ACNTIMES.COM & : राष्ट्रीय https://acntimes.com/rss/category/National WWW.ACNTIMES.COM & : राष्ट्रीय en Copyright @ ACNTIMES.COM | All Rights Reserved | Webmaster : HARSH SHUKLA बड़ी खबर ! जज की पत्नी की ट्रेन के टॉयलेट में मौत, दरवाजा तोड़कर निकाला शव, जोधपुर से निंबाहेड़ा जा रहे थे दंपती https://acntimes.com/Jjudges-wife-dies-in-train-toilet https://acntimes.com/Jjudges-wife-dies-in-train-toilet एसीएन टाइम्स @ रतलाम। कांचीगुड़ा - भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेन क्रमांक 17606 के टॉयलेट में एक जज की पत्नी की मौत होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घटना के वक्त जज भी ट्रेन में ही सफर कर रहे थे। टॉयलेट का दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला गया।

जानकारी के अनुसार राजस्थान अतिरिक्त जिला जज राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा चौहान कांचीगुड़ा - भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेन क्रमांक 17606 से जोधपुर से निंबाहेड़ा जा रहे थे। दोनों अलग-अलग अनारक्षित कोच में थे। ट्रेन निंबाहेड़ा पहुंचने से पहले उषा चौहान ने पति को मोबाइल फोन पर कॉल किया। उन्होंने बताया कि वे वॉशरूम (टॉयलेट) जा रही हैं। कुछ देर बाद ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पर रुकती तो जज चौहान नीचे उतर गए, लेकिन पत्नी कोच से नहीं आईं।

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रेलवे पुलिस को दी सूचना

पत्नी ट्रेन से नहीं उतरीं तो जज को चिंता हुई। उन्होंने रेलवे पुलिस को सूचना दी। रेलवे पुलिस ने ट्रेन को मंदसौर में रुकवाया। वहां भी उषा का पता नहीं चला। कुछ देर बाद ट्रेन चल दी। इससे जज की चिंता और बढ़ गई। बाद में पुलिस ने उषा के मोबाइल लोकेशन निकाली तो वह ट्रेन में ही पता चली। इससे जावरा में ट्रेन रुकवा कर पुलिस ने टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा तो सब दंग रह गए।अंदर उषा चौहान का शव पड़ा था। शव को सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने साइलेंट अटैक से मौत की आशंका जताई।

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Thu, 05 Mar 2026 15:50:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
जानलेवा हमले में घायल Ex. मुस्लिम सलीम वास्तिक की हालत गंभीर, CM योगी बोले& UP में आतंक की जगह, कानून अपना काम करेगा https://acntimes.com/ex-muslim-salim-wastik-attacked-condition-critical-cm-yogi-takes-cognizance https://acntimes.com/ex-muslim-salim-wastik-attacked-condition-critical-cm-yogi-takes-cognizance यूट्यूबर बेटे ने AIMIM नेता अजगर सहित पांच के विरुद्ध दर्ज करवाई FIR

एसीएन टाइम्स @ लखनऊ / दिल्ली / गाजियाबाद । उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र निवासी एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक वारसी पर अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला कर गंभीर घायल कर दिया है। हमला उनके घर में घुसकर उनकी गर्दन और पेट पर अनेक वार किए। पुलिस ने सलीम के पुत्र उस्मान की शिकायत पर लोनी पुलिस ने AIMIM नेता असगर, भाटी बिल्डर, अशरफ, शाहरुख और सोनू नामक व्यक्तियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में आतंक की कोई जगह नहीं है, कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

सलीम वास्तिक पिता नूर हसन (50 वर्ष) गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के अली गार्डन इलाके में रहते हैं। शुक्रवार को अशोक विहार कॉलोनी में दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाशों ने उन पर धारदार हथियार से गर्दन पर हमला कर दिया था। इसमें सलीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां से उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल रैफर कर दिया गया था। घटना के बाद से हिन्दू और सनातनी संगठनों में रोष व्याप्त है। उन्होंने अस्पताल के बाहर धरना दिया और ईश्वर से घायल सलीम के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

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मुख्यमंत्री योगी ने लिया संज्ञान

सलीम वास्तिक पर हुए हमले को लेकर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सीएम ऑफिस से जारी एक बयान में कहा गया कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी। यूपी में आतंक या भय का माहौल बनाने की कोशिश करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। कानून अपना काम करेगा और प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

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खंगाल रहे सीसीटीवी फुटेज

लोनी के सहायक पुलिस आयुक्त सिद्धार्थ गौतम के अनुसार 27 फरवरी को सुबह करीब 8 बजे डॉयल 112 के माध्यम से लोनी थाने पर सूचना मिली थी। बताया गया था कि अली गार्डन क्षेत्र में एक व्यक्ति को दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। तत्काल लोनी पुलिस फील्ड यूनिट के साथ मौके पर पहुंची। इसमें पता चला कि घायल व्यक्ति सलीम पिता नूर हसन उम्र करीब 50 वर्ष निवासी अली गार्डन निठौरा रोड कस्बा चौकी क्षेत्र के निवासी हैं। उनके पुत्र द्वारा 5 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

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समाज की कुरीतियों पर वीडियो बनाने पर मिलती थीं धमकियां

बता दें कि, सलीम वास्तिक एक चर्चित यू-ट्यूबर हैं। उनका सलीम वास्तिक 0007 नाम से यू-ट्यूब और इंस्टाग्राम पर चैनल भी है। इन दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर क्रमशः 28 हजार और 26 हजार फॉलोवर्स भी हैं। उन्होंने खुद एक्स मुस्लिम (Ex-Muslim) घोषित कर रखा है। सलीम प्रायः समाज में व्याप्त कुरीतियों को लेकर वीडियो बनाते हैं। उनके ज्यादातर वीडियो और पॉडकास्ट की ज्यादातर विषयवस्तु इस्लाम धर्म से जुड़ी होती है। यही वजह है कि उन पर पूर्व में भी कई बार हमले हो चुके हैं और प्रायः धमकियां भी मिलती रहती हैं।

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Sat, 28 Feb 2026 19:07:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
AI पर सरकारी पहरा ! AI से कंटेंट बनाने वाले पहले जान लें IT नियमों में हुए ये बदलाव, वरना जान पड़ सकता है जेल https://acntimes.com/ai-it-rules-2026-synthetic-content-guidelines-india https://acntimes.com/ai-it-rules-2026-synthetic-content-guidelines-india एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंट (AI) के उपयोग के साथ ही इसका दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ा है। इस पर नकेल कसने के लिए केंद्र सरकार ने आईटी एक्ट के नियमों और प्रावधानों में व्यापक बदलाव किया है। 20 फरवरी 2026 से प्रभावशील भी हो गया है। इसलिए, यदि आप AI का उपयोग कर कॉन्टेंट क्रिएट कर रहे हैं तो सावधानी बरतें और सरकारी गाइडलाइन का पालन करें अन्यथा जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

केंद्र सरकार द्वारा एआई से तैयार डिजिटल कंटेंट के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दे हैं। इसके लिए सरकार ने गत 10 फरवरी 2026 को ही नोटिफिकेशन जारी कर दिया था जो प्रभावशील भी हो गया है। इसके अनुसार अगर कोई यूजर AI की मदद से फोटो, वीडियो अथवा ऑडियो तैयार करता है तो उसे उस पर यह लेवल अनिवार्य रूप से लगाना होगा कि- यह AI जनरेटेड है। अब यदि सोशल मीडिया पर किसी प्रकार का आपत्तिजनक अथवा गैर-कानूनी कंटेंट पोस्ट किया जाता है और उसकी शिकायत होती है तो उसे तत्काल हटाना पड़ेगा। ऐसा कंटेंट हटाने के लिए सिर्फ 3 घंटे की समय सीमा नियत की गई है। पहले ऐसा कंटेंट हटाने के लिए 36 घंटे तक की मोहलत मिलती थी।

सिंथेटिक समाग्री के लिए भी है नियम

भारत सरकार के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना-प्रौद्योगिकी कानून-2000 की धारा 87 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम-2021 में बदलाव किया है। इसमें न सिर्फ AI से तैयार कंटेंट बल्कि सिंथेटिक यानी संपादित किए गए ओरिजनल कंटेंट को लेकर परिभाषित भी किया गया है। इसके अनुसार 'सिंथेटिक रूप से उत्पन्न जानकारी' (Synthetic Generated Information) को  SGI नाम दिया गया है। इसमें ऐसी ऑडियो, विजुअल या ऑडियो-विजुअल सामग्री शामिल होगी जो एल्गोरिदम अथवा Ai के माध्यम से बनाई गई हो या फिर बदली गई हो जो वास्तविक व्यक्तियों या घटनाओं की तरह ही दिखती हो। इसका आशय डीपफेक एडिटेड अथवा डिजिटली एडिटेड तस्वीरें या वीडियो से है।

अब यह करना होगा यूजर्स को

  • अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को यूजर्स से अनिवार्य रूप से इस बात का घोषणा (सत्यापन) लेना होगी कि उनके द्वारा अपलोड की गई सामग्री AI से तैयार की गई है या नहीं।
  • यूजर्स को कंटेंट अपलोड करते समय खुद ही इसकी घोषणा करनी होगी कि वह AI से तैयार किया गया है या नहीं।
  • अब कंटेंट की प्रकृति को लेकर सच बोलने की जिम्मेदारी सीधे तौर पर यूजर्स की होगी। इसकी जांच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तकनीकी उपकरणों के माध्यम से कर सकेंगे।
  • अब यूजर्स ऐसे लेबल अथवा स्थायी मेटाडाटा (provenance markers) को हटा, दबा या उनसे छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे जो AI की पहचान के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा लगाए जाते हैं।
  • सभी प्लेटफॉर्म को अब यूजर को नियमों का उल्लंघन करने या AI का गलत इस्तेमाल करने पर सजा भुगतने की चेतावनी भी देनी पड़ेगी। ऐसी चेतावनी तीन माह में कम से कम एक बार देना जरूरी हो गया है।
  • सभी प्लेटफॉर्म्स को बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM), गैर-सहमति वाली अंतरंग तस्वीरें (NCII), और धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले डीपफेक को रोकने के लिए ऑटोमैटिक एआई फिल्टर भी लगाना होंगे।

ये कार्रवाई है संभावित

  • सरकार या अदालत के आदेश के बाद प्लेटफॉर्म को अवैध AI सिंथेटिक सामग्री महज 3 घंटे के अंदर हटाना होगी। वहीं न्यूडिटी या यौन सामग्री हटाने के लिए मात्र 2 घंटे का समय नियत है।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर यूजर का अकाउंट निलंबित हो सकता है।
  • उल्लंघनकर्ता के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), बाल संरक्षण (पॉक्सो) और चुनाव कानूनों के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज हो सकता है।
  • अगर कोई व्यक्ति AI के माध्यम से कोई अवैध कार्य अथवा अपराध करता है तो संबंधित प्लेटफॉर्म को पीड़ितों या कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे यूजर की पहचान भी बतानी होगी।
  • अगर कोई प्लेटफॉर्म नियमों का पालन करने अथवा समय पर सामग्री हटाने में असफल रहता है तो उसे अब 'सेफ हार्बर' नियम (धारा 79) के तहत कोई राहत नहीं मिलेगी यानि अब उसे ही नियमों के उल्लंघन और अपराध के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।
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Sat, 21 Feb 2026 02:40:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
विचारणनीय प्रश्न ! माफियाओं के इस दौर में मीडियाकर्मियों के लिए आचार संहिता क्यों जरूरी है ? https://acntimes.com/media-persons-and-the-need-for-a-code-of-conduct-sharad-joshi https://acntimes.com/media-persons-and-the-need-for-a-code-of-conduct-sharad-joshi शरद जोशी

लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाला मीडिया आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। जहाँ कभी पत्रकारिता में सत्ता से सवाल करने का साहस थी, वहाँ आज कई मंचों पर वह सत्ता की भाषा बोलती दिखाई देने लगी है।

ऐसे समय में मीडियाकर्मियों के लिए आचार संहिता (Code of Conduct) की आवश्यकता औपचारिक नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की अनिवार्य शर्त बन चुकी है। आज समाचार सिर्फ सूचना नहीं रहे, वे प्रोडक्ट बन गए हैं। टीआरपी, व्यूज और लाइक्स की दौड़ में कई बार सत्य पीछे छूट जाता है और सनसनी आगे निकल जाती है। अधूरी, अपुष्ट और भ्रामक खबरें समाज में भ्रम, डर और तनाव पैदा कर रही हैं।

ऐसी स्थितियों में आचार संहिता पत्रकार को यह याद दिलाती है कि उसका पहला दायित्व जनता के प्रति है, न कि किसी सत्ता, दल या विज्ञापनदाता के प्रति। फेक न्यूज आज केवल अफवाह नहीं, बल्कि सामाजिक विघटन का हथियार बन चुकी है। भीड़ हिंसा, सांप्रदायिक तनाव और चरित्र हनन जैसी घटनाओं की जड़ में कई बार मीडिया की गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग रही है।

आचार संहिता पत्रकार को बाध्य करती है कि वह तथ्य जांचे, दोनों पक्ष सुने और पुष्टि के बिना कोई सामग्री प्रसारित न करे। रिपोर्टिंग के नाम पर पीड़ितों की तस्वीरें दिखाना, बच्चों और महिलाओं की पहचान उजागर करना तथा निजी दुख को सार्वजनिक तमाशा बना देना यह सब मानवीय गरिमा पर हमला है। आचार संहिता पीड़ितों की निजता और सम्मान की रक्षा की स्पष्ट सीमा तय करती है।

आज मीडिया पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव भी बढ़े हैं। जिस प्रकार धनबल के सहारे कतिपय लोग सत्ता और संगठन के  द्वार पंहुच रहे है उसी तरह  मीडिया  जगत में भी इन्ही लोगों का बोल बाला बडता जा रहा है।

इसी तरह इनके साथ ही विभिन्न माफियाओं की घुसपैठ भी मीडिया और मीडिया संगठनों में बढ़ रही है जिससे ईमानदार और जनहित का संकल्प लेकर कार्य करने वाले मीडियाकर्मियों में हताशा और निराशा भाव उत्पन्न हो रहा है। यह लोकतान्त्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए घातक ही सिद्ध होगा। इस पर गंभीरत से चिंतन मनन करने की आवश्यकता है।

यह भी गौर करने की बात है कि आज सरकारी विज्ञापन, कॉरपोरेट फंडिंग और सत्ता समीकरण कई बार खबर की दिशा तय करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।

आचार संहिता पत्रकार को नैतिक कवच देती है ताकि वह दबाव में नहीं, सिद्धांतों पर काम कर सके। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आचार संहिता जवाबदेही तय करती है। गलत, भ्रामक और समाज को नुकसान पहुँचाने वाली पत्रकारिता पर कार्रवाई संभव हो यही लोकतंत्र की बुनियाद है। आचार संहिता मीडिया की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं, बल्कि उसकी विश्वसनीयता की गारंटी है। क्योंकि बिना मर्यादा के स्वतंत्रता, अराजकता बन जाती है।

(लेखक रतलाम के वरिष्ठ पत्रकार, लेखक हैं। आप रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और सहकारिता सहित तमाम संगठनों में प्रमुख पदों का दायित्व संभाल चुके हैं)
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Fri, 13 Feb 2026 17:52:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
जन्म वर्ष&गांठ विशेष ! नन्दराम से बालकवि तक : बकलम खुद https://acntimes.com/nandram-to-balKavi-bairagi-birthday-special https://acntimes.com/nandram-to-balKavi-bairagi-birthday-special (अपनी आयु के 60 वर्ष पूरे करने के प्रसंग पर बकलम खुद)

दादा श्री बालकवि बैरागी की आज छियानवेवीं जन्म तारीख और पिच्यानवेवी जन्म वर्ष-गाँठ है। दादा हम सबके बीच होते तो आज अपनी उम्र के 96वें बरस में प्रवेश कर रहे होते।

दादा का समूचा लेखन आज भी एक जगह उपलब्ध नहीं है। खुद के लिखे को सहेजने के प्रति वे सदैव उदासीन रहे। कहते थे - ‘यह क्या बात हुई कि अपना लिखा खुद आप सहेजें? बात तो तब है जब जगत-दुनिया आपका लिखा सहेजे।’

उनके लिखे हुए को संग्रहित करने के लिए मैं अपने स्तर पर भरसक कोशिश कर रहा हूँ। दादा के चाहनेवाले मेरी इस कोशिश को भरपूर मदद कर रहे हैं। इसी क्रम में प्रिय विवेक मेहता ने अत्यन्त चिन्तापूर्वक और कृपापूर्वक, दादा का यह लेख मुझे उपलब्ध कराया। आदीपुर (कच्छ/गुजरात) में निवासरत विवेक मूलतः जीरन (नीमच) का निवासी है और देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार श्री मंगल मेहता का छोटा बेटा है। विवेक खुद भी अच्छा कलमकार है। अपने यशस्वी पिता के लिखे को सहेजने की उसकी कोशिशें प्रेरक और प्रणम्य हैं।

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(आज मन्दसौर जिले का छोटा सा कस्बा मनासा, शायद इस बात से अनभिज्ञ है कि बरसों पहले उन सँकरी गलियों में भीख माँगने वाला एक अबोध बच्चा इस दस फरवरी को सम्माननीय कवि और राजनीतिज्ञ के रूप में अपने संघर्ष भरे जीवन के साठ बरस पूरे करने जा रहा है। बालकवि बैरागी की, साठ पड़ावों की इस संघर्ष-यात्रा को ‘भास्कर’ का नमन। शुभ-कामनाएँ कि वे दीर्घायु हों। इस महत्वपूर्ण अवसर पर स्वयम् बैरागीजी ने यह लेख हमारे आग्रह पर विशेष रूप से लिखा है।)

प्रश्नों का पहाड़ सामने है - आयु के साठ साल पूरे होने पर यह एक सहज स्थिति है कि मित्र लोग अपने-अपने मन की बातें पूछें-स्वजन अपनी जिज्ञासाओं का समाधान माँगें। परिजन अपने सवालों की रंगोली माँडें - जीवन से जुड़े लोग अपना रसरंग उलीचें - इसी समीकरण में से निकल रहा हूँ मैं। समय कितनी जल्दी बीतता है? सब कुछ कल-परसों घटित हुआ-सा लगता है - बिना किसी जोर-जबरदस्ती के, अपनी सहज स्मरण शक्ति के बल पर मैं आराम से अपनी साढ़े चार-पाँच बरस की आयु से ही सहेजी हुई यादें, परत-दर-परत खोल कर बोल सकता हूँ। कदम-कदम, मुड़-मुड़ कर देखता हूँ तो सारा कुछ परियों की कहानी जैसा लगता है।

आत्मकथा लिखने या कहने का यह क्षण नहीं है। समय मेरे पास तो बहुत है, पर आपके पास इतना नहीं है कि मुझ जैसे एक अदना आदमी की जिन्दगी के बारे में ऊलजलूल पढं़े या सुनें। तब भी लोग पूछते ही हैं। दो-एक सवालों तक के तो मैं उत्तर वैसे भी लिख कर दे देता हूँ। पर विस्तार में जाता बैठूँ तो बेशक हाथ तो नहीं काँपता है, पर मन काँप जाता है। नाहक ही आपको क्यों कष्ट दूँ?

इस परिवार के सबसे पहले बेटे के तौर, माँ के पेट में मैं ही आया। गरीबी, विपन्नता, कंगाली और अभावों का वो आलम मैंने देखा और विरासत में पाया कि बस पूछिए ही मत! माँ की हिम्मत और छत्र-छाया नहीं होती तो आज का यह बैरागी मिट्टी में मिल गया होता। जन्मजात विकलांग, अपाहिज लूले-लँगड़े और नाकरा पिता की कितनी मार खाई मेरे अबोध किन्तु कमाऊ बचपन ने, और कितनी मार सही मेरी माँ ने? उफ्! गरीबी का आलम यह कि माँ अपने बच्चों के नाम तक भूल गई। पैदा किए पूरे बारह किन्तु दवा के अभाव, कुपोषण और गरीबी के कारण आठ दम तोड़ गए। दो भाई, दो बहिनें बचीं। पर उनके सुख भी विधाता को नहीं पचे। लोकगीत कहते हैं कि विधाता, मनुष्य के ललाट पर अपने लेख लिखता है। ललाट पर इसलिए कि जिसके ललाट पर लिखा हुआ है, वह, वह खुद नहीं पढ़ सके। तार्किक कहते हैं कि अगर खुद नहीं पढ़ सकते हो तो विज्ञान ने दर्पण खोज लिया है। शीशा देख कर अपने-अपने लेख पढ़ लो। पर अगर दर्पण को माध्यम बनाओ तो लिखा हुआ उल्टा सामने आता है। पहली बात तो यह कि पढ़ ही नहीं सकते। अगर पढ़ने की कोशिश करो तो उलटा पढ़ो। इस ‘उलट लिपि’ को सीधा करके पढ़ने में ही आदमी के कई जन्म निकल जाते हैं। तब फिर मार्क्स कहता है कि न तो ललाट पर, न ही हाथ पर कोई लकीरें होती हैं। मनुष्य चाहे जो कर सकता है। जरा-सा आगे बढ़ कर सुनो, सोचो, पढ़ो और गुनो। भारतीय अध्यात्म भी यही कहता है। विचित्र सी गाँठ है कि मार्क्स और भारत का अध्यात्म, इस मुकाम पर एक साथ हँसते-खिलखिलाते मनुष्य से बातें करते हैं। पल्ले पड़ने जैसा प्रसंग है। संघर्ष को सान मिलती है।

माँ का अद्भुत आँचल रोशनी भी देता है और धार भी। वह गरीबी का नया भाष्य करती है। गरीबी और दरिद्रता का फर्क समझाती है। लोकगीतों का अमृत प्रति-पल पिलाती है। बचपन को खिलौनों से नहीं, खेल-भवना से बहलाती है। कदम-कदम पर सिर सहलाती है। धूल-मिट्टी से नया परिचय करवाती है। इस आवेग की आग में से तपकर जो निकलता है वह कालान्तर में बनता है - बालकवि बैरागी। बनता क्या, कहलाता है। उसकी संज्ञा ‘नन्दरामदास’ गुम जाती है। मनासा जैसे सुदूर और प्रवास साधनों से कटे-छँटे छोटे से कस्बे में रहकर सारे देश को यह प्राणी सरस्वती के पटवारी की तरह तीन-चार बार घूम लेता है। देश के साथ विदेश के भी दो-एक चक्कर लगा लेता है। संसद में बैठता है, विधान सभा में बोलता है। दो बार मन्त्री बनता है। एक बार संसदीय सचिव भी रह लेता है। सम्मान सहित अपमानित भी होता है और अपमान सहित सम्मानित भी।

साहित्य को कविता के माध्यम से और राजनीति को कांग्रस के मंच से अनवरत-अकम्प और अह्लड़ता के साथ जीता है। अभावों को सहोदर और समस्याओे को सुहागिन मानकर उनकी आँखों में आँख डालता, उन्हें पालता-संभालता है। भगवान ने कलम बाँए हाथ में दी और तिरंगा दाहिने हाथ में। इस विसंगति में भी वह संगति बैठाता है। अपनी मातृ-संस्था में वह घोषित वामपंथी बनकर देश की पाढ़ियों के संघर्षों का डाकिया बनता है। उसे भान है कि आग और पानी का सही सन्तुलन ही बादल कहलाता है।

कई-एक कुम्हारों ने मिलकर इस मटके को आकार दिया है। नाम गिनाने लगूँ तो कई पेड़ कटवा कर कागज बनवाने पड़ जाएँगे। भगवान का दिया, उसके पास सब-कुछ इसलिए नजर आता है कि उसके पास कुछ था ही नहीं। शून्य से शुरू होनेवाले के हाथ में एक का अंक भी बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यही हाल मेरा है। क्या नहीं दिया प्रभु ने मुझे? सब कुछ नहीं तो भी बहुत-कुछ, कुछ भी नहीं तो भी कुछ-न-कुछ। यह ‘कुछ-न-कुछ’ ही मेरे लिए ‘सब कुछ’ है। दो वर्ष पहले उसने माँ छीन ली। बिना माँ के बार-बार उदासियाँ आती हैं। 83 बरस के बड़े और आजीवन निश्चेष्ट जीवन जीनेवाले पिता के पास घड़ी-अध-घड़ी रोज बैठकर आशीर्वाद लेने की कोशिश करता हूँ। लगता है, ऊर्जा अनुपस्थित है। ममता सूख गई है। आशीषों का मेघ निरन्तर गरजता है। समय-समय पर बरसता भी है। यहाँ से वहाँ तक बदलाव।

आज से करीब सत्तर वर्ष पहले जिस आँगन में केवल नाबालिग पिता और अबोध बालिका जैसी माँ छूटी थी, वह सारा आँगन हरा-भरा है। कल तक के अनाथ पिता के सामने उनकी चार पीढियाँ चहचहा रही हैं। अगर वह सुख है तो राज-सुख और समाज-सुख इन सभी ने देखा और भोगा। अगर वह मात्र सुविधा है तो उस सुविधा का इनमें कोई गुलाम नहीं। तिनका-तिनका चोंच में दबाकर कण्ठ में प्यास के काँटों को सहती चिड़िया की तरह जिस सात्विक, सक्रिय सहधर्मिणी ने इस निराकार घर को आकार दिया, वह सुशील पिया 38 सालों से मेरी धूप को सह रही है।

दो जवान बेटे, दोनों की सोना-रूपा सद्गृहिणी बहुएँ-पोतियाँ और पोता। सगा भाई विष्णु, उसकी पत्नी वीणा और मुझे ताऊजी कहनेवाले दो बेटे - वल्कल और तथागत। देश भर में इस छोर से उस छोर तक फैला पड़ा शुभेच्छाओं का विशाल परिवार। जागरूक पाठक, चौकन्ने श्रोता। भाषा को संस्कारशील तराश देनेवाले सम्पादक बन्धु, नमस्कार नहीं लेने और नहीं देने पर रूठने, मचलने और क्रुद्ध तक होनेवाले साथी-संगाती। आड़े वक्त काम आनेवाले मित्र। नरसिंह मेहता का मामेरा भरनेवाले साँवलिया सेठ जैसे आबरू बचाने और बढ़ानेवाले भाई लोग। मेरे काम-धाम, आचरण, भाषा और व्यवहारपर गहरी नजर रखनेवाले हितैषी, हितकारी। याने कि सब-कुछ दिया है प्रभु ने मुझे। छोटी-बड़ी 23 पुस्तकें छापे से बाहर और कम से कम एक दर्जन पाण्डुलिपियाँ तैयार हो सकें, इतने लिखे-बिखरे पृष्ठ। दो-एक विद्यार्थी शोध करते हुए और दो लघु शोध कर भी चुके। आदर-आलोचना, अनादर, अनासक्ति, अवरोध, अभिन्न, अनर्गल, अनाघात, अनायास और अटाटूट। कितना दे दिया है दाता ने? जो लिखो, वह छपे और जो बोलो वह रेकार्ड हो जाए! विकसित विज्ञान का वैभवशाली युग - बीसवीं सदी का यौवन और बुढ़ापा। 21वीं सदी का गर्भकाल। कितना कुछ जी रहा हूँ? कितना भोग रहा हूँ? अपना अतीत भूल नहीं जाऊँ इसलिए आज भी कपड़े माँग कर पहनता हूँ।

दोस्तों को आभास भर हो जाए कि बैरागी के पास कपड़े नहीं रहे होंगे, तो वे चुपचाप जुगाड़ कर देते हैं। भगवान ने मुझे अगर कविता न दी होती तो क्या यह सब, इतना कुछ मुझे मिला होता? कदापि नहीं। सवाल यह पैदा होता है कि मालवी ने मुझे इतना सब दिया। हिन्दी ने - माँ हिन्दी ने - जन्म सुधार दिया, पर बदले में मेरा क्या योगदान है? क्या अवदान है? सपाट उत्तर है - शून्य। मैं भाषा से आज तक लेता ही लेता रहा। शब्दकोश को एक शब्द भी नहीं दे सका। इतना लिखा, पर मन की बेचैनी नहीं मिटी। इतना पढ़ता हूँ पर छटपटाहट कम नहीं होती। रह-रहकर सूर, मीरा, तुलसी, कबीर, गालिब, रहीम, रसखान, जायसी, दिनकर, निराला, महादेवी, भवानी भाई, सुमनजी, भारतीजी की पुस्तकें हाथ में आ जाती हैं। साहित्य और संस्कृति की ठेठ आखिरी दीवार से पीठ सटा कर बैठता हूँ तो वाल्मीकी और वेदव्यास की गोद का आसरा मिला लगता है। रामविलास दादा नहीं रहे वरना किसी अपने के कन्धे परसिर रखकर मन हलका कर लेता।

प्रो. पी. डी. शर्मा नहीं मिलते तो जैसे-तैसे मेट्रिक पास वाला सर्टिफिकेट ही मेरा एकमात्र अकादमिक धन हुआ होता। पी. डी. दादा ने इण्टर पास करवाया। फिर मिले चिन्तामणिजी उपाध्याय। अपने पास रखकर उन्होंने एम. ए. करवाया। डॉ. सुमन का आशीर्वाद नहीं होता तो आज कहीं का नहीं होता। कौन देता अटेण्डेंस? कौन देता फीस के पैसे? कैसे भरे जाते परीक्षाओं के फॉर्म? कौन करता मेरे भीतर दिनानदिन जवान होते जा रहे अल्हड़ बैरागी की नादान लापरवाहियों की रखवाली? यह वह मोड़ है जिस पर खड़ा होकर मैं कुँवर गिरिवरसिंह भँवर, नरेन्द्रसिंह दादा तोमर, आनन्दराव दादा दुबे, पण्डित कृष्णकान्त दुबे, मदनमोहन व्यास, हरीश निगम, सुल्तान मामा, भावसार बा, मोहन सोनी, शिव चौरसिया, रमेश गुप्ता ‘चातक’, चन्द्रसेन विराट, रामनारायण दादा उपाध्याय, पण्डित श्रीकान्त जोशी, भागवत्रत्न पण्डित मदनलालजी जोशी, पण्डित श्याम सुन्दरजी व्यास, प्यारे भाई रमेश मेहबूब, नरहरि पटेल, नगेन्द्र आजाद, कुमार गन्धर्व, राजेन्द्र माथुर, राहुल बारपुते, पयाम वासिफ, बशरुद्दीनजी ‘आरिज’, महाराज कुमार रघुवीरसिंहजी, दिनकर सोनवलकर, सरोजकुमार, पुखराज भाभी, स्व. प्राणवल्लभ गुप्त, दादा शिवशंकरजी जोशी, पन्नालाल बा’ नायाब और चूड़ामणि पण्डित सूर्यनारायणजी व्यास, श्याम दादा परमार, बसन्तीलाल बम जैसे महिमामण्डित व्यक्तित्वों और व्यक्तियों को दसों दिशाओं में मुँह करके दण्डवत् प्रणाम करता हूँ। ये, वे कुछ ही नाम हैं जिन्हें लिखकर मैं अपना मन हलका कर रहा हूँ। अगर देशव्यापी वन्दनीय नाम लिख्ना शुरू करूँगा तो बहुत असहज हो जाऊँगा। विनम्रता मेरे जीवन का सहज आधार है, मेरी मूल सम्पत्ति है। उसे खोना मैं कदापि पसन्द नहीं करूँगा।

बेशक, आपकी रुचि मेरी राजनीति पीठिका में भी होगी। लिख कर सनद कर रहा हूँ कि मेरे राजनीतिक निर्माता का नाम है- माणकलाल अग्रवाल, जो आजकल रतलाम में निवास करते हैं। पूर्व सांसद हैं। यही वह आदमी है जिसने एक यायावर-याचक को मात्र 13 वर्ष की उम्र में रामपुरा नगर की धूल में से उठाया और उसे एक मिनस्टिर में परिवर्तित कर दिया। एक नहीं, दो-दो बार। भैया मिश्रीलालजी गंगवाल का पवित्र जीवन मेरे लिए कसौटी है। उनके दिए संस्कार सदैव मुझे झकझोरते रहते हें। उनके विदेह व्यक्तित्व ने ही मुझे सिखाया कि तुम राजनीति में रहो पर रजानीति तुम में नहीं रहे। बात को मैंने आगे बढ़ाया कि मैं कुर्सियों पर गया हूँ, पदों पर बैठा हूँ पर मैंने कुर्सी और पद को खुद पर नहीं बैठने दिया। साहित्य मेरा धर्म है, राजनीति मेरा कर्म। मैं साहित्य से राजनीति में नहीं गया। जिस आदमी ने नौ बरस की उम्र में अपना लिखा चहचहा लिया और जिसे मात्र तेरह बरस की उम्र में तिरंगा झण्डा थमा दिया गया हो, वह यहाँ पहले था या वहांँ पहले, यह फैसला आप ही कर लें।

धर्म-कर्म की इस पावक-सरिता के दोनों तटों पर मुझे अग्नि-आचमन करना पड़ता है। मैं, वह पूरी निष्ठा और पूजा-भाव से कर रहा हूँ। यह किसी पर मेरी मेहरबानी या मेरा अहसान नहीं है। शराब पीनेवाला शराब पीता है तो बोतल पर अहसान नहीं करता। एक शाकाहरी, निर्व्यसनी और सात्विक जीवन जितना खुला जिया जा सकता है, वैसा मैं जी रहा हूँ। शिकायत किसी से नहीं - कृतज्ञ सभी का हूँ। काया में कोई रोग नहीं है और बत्तीस के बत्तीस दाँत अपने श्रोताओं-पाठकों तथा सम्पादकों की कृपा से आज तक तो सही सलामत हैं। ऊर्जा, सर्जना और सक्रियता का मतलब इस आयु में ज्यादह कशिश के साथ पल्ले पड़ता है। 17-18 घण्टे रोज काम करता हूँ। करने को बहुत कुछ है, होता-जाता कुछ है नहीं। ऋतुएँ मुझ पर भी असर डालती हैं, काल मुझे भी चबा रहा है। आवेग मुझे भी उत्तेजित और आन्दोलित करते हैं। भूख, भावना और भावुकता के मतलब मैं भी समझता हूँ।

नैतिकता, मूल्यवत्ता और आदर्शों के अर्थ मैंने नए नहीं गढ़े हैं किन्तु एक सनातन रिक्तता मुझे पल-पल आभासित होती है। तब भी मैं आशावादी और आशावान हूँ। रात-दिन अँधेरों से लड़ रहा हूँ। और हाँ, एक बात आप जरूर सुन लें कि अँधेरे से लड़ने का ठेका केवल सूरज, चाँद, सितारों, जगमग करते झाड़-फानूसों और जीवन्त मोमबत्तियों या दीयों ने ही नहीं ले रखा है। अँधेरे की नींद हराम करने के लिए एक जुगनू ही काफी होता है। मैं अपने आप को वह जुगनू घोषित करता हूँ - मेरी पीठ पर यह जलती हुई रोशनी मुझे प्रभु ने दी है। सनद यह भी करता हूँ कि मैं इस रोशनी का अपमान नहीं होने दूँगा। इससे ज्यादा आज के दिन बालकवि बैरागी आपसे क्या कहे? जो भी प्रभु का जुगनू हो, वह मुझे अपना सहोदर समझे। सार्थकता और सफलता के बीच खड़ा होकर मैं कह रहा हूँ कि जीवन निरर्थक नहीं है। ठहाका लगाईए और बीती को बिसार कर, जीवन को नए सिरे से जीना शुरू कीजिए। आकाश उजला और अनन्त है। क्षितिज स्वर्णिम है। धरती की ममता मरी नहीं है। 

(बालकवि बैरागी के अनुज विष्णु बैरागी की फेसबुक वॉल से साभार। बैरागी के अनुसार यह लेख, दैनिक भास्कर के साप्ताहिक साहित्यिक परिशिष्ट ‘रसरंग’ के 10 फरवरी 1991 के अंक में प्रकाशित हुआ था।)

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Tue, 10 Feb 2026 23:34:14 +0530 Niraj Kumar Shukla
पुण्यतिथि विशेष ! पं. दीनदयाल उपाध्याय : एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक &डॉ. मोहन यादव https://acntimes.com/pt-deendayal-upadhyay-founder-of-Integral-human-philosophy-dr-mohan-yadav https://acntimes.com/pt-deendayal-upadhyay-founder-of-Integral-human-philosophy-dr-mohan-yadav व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का मार्ग दिखाने वाले, विलक्षण व्यक्तित्व के धनी, एकात्म मानव दर्शन और अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन। 

पं. दीनदयाल जी का जीवन भारत राष्ट्र को दिशा देने वाला प्रकाश स्तंभ है। वे एक ऐसे ऋषि राजनेता थे जो समाज, संस्कृति और राष्ट्र के समग्र उत्थान के लिए समर्पित रहे। उन्होंने राजनीति को राष्ट्रधर्म की साधना का माध्यम माना। उनका स्पष्ट मत था कि स्वतंत्र भारत की यात्रा भारतीय दर्शन, संस्कृति और परंपरा के अनुरूप होनी चाहिए। 

पं. दीनदयाल जी ने राजनीतिक चिंतन को भारतीय मूल्यों से जोड़ते हुए एकात्म मानव दर्शन का सूत्र दिया। इसमें व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और सृष्टि के बीच समन्वय और संतुलन समाहित है। यह जीवन और संपूर्ण सृष्टि को एक सूत्र में पिरोता है। यही दर्शन व्यष्टि से समष्टि की रचना करता है। इसमें श्रीकृष्ण के वसुधैव कुटुम्बकम के भाव से लेकर आज के वैश्विक परिदृश्य का समावेश है। 

पं. दीनदयाल जी भारत के भविष्य की कल्पना चतुर्पुरुषार्थ-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के आधार पर की। उनका विश्वास था कि इन चारों का संतुलन ही व्यक्ति और समाज को पूर्णता की ओर ले जा सकता है। यदि व्यक्ति और समाज को विकास के समान अवसर दिए जाएँ, तो स्वावलंबी और समर्थ समाज का निर्माण संभव है। पं. दीनदयाल जी का मानना था कि राजनीति का अंतिम लक्ष्य सशक्त, समरस और स्वाभिमानी राष्ट्र का निर्माण है। उनका विकास मॉडल केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक संतुलन का समावेश था। वे चाहते थे कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, तभी वह सच्चा विकास कहलाएगा। यही अंत्योदय का भाव है। 

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत जिस विकास पथ पर अग्रसर है, उसके मूल में पं. दीनदयाल जी का चिंतन है। विरासत से विकास, आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और सबका साथ - सबका विकास, यह सभी एकात्म मानव दर्शन के आधुनिक रूप हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी जी का संकल्प है कि वर्ष 2047, स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विश्व की सर्वोच्च शक्ति के रूप में स्थापित किया जाए। यह संकल्प पं. दीनदयाल जी के स्वप्निल भारत की ही साकार अभिव्यक्ति है।

मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत निर्माण की परिकल्पना को मूर्तरूप देने की दिशा में प्रदेश के प्रत्येक अंचल को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के हर क्षेत्र की क्षमता, मेधा और दक्षता को अवसर प्रदान करने के लिए जहां रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का नवाचार किया गया, वहीं भोपाल में संपन्न हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से स्थानीय उद्योगों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। निवेश के लिये हमने यूके, जर्मनी, जापान और दावोस आदि यात्राएं कीं और हैदराबाद, कोयंबटूर सहित मुंबई में रोड-शो के माध्यम से उद्योगपतियों को आमंत्रित किया। यह क्षेत्रीय से वैश्विक स्तर तक उद्योग को जोड़ने का पहला सशक्त प्रयास है। 

मुझे यह बताते हुए संतोष है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चिंतन को व्यवहार में उतारने का प्रयत्न किया जा रहा है। समरस, संवेदनशील और उत्तरदायी शासन के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं और विकास के लक्ष्य धरातल पर पहुंच रहे हैं। प्रदेश में गरीब कल्याण, किसान कल्याण, युवा शक्ति और नारी सशक्तिकरण को केन्द्र में रखकर 4 मिशन के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। इससे समाज के सभी वर्गों के कल्याण का लक्ष्य पूर्ण होगा।

पं. दीनदयाल जी ने आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, परिवहन, व्यापार समाज, सुरक्षा एवं सेवा का एक स्पष्ट और व्यावहारिक क्रम बताया। इस क्रम में कृषि प्रधान देश भारत में खेती को प्रथम स्थान देने की आवश्यकता व्यक्त की। उनका मानना था यदि देश में कृषि सुदृढ़ होगी, तो किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण जीवन में स्थिरता आएगी और उद्योगों को कच्चा माल एवं श्रम दोनों सहज रूप से उपलब्ध होगा। इससे किसान, उपभोक्ता और समाज तीनों का संतुलन बना रहेगा। पं. दीनदयाल जी खेती की मजबूती और किसानों की समृद्धि को समग्र विकास का आधार मानते थे। मुझे यह बताते हुए संतोष है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के मार्गदर्शन में किसानों के स्वाभिमान, सुरक्षित जीवन और आत्मनिर्भरता को केन्द्र में रखकर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई, भंडारण और बाजार तक बेहतर पहुंच के माध्यम से खेती को लाभ का व्यवसाय बनाया जाएगा। कृषि आजीविका के साधन के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि क्षेत्र के सशक्तिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।  

मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने वर्ष 2025-26 किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया है। मध्यप्रदेश में पार्वती-कालीसिंध-चंबल तथा केन-बेतवा नदी लिंक राष्ट्रीय परियोजना सहित ताप्ती ग्राउंड वॉटर रिचार्ज मेगा परियोजना से प्रदेश के 25 जिलों में 16 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि रकबा सिंचित होगा। प्रदेश के किसानों के समग्र कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाया जायेगा।

प्रदेश में श्रीअन्न, सरसों और चना अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जा रही है। इससे श्रीअन्न का उत्पादन और पोषण सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी। इन केंद्रों के जरिए फसलों की गुणवत्ता और पैदावार बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। प्रदेश के 30 लाख से अधिक किसानों को अगले तीन साल में सोलर पॉवर पम्प दिये जायेंगे। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 65 लाख हैक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।

पं. दीनदयाल उपाध्याय जी ने स्वाभिमानी, स्वावलंबी और विश्व कल्याण में अग्रणी भारत की कल्पना की थी। माननीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका जीवन और दर्शन हम सबको राष्ट्रधर्म के पथ पर निरंतर अग्रसर करता रहेगा।

 राष्ट्र निर्माण के अमर साधक पं. दीनदयाल जी की पुण्यतिथि पर पुनः कोटिशः वंदन।

(लेखक, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)

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Tue, 10 Feb 2026 22:43:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
कवि प्रदीप : शब्दों से राष्ट्रभावना की अलख जगाने वाले अमर गीतकार, कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का दिया नाम बना पहचान https://acntimes.com/special-article-of-poet-pradeep-birthday https://acntimes.com/special-article-of-poet-pradeep-birthday शरद जोशी

भारतीय फिल्म संगीत और हिन्दी काव्य जगत में कवि ‘प्रदीप’ का नाम अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ लिया जाता है। वे उन विरले रचनाकारों में से थे, जिनके शब्द केवल गीत नहीं बने, बल्कि राष्ट्र की आत्मा की आवाज़ बने।

6 फ़रवरी 1915 को मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर में जन्मे कवि प्रदीप का वास्तविक नाम रामचंद्र नारायण द्विवेदी था। बचपन से ही उनमें काव्य प्रतिभा के स्पष्ट संकेत दिखाई देने लगे थे। उनकी साहित्यिक क्षमता से प्रभावित होकर महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने उन्हें ‘प्रदीप’ उपनाम दिया जो आगे चलकर उनकी स्थायी पहचान बना।

रतलाम में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा

कवि प्रदीप के जीवन का एक महत्वपूर्ण और अपेक्षाकृत कम चर्चित पक्ष रतलाम से जुड़ा है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रतलाम में उनके ननिहाल में हुई। यहाँ वे अपने नाना कामदार रामलाल जी जोशी के सान्निध्य में रहे, प्रदीप जी रिश्ते में लेखक के ताऊ थे। रतलाम की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना ने उनके विचारों को गहराई प्रदान की।

पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी रहे सहपाठी

बड़नगर के विद्यालय में अध्ययन के दौरान वे उस समय के मेधावी विद्यार्थियों में गिने जाते थे। उल्लेखनीय है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उसी विद्यालय में उनके सहपाठी रहे जो इस शैक्षणिक परिवेश की ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है।

85 से अधिक फिल्में, 1800 से ज्यादा गीत

कवि प्रदीप ने हिन्दी सिनेमा को केवल गीत नहीं दिए, बल्कि जनभावनाओं को स्वर दिया। उन्होंने लगभग 85 से अधिक फिल्मों के लिए 1800 से ज्यादा गीत लिखे और कई गीत स्वयं भी गाए। उनकी रचनाएँ मनोरंजन से आगे बढ़कर समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति चेतना जगाने का कार्य करती रहीं।

राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्ज्वलित की

‘जागृति’,' नास्तिक,' 'किस्मत ‘जय संतोषी' माँ’, ‘हरिश्चंद्र तारामती’, ‘पैगाम’, ‘संबंध’ जैसी फिल्मों में उनके गीतों ने भक्ति, नैतिकता और सामाजिक जागरण को नई ऊँचाइयाँ दीं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लिखे गए “चल चल रे नौजवान” और “दूर हटो ऐ दुनिया वालों, हिंदुस्तान हमारा है”, जैसे गीतों ने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्ज्वलित की।

जब पं. नेहरू भी नहीं रोक पाए आंसू !

1962 के भारत-चीन युद्ध के पश्चात रचित “ऐ मेरे वतन के लोगों” भारतीय इतिहास का अमर गीत बन गया। जब इस गीत को लता मंगेशकर ने स्वर दिया, तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भी भावुक होकर आँसू नहीं रोक सके। यह गीत आज भी शहीदों के बलिदान का जीवंत स्मारक है।

शब्द सरल लेकिन भाव गहन

कवि प्रदीप समाज की पीड़ा और नैतिक पतन के भी संवेदनशील कवि थे। "देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इंसान" जैसा गीत समाज के आत्ममंथन का सशक्त दस्तावेज़ है। उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता थी सरल शब्दों में गहन भावों की अभिव्यक्ति। उनके अमूल्य योगदान के लिए उन्हें अनेक सम्मानों से नवाज़ा गया, जिनमें भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रमुख है।

11 दिसंबर 1998 को वे इस दुनिया से विदा हो गए, किंतु उनके गीत आज भी जीवित हैं। हर राष्ट्रीय पर्व, सांस्कृतिक आयोजन और भावनात्मक अवसर पर उनके शब्द गूंजते हैं। कवि प्रदीप केवल एक गीतकार नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्रभावना, भक्ति और सामाजिक चेतना के अमर स्वर थे। उनकी रचनाएँ आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेंगी।

पिता की सांस्कृतिक चेतना की संवाहक मितुल प्रदीप

कवि प्रदीप की सांस्कृतिक विरासत आज भी उनके परिवार के माध्यम से जीवंत है। उनके दो  बेटियां थीं सरगम और मितुल। परिवार में अब अकेली रह गईं पुत्री मितुल प्रदीप मुंबई के विले पार्ले क्षेत्र में “तूलिका आर्ट्स सेंटर” के माध्यम से फाइन आर्ट्स की कक्षाएँ संचालित कर रही हैं। वे चित्रकला के माध्यम से नई पीढ़ी को कला, संवेदना और सृजनशीलता का संस्कार दे रही हैं। यह उनके पिता की सांस्कृतिक चेतना की ही निरंतरता है।

(शरद जोशी)

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष एवं कवि प्रदीप के भतीजे हैं।)

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Fri, 06 Feb 2026 01:17:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
जीवन दर्शन ! सुख और शक्ति का संतुलन ही सच्चा नेतृत्व है– पद्मविभूषण नारायण मूर्ति https://acntimes.com/narayana-murthy-sukh-shakti-speech-leadership-compassion-capitalism https://acntimes.com/narayana-murthy-sukh-shakti-speech-leadership-compassion-capitalism विश्व के पहले सुख शक्ति धाम में इंफोसिस के संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति का विचारोत्तेजक संबोधन

पस्थित विशेष अतिथि गण, सत्य और आंतरिक शांति के साधकों, और सगुण के मार्ग पर चलने वाले सहयात्रियों, और प्रिय वल्लभ जिसके प्रेम भरे आग्रह से मैं और आप सब आज इस ऐतिहासिक स्थल पर एकत्रित हुए हैं जो एक पवित्र स्थान से कहीं अधिक है। यह एक आध्यात्मिक प्रयोगशाला है। रतलाम की धरा पर स्थित सुख शक्ति धाम श्री वल्लभ भंसाली के चिंतन और दृष्टि का परिणाम भी है और उसकी प्रामाणिकता का प्रमाण भी! एक ऐसी दृष्टि जो बाहरी विजय के आधुनिक जुनून को चुनौती देती है और हमारा ध्यान हमारे भीतर की शक्तिशाली परिवर्तनकारी शक्ति की ओर मोड़ती है। सुख और शक्ति, शब्द ही हमारी गहरी मानवीय आकांक्षाओं का सार हैं। लेकिन, जैसा कि यह धाम हमें सिखाता है, ये कोई खरीदी जाने वाली वस्तुएँ नहीं हैं। ये ऐसे फल हैं जिन्हें हमें अपने दैनिक जीवन में विकसित करना होता है, चाहे हमने कोई भी पेशा चुना हो। आज हम यहाँ केवल खुशी मनाने के लिए ही नहीं, बल्कि यह जानने के लिए एकत्रित हुए हैं कि सुख और शक्ति के विचार किस प्रकार आपस में जुड़कर हमारे पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में बेहतरी लाने वाली एक सक्रिय जीवन-शक्ति का निर्माण कर सकते हैं।

सुख और शक्ति शब्दों का गहरा अर्थ है। सुख का अर्थ है खुशी जो हमारे अस्तित्व का एक अनिवार्य तत्व है। शक्ति सामंजस्यपूर्ण शक्ति का प्रतीक है परिवर्तन लाने और हमारे आसपास बेहतरी और खुशी के लिए बदलाव लाने की क्षमता। अपने पेशेवर सफर में मैंने पाया है कि सच्ची खुशी शक्ति के जिम्मेदार उपयोग से उत्पन्न होती है। ऐसी शक्ति कथनी और करनी में समानता, उदारता, करुणा, निष्पक्षता, सत्य-निष्ठा और समता पर आधारित होती है। मैं अपने पेशेवर जीवन से कुछ उदाहरण लेकर यह दर्शाऊंगा कि मैंने अपने और अपने आसपास के लोगों के लिए सुख (खुशी) की शक्ति (बल) का सृजन करने का प्रयास कैसे किया।

इंफोसिस की स्थापना से पहले, मुझे कई प्रतिभाशाली व्यक्तियों के साथ काम करने और उन्हें आगे बढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मैंने उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर और प्रशिक्षु के रूप में भर्ती किया था। मैंने उनमें से कुछ में मूल्य-आधारित नेतृत्व की क्षमता देखी। मेरे अनुभव ने मुझे सिखाया था कि हम सभी के लिए सच्ची खुशी तभी पनपती है जब हम अपनी सफलता और खुशी दूसरों के साथ साझा करते हैं, विशेषकर उन लोगों के साथ जो अभी अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं। इसी कारण मैंने इंफोसिस की स्थापना में सहायता करने के लिए छह कनिष्ठ सहयोगियों को चुना।

मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी समाज से सम्मान प्राप्त करना था। इसलिए, इसके लिए प्रेरणा शक्ति भारत की सबसे सम्मानित कंपनी बनने का हमारा सपना था। एक सम्मानित कंपनी से जुड़ने से हमारे ग्राहकों, कर्मचारियों और निवेशकों - को बहुत गर्व और खुशी मिली। इस प्रयास से कंपनी को भी बहुत लाभ हुआ।

मेरी माँ ने मुझे सिखाया कि उदारता और साझा करना मेरे आस-पास और मेरे लिए खुशी लाने की एक शक्तिशाली शक्ति है। कॉर्पोरेट जगत में अपने छह कनिष्ठ सहकर्मियों को इतनी बड़ी इक्विटी देकर, जो पहले कभी नहीं हुआ था, मैं एक ऐसा वातावरण बनाने में सफल रहा जहाँ सफलता और खुशी व्यक्तिगत के बजाय सामूहिक बन गई। इस सामूहिक खुशी की भावना को हमारे देश में किसी निगम द्वारा शुरू की गई अब तक की सबसे बड़ी कर्मचारी शेयर स्वामित्व योजना (ESOP) होने के तथ्य ने और भी मजबूत किया। इससे चपरासी से लेकर कार्यकारी उपाध्यक्ष तक सभी कर्मचारियों को लाभ हुआ। इस पहल ने लगभग 50,000 कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य को बदल दिया और अनगिनत करोड़पति बनाए। यह पहल इस विचार पर आधारित थी कि जब हम दूसरों को सशक्त बनाते हैं, तो हम उनकी खुशी को बढ़ाते हैं और बदले में, अपनी खुशी को भी बढ़ाते हैं।

मेरे और दूसरों के लिए खुशी और संतोष का एक और स्रोत है उनके साथ हर लेन-देव में निष्पक्षता बरतना। मैंने अपने हर निर्णय में निष्पक्षता के अपने विश्वास को अमल में लाने के लिए प्रसिद्ध कहावत, "हम ईश्वर पर भरोसा करते हैं। बाकी सभी लोग केवल आंकड़ों और तथ्य पर करते होंगे" का भी पालन किया। मैंने सबसे अधिक और सबसे कम वेतन पाते वाले कर्मचारियों के बीच 30:1 का वेतन अनुपात बनाए रखकर वेतन में निष्पक्षता और समानता को अपनाया। यह हर कर्मचारी के प्रति निष्पक्षता बनाए रखने की मेरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जब आपके आस-पास के लोग सम्मानित और मूल्यवान महसूस करते हैं, तो खुशी पनपती है। इस संदर्भ में, हम खुशी को एक न्यायपूर्ण कार्यस्थल का परिणाम समझ सकते हैं - एक ऐसा क्षेत्र जहां कॉर्पोरेट शक्ति और सहानुभूति के बीच संतुलन होता है।

कंपनी के संचालन में कॉर्पोरेट नेताओं द्वारा अपनाई जाने वाली पारदर्शिता और जवाबदेही, कंपनी के हितधारकों के विश्वास और संतुष्टि को बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि सुशासन खुलेपन और विश्वास को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण शक्ति है, जिसके परिणामस्वरूप हितधारकों की खुशी और संतुष्टि सुनिश्चित होती है। मेरा सिद्धांत हमेशा से रहा है, "जब संदेह हो, तो खुलासा करो। "हितधारकों के साथ अपनी चुनौतियों और गलतियों को खुलकर साझा करके, हमने ईमानदारी का माहौल बनाया। इस प्रक्रिया ने हमें सिखाया कि सच्ची शक्ति ईमानदारी और जवाबदेही में निहित है। इन मूल्यों को कायम रखकर, हमने अपने हितधारकों की खुशी और विश्वास अर्जित किया।

मैंने करुणापूर्ण पूंजीवाद का अभ्यास किया है ताकि हमारे समाज को यह दिखाया जा सके कि करुणापूर्ण पूंजीवाद भारत को गरीबी से मुक्त करने का एक मूल्यवान सिद्धांत है। यह दर्शन पूंजीवाद की गतिशीलता को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ जोड़ता है। यह हमें अपनी शक्ति का उपयोग व्यापक भलाई के लिए करने और व्यक्तिगत लाभ के बजाय सामूहिक हित को प्राथमिकता देने के महत्व पर बल देता है। इंफोसिस फाउंडेशन की स्थापना हमारे समाज के गरीबों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और उनके जीवन में खुशियां लाने के लिए की गई थी। 

मेरे आस-पास खुशी लाने वाली एक और महत्वपूर्ण शक्ति और मेरे नेतृत्व दर्शन का एक अहम पहलू कर्मचारियों के बीच गरिमा और आत्मसम्मान की रक्षा करना था। मैं अपने सहकर्मियों की उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने और उनकी कमियों को निजी तौर पर दूर करने में दृढ़ विश्वास रखता हूँ। यह तरीका आत्मसम्मान को बढ़ावा देता है। इससे एक ऐसा माहौल बनता है जहाँ व्यक्ति उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने को प्रेरित महसूस करते हैं। खुशी केवल एक अंतिम लक्ष्य नहीं है। यह सम्मान और मान्यता पर आधारित संस्कृति का परिणाम है।

नेताओं के शब्दों और कार्यों में ईमानदारी, उनकी विश्वसनीयता और विश्वास बढ़ाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। यह स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने से प्राप्त होती है। इस प्रकार के उदाहरण प्रस्तुत करने से नेता और अनुयायी दोनों को प्रसन्नता प्राप्त होती है। मैंने मेरे कथित मूल्यों को जीवन में उतारने का भरसक प्रयास किया। आख़िर तो, विचारों की ईमानदारी कार्यों में प्रकट होती है। सादगीपूर्ण जीवन शैली ने मुझे जीवन में वास्तव में महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया और ऐस करने से मुझे कॉर्पोरेट जगत के निचले स्तर पर कार्यरत अपने सहकर्मियों को करीब लाने में सफलता मिली। विनम्रता का अभ्यास करते हुए, हमने सभी प्राणियों के परस्पर संबंध का सम्मान किया। हमने इस गहन सत्य को रेखांकित किया कि वास्तविक सुख एक-दूसरे के प्रति हमारे सच्चे सम्मान से उत्पन्न होता है।

पने जीवन के अनुभवों पीआर दृष्टि डालते हुए, मैं आप सभी को सुख शक्ति के सिद्धांतों को अपने जीवन और पेशे में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ। आइए हम अपनी सफलताओं को साझा करें और अपने आस-पास के लोगों को सशक्त बनाएं। जब हम एक-दूसरे का उत्थान करते हैं, तो हम खुशी का एक शक्तिशाली जाल बुनते हैं जो हमारे आस-पास के दायरे से कहीं आगे तक फैलता है, अनगिनत लोगों के जीवन को प्रभावित करता है और एक करुणामय समुदाय का निर्माण करता है।

अंत में, आइए हम सब मिलकर इस मार्ग पर चलते हुए सुख शक्ति धाम की शिक्षाओं को अपनाएं। अपने आस-पास सभी के लिए सुख प्राप्त करने की दिशा में कार्य करें। ऐसा करने से, हम एक ऐसी परिवर्तनकारी शक्ति का सृजन कर सकते हैं जो न केवल हमें, बल्कि हमारे आस-पास सभी को उत्थान का अवसर प्रदान करे। अपनी सामूहिक ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हुए, आइए याद रखें कि सच्ची शक्ति करुणा में निहित है, और सुख करुणा से ही उत्पन्न होता है।

आज मुझे अपनी यात्रा आपके साथ साझा करने का अवसर देने के लिए धन्यवाद।

आइए, मिलकर सुख शक्ति पर आधारित एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करें।

धन्यवाद...

- एन. आर. नारायण मूर्ति

(नारायण मूर्ति भारत के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपतियों और विचारशील नेतृत्वकर्ताओं में से एक हैं। वे वैश्विक आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड के सह-संस्थापक हैं। पारदर्शिता, नैतिकता, करुणापूर्ण पूंजीवाद और मूल्य-आधारित नेतृत्व उनके जीवन दर्शन के मूल स्तंभ हैं। उन्हें पद्म विभूषण सहित अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हैं। उनका जीवन यह सिद्ध करता है कि सच्ची सफलता केवल धन नहीं, बल्कि सम्मान, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व से आती है।)

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Mon, 05 Jan 2026 12:23:06 +0530 Niraj Kumar Shukla
दिल्ली ब्लास्ट जैश की साजिश ! पुलवामा और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा कनेक्शन, डॉ. उमर चला रहा था कार ! https://acntimes.com/Delhi-blast-was-a-conspiracy-of-Jaish https://acntimes.com/Delhi-blast-was-a-conspiracy-of-Jaish एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । लाल किले के पास सोमवार को हुए ब्लास्ट को लेकर सूत्रों ने बड़ी खबर आ रही है। सूत्रों की मानें तो इसके तार फरीदाबाद में सुबह जब्त हुए 2900 किलो विस्फोटक से जुड़े हैं। खुफिया एजेंसी ने शंका जाहिर की है कि जिस i20 कार में विस्फोट हुआ उसमें फरीदाबाद विस्फोटक मामले में फरार डॉ. उमर मोहम्मद भी सवार था। संदिग्ध की तस्वीर भी सामने आई है।

लाल किला विस्फोट की जांच में जुटी सभी एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही जांच में इस घटना के तार जुड़ पुलवामा के साथ फरीदाबाद से जुड़ रहे हैं। यह बात सीसीटीवी फुटेज में पता चली है। इसके अनुसार जिस कार में विस्फोट हुआ वह हरियाणा से सटे बदरपुर से दिल्‍ली में दाखिल हुई थी। कार आखिरी बार बदरपुर बॉर्डर पर दिखी थी। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का कनेक्‍शन हो सकता है। पुलिस कार का पूरा रूट खंगाल रही है। 

चालक 3 घंटे तक बैठा रहा था कार में !

सूत्र तो यहां तक कह रहे हैं कि जिस कार में विस्फोट हुआ वह दोपहर 3.19 बजे लाल किले के पास स्थित पार्किंग में दाखिल हुई थी। इसके बाद लगभग 3 घंटे तक वह वहीं खड़ी रही। इस दौरान उसमें उसका चालक पूरे समय बैठा रहा। वह पलभर के लिए भी कार से नहीं उतरा। अनुमान लगाया जा रहा है कि कार चालक या तो किसी का इंतजार कर रहा था या फिर किसी का कोई संकेत मिलने का। शाम 6.48 बजे कार पार्किंग से बाहर निकली और 6.51 बजे इसमें विस्फोट हो गया। इस घटना को लेकर चांदनी चौक व्यापारी संघ की ओर से एक वीडियो भी जांच एजेंसी को साझा किया गया है जिसमें भयावह नजारा है।

ब्लास्ट से पहले i20 कार का पूरा मूवमेंट

सुबह 08:13 बजे : बदरपुर टोल बूथ से होते हुए दिल्ली में दाखिल हुई

सुबह 08:20 बजे : ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के पास एक पेट्रोल पंप पर दिखी

दोपहर 03:19 बजे : लाल किला परिसर के पास पार्किंग एरिया में दाखिल हुई

शाम 06:28 बजे : लाल किला पार्किंग एरिया से बाहर निकली

शाम 06.51 बजे : कार में विस्फोट हो गया

क्या पुलवामा निवासी डॉ. उमर भी था कार में

जांच एजेंसी को शक है कि कार डॉ. उमर मोहम्मद ही चला रहा था। वह पुलवामा का रहने वाला है। मेडिसिन में एमडी उमर फरीदाबाद के अल फहल मेडिकल कॉलेज में पदस्थ था। उसके पिता का नाम नबी बट जबकि मां का नाम शमीमा बानो है। उमर फरीदाबाद में जब्त हुए विस्फोटक के मामले में फरार था। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल में पकड़े गए डॉ. आदिल का करीबी था। ये दोनों एन्क्रिप्टेड टेलीग्राम चैनलों पर सक्रिय रेडिकल डॉक्टर के ग्रुप से भी जुड़े थे। शंका है कि शायद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने इस हड़बड़ी में इस विस्फोट को अंजाम देने की साजिश रची। इसके लिए उसने अपने दो साथियों की भी मदद ली। शंका है कि उसके साथिनों ने कार में एक डेटोनेटर रखा और विस्फोट को अंजाम दिया। इसमें अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) के उपयोग की संभावना जताई जा रही है। कार में डॉ. उमर था या नहीं इसकी अधिकारिक पुष्टि पुलिस द्वारा कार में जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई उसका डीएनए करवाने के बाद ही होगी।

यह भी पढ़ें... 10/11 Delhi Blast ! लाल किले के पास चलती कार में हुआ विस्फोट, कई वाहन जले, 11 की मौत, 20 से अधिक घायल, गृहमंत्री पहुंचे, पीएम ने जताई संवेदना

जाने क्या है फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल

बता दें कि, सोमवार को हरियाणा पुलिस ने अगल-अलग स्थानों से 8 लोगों को गिरफ्तार कर उनसे 2900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किया था। पुलिस ने दावा किया था कि इस कार्रवाई से जम्मू-कश्मीर, हरियणा और उत्तर प्रदेश में फैले जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवातुल हिंद के आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है। इनके पास से एक एके-47 राइफल भी मिली थी। वहीं जब्त विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट, सल्फर पाया गया था। इसी तरह फरीदाबाद निवासी गनी के किराए के मकान 360 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ भी बरामद हुआ था।

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल में गिरफ्तार लोगों में कश्मीर का डॉ. मुजम्मिल गनी, लखनऊ का शकील शामिल हैं। इनका एक साथी डॉ. आदिल अहमद 6 अक्टूबर को सहारनपुर से गिरफ्तार हुआ था। यह अनंतनाग का रहने वाला है औकर वहां के सरकारी अस्पताल में सीनियर डॉक्टर के पद पर पदस्थ था। इसकी पहचान श्रीनगर में 19 अक्टूबर को जैश ए मोहम्मद के समर्थन में लगाए गए पोस्टर से हुई थी। डॉ. आदिल के गिरफ्तार होने के बाद उसकी निशानदेही पर डॉ. मुजम्मिल और शकील गिरफ्तार हुए थे और विस्फोटक का जखीरा पकड़ा जा सका।

पुलवामा से तीन संदिग्ध भी हुए थे गिरफ्तार

संदिग्ध डॉ. उमर, आमिर और तारिक

दिल्ली ब्लास्ट के तीन संदिग्धों को पुलवामा जिले के अवंतीपुरा सेक्टर में पंपोर पुलिस ने गिरफ्तार किया। इनके नाम तारिक पिता गुलाम अहमद मलिक (एटीएम गार्ड), आमिर राशिद और उमर राशिद दोनों पिता एबी राशिद मीर हैं। इनमें से आमिर राशिद तारिक के सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे। तारिक और आमिर को श्रीनगर लाया गया है। उमर राशिद से पम्पोर पुलिस थाने में ही पूछताछ की जा रही है। कहा जा रहा है कि तारिक उमर को कार दी थी।

यह भी चौंकाने वाला खुलासा

जानकारी के अनुसार फरीदाबाद से सोमवार को गिरफ्तार हुई डॉ. शाहीना आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद की महिला विंग की प्रमुख है। इसे भारत में संगठन में युवाओं को भर्ती करने की जिम्मेदारी थी। यानी इसे जैश द्वारा भारत में रिक्रूटमेंट तैयार करने का जिम्मा सौंप रखा था। यह काम उसे पाकिस्तान स्थित जैश की जमात उल मोमीनात की महिला विंग की प्रमुख सादिया ने सौंपी थी जो कि आतंकी अजहर मसूद की बहन है। सादिया का पति यूसुफ अजहर भी आतंकी था जो कि कंधार हाईजैक मामले का मास्टरमाइंड था। 

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Tue, 11 Nov 2025 12:40:44 +0530 Niraj Kumar Shukla
10/11 Delhi Blast ! लाल किले के पास चलती कार में हुआ विस्फोट, कई वाहन जले, 11 की मौत, 20 से अधिक घायल, गृहमंत्री पहुंचे, पीएम ने जताई संवेदना https://acntimes.com/delhi-blast-11-killed-over-20-injured https://acntimes.com/delhi-blast-11-killed-over-20-injured एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली सोमवार शाम उस समय एक बार फिर दहल उठी जब यहां लाल किले के पास एक कार में विस्फोट हुआ। विस्फाट शाम करीब सात बजे सुभाष मार्ग पर ट्रैफिक सिग्नल के पास गुजर रही एक हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ। इसमें करीब 11 लोगों की जानें चली गईं जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। गृहमंत्री अमित शाह ने घटनास्थल का जायजा लिया और घायलों से भी मिले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदनाएं व्यक्त की हैं। एनआईए, एनएसजी, सीआरपीएफ, दिल्ली पुलिस सहित तमाम सुरक्षा एजेंसिंयां जांच कर रही हैं। जिस कार में विस्फोट हुआ उसके मालिक की पहचान कर ली गई है। एक व्यक्ति को हिरासत में भी लिया गया है।

विस्फोट मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 से कुछ दूरी पर हुआ। विस्फोट इतना जोरदार था कि उसकी आवाज चार किलोमीटर दूर आईटीओ चौराहे तक सुनी गई। धमक से मेट्रो स्टेशन और आसपास की दुकानों के शीशे तक चकनाचूर हो गए। चश्मदीदों ने घटना की जानकारी भी दी। एक चश्मीद ने बताया कि वह अपनी कार के अंदर बैठा तभी धमाका हुआ। इससे उसने कार से उतर कर भागना बेहतर समझा। तभी उनके पीछे वाली कार में भयानक आग लग गई। एक चश्मदीद ने बताया कि धमाके के बाद उसकी कार पर कुछ आकर गिरा, देखा तो वह किसी व्यक्ति के शरीर का हिस्सा था। एक अन्य चश्मदीद के अनुसार वह कुर्सी पर बैठा था लेकिन धमाका होने पर वह गिर पड़ा, वह कुछ ही पल में तीन बार गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट एक सफेद कार में हुआ था जिसमें कुछ लोग भी बैठे थे। कई चार-पहिया और दो-पहिया वाहन भी चपेट में आए।

मच गई अफरा-तफरी, सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा

अचानक हुए इस विस्फोट से अफरा-तफरी मच गई। जैसे-जैसे यह जानकारी फैली लोग स्तब्ध हो गए। कुछ ही मिनट में दिल्ली पुलिस, एनआईए, एनएसजी, बम डिस्पोजल दस्ता सहित सुरक्षा और जांच एजेंसियों मौके पर पहुंच गईं और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया। मृतकों और घायलों को पास के लोक नारायण जय प्रकाश (एलएनजेपी) हॉस्पिटल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों की टीम ने तत्काल घायलों का उपचार शुरू कर दिया। इधर, सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने जांच का काम भी तेज कर दिया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही चश्मदीदों से भी पूछताछ शुरू कर दी गई थी और जिस स्थान पर विस्फोट हुआ वहां से साक्ष्य जुटाने का काम भी शुरू हो गया था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से मिले धातु के टुकड़ों, वायरिंग और केमिकल अवशेषों को जांच के उठाया है।

गृहमंत्री शाह ने की कार में विस्फोट पुष्टि

विस्फोट की जानकारी खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया को दी। उन्होंने कहा कि, "आज शाम लगभग 7 बजे, दिल्ली में लाल किले के पास सुभाष मार्ग ट्रैफिक सिग्नल पर एक हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ। इस विस्फोट में कुछ पैदल यात्री घायल हो गए और कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रारंभिक रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कुछ लोगों की जान चली गई है। विस्फोट की सूचना मिलने के 10 मिनट के भीतर, दिल्ली क्राइम ब्रांच और दिल्ली स्पेशल ब्रांच की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। एनएसजी और एनआईए की टीमों ने एफएसएल के साथ मिलकर अब गहन जांच शुरू कर दी है।"

गहन जांच का भरोसा दिलाया

गृह मंत्री ने कहा, "आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच के आदेश दिए गए हैं। मैंने दिल्ली के पुलिस आयुक्त और विशेष शाखा प्रभारी से भी बात की है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त और विशेष शाखा प्रभारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। हम सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं और सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए गहन जाँच करेंगे। सभी विकल्पों की तुरंत जाँच की जाएगी और हम परिणाम जनता के सामने पेश करेंगे। मैं शीघ्र ही घटनास्थल पर जाऊँगा और तुरंत अस्पताल भी जाऊंगा।"

अस्पताल पहुंचे, अधिकारियों से बात की

गृह मंत्री अमित शाह ने घटना की जानकारी प्रधानमंत्र नरेंद्र मोदी को भी दी। इसके बाद गृह मंत्री स्वयं एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे। पहले अधिकारियों और सीएमएचओ से पूरी जानकारी ली और घायलों से मुलाकात कर घटना जानी। कुशलक्षेम पूछ कर उनका हौसला भी बढ़ाया। शाह ने चिकित्सा अधिकारियों को घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देने की बात कही। इसके बाद वे घटनास्थल भी पहुंचे और जांच कर एजेसियों के प्रमुखों से चर्चा की।

अभी कुछ भी कहना

विस्फोट की जांच कर रही FSL के अधिकारी मोहम्मद वाहिद ने कहा है कि 'हम यहां जांच कर रहे हैं। सभी सैंपल प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। उसके बाद ही पुष्टि होगी। जांच के बाद पता चलेगा। कि विस्फोट कैसे हुआ। इसी तरह मौक पर पहुंचे सीआरपीएफ के डीआईजी किशोर प्रसाद ने भी कहा कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी अभी जांच चल रही है। इधर, दिल्ली पुलिस ने बताया कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16, 18 और विस्फोटक अधिनियम और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

हाई अलर्ट घोषित, कार की पहचान हुई

विस्फोट के बाद दिल्ली, नोएडा, मुंबई, उत्तर प्रदेश सहित देशभर में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया। घटनास्थल के साथ ही दिल्ली में सर्चिंग भी शुरू हो गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस कार में विस्फोट हुआ उसका नंबर HR26-7674 है। शुरुआत में इसके मालिक के रूप में किसी नदीम खान का नाम आया था हालांकि बाद में पता चला कि वह गुरुग्राम के शिवाजीनगर थाना क्षेत्र के निवासी सलमान नामक व्यक्ति की है। इससे गुरुग्राम पुलिस ने सलमान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सलमान ने बताया कि उसने पहले वह कार उसी की थी लेकिन उसने दिल्ली के ओखला में देवेंद्र नामक एक व्यक्ति को बेच दी थी। 

हेल्पलाइन नंबर जारी

दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम

011-22910010 एवं 011-2910011

LNJP अस्पताल

011-23233400 एवं इमरजेंसी 011-23239249

मृतकों और घायलों की सूची

क्र. नाम आयु
1 शाइना परवीन पिता मोहम्मद सैफुल्लाह, निवासी दिल्ली 23
2 हर्षुल पिता संजीव सेठी, निवासी गदरपुर, उत्तराखंड 28
3 शिवा जायसवाल पिता अज्ञात, निवासी देवरिया, यूपी 32
4 समीर पिता अज्ञात, निवासी मंडावली, दिल्ली 26
5 जोगिंदर पिता अज्ञात, निवासी नंद नगरी, दिलशाद गार्डन, दिल्ली 28
6 भवानी शंकर सामरा, पिता अज्ञात, निवासी संगम विहार, दिल्ली 30
7 अज्ञात 35
8 गीता पिता शिव प्रसाद, निवासी कृष्णा विहार, दिल्ली 26
9 विनय पाठक, पिता रामाकांत पाठक, निवासी आया नगर, दिल्ली 50
10 पप्पू पिता दूधवी राम, निवासी आगरा, यूपी 53
11 विनोद पिता विशाल सिंह, निवासी बैतजीत नगर, दिल्ली 55
12 शिवम झा पिता संतोष झा, निवासी उस्मानपुर, दिल्ली 21
13 अज्ञात (अमन) 26
14 मोहम्मद शहनवाज़ पिता दिवंगत अहमद जमान, निवासी दरियागंज, दिल्ली 35
15 अंकुश शर्मा पिता सुधीर शर्मा, निवासी ईस्ट रोहिताश नगर, शाहदरा, दिल्ली 28
16 अशोक कुमार, पिता जगबंश सिंह, निवासी अमरोहा, यूपी 34
17 अज्ञात 35
18 मोहम्मद फारुख पिता अब्दुल कादिर, निवासी दरियागंज, दिल्ली 55
19 तिलक राज पिता किशन चंद, निवासी हमीरपुर, हिमाचल 45
20 अज्ञात 52
21 अज्ञात 58
22 अज्ञात 28
23 अज्ञात 30
24 मोहम्मद सफवान पिता मोहम्मद गुफरान, निवासी सीता राम बाजार, दिल्ली 28
25 अज्ञात 35
26 मोहम्मद दाऊद पिता जानुद्दीन, निवासी लोनी, गाज़ियाबाद, यूपी 31
27 किशोरी लाल पिता मोहन लाल, निवासी यमुना बाज़ार, कश्मीरी गेट, दिल्ली 42
28 आज़ाद पिता रसुद्दीन, निवासी करताल नगर, दिल्ली 34
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Tue, 11 Nov 2025 09:36:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
Silver Price 2025 : इसलिए रॉकेट की तरह भाग रहे चांदी के भाव, 2.50 लाख रुपए तक भी पहुंच सकते हैं https://acntimes.com/silver-price-boom-2025-industrial-demand-green-energy-trend https://acntimes.com/silver-price-boom-2025-industrial-demand-green-energy-trend राजेश मूणत

इतिहास कहता है कि पिछले पच्चीस वर्षों में चांदी ने कई बार निवेशकों को चौंकाया और रुलाया है। कभी इसकी कीमतें आसमान छू गईं तो कभी गहरी गिरावट ने बाजार को हिला दिया। लेकिन चांदी अब निवेशकों की रुचि - अरुचि से आगे निकल गई है। बताया जाता है कि चांदी के भावों की वर्तमान तेजी इस धातु की औधोगिक खपत के कारण बनी है।

विगत वर्षों के हालातों पर नजर डालें तो साल 2000 से 2006 के बीच चांदी ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ी थी। 2009-10 में वैश्विक आर्थिक संकट के बाद आई रिकवरी से चांदी में जोरदार तेजी आई। वर्ष 2010 में तो चांदी के भावों में करीब 80 प्रतिशत तक की छलांग दर्ज की गई। उस दौर को अभी तक के दौर में सबसे बड़ा उछाल वाला माना जाता है।

आर्थिक उतार-चढ़ाव और वैश्विक निवेश प्रवृत्तियों की सटीक नब्ज

2011 के बाद तो हालात ही बदल गए। 2012 से 2015 लगातार गिरावट का दौर रहा। खासकर वर्ष 2013 में चांदी के भावों में लगभग 36 प्रतिशत की कमी आई। 2016 से 2019 तक का समय अपेक्षाकृत स्थिर रहा और बाजार में कोई बड़ा झटका नहीं आया। कोविड काल 2020 में चांदी ने एक बार फिर जोर पकड़ा और करीब 48 प्रतिशत तक बढ़त दर्ज की। इसके बाद 2021 में कुछ सुधार हुआ। 2022-23 में भाव लगभग स्थिर बने रहे लेकिन विगत वर्ष 2024 में औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी फिर करीब 20 प्रतिशत चढ़ी। कुल मिलाकर, पिछले ढाई दशकों में चांदी के भावों ने यह साबित किया है कि यह धातु आर्थिक उतार-चढ़ाव और वैश्विक निवेश प्रवृत्तियों की सटीक नब्ज दिखाती रही है।

10 वर्ष में 5 गुना बढ़े दाम !

2015 से 2025 के बीच चांदी के भावों में एक लंबी स्थिरता दर्ज की गई। वर्ष 2015 में जहां चांदी लगभग ₹37,000 प्रति किलोग्राम थी, वहीं 2020 के बाद यह लगातार बढ़ते हुए 2024 में ₹95,700 और वर्तमान (अक्टूबर 2025) में लगभग ₹1,85,000 प्रति किलोग्राम तक पहुँच चुकी है। इस तरह पिछले दस वर्षों में चांदी के भाव लगभग पाँच गुना बढ़ गए हैं।

इस कारण आया था भावों में उछाल

2015 से 2019 तक की औसत कीमतें ₹35,000 से ₹45,000 प्रति किलोग्राम के बीच झूलती रहीं। लेकिन कोविड महामारी के बाद वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, ग्रीन एनर्जी सेक्टर में तेजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल उद्योगों की बढ़ती मांग तथा निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति (safe haven) की ओर झुकाव ने चांदी के बाजार में ऐतिहासिक उछाल ला दिया।

उत्कृष्ट विद्युत चालकता बड़ी खूब

भारत में चांदी की मांग का बड़ा हिस्सा औद्योगिक उपयोग से आता है— खासकर सौर पैनल, विद्युत उपकरण, बैटरी, ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और रासायनिक प्रक्रियाओं में इसका भारी उपयोग होता है। वहीं पारंपरिक रूप से आभूषण, बर्तन और सिक्कों में भी इसका उपयोग जारी है। लेकिन हाल के वर्षों में सबसे अधिक मांग सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्षेत्र से आ रही है। चांदी की उत्कृष्ट विद्युत चालकता इसकी बड़ी खूबी है और इसका कोई सटीक विकल्प फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

भारत बड़ा उपभोक्ता, बड़ा आयातक

जहाँ तक उत्पादन का प्रश्न है, भारत चांदी का बड़ा उपभोक्ता देश तो है, परंतु उत्पादन में विश्व स्तर पर इसकी हिस्सेदारी सीमित (लगभग 2%) है। भारत में चांदी का प्रमुख उत्पादन राजस्थान, झारखंड और छत्तीसगढ़ में स्थित बहुधात्विक खदानों से होता है। सबसे अधिक उत्पादन राजस्थान के उदयपुर, भीलवाड़ा और जावर माइंस क्षेत्र से होता है, जिन्हें हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) संचालित करती है। वर्ष 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में लगभग 700–800 टन चांदी का वार्षिक उत्पादन हुआ, जबकि देश की कुल खपत 8,000 – 9,000 टन के आसपास रही — यानी लगभग 90% चांदी का आयात किया जाता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचलें सीधे भारतीय बाजार पर असर डालती हैं।

...तो दो से ढाई लाख रुपए तक जा सकते हैं दाम !

वैश्विक स्तर पर, मैक्सिको, चीन, पेरू, रूस और ऑस्ट्रेलिया प्रमुख उत्पादक देश हैं। अकेला मेक्सिको दुनिया के कुल उत्पादन का लगभग 25% देता है। 2024 में वैश्विक चांदी उत्पादन करीब 26,000 टन रहा, जबकि मांग लगभग 32,000 टन तक पहुँच गई — यानी लगभग 6,000 टन का वैश्विक घाटा दर्ज किया गया। आपूर्ति-मांग के इसी अंतर ने चांदी की कीमतों को रॉकेट की रफ़्तार दी है। विशेषज्ञों का मत है कि यदि औद्योगिक मांग इसी गति से बढ़ती रही, तो आने वाले वर्षों में चांदी ₹2 लाख प्रति किलोग्राम से 2 लाख 50 हज़ार का स्तर पार कर सकती है।

औद्योगिक विकास की गति का संकेतक है चांदी के भाव की ऊँचाई

आज “ग्रीन एनर्जी सेक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में खपत ने चांदी को औद्योगिक धातुओं में सबसे आकर्षक बना दिया है। इसका असर तब तक रहेगा जब तक ये उद्योग चांदी का विकल्प नहीं खोज लेते। सार यह है कि चांदी का भाव अब केवल एक कीमती धातु के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकी बदलावों और वैश्विक आर्थिक समीकरणों का दर्पण बन चुका है। इसके भावों की ऊँचाई, आने वाले दशक में औद्योगिक विकास की गति का संकेतक मानी जा सकती है।

(पत्रकार एवं लेखक राजेश मूणत की फेसबुक वाल से साभार)

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Thu, 16 Oct 2025 01:46:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
हिंदी दिवस व्यंग्य : भाषा की प्रत्यंचा पर प्रज्ञावतार की पकड़ &आशीष दशोत्तर https://acntimes.com/hindi-day-satire-ashish-dashottar https://acntimes.com/hindi-day-satire-ashish-dashottar यह उनका युग है‌। इस युग के वे ही प्रस्तावक हैं, वे ही संस्थापक, वे ही उन्नायक, वे ही प्रचारक और वे ही विस्तारक। युगीन साहित्यकार उसे ही कहा जाता है जो अपने युग की स्थापना के लिए इतने पदों को सुशोभित करे। विलक्षण व्यक्तित्व और कुशल कृतित्व के दम पर लोगों ने बहुत कुछ कर लिया, मगर वे अपने युगीन अस्तित्व को अपने तरीके से और अपने सलीके से गढ़ रहे हैं।

पाठ्यक्रमों से भाषा को गायब करने के दौर में वे अपनी कोशिशों से साहित्य में एक नए युग का सूत्रपात कर रहे हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी प्रत्यंचा पर पुख़्ता पकड़ बनाए रखने का कौशल उन्हें आता है। साहित्य को आधुनिक युग से आगे ले जाने वाले वे ही हैं। सिमटती भाषा को  विराट स्वरूप देने की अद्भुत क्षमता उन्हीं में है। उनके प्रयासों से इस नए युग को संबल मिल रहा है। युग पुष्पित, पल्लवित हो रहा है। इस चमत्कारी उपलब्धि पर वे मन ही मन मुदित हैं, प्रफुल्लित भी। गौरवान्वित तो उन्हें पा कर भाषाई जगत है।

आने वाले वक्त में इस युग को उन्हीं के नाम से जाना जाएगा। वे प्रज्ञावतार हैं। अंट-शंट प्रतिभा के धनी। उनके पोर-पोर से प्रतिभा का प्रस्फुटन हो रहा है। जिस रूप में देखो प्रतिभा उनके भीतर से बाहर आ रही है। कहने वाले कहते हैं कि प्रतिभाओं को अवसर नहीं मिलते, मगर उनके लिए अवसरों की कोई कमी नहीं। वे कहते हैं, प्रतिभा अंट-शंट हो तो अवसर अनगिनत हैं।

उनकी अपनी प्रोफाइल है, उनका अपना स्टाइल है। वे बातों को घिसने में नहीं, पीसने में विश्वास रखते हैं। पीसते भी दरदरा हैं। महीन पीसने में उम्र खपा चुके कलम के पुजारियों के लिए यह सीखने और समझने-बूझने का मंत्र है। वे किसी भी विषय को उलझाते नहीं निपटाते हैं। विषय से भटकते नहीं विषय पर झपटते हैं। सोच, विचार, चिंतन, मनन, अध्ययन, पठन-पाठन जैसे 'आउटडेटेड' शब्द उनकी डिक्शनरी से 'डिलीट' कर दिए हैं। लेखन को 'प्रक्रिया' मानने वाले बेवकूफ वे नहीं। क्रिया से अधिक प्रतिक्रिया पर उनका जोर रहता है। प्रतिक्रिया भी तत्समय, त्वरित और तीव्र। यही प्रतिक्रिया उनकी स्थापना का मज़बूत आधार तैयार करती है।

सालों तक किसी प्लॉट को आप अपने दिमाग में फैलाते रहिए। महीनों तक उसे कागज़ पर उतारने की कोशिश करते रहिए। ढूंढ-ढूंढ कर प्रभावी शब्दों से उस प्लाट पर एक रचनात्मक इमारत खड़ी करते रहिए। उनके सामने आपकी मेहनत का ये महल दो सेकंड में ही धराशायी हो जाएगा। अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया "मज्जाई नी आया" से आपकी मेहनत का तीया-पांचा कर देंगे। बाद के सारे प्रतिक्रियावादी, आपकी रचना से अधिक उनकी प्रतिक्रिया को पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। आपके किये कराए पर पोंछा फिर जाता है।

उन सी प्रतिभा भला और किसी में कहां? इसीलिए उनके फॉलोअर्स निरंतर बढ़ रहे हैं। इन्हीं के दम पर उन्हें यकीन है कि वे आने वाले समय में आधुनिक युग के बाद के 'अंट-शंट प्रतिभा युग' के आधार स्तंभ माने जाएंगे। अब आप इसे भले ही भाषाई पराभव युग से पहचानें, उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता।

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आशीष दशोत्तर

12/2, कोमल नगर,

बरबड़ रोड

रतलाम- 457001

मध्य प्रदेश

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Sat, 13 Sep 2025 17:19:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
यह तो कमाल है ! सिर्फ 3 साल की उम्र में विश्व रिकॉर्ड… जानिए, कौन है यह बच्ची और क्यों मिली उपलब्धि https://acntimes.com/3-year-old-Jahnavi-of-Ratlam-has-2-world-records https://acntimes.com/3-year-old-Jahnavi-of-Ratlam-has-2-world-records
  • रतलाम की बेटी जाह्नवी ने बनाए दो विश्व रिकॉर्ड

  • 2 मिनट 40 सेकेंड में हनुमान चालीसा का किया पाठ

  • स्वर्ण नगरी रतलाम की बेटी है रिकॉर्ड धारक

  • कलेक्टर और एसपी ने बच्ची को किया सम्मानित

  • एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कोई भी काम आसान नहीं है लेकिन यह भी सच है कि कोई काम नामुमकिन भी नहीं है। स्वर्ण नगरी रतलाम की बेटी जाह्नवी ने यह साबित भी कर दिया है। इसने महज 3 साल 3 महीने की उम्र में ही दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। इस उपलब्ध पर विश्व रिकॉर्ड से जुड़े जूरी मेंबर ने तो रतलाम पहुंच कर बच्ची को अवॉर्ड दिया ही, कलेक्टर और एसपी ने भी उसका अभिनंदन किया।

    हम बात कर रहें हैं स्वर्णकार समाज के 29 वर्षीय नरेन्द्र सोननी (सोनु) की बेटी जाह्नवी की। नरेंद्र स्वयं तो एक अच्छे कलाकार हैं ही, उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपनी 3 वर्ष 3 माह 5 दिन की बिटिया को भी इसी दिशा में चलाने का संकल्प लिया। इस युगल ने अपनी बेटी को संस्कारों का ऐसा पाठ पढ़ाया कि उसने सिर्फ 2 मिनट 40 सेकंड में हनुमान चालीसा का पाठ कर विश्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया। जाह्नी शहर के एक निजी विद्यालय की कक्षा नर्सरी की छात्रा है। उसकी इस उपलब्धि पर स्वर्णकार समाज सहित रतलाम के रहवासियों में उत्साह है।

    कलेक्टर ने दिया आशीर्वाद

    जाह्नवी शहर के एक निजी स्कूल की कक्षा नर्सरी में छात्रा है। उसे पहला खिताब लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दिया और दूसरा वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दिया है। इसके प्रमाण पत्र देने वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड के जूरी मेंबर शैलेंद्र सिंह सिसौदिया रतलाम पहुंचे थे। यहां जाह्नवी के पिता नरेंद्र ने दोनों अवॉर्ड कलेक्टर राजेश बाथम और एसपी अमित कुमार के हाथों से अपनी बच्चों को दिलवाने की इच्छा जताई। उन्होंने अपनी इस इच्छा को पत्रकार रमेश सोनी के समक्ष जाहिर की तो उन्होंने कलेक्टर और एसपी को अवगत करवाया और अनुमति मिलने पर वे बच्ची, उनके पिता और जूरी मेंबर को साथ लेकर अधिकारी द्वय से मिलने भी पहुंचे। जहां दोनों अधिकारियों ने बच्ची का अभिनंदन किया। वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र कलेक्टर बाथम ने अपने हाथों से बच्ची को सौंपा। उन्होंने जाह्वी के उज्जवल भविष्य की कामना की और आशीर्वाद भी दिया।

    यह भी देखें... बच्चा कमाल का ! रतलाम के 10 वर्षीय जिष्णु दवे ने 365 दिन में बनाई 365 पेंटिंग, विश्व रिकॉर्ड बनाकर रोशन किया देश का नाम

    एसपी ने गोद में उठा कर किया दुलार

    सोनी परिवार और जूरी सदस्य जब जाह्नवी को लेकर एसपी अमित कुमार के पास पहुंचे तो वे उसे दुलार किए बिना नहीं रहे। उन्होंने बच्ची को गोद में ही उठा लिया और कहा कि इस नन्हीं सी बच्ची में जो प्रतिभा छुपी है वह अपने परिवार के संस्कारों की ओर इशारा कर रही है। उन्होंने जाह्नवी के पिता नरेन्द्र से कहा कि वे इस बच्ची को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों पर भी विशेष ध्यान दें। परिवार के संस्कारों की वजह से ही आज यह नन्हीं बच्ची प्रदेश की प्रतिभा बनी हैं।

    ये रहे उपस्थित

    कलेक्टर बाथम और एसपी कुमार द्वारा बच्ची को सम्मानित किए जाने के दौरान पत्रकार रमेश सोनी, वेब वर्ल्ड रिकॉर्ड के जूरी मेंबर शैलेंद्र सिंह सिसौदिया, धरम यादव, पतंजलि योगपीठ के जिलाध्यक्ष विशाल कुमार वर्मा, जन-अभियान परिषद के समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, महाराजा अजमीढ़ जी युवा संस्था मुंबई के जिलाध्यक्ष मुकेश सोनी, सुनीता सोनी, हर्ष जैन (आज हम आ गए), आयुष कसेरा ( https://www.instagram.com/theratlammerijaan/ ) मौजूद रहें!

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    Wed, 03 Sep 2025 12:49:36 +0530 Niraj Kumar Shukla
    संभल हिंसा&2024 रिपोर्ट जारी ! लव जिहाद, हिंदू पलायन और ग़ज़वा&ए&हिंद की साजिश का हुआ पर्दाफाश https://acntimes.com/sambhal-violence-report-love-jihad-ghazwa-e-hind https://acntimes.com/sambhal-violence-report-love-jihad-ghazwa-e-hind एसीएन टाइम्स @ प्रयागराज । Sambhal Violence 2024 Report : नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा की न्यायिक समिति की 450 पन्नों की रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं—जिनमें लव जिहाद, हिंदुओं का बड़े पैमाने पर पलायन, गजवा-ए-हिंद की साजिश और अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से कनेक्शन शामिल हैं। यह रिपोर्ट न सिर्फ 2024 की हिंसा बल्कि आजादी के बाद से संभल में हुए दंगों और लगातार बदलते डेमोग्राफिक पैटर्न पर भी गंभीर सवाल उठाती है।

    न्यायिक जांच समिति के सदस्य संभल हिंसा 2024 की रिपोर्ट सीएम योगी आदित्य नाथ को सौंपते हुए।

    संभल हिंसा के बाद इसकी जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक समिति गठित करने के आदेश दिए थे। इस समिति ने मामले की तह तक जाने का प्रयास किया और हिंसा के कारणों का पता लगाने के साथ ही इसमें टारगेट बनाए गए लोगों से बयान भी दर्ज किए। जांच में संभल में हिंदुओं की घटती आबादी और हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों का खुलासा भी हुआ है। इसमें आजादी के बाद से अब तक हुए बड़े दंगों और उसकी वजह का जिक्र भी है। जिससे यहां से हिंदुओं को यहां से पलायन करना पड़ा। समिति ने अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप दी है।

    मस्जिद के सर्वे के आदेश से भड़की आग, अब तक 15 दंगे हुए

    न्यायिक जांच में आए तथ्यों के अनुसार संभल में हिंसा की वजह शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश दिए जाने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा व्यक्त की गई प्रतिक्रिया रही। कट्टरपंथियों ने पूरे शहर को दंगे की आग में झोंक दिया। जगह-जगह आगजनी की गई। लाठी और डंडे लेकर हिंदुओं पर हमले किए गए, उनके घर तक तोड़ दिए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि आजादी के बाद से संभल में ऐसे 15 बड़े दंगे हो चुके हैं। इनमें हिंदुओं के धर्मस्थलों को भी निशाना बनाया गया। CAA के विरोध में ही संभल के बाजारों को 6 दिन तक जबरन बंद रखा गया था। ऐसे दंगों का शिकार हुए हिंदुओं की ओर से पुलिस ने केस तक दर्ज नहीं किए थे। यही कारण रहा कि यहां से बड़ी संख्या में हिंदुओं का पलायन हुआ। इसे लेकर पूर्व की सरकार की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

    निकाल के 1 साल बाद बेटी बोली- ‘मुझे बचा लो’

    एक लड़की के लव हिजाद का शिकार होने का मामला सामने आया है। इसके अनुसार एक व्यक्ति ने समिति को बताया कि 2013 में संभल के दीपा सराय निवासी मोहम्मद हम्माद (तुर्क) ने उनकी छोटी बेटी का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण करवाने के बाद निकाह किया था। निकाह के बाद आरोपियों ने उनकी बेटी का नाम सिदरा रख दिया था। इसके एक साल बाद ही उनकी बेटी ने उन्हें फोन काल किया। उसने पिता से रोते हुए कहा था कि, ‘मुझे बचा लो।’ पिता ने बताया कि उन्हें धमकी मिली थी जिससे वे काफी डर गए थे जिससे वे अपनी बेटी की कोई मदद नहीं कर सके। सिदरा अब मदरसों में मजहबी भाषण देती है।

    हाईकोर्ट तक पहुंचा था गाजियाबाद की छात्रा का मामला

    रिपोर्ट के अनुसार मोहम्मद हम्माद (तुर्क) ने गाजियाबाद में एमबीए की पढ़ाई करने वाली एक युवती को भी लव जिहाद का शिकार बनाया था। हुआ यूं कि, एमबीए की पढ़ाई करने वाली युवती का हम्माद से कॉलेज में ही परिचय हुआ था। मेल-जोल ऐसा बढ़ा कि युवती का रुझान इस्लामी गतिविधियों में बढ़ गया। वह उर्दू की किताबें भी पढ़ने लगी थी। बताया जा रहा है कि यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक भी पहुँचा लेकिन फैसला मोहम्मद हम्माद के पक्ष में आया था। इसके बाद उक्त युवती के परिवार को अपमानित करने के लिए मोहम्मद हम्माद के परिवार वालों और कट्टरपंथियों ने संभल में दावत-ए-वलीमा की पार्टी कर जश्न भी मनाया था। ऐसी पार्टी और जश्न मुस्लिम युवकों द्वारा हर हिंदू लड़कियों से निकाह किए जाने पर मनाया जाता था।

    आतंकी संगठनों की पनाहगाह बन गया संभल

    रिपोर्ट में आईं जानकारियों पर यकीन करें तो संभव आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की पनाहगाह बन गया था। ये लोग यहां के युवकों का ब्रेनवॉश कर उन्हें आतंकी और कट्टरपंथी संगठनों से जोड़ने का काम करत थे। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISIS द्वारा कुछ युवओं को तो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों हरकत-उल-मुजाहिदीन, तहरीक-ए-तालिबान, अल-कायदा, हिजबुल मुजाहिदीन तक में भी भर्ती करवा दिया गया था। इनमें से कुछ के नाम तो अमेरिका के प्रमुख आतंकियों की सूची में भी शुमार बताए जाते हैं।

    2500 लोगों के खिलाफ दर्ज हुए थे केस

    बता दें कि, संभल हिंसा के बाद पुलिस ने 25 लोगों को हिरासत में लिया था। करीब 2500 लोगों के खिलाफ 7 प्रकरण दर्ज किए गए थे। आरोपियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी केस दर्ज हुए थे। आरोपियों में संभल से सपा के सदस्य जियाउर्रहमान बर्क तथा सहयोगी इकबाल महमूद के पुत्र नवाब सुहैल इकबाल शामिल है। पुलिस द्वारा हिंसा के आरोपियों पर 

    संभल हिंसा की रिपोर्ट – मुख्य बिंदु

    • 450 पन्नों की न्यायिक समिति की जांच रिपोर्ट

    • लव जिहाद और हिंदू पलायन की पुष्टि

    • गजवा-ए-हिंद के नाम पर साजिशें

    • आजादी के बाद 15 बड़े दंगे

    • अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से संबंध

    Love Jihad का एंगल – मोहम्मद हम्माद और हिंदू बेटियाँ

    • रिपोर्ट में सबसे गंभीर खुलासा यह है कि तुर्क मोहम्मद हम्माद ने हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया।
    • 2013 में दीपा सराय निवासी परिवार की बेटी का धर्मांतरण करवाया गया।

    • उसका नाम बदलकर सिदरा रखा गया।

    • एक साल बाद लड़की ने पिता को रोते हुए फोन किया – “मुझे बचा लो।”

    MBA छात्रा का मामला

    • गाजियाबाद की MBA छात्रा को भी हम्माद ने फंसाया।

    • इलाहाबाद हाईकोर्ट तक केस गया, लेकिन फैसला आरोपी के पक्ष में आया।

    • इसके बाद कट्टरपंथियों ने संभल में दावत-ए-वलीमा पार्टी करके जश्न मनाया।

    मस्जिद सर्वे से भड़की आग, आजादी के बाद 15 बड़े दंगे

    • आजादी के बाद से अब तक 15 बड़े दंगे हो चुके।

    • CAA विरोध में 6 दिन तक बाजार बंद रखे गए।

    • हिंदुओं के धर्मस्थल भी तोड़े गए।

    • कई मामलों में पुलिस ने केस दर्ज तक नहीं किया।

    Hindu Migration – घटती जनसंख्या और पलायन

    • रिपोर्ट बताती है कि लगातार दंगों और हिंसा के कारण हिंदू परिवारों का सामूहिक पलायन हुआ।

    • संभल की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है।

    • हिंदू अल्पसंख्यक बनते जा रहे हैं।

    Ghazwa-e-Hind की साजिश और आतंकी कनेक्शन

    • इस्लामी कट्टरपंथी गजवा-ए-हिंद के नाम पर युवाओं का ब्रेनवॉश करते थे।

    • ISIS और पाकिस्तान समर्थित संगठनों से लिंक मिला।

    • कुछ युवकों को अफगानिस्तान और पाकिस्तान भेजकर हरकत-उल-मुजाहिदीन, हिजबुल मुजाहिदीन, अल-कायदा में भर्ती कराया गया।

    • कई नाम अमेरिकी आतंकियों की लिस्ट में भी हैं।

    राजनीतिक सवाल और सरकार की भूमिका

    • रिपोर्ट में पूर्व सरकारों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

    • दंगों के पीड़ित हिंदू परिवारों को न्याय नहीं मिला।

    • कई केस दर्ज ही नहीं किए गए।

    • योगी सरकार ने समिति गठित की और रिपोर्ट पब्लिक की।

    FAQs

    Q1. संभल हिंसा की रिपोर्ट कब जारी हुई?
    ???? नवंबर 2024 में हुई हिंसा की जांच रिपोर्ट अगस्त 2025 में जारी की गई।

    Q2. रिपोर्ट में लव जिहाद के कितने मामले सामने आए?
    ???? मोहम्मद हम्माद द्वारा कई हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने और उनका धर्मांतरण कराने का जिक्र है।

    Q3. क्या संभल का आतंकवादी संगठनों से कनेक्शन मिला?
    ???? हाँ, रिपोर्ट में बताया गया कि ISIS और पाकिस्तानी संगठनों ने संभल के युवकों को भर्ती किया।

    Q4. कितने दंगे संभल में आजादी के बाद हुए?
    ???? 15 बड़े दंगे, जिनमें हिंदू समुदाय को टारगेट किया गया।

    Q5. क्या हिंदू पलायन की पुष्टि हुई है?
    ???? हाँ, रिपोर्ट में साफ कहा गया कि हिंसा और अत्याचारों के चलते हिंदू परिवारों ने पलायन किया।


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    Sat, 30 Aug 2025 09:55:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
    तस्कर ने मादक पदार्थ की तस्करी के रुपए से MP के जावरा में खरीदा होटल, राजस्थान की अरनोद पुलिस ने कर दिया सील https://acntimes.com/rajasthan-police-sealed-hotel-in-jaora-of-mp-was-bought-with-money-from-drug-smuggling https://acntimes.com/rajasthan-police-sealed-hotel-in-jaora-of-mp-was-bought-with-money-from-drug-smuggling
  • राजस्थान की अरनोद पुलिस ने पकड़ा था मादक पदार्थ
  • अभियुक्त याकूब खां ने पत्नी के नाम खरीदा था होटल
  • जावरा के हुसैन टेकरी क्षेत्र में खरीदा होटल किया सील
  • राजस्थान पुलिस ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत की कार्रवाई
  • एसीएन टाइम्स @ प्रतापगढ़ / जावरा । राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की पुलिस ने मप्र के रतलाम जिले के जावरा में फातेमा होटल / लॉज को सील कर दिया है। आरोप है कि यह होटल / लॉज मादक पदार्थ की तस्करी से प्राप्त रुपयों से खरीदी गई है। सील किए गई संपत्ति का बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपए आंका गया है।

    एसपी बी. आदित्य के निर्देशन में प्रतापगढ़ जिले में ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया जा राह है। इसमें मादक पदार्थों की तस्करी के रुपयों से अर्जित संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में जिले के अरनोद पुलिस ने टीआई टीआई हजारीलाल मीणा के नेतृत्व में गुरुवार को रतलाम जिले के जावरा स्थित हुसैन टेकरी क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस ने यहां फातेमा होटल / लॉज को सील करने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 थ्(1) और सफेमा के तहत की गई।

    पिछले साल 16 दिसंबर को जब्त हुआ था मादक पदार्थ

    अरनोद पुलिस के अनुसार गत 16 दिसंबर 2024 को थाना अरनोद टीआई हजारीलाल मीणा व पुलिस बल ने जयपुर क्राइम ब्रांच के मुखबिर की सूचना पर देवल्दी गांव और टापरिया के रास्ते पर दबिश दी। यहां पुलिस को एक डिब्बे में तरल रूप में 11 किलो 450 ग्राम एमडीएमए मादक परार्थ मिला था। मौके से अलग-अलग जरीकेन में 14 किलो 770 ग्राम लिक्विड केमिकल, एक अन्य केमिकल 4 किलो 900 ग्राम तथा 2 किलो 500 ग्राम सफेद पाउडर भी मिला था।

    ये उपकरण भी हुए थे जब्त

    इसके साथ ही एमडीएमए बनाने में प्रयुक्त होने वाला सामान इलेक्ट्रॉनिक कांटा, स्टील (चद्दर) के तीन खाली जरीकेन, हाथों में पहनने के रबर के ग्लब्ज, मास्क, नाप करने वाले 5 लीटर का एक मग, 3-3 लीटर के दो मग व 1-1 लीटर के 5 मग, स्टील का एक भगोना (10 लीटर क्षमता का), बड़ा चम्मचा, दही बिलोने की बिजली से चलने वाली 10 मशीनें और वायर भी जब्त हुआ था। पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। अनुसंधान के दौरान पुलिस को उक्त अपराध में याकूब खां पिता फकीरगुल, जमशेद पिता फकीरगुल और साहिल पिता सलीम खां निवासी देवल्दी की संलिप्तता मिली परंतु वे फरार हो गए थे। पुलिस ने तलाश जारी रखी। सभी के न्यायालय से गिरफ्तारी वांरट जारी करवाए गए। अभियुक्त लम्बे समय से मादक पदार्थ अफीम व ब्राउन शुगर की तस्करी में लिप्त है।

    जावरा में पत्नी के नाम से खरीदा होटल / लॉज

    पतड़ताल में पुलिस को पता चला कि मुख्य अभियुक्त याकूब खा पिता फकीरगुल निवासी देवल्दी द्वारा एमडीएम, अफीम, स्मैक, ब्राउन शुगर, स्मैक आदि की तस्करी में संलिप्त है और इससे अर्जित रुपयों से संपत्ति खरीदी गई है। अभियुक्त ने मप्र के जावरा में हुसैन टेकरी क्षेत्र में पत्नी बखमीना बी के नाम से एक होटल / लॉज भी खरीदा गया। इस संपत्ति का बाजार मूल्य 1 करोड़ रुपए बताया जा रहा है।

    फ्रीज करने का प्रस्ताव दिल्ली भेजा था

    पुलिस द्वारा अभियुक्त याकूब खां की संपत्ति फ्रीज करने के लिए 22 जुलाई 2025 को एक प्रस्ताव कंपिटेन्ट अथॉरिटी व एडमिनिस्ट्रेटर सफेमा (एफओपी) एण्ड एनडीपीएस एक्ट नई दिल्ली के समक्ष पेश किया गया था। कॉम्पिटेन्ट अथॉरिटी द्वारा अभियुक्त को दो बार सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। इसके पश्चात 20 अगस्त 2025 को फ्रीजिंग के आदेश का अनुमोदन कर दिया जिसके चलते अरनोद पुलिस ने उक्त कार्रवाई कर सील की गई संपत्ति पर सम्पति पर फ्रीजिंग का बोर्ड भी लगाया गया है।

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    Fri, 29 Aug 2025 00:20:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम पुलिस ने साइबर ग्रूमिंग एवं सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी, ताकि& आप रहें सुरक्षित https://acntimes.com/Ratlam-Police-issued-advisory-to-avoid-cyber-grooming-and-social-media-fraud https://acntimes.com/Ratlam-Police-issued-advisory-to-avoid-cyber-grooming-and-social-media-fraud
  • रतलाम साइबर क्राइम सेल ने जारी की एडवाइजरी
  • सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने की सलाह दी
  • साइबर ग्रूमिंग से बच्चों को बचाने की सलाह
  • एसीएन टाइम्स @ रतलाम । साइबर ठगी के नए नए तरीकों से लोगों को ठगने के बढ़ते मामलों को देखते हुए रतलाम की साइबर क्राइम सेल ने आमजन के लिए लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही हैं। इसमें साइबर ठगी के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक रहने की अपील की जा रही हैं। एडवाइजरी में साइबर अपराधों के तरीके और उनसे बचने के उपाय भी बताए जा रहे हैं। सेल ने इस बार की एडवाइजरी में साइबर ग्रूमिंग एवं सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं ताकि आप सुरक्षित रहें।

    आजकल हर उम्र के व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग किया जा रहा है। सोशल मीडिया के उपयोग के दौरान बच्चों द्वारा थोड़ी सी भी असावधानी बरतने पर वे सायबर ग्रूमिंग का शिकार बन सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देशन पर एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम सेल निरंतर कार्य कर रही है। सेल द्वारा जारी ताजा एडवाइजरी में साइबर ग्रूमिंग और सोशल मीडिया फ्रॉड से बचने को लेकर आगाह किया गया है।

    क्या है साइबर ग्रूमिंग ?

    सोशल मीडिया पर कई बार साइबर अपराधी हमारे परिचित या दोस्त की फेक प्रोफाइल बनाकर उनके नाम से बातचीत शुरू करते हैं। वे बच्चों का विश्वास जीतकर धीरे-धीरे बच्चों से व्यक्तिगत जानकारी, बच्चों के फोटोज, वीडियोज लेकर बच्चों को ब्लैकमेल करते हैं। इस प्रकार की घटना बच्चों के परिचित या दोस्तों द्वारा भी की जा सकती है। शुरुआत में अपराधी बच्चों से उनकी रुचि अनुसार बाते करते हैं और धीरे-धीरे उनका विश्वास जीत लेते हैं। फिर उनसे अश्लील बातें चैटिंग करने लगते हैं। बच्चों के अंतरंग फोटो-वीडियो साझा करवा लेते हैं। इन फोटो-वीडियो या चैटिंग के स्क्रीन शॉट के माध्यम से बच्चों को ब्लैकमेल करते हैं और अपनी बातें मानने के लिए दबाव बनाते हैं।

    सोशल मीडिया पर फ्रॉड ?

    साइबर अपराधी बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स से जानकारी चुराकर उसका अध्ययन करते हैं। फिर उनके अभिभावकों को फोन कर फर्जी पुलिस केस या अपहरण की झूठी जानकारी सुनाकर ठगी का प्रयास करते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर आकर्षक ऑफर और सस्ते समान का लालच देकर, आकर्षक प्रोफाइल पिक्चर लगाकर या विदेशी दोस्त बनकर भी जाल में फसाते हैं। इस तरह वे धोखाधड़ी को अंजाम देते हैं। 

    सोशल मीडिया फ्रॉड और साइबर ग्रूमिंग से बचने के लिए ये बरतें सावधानियां

    प्रोफाइल लॉक रखें : सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट की प्रोफाइल लॉक रखें या सेफ गार्ड का यूज करें। इससे कोई भी आपकी प्रोफाइल पिक्चर का स्क्रीन शॉट नहीं ले पाएगा एवं अन्य जानकारी नहीं देख सकेगा। इससे आपकी प्रोफाइल की क्लोनिंग नहीं हो पाएगी।

    टू-स्टेप वेरिफिकेशन उपयोग करें : सभी सोशल मीडिया अकाउंट के लिए टू-स्टेप वेरिफिकेशन सेटिंग्स को इनेबल रखें। इससे जब भी कोई आपके सोशल मीडिया एकाउंट में घुसने की कोशिश करगा तो आपके पास वेरिफाई करने के लिए मैसेज आएगा। ध्यान रहे कि यदि आपने लॉग-इन करने का प्रयास नहीं किया है तो आप ऐसा मैसेज आने पर वेरिफाई नहीं करें।

    सुरक्षित पासवर्ड रखें : हमेशा अपने सोशल मीडिया अकाउंट का एक मजबूत पासवर्ड रखे जिसे समय समय पर बदलते रहे। किसी भी न्यू डिवाइस पर सोशल मीडिया यूज करने पर ब्राउजर में पासवर्ड सेव करने की परमिशन को अलाऊ नहीं करें। उपयोग करने के बाद लॉग आउट करना भी न भूलें। सोशल मीडिया अकाउंट से लिंक ई-मेल आईडी के लिए भी यही सुरक्षा मापदंड अपनाएं। 

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    अननोन फ्रैंड रिक्वेस्ट से बचें : सोशल मीडिया पर अननोन व्यक्ति की फ्रैंड रिक्वेस्ट स्वीकार नहीं करें। अपराधी कोई आकर्षक डीपी लगाकर भी फ्रैंड रिक्वेस्ट भेज सकता है। ऐसे लोग यदि आपकी फ्रैंड लिस्ट में जुड़ जाते हैं तो आपकी जानकारी चुराकर उसका दुरुपयोग कर सकते है।

    फेक प्रोफाइल से सावधान रहें : कभी-कभी साइबर अपराधी आपके परिचित की फोटो लगे अकाउंट से भी रिक्वेस्ट भेजते हैं। कोई भी फ्रैंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने से पहले यह जांच लें कि यह फेक अकाउंट तो नहीं है ? पुष्टि होने के बाद ही उसे फ्रैंड लिस्ट में एड करें।

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    निजी जानकारी साझा न करें : सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की निजी जानकारी साझा नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया फ्रैंड्स के साथ किसी भी प्रकार के अपने व्यक्तिगत फोटो-वीडियो साझा नहीं करना चाहिए। आपके परिवार के बारे में भी कोई जानकारी नहीं देना चाहिए।

    प्राइवेसी सेटिंग्स एक्टिव करें : सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट, फोटो या वीडियो शेयर करते समय प्राइवेसी सेटिंग्स ऑप्शन का उपयोग करना चाहिए। इससे कि पोस्ट केवल उन्हीं व्यक्ति तक पहुंचेगी जिन्हें हम भेजना चाहते हैं।

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    अनजान लिंक से बचें : सोशल मीडिया पर कई बार हमें फ्रैंड्स के माध्यम से इनबॉक्स में या किसी पोस्ट के कॉमेंट बॉक्स में या किसी आकर्षक ऑफर के साथ पोस्ट की गई कोई लिंक मिल जाती है। इसे जल्दबाजी में बिना सोचे-समझे हम उस पर क्लिक कर देते हैं। इससे हमारे फोन का एक्सेस सायबर अपराधियों के पास चले जाता है। अतः ऐसी लिंक पर क्लिक करने से बचें।

    आकर्षक ऑफर से रहें सावधान : सोशल मीडिया पर बहुत आकर्षक ऑफर में कोई चीज हमेx बाजार मूल्य से बहुत सस्ती दिखाई जाती है। यह सायबर फ्रॉड हो सकता है। सोशल मीडिया पर प्रसारित इस प्रकार के विज्ञापनों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

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    अभिभावकों के लिए सलाह

    • सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। यदि बच्चे सोशल मीडिया उपयोग के दौरान सतर्क नहीं रहते हैं, तो वे सायबर अपराधियों का शिकार बन सकते हैं। सायबर अपराधियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना और उनके साथ संवाद बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बच्चों को सिखाएं कि वे अपने व्यक्तिगत विवरण (फोन नंबर, पता, स्कूल का नाम) ऑनलाइन साझा न करें। बच्चों को सिखाएं कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स के लिए मजबूत और सुरक्षित पासवर्ड का उपयोग करें।
    • बच्चों से इस प्रकार संवाद स्थापित करें कि सोशल मीडिया के माध्यम से यदि उनको ब्लैकमेल किया जाए तो तुरंत बिना डरे माता-पिता व पुलिस को बताएं। बच्चों को यह भी बताएं कि पुलिस पीड़ित बच्चों की पहचान को उजागर किए बिना हरसंभव मदद करती है।
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    Sat, 23 Aug 2025 21:48:08 +0530 Niraj Kumar Shukla
    चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई ! 345 राजनीतिक दलों में से 334 की मान्यता हुई रद्द, अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय और 67 क्षेत्रीय दल बचे https://acntimes.com/Big-action-by-Election-Commission-Recognition-of-334-out-of-345-political-parties-cancelled https://acntimes.com/Big-action-by-Election-Commission-Recognition-of-334-out-of-345-political-parties-cancelled एसीएन टाइम्स @ दिल्ली । देश के निष्क्रिय राजनीतिक दलों के विरुद्ध भारत चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने 334 दलों की मान्यता रद्द कर दी है। इससे अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय और 67 क्षेत्रीय दल ही शेष हैं।

    राजनीतिक दलों के दलदल से खिन्न रहने वाले लोगों के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। खबर यह है कि भारत के चुनाव आयोग ने देश के 334 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। इसके लिए जून 2025 में कवायद शुरू हो गई थी। चुनाव आयोग ने देशभर के सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए थे। इसमें 345 राजनीतिक दलों की जांच का जिम्मा निर्वाचन अधिकारियों को दिया गया था जिन्होंने जांच करने के बाद दलों को शो-कॉज नोटिस भी जारी किए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने सभी दलों को सुनवाई के लिए अवसर भी दिया। सुनवाई के बाद रिपोर्ट तैयार कर भारत चुनाव आयोग को भेजी गई। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि 334 राजनीतिक दलों द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके चलते ही भारत निर्वाचन आयोग ने इन सभी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया।

    यह नियम और शर्त

    जानकारी के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम - 1951 की धारा 29A के प्रावधान के तहत राजनीतिक दलों का पंजीयन करता है। पंजीयन के समय दल का नाम, पता तथा पदाधिकारियों के नाम भी बताने होते हैं। अगर इसमें से किसी भी जानकारी में कोई बतलाव होता है तो इसकी जानकारी तत्समय ही चुनाव आयोग को देनी होगी। अधिनियम में यह शर्त है कि यदि कोई राजनीतिक दल अगर 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ता है तो उसका पंजीयन रद्द किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा दी गई रिपोर्ट में राजनीतिक दलों को इन दोनों ही नियमों का पालन नहीं करने का जिम्मेदार ठहराया गया। नतीजतन, ऐसी सभी राजनीतिक दलों का पंजीयन कर किया गया। इससे अब देश में केवल 6 राजनीतिक दल और 67 क्षेत्रीय दल ही बचे हैं।

    शेष रहे राष्ट्रीय दल

    1. भारतीय जनता पार्टी (BJP)
    2. कांग्रेस
    3. आम आदमी पार्टी (AAP)
    4. बहुजन समाज पार्टी (BSP)
    5. कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)
    6. राष्ट्रीय पिपुल्स पार्टी (NPP)।

    क्षेत्रीय दलों की लिस्ट

    1. आजसू पार्टी (AJSU Party)
    2. ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK)
    3. ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक
    4. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)
    5. ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस
    6. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC)
    7. ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF)
    8. अपना दल (सोनेलाल)
    9. असम गण परिषद
    10. भारत आदिवासी पार्टी
    11. भारत राष्ट्र समिति (BRS)
    12. बीजू जनता दल (BJD)
    13. बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट
    14. सिटिजन एक्शन पार्टी - सिक्किम
    15. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI)
    16. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (मुक्ति)
    17. देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम
    18. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK)
    19. गोवा फॉरवर्ड पार्टी
    20. हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
    21. इंडियन नेशनल लोक दल (INLD)
    22. इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)
    23. इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा
    24. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस
    25. जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी
    26. जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
    27. जनसेना पार्टी
    28. जनता दल (सेक्युलर)
    29. जनता दल (यूनाइटेड)
    30. जननायक जनता पार्टी
    31. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
    32. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम)
    33. केरल कांग्रेस
    34. केरल कांग्रेस (एम)
    35. लोक जनशक्ति पार्टी (LJP)
    36. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास)
    37. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS)
    38. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी
    39. मिजो नेशनल फ्रंट
    40. नाम तमिलर कच्ची
    41. नागा पीपुल्स फ्रंट
    42. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP)
    43. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार गुट
    44. नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी
    45. पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट
    46. पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल
    47. राष्ट्रीय जनता दल (RJD)
    48. राष्ट्रीय लोक समता पार्टी
    49. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी
    50. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले)
    51. रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी
    52. रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी
    53. समाजवादी पार्टी (सपा)
    54. शिरोमणि अकाली दल (SAD)
    55. भाजपा
    56. बीजेपी (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
    57. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट
    58. सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा
    59. तेलुगु देशम पार्टी (TDP)
    60. टिपरा मोटा पार्टी
    61. यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी
    62. यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल
    63. विदुथलाई चिरुथिगल प्लाजा
    64. वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी
    65. युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP)
    66. जोराम नेशनिलिस्ट पार्टी
    67. जोराम पीपुल्स मूवमेंट
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    Sun, 10 Aug 2025 20:51:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी बात ! कोर्ट का आदेश मालेगांव ब्लास्ट को हिंदू आतंकवाद बताने वालों के मुंह पर तमाचा, इसके लिए कांग्रेस को शर्म से डूब मरना चाहिए& कैलाश विजयवर्गीय https://acntimes.com/The-courts-order-is-a-slap-on-the-face-of-those-who-call-Malegaon-blasts-Hindu-terrorism-Kailash-Vijayvargiya https://acntimes.com/The-courts-order-is-a-slap-on-the-face-of-those-who-call-Malegaon-blasts-Hindu-terrorism-Kailash-Vijayvargiya सीएन टाइम्स @ रतलाम । मालेगांव ब्लास्ट मामले में संघ के लोगों को झूठा फंसाया गया था। इस मामले में आया न्यायालय का फैसला उन लोगों के गाल पर जोरदार तमाचा है जिन्होंने हिंदू आतंकवाद नाम की नई टर्मनोलॉजी दुनिया को दी थी। यह इतना करारा तमाचा है कि इसके लिए कांग्रेस को शर्म से डूब मरना चाहिए।

    यह बात मप्र के नगरीय प्रशासन विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक दिवसीय प्रवास के दौरान जावरा में मीडिया से कही। इस दौरान उनके साथ जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय भी मौजूद रहे। विजयवर्गीय ने मालेगांव ब्लास्ट मामले से जुड़े मीडिया के सवालों के जवाब दिए। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नरेंद्र मोदी सहित अन्य के नाम बताने संबंधी दबाव के संबंध में उन्होंने कहा कि सिर्फ प्रज्ञा जी के ऊपर ही नहीं, हमारे इंदौर के श्याम साहू जी को भी पकड़ा था। उनसे भी कहा गया था कि संघ के लोगों का नाम लो। उन्हें बहुत मारा, इतना मारा कि कम से कम 15 दिन तक तो वे शौचालय ही नहीं जा सके थे। जेल में बिस्तर पर ही शौच आदि करना पड़ता था।

    सोनिया गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

    मंत्री विजयवर्गीय ने सोनिया गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सोनिया जी के आदेश पर उन्हें जो ज्यादती करना थी वो सारी कर ली। मालेगांव ब्लास्ट में हमारे जिन लोगों को फंसाया गया था वे मजबूत लोग थे। वे खुद झूठे फंसे थे तो वे किसी और का नाम क्यों लेते। अब तो न्यायालय का फैसला भी आ गया है तो सोनिया जी को, चिदंबरम जी को, शिंदे जी को, जिन्होंने हिंदू आतंकवाद के नाम से दुनिया को नई टर्मिनोलॉजी दी उसके कारण उनके गाल में करारा तमाचा है। मुझे लगता है कि कांग्रेस को इतनी जोर का तमाचा लगा है कि उसे शर्म से डूब मरना चाहिए।

    परीक्षण करेंगे, घटना को राजनीतिक रंग देने वालों पर कार्रवाई करेंगे

    एक अन्य सवाल के जवाब में विजयवर्गीय ने कहा कि हम कभी बदले की भावना से राजनीति नहीं करते। परंतु, हम परीक्षण जरूर करेंगे। जिन-जिन लोगों ने इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया है और इस घटना को राजनीतिक रंग दिया है, यदि उनके खिलाफ कुछ निकला तो कोर्ट से मार्गदर्शन प्राप्त उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

    विकास कार्यों का उद्घाटन किया

    बता दें कि, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रविवार को रतलाम आए थे। जावरा आगमन पर विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने फूल माला और मोतियों की माला पहनाकर उनकी अगवानी की। इसके बाद विजयवर्गीय नगर पालिका द्वारा अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने करोड़ों के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने नवनिर्मित 2 पेयजल टंकियों के शिलालेख का अनावरण भी किया।

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    Mon, 04 Aug 2025 00:06:34 +0530 Niraj Kumar Shukla
    खबर जरा हट के ! 1 साल के बच्चे ने खिलौना समझ पकड़ लिया सांप को, बच्चे के काटने से हो गई सांप की मौत https://acntimes.com/A-snake-died-after-being-bitten-by-a-1-year-old-child https://acntimes.com/A-snake-died-after-being-bitten-by-a-1-year-old-child एसीएन टाइम्स @ पटना । बिहार के बेतिया से चौंकाने वाली खबर आ रही है। वहां एक साल के बच्चे ने खिलौना समझ कर कोबरा सांप को पकड़ लिया। बच्चे ने सांप को इतनी बार काटा कि उसकी मौत ही हो गई। इस घटना के बाद सभी हैरान हैं, क्योंकि सांप को काटने के बाद भी बच्चे के शरीर पर जहर का कोई लक्षण नहीं मिला।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बच्चे का नाम गोविंदा कुमार है और उसकी उम्र महज एक साल है। बच्चे की दादी ने मीडिया को बताया कि दोपहर में बच्चे की की मां घर के पीछे लकड़ियाँ तोड़ रही थी। कुछ दूरी पर गोविंदा भी खेल रहा था। इसी दौरान लकड़ियों के बीच से एक सांप निकला और गोविंदा तक पहुंच गया। बच्चे ने उसे खिलौना समझ हाथ से पकड़ लिया और उसे काट लिया। बताया जा रहा है कि बच्चे ने सांप को कई बार काटा जिससे उसकी मौत हो गई। 

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    MP में सांप घोटाला ! सर्पदंश के मुआवजे के नाम पर डकार गए 11 करोड़ 26 लाख रुपए, एक व्यक्ति को तो 30 बार सांप ने डसा, हर बार 4 लाख रुपए हुए जारी

    मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चल रहा इलाज

    परिजन ने बताया कि सांप को काटने के बाद बच्चा बेहोश हो गया जिससे वे घबरा गए। उन्होंने बच्चे को तत्काल स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया। स्थिति की गंभीरता और एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने बेतिया सरकारी मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल रैफर कर दिया जहां बच्चे का उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चा खतरे से बाहर है और पूरी तरह स्वस्थ है।

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    व्यंग्य : सांप पालो तो ऐसे पालो... -आशीष दशोत्तर

    बच्चे में नहीं मिले जहर के लक्षण

    डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे के शरीर में जहर का कोई लक्षण नहीं मिला और वह पूरी तरह स्वस्थ भी है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि बच्चे ने सांप को पकड़ते ही उसे काटना शुरू कर दिया होगा। यदि ऐसा होने से पहले सांप ने डस लिया होता तो बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। चूंकि बच्चे ने सांप के मुंह पर पीछे की तरफ काटा इसलिए उस पर जहर का हल्का असर हुआ। जहर सांप के दांत में होता है और संभव है कि सांप को इतना वक्त ही नहीं मिला कि वह बच्चे को डस पाता।

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    Sat, 26 Jul 2025 18:42:48 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सरकारी कर्मचारी ध्यान दें ! पुरानी पेंशन योजना (OPS) चाहिए तो समय रहते कर लें यह काम, बाद में यह मत कहना कि ‘आपने बताया नहीं’ https://acntimes.com/Government-employees-pay-attention-If-you-want-old-pension-scheme-do-this-work-in-time https://acntimes.com/Government-employees-pay-attention-If-you-want-old-pension-scheme-do-this-work-in-time हर्ष शुक्ला

    एसीएन टाइम्स @ कानपुर । उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली  ( New Pension Scheme - NPS ) से जुड़े कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना पुरानी पेंशन योजना ( Old Pension Scheme - OPS ) का विकल्प चुनने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) की कैबिनेट (UP Cabinet) ने एक और मौका देने का निर्णय लिया है। ऐसे कर्मचारी जिनकी नियुक्ति 28 मार्च, 2005 से पहले विज्ञापित हुए पदों पर नियुक्त हुई हैं वे 30 सितंबर तक यह विकल्प चुन सकते हैं। इस अवधि में ओपीएस नहीं चुनने वालों को NPS का लाभ मिलेगा।

    पेंशन संबंधी विकल्प को लेकर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार की कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। इसमें 28 मार्च 2005 से पहले जारी हुए नोटिफिकेशन के तहत नियुक्त हुए कर्मचारियों को नई और पुरानी पेंशन योजनाओं में अपने किसी एक को चुनने के लिए एक अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट के ताजा निर्णय के अनुसार कर्माचारी अब 30 सितंबर तक पेंशन के विकल्प का चयन कर सकेंगे। यदि कोई विकल्प नहीं चुनता है तो यह माना जाएगा कि कर्मचारी नई पेंशन योजना के प्रावधानों से संतुष्ट है और उसे उसी का लाभ मिलेगा।

    गौरतलब है कि इससे पहले 28 मार्च 2024 को एक आदेश जारी हुआ था। इसमें 31 अक्तूबर 2024 तक विकल्प चुनने का अवसर दिया गया था। चूंकि प्रदेश के कई कर्मचारी चाहते हुए भी ओल्ड पेंशन स्कीम का ऑप्शन नहीं चुन पाए थे। इसलिए सरकार ने उन्हें आखिरी मौका दिया है।

    बंद हो जाएगा एनपीएस खाता

    बताया जा रहा है कि जो कर्मचारी पात्र हैं वे 30 सितंबर तक ही पुरानी पेंशन योजना का ऑप्शन चुन चकते हैं। इसके बाद उन्हें कोई अवसर नहीं मिलेगा। जानकारी के अनुसार सरकार ने नियुक्ति प्राधिकारी के स्तर से आदेश जारी करने के लिए भी तारीख नियत कर दी है जो कि 30 सितंबर है। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को एनपीएस खाता भी बंद कर दिया जाएगा।

    कर्मचारी इसलिए कर रहे OPS की मांग

    कर्मचारी संगठन लगातार पुरानी पेंशन योजना ( Old Pension Scheme - OPS ) लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार पुरानी पेंशन योजना के तहत महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से ज्यादा होने पर उसे मूल वेतन में जोड़ दिया जाता था। कर्मचारियों का कहना है कि नई पेंशन योजना ( New Pension Scheme - NPS ) और यूनिफाइड पेंशन योजना ( Unified Pension Scheme - UPS ) फायदेमंद नहीं हैं। ये दोनों ही कर्मचारियों के साथ छलावा हैं। यही वजह है कि सभी संगठन एक राष्ट्र – एक पेंशन की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर लगातार प्रदर्शन आदि भी होते रहे हैं और अभी भी कई स्थानों पर हो रहे हैं।

    UPS वाले कर्मचारियों को कब मिलेगा OPS का फायदा

    बताते चलें कि, केंद्र सरकार ( Central Government ) द्वारा इसी साल 18 जून को एक आदेश जारी किया था। इसके अनुसार यूनिफाइड पेंशन योजना (Unified Pension Scheme - UPS ) का ऑप्शन चुनने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना ( Old Pension Scheme - OPS ) का लाभ मिल सकता है। इसका लाभ तभी मिलेगा जब किसी केंद्रीय कर्मचारी का सेवा में रहते हुए निधन हो जाए या किसी गंभीर बीमारी अथवा विकलांगता के कारण उसे शासकीय सेवा से हटना पड़े। तब ऐसे मामलों में कर्मचारी और उनके परिजन को पुरानी पेंशन योजना ( Old Pension Scheme - OPS ) वाली सभी सुविधाओं की पात्रता होगी। ऐसा अभी तक नहीं था।

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    Wed, 23 Jul 2025 23:18:06 +0530 Niraj Kumar Shukla
    इंदौर फिर सिरमौर ! स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार 8वीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व मेयर पुष्यमित्र भार्गव को प्रदान किया पुरस्कार https://acntimes.com/Indore-ranks-first-in-Swachhta-Survey-2025-receives-honor-for-the-8th-time https://acntimes.com/Indore-ranks-first-in-Swachhta-Survey-2025-receives-honor-for-the-8th-time एसीएन टाइम्स @ दिल्ली । स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में नंबर 1 बनने की दौड़ में शामिल शहरों में मप्र के इंदौर शहर ने एक बार फिर फतह हासिल कर ली है। इंदौर लगातार 8वीं बार पहले पायदान पर काबिज है। इस बार उसका मुकाबला गुजरात के सूरत और महाराष्ट्र के पुणे शहर से था। गुरुवार को दिल्ली में हुए समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के पुरस्कार प्रदान किए। मप्र के इंदौर शहर को प्रथम स्थान मिलने पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पुरस्कार ग्रहण किया।

    नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 के पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान विभिन्न श्रेणियों के 78 पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किए। समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू भी उपस्थित रहे। स्वच्छ सर्वेक्षण में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में पहला पुरस्कार इंदौर को हासिल हुआ। इंदौर की घर-घर से कचरा संग्रहण व्यवस्था और जनभागीदारी मॉडल पूरे देश के लिए एक मिसाल है।

    ये रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर

    10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के बीच जारी प्रतिष्पर्धा में इंदौर की टक्कर सूरत और पुणे शहर से थी। हालांकि, फाइनल परिणाम में इंदौर पहले स्थान पर रहा जबकि सूरत को दूसरा स्थान मिला। वहीं तीसरा स्थान महाराष्ट्र के नवी मुंबई को हासिल हुआ। 

    10 मापदंड, 54 संकेत, 4500 से अधिक शहर

    केंद्र सरकार के मुताबिक 'स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan)' मिशन का प्राथमिक लक्ष्य स्वच्छता के मामले में नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही समाज के सभी वर्गों के बीच मिलकर काम करने का भाव बढ़ाना भी मुख्य उद्देश्य है। गौरतलब है कि, स्वच्छ सर्वेक्षण में सफाई का मूल्यांकन करने के लिए 10 मापदंड नियत किए गए हैं। इसके अलावा 54 संकेतकों का भी होता है। इन्हीं आधार पर 4,500 से ज्यादा शहरों को सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है।

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    Thu, 17 Jul 2025 14:16:43 +0530 Niraj Kumar Shukla
    उफ्फ ! ये शराबी चूहे... क्या आप जानते हैं, भारत के किस राज्य के चूहे पी गए 802 बोतल शराब ? जानना चाहते हैं तो पढ़ें यह खबर https://acntimes.com/Rats-of-this-state-of-the-country-drink-alcohol-read-this-news-to-know https://acntimes.com/Rats-of-this-state-of-the-country-drink-alcohol-read-this-news-to-know एसीएन टाइम्स @ धनबाद । ‘बंद झरोखा, बंद थी खिड़की, बिगड़ी हुई थी हालत उसकी, मेरे पास था भरा गिलास, पी गया चूहा सारी व्हिस्की, चूहे की फूटी किस्मत जागी...’ अमिताभ बच्चन अभिनीत शराबी फिल्म का यह गीत झारखंड के धनबाद में आबकारी विभाग के अमले को काफी भा रहा है। विभाग के अमले की मानें तो उनके भंडार ग्रह में सुरक्षित रखी 802 बोतल शराब भी चूहे पी गए। BJP नेता ने इस मामले की जांच एसआईटी से करवाने के साथ दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। 

    झारखंड में नई शराब नीति 1 सितंबर को लागू होगी। इससे करीब एक महीने पहले ही यहां एक बड़ा कांड हो गया है। यहां राज्य शासन के धनबाद में बलियापुर और प्रधानखंता में स्थित वेयरहाउस में सुरक्षित रखी शराब के स्टॉक में अंतर में पाया गया है। स्टॉक में अंतर की बात सामने आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। जांच हुई तो स्टॉक में रकी 802 बोतलों के ढक्कनों में छेद पाए गए। इसके लिए विभाग ने चूहों को जिम्मेदार ठहराया है। विभाग की मानें तो चूहों ने बोतलों के ढक्कन कुतरे और शराब पी गए।

    एसआईटी गठित करें, चूहों को गिरफ्तार करें

    इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस मामले में चिता जताई है। उन्होंने कहा कि धनबाद में चूहे 802 बोतल शराब पी गए। इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उनका आरोप है कि घोटाले छिपाने के लिए है चूहों पर दोषारोपण किया है। उन्होंने एसआईटी गठित करने के साथ ही शराब पीने वाले चूहों को भी गिरफ्तार करने की मांग की है।

    एजेंसी से होगी भरपाई -सहायक आयुक्त रवानी

    मामले में उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त रामलीला रवानी ने कहा कि एक टीम बनाकर शराब दुकान की जांच की गई। इसमें शराब की 802 बोतलों में कमियां मिलीं। इसकी भरपाई एजेंसी को करनी पड़ेगी। सहायक आयुक्त के अनुसार विभाग के द्वारा एजेंसी को फ्रेश माल दिया गया था। इसलिए उससे फ्रेश माल ही चाहिए। इसके लिए एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा और भरपाई के लिए रकम मांगी जाएगी।

    बोतल में मुंह नहीं घुसा तो पूंछ से पी शराब !

    चूहों द्वारा शराब डकारे जाने को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह के कमेंट भी कर रहे हैं। X प्लेटफार्म पर एक व्यक्ति ने लिखा कि- ‘बेवड़े चूहे। धनबाद में उत्पाद विभाग ने दुकान का जब स्टॉक मिलाया तो बताया गया कि 802 बोतल महंगे शराब को चूहे पी गए। कर्मचारियों ने बताया कि चूहे बोतल के अंदर मुंह नहीं घुसा पा रहे थे। फिर चूहों ने अपनी पूंछ को डुबाया। शराब में डूबी पूंछ को बाहर निकाला। फिर सभी चूहों ने शराब में डुबाई गई पूंछ को चाट कर पार्टी मनाया। वाह भाई वाह ! क्या-क्या दिन देख लिया हम लोगों ने। चारा खाने वाले नेता और स्कॉच पीने वाले चूहे। अब तलाश जारी हो नशे में धुत चूहों को गिरफ्तार करने की।

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    Mon, 14 Jul 2025 23:32:18 +0530 Niraj Kumar Shukla
    आयकर अपडेट ! करदाताओं के वर्ष 2025&26 के ITR पर रिफंड पर लगी रोक, जानिए& आयकर विभाग ने क्यों उठाया कदम, कब होगा भुगतान https://acntimes.com/Income-tax-payers-will-have-to-wait-for-refund-on-new-ITR-know-the-reason https://acntimes.com/Income-tax-payers-will-have-to-wait-for-refund-on-new-ITR-know-the-reason एसीएन टाइम्स @ डेस्क । फर्जी रिफंड दावों पर लगाम कसने के लिए आयकर विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने नए ITR पर रिफंड किए जाने पर रोक लगा दी है। विभाग का कहना है कि जब तक करदाताओं के पिछले रिटर्न और लंबित आकलन की पूरी तरह समीक्षा नहीं हो जाएगी तब तक कोई रिफंड नहीं किया जाएगा।

    आयकर विभाग के आंकड़ों की मानें तो इस साल अब तक 75 लाख से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं। इनमें से विभाग द्वारा अब तक 71 लाख से अधिक रिटर्न का सत्यापन भी किया जा चुका है। इस बारे में विभाग ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी भी साझा की है। हालांकि, अभी रोज अपडेट होने वाली जानकारी नजर नहीं आ रही है।

    रिफंड के लिए करना पड़ेगा इंतजार

    वैसे तो रिटर्न की समीक्षा का आंकड़ा काफी है फिर भी विभाग ने फिलहाल नए रिटर्न पर रिफंड नहीं देने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि विभाग पहले सभी रिटर्न का सत्यापन और समीक्षा करेगा उसके बाद ही किसी प्रकार का रिफंड जारी किया जा सकेगा। दरअसल, इस साल आयकर रिटर्न दाखिल करने का काम मई के आखिर में काफी देरी से शुरू हुआ था। यानी करीब एक महीने की देरी हुई। इस कारण भी देरी हो रही है। वहीं दूसरी वजह फर्जी दावे और रिफंड पर लगाम कसना भी बताई जा रही है। विभाग यह सुनिश्चित कर लेना चाहता है कि पिछले वर्षों में किसी तरह की धोखाधड़ी तो नहीं की गई।

    पहले ही जताई थी संभावना

    बता दें कि इस बार रिफंड में देरी होने की संभावना पहले ही जताई गई थी। अप्रैल में ही यह रिपोर्ट आई थी कि इस साल रिफंड में कुछ अतिरिक्त समय लग सकता है। यह तुरंत जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि तब करदाताओं ने इसे गंभीरता से नहीं लिया लेकिन अब हो रही देरी से थोड़ी बेचैनी है।

    सजा ईमानदार करदाताओं को क्यों ?

    कर विशेषज्ञों के अनुसार फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी रोकने के लिए आयकर विभाग द्वारा सख्ती बरती जाना और सुरक्षात्मक कदम उठाए जाने उचित हैं लेकिन यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि उसके किसी कदम से ईमानदार करदाता परेशान न हों। अगर पिछले रिटर्न में किसी ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा किया है तो उसमें ईमानदार करदाताओं का क्या दोष है? धोखेबाजों की कारगुजारी की सजा हर साल समय पर और ईमानदारी से रिटर्न दाखिल करने वालों को देना उचित नहीं। कर विशेषज्ञों का मानना है कि विभाग को एक स्पष्ट और पारदर्शी प्रणाली भी बनानी चाहिए ताकि करदाताओं को पता चल सके कि उनका रिफंड क्यों रुका हुआ है और वह कब तक जारी हो जाएगा।

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    Fri, 04 Jul 2025 00:40:39 +0530 Niraj Kumar Shukla
    CORONA Vaccine बरी ! अचानक होने वाले हार्ट अटैक से हो रही मौतों और वैक्सीन में कोई संबंध नहीं& AIIMS और ICMR https://acntimes.com/Governments-big-claim-Sudden-deaths-have-nothing-to-do-with-the-corona-vaccine-AIIMS-and-ICMR https://acntimes.com/Governments-big-claim-Sudden-deaths-have-nothing-to-do-with-the-corona-vaccine-AIIMS-and-ICMR एसीएन टाइम्स @ दिल्ली । देश के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि देश में अचानकर आ रहे हार्ट अटैक और हो रही मौतों का कोरोना वैक्सीन (CORONA Vaccine) से कोई संबंध नहीं है। वैक्सीन को ऐसी घटनाओं से जोड़ने वाले बयान भ्रामक और गलत हैं जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मंत्रालय ने यह दावा NCDC और ICMR की अलग-अलग हुई रिसर्च की रिपोर्ट तके आधार पर किया है।

    पिछले काफी समय से अचानक हार्ट अटैक आने से लोगों की मौतें हो रही हैं। एक वर्ग द्वारा इन घटनाओं के लिए कोरोना वैक्सीन को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसे सरकार ने गंभीरता से लिया और ये आशंकाएं सही हैं या गलत, यह जानने के लिए रिसर्च कराई गई। मौतों के कारणों का पता लगाने और समाधान खोजने के लिए, डॉ. रवींद्रनाथ के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक समिति बनाई गई। रिसर्च भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) से अलग-अलग कराई गई और उन्हें 10 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था।

    4 माह तक चला अध्ययन

    ICMR और NCDC ने अपना अध्ययन 18 से 45 साल के लोगों के बीच किया था। अध्ययन मई 2023 से लेकर अगस्त 2023 तक 47 क्षेत्रीय अस्पतालों और 19 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में किया गया। इसमें उन लोगों की जांच की गई जिनकी अक्टूबर 2021 से लेकर मार्च 2023 के बीच अचानक मौत मौत हुई थी। अध्ययन में पता चला कि इन अचानक मौतों का कोरोना वैक्सीन से संबंध नहीं है। ऐसा ही एक अध्ययन अब AIIMS भी कर रहा है। इसके लिए AIIMS को फंडिंग IMCR ने की है।

    अचानक मौत के कई कारण पाए गए

    ICMR और NCDC के अध्ययन की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि भारत में कोविड-19 के टीके सुरक्षित और प्रभावी हैं। इनसे गंभीर दुष्प्रभाव के मामले बहुत ही कम हैं। कोरोना वैक्सीन से हार्ट अटैक का कोई खतरा नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अचानक हार्ट अटैक से होने वाली मौतों कई कारणों से हो सकती है। इन कारणों में आनुवंशिकी, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थिति और कोविड के बाद उत्पन्न हुई जटिलताएं शुमार हैं।  

    कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने भी उठाया था सवाल

    बता दें कि, पिछले दिनों कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी कोविड वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि हसन जिले में दिल के दौरे से बीस से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। कोविड वैक्सीन को जल्दबाजी में मंजूरी देना और लोगों को बांटना भी दिल के दौरे से हुई मौतों का कारण हो सकता है। इस संबंध में सरकार ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि हसन जिले में बीते 40 दिनों में कम से कम 22 लोगों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुईं। इनमें से पांच की उम्र 19 से 25 साल के बीच थी। ज्यादातर मौतें बिना किसी लक्षण के हुईं। कई लोग घर या सार्वजनिक जगहों पर अचानक गिर पड़े।

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    Wed, 02 Jul 2025 22:53:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ज़रा याद करो कुर्बानी ! काकोरी ट्रेन कांड के मास्टर माइंड क्रांतिकारी राजेंद्र लाहिड़ी 15 वर्ष की उम्र में ही कूद पड़े थे आजादी के आंदोलन में https://acntimes.com/Rajendra-Lahiri-the-mastermind-of-Kakori-train-incident-who-jumped-into-the-freedom-movement-at-the-age-of-15 https://acntimes.com/Rajendra-Lahiri-the-mastermind-of-Kakori-train-incident-who-jumped-into-the-freedom-movement-at-the-age-of-15 डॉ. प्रदीपसिंह राव

    मात्र 26-27 साल की उम्र में देश के लिए शाहीद हो जाने वाले, 16-17 साल के किशोर, क्रांतिकारियों युवाओं को याद करने के लिए भी देश को फुर्सत नहीं। शायद ही किसी मीडिया ने राजेंद्रनाथ लाहिड़ी की जयंती पर आज उन्हें याद कर कवरेज दिया होगा! देश की पिज्जा-बर्गर पीढ़ी को पता होना चाहिए कि आज जो देश स्वतंत्र है, उसके लिए सैकड़ों युवाओं, किशोरों ने बलिदान दिया है। 29 जून, 1901 को जन्मे राजेंद्रनाथ लाहिड़ी भी इनमें शुमार हैं जो 15-16 वर्ष की उम्र में ही भगतसिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खां और रोशन सिंह के साथ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन क्रांतिकारी दल में शामिल हो गए थे।

    भूमिगत रहकर ये क्रांतिकारी अंग्रेजों के नींद उड़ा रहे थे। 9 अगस्त, 1925 को सहारनपुर से लखनऊ जा रही ट्रेन को काकोरी स्टेशन पर इन क्रांतिकारियों ने मास्टर माइंड लाहिड़ी की योजनानुसार रोककर खजाना लूट लिया, जो क्रांति के लिए हथियार खरीदने के उद्देश्य से षड्यंत्र रचा गया था। मन्मनाथ गुप्त, रामप्रसाद बिस्मिल, रोशन सिंह और लाहिड़ी ने प्रत्यक्ष रूप से घटना को अंजाम दिया था। ये बाद में गिरफ्तार कर लिए गए। इन्हें फांसी की सजा सुना दी गई। मन्मनाथ गुप्त को कम उम्र के कारण 14 वर्ष की कैद दी गई, जबकि हमारे झाबुआ भाबरा के क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद मालवा के जंगलों में भूमिगत हो गए। बाद में आजाद अल्फ्रेड पार्क में पुलिस मुठभेड़ में बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए।

    कानपुर से छपने वाले अखबार ‘प्रताप’ के संपादक गणेश शंकर विद्यार्थी ने इन क्रांतिकारियों की यशोगान के साथ खबर छापी तो उन पर डकैती और हत्या का मुकदमा चलाया गया। इस काकोरी कांड और फंसी की सजा सुनने के बाद पूरे देश में आजादी के संग्राम की आग तेज हो गई जो 1930 से 1947 तक चली और 17 साल में आजादी मिलने के बाद ही शांत हुई। ऐसे क्रांतिकारी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को आज उनकी जयंती पर हम सब नमन करें। जयहिंद!

    (लेखक डॉ. प्रदीपसिंह राव शासकीय महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य, इतिहासविद्, साहित्यकार, विदेशी मामलों के जानकार है)

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    Sun, 29 Jun 2025 23:19:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Ahmedabad Plane Crash ! लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद में डॉक्टरों के हॉस्टल पर गिरा, गुजरात की पूर्व CM रूपाणी व विदेशी नागरिक सहित 242 यात्री सवार थे https://acntimes.com/Air-India-plane-going-to-London-crashes-on-doctors-hostel-in-Ahmedabad https://acntimes.com/Air-India-plane-going-to-London-crashes-on-doctors-hostel-in-Ahmedabad एसीएन टाइम्स @ अहमदाबाद । गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को दोपहर एयर इंडिया का एक विमान क्रैश हो गया। लंदन जा रहा विमान टेकऑफ के दौरान इंजिन में खराबी आ जाने से डॉक्टरों के एक होस्टल के ऊपर गिरा। विमान में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी, कई बिजनेस टायकून और विदेशी नागरिक सहित 242 लोग सवार थे। हादसे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने शोक जाहिर किया है। टाटा ग्रुप ने सभी मृतकों को एक-एक करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। ग्रुप ने डॉक्टरों के हॉस्टल का पुनर्निर्माण करने और घायलों के इलाज कराने की भी घोषणा की है।

    हादसा एयरपोर्ट के पास मेघानी नगर में हुआ। एटीसी के अनुसार B787 विमान VT-ANB (अहमदाबाद से लंदन के गैटविक के लिए) फ्लाइट AI 171 ने  गुरुवार को दोपहर करीब 1 बजकर 39 मिनट पर अहमदाबाद से रनवे 23 से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान हवाई अड्डे की परिधि के बाहर ज़मीन पर गिर गया। विमान क्रैश होने जोरदार धमाका हुआ और वह आग के गोले में तब्दील हो गया। आग और धुएं का गुबार करीब दो किमी दूर तक देखा गया।

    8200 घंटे का अनुभव रखने वाले कैप्टन थे पायलट

    अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान के क्रैश होने की पुष्टि डीजीसीए ने भी की। डीजीसीए के अनुसार 12 जून को संचालन करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 2 पायलट और 10 केबिन क्रू सहित 242 लोग सवार थे। विमान के पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर थे। कैप्टन सुमित सभरवाल 8200 घंटों के अनुभव वाले LTC हैं। सह-पायलट कुंदर को भी 1100 घंटों की उड़ान का अनुभव था। बताया जा रहा है कि पायलट ने इमरजेंसी MAYDAY का ऐलान किया था। ATC तक आवाज भी पहुंची लेकिन दोबारा पायलट से संपर्क नहीं हो सका।

    विदेशी नागरिक भी थे सवार

    अहमदाबाद में क्रैश हुए विमान में कुल 242 लोग सवार थे। इनमें से 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर शामिल थे। इनके अलावा 169 भारतीय, 53 ब्रिटेन के नागरिक, 7 पुर्तगाल के और 1 कनाडा का नागरिक भी सवार था। पैसेंजर्स की लिस्ट में गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी, कार्गो मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन सहित कई बिजनेस टायकून के नाम भी शामिल हैं। 25 घायलों की सूची भी सामने आई है।

    हॉस्टल मेस में मौजूद 20 इंटर्न डॉक्टरों की मौत की आंशका

    विमान बीजे मेडिकल कॉलेज के यूजी हॉस्टल के ऊपर गिरा। हादसे के दौरान होस्टल की मैस में इंटर्न डॉक्टर भोजन कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि 20 इंटर्न डॉक्टरों की भी मौत हुई है।

    अहमदाबाद एयरपोर्ट ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, उड़ानें भी शुरू

    एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 हादसे के बाद सभी हवाई उड़ाने रद्द कर दी गईं थी। इसके साथ ही एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया गया था। इस पर यात्रियों के बारे में पूछताछ करने और सहायता के लिए +91 99741 11327 पर कॉल किया जा सकता है। राहत कार्य शुरू होने के बाद सभी उड़ाने भी शुरू कर दी गईं थी।

    गृह मंत्री शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू अहमदाबाद रवाना

    हादसे की जानकारी मिलते ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली से गुजरात के लिए रवाना हो गए थे। इससे पहले उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर से बात भी की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी आश्वस्त किया। शाह के अनुसार विमान में सवा लाख लीटर ईंधन था। जिससे तापमान इतना ऊंचा हो गया कि किसी को बचाने का मौका ही नहीं मिला। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू पीएम मोदी के 11 साल पूरे होने पर विजयवाड़ा में आयोजित कार्यक्रम छोड़कर अहमदाबाद पहुंच गए। उन्होंने त्वरित, समन्वित प्रतिक्रिया और सहायता सुनिश्चित करने के लिए डीजीसीए, एएआई, एनडीआरएफ और गुजरात राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने जताया जताया दुख

    हादसे की जानकारी मिलते ही पीएम नरेंद्र मोदी X हैंडल पर दुख जताया। उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में हुई त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह शब्दों से परे दिल दहला देने वाली घटना है। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएँ इससे प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूँ जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।

    कांग्रेस करेगी घायलों की मदद, घटना की जांच की मांग की

    अहमदाबाद में एयर इंडिया का यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "अहमदाबाद विमान दुर्घटना में विमान में भारतीयों के साथ विदेशी नागरिक भी सवार थे। मैं मृतकों को श्रद्धांजलि देता हूं। सरकार को लोगों की मदद करनी चाहिए। जहां विमान गिरा है वहां के लोगों की मदद होनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता घटना से प्रभावित लोगों की मदद करेंगे। घटना की जांच होनी चाहिए

    विदेश मंत्रालय ने भी जारी किया बयान

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "अहमदाबाद में जो हुआ है, वह बहुत दुखद दुर्घटना है। हमने बहुत से लोगों को खो दिया है। हम उन सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। इसमें कई विदेशी भी शामिल हैं। आपको संबंधित विभागों नागरिक उड्डयन मंत्रालय, एयर इंडिया और अन्य से अपडेट प्राप्त होंगे। यही नवीनतम जानकारी है जो मैं साझा कर सकता हूं। यह एक बदलती स्थिति है। बचाव अभियान जारी है। सटीक विवरण सामने आने के लिए हमें थोड़ा और इंतजार करना होगा।

    टाटा समूह ने किया बड़ा ऐलान

    टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने X पर लिखा कि 'हम एयर इंडिया फ्लाइट 171 से जुड़ी दुखद घटना से बहुत दुखी हैं। इस समय हम जो दुख महसूस कर रहे हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और जो घायल हुए हैं। टाटा समूह इस त्रासदी में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 1 करोड़ ₹ प्रदान करेगा। हम घायलों के चिकित्सा व्यय को भी वहन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें सभी आवश्यक देखभाल और सहायता मिले। इसके अतिरिक्त, हम बी.जे. मेडिकल के छात्रावास के निर्माण में सहायता प्रदान करेंगे। हम इस अकल्पनीय समय में प्रभावित परिवारों और समुदायों के साथ दृढ़तापूर्वक खड़े हैं।'

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    Thu, 12 Jun 2025 19:00:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कहां तुम चले गए… साहित्य जगत के संत राष्ट्रवादी चिंतक अज़हर हाशमी को किया सुपुर्द&ए&ख़ाक, पैतृक गांव पिड़ावा में दी गई अंतिम विदाई https://acntimes.com/Saint-and-nationalist-thinker-of-the-literary-world-Azhar-Hashmi-was-laid-to-rest https://acntimes.com/Saint-and-nationalist-thinker-of-the-literary-world-Azhar-Hashmi-was-laid-to-rest एसीएन टाइम्स @ रतलाम । दिवंगत प्रोफेसर अज़हर हाशमी को उनके पैतृक गांव पिड़ावा (झालावाड़) में अंतिम विदाई दी गई। साहित्य और पत्रकारिता जगत की हस्तियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्यजनों की मौजूदगी में माता-पिता की कब्र के पास उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

    13 जनवरी 1950 को जन्मे प्रो. अज़हर हाशमी का 10 जून 2025 की शाम रतलाम के आरोग्यम हॉस्पिटल में निधन हो गया था। उनकी पार्थिव देह को यहां से पहले उनके इंदिरानगर स्थित निवास और उसके बाद उनके पैतृक गांव पिड़ावा, जिला झालावाड़ (राजस्थान ले जाया गया। उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए पिड़ावा में पीपली चौक स्थित उनके पैतृक निवास पर रखा गया। यहां स्थानीय और विभिन्न स्थानों से आए गणमान्यजन, जनप्रतिनिधि और साहित्य जगत से जुड़े लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात उनका जनाजा निकला जो कब्रिस्तान पहुंचा। यहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान यहां मौजूद गणमान्यजनों ने मिट्टी दी और दिवंगत हाशमी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    माता-पिता की कब्र के पास किया सुपुर्द-ए-खाक

    छोटे भाई मुख्तार एवं मजहर हाशमी ने बताया कि कब्रिस्तान में जिस स्थान पर बड़े भाई प्रो. हाशमी को सुपुर्द-ए-खाक किया गया है वहीं उनके माता-पिता की भी कब्र है। बता दें कि प्रो. हाशमी के पिता खुर्शीद अली सूफी संत थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव और मप्र के उज्जैन में हुई। इसके बाद वे शासकीय सेवा में आ गए और रतलाम को ही अपनी कर्मस्थली बना लिया। राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रहे स्व. हाशमी ने अपने साहित्य, कविताओं, ग़जलों, मुक्तकों और संस्मरणों के माध्यम से रतलाम का नाम देश-दुनिया में रोशन किया। इसके लिए उन्हें अनेकों पुरस्कारों से नवाज़ा गया।

    इन्होंने किए अंतिम दर्शन, दी श्रद्धांजलि

    प्रो. हाशमी को अंतिम दर्शन करने और अंतिम विदाई देने वालों में राष्ट्रीय कवि अनिल उपहार, पिड़ावा नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन निर्मल शर्मा, पूर्व चेयरमैन सगीर अहमद ‘मुन्ना’, जैन सोशल ग्रुप के सुखमाल जैन, रतलाम से वरिष्ठ पत्रकार आरिफ कुरैशी, तुषार कोठारी, हेमंत भट्ट, रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश गोस्वामी, कमलेश पांडेय, विद्यार्थी परिवार के अध्यक्ष एवं अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी, राजेश घोटीकर, भारत गुप्ता, हरीश पुरोहित, कैलाश पाठक, विजय सिंह रघुवंशी, इंदौर से संपादक क्रांति चतुर्वेदी एवं अरुण जैन, शिक्षाविद डॉ. प्रवीणा दवेसर, लेखिका श्वेता नागर सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन मौजूद रहे।

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    Wed, 11 Jun 2025 23:11:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी उपलब्धि ! रतलाम से प्रकाशित राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका ‘पर्यावरण डाइजेस्ट’ पर शोध के लिए रुचि कुमारी को मिली Ph.D. उपाधि https://acntimes.com/Ruchi-Kumari-got-PhD-degree-for-research-on-the-national-Hindi-monthly-magazine-Environment-Digest-published-from-Ratlam https://acntimes.com/Ruchi-Kumari-got-PhD-degree-for-research-on-the-national-Hindi-monthly-magazine-Environment-Digest-published-from-Ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मप्र रतलाम से प्रकाशित पर्यावरण विषयक राष्ट्रीय हिंदी मासिक पत्रिका ‘पर्यावरण डाइजेस्ट’ पर प्रस्तुत शोधकार्य के लिए दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, बोधगया ने शोधार्थी रुचि कुमारी को डॉक्टरेट (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने “पर्यावरण विमर्श के विकास में पर्यावरण डाइजेस्ट पत्रिका का योगदान” विषय पर हिंदी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर सुरेशचंद्र के निर्देशन में यह शोध प्रबंध प्रस्तुत किया। ‘पर्यावरण डाइजेस्ट’ विगत चार दशकों से जल, जंगल, जमीन और पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाती रही है।

    कोलकाता (पश्चिम बंगाल) निवासी रुचि कुमारी ने विश्वभारती, शांतिनिकेतन से हिंदी साहित्य में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की थी। तत्पश्चात उन्होंने पर्यावरण पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देने वाली पत्रिका पर्यावरण डाइजेस्ट को अपने शोध का केंद्र बनाकर यह कार्य पूर्ण किया। शोध निर्देशक प्रो. सुरेशचंद्र का हिंदी साहित्य, विशेषतः दलित विमर्श और रामकाव्य पर गंभीर अकादमिक योगदान रहा है। उन्होंने वर्ष 1997 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पी.एच.डी प्राप्त की थी और वर्तमान में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में भारतीय भाषा एवं साहित्य स्कूल के डीन पद पर कार्यरत हैं।

    1987 से प्रकाशित हो रही है पर्यावरण डाइजेस्ट

    पत्रिका के संपादक डॉ. खुशालसिंह पुरोहित ने बताया कि पर्यावरण डाइजेस्ट का प्रकाशन वर्ष 1987 में रतलाम से आरंभ हुआ था। विगत चार दशकों में पत्रिका में देशभर के विशेषज्ञों, चिंतकों और पर्यावरणविदों के 4,500 से अधिक लेख एवं समाचार प्रकाशित हो चुके हैं, जो जनचेतना और पर्यावरण संवाद के सेतु बने हैं। यह पत्रिका जनआंदोलनों, पर्यावरण नीतियों और वैकल्पिक विकास के विमर्श को समर्पित रही है। अनेक शोधार्थियों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए यह एक संदर्भ स्रोत रही है। इसके लेखों में स्थानीय अनुभवों से लेकर वैश्विक पर्यावरण संकटों तक की झलक मिलती है।

    शोध निर्देशक व शोधार्थी को दी शुभकामनाएं

    डॉ. पुरोहित ने प्रो. सुरेशचंद्र और शोधार्थी रुचि कुमारी को पर्यावरण-संवाद और लोक-साहित्य को जोड़ने की दिशा में किए गए उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने इस शोध को पर्यावरण डाइजेस्ट की अब तक की यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण मान्यता बताया।

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    Mon, 09 Jun 2025 10:03:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पिता&पुत्र का शर्मनाक कृत्य ! शहीद मेजर विनय नरवाल की पत्नी का AI से बनाया अश्लील वीडियो, YouTube पर भी अपलोड कर दिया, आरोपी मोहिबुल और बेटा गुलाब गिरफ्तार https://acntimes.com/AI-made-obscene-video-of-martyr-Major-Vinay-Narwals-wife-uploaded-on-YouTube-father-and-son-arrested https://acntimes.com/AI-made-obscene-video-of-martyr-Major-Vinay-Narwals-wife-uploaded-on-YouTube-father-and-son-arrested एसीएन टाइम्स @ दिल्ली । मुस्लिम पिता-पुत्र द्वारा पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए मेजर विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से अश्लील वीडियो बनाकर यूट्यूब (YouTube) पर अपलोड करने का संगीन मामला सामने आया है। मामले में हरियाणा पुलिस ने बिहार के गोपालगंज जिले से आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने ऐसे कई फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं। पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार हरियाणा के गुरुग्राम की साइबर थाने की टीम ने बिहार के गोपालगंज जिले के मांझा थानान्तर्गत धोबलिया गांव में छापेमारी की। यहां से आरोपी मोहिबुल हक एवं उसके बेटे गुलाब जिलानी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी पिता-पुत्र ने ‘S S REAL POINT’ नामक यूट्यूब चैनल पर पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए मेजर विनय नरवाल की पत्नी का हिमांशी का एक फर्जी अश्लील वीडियो वायरल किया। आरोपियो ने यह वीडियो AI की मदद से एक अश्लील वीडियो पर हिमांशी नरवाल का चेहरा मार्फ कर अपलोड किया। मामले को लेकर गुरुग्राम साइबर थाने में दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज जांच की जा रही है।

    कोर्ट में पेश कर पुलिस ले गई गुरुग्राम

    हरियाणा पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया और उसके बाद उन्हें अपने साथ गुरुग्राम ले गई। बताया जा रहा है प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इस तरह के कई और फर्जी वीडियो बनाकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल किए हैं। ऐसा करने के पीछे इनका उद्देश्य लोगों की व्यक्तिगत छवि धूमिल करने के साथ ही साइबर माध्यमों के जरिए वायरल ट्रैफिक से कमाई करना है।

    X पर साझा की जानकारी

    बिहार के गोपलगंज के एसपी अवधेश दीक्षित ने उक्त मामले की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। मामले में बिहार पुलिस के X हैंडल पर जानकारी साझा की गई है। एसपी दीक्षित के अनुसार तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यूट्यूब चैनल को ट्रैक कर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई की गई। 

    26 लोगों को मौत के घाट उतारा था आतंकियों ने

    बता दें कि पहलगाम में हुए हमले में आतंकियों ने 26 लोगों की धर्म पूछ-पूछकर हत्या कर दी थी। इससे पूरे देश में आक्रोश व्याप्त है। मामले में सरकार ने सख्त एक्शन लिया। भारतीय सेना ने उक्त घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान में 100 किमी अंदर तक घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के साथ ही वहां के एयरबेस पर भी हमला किया।

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    Sun, 08 Jun 2025 23:05:54 +0530 Niraj Kumar Shukla
    प्रीमियर शो : रतलाम के फिल्मकार हरीश दर्शन शर्मा की फिल्म ‘टेक्निकल टीचर’ ने दिया बड़ा संदेश, दर्शक बोले& यह फिल्म नहीं, सच्चाई है   https://acntimes.com/Premiere-Show-Ratlam-filmmaker-Harish-Darshan-Sharmas-film-Technical-Teacher-gives-a-big-message https://acntimes.com/Premiere-Show-Ratlam-filmmaker-Harish-Darshan-Sharmas-film-Technical-Teacher-gives-a-big-message मीडिया पार्टनर रतलाम प्रेस क्लब ने किया भव्य प्रीमियर शो का आयोजन, पुलिस विभाग ने भी सहभागिता

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । आज भी ग्रामीण इलाकों में शिक्षा का स्तर बहुत अच्छा नहीं है। इसकी वजह है सरकारी स्कूलों और सिस्टम का सरकारी ढर्रे पर चलना। ऐसे में अभिभावकों के मन में शिक्षकों के प्रति मान-सम्मान तथा शिक्षा का महत्व कम होना स्वाभाविक है। रही सही कसर बाल विवाह जैसी कुरीतियां पूरी कर देती हैं। इनके चलते कई अभिभावक तो अपनी बच्चियों से उनके पढ़ने का अधिकार ही छीन लेते हैं। परंतु सकारात्मक सोच के साथ थोड़े से सुधार का प्रयास भी हो जाए तो तस्वीर बदल सकती है और यही समझाने का प्रयास कर रही है ‘टेक्निकल टीचर’।

    यह टेक्निकल टीचर कोई और नहीं ‘ईशान फिल्म प्रोडक्शन’ के बैनर तले बनी एक फिल्म है। इस फिल्म के निर्माता और निर्देश हैं रतलाम के मल्टी टैलेंटेड कलाकार हरीश दर्शन शर्मा। सामाजिक सरोकार से जुड़ी इस फिल्म का मीडिया पार्टनर है रतलाम प्रेस क्लब जिसने फिल्म के भव्य प्रीमियर शो का आयोजन स्थानीय गायत्री मल्टीप्लेक्स में किया। खचाखच भरे हाल में जिसने भी इस फिल्म को देखा, उसने यही कहा कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि सच्चाई है। आयोजन के दौरान रतलाम के एसपी अमित कुमार, एएसपी राकेश खाका, सीएसपी सत्येन्द्र घनघोरिया, ट्रैफिक डीएसपी आंनद सोनी, स्टेशन रोड थाना प्रभारी स्वराज डाबी, रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश पुरी गोस्वामी, सचिव यश शर्मा बंटी, फिल्मकार हरीश दर्शन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्यजन और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही।

    रूढ़ियों और बालिका शिक्षा की चुनौतियों का प्रभावी प्रस्तुतिकरण- एसपी अमित कुमार

    एसपी अमित कुमार ने रतलाम प्रेस क्लब के इस प्रयास को सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से समाज में व्याप्त रूढ़ियों और बालिकाओं की शिक्षा में आ रही चुनौतियों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने ऐसे सार्थक प्रयासों में हर संभव मदद की बात कही है। वहीं उपस्थित दर्शकों ने फिल्म की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल निश्चित ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रेरक सिद्ध होगी। भावुक कर देने वाले दृश्यों के दौरान तो कई दर्शकों की आंखें तक छलक पड़ीं। प्रीमियर शो में मौजूद पत्रकारों और उनके परिजन ने फिल्म टेक्निकल टीचर का आंनद लेने के साथ ही उसके संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक प्रसारित कर सामाजिक सरोकार की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    सुधार का संदेश देने वाली प्रभावी पटकथा

    फिल्म ‘टेक्निकल टीचर’ की कहानी ग्रामीण परिवेश, गांव की एक बालिका ‘फुलवा’ और उसकी अंग्रेजी की शिक्षिका (लतिका भंडारी) के इर्द-गिर्द घुमती है। फिल्म की पटकथा में गांव में व्याप्त बाल विवाह की कुरीति, स्कूल छोड़ने को मजबूर बच्चियों और  सरकारी स्कूल की पढ़ाई व्यवस्था का बहुत अच्छे से प्रदर्शित करती है। यह फिल्म यह संदेश देने में सफल होती नजर आती है कि थोड़ा सा सुधार और तकनीक का उपयोग न सिर्फ शिक्षा का स्तर सुधर सकता है अपितु समाज से कुरीति दूर की जा सकती है और परीक्षा परिणाम भी सुधारा जा सकता है। खास बात यह है कि फिल्म के कलाकारों से लगाकर फिल्म के सारे पात्र भी रतलाम जिले से ही लिए गए हैं। इसकी शुटिंग भी रतलाम शहर और जिले के नामली क्षेत्र के गांव बड़ौदा में हुई।

    फिल्म में कौन-क्या

    निर्माता, निर्देश, पटकथा लेखक और एडिटिंग

    हरीश दर्शन शर्मा

    गीतकार

    दीपक चरपोटा

    संगीत

    नागेश काठा, हरीश दर्शन शर्मा

    गायक

    दलविंदर सिंह गुरुदत्ता, संगीता जैन, हेमेंद्र काठा, दीपक चरपोटा

    स्क्रीन प्ले

    अमजद खान

    कलाकार

    अंग्रेजी की शिक्षिका लतिका भंडारी

    नेहा पंवार कोचे

    फुलवा

    कुमकुम शर्मा

    हिंदी की शिक्षिका

    आकांक्षा शर्मा

    प्राचार्य (मंगू मास्टर)

    प्रकाश गोलानी

    शिक्षक

    मनोज जोशी

    गणेश

    डॉ. पवन मुजावदिया

    फुलवा का पिता भैरव

    राजेंद्र व्यास

    (इनके अलावा भी कई कलाकार हैं और वे सब भी स्थानीय ही हैं।)

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    Fri, 06 Jun 2025 01:07:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    व्यंग्य : सांप पालो तो ऐसे पालो... &आशीष दशोत्तर https://acntimes.com/Satire-If-you-keep-a-snake-keep-it-like-this-Ashish-Dashottar https://acntimes.com/Satire-If-you-keep-a-snake-keep-it-like-this-Ashish-Dashottar आशीष दशोत्तर

    सांप अगर ढंग के पाले जाएं तो वे बार-बार डंस सकते हैं। ऐसे सांपों के डंसने में मरने की गुंजाइश नहीं होती, मुआवजे का विराट फ़लक़ उपलब्ध होता है। कई लोग अपने आस्तीन में सांप इसीलिए पाल कर रखते हैं ताकि जब चाहे उनसे ख़ुद को ही डंसवाले और मुआवजा पा लें।

    आजकल सांप ज़हरीले नहीं होते। जब से सांपों ने इस बात को महसूस किया है कि इंसान ज़हरीले होने लगे हैं, उन्होंने विष वमन की आदत को त्याग दिया है। वे विषवान होकर इंसान की तरह अपना अपमान नहीं करवा सकते।

    सांपों के साथ दिक्कत यह है कि वे एक बार में जिस रूप रंग में ढल जाते हैं उसे बदल नहीं सकते। इंसानों के साथ ऐसा नहीं है। इंसान गिरगिट की तरह रंग भी बदल लेता है। घड़ियाल की तरह आंसू भी बहा लेता है। बंदर की तरह चतुर, बिल्लियों की रोटी भी खा लेता है। इंसान ने सांपों को पालना जब से शुरू किया तभी से सांपों ने इंसान की हर एक प्रवृत्ति पर अपनी पैनी नज़र रखना शुरू कर दी थी।

    जैसे-जैसे इंसान ज़हर उगलता रहा वैसे-वैसे सांप अपना ज़हर कम करते रहे। इसीलिए तो आजकल इंसान को अपने आस्तीन में सांप पालने में कोई तकलीफ़ नहीं होती, बल्कि ऐसा होने पर सांपों का दम घुटने लगता है। सांप अब इस कोशिश में लगे रहते हैं कि किस तरह इंसान की आस्तीन से उनका पिंड छूटे। मगर इंसान को सांप पालने का ऐसा चस्का लग गया है कि वह पकड़-पकड़ कर सांपों को पालता है। किसी इंसान की आस्तीन को झटक कर देखेंगे तो आप हैरत में पड़ जाएंगे । आपको तरह-तरह के सांप लटके नजर आएंगे।

    यह भी देखें... MP में सांप घोटाला ! सर्पदंश के मुआवजे के नाम पर डकार गए 11 करोड़ 26 लाख रुपए, एक व्यक्ति को तो 30 बार सांप ने डसा, हर बार 4 लाख रुपए हुए जारी

    आजकल आपको नाग पंचमी पर कोई नाग को दूध पिलाता नज़र नहीं आता। आजकल सांप को खुले रूप से प्रदर्शित करना प्रतिबंधित कर दिया गया। जब से यह प्रतिबंध लगा है सांप सपेरों की क़ैद से तो छूट गए परंतु इंसान की गिरफ़्त में आ गए। सपेरे तो एक या दो सांप को पालकर अपने पापी पेट के लिए कुछ जुगाड़ किया करते थे, इंसान कई सारे सांपों को पालकर उन्हें गाहे-बगाहे इधर-उधर छोड़ता रहता है। अपने शत्रुओं को इन्हीं सांपों के बल पर मित्र बनाता है और मित्रों को सांपों का भय दिखा कर ब्लैकमेल करता है।

    सांप जब सभी तरह के उपयोग से मुक्त हो जाते हैं तो उनसे खुद को ही डंसवा लिया करता है। सांप से इस तरह खुद को डंसवाने के बड़े फायदे हैं। अच्छा मुआवजा मिलता है। सरकार सिर्फ़ सांप का डंसा देखती है, उसका जहर नहीं। इंसान सांप का डंक दिखाने में माहिर है। कई इंसानों के तो पूरे शरीर पर डंक ही डंक नज़र आते हैं। ये डंक ही तो मुआवजे के अंक में बढ़ोत्तरी करते हैं।

    कभी सांपों की दुनिया अजब-गजब हुआ करती थी, आज इंसानों की दुनिया विचित्र हो चुकी है। सांप एक सीधे-साधे प्राणी की तरह अपने बिल में ही रहने लगे हैं। उसे मालूम है बिल से बाहर आने पर इंसान उसे दबोच लगा। जबरदस्ती डंसवाएगा और ज़हरीले हाथों से ही मुआवजे के लिए अपना आवेदन भी लिखेगा। अफ़सोस इस बात का है कि मिल - बांट कर खाने के इस समदर्शी दौर में सांप को उसका हिस्सा आज तक नहीं मिल पाया है।

    ---

    (व्यंग्यकार आशीष दशोत्तर एक युवा लेखक हैं। वे मप्र साहित्य अकादमी सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत और सम्मानित हो चुके हैं। इनके ग़ज़ल, गीत, कविता संग्रह के साथ ही कई किताबें प्रकाशित हो चुके हैं। इनका पता और संपर्क नीचे दिया गया है।)

    ---

    12/2, कोमल नगर

    बरबड़ रोड, रतलाम - 457001

    मो.नं. 9827084966

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    Thu, 22 May 2025 21:59:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विश्व परिवार दिवस पर विशेष : माता&पिता दुआ के दरख़्त है... अज़हर हाशमी https://acntimes.com/Special-on-World-Family-Day-Parents-are-trees-of-prayer-Azhar-Hashmi https://acntimes.com/Special-on-World-Family-Day-Parents-are-trees-of-prayer-Azhar-Hashmi माता-पिता दुआ के दरख़्त है

    अज़हर हाशमी 

    माँ का नरम मिज़ाज, पिता थोड़े सख़्त हैं,

    बच्चों के लिए दोनों दुआ के दरख़्त हैं।

    बचपन के नज़ारे को देखकर ये जानिए,
    बच्चों के लिए माता-पिता पाँव-हस्त हैं।

    सिर पे कभी पिता के, कभी माँ की गोद में,
    बच्चों के लिए माता-पिता ताज-तख़्त हैं।

    संतान को ख़ुश देखते हैं तो ये समझलो,
    माता-पिता सुकून से हैं और मस्त हैं।

    जिस घर में हैं संतान से माँ-बाप दुखी तो-
    संतान के 'नक्षत्र' समझ लेना 'अस्त' हैं।


    (रचना कवि 'अज़हर हाशमी' के हिन्दी ग़ज़ल संग्रह 'मामला पानी का' से साभार।)

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    Thu, 15 May 2025 20:43:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बुद्ध पूर्णिमा पर… यूं हुआ महसूस जैसे& मुस्कुराये बुद्ध ! आइये, जानते हैं क्या हैं बुद्ध के मुस्कुराने के मायने... https://acntimes.com/Special-on-Buddha-Purnima-Buddha-smiled-azhar-hashmi-4801 https://acntimes.com/Special-on-Buddha-Purnima-Buddha-smiled-azhar-hashmi-4801 अज़हर हाशमी

    भोर का अद्भुत नज़ारा

    वक़्त ने जिसको सँवारा

    धूप ने जिसको निखारा

     

    भोर का सूरज कि जैसे-

    ध्यान ध्याये बुद्ध !

     

    पक्षियों का गीत गाना

    वत्सला गौ का रंभाना

    और बछड़े को बुलाना

     

    यूँ हुआ महसूस जैसे-

    मुस्कुराये बुद्ध ! 

     

    भोर जैसे कर्म की लय

    भोर जैसे तेज-संचय

    भोर जैसे सत्य की जय

     

    'सत्य अष्टांगिक-सनातन'

    बुदबुदाये बुद्ध !

    (‘प्रो. अज़हर हाशमी’ के गीत संग्रह ‘कभी काजू घना, कभी मुट्ठी चना’ से साभार।)

    बुद्ध पूर्णिमा : एक ऐतिहासिक तथ्य

    51 साल पहले यूं मुस्कुराए बुद्ध !

    ‘बुद्ध के मुस्कुराने’ का जिक्र प्रो. अज़हर हाशमी की उक्त रचना के अलावा आज से करीब 51 साल पहले 18 मई, 1974 को भी हुआ था।  इसी दिन सुबह 8.05 बजे राजस्थान के पोखरण टेस्ट रेंज 8-12 किलोटन विस्फोटक क्षमता वाले ‘इम्प्लोजन-टाइप प्लूटोनियम बम’ का परीक्षण किया गया था। यह बम अमेरिका द्वारा हिरोशिमा नागासाकी पर इस्तेमाल "फैट मैन" बम के समान था। यह ऑपरेशन BARC के निदेशक डॉ. राजा रमन्ना, डॉ. पी.के. आयंगर और डॉ. होमी सेठना हुआ। इस परमाणु डिवाइस को 107 मीटर गहरे गड्ढे में रखकर रिमोट कंट्रोल से विस्फोट किया गया था।

    इस मिशन को अत्यंत गोपनीय रखा गया था। इसकी जानकारी केवल 75 वैज्ञानिकों और अधिकारियों की एक छोटी टीम को ही जानकारी। अमेरिका और अन्य खुफिया एजेंसियां इसे भांप तक नहीं पाईं थी। परीक्षण की सफलता के बाद डॉ. राजा रमन्ना ने तत्कालीन प्रधानमंत्री ‘इंदिरा गांधी’ को फोन पर कोड वाक्य कहा था- "द बुद्धा हैज़ स्माइल्ड" (बुद्ध मुस्कुराए हैं)। दरअसल, जिस दिन यह परीक्षा हुआ उस दिन बुद्ध पूर्णिमा (गौतम बुद्ध का जन्मदिन) था। भारत ने इसे शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट (Peaceful Nuclear Explosion) के रूप में प्रस्तुत किया था। इस बुद्ध पूर्णिमा से चार-पांच दिन पूर्व भी ऐसा कुछ ऐसा हुआ जिससे भारत दुनिया में एक सशक्त, संयमित और सामरिक रूप से मजबूत देश के रूप में उभरा है।

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    Mon, 12 May 2025 17:15:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मातृ दिवस पर विशेष : साहित्यकार अज़हर हाशमी का मां के प्रति कृतज्ञता भाव &श्वेता नागर https://acntimes.com/Special-on-Mothers-Day-Writer-Azhar-Hashmis-gratitude-towards-his-mother-Shweta-Nagar https://acntimes.com/Special-on-Mothers-Day-Writer-Azhar-Hashmis-gratitude-towards-his-mother-Shweta-Nagar श्वेता नागर

    मां शब्द की ध्वनि मंदिर के उस पवित्र शंख ध्वनि के समान है जिसके कानों में पड़ते ही मन - मस्तिष्क और हृदय पवित्रता से भर जाता है। मां शब्द स्वयं में पूर्णता लिए हुए है इसलिए मां शब्द की व्याख्या करना संभव नहीं। क्योंकि इस शब्द को जितना व्याख्यायित किया जाता है यह उतना विस्तार पाता जाता है। मां शब्द अथाह सिंधु की तरह है जिसका कोई मापक यंत्र आज तक नहीं बना और न बन पाएगा।

    मां की इसी अनंत महिमा को अपने साहित्य में सर्वोपरि स्थान देने वाले और मां के प्रति अपनी अंजुरी में कृतज्ञता का जल भरकर प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि, गीता मनीषी, वेदों के ज्ञाता, भारतीय संस्कृति के अध्येता और सूफ़ी परम्परा के संवाहक प्रो. अज़हर हाशमी जी कहते हैं-  

    "बलाएं जब कभी भी नींद में मुझको सताती हैं,

    मैं, मां का नाम लेता हूं, बलाएं भाग जाती हैं।" 

    वाकई में मां बच्चे के लिए उस काले टीके की तरह होती है जो हर नकारात्मक प्रभाव से बच्चे की रक्षा करती है। भारतीय ज्योतिष में मां का प्रतिनिधित्व करने वाला ग्रह चंद्रमा है और चंद्रमा मन का कारक होता है। इसका अर्थ है मां जितनी भावनात्मक और मानसिक रूप से मजबूत होगी, वह कभी भी बच्चे का आत्मविश्वास कम नहीं होने देगी। वैसे भी मां को बच्चे का प्रथम गुरु कहा गया है जो बच्चे में संस्कारों का सृजन करती है।

    अज़हर हाशमी जी ने भी अपनी इन काव्य पंक्तियों में इन्हीं भावों को व्यक्त किया है-  

    "मां

    प्रथम गुरु है

    जो

    सिखाती है संतान को

    सच्चाई का सबक

    शौर्य की शब्दावली

    और

    अपनत्व के अक्षर।"

     

    मां परिवार की धुरी है। मां के बिना घर, घर नहीं होता है।

    परिवार और घर की परिभाषा मां के बिना पूर्ण नहीं हो सकती। परिवार में जो कड़ी एक-दूसरे को जोड़े रखती है वह होती है एक-दूसरे के प्रति समर्पण और अनुराग का भाव, और इस कड़ी को मजबूत करता है मां का वात्सल्य भाव। इसी के महत्व को रेखांकित करती अज़हर हाशमी जी की काव्य पंक्तियां-

    "बनाये रखती है

    जोश की जलधारा के साथ

    परिवार की परिधि में,

    प्रेम का प्रवाह

    और

    वात्सल्य का वेग

    सम्यक दृष्टि के साथ

    मां

    जैसे

    सरिता समत्व की।"

     

    प्रो. अज़हर हाशमी जी का साहित्य सौहार्द और सर्वधर्म समभाव का संदेशवाहक है। बिना किसी अंतर / भेद के वे सभी धर्मों की ग्रहण करने योग्य सीख और संस्कार को हमेशा अपने साहित्य में प्रचारित और प्रसारित करने से नहीं चूकते। वे इसे अपना धर्म और कर्म मानते हैं। इसी सौहार्द भाव को उन्होंने मां के उदार भाव से जोड़कर समझाने का प्रयास किया है-

     

    "नवरात्र-पर्युषण सहित रमजान-सी पावन,

    त्याग-तप के दिन-ब-दिन विस्तार जैसी मां।"

     

    जब किसी संकट में हम स्वयं को पाते हैं तो मां का स्मरण संकटमोचक की तरह करते हैं, क्योंकि हमारा विश्वास है कि मां की दुआओं में। मां के इस संकटमोचक स्वरूप की व्याख्या हाशमी जी ने कुछ इस तरह की है-  

    "एक साथ ही मां के अद्भुत तीन रूप हैं-

    दया का दरिया, दवा की बूटी, दुआ का आंचल।" 

    ...और मां की इन्हीं दुआओं को याद करते हुए हाशमी जी की कई बार आँखें भर आती हैं। म.प्र. साहित्य अकादमी से प्रकाशित साक्षात्कार पत्रिका में उनके जीवन और साहित्य से जुड़े पहलुओं पर साक्षात्कार प्रकाशित किया गया था, जिसमें उन्होंने अपने बचपन के बारे में बात करते हुए बताया था कि-

    "मेरे पिताजी श्री खुर्शीद अली हाशमी सूफ़ी संत थे, वे कुरान के हाफिज थे। मेरी माताजी श्रीमती रशीदा हाशमी जिन्होंने मुझे जन्म दिया, उनका तब निधन हो गया था जब मैं केवल डेढ़ वर्ष की आयु का था। मेरा पालन - पोषण करने के लिए मेरे पिताजी ने दूसरा विवाह किया था। मेरा पालन-पोषण करने वाली मां श्रीमती खातून हाशमी ने अपने जीवन की सारी सुख - सुविधाओं का त्याग कर मेरी शिक्षा के लिए उन्होंने कई बार अपने चांदी के जेवर गिरवी रखे और बेचे भी। इसलिए मेरा पालन - पोषण करने वाली मेरी मां का दर्ज़ा मेरे लिए जन्म देने वाली मां से भी बढ़कर है।"

    अपनी मां के इस समर्पण भाव के प्रति वे इस कदर समर्पित हुए कि उन्होंने यह निश्चय कर लिया था कि उनका जीवन समाज और राष्ट्र के लिए ही है।

    साहित्यकार अज़हर हाशमी जी की इन पंक्तियों के साथ इस आलेख का समापन करना मुझे प्रासंगिक प्रतीत होता है-  

    "मेरी ताकत को कोई भूल से भी कम नहीं आंके,

    मेरी ताकत मेरी निश्छल - सरल मां की दुआएं हैं।" 

    (लेखिका श्वेता नागर कवि, लेखक, चिंतक अज़हर हाशमी की शिष्या और पेशे से शिक्षक हैं। इनकी पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं। ये अपने आलेखों और विचारों से नव चेतना का दीप जलाती हैं, सृजन का गीत गाती हैं।)

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    Sun, 11 May 2025 15:54:38 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मातृ दिवस विशेष : ‘मार्गन स्टैनले’ व ‘वर्कफ़ोर्स’ की रिपोर्ट ने बढ़ाई राष्ट्रीय बहस की आवश्यकता, सामाजिक व पारिवारिक जीवन से मेल खाता हल जरूरी& पद्मश्री डॉ. लीला जोशी https://acntimes.com/Mothers-Day-Special-Morgan-Stanley-and-Workforce-report-raises-the-need-for-national-debate-PadmaShri-Dr-Leela-Joshi https://acntimes.com/Mothers-Day-Special-Morgan-Stanley-and-Workforce-report-raises-the-need-for-national-debate-PadmaShri-Dr-Leela-Joshi पद्मश्री डॉ. लीला जोशी

    ज मातृ दिवस है। भारत सहित विश्व के करीब-करीब सभी देश हर वर्ष मई माह के दूसरे रविवार को मातृ दिवस के रूप में मनाते हैंI मातृ दिवस मनाने का उद्देश्य यही है कि जिस प्रकार निष्काम व समर्पित भाव से माँ जीवन पर्यन्त अपने बच्चे की देख-रेख व सुरक्षा करती है उसके लिए हम सब को भी उस मां के प्रति किसी न किसी रूप में कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए।

    ज मुझे मेरे जीवन का वह दिन याद आ रहा है, जब मैं अस्पताल में अपने वार्ड में भर्ती रोगियों को देखने के लिए राउंड ले रही थी। मेरे साथ में थीं वार्ड की इन्चार्ज नर्स जो अपना काम व ड्यूटी बहुत तत्परता व समर्पित भाव से करने के लिए जानी जाती थीं। आज वे गलतियों पर गलतियाँ  किए जा रहीं थी। मरीजों  के लिए दिए जाने वाले आदेश मानो वह सुन ही नहीं पा रहीं थी। आज उसका व्यवहार बिलकुल बदला हुआ था।

    राउंड समाप्त होने के बाद, मैंने अपने कुछ काम  निपटाए फिर सिस्टर को बुलाकर पूछा- ‘सिस्टर सब ठीक-ठाक तो है? पहले तो  उसने  कुछ जवाब  नहीं दिया, पर मेरे बार-बार पूछने पर उसने कहा- क्या  बताऊँ डॉक्टर साहब मैं घर पर अपने छ: वर्ष के बच्चे को हाई फीवर में छोड़कर   आई हूँ, क्या करूँ किसी भी काम में मन ही नहीं लग रहा। उसकी आँखों में आंसू थे। मैंने पूछा- घर में उसे कौन देख रहा है? उसने बताया कि उसके पापा छुट्टी लेकर घर में हैं।

    सी प्रकार हाल ही में महाकुम्भ के दौरान दिल्ली के रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म में भारी भगदड़ के  बीच एक रेलवे महिला कांस्टेबल रीना, अपने एक साल के बच्चे को कैरी ऑन नेप सैक में सीने से बांधे हुए भीड़भाड़ के बीच डंडा घुमाते हुए अपनी ड्यूटी करती हुई। वह बहुत चर्चित हुई और सराही  भी गई। कई अवॉर्ड भी उसके नाम होंगे, पर उसके पीछे की मजबूरी शायद ही किसी की नज़र में आई हो।

    मातृत्व, माता को कुदरत द्वारा दिया गया एक गुण, उपहार या तोहफा है, जो गर्भधारण के बाद से माता को मिलता है। गर्भस्थ शिशु के पनपने के लिए मां के शरीर में कई बदलाव होते हैं। ये शारीरिक, हार्मोनल, वातावरणीय होते हैं और ये सब प्रसव के बाद धीरे-धीरे अपनी पूर्व स्थिति यानि गर्भधारण के पहले की हालत में हो जाते हैं। इन बदलाओं के अलावा एक विशेष परिवर्तन माता के मष्तिष्क व न्यूरोन्स में आता है, और यही है मातृत्व जिससे मां की मानसिक शक्ति, देख-रेख करने की क्षमता और विपरीत परिस्थितियों में समयोचित करना शामिल हैI

    बसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये परिवर्तन जैविक परिवर्तनों की तरह प्रसव के बाद समाप्त नहीं होते, बल्कि जीवन पर्यन्त रहते हैं। महिला सशक्तिकरण के इस युग में, जो बड़ी समस्या आ रही है वह है कि, महिला को माता व गृहणी की भूमिका के साथ-साथ अपने बाहर के काम चाहे वह  कमाना हो या समाज सेवा या कुछ और, दोनों में संतुलन बनाना कठिन होता जा रहा है।

    हाल ही में मार्गन स्टैनले की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके अनुसार-2030 तक  45 प्रतिशत महिलाएँ या तो अविवाहित रहेंगी या संतान रहित। यदि यही स्थिति रही तो माता जो अपनी सुसंस्कृत, संस्कारी संतान के माध्यम से समाज का सबसे बड़ा उपकार करती है, उसका क्या होगा? इसी प्रकार हमारे यहाँ की वर्कफ़ोर्स की रिपोर्ट में महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय  बढ़ोतरी तो बताई है परंतु महत्वपूर्ण और ध्यान देने वाला बिंदु है ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अंतर का। गत 3–4 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 24.6 प्रतिशत से 41.5 प्रतिशत हो गई है। वहीं शहरी क्षेत्रों में मामूली बढ़त 20.4 प्रतिशत से 25 तक हो दर्ज हुई है। ये आंकड़े हमें बताते हैं कि इस समस्या के लिए एक राष्ट्रीय बहस हो, जिसका हल ऐसा हो जो हमारे सामाजिक व पारिवारिक जीवन से मेल खाते हो।

    ...तो आइए, इस मातृ दिवस पर हम मातृत्व को सार्थक करें।

     ***

    (लेखक पद्मश्री डॉ. लीला जोशी भारतीय रेलवे की सेवानिवृत मुख्य चिकित्सा निदेशक हैं जो मप्र के रतलाम की निवासी होकर अपनी संस्था के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करने के साथ ही उन्हें निःशुल्क दवाईयां भी उपलब्ध कराती हैं। मातृशक्ति की रक्षा के लिए किए गए सेवा कार्य के लिए ही उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।)

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    Sun, 11 May 2025 12:17:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Cyber ​​attack alert ! भारत&पाक संगर्ष के बीच सरकार ने जारी की एडवाइजरी, जानिए& कैसे कर सकते हैं इससे अपना बचाव https://acntimes.com/Cyber-​​​​attack-alert-Government-issued-advisory https://acntimes.com/Cyber-​​​​attack-alert-Government-issued-advisory एसीएन टाइम्स @ डेस्क । भारत-पाक संघर्ष के चलते साइबर हमले (Cyber ​​attack) का जोखिम बढ़ गया है। भारतीय शासकीय एजेंसिया, सैन्यकर्मी, संस्थान और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। व्हाट्सएप, ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से तेजी से फैल रही दुष्प्रचार सामग्री के बारे में सतर्क रहना आवश्यक है। इस सामग्री में भ्रामक वीडियो, इमेज तथा अन्य के माध्यम से भारत-पाक संघर्ष से संबंधित समाचार या अपडेड के रुप में फिशिंग ईमेल, फोटो, लॉगिन पेजेस और दुर्भावनापूर्ण अनुलग्न जैसी परिष्कृत रणनीति का उपयोग शामिल है। अतः पूरी तरह अहतियात बरतने की आवश्यकता है।

    इस आशय की एडवाइजरी शासन और प्रशासन की ओर से आजमन के लिए जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि साइबर अपराधी समाचार अथवा सूचनाओं से संबंधित विशेष अपडेट, संघर्ष से संबंधित कथन या लीक हुए फुटेज के बहाने दुष्प्रचार सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिनमें मेलवेयर, स्पाइवेयर या फिशिंग वेबसाइट के लिंक होती हैं। यह सामग्री विभिन्न यूआरएल लिंक अथवा अज्ञात नम्बरों से भेजी नई तस्वीरों के रूप में भी हो सकती है जो कि व्हाट्सएप, टेलीग्राम तथा अन्य सोश्यल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़ी सरलता से प्रेषित की जा सकती है।

    ऐसे हो सकती है आपके डेटा की चोरी, हैक हो सकता है सोशल मीडिया एकाउंट

    एडवाइजरी में कहा गया है कि दुष्प्रचार के रूप से तैयार की गई apk फाइल, exe फाइल और वीडियो फाइल/लिंक को व्हाट्सएप, ईमेल और अन्य सोश्यल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत संदेशों में फिशिंग लिंक एम्बेड किए जा रहे हैं। ये विश्वसनीय स्त्रोतों या समूहों के समान ही प्रतीत होते हैं। वैध समाचार या सरकारी स्त्रोतों की तरह दिखने के लिए डिजाइन की गई इन फिशिंग वेबसाइट्स के माध्यम से व्यक्तिगत डेटा भी चुराया जा सकता है। एप या टूल (जैसे लाइव वार अपडेट एप) के रूप में लेबल की गई apk फाइल का प्रसार किया जा रहा है जिसके माध्यम से डेटा चुराना या डिवाइस को लाक करके फिरौती की मांग की जा सकती है। इसके अतिरिक्त टूल्स के माध्यम से बैंक खाते या सोशल मीडिया खाते आदि को भी हैक किया जा सकता है।

    अनजान नंबरों से भेजे वीडियो और ईमेल फाइल नहीं खोलें

    इस तरह की दुष्प्रचार सामग्री से बचने के लिए नागरिक कभी भी अनजान फोन नम्बर से भेजे गए वीडियो या ईमेज फाइल को ओपन न करें, भले ही ऐसी फाइल किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा फारवर्ड की गई हो, जिस पर आप भरोसा करते हैं। स्वयं भी ऐसे मैसेज को कभी किसी को या किसी समूह को फॉरवर्ड न करें। विवादित अपडेट या संवेदनशील फुटेज दिखाने का दावा करने वाले फारवर्ड किए गए लिंक को ओपन करने का प्रयास न करें।

    ऐसे बचें ठगी और धोखाधड़ी से

    व्हाट्सएप में बेहतर सुरक्षा के लिए ऑटो डाउनलोड को डिसेबल करें। अकाउंट हैक होने से बचने के लिए व्हाट्सएप एकाउंट सेटिंग में 2 स्टेप वेरिफिकेशन इनेबल करें। ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए ईमेल न खोलें, खासकर वे जो भारत-पाक संघर्ष से संबंधित विषय वाले हों। अनचाहे ईमेल से आए अटैचमेंट को डाउनलोड करने या लिंक पर क्लिक कर ओपन करने से बचें। ईमेल एड्रेस की सावधानीपूर्वक जांच करें क्योंकि फिशिंग ईमेल भेजने के लिए साइबर अपराधी अक्सर असली जैसे दिखने वाले एड्रेस की नकल करते हैं।

    केवल सत्यापित समाचार चैनल या सोशल मीडिया हैंडल ही उपयोग करें

    भारत-पाक संघर्ष पर अपडेट या सूचनाएं जानने के लिए केवल सत्यापित समाचार चैनल और सोशल मीडिया हैंडल का ही उपयोग करें। संवेदनशील फर्जी समाचारों को फारवर्ड या डाउनलोड करने से बचने के लिए फैक्ट चैकर्स का उपयोग करें। विशेष रुप से संवेदनशील घटनाओं या सूचनाओं की असत्यापित सामग्री को शेयर करने से बचें। अधिकृत सरकारी वेबसाइटों और हैंडल के माध्यम से किसी भी ग्राफिक जानकारी को सत्यापित करें।

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    Sun, 11 May 2025 01:55:04 +0530 Niraj Kumar Shukla
    एक रहेंगे तो नेक रहेंगे ! युद्ध न कीजिए पर भरोसा भी मत कीजिए पाकिस्तान पर... प्रो. संजय द्विवेदी https://acntimes.com/Dont-wage-war-but-dont-trust-Pakistan-either-Prof-Sanjay-Dwivedi https://acntimes.com/Dont-wage-war-but-dont-trust-Pakistan-either-Prof-Sanjay-Dwivedi शक्ति, संयम और सूझबूझ ने दिलाई विजय 

    प्रो. संजय द्विवेदी

    भारतीय सैन्य शक्ति, राजनीतिक नेतृत्व के शक्ति, संयम और सूझबूझ से बहुत कम समय में भारत ने वह हासिल कर लिया,जिस पर समूचा भारत मुस्करा रहा है। पहलगाम हमले से पैदा हुई बेबसी, आर्तनाद से मर्माहत हुए राष्ट्र ने जवाबी कार्रवाई से राहत की सांस ली है। अब जबकि युद्ध विराम हो चुका है तो संतोष करना चाहिए कि भारत युद्ध को आतुर देश नहीं है, बल्कि हम आतंकवाद के विरुद्ध अपनी जंग के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    पिछले कुछ दिनों में जैसे हालात बन गए थे, उससे साफ लग रहा कि अब भारत एक ऐसे देश के रूप में उभरा है, जो अपने लोगों का खून बहते नहीं देख सकता। भारतीय बलों की सटीक कार्रवाई ने आतंकवादियों के न सिर्फ ठिकाने उड़ा दिए बल्कि सौ के करीब आतंकियों को समाप्त कर दिया है। भारत का यह संकल्प बहुत प्रखर है और दूरगामी है, जिसमें यह कहा गया है कि भविष्य में होने वाली हर आतंकी गतिविधि को युद्ध माना जाएगा।

    विश्व मंच पर आतंक के विरुद्ध भारत

    भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है, जिसने एक परमाणु शक्ति संपन्न देश पर कार्रवाई की है। आज भारत आतंकवाद के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता से विश्व मंच पर आदर पा रहा है। दुनिया के तमाम देशों ने भारत का न सिर्फ साथ दिया, बल्कि पाकिस्तान को लताड़ भी लगाई। पाकिस्तान की सेना और उसके राजनीतिक प्रतिष्ठान की बदनीयत दुनिया के सामने आ चुकी है। आर्थिक प्रतिबंध, आयात-निर्यात प्रतिबंध, सैन्य कार्रवाई, सिंधु जल समझौता तोड़कर, पाकिस्तानी नागरिकों को भारत से निकालकर, पांच एयरबेस नष्ट कर भारत की सरकार ने अपने इरादे जाहिर कर दिए। पाकिस्तान के मंत्रियों, सांसदों की परमाणु धमकियों के बाद भी भारत ने संयम रखकर अपने लक्ष्य हासिल किए। इसके साथ ही इस क्षेत्र को युद्ध में झोंकने से भी बचाया। अंतिम समय तक निरंतर संवाद बनाए रखते हुए भारत की सरकार ने अपार सूझ-बूझ का परिचय दिया।

    चार दिनों में घुटनों पर पाकिस्तान

    पाकिस्तान ने सिर्फ चार दिनों में घुटनों पर आ गया बल्कि उसने बातचीत के तमाम चैनल खोले। आतंकवाद के विरुद्ध भारतीय प्रतिबद्धता का प्रकटीकरण तो हुआ है लेकिन पाकिस्तान भरोसे के लायक नहीं है। पाकिस्तान के राजनीतिक नेतृत्व और फौज के बीच बहुत गहरी खाइयां हैं। सच तो यह है कि पाकिस्तान सत्ता तंत्र को यह भरोसा नहीं था कि भारत आपरेशन सिंदूर जैसा कदम उठाकर कार्रवाई करेगा।

    युद्धोन्माद नहीं, संयम

    भारत की सरकार ने संवाद, संयम और प्रतिकार तीनों मोर्चे पर एक साथ काम किया। पाकिस्तानी नागरिकों के विरुद्ध नहीं, आतंकवाद के विरुद्ध अपनी प्रतिबद्धता का साफ इजहार किया। यह जीत इसलिए साधारण नहीं है। यह बड़ी कामयाबी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते रहे हैं कि "यह युद्ध का समय नहीं है।" यह संयम भी भारत को दुनिया में सम्मान दिलाता है। भारत सरकार ने टीवी चैनलों को भी संयम बरतने की सलाहें दीं। सेना आज भी हाई अलर्ट पर है। पुंछ, राजौरी में काफी नुकसान हुआ, यह भी सामने है। पाकिस्तान को एक अवसर और राहत जरूर मिली है। अपने बदहाल आर्थिक हालात से जूझ रहे पाकिस्तान को खुद को संभालना है। आतंकवाद की नर्सरी बन चुके देश को सबक सिखाना जरूरी है। एक अराजक पाकिस्तान दुनिया के लिए खतरा बन चुका है। इसलिए भारत की इस चेतावनी को बहुत खास माना जाना चाहिए कि किसी भी उकसावे, आतंकी कार्रवाई को युद्ध ही माना जाएगा।

    पाकिस्तान का बिखराव ही विकल्प

    पाकिस्तान का होना सदैव का संकट है। इन टोटकों से वह सुधर जाएगा ऐसा मानना कठिन है। बावजूद इसके तात्कालिक तौर पर राहत जरूर है। किंतु अंततः पाकिस्तान का बिखराव ही संकट का समाधान है। पख़्तून, बलूच, सिंध की चुनौती पाकिस्तान के सामने ही हैं। इसके दो लक्ष्य होने चाहिए एक तो उसे दुनिया से अलग-थलग करना और दूसरा उन्हें ऐसी चोट देना कि पाकिस्तान सेना दुबारा हिमाकत न कर सके। फिलहाल ऐसा होता नहीं दिखता। पाकिस्तान आज भी एक अविश्वसनीय पड़ोसी और आतंकी संगठनों को पालने वाला देश है। बना रहेगा। हाल-फिलहाल तो पाकिस्तान की राजनीतिक शक्तियों ने बैकडोर कूटनीति से अमरीका और सऊदी अरब को आगे कर राहत तो प्राप्त कर ली है। भारत की सुरक्षा चुनौतियां आज भी बहुत कठिन हैं। थोड़ा और इंतजार कीजिए कि पाकिस्तान का रवैया क्या होता है। इतिहास को देखते हुए पाकिस्तान पर बहुत भरोसा करना ठीक नहीं। पाकिस्तान की सैन्य ताकत को ध्वस्त किए बिना शान्ति का सपना बहुत दूर की कौड़ी है।

    (लेखक भारतीय जन संचार संस्थान के पूर्व महानिदेशक हैं।)

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    Sat, 10 May 2025 20:58:41 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रक्षा मंत्री का बड़ा बयान ! भारत जिम्मेदार राष्ट्र है, अगर कोई संयम का फायदा उठाने की कोशिश करेगा तो उसे प्रचंड कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा https://acntimes.com/Big-statement-Those-trying-to-take-advantage-of-Indias-restraint-will-have-to-face-severe-action-Defence-Minister-Rajnath-Singh https://acntimes.com/Big-statement-Those-trying-to-take-advantage-of-Indias-restraint-will-have-to-face-severe-action-Defence-Minister-Rajnath-Singh एसीएन टाइम्स @ दिल्ली । भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि, "ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले कश्‍मीर में नौ आतंकी शिविर नष्ट किए गए और बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया गया। यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा में 'गुणवत्ता' कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भारत ने हमेशा बेहद संयम बरतते हुए एक जिम्मेदार राष्ट्र की भूमिका निभाई है, वह बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने में विश्वास रखता है। अगर कोई उसके संयम का फायदा उठाने की कोशिश करता है, तो उसे 'प्रचंड कार्रवाई' का सामना करना पड़ेगा।

    रक्षा मंत्री सिंह ने यह बात दिल्ली में आयोजित राष्‍ट्रीय गुणवत्‍ता सम्‍मेलन 2025 को सम्‍बोधित करते हुए कही। सम्मेलन का विषय 'एकीकृत दृष्टिकोण और प्रौद्योगिकी सक्षम प्रक्रियाओं के माध्यम से गुणवत्ता आश्वासन में तेजी लाना' था। मंत्री सिंह ने कहा कि हमारे अजेय और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित सशस्त्र बल के उच्च गुणवत्तापूर्ण उपकरणों से लैस होने से ऑपरेशन सिंदूर सफलतापूर्वक संचालित किया जा सका। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान पहुंचाए बिना तथा न्यूनतम क्षति के साथ सशस्त्र बलों द्वारा इस अभियान को सटीकता के साथ अंजाम देना सोच से परे तथा राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की संप्रभुता की रक्षा में सरकार के लिए कोई भी सीमा बाधक नहीं बनेगी। हम भविष्य में भी ऐसी किसी दायित्‍वपूर्ण जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

    गुणवत्ता मूल्यांकन में तेजी लाना समय की मांग

    राजनाथ सिंह ने कहा कि दुनिया भर में रक्षा क्षेत्र के उपकरणों की विध्वंसकारी मारक क्षमता और नए बदलावों को देखते हुए गुणवत्ता मूल्यांकन में तेजी लाना समय की मांग है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रक्षा संप्रभुता के दृष्टिकोण के अनुरूप रक्षा मंत्री ने 2014 से ही रक्षा उत्पादन क्षेत्र के सशक्तिकरण पर सरकार द्वारा जोर दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि रक्षा संप्रभुता का अर्थ है कि जब तक कोई देश अपनी रक्षा आवश्‍यकताओं में सक्षम और आत्मनिर्भर नहीं होता, तब तक उसकी स्‍वतंत्रता सम्‍पूर्ण नहीं मानी जा सकती। 

    उन्‍होंने कहा कि अगर हम विदेश से हथियार और अन्य रक्षा उपकरण खरीदते हैं, तो हम अपनी सुरक्षा को आउटसोर्स कर रहे हैं और इसे किसी और के भरोसे छोड़ रहे हैं। हमारी सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार कर आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए निर्णायक कदम उठाया है और यही विस्तारित रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भारत को अभूतपूर्व शक्ति प्रदान कर रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादन में गुणवत्ता और मात्रात्‍मक उत्‍पादन पर समान जोर दिया जा रहा है और इस दिशा में कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) का निगमीकरण भी शामिल है। रक्षा मंत्री ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र की प्रगति का उद्देश्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धी निजी रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना रहा है, जो गुणवत्ता द्वारा भारत की सुरक्षा सुदृढ़ करेगा। 

    अत्याधुनिक ब्रांड इंडिया में स्थापित करने का आह्वान

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज विश्व में, एक मजबूत ब्रांड उत्पाद से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। जो ब्रांड लगातार गुणवत्ता और विश्वसनीयता आश्‍वस्‍त कराता है, वही सफल होता है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित सशस्त्र बलों, सरकारी क्यूए एजेंसियों, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, निजी उद्योग, शोध संस्थानों, शिक्षाविदों और सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम प्रतिनिधियों से विश्व में अग्रणी अत्याधुनिक ब्रांड इंडिया में स्थापित करने का आह्वान किया। ​​उन्होंने कहा कि ब्रांड इंडिया का मतलब है कि अगर किसी भारतीय कंपनी ने कुछ वादा किया है, तो वह निश्चित रूप से पूरा ही होगा। हमारी अद्वितीय विक्रय प्रस्ताव (यूनिक सेलिंग प्रोपोजिशन) होनी चाहिए कि जब भी किसी को अन्यत्र गुणवत्ता का संदेह हो तो वह पूरे विश्वास के साथ सामान लेने भारत ही आए।

    रक्षा गुणवत्ता के मारे में वैश्विक भरोसा हासिल करना जरूरी

    वैश्विक व्यवस्था में हो रहे व्‍यापक बदलावों के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि जब विकसित देश पुनः शस्त्रीकरण की ओर बढ़ेंगे तो हथियारों और उपकरणों की मांग बढ़ेगी। उन्होंने स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2024 में विश्व सैन्य व्यय 2,718 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि समन्वित प्रयासों से भारतीय रक्षा विनिर्माण क्षेत्र ब्रांड इंडिया दर्शन के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में रक्षा निर्यात लगभग 24,000 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया। अब हमारा लक्ष्य 2029 तक इस आंकड़े को बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये पहुंचाना है। उन्‍होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र और दुनिया का सबसे बड़ा रक्षा निर्यातक बनाना हमारा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें अपने रक्षा उपकरणों की गुणवत्ता के बारे में वैश्विक भरोसा हासिल करना होगा।

    गुणवत्ता मूल्यांकन एजेंसियां अपनी कमियों पर नज़र रखें

    राजनाथ सिंह ने गुणवत्ता सुधार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, पर आज के प्रौद्योगिकी-संचालित युग में वास्तविक समय की गुणवत्ता निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मशीन लर्निंग जैसे उपकरणों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक प्रौद्योगिकियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए मानकों और परीक्षण प्रोटोकॉल को उन्‍नत बनाने का भी आह्वान किया। सिंह ने कहा कि हमें समयबद्ध गुणवत्ता आश्वासन मंजूरी पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है ताकि अवांछित देरी न हो। रक्षा मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता मूल्यांकन एजेंसियों को हमेशा अपनी कमियों पर नज़र रखनी चाहिए और आधुनिकीकरण तथा परीक्षण बुनियादी ढांचे के माध्यम से उन्हें दूर करने पर काम करना चाहिए।

    यह संकल्प भी दोहराया

    सिंह ने कहा कि विशिष्ट प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निरंतर अंतर विश्लेषण का कदम भी आवश्यक है। रक्षा उत्पादन विभाग के गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय (डीजीक्‍यूए) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में परम्‍परागत क्‍यूए मॉडल से भविष्योन्‍मुखी, डेटा-संचालित और स्वचालित प्रणालियों में परिवर्तित करने की आवश्यकता रेखांकित की गई। विशेषज्ञों ने प्रमाणन समयसीमा में तेजी लाने, निरीक्षणों को सुव्यवस्थित करने और रक्षा उत्पादन में वास्तविक समय गुणवत्ता निगरानी शामिल करने के लिए हितधारकों के बीच निर्बाध सहयोग का आह्वान किया। रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने भारत को एक प्रमुख रक्षा निर्यातक राष्‍ट्र बनाने में नवोन्‍मेष और उद्योग के सहयोग की भूमिका का उल्‍लेख किया। पारदर्शी और संवादमूलक खुले सत्र बैठक में उन्होंने रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों और उपयोगकर्ता एजेंसियों के सवालों पर जानकारी दी। उन्‍होंने मंत्रालय के क्‍यूए प्रणालियों को सरल, डिजिटल और आधुनिक बनाने का संकल्प दोहराया।

    मुख्य विशेषताएं और घोषणाएं

    • ऐतिहासिक सत्र में गुणवत्‍ता आश्‍वासन महानिदेशालय और रक्षा उद्योग सहयोगियों द्वारा संयुक्‍त रूप से तैयार किए गए 0/क्‍यूए 4.0 भविष्‍य रोडमैप पेश किया गया। इसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स-युक्‍त सक्षम परीक्षण, स्वचालित डेटा कैप्चर, डिजिटल डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-संचालित एनालिटिक्स जैसी स्मार्ट तकनीक शामिल है। इसका उद्देश्य मानवीय कमी दूर करना, दक्षता बढ़ाना और रक्षा उत्पाद चक्र में निरंतर गुणवत्ता निगरानी को सक्षम बनाना है।
    • भारतीय सैन्य उड़ान योग्यता विधेयक का मसौदा औपचारिक रूप से अंतिम इनपुट के तौर पर प्रस्तुत किया गया। रक्षा मंत्रालय, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, सेना, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम और उद्योग सहित कई हितधारकों की समावेशी प्रक्रिया द्वारा तैयार किया गया यह विधेयक सैन्य विमानों और हवाई प्रणालियों के प्रमाणन के लिए वैधानिक स्‍वरूप प्रदान करता है। एक विशेष संवाद सत्र में उपयोगकर्ता प्रतिनिधियों और उद्योग मंचों से अंतिम प्रतिपुष्टि प्राप्त की गई।
    • एक समर्पित सत्र में विस्फोटक और आयुध (ई एंड ओ) भंडार के स्वदेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की गई।
    • राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन 2025, रक्षा गुणवत्ता आश्वासन के अनुपालन के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, निर्यात क्षमता और स्वदेशी नवाचार के लिए एक रणनीतिक प्रवर्तक के रूप में सभी हितधारकों की एकजुट प्रतिबद्धता के साथ सम्‍पन्‍न हुआ। सम्मेलन से रक्षा गुणवत्ता आश्वासन के वैश्विक मानक में परिवर्तनकारी गति मिलने की संभावना है।
    • महानिदेशक गुणवत्‍ता आश्‍वासन महानिदेशालय एन. मनोहरन ने जोर देकर कहा कि सम्मेलन से उद्योग और रक्षा हितधारकों के बीच साझेदारी मजबूत करने में मदद मिली है, साथ ही गुणवत्ता आश्वासन में मानकीकरण और नवाचार प्रयासों में भी यह सहायक रहा है।
    • नौसेना आयुध निरीक्षण के महानिदेशक रियर एडमिरल रूपक बरुआ, वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन के महानिदेशक संजय चावला, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के मुख्‍य प्रबंध निदेशक तथा रक्षा मंत्रालय के अन्‍य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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    Fri, 09 May 2025 17:54:04 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी जारी है ! रतलाम के कवि अज़हर हाशमी ने भारत के वीर सैनिकों की शान में लिखा गीत हो रहा वायरल, आओ हम भी इसे जन&जन का गीत बनाएं https://acntimes.com/Operation-Sindoor-is-still-going-on-Ratlam-poet-Azhar-Hashmis-song-in-praise-of-Indias-brave-soldiers-is-going-viral https://acntimes.com/Operation-Sindoor-is-still-going-on-Ratlam-poet-Azhar-Hashmis-song-in-praise-of-Indias-brave-soldiers-is-going-viral भारत की सेना के वीर सैनिकों सलाम !

    अज़हर हाशमी

    पहलगाम का बदला लिया, बड़ा किया काम,

    भारत की सेना के वीर सैनिकों सलाम !

     

    भारत किसी को भी नहीं कभी डराता है,

    शत्रु जो भी भारत को आंखें दिखाता है,

    या भारत पर आतंकी फन फैलाता है,

    भारत को हर एक फन कुचलना आता है,

    आतंकवादियों का कर दिया काम ‘तमाम’ !

    भारत की सेना के वीर सैनिकों सलाम !

     

    निःसंदेह हैं शांति के श्लोकपाठी हम,

    लेकिन दिलेरी-शौर्य में नहीं किसी से कम,

    भारत के सैनिकों में है साहस और दम,

    पीछे नहीं हटते भले ही दशा हो विषम,

    घर में घुस कर मारा, किया है जग में नाम !

    भारत की सेना के वीर सैनिकों सलाम !

     

    भारत की सेना को न निष्फल समझे कोई,

    भारत की सेना को न निर्बल समझे कोई,

    भारत की सेना को न चुनौती दे कोई,

    भारत की सेना से नहीं पंगा ले कोई,

    भारत की सेना सचमुच वीरता का धाम !

    भारत की सेना के वीर सैनिकों सलाम ! 

    (रचनाकार अज़हर हाशमी प्रसिद्ध कवि, गीतकार, समालोचक, व्यंग्यकार, ज्योतिष के जानकार, प्रोफेसर और चिंतक हैं। मप्र के रतलाम के निवासी हाशमी करीब पांच दशक पूर्व लिखे ‘राम वाला हिन्दुस्तान चाहिए...’, ‘बेटियां पावन दुआएं हैं...’ जैसी चर्चित रचनाओं के लिए देश ही नहीं, विदेशों में भी जाने जाते हैं। उनकी पहलगाम का बदला लेने को लेकर लिखा गया गीत भी काफी चर्चित रहा था।)

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    Fri, 09 May 2025 13:12:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बदला मौसम का रंग और ढंग ! ‘राजनीति की तरह ऋतुओं और नेताओं की तरह बदला मौसम का मिज़ाज...’ &अज़हर हाशमी https://acntimes.com/The-mood-of-the-weather-has-changed-Azhar-Hashmi https://acntimes.com/The-mood-of-the-weather-has-changed-Azhar-Hashmi रंग बदलने में गिरगिट का और ढंग बदलने में इंसान का कोई तोड़ नहीं है। भारत में सामान्यतः 6 ऋतुएं होती हैं और इनका क्रम भी पहले नियत था लेकिन अब तो ये भी राजनीति की तरह बदलने लगी हैं। ऐसे में भला मौसम ही क्यों पीछे रह जाता, सो उसने भी नेताओं की तरह अपना मिज़ाज बदलना शुरू कर दिया है। इसकी वजह है आदमी का स्वार्थ जिसने प्रकृति की लय के स़ाज को ही बदल दिया है, यह जानते हुए कि प्रकृति की सेहत सुधरी रहने पर ही वह सेहमंद रहेगा। इसी विडंबना पर प्रसिद्ध कवि और चिंतक अज़हर हाशमी की यह गज़ल खुद भी पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ाएं।

     

    मौसम का बदला है मिज़ाज...

     

    आदमी ने तोड़ डाला प्रकृति की लय का स़ाज,

    स्वार्थवश कुदरत से कर पाया न रिश्तों का लिहाज़।

    हर दिन झपट्टा प्रकृति पर मारता यों आदमी,

    जैसे चिड़िया पर झपट्टा मारता है कोई बाज़।

    राजनीति की तरह ऋतुएं बदलने लग गई हैं,

    यानी नेता की तरह मौसम का बदला है मिज़ाज।

    प्रकृति से छेड़ख़ानी का है मतलब आपदाएं,

    इसलिए आती सुनामी और कहीं गिरती है गाज।

    प्रकृति की ही सेहत पर है ‘सेहत’ निर्भर सभी की,

    प्रकृति से दोस्ती में ही छिपा, खुशियों का राज़। 

    अज़हर हाशमी

    (रचनाकार प्रसिद्ध कवि, लेखक, प्रोफेसर, चिंतक, ज्योतिषी हैं)

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    Mon, 05 May 2025 13:58:04 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम का आतंकी कनेक्शन ! NIA और राजस्थान पुलिस आतंकी फिरोज को लेकर तड़के रतलाम पहुंची, मास्टर माइंड इमरान के फार्म हाउस में की सर्चिंग https://acntimes.com/Ratlams-terrorist-connection-NIA-and-Rajasthan-police-reached-Ratlam-early-in-the-morning-with-terrorist-Firoz https://acntimes.com/Ratlams-terrorist-connection-NIA-and-Rajasthan-police-reached-Ratlam-early-in-the-morning-with-terrorist-Firoz एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कभी सिमी के स्लीपर सेल के लिए चर्चा में आया रतलाम एक बार फिर सुर्खियों में है। जयपुर सीरियल ब्लास्ट की साजिश के कनेक्शन रतलाम से जुड़े होने से यहां NIA की आमाद लगातार बनी हुई है। मामले में एक माह पूर्व गिरफ्तार हुए आतंकी फिरोज को लेकर NIA और राजस्थान की पुलिस शुक्रवार तड़के रतलाम पहुंची। दोनों ही एजेंसियों ने यहाँ फिरोज के घर और मास्टर माइड इमरान के फार्म हाउस की सर्चिंग की।

    जयपुर दहलाने की साजिश रचने के मामले में पिछले माह रतलाम पुलिस ने आतंकी 48 वर्षीय फिरोज खान पिता फकीर मोहम्मद सब्जीवाला को गिरफ्तार किया था। यह वर्तमान में भोपाल की सेंट्रल जेल बंद है। NIA और राजस्थान पुलिस साजिश को लेकर लगातार पूछताछ कर रही है और कड़ियों को जोड़ने प्रयास कर रही है। इसि सिलसिले में दोनों एजेंसियां आतंकी फिरोज को लेकर शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे रतलाम पहुंची। यहां उसे स्टेशन रोड थाने पर रखा गया। दोनों ही टीमों ने संयुक्त रूप से फिरोज के घर तथा जुलवानिया मार्ग स्थित इमरान के फार्म हाउस की सर्चिंग की। जयपुर ब्लास्ट की साजिश इसी फार्म हाउस में रची गई थी। इसका मालिक इमरान पूर्व में ही गिरफ्तार हो चुका है। इस सर्चिंग में क्या हाथ लगा, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है। रतलाम में सर्चिंग के बाद NIA और राजस्थान पुलिस की टीम जयपुर के लिए रवाना हो गई।

    रतलाम पुलिस ने किया था गिरफ्तार

    NIA के मोस्ट वांटेड आतंकी फिरोज खान को गत 2 अप्रैल को रतलाम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी यहां भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मंसूर जमादार के भाई मसरूफ जमादार के आनंद कॉलोनी रोड स्थित घर से पकड़ा था। मसरूफ, फिरोज की बहन रेहाना का पति है। आरोपी अपनी बहन के यहां ईद मनाने आया था जिसकी भनक पुलिस को लग गई और वह पकड़ा गया। NIA ने चरमपंथी संगठन अल-सूफा से जुड़े इस आतंकी पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित था।

    तीन साल पूर्व हुआ था साजिश का खुलासा

    बता दें कि, जयपुर दहलाने की साजिश का खुलासा 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निम्बाहेड़ा में पकड़े गए कुछ आतंकियों से हुआ था। इनके पास से करीब 12 किलो आरडीएक्स जब्त हुआ था। पूछताछ में इन्होंने 42 वर्षीय जुबेर पिता फकीर मोहम्मद निवासी आनंद कॉलोनी रतलाम, 26 वर्षीय अल्तमश पिता बशीर खान और 34 वर्षीय सरफुद्दीन उर्फ सैफुल्लाह पिता रमजानी (34) निवासी शेरानीपुरा रतलाम बताए थे। आरोपियो ने पुलिस को बताया था वे जयपुर में सीरियल ब्लास्ट करने जा रहे थे। उन्होंने इस साजिश में रतलाम निवासी मास्टर माइंड इमरान, अमीन खान उर्फ अमीन फावड़ा, मोहम्मद अमीन पटेल, मजहर खान और फिरोज खान सहित 11 आतंकियों के शामिल होने की बात कही थी। निम्बाहेड़ा पुलिस ने आरोपियों को NIA के सुपुर्द किया था जिसने साजिश में शामिल 10 आतंकियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। शेष एक आरोपी फिरोज को पिछले माह गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी।

    पूरा मामला और रतलाम का आतंकी कनेक्शन जानने के लिए ये खबरें भी पढ़ें

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    2. ये हैं अमन के दुश्मन व अलसुफा के सदस्य जिन्होंने रची आतंकी साजिश, गृह मंत्री डॉ. मिश्रा बोले- ऐसा हर आतंकी फन कुचल देंगे, देखें वीडियो...

    3. राजस्थान एटीएस की रतलाम में सर्चिंग : जयपुर को दहलाने की साजिश के मास्टर माइंड इमरान के पोल्ट्री फॉर्म से मिला 4 बोरे संदिग्ध पदार्थ, विस्फोटक होने का अनुमान

    4. रतलाम के आतंकी पुणे में बाइक की चोरी करते गिरफ्तार, जयपुर दहलाने की रची थी साजिश

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    Fri, 02 May 2025 23:00:27 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) : ‘श्रमिक जगत की चेतना, श्रमिक जगत की आस...’ &अज़हर हाशमी https://acntimes.com/International-Labour-Day-1-May-The-consciousness-of-the-working-class-the-hope-of-the-working-class-Azhar-Hashmi https://acntimes.com/International-Labour-Day-1-May-The-consciousness-of-the-working-class-the-hope-of-the-working-class-Azhar-Hashmi श्रमिक जगत की चेतना

    1

    मज़दूरों की वजह से, उद्योगों में प्राण।

    वहां श्रमिक ही नींव है, जहां भी है निर्माण।।

    2

    कुटिया हो अथवा किला, श्रमिक मूल आधार।

    श्रमिक बिना निर्माण का, होता नहीं विचार।।

    3

    राम सेतु निर्माण में, था जन का कल्याण।

    श्रमिक बने वानर सभी, तभी हुआ निर्माण।।

    4

    हल-हथौड़ा और क़लम, तीनों श्रम के वस्त्र।

    पहले दो तो अस्त्र हैं, और तीसरा शस्त्र।।

    5

    श्रमिक जगत की चेतना, श्रमिक जगत की आस।

    जगत अगर है देह तो, श्रमिक देह की सांस।। 

    ---

    अज़हर हाशमी

    (कवि, चिंतक, समालोचक, ज्योतिषी, लेखक)

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    Thu, 01 May 2025 12:54:51 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम से बड़ा संदेश : आतंकियों से लो बदला, कह रहा पहलगाम ! – अज़हर हाशमी https://acntimes.com/Take-revenge-from-terrorists-Pahalgam-is-saying--Azhar-Hashmi https://acntimes.com/Take-revenge-from-terrorists-Pahalgam-is-saying--Azhar-Hashmi आतंकियों से लो बदला, कह रहा पहलगाम !

     

    अज़हर हाशमी

    गोली मारी, हत्या की, पूछ - पूछ कर नाम।

    आतंकियों से लो बदला, कह रहा पहलगाम।।

     

    आतंकवाद है नाग, मुख में हैं विषदंत।

    करो नेस्तनाबूद तभी, हो पाएगा अन्त।।

     

    सिंधु जल का समझौता, स्थगित अच्छा प्रयास।

    अब आतंकी पाक की, फूल रही है साँस।।

     

    आतंकी हैवान हैं, आतंकी शैतान।

    करो नष्ट कुछ इस तरह, न हो नामो-निशान।

     

    आतंकी बस आतंकी, क्या कनिष्ठ क्या ज्येष्ठ।

    शठ से शठ - सा व्यवहार, यह नीति ही श्रेष्ठ।।

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    Sat, 26 Apr 2025 21:11:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Pahalgam terror attack ! कायराना आतंकवादी हमले के जिम्मेदारों को जल्द ही मुंहतोड़ जवाब मिलेगा& रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह https://acntimes.com/Pahalgam-terror-attack-Those-responsible-for-the-cowardly-terrorist-attack-will-soon-get-a-befitting-reply-Defense-Minister-Rajnath-Singh https://acntimes.com/Pahalgam-terror-attack-Those-responsible-for-the-cowardly-terrorist-attack-will-soon-get-a-befitting-reply-Defense-Minister-Rajnath-Singh एसीएन टाइम्स @ दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों को आश्वासन दिया है कि पहलगाम, जम्मू और कश्मीर में निर्दोष नागरिकों पर कायराना आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जल्द ही भारतीय धरती पर उनके नापाक कृत्यों का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता के साथ भारत दृढ़ संकल्पित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर आवश्यक और उचित कदम उठाएगी।

    सीमा पार से समर्थित आतंकवादी घटनाओं के संदर्भ में रक्षा मंत्री ने कहा कि “भारत एक पुरानी सभ्यता है और इतना बड़ा देश कभी भी किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों से भयभीत नहीं हो सकता। हर भारतीय इस कायराना हरकत के खिलाफ एकजुट है। न केवल उन लोगों को जिन्होंने हमला किया, बल्कि उन लोगों को भी जिन्होंने पर्दे के पीछे से भारतीय धरती पर इस तरह के नापाक कृत्य करने की साजिश रची, उन्हें जल्द ही उचित जवाब मिलेगा।”

    धर्म को निशाना बनाकर किया गया हमला कायराना

    “इतिहास गवाह है कि राष्ट्रों का पतन दुश्मन की कार्रवाई के कारण नहीं, बल्कि उनके अपने कुकर्मों के परिणामस्वरूप हुआ है। मुझे उम्मीद है कि सीमा पार के लोग इतिहास के सबक को और करीब से देखेंगे।” राजनाथ सिंह ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आतंकवादियों द्वारा धर्म को निशाना बनाकर किए गए कायराना हमले में हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खो दिया है। इस अत्यंत अमानवीय कृत्य ने हमें गहरी पीड़ा में डाल दिया है। दुख की इस घड़ी में मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।”

    आईएएफ मार्शल को दी श्रद्धांजलि

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नई दिल्ली में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के मार्शल अर्जन सिंह पर आयोजित व्याख्यान में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मार्शल अर्जन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और समर्पण को अविश्वसनीय बताया। उन्होंने कहा, “वे एक दूरदर्शी सैन्य लीडर थे, जो आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। अगर आज भारतीय वायुसेना दुनिया की सबसे मजबूत वायु सेनाओं में से एक है, तो यह भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह जैसे सैन्य नेताओं की दूरदर्शिता और लोकाचार की वजह से है।”

    भारतीय वायुसेना का राष्ट्रीय सुरक्षा में अहम् योगदान

    राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना की यात्रा को एक महत्वाकांक्षी, प्रेरणादायक और परिवर्तनकारी महाकाव्य बताया, जो न केवल आसमान छूने के बारे में है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के सपनों को हकीकत में बदलने के बारे में भी है। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद, भारतीय वायुसेना स्वतंत्रता के बाद और मजबूत हुई है और आज एक मजबूत स्तंभ के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का ध्यान एक आत्मनिर्भर रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के आधार पर सशस्त्र बलों को बदलने पर है। उन्होंने क्षेत्र में भारतीय वायुसेना को एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि आत्मनिर्भरता की ओर यात्रा एक साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रतिबद्धता, सहयोग और एकीकृत दृष्टिकोण समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय वायुसेना अच्छी तरह से सुसज्जित और अत्यधिक प्रौद्योगिकी-उन्मुख है तो भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूत होगी।

    देश में रक्षा उपकरण निर्माण के मिल रहे सकारात्मक परिणाम

    राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि आयात पर निर्भरता के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती है और सरकार रक्षा संप्रभुता हासिल करने की दिशा में अथक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के भीतर रक्षा उपकरणों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है और रक्षा मंत्रालय के प्रयासों से सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव, हल्के उपयोगी हेलीकॉप्टर प्रचंड, आकाश और ब्रह्मोस वायु रक्षा हथियारों को भारतीय डिजाइनरों, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की क्षमता के शानदार उदाहरण बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि “आज, न केवल सार्वजनिक क्षेत्र में रक्षा विनिर्माण में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, बल्कि निजी क्षेत्र भी बड़े उत्साह के साथ भाग ले रहा है। जैसे-जैसे रक्षा उत्पादन का क्षेत्र प्रौद्योगिकी-उन्मुख होता जा रहा है, स्टार्ट-अप और एमएसएमई की भूमिका भी तेजी से बढ़ रही है। ये रक्षा नवाचार की रीढ़ साबित हो रहे हैं। आने वाले समय में, उच्च तकनीक वाले युद्ध में निजी क्षेत्र, स्टार्ट-अप और एमएसएमई की भूमिका और भी अधिक बढ़ने वाली है।”

    एयरो इंजन विकास सरकार की प्राथमिकता वाला क्षेत्र

    वायुसेना की जरूरतों के मद्देनजर एयरो-इंजन विकास को सरकार का प्राथमिकता वाला क्षेत्र बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रयास पूर्ण बौद्धिक संपदा अधिकारों के साथ सह-विकास और सह-उत्पादन के मॉडल पर भारत में इंजन बनाने का है। उन्होंने कहा कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों और एलसीए मार्क-2 के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि एस्ट्रा मार्क-2, प्रलय, स्मार्ट समेत कई वायु रक्षा प्रणालियों पर काफी हद तक आत्मनिर्भरता हासिल की जा चुकी है।

    चुनौतियों और अनिश्चितताओं से निपटना सरकार की प्रतिबद्धता

    रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि 21वीं सदी में एशिया में सत्ता के गतिशील होने के कारण, हिंद-प्रशांत क्षेत्र रणनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में उभरा है, और सरकार अस्थिर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और तकनीकी क्रांति से उत्पन्न जटिल चुनौतियों का समाधान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाइपरसोनिक डायरेक्टेड एनर्जी हथियार, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन, साइबर और स्पेस तकनीक के बढ़ते उपयोग सहित प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांतिकारी सफलता ने आधुनिक युद्ध में अप्रत्याशितता और घातकता ला दी है, जिससे यह अपरंपरागत और भी अनिश्चित हो गया है। उन्होंने इन चुनौतियों और अनिश्चितताओं से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

    इस अवसर पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, वरिष्ठ नागरिक और सैन्य अधिकारी और सेवारत और सेवानिवृत्त IAF कर्मी उपस्थित थे।

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    Thu, 24 Apr 2025 09:04:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पहलगाम आतंकी हमला ! रतलाम के पत्रकारों ने बांधी काली पट्टी, पाकिस्तान का नक्शा फूंका, PM के नाम ज्ञापन सौंपा https://acntimes.com/Pahalgam-terror-attack-Ratlam-journalists-tied-black-bands-and-burnt-the-map-of-Pakistan https://acntimes.com/Pahalgam-terror-attack-Ratlam-journalists-tied-black-bands-and-burnt-the-map-of-Pakistan एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जम्मू-कश्मीर के पहलगांव में हुए आतंकी हमले से रतलाम में भी जबरदस्त आक्रोश है। घटना के विरोध में बुधवार को रतलाम के पत्रकारों ने काली पट्टी बांध कर पाकिस्तान का नक्शा जलाया और मुदार्बाद के नारे लगाए। हाथों में तिरंगा थाम कर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम अनिल भाना को सौंपा।

    रतलाम प्रेस क्लब के आह्वान पर पत्रकार और अन्य नागरिक दोपहर 12 बजे कोर्ट चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से रैली के रूप में सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम अनिल भाना को सौंपा। ज्ञापन का वाचन प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने किया। इसमें आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया पहलगाम क्षेत्र में हुई हालिया आतंकी घटना, जिसमें 28 निर्दोष नागरिकों की जान गई, पर अमानवीय और बर्बर है, बल्कि यह हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती भी है। इस प्रकार की घटनाएं देश के एकता और अखंडता पर कुठाराघात है। इस दौरान पाकिस्तान का नक्शा भी जलाया। हमले का शिकार हुए लोगो को मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सामाजिक, राजनीतिक संगठन के पदाधिकारी और अभिभाषक मौजूद रहे।

    ये मांगें रखीं ज्ञापन में

    - इस जघन्य आतंकी हमले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच करवाई जाए।

    - हमले के दोषियों की तत्काल पहचान कर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।

    - शहीदों के परिवारों को समुचित मुआवजा और पुनर्वास सहायता प्रदान की जाए।

     - जम्मू-कश्मीर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।

    - आतंकवाद को प्रोत्साहन देने वाले तत्वों और संगठनों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की जाए।

    - बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

    - मणिपुर में शांति स्थापित करने एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

    ये रहे उपस्थित

    इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी, सचिव यश शर्मा, उपाध्यक्ष अमित निगम, सुजीत उपाध्याय, हिमांशु जोशी, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र केलवा, सहसचिव रमेश सोनी, मुबारिक शैरानी, कार्यकारिणी सदस्य हेमंत भट्ट, राजेश पोरवाल, दिनेश दवे, केके शर्मा, दिव्यराजसिंह राठौर, सिकन्दर पटेल, शुभ दशोत्तर, वरिष्ठ पत्रकार दिलीप पाटनी, शरद जोशी, रमेश टांक, राजेश जैन, राजेश मूणत, सुरेन्द्र जैन, गोविन्द उपाध्याय, संतोष जाट, अजीत मेहता, नीरज कुमार शुक्ला, नरेन्द्र जोशी, कमलसिंह, विजय मीणा, सुधीर जैन, जितेन्द्रसिंह सोलंकी, भेरूलाल टांक, असीमराज पाण्डेय, सौरभ कोठारी, किशोर जोशी, भुवनेश पंडित, हरिवंश शर्मा, महेश पुरोहित, राजेश पुरोहित, सौरभ पाठक, दिलावरसिंह देवड़ा, अदिति मिश्रा, यशवंतसिंह राठौर, समीर खान, विनोद वाधवा, नीलेश बाफना, चेतन्य शर्मा, उत्तम शर्मा, उमेश मिश्रा, विवेकानंद चौधरी, राजेश दरक, नवीन टांक, हुसैन खान, राजू अग्रवाल, अभिभाषक संघ के पूर्व अध्यक्ष अभय शर्मा, एडवोकेट सुनील पारिख, समाजसेवी जितेन्द्र टांक, युवा किसान संघ अध्यक्ष राजेश पुरोहित, किसान नेता समरथ पाटीदार, समाजसेवी आबिद मीर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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    Wed, 23 Apr 2025 15:55:37 +0530 Niraj Kumar Shukla
    World book day 2025 : आओ 'हम भी किताबों से मिलें !' &अज़हर हाशमी https://acntimes.com/World-book-Day-special https://acntimes.com/World-book-Day-special किताबों से मिले !

    किताबें, कर्म कौशल की कथाएँ

    किताबें, अक्षरों की हैं सभाएँ

    किताबें, जोश हैं, जज्बात भी हैं

    किताबें, इल्म की सौगात भी हैं

    दिलों में इल्म की सौगात भर लें।

    किताबों से मिलें, कुछ बात कर लें।

    किताबें, खुद सफर हैं खोज भी हैं

    किताबें, तेज-तप हैं, ओज भी हैं

    किताबें, रोशनी की बातियाँ हैं,

    किताबें, हर्षदायी पातियाँ हैं,

    पढ़ें ये पातियाँ, दुःख से उबर लें।

    किताबों से मिलें, कुछ बात कर लें।

    किताबें, तत्वखोजी साधनाएँ

    किताबें, शब्द की आराधनाएँ

    किताबें, सिलसिला रूहानियत का

    किताबें, इत्र हैं इन्सानियत का

    दिलों में इत्र की सुरभि को धर लें।

    किताबों से मिलें, कुछ बात कर लें।

    (रचना प्रो. अज़हर हाशमी के काव्य संग्रह 'अपना ही गणतंत्र है बंधु !' से साभार)

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    Wed, 23 Apr 2025 09:37:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    धार्मिक ठगी से सावधान ! चार धाम यात्रा के नाम पर हो रहा सायबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी https://acntimes.com/Cyber-​​fraud-is-happening-in-the-name-of-Char-Dham-Yatra-police-issued-advisory https://acntimes.com/Cyber-​​fraud-is-happening-in-the-name-of-Char-Dham-Yatra-police-issued-advisory एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सायबर ठगी के नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। धोखेबाज अब चार धाम यात्रा के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। इसकी गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देशन और एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन में सायबर सेल ने एडवाइजरी जारी की है। साइबर सेल ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    सायबर सेल के अनुसार आजकल सायबर अपराधी चार धाम यात्रियों को शिकार बना रहे हैं। फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए ठगी को अंजाम दे रहे हैं। ठग यात्रियों को अलग-अलग तरीके से स्कैम का शिकार बना रहे हैं। स्कैमर्स श्रद्धालुओं को नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया प्रोफाइल और व्हाट्सऐप अकाउंट के जरिए ठग रहे हैं। ये फर्जी वेबसाइट्स दिखने में बिल्कुल असली लगती हैं। धोखेबाज केदारनाथ चारधाम के लिए हेलीकॉप्टर, गेस्ट हाउस, होटल बुकिंग, ऑनलाइन कैब / टैक्सी सर्विस बुकिंग, हॉलिडे पैकेज और धार्मिक टूर जैसी सेवाएं फर्जी वेबसाइट पर ऑफर करते हैं।

    यात्री इन सर्विस के लिए पेमेंट करते हैं तो फ्रॉडस्टर्स नकली टिकट बनाकर भेज देते हैं या फिर उसके बाद फ्रॉडस्टर्स मोबाइल फोन बंद कर लेते हैं। फर्जी वेबसाइट या फेक नंबर पर बुकिंग करने से श्रद्धालुओं के यात्रा के दौरान कोई सुविधा नहीं मिलती है। जिस कारण उन्हें यात्रा के दौरान परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।

    धोखाधड़ी करने वालों ने अब धार्मिक यात्राओं के नाम पर ठगी शुरू की है। रतलाम पुलिस ने मामले में एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधान रहने के लिए कहा है।

    1. यदि आप चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं तो किसी भी सेवा का भुगतान करने से पहले वेबसाइट को सत्यापित जरूर करें।
    2. गूगल, व्हाट्सऐप या फेसबुक पर किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करके से पहले भी वेरिफिफिकेशन जरूर करें।
    3. विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसी या सरकार के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ही बुकिंग करें।

    नोट : ऐसे किसी भी धोखाधड़ी के मामले की शिकायत सायबर सेल या नजदीकी पुलिस थाने या नेशनल साइबरक्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर करें। जरूरत पड़ने पर “1930” पर कॉल भी कर सकते हैं।

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    Tue, 22 Apr 2025 23:03:34 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष : धरती की पीर हरें अब हम ! & अज़हर हाशमी https://acntimes.com/Special-on-World-Earth-Day-2025-Let-us-now-relieve-the-Earth-of-its-pain-Azhar-Hashmi https://acntimes.com/Special-on-World-Earth-Day-2025-Let-us-now-relieve-the-Earth-of-its-pain-Azhar-Hashmi धरती की पीर हरें अब हम !

    खुदगर्जी की ख़ातिर हमने,

    धरती को तोड़ मरोड़ दिया।

    मिट्टी रौंदी जंगल काटे,

    नदियों का नीर निचोड़ दिया।

    सुधरें-सुधरें-सुधरें अब हम !

    धरती की पीर हरें अब हम !

    'धरती माँ-धरती-माँ' कहकर,

    पहले तो रिश्ते को जोड़ा।

    फिर घाव दिये नित धरती को,

    धरती के मस्तक को फोड़ा।

    धरती के घाव भरें अब हम !

    धरती की पीर हरें अब हम !

    आँखों में आँसू लिए हुए

    हमको ही देख रही धरती।

    सहमी-सहमी कातर नजरें,

    हम पर ही फेंक रही धरती।

    समझें ! नहीं देर करें, अब हम !

    धरती की पीर हरें अब हम !

    (कवि प्रो. अज़हर हाशमी के गीत संग्रह 'कभी काजू घना, कभी मुट्ठी चना' से साभार।)

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    Tue, 22 Apr 2025 16:22:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रेलवे बोर्ड के सदस्य रहे रूप नारायण सुनकर बने PESB के सदस्य, जानिए& क्या है इस बोर्ड का काम और कौन बन सकता है चेयरमैन व सदस्य https://acntimes.com/Roop-Narayan-Sunkar-becomes-member-of-PESB https://acntimes.com/Roop-Narayan-Sunkar-becomes-member-of-PESB एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली लोक उद्यम चयन बोर्ड (PUBLIC ENTERPRISE SELECTION BOARD) में नए सदस्यों की नियुक्तियां की गई हैं। रेलवे बोर्ड के सदस्य रह रूप नारायण सुनकर (Roop Narayan Sunkar) को चार सदस्यीय बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत यह बोर्ड देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के उच्चाधिकारियों के चयन का कार्य करता है।

    लोक उद्यम चयन बोर्ड (PESB) में सदस्य के रूप में शामिल किए गए रूप कुमार सुनकर पूर्व में रेलवे बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। इससे पहले वे पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल में डीआरएम सहित विभिन्न पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। उनकी कार्यकुशलता के चलते ही भारत सरकार द्वारा उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। बोर्ड में सदस्य के तौर पर सुनकर के अलावा सोमा मंडल एवं अलकेश कुमार शर्मा शामिल हैं। इनमें से शर्मा की नियुक्ति भी कुछ समय पूर्व ही हुई है। बोर्ड में तीन सदस्यों के अलावा एक चेयरमैन भी होते हैं। वर्तमान में मल्लिका श्रीनिवासन चेयरमैन के रूप में काबिज हैं। 

    बता दें कि, लोक उद्यम चयन बोर्ड (PESB) भारत सरकार के दिनांक 3.3.1987 के संकल्प द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय निकाय है। इसे बाद में समय-समय पर संशोधित किया गया। इसमें नवीनतम संशोधन 11.11.2008 को किया गया था। लोक उद्यम चयन बोर्ड की स्थापना केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के लिए एक सुदृढ़ प्रबंधकीय नीति विकसित करने और विशेष रूप से, उनके शीर्ष प्रबंधन पदों पर नियुक्तियों के बारे में सरकार को सलाह देने के उद्देश्य से की गई है। 

    ये कार्य शामिल हैं अधिकार क्षेत्र में

    1. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (स्तर-I) और कार्यात्मक निदेशक (स्तर-II) के पदों के साथ-साथ सरकार द्वारा निर्दिष्ट किसी भी अन्य स्तर पर कर्मियों के चयन और नियुक्ति करना।
    2. उपर्युक्त स्तरों के कार्मिकों की नियुक्ति, स्थायीकरण या कार्यकाल विस्तार तथा सेवाओं की समाप्ति से संबंधित मामलों पर सरकार को सलाह देना।
    3. वरिष्ठ प्रबंधन कार्मिकों के लिए, प्रत्येक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के समूह के लिए बोर्ड स्तर पर वांछित संरचना पर सरकार को सलाह देना।
    4. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा ऐसे उद्यमों में प्रबंधकीय कार्मिकों दोनों के लिए उपयुक्त निष्पादन मूल्यांकन प्रणाली पर सरकार को सलाह देना।
    5. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा उसके अधिकारियों के निष्पादन से संबंधित डेटा युक्त डेटा बैंक तैयार करना।
    6. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में प्रबंधकीय कार्मिकों के लिए आचार संहिता तथा नैतिकता के निर्माण तथा प्रवर्तन पर सरकार को सलाह देना।
    7. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में प्रबंधन कार्मिकों के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण तथा विकास कार्यक्रम विकसित करने पर सरकार को सलाह देना।

    बोर्ड का चेयरमैन या सदस्य बनने के लिए यह है जरूरी

    1. सार्वजनिक क्षेत्र या निजी क्षेत्र या संयुक्त क्षेत्र के उद्यम का एक प्रतिष्ठित सेवारत या पूर्व मुख्य कार्यकारी हों।
    2. शीर्ष प्रबंधन कर्मियों के चयन में अनुभव वाला प्रतिष्ठित व्यक्ति हों।
    3. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रबंधन या वित्त, उद्योग या आर्थिक मामलों के क्षेत्रों में अनुभव वाले प्रतिष्ठित सेवारत या पूर्व सिविल सेवक हों।
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    Sat, 19 Apr 2025 20:26:49 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केंद्रीय मंत्री सिंधिया बोले& ‘मैं यहां जनप्रतिनिधि नहीं, परिवार के सदस्य के रूप में उपस्थित हूं, रतलाम के विकास में सिंधिया परिवार हमेशा साथ रहेगा https://acntimes.com/Union-Minister-Scindia-said-I-am-present-here-not-as-a-public-representative-but-as-a-member-of-the-family https://acntimes.com/Union-Minister-Scindia-said-I-am-present-here-not-as-a-public-representative-but-as-a-member-of-the-family एसीएन टाइम्स @ रतलाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को नगर आगमन के दौरान सिंधिया परिवार और रतलाम के संबंध याद आ गए। उन्होंने कहा कि- मैं यहां एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य के रूप में उपस्थित हूं। रतलाम से उनका पीढ़ियों का नाता है। मेरे पूज्य पिताजी जी ने रतलाम, नीमच, इंदौर और उज्जैन को भी उतनी ही प्राथमिकता दी, जितनी ग्वालियर को दी और इस क्षेत्र का विकास किया।

    मंत्री सिंधिया ने कहा कि रतलाम के विकास में सिंधिया परिवार पहले भी हमेशा साथ रहा और आगे भी हमेशा साथ रहेगा। कोरोना काल में ऑक्सीजन संकट के दौरान की गई मदद मेरा कर्तव्य ही नहीं, रतलाम परिवार के प्रति मेरा धर्म भी था। उन्होंने कहा कि उनके पूज्य पिताजी (माधवराव सिंधिया) एक राजनेता नहीं, सच्चे जनसेवक थे। सिंधिया ने रतलाम की गौरवशाली सांस्कृतिक, सामाजिक और बौद्धिक विरासत की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम सिर्फ एक शहर नही, अपितु संस्कृति और उसूलों का केंद्र है।

    जिले के मोबाइल नेटवर्क को कराएंगे दुरस्त

    मंत्री सिंधिया ने जिले में मोबाइल नेटवर्क को दुरस्त करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि जिन भी क्षेत्रों में नेटवर्क नहीं आ रहा है, उनकी सूची बनाई जाएगी और वह हर क्षेत्र तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने का कार्य करेंगे।

    इनका सम्मान किया

    बता दें कि, केंद्रीय मंत्री सिंधिया यहां निजी कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे। इस दौरान उन्होंने समाजसेवी गोविंद काकानी, व्यायाम शाला संचालक गौरव जाट, युवा साहित्यकार आशीष दशोत्तर, हेमंत मूणत, उद्योगपति एवं समाजसेवी राजकुमार अजमेरा, रक्तदाता दिलीप भंसाली, शैलेन्द्र गोठवाल आदि का सम्मान भी किया।

    ये मौजूद रहे

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया के साथ मप्र के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, महापौर प्रहलाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, उज्जैन के राजेंद्र भारतीय, प्रवीण सोनी, गौरव अजमेरा, नीरज बरेमेचा आदि भी मौजूद रहे।

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    Sat, 19 Apr 2025 01:16:41 +0530 Niraj Kumar Shukla
    नीमच जिले में 3 जैन मुनियों पर हमला, डंडे और लाठी से किया लहूलुहान, पुलिस ने निकाला आरोपियों का जुलूस, CM डॉ. यादव ने की घटना की भर्त्सना, देखें पूरा वीडियो... https://acntimes.com/3-Jain-monks-attacked-in-Neemuch-district-beaten-with-sticks-and-lathis-CM-Dr-Yadav-condemned-the-incident https://acntimes.com/3-Jain-monks-attacked-in-Neemuch-district-beaten-with-sticks-and-lathis-CM-Dr-Yadav-condemned-the-incident एसीएन टाइम्स @ नीमचजिले के सिंगोली में कछाला के हनुमान मंदिर में विश्राम के लिए रुके जैन संतों पर हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना से पूरे जैन समाज में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में समाजजन ने सिंगोली बंद का आह्वान कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा। पुलिस ने एक बाल अपराचारी सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जलूस भी निकाल दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

    जानकारी के अनुसार रविवार रात को सिंगोली के पास ग्राम कछाला स्थिति बालाजी मंदिर में तीन जैन मुनि विश्राम कर रहे थे। तभी रात करीब 10 बजे उन पर आसामाजिक तत्वों ने लाठी और डंडे से हमला बोल दिया। हमले में जैन मुनि बुरी तरह घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही समाजजन मौके पर पहुंचे और प्रशासन व पुलिस को घटना की जानकारी दी। जैन मुनियों पर हुए अमानवीय हमले के विरोध में सकल जैन समाज द्वारा सोमवार को सिंगलो नगर बंद का आह्वान  किया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने जैन मुनियों से पैसों की मांग की थी। पैसे नहीं मिले तो उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की।

    समाजजन ने सौंपा ज्ञापन, जताया आक्रोश

    सूचना मिलते ही कलेक्टर हिमांशु चंदा, एसपी अंकित जायसवाल, जावद एसडीओपी निकिता सिंह,  थाना प्रभारी बी. एल. भाभर घटनास्थल पहुंचे। अधिकारियों ने घायल संतों की कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान समाज ने उन्हें ज्ञापन सौंप कर घटना को लेकर आक्रोश जताया। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने तथा जैन संतों और मुनियों के साथ भविष्य में ऐसा नहीं हो, इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की। कलेक्टर और एसपी ने समाजजन को भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। जावद विधायक ओमप्रकाश सकलेचा भी मौके पर मौजूद थे। घटना की जानकारी प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जानकारी दी।

    सभी छह आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने जुलूस निकाला

    जैन मुनियों के साथ विहार के दौरान हुए हुई मारपीट मामले में पुलिस ने पवन पिता भगवानलाल मेहता निवासी अहिंसा पथ सिंगोली की शिकायत पर 6 आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 65/25 धारा 115(2), 119(1), 191(2).3(5) बीएनएस का पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों में गणपत पिता राजू नायक, गोपाल पिता भगवान, कन्हैयालाल पिता बंशीलाल, राजू पिता भगवान (सभी निवासी भोई का खेड़ा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान), बाबू पिता मोहन शर्मा निवासी धनेत टोकरिया जिला चित्तौड़गढ़, राजस्थान तथा एक बाल अपचारी शामिल शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस भी निकाल दिया।

    सीएम ने की भर्त्सना, कहा- कड़ी कार्रवाई होगी

    मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्र डॉ. मोहन यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने घटना की भर्त्सना करते हुए कहा कि आरोपियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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    Mon, 14 Apr 2025 20:10:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
    नहीं रहे हमारे 'भारत कुमार' ! पद्म श्री अभिनेता मनोज कुमार का 87 साल की उम्र में निधन, मुंबई के निजी अस्पताल में तड़के 3.30 बजे ली अंतिम सांस https://acntimes.com/Our-Bharat-Kumar-is-no-more-Padma-Shri-actor-Manoj-Kumar-passed-away-at-the-age-of-87 https://acntimes.com/Our-Bharat-Kumar-is-no-more-Padma-Shri-actor-Manoj-Kumar-passed-away-at-the-age-of-87 एसीएन टाइम्स @ मुंबई । 'रोटी, कपड़ा और मकान', 'क्रांति', ‘सन्यासी’, ‘जय जवान जय किसान’, ‘पूरब और पश्चिम’, ‘दो बदन’, ‘हरियाली और रास्ता’ जैसी फिल्में देने वाले अभिनेता मनोज कुमार निधन हो गया। उन्होंने 87 वर्ष की उम्र में शुक्रवार सुबह मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। ‘भारत कुमार’ के नाम से ख्यात मनोज कुमार डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस से ग्रसित थे। उनके अंतिम दोपहर बाद विशाल टॉवर जुहू में किए जा सकेंगे। अंतिम संस्कार जुहू के ही पवन हंस श्मशान घाट पर होगा।

    जानकारी के अनुसार मनोज कुमार को कुछ महीनों से डीकंपेंसेटेड लिवर सिरोसिस नामक बीमारी थी। हालत ज्यादा बिगड़ने पर विगत 21 फरवरी 2025 को उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां तड़के करीब 3.30 बजे दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जैसे ही यह खबर आई शोक लहर दौड़ गई। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने मनोज कुमार को फिल्म उद्योग का शेर बताया। उन्होंने कहा कि '...महान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित, हमारे प्रेरणास्रोत और भारतीय फिल्म उद्योग के 'शेर' मनोज कुमार जी अब हमारे बीच नहीं रहे। यह फिल्म उद्योग के लिए बहुत बड़ी क्षति है और पूरी इंडस्ट्री उन्हें याद करेगी।'

    बंटवारे और इमरजेंसी का दर्द लिए विदा हुए दुनिया से

    देशभक्ति फिल्मों और गीतों का पर्याय माने जाने वाले अभिनेता मनोज कुमार देश के बंटवारे और इमरजेंसी का दर्द लिए ही दुनिया को अलविदा कह गए। इसकी टीस उनकी फिल्मों में न सिर्फ यह आती थी अपितु वे कई अवसरों पर इसकी चर्चा भी करते थे। उनके परिवार को भारत पाकिस्तान बंटवारे के वक्त पाकिस्तान छोड़ना पड़ा। उनके माता-पिता ने भारत में दिल्ली आकर रहना उचित समझा था। मनोज कुमार के लिए इमरजेंसी का दौर भी मुश्किलों भरा रहा। इंदिरा गांधी के साथ उनके संबंध अच्छे जरूर थे, लेकिन इमरजेंसी का विरोध करके उन्होंने सरकार से नाराजगी मोल ले ली थी। नतीजतन मनोज कुमार की फिल्म 'शोर' सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होने से पहले ही दूरदर्शन पर प्रसारित करवा दी गई। उनकी फिल्म 'दस नंबरी' को तो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बैन ही कर दिया था।

    हरिकिशन गिरि गोस्वामी था असली नाम

    दिग्गज कलाकार मनोज कुमार का असली नाम हरिकिशन गोस्वामी था लेकिन उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखते ही अपना नाम बदल लिया था और मनोज कुमार रख लिया था। उनकी राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत फिल्मों और गीतों के कारण लोग उन्हें प्यार से ‘भारत कुमार’ कह कर बुलाते थे। बता दें, भारतवासियों के ‘भारत कुमार’, फिल्मी दुनिया के ‘मनोज कुमार’ और वास्तविक  जीवन में ‘हरिकिशन गिरि गोस्वामी’ रहे इस कलाकार का जन्म 24 जुलाई 1937 को अविभाजित भारत ऐबटाबाद (अब पाकिस्तान का हिस्सा) में हुआ था।

    अशोक कुमार, दिलीप कुमार के फैन थे

    मनोज कुमार को बचपन से ही अभिनय का शौक था। वे ‘दादा मुनि’ अशोक कुमार, दिलीप कुमार और कामिनी कौशल बहुत प्रभावित थे और उनके बड़े फैन भी थे। वे इन कलाकारों की हर फिल्म देखते थे। मनोज कुमार कॉलेज के दिनों में ही थिएटर से जुड़ गए थे। अपने शौक और फिल्मी दुनिया के अपने अदर्शों से मिलने का ख्वाब लेकर उन्होंने एक दिन दिल्ली से मुंबई का रास्ता चुन लिया। साल 1957 में उनकी पहली फिल्म 'फैशन' आई और 1960 में 'कांच की गुड़िया' रिलीज हुई। इसके बाद 'उपकार', 'पत्थर के सनम', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'संन्यासी' और 'क्रांति' जैसी फिल्में दीं।

    फिल्म बनवाई लेकिन देख नहीं पाए

    मनोज कुमार के राजनेताओं से भी अच्छे संबंध रहे। 1965 में भारत और पाकिस्तान युद्ध के बाद मनोज कुमार की लाल बहादुर शास्त्री से मुलाकात हुई। शास्त्री ने युद्ध से होने वाली परेशानियों पर एक फिल्म बनाने के लिए कहा। तब मनोज कुमार को फिल्म बनाने का अनुभव तो नहीं था लेकिन फिर भी उन्होंने शास्त्री के नारे 'जय जवान जय किसान' को ध्यान में रखते हुए 'उपकार' फिल्म बनाई। यह फिल्म खूब सराही गई। शास्त्री को ताशकंद जाना पड़ा, वे वहां से लौटने के बाद फिल्म देखने वाले थे लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा हो नहीं सका।

    इमरजेंसी पर डॉक्युमेंट्री भी नहीं बनाई

    एक जानकारी के अनुसार मनोज कुमार को इमरजेंसी पर डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन करने के लिए कहा गया। इसकी स्क्रिप्ट अमृता प्रीतम ने लिखी थी जिसके लिए मनोज कुमार ने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने अमृता प्रीतम को काल कर के यहां तक कहा कि- ‘क्या आपने लेखक के रूप में समझौता कर लिया है।’ मनोज कुमार की बात सुन अमृता प्रीतम काफी शर्मिंदा हुईं थी और उन्होंने उनसे स्क्रिप्ट फाड़कर फेंकने तक के लिए कह दिया था।

    जिन्हें सम्मानित कर पुरस्कार भी हुए सम्मानित

    मनोज कुमार के योगदान और अभिनय के चलते उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया। उनके नाम एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और अलग-अलग श्रेणियों में सात फिल्मफेयर पुरस्कार शामिल हैं। सरकार ने 1992 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया था। वहीं 2015 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी प्रदान किया गया। भारतीय सिनेमा को दिए गए ऐसे योगदान के लिए मनोज कुमार को हमेशा याद किया जाएगा।

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    Fri, 04 Apr 2025 10:23:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम पुलिस को सफलता ! 5 लाख का इनामी आतंकी फिरोज खान गिरफ्तार, जयपुर दहलाने की कोशिश में था शामिल, सुफा से भी है जुड़ाव, NIA को थी तलाश https://acntimes.com/Ratlam-police-got-success-Terrorist-Firoz-Khan-with-a-bounty-of-Rs-5-lakh-arrested https://acntimes.com/Ratlam-police-got-success-Terrorist-Firoz-Khan-with-a-bounty-of-Rs-5-lakh-arrested एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जयपुर को दहलाने की कोशिश में शामिल मोस्ट वांटेड आतंकी फिरोज खान को गिरफ्तार करने में रतलाम पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने उसे बीती रात गिरफ्तार किया। 5 लाख रुपए के इनामी आतंकी को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सरगर्मी से तलाश थी। फिरोज आतंकी संगठन सूफा का सदस्य है। 

    पुलिस सूत्रों के अनुसार एसपी अमित कुमार के निर्देशन में एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन में गठित टीम ने बीती रात करीब 2 बजे बड़ी कार्रवाई की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयपुर दहलाने की कोशिश में शामिल मोस्ट वांटेड आरोपी फिरोज रतलाम में आनंद कॉलोनी में अपनी बहन रेहाना के यहां छिपा हुआ है। जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और दबिश देकर फिरोज को अपने कब्जे में ले लिया। आरोपी फिरोज एनआईए मोस्ट वांटेड आतंकी होकर उस पर 5 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

    मार्च 2022 में हुआ था साजिश का खुलासा

    बता दें कि, 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निम्बाहेड़ा में संदिग्धों अल्तमस (26), सेफुल्ला (34) और जुबेर (42) को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों में अल्तमस पिता बशीर खां शेरानी निवासी शेरानीपुरा रतलाम, सैफुद्दीन उर्फ सैफुल्लाह पिता रमजानी निवासी रतलाम और जुबेर पिता फकीर मोहम्मद निवासी आनंद कॉलोनी रतलाम शामिल थे। इनके पूछताछ में पता चला था कि रतलाम निवासी इमरान खान इसका मास्टर माइंड है जो चरमपंथी संगठन सूफा का प्रमुख है।

    बाद में इमरान, अमीन खान उर्फ अमीन फावड़ा, मोहम्मद अमीन पटेल, मजहर खान को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तब से एनआईए, एटीएस और स्थानीय पुलिस लगातार आरोपियों से जुड़े सूत्रों पर नजर रख रही है। एनआईए की टीम ने कुछ समय पूर्व रतलाम में दबिश देकर आरोपी इमरान के फार्म हाउस पर नोटिस भी चिपकाए थे।

    पूरा मामला और रतलाम का आतंकी कनेक्शन जानने के लिए ये खबरें भी पढ़ें

    1. कट्टरपंथी संगठन सुफ़्फ़ा के सदस्यों ने रची जयपुर को दहलाने की साजिश, गिरफ्तार तीनों आरोपी रतलाम के, हिंदू नेता की हत्या के हैं आरोपी, जानें रतलाम का आतंकी कनेक्शन

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    3. राजस्थान एटीएस की रतलाम में सर्चिंग : जयपुर को दहलाने की साजिश के मास्टर माइंड इमरान के पोल्ट्री फॉर्म से मिला 4 बोरे संदिग्ध पदार्थ, विस्फोटक होने का अनुमान

    4. रतलाम के आतंकी पुणे में बाइक की चोरी करते गिरफ्तार, जयपुर दहलाने की रची थी साजिश

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    Wed, 02 Apr 2025 11:30:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कोर्ट का फैसला ! बलात्कारी पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा, पटियाला जेल भजेने के हुए आदेश, पीड़िता बोली& यह दरिंदा है, अन्य केस भी हैं दर्ज https://acntimes.com/Rapist-pastor-Bajinder-Singh-sentenced-to-life-imprisonment https://acntimes.com/Rapist-pastor-Bajinder-Singh-sentenced-to-life-imprisonment एसीएन टाइम्स @ चंडीगढ़ । मोहाली के जिला न्यायालय ने ईसाई समाज के धर्मप्रचारक पादरी बजिंदर सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई है। 2018 में दर्ज एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्ति पादरी को तीन दिन पूर्व दोषी ठहराया था उसके चलते ही आज सजा सुनाई गई। न्यायालय से आरोपी को पटियाला जेल भेजने के आदेश हुए हैं।

    मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने का है। यहां एक महिला ने शिकायत दर्ज करवाई थी। महिला ने पुलिस को बताय ता कि बजिंदर सिंह ने विदेश ले जाने का वादा कर उसे बहकाया। इसके बाद उसने मोहाली के सेक्टर 63 स्थित अपने आवास में उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो भी बनाया। महिला ने बताया था कि आरोपी ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने उसकी मांगें नहीं मानीं तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। पुलिस ने इस आधार पर पादरी बजिंदर सिंह के विरुद्ध केस दर्ज किया था।

    मौत के बाद सबसे बड़ी सजा

    42 वर्षीय पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली की जिला न्यायालय द्वारा 2018 के प्रकरण में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323 और 506 के तहत दोषी मानते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। मामले में पांच अन्य आरोपी अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप पहलवान को बरी कर दिया गया है। बता दें कि उक्त मामले में एक आरोपी सुच्चा सिंह की ट्रायल के दौरान ही मौत हो गई थी। पीड़िता के वकील अनिल सागर के अनुसार न्यायालय अभियुक्त को उम्र कैद की सजा सुनाई है। यानी अब उसे मरते दम तक जेल में रहना पड़ेगा। यह सजा मौत की सजा के बाद सबसे बड़ी सजा है। 

    यौन उत्पीड़न का एक और मामला

    पादरी बजिंदर सिंह के विरुद्ध 28 फरवरी को यौन उत्पीड़न का एक और मामला कपूरथला पुलिस द्वारा दर्ज किया गया है। यह प्रकरण 22 वर्षीय एक महिला के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप के चलते दर्ज हुआ है। इस मामले की तीन सदस्यीय दल द्वारा जांच भी की जा रही है। इतना ही नहीं 25 मार्च को भी मोहाली पुलिस ने एक केस दर्ज किया। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व सोशल मीडिया पर पादरी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें कथित तौर पर वह एक महिला के साथ बहस कर रहा था और उसे थप्पड़ भी मारे थे। उसने महिला के ऊपर कोई किताब भी फेंकी थी।

    यह भी है आरोप

    पीड़िता ने दावा किया था कि बजिंदर सिंह धर्म के नाम पर लोगों का बेवकूफ बना रहा था। धर्म परिवर्तन के लिए बजिंदर सिंह को बाहर से हवाला का पैसा भी मिलता था। पीड़िता ने कहा था कि बजिंदर सिंह दरिंदा है।

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    Wed, 02 Apr 2025 08:18:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सुविधा बनी असुविधा ! UPI ने बढ़ाई लोगों की परेशानी, न सेवाओं व वस्तु का भुगतान हुआ न ही फंड ट्रांसफर हुआ, आधा घंटे में दर्ज हो गईं 23 हजार शिकायतें https://acntimes.com/UPI-payment-service-stopped-23-thousand-complaints-were-registered-in-half-an-hour https://acntimes.com/UPI-payment-service-stopped-23-thousand-complaints-were-registered-in-half-an-hour एसीएन टाइम्स @ डेस्क । नकद रखने के जोखिम और भुगतान को आसान बनाने वाली यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ने बुधवार को लोगों को परेशानी बढ़ा दी। शाम को अचानक ही यूपीआई के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया बाधित हो गई। लोग इतने परेशान हो गए कि महज अंधा घंटे में ही 23 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो गईं। 

    नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) तैयार किया है। इससे लोगों को फंड ट्रांसफर करने में सुविधा हुई है। इससे पास में नकद राशि रखने का जोखिम भी कम हुआ है। बुधवार शाम भी किसी ने खरीददारी की तो किसी ने सेवाओं का लाभ भी ले लिया इसके एवज में जब भुगतान की बारी आई तो यूपीआई ने साथ नहीं दिया। Gpay, Phonepe जैसे एप से भुगतान ही नहीं हुआ। इस समस्या के बारे में लोगों ने अपने अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X सहित अन्य पर साझा किए। लोगों ने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत पेमेंट भेजने और रिसीव करने में आई।

    23 हजार से अधिक शिकायतें मिलीं

    यूपीआई से भुगतान नहीं होने को लेकर लोगों ने संबंधित प्लेटफॉर्म पर भी शिकायतें दर्ज कराईं। डाउनडिटेक्टर (Downdetector) के मुताबिक समस्या की शाम करीब 7.00 बजे शुरू हुई थी और 7.30 बजे तक बरकरार रही। इस दौरान 23 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज रिपोर्ट्स पर यकीन करें तो 82% यूजर्स को वस्तुओं और सेवाओं के बदले भुगतान में समस्या आई। वहीं 13% को फंड ट्रांसफर करने के लिए परेशान होना पड़ा। वहीं 4% लोगोंने ऐप का उपयोग करने में परेशानी होने की बात कही।

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    Wed, 26 Mar 2025 23:03:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    जन्मदिन पर विशेष... प्रीति जलज : सफलता की समर्पित सीढ़ी& श्रद्धा जलज घाटे https://acntimes.com/Birthday-Special-Preeti-Jalaj-Dedicated-Ladder-of-Success-Shraddha-Jalaj-Ghate https://acntimes.com/Birthday-Special-Preeti-Jalaj-Dedicated-Ladder-of-Success-Shraddha-Jalaj-Ghate श्रद्धा जलज घाटे 

    डॉ. जयकुमार जलज जी की पत्नी श्रीमती प्रीति जलज, मेरी माँ, छत्तीसगढ़ के एक धार्मिक और बड़े संयुक्त परिवार से थीं। उनका 12 मार्च, 1942 को जन्म हुआ था। विवाह पूर्व ही स्कूल की पढ़ाई के साथ माँ ने जैन सिद्धांत प्रवेशिका, तत्वार्थ सूत्र, मोक्ष-शास्त्रम, द्रव्य संग्रह, नाम माला सौ श्लोक आदि परीक्षाएँ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थीं तथा विवाह पश्चात स्नातक किया। शिक्षा और संस्कार ने उन्हें एक मजबूत और संवेदनशील व्यक्तित्व दिया था।

    पिताजी जैन सिद्धांतों का परिपालन तो करते थे, पर माँ का विवाह पश्चात नित्य देव-दर्शन का नियम छूट सा गया था। हर परिस्थिति के अनुरूप अपने आप को ढालकर अपना दायित्व निभाते चलना मां के संस्कार में था। वह पिताजी की सफलता की समर्पित सीढ़ी थीं। उनका व्यक्तित्व संत के समान निर्मल था। चेहरा सौम्य, शांत और मुस्कुराता हुआ। वे कभी-कभी हमें गणित और इतिहास पढ़ाती थीं। वे बहुत व्यवहार कुशल थीं। घर आए अतिथि का पूरे मनोयोग से स्वागत करना और सभी की कुशल पूछना उनकी आदत थी। उनकी हंसी बहुत निश्चल और उन्मुक्त थी। 

    माँ और पिताजी दोनों का जीवन बहुत व्यवस्थित, संयमित, नियमित और  संतुलित था। पिताजी को सादा जीवन पसंद था। माँ ने पिताजी की इस इच्छा का हमेशा सम्मान किया। कभी चटक रंग नहीं पहने। उनकी आकांक्षाएँ बहुत सीमित थीं। वे कुशल गृहिणी थीं। पिताजी की सन् 2000 में एंजियोप्लास्टी हुई थी। पिताजी के लिए कम तेल, घी और बगैर मिर्च का पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन धीमी आंच में बनाती थीं। पिताजी को कब, और क्या खाना चाहिए इस बात का सदैव ध्यान रखती थीं। पिताजी की आंखों से ही पहचान जाती थीं, तुरंत पूछतीं थीं चाय बना दूं क्या? खाना लगा दूं क्या?

    उम्र के 82वें वर्ष में भी एकदम स्फूर्ति से उठकर पिताजी के सभी कार्य जिम्मेदारी से करती थीं। पिताजी को प्रतिदिन मौसंबी का रस निकालकर जरूर देती थीं। चकली, खमण, आटे के लड्डू बनाती थीं। मां चाय भी बहुत अच्छी बनाती थीं। पति डॉ. घाटे मुझसे कहते थे, तेरे हाथ से चाय ऐसी क्यों नहीं बन पाती। मां एकदम मुझे बचा लेती थीं, ये गाय के दूध की है इसलिए ज्यादा स्वादिष्ट लगती है। वे एक कुशल गृह प्रबंधक भी थीं। गृह कार्य के लिए सहायक जिन्हें हम रणजीत भैया, आशा आंटी, आरती दीदी, आपा कहते थे, अगले दिन क्या करेंगी, माँ पहले से ही लिस्ट तैयार कर लेती थीं। उन्हें कार्य करते एक-डेढ़ घंटे से अधिक हो जाता तो मां उन्हें अवश्य ही कुछ चाय, नाश्ता या फल देती थीं। 

    सुबह अखबार पढ़ने और दोपहर में कोई पुस्तक-पत्रिका पढ़ने की उन्हें आदत थी। पिताजी के साथ मिलकर उन्होंने कई सामाजिक कार्य किए। पिताजी रोटरी के मानद सदस्य थे। बैठकों में वे हमेशा उनके साथ जाती थीं। इसके अलावा दूसरे आयोजनों में भी साथ रहती थीं। उनमें इतनी सरलता, आत्मीयता और गरिमा थी कि सहज ही सबके मन में उनके प्रति सम्मान का भाव पैदा हो जाता था। 

    एमएससी फाइनल करते हुए बैंक की लिखित परीक्षा पास करने के बाद जब मौखिकी के लिए मैं और पिताजी सुबह ट्रेन से इंदौर जा रहे थे तब मेरा गला खराब हो गया था। वह माँ ही थीं जो हमारे पारिवारिक डॉक्टर जोशीजी के घर जाकर जल्दी से दवाई ले आई थीं। मेरी बेटियाँ श्रुति एवं तन्वी तो कहती थीं, नानी आपसे भी अच्छी हैं। हमारे लिए नए-नए डिजाइन के स्वेटर बनाती हैं और हमारे साथ खेलती भी हैं। माँ को पिछले 35 वर्ष से डायबिटीज थी। वह बहुत सख्त परहेज से रहती थीं। मेरी दोनों बेटियाँ नानी से इतनी जुड़ी हुई थीं कि सिर्फ इतना कहने पर कि जब तुम प्रथम आओगे तभी रिजल्ट के दिन नानी आइसक्रीम खाएँगी, फौरन पढ़ने बैठ जाती थीं। जब दोनों ने प्रथम प्रयास में ही शासकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी किया, तो वे सबसे ज्यादा खुश थीं। मेरे चाचा, बुआ सभी माँ के पास रहकर ही पढ़े थे। मेरी सासु जी और ससुर जी उन्हें बहन मानते थे। मेरे पति डॉ. पद्म घाटे से वे पुत्रवत स्नेह रखती थीं। 

    माँ या पिताजी दोनों में से किसी के भी अस्वस्थ होने पर वे हमारे घर रहने आते थे। मां को हमारे घर बहुत अच्छा लगता था। लेकिन तबीयत ठीक होने के अगले ही दिन दोनों वापिस अपने घर चले जाते थे। माँ ने पिताजी को दान देने, गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद करने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। गांव के गरीब विद्यार्थियों को वे भोजन भी करवाती थीं। पिताजी के विद्यार्थियों के प्रति उनके मन में सदैव स्नेह-भाव रहता था। पिताजी की सेवानिवृत्ति के अगले दिन माँ की आँत का चार घंटे चलने वाला एक ऑपरेशन हुआ था। सावधानी के लिए 6 कीमोथैरेपी भी की गई थी। माँ ने बड़ी बहादुरी से अपनी बीमारियों में भी हम सबकी हिम्मत बंधाई। वे पिताजी के साथ प्रतिदिन शाम को एक-डेढ़ घंटे पैदल घूमने जाती थीं।

    एक शाम उम्र के 70वें वर्ष में वे गिर गईं। उनका हिप रिपप्लेसमेंट का ऑपरेशन हुआ। हम सबके साथ पिताजी ने भी उनकी खूब सेवा की थी। पिछले कुछ वर्षों से वह दिन में चार बार इंसुलिन इंजेक्शन खुद ही लगाती थीं। माँ पिताजी के साथ साये के तरह रहती थीं। और उनके लिए बहुत चिंतित रहती थीं। मैं जब भी उनके यहाँ जाती थी तो शिकायती लहजे में कहती थीं ‘ये एक हाथ में चश्मा, मोबाइल और दूसरे हाथ में अख़बार और बिना छड़ी लिए चलते हैं।’ झुक-झुककर आँगन से पत्ते उठाते हैं। माँ की बात सुनकर पिताजी मंद-मंद मुस्कुराते रहते थे और मैं कहती थी- ठीक है! अब पापा ध्यान रखेंगे। दोनों का आपस में खूब सामंजस्य और समर्पण था। 

    पिछले कुछ वर्षों से पिताजी समारोह आदि में ज्यादा नहीं जा पाते थे। छोटे-छोटे समूह में उनके साथी, विद्यार्थी उनसे मिलने आया करते थे। वह माँ ही थीं जो सारी व्यवस्था देखती थीं। मां के घर की अलमारियों, पेटियों, सूटकेसों में किताबें ही किताबें रहती थीं। वे उनकी साज-संभाल करती थीं। किताबों को कभी-कभी धूप में रखती थीं, उनमें नेफ्थलीन बॉल्स भी डालती रहती थीं। उनके बगीचे में कई तरह के पौधे थे, कई रंगों के गुलाब थे। उनकी वे बड़े यत्न से देखभाल करती थीं। 

    माँ ने पिताजी को घर की जिम्मेदारियों से हमेशा मुक्त रखा। घर में एकदम शांत वातावरण रखा ताकि उन्हें नौकरी और साहित्य रचना के लिए पर्याप्त समय मिल सके। विगत कुछ वर्षों से पिताजी की कलाई और उंगलियों में ज्यादा लिखने से दर्द होने लगा था, तब पिताजी बोलते जाते थे और माँ धार्मिक पुस्तकों के अनुवाद लिखती थीं। वे हमेशा पिताजी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं। 

    मुझे इस बात का संतोष है कि मेरी छोटी बहिन स्मिता 2023 में तीन बार मां से मिलने मुंबई से आई थी और अंतिम बार, अंतिम जगह जब हम चारों (पिताजी, मां और हम दोनों बहनें) साथ गए थे वह मंदिर ही था। जब भी हम लोग दर्शन को जाते थे, मां कहा करती थीं, 'देखो कितनी अद्भुत और वीतरागी 'चंदा प्रभु भगवान की प्रतिमा है। माँ ने हम बहिनों को कभी डांटा नहीं। हमेशा समझाया, अच्छे संस्कार दिए, जीवन मूल्य सिखाए, गृह कार्य सिखाए। मां! हमें आपकी स्मृति दिन में अनेक बार आती है। आपका जीवन हमें सत्कर्म करने की प्रेरणा देता है। आपने जितनी शांति से जीवन को जिया, उतनी ही शांति से देह भी त्यागी। देखते ही देखते 10 मिनट में आप 14 दिसंबर 2023 को हम सबको छोड़कर इहलोक से हमेशा के लिए चली गईं। आपकी अचानक मृत्यु से हम सबको गहरा आघात पहुंचा। आप जाते-जाते भी अपने नेत्रों की ज्योति से किसी के जीवन में व्याप्त अंधकार को दूर कर गईं। 

    श्रुति की दोनों छोटी बेटियाँ मिशी और माही छुट्टियों में घर आई थीं। आपको ढूंढ रही थीं। मैंने बताया कि आकाश में जो सबसे चमकीला सितारा है वह आपकी बड़ी नानी हैं। माँ का घर हमारे लिए विद्या मंदिर के समान था, जो अब सूना हो गया है। वहां हरसिंगार के फूलों की चादर आंगन में अब भी बिछती है, पर उसमें वह सफेदी नहीं। फुटबॉल लिली और पीले गुलाब भी खिले हैं, पर उदास हैं। कोई नहीं अब कहने वाले अरे… ! श्रद्धा आई है। 

    मां! इतना तो सुनती जाओ... पिताजी ने आपके लिए क्या लिखा है-

    नयन थे मेरे, निरंतर देखती तुम थीं।

    पांव थे मेरे, मगर बस तुम्हीं चलती थीं।

    जब मुझे कुछ सूझ पड़ता था नहीं।

    तुम दिए की तरह से निष्कंप जलती थीं।

    मानने तुमने नहीं दी, हार जीवन में। 

    मां, आप प्रणम्य हैं। आप जैसी पुण्यात्मा की बेटी होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। आप हमारी स्मृति में सदैव जीवित रहेंगी। आपके समर्पित और असाधारण जीवन की स्मृतियाँ ही अब हमारा पाथेय हैं। हम सबकी ओर से आपको सादर शत्-शत् नमन…! 

    श्रद्धा जलज घाटे

    (द्वारा डॉ. पद्म घाटे)

    अरिहंत पैथोलॉजी लैब

    15 वेदव्यास कॉलोनी

    रतलाम (म.प्र.) - 457001

    मो. नं. 9425103802

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    Tue, 11 Mar 2025 18:10:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
    19वां मीडिया एक्सिलेंस अवॉर्ड : मीडिया सितारे एक्सीलेंस अवॉर्ड से हुए सम्मानित, अशोक श्रीवास्तव और शोभना यादव को मिला बेस्ट एंकरिंग अवॉर्ड https://acntimes.com/Media-stars-honored-with-Excellence-Award-Ashok-Shrivastav-and-Shobhana-Yadav-received-Best-Anchoring-Award https://acntimes.com/Media-stars-honored-with-Excellence-Award-Ashok-Shrivastav-and-Shobhana-Yadav-received-Best-Anchoring-Award एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा दिल्ली के प्यारेलाल ऑडिटोरियम में 19वां मीडिया एक्सीलेंस अवॉर्ड समारोह आयोजित किया गया। इसमें डीडी न्यूज के अशोक श्रीवास्तव को ‘बेस्ट मेल एंकर’, ज़ी न्यूज़ की शोभना यादव को ‘बेस्ट फीमेल एंकर’, माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ. के. जी. सुरेश को ‘मीडिया गुरु’ और वरिष्ठ पत्रकार अतुल तारे को ‘श्रेष्ठ संपादक’ पुरस्कार से नवाजा गया। इन हस्तियों को भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी और भारत विकास परिषद् के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने सम्मानित किया।

    समारोह में फिल्म सिटी नोएडा के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह और मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अरुण शर्मा मौजूद रहे। इस मौके पर आइएमएस, नोएडा के प्रोफेसर डॉ. सचिन बत्रा की किताब 'व्यावहारिक पत्रकारिता' के दूसरे संस्करण का विमोचन भी किया गया। खास बात यह है कि इस पुस्तक का प्रकाशन मीडिया फेडरेशन द्वारा किया गया, जिसमें देशभर के कई जाने-माने टीवी व प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने स्पेशलाइज्ड रिपोर्टिंग पर अध्याय हैं।

    एमएफआई के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने पत्रकारिता जगत की चुनौतियों सहित अकादमिक क्षेत्र के योगदान पर चर्चा करते हुए उम्मीद जताई कि विविध संचार क्षेत्र के सभी पेशेवर समाज के उत्थान में सक्रिय व सकारात्मक भूमिका निभाते हुए राष्ट्र निर्माण के लक्ष्य को सफलतापूर्वक जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया फेडरेशन शुरुआत से ही पत्रकार व समाज हित में कार्यरत रहा है। कार्यक्रम में अनेक संचार विशेषज्ञों और मीडिया शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। अंत में एमएफआई की सचिव अमिता शर्मा और टीवी जगत के वरिष्ठ पत्रकार व एमएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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    Mon, 10 Mar 2025 09:32:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ब्रेकिंग न्यूज : रतलाम के बेटे आकाश जोशी ने CA इंटरमीडिएट परीक्षा में देश में हासिल की 47वीं रैंक, रतलाम CA ब्रांच ने दी बधाई https://acntimes.com/Breaking-News-Ratlams-son-Akash-Joshi-secured-47th-rank-in-the-country-in-CA-Intermediate-examination https://acntimes.com/Breaking-News-Ratlams-son-Akash-Joshi-secured-47th-rank-in-the-country-in-CA-Intermediate-examination एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA) इंटरमीडिएट परीक्षा में रतलाम के बेटे आकाश जोशी ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में आकाश ने देश में 47वीं रैंक हासिल कर रतलाम सीए ब्रांच और परिवार का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा में कुल 23 हजार 861 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी।

    रतलाम ब्रांच के चेयरमैन मोहित श्रीमाल ने एसीएन टाइम्स को बताया कि सीए इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम 4 मार्च को घोषित हुआ। इसमें रतलाम के होनहार छात्र आकाश जोशी ने देश में 47वीं रैंक के साथ परीक्षा उत्तीर्ण की है। आकाश के पिता पवन जोशी सांची दुग्ध संयत्र रतलाम में सुपरवाइजर हैं जबकि माता अनीता जोशी गृहिणी हैं। इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल रहे आकाश जोशी को चेयरमैन श्रीमाल सहित पूरी रतलाम ब्रांच और वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट गोपाल काकानी ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    दो ग्रुपों में होती है इंटरमीडिएट परीक्षा

    श्रीमाल के अनुसार इंटरमीडिएट परीक्षा दो ग्रुपों में होती है। स्टूडेंट ग्रुप-1 और ग्रुप-2 में से कोई भी परीक्षा में सम्मिलित हो सकते हैं। वे चाहें तो दोनों ग्रुपों की परीक्षा भी दे सकते हैं। इस वर्ष हुई ग्रुप-1 की परीक्षा में 1 लाख 8 हजार 187 प्रतिभागियों में से 15 हजार 332 (14.17 प्रतिशत) उत्तीर्ण हुए। वहीं ग्रुप-2 के 80 हजार 368 विद्यार्थियों में 17 हजार 813 (22.16 प्रतिशत) सफल रहे। जबकि दोनों ग्रुपों में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की संख्या 48 हजार 261 थी जिसमें 6 हजार 781 (14.05 फीसदी) को सफलता हासिल हुई।

    फाउंडेशन परीक्षा में यह रहा था परिणाम

    श्रीमाल ने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा से पहले फाउंडेशन परीक्षा होती है। इसमें उत्तीर्ण स्टूडेंट के अलावा कॉमर्स ग्रेजुएट स्टूडेंट सीधे भी इंटरमीडियट परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस वर्ष देश के 533 केंद्रों पर फाउंडेशन परीक्षा हुई थी। इसमें कुल 1 लाख 10 हजार 887 (58 हजार 240 छात्र एवं 52 हजार 647 छत्राओं) परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 21.52 फीसदी (23 हजार 861) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। इनमें 12 हजार 661 छात्र एवं 11 हजार 200 छात्राएं शामिल रहे। परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं में से पास होने वालों का प्रतिशत क्रमशः 21.74 एवं 21.27 है।

    अब आगे का सफर ऐसा रहेगा

    इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले स्टूडेंट्स के अब फाइनल परीक्षा देना होगी। इसके अलावा उन्हें आर्टिकलशिप भी करनी होती है। यह स्टूडेंट पर निर्भर है कि वह आर्टिकलशिप कहां करते हैं और फाइनल परीक्षा की तैयारी कहां करते हैं। ऐसे स्टूडेंट्स की रतलाम ब्रांच भी पूरी मदद करती है।

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    Tue, 04 Mar 2025 13:15:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
    दिल्ली चुनाव और ज्योतिष ! मिथुन में वक्री मंगल ने धनु वाली भाजपा का किया ‘मंगल’, कांग्रेस उड़ी हवा में, मेष वाली ‘आप’ हारी दंगल, न्यायाधीश शनि की भूमिका भी जानें https://acntimes.com/Delhi-Elections-and-Astrology-Prof-Azhar-Hashmis-prediction-made-19-days-ago-turned-out-to-be-correct https://acntimes.com/Delhi-Elections-and-Astrology-Prof-Azhar-Hashmis-prediction-made-19-days-ago-turned-out-to-be-correct सच हुई ज्योतिषी प्रो. अज़हर हाशमी द्वारा 19 दिन पूर्व की गई भविष्यवाणी 

    नीरज कुमार शुक्ला

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । दिल्ली विधानसभा चुनाव चौंकाने वाले साबित हुए। यहां भाजपा ने अपना परचम लहरा दिया है। इसके उलट सत्ताधारी धल आम आदमी पार्टी (AAP) हाफ हो गई जबकि कांग्रेस पूरी तरह साफ। इसके साथ ही ख्यात ज्योतिषी प्रो. अज़हर हाशमी द्वारा की गई भविष्यवाणी भी सच साबित हुई है जो उन्होंने मंगल के मिथुन राशि में वक्री होने पर आज से 19 दिन पहले ही कर दी थी। 

    भूमिपुत्र कहे जाने वाले मंगल ने 21 जनवरी 2025 की सुबह 08 बजकर 04 मिनट पर मिथुन राशि में उल्टा (वक्री) चलना शुरू किया था। इसी घटना को लेकर ख्यात जोतिषी प्रो. अज़हर हाशमी ने विस्तृत भविष्यवाणी की थी। उनकी यह भविष्यवाणी दैनिक समाचार पत्र ‘पत्रिका’ एवं ‘नवभारत’ में 22 जनवरी 2025 के अंक में प्रकाशित हुई थी। प्रो. हाशमी ने अपनी भविष्यवाणी में मंगल के वक्री होने के विभिन्न राशियों पर पड़ने वाले प्रभावों का जिक्र किया था। 

    उन्होंने इसे मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के लिए बेहतर बताया था वहीं आगामी दिनों में प्राकृतिक आपदा, विस्फोट की घटनाएं और दुर्घटनाओं आदि में वृद्धि की बात भी कही थी। एक तरफ अमेरिका में बाढ़ तो दूसरी तरफ भीषण आग की घटना, प्रयागराज में भी एक कैंप में आग लगने की घटना हुई, अफवाह के चलते भगदड़ में कई जानें भी चली गईं। मिथुन राशि का तत्व वायु है और अफवाह भी हवा की तरह चलती है। मंगल अग्नि तत्व प्रधान है और वायु के संपर्क में आने से अग्नि को बल मिलता है और वह भड़कती है। 

    दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर पहले ही दे दिया था संकेत 

    प्रो. अज़हर हाशमी ने आज से लगभग 19 दिन पूर्व ही मंगल के मिथुन राशि में वक्री होने का प्रभाव दिल्ली विधानसभा चुनाव पर भी व्यापक रूप से पड़ने का स्पष्ट संकेत दिया था। उन्होंने इस चुनाव में चौंकाने वाले परिणाम आने की भविष्यवाणी की थी। शनिवार को आए परिणाम ने उनकी भविष्यवाणी की पुष्टि कर दी है। यहां भाजपा 27 साल बाद 70 में से 48 सीटें फतह कर सरकार बनाने जा रही है। इसके उलट तीन बार से सरकार बना रही आम आदमी पार्टी को सिर्फ 22 सीटें ही मिली हैं। कांग्रेस सहित अन्य को दिल्ली की जानता ने हवा में ही उड़ा दिया है। 

    (प्रो. अज़हर हाशमी- ज्योतिषी, कवि, साहित्यकार, समालोचक,)

    दिल्ली चुनाव और ज्योतिषीय तालमेल 

    दिल्ली चुनाव और ज्योतिष के तालमेल को समझने के लिए एसीएन टाइम्स ने प्रो. हाशमी से चर्चा की तो उन्होंने इसकी अलग ढंग से व्याख्या की। उन्होंने बताया कि- वैसे तो कांग्रेस की राशि वायु तत्व प्रधान ‘मिथुन’ है किंतु वर्तमान में मंगल इस राशि में वक्री हैं। इसलिए दिल्ली का चुनाव परिणाम कांग्रेस के बिल्कुल ही प्रतिकूल रहा और वह वायु (हवा) में उड़ गई। आम आदमी पार्टी की बात करें तो इसकी राशि मेष है जिसके स्वामी मंगल हैं। चुनाव परिणाम शनिवार को घोषित हुआ है। मंगल और शनि प्रधान मकर राशि में आने पर आने पर उच्च के होते हैं और तब दोनों में दोंनों ग्रमों में समभाव होता है। इसके उलट अन्य स्थितियों में दोनों के बीच शत्रुता का भाव रहता है। परिणाम वाला दिन शनिवार शनिदेव का है। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मफलदाता, न्यायाधीश और कलियुग का दंडाधिकारी माना जाता है। आम आदमी पार्टी को मिली हार न्यायाधीश शनि द्वारा उसकी पिछली गलतियों के लिए दी गई सजा मानी जा सकती है। 

    अंक ज्योतिष के अनुसार भी देखें 

    अंक ज्योतिष के जानकार हाशमी के अनुसार चुनाव परिणाम 08.02.2025 को घोषित हुआ। 8 के अंक के स्वामी भी शनि है यानी कलियुग के न्यायाधीश का अंक। वहीं यदि इस तारीख का मूलांक निकालें तो वह 1 होता है जिसके स्वामी सूर्य हैं। सूर्य की मंगल और गुरु से मित्रता है जबकि शनि से शत्रुता। चूंकि शनि न्यायाधीश हैं इसलिए वे सूर्य के मित्र ग्रह गुरु की राशि धनु (भाजपा) के पक्ष में तो उसकी लंबी तपस्या का फल दिया किंतु सूर्य के ही दूसरे मित्र ग्रह मंगल से संबंधित राशि मेष वाली आम आदमी पार्टी को उसके पिछले क्रिया-कलापों की सजा भी दे दी।

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    Sun, 09 Feb 2025 00:37:51 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ना भूतो & ना भविष्यति ! द इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंटस ऑफ़ इंडिया (ICAI) ने रचा इतिहास, दिल्ली में हुआ विश्व का सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉनक्लेव https://acntimes.com/ICAI-created-history-by-organizing-Accounting-Professionals-Conclave https://acntimes.com/ICAI-created-history-by-organizing-Accounting-Professionals-Conclave एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । द इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंटस ऑफ़ इंडिया (ICAI) द्वारा नई दिल्ली में तीन दिवसीय वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स (WOFA) का आयोजन किया गया। यह विश्व का सबसे बड़ा अकाउंटेंट्स का प्रोफेशनल कॉनक्लेव था। इसमें 7000 से अधिक प्रोफेशनल्स, इंटरप्रिनर्स, अकाउंटेंट्स, 400 से अधिक फॉरेन डेलिगेट्स, 46 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान 40 से अधिक कॉनकरंट सेशन आयोजित किए गए।

    अभूतपूर्व आयोजन का शुभारंभ समारोह के अतिथि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह रहे। वहीं समापन समारोह उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अध्यक्षता ICAI के प्रेसिडेंट रंजीत अग्रवाल ने की। प्रेसिडेंट अग्रवाल ने बताया कि अकाउंटिंग से इनोवेशन को जोड़ने की प्रक्रिया बताई। वाइस प्रेसिडेंट चरणजोत सिंग नंदा ने कहा कि सीए देश के फाइनेंशियल सोल्जर हैं।

    रतलाम की बेटी मयूरी चौरड़िया रहीं गेस्ट स्पीकर

    समारोह में ICAI के सभी सदस्यों के साथ ही सेंट्रल काउंसिल तथा रीजनल काउंसिल के सदस्य शामिल हुए। मालवा (रतलाम) की बेटी और ICAI यूके चैप्टर की सदस्य सीए मयूरी चौरड़िया को ब्रिटेन के लंदन से गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया। चौरड़िया ने समारोह में कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए फाइनेंशियल नॉलेज होना जरूरी है। आज की महिला को वित्तीय रूप से सक्षम होने के लिए डायवर्सिटी को बढ़ावा दिया जाए। जेंडर मतभेद को भी दूर किया जाना चाहिए।

    चौरड़िया ने कहा कि मुझे अपनी ICAI और मातृभूमि भारत पर गर्व है। यह विश्व स्तरीय आयोजन एक मजबूत नेतृत्व से ही सम्भव है। उन्होंने रंजीत अग्रवाल के नेतृत्व तथा नंदा के अथक प्रयासों की सराहना की करते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

    इन देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल

    विश्व स्तरीय आयोजन में अमेरिका, कनाडा, फिलीपींस, मिडल ईस्ट, दुबई, ओमान, अबुधाबी, सिंगापुर, हॉन्गकॉन्ग, भारत सहित 46 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें विश्व की अकाउंटिंग बॉडीज (ICAEW, CISA, IFSC, ACCA) के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

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    Thu, 06 Feb 2025 23:54:14 +0530 Niraj Kumar Shukla
    युवा दिवस पर विशेष : भारत के महान संत स्वामी विवेकानंद और एक नवीन सहिष्णु विश्व के निर्माण का आगाज़& श्वेता नागर https://acntimes.com/Great-saint-Swami-Vivekananda-and-the-beginning-of-the-creation-of-a-new-tolerant-world-Shweta-Nagar https://acntimes.com/Great-saint-Swami-Vivekananda-and-the-beginning-of-the-creation-of-a-new-tolerant-world-Shweta-Nagar श्वेता नागर

    12 जनवरी 1863 को धर्मपरायण और शिवभक्तिनी श्रीमती भुवनेश्वरी देवी और प्रख्यात वकील श्री विश्वनाथ दत्त के घर भारत की महान विभूति स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ। भुवनेश्वरी देवी ने स्वामी विवेकानंद के जन्म से पूर्व स्वप्न देखा था कि कैलाशपति शिव उनके सामने खड़े है। और देखते ही देखते उस शरीर ने शिशु रूप धारण कर लिया। वह शिशु उनकी गोद में आकर बैठ गया। इसलिए स्वामी विवेकानंद के जन्म के बाद शिव के ही नाम 'बिले' कहकर उन्हें पुकारा जाने लगा। बिले का राशि नाम 'नरेंद्र नाथ' रखा गया। माँ के देखे स्वप्न का दिव्य साकार रूप था 'स्वामी विवेकानंद'।

    नरेंद्र एक बहुत ही चंचल और शरारती बालक थे। वे पढ़ाई और खेल दोनों में होशियार थे। उन्होंने वाद्य और गायन का भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। साधु-सन्यासियों का शुरू से ही उनके घर आना जाना था। वे उन पर श्रद्धा भाव रखते थे। 1879 में दसवीं करने के बाद नरेंद्र ने कलकत्ता (कोलकाता) के प्रेसिडेंसी कॉलेज में दाखिला लिया। उस समय का प्रसिद्ध कॉलेज था। उन्होंने दर्शन शास्त्र का अध्ययन किया। इसके साथ ही उनके मन में ईश्वर के अस्तित्व और अलौकिक जगत के बारे में भी जानने की तीव्र अभिलाषा जाग्रत हुई। 'क्या आपने कभी ईश्वर को देखा है?' इस प्रश्न को वे उन्हें जो भी विद्वान, ज्ञानी और ध्यानी मिलते, उनसे पूछते पर कोई भी इसका उन्हें सटीक जवाब नहीं दे पाता और उन्हें संतुष्ट नहीं कर पाता।

    एक दिन नरेंद्र रामकृष्ण देव से मिले। वे माँ काली के मंदिर में एक पुजारी थे। उनसे मिलकर भी विवेकानंद ने वही प्रश्न किया। तब उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि 'हां, मैंने ईश्वर को देखा है। जैसे मैं अभी तुम्हे देख रहा हूँ, वैसे ही और इससे भी अधिक स्पष्ट...।' रामकृष्ण देव के इस उत्तर ने उन्हें विस्मित कर दिया और वे रामकृष्ण देव की ओर आकृष्ट हो उठे...। फिर वे निरंतर उनसे मिलकर उनके आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति पर उनसे प्रश्न करते लेकिन विवेकानंद की बुद्धि तर्कवादी थी वे हर बात को तर्क की कसौटी पर कसते थे और तब तक विश्वास नहीं करते जब तक वे संतुष्ट नहीं हो जाते। इसलिए रामकृष्ण देव के उत्तरों से भी वे तुरंत संतुष्ट नहीं होते। परखे बिना वे रामकृष्ण देव को अपना गुरु स्वीकार नहीं कर सकते थे। 

    एक दिन नरेन्द्र ने अपने गुरु की परीक्षा लेने की सोची। रामकृष्ण देव को भौतिक चीजों से लगाव नहीं था। भौतिक वस्तु का स्पर्श मात्र भी उन्हें विचलित कर देता था। उनके इस भाव की परीक्षा लेने के लिए एक दिन नरेंद्र ने जहां वे सोते थे उस बिस्तर के नीचे एक रुपया छिपा दिया। जैसे ही रामकृष्ण देव उस बिस्तर पर लेटे, एकाएक वे ऐसे उछले जैसे किसी बिच्छू ने डंक मार दिया हो। जब उन्होंने देखा कि ऐसा इसलिए हुआ कि किसी ने उनके बिस्तर के नीचे उनकी परीक्षा लेने के लिए यह सिक्का रखा था। बाद में उन्हें पता चला कि ये काम उनके प्रिय शिष्य नरेंद्र का था। ऐसी कई परीक्षा नरेंद्र ने अपने गुरु की ली और फिर उनके आध्यात्मिक ज्ञान के आगे स्वयं को समर्पित किया। अपने गुरु के दिए दिव्य ज्ञान ने नरेंद्र को आगे चलकर 'स्वामी विवेकानंद' बनाया। 

    रामकृष्ण देव के संसार से विदा लेने के बाद उनके दिए गए सूत्र वाक्य 'मानवता की सेवा ही प्रभु की सेवा है' को अपने जीवन का ध्येय बनाया और मानवता के कष्टों का अहसास करने के लिए स्वामी जी ने सम्पूर्ण भारत भ्रमण किया। अब उनके लिए मोक्ष यानी भारत की गरीब और पीड़ित जनता के कष्टों को मिटाना ही था। 24 दिसंबर 1892 को स्वामी विवेकानंद कन्याकुमारी पहुंचे। वे सागर में तैरकर एक वीरान चट्टान पर जा पहुंचे और साधना में लीन हो गए। वहां उन्होंने भारत के भूत, वर्तमान और भविष्य का चिंतन किया। फिर वह घड़ी भी आ गयी थी जिसका इंतजार बड़ी बेसब्री से पूरा भारत, विश्व और दैवीय जगत कर रहा था। शिकागो की विश्व धर्म महासभा, जहां स्वामी विवेकानंद और उनके गुरु रामकृष्णदेव की आध्यात्मिक शक्ति के प्रकाश से सम्पूर्ण मानव जाति के अज्ञान का अंधकार दूर हुआ और एक नवीन सहिष्णु विश्व के निर्माण का आगाज हुआ। 4 जुलाई 1902 में 39 वर्ष की युवा आयु में बेल्लूर मठ में स्वामी जी ने अंतिम सांस ली। अपने जीवन के इतने अल्पकाल में वे भारत और विश्व के लिए वे काम कर गए शायद जिसके लिए सदियां भी कम पड़ जाएँ।

    श्वेता नागर

    (लेखिका श्वेता नागर रतलाम जिले के सैलाना ब्लॉक स्थित सीएम राइज मॉडल स्कूल में शिक्षक हैं। हाल ही में उन्हें मध्य प्रदेश लेखक संघ द्वारा सम्मानित भी किया गया है।)

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    Sat, 11 Jan 2025 23:52:02 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बयान पर बवाल ! दिल्ली के कालका जी में बनेंगी प्रियंका गांधी के गाल जैसी सड़कें, आतिशी ने तो बाप बदल लिया& रमेश बिधूड़ी https://acntimes.com/Roads-like-Priyanka-Gandhis-cheeks-will-be-built-in-Delhis-Kalkaji-Ramesh-Bidhuri https://acntimes.com/Roads-like-Priyanka-Gandhis-cheeks-will-be-built-in-Delhis-Kalkaji-Ramesh-Bidhuri एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बयानबाजियों का दौर शुरू हो चुका है। कालका जी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी के एक बयान पर बवाल मच गया है। उन्होंने कहा, ‘"प्रियंका गांधी के गालों जैसी सड़कों को कालका जी क्षेत्र में बना देंगे।" उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी सिंह को लेकर भी विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि आतिशी ने तो अपना बाप ही बदल लिया है। उनके इस बयान पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

    भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने एक कार्यक्रम में कहा है कि लालू यादव ने बिहार की सड़कों को "हेमा मालिनी के गालों जैसी" बनाने का दावा किया था। लालू ने झूठ बोला था। वो अपने वादे को पूरा नहीं कर पाए। बिधूड़ी ने कहा कि, "मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि कालका जी के सुधार कैंप के सामने वाली और अंदर वाली सड़कों को प्रियंका गांधी के गालों जैसी बना देंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ओखला और संगम विहार में सड़कों का सुधार हुआ है, वैसे ही कालका जी में भी सड़कों को बेहतर बनाया जाएगा।

    आतिशी सिंह के लिए भी कही विवादित बात

    अभी बिधूड़ी पर कांग्रेस ही आक्रामक थी लेकिन कुछ ही देर बाद आम आदमी पार्टी ने भी उन पर खफा हो गई। दरअसल, रमेश बिधूड़ी ने आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी सिंह को लेकर भी विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि 'आतिशी ने भी देखो बाप बदल लिया, आतिशी पहले मार्लिना थी अब आतिशी सिंह हो गईं। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि बिधूड़े के बयान को लेकर कांग्रेस के अजय माकन और संदीप दीक्षित ने एक शब्द नहीं बोला है। यह बताता है कि इनका बीजेपी से कितना गहरा रिश्ता है और इसीलिए दोनों अपने नेता के अपमान पर ख़ामोश हैं।

    कांग्रेस ने जताया विरोध

    भाजपा नेता पूर्व में विवादित बयान देते रहे हैं। उनके ताजा बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे भाजपा नेताओं की घटिया मानसिकता बताया है। खेड़ा का आरोप है कि यह बयान भाजपा के नेताओं की असलियत को उजागर करता है। कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी है कि, "यह बदतमीज़ी सिर्फ इस घटिया आदमी की मानसिकता नहीं दिखाती, बल्कि इसके मालिकों की असलियत भी सामने लाती है।"

    सुप्रिया श्रीनेत ने भी जताई आपत्ति

    कांग्रेस की महिला नेत्री सुप्रिया श्रीनेत ने भी बिधूड़ी के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे महिला विरोधी और अपमानजनक बताया बताया। श्रीनेत ने X पर लिखा है कि, "रमेश बिधूड़ी का प्रियंका गांधी जी के संदर्भ में दिया बयान ना सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि उनकी औरतों के प्रति घिनौनी मानसिकता को भी दर्शाता है। यह बीजेपी का असली चेहरा है। श्रीनेत ने सवाल उठाया है कि क्या भाजपा की महिला नेताओं, महिला विकास मंत्री या प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर कुछ बोलेंगे?

    बिधूड़ी ने जताया खेद

    चौतरफा घिरने के बाद भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि इस तरह के बयान पहले भी आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में लालूप्रसाद यादव ने हेमा मालिनी के गाल जैसी सड़क बनाने की बात कही थी। उनके ऐसे ही बयान को लेकर पूर्व में एक अन्य नेता ने भी दोहराया था। फिर यदि उनके बयान से किसी की भावना की ठेस पहुंची है तो वे खेद प्रकट करते हैं।

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    Sun, 05 Jan 2025 22:19:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा बयान : सनातन और हिंदू के लिए समझ से परे प्रतिक्रिया विडंबनापूर्ण और दु:खद, वेदांत और सनातनी ग्रंथों को खारिज करना विकृत औपनिवेशिक मानसिकता का प्रतीक : उपराष्ट्रपति धनखड़ https://acntimes.com/The-incomprehensible-reaction-to-Sanatan-and-Hindu-is-ironic-and-sad-Vice-President-Dhankhar https://acntimes.com/The-incomprehensible-reaction-to-Sanatan-and-Hindu-is-ironic-and-sad-Vice-President-Dhankhar एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । यह विडम्बनापूर्ण और दुखद है कि भारत में हिंदू और सनातन का उल्लेख करने पर हैरान करने वाली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों द्वारा विनाशकारी विचार प्रक्रिया को छिपाने के लिए धर्मनिरपेक्षता का ढाल के रूप में उपयोग किया गया है। अपने रुख को पूर्ण सत्य मानकर उस पर अड़े रहना और दूसरे के दृष्टिकोण पर विचार नहीं करना अज्ञानता की पराकाष्ठा है। अपनी कथित धार्मिकता पर अड़े रहना पूरे विश्व में लोगों में असहजता का कारण है। वेदान्त के ज्ञान की समाज के प्रत्येक नागरिक तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इसे ऊंचे स्थानों से निकालकर कक्षाओं तक लाना आवश्यक है। 

    ये विचार हैं देश के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के। वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कन्वेंशन सेंटर में 27वें अंतरराष्ट्रीय वेदांत सम्मेलन में उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हम सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक हैं जो कई मायनों में अद्वितीय और बेजोड़ है लेकिन विडंबना और पीड़ा की बात है कि इस देश में, सनातन और हिंदू का उल्लेख करना समझ से परे हैरान करने वाली प्रतिक्रियाएं पैदा करता है। इन शब्दों की गहराई, गहरे अर्थ को समझने के बजाय, लोग तुरंत प्रतिक्रिया करने लगते हैं। क्या अज्ञानता इससे भी अधिक चरम पर हो सकती है? क्या उनकी चूक की गंभीरता को स्वीकार किया जा सकता है। ये वे आत्माएं हैं जिन्होंने खुद को गुमराह किया है, जो एक खतरनाक प्रणालीगत तंत्र द्वारा संचालित हैं जो न केवल इस समाज बल्कि उनके लिए भी खतरा है।"

    जघन्य कृत्यों को बचाने के लिए ढाल के रूप में हो रहा धर्मनिरपेक्षता का उपयोग

    उप राष्ट्रपति ने कहा, "हमारे देश में आध्यात्मिकता की इस भूमि में कुछ लोग वेदांत और सनातनी ग्रंथों को पश्चगामी मानते हैं। और वे ऐसा बिना जाने-समझे कर रहे हैं, यहां तक कि उन्होंने इन्हें देखा भी नहीं है। उन्हें पढ़ना तो दूर की बात है। यह इनकार अक्सर विकृत औपनिवेशिक मानसिकता, हमारी बौद्धिक विरासत की अकुशल समझ से उपजी है। ये तत्व एक व्यवस्थित तरीके से, एक भयावह तरीके से कार्य करते हैं। उनकी सोच घातक है। वे धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा को विकृत कर अपनी विनाशकारी विचार प्रक्रिया को छिपाते हैं। यह बहुत खतरनाक है। धर्मनिरपेक्षता का उपयोग ऐसे जघन्य कृत्यों को बचाने के लिए ढाल के रूप में किया गया है। इन तत्वों को उजागर करना हर भारतीय का कर्तव्य है।" 

    नैतिक ज्ञान और व्यावहारिक दृष्टिकोण वेदांत दर्शन की गहरी समझ व विचार-विमर्श से निकलेंगे

    धनखड़ ने वेदांत की समकालीन प्रासंगिकता पर विचार करते हुए कहा, "आग की लपटें, लगातार बढ़ते तनाव और अशांति पृथ्वी के हर हिस्से में व्याप्त हैं। यह स्थिति न केवल मनुष्यों के साथ, बल्कि जीवित प्राणियों के साथ भी है। जब जलवायु खतरे की अस्तित्वगत चुनौती की बात आती है, तो हम एक कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। डिजिटल गलत सूचना, दुष्प्रचार से लेकर घटते संसाधन तक... इन अभूतपूर्व चुनौतियों के लिए नैतिक ज्ञान के साथ तकनीकी समाधान की आवश्यकता है, नैतिक ज्ञान और व्यावहारिक दृष्टिकोण वेदांत दर्शन की गहरी समझ द्वारा इस तरह के विचार-विमर्श से निकल सकते हैं।"

    उत्प्रेरक का काम करता है वेदांत

    उन्होंने कहा, "यह केवल प्रश्नों का उत्तर नहीं देता। यह प्रश्नों के उत्तर देने से कहीं आगे जाता है। यह आपके संदेहों को दूर करता है। यह आपकी जिज्ञासा को शांत करता है। यह आपको पूरे विश्वास और समर्पण के साथ आगे बढ़ाता है। वेदांत आधुनिक चुनौतियों के साथ कालातीत ज्ञान को जोड़कर उत्प्रेरक का काम कर सकता है।"

    सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटना जरूरी

    उपराष्ट्रपति ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, "हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटना होगा। हमें अपनी दार्शनिक विरासत के प्रति सजग रहना होगा क्योंकि दुनिया तेजी से आपस में जुड़ती जा रही है। वेदांत दर्शन के उत्कृष्ट, सर्वोत्कृष्ट मूल्य हमें समावेशिता की याद दिलाते हैं और हमारे भारत से बेहतर कौन सा देश समावेशिता को परिभाषित कर सकता है। हमारे मूल्य इसे परिभाषित करते हैं, हमारे कार्य इसे परिभाषित करते हैं, हमारा व्यक्तिगत जीवन इसे परिभाषित करता है, हमारा सामाजिक जीवन इसे परिभाषित करता है।"

    वेदांतिक ज्ञान को कक्षाओं तक लाएं

    धनखड़ ने वेदांतिक ज्ञान तक पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, "आइए हम वेदांतिक ज्ञान को ऊंचे स्थानों से कक्षाओं तक लाएं, ताकि समाज के हर कोने तक इसकी पहुँच सुनिश्चित हो सके। वेदांत अतीत का अवशेष नहीं है, बल्कि भविष्य का खाका है। जैसा कि हम अभूतपूर्व वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, यह सतत विकास, नैतिक नवाचार और सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए व्यावहारिक समाधान प्रदान करता है"।

    अभिव्यक्ति और संवाद सभ्यता के लिए आवश्यक

    उपराष्ट्रपति ने संवाद और चर्चा के वैदिक ज्ञान पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मित्रों, दो चीजें मौलिक हैं, अभिव्यक्ति और संवाद। इस धरती पर हर किसी को अभिव्यक्ति का अधिकार होना चाहिए। अभिव्यक्ति का अधिकार एक दिव्य उपहार है। किसी भी तंत्र द्वारा इसे कम करना, इसे कमजोर करना कल्याणकारी नहीं है क्योंकि यह संवाद के एक और पहलू को सामने लाता है। यदि आपके पास अभिव्यक्ति का अधिकार है, लेकिन आप संवाद में शामिल नहीं होते हैं, तो चीजें ठीक नहीं हो सकती हैं, इसलिए, इन दोनों को साथ-साथ चलना चाहिए। अभिव्यक्ति और संवाद सभ्यता के लिए आवश्यक हैं। संवाद, बहस, चर्चा, विचार-विमर्श लोकतंत्र के रंगमंच पर व्यवधान और गड़बड़ी के हमले के तहत समाप्त हो गए हैं। यह कैसी विडंबना है? अगर लोकतंत्र के इन मंदिरों, उनकी पवित्रता का अपमान किया जाता है, तो यह उनके लिए अपवित्रता से कम नहीं है। इस समय यही हो रहा है।”

    आपके प्रतिनिधि कर्तव्य नहीं निभाते हैं, तो आप आंदोलन क्यों नहीं करते?

    धनखड़ ने संसद में होने वाली अप्रिय स्थितियों और व्यवधानों का जिक्र करते हुए कहा, “राज्यसभा के सभापति के तौर पर मैं अपनी तरफ से हरसंभव प्रयास करता हूं। राज्यसभा वरिष्ठों का सदन है, राज्यों की परिषद है, उच्च सदन है और वहां हम कभी संवाद नहीं कर पाते। मुझे यकीन है कि अगर संसद के सदस्यों को वेदांत दर्शन का अध्ययन कराया जाए, तो वे निश्चित रूप से अधिक ग्रहणशील होंगे। मैं किसी न किसी तरह से आम लोगों को भी जिम्मेदार ठहराऊंगा क्योंकि उन्हें उन लोगों पर दबाव बनाना चाहिए जो अपना कर्तव्य निभाने में विफल रहते हैं। लोग ऐसा तब करते हैं जब कोई डॉक्टर अपना कर्तव्य नहीं निभाता है, जब कोई वकील अपना कर्तव्य नहीं निभाता है, जब कोई सरकारी कर्मचारी अपना कर्तव्य नहीं निभाता है। लेकिन जब आपके प्रतिनिधि अपना कर्तव्य नहीं निभाते हैं, तो आप उनसे निपटने के लिए उच्च स्तर पर आंदोलन क्यों नहीं करते? उनके कार्य वेदांत दर्शन की भावना के अनुरूप नहीं हैं।”

    ‘मैं अकेला सही हूँ’ मानना अज्ञानता व अहंकार की पराकाष्ठा है

    उन्होंने आगे कहा, "मैं अकेला सही हूँ, यह अज्ञानता की पराकाष्ठा है। यह अहंकार की पराकाष्ठा को दर्शाता है, अपने रुख को पूर्ण सत्य मानकर अडिग रहना और दूसरों के दृष्टिकोण पर विचार करने से इनकार करना आजकल सार्वजनिक चर्चाओं में हावी हो गया है। यह असहिष्णुता सबसे पहले, हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करती है। दूसरा, यह समाज में सद्भाव को बिगाड़ती है। और तीसरा, यह उत्पादकता को नहीं बढ़ने देती। सभी मामलों में, यह केवल आपदा और विफलता की ओर ले जाती है। किसी की कथित धार्मिकता पर इस तरह का कठोर आग्रह और दूसरे दृष्टिकोणों का प्रतिरोध है कि मैं आपकी बात नहीं सुनूंगा। आपके दृष्टिकोण का मेरे लिए कोई महत्व नहीं है। मैं इस पर विचार भी नहीं करूंगा। यह दृष्टिकोण, दूसरे दृष्टिकोणों के प्रतिरोध के साथ, हमारे देश से परे एक व्यवस्था जैसा बन गया है। और यह दुनिया भर में लोगों में अशांति, बेचैनी और असहजता का कारण है।"

    ये उपस्थित रहे

    इस अवसर पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुडी पंडित, अमेरिका के हवाई विश्वविद्यालय के मानद प्रोफेसर अरिंदम चक्रवर्ती, छात्र, संकाय सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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    Fri, 03 Jan 2025 23:42:43 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अजब&गजब : गोल गप्पे ने UPI से ही करवा दी इतनी कमाई कि GST विभाग ने भेज दिया नोटिस, जानिए& क्या है पूरा मामला https://acntimes.com/Golgappa-earned-so-much-through-UPI-that-the-GST-department-sent-a-notice https://acntimes.com/Golgappa-earned-so-much-through-UPI-that-the-GST-department-sent-a-notice एसीएन टाइम्स @ डेस्क । जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करने वाले एक गोलगप्पे वाले को जारी नोटिस सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इसके अनुसार गोलगप्पे ने सिर्फ Unified Payments Interface (UPI) के माध्यम से ही इतनी कमाई करवा दी कि विक्रेता जीएसटी (GST) के दायरे में आ गया। 

    वायरल नोटिस पर 17 दिसंबर, 2024 की तारीख अंकित है। तमिलनाडु गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स एक्ट 2017 (TNGST Act 2017) के सेक्शन 70 तथा सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेस एक्ट 2017 (CGST Act 2017) के अंतर्गत जारी किया गया है। इसके अनुसार पानी पूरी वाले एक वेंडर ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में Unified Payments Interface (UPI) पेमेंट गेटवे RazorPay और Phonepe के माध्यम से 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान ग्राहकों से भुगतान प्राप्त किया। 2023-24 में इसका आंकड़ा 40,11,019 (चालीस लाख 11 हजार उन्नीस) रुपए पहुंच गया। यह आय तमिलनाडु गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स एक्ट 2017 के सेक्शन 70 तथा सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेस एक्ट 2017 के दायरे में आती है। जिसके लिए पानी पूरी वाले द्वारा पंजीकरण नहीं कराया है। 

    यह है प्रावधान जीएसटी एक्ट में

    कर सलाहकार अनिल परवाल के अनुसार किसी भी राज्य के जीएसटी अधिनियम व सीजीएसटी अधिनियम - 2017 की धारा 22 की उपधारा (1) के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपए के कुल लाभ वाले प्रत्येक आपूर्तिकर्ता को पंजीकरण कराना जरूरी है। सरकार ने धारा 23 की उपधारा (2) में जारी अधिसूचना के अनुसार 40 लाख रुपए तक आय वाले किसी भी व्यक्ति को पंजीकरण प्राप्त करने से छूट दी है, जो माल की विशेष आपूर्ति में लगे हुए हों। 

    सीमा पार करने पर अपराध माना जाएगा

    कर सलाहकार परवाल के अनुसार निर्धारित छूट की सीमा पार करने के बाद भी जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किए बिना ही यदि वस्तुओं/सेवाओं की आपूर्ति की जाती है तो वह अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए टीएनजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 122(1)(xi) के तहत दंडनीय है। यह दंड 10,000 रुपए अथवा देय कर का 10%, जो भी अधिक हो, तक बढ़ाया जा सकता है। सीधे शब्दों में कहें तो 20 लाख से ऊपर के टर्न ओवर पर GST का रजिस्ट्रेशन लेना है और 40 लाख से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर यदि टैक्सेबल गुड्स बेचा है तो टैक्स भी देना है।

    अब इसलिए आ रहे ऐसे मामले

    बता दें कि पहले बैंक के पास से खातों के कुल ट्रांजेक्शन की जानकारी सिर्फ आयकर विभाग के पास ही जाती थी। अब आयकर विभाग और जीएसटी विभाग द्वारा एक दूसरे से जानकारी साझा की जाने लगी है। इस कारण ऐसे लेन-देन ज्यादा पकड़ में आ रहे हैं। इसलिए नियमों जो कुछ भी कर रहे हैं नियमों के दायरे में रह कर ही करें ताकि बाद में मुसीबत गले न पड़ जाए।

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    Fri, 03 Jan 2025 16:41:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सिर्फ वर्ष नहीं 2025 ! वायरल हो रहे वीडियो में इसे बताया जा रहा ‘गणितीय आश्चर्य’, आइए& जानते हैं कि क्या खास है इस आंकड़े में https://acntimes.com/Not-just-the-year-2025-it-is-a-mathematical-wonder https://acntimes.com/Not-just-the-year-2025-it-is-a-mathematical-wonder एसीएन टाइम्स @ डेस्क । वैश्विक कैलेंडर वर्ष 2025 शुरू हो चुका है। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं और बधाइयां भी दे रहे हैं। ज्योतिषी जहां इसे लेकर भविष्यवाणी कर रहे हैं तो वहीं गणित के विशेषज्ञ इसकी गणितीय व्याख्या बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें 2025 को सिर्फ एक वर्ष, नहीं बल्कि ‘गणितीय आश्चर्य’ (Mathematical Wonder) बताया जा रहा है। वीडियो में इसका आधार भी बताया गया है।

    वायरल वीडियो @memes.com.updates आईडी के माध्यम से इंस्टाग्राम पर प्रदर्शित हो रहा है। इसे काफी देखा और सराहा भी जा रहा है। इसके अनुसार 2025 संख्या 45 का वास्तविक वर्ग (square) है। इस 45 के आंकड़े को पूर्णांक 9 से भाग दिया गया जिसका भागफल 5 प्राप्त होता है। अब यदि इन दोनों संख्याओं का वर्ग निकाला जाए तो भी आंकड़ा 2025 आता है। यह तीन संख्याओं 40, 20 और 5 के वर्गों का योग भी है। अगर 1 से लेकर 9 तक के आंकड़ों का घन (cube) निकाला जाए और उन सभी को जोड़ा जाए तो भी आंकड़ा 2025 होता है। 

    1936 में हुआ था, अब 2116 में होगा

    बताया गया है कि ऐसा गणितीय आश्चर्य 1936 के आंकड़े में भी है। यह 44 का वर्ग करने पर प्राप्त होने वाला आंकड़ा है। अब ऐसा चमत्कारिक आंकड़े वाला अगला वर्ष 2116 होगा जो 92 वर्ष बाद आएगा। यानी हमारी पीढ़ी यह वर्ष नहीं देख पाएगी। यह संभवतः हमारी दूसरी पीढ़ी देख पाए किंतु तीसरी को इसे देखने का मौका मिल सकेगा।

    वीडियो देखने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें

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    Wed, 01 Jan 2025 13:04:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ALERT ! Taxpayer को 10 लाख रुपए तक के जुर्माने व जेल से बचने के लिए आखिरी 3 दिन शेष, फिर न कहना कि 'बताया नहीं' https://acntimes.com/Income-tax-alert-Only-three-days-left https://acntimes.com/Income-tax-alert-Only-three-days-left एसीएन टाइम्स @ डेस्क । अगर आपने अभी तक अपनी विदेशी परिसंपत्तियों (विदेशी शेयर, कंपनी और म्यूचुअल फंड आदि) की जानकारी आयकर विभाग को नहीं बताई है तो सावधान हो जाएं। आयकर विभाग के प्रावधानों के अनुसार इसके लिए आप दोषी ठहराए जा सकते हैं और 10 लाख तक की पेनल्टी हो सकती है। इसके लिए आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। यदि इससे बचना है तो आपके पास अब सिर्फ तीन दिन ही शेष हैं। अगर 31 दिसंबर 2024 तक ITR में इसका खुलासा नहीं करते हैं तो आपको जुर्माना, सजा अथवा दोनों हो सकती है।

    आयकर अधिनियम 1961 निवासियों और सामान्य रूप से निवासी भारतीयों को अपनी विदेशी आय, परिसंपत्तियों, खातों और शेयरों की जानकारी अपने आईटीआर में शेड्यूल-ए में देने का प्रावधान है। यानी यदि किसी व्यक्ति द्वारा सीधे विदेशी परिसंपत्तियों (विदेशी शेयर, विदेशी कंपनी म्यूचुअल फंड आदि) में निवेश किया गया है या विदेशी कंपनियों के कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ईएसओपी) चुन रखे हैं, तो उसके लिए आईटीआर 2 या आईटीआर 3 दाखिल करते समय अनुसूची शेड्यूल-ए में खुलासा करना अनिवार्य है। चाहे यह आय भारत में कर के दायरे में आती हो अथवा न आती हो।

    इस धारा में है अपराध

    यदि कोई अपनी विदेशी परिसंपत्तियों का खुलासा अपने आयकर रिटर्न में नहीं करता है तो यह ब्लैक मनी एक्ट-2015 का उल्लंघन माना जाएगा और आप गैर-प्रकटीकरण के दोषी माने जाएंगे। इसके लिए आपको 10 लाख रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, एक्ट के उल्लंघन के लिए अभियोजन की कार्रवाई का भी प्रावधान है। आपकी अघोषित विदेशी आय और संपत्ति काले धन के रूप में मानी जाएगी। इसके लिए आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।

    ...ताकि न हो कर चोरी, अनावश्यक टैक्स न देना पड़े

    इस अनुसूची के माध्यम से अपतटीय मार्गों से होने वाली कर चोरी रोकी जा सकती है। इसके अलावा DTAA (डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट) के तहत राहत का दावा कर के एक ही आय पर दोहरे कर से भी बचा जा सकता है। DTAA दो देशों के बीच हस्ताक्षरित एक प्रकार का समझौता है। यह प्रावधान इसलिए है ताकि करदाता को अलग-अलग देशों में करों का भुगतान न करना पड़े। 

    बचने के लिए यह करें

    वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेट गोपाल काकानी का कहना है कि यदि आपने अभी तक अपनी विदेशी संपत्ति और आय जाहिर नहीं की है तो घबराने की जरूरत नहीं है। यदि उक्त जुर्मानें और जेल जाने से बचना चाहते हैं तो अप बिना देर किए ITR-2 या ITR-3 दाखिल कर शेड्यूल-ए में अपनी विदेशी परिसंपत्ति और आय आदि का खुलासा कर दीजिए। ध्यान रहे, यह 31 दिसंबर 2024 तक हर हाल में कर लें। 

    ITR में इस विदेशी संपत्ति का करना है खुलासा

    • रियल एस्टेट
    • बैंक खाते
    • शेयर
    • बीमा पॉलिसियाँ
    • अन्य वित्तीय संपत्तियाँ 

    विदेशी आय की रिपोर्टिंग में यह है शामिल

    • कर्मचारी स्टॉक विकल्पों से आय
    • नियोक्ताओं से शेयर
    • अन्य विदेशी आय के स्रोत
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    Sun, 29 Dec 2024 00:41:37 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पोरवाल महासभा अधिवेशन : देश के विकास में पोरवाल समाज का योगदान अतुलनीय है& लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला https://acntimes.com/The-contribution-of-Porwal-community-in-the-development-of-the-country-is-incomparable-Lok-Sabha-Speaker-Om-Birla https://acntimes.com/The-contribution-of-Porwal-community-in-the-development-of-the-country-is-incomparable-Lok-Sabha-Speaker-Om-Birla एसीएन टाइम्स @ रतलाम । अखिल भारतीय पोरवाल महासंघ (रजि.) दिल्ली का 76वां अधिवेशन अखिल भारतीय पद्मावती पोरवाल महासभा कोटा के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। अधिवेशन की अध्यक्षता महासंघ के संरक्षक आर. पी. गुप्ता (कोटा) ने की। मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं विशेष अतिथि कोटा के विधायक संदीप शर्मा थे।

    इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या समाज जाति से बड़ा नहीं होता बल्कि वो बड़ा होता है इस बात से कि उस समाज का देश के विकास में कितना योगदान है। पोरवाल समाज एक ऐसा समाज है जिसका प्रत्येक कर्म देशहित में होता है, देश के विकास में पोरवाल समाज का योगदान अतुलनीय है। यही वजह है कि पोरवाल समाज आज सभी समाजों में प्रतिष्ठित है। मैं पोरवाल समाज से काफी करीब से जुड़ा हुआ हूँ और बड़े ही गर्व से कह सकता हूँ कि मैं एक देश सेवा, सत्य, न्याय के मार्ग पर चलने वाले समाज से जुड़ा हूँ। मैं आशा करता हूँ कि पोरवाल समाज हमेशा देश के विकास में इसी प्रकार योगदान देता रहेगा। अधिवेशन को विधायक संदीप शर्मा ने भी संबोधित किया।

    इससे पूर्व अतिथियों ने मां सरस्वती, गणेश एवं आराध्य देव राजा टोडरमल के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित किया। महिला मंडल के नेतृत्व में सामूहिक पोरवाल ध्वज वन्दन हुआ। अ. भा. पोरवाल महासंघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का स्वागत कोटा महासभा के अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता, महामंत्री धनराज गुप्ता ने किया और महासंघ का प्रतीक चिह्न भी भेंट किया। अधिवेशन शुरुआत महामंत्री गौरव गुप्ता (दिल्ली) ने की। कार्यवाहक पदेन अध्यक्ष आर. पी. गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया एवं महासंघ की उपलब्धियों एवं विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।

    कोषाध्यक्ष सेठिया ने पेश किया आय-व्यय का ब्यौरा, सेवा शिखर पुरुष अवॉर्ड मिला

    कोषाध्यक्ष अशोक सेठिया जावरा ने सत्र 2021-2024 के आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए महासंघ की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समाजरत्न इतिहासकार स्व. मनोहरलाल पोरवाल (जावरा) की स्मृति में अवॉर्ड (वर्ष 2021) एवं (वर्ष 2022) ओमप्रकाश गुप्ता (कोटा) एवं जगदीश चैधरी (मंदसौर) को प्रदान किया गया। 2021-2024 के पदाधिकारी अध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता (उ. प्र.), महामंत्री गौरव गुप्ता (दिल्ली) एवं कोषाध्यक्ष अशोक सेठिया (जावरा) को सेवा के शिखर पुरुष सम्मान अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। संपादक अशोक सेठिया एवं सहयोगी राजेश धनोतिया ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के करकमलों से स्मारिका-2024 का विमोचन करवाया। मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष बिरला को पोरवाल इतिहास ग्रंथ भेंट किया गया।

    वर्ष 2025-27 की कार्यकारिणी का हुआ निर्वाचन

    महासंघ के 9वें कार्यकाल (सत्र 2025-27) के चुनाव भी हुए। इसमें अध्यक्ष नरेन्द्र गुप्ता (कोटा), महामंत्री योगेन्द्र गंगराड़े (खण्डवा), कोषाध्यक्ष गणपतलाल गुप्ता (कुक्षी), महिला मंत्री लक्ष्मीदेवी गुप्ता (इंदौर), प्रचार मंत्री देवीलाल फरक्या (सुवासरा), स्वास्थ मंत्री शिवकुमार संघवी (देवास) चुने गए।

    देश की 6 महासभाओं के प्रतिनिधि हुए शामिल

    अधिवेशन में देश की 6 महासभाओं के 260 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जावरा से राजेश धनोतिया, अशोक पोरवाल व सुधीर सेठिया उपस्थित रहे। संचालन मनोज गुप्ता (कोटा) ने किया। आभार महासंघ महामंत्री गौरव गुप्ता (दिल्ली) एवं धनराज गुप्ता (कोटा) ने माना।

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    Tue, 24 Dec 2024 20:32:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Taxpayer सावधान ! अगर आपने 31 दिसंबर तक नहीं किया यह काम तो लगेगा 10 लाख रुपए तक जुर्माना, जेल भी जाना पड़ सकता है https://acntimes.com/Taxpayers-beware-If-this-is-not-done-by-31-December-a-fine-of-Rs-10-lakh-will-be-imposed-and-jail-may-also-be-imposed https://acntimes.com/Taxpayers-beware-If-this-is-not-done-by-31-December-a-fine-of-Rs-10-lakh-will-be-imposed-and-jail-may-also-be-imposed एसीएन टाइम्स @ डेस्क । अगर आपने अभी तक अपनी विदेशी परिसंपत्तियों (विदेशी शेयर, कंपनी और म्यूचुअल फंड आदि) की जानकारी आयकर विभाग को नहीं बताई है तो सावधान हो जाएं। आयकर विभाग के प्रावधानों के अनुसार इसके लिए आप दोषी ठहराए जा सकते हैं और 10 लाख तक की पेनल्टी हो सकती है। इसके लिए आपको जेल भी जाना पड़ सकता है। यदि इससे बचना है तो 31 दिसंबर 2024 तक हर हाल में ITR में इसका खुलासा कर दें।

    आयकर अधिनियम 1961 निवासियों और सामान्य रूप से निवासी भारतीयों को अपनी विदेशी आय, परिसंपत्तियों, खातों और शेयरों की जानकारी अपने आईटीआर में शेड्यूल-ए में देने का प्रावधान है। यानी यदि किसी व्यक्ति द्वारा सीधे विदेशी परिसंपत्तियों (विदेशी शेयर, विदेशी कंपनी म्यूचुअल फंड आदि) में निवेश किया गया है या विदेशी कंपनियों के कर्मचारी स्टॉक विकल्प (ईएसओपी) चुन रखे हैं, तो उसके लिए आईटीआर 2 या आईटीआर 3 दाखिल करते समय अनुसूची शेड्यूल-ए में खुलासा करना अनिवार्य है। चाहे यह आय भारत में कर के दायरे में आती हो अथवा न आती हो।

    इस धारा में है अपराध

    यदि कोई अपनी विदेशी परिसंपत्तियों का खुलासा अपने आयकर रिटर्न में नहीं करता है तो यह ब्लैक मनी एक्ट-2015 का उल्लंघन माना जाएगा और आप गैर-प्रकटीकरण के दोषी माने जाएंगे। इसके लिए आपको 10 लाख रुपए तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, एक्ट के उल्लंघन के लिए अभियोजन की कार्रवाई का भी प्रावधान है। आपकी अघोषित विदेशी आय और संपत्ति काले धन के रूप में मानी जाएगी। इसके लिए आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।

    ...ताकि न हो कर चोरी, अनावश्यक टैक्स न देना पड़े

    इस अनुसूची के माध्यम से अपतटीय मार्गों से होने वाली कर चोरी रोकी जा सकती है। इसके अलावा DTAA (डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट) के तहत राहत का दावा कर के एक ही आय पर दोहरे कर से भी बचा जा सकता है। DTAA दो देशों के बीच हस्ताक्षरित एक प्रकार का समझौता है। यह प्रावधान इसलिए है ताकि करदाता को अलग-अलग देशों में करों का भुगतान न करना पड़े। 

    बचने के लिए यह करें

    वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेट गोपाल काकानी का कहना है कि यदि आपने अभी तक अपनी विदेशी संपत्ति और आय जाहिर नहीं की है तो घबराने की जरूरत नहीं है। यदि उक्त जुर्मानें और जेल जाने से बचना चाहते हैं तो अप बिना देर किए ITR-2 या ITR-3 दाखिल कर शेड्यूल-ए में अपनी विदेशी परिसंपत्ति और आय आदि का खुलासा कर दीजिए। ध्यान रहे, यह 31 दिसंबर 2024 तक हर हाल में कर लें। 

    ITR में इस विदेशी संपत्ति का करना है खुलासा

    • रियल एस्टेट
    • बैंक खाते
    • शेयर
    • बीमा पॉलिसियाँ
    • अन्य वित्तीय संपत्तियाँ 

    विदेशी आय की रिपोर्टिंग में यह है शामिल

    • कर्मचारी स्टॉक विकल्पों से आय
    • नियोक्ताओं से शेयर
    • अन्य विदेशी आय के स्रोत
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    Fri, 13 Dec 2024 10:47:08 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बिहार में बवाल ! मशहूर ‘खान सर’ को बिहार पुलिस ने किया गिरफ्तार, BPPC में नॉर्मलाइजेशन के विरोध प्रदर्शन में छात्रों के समर्थन में पहुंचे थे, पुलिस ने गिरफ्तारी से किया इनकार https://acntimes.com/Ruckus-in-Bihar-Famous-Khan-Sir-arrested-action-taken-for-opposing-normalization-in-BPPC https://acntimes.com/Ruckus-in-Bihar-Famous-Khan-Sir-arrested-action-taken-for-opposing-normalization-in-BPPC एसीएन टाइम्स @ पटना । बिहार लोक सेवा आयोग में नॉर्मलाइजेशन लागू किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। प्रदेश के विद्यार्थी इसका विरोध कर रहे हैं। पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ने बिहार पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। मशहूर ‘खान सर’ (फैज़ल खान) के समर्थकों द्वारा दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिाय है। हालांकि, पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की खबर की बात को गलत बताया है। 

    पटना में अभ्यर्थी 70वीं बीपीएससी-पीटी में नॉर्मलाइजेशन का विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को अभ्यर्थियों ने शहर में बेली रोड को जाम कर दिया। वे बीपीएससी कार्यालय की ओर चेयरमैन से मिलने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को रोकने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं मान तो उन्हें तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए।

    अभ्यर्थियों का समर्थन करने के लिए पढ़ाई को सरल बनाने के लिए मशहूर खान सर और रहमान गुरु भी पहुंच गए। पुलिस शाम को खान सर को अभ्यर्थियों के बीच में से ले गए। उन्हें गर्दनीबाग पुलिस थाने ले जाया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खान सर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार लिया गया है। इस खबर के बाद से अभ्यर्थी काफी आक्रोशित हैं और वे उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्हें रिहा करने के लिए X हैंडल पर अभियान भी चलाया जा रहा है।

    यह चाहते हैं अभ्यर्थी

    अभ्यर्थी बीपीएससी परीक्षा में ‘एक शिफ्ट - एक पेपर’ की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पिछले वर्षों की तरह ही आयोजित हो। उनकी मांग परीक्षा प्रक्रिया सामान्य बनाने की है। उनका कहना है कि आयोग वही परीक्षा प्रक्रिया अपनाए जो निष्पक्षता और एकरूपता के लिए अपनाई जाती रही हैं।

    बीपीएससी में गड़बड़ी होने का जताया था अंदेशा

    बता दें कि, अभ्यर्थियों का समर्थन कर रहे खान सर ने एक चैनल से बात करते हुए बीपीएससी के अंदर गड़बड़ी चलने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जब तक नॉर्मलाइजेशन खत्म नहीं होगा तब तक आंदोलन चलेगा। मैं अभ्यर्थियों का साथ दूंगा। नॉर्मलाइजेशन जब रद्द होगा तब वापस जाएंगे। बीपीएससी आधिकारिक बयान जारी करे कि नॉर्मलाइजेशन लागू नहीं होगा। औपचारिक स्टेटमेंट आ नहीं रहा है। बीपीएससी के अंदर गड़बड़ी चल रही है। डीएसपी और एसडीएम की सीटें यह लोग बेच रहे हैं। नॉर्मलाइजेशन में नुकसान होगा।

    80 हजार अभ्यर्थी नहीं भर पाए फॉर्म- खान सर

    खान सर का कहना है कि अभ्यर्थी अफवाह नहीं फैला रहे हैं। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख के दो-तीन दिन पहले से ही बीपीपीसी का सर्वर डाउन था। नतीजतन लगभग 80 हजार अभ्यर्थी फॉर्म नहीं भर पाए। इसलिए उनके लिए अलग से व्यवस्था हो। उन्हें एक दिन का समय दिया जाना चाहिए। खान सर ने साफ कहा कि चाहे प्रशासन हम लोगों पर लाठीचार्ज करे या जेल ले जाए, जब तक नॉर्मलाइजेशन वापस नहीं होगा तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे।

    पटना पुलिस ने कहा- नहीं किया खान सर को गिरफ्तार

    खान सर की गिरफ्तारी की खबर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया है। पटना पुलिस के सचिवालय की एसडीपीओ डॉ. अन्नू कुमारी ने खान सर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस बारे में पटना पुलिस के ऑफिशियल X हैंडल पर एसडीपीओ का वीडियो भी जारी किया गया है।

    अगली परीक्षा में लागू होगा नॉर्मलाइजेशन- बीपीपीसी चेयरमैन

    नॉर्मलाइजेशन को लेकर बीपीएससी चेयरमैन रवि मनु भाई परमार का कहना है कि ‘अगली परीक्षा (71वीं पीटी) से नॉर्मलाइजेशन जरूर लागू होगा। चेयरमैन ने अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि अभी नॉर्मलाइजेशन लागू ही नहीं हुआ है तो फिर विरोध क्यों? चेयरमैन के अनुसार विज्ञापन में सभी जानकारी दी गई थी। इसलिए परीक्षा की तैयारी छोड़कर बेवजह प्रदर्शन करना गलत है। एक शिफ्ट और एक ही दिन में परीक्षा ली जा रही है। मल्टीपल सेट के बारे में पहले से विज्ञापन में बताया जा चुका है।

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    Sun, 08 Dec 2024 02:00:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    हिंदू गर्जना : बांग्लादेशी हिंदुओं के समर्थन में सड़क पर उतरा सर्व हिंदू समाज, अल्पसंख्यकों के विरुद्ध हो रही हिंसा पर जताया आक्रोश, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Sarva-Hindu-Samaj-took-to-the-streets-against-the-atrocities-being-committed-on-minorities-in-Bangladesh https://acntimes.com/Sarva-Hindu-Samaj-took-to-the-streets-against-the-atrocities-being-committed-on-minorities-in-Bangladesh एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सर्व हिंदू समाज के आह्वान पर मंगलवार को रतलाम जिला मुख्यालय पर रतलाम सड़कों पर उमड़ पाड़ा। बांग्लेदेशी हिंदू के समर्थन में उड़मे जन सैलाब ने संतों की अगुवाई में जन आक्रोश रैली निकाली। कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। इसमें बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए उस पर नियंत्रण लगाने के लिए वाज बुलंद की। रैली से पहले कालिकामाता मंदिर परिसर में संतों और वरिष्ठों ने संबोधित कर बांग्लादेशी हिंदुओं के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

    बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और हिंसात्मक हमलों से रतलाम के सर्व हिंदू समाज में रोष व्याप्त है। इसके चलते सर्व हिंदू समाज संतों के नेतृत्व में कालिकामाता मंदिर परिसर में एकत्र हुआ। यहां संबोधित करते हुए सीए सोनाली जैन ने कहां कि बांग्लादेश में कुछ माह से लगातार हिंसात्मक घटनाएं हो रही हैं। मानवता को द्रवित करने वाली ये घटनाएं रोकने हेतु वहां के अल्पसंख्यक समाज के साथ पूरा भारतीय समाज उपस्थित है।

    ‘एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’

    संस्कार ऋषि पं. दिनेश व्यास नीलकंठ धाम घटवास ने कहा कि भारतीय संस्कृति "वसुधैव कुटुंबकम" की है। पूरे विश्व के लोग हमारे भाई-बहन हैं परंतु कुछ लोग मानवता को नष्ट करने का दुष्विचार लेकर निरीह लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं। इसके लिए हम सभी को संकल्प लेना होगा कि सभी को संगठित रहना है एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।

    संगठन में शक्ति है, एक होना जरूरी है

    पूर्व सैनिक और जनजाति सुरक्षा मंच के मध्य क्षेत्र के संरक्षक कैलाश निनामा ने कहा कि संगठन में शक्ति है। बांग्लादेश में हो रहे अल्पसंख्यकों के खिलाफ षड्यंत्र को रोकने के लिए हम सभी को एक होना है तभी सुरक्षित रहेंगे। भारत एक सामर्थशाली देश है। शीघ्र ही बांग्लादेश के सनातनी बांधुओं पर हो रही हिंसा पर रोक लगेगी।

    इन संतों का मिला सान्निध्य

    उपस्थित जन समुदाय को आशीष देने के लिए मंच पर दंडी स्वामी अत्यानंद जी सरस्वती (श्रंगेरी मठ, स्वामी देवस्वरूप जी महाराज (अखण्डज्ञान आश्रम), स्वामी 1008 आनंद गिरि जी महाराज (अडवानिया), ज्ञानी हंसराज सिंह गुरुद्वारा दुख निवारण साहेब जावरा, स्वामी नील भारती जी महाराज (दत्त अखाड़ा), स्वामी शिवानंद जी महाराज शक्तिपीठ सुजालपुर के स्वामी योगेश नाथ जी जेठाना, परम स्वामी सुजानानंद जी महाराज अखंड ज्ञान आश्रम, परम राज राजेश्वरी माता पीतांबरा शक्ति पीठ, महर्षि संजय शिवशंकर दवे (वैदिक जागृति पीठ), परम इस्कॉन प्रभु जी महाराज, सविता दीदी (ब्रह्मकुमारी आश्रम), स्वामी मनोज (मांगल्य मंदिर), स्वामी सौरभ महाराज, आचार्य महेशानंद महाराज, आचार्य अशोक वशिष्ठ महाराज, आचार्य चेतन शर्मा, स्वामी अभिषेक गिरी जी महाराज विराजित रहे। संचालन गायत्री परिवार के विकास शैवाल ने किया। आभार समस्त हिंदू समाज ने माना।

    कट्टरपंथियों की ज्यादतियों के पोस्टर लेकर चले लोग, नारे भी लगाए

    दोपहर करीब सवा तीन बजे रैली प्रारंभ हुई। इसमें सबसे आगे संत समुदाय चल रहा था। उनके पीछे मातृशक्ति और फिर वरिष्ठ नागरिक चल रहे थे। पीछे-पीछे युवाओं, महिलाओं का सैलाब टोलिया के रूप में चल रहा था। सभी के हाथों में बांग्लादेशी कट्टरपंथियों की ज्यादतियों को प्रदर्शित करते पोस्टर और नारे लिखी तख्तियां थीं। लोग जय श्री राम और हिंदुओं की एकता के नारे लगा रहे थे। महारैली कालिकामाता, मित्र निवास रोड, फव्वारा चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची।

    ज्ञापन देकर गिनाईं घटनाएं, मांगें भी रखी

    कलेक्ट्रेट में सर्व हिंदू समाज की ओर से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन का वाचन मनोज सगरवंशी ने किया। तत्पश्चात समाज के वरिष्ठजन राजेश कटारिया, सतीश त्रिपाठी, मांगीलाल खराड़ी, संजय व्यास, कंवलजीत सिंह मक्कड़, अनुज छाजेड़, ममता भंडारी, सुनीता छाजेड़, सोनाली जैन, सुरेश वर्मा, मोहन मुरलीवाला, विजय खरे, हरिनारायण जाटव, विम्पी छाबड़ा, कैलाश देवदा, अमृत पटेल, रामेश्वर पाटिदार के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। 

    सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक अस्मिता पर हमला

    ज्ञापन में हाल की घटनाओं का जिक्र भी किया गया है। इन घटनाओं में हजारों हिंदू, बौद्ध और ईसाई परिवारों को विस्थापित किया गया है और उनके धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया है। उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमले किए जा रहे हैं, जो न केवल बांग्लादेश के संविधान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि हमारे समग्र मानवता के लिए भी एक खतरा हैं। यह केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह हमारी साझा सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक अस्मिता और पारस्परिक सम्मान पर भी हमला है।

    ठोस कदम उठाने की जताई आवश्यकता

    सर्व हिंदू समाज ने राष्ट्रपति से निवेदन किया है कि इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएं ताकि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षा मिल सके और इन अत्याचारों को रोका जा सके। ज्ञापन में यह उम्मीद भी जताई गई है कि भारत सरकार इस विषय में सकारात्मक हस्तक्षेप करेगी और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाएगी।

    ये जनप्रतिनिधि हुए शामिल

    रैली में कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप, आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, आरएसएस के सुरेंद्र सुरेका, वीरेंद्र वांफगांवकर, सुरेंद्र सिंह भामरा, पूर्व महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, भाजपा नेता बजरंग पुरोहित, समाजसेवी गोविंद काकानी, चार्टर्ड एकाउंटेंट गोपाल काकानी, प्रवीण सोनी, विनोद करमचंदानी, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष गौरव मूणत, जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राजीव ऊबी, पूर्व अध्यक्ष दशरथ पाटीदार, संतोष त्रिपाठी, अनिल सारस्वत, जे. पी. भट्ट, तुषार कोठारी सहित रतलाम, जावरा, सैलाना, बाजना आदि स्थानों के जनप्रतिनिधि सामिल हुए।

    बांग्लादेश में हुईं हाल की घटनाएं

    • 28 नवंबर 2024 : ढाका में इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास जी के लिए महाप्रसाद लेकर जा रहे दो हिंदू श्रद्धालुओं को केवल उनके धार्मिक कर्तव्यों को निभाने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया।
    • 27 नवंबर 2024 : मैमनसिंह में एक हिंदू दुकानदार पर हमला कर उसकी दुकान को लूट लिया गया, जिससे उसका जीवन और आजीविका प्रभावित हुई।
    • 26 नवंबर 2024 : सिराजगंज में कट्टरपंथियों द्वारा लोकनाथ मंदिर पर पेट्रोल बम फेंका गया। इससे मंदिर को नुकसान पहुँचा। हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमला किया गया।
    • 25 नवंबर 2024 : ढाका में इस्कॉन के चिन्मय कृष्ण दास जी को झूठे देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जो कि धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय अधिकारों का उल्लंघन था।
    • 24 नवंबर 2024 : बगेरहाट में एक हिंदू लड़की को जबरन धर्मांतरण कर आतंकी संगठन में शामिल किया गया, जो एक गंभीर अपराध है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों का प्रतीक है।
    • 20 नवंबर 2024 : बरिसाल में हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। उनकी संपत्ति और सम्मान को नष्ट कर दिया गया।
    • 19 सितंबर 2024 : सिलहट में बौद्ध और हिंदू मंदिरों को तोड़-फोड़ कर आग लगा दी गई। यह धार्मिक असहिष्णुता और सांस्कृतिक धरोहर को नष्ट करने का एक प्रयास था।

    सर्व हिंदू समाज की मांगें

    • भारत सरकार द्वारा बांग्लादेश सरकार पर दबाव डाला जाए ताकि वहां अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और धार्मिक स्वतंत्रता को कायम रखा जा सके।
    • संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के माध्यम से बांग्लादेश सरकार को इन अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराया जाए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित किया जाए।
    • अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए ताकि इस प्रकार के अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
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    Wed, 04 Dec 2024 00:21:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सीमापार सट्टे का कारोबार : रतलाम के सटोरिये राजस्थान में कर रहे थे सट्टा, प्रतापगढ़ पुलिस ने 6 सटोरियों को दबोचा, 25 मोबाइल और कार जब्त https://acntimes.com/6-bookies-from-Ratlam-arrested-for-betting-in-Pratapgarh-Rajasthan https://acntimes.com/6-bookies-from-Ratlam-arrested-for-betting-in-Pratapgarh-Rajasthan एसीएन टाइम्स @ प्रतापगढ़ । राजस्थान की प्रतापगढ़ पुलिस ने एक मकान से 6 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले हैं। इनके पास से 25 मोबाइल फोन, कार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।

    (दीपक कुमार बंजारा, थाना प्रभारी- प्रतापगढ़ कोतवाली)

    प्रतापगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी दीपक कुमार बंजारा के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक मकान में ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चल रहा है। सूचना पुख्ता होने पर एसपी विनीत कुमार के निर्देशन में सर्च वारंट लेकर पुलिस टीम ने हाउसिंग बोर्ड के मकान पर धावा बोला। यहां 6 लोग ऑनलाइन सट्टा करते मिले। इनके पास से 25 मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, कैल्क्यूलेटर और सट्टा उपकरण जब्त हुए। मौके से लाखों रुपए के सट्टे के हिसाब के रजिस्टर और कागज भी जप्त हुए हैं। इसके अलवा एक एसयूवी कार भी जप्त हुई है।

    ये हुए गिरफ्तार, एक की तलाश

    थाना प्रभारी बंजारा के अनुसार सट्टे का कारोबार कर रहे सभी सटोरिये मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले हैं। आरोपियों के नाम गोपाल पिता शंकरदास बैरागी निवासी अलकापुरी, नासिर अहमद पिता महबूब खान पठान निवासी मदीना कॉलोनी, प्रकाश पिता चंद्रमोहन अग्रवाल निवासी राजेंद्र नगर, महेशचंद्र पिता सोहनलाल तिवारी निवासी दीनदयालनगर, हार्दिक पिता अभिनंदन सोनी निवासी टाटानगर, मोहम्मद रफीक पिता छोटे खान पठान महावीर नगर हैं। ये सभी नरेश नामक व्यक्ति के इशारे पर सट्टे का कारोबार चला रहे थे। आरोपी नरेश की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

    फर्जी सिम से हो रहा था अवैध कारोबार

    थाना प्रभारी बंजारा के अनुसार सभी आरोपी मोबाइल में फर्जी सिम डालकर कारोबार कर रहे थे। आरोपियों के विरुद्ध जुआ एक्ट, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से सट्टे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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    Thu, 28 Nov 2024 12:10:21 +0530 Niraj Kumar Shukla
    26/11 हमले में पाकिस्तान सरकार का हाथ नहीं था, यह आतंकवादी हमला था, यह हमारी सुरक्षा में चूक थी& सलमान खान https://acntimes.com/Video-viral-Pakistan-government-had-no-role-in-26-11-attack-Salman-Khan https://acntimes.com/Video-viral-Pakistan-government-had-no-role-in-26-11-attack-Salman-Khan एसीएन टाइम्स @ डेस्क । ‘सभी जानते हैं 26/11 हमले के पीछे पाकिस्तान की सरकार का हाथ नहीं था। यह एक आतंकवादी हमला था, सबसे बड़ी बात यह है कि हमारी सुरक्षा में चूक हुई थी। हमारे यहां पहले भी कई हमले हुए हैं और उन में पाकिस्तान का हाथ नहीं था। इस बार हमला हुआ तो हर कोई खड़ा हो गया क्योंकि इस बार हमला ताज और ओबेरॉय जैसे होटल पर हुआ था। हमारे यहां पहले भी बम विस्फोट हुए हैं। बसों में और ट्रेनों में हमले हुए हैं, लेकिन तब उस पर इतना हाइप नहीं बना।’

    ये शब्द हैं बॉलीवुड के अभिनेता सलमान खान के जो पाकिस्तान के एक टीवी चैनल में दिए गए साक्षात्कार का हिस्सा हैं। आतंकी हमलों के मामले में पाकिस्तान को क्लीन चीट देने वाला यह इंटरव्यू मुंबई में हुए 26/11 के आतंकी हमले की 16वीं बरसी के मौके पर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। जो भी सलमान की यह बात सुन रहा है, वह आक्रोश जाहिर कर रहा है। लोग सलमान को काफी बुरा-भला भी कह रहे हैं। लोगों तो यहां तक कहा है कि हम यहां इसकी फिल्में देखकर इसे प्रोत्साहित और मालामाल कर रहे हैं और यह पाकिस्तान को क्लीन चीट दे रहा है।

    2010 का है वीडियो

    बता दें कि, सलमान खान का कोई ताजा बयान नहीं है। यह 2010 का एक साक्षात्कार है। तब भी लोगों ने इसे लेकर काफी तीखी प्रतिक्रिया दी थी। लोगों के आक्रोश को लेकर तब सलमान खान ने देशवासियों से माफी भी मांगी थी। उन्होंने अपनी माफी वाली पोस्ट अपने ट्विटर (अब एक्स) एकाउंट पर साझा की थी। उस समय सलमान ने उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की बात कही थी।

    आतंकी हमले ने पूरे देश को दहला दिया था

    गौरतलब है कि अभी लॉरेंस विश्नोई गैंग के निशाने पर होने से सलमान खान अभी काफी सुर्खियों में हैं। फिर मंगलवार को 26/11 की 16वीं बरसी भी थी। इससे उनका 14 साल पुराना वीडियो वायरल होते ही लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दी। यहां बताना जरूरी है मुंबई में हुए उक्त आतंकी हमले ने सिर्फ मुंबई को ही नहीं बल्कि, पूरे देश को दहला दिया था।

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    Wed, 27 Nov 2024 03:37:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कैंसर से मुक्त – दावों में उलझे ! सिद्धू दंपति को छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने भेजा शोकॉज नोटिस, 100 मिलियन डॉलर की क्षतिपूर्व का किया दावा https://acntimes.com/Chhattisgarh-Civil-Society-sends-notice-to-Sidhu-couple-warns-of-100-million-Dollar-claim https://acntimes.com/Chhattisgarh-Civil-Society-sends-notice-to-Sidhu-couple-warns-of-100-million-Dollar-claim एसीएन टाइम्स @ डेस्क । पूर्व क्रिकेटर और नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पूर्व विधायक पत्नी नवजोत सिंह कैंसर से तो मुक्त हो गईं लेकिन इसके लिए उनके पति द्वारा किए दावों के फेर में उलझ गई हैं। छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी ने सिद्धू दंपति को शोकॉज नोटिस भेजकर पूर्व विधायक नवजोत के कैंसर के इलाज को लेकर किए गए दावे के संबंध में प्रमाणित दस्तावेज मांगे हैं। सोसायटी का आरोप है कि सिद्धू के बयान से कैंसर मरीजों में एलोपैथी इलाज को लेकर भ्रम की स्थिति है। सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि सिद्धू दंपति द्वारा प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो उसके द्वारा उन पर 100 मिलियन डॉलर (850 करोड़ रुपए) का दावा किया जाएगा।

    छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने पूर्व विधायक नवजोत कौर को भेजे नोटिस में बताया है कि हाल ही में उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू ने आपके असाध्य कैंसर रोग के सम्बंध में अमृतसर स्थित आपके आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस व मीडिया में खुलासा किया कि आपने स्टेज 4 कैंसर को लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव कर मात दे दी है। उन्होंने दावा किया कि, सिर्फ डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके आपने 40 दिन में कैंसर को मात दे दी है। इसे सुनकर देश-विदेश के कैंसर ग्रसित मरीजों में भ्रम व एलोपैथी मेडिसिन के विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

    नवजोत कौर को भेजे पत्र में सवाल भी उठाए

    • आपके स्वस्थ्य को लेकर आपके पति ने जो दावा किया है, क्या आप उनके बयान का पूर्ण समर्थन करती हैं?
    • क्या आपको लगता है कि एलोपैथी मेडिसिन का जो इलाज आपने विभिन्न अस्पतालों में करवाया है, उनके इलाज-उपचार से आपको कोई भी लाभ नहीं हुआ है?
    • क्या आपके कैंसर फ्री होने में सिर्फ आपकी डाइट (नीम पत्ता, नींबू पानी, तुलसी पत्ता. हल्दी) का ही सेवन किया है, किसी भी एलोपैथी मेडीसिन का उपयोग नहीं किया है?

    7 दिन में मांगे प्रमाण

    छत्तीसगढ़ सोसायटी ने नवजोत कौर से कहा है कि आप अपने पति (नवजोत सिंह सिद्धू) के दावे का समर्थन करती हैं तो वे सभी प्रमाणित दस्तावेज हमें 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं जिनसे यह साबित हो कि आपने महज 40 दिन में बिना मेडिसिन लिए, बिना चिकित्सकीय सहायता के मात्र डाइट में बदलाव कर स्टेज 4 के कैंसर को समाप्त कर आप कैंसर फ्री हो गई हैं। 

    प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर दे स्पष्टीकरण

    पत्र में यह भी कहा गया है कि, यदि आप अपने पति के दावों के समर्थन में कोई प्रमाणित दस्तावेज व चिकित्सकीय प्रमाण नहीं रखते (प्रस्तुत करते) हैं तो आप पुनः एक प्रेसवार्ता कर स्पष्टीकरण देंवे। ताकि अन्य मरीजों के जीवन पर खिलवाड़ न हो, एलोपेथी व कैंसर के इलाज उपचार के सम्बंध में उपजा भ्रम दूर हो। अपने मिथ्या कथनों के लिए क्षमा भी मांगें क्योंकि अन्य कैंसर मरीजों को भ्रम हो रहा है। वे अपनी मेडिसिन, इलाज, चिकित्सकीय उपचार छोड़कर आपके व आपके पति के कथनों पर भरोसा कर के अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं, जिनके जिम्मेदार आप होंगे। 

    इस भ्रम के एवज में 100 मिलियन भी कम है!

    छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के अनुसार सिद्धू द्वारा प्रेसवार्ता में एलोपैथी प‌द्धति, एलोपैथी मेडिसिन, उसके चिकित्सकों व चिकित्सकीय मापदंडों के बारे में भ्रम फैलाया गया है। इससे होने वाली समस्त क्षति, हानि, मानहानि व मरीजों के जीवन के साथ होने वाले खिलवाड़, मरीजों के बिगड़ने वाले हालातों के जवाबदार आप (सिद्धू दंपति) होंगे। इसके लिए 100 मिलियन डॉलर (850 करोड़ रुपए) का विधिवत क्षतिपूर्ति दावा किया जाएगा। सोसायटी के अनुसार उक्त क्षति के लिहाज से यह राशि भी कम ही है।

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    Wed, 27 Nov 2024 00:40:16 +0530 Niraj Kumar Shukla
    किसने बनाई ये खिचड़ी ? जमकर वायरल हो रहा है रतलाम के युवा का वीडियो ! 2 करोड़ 30 लाख से ज्यादा बार देखा गया, 24 लाख लोगों ने किया पसंद https://acntimes.com/The-video-of-a-Ratlam-youth-is-going-viral-viewed-more-than-2-crore-30-lakh-times https://acntimes.com/The-video-of-a-Ratlam-youth-is-going-viral-viewed-more-than-2-crore-30-lakh-times एसीएन टाइम्स @ रतलाम । यह सोशल मीडिया का जमाना है और इस पर जो वायरल होता है वही हिट माना जाता है। इसी सोशल मीडिया की दुनिया में रतलाम के एक युवक का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो पोस्ट होने के मात्र 6 दिन में ही लगभग 20.3 मिलियन व्यूज आ चुके हैं यानि इसे 2 करोड़ 30 लाख बार लोगों ने देखा है। पौने तीन लाख से ज्यादा बार शेयर किया गया है और 2.4 मिलियन (24 लाख) लोगों ने इसे पसंद किया। लगभग 31 हजार ने इस वीडियो को सेव किया। इस पर 6.5 हजार से ज्यादा लोगों ने कॉमेंट्स भी किए है। 

    यह युवक कोई और नहीं रतलाम के मेडिकल और मीडिया से जुड़े नीरज बरमेचा हैं जो "रतलामी फीवर" के नाम से एक इन्स्टाग्राम पेज चलाते हैं। अपने मित्रों के साथ समय बिताते समय उन्होंने यह वीडियो बनाया था। बाद में उसे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया। वीडियो रतलाम में ही नहीं, बल्कि देश भर में अप्रत्याशित रूप से वायरल हो रहा। वीडियो तब का है जब नीरज दोस्तों ने साथ गुजरात के पावागढ़ माताजी के पास स्थित बसाल्ट पैराडाइस रिसोर्ट में छुट्टियाँ बिताने गए थे। खाना पसंद आने पर वहाँ थोड़ी मस्ती और प्रैंक करने के मूड से रेस्टोरेंट में कुछ अलग तरह से मजाकिया अंदाज़ में शेफ को बुलवाया। यह देख वहाँ बैठे सभी लोग अचरज में पड़ गए। जब खाना बनाने वाले शेफ की तारीफ की तो सभी हँसने लगे और स्टाफ भी प्रसन्न हो गया।

    वीडियो देखने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें

    इनका रहा सहयोग, सभी लोग रतलाम के

    नीरज बरमेचा ने बताया कि वीडियो बनाने और उसे एडिट करने का श्रेय गगन गाबा और नीतिका एरेन को जाता है। सभी अपने-अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ बिता रहे थे। वीडियो में दिखाई दे रहे अन्य लोग भी रतलाम के ही हैं। वीडियो बनाने में रतलाम के मनीष सोनी, मीलेश कटकानी, हितेश सुराना, नीलेश सेलोत, चेतन कोठारी, गौरव एरेन, पायल बरमेचा, चंचल सोनी, अर्चना सुराना, जयश्री सेलोत, नीशू कोठारी, नीतू गाबा, संगीता कटकानी, केशवी बरमेचा आदि का भी सहयोग रहा।

    यह भी देखें... बड़ी खबर : रतलाम के सिविल सर्जन डॉ. एम. एस. सागर के विरुद्ध मारपीट, पुलिस ने डॉ. जीवन चौहान के वाहन चालक सहित तीन के विरुद्ध दर्ज किया केस, जीवांश अस्पताल सील

    लोगों के चेहरों पर हंसी लाना उद्देश्य

    वीडियो बनाने के आइडिया को लेकर नीरज बरमेचा ने बताया कि लॉफ्टर (हास्य योग) भी ऐसी थैरेपी है जो अनेक बीमारीयों के इलाज को आसान कर देती है। वीडियो बनाकर लोगों के चेहरों पर हँसी लाने के उद्देश्य से एक प्रयास किया था। वीडियो का सोशल मीडिया पर इतना वायरल होना बताता है कि हमारा प्रयास सफल रहा। देश और दुनिया के लोगों ने वीडियो के माध्यम से हमें जो प्यार दिया उसके हम आभारी रहेंगे तथा आगे भी लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने की कोशिश करते रहेंगे।

    यह भी देखें... बड़ा खुलासा : मां ने ही टंकी में डुबो कर 4 माह के जुड़वां बच्चों की कर दी थी हत्या, सास और पति द्वारा सहयोग नहीं करने से थी नाराज

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    Sat, 23 Nov 2024 12:15:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ये गुस्सा कितना जायज ? मेट्रो में लगे श्री राम के जयकारे तो आग बबूला हो गईं अभिनेत्री पूजा भट्ट, कहा& सार्वजनिक स्थानों पर कैसे मिल जाती है ऐसा करने की अनुमति https://acntimes.com/Actress-Pooja-Bhatt-got-angry-over-chanting-of-Shri-Rams-name-and-Garba-in-the-metro-4260 https://acntimes.com/Actress-Pooja-Bhatt-got-angry-over-chanting-of-Shri-Rams-name-and-Garba-in-the-metro-4260 एसीएन टाइम्स @ मुंबई । सार्वजनिक स्थलों पर श्री राम के जयकारे और गरबा करने पर अभिनेत्री पूजा भट्ट को ऐतराज है। मुंबई मेट्रो में ऐसा हुआ तो वे आग बबूला हो गईं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाया है कि- सार्वजनिक स्थलों पर इसकी अनुमति कैसे मिल जाती है?

    मामला यूं है कि नवरात्रि के दौरान पूरे देश में शक्ति की आरधना का दौर चला। श्रद्धालुओं ने गरबा किया और जयकारे भी लगाए। मुंबई मेट्रो में भी ऐसे ही नजारे देखने को मिले। इसका सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी काफी वायरल हुआ। कुणाल पुरोहित नाम के यूजर द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो में मुंबई मेट्रो के अंदर कुछ यात्री सीट पर बैठे नजर आ रहे हैं तो कुछ फर्श पर। यात्री ‘श्री राम’ के जयकारे लगाने के साथ ही 'भारत का बच्चा बच्चा जय श्री राम बोलेगा' भी गा रहे हैं। वहीं कुछ यात्री गुजराती गरबा गीत गा रहे हैं।

    वीडियो के साथ कैप्शन भी दिया गया है जिसमें लिखा गया है कि- 'वास्तव में हिंदुत्व पॉप संगीत को इसी उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न वर्गों के लोगों में इसकी सहज अपील। संपन्न, उच्च वर्ग के युवा, महानगर में इसे गाने में कोई समस्या नहीं देखते। एच-पॉप हर जगह पर है।' इस वीडियो की लोगों ने खूब तारीफ भी की और दूसरों से साझा भी किया। हालांकि, यह अभिनेत्री को कतई रास नहीं आया। पूजा भट्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न सिर्फ इसकी अलोचना की बल्कि लोगों को ऐसा करने की अनुमति दिए जाने को लेकर सवाल भी उठाए। इस पर श्रद्धालु कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।

    जानिए, क्या-क्या लिखा अभिनेत्री ने

    पूजा भट्ट ने उक्त वीडियो शेयर करने के साथ ही यह सवाल भी किया है कि, 'सार्वजनिक जगहों पर यह कैसे जायज है? इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यह हिंदुत्व पॉप है, क्रिसमस कैरोल है, बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर है या इनके बीच कुछ भी है। सार्वजनिक स्थानों का इस तरह से दुरुपयोग नहीं किया जा सकता। अधिकारी इसे कैसे और क्यों अनुमति दे रहे हैं? हां, अब दुरुपयोग पर ध्यान दें।'

    यह भी लिखा

    उन्होंने अपनी दूसरी पोस्ट में लिखा कि, 'अगर लोग बुनियादी नागरिक नियमों का पालन नहीं कर सकते तो किसी भी जगह पर कानून और व्यवस्था लागू नहीं हो सकती है।' अभिनेत्री पूजा भट्ट ने यह भी लिखा है कि, 'सभी राजनीतिक दलों के अवैध होर्डिंग्स शहर को अपवित्र बना रहे हैं। मेट्रो को पार्टी जोन में बदल दिया गया है। हमलावरों की ओर से कवर के रूप में सड़क के बीच पटाखे जलाए जा रहे हैं।'

    If we can’t follow basic rules there is no hope for law & order to prevail in the real sense. Illegal hoardings of ALL political parties that desecrate the city the metro being turned into a party zone.Firecrackers being lit in the middle of the street-used as cover by assailants

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    Tue, 15 Oct 2024 22:00:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विवादित बयान ! सरकार की सरपरस्ती में हिंदू संगठन मुसलमान लड़कियों को कर रहे अगवा, अब यह देश मुसलमानों के लिए सुरक्षात नहीं&  कौसर हयात खान https://acntimes.com/Hindu-organizations-are-kidnapping-Muslim-girls-Muslims-are-unsafe-in-the-country-Kausar-Hayat-Khan https://acntimes.com/Hindu-organizations-are-kidnapping-Muslim-girls-Muslims-are-unsafe-in-the-country-Kausar-Hayat-Khan एसीएन टाइम्स @ कानपुर । मौजूदा हालत में इस देश में मुस्लिम सुरक्षित नहीं हैं...। सरकार की सरपरस्ती में हिंदू संगठन खुलेआम मुसलमान लड़कियों को अगवा कर रहे हैं...। देश की पुलिस पूरी तरह हिंदू पुलिस में तब्दील हो चुकी...। ऐसी तमाम विवादित बातें मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय महासचिव कौसर हयात खान ने कही हैं। मुरादाबाद में शनिवार को उनके द्वारा दिए गए ऐसे बयान से सियासी बवाल मच गया है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कौसर हयात खान का कहना है कि मौजूदा हालात में इस देश में अब मुस्लिम सुरक्षित नहीं हैं। इस देश की पुलिस पूरी तरह से हिंदू पुलिस में तब्दील हो चुकी है, जिन्हें मुस्लिमों के हितों से सरोकार नहीं है। पुलिस खुलेआम मुसलमानों की मुखालफत कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकारा नहीं जा सकता है।

    हिंदू कह रहे मुस्लिम लड़कियों को बहू बनाएंगे

    मुस्लिम लीग के नेता खान का आरोप है कि सरकार की सरपरस्ती में हिंदू संगठन खुलेआम घूमकर मुसलमान लड़कियों को अगवा करकर कह रहे हैं कि हम इन्हें अपनी बहू बनाएंगे। हुकूमत की लाचारगी देखिए कि ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे देखते हुए हमारे बच्चों में यह भावना पैदा हो रही है कि वो इस देश में महफूज नहीं है।

    सरकार नहीं कर रही कार्रवाई

    बकौल कौसर हयात- जिस लड़की ने पहले कभी सैकड़ों हिंदू लड़कों के बीच में अल्लाह-हू-अकबर का नारा दिया था उसी के लिए भाजपा नेता कह रहे हैं कि अब जरा वो किसी कॉलेज में पढ़कर देख ले। अब आप खुद ही देख लीजिए कि कैसे यह लोग दादागिरी करने पर उतारू हो चुके हैं। इन लोगों में कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की गंभीरता देखने को नहीं मिल रही है और ना ही सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने की स्थिति में नजर आ रही है।

    हुकूमत सुरक्षा देने को तैयार नहीं

    उन्होंने कहा कि- आज की तारीख में हमारी लड़कियां इस मुल्क में असुरक्षित हैं। हुकूमत हमें कोई सुरक्षा देने को तैयार नहीं है। सरकार ने ऐसे लोगों को खूली छूट दे रखी है। कॉलेजों का माहौल भी कुछ ऐसा हो चुका है कि हमारी बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। इसे देखते हुए उन्होंने (सज्जाद नोमानी) यह बयान दिया है कि हमारी बच्चियां जब स्कूल और कॉलेज जाती हैं, तो हमें डर सताता रहता है कि वो सुरक्षित हैं या नहीं। आए दिन मदरसों और मस्जिदों में हमले हो रहे हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

    हुजूर की शान में गुस्ताखी करने वाले को दे रहे सुरक्षा

    कौसर हयात खान का कहना है कि जिस यति नरसिंहानंद ने हमारे हुजूर की शान में गुस्ताखी की उसे सरकार सुरक्षा मुहैया करा रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर इस देश में क्या हो रहा है? बता दें कि सज्जाद नोमानी ने कहा था कि मुस्लिम लड़कियों को ज्यादा नहीं पढ़ाना चाहिए। मुस्लिम लड़कियों को किसी भी स्थिति में ज्यादा पढ़ाना उचित नहीं रहेगा। इसी बात को लेकर कौसर हयात अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे।

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    Sun, 13 Oct 2024 12:28:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी क्षति ! भारत के ‘रतन’ ने दुनिया को कहा ‘टाटा’, 86 की उम्र में ली अंतिम सांस, लंबे समय से थे अस्वस्थ https://acntimes.com/Padma-Vibhushan-Ratan-Tata-is-no-more https://acntimes.com/Padma-Vibhushan-Ratan-Tata-is-no-more एसीएन टाइम्स @ मुंबई । पद्म विभूषण उद्योगपति रतन टाटा जी नहीं रहे। भारतीय उद्योग जगत को नई ऊंचइयां देने वाले भारत के ‘रतन’ ने 86 की उम्र में दुनिया को ‘टाटा’ कह दिया। उन्हें अस्वस्थता के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

    जानेमाने उद्योगपति टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा लंबे समय से अवस्थ थे। उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे ICU में भर्ती थे जहां बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 86 साल के थे। बढ़ती उम्र से जुड़ी तकलीफों का कारण उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि उन्होंने 7 तारीख को अपने X हैंडल पर लिखा था कि 'मैं अपनी उम्र और उससे जुड़ी बीमारियों के कारण नियमित मेडिकल जांच करवा रहा हूं। चिंता की कोई बात नहीं है। मेरा मनोबल ऊंचा है।' उन्होंने लोगों और मीडिया से अपील की थी कि वे अफवाहें न फैलाएं। बुधवार को रतन टाटा ने अस्पताल में अंतिम सांस ली।

    1937 में जन्मे थे टाटा

    रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को हुआ था। शुरुआती शिक्षा मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से प्राप्त की थी। इसके बाद अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। 1962 में टाटा समूह में शामिल होने से पहले उन्होंने कुछ समय अमेरिका में भी काम किया था। 1981 में वे टाटा इंडस्ट्रीज के चेयरमैन बने। मार्च 1991 में उनके चाचा जेआरडी टाटा सेवानिवृत्त हुए तो रतन टाटा ने टाटा संस के चेयरमैन का पदभार संभाला। दिसंबर 2012 तक उन्होंने टाटा समूह की अगुवाई की और नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक बनाने वाली कंपनी बना कर समूह को नई बुलंदियों पर पहुंचाया।

    कई बड़ी कंपनियों का किया अधिग्रहण

    रतन टाटा के अपने नेतृत्व में टाटा समूह ने कई बड़ी विदेशी कंपनियों का अधिग्रहण भी किया। इनमें टेटली, जगुआर लैंड रोवर और कोरस जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। उनकी सूझबूझ के चले ही टाटा समूह दुनिया का सबसे बड़ा औद्योगिक समूह बन गया। वे सामाजिक कार्य का पर्याय थे। टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन के रूप में उनके द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में काफी काम हुआ।

    ये पुरस्कार और सम्मान मिले

    भारत के 50वें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2000 को हुए समारोह में रतन टाटा को देश का तीसरा नागरिक अलंकरण पद्म भूषण प्रदान किया गया था। इसके पश्चात 26 जनवरी 2008 को वे दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण से नवाजे गए। इसी साल 14 फरवरी 2008 को उन्हें नैसकॉम ग्लोबल लीडरशिप पुरस्कार दिया गया। इससे पहले 2007 में रतन टाटा ने टाटा परिवार की ओर से परोपकार का कारनैगी पदक भी प्राप्त किया था। मार्च 2006 में टाटा को कॉर्नेल विश्वविद्यालय द्वारा 26वें रॉबर्ट एस. सम्मान से भी सम्मानित हुए थे। फरवरी 2004 में चीन के झोज्यांग प्रांत में हांजो शहर में मानद आर्थिक सलाहकार की उपाधि से स्मानित किए गए थे। 

    विभिन्न पदों पर रहे

    रतन टाटा अपने जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे। इनमें आर्थिक शिक्षा में हैटफील्ड रत्न सदस्य, मित्सुबिशी निगम, अमेरिकन इंटरनेशनल समूह, जेपी मॉर्गन चेज़, बूज़ एलन हैमिल्टन के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड के सदस्य रहे। रैंड निगम, और मातृ संस्था आल्मा मैटर, कॉर्नेल विश्वविद्यालय, दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्विद्यालय के न्यासी मंडल के सदस्य, दक्षिण अफ्रीका गणराज्य की अंतरराष्ट्रीय निवेश परिषद के बोर्ड सदस्य, न्यूयार स्टॉक एक्सचेंज, के एशिया-पैसिफिक सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे। एशिया पैसिफिक पॉलिसी के रैंड केंद्र के सलाहकार बोर्ड, पूर्व-पश्चिम केन्द्र के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स, बिल और मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के भारत एड्स इनिशिएटिव बार्ड के सदस्य रहे। कुछ समय पूर्व लन्दन स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स से मानद डॉक्टरेट की उपाधि हासिल हुई थी। नवम्बर 2007 में फॉर्च्यून पत्रिका ने उन्हें व्यापर क्षेत्र के 25 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था इसी प्रकार मई 2008 में टाइम पत्रिका ने विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया था। उनकी 1 लाख रुपए की नैनो कार के लिए भी काफी प्रशंसा मिली थी। 

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    Thu, 10 Oct 2024 01:09:51 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भोपाल की बंद फैक्ट्री में बन रही थी ‘मौत’, गुजरात व दिल्ली की ATS और NCB ने जब्त की 1814 करोड़ की MDMA ड्रग्स, दो आरोपी गिरफ्तार https://acntimes.com/MDMA-drug-factory-caught-in-bhopal-2-arrested-with-drugs-worth-Rs-1814-crore https://acntimes.com/MDMA-drug-factory-caught-in-bhopal-2-arrested-with-drugs-worth-Rs-1814-crore एसीएन टाइम्स @ भोपाल / दिल्ली । मध्य प्रदेश मादक पदार्थ बनाने और उसके अवैध परिवहन का अड्डा बन गया है। महज दो दिन के भीतर प्रदेश में घतक ड्रग MDMA जब्ती की दो बड़ी कार्रवाई हुई हैं। गुजरात व दिल्ली एटीएस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा प्रदेश की राजधानी में MDMA बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। यहां से लगभग 1814.18 करोड़ रुपए से अधिक का मादक पदार्थ जब्त हुआ है। मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

    गुजरात एटीएस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर शनिवार को भोपाल के बागरोदा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक बंद पड़ी फैक्ट्री में छापेमारी की। इस कार्रवाई से स्थानीय पुलिस को दूर रखा गया। गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी के अनुसार गुजरात एटीएस को सूचना मिली थी कि भोपाल के रहने वाला अमित चतुर्वेदी और नासिक के रहने वाले सान्‍याल प्रकाश बाने ने भोपाल में एक ड्रग्‍स फैक्‍ट्री लगाई है। इसमें ये एमडीएमए ड्रग्‍स बना रहे हैं।

    सूचना सही पाए जाने पर एक टीम बनाई गई जिसकी जानकारी एनसीबी से साझा की गई। इसके आधार पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर भारी मात्रा में एमडीएमए ड्रग के साथ अमित चतुर्वेदी (57) और नासिक निवासी सान्याल प्रकाश बाने (40) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर एमडीएमए के अवैध निर्माण और परिवहन में शामिल हैं। इसकी पुष्टि गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सिंघवी ने भी की है। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में बड़ी जीत के लिए गुजरात एटीएस और एनसीबी, दिल्ली को बधाई दी है।

    907 किलो MDMA हुआ जब्त

    फैक्ट्री से 907 किलो एमडीएमए ड्रग जब्त हुआ। इसका अंतरराष्ट्रीय मूल्य 1814.18 करोड़ रुपए है। इसके साथ ही टीम ने 5000 किलो मेफेड्रोन (एमडीएमए) के उत्पादन के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री भी जब्त हुई है। इसके अलावा ग्राइंडर, मोटर, कांच के फ्लास्क, हीटर और अन्य उपकरण भी मिले हैं। सामग्री आगे की जांच के लिए जब्त की गई है।

    बाहर दवाई का बोर्ड, लाइसेंस फर्टिलाइजर का, बन रहा था नशा

    फैक्ट्री का संचालन करीब 2500 गज के शेड में किया जा रहा था। प्रारंभिक जानकारी में पता चला है यहां रोज करीब 25 किलोग्राम MDMA का निर्माण होता है। यहां बाहर तो दवाई बनाने का बोर्ड लगा मिला जबकि लाइसेंस फर्टिलाइजर्स निर्माण के नाम का बताया जा रहा है। जबकि अंदर बन रहा था घातक नशा। 

    5 साल जेल में रह चुका है सान्याल बाने

    जानकारी के अनुसिर गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि मुंबई की अंबोली थाना पुलिस ने 2017 में आरोपी सान्याल प्रकाश बाने को MDMA के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह 5 साल तक जेल में रहा था। इसी तरह दूसरा आरोपी अमित चतुर्वेदी MDMA ड्रग बनाने का काम करता था। इन्होंने भोपाल में ड्रग बनाने का काम शुरू कर दिया था।

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    Sun, 06 Oct 2024 20:29:23 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सबसे बड़ी कार्रवाई : रतलाम से महाराष्ट्र पहुंच रहा MDMA ड्रग्स !, 3 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ के साथ 4 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, SIT होगी गठित https://acntimes.com/Four-interstate-smugglers-arrested-with-MDMA-worth-Rs-3-crore-in-Ratlam https://acntimes.com/Four-interstate-smugglers-arrested-with-MDMA-worth-Rs-3-crore-in-Ratlam एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ताल थाना पुलिस ने पति-पत्नी सहि 4 अंतरराज्यीय तस्करों को 3 किलो MDMA ड्रग्स और 1 किलो 898 किलोग्राम डोडाचूरा के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थ 3 करोड़ रुपए से अधिक का है। तस्करों द्वारा ड्रग्स रतलाम से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। इतनी जिमें पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में MDMA जब्त किया गया है।

    यह जानकारी एसपी अमित कुमार ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में दी। इस दौरान एएसपी राकेश कुमार खाखा भी मौजूद रहे। एसपी ने बताया कि एनडीपीएस से जुड़े अपराधों पर रोक लगाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए एनडीपीएस हेल्पलाइन शुरू की गई है। इसके बेहतर परिणाम आ रहे हैं। एसपी के अनुसार 03 अक्टूबर 2024 को मुखबिर से अंतरराज्यीय अवैध मादक पदार्थ तस्कर द्वारा अवैध मादक पदार्थ की बड़ी खेप का सप्लाई होने की सूचना मिली थी।

    आईपीएस अमित कुमार ने बताया कि उप निरीक्षक दिनेश राठौड़ एवं पुलिस बल द्वारा नाकाबंद और जांच की गई। इस दौरान खालवाकलां चौकी क्षेत्रांतर्गत नागदा-ताल रोड पर दूधतलाई फंटा यात्री प्रतीक्षालय पर चार संदिग्ध आरोपी नजर आए। तलाशी लेने पर उनके पास अलग-अलग बैग में 03 किलो एमडीएमए ड्रग्स व 01 किलो 898 ग्राम डोडाचूरा जब्त हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3 करोड़ 5 हजार रुपए है। अतः सभी आरोपियों को धारा 8/22, 15 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया।

    ये आरोपी हुए गिरफ्तार

    पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सबा उर्फ फखरुन्निशा पति नदीम शेख (26), मो. नदीम पिता मो. आरिफ शेख (27) दोनों निवासी म. नं. 201 फेस 01 सेक्टर 16 तलोजा थाना मुमरा नवी मुम्बई, सुल्तान एहमद पिता अलीजरार पाशा (27) निवासी म. नं. 401 रसीद कम्पाउंड थाना मुमरा मुम्बई एवं सलमान मोहम्मद पिता इकबाल खान (23) निवासी म. न. 54 गली नम्बर, 01 कुरला थाना कुरला नवी मुम्बई बताए। सभी को अवैध मा। के कब्जे से  जप्त कर आरोपीयो को गिरफ्तार किया गया।

    27 से 30 लाख रुपए मिले थे आरोपियों को

    एसपी ने बताया कि आरोपी मुंबई से रतलाम ट्रेन से आए थे और मादक पदार्थ लेकर वापस मुंबई लौटने वाले थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि उन्हें 27 से 30 लाख रुपए दिए गए थे। हालांकि अभी उनके पास से रुपए जब्त नहीं हुए हैं। अतः यह जांच की जा रही है कि उन्हें रुपए किसके द्वारा और किसे देने के लिए दिए गए थे। वे मादक पदार्थ किससे लेकर किसे देने वाले थे। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 5 दिन का रिमांड मांगा गया है। इनसे पूछताछ में और भी खुलासे होने की उम्मीद है। 

    मुंबई पुलिस से भी किया संपर्क

    एसपी ने बताया कि मामले में मुंबई की लोकल पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस के माध्यम से यह पता किया जा रहा है कि इनका नाम और पता गलत तो नहीं है। इसके साथ ही आरोपियों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी भी प्राप्त की जा रही है। आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में भी पता किया जा रहा है। 

    इन्हें मिलेगा 10 हजार का इनाम

    कार्रवाई में ताल थाना प्रभारी निरीक्षक पतिराम डावरे, खालवाकलां पुलिस चौकी प्रभारी उप निरीक्षक दिनेश राठौड़, सहायक उप निरीक्षक आर. सी. भम्भोरिया, मदनसिंह डोडिया, प्रधान आरक्षक कमल सिंह, आरक्षक विश्वेन्द्र, सोहन परिहार, देवेन्द्र कायस्थ, प्रिया ठाकुर, राहुल पाटीदार, ईश्वर धाकड़, हरिशंकर, सैनिक नेपाल सिंह एवं सायबर सेल रतलाम के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, हिम्मतसिंह, आरक्षक विपुल भावसार, मयंक व्यास का सराहनीय योगदान रहा। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपए इनाम की घोषणा की है।

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    Fri, 04 Oct 2024 20:13:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Solar Eclipse : साल का आखिरी सूर्यग्रहण 02 अक्टूबर को, भारत में नहीं दिखाई देगा, लेकिन राशियों पर क्या होगा असर यह जानने के लिए पढ़ें खबर https://acntimes.com/The-last-solar-eclipse-of-the-year-will-be-on-October-02-it-will-not-be-visible-in-India https://acntimes.com/The-last-solar-eclipse-of-the-year-will-be-on-October-02-it-will-not-be-visible-in-India एसीएन टाइम्स @ डेस्क । इस साल का आखिरी सूर्यग्रहण 2 अक्टूबर को होगा। यह पूर्ण ग्रहण न होकर कंकणाकृति (वलयाकार) होगा। रिंग ऑफ फायर के नाम से जाना जाने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, किंतु इसका विभिन्न राशियों पर प्रभाव अवश्य पड़ेगा।

    भारतीय समयानुसार 02 अक्टूबर को रात 09 बजकर 13 मिनट से ग्रहण शुरू होगा जो रात 03 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इस तरह यह ग्रहण करीब 6 घंटे 3 मिनट का रहेगा। इस साल में दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण लग चुके हैं। 02 अक्टूबर को लगने वाला ग्रहण साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण प्रशांत महासागर, दक्षिणी अमेरिका, अर्जैटीना, फिजी, चिली, इंडोनेशिया सहित अन्य इलाकों में दिखाई देगा। यानी यह भारत में दिखाई नहीं देगा।

    बता दें कि, इससे पहले 26 दिसंबर 2019 को भारत में आखिरी बार सूर्य ग्रहण दिखाई दिया था। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण था जो 5 बजकर 18 मिनट 53 सेकंड पर शुरू हुआ था। यह कुल 3 मिनट 39 सेकंड रहा था। अगला वलयाकार सूर्य ग्रहण भारत में 21 मई 2031 को और पूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मार्च 2034 को देखा जाएगा।

    भारत में हो सकेंगे धार्मिक और शुभ कार्य- अज़हर हाशमी

    ज्योतिषी अज़हर हाशमी के अनुसार सूर्य ग्रहण के 12 घंटे पहले से और इसके समापन तक का समय सूतक काल माना जाता है। इस दौरान शुभ कार्यों की मनाही होती है। मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। चूंकि यह भारत में दृश्य नहीं रहेगा इसलिए इसका सूतक भी भारत व उन इलाकों जहां यह नजर नहीं आएगा, वहां भी मान्य नहीं होगा। अतः इस दौरान भारत में धार्मिक और शुभ कार्य आदि वर्जित नहीं होंगे, और मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं होंगे।

    30 से 45 दिन तक राशियों पर रहेगा प्रभाव

    ज्योतिषी अज़हर हाशमी के अनुसार भले ही साल का आखिरी ग्रहण भारत या कुछ अन्य देशों में नहीं दिखेगा सूर्य का प्रभाव वैश्विक होता है अतः इस ग्रहण का प्रभाव राशियों पर जरूर रहेगा। हाशमी के मुताबिक यह कंकणाकृति या वलयाकार ग्रहण है जिसका प्रभाव 30 से 45 दिन तक रहता है। जबकि खग्रास ग्रहण का 60 से 90 दिन तक और खंडग्रास ग्रहण का 45 से 60 दिन तक प्रभाव पड़ता है। चूंकि सूर्य और चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा अतः इसके आसपास की राशियों के जातकों को 30 से 45 दिन तक सावधानी बरतना होगी।

    राशि और प्रभाव

    मेष, मिथुन, कर्क और वृश्चिक राशि

    इन के लिए यह ग्रहण बहुत अच्छा रहेगा। इन राशियों के जातकों के लिए यह पुरस्कार, धन और यश की प्राप्ति करवा सकता है। इस दौरान रुका हुआ रुपया-पैसा भी मिल सकता है।

    वृषभ, धनु, मकर और कुंभ राशि

    इन राशियों के लिए यह ग्रहण अच्छा रहेगा। इस दौरान इन राशियों के जातकों को पदोन्नति, कार्य विशेष में प्रसिद्धि और धन / भूमि संबंधी लाभ प्राप्त हो सकते हैं।

    सिंह और तुला राशि

    ग्रहण का इन राशियों पर प्रभाव अपेक्षाकृत औसत रहेगा। इन दोनों राशियों के जातकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार धन की पूर्ति होती रहेगी। यदि जातक किसान है तो उसे फसलों से लाभ संभावित है।

    कन्या और मीन राशि

    इन राशियों के जातकों को अगले 30 से 45 दिन तक लापरवाही बरतना नुकसानदेह साबित हो सकता है, खासकर जिनके नाम प, पी, पे, पो, प्र अक्षरों से शुरू होते हैं। ऐसे जातकों को अपनी सेहत का ध्यान रखने के साथ ही वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतनी है।

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    Mon, 30 Sep 2024 17:52:31 +0530 Niraj Kumar Shukla
    खुशखबरी : त्योहार से पहले श्रमिकों को केंद्र सरकार का तोहफा, न्यूनतम मजदूरी की दर में की बढ़ोतरी, जानिए& 1 अक्टूबर से आपको कितनी मजदूरी मिलेगी https://acntimes.com/The-central-government-increased-the-minimum-wage-rates https://acntimes.com/The-central-government-increased-the-minimum-wage-rates एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने त्योहार से पहले ही श्रमिकों को तोहफा दिया है। सरकार ने  श्रमिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सहायता देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी की दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (वीडीए) को संशोधित कर किया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य श्रमिकों को जीवनयापन के लिए बढ़ती लागत का सामना करने में मदद करना है।

    केंद्रीय क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के भीतर भवन निर्माण, माल लादने और उतारने, चौकीदार या प्रहरी, सफाई, शोधन, घर की देख-भाल करने, खनन तथा कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगे श्रमिकों को संशोधित मजदूरी दरों से लाभ होगा। नई वेतन दरें 1 अक्टूबर, 2024 से प्रभावी होंगी। इससे पहले श्रमिक दरों का अंतिम संशोधन अप्रैल, 2024 में किया गया था। न्यूनतम मजदूरी दरों को कौशल स्तरों के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। इसमें श्रमिकों-मजदूरों को अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल एवं अत्यधिक कुशल और साथ ही इन्हें भौगोलिक क्षेत्र - ए, बी तथा सी के आधार पर बांटा जाता है।

    किसे कितनी मजदूरी मिलेगी

    अकुशल कार्य क्षेत्र जैसे निर्माण, सफाई, शोधन, माल लादने और उतारने में श्रमिकों के लिए क्षेत्र "ए" में न्यूनतम मजदूरी दर 783 रुपये प्रति दिन (20,358 रुपये प्रति माह) होगी। अर्ध-कुशल के लिए 868 रुपये प्रति दिन (22,568 रुपये प्रति माह) होगी। इसके अलावा, कुशल कर्मी, लिपिक और बिना हथियार वाले चौकीदार या प्रहरी के लिए प्रतिदिन 954 रुपये (24,804 रुपये प्रति माह) तथा अत्यधिक कुशल और हथियार के साथ चौकीदार या प्रहरी के लिए 1,035 रुपये प्रति दिन (26,910 रुपये प्रति माह) दिए जाएंगे।

    साल में दो बार संशोधित होते हैं परिवर्तनशील महंगाई भत्ते

    केंद्र सरकार औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में छह महीने की औसत वृद्धि के आधार पर साल में दो बार परिवर्तनशील महंगाई भत्ते को संशोधित करती है। यह 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर से प्रभावी होती है। विभिन्न तरह के कार्य, श्रेणियों और क्षेत्र के अनुसार न्यूनतम मजदूरी दरों के संबंध में विस्तृत जानकारी भारत सरकार के मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) की वेबसाइट (clc.gov.in) पर उपलब्ध हैं।

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    Fri, 27 Sep 2024 11:50:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विश्व पर्यटन दिवस विशेष : अतुल्य भारत की अतुल्य रेल है ‘पश्चिम रेलवे’, आइये& इसके माध्यम से करें भारत के विविध पर्यटन स्थलों की सैर https://acntimes.com/On-World-Tourism-Day-visit-the-incredible-tourist-places-of-Incredible-India https://acntimes.com/On-World-Tourism-Day-visit-the-incredible-tourist-places-of-Incredible-India विश्व पर्यटन दिवस 2024 : पूरे विश्व में 27 सितंबर को पर्यटन दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर कहीं लोग पर्यटन स्थल की सैर करेंगे तो कहीं ऐसे स्थलों के संरक्षण की बात होगी। आइये, हम भी इस खास मौके पर अतुल्य रेल ‘पश्चिम रेलवे’ के माध्यम से अतुल्य भारत के अतुल्य पर्यटन स्थलों के बारे में जाने, काल्पनिक सैर भी करें। 

    पश्चिम रेलवे सिर्फ़ परिवहन की जीवनरेखा ही नहीं है, बल्कि यह भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित और विविधतापूर्ण पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार भी है। कच्छ के रण में मौजूद शुष्क नमक के मैदानों से लेकर राजसी मंदिरों और शांत नदी किनारे तक पश्चिम रेलवे यात्रियों को कई तरह के परिदृश्यों, संस्कृतियों और इतिहास से जोड़ती है। पश्चिम रेलवे प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक भव्यता और आध्यात्मिक गहराई का एक अनूठा मिश्रण प्रदान करता है, जो इसे भारत के पर्यटन उद्योग में एक प्रमुख योगदानकर्ता बनाता है। इस विश्व पर्यटन दिवस पर रेलवे देशभर में फैले अपने व्यापक रेल नेटवर्क के माध्यम से इस अविश्वसनीय भूमि के चमत्कारों को देखने के लिए यात्रियों का स्वागत करती है। 

    हम अपनी यात्रा की शुरुआत पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल के सुंदर बिलिमोरा-वघई रेल खंड से करते हैं, जो गुजरात राज्य के डांग क्षेत्र के हरे-भरे जंगलों और आदिवासी गांवों से होकर गुजरने वाली एक नैरो-गेज लाइन के माध्यम से यात्रियों को एक आकर्षक यात्रा पर ले जाता है। यह आकर्षक और कम ज्ञात मार्ग भारत के समृद्ध रेलवे इतिहास की याद दिलाता है और धीमी गति से चलते हुए प्रकृति से जुड़ने और ग्रामीण भारत की शांति का अनुभव की तलाश करने वालों के लिए एकदम सही है। रेलवे ने इस लाइन को एक विरासत अनुभव के रूप में संरक्षित किया है, जो पर्यटकों को समय में पीछे जाने और एक शांतिपूर्ण, अविस्‍मरणीय ट्रेन यात्रा का आनंद लेने का अवसर प्रदान करता है।

    वडोदरा मंडल में जाने पर कोई भी व्यक्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के साथ भारत की वास्तुकला की चमक देख सकता है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। नर्मदा नदी के तट पर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल को यह भव्‍य श्रद्धांजलि न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक भी है। पश्चिम रेलवे इस प्रतिष्ठित स्थल को सीधी रेल कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जिससे देश के सभी कोनों से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। ट्रेन से आने वाले पर्यटक स्मारक की विशालता को देखकर आश्चर्यचकित हो सकते हैं, साथ ही सरदार सरोवर बांध और उसके आसपास की प्राकृतिक सुंदरता की शानदार पृष्ठभूमि की सराहना भी कर सकते हैं। 

    जैसे ही ट्रेन अहमदाबाद मंडल से गुज़रती है, यह विरासत और आश्चर्य से भरी जगहों के दरवाज़े खोलती है। यात्रियों का स्वागत गुजरात के प्राचीन चमत्कारों द्वारा किया जाता है, जहाँ पर्यटक पाटन शहर में सरस्वती नदी के तट पर स्थित रानी की वाव, जटिल नक्काशीदार बावड़ी को देखने का आनंद ले सकते हैं। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है, जो अपनी शानदार वास्तुकला और समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, पाटन स्टेशन से सिर्फ़ 30 किमी दूर स्थित विस्मयकारी मोढेरा सूर्य मंदिर भारत की प्राचीन शिल्पकला और स्थापत्य कला का प्रमाण है। पश्चिम रेलवे द्वारा प्रदान की गई निर्बाध कनेक्टिविटी यह सुनिश्चित करती है कि गुजरात के ये रत्न देश भर के यात्रियों की पहुँच में हों। सर्दियों के मौसम की शुरुआत के साथ, कच्छ के रण का विशाल और सफ़ेद विस्तार रोमांच चाहने वालों को आकर्षित करता है। 

    रतलाम मंडल के दर्शनीय स्थल इतिहास, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सुंदरता को एक साथ जोड़ते हैं। जैसे ही ट्रेन इस क्षेत्र से गुज़रती है, पर्यटकों को क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित महाकालेश्‍वर मंदिर एवं नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के दर्शन होते हैं, जो आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है। सुंदर पातालपानी - कालाकुंड रेल मार्ग, झरनों और घाटियों के लुभावने दृश्यों के साथ, विशेष रूप से मानसून के दौरान जीवंत हो जाता है। पश्चिम रेलवे एक हेरिटेज मीटर गेज ट्रेन चलाता है, जो इस सुंदर वैभव को देखने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ खींचती है। अन्य स्थलों में से एक चित्तौड़गढ़ है, जहाँ प्रतिष्ठित चित्तौड़गढ़ किला इस क्षेत्र की पहचान है। अपनी भव्य वास्तुकला के लिए जाना जाने वाला यह सदियों पुराना किला और इसके अवशेष हमें राजपूतों की वीरता और बहादुरी की याद दिलाते हैं। 

    भावनगर मंडल भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक स्थलों का घर है, जिसमें सोमनाथ मंदिर, पालीताना के जैन मंदिर और महात्मा गांधीजी का जन्मस्थान पोरबंदर शामिल हैं। प्रकृति प्रेमी गीर राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा कर सकते हैं, जो राजसी एशियाई शेरों का घर है, जहाँ जूनागढ़ स्टेशन से पहुँचा जा सकता है, जो गिरनार हिल, उपरकोट किला और जटाशंकर महादेव झरने जैसे ऐतिहासिक स्थलों के लिए रेलवे स्टेशन के रूप में भी काम करता है। राजकोट मंडल में द्वारका का आध्यात्मिक शहर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को अपने मंदिरों, शांत समुद्र तट और समृद्ध संस्कृति की ओर आकर्षित करता है।

    हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय में पर्यटन की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना और यह प्रदर्शित करना है कि यह दुनियाभर में सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक मूल्यों को कैसे प्रभावित करता है। इस वर्ष "पर्यटन और शांति" को थीम के रूप में चुना गया है। यह थीम इस बात पर प्रकाश डालती है कि अंतरराष्ट्रीय सद्भाव, सांस्कृतिक समझ और शांति को बढ़ावा देने में पर्यटन कितना महत्वपूर्ण है। पर्यटन आपसी सम्मान को बढ़ावा देता है और विभिन्न मूल के व्यक्तियों को एकजुट करके संघर्ष को कम करता है।

    पश्चिम रेलवे का विशाल नेटवर्क यात्रियों को भारत के सबसे कीमती स्थलों से जोड़ने में एक अपरिहार्य भूमिका निभाता है, चाहे वह गुजरात का प्राचीन इतिहास हो, मध्य प्रदेश के आध्यात्मिक अभयारण्य हों या समकालीन भारत के आधुनिक चमत्कार हों। इन विविध क्षेत्रों को आसानी से सुलभ बनाकर, पश्चिम रेलवे न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि यात्रा के अनुभव को भी समृद्ध करता है, जिससे आगंतुकों को अपने अच्छी तरह से जुड़े रेलवे के माध्यम से भारत के दिल की खोज करने में मदद मिलती है। 

    विश्व पर्यटन दिवस मनाते हुए आइए हम भारतीय रेल की उस महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करें, जो हमारे देश के अद्भुत पर्यटन लों को हम सभी के करीब लाने में निभाती है।

    (पर्यटन से जुड़ी यह जानकारी और आलेख रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा के माध्यम से प्राप्त हुआ है। इसके लिए एसीएन टाइम्स परिवार पश्चिम रेलवे, रतलाम रेल मंडल और जनसंपर्क अधिकारी मीणा का आभारी है।)

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    Thu, 26 Sep 2024 23:38:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    खबर न्यायपालिका की : देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के 11 न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादला आदेश जारी, राष्ट्रपति ने की नई पदस्थापनाएं, देखें सूची https://acntimes.com/Appointment-and-transfer-of-11-judges-of-various-High-Courts-of-the-countr https://acntimes.com/Appointment-and-transfer-of-11-judges-of-various-High-Courts-of-the-countr एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । देश के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा देश के विभिन्न न्यायालयों के 11 न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादला आदेश जारी किए गए हैं। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार विभिन्न उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश शामिल हैं। 

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    Mon, 23 Sep 2024 16:49:14 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कर्मचारियों की मनेगी धनतेरस ! इस दीपावली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों पर हो सकती है रुपयों की बरसात, 8वें वेतन आयोग की घोषणा जनवरी 2026 तक https://acntimes.com/Central-Government-employees-may-get-a-shower-of-money-before-this-Diwali https://acntimes.com/Central-Government-employees-may-get-a-shower-of-money-before-this-Diwali एसीएन टाइम्स @ डेस्क । केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। इसकी घोषणा सरकार जनवरी 2026 तक कर सकती है। हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों पर रुपयों की बरसात इसी दीपावली पर हो सकती है। सरकार उनका मूल वेतन बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

    केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद काफी बदलाव हुआ है। उनके वेतन में लगातार इजाफा हो रहा है। इस दीपावली के दौरान भी उनके मूल वेतन में बढ़ोतरी की जोरों पर चर्चा है। अभी तक सरकार की ओर से किसी प्रकार की अधिकृत घोषणा के बावजूद बाजार में काफी उत्साह है। इस बीच ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने संभावना जताई है कि नरेंद्र मोदी सरकार जनवरी 2026 तक 8वें वेतन आयोग की घोषणा कर देगी। मीडिया रिपोर्टो के अनुसार मिश्रा ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि जनवरी 2026 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी और उम्मीद है कि सरकार जल्द ही कुछ कदम उठाएगी। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के पेंशन में बढ़ोतरी होगी। इसका फायदा देश के एक करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को होगा।

    2016 में लागू हुआ था 7वां वेतनमान

    सरकारी कर्मचारियों के वेतन में सुधार के लिए सरकार द्वारा हर 10 साल में एक वेतन आयोग का गठन करती है। इसलिए सभी को 8वें वेतन आयोग का इंतजार है। इससे पहले 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था। इस हिसाब से 8वां वेतन आयोग 2026 तक लागू होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यदि कर्मचारी संघ की मांगों को सरकार मानती है तो 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में लगभग दो गुने की वृद्धि होगी। न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए से बढ़ाकर 34,560 रुपए और न्यूनतम पेंशन 17,280 रुपए तक हो सकती है।

    बजट में नहीं हुई कोई घोषणा

    बता दें कि, देशभर के केंद्रीय कर्मचारी मूल वेतन बढ़ाने को लेकर मांग कर रहे हैं। ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन जैसी कर्मचारी यूनियनें भी सरकार से नियमित बातचीत करती रहती हैं और कर्मचारियों की मांगों को उठाती हैं। यूनियनें 8वें वेतन आयोग के गठन और सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार पर दबाव बना रही हैं। इसलिए पहले उम्मीद जताई गई थी कि बजट में इसे माना जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वित्त मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो सरकार फेस्टिव सीजन के मौके पर केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन में बढ़ोतरी का तोहफा दे सकती है।

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    Mon, 23 Sep 2024 14:56:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी जीत : इस मीडियाकर्मी ने दैनिक भास्कर समूह को ला दिया घुटनों पर, जानिए& मजीठिया वेतनमान के लिए संघर्षरत कर्मचारी की सफलता की कहानी https://acntimes.com/This-media-person-brought-Dainik-Bhaskar-group-to-its-knees https://acntimes.com/This-media-person-brought-Dainik-Bhaskar-group-to-its-knees मजीठिया वेज बोर्ड अवॉर्ड की लड़ाई लड़ रहे पत्रकारों / गैर-पत्रकारों के लिए मुंबई से एक अच्छी और बड़ी खबर है। ‘दैनिक भास्कर’ के लिए अपने यहाँ कार्यरत अस्बर्ट गोंजाल्विस नामक मीडिया कर्मचारी को मजीठिया वेज बोर्ड माँगने पर नौकरी से निकालना न केवल भारी पड़ गया, बल्कि अस्बर्ट गोंजाल्विस को नौकरी पर फिर से बहाल करने के साथ-साथ उन्हें फुल बैक वेजेस के रूप में करीब 17 लाख रुपए उनके बैंक अकाउंट में भी डालना पड़ा है!

    खबर के मुताबिक, अप्रैल, 2023 में मुंबई के श्रम न्यायालय ने ‘दैनिक भास्कर’ (डी. बी. कॉर्प लि.) को आदेश दिया था कि उसने अपने जिस कर्मचारी अस्बर्ट गोंजाल्विस को 7 साल पहले नौकरी से निकाल दिया था, वह उसे नौकरी पर पुनः बहाल तो करे ही, साथ ही साथ अस्बर्ट गोंजाल्विस को इस समयावधि का पूरा बकाया वेतन भी अदा करे।

    ज्ञातव्य है कि ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ वही संस्थान है, जो स्वयं को भारत का सबसे बड़ा अखबार समूह बताता है… यह कंपनी हिंदी में ‘दैनिक भास्कर’, गुजराती में ‘दिव्य भास्कर’ और मराठी में ‘दैनिक दिव्य मराठी’ नामक अखबारों का प्रकाशन करती है।

    यह बात और है कि श्रम न्यायालय का आदेश आने के बाद भी अस्बर्ट गोंजाल्विस को अपना पूरा हक पाने के लिए लगभग डेढ़ साल के समय का इंतजार करना पड़ा। जी हां, इस आदेश की प्रति जब मुंबई के श्रम कार्यालय में आई, तब पहले तो कंपनी और कर्मचारी के बीच लगभग आठ महीने तक सुनवाई हुई… कंपनी ने अस्बर्ट गोंजाल्विस को मेल के माध्यम से सूचित किया कि हम आपकी सैलरी तो आगामी मई (2023) महीने से देना शुरू कर देंगे, किंतु एरियर्स देने के मामले में उसका जवाब था कि कैलकुलेशन किया जा रहा है और उसे भी आपको कुछ दिनों में दे देंगे।

    बेशक, अस्बर्ट गोंजाल्विस को सैलरी मिलने भी लगी, लेकिन एरियर्स देने के नाम पर कंपनी लगातार आनाकानी करती रही… कभी समझौते की पहल के बहाने तो कभी बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की बात कह कर ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ ने टाइमपास करना जारी रखा।

    इसके बाद अस्बर्ट गोंजाल्विस की तरफ से लेबर डिपार्टमेंट में उनका पक्ष रख रहे ‘न्यूजपेपर एंप्लॉईज यूनियन ऑफ इंडिया’ (NEU India) के जनरल सेक्रेटरी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने असिस्टेंट लेबर कमिश्नर निलेश देठे से स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपको लेबर कोर्ट का आदेश लागू करवाना है, न कि कंपनी द्वारा टाइमपास करने की योजना में उलझना! इस मामले में यूनियन के उपाध्यक्ष शशिकांत सिंह ने भी अस्बर्ट गोंजाल्विस की तथ्यपूर्ण पैरवी की, तब कहीं जाकर श्री देठे ने 1 फरवरी, 2023 को ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ के विरुद्ध अस्बर्ट गोंजाल्विस का रेवेन्यू रिकवरी सर्टिफिकेट (आरआरसी) जारी करते हुए वसूली के लिए उसे मुंबई उपनगर के जिलाधिकारी के पास भेज दिया।

    चूंकि इस दौरान देश में लोक सभा का आम चुनाव आ गया… संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय का समूचा स्टाफ उसमें व्यस्त हो गया, इसलिए मौके को भुनाने की गरज से ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ प्रबंधन बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गया और वहां उसने लेबर कोर्ट के आदेश को चुनौती दी। लेकिन हाय री किस्मत, ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ को मार्च, 2024 में वहां मुंह की खानी पड़ी… बॉम्बे हाई कोर्ट के माननीय जज अमित बोरकर ने लेबर कोर्ट के आदेश को न सिर्फ पूरी तरह सही माना, बल्कि ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ की रिट पिटीशन (3145/2024) को सिरे से ख़ारिज भी कर दिया! इस दौरान संबंधित कंपनी का पक्ष आर. वी. परांजपे और टी. आर. यादव ने रखा, जबकि अस्बर्ट गोंजाल्विस की वकालत विनोद संजीव शेट्टी ने की।

    अपने आदेश में विद्वान न्यायाधीश अमित बोरकर ने कहा कि प्रतिवादी (अस्बर्ट गोंजाल्विस) की बर्खास्तगी से पहले न तो उससे कोई पूछताछ की गई और न ही वादी द्वारा उसकी बर्खास्तगी को उचित ठहराने के लिए लेबर कोर्ट के समक्ष कोई ठोस सबूत ही प्रस्तुत किया गया… अदालत ने पाया कि कंपनी की एचआर मैनेजर सुश्री अक्षता करंगुटकर ने प्रतिवादी पर यह कहते हुए इस्तीफा देने का दबाव बनाया कि उसकी परफार्मेंस कमजोर है, लेकिन सिस्टम इंजीनियर अस्बर्ट गोंजाल्विस ने इस्तीफा नहीं दिया तो 31 अगस्त, 2016 को उसकी सेवा समाप्त कर दी गई… यही नहीं, 1 सितंबर, 2016 को अस्बर्ट के दफ्तर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध भी लगा दिया गया।

    इसलिए प्रतिवादी ने लेबर डिपार्टमेंट से होते हुए लेबर कोर्ट का रुख किया और नौकरी पर अपनी पुनः बहाली के लिए वहां प्रार्थना करते हुए अदालत को अवगत कराया कि उसकी सेवा-समाप्ति अवैध है… यह कानून की उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया है, इसलिए सेवा बहाली सहित उसको 1 सितंबर, 2016 से पूर्ण बकाया वेतन भी मिलना चाहिए। अदालत ने याचिकाकर्ता के इस आरोप को मानने से इनकार कर दिया कि नोटिस पीरियड में प्रतिवादी ठीक से काम करने में विफल रहा अथवा उसने अनुमति के बिना छुट्टी का लाभ उठाया या फिर कई चेतावनियों के बावजूद उसके रवैए में कोई सुधार नहीं हुआ!

    यहां बताना आवश्यक है कि अस्बर्ट गोंजाल्विस को नौकरी से अचानक तब निकाल दिया गया था, जब उन्होंने ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ से भारत सरकार द्वारा अधिसूचित मजीठिया अवॉर्ड की मांग की थी। खैर, बॉम्बे हाई कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई के दौरान कंपनी का प्रयास था कि अस्बर्ट गोंजाल्विस को नौकरी पर पुनः रखने का आदेश ख़ारिज कर दिया जाए, परंतु बॉम्बे हाई कोर्ट ने प्रतिवादी के शपथ-पत्र में किए गए दावे के आधार पर कंपनी के वकील की मांग सिरे से ख़ारिज कर दी, जैसे- प्रतिवादी ने नौकरी ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कलंकपूर्ण सेवा-समाप्ति के कारण उसे कहीं नौकरी नहीं मिली। इसलिए लेबर कोर्ट का यह आदेश उचित है कि कंपनी में साढ़े आठ साल तक की नौकरी कर चुके प्रतिवादी को बहाल करने सहित उसे उसका पिछला पूरा बकाया मिलना ही चाहिए। इतना ही नहीं, माननीय जज अमित बोरकर ने पर्याप्त कानून न होने का हवाला देते हुए एरियर्स की राशि में संशोधन (कमी) करने से भी इनकार कर दिया… और अपने आदेश की अंतिम पंक्तियों में माननीय हाई कोर्ट ने कहा- ‘लेबर कोर्ट द्वारा दर्ज किए गए निष्कर्षों में कोई विकृति नहीं है, इसलिए याचिका में कोई दम नहीं है… रिट याचिका खारिज की जाती है।’

    इसके बाद धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश की प्रति जब मुंबई (उपनगर) जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करवाई, तब कहीं मामले में तेजी आई… यहां से आरआरसी के संदर्भ में तहसीलदार (अंधेरी) को आदेश हुआ, फिर तहसीलदार ने तलाठी (सांताक्रुज) को निर्देशित किया कि बकाएदार कंपनी को नोटिस देकर उसे आगे की कार्यवाही से अवगत कराया जाए। आखिर ‘डी. बी. कॉर्प लि.’ के प्रबंधन को एक बात अच्छी तरह समझ में आ गई कि अब बचने का कोई रास्ता नहीं है… सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद कहीं मजीठिया अवॉर्ड को लेकर उस पर अवमानना का मामला न बन जाए, अत: कंपनी ने पिछले महीने की 25 तारीख को तहसीलदार कार्यालय में 16,90,802/- की डीडी जमा करवा दी!

    वैसे डीडी की यह धनराशि अस्बर्ट गोंजाल्विस के अकाउंट में तुरंत आ गई हो, ऐसा भी नहीं था… अस्बर्ट बताते हैं- ‘इसके लिए हमारी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने बहुत भागदौड़ की। यह धर्मेन्द्र जी ही थे, जिन्होंने लेबर आफिस में मेरा मजबूती से पक्ष रखा तो जिलाधिकारी, तहसीलदार और तलाठी तक से लगातार टच में रहते हुए मुझे रोजाना अपडेट दे रहे थे। इसीलिए अभी 23 अगस्त को फुल बैक वेजेस का मेरा अमाउंट जब मेरे अकाउंट में क्रेडिट हुआ, तब सबसे पहले मैंने उन्हीं को फोन करके आभार व्यक्त किया!’ बहरहाल, माननीय न्यायालय के माध्यम से अस्बर्ट गोंजाल्विस को मिले इस न्याय को लेकर भारत के समस्त मजीठिया क्रांतिकारियों में उत्साह की लहर है !

    (भड़ास फॉर मीडिया डॉट कॉम की फेसबुक वॉल से पत्रकार और मजीठिया क्रांतिकारी शशिकांत सिंह की रिपोर्ट ज्यों कि त्यों साभार)

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    Sun, 25 Aug 2024 12:18:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा निर्णय : PM नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल ने दी एकीकृत पेंशन योजना को मंजूरी, जानिए& कौन&कौन से हैं प्रावधान https://acntimes.com/Integrated-Pension-Scheme-approved-by-PM-Narendra-Modi-Cabinet https://acntimes.com/Integrated-Pension-Scheme-approved-by-PM-Narendra-Modi-Cabinet एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बड़ा निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को मंजूरी दे दी है। इससे सेवानिवृत्त होने वाले और कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी। 

    एकीकृत पेंशन योजना की मुख्य विशेषताएं 

    सुनिश्चित पेंशन : 25 वर्ष की न्यूनतम अर्हक सेवा के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत देय होगा। यह वेतन न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि तक कम सेवा अवधि के लिए आनुपातिक होगा। 

    सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन : कर्मचारी की मृत्यु से ठीक पहले उसकी पेंशन का 60 प्रतिशत प्राप्त होगा। 

    सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन : न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपए प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। 

    महंगाई सूचकांक : सुनिश्चित पेंशन पर, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन पर और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन पर गणना की जाएगी। 

    औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीई-आईडब्ल्यू) के आधार पर महंगाई राहत प्राप्त होगी। सेवा कर्मचारियों के मामले में सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त भुगतान किया जाएगा। ग्रेच्युटी के अतिरिक्त, सेवानिवृत्ति की तिथि पर मासिक परिलब्धियों (वेतन + डीए) का 1/10वां हिस्सा, सेवा के प्रत्येक पूर्ण छह महीने के लिए दी जाएगी। इस भुगतान से सुनिश्चित पेंशन की मात्रा कम नहीं होगी।

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    Sat, 24 Aug 2024 22:58:54 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भगवान से प्रार्थना : ‘मुझको राम वाला हिन्दुस्तान चाहिए…’ के रचयिता अज़हर हाशमी जल्दी स्वस्थ हों, वे फिर से अपनी सृजन&यात्रा आरम्भ करें& डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला https://acntimes.com/May-Azhar-Hashmi-get-well-soon-and-resume-his-creative-journey-Dr-Muralidhar-Chandnivala https://acntimes.com/May-Azhar-Hashmi-get-well-soon-and-resume-his-creative-journey-Dr-Muralidhar-Chandnivala डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला

    'मुझको राम वाला हिन्दुस्तान चाहिए' और 'बेटियाँ पावन दुआएँ हैं' जैसे अमर गीतों के रचनाकार अज़हर हाशमी जी इन दिनों अस्वस्थ चल रहे हैं। वे एक निजी अस्पताल 'आरोग्यम्' में स्वास्थ्य-लाभ ले रहे हैं।

    रतलाम जैसा छोटा शहर भारत भर में हाशमी जी के कारण ही पहचान में आया। हाशमी जी मूलतः तो राजस्थान के झालावाड़ जिले के ग्राम पिड़ावा के हैं, लेकिन वे स्कूली और उच्च शिक्षा के बाद पूरी तरह से रतलाम में ही रच-बस गये। उनकी परवरिश एक सूफी संत के परिवार में हुई, जिसका परिणाम यह है कि हाशमी जी सूफी कवि हैं, सूफी लेखक हैं। उनके विचारों के शिल्प में गीता और कुरान के जोड़ साफ-साफ दिखाई देते हैं। हाशमी जी जितने अधिकार से गीता पर व्याख्यान देते रहे, उतने ही अधिकार से कुरान शरीफ पर।

    अज़हर हाशमी ने बहुत लम्बी-लम्बी कविताएँ या गद्य नहीं लिखा। उन्होंने आजीवन छुटपुट ही लिखा, लेकिन खूब जमकर लिखा। उनकी कविताएं पाठ्यपुस्तकों में हैं, पढ़ाई जाती हैं। उनके लेख, टिप्पणियाँ, वैचारिक स्तंभ जब भी पत्र-पत्रिकाओं में आते हैं, धूम मच जाती है। वे बहुत निर्भीक होकर लिखने वाले साहित्यकारों में गिने जाते हैं। वे सफल गीतकार हैं, सफल व्यंग्यकार हैं, सफल वक्ता हैं, लेकिन एक अलग विशेषता, जो उनके नाम पर दर्ज है, वह है उनका एक योग्य शिक्षक होना। उनके जितने भी शिष्य हैं, वे हाशमी जी को गुरुवर के रूप में ही पूजते हैं। उनके विद्यार्थी जहाँ भी हैं, अपने गुरु के प्रति सहज श्रद्धा भाव से भरे हैं। मैंने देखा है, उनसे बहुत अधिक उम्र के नेता और अधिकारी, शिक्षक और छात्र, कवि और लेखक हाशमी जी के आगे शीश झुकाते हैं। मैं भी उनमें से एक हूँ।

    अज़हर हाशमी जी सर्वथा एक मौलिक व्यक्तित्व के धनी हैं। वे सबसे अलग, सबसे निराले हैं। अपने व्याख्यान में वे साधिकार मौलिक स्थापनाएँ करते हैं। व्याख्यान देते वक्त वे एक-एक श्रोता को अपने साथ जोड़ने की कला में माहिर हैं। वे सबको ऊँचा उठा देने वाले ऐसे आचार्य हैं, जिस पर गर्व करने वालों की संख्या का अनुमान लगाना कठिन है। हाशमी जी के साहित्यिक रिश्ते देशभर में कहाँ-कहाँ, किस-किस से जुड़े हैं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है।

    रतलाम में वे जहाँ रहते हैं, वह एक बहुत ही छोटा सा घर है, मुश्किल से दो कमरों का। उनका घर किताबों का घर हैं। सच कहा जाये, तो वे अपने घर में नहीं, किताबों के घर में रहते हैं। किताबों से घिरा रहने वाला यह शख्स आगन्तुकों की दिल से अगवानी करता है। हाशमी जी ने विवाह नहीं किया, अकेले हैं, लेकिन कितने-कितने परिवारों को रस से सींचा है उन्होंने, यह कौन नहीं जानता। उनके घर आकर कोई भी आज तक खाली हाथ नहीं गया। वे अपने शिष्यों पर दोनों हाथों से लुटाने वाले अनोखे गुरु हैं। मैं जब भी गया, कम से कम एक पेन तो उपहार में लेकर ही लौटा, साथ में और भी बहुत कुछ। उनके घर आने वाले की बिदाई भी खास अंदाज में होती है। हाशमी जी द्वार से बाहर सड़क तक चले आते हैं अपने आशीषों से लबरेज करते हुए।

    हाशमी जी के पास कार नहीं है। बरसों तक वे अपनी छोटी सी लूना पर चलते रहे, लेकिन अपने परिचितों को आकाश में उड़ते हुए देखना चाहते रहे। घर-संसार नहीं फैलाया, लेकिन जन-जीवन से भरे हुए संसार को इज्जत दी, उसे प्रेम से सींचा। वे ज्योतिष के अच्छे जानकार हैं, कुछ मंत्रसिद्धियाँ भी हैं उनके पास, जिनका उपयोग वे सबकी भलाई के लिये करते देखे गये हैं। हाशमी जी अपने पास कुछ भी नहीं रखते। उनके पास जो कुछ भी है, सब न्यौछावर करने के लिये हैं।

    हाशमी जी महाविद्यालय में राजनीतिशास्त्र के प्रोफेसर रहे। कई युवाओं के जीवन की दिशा बदली है उन्होंने। जिन युवाओं की पीठ पर हाशमी जी का हाथ है, वे स्वयं को अपराजेय मानते हैं। हाँ, हाशमी जी बहिर्मुखी हैं, अत्यंत लोकप्रिय हैं, सबको अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं, मिलने के लिये हाथ आगे बढ़ाते हैं। ये सब वे गुण हैं, जो हाशमी जी ने अर्जित किये हैं।

    हाशमी जी जल्दी ही स्वस्थ हों, वे फिर से अपनी सृजन-यात्रा आरम्भ करें। भगवान् से हमारी यही प्रार्थना।

    (साहित्यकार और चारों वेदों के अनुवादक डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला की फेसबुक वॉल से साभार)

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    Thu, 04 Jul 2024 15:18:02 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पुण्यतिथि (4 जुलाई) विशेष : सकारात्मक शक्ति का प्रकाशपुंज स्वामी विवेकानंद जी& श्वेता नागर https://acntimes.com/Swami-Vivekananda-Ji-the-beacon-of-positive-energy-Shweta-Nagar https://acntimes.com/Swami-Vivekananda-Ji-the-beacon-of-positive-energy-Shweta-Nagar श्वेता नागर

    ‘आत्मविश्वास, आत्मविश्वास…! जो अपने आप में विश्वास नहीं करता वह नास्तिक है। पुराना धर्म कहता है, जो ईश्वर में विश्वास नहीं करता वह नास्तिक है परंतु नया धर्म कह रहा है नास्तिक वह है जो स्वयं में विश्वास नहीं करता।’

    इन्हीं शब्दों की सकारात्मक ऊर्जा से भारत और विश्व के युवा वर्ग की निराशा / आत्मग्लानि के अंधकार को दूर करने वाले ‘आत्मविश्वास का सूर्य’ हैं स्वामी विवेकानंद जी। 'स्वाभिमान युक्त भारत' की संकल्पना स्वामी विवेकानंद ने की थी जिसे गर्व हो अपनी संस्कृति पर, गर्व हो अपने धर्म पर और गर्व हो अपने पूर्वजों पर। ऐसे ही एक प्रसंग पर जब उनसे पूछा गया था कि क्या आपकी इच्छा ऐसी है कि भारत जापान के समान हो जाए? तब उनका उत्तर था, ‘नहीं, कभी नहीं। भारत तो भारत ही रहेगा। जैसे संगीत में एक मुख्य स्वर होता है और अन्य स्वर उसके अनुगत होते हैं वैसे ही प्रत्येक जाति का एक मुख्य भाव होता है।’ अर्थात् स्वामी विवेकानंद कदापि नहीं चाहते थे कि भारत अपनी मौलिक पहचान को खोकर पाश्चात्य की नकल करे।

    ‘धर्म’ शब्द की व्याख्या स्वामी विवेकानंद ने संकीर्ण अर्थों में नहीं की है। उनके लिए धर्म-सम्प्रदायों में बंटा या भिन्न-भिन्न नामों में बंटा धर्म नहीं है। धर्म उनके लिए उस आदर्श संहिता का नाम है जो मानव मन और हृदय का उन्नयन करे, जहाँ मानव का मानव के दुःख / पीड़ा / वेदना को अनुभव करने की शक्ति हो यानी हृदय की अनुभव शक्ति। स्वयं विवेकानंद जी के शब्दों में, ‘क्या तुम हृदय से अनुभव करते हो कि देव और ऋषियों की करोड़ों संतानें आज पशु तुल्य हो गई हैं? क्या तुम हृदय से अनुभव करते हो कि लाखों आदमी आज भूखों मर रहे हैं? और लाखों लोग शताब्दियों से इसी तरह भूखों मरते आ रहे हैं? क्या तुम यह सब सोचकर बेचैन हो जाते हो? क्या इस भावना ने तुम्हें निद्राहीन कर दिया है? क्या यह भावना तुम्हारे रक्त में मिलकर तुम्हारी धमनियों में बहती है? क्या ये तुम्हारे हृदय के स्पंदन में मिल गयी है? क्या इसने तुम्हें पागल-सा बना दिया है? यदि हाँ, तो तुम देशभक्ति की पहली सीढ़ी पर हो। देशभक्ति को विवेकानंद जी ने धर्म के सर्वोच्च शिखर पर रखा।

    आज इस दौर में फिर विवेकानंद जी के विचार प्रासंगिक हो जाते हैं जब हम निरंतर प्रगतिशील भारत या राष्ट्र के विकास की बात करते हैं तब हम विकास और धर्म को दो अलग-अलग ध्रुव बतलाते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। यदि हम विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें तब हम समझ जाएंगे कि धर्म का उद्देश्य व्यक्ति और राष्ट्र का विकास करना ही है। धर्मविहीन राष्ट्र का विकास केवल अंधकार में दौड़ लगाने के समान है जहाँ भटकाव है। धर्म कभी विकास में बाधक नहीं है बशर्त है धर्म की सही, सटीक और उदार व्याख्या हो, न कि संकीर्ण। धर्म केवल उच्चारण का विषय नहीं अपितु आचरण का विषय हो तब आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण होता है। विवेकानंद जी के लिए धर्म यानी आत्मविश्वास, सदाचार, संवेदनशीलता, उदारता, कर्मनिष्ठा, सहयोग और विश्व के जन-जन में सकारात्मक विचारों का संचार करना ही जिसका लक्ष्य हो।

    स्वामी विवेकानंद के घनिष्ठ मित्र ने स्वामी जी के सकारात्मक व्यक्तित्व का वर्णन कुछ इस तरह किया है– ‘इस जीवन के घोर संग्राम में जब मैं क्षत-विक्षत होकर गिर पड़ता हूँ, अवसाद में आकर हृदय को आच्छन्न कर लेता हूँ तब मैं तुम्हारे द्वारा प्रदर्शित आदर्श की ओर देखता हूँ तो मेरा सारा विषाद चला जाता है और न जाने कहाँ से एक दिव्य आलोक और दिव्य शक्ति आकर मेरे मन, प्राण को परिपूर्ण कर देती है।’

    श्वेता नागर

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    Thu, 04 Jul 2024 08:12:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ED की बड़ी कार्रवाई : रतलाम, इंदौर, मंदसौर व अकोला स्थित नारायण निर्यात प्राइवेट इंडिया लिमिटेड की 26.53 करोड़ की अचल संपत्ति कुर्क, बैंक से धोखाधड़ी का मामला https://acntimes.com/ED-attaches-immovable-properties-of-Narayan-Niryat-Pvt-India-Ltd-in-MP-and-Maharashtra https://acntimes.com/ED-attaches-immovable-properties-of-Narayan-Niryat-Pvt-India-Ltd-in-MP-and-Maharashtra एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल ने मेसर्स नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के प्रावधानों के तहत 26.53 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अनंतिम रूप से कुर्क की हैं। इसमें मध्यप्रदेश के रतलाम, इंदौर, मंदसौर और महाराष्ट्र के अकोला जिले की 34 संपत्तियां शामिल बताई जा रही हैं। फर्म पर फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है।

    ईडी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार सीबीआई, एसी-IV, व्यापमं भोपाल द्वारा मेसर्स नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर आरोप-पत्र दायर किया गया था। इसके आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है। ईडी की जांच में पता चला कि मेसर्स नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एनएनआईपीएल) ने अपने निदेशक कैलाश चंद्र गर्ग और अन्य के माध्यम से 26.53 करोड़ रुपए की विभिन्न ऋण सुविधाओं का लाभ उठाया था।

    यूको बैंक के नेतृत्व वाली बैंकों से जुड़ा है मामला

    यूको बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम से सोया डी-ऑइल केक की खरीद और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसके निर्यात के उद्देश्य से लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) और एक्सपोर्ट पैकिंग क्रेडिट (ईपीसी) के रूप में 110.50 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। वर्ष 2012 में 54.96 करोड़ रुपए की राशि के एलसी हस्तांतरित कर दिए गए और 54.92 करोड़ रुपए की राशि के ईपीसी मेसर्स नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खाते में बकाया थे, जिसके परिणामस्वरूप 113.51 करोड़ रुपए (ब्याज सहित) की ऋण राशि एनपीए हो गई।

    जिस काम के लिए ऋण उसमें नहीं किया उपयोग

    हालांकि, जांच से पता चला कि कंपनी ने उस उद्देश्य के लिए फंड का उपयोग नहीं किया जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई थी और बैंकों के कंसोर्टियम से ऋण प्राप्त करने के लिए फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए। कंपनी ने उक्त बैंकों के साथ धोखाधड़ी की और एलसी/ईपीसी के माध्यम से प्राप्त राशि को विभिन्न सहयोगी / सहयोगी कंपनियों जैसे पद्मावती ट्रेडिंग कंपनी, मंदसौर सेल्स कॉर्पोरेशन, रामकृष्ण सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड और धुलतावाला एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड को बिना किसी माल का लेन-देन किए हस्तांतरित कर दिया। इस प्रकार मेसर्स नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने बैंक के साथ 113.51 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की और बैंकों के संघ को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया।

    डायवर्टेट लोन मप्र व महाराष्ट्र की इन कंपनियों में हुआ उपयोग

    इसके अलावा ईडी की जांच से पता चला है कि डायवर्टेड लोन राशि का इस्तेमाल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में ग्रुप कंपनियों मेसर्स मेडारिया मेडिकल टूरिज्म प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स मेपल ओवरसीज ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स वर्धमान सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम पर अचल संपत्तियों की खरीद के लिए किया गया था। जांच के दौरान मेसर्स नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ग्रुप कंपनियों के नाम पर मध्य प्रदेश के इंदौर, रतलाम और मंदसौर और महाराष्ट्र के अकोला जिले में कुल 34 संपत्तियों की पहचान की गई। पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया, जिसमें 26.53 करोड़ रुपए की इन संपत्तियों को कुर्क किया गया। मामले में अभी भी जांच जारी है।

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    Sat, 29 Jun 2024 08:38:44 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने किया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मीडिया पुरस्कार & 2024 के तीसरे संस्करण का ऐलान, 23 भाषाओं में दिए जाएंगे 33 पुरस्कार, आखिरी तारीख 8 जुलाई https://acntimes.com/Last-date-for-submission-of-nominations-for-International-Yoga-Day-Media-Awards--2024-is-8th-July https://acntimes.com/Last-date-for-submission-of-nominations-for-International-Yoga-Day-Media-Awards--2024-is-8th-July एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मीडिया सम्मान - 2024 के तीसरे संस्करण का ऐलान कर दिया है। भारत और विदेशों में योग के संदेश को फैलाने में मीडिया की सकारात्मक भूमिका और जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए मंत्रालय ने जून 2019 में पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मीडिया सम्मान (एवाईडीएमएस) शुरू किया था। इसके तहत विशेष पदक / पट्टिका / ट्रॉफी और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा।

    हर साल 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, दुनिया भर में स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए एक जन आंदोलन का अलग जगाया है। शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए इसके समग्र दृष्टिकोण ने महत्वपूर्ण रुचि पैदा की है, जिससे यह एक वैश्विक आयोजन बन गया है। भारत और विदेश दोनों में योग के संदेश को बढ़ाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए, इस प्राचीन परंपरा और इसके कई लाभों को बढ़ावा देने में मीडिया की अपार शक्ति और जिम्मेदारी को मान्यता प्रदान करना महत्वपूर्ण है। 

    एवाईडीएमएस अनुशंसा और दिशा-निर्देश

    इस सम्मान में एक विशेष पदक / पट्टिका / ट्रॉफी और एक प्रशस्ति-पत्र शामिल है। इसे एक स्वतंत्र जूरी द्वारा अनुशंसित किया जाता है। यह पुरस्कार प्रिंट मीडिया, रेडियो और टेलीविजन से जुड़े सभी मीडिया घरानों/कंपनियों के लिए खुले हैं, जिनके पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से पंजीकरण / अनुमति है।

    दिशा-निर्देशों के अनुसार, मीडिया हाउस 12 जून, 2024 से 25 जून, 2024 की अवधि के दौरान बनाए गए और प्रकाशित लेखों या प्रसारित / ऑडियो / विजुअल सामग्री की संबंधित क्लिपिंग के साथ एक निर्धारित प्रारूप में नामांकन का विवरण प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रविष्टियों की आखिरी तारीख 8 जुलाई, 2024 है। विस्तृत दिशानिर्देश पत्र सूचना कार्यालय (https://pib.gov.in/indexd.aspx) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (https://mib.gov.in/sites/default/files/AYDMS%20Guidelines%202024_0.pdf) की वेबसाइटों पर देखे जा सकते हैं। 

    एवाईडीएमएस दूसरा आयोजन – 2023

    पहली बार 7 जनवरी, 2020 को पुरस्कार प्रदान प्रदान किए गए थे। एवाईडीएमएस का दूसरा आयोजन – 2023 के लिए सम्मान अभी तक प्रदान नहीं किए गए हैं। पिछले वर्ष के एवाईडीएमएस (द्वितीय आयोजन) के विजेताओं को भी इस वर्ष के एवाईडीएमएस (तृतीय आयोजन) के विजेताओं के साथ-साथ सम्मान प्रदान किया जाएगा।

    23 भाषाओं में दिए जाएंगे 33 सम्मान

    अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मीडिया सम्मान - 2024 के तहत 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में तीन श्रेणियों अर्थात प्रिंट, टेलीविजन और रेडियो के तहत 33 सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

    1. 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में 11 सम्मान - “अखबारों में योग पर सर्वश्रेष्ठ मीडिया कवरेज” श्रेणी के तहत प्रदान किए जाएंगे।
    2. 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में 11 सम्मान – “इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टीवी) में योग पर सर्वश्रेष्ठ मीडिया कवरेज” श्रेणी के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे।
    3. 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में 11 सम्मान – “इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (रेडियो) में योग पर सर्वश्रेष्ठ मीडिया कवरेज” श्रेणी के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे।
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    Wed, 12 Jun 2024 13:40:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    PM  नरेंद्र मोदी की अपील : समर्थक और स्नेहीजन सोशल मीडिया पर अपने नाम से हटाएं 'Modi Ka Parivar', इसकी यह बताई वजह https://acntimes.com/PM-Modi-appeals-to-people-to-remove-Modi-ka-Parivar-from-their-names-on-social-media https://acntimes.com/PM-Modi-appeals-to-people-to-remove-Modi-ka-Parivar-from-their-names-on-social-media एसीएन टाइम्स @ डेस्क । तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी ने अपने समर्थकों और चाहने वालों से बड़ी अपील की है। मोदी ने लोगों से अपील की है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने नाम के साथ 'Modi Ka Parivar' लिखा है, उसे अब हटा लें। उन्होंने इसकी वजह भी बताई है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने X हैंडल एक अपील पोस्ट की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि- चुनाव प्रचार के दौरान पूरे भारत में लोगों ने मेरे प्रति स्नेह जताने के लिए अपने सोशल मीडिया पर 'मोदी का परिवार' (Modi Ka Parivar) जोड़ा। इससे मुझे बहुत ताकत मिली। भारत के लोगों ने एनडीए को लगातार तीसरी बार बहुमत दिया है, जो एक तरह से रिकॉर्ड है, और हमें अपने देश की बेहतरी के लिए काम करते रहने का जनादेश दिया है।

    मोदी ने आगे लिखा है कि- हम सब एक परिवार हैं, का संदेश प्रभावी ढंग से पहुँचाने के बाद, मैं एक बार फिर भारत के लोगों को धन्यवाद देना चाहूँगा और अनुरोध करूँगा कि आप अब अपने सोशल मीडिया प्रॉपर्टीज़ से 'मोदी का परिवार' हटा दें। डिस्प्ले नाम बदल सकता है, लेकिन भारत की प्रगति के लिए प्रयास करने वाले एक परिवार के रूप में हमारा बंधन मजबूत और अटूट बना रहेगा।

    अनकहा अभियान बन गया ‘Modi Ka Parivar’

    बता दें कि, भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ ही आमजन ने भी अपने-अपने सोशल मीडिया एकाउंट में अपने-अपने नाम के साथ 'Modi Ka Parivar' जोड़ लिया था। यह अनकहा अभियान बन गया था। अब चूंकि मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं तो उनका मानना है कि उनका परिवार पूरा देश ही है। माना जा रहा है कि लोगों द्वारा नाम के आगे 'Modi Ka Parivar' नहीं लिखने वाले भी उन्हीं का परिवार है।

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    Tue, 11 Jun 2024 23:47:43 +0530 Niraj Kumar Shukla
    CBI की बड़ी कार्रवाई : NHAI का GM और प्रोजेक्ट डायरेक्टर निजी कंपनी के कर्मचारियों से 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार; 6 अन्य भी हत्थे चढ़े https://acntimes.com/CBI-caught-NHAI-GM-and-Project-Director-taking-bribe-6-others-also-arrested https://acntimes.com/CBI-caught-NHAI-GM-and-Project-Director-taking-bribe-6-others-also-arrested एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारियों ने निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उसके आरोपी कर्मचारियों से रिश्वत लेते हैं। मामले में NHAI के एक सलाहकार, रेजिडेंट इंजीनियर, निजी कंपनी के चार कर्मचारियों सहित 6 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

    जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार के आरोप सीबीआई के हत्थे चढ़े आरोपी मध्य प्रदेश के छतरपुर के महाप्रबंधक और परियोजना निदेशक (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) हैं। सीबीआई ने 08 जून 2024 को 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इनमें 7 गिरफ्तार आरोपी और निजी कंपनी तथा उसके दो निदेशक शामिल थे।

    आरोप है कि उक्त निजी कंपनी के दो निदेशकों ने अपने आरोपी कर्मचारियों के साथ मिलकर एनएचएआई द्वारा उक्त निजी कंपनी को दिए गए झांसी-खजुराहो परियोजना के संबंध में अंतिम हस्तांतरण प्राप्त करने, अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने और अंतिम बिल की प्रक्रिया के लिए आरोपी एनएचएआई अधिकारियों को अनुचित लाभ देकर अनुचित लाभ प्राप्त किया है।

    MP और UP में जारी है सर्चिंग, डिजिटल उपकरण व दस्तावेज बरामद

    इन्हें पकड़ने के लिए सीबीआई ने जाल बिछाया और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) छतरपुर, मध्य प्रदेश के महाप्रबंधक और परियोजना निदेशक को निजी कंपनी के कर्मचारियों से 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई द्वारा मध्य प्रदेश के छतरपुर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा और गुरुग्राम जैसे विभिन्न स्थानों पर आरोपी व्यक्तियों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है। डिजिटल उपकरणों सहित आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को भोपाल में एलडी क्षेत्राधिकार न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

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    Mon, 10 Jun 2024 02:23:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
    हिंदी पत्रकारिता दिवस (30 मई) पर विशेष… मीडिया : दरकते भरोसे को बचाएं कैसे& . (डॉ.) संजय द्विवेदी https://acntimes.com/Special-article-by-former-director-of-IIMC-Prof-Dr-Sanjay-Dwivedi-on-Hindi-Journalism-Day-30-May https://acntimes.com/Special-article-by-former-director-of-IIMC-Prof-Dr-Sanjay-Dwivedi-on-Hindi-Journalism-Day-30-May प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी

    हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाते समय हम सवालों से घिरे हैं और जवाब नदारद हैं। पं. जुगुलकिशोर शुकुल ने जब 30 मई ,1826 को कोलकाता से उदंत मार्तण्ड की शुरुआत की तो अपने प्रथम संपादकीय में अपनी पत्रकारिता का उद्देश्य लिखते हुए शीर्षक दिया - 'हिंदुस्तानियों के हित के हेत'। यही हमारी पत्रकारिता का मूल्य हमारे पुरखों ने तय किया था। आखिर क्यों हम पर इन दिनों सवालिया निशान लग रहे हैं। हम भटके हैं या समाज बदल गया है?

    कुछ  दिनों पहले दिनों, देश के एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी दैनिक द्वारा आयोजित एक सम्‍मान समारोह में मुख्‍य न्‍यायाधीश श्री डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा कि यदि किसी देश को लोकतांत्रिक रहना है, तो प्रेस को स्‍वतंत्र रहना चाहिए। जब प्रेस को काम करने से रोका जाता है, तो लोकतंत्र की जीवंतता से समझौता होता है। माननीय मुख्य न्यायाधीश, ऐसा कहने वाली पहली विभूति नहीं हैं। उनसे पहले भी कई बार कई प्रमुख हस्तियां प्रेस और मीडिया की स्‍वतंत्रता को लेकर मिलते-जुलते विचार सार्वजनिक रूप से अभिव्‍यक्‍त कर चुकी हैं। मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्‍तम्‍भ कहा जाता है, तो वह अकारण नहीं है। उसने समय-समय पर लोकतांत्रिक मूल्‍यों और सामाजिक हितों की रक्षा के लिए बहुत काम किया है और इसके लिए बड़ी कीमत भी चुकाई है। इसके बदले उसे समाज का, लोगों का भरपूर विश्‍वास और सम्‍मान भी हासिल हुआ है। लेकिन दुर्भाग्य से बीते दो-तीन दशकों में यह विश्वास लगातार दरकता गया है, सम्‍मान घटता गया है।

    मीडिया की इस घटती प्रतिष्‍ठा और विश्‍वसनीयता के पीछे बहुत सारे कारण गिनाये जा सकते हैं। सबसे पहला तो यही है कि उदारीकरण की आंधी से पहले जिस मीडिया ने खुद को एक मिशन बनाए रखा था, उसने व्‍यावसायिकता की चकाचौंध में बहुत तेजी से अपना ‘कॉरपोरेटाइजेशन’ कर लिया और खुद को ‘मिशन’ की बजाए खालिस ‘प्रोफेशन’ बना लिया। अब जब यह प्रोफेशन बना तो इसकी प्राथमिकताएं भी बदल गईं। ‘जन’ की जगह ‘धन’ साध्‍य बन गया। अधिक से अधिक मुनाफा कमाने के चक्‍कर में मीडिया प्रतिष्‍ठानों ने अपने तौर-तरीके पूरी तरह बदल लिए। ‘कंटेंट’ की बजाय उन्‍होंने ‘आइटम’ पर ज्‍यादा ध्‍यान देना शुरू कर दिया, ताकि रीडरशिप और टीआरपी में ज्‍यादा से ज्‍यादा ऊंचाई पर पहुंचा जा सके। जितनी ज्‍यादा ऊंचाई, उतना ज्‍यादा विज्ञापन राजस्‍व। उसमें भी भारी घालमेल। अधिकतर अखबार और टीवी चैनल, सामग्री की गुणवत्‍ता की बजाए आंकड़ों की बाजीगरी में अधिक भरोसा करने लगे। लेकिन, या तो उन्‍होंने इस पर ध्‍यान नहीं दिया, या फिर परवाह नहीं की, कि इस पूरे चक्र में वे समाज और लोगों का भरोसा खो रहे हैं।

    अब स्थिति यह है कि मीडिया तो लगातार विस्‍तार कर रहा है, लेकिन लोगों में उसकी विश्‍वसनीयता लगातार कम हो रही है। आज मीडिया के बहुत सारे रूप हैं। मनोरंजन को छोड़ दीजिए, तो रेडियो ज्‍यादा लोग सुनते नहीं, टीवी देखते नहीं, अखबार पढ़ते नहीं… अगर यह सब करते भी हैं, तो ये माध्‍यम उनके मन में कोई सकारात्‍मकता जगह पाने में सफल नहीं हो पाते। जबकि कालांतर में ऐसे असंख्‍य अवसर आए हैं, जब मीडिया ने अपने सामाजिक और लोकतांत्रिक दायित्‍वों का भली-भांति निर्वहन किया है। विश्‍वसनीयता के मामले में पत्रकारिता को दो वर्गों में बांटा जा सकता है। एक, 21 वीं सदी के आरंभ से पहले की पत्रकारिता और दूसरी इसके बाद की पत्रकारिता। पहले वर्ग में वह पत्रकारिता आती है जो समाज के लिए जयप्रकाश नारायण और विश्‍वनाथ प्रताप सिंह जैसे नायकों को मजबूती प्रदान करती थी, भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती थी, जनहित के लिए सत्ता की नाक में दम किए रहती थी। दूसरी पत्रकारिता वर्ष 2000 से बाद की पत्रकारिता है, जिसमें सनसनी है, स्टिंग हैं, मीडिया ट्रायल हैं, टीआरपी है, प्रायोजित यात्राएं हैं, निहित स्‍वार्थ हैं। अगर कुछ नहीं है, तो समाज का विश्‍वास। अब कोई मीडिया की ओर नहीं देखता। लोग उससे कोई उम्‍मीद नहीं रखते, उस पर भरोसा नहीं करते। उनके लिए मीडिया पर प्रसारित सामग्री मनोरंजन की चीज बन चुकी है। हालांकि अखबार अभी इस स्थिति तक नहीं पहुंचे हैं, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ इसी राह पर रहे हैं।

    इसकी दूसरी वजह पिछले दस-पंद्रह सालों में वै‍कल्पिक मीडिया, या डिजिटल मीडिया, का दिनोंदिन फैलता फलक हो सकती है। वैकल्पिक मीडिया ने, आम लोगों को अपनी बात सामने रखने की ऐसी सहूलियत प्रदान की है, जिसने पारंपरिक संचार माध्‍यमों पर उनकी निर्भरता खत्‍म कर दी है। अब वे अपनी समस्‍याएं या चिंताएं लेकर अखबारों-टीवी चैनलों के चक्‍कर नहीं काटते, बल्कि फेसबुक या ट्विटर पर पोस्‍ट करते हैं। क्‍योंकि इनमें उन्‍हें भरोसा रहता है कि अब उनकी बात बिना किसी बाधा या समस्‍या के उन तमाम लोगों तक पहुंच जाएगी, जिन तक पहुंचनी चाहिए।

    तीसरी वजह, खुद वह समाज है जो मीडिया पर उसकी जिम्‍मेदारी ठीक से न निभाने का दोषारोपण तो करता है, लेकिन कभी किसी संकट के समय उसके साथ खड़ा नजर नहीं आता। ‘रिपोर्टर विदआउट बॉर्डर्स’ के मुताबिक वर्ष 2003 से 2022 तक, दो दशकों के दौरान दुनिया भर में 1668 पत्रकारों की हत्‍या हुई। यानि हर साल करीब 84 पत्रकार। इसके अलावा ‘कमेटी टू प्रोटेक्‍ट जर्नलिस्‍ट्स’ की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल एक दिसंबर तक 363 पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया। ‘रिपोर्टर विदआउट बॉर्डर्स’ की रिपोर्ट इनकी संख्‍या 533 बताती है। उनकी ताजा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया भर में पिछले साल 65 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बंधक बनाकर रखा गया और 49 लापता हैं।

    अब आप याद कीजिए कि क्‍या कहीं आपने किसी देश, शहर या समाज में लोगों को इस बात के लिए इकट्ठा होकर कोई सामाजिक आंदोलन या धरना प्रदर्शन करते देखा है कि अमुक पत्रकार को जेल से रिहा किया जाए, या अमुक पत्रकार के हत्‍यारों को गिरफ्तार किया जाए या अमुक पत्रकार, जिसका अर्से से कोई अता-पता नहीं है, उसका पता लगाया जाए। और तो और, जिन लोगों के हित के लिए पत्रकारों ने अपनी जान जोखिम में डाली है, समाज उनके परिवार की मदद के लिए भी कभी खड़ा नजर नहीं आता। वही समाज जो पानी न आने पर सड़कें जाम कर देता है, किसी सैनिक के शहीद होने पर श्रद्धांजलि यात्राएं निकालता है।

    अपने अधिकारों के लिए या अपने शहीदों के प्रति सम्‍मान प्रदर्शित करने के लिए सड़कों पर आना कतई गलत नहीं है और न ही यहां इसका विरोध किया जा रहा है, बल्कि कहने का आशय यह है कि एक पत्रकार जब अपना फर्ज निभाते हुए मारा जाता है तो उसकी शहादत, उस समाज से भी बदले में कुछ चाहती है,‍ जिसके लिए वह शहादत दी गई। बजाय इसके, हम उसके चरित्र पर सवाल उठाते हैं या उस पर हमले को जायज साबित करने की कोशिश करते हैं। कहने का आशय यह है कि अगर मीडिया और समाज के बीच विश्‍वास मिट रहा है, तो इसके लिए अकेले मीडिया को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आखिर मीडिया भी तो हमारे समाज का ही एक हिस्‍सा है, जैसा समाज हमने बीते कुछ दशकों में बनाया है, उसका असर मीडिया पर न पड़े, यह कैसे मुमकिन है।

    इसलिए अगर मीडिया के प्रति लोगों में, समाज में, विश्‍वास की पुनर्बहाली करनी है, तो दोनों स्‍तर पर प्रयास करना आवश्‍यक है… क्‍योंकि ताली एक हाथ से नहीं बजती। 

    (लेखक भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक हैं)

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    Thu, 30 May 2024 02:29:55 +0530 Niraj Kumar Shukla
    जन्मदिन (30 मई) पर विशेष : नावाचार कर साहित्य अकादमी में प्राण फूंकने वाले डॉ. विकास दवे और उनकी विकास यात्रा https://acntimes.com/Director-of-MP-Sahitya-Academy-Dr-Vikas-Dave-and-his-development-journey https://acntimes.com/Director-of-MP-Sahitya-Academy-Dr-Vikas-Dave-and-his-development-journey श्वेता नागर

    है अगर विश्वास तो मंजिल मिलेगी,

    शर्त ये है बिन रुके चलना पड़ेगा।

    जिस जगह भी हो अमावस का अंधेरा,

    उस जगह पर दीप सा जलना पड़ेगा।

    इन पंक्तियों के सार को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर म. प्र. साहित्य अकादमी के निदेशक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विकास दवे निरंतर कर्तव्य पथ पर अग्रसर होकर अपने कर्म और वाणी से युवाओं को यही संदेश दे रहे हैं कि- चाहे परिस्थितियां प्रतिकूल हों, चाहे संघर्ष की घनेरी रात हो और चाहे जीवन पथ पर अकेला चलना पड़े लेकिन कभी भी अपने लक्ष्य और सिद्धांत से समझौता मत करो। सफलतापूर्वक म. प्र. साहित्य अकादमी की योजनाओं और उद्देश्यों से समाज के हर वर्ग के साहित्यकार को जोड़ते हुए साहित्यिक गतिविधियों को निरंतर तेज गति प्रदान करते हुए ईमानदारी और निष्ठापूर्वक अपने पद और कर्तव्यों के साथ न्याय कर रहे हैं।

    साहित्य अकादमी में किए कई नवाचार

    साहित्य अकादमी के निदेशक पद का दायित्व संभालते हुए डॉ. विकास दवे द्वारा कई नावाचार कर साहित्य अकादमी में प्राण फूंक दिए गए। चाहे नारी सम्मान से जुड़े साहित्य विमर्श की बात हो..., चाहे कवि सम्मेलनों के मंच से दूर होती शालीनता को पुन: स्थापित करना हो और भारतीय संस्कृति के अनुरूप और राष्ट्रवादी काव्य को बढ़ावा देने की बात हो, नई पीढ़ी को भारतीय गौरव और प्रतीकों से परिचय कराते हुए निरंतर व्याख्यान शृंखला का साहित्य अकादमी द्वारा आयोजन की बात हो, साहित्यिक गजेटियेर के माध्यम से प्रदेश के छोटे से बड़े सभी साहित्यकारों का परिचयात्मक डाटा संकलन की बात हो और नए रचनाकारों के लेखन को प्रोत्साहन देने के लिए साहित्य अकादमी द्वारा प्रथम कृति अनुदान योजना और राष्ट्रवादी लेखन को प्रोत्साहित करने हेतु शासकीय स्तर पर सहयोग की बात हो...। इन सभी नवाचारों के माध्यम से साहित्य अकादमी द्वारा साहित्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाए गए जिनकी प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में सराहना की गयी।

    संवेदनशीलता ही डॉ. दवे के व्यक्तित्व की पहचान

    साहित्य और संवेदनशीलता एक-दूसरे के पूरक हैं क्योंकि संवेदनशीलता के अभाव में साहित्य आत्माविहीन शरीर की तरह है। साहित्य की आत्मा को जीवित रखते हुए केवल अपने साहित्य के माध्यम से ही नहीं अपितु अपने संवेदनशील व्यक्तित्व से नए रचनाकारों का लेखन में मार्गदर्शन कर उनके लिए अवसर के द्वार खोले। यही नहीं साहित्य को अपना जीवन समर्पित करने वाले वयोवृद्ध रचनाकारों की आर्थिक सहायता के हर संभव उपाय भी डॉ. विकास दवे द्वारा किए गए। ऐसे कई साहित्यकार हैं जिनकी रचनाओं को जीवनभर पहचान नहीं मिल पायी, म. प्र. साहित्य अकादमी द्वारा पहल करते हुए उनके साहित्य को प्रकाशित और सहजने का सराहनीय और उल्लेखनीय कार्य किया गया।

    इससे जुड़ा रोचक किस्सा है, लगभग 100 वर्ष की आयु के आस पास के एक वयोवृद्ध साहित्यकार जिन्होंने 55 वर्षों में कईं किताबें अपने हाथों से लिखीं परंतु वे कहीं प्रकाशित नहीं हो पायीं। जब ये वयोवृद्ध साहित्यकार डॉ. विकास दवे से मिले और अपनी लिखी किताबें उन्हें दिखायीं। उन्होंने कहा कि क्या वे उनकी रचनाओं के साथ न्याय करेंगे, तो डॉ. विकास दवे ने तुरंत उनकी पांडुलिपियों को आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट भेज दीं ताकि साहित्य की अमूल्य निधि सुरक्षित रह सके।

    ऐसे एक नहीं, कई उदाहरण हैं जो डॉ. विकास दवे की संवेदनशीलता का परिचायक हैं वह भी तब जब वे शासन के महत्वपूर्ण पद पर आसीन हैं। यह कटु सत्य है कि पद की ताकत के साथ संवेदनशीलता का कोमल भाव बना रहना कठिन और कभी-कभी असंभव हो जाता है!

    कई महत्वपूर्ण सम्मानों और पुरस्कारों से हुए सम्मानित

    कन्हैयालाल नंदन बाल साहित्य पुरस्कार, विश्व हिंदी सम्मान, म. प्र. लेखक संघ का प्रतिष्ठित पुरस्कार, बाल साहित्य प्रेरक सम्मान, अखिल भारतीय साहित्य परिषद नई दिल्ली का सम्मान, साहित्य परिषद का शब्द साधक सम्मान सहित कई महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित डॉ. विकास दवे प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर भी मनोनीत किए गए। मध्य प्रदेश शासन की कईं महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य भी रहे। इनमें प्रमुख हैं पाठ्यक्रम में गीता दर्शन को सम्मिलित करने हेतु गठित समिति के सदस्य, नैतिक शिक्षा समाहित करने हेतु गठित समिति के सदस्य और केंद्र की इस्पात मंत्रालय की राजभाषा सलाहकार समिति के सदस्य आदि।

    विकास यात्रा का अभिनंदन

    डॉ. विकास दवे के साहित्य और समाज को समर्पित उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर अभिनंदन ग्रंथ "विकास यात्रा" भी प्रकाशित हो चुका है। यह अभिनंदन ग्रंथ उस पुष्प वाटिका की तरह है जिसमें डॉ. विकास दवे के सेवा कार्यों की महक है। साहित्य के क्षितिज के बड़े नामों के साथ उनके जीवन की विकास यात्रा में उनका साथ देने वाले उनके परिजनों, मित्रों और सहपाठियों ने भी उनके प्रति अपने पवित्र भावों को व्यक्त किया है और उनके सहज-सरल और जिंदादिल व्यक्तित्व को रेखांकित करने वाले उनके जीवन से जुड़े कईं प्रेरक प्रसंगों को भी साझा किया जिसमें उनके संघर्षों से जूझते जीवन और कभी भी हार न मानने वाले उनके जीवट व्यक्तित्व की भावनात्मक अभिव्यक्ति है।

    निश्चित ही यह अभिनंदन ग्रंथ डॉ. विकास दवे के मानवीय मूल्यों से भरे व्यक्तित्व का साक्ष्य ग्रंथ है जिसमें उनके साहित्य, राष्ट्र और समाज के प्रति किए गए उनके प्रेरक और अनुकरणीय सेवा कार्य दर्ज हैं जो समाज और युवा पीढ़ी का पथ प्रदर्शन कर रहे हैं।

    अंत में प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार अज़हर हाशमी जी की इन पंक्तियों के साथ डॉ. विकास दवे के व्यक्तित्व को चिह्नित करना मुझे प्रासंगिक लग रहा है-

    "बात छोटी, किंतु सबसे है जुदा

    भूलना मत, याद रखना सर्वदा

    कामयाबी के सुगंधित पुष्प तो-

    कर्म की क्यारी में ही खिलते सदा।"

    (श्वेता नागर)

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    Thu, 30 May 2024 00:29:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सोने की दुकान में काला धन ! आयकर विभाग को इस ज्वैलर्स के यहां मिले इतने नोट कि 14 घंटे तक चली गिनती, 90 करोड़ की संपत्ति भी मिली https://acntimes.com/Black-money-in-gold-shop-Income-Tax-department-raids-Surana-Jewelers https://acntimes.com/Black-money-in-gold-shop-Income-Tax-department-raids-Surana-Jewelers एसीएन टाइम्स @ नासिक । आयकर विभाग ने नासिक में सुराना ज्वैलर्स पर बड़ी कार्रवाई की है। अघोषित लेन-देन और बेनामी संपत्ति होने की आशंका में मारे गए छापे में विभाग को यहां 116 करोड़ रुपए नकद और भारी संपत्ति मिली है। विभाग संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और बिल सहित अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

    जानकारी के अनुसार आयकर विभाग को सूत्रों से पता चला था कि नासिक के सुराना ज्वैलर्स पर बड़ी मात्रा में अघोषित लेन-देन होता है और काफी बेनामी संपत्ति भी बना ली गई है। इसके चलते विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से सुराना ज्वैलर्स पर छापा मारा। इस छापामारी में 55 अफसरों की टीम लगी। छापे की कार्रवाई करीब 30 घंटे तक चली। इस दौरान मौके पर 26 करोड़ रुपए नकद मिले जबकि 90 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले। आयकर विभाग ने रुपए और दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।

    गुटखे के थैलों में भरे थे नोट

    आयकर विभाग की टीम ने सुरना ज्वैलर्स और महालक्ष्मी बिल्डर्स के ठिकानों पर छापा मारा। इसमें आलीशान बंगला, शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थित कार्यालय, निजी लॉकर और बैंकों के लॉकर भी शामिल हैं। बंगले और कार्यालयों में 500 रुपए की गड्डियां मिली। ये गड्डियां गुटखा परिवहन करने वाले कबड़े को थैलों में भरे मिले। विभाग को रुपए गिनने में तकरीबन 14 घंटे लग गए।

    नेटवर्क से जुड़े लोगों पर भी हो सकती कार्रवाई

    केंद्र सरकार लगातार कालाधन संग्रहित करने वालों पर नजर रख रही है। इसी के चलते आयकर विभाग भी अलर्ट मोड पर है और जहां भी ऐसा कालाधन होने की सूचना मिलती है, छापा मारता है। सुराना ज्वैलर्स और महालक्ष्मी बिल्डर्स से मिले दस्तावेजों की जांच से और भी महत्वपूर्ण जनकारियां सामने आने का अनुमान है। विभाग का प्रयास इससे जुड़े लोगों और संस्थानों की जानकारी निकाल कर उन्हें भी इस अपराध में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यानी जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और जानकारियां सामने आएंगी, वैसे-वैसे संभावित कर चोरी के नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

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    Wed, 29 May 2024 12:20:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Women's Health Special : पारिवार खुशहाल तभी जब स्वस्थ रहेंगी स्त्रियां& मुकेश कुमार शर्मा https://acntimes.com/Special-article-on-International-Day-of-Action-for-Womens-Health-28-May https://acntimes.com/Special-article-on-International-Day-of-Action-for-Womens-Health-28-May मुकेश कुमार शर्मा

          स्वस्थ जिन्दगी हर किसी की पहली जरूरत होती है लेकिन बहुत से घरों में आज भी महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता में नहीं रखा जाता जो कि अत्यंत ही विचारणीय विषय है। महिला का पूर्ण स्वस्थ होना इसलिए भी बहुत जरूरी है क्योंकि वह अस्वस्थ हो जाए तो घर के बच्चों से लेकर बड़े तक सभी प्रभावित होते हैं। ऐसे में महिला बिस्तर पर पड़ जाए तभी डॉक्टर के पास ले जाएँ जैसी सोच को बदलना होगा और महिला को पूर्ण रूप से स्वस्थ बनाने के लिए हर जरूरी पहलू पर गंभीरता से विचार करना होगा। इसी सोच को परवान चढ़ाने के लिए हर साल 28 मई को महिला स्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस पर यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी खुलकर बात करने की जरूरत है ताकि महिला स्वतंत्र रूप से यह निर्णय ले सके कि उसे कब और कितना बच्चा चाहिए।

          प्रजनन स्वास्थ्य किसी भी महिला का भारतीय संविधान द्वारा दिया गया वह अधिकार है जिसमें समानता एवं शिक्षा का अधिकार, सही उम्र में विवाह का अधिकार, परिवार नियोजन अपनाने का अधिकार, महिला को बच्चा कब और कितना चाहिए यह निर्णय लेने का अधिकार तथा हिंसा मुक्त एवं पोषणयुक्त खुशहाल जीवन जीने का अधिकार शामिल है। अनचाहा गर्भधारण महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने के साथ ही जान को जोखिम में डालने का काम करता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद बास्केट ऑफ़ च्वाइस में से अपना मनपसन्द गर्भ निरोधक विकल्प चुनें और अनचाहे गर्भ से बचकर स्वस्थ रहें और घर में खुशहाली लाएं। इसमें पति से लेकर माता-पिता, सास-ससुर और परिवार के अन्य बड़े सदस्यों की भी अहम भूमिका हो सकती है।  

          महिला स्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई दिवस को हर साल मनाने का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनकी सेहत से जुड़े मुद्दों के बारे में पूर्ण रूप से शिक्षित करने के साथ ही उन्हें हर क्षेत्र में सशक्त बनाना है। महिलाओं को भेदभाव, घरेलू हिंसा, जबरदस्ती और उपेक्षा से बचाने के बारे में इस दिवस पर हर किसी का ध्यान आकर्षित किया जाता है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी जरूरी है।  इस दिवस पर संकल्प लेने की जरूरत है कि महिलाओं तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच को आसान बनायेंगे। सुरक्षित एवं कानूनी गर्भपात के बारे में शिक्षित बनाएंगे। युवाओं के यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार के साथ ही एचआईवी/एड्स के प्रति भी जागरूकता लायेंगे।

          इस दिवस को मनाने की सार्थकता तभी है जब स्वास्थ्य देखभाल पहुंच में लैंगिक असमानता को पूरी तरह से दूर करते हुए महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य, मातृ कल्याण और यौन व प्रजनन स्वास्थ्य अधिकार के प्रति सशक्त बनाया जाए। महिलाओं और लड़कियों को उच्च शिक्षा तक पहुंचने के लिए उचित और समान अवसर दिया जाए और व्यावसायिक प्रशिक्षण मुहैया कराया जाए। घरेलू हिंसा और संभावित मानव तस्करी पर चर्चा हो। कम उम्र में शादी और शादी के तुरंत बाद गर्भ धारण जैसी सोच को बदला जाए। करियर में उन्नति के लिए समान रास्ते विकसित करने के साथ ही वेतन असमानता को दूर करने की तरफ और पर्याप्त प्रयास हों।

          देश में आज भी 15 से 49 वर्ष आयुवर्ग की कम ही महिलाएं यौन संबंधों, गर्भनिरोधक साधनों के इस्तेमाल और यौन स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अपनी पसंद को प्राथमिकता दे पाती हैं। इस तरह इस आयु वर्ग की बहुत सी महिलाओं के पास अब भी यौन और प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इस गंभीर विषय पर एकजुटता के साथ चर्चा की जाए और जागरूकता के उपायों पर विचार किया जाए। कार्यशालाओं आदि के माध्यम से गर्भपात से जुड़ीं भ्रांतियों को दूर किया जाए। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करते हुए महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता लायी जाए।

          सफल महिलाओं को सच्ची कहानियों का माध्यम बनाया जा सकता है, जिससे उनके संघर्ष से लेकर सफलता के पायदान को विस्तार से बताया जाए। यह कहानियाँ प्रेरक की भूमिका निभा सकती हैं। प्रचार-प्रसार के अन्य तरीकों जैसे- पोस्टर-बैनर, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आदि का भी सहारा लिया जा सकता है। ज्ञात हो कि वर्ष 1987 में दक्षिण अफ्रीका में पहली बार इस दिन को महिला स्वास्थ्य के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई दिवस के रूप में मान्यता दी गई थी। तब से हर साल यह दिन महिलाओं और स्वास्थ्य समूहों द्वारा मनाया जाता है। यह यौन अधिकारों, लैंगिकता, प्रजनन अधिकार, स्वास्थ्य आदि की पहचान के लिए एक मंच है।

    (मुकेश कुमार शर्मा)

    (लेखक पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर हैं)

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    Mon, 27 May 2024 21:27:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा हादसा : राजकोट के TRP मॉल के गेमिंग जोन में लगी भीषण आग, 12 बच्चों सहित 26 लोगों की मौत, DNA से होगी मृतकों की पहचान, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया दुःख https://acntimes.com/A-massive-fire-broke-out-in-the-gaming-zone-of-Rajkot-26-people-including-12-children-died https://acntimes.com/A-massive-fire-broke-out-in-the-gaming-zone-of-Rajkot-26-people-including-12-children-died एसीएन टाइम्स @ वडोदरा । गुजरात के राजकोट में  स्थित टीआरपी मॉल के गेमिंग जोन में भीषण आग लग गई। हादसे में झुलसने से 26 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में बच्चों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। मृतकों की पहचान के लिए DNA करवाने का निर्णय लिया। सीएम भूपेंद्र पटेल ने जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने गेमिंग जोन के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। राष्ट्रपति, पीएम, केंद्रीय गृह मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने शोक व्यक्त किया है।

    जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार शाम 4.00 से 4.30 बजे के दरमियान सयाजी होटल के पीछे बने मॉल के गेमिंज जोन में हुआ। बताया जा रहा है कि आग एसी का कंप्रेसर फटने के कारण लगी। जिस वक्त आग लगी उस वक्त गेमिंग जोन में 45 कर्मचारी और कई बच्चे मौजूद थे। अग्निकांड में अब तक 26 लोगों की झुलसने से मृत्यु होने की बात सामने आई है। शव इतनी बुरी तरह झुलस गए हैं उनकी पहचान तक नहीं हो पा रही है। इसलिए शवों का डीएनए कराया जाएगा।

    5 किमी दूर तक दिखा धुंए का गुबार

    गेमिंग जोन में आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। आग और धुएं का गुबार करीब 5 किमी दूर तक नजर आया। इस दौरान दमकल और अन्य आग बुझाने का प्रयास करते रहे। वहीं गेमिंग जोन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का कार्य भी जारी रहा। कहा जा रहा है कि गेमज़ोन में अग्नि सुरक्षा प्रणाली चालू नहीं थी। यहां कई अग्नि सुरक्षा उपकरण सही स्थित में नहीं थे।

    लापरवाही का केस दर्ज होगा

    राजकोट पुलिस कमिश्नर राजू भार्गव ने मीडिया को बताया कि दोपहर में TRP गेमिंग ज़ोन में आग लगी। सूचना मिलते ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। आग पर काबू पा लिया गया है।  हम अधिक से अधिक शव निकालने की कोशिश कर रहे हैं। सभी को अस्पताल भेजा गया है। गेमिंग जोन का स्वामित्व युवराज सिंह सोलंकी नामक व्यक्ति के पास है।हत्याकांड को लेकर लापरवाही का केस दर्ज किया जाएगा। बता दें कि, युवराज सिंह सोलंकी, राहुल राठौड़ और प्रकाश जैन गेमिंग जोन के मालिक हैं। इनमें से युवराज सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है।

    सीएम ने दिए राहत कार्य के निर्देश

    गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अग्निकांड की जानकारी मिलते ही तत्काल नगर निगम और जिला प्रशासन को बचाव-राहत कार्य के निर्देश दिए। उन्होंने घायलों के इलाज की व्यवस्था करने के लिए भी कहा। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री नरेंद्र मोदी आदि ने घटना को लेकर दुख जताया है।

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    Sat, 25 May 2024 22:58:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सत्य मेव जयते : बिहार वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (BWJU) के प्रयासों से ‘नवभारत टाइम्स’ के पटना संस्करण के रिटायर्ड पत्रकारों को मिली जीत, जानिए& क्या पूरा मामला https://acntimes.com/Retired-journalists-of-Patna-edition-of-Navbharat-Times-got-victory-in-the-High-Court https://acntimes.com/Retired-journalists-of-Patna-edition-of-Navbharat-Times-got-victory-in-the-High-Court एसीएन टाइम्स @ पटना । नवभारत टाइम्स के पटना संस्करण के दो पत्रकारों को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने उनके वेतन और अन्य लाभों के भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण फैसला दिया है। फैसले के अनुसार अखबार प्रबंधन को दोनों पत्रकारों को न सिर्फ बहाल करना होगा, बल्कि उनके वेतन और अन्य लाभों का भुगतान भी करना होगा।

    पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए. अभिषेक रेड्डी की एकल बेंच ने नवभारत टाइम्स के अलग हुए पत्रकारों हरेंद्र प्रताप सिंह और शरद रंजन कुमार के संबंध में 2008 में दिए श्रम न्यायालय द्वारा प्रबंधन (एम/एस बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड) के विरुद्ध पारित आदेश को यथावत रखा है। पटना उच्च न्यायालय ने नवभारत टाइम्स के पटना संस्करण को 1995 में बंद करने को अवैध करार दिया है। न्यायालय ने पाया है कि समाचार-पत्र का प्रकाशन औपचारिक रूप से बंद करने से पहले प्रबंधन द्वारा कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।

    2008 में श्रम न्यायालय ने दिया था फैसला

    नवभारत टाइम्स के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने पटना के श्रम न्यायालय में पटना संस्करण बंद होने के बाद अपील की थी। उन्हें 2008 में श्रम न्यायालय से राहत मिल गई थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी। मामले में 16 साल के लंबे इंतजार के बाद फैसला आया है। उच्च न्यायालय ने प्रबंधन को निर्देश दिया है कि पत्रकार हरेंद्र प्रताप सिंह और शरद रंजन कुमार दोनों को छंटनी की तारीख के बाद से सभी बैकलॉग वेतन और अन्य लाभों का भुगतान उनकी स्थिति के अनुसार करें। अवकाश प्राप्ति की आयु प्राप्त करने के मामले में, वे अवधि के दौरान अर्जित सभी प्रकार के बकाये के खिलाफ वित्तीय लाभ प्राप्त करने के हकदार होंगे।

    चार सप्ताह में करना होगा आदेश का पालन

    उच्च न्यायालय ने प्रबंधन को आदेश का पालन चार सप्ताह में भुगतान और अन्य लाभ देकर करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि, बिहार कार्य पत्रकार संघ (बीडब्ल्यूजेयू) द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों और सहायता के बाद नवभारत टाइम्स के पटना संस्करण के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को यह बड़ी जीत मिली है। BWJU ने पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए वास्तविक मांगों को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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    Thu, 23 May 2024 22:19:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ये चोरी अजब गजब है ! ट्रैफिक पुलिस बन कर उठा लेते थे महंगी कारें, फिर स्क्रैप में काट कर बेच देते थे पार्ट्स https://acntimes.com/Used-to-steal-expensive-cars-by-posing-as-traffic-police-arrested https://acntimes.com/Used-to-steal-expensive-cars-by-posing-as-traffic-police-arrested दिल्ली की साउथ वेस्ट पुलिस ने किया गैंग का भंडाफोड़ 

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । साउट वेस्ट जिला पुलिस ने अजब-गजब चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। गैंग के आरोपी ट्रैफिक पुलिस बनकर क्रेन से महंगी कारें उठा लेते थे। बाद में वे इन कारों को स्क्रैप में काट कर बेच देते थे। पुलिस ने गैंग में शामिल स्क्रैप डीलरों को भी फी गिरफ्तार किया है। 

    पुलिस के अनुसार वसंत कुंज बी ब्लॉक निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 मई को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ड्रेस में आया एक व्यक्ति उनकी टोयोटा कार क्रेन से उठा ले गया है। उन्होंने कार चोरी की आशंका जताई। इस पर पुलिस ने कार उठाने वाली क्रेन का रूट स्कैन किया तो पता चला कि क्रेन वाले ने कार कंझावला के स्क्रैप डीलर के पास छोड़ दिया था। पुलिस ने जब क्रेन के ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि एक युवक ने खुद को ट्रैफिक पुलिस वाला बताकर क्रेन बुक की थी। उसने वसंत कुंज से उठाई कार कंझावला के स्क्रैप डीलर के गोदाम पर छोड़ने की पुष्टि भी की।

    गोदाम से मिलीं सिर्फ कार की बॉडी, क्योंकि...

    पुलिस ने कंझावला इलाके में दबिश देकर स्क्रैप डीलर महेंद्र को गिरफ्तार किया। उसके गोदाम की तलाशी में वसंत कुंज से कार की सिर्फ बॉडी मिली। ऐसा इसलिए महेंद्र ने कार को स्क्रैप में काटकर पार्ट्स अलग-अलग करके बेच दिए थे। महेंद्र ने पुलिस को बताया कि उक्त कार कुसुमपुर पहाड़ी के अजय ने बेची थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुसुमपुर पहाड़ी पर दबिश देकर 29 वर्षीय आरोपी अजय को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास ट्रैफिक पुलिस की वर्दी बरामद हुई। आरोपी युवक यही वर्दी पहन कर लोगों की कारें उठाता था।

    लॉकडाउन के कारण नहीं चुका पाया उधार तो करने लगा चोरी

    कार चोर गैंग के मास्टर माइंड अजय ने कोविड-19 शुरू होने के पहले ही दोस्तों से उधार लेकर एक जिम शुरू की थी। कुछ ही दिनों में कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। इससे अजय को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। उधर लोग उधारी चुकाने के लिए अजय से तगादा करने लगे और दबाव भी बनाने लगे। इस समस्या से निजात पाने के लिए ही अजय ने चोरी शुरू कर दी।

    ऐसे देता था चोरी को अंजाम

    आरोपी अजय पहले आरटीओ की एप्लीकेशन के जरिए यह पता लगाता था कि कौन-कौन से नंबर की गाड़ी कंडम हो चुकी हैं या इसके करीब हैं। इसके बाद वह उनकी लोकेशन पता करता था और क्रेन लेकर पहुंच जाता था और कार उठा ले जाता था। इसके बाद वह कार महेंद्र को बेच देता था। महेंद्र कार को काट कर सारे पार्ट्स रोशन नामक व्यक्ति को बेच देता था। पुलिस ने मामले में तीनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को अजय के पास से तीन कारों के पार्ट्स तथा एक बाइक भी बरामद हुई है।

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    Wed, 22 May 2024 16:51:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Covid Alert ! कोरोना के नए वेरिएंट KP.1 और KP.2 की भारत में दस्तक, सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल में, सिंगापुर में कहर बरपा चुका है यह वेरिएंट https://acntimes.com/Covid-Alert-New-variants-of-Corona-KP1-and-KP2-arrive-in-India https://acntimes.com/Covid-Alert-New-variants-of-Corona-KP1-and-KP2-arrive-in-India एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारत में कोविड (कोरोना) के नए दो नए वेरिएंट की आमद हो चुकी है। ये वेरिएंट सिंगापुर में कहर बरपा चुके हैं। इसके बावजूद भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर चिंतित नहीं होने की बात कही है। ये वेरिएंट जेएन1 के ही उपप्रकार बताए गए हैं।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार कोविड का नया वेरिएंट केपी.2 और केपी.1 भारत में पैर पसार रहा है। अब तक केपी.2 के 290 मामले जबकि केपी.1 के 34 मामले देश में सामने आए हैं। मंत्रालय के अनुसार कोविड के नए वेरिएंट से अस्पताल में भर्ती होने और गंभीर मामलों में किसी प्रकार की वृद्धि दर्ज नहीं की गई है।

    यही वजह है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि केपी.2 और केपी.1 से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। चिंता की कोई बात नहीं है। इसमें उत्परिवर्तन तेज गति से होता रहेगा। यह SARS-CoV2 जैसे वायरस का प्राकृतिक व्यवहार है। फिर भी एहतियात के तौर पर INSACOG संवेदनशीलता बरत रही है और मॉनिटरिंग कर रही है। यह किसी भी नए वेरिएंट को पकड़ने में सक्षम। वायरस के कारण बीमारी की गंभीरता जांचने और किसी भी प्रकार के बदलाव का पता लगाने के लिए अस्पतालों से नमूने लिए जाने की व्यवस्था भी है। 

    सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल में

    भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) द्वारा संकलित आंकड़ों के असार केपी.1 के मामले सात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पाए गए हैं। सबसे ज्यादा 23 मामले पश्चिम बंगाल में जबकि महाराष्ट्र में 4, गुजरात व राजस्थान में 2-2, उत्तराखंड, हरियाणा तथा गोवा में 1-1 मामला सामने आया है। इसी तरह केपी.2 के सबसे ज्यादा 148 केस महाराष्ट्र में आए। पश्चिम बंगाल में 36, गुजरात में 23, राजस्थान में 21, ओडिशा में 17, उत्तराखंड में 16, गोवा में 12, उत्तर प्रदेश में 8, कर्नाटक में 4, हरियाणा में 3 व दिल्ली और मध्य प्रदेश में 1-1 केस सामने आया है। 

    सिंगापुर में बरपा रहा कहर

    सिंगापुर में कोविड-19 की नई लहर देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार यहां 5 से 11 मई के दौरान 25 हजार 900 से ज्यादा मामले सामने आए। इनमें केपी.1 और केपी.2 दो-तिहाई से अधिक मामले हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि COVID-19 वैरिएंट अभी भी JN.1 और इसके सब-टाइप हैं जिनमें केपी.1 और केपी.2 भी शामिल हैं। ये दोनों ही एक समूह से संबंधित हैं। इन्हें 'FLiRT' उपनाम भी दिया गया है। FLiRT में सभी स्ट्रेन जेएन.1 वेरिएंट के वंशज हैं, जो ओमिक्रॉन वेरिएंट की ही एक शाखा है। बता दें कि, केपी.2 को डब्ल्यूएचओ ने निगरानीधीन वेरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया था।

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    Wed, 22 May 2024 03:22:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    शर्मनाक ! अश्लील वीडियो देख 15 साल की बहन और 13 साल के भाई ने बनाए शारीरिक संबंध, बहन गर्भवती हुई तो हुआ खुलासा, केस दर्ज https://acntimes.com/13-year-old-brother-raped-15-year-old-sister-after-watching-obscene-video-case-registered https://acntimes.com/13-year-old-brother-raped-15-year-old-sister-after-watching-obscene-video-case-registered एसीएन टाइम्स @ मुंबई । मायानगरी से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने 13 वर्षीय भाई पर अपनी 15 वर्षीय सगी बहन के साथ बलात्कार करने का केस दर्ज किया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पेट दर्द होने पर परिजन किशोरी को अस्पताल ले गए। वहां पता चला कि वह तीन माह की गर्भवती है। पुलिस ने आरोपी भाई को बाल सुधारगृह भेज दिया है।

    मामला नवी मुंबई का है। यहां 15 वर्षीय एक किशोरी ने पेट दर्द की शिकायत की तो परिजन उसे वाशी के जनरल हॉस्पिटल ले गए। वहां डॉक्टर ने जांच कर बताया कि किशोरी तीन माह की गर्भवती है। यह सुनकर परिजन को होश उड़ गए। मामला वासी पुलिस तक भी पहुंचा तो किशोरी ने हैरान कर देने वाली जानकारी दी। किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसने और उसके छोटे भाई ने दिसंबर महीने में अश्लील वीडियो देखा था। इसके बाद उन्होंने वीडियो में दिखाए गए दृश्य का अनुसरण किया। इसके बाद वे बार-बार ऐसा करने लगे।

    इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

    पुलिस ने आरोपी अपचारी किशोर को बाल सुधार गृह भेज दिया है। पुलिस ने किशोरी के बयान के आधार पर उसके भाई के विरुद्ध बहन के साथ कथित तौर पर कई बार बलात्कार करने और उसे गर्भवती करने के आरोप में केस दर्ज किया है। आरोपी भाई पर बलात्कार करने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), एक ही महिला से बार-बार बलात्कार करने के लिए धारा 376 (2) (एन) के साथ ही पॉस्को एक्ट की धारा 4, 6, 8 और 12 लगाई गई हैं।

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    Wed, 22 May 2024 02:38:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सावधान ! अगर आप मोबाइल फोन यूजर हैं तो पड़ सकते हैं परेशानी में, इसलिए पढ़ लें खबर क्योंकि... https://acntimes.com/Attention-If-you-are-a-mobile-phone-user-then-you-can-read-the-news https://acntimes.com/Attention-If-you-are-a-mobile-phone-user-then-you-can-read-the-news
  • डॉट अतवा ट्राई के नाम पर आपके मोबाइल को डिस्कनेक्ट करने की धमकी देने वाली किसी भी कॉल पर ध्यान न दें
  • ऐसी काल की शिकायत www.sancharsaathi.gov.in पर करें
  • एसीएन टाइम्म @ नई दिल्ली । संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (डॉट) ने नागरिकों को महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। विभाग ने कहा है कि मोबाइल फोन उपभोक्ता डॉट अथवा ट्राई के नाम वाली ऐसी फर्जी कॉल पर ध्यान न दें, जिसमें कॉल करने वाले उनके मोबाइल नंबरों को डिस्कनेक्ट करने की धमकी दे रहे हैं। यदि उनके मोबाइल नंबर का अवैध गतिविधियों में दुरुपयोग किए जाने की बात कही जा रही है तो भी उस पर ध्यान नहीं दें। ऐसे कॉल की संचार साथी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

    विभाग के अनुसार साइबर अपराधी ऐसी कॉल के जरिए साइबर अपराध/वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए धमकी देने या निजी जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। डॉट/ट्राई अपनी ओर से किसी को भी इस तरह की कॉल करने के लिए अधिकृत नहीं करता है और ऐसे मामले में लोगों को सतर्क रहने तथा संचार साथी पोर्टल (www.sancharsathi.gov.in/sfc) की 'चक्षु - रिपोर्ट सस्पेक्टेड फ्रॉड कम्युनिकेशंस' सुविधा पर ऐसी धोखाधड़ी वाली कॉल की शिकायत करें। इस तरह की त्वरित शिकायत से दूरसंचार विभाग को साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी आदि के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिल सकती है।

    यहां करें शिकायत

    डॉट ने नागरिकों को साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार होने की स्थिति में साइबर अपराध www.cybercrime.gov.in अथवा हेल्पलाइन नंबर 1930 पर  रिपोर्ट करने की सलाह दी है। इससे पूर्व भी दूरसंचार विभाग ने विदेशी मूल के मोबाइल नंबरों (जैसे +92-xxxxxxxxx) से सरकारी अधिकारियों के नाम पर लोगों को ठगने वाले व्हाट्सएप कॉल के बारे में भी सलाह जारी की थी।

    धोखाधड़ी से निपटने और साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के उपाय

    • चक्षु सुविधा के तहत, नागरिकों को दुर्भावनापूर्ण और फ़िशिंग एसएमएस भेजने में शामिल52 प्रमुख संस्थाओं को काली सूची में डाला गया है।
    • 700 एसएमएस सामग्री टैम्पलेट निष्क्रिय किए गए हैं।
    • सभी दूरसंचार ऑपरेटरों में अखिल भारतीय आधार पर348 मोबाइल हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए।
    • 10,834 संदिग्ध मोबाइल नंबरों को दूरसंचार ऑपरेटरों को पुन: सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया, जिनमें से30 अप्रैल, 2024 तक पुन: सत्यापन में विफल रहने पर 8,272 मोबाइल कनेक्शन काटे गए।
    • साइबर अपराध/वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल होने के कारण पूरे भारत में86 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए।
    • डॉट/ट्राई के नाम पर फर्जी नोटिस, संदिग्ध धोखाधड़ी संचार और प्रेस, एसएमएस और सोशल मीडिया के माध्यम से दुर्भावनापूर्ण कॉल के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए जनता को नियमित आधार पर सलाह जारी की जा रही है।
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    Fri, 17 May 2024 09:19:45 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मातृ दिवस पर विशेष : दुनिया की हर माँ के लिए यह रचनात्मक आभार, आप भी पढ़ें और अपनी माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कीजिए https://acntimes.com/special-on-Mothers-Day-This-creative-gratitude-for-every-mother-in-the-world https://acntimes.com/special-on-Mothers-Day-This-creative-gratitude-for-every-mother-in-the-world …मां, क्षमा लिखती अदालत है !

    माफ़ करना ही अमूमन मां की आदत है,

    फ़ैसले में, क्षमा लिखती अदालत है।

     

    मां के बच्चों पर अगर आ जाए आफ़त तो

    ऐसी आफ़त के लिए मां बनती आफ़त है।

     

    वित्तीय संकट के समय, देती बचत अपनी,

    जानिए मां से कि क्या होती किफ़ायत है!

     

    इस दौर में रिश्ते सियासी हो गए लेकिन

    मां की ममता में नहीं कोई सियासत है।

     

    मां तो है परमेश्वर का तोहफ़ा दुनिया को,

    मां है घर में तो समझ लो घर में राहत है।

    (दैनिक समाचार पत्र 'पत्रिका' से आभार)

    अज़हर हाशमी

    (कवि एवं साहित्यकार) 

     

    मां के पास… 

    व्रत, पूजा मत कीजिए, मत करिए उपवास

    केवल दो पल बैठिए, अपनी मां के पास।

     

    खड़ी मंथरा आज भी, कैकेई के पास,

    हर घर में इक राम के हिस्से में वनवास।

     

    सम्बन्धों में आ गया कुछ ऐसा बदलाव,

    घर वाले सब गैर हैं, बाहर वाले ख़ास।

     

    घर का पहला कक्ष था, कभी बड़ों के नाम,

    अब तो उनको रह गई, पिछवाड़े से आस।

     

    दूर सभी से हो चुका, ये नादां इंसान,

    अच्छाई को छोड़ के, खड़ा बुरे के पास।

     

    खड़े कभी से पास में, मिले गले भी खूब,

    बढ़े कभी तो आपका और मेरा विश्वास।

     

    तलवारें वो तान कर सिर पर बैठा देख,

    अटकी है 'आशीष' की, अब सांसों में सांस।

     आशीष दशोत्तर

    (9827084966)

     

    मां की महिमा...

    ‘मां’ शब्द छोटा सा, महिमा बड़ी है,

    संतान के सुख-दुख में हरपल खड़ी है।

    नौ माह तक कोख में पाला जिसे,

    खुशी उसकी, हर खुशी से बड़ी है।

    विषमताओं के झंझावातों से बचाने,

    आंचल अपना लेकर आगे बढ़ी है।

     

    नेह 'नीर' उसका 'रज़' में मिलने से

    अभिज्ञा - सुरभि ‘नीरज’ की बढ़ी है।

     - नीरज कुमार शुक्ला ‘नीर’

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    Sun, 12 May 2024 21:44:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर विशेष : क्यों अख़बार हुए सफल? जबकि ढेर लगी हैं चैनलों की...& डॉ. सुनीता श्रीवास्तव https://acntimes.com/Special-on-Press-Freedom-Day-3-May https://acntimes.com/Special-on-Press-Freedom-Day-3-May डॉ. सुनीता श्रीवास्तव 

    आज बेटे का जन्मदिन हैं। सुबह-सुबह उसे अख़बार पढ़ते देख, याद आया की आज तो 3 मई है! यानी विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस। उसके हाथों में अखबार देख मन ही मन मैं सोचने लगी- "हम 21वीं शताब्दी में जी रहे हैं, हमारे पास मोबाइल, टीवी जैसे कई आधुनिक यंत्र हैं। फिर भी आज के आधुनिक युवा या फिर ओल्ड फैशन बुजुर्ग, यह सभी अखबार पढ़ना क्यों पसंद करते हैं? जबकि ढेर लगी हुई हैं न्यूज चैनलों की!"

    यह तो सच है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने वर्तमान परिपेक्ष्य में काफी प्रभाव डाला हैं, किंतु आज के समय में भी अखबारों द्वारा अच्छा व्यापार चलाया जा रहा है। यदि इतिहास पर गौर करें तो अखबारों का सिलसिला सिर्फ 16वीं शताब्दी के अंत में यूरोप में शुरू हुआ था और वहीं 18वीं शताब्दी में भारत में "बंगाल गैजेट" के आते इस लघु महाद्वीप पर समाचार पत्रों के सिलसिले का शुभारंभ हुआ। इसी के बाद संपूर्ण विश्व से, 20वीं शताब्दी के आते ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का परिचय हुआ जो कि काफी सफल हुआ पर शायद समाचार पत्रों जितना नहीं।

    पर मुद्दे पर आते हैं कि क्यों अखबार ज्यादा सफल हुए? खासकर हिंदी अखबार?

    इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे अखबार हमें विभिन्न पहलुओं के संबंध में जानकारी प्रदान करते हैं। अखबारों की खासियत यह है कि इसे हम शांति से पढ़ सकते हैं, बिना बहस के। अखबारों की एक अच्छी बात है, कि इसमें डिबेट के तौर पर संवाद (डायलॉग) तो डाला जा सकता है, पर कभी चैनलों की तरह मिर्च मसाले जैसी भड़काऊ बहस नहीं, जोकि अखबारों की एक खासियत के साथ-साथ खामी भी कही जा सकती है। आज-कल कई वर्गों को बहस या तमाशा देखकर आनंद मिलता है, वही किसी को शांत माहौल भाता है।

    दरअसल, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का उपयोग सभी वर्ग के लोग ठीक से नहीं कर पाते। उसी के विपरीत एक समाचार-पत्र को कोई भी आराम से बेहद ही कम दाम में खरीद कर पढ़ सकता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को उपयोग करने हेतु हमें या तो किसी मोबाइल फोन या फिर कोई टीवी, लैपटॉप नहीं तो टैबलेट या आईपैड की अवश्यता होती हैं, जोकि बेहद खर्चीले होते हैं। अधिकतम बुजुर्ग वर्ग इन उपकरणों को इस्तेमाल करने में असक्षम पाए जाते हैं। इसके कारण अखबारों का प्रयोग बरकरार है।

    हम किसी भी समाचार-पत्र को देख लें, हम उसमें साहित्य, कला, सिटी, क्राइम, राजनैतिक, पुरस्कार, खेल, शिक्षा, कहानी इंफ्रास्ट्रक्चर इत्यादि… जैसे अनेक विषयों के बारे में पढ़ सकते हैं। लेकिन चैनलों पर सिर्फ प्राइम टाइम शो, डिबेट्स, इंटरव्यू या फिर बुलेटिन ही चलती रहती है। इससे न्यूज चैनलों के कंटेंट की विविधता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। किंतु चैनल तो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सिर्फ एक अंग है, पर यदि संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की बात करें तो फिर यह बात थोड़ी फीकी पड़ जाती है।

    एक और बात टीवी, मोबाइल… जैसे आधुनिक गैजेट्स पर समाचार पढ़ते या देखते वक्त उपकरण में से निकलती हुई खतरनाक रेडियो वेव्स हमारे स्वास्थ्य (नेत्र स्वास्थ्य) पर बुरा प्रभाव डालती हैं, अखबारों में यह संभव नहीं हैं। इसके कारण अधिकतम अभिभावक अपने शिशु को समाचार से अवगत करने के लिए अखबार पढ़ने की सिफारिश करते हैं। इनकी एक और खासियत है कि यह सभी वर्गों और क्षेत्रों से संबंधित विषयों की जानकारी देते हैं, यानी ज्यादा पाठकों का आकर्षण।

    यदि संक्षेप में बताएं तो अखबारों का जीवन्त रहना उनकी विविधता, साहित्यिक मूल्य और समर्थनीयता के कारण हो सकता है। इनका बेहद सस्ता होना और विस्तृत विषय सूची ने उन्हें आज भी लोकप्रिय बनाए रखा है। इसके अलावा, अखबारों का अवलोकन और अध्ययन व्यापार, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। 

    डॉ. सुनीता श्रीवास्तव

    इंदौर, मध्य प्रदेश

    sunita.shrivastava0309@gmail.com

    9826887380

    (लेखिका ‘शुभ संकल्प समूह’ की प्रधान संपादक, संस्थापक एवं निर्देशिका होकर साहित्यकार भी हैं।)

    डिस्क्लेमर

    ये विचार लेखिका के अपने हैं, जरूरी नहीं कि उनके द्वारा बताए गए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के भेद से एसीएन टाइम्स सहमत हो।

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    Fri, 03 May 2024 08:11:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    हाईकोर्ट का फैसला : व्यापमं घोटाला संबंधी पारस सकलेचा की याचिका खारिज, न्यायालय ने कहा& शिकायतकर्ता को इसका वैधानिक अधिकार नहीं https://acntimes.com/Paras-Saklechas-petition-related-to-Vyapam-scam-rejected-by-MP-High-Court https://acntimes.com/Paras-Saklechas-petition-related-to-Vyapam-scam-rejected-by-MP-High-Court एसीएन टाइम्स @ इंदौर । मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर की ने व्यापमं घोटाले की जांच को लेकर रतलाम के सामाजिक कार्यकर्ता, उद्योगपति एवं पूर्व महापौर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा है कि सकलेचा मामले में पीड़ित पक्ष नहीं होने से उन्हें शिकायत करने और याचिका दायर करने का कोई अधिकार नहीं है।

    सामाजिक कार्यकर्ता एवं उद्योगपति तथा कांग्रेस नेता पारस सकलेचा द्वारा मप्र उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। इसमें व्यापमं घोटाले को लेकर चल रही जांच में देरी होने की बात उठाते हुए संबंधित अधिकारियों पर जांच प्रभावित होने का आरोप लगाया था। सकलेचा ने याचिका में मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, पुलिस अधीक्षक विशेष कार्य बल (व्यापमं) तथा व्यापमं घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक को पक्षकार बनाया था। सकलेचा की रिट याचिका संख्या 20371/2023 की सुनवाई उच्च न्यायालय की डबल बेंच के न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी एवं गजेंद्र सिंह ने सुनवाई की।

    न्यायालय के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रत्यूष मिश्रा और प्रतिवादी पक्ष की ओर से एडिशनल अटॉर्नी जनरल एवं अधिवक्ता हिमांशु जोशी ने अपने-अपने तर्क रखे। साथ ही यह भी कहा गया था कि याचिका में उठाए गए प्रत्येक बिंदु को एक निश्चित अवधि में पूरा किया जाए और याचिकाकर्ता द्वारा की गई शिकायतों से संबंधित अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

    9 साल में भी पूरी नहीं हुई जांच

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता व्यापमं घोटाले में "व्हिसिल ब्लोअर" हैं। वे वर्ष 2009 से लगातार इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। याचिकाकर्ता की शिकायत यह है कि उनके खिलाफ सबूतों आदि के साथ विभिन्न शिकायतें दायर की गई थीं। घोटाले को 9 साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। अतः न्यायालय द्वारा दूसरे पक्ष को व्यापमं घोटाले को लेकर समय पर पूछताछ और जांच पूरी करने के निर्देश दिया जाए। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उनके द्वारा उठाए गए प्रत्येक मुद्दे पर समयबद्ध तरीके से जांच/पूछताछ पूरी करने और अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए।

    याचिकाकर्ता राजनीति से प्रेरित

    मामले में प्रतिवादी पक्ष की ओर से अतिरिक्त अटॉर्नी जनरल और अभिभाषक द्वारा याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर आपत्ति ली गई। उन्होंने न्यायालय को बताया कि याचिकाकर्ता राजनीति से प्रेरित व्यक्ति है और उसके इरादे गलत हैं जो स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। याचिकाकर्ता ने स्वयं खुलासा किया है कि वह विपक्षी दल का राजनीतिक नेता है। इसलिए उसके आरोप गलत हैं। याचिकाकर्ता द्वारा द्वारा आरोप लगाया गया है कि सत्ता में मौजूद सरकार जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। बिना किसी ठोस सबूत या सहायक दस्तावेज़ के केवल याचिकाकर्ता के इस आरोप पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

    न्यायालय की निगारानी में हो रही जांच

    प्रतिवादी पक्ष के अभिभाषक ने कहा कि विचाराधीन मामले में विभिन्न स्थानों पर किए गए विभिन्न घोटाले शामिल हैं। इनमें विभिन्न व्यक्ति शामिल हैं। ऐसे में जांच में किसी भी तरह की जल्दबाजी के परिणामस्वरूप पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है। इसलिए देरी होना तय है और ऐसा भी नहीं है कि मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है। जांच चल रही है, जो कि इस न्यायालय की व्यक्तिगत निगरानी में है। इसलिए देरी का आरोप लगाने वाले किसी भी आरोप पर जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं की जा सकती है। अतः न्यायालय को जांच करने वालों को अपना काम करने देना चाहिए और इस स्तर पर हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए।

    याचिकाकर्ता न घोटाले का पक्ष न ही व्यापमं का लाभार्थी

    प्रतिवादी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के पास किसी भी शिकायत का कोई अधिकार नहीं है। वह न तो घोटाले का पक्ष है और न ही व्यापमं का लाभार्थी है। इसलिए, केवल शिकायत दर्ज करने से ऐसी मांग करने का कोई कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं होगा। व्यापमं पीएमटी परीक्षा के संबंध में एसटीएफ भोपाल ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की थी। उसमें कहा गया था कि जांच की जा रही है। इसलिए जिस किसी भी व्यक्ति के पास व्यापमं के संबंध में कोई जानकारी या दस्तावेज हैं और वह इच्छुक हो तो वह एसटीएफ के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए 15 दिन की समय सीमा दी गई थी। इस सार्वजनिक नोटिस के आधार पर याचिकाकर्ता द्वारा ऐसे निर्देश की मांग की जा रही है। इस तरह के नोटिस जारी करने का उद्देश्य शिकायत दर्ज करना नहीं था बल्कि कुछ जानकारी/दस्तावेज प्रदान करना था। ऐसे में याचिकाकर्ता की भूमिका ही समाप्त हो जाती है। याचिका गलत और आधारहीन है। इसलिए यह खारिज किए जाने योग्य है।

    कानूनी चोट से पीड़ित को अदालत में चुनौती देने का अधिकार

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल वही व्यक्ति जो किसी कानूनी चोट से पीड़ित है, अधिनियम / आदेशों / नियमों आदि को अदालत में चुनौती दे सकता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका वैधानिक या कानूनी अधिकार को लागू करने के उद्देश्य से सुनवाई योग्य है। अधिकारियों द्वारा कानून के उल्लंघन के मामले में आम जनता को शिकायत दर्ज करनी थी। इस बारे में जांच में सहायता के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कोई जानकारी / दस्तावेज, यदि कोई हो, तो प्रस्तुत करना था।

    याचिकाकर्ता के पास कोई वैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं- न्यायालय

    न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने अपने फैसले में कहा कि इस मामले में, याचिकाकर्ता के पास कोई वैधानिक या कानूनी अधिकार नहीं। अधिकारियों की ओर से कोई वैधानिक कर्तव्य के उल्लंघन का मामला भी नहीं है जिसके आधार पर याचिकाकर्ता द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर विचार किया जा सके। यह याचिका पूरी तरह से गलत समझी गई है और इसमें कोई योग्यता और सार नहीं है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

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    Thu, 25 Apr 2024 13:06:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पृथ्वी दिवस (22 अप्रैल) पर प्रसंगवश : धरती को पानीदार बनाएं, आइए, धरती बचाएं ! https://acntimes.com/On-the-occasion-of-Earth-Day-April-22-Make-the-earth-watery-lets-save-the-earth https://acntimes.com/On-the-occasion-of-Earth-Day-April-22-Make-the-earth-watery-lets-save-the-earth आइए, धरती बचाएं !

    बड़ी - बड़ी ‘बातों’ से

    नहीं बचेगी धरती

    वह बचेगी

    छोटी - छोटी कोशिशों से

    मसलन

    हम

    नहीं फेंकें कचरा

    इधर - उधर

    स्वच्छ रहेगी धरती

    हम / नहीं खोदें गड्ढ़े

    धरती पर

    स्वस्थ रहेगी धरती

    हम / नहीं होने दें उत्सर्जित

    विषैली गैसें

    प्रदूषणमुक्त रहेगी धरती

    हम / नहीं काटें जंगल

    पानीदार रहेगी धरती

    धरती को पानीदार बनाएं

    आइए, धरती बचाएं !

    अज़हर हाशमी

    कवि, साहित्यकार, चिंतक, प्रोफेसर

    (कविता हिंदी दैनिक ‘पत्रिका’ समाचार पत्र से साभार)

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    Mon, 22 Apr 2024 20:35:08 +0530 Niraj Kumar Shukla
    डॉ. आंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) पर विशेष... बाबा साहेब आंबेडकर : ‘मूक’ समाज को आवाज देकर बन गए उनके ‘नायक’ https://acntimes.com/Special-on-Baba-Saheb-Ambedkar-Jayanti https://acntimes.com/Special-on-Baba-Saheb-Ambedkar-Jayanti प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी

    “अगर कोई इंसान, हिंदुस्तान के क़ुदरती तत्वों और मानव समाज को एक दर्शक के नज़रिए से फ़िल्म की तरह देखता है, तो ये मुल्क नाइंसाफ़ी की पनाहगाह के सिवा कुछ नहीं दिखेगा।” बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने आज से 103 वर्ष पूर्व 31 जनवरी 1920 को अपने अख़बार 'मूकनायक' के पहले संस्करण के लिए जो लेख लिखा था, यह उसका पहला वाक्य है। अपनी पुस्तक ‘पत्रकारिता के युग निर्माता : भीमराव आंबेडकर’ में लेखक सूर्यनारायण रणसुभे ने इसलिए कहा भी है- कि “जाने-अनजाने बाबा साहेब ने इसी दिन से दीन-दलित, शोषित और हजारों वर्षों से उपेक्षित मूक जनता के नायकत्व को स्वीकार किया था।”

         बाबा साहेब ने 'मूकनायक' पत्र की शुरुआत की थी। इस समाचार पत्र के नाम में ही आंबेडकर का व्यक्तित्व छिपा हुआ है। वे 'मूक' समाज को आवाज देकर ही उनके 'नायक' बने। बाबा साहेब ने कई मीडिया प्रकाशनों की शुरुआत की। उनका संपादन किया। सलाहकार के तौर पर काम किया और मालिक के तौर पर उनकी रखवाली की। मूकनायक के प्रकाशन के समय बाबा साहेब की आयु मात्र 29 वर्ष थी। और वे तीन वर्ष पूर्व ही यानी 1917 में अमेरिका से उच्च शिक्षा ग्रहण कर लौटे थे। अक्सर लोग ये प्रश्न करते हैं कि कि एक उच्च शिक्षित युवक ने अपना समाचार-पत्र मराठी भाषा में क्यों प्रकाशित किया? वह अंग्रेजी भाषा में भी समाचार-पत्र का प्रकाशन कर सकते थे। ऐसा करके वह अभिजन समाज के बीच प्रसिद्धि पा सकते थे और अंग्रेज सरकार तक दलितों की स्थिति प्रभावी ढंग से रख सकते थे। लेकिन बाबा साहेब ने ‘मूकनायक’ का प्रकाशन वर्षों के शोषण और हीनभावना की ग्रंथि से ग्रसित दलित समाज के आत्म-गौरव को जगाने के लिए किया गया था। जो समाज शिक्षा से दूर था, जिसके लिए अपनी मातृभाषा मराठी में लिखना और पढ़ना भी कठिन था, उनके बीच जाकर ‘अंग्रेजी मूकनायक’ आखिर क्या जागृति लाता? इसलिए आंबेडकर ने मराठी भाषा में ही समाचार पत्रों का प्रकाशन किया।

         अगर हम उनकी पहुंच की और उनके द्वारा चलाए गए सामाजिक आंदोलनों की बात करें, तो बाबा साहेब अपने समय में संभवत: सब से ज़्यादा दौरा करने वाले नेता थे। सबसे खास बात यह है कि उन्हें ये काम अकेले अपने बूते ही करने पड़ते थे। न तो उन के पास सामाजिक समर्थन था, न ही आंबेडकर को उस तरह का आर्थिक सहयोग मिलता था, जैसा कांग्रेस पार्टी को हासिल था। इसके विपरीत, आंबेडकर का आंदोलन ग़रीब जनता का आंदोलन था। उनके समर्थक वो लोग थे, जो समाज के हाशिए पर पड़े थे, जो तमाम अधिकारों से महरूम थे, जो ज़मीन के नाम पर या किसी ज़मींदार के बंधुआ थे। आंबेडकर का समर्थक, हिंदुस्तान का वो समुदाय था, जो आर्थिक रूप से सब से कमज़ोर था। इसका नतीजा ये हुआ कि आंबेडकर को सामाजिक आंदोलनों के बोझ को सिर से पांव तक केवल अपने कंधों पर उठाना पड़ा। उन्हें इस के लिए बाहर से कुछ ख़ास समर्थन हासिल नहीं हुआ। और ये बात उस दौर के मीडिया को बख़ूबी नज़र आती थी। आंबेडकर के कामों को घरेलू ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी जाना जाता था।

         हमें हिंदुस्तान के मीडिया में आंबेडकर की मौजूदगी और उनके संपादकीय कामों की जानकारी तो है, लेकिन ये बात ज़्यादातर लोगों को नहीं मालूम कि उन्हें विदेशी मीडिया में भी व्यापक रूप से कवरेज मिलती थी। बहुत से मशहूर अंतरराष्ट्रीय अख़बार, आंबेडकर के छुआछूत के ख़िलाफ़ अभियानों और महात्मा गांधी से उनके संघर्षों में काफ़ी दिलचस्पी रखते थे। लंदन का 'द टाइम्स', ऑस्ट्रेलिया का 'डेली मर्करी', और  'न्यूयॉर्क टाइम्स', 'न्यूयॉर्क एम्सटर्डम न्यूज़', 'बाल्टीमोर अफ्रो-अमरीकन', 'द नॉरफॉक जर्नल' जैसे अख़बार अपने यहां आंबेडकर के विचारों और अभियानों को प्रमुखता से प्रकाशित करते थे। भारतीय संविधान के निर्माण में आंबेडकर की भूमिका हो या फिर संसद की परिचर्चाओं में आंबेडकर के भाषण, या फिर नेहरू सरकार से आंबेडकर के इस्तीफ़े की ख़बर। इन सब पर दुनिया बारीक़ी से नज़र रखती थी। बाबा साहेब ने अपने सामाजिक आंदोलन को मीडिया के माध्यम से भी चलाया।

         उन्होंने मराठी भाषा मे अपने पहले समाचार पत्र 'मूकनायक' की शुरुआत क्षेत्रीयता के सम्मान के साथ की थी। मूकनायक के अभियान के दिग्दर्शन के लिए तुकाराम की सीखों को बुनियाद बनाया गया। इसी तरह, आंबेडकर के एक अन्य अख़बार ‘बहिष्कृत भारत’ का मार्गदर्शन संत ज्ञानेश्वर के सबक़ किया करते थे। आंबेडकर ने इन पत्रिकाओं के माध्यम से भारत के अछूतों के अधिकारों की मांग उठाई। उन्होंने मूकनायक के पहले बारह संस्करणों का संपादन किया, जिसके बाद उन्होंने इसके संपादन की ज़िम्मेदारी पांडुरंग भाटकर को सौंप दी थी। बाद में डी डी घोलप इस पत्र के संपादक बने। हालांकि मूकनायक का प्रकाशन 1923 में बंद हो गया। इसकी खास वजह ये थी कि आंबेडकर, इस अख़बार का मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध नहीं थे। वो उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए थे। इसके अलावा अख़बार को न तो विज्ञापन मिल पा रहे थे और न ही उसके ग्राहकों की संख्या इतनी ज़्यादा थी कि उससे अख़बार के प्रकाशन का ख़र्च निकाला जा सके। शुरुआती वर्षों में राजिश्री शाहू महाराज ने इस पत्रिका को चलाने में सहयोग दिया था। आंबेडकर की पत्रकारिता का अध्ययन करने वाले गंगाधर पानतावणे कहते हैं कि, ‘मूकनायक का उदय, भारत के अछूतों के स्वाधीनता आंदोलन के लिए वरदान साबित हुआ था। इसने अछूतों की दशा-दिशा बदलने वाला विचार जनता के बीच स्थापित किया।’

         मूकनायक का प्रकाशन बंद होने के बाद, आंबेडकर एक बार फिर से पत्रकारिता के क्षेत्र में कूदे, जब उन्होंने 3 अप्रैल 1927 को 'बहिष्कृत भारत' के नाम से नई पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया। ये वही दौर था, जब आंबेडकर का महाद आंदोलन ज़ोर पकड़ रहा था। बहिष्कृत भारत का प्रकाशन 15 नवंबर 1929 तक होता रहा। कुल मिला कर इसके 43 संस्करण प्रकाशित हुए। हालांकि, बहिष्कृत भारत का प्रकाशन भी आर्थिक दिक़्क़तों की वजह से बंद करना पड़ा। मूकनायक और बहिष्कृत भारत के हर संस्करण की क़ीमत महज़ डेढ़ आने हुआ करती थी, जबकि इस की सालाना क़ीमत डाक के ख़र्च को मिलाकर केवल 3 रुपए थी। इसी दौरान ‘समता’ नाम के एक और पत्र का प्रकाशन आरंभ हुआ, जिससे ‘बहिष्कृत भारत’ को नई ज़िंदगी मिली। उसे 24 नवंबर 1930 से 'जनता' के नए नाम से प्रकाशित किया जाने लगा। जनता, भारत में दलितों के सब से लंबे समय तक प्रकाशित होने वाले अखबारों में से है, जो 25 वर्ष तक छपता रहा था। ‘जनता’ का नाम बाद में बदल कर, 'प्रबुद्ध भारत' कर दिया गया था। ये सन् 1956 से 1961 का वही दौर था, जब आंबेडकर के आंदोलन को नई धार मिली थी।

         बाबा साहब आंबेडकर ने 65 वर्ष 7 महीने और 22 दिन की अपनी जिंदगी में करीब 36 वर्ष तक पत्रकारिता की। ‘मूकनायक’ से लेकर ‘प्रबुद्ध भारत’ तक की उनकी यात्रा, उनकी जीवन-यात्रा, चिंतन-यात्रा और संघर्ष-यात्रा का भी प्रतीक है। मेरा मानना है कि ‘मूकनायक’... ‘प्रबुद्ध भारत’ में ही अपनी और पूरे भारतीय समाज की मुक्ति देखता है। आंबेडकर की पत्रकारिता का संघर्ष ‘मूकनायक’ के माध्यम से मूक लोगों की आवाज बनने से शुरू होकर, ‘प्रबुद्ध भारत’ के निर्माण के स्वप्न के साथ विराम लेता है। ‘प्रबुद्ध भारत’ यानी एक नए भारत का निर्माण। आंबेडकर के विचारों का फलक बहुत बड़ा है। ये सही है कि उन्होंने वंचित और अछूत वर्ग के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन उनका मानवतावादी दष्टिकोण हर वर्ग को छूता है। आंबेडकर का मानना था कि पत्रकारिता का पहला कर्तव्य है, “बिना किसी प्रयोजन के समाचार देना, बिना डरे उन लोगों की निंदा करना, जो गलत रास्ते पर जा रहें हों, फिर चाहे वे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों और पूरे समुदाय के हितों की रक्षा करने वाली नीति को प्रतिपादित करना।”

    प्रो. (डॉ) संजय द्विवेदी

    (लेखक माखनलाल चतुर्वेदी चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के जनसंचार विभाग में आचार्य हैं)

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    Sun, 14 Apr 2024 00:41:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी खबर : सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को जारी किया नोटिस, 100 % VVPAT पर्चियों की गिनती को लेकर लोकसभा चुनाव से पहले मांगा जवाब https://acntimes.com/Supreme-Court-issued-notice-to-Election-Commission-and-Central-Government https://acntimes.com/Supreme-Court-issued-notice-to-Election-Commission-and-Central-Government अभी रेंडम आधार पर चयनित 5 वीवीपेट मशीनों की पर्चियों के सत्यापन का है प्रावधान

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । देश की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। नोटिस उस याचिका पर जारी किया गया है जिसमें संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सभी मतदाता सत्यापित पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्चियों की गिनती की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले में दोनों से जवाब मांगा है।

    कांग्रेस सहित तमाम दल लंबे समय से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से होने वाले मतदान की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। इसके चलते ही ईवीएम में डाले गए मत का वीवीपेट पर्चियों से सत्यापन की व्यवस्था शुरू की गई है। वर्तमान में केवल रेंडम आधार पर चयनित सिर्फ 5 वीवीपेट की पर्चियों की ही गिनती कर ईवीएम में डले मतों से सत्यापित किया जाता है। इससे पहले सिर्फ एक वीवीपेट की पर्चियों के सत्यापन की व्यवस्था थी जिसे 8 अप्रैल, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक लोकसभा में वीवीपैट पर्चियों के माध्यम से गुजरने वाली ईवीएम की संख्या को एक से बढ़ाकर पांच करने का आदेश दिया था।

    इन्होंने दायर की याचिका

    राजनीतिक दल सत्यापन की इस व्यवस्था से भी संतुष्ट नहीं हैं। उनके द्वारा सभी वीवीपेट पर्चियों की गिनती की मांग की जा रही है। दरअसल, वीवीपैट एक स्वतंत्र वोट सत्यापन प्रणाली है, जिससे कोई भी यह जांच सकता है कि उसका वोट सही तरीके से डला  या नहीं। ऐसी ही मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अरुण कुमार अग्रवाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। न्यायमूर्ति बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने चुनाव आयोग (ईसी) और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। फिलहाल अगली तारीख नियत नहीं है लेकिन संभावना जताई जा रही है कि 17 मई की तारीख सुनवाई के लिए तय की जा सकती है। न्यायालय में याचिकाकर्ता अग्रवाल की ओर से पैरवी वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन और वकील नेहा राठी ने की।

    24 लीख VVPAT मशीनें खरीदें, सत्यापन 20 हजार का

    दायर याचिका में चुनाव आयोग के दिशानिर्देश को भी चुनौती दी गई है। इसमें कहा गया है कि अगस्त 2023 के मैनुअल के दिशानिर्देश संख्या 14.7 (एच) के अनुसार VVPAT का सत्यापन क्रमिक रूप से किया जाएगा, यानी एक के बाद एक। ऐसा करने पर सत्यापन में अनावश्यक देरी होगी। परिणाम भी अनुचित निकलते हैं। वहीं यदि सभी वीवीपेट पार्चियों का एकसाथ सत्यापन किया जाए तो प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में गिनती के लिए अधिक अधिकारी तैनात करने होंगे। ऐसा करने से पूरा सत्यापन कार्य पांच से छह घंटे में पूरा हो सकता है। याचिका के अनुसार सरकार ने 24 लाख वीवीपेट मशीनें खरीदी गई हैं। इस पर तकरीबन पांच हजार करोड़ रुपए व्यय किए गए हैं। फिर भी वर्तमान में लागू व्यवस्था के तहत केवल 20 हजार वीवीपेट की पर्चियों का ही सत्यापन हो सकता है।

    पहले भी दायर हो चुकी है ऐसी याचिका

    इससे पूर्व एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा भी एक याचिका याचिका की गई थी। इसका जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने सभी वीवीपैट को सत्यापित करने में व्यावहारिक कठिनाइयां आने का हवाला दिया था। तब न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अगुवाई वाली पीठ ने एडीआर 100% वीवीपैट सत्यापन की मांग पर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा था कि इससे बिना किसी महत्वपूर्ण लाभ के ईसीआई का बोझ बढ़ जाएगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरुण अग्रवाल की याचिका को भी एडीआर की याचिका के साथ टैग कर सुना गया है।

    X हैंडल पर दी जानकारी

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी शेयर की। उन्होंने इसे राहत की बात कहा है। उन्होंने कहा है कि नोटिस एक महत्वपूर्ण पहला कदम है, लेकिन इसके सार्थक होने के लिए, चुनाव शुरू होने से पहले मामले पर निर्णय लिया जाना चाहिए।

    चुनाव आयोग ने नहीं दिया मिलने का समय

    X पर ही एक अन्य पोस्ट में जयराम रमेश ने लिखा है कि चुनाव आयोग ने INDIA गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार कर दिया है। हमारी मांग थी कि ईवीएम में जनता का विश्वास बढ़ाने और चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए VVPAT पर्चियों के 100 % मिलान किए जाए।

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    Tue, 02 Apr 2024 01:50:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सावधान ! कहीं आपके पास भी तो नहीं आया ‘दूरसंचार विभाग’ का ऐसा कॉल, अगर आया है तो पढ़ लें यह खबर वरना... https://acntimes.com/Attention-Have-you-ever-received-such-a-call https://acntimes.com/Attention-Have-you-ever-received-such-a-call सरकार ने दूरसंचार विभाग का नाम लेकर लोगों को मोबाइल नंबर बंद करने की धमकी देने वाली कॉल के बारे में जारी की एडवाइजरी

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DOT) नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग के अनुसार नागरिकों को ऐसे कॉल आ रहे हैं, जिनमें कॉल करने वाला व्यक्ति डीओटी का नाम लेकर उसके सभी मोबाइल नंबर काट देने या उनके मोबाइल नंबर का कुछ अवैध गतिविधियों में दुरुपयोग होने की धमकी दे रहे हैं। डीओटी ने विदेशी मूल के मोबाइल नंबरों जैसे (+92 - xxxxxxxxxx) से सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले व्हाट्सएप कॉल को लेकर भी एडवाइजरी परामर्श जारी की है।

    DOT के अनुसार साइबर अपराधी ऐसी कॉल के माध्यम से साइबर - अपराध / वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए धमकी देते हैं और व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं। जबकि दूरसंचार विभाग अपनी ओर से किसी को भी ऐसी कॉल करने के लिए अधिकृत नहीं करता है। यही कारण है कि विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसी कॉल प्राप्त होने पर कोई भी जानकारी साझा नहीं करें।

    इस सुविधा का करें उपयोग

    DOT ने नागरिकों को संचार साथी पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) की 'चक्षु-रिपोर्ट संदिग्ध धोखाधड़ी संचार' सुविधा पर ऐसे धोखाधड़ी वाले संदेशों की रिपोर्ट करने का परामर्श दिया है। सक्रियता के साथ इसकी रिपोर्ट किए जाने से दूरसंचार विभाग को साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी आदि के लिए दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।

    रिपोर्ट करें, हेल्पलाइन की सलाह लें

    इसके अलावा संचार साथी पोर्टल (www.sancharsaathi.gov.in) की ‘नो योर मोबाइल कनेक्शंस’ सुविधा पर नागरिक अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जांच कर सकते हैं और ऐसे किसी भी मोबाइल कनेक्शन की रिपोर्ट कर सकते हैं जो उन्होंने नहीं लिया है या जिसकी उन्हें आवश्यकता नहीं है। डीओटी ने पहले से ही साइबर अपराध या वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हो चुके नागरिकों को भी साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करने की सलाह दी है।

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    Sat, 30 Mar 2024 17:12:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    एक था DON ! UP के माफिया मुख्तार अंसारी की मौत, डॉक्टरों की पैनल करेगी PM, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, पुलिस&प्रशासन हाई अलर्ट पर, मऊ में धारा 144 लागू https://acntimes.com/DON-Mukhtar-Ansari-Death https://acntimes.com/DON-Mukhtar-Ansari-Death एसीएन टाइम्स @ कानपुर / नई दिल्ली / लखनऊ । उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात मौत हो गई। जेल में तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने मुख्तार को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर इसकी जानकारी दी।

    अस्पताल प्रशासन जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार 28 मार्च (गुरुवार) को रात 8:25 बजे सिद्धदोष / विचाराधीन बंदी मुख्तार अंसारी पुत्र सुभानल्लाह (63) वर्ष को जेल कर्मिकों द्वारा बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के आकस्मिक विभाग में भर्ती कराया था। बुलेटिन के अनुसार मरीज को 09 डॉक्टरों की टीम ने तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कौशल के अनुसार मुख्‍तार की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई। उसे बेहोशी की हालत में यहां लाया गया था। जेलकर्मियों ने उसे उल्टियां होने की शिकायत दी थी।

    मंगलवार को भी भर्ती करना पड़ा था

    इससे पहले भी मंगलवार को मुख्तार को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। तब डॉक्टरों ने कब्ज की समस्या बताई थी। उसे इलाज के बाद उसी दिन वापस जेल भेज दिया गया था। बुधवार को जेल में स्वास्थ्य परीक्षण हुआ जिसमें सबकुछ सामान्य बताया गया था। बताते हैं कि गुरुवार को मुख्तार ने खिचड़ी खाई, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद रात को उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे मेडिकल अस्पताल भर्ती कराना पड़ा। बताया जाता है कि पहले मुख्तार को आईसीयू में रखा गया लेकिन स्थिति गंभीर होने पर उसे सीसीयू में शिफ्ट किया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।

    बेटे उमर अंसारी ने जताई यह आशंका

    मौत की खबर मिलते ही मुख्तार अंसारी का शव लेने उसका बेटा उमर अंसारी मेडिकल कॉलेज पहुंच गया था। मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी का कहना है कि प्रशासन की ओर से मुझे कुछ नहीं बताया गया, मुझे मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली। उमर के अनुसार पूरा देश सब कुछ जानता है। दो दिन पहले मैं उनसे मिलने आया था, लेकिन मुझे इजाजत नहीं मिली। उमर अंसारी ने कहा कि धीमा जहर देने के आरोप पर हमने पहले भी कहा था और आज भी यही कहेंगे। आशंका है कि पिता को धीमा जहर दिया गया।

    ये स्‍वाभाव‍िक मौत नहीं- स्वामी प्रसाद मौर्य

    स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुख्तार की मौत को लेकर x सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि, ‘यह स्वाभाविक मौत नहीं हत्या की साज‍िश प्रतीत होती है। पहले डॉक्टरों के पैनल ने अस्पताल से डिस्चार्ज किया। कुछ घंटों बाद ही उनकी मौत, पारिवारिजनों द्वारा लगाए गए हत्या की साजिश की पुष्टि करती है।’ यह वजह है अंसारी के समर्थक मांग कर रहे हैं कि पूरे घटना क्रम की जांच उच्च न्यायालय की देख-रेख में होना चाहिए। पोस्टमार्टम भी उच्च न्यायालय के किसी जज के अभिरक्षण में ही किया जाना चाहिए। ताकि न्याय का गला घोटने वालों का चेहरा बेनकाब हो सके। उनका कहना है कि इससे थानों, जेलों, पुलिस अभिरक्षण में साजिशन किए जा रही इस तरह की हत्याओं पर विराम लग सके।

    तीन सदस्यीय टीम करेगी मजिस्ट्रियल जांच

    मुख्तार अंसारी की संदिग्ध मौत के आरोपों के चलते उसकी मौत की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच तीन सदस्यीय टीम करेगी। 2 डॉक्टरों की पैनल पोस्टमार्टम करेगा जिसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

    मऊ में धारा 144 लागू, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

    उधर, मुख्तार अंसारी की मौत की सूचना मिलते ही मऊ पुलिस ने तुरंत संवेदनशील इलाकों में बल तैनात कर दिया। शुक्रवार को नमाज भी पढ़ी जाएगी। मऊ एसपी के अनुसार अफवाहें फैल रही हैं कि क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है जबकि हम हाई अलर्ट पर हैं। मऊ में सीआरपीसी की धारा 144 पहले ही लागू की गई है। एसपी ने सभी से शांति बनाए रखने की और अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    कालीबाग कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक की तैयारी

    परिजन के अनुसार परिवार का गाजीपुर जिले के काली बाग में पारिवारिक कब्रिस्तान है। वहीं पर मुख्तार को सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी की जा रही है। इसके मद्देनजर जिले में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    एक था मुख्तार अंसारी

    मुख्तार अंसारी पिता सुभानल्लाह अंसारी उत्तर प्रदेश का राजनेता था। अंसारी मऊ निर्वाचन क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य के रूप में रिकॉर्ड पांच बार विधायक चुना गया। वह अन्य अपराधों सहित कृष्णानंद राय हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था। अंसारी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक उम्मीदवार के रूप में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता।बाद में दो चुनावों में एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में 2007 में चुनाव लड़ा और फिर बसपा में शामिल हो गया। 2009 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली।

    बसपा ने 2010 में मुख्तार को आपराधिक गतिविधियों के कारण पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बाद में उसने अपने भाइयों के साथ अपनी पार्टी कौमी एकता दल बनाई। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2012 में माऊ सीट से विधायक चुना गया। 2017 में बसपा के साथ कौमी एकता दल का विलय हो गया। बसपा उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव में पांचवीं बार विधायक बना था।

    छह मामलों में सजायाफ्ता था मुख्तार अंसारी

    मुख्तार अंसारी की उम्र 63 वर्ष थी। पूर्वांचल की राजनीति पर दबदबा रखने वाले मुख्तार के रसूख को योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में खत्म कर दिया गया। अंसारी के गिरोह पर लगातार कार्रवाई चली। उसे अब तक आठ मामलों में सजा मिल चुकी थी। फर्जी आर्म्स लाइसेंस केस में उम्रकैद की सजा मिली थी। अगर सजा के दो मामलों जिन पर कोर्ट की रोक को, छोड़ दें तो वह वर्तमान में छह मामलों में सजायाफ्ता था। उसका पूरा परिवार भी इस समय फंसा है। गाजीपुर से बसपा सांसद व मुख्तार के बड़े भाई अफजाल को भी गैंगस्टर एक्ट में चार साल की सजा हुई थी। इसके चलते ही संसद की सदस्यता छिनी थी। हालांकि जब कोर्ट ने सजा पर रोक लगाई तो अफजाल की सदस्यता पुनः बहाल हो गई थी।

    इन मामलों में हुई थी सजा

    21 सितंबर, 2022 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और धमकाने के मामले में सजा थी। लखनऊ के आलमबाग में दर्ज केस की धारा 353 के तहत दो साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना हुआ था। वहीं धारा 504 के तहत दो साल की कैद और 2 हजार रुपए का जुर्माना, धारा 506 में 7 साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी हुई थी।

    23 सितंबर, 2022 : लखनऊ के हजरतगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट में केस दर्ज हुआ था। मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो साल की कैद की सजा सुनाने के साथ ही 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

    15 दिसंबर 2022 : गैंगस्टर एक्ट में गाजीपुर एमपी - एमएलए कोर्ट ने 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 5 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया।

    25 फरवरी, 2023 : आर्म्स एक्ट और 5-टाडा एक्ट के तहत नई दिल्ली में दर्ज केस में एएसजे साउथ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 10 साल के सश्रम कारावास और 5.55 लाख रुपए की सजा सुनाई थी।

    29 अप्रैल, 2023 : गैंगस्टर एक्ट में गाजीपुर एमपी - एमएलए कोर्ट के एएसजे चतुर्थ ने 10 साल के सश्रम कारावास और 5 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

    5 जून, 2023 : चर्चित अवधेश राय हत्याकांड में उम्र कैद की सजा हुई।

    15 दिसंबर, 2023 : रूंगटा परिवार को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए का जुर्माना हुआ था।

    13 मार्च, 2024 : मुख्तार अंसारी को फर्जी लाइसेंस मामले में आईपीसी की धारा 428, 467, 468 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत आरोप सिद्ध होने के बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 2 लाख 2 हजार रुपए जुर्माना भी हुआ था।

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    Fri, 29 Mar 2024 13:05:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    शब्द&रंग ! ‘साजन! होली आई है!’ आओ ‘केशर की, कलि की पिचकारी’ से ‘रचें रंग के छंद!’ ‘फागुन का संगीत’ सुनें फिर ‘देख बहारें होली की’ https://acntimes.com/This-is-word-colored-Holi https://acntimes.com/This-is-word-colored-Holi फागुन का महीना है, हर तरफ उल्लास है। कहीं गालों पर गुलाल मला जा रहा है तो कहीं पिचकारी तन भिगो रही। आओ हम भी सराबोर हो जाएं इस होली पर ‘शब्द-रंग’ से। एसीएन टाइम्स शब्दों के ये रंग खास आप के लिए लाया है जो हमारे कवियों और रचनाकारों की कलम से निकले हैं। इन रंगों से न तन भीगेगा, न गाल गुलाबी होंगे लेकिन पढ़कर, सुनकर और गुनगुना कर अहसास वैसे ही होंगे। हमें अंतर्मन को भिगो देने वाली ऐसी होली खेलने का सुख देने वाले सभी दिवंगत और हमारे बीच उपस्थित रचनाकारों का आभार।

    1.

    केशर की, कलि की पिचकारी

    पात-पात की गात संवारी।

    राग-पराग-कपोल किए हैं,

    लाल-गुलाल अमोल लिए हैं

    तरू-तरू के तन खोल दिए हैं,

    आरती जोत-उदोत उतारी-

    गन्ध-पवन की धूप धवारी।

    गाए खग-कुल-कण्ठ गीत शत,

    संग मृदंग तरंग-तीर-हत

    भजन-मनोरंजन-रत अविरत,

    राग-राग को फलित किया री

    विकल-अंग कल गगन विहारी। 

    -सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

     

    (2)

    होली के त्योहार का, तब ही है आनंद।

    जब निश्छल-निर्मल हृदय, रचें रंग के छंद।। 

    होली यानी रंग की, मुरली की लय-ताल।

    होली यानी प्रेम से, मलें अबीर-गुलाल।। 

    होली में हर्षित रहे, प्रेम और सद्भाव।

    रंगों का त्योहार है, दूर करें दुर्भाव।। 

    होली मतलब रंग का, रंगों से संवाद।

    होली सबसे कह रही, बना रहे सौहार्द।। 

    होली के इस पर्व पर, शिकवे हो सब दूर।

    आपस में कायम रहे, स्नेहभरा दस्तूर।। 

    - प्रो. अज़हर हाशमी

    (रचनाकार ख्यात कवि, चिंतक, लेखक, समालोचक हैं। रचना हिंदी दैनिक पत्रिका से साभार।) 

    (3)

    जब फागुन रंग झमकते हो तब देख बहारें होली की।

    और दफ़ के शोर खड़कते हों तब देख बहारें होली की।

    परियों के रंग दमकते हों तब देख बहारें होली की।

    खूम शीश-ए-जाम छलकते हों तब देख बहारें होली की।

    महबूब नशे में छकते हो तब देख बहारें होली की।

     

    हो नाच रंगीली परियों का, बैठे हों गुलरू रंग भरे।

    कुछ भीगी तानें होली की, कुछ नाज़-ओ-अदा के ढंग भरे।

    दिल फूले देख बहारों को, और कानों में अहंग भरे।

    कुछ तबले खड़कें रंग भरे, कुछ ऐश के दम मुंह चंग भरे।

    कुछ घुंगरू ताल छनकते हों, तब देख बहारें होली की।

     

    गुलज़ार खिलें हों परियों के और मजलिस की तैयारी हो।

    कपड़ों पर रंग के छीटों से खुश रंग अजब गुलकारी हो।

    मुंह लाल, गुलाबी आंखें हो और हाथों में पिचकारी हो।

    उस रंग भरी पिचकारी को अंगिया पर तक कर मारी हो।

    सीनों से रंग ढलकते हों तब देख बहारें होली की।

     

    और एक तरफ़ दिल लेने को, महबूब भवइयों के लड़के,

    हर आन घड़ी गत फिरते हों, कुछ घट घट के, कुछ बढ़ बढ़ के,

    कुछ नाज़ जतावें लड़ लड़ के, कुछ होली गावें अड़ अड़ के,

    कुछ लचके शोख कमर पतली, कुछ हाथ चले, कुछ तन फड़के,

    कुछ काफ़िर नैन मटकते हों, तब देख बहारें होली की।

     

    ये धूम मची हो होली की, ऐश मज़े का झक्कड़ हो।

    उस खींचा खींची घसीटी पर, भड़वे खन्दी का फक्कड़ हो।

    माजून, रबें, नाच, मज़ा और टिकियां, सुलफा कक्कड़ हो।

    लड़ भिड़ के 'नज़ीर' भी निकला हो, कीचड़ में लत्थड़ पत्थड़ हो।

    जब ऐसे ऐश महकते हों, तब देख बहारें होली की। 

    -नज़ीर अकबराबादी

    (रचनाकार महान भारतीय शायर रहे हैं जिनका जन्म 1737 और निधन 1830 में हुआ) 

    (4)

    रंग खुद ही बोलते हैं 

    तोड़कर ख़ामोशियों को

    रंग खुद ही बोलते हैं।

     

    ये बिखरने की हमेशा सीख ही देते यहां पर,

    ये हमें दिखने लगेंगे,देख लेंगे हम जहां पर।

    सादगी में ये सदा ही

    एक नवरस घोलते हैं।

    तोड़कर ख़ामोशियों को

    रंग खुद ही बोलते हैं।

     

    लाल,नीले या हरे का कोई इनको नाम न दो,

    बांटकर फिर दायरों में कोई भी इल्ज़ाम न दो।

    ठान लेते हैं कभी

    ये तब सिंहासन डोलते हैं।

    तोड़कर ख़ामोशियों को

    रंग खुद ही बोलते हैं।

     

    नफ़रतों से दूर रहने की यही तालीम देंगे,

    और बदले में कभी ये आपसे कुछ भी न लेंगे।

    बैर की हर गांठ को

    ये प्रेम से ही खोलते हैं।

    तोड़कर ख़ामोशियों को

    रंग खुद ही बोलते हैं। 

    - आशीष दशोत्तर

    (संपर्क - 9827084966) 

    (5)

    साजन! होली आई है!

    सुख से हंसना

    जी भर गाना

    मस्ती से मन को बहलाना

    पर्व हो गया आज-

    साजन! होली आई है!

    हंसाने हमको आई है!

    साजन! होली आई है!

     

    इसी बहाने

    क्षण भर गा लें

    दुखमय जीवन को बहला लें

    ले मस्ती की आग-

    साजन! होली आई है!

    जलाने जग को आई है!

    साजन! होली आई है!

     

    रंग उड़ाती

    मधु बरसाती

    कण-कण में यौवन बिखराती,

    ऋतु वसंत का राज-

    लेकर होली आई है!

    जिलाने हमको आई है!

    साजन! होली आई है!

     

    खूनी और बर्बर

    लड़कर-मरकर-

    मधकर नर-शोणित का सागर

    पा न सका है आज-

    सुधा वह हमने पाई है!

    साजन! होली आई है!

    साजन! होली आई है!

     

    यौवन की जय!

    जीवन की लय!

    गूंज रहा है मोहक मधुमय

    उड़ते रंग-गुलाल

    मस्ती जग में छाई है

    साजन! होली आई है! 

    -फणीश्वर नाथ रेणु

    (रचनाकार ख्यात साहित्यकार रहे जो पद्मश्री से सम्मानित हुए)  

     

    (6)

    स्वयँ रँगे सब को रंग डाले

    फागुन के अंदाज निराले।

     

    फूल-फूल महुआ इतराये

    पोर-पोर अम्बवा बौराये

    नटखट नट को नटी सम्भाले

    स्वयं रँगे सब को रँग डाले।

     

    भली लगें बेला की कलियाँ

    महक रहीं मधुवन की गलियाँ

    परिभाषित हो रहे उजाले

    स्वयँ रँगे सब को रंग डाले।

     

    बासन्ती रँग सँग में ले लें

    चलो मीत हम होली खेलें

    बन जायें मतंग मतवाले

    स्वयं रँगे सब को रँग डाले।

     

    रंगरेजवा फागुन आया है

    अजब अनोखे रंग लाया है

    अंग-अंग में रंग लगा लें

    स्वयं रँगे सब को रँग डाले।

     

    राग द्वेष के कंश जलायें

    आनँद के रंग में रंग जायें

    नंदगाँव में नीड़ बना लें

    स्वयँ रँगे सब को रंग डाले।

     

    (7)

    फगुनाया मौसम है फगुनाई बोली है।

    मन का गुलाल उड़े आयी फिर होली है।।

     

    शरमाई कलियों के घूँघट पट खुलते ही।

    आयी फिर गुलशन में अलियों की टोली है।।

     

    याद नहीं कुछ भी अब भूल गये शिकवे सब।

    रंगों में रंगे लगा रहे मन की. रोली है।।

     

    मस्ती का आलम है कदम लड़खड़ा रहे।

    आँखे बतलाती हैं चढ़ी भंग की गोली है।।

     

    डूब गये सभी आज 'आनंद' समन्दर में।

    मृगनयनी होली ने मिश्री फिर घोली है।। 

    -रमेश मिश्र ‘आनंद’

    (उत्तर प्रदेश के ख्यात कवि और गीतकार हैं और ऊपर की दोनों रचनाएं इन्हीं की हैं)

     

    (8)

    मन के द्वारे बज उठा,

    फागुन का संगीत।

    मेरी कोरी कल्पना ने,

    बुने कितने गीत।।

     

    अमराई में गूंज उठी,

    कोयलिया की तान।

    अन्तरमन की खुशी बनी,

    अधरों की मुस्कान।।

     

    चुनौती देता सूर्य को,

    दहकता हुआ पलाश।

    ठूंठ, डालियाँ, फूल बचे,

    पत्तियों का अवकाश।।

     

    मतवाली बन घूमती,

    यह चंचल बयार।

    अलसाई धरा महक उठी,

    ज्यों हो पहला प्यार।।

     

    पेड़ों में नव किसलय के,

    कोमल नन्हें गात।

    दिल ही दिल में रह गई,

    मन की सारी बात।।

     

    हौले-हौले गूँज रहा,

    फागुन का संगीत।

    मेरी कोरी कल्पना,

    बुनती रहती गीत।।

    -स्वर्णलता ठन्ना
    (रचना युवा रचनाकार की पुस्तक स्वर्ण सीपियां से ली गई है)

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    Sun, 24 Mar 2024 14:30:39 +0530 Niraj Kumar Shukla
    लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की चौथी सूची, 46 सीटों के प्रत्याशियों का किया ऐलान https://acntimes.com/Congress-released-fourth-list-for-Lok-Sabha-elections https://acntimes.com/Congress-released-fourth-list-for-Lok-Sabha-elections एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए अपनी चौथी सूची शनिवार रात को जारी कर दी। पार्टी ने इसमें देश की 46 लोकसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है।

    सूची आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षर से जारी हुई है। इसमें वेस्ट बंगाल की एक, उत्तराखंड की दो, उत्तर प्रदेश की नौ, तमिलनाडु की नौ सीटें शामिल हैं। इसके अलावा असम की एक, अंडमान एंड निकोबार द्वीप की एक, चंडीगढ़ की एक, जम्मू एंड कश्मीर की दो, मध्यप्रदेश की 12, महाराष्ट्र की चार, मणिपुर की दो, मिजोरम की एक और राजस्थान की तीन सीटें शामिल हैं।

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    Sat, 23 Mar 2024 23:27:49 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विश्व जल दिवस (22 मार्च) पर विशेष : सबकुछ है ‘मामला पानी का’ इसलिए ‘जल बचाना है जरूरी’  https://acntimes.com/Special-on-World-Water-Day-22-March https://acntimes.com/Special-on-World-Water-Day-22-March नीरज  कुमार शुक्ला

    आज 22 मार्च है और इस दिन को पानी के महत्व को समझान के लिए 'विश्व जल दिवस' मनाया जाता है। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि, सृष्टि के जिन पंचमहाभूतों में से एक तत्व ‘जल’ है उसी का महत्व लोगों को बताना पड़ रहा है। आज हमें जल बचाने के लिए चर्चा करना पड़ रही है। वैज्ञानिक हों, लेखक हों या फिर कवि, आज सभी इसी के लिए चिंतित नजर आते हैं।

    सृष्टि की तमाम संरचनाओं में से ज्यादातर में जल की ही प्रधानता है। समुद्री जीवों में उनके कुल भार का 95 से 97 फीसदी तक पानी होता है जबकि मनुष्य के एक महीने के भ्रूण के कुल भार का 93 फीसदी पानी होता है। हमारे प्राचीन धर्म और ज्ञान, ग्रंथों, वेदों और पुराणों में जल की महिमा को लेकर काफी कुछ कहा, लिखा और बताया गया है। ‘ऋग्वेद’ के 1028 मंत्रों में प्रकृति और प्राकृतिक शक्तियों की ही स्तुति है जिसमें हवा, पानी, धरती, आकाश और अग्नि शामिल है। ऋग्वेद में ही जीवन की उत्पत्ति पंचमहाभूतों से बताई गई है जिसमें जल को विशेष बताया गया है और यह भी कहा गया है कि- ‘सलिलम् सर्वम् इदम्।’ इसी तरह ‘अथर्ववेद’ में समुद्र को सजीवों का पालना कहा गया है। भारतीय दर्शन में जल को देवता, नदियों को देवी माना गया है।

    अन्य सभ्यताओं में भी पानी का महत्व

    दुनिया की अन्य सभ्यताओं में भी पानी की महत्ता का व्यापक वर्णन है। आज के ‘ईराक’ के नजदीक स्थित ‘दज़ला’ और ‘फरात’ नदियों के किनारे बसी ‘मेसोपोटामिया’ की प्राचान सभ्यता के लोगों का भी मानना था कि ‘नम्मू’ समुद्र की देवी थी। उन्हीं ने स्वर्ग और धरती को जन्म दिया। यानी नम्मू को पानी के देवता की मां मानी जाती थीं। ‘यहूदी’ और ‘ईसाई’ परंपरा में भी माना गया है कि ईश्वर ने सृष्टि की रचना की और धरती को स्वर्ग से अलग करने के लिए पानी की रचना की।

    ‘जल जीवन का आधार’ फिर भी इसके बारे में सबकुछ नहीं जानते

    वैज्ञानिक अवधारणा के अनुसार दो तत्वों ‘ऑक्सीजन’ (एक अणु) और ‘हाइड्रोजन’ (दो अणु) से मिल कर बना पानी एक रंगहीन, गंधहीन, स्वादहीन और पारदर्शी द्रव है। शायद इन कारणों से ही लोगों को लगता है कि शायद यह अक्रियाशील द्रव है, जबकि सच तो यह है कि यह अद्भुत गुण-संपन्न यौगिक और बेहद क्रियाशील भी। महज तीन अणुओं से बना पानी अपनी वैविध्य के कारण किसी को भी अचरज में डाल सकता है और उसका श्रेय जाता है ‘हाइड्रोजन बंध’ को। पहली बार हाइड्रोजन बंध शब्द का प्रयोग अमेरिकी रसायनशास्त्री 'गिल्बर्ट ल्यूइस’ ने 1929 में किया था। पानी के निर्माण में इसी तीसरी चीज का संकेत 1920 के दशक में 'ऑन वाटर, डी.एच. लॉरेंस' ने दिया था। उन्होंने कहा था कि- पानी H2O है, यानी दो भाग हाइड्रोजन और भाग ऑक्सीजन, लेकिन उसमें एक तीसरी चीज भी है जो उसे पानी बनाती है और उसे कोई नहीं जानता।

    ‘थॉमस किंग’ ने भी कहा है कि- ‘जैसा कि हम जानत हैं, धरती पर मौजूद सभी पदार्थों में पानी सबसे साधारण, सबसे अहम और सबसे आश्चर्यजनक है, फिर भी अधिकतर लोग इसक बारे में बहुत कम जानते हैं।’ यह जानने और समझने के लिए हम भी चर्चा कर लेते हैं। ‘अल्बर्ट वॉन जेंट ग्योर्गी’ ने तो सीधे शब्दों में कहा है कि ‘जल जीवन का आधार है।’ 

    फिर भी नहीं संवेदनशील

    यत्र, तत्र, सर्वत्र पानी अर्थात् जल है फिर भी पानी का संकट है। कहते हैं कि जो चीज हमें बेमोल और बिना मेहनत के मिली होती है, उसे लेकर हम कम संवेदनशील होते हैं। इसी असंवेदनशीलता के चलते हम आधुनिकता की दौड़ में जीवन के आधार ‘जल’ को दूषित कर देने पर उतारू हैं। हम पानी उलीचने की अपनी आदत के कारण धरती की कोख को भी सुखा देने पर उतारू हैं। इसका खामियाजा भी हमें ही भुगतना पड़ रहा है। 97 फीसदी तक उपलब्धता होने के बाद भी हम मानसून में होने वाली बारिश के लिए तरसने लगे हैं, गांवों-शहरों में पीने के पानी का संकट गहराने लगा है क्योंकि जिन नदियों और जलाशयों को हम देवी-देवता की तरह पूजते थे, उन्हें हमने अपनी शारीरिक-मानसिक गंदगी उड़ेलने का स्थल बना लिया है। अगर हम अभी नहीं संभले तो आगे और भी भयावह परिस्थितियों का सामना करना तय है। अभी भी वक्त है, हम और आप संभल जाएं।

    साहित्यकार, चिंतक, समालोचक और कवि 'प्रो. अज़हर हाशमी' का भी तो यही कहना है कि जब सारा 'मामला पानी का' है तो 'जल बचाना जरूरी है’ और 'पौधों का प्लेटफ़ॉर्म बनाना है जरूरी।'

    (प्रो. अज़हर हाशमी)

    मामला पानी का !

    कुछ लोग कठिन, कुछ सरल, मामला पानी का,

    कुछ अमृत हैं, कुछ गरल, मामला पानी का !

    आँधी में जड़ से पेड़ उखड़ जाते लेकिन,

    पर्वत रहते हैं अटल, मामला पानी का !

    वाणी परिभाषित करती जन की फ़ितरत को,

    वाणी दूषित या विमल, मामला पानी का!

    जिनको शब्दों के संस्कार तक नहीं पता,

    क्या ख़ाक लिखेंगे ग़ज़ल, मामला पानी का !

    थोड़े शब्दों में सारा सार यही है बस,

    ये सत-रज-तम दरअसल मामला पानी का !

    (‘मामला पानी का’ से साभार)

    ...जल बचाना है जरूरी

    हर तरह से जल बचाना है जरूरी,

    रूठी नदियों को मनाना है जरूरी।

    जल बचेगा तब ही तो दुनिया बचेगी,

    नीर के बादल बुलाना है जरूरी।

    जिस तरह से हम उगाते साग-सब्जी,

    उस तरह से जल उगाना है जरूरी।

    बावड़ी-तालाब की करके सफाई,

    पानी का परचम उठाना है जरूरी।

    नींद गहरी सो गए हैं झील-झरने,

    झील-झरनों को जगाना है जरूरी।

    (हिंदी दैनिक ‘पत्रिका’ से साभार)

    ... और यह ऐसे होगा

    धरती पे हमें पौधे लगाना है ज़रूरी,

    हरियाली की चूनर को सजाना है ज़रूरी।

    माता की तरह धरती निभाती हे अपना फ़र्ज़,

    हमको भी अपना फ़र्ज़ निभाना है ज़रूरी।

    पौधों को लगाना ही नहीं सिर्फ़ है क़ाफ़ी,

    रक्षक की तरह उनको बचाना है ज़रूरी।

    पौधे लगायें तो नहीं रूठेगा मानसून,

    वर्षा को इस तरह से बुलाना है जरूरी।

    पौधे बनेंगे पेड़, पंछी लौट आयेंगे,

    ग़ायब हुई गौरेया का आना है ज़रूरी।

    पर्यावरण है 'ट्रेन' तो 'पटरी' है प्रकृति,

    पौधों का 'प्लेटफ़ॉर्म' बनाना है जरूरी।

    (‘मामला पानी का’ से साभार)

    खुद करें और दूसरों को भी समझाएं... 

    जल बचत का अर्थ हम सबको बताएँ

    जल से सृष्टि, पाठ यह सबको पढ़ाएँ।

    जल बहुत अनमोल, हम जल को बचाएँ

    अच्छा यही कि व्यर्थ न जल को बहाएँ।

    (‘मुक्तक शतक’ से साभार)

    कर्म के बिना यह संभव नहीं... 

    जल की पहचान है तरलता में

    मन का आनंद है सरलता में

    भाग्य होता है, बात मानी पर

    कर्म ही खास है सफलता में।

    (मुक्तक शतक से साभार)

    यह कर लिया तो तय मानिए... 

    जल-बचत का जो कोई परचम उठायेगा,

    आनेवाला वक्त उसके गीत गायेगा।

    हम बचाएँ जल, तो जंगल लहलहायेगा।

    जो भी गायब है वो पक्षी, लौट आयेगा।

    जल बचाएँ हम, नहीं 'सूखा' सतायेगा,

    यानी जल के नूर से जग, जगमगायेगा।

    'जल बहुत अनमोल है', कहना नहीं काफी,

    जल बचाएँ हम, कथन व्यवहार पायेगा।

    हम बचाकर जल, दिखाएँ राह जग को तो-

    जल-बचत का जग में जज़्बा जाग जायेगा।

    (‘अपना ही गणतंत्र है बंधु!’ से साभार)

    ... तो धरती मुस्कुराएगी

    जल बचाएँगे तो बगिया लहलहाएगी,

    लुप्त गौरैया फुदक कर लौट आएगी।

    गीत कोयलिया अभी गाती उदासी के,

    जल बचाएँगे, खुशी के गीत गाएगी।

    जल का न बचना तो जीवन में अँधेरा है,

    जल बचे तो जिंदगी भी जगमगाएगी।

    जल की चाबी से खुलेगा हर बंद ताला,

    जल बचेगा तो फसल भरपूर आएगी।

    मुस्कुराए कैसे धरती? लो सुनो उत्तर

    हम बचाएँ जल तो धरती मुस्कुराएगी।

    (‘अपना ही गणतंत्र है बंधु!’ से साभार)

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    Fri, 22 Mar 2024 20:19:57 +0530 Niraj Kumar Shukla
    वर्ल्ड हैप्पीनेस डे पर विशेष : ख़ुशी है धूप की तेज़ी में पेड़ की छाया& प्रो. अज़हर हाशमी https://acntimes.com/Special-on-World-Happiness-Day--Prof-Azhar-Hashmi https://acntimes.com/Special-on-World-Happiness-Day--Prof-Azhar-Hashmi ख़ुशी है धूप की तेज़ी में पेड़ की छाया

    ख़ुशी भूखे के लिए अन्न का दाना-दाना,

    ख़ुशी प्यासे के लिए जैसे जल का आजाना।

    किसी ने राजसी ठाठों को ही ख़ुशी माना,

    किसी ने त्याग के गुण में ख़ुशी को पहचाना।

    ख़ुशी है धूप की तेजी में पेड़ की छाया,

    ख़ुशी रोगी के लिए जैसे इक दवाख़ाना।

    ख़ुशी न धन की तिजोरी, ख़ुशी न मयखाना,

    ख़ुशी तो रूह की राहत का है ताना-बाना।

    बिना प्रचार गरीबों की मदद करने से,

    ख़ुशी जो दिल को मिले वो ख़ुशी का पैमाना।

    -अज़हर हाशमी

    (दैनिक समाचार-पत्र ‘पत्रिका’ से साभार)

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    Wed, 20 Mar 2024 22:27:17 +0530 Niraj Kumar Shukla
    व्याख्यानमाला : राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता के अग्रदूत थे जगद्गुरु शंकराचार्य : प्रो. संजय द्विवेदी https://acntimes.com/Jagadguru-Shankaracharya-was-the-pioneer-of-cultural-unity-of-the-nation-Prof-Sanjay-Dwivedi https://acntimes.com/Jagadguru-Shankaracharya-was-the-pioneer-of-cultural-unity-of-the-nation-Prof-Sanjay-Dwivedi हंसराज कॉलेज में हुआ जगदगुरु शंकराचार्य व्याख्यानमाला का आयोजन

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी का कहना है कि जगद्गुरु शंकराचार्य राष्ट्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता के अग्रदूत थे। भारतीय समाज के विविध सांस्कृतिक प्रवाहों को साथ लाकर उन्होंने राष्ट्रीय एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया।

    द्विवेदी हंसराज कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) द्वारा आयोजित जगद्गुरु शंकराचार्य व्याख्यानमाला को मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित कर रहे थे। भारतीय शिक्षा समिति (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम का विषय प्रवर्तन प्रो. हरीश अरोड़ा ने किया। प्रो. द्विवेदी ने कहा- ऐसे समय में जब समाज अपना आत्मविश्वास खो चुका था और आत्मदैन्य का शिकार था, जगद्गुरु शंकराचार्य ने उस महान राष्ट्र को उसकी अस्मिता से परिचित कराया। वेदों और उपनिषदों की ऋषि परंपरा का उत्तराधिकारी राष्ट्र कभी दीनता का शिकार नहीं हो सकता, इसका गौरवबोध करवाकर सोते हुए समाज को उन्होंने झकझोर कर जगाया।

    प्रो. द्विवेदी ने कहा कि सिर्फ 32 साल की आयु में संपूर्ण देश का प्रवास, विपुल अध्ययन और लेखन के साथ चार मठों की स्थापना साधारण बात नहीं है। उनके प्रयासों से ही हमारी अस्मिता, धर्म और भारतबोध संरक्षित हो सके। उनका सपना भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित एक समर्थ, आध्यात्मिक समाज है जो विश्व मंगल और लोक-मंगल के सपने को सच कर सके।

    जगद्गुरु शंकराचार्य भारतबोध के प्रखर प्रवक्ता- डॉ. अरोड़ा

    विषय प्रवर्तन करते हुए पीजीडीएवी कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) के प्राध्यापक डॉ. हरीश अरोड़ा ने कहा कि आज के समय में जगद्गुरु शंकराचार्य के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनके विचार व्यवहारिक जीवन के लिए भी उपयोगी हैं। वे भारतबोध के प्रखर प्रवक्ता हैं, जिन्होंने हमें हमारे होने का अहसास कराया।

    स्वागत व्याख्यान डॉ. नृत्यगोपाल शर्मा ने दिया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रवि कुमार गौड़ और संचालन यशस्वी वशिष्ठ ने किया। आभार ज्ञापन डॉ. विजय कुमार मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. प्रभांशु ओझा, भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी रीतेश पाठक, लेखक शिवेश प्रताप, नरेन्द्र कुमार रावत प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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    Fri, 15 Mar 2024 23:54:52 +0530 Niraj Kumar Shukla
    फुलेरा दूज पर विशेष : सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों के प्रवक्ता थे श्री रामकृष्ण परमहंस https://acntimes.com/Special-on-Phulera-Dooj-Shri-Ramakrishna-Paramhansa-was-the-spokesperson-of-universal-human-values https://acntimes.com/Special-on-Phulera-Dooj-Shri-Ramakrishna-Paramhansa-was-the-spokesperson-of-universal-human-values श्वेता नागर

    आध्यात्मिक चेतना से युक्त श्री रामकृष्ण परमहंस का इस धरा धाम पर अवतरण फुलेरा दूज तिथि (18 फरवरी 1836 ई. - बुधवार) को कलकत्ता के कामारपुकर ग्राम में हुआ। इनके बचपन का नाम गदाधर था। बचपन से ही इनका मन भौतिक संसार से ऊपर उठकर अलौकिक संसार में विचरण करने लगा जहां उन्हें नित नवीन आध्यात्मिक अनुभूतियां होने लगीं।

    मात्र 6 वर्ष की आयु में उन्हें सर्वप्रथम आध्यात्मिक अनुभूति व उनमें भाव संचरण हुआ। एक ऐसी ही घटना जो उनके बचपन में घटी थी, जिससे उनके उच्च आध्यात्मिक भाव का पता लगता है। एक बार किसी नाटक में उन्हें भगवान शिव बनाया गया पर जैसे ही उन्होंने भगवान शिव का ध्यान लगाया और नाटक के बीच में ही उन्हें शिव भाव का संचरण हो गया, उनके नेत्रों से अश्रूपुलक होने लगा। यह दृश्य देख वहां बैठे सभी लोग उनके आध्यात्मिक भाव के प्रति श्रद्धा से भर उठे। श्री रामकृष्ण परहंस उस आध्यात्मिक संसार में रम जाते थे जहां आत्मा परमात्मा में लीन हो जाती है। उन्हें कई-कई बार भाव समाधियां लगी व उनमें आध्यात्मिक भाव का संचरण हुआ उस समय उन्हें अपनी देह का जरा भी भान नहीं रहता था।

    दक्षिणेश्वर के काली मंदिर में वे माँ के दर्शन हेतु निरंतर एक बालक की तरह रोते, बिलखते व कहते, हे माँ ! और एक दिन बीत गया और अभी भी मुझे तेरा दर्शन नहीं हुआ। एक दिन तो उन्हें माँ के दर्शन की इतनी उत्कण्ठा, इतनी व्याकुलता हो उठी कि उन्होंने तलवार हाथ में लेकर जीवन लीला को समाप्त करना चाहा परंतु तभी ममतामयी माँ ने उन्हें प्रगट हो दर्शन दिए। यही उनकी माँ के प्रति तड़प थी।

    श्री रामकृष्ण की साधना पद्धति भी विस्मित करने वाली थी क्योंकि उन्होंने सभी धर्मों की उपासना करते हुए सभी धर्मों के आदर्शों को अपने में समाहित कर लिया। जब वे मुस्लिम पद्धति से उपासना करते थे तब पूरी तरह इस्लाम धर्म के नियमों का पालन करते थे। इसाई धर्म की साधना करते हुए उन्हें प्रभु यीशु व माँ मरियम के दर्शन हुए। जैन धर्म के तीर्थंकर महावीर स्वामी को भी उन्होंने अपनी ध्यानावस्था में स्वयं में समाहित कर लिया। अर्थात सभी धर्म रामकृष्ण की पवित्र देह में समा चुके थे। उनकी पवित्र देह सभी धर्मों की पूजा स्थली बन चुकी थी। स्वयं उन्ही के शब्दों में "मैंने देखा है कि भगवान एक ही है जिनकी ओर सभी धर्म अग्रसर हो रहे हैं।" उनकी आध्यात्मिक साधनाएं इसी बात को रेखांकित करती हैं कि ईश्वर एक है व सभी धर्म उसी एक तत्व में विलीन हो रहे हैं। वास्तव में रामकृष्ण देव सार्व भौमिक मानवीय मूल्यों के प्रवक्ता रहे।

    परमहंस की लीला सामान्य मनुष्य की बुद्धि व तर्क से परे है। उन्होंने संपूर्ण संसार को आध्यात्मिकता के सर्वोत्तम रूप का दर्शन कराया। उनके इस आध्यात्मिक प्रभा मंडल से न केवल भारत अपितु विश्व भी आलोकित हो रहा है। यूरोपीय विद्वान मैक्समूलर जो परमहंस के प्रति इतने श्रद्धावान हुए कि उन्होंने आगे चलकर परमहंस की जीवनी भी लिखी।

    अधिकांश साधकों की साधनाएँ केवल सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए ही होती है परंतु रामकृष्ण परमहंस की साधनाएँ केवल ईश्वर से एकाकार करने का साधन मात्र थीं। सिद्धियां तो उनके पीछे चलती थीं। उन्होंने कभी भी सिद्धियों का प्रदर्शन नहीं किया।

    ऐसा कहा जाता है कि संतपुरुषों के जीवन में जो भी घटनाएं घटित होती हैं वे किसी विशिष्ट प्रयोजन एवं लोकमंगलकारी उद्देश्य को पूर्ण करने हेतु होती हैं। सारदा देवी जो स्वयं पवित्रता एवं दैवीय आभा से युक्त थीं, वे श्री रामकृष्ण परमहँस की दिव्यलीला को पुष्ट करने तथा उनके दिव्य प्रयोजन को परिपूर्ण करने साक्षात ब्रह्मशक्ति ही उनकी सहधर्मिणी श्री सारदा देवी के रूप में इस धराधाम पर अवतीर्ण हुईं। श्री रामकृष्ण परमहँस ने ही उन्हें आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग में बाधक नहीं अपितु साधक ही माना। इनका मिलन उच्च आध्यात्मिक स्तर पर शक्ति का शक्ति से मिलन था। श्री रामकृष्ण परमहँस ने माँ मानकर उनकी पूजा की थी।

     श्री रामकृष्ण देव का अपने अंतरंग शिष्यों से मिलन भी एक अद्भुत घटना थी स्वामी विवेकानंद जो न केवल उनके विशेष कृपा पात्र शिष्यों में से एक थे अपितु उनके विचारों का प्रचार करने वाले अर्थात उनके संदेश वाहक भी थे उनके आगमन का उन्हें जो पूर्वाभास हुआ था, उस बारे में एक बार उन्होंने कहा था "एक दिन देखा कि मेरा मन समाधि से होकर ज्योतिर्मय पथ में ऊपर उठता चला जा रहा है। विस्मयपूर्वक मैंने देखा कि सामने अवस्थित, भेदरहित अखंड के समरस ज्योतिर्मंडल का एक अंश घनीभूत होकर एक दिव्य शिशु के रूप में परिणत हो गया।"

    श्री रामकृष्ण परमहंस का अपने शिष्यों के प्रति व्यवहार सहज, सरल व ममत्व से युक्त था। वे एक अद्भुत गुरु थे। विवेकानंद जैसे अपार शक्तिशाली व्यक्ति के मन को मिट्टी के लोंदे के समान अपनी इच्छानुसार आकार देने वाले रामकृष्ण परमहंस न जाने कितने शक्तिशाली थे। श्री रामकृष्ण परमहँस का विवेकानंद से संबंध नर-नारायण व आत्मा -परमात्मा की तरह था। विवेकानंद जिन्होंने भारतीय संस्कृति व हिन्दू धर्म की जय की पताका को सम्पूर्ण विश्व में फहराया, जिनकी वाणी के प्रभाव से पाश्चात्य जगत मानो चैतन्य हो उठा,उस विवेकानंद की शक्ति के पीछे उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस की साधना का तत्व था। उनके आध्यात्मिक स्पर्श ने ही उन्हें इतना शक्तिशाली बनाया।

    स्वामी ब्रह्मानंद भी रामकृष्ण परमहंस के अंतरंग शिष्यों में से एक थे जिन्हें वे "ब्रज का राखल" कहकर पुकारते थे। इन्हें परमहँस का 'मानस-पुत्र' भी कहा जाता है। उनके लोककल्याण के पुनीत कार्य को गति देने वाले अन्य शिष्यों में स्वामी योगानंद, प्रेमानंद, शिवानंद आदि थे। 16 अगस्त 1886 ई. को रामकृष्ण परमहंस महासमाधि में लीन होने से पूर्व अपनी समस्त साधना शक्ति उन्होंने विवेकानंद को सौंप दी ताकि वे संसार का कल्याण कर सके।

    श्री रामकृष्ण परमहंस आध्यात्मिक जगत के ध्रुव तारे हैं, जिन्होंने विश्व को नई दिशा दी। उनके आध्यात्मिक भाव को समझना अपनी आत्मा से साक्षात्कार करना है। समग्र रूप में उनके चरित्र के अनुरूप उपदेशों के पालन से ही मानव जीवन का कल्याण होगा।

    (श्वेता नागर)

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    Tue, 12 Mar 2024 14:19:31 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी खबर : देश भर में CAA लागू, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना, जानिए& किसे क्या पड़ेगा फर्क https://acntimes.com/Big-news-CAA-implemented-across-the-country-central-government-issued-notification https://acntimes.com/Big-news-CAA-implemented-across-the-country-central-government-issued-notification एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । तमाम विरोधों और अवरोधों के बावजूद 11 मार्च 2024 (सोमवार) से देशभर में नागरिकता संसोधन अधिनियम (CAA) लागू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्रीलय ने इसके नियमों को लेकर देर शाम अधिसूचना भी जारी कर दी। लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) नियमों की अधिसूचना जारी होना केंद्र सरकार का एक और मास्टर स्टोक बताया जा रहा है।

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही नागरिकता संशोधन कानून की अधिसूचना जारी कर सभी को चौंका दिया है। गृह मंत्रालय के ऑफिशयल x हैंडल पर इसकी जानकारी भी साझा कर दी गई है। गौरतलब है कि सीएए दिसंबर 2019 में पारित हुआ था। इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई थी। तब इसके खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन होने के कारण इस कानून को लागू नहीं हो किया गया था, लेकिन सोमवार देर शाम इसकी अधिसूचना जारी होते ही यह देशभर में प्रभावशील हो गया। मिनिस्ट्री ऑफ होम अपेयर्स के अनुसार इसके तहत नागरिकता के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन जमा होंगे। इसके लिए एक वेब पोर्टल तैयार किया गया है। कहा जा रहा है कि नागरिकता के लिए आवेदन करने वालों को उस साल का जिक्र करना होगा जब उन्होंने यात्रा दस्तावेजों के बगैर भारत में प्रवेश किया था।

    बता दें कि- भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में भी सीएए लागू करने को लेकर जिक्र किया था। यानी यह भाजपा के घोषणा-पत्र का अभिन्न अंग रहा है।  चूंकि संसदीय कार्य की नियमावली में यह स्पष्ट है कि कोई भी कानून का नियम राष्ट्रपति की मंजूरू के छह माह के भीतर तैयार ह जाने चाहिए अथवा सरकार को लवोकसभा और राज्यसभा के अधीन विधान समितियों से उसके लिए विस्तार हेतु समय मांगना होता है। इसलिए 2020 में गृह मंत्रालय द्वारा नियम बनाने के लिए लगातार संसदीय समिति से थोड़े-थोड़े अंतराल पर विस्तार हेतु समय लिया जा रहा था।

    CAA लागू होने से किसे क्या फर्क पड़ेगा

    -सीएए लागू होने से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 तक जो लोग भारत आ चुके हैं उन्हें केंद्र सरकार द्वारा भारतीय राष्ट्रीयता दी जाएगी।

    - CAA में छह गैर-मुस्लिम समुदायों को शामिल किया गया है। इनमें हिंदू, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध और पारसी समुदाय के लोग शामिल हैं। यानी सिर्फ इन्हीं धर्म के लोगों को भारतीय नागरिकता मिलेगी।

    - इस कानून में मुसलमानों का जिक्र नहीं होने से विरोधी इसे लेकर विवाद खड़ा कर रहे हैं। केंद्र सरकार पर इसी आधार पर धार्मिक भेदभाव करने का आरोप लगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।

    सीएम ममता ने कहा पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने दूंगी

    सीएए को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि पहले मुझे नियमों को ठीक से देखने दीजिए। अगर लोगों को नियमों के तहत उनके अधिकारों से वंचित किया जाता है, तो हम इसके खिलाफ लड़ेंगे। यह चुनाव के लिए बीजेपी का प्रचार है और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा है कि वे इस कानून को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने देंगी।

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    Mon, 11 Mar 2024 19:41:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष : नारी तुम हो शौर्य, तुम ही नम्रता ! & प्रो. अज़हर हाशमी https://acntimes.com/Woman-you-are-bravery-you-are-humility-Pro-Azhar-Hashmi https://acntimes.com/Woman-you-are-bravery-you-are-humility-Pro-Azhar-Hashmi नारी तुम हो शौर्य, तुम ही नम्रता !

     

    है तुम्हारी ही वजह से सभ्यता,

    है तुम्हारी ही वजह से संस्कृति।

    तुम ही विचार की नहर, तुम ही लहर

    तुम ही शक्तिरूपा, तुम ही प्रकृति।

    तुम ही युग की वीणापाणि, भद्रता!

    नारी तुम हो शौर्य, तुम ही नम्रता!

    *** 

    चेतना के गीत की हो बाती तुम,

    तुम सदा ही प्रेरणा, तुम्हारी जय।

    तुम दया भी हो, तुम ही तो हो दुआ

    संतान को देती स्नेह और अभय।

    तुम विराट्ता हो, तुम ही सूक्ष्मता!

    नारी तुम हो शौर्य, तुम ही नम्रता!

    *** 

    तुम सचेत और सजग हो लक्ष्य में,

    भले ही बात धर्म अथवा ध्यान की।

    वह चिकित्सा क्षेत्र हो या अंतरिक्ष,

    तुम हो प्रवीण हर विधा में ज्ञान की

    तुम ही से धीरता सहित सहिष्णुता!

    नारी तुम हो शौर्य, तुम ही नम्रता!

    ***

    -प्रो. अज़हर हाशमी

    (दैनिक समाचार पत्र पत्रिका से साभार)

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    Fri, 08 Mar 2024 20:48:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    यह कैसी न्याय यात्रा ? राहुल गांधी आंधी की तरह आए, तूफान की तरह गुजर गए, भारत जोड़ने निकले लेकिन पर्याप्त कार्यकर्ता ही नहीं जुड़े https://acntimes.com/Ratlam-Rahul-Gandhi-came-like-a-storm-passed-away-like-a-storm https://acntimes.com/Ratlam-Rahul-Gandhi-came-like-a-storm-passed-away-like-a-storm एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिस उत्सुक्तता और बेकरारी से रतलामवासी राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का इंतजार कर रहे थे, वह मायूसी में बदल गई। कार्यकर्ताओं की अपर्याप्त उपस्थिति और ठंग का माइक तक उपलब्ध कराने में नाकाम रहे स्थानीय नेतृत्व ने खुद राहूल गांधी को भी मायूस किया। नतीजतन तय समय से करीब सवा दो घंटे की देरी से  रतलाम नगर की सीमा में आंधी की तरह दाखिल हुई उनकी न्याय यात्रा तूफान की तरह गुजर गई। राहुल का स्वागत-सत्कार करने की ख्वाइश लेकर मंच बनाकर इंतजार कर रहे ज्यादातर पदाधिकारी और नेता तेज रफ्तार काफिले को गुजरते देख हाथ हिलाते रह गए।

    कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी देश भर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे हैं। रतलाम में आने का कार्यक्रम तय होने के बाद से ही यहां देश-प्रदेश के बड़े नेताओं का प्रवास शुरू हो गया था। बड़े नेताओं ने स्थानीय पदाधिकारियों की बैठकें लेकर राहुल गांधी की न्याय यात्रा के भव्य स्वागत की अपील के साथ तैयारियों का जायजा भी लिया था। स्थानीय पदाधिकारी और नेता भी राहुल से मुलाकात की आस में फूले नहीं समा रहे थे।

    राहुल गांधी को रतलाम नगर में बुधवार को दोपहर 3 बजे पहुंचना था जिससे पदाधिकारी और कार्यकर्ता स्वागत मंच बनाकर इंतजार कर रहे थे। राहुल का काफिला तकरीबन सवा दो घंटे की देरी से रतलाम की सीमा में दाखिल हुआ। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राज्यसभा सदस्य व पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अन्य बड़े नेता मौजूद रहे।

    अमरूद के बगीचे में हुए दाखिल, नुक्कड़ सभा के लिए माइक खराब मिला

    सातरुंडा से जिले में दाखिल हुए राहुल गांधी ने एक स्थान पर अमरूद के एक बगीचे में दाखिल हुए। यहां मौजूद कांग्रेस नेताओं को उनके स्वागत के लिए दौड़ लगानी पड़ी जिससे वे हांफ गए और पसीने छूट गए। यहां कुछ मिनट रुके राहुल को जापानी अमरूद दिया गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते यहां मौजूद अन्य कार्यकर्ता राहुल की झलक पाने तक को तरस गए।

    रतलाम शहर में राहुल की नुक्कड़ सभा होनी थी। इसके लिए स्थानीय संगठन द्वारा माइक की व्यवस्था की गई थी जो बेहद खराब साबित हुई। महज 11 मिनट के संबोधन के दौरान माइक तीन बार बंद हो गया। राहुल को कहना पड़ा कि ‘यहां माइक ज्यादा अच्छा नहीं है, इसलिए आपको ध्यान से सुनना पड़ेगा।‘ एक राष्ट्रीय स्तर के नेता के आगमन पर उसके संगठन के समर्थकों और कार्यकर्ताओं की जितनी उपस्थिति होनी चाहिए, वह नहीं दिखी।

    होर्डिंग-बैनर जितने भी लोग नहीं दिखे

    दावे किए जा रहे थे रोड शो का भव्य स्वागत होगा लेकिन पूरे रूट में जितने होर्डिंग, बैनर और बोर्ड लगाए गए थे, उतने कार्यकर्ता भी नजर नहीं आए। शहर के राम मंदिर चौराहे के बाद स्वागत मंच तो नजर आए लेकिन स्वागत के लिए कार्यकर्ता लगभग नदरादर ही रहे।

    नतीजनत राहुल का काफी दो बत्ती चौराहे के बाद तेज रफ्तार से आगे बढ़ा। कुछ स्थानों पर रफ्तार थोड़ी कम हुई तो राहुल ने वाहन के अंदर से ही लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

    इसके बाद वाहनों का काफिला तूफान की तरह सैलाना की ओर रवाना हो गया। इससे सड़क किनारे खड़े लोग ठीक से उनका चेहरा भी नहीं देख पाए। सीधे शब्दों में कहें तो राहुल गांधी का रतलाम में हुआ रोड शो फ्लॉप शो ही साबित हुआ। रतलाम आए राहुल गांधी के स्वागत में अन्य जिलों और रतलाम के ग्रामीण क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की ही उपस्थित ज्यादा नजर आई। रतलाम शहर में हमेशा नजर आने वाले चेहरे ही दिखे।

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    Thu, 07 Mar 2024 07:35:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Big Breaking : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook और Instagra आधे घंटे रहा ठप, करोड़ो यूजर्स होते रहे परेशान https://acntimes.com/Big-Breaking-Social-media-platforms-Facebook-and-Instagram-remained-stalled-for-half-an-hour https://acntimes.com/Big-Breaking-Social-media-platforms-Facebook-and-Instagram-remained-stalled-for-half-an-hour एसीएन टाइम्स @ डेस्क । सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम से जुड़ी बड़ी खबर आई। विश्वभर में फैले इसके करोड़ों यूजर्स मंगलवार रात को परेशान होते रहे। वजह उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम एकाउंट से उनका स्वतः ही लॉगआउट होना रहा। लॉगिन करने में भी दिक्कत आई। बताया जा रहा है मेटा से जुड़ी फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित अन्य सुविधाएं करीब आधे घंटे तक बाधित रहीं।

    मेटा कंपनी के स्वामित्व वाली सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक की मंगलवार को दुनियाभर में सेवाएं ठप हो गईं। फेसबुक का Login सेशन अचानक ही बंद हो गया। इससे यूजर्स परेशान हो उठे। यूजर्स ने सोशल मीडिया एक्स पर मैसेज शुरू हो गए। लोगों ने खूब भला-बुरा भी लिखा।

    बताया जा रहा है कि भारतीय समय के अनुसार मंगलवार को रात करीब 8.52 मिनट बजे फेसबुक और इंस्टाग्राम ठप की सुविधा ठप हुई थी। वाट्सएप पर भी लोगों ने इस बारे में तेजी से मैसेज फॉर्वर्ड हुए। हालांकि करीब आधे घंटे बाद दोनों ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पुनः सक्रिय हो गए जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। खासकर उन लोगों को ज्यादा चिंता हो गई थी जिनका इन प्लेटफॉर्म पर बिजनेस जुड़ा है अथवा जो लोग रील बना कर शोहरत और रुपया कमा रहे हैं।

    सायबर अटैक तो नहीं ?

    कई लोग यह मान रहे हैं कि यह साइबर अटैक भी हो सकती है। इसलिए लोग फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी को रिसेट नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। वहीं कुछ का यह भी कहना है कि मेटा द्वारा जानबूझ कर सेवाएं ठप की गई थीं ताकि वह यह आकलन कर सके कि इससे कितने लोग प्रभावित हो सकते हैं। अगर वाकई यह सायबर अटैक है फिर जानबूझ कर सर्वर डाउन किया गया था तो यह बड़ा मामला है। हालांकि, अभी अधिकारिक रूप से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

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    Tue, 05 Mar 2024 22:18:43 +0530 Niraj Kumar Shukla
    लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की 195 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी, पीएम नरेंद्र मोदी बनारस, अमित शाह गांधीनगर और शिवराज सिंह चौहान विदिशा से लड़ेंगे https://acntimes.com/BJPs-first-list-of-195-votes-released-for-Lok-Sabha-elections https://acntimes.com/BJPs-first-list-of-195-votes-released-for-Lok-Sabha-elections एसीएएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 195 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान, हेमा मालिनी, किरण रिजीजु सहित अन्य दिग्गज नेता शामिल हैं।

    प्रधानमंत्री को पुनः बनारस से टिकट दिया गया हैं वहीं अमित शाह गांधीनगर से उतरेंगे। मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विदिशा से चुनाव लड़ेंगे। इसी प्रकार ओम बिरला को कोटा से रिपीट किया जा रहा है। भाजपा ने अनुसूचित जनजातीय सीट रतलाम-झाबुआ से मौजूदा सांसद गुमान सिंह डामोर का टिकट काट कर यहां से अनीता नागर सिंह चौहान को टिकट दिया है।

    भाजपा द्वारा जारी की गई पहली सूची देखकर ही भाजपा के इरादे साफ नजर आ रहे हैं। पार्टी ने लोकप्रिय और चुनाव जिताऊ चेहरों को फिर से मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस सहित अन्य पार्टियां हमेशा की तरह इस बार भी प्रत्याशी चयन के मामले में भाजपा से पीछे है।

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    Sat, 02 Mar 2024 23:09:41 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ज्ञान&विज्ञान : इसलिए 28 फरवरी को मनाया जाता है 'राष्ट्रीय विज्ञान दिवस', जानना चाहते हैं तो पढ़िए यह कविता और सहेज लीजिए अपनी स्मृतियों में https://acntimes.com/Thats-why-National-Science-Day-is-celebrated-on-28th-February https://acntimes.com/Thats-why-National-Science-Day-is-celebrated-on-28th-February भौतिकी को योगदान

     

    प्रयोग की पेढ़ी पर अन्वेषण और अनुसंधान

    देता है जब क्रमबद्ध-व्यवस्थित ज्ञान

    कर लेता है सत्य की पहचान

    तब ऐसा सत्यात्मक निष्कर्ष ही

    कहलाता है विज्ञान 

    भारत के भौतिक विज्ञानी डॉ. चंद्रशेखर वेंकटरमन

    समुद्र के गहरे नीले जल पर

    करते रहे प्रयोग और परीक्षण हर रोज

    28 फ़रवरी सन् 1928 को

    जिससे भौतिक विज्ञान को मिली

    'रमन-इफेक्ट’ (प्रभाव) की महत्वपूर्ण खोज

     

    वैज्ञानिक रैले के सिद्धांत को चुनौती देकर

    रमन ने 'रमन-इफेक्ट' की खोज से

    भौतिक विज्ञान को दिया नया ढंग

    और इस शोधपूर्ण खोज से सिद्ध किया

    कि परिक्षेपण द्वारा बदल जाता है

    प्रकाश का रंग

     

    दक्षिण भारत के तिरु चिरापल्ली में

    जन्मे रमन को अपने पिता चंद्रशेखर अय्यर से

    भौतिक विज्ञान विरासत में मिला था

    इसीलिए स्वाभाविक रुचि थी रमन की

    ब्रह्मांड के रहस्यों को जानने में

    यानी खोज करना उनका शौक-सिलसिला था

     

    नोबल प्राइज मिला था 'रमन-इफेक्ट' जैसी

    महत्वपूर्ण खोज पर रमन को

    सन 1930 के रूप में वर्ष है अंकित

    चूंकि यह खोज की गई थी 28 फ़रवरी को

    इसलिए इस महान वैज्ञानिक की याद में

    यह तिथि है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में संचित

     

    -अज़हर हाशमी 

    (दैनिक समाचार-पत्र ‘पत्रिका’ से साभार)

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    Wed, 28 Feb 2024 20:57:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    करदाताओं को बड़ी राहत : 1 लाख रुपए तक TAX की मांग होगी माफ, जानिए& क्या है पूरा मामला और किसे मिलेगी छूट https://acntimes.com/Tax-demand-up-to-Rs-1-lakh-will-be-waived https://acntimes.com/Tax-demand-up-to-Rs-1-lakh-will-be-waived एसीएन टाइम्स @ डेस्क । केंद्र सरकार ने देश के करदाताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार द्वारा अंतरिम बजट में की गई घोषणा के मुताबिक कर निर्धारण वर्ष 2015-16 तक की छोटी कर (TAX) मांग को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इसकी सीमा प्रति करदाता 1 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इसका लाभ देश के करीब 1 करोड़ 11 लाख करदाताओं को मिलेगा।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले दिनों अंतरिम बजट पेश किया था। इसमें की गई घोषणाओं के बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने एक आदेश जारी किया है। इसके अनुसार 31 जनवरी, 2024 तक इनकम टैक्‍स, वेल्‍थ टैक्‍स और गिफ्ट टैक्‍स से संबंधित बकाया मांग को समाप्त कर दिया जाएगा। इसकी सीमा 1 लाख रुपए होगी। इसमें कर की मांग का प्रिंसिपल कंपोनेंट, इंटरेस्‍ट, जुर्माना, चार्ज, सेस और सरचार्ज आदि शामिल रहेगा। यह इनकम टैक्‍स एक्‍ट के TDS अथवा TCS प्रावधान के तहत टैक्‍स काटने वालों या टैक्‍स का संग्रह करने के खिलाफ की गई कर की मांग पर यह छूट लागू नहीं होगी।

    पहले कम थी टैक्स छूट की सीमा

    गौरतबल है कि पूर्व में छूट की सीमा पहले कम थी। कर निर्धारण वर्ष 2010-11 के लिए सिर्फ 25,000 रुपये तक माफ करने की घोषणा की गई थी। इसी तरह कर निर्धारण वर्ष 2011-12 से 2015-16 तक के लिए यह 10,000 रुपए तक नियत थी।

    3500 करोड़ की कर मांग होगी वापस

    सीबीडीटी द्वारा जारी आदेश का लाभ देश के तकरीबन 1 करोड़ 11 लाख लोगों को होगा। एक अनुमान के अनुसार सरकार करीब 3,500 करोड़ रुपए के टैक्स की मांग वापस लेगी। यह करदाताओं के लिए बड़ी राहत होगी।

    ऐसे उठाए सुविधा का लाभ

    वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट गोपाल काकानी के अनुसार करदाता अपने ऑनलाइन अकाउंट्स का इस्‍तेमाल कर के इसका लाभ उठा सकते हैं। काकानी ने बताया करदाताओं को अपनी प्रोफाइल में Navigate to Pending Action> Response to Outstanding Demand पर जाना होगा और status of 'Extinguished Demands' को चैक करना होगा। काकानी के मुताबिक कि CBDT के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट अथवा कर मांग समाप्त करने पर करदाता क्रेडिट अथवा रिफंड के लिए किसी भी प्रकार का दावा नहीं कर सकेंगे। यह छूट अथवा मांग निरस्ती के करण से करदाता के विरुद्ध चल रहे अथवा नियोजित अथवा संभावित आपराधिक कानून के तहत आपराधिक और कानूनी कार्रवाई पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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    Thu, 22 Feb 2024 01:22:52 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पंचतत्व में विलीन हुए जैन मुनि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज, अंतिम संस्कार में शामिल हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप https://acntimes.com/Acharya-Shri-Vidyasagar-Ji-Maharaj-merged-into-Panchatattva-Minister-Chetanya-Kashyap-attended-the-funeral https://acntimes.com/Acharya-Shri-Vidyasagar-Ji-Maharaj-merged-into-Panchatattva-Minister-Chetanya-Kashyap-attended-the-funeral एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज के अंतिम संस्कार डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी में हुआ। अंतिम संस्कार में मध्य प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप चंद्रगिरी पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन अमिताभ जैन, संत व अन्य गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    मध्यप्रदेश शासन की ओर से केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज के समाधि स्थल पहुंचकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि संत प्रवर आचार्य श्री विद्यासागर जी का देवलोक गमन रात्रि को हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मध्यप्रदेश में आधे दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया।

    उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के लिए ऐसे संत का रहना पुण्य का कारण रहा है। उन्होंने भारतीय संस्कृति को मजबूत बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है। उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। काश्यप ने कहा कि ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने समर्पित भाव से मानवता की सेवा की। हम सभी उनके बताए आदर्शों एवं मार्ग का अनुसरण करें।

    तीन दिन पर शुरू की थी समाधि प्रक्रिया

    उल्लेखनीय है कि संत शिरोमणि दिगम्बर जैन धर्म के सबसे बड़े संत आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी ने डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरी तीर्थ में अपना शरीर त्याग दिया। तीन दिन पहले ही उन्होंने समाधि की प्रक्रिया को शुरू कर अन्न-जल का त्याग कर दिया था और अखण्ड मौन व्रत ले लिया था। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने न केवल जैन धर्म बल्कि अन्य समाज के लिए भी मानवता की सेवा की।

    बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा मंत्री काश्यप को सरकार की ओर से श्रद्धांजलि देने के लिए भेजा था। इस हेतु मंत्री काश्यप इंदौर से हवाई जहाज के माध्यम से राजनांदगांव रवाना हुए थे।

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    Mon, 19 Feb 2024 00:26:22 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ये हैं DM वंदना सिंह चौहान, मुस्लिम समाज कर रहा इन्हें गिरफ्तार करने की मांग, आखिर क्या है इस दबंग अफसर का अपराध ? https://acntimes.com/Muslim-community-demands-arrest-of-DM-Vandana-Singh-Chauhan https://acntimes.com/Muslim-community-demands-arrest-of-DM-Vandana-Singh-Chauhan एसीएन टाइम्स @ डेस्क । #नैनीताल की दबंग कलेक्टर (DM) #वंदना सिंह चौहान सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हो रही हैं। लोग इन्हें गिरफ्तार करने की मांग को लेकर अभियान चला रहे हैं, खासकर मुस्लिम समाजजन। वहीं देश के तमाम लोग चौहान को दबंग और ईमानदार अफसर बताते हुए उनके बचाव में भी खड़े नजर आ रहे हैं।

    डीएम वंदना सिंह की गिरफ्तारी की मांग करने वालों का आरोप है कि #उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए दंगे के लिए यही जिम्मेदार हैं। उनका आरोप यहां के नगर निगम कमिश्नर पर भी है। #ArrestVandanaSingh नाम से अभियान चलाने वाले का कहना है कि दोनों ही अफसरों ने न्याय प्रक्रिया से परे कानून हाथ में ले लिया जिसके चलते हल्द्वानी में दंगा हुआ। ट्रोल करने वालों ने दंगों के वीडियो के साथ ही डीएम वंदना सिंह द्वारा की गई पत्रकार वार्ता के वीडियो भी साझा कर रहे हैं।

    पिछले साल मई में नैनीताल की डीम बनीं वंदना को लेकर लोगों का कहना है कि उन्हें खास मकसद से धामी सरकार द्वारा पदस्थ किया गया था। कुछ लोगों ने X हैंडल पर वंदना सिंह चौहान को संघी मानसिकता वाला प्रशासनिक अधिकारी भी कह डाला। यह साबित करने के लिए उनका केसरिया साड़ी वाला फोटो भी खूब शेयर किया जा रहा है।

    यह है मामला

    दरअसल, हल्द्वानी में प्रशासन द्वारा पिछले दिनों सरकारी जमीन पर बनी मरियम मस्जिद के अवैध निर्माण को तोड़ा था। प्रशासन का कहना है कि 20 वर्ष पहले सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को कानूनी तरीके से कोर्ट के आदेश पर ढहाया गया। कार्रवाई के विरोध के दौरान 6 लोगों की जान चली गई थी। मुस्लिम समुदाय के लोग इसके लिए डीएम वंदना सिंह को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एक बड़ा वर्ग डीएम के समर्थन में आ गया है। उसका कहना है कि अवैध निर्माण करना अपराध है, उसे ढहाना अपराध कैसे हो सकता है। ऐसा साहस सक्षम और ईमानदार अफसर ही दिखा सकता है। ऐसे लोगों का कहना है कि गलत के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अफसरों को यदि जनसमर्थन नहीं मिला तो अन्य अफसर भी हतोत्साहित होंगे।

    अधिकारी विशेष को टारगेट बनाना गलत

    कुछ लोगों का मानना है कि मामले में डीएम वंदना सिंह का नाम लिया जाना अनुचित है। ऐसा इसलिए कि कार्रवाई कोई एक अफसर नहीं करता बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रशासन करता है। हल्द्वानी में भी अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई प्रशासन ने की है। डीम के रूप में यदि कोई अन्य भी होता और कोर्ट का जो आदेश होता, वह उसके अनुरूप ही कार्य करता।

    एक की हत्या अवैध संबंध को लेकर हुई थी

    हल्द्वानी दंगे में मारे गए एक व्यक्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। नैनीताल पुलिस के अनुसार दंगे की आड़ में चोरगलिया थाने में पदस्थ एक सिपाही और उसके 3 साथियों ने बिहार निवासी प्रकाश नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। आरोप है कि प्रकाश का सिपाही की पत्नी से अवैध संबंध था और वह उसे ब्लैकमेल करता था।

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    Sat, 17 Feb 2024 13:06:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पीएम मोदी रतलाम&झाबुआ संसदीय क्षेत्र से करेंगे लोकसभा चुनाव का शंखनाद, 11 फरवरी को झाबुआ में होगा जनजातीय महासम्मेलन& मंत्री चेतन्य काश्यप https://acntimes.com/Tribal-Mahasammelan-will-be-held-in-Jhabua-on-11th-February-Minister-Chetanya-Kashyap https://acntimes.com/Tribal-Mahasammelan-will-be-held-in-Jhabua-on-11th-February-Minister-Chetanya-Kashyap गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 2 लाख बंधु होंगे शामिल, रतलाम संसदीय क्षेत्र से 20 हजार लोग होंगे शामिल

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 फरवरी को रतलाम संसदीय क्षेत्र के झाबुआ में विशाल जनजातीय महासम्मेलन को संबोधित कर लोकसभा चुनाव के अभियान की शुरुआत करेंगे। महासम्मेलन में गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के जनजाति समूह के 2 लाख बंधु शामिल होंगे। रतलाम शहर, रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्र से करीब 20 हजार जनजाति बंधु महासम्मेलन में शिरकत करेंगे।

    प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, लोकसभा प्रभारी महेन्द्र भटनागर एवं भाजपा जिला सह मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना उपस्थित रहे। काश्यप ने बताया कि अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद यह पहला अवसर है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी जी मध्यप्रदेश आ रहे है। वे झाबुआ से पूरे प्रदेश के लोकसभा चुनाव अभियान का आगाज करेंगे।

    मप्र की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीतने का लक्ष्य

    मंत्री काश्यप ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव में हम मध्य प्रदेश में 29 में से 29 सीट जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की जनता ने भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया है। लोकसभा में भी यह बना रहेगा। झाबुआ में होने वाला जनजातीय महासम्मेलन देश में एक नया संदेश देगा। सरकारी की जनजाति वर्ग के लिए जो विशेष योजना और नई परिकल्पना है उसके साथ ही आगामी 25 वर्षों में जनजाति समाज के संपूर्ण विकास के लिए प्रधानमंत्री जी के मन में क्या योजना है, उस पर वह प्रकाश डालेंगे।

    वंशानुगत बीमारी पर फोकस कर बनाई योजना

    मंत्री काश्यप ने कहा कि बीते 75 वर्ष में जनजातिय वर्ग की क्या आवश्यकता है, क्या मुद्दे हैं और उन्हें किस तरह से हम जल्द से जल्द मुख्य धारा में लाकर विकास की गति को कैसे बढ़ाएं, इस पर  प्रधानमंत्री ने चिंतन किया है। सिकल सेल जैसी वंशानुगत बीमारी पर फोकस करते हुए प्रधानमंत्री ने पूरी योजना बनवाई है। प्रदेश के महामहिम राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी इसमें लंबे समय से लगे हुए हैं।

    देश के हर वर्ग, समूह और समाज के प्रति प्रधानमंत्री का चिंतन

    मंत्री काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के संदर्भ में भारिया, सहरिया और बेगा जाति को चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज आया है। नई आंगनवाड़ियां और स्वास्थ्य केंद्र बना रहे हैं। साथ ही रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का देश के हर वर्ग, हर समूह, हर समाज के प्रति चिंतन है। अंत्योदय की परिभाषा और विचार में जितने भी व्यक्ति आते हैं, उन्हें चिन्हित करना और उन तक सरकार को भेजने का कार्य वे कर रहे हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा में जितने भी पात्र लोग हैं, उनको ढूंढ कर उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य कर रहे हैं।

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    Wed, 07 Feb 2024 12:50:39 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी उपलब्धि : रतलाम सीए ब्रांच बनी देश की सर्वश्रेष्ठ ब्रांच, 8 फरवरी को दिल्ली में आयोजित समारोह में होगी सम्मानित https://acntimes.com/Ratlam-CA-branch-became-the-best-branch-in-the-country https://acntimes.com/Ratlam-CA-branch-became-the-best-branch-in-the-country एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। रतलाम सीए ब्रांच को भारत की सर्वश्रेष्ठ सीए ब्रांच चुना गया है। संस्था 8 फरवरी को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

    रतलाम सीए ब्रांच की चेयरपर्सन प्रणीता जैन ने एसीएन टाइम्स को बताया रतलाम ब्रांच को यह सफलता सभी कार्यकारिणी सदस्यों के अथक प्रयासों और संस्था से जुड़े सदस्यों के सहयोग के कारण संभव हुई है। जैन के अनुसार भारत में द चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) की कुल 172 ब्रांच हैं। इनसे 3 लाख 66 हजार से अधिक चार्टर्ड एकाउंटेंट जुड़े हुए हैं जिनमें से 1 लाख 4 हजार महिलाएं हैं। वर्तमान में संगठन से 7 लाख 90 हजार से ज्यादा विद्यार्थी जुड़े हुए हैं जिनमें से 3 लाख 40 हजार के करीब छात्राएं हैं।

    सालभर में किए जाने वाले कार्यों और नवाचारों के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर मार्किंग की जाती है। इस प्रक्रिया में इस वर्ष रतलाम सीए ब्रांच पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ मानी गई है। आईसीएआई द्वारा 8 फरवरी को दिल्ली के विज्ञान भवन में समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें रतलाम सीए ब्रांच को आईसीएआई के प्रेसिडेंट अनिकेत सुनील तलाटी सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में पुरस्कृत किया जाएगा।

    विश्व स्तर पर भी कर रहा सहयोग

    आईसीएआई विश्व के विभन्न देशों में सक्षमता, निर्माण और लेखांकन वृत्ति को संस्थागत बनाकर सहायता कर रहा है। पूर्व में नेपाल, भूटान, जिबूटी, मंगोलिया, सीपीएपीएनजी समर्थन उपलब्ध करा रहा था। अब आईसीआई संयुक्त कार्यक्रमों, अनुसंधान, ज्ञान साझा किए जाने संबंधी क्रियाकलाप विश्वभर के 15 लेखांकन निकायों के साथ परस्पर सहयोग करार कर रहा है।

    रतलाम ब्रांच को ऐसे हासिल की सफलता

    चेयरपर्सन प्रणीता जैन ने बताया रतलाम सीए ब्रांच की प्रबंध कार्यकारिणी में 6 सदस्य हैं। वाइस चेयरमैन अभिषेक रांका, सेक्रेटरी आकाश मित्तल, ट्रेजरार मोहित श्रीमाल, सिकासा चेयरमैन अंचल मूणत और एक्जिक्यूटिव मेंबर अंकित बरमेचा हैं। इन सभी के सहयोग से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें से 15 से अधिक जागरूकता कार्यशालाएं, करारोपण की जानकारी देने के लिए शिविर, 40 नए सीए के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके अलावा स्पोर्ट्स एक्टिवटी, ऑनलाइन फ्रॉड जागरूकता सेमिनार, ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करने सहित सहित अन्य कार्य किए गए।

    320 सीएम रजिस्टर्ड हैं ब्रांच में

    बता दें की रतलाम सीए ब्रांच प्रतिष्ठित ब्रांच है। स्थापना के बाद से ही इसकी अच्छी साख है। वर्तमान में करीब 320 सीए पंजीबद्ध हैं। इसमें प्रतिमाग 10 से 15 नए सीए जुड़ते हैं। रतलाम सीए ब्रांच की चेयरपर्सन जैन के अनुसार उन्हें स्टेट लेवल पर भी उल्लेखनीय सफलता हासिल होने की उम्मीद हैं। जैन ने बताया रतलाम सीए ब्रांच सेंट्रल इंडिया रीजन में आती है जिसमें कुल 7 ब्रांच हैं। इनके कार्यों का आकलन भी किया जा रहा है जिसके परिणाम इसी माह संभावित है।

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    Sun, 04 Feb 2024 21:28:04 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Budget 2024 की उलटी गिनती शुरू : कल अंतरिम बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जानिए बजट से जुड़ी खास और रोचक बातें https://acntimes.com/Budget-2024-update-Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman-will-present-the-interim-budget-tomorrow https://acntimes.com/Budget-2024-update-Finance-Minister-Nirmala-Sitharaman-will-present-the-interim-budget-tomorrow एसीएन टाइम्स @ डेस्क । बजट 2024 के लिए वित्त मंत्रालय की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यह 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। इस साल लोकसभा चुनाव होने से यह पूर्ण बजट न होकार अंतरिम बजट होगा। इस लिहाज से यह खास होगा।

    केंद्रीय बजट 2024 के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। यह पूर्ण बजट न होकर अंतरिम बजट होगा। तकनीकी भाषा में इसे फाइनेंशियल प्लान अथवा वोट ऑन एकाउंट भी कहा जाता है। लोकसभा चुनाव से पहले यह बजट मौजूदा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में पेश करेंगी। 1 फरवरी को बजट पेश करने की व्यवस्था 2017 से शुरू हुई है। इससे पहले यह 28 फरवरी अथवा 29 फरवरी (लीप ईयर में) को पेश होता था।

    वित्त मंत्री द्वारा बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि ब्रिटिश हुकूमत के समय से लेकर वर्ष 2000 तक बजट शाम को 5 बजे पेश करने की परंपरा कायम रही। 2001 में अटल सरकार में समय बदला और बजट सुबह 11 बजे पेश हुआ। इसके बाद से सभी वित्त मंत्रियों द्वारा सुबह 11 बजे ही बजट पेश किया जाता है।

    नई सरकार पेश करेगी आम बजट

    इस साल लोकसभा चुनाव होना है इसलिए मौजूदा सरकार अंतरिम बजट ही पेश कर सकती है। अंतरिम बजट सिर्फ एक लेखा-जोखा मात्र होगा। इसमें सिर्फ उतने ही दिनों के लिए वित्तीय प्रावधान होते हैं जितने दिन नई सरकार बनने तक कामकाज सुचारू रूप से संचालित होंगे। यही वजह है कि इसे 'वोट ऑन अकाउंट' भी कहा जाता है। इसमें आगामी महीनों के लिए सरकार के अनुमानित खर्च का ब्योरा (Estimates for government spending), राजस्व  प्राप्तियों का अनुमान (Revenue projections), भिन्न मंत्रालयों को आवंटित की जाने वाली धनराशि तथा मौजूदा योजनाओं को जारी रखने के लिए वित्तीय प्रावधान ही शामिल होंगे। विशेषज्ञों की मानें तो अंतरिम बजट में किसी भी सेक्टर को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद कम है। वजह यह कि पुरानी टैक्स प्रणाली को खत्म करने के लिए नई में कई प्रकार के प्रावधान जोड़ने पड़ सकते हैं, यह अंतरिम बजट में मुश्किल है। इसलिए फिलहाल पुरानी टैक्स प्रणाली ही लागू रहेगी।

    अंतरिम और आम (पूर्ण) बजट में अंतर

    अंतरिम बजट में केवल कुछ महीनों के लिए वित्तीय अनुमान और धनराशि के उपयोग का प्रावधान ही होता है। इसमें नई योजना अथवा नीति की घोषणा नहीं होती। इस पर सदन में चर्चा भी बहुत कम होती है। इसके उलट, आम बजट पूरे वित्तीय वर्षी के लिए तैयार होता है इसमें नई नीतियां और योजनाओं के अलावा नई टैक्स प्रणाली भी शामिल होती / हो सकती है। इस पर सदन में विस्तृत चर्चा होती है क्योंकि इसमें पूरे वर्ष के लिए वित्तीय प्रावधान और अनुमान होते हैं। इससे सरकार का एजेंडा भी स्पष्ट होता है।

    6 महीने पहले शुरू हो जाती ही प्रक्रिया

    देश का बजट बनाना आसान प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए 6 महीने पहले से ही काम शुरू हो जाता है। जानकारी के अनुसार हर साल सितंबर से सभी मंत्रालयों, विभागों के साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेज दिया जाता है। इसमें उनसे आने वाले वर्ष के लिए जरूरी खर्च का अनुमान मांगा जाता है और पूर्व मौजूदा वित्त वर्ष में प्राप्त होने वाले राजस्व का अनुमान भी माना जाता है। इसका निर्णाधरण अक्टूबर-नवंबर तक वित्त मंत्रालय और अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा बैठकें आयोजित कर के कर लिया जाता है। बाद में इसी आधार पर मंत्रालयों और विभागों और योजनाओं के लिए धनराशि का प्रावधान किया जाता है।

    बजट बनाने वाली टीम में हर क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होते हैं जो प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और नीति आयोग से जुड़े होकर उनसे जानकारियां मिलती रहती हैं। इस दौरान वित्त मंत्री द्वारा विभिन्न क्षेत्रों खासकर उद्योगों और प्रमुख संगठनों के साथ विचार-विमर्श भी किया जाता। यहां तक की अलग-अलग क्षेत्र से सुझाव भी आमंत्रित किए जाते हैं। बजट से जुड़ी जानकारियां लीक न हों, इसके लिए इस व्यवस्था में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों को अन्य से किसी भी प्रकार की जानकारी साझा करने की मनाही होती है। उन्हें दो-तीन सप्ताह तक वहीं रहना पड़ता है जहां बजट छपता है। यहां तक कि बजट बनाने में उपयोग होने वाले कम्प्यूटर तक को भी अन्य नेटवर्क से हटा दिया जाता है। इसके बाद ब्लू प्रिंट और फिर आखिर में बजट छपता है। काम पूरा होने पर वित्त मंत्री द्वारा सभी का मुंह मीठा कराया जाता है। यह रस्म हलवा समारोह भी कहलाती है।

    बजट से जुड़ी ये बातें भी जानें

    163 साल पहले पेश हुआ था पहला बजट

    भारत में पहला बजट 1860 में पेश हुआ था। इसे स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था। वहीं आजाद भारत का पहला बजट (अंतरिम) 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आरके षणमुगम चेट्टी ने पेश किया था। यह सिर्फ एक लेखा-जोखा था, किसी प्रकार के टैक्स का प्रावधान नहीं था। आम (पूर्ण) बजट इसके 90 दिन बाद पेश हुआ था। बता दें, कि इसके बाद से अब तक सबसे ज्यादा 10 बार मोरारजी देसाई ने बजट पेश किया। अन्य वित्त मंत्रियों में से पी. चिदंबरम व प्रणब मुखर्जी ने 9, यशवंत राव चव्हाण, सीडी देशमुख और यशवंत सिन्हा ने 7, डॉ. मनमोहन सिंह और टीटी कृष्णमाचारी ने 6 बार बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण भी 6ठी बार बजट पेश करेंगी।

    3 बार प्रधानमंत्रियों ने पेश किए बजट

    बता दें कि देश में तीन बार प्रधानमंत्रियों ने भी बजट पेश किया। पहली बार 1958 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने बजट पेश किया था क्योंकि तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने इस्तीफा दे दिया था। इसी प्रकार 1970 में तत्कालीन वित्त मंत्री मोरारजी देसाई के इस्तीफा देने पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने और 1987-88 में तत्कालीन वित्तमंत्री वी. पी. सिंह के इस्तीफा देने पर प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बजट पेश किया था। इन सबसे पहले एक और वित्तमंत्री हुए हैं जॉन मथाई जिन्होंने बजट पेश होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। बात 1950 में भारत के वित्त मंत्री थे लेकिन तब बजट लीक होने का आरोप लगने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।

    2 बार बदला बजट छपने का स्थान

    बताते चलें कि पहले भारतीय लोकतंत्र का बजट राष्ट्रपति भवन में ही छपता था। इसकी वजह गोपनीयता थी। यह व्यवस्था 1950 तक बनी रही। तब देश के वित्त मंत्री जॉन मथाई हुआ करते थे। मथाई के दौरान जब बजट लीक होने की खबर फैली तो बवाल मच गया। इसके लिए मथाई को इस्तीफा तक देना पड़ा था। यही वजह रही की बजट छापने का स्थान राष्ट्रपति भवन के बजाय नई दिल्ली का मिंटो रोड करना पड़ा। यह व्यवस्था करीब 3 दशक तक रही लेकिन 1980 में फिर जगह बदली और नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में बजट छपना शुरू हो गया।

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    Wed, 31 Jan 2024 08:30:54 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अगर आप ऐसा करेंगे तो जीरो हो जाएगा आपका बिजली बिल, जानिए& लोकसभा से पहले सीएम केजरीवाल ने दिल्ली वालों को क्या दिया तोहफा https://acntimes.com/Delhi-Chief-Minister-Arvind-Kejriwal-gave-a-big-gift-to-the-people-of-Delhi-before-the-Lok-Sabha-elections https://acntimes.com/Delhi-Chief-Minister-Arvind-Kejriwal-gave-a-big-gift-to-the-people-of-Delhi-before-the-Lok-Sabha-elections एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली l लोकसभा चुनाव पहले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली वालों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने ऐलान किया है ‘दिल्ली सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति, सौर नीति 2024 जारी की है। इसके तहत जो लोग अपनी छत पर सोलर पैनल लगाएंगे, उनका बिजली बिल शून्य होगा, चाहे वे कितनी भी यूनिट बिजली का उपभोग करें। इससे आप हर महीने 700-900 रुपए कमा सकते हैं।’

    केजरीवाल ने कहा है कि अब तक 2016 की नीति लागू थी। यह देश की सबसे प्रगतिशील नीति थी। दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त, 400 तक आधी यूनिट और उससे ऊपर का पूरा बिल वसूला जाता है।’ केजरीवाल के अनुसार दिल्ली सौर नीति के तहत 500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाली सरकारी इमारतों पर अगले 3 वर्षों में अनिवार्य रूप से सौर पैनल लगाना होगा।

    एक साल में लागू कर दी थी नई सोलर नीति

    मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि साल 2015 में जब दिल्ली में हमारी सरकार बनी थी तो एक साल में हमने एक सोलर नीति जारी की थी। इसका नाम सोलर पॉलिसी 2016 था, तब से यह नीति लागू थी। यह देश की सबसे प्रगतिशील नीति थी। इस नीति ने दिल्ली में सोलर पावर की बुनियाद को रखने का काम किया था। इस नीति के तहत जिन लोगों ने अपने घरों पर रूफ टॉप सोलर पैनल लगवाए। उससे 250 मेगवाट बिजली पैदा होने की क्षमता आई है। 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त है। दिल्ली में 400 यूनिट तक आधा और उससे ऊपर पूरा बिल वसूला जाता है।

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    Tue, 30 Jan 2024 20:22:32 +0530 Manish Kumar Shukla
    सावधान ! ये वेबसाइट हैं खतरनाक, इनसे बच के रहना रे बाबा... वरना पड़ जाएंगे लेने के देने https://acntimes.com/Dangerous-websites-stay-away-from-these-websites-Baba-stay-away-from-them https://acntimes.com/Dangerous-websites-stay-away-from-these-websites-Baba-stay-away-from-them एसीएन टाइम्स @ डेस्क । दोस्तों इन दिनों हम सभी लोग स्मार्ट फोन चलाते हैं। स्मार्ट फ़ोन पर जाने-अनजाने में कुछ वेबसाइट हमारे मोबाइल पर खुल जाती हैं। ये असली वेबसाइट से मिलती जुलती ही होती हैं। इन पर हम सभी सहज ही भरोसा करके वेबसाइट में दिए संकेतों और निर्देशों को फ़ॉलो भी कर लेते हैं लेकिन सावधान ! ऐसा करना आपके लिए घातक साबित हो सकता है।

    ये वेबसाइट गुमराह कर के और लालच देकर सीधे-साधे मोबाइल यूजर्स को धोखा देते हैं। किसी का भी बैंक खाता हैक हो जाता है। इसी तरह किसी न किसी की फेसबुक आईडी हैक भी हो जाती है। फ्रॉड के नए-नए तरीके फर्जी वेबसाइटों के माध्यम के किए जा रहे हैं। कहीं शादी का झांसा दिया जाता है तो कहीं नौकरी के नाम पर ठगा जाता है। कहीं गेम के बहाने से रुपए कल लिए जाते हैं। ऐसे में भी मोबाइल यूजर्स को सतर्क रहना चाहिए और ऐसी वेबसाइटों से बचकर रहना चाहिए। 

    फर्जी वेबसाइट

    http://centralexcisegov.in/aboutus.php

    https://register-for-your-free-scholarship.blogspot.com/

    https://kusmyojna.in/landing/

    https://www.kvms.org.in/

    https://www.sajks.com/about-us.php

    https://register-form-free-tablet.blogspot.com/

    https://nragov.online/

    http://betibachaobetipadao.in/

    http://www.pibfactcheck.in/

    https://samagrashiksha.org/

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    Tue, 30 Jan 2024 19:28:43 +0530 Manish Kumar Shukla
    जल शक्ति मंत्रालय ने मनाया 75वां गणतंत्र दिवस, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 'ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन की नायक' 475 महिलाओं से किया संवाद https://acntimes.com/Jal-Shakti-Ministry-celebrates-75th-Republic-Day https://acntimes.com/Jal-Shakti-Ministry-celebrates-75th-Republic-Day एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । जल शक्ति मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस की संध्या पर नई दिल्ली में एसबीएम-जी की बदलाव लाने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें देशभर की 475 से अधिक महिलाओं ने सहभागिता की। इस दौरान स्वच्छता के क्षेत्र में परिवर्तन लाने को लेकर सार्थक संवाद हुआ।

    आयोजन का उद्देश्य सहयोग को बढ़ावा देकर प्रगति को आगे बढ़ाना था। इसकी योजना सिर्फ जश्न मनाने के लिए नहीं बल्कि सार्थक रणनीतिक चर्चा के लिए बनाई गई थी। इन विचारों ने स्वच्छता क्षेत्र में परिवर्तन लाने वाली महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाया और व्यावहारिक विचार-विमर्श का अवसर दिया। यह भविष्य की नीति निर्माण को प्रभावित कर सकता है। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जल शक्ति राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के साथ एक जीवंत संवाद हुआ। इसमें देश की 475 से अधिक महिलाएं शामिल हुईं।

    ओडीएफ प्लस मॉडल की अवधारणा पर डाला प्रकाश

    एसबीएम-जी के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक जीतेंद्र श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और महिला परिवर्तनकर्ताओं को व बदलाव लाने के लिए बधाई दी जो वे दुनिया में देखना चाहती हैं। उन्होंने देश भर में एसबीएम की प्रगति के बारे में जानकारी दी। इससे नेत्रियों के उत्साह और प्रेरणा के कारण जल्द ही अधिक से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल श्रेणी में आ पाएंगे। ओडीएफ प्लस मॉडल गांव अपनी ओडीएफ स्थिति को बनाए रखते हैं। ये ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था करते हैं और देखने में स्वच्छ होते हैं।

    विभिन्न राज्यों से सीखते हुए स्वच्छता में जनभागीदारी पर ध्यान केंद्रित करें

    अपर सचिव और मिशन निदेशक, जेजेएम चंद्रभूषण कुमार ने कार्यक्रम का संदर्भ बताया। उन्होंने आयोजन का संदर्भ नारी सशक्तिकरण  है क्योंकि महिलाओं ने एसबीएम-जी सहित सभी क्षेत्रों में खुद को नेतृत्वकर्ताओं और चेंजमेकर्स में बदल दिया है। स्वच्छता यात्रा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि 'हमें अपनी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों में सुधार करना चाहिए। विभिन्न राज्यों से सीखते हुए,  संपूर्ण स्वच्छता के लिए जन भागीदारी' पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखना चाहिए।

    उपलब्धियां छोटी नहीं, लेकिन सुस्ताने जितनी बड़ी भी नहीं

    इस कार्यक्रम ने "स्वच्छता शक्ति : जमीनी स्तर पर भारत की स्वच्छता स्थिति को बदलने वाली महिलाओं की कहानियां" पर भी प्रकाश डाला। यह समर्पित महिलाओं के अनुकरणीय कार्यों के लिए एक आदर्श है। बातचीत के दौरान गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि एसबीएम की सफलता 11 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण, 5 लाख से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किए जाने और 4 लाख से अधिक गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। इससे स्पष्ट है ये उपलब्धियाँ कोई छोटी उपलब्धि नहीं हैं, फिर भी ये इतनी बड़ी भी नहीं हैं कि हम अपनी उपलब्धियों पर सुस्ताने लगें।'

    महिला चेंजमेकर का सहयोग आपेक्षित

    उन्होंने एसबीएम-जी के मिशन को 'दीर्घकालिक प्रयास' बताया और कहा महिला चेंजमेकर्स के साथ बातचीत करना विशेष है क्योंकि महिलाओं ने हमेशा स्वच्छता की यात्रा को आगे ले जाने में, एक नई गति, नई ऊर्जा और एक नया जीवन प्रदान किया है। हमें और अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित करके एसबीएम-जी आंदोलन पर आगे बढ़ना चाहिए। इसके लिए उन्होंने महिला चेंजमेकर्स से सहयोग मांगते हुए उनसे एसबीएमजी संपत्तियों के लिए समुदाय में स्वच्छता की संस्कृति और स्वामित्व की भावना पैदा करने में मदद करने का अनुरोध किया।

    विविधता में एकता से मजबूत होता है विश्वास

    कार्यक्रम में उपस्थित महिला चैंपियनों की सराहना करते हुए राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि आप सभी मिलकर अद्वितीय स्थलाकृति और इलाके के साथ,'विभिन्न राज्यों से आने वाली महिलाशक्ति को प्रेरणा देती हैं। आप सभी को एक साथ जोड़ने वाला सामान्य सूत्र स्वच्छता कार्यक्रम और मिशन के लिए अटूट प्रतिबद्धता है। एक स्वच्छ राष्ट्र की खोज में सामूहिक प्रयास करते हुए, भौगोलिक सीमाओं के पार, एकता की सच्ची भावना का प्रतीक हैं।" यह विविधता में एकता, मेरे विश्वास को मजबूत बनाती है कि आपके समर्पण और कड़ी मेहनत से, भारत स्वच्छता में दुनिया के सामने एक उदाहरण पेश करेगा। एसबीएम ने एक क्रांति के माध्यम से दुनिया का सबसे बड़ा व्यवहार परिवर्तन का अभियान चलाया है, जिससे डायरिया से होने वाली मौतों को रोकने, पोषण और उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिली है। हमें प्रौद्योगिकी समाधानों को देखना चाहिए और एक-दूसरे से सीखना चाहिए। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने समुदाय, विभागों के साथ सहयोग करने, और एसएचजी के साथ जुड़ कर महिलाओं का समर्थन करने के प्रयासों में दृढ़ता से प्रतिबद्ध रहें। हमारे काम को आकार देने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    क्रॉस लर्निंग के लिए डिजिटल हैंडल का अनुसरण करने की प्रेरणा दें

    अपने समापन भाषण में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने कहा, हमारे साथ अपने अनुभव साझा करने वाली सभी बदलाव निर्माताओं को अपने गांव वापस जाकर, घर के लोगों को देश भर में स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों के बारे में बताना चाहिए। उन्हें पर्यावरण अनुकूल और आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्रथाओं का पालन करने और क्रॉस लर्निंग के लिए हमारे डिजिटल हैंडल का अनुसरण करने की प्रेरणा दें। उन्होंने कहा "मुझे विश्वास है कि यह कार्यक्रम आकर्षक रहा और इसने आपको अधिक समर्पण के साथ काम करते रहने के लिए प्रेरित किया है और मुझे यकीन है कि आपके द्वारा स्थापित उदाहरण को देखकर, अन्य लोग भी सीखेंगे और 'संपूर्ण स्वच्छ भारत' के निर्माण में योगदान देंगे।"

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    Sat, 27 Jan 2024 20:10:38 +0530 acntimesup
    बड़ी राहत : खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं है तो परेशान ना हों, बैंक इसके लिए खाताधारकों से पेनल्टी नहीं ले सकता है https://acntimes.com/Big-news-There-will-be-no-charge-if-there-is-minimum-balance-in-the-account https://acntimes.com/Big-news-There-will-be-no-charge-if-there-is-minimum-balance-in-the-account पंकज दुबे 

    एसीएन टाइम्स @ दिल्ली l रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यदि आप बैंक खाते का उपयोग नहीं कर रहे हैं तो इसके लिए आपको को कोई पेनल्टी नहीं देनी होगी। आरबीआई ने कहा कि बैंक निष्क्रिय खातों पर कम बैलेंस मेंटनेंस नहीं करने के लिए पेनाल्टी नहीं लगा सकते।

    नया नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। यह उन खातों पर प्रभावशील होगा जिन खातों में दो साल से अधिक समय से कोई भुगतान नहीं हुआ है। आरबीआई ने कहा कि बैंक स्कॉलरशिप या सीधे भुगतान के लिए खोले गए खातों को निष्क्रिय नहीं मान सकते। भले ही इन खातों का दो वर्ष से अधिक समय तक उपयोग नहीं किया गया हो। आरबीआई ने निष्क्रिय खातों को लेकर एक आदेश भी जारी किया है।

    आरबीआई ने इस सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों से बैंकिंग सिस्टम में अनक्लेम्ड डिपॉजिट कम करने की कोशिश की गई है। इस धन को उनके सही दावेदारों को वापस करने का प्रयास किया गया है।

    खाताधारक से बैंक कैसे करें संपर्क

    आरबीआई के अनुसार बैंकों को ग्राहकों को एसएमएस, पत्र या ई-मेल के माध्यम से खातों को निष्क्रिय करने की सूचना देनी होगी। अगर कोई खाताधारक या खाताधारक का नॉमिनी निष्क्रिय खाते का जवाब नहीं देता है, तो बैंक को उस व्यक्ति से संपर्क करना होगा जिसने खाताधारक को परिचय कराया था।

    खाता शुरू करने पर नहीं लगेगा शुल्क

    आरबीआई ने एक नया आदेश दिया है जिसके अनुसार बैंकों को निष्क्रिय किए खातों में न्यूनतम बैलेंस मेनटेन नहीं करने पर पेनाल्टी लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। अब निष्क्रिय खातों को पुनः एक्टिव करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    अनक्लेम्ड डिपॉजिट की राशि 42,272 करोड़ तक पहुंची

    आरबीआई की एक रिपोर्ट के मुताबकि मार्च 2023 तक अनकलेम्ड डिपॉजिट की राशि 42 हजार 272 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। 10 साल से अधिक समय से चल रहे डिपॉजिट खाते के बैलेंस को बैंक आरबीआई के डिपॉजिटर और एजुकेशन अवेयरनेस फंड में भेजा जाएगा। आरबीआई ने पहले ही बैंकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं होने पर पेनाल्टी चार्ज लगाया जाएगा। बहुत से बैंक इसके बाद भी लगातार पेनाल्टी लगाते रहे हैं।

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    Thu, 25 Jan 2024 21:33:39 +0530 Manish Kumar Shukla
    गणतंत्र दिवस के लिए देशभर से आमंत्रित सैकड़ों किसानों से रूबरू हुए कृषि मंत्री https://acntimes.com/Agriculture-Minister-met-hundreds-of-farmers-invited-from-across-the-country-for-Republic-Day https://acntimes.com/Agriculture-Minister-met-hundreds-of-farmers-invited-from-across-the-country-for-Republic-Day पंकज दुबे

    एसीएन टाइम्स @ दिल्ली l केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने आज पूसा, दिल्ली में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित किसान सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस सम्मेलन में, केंद्र सरकार द्वारा देशभर से गणतंत्र दिवस के लिए विशेष रूप से आमंत्रित सैकड़ों किसान व कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के सदस्य शामिल हुए। इन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) व भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने खेती-किसान की आधुनिक पद्धतियों- नवाचारों के बारे में बताया, वहीं केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने योजनाओं से अवगत कराया।

    सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री श्री मुंडा ने गणतंत्र दिवस की अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत के किसान, गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्र ध्वज फहराए जाने के अवसर पर देश की राजधानी में आए हैं, यह हमारे लोकतंत्र की ताकत है, जो देश को मजबूती देती है। श्री मुंडा ने कहा कि इतिहास के आइने में, जब हमारे नागरिक
    बाद में 100वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे, तब यह स्मरणीय होगा कि 75वां गणतंत्र दिवस हमारे देशवासियों ने किस तरह से मनाया, क्योंकि यह गणतंत्र दिवस सिर्फ आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि अमृत महोत्सव से अमृत काल में प्रवेश करने का द्वार खोलने वाला है। यह देश के आध्यात्मिक चिंतन, आध्यात्मिक शक्ति के प्रवाह में नवभारत निर्माण करने का संकल्प होगा। यह गणतंत्र दिवस भारतवासियों के लिए न केवल आत्मगौरव, आत्मसम्मान बल्कि नए भारत को गढ़ने में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बनाने का विशेष अवसर होगा।

    केंद्रीय मंत्री श्री मुंडा ने कहा कि गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन अब कर्त्तव्य पथ पर हो रहा है, जिसका कि पहले राजपथ नाम था। हमने बहुत सारे शासकों को आजादी से पहले देखा है, चाहे वे मुगलकालीन हो या ब्रिटिशकालीन, इनके दौर से गुजरते हुए दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र हमने भारत को बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने
    चाहा कि हम गणतंत्र दिवस उन लोगों के साथ मनाएं जो वास्तविक रूप से गांवों में, खेतों में पसीना बहाकर देश को सींचते हैं, इसीलिए सम्माननीय किसान यहां आमंत्रित किए गए हैं। श्री मुंडा ने कहा कि हमारा किसान परिवार सर्वाधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अन्नदाता है। किसानों की प्रगति में ही देश की प्रगति है। बदलते समय में खेती- किसानी की नई पद्धतियां सीखना किसानों के लिए लाभदायी सिद्ध होगा। उद्देश्य यही है कि नए अनुभवों के साथ हमारे किसान, हमारे गांव और हमारा देश समर्थ हो। सभी किसानों का सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से मंत्री श्री मुंडा ने स्वागत-अभिनंदन किया।

    इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने जनभागीदारी की भावना के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के आम लोगों को आमंत्रित किया है। सम्मेलन में केंद्रीय कृषि सचिव श्री मनोज आहूजा, अतिरिक्त सचिव सुश्री मनिंदर कौर और संयुक्त सचिव सुश्री शुभा ठाकुर तथा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। आमंत्रित किसानों को प्रशिक्षण के साथ-साथ क्षेत्र भ्रमण भी कराया गया।

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    Thu, 25 Jan 2024 20:40:24 +0530 Manish Kumar Shukla
    प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं https://acntimes.com/Prime-Minister-extended-best-wishes-on-the-occasion-of-National-Voters-Day https://acntimes.com/Prime-Minister-extended-best-wishes-on-the-occasion-of-National-Voters-Day एसीएन टाइम्स @ दिल्ली l प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं
    प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर शुभकामनाएं देते हुआ कहा कि एक ऐसा अवसर, जो हमारे जीवंत लोकतंत्र का उत्सव मनाता है।

    जिन लोगों ने अभी तक मतदाता के रूप में पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करने का भी यह दिन है।
    सुबह 11 बजे, मैं नव मतदाता सम्मेलन को संबोधित करूंगा जो देश भर के पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को एक साथ लाएगा।”

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    Thu, 25 Jan 2024 20:26:54 +0530 Manish Kumar Shukla
    हवन पूजन कर आम आदमी पार्टी ने किया श्री राम का स्वागत https://acntimes.com/Aam-Aadmi-Party-welcomed-Shri-Ram-by-worshiping https://acntimes.com/Aam-Aadmi-Party-welcomed-Shri-Ram-by-worshiping

    एसीएन टाइम्स @ ललितपुर l राम जन्मभूमि अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण के बाद आज राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। जिसको लेकर पूरे देश मे लोग अपने-अपने ढंग से धार्मिक आयोजन कर रहे हैं।
    वहीं धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला में ललितपुर जनपद भी पीछे नहीं है, आज सुबह से ही ललितपुर के मंदिरों में बड़ी धूमधाम के साथ धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।

    जाति संप्रदाय व धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर सभी धर्म सभी जातियों और सभी संप्रदाय के लोगों ने भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव बड़े धूमधाम से अपने-अपने तरीके से मनाया l कहीं शोभायात्रा और झांकियां की धूम रही तो किसी ने यज्ञ हवन पूजन करके भगवान श्री राम का स्वागत और सत्कार अभिनंदन किया l आज पूरा देश राममय हो गया चारों ओर सिर्फ राम जन्मोत्सव की ही गुण सुनाई दे रही है l

    अयोध्या में भगवान राम मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान ललितपुर जनपद में राजनैतिक दल भी पीछे नहीं है, आज राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के साथ-साथ ललितपुर के मंदिर में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष हरदयाल सिंह लोधी एवं उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पूरे विधि विधान के साथ हवन,पूजन आदि कर भगवान राम से आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई समाज सेवी लोग मौजूद रहे, अंत में लोगों को प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।

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    Tue, 23 Jan 2024 07:20:36 +0530 Manish Kumar Shukla
    उपलब्धि : गणतंत्र दिवस 2024 की घुड़सवारी प्रतिस्पार्धा में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के एनसीसी कैडेटस् ने 3 स्वर्ण सहित 6 पदक जीते https://acntimes.com/NCC-cadets-of-MP-CG-won-6-medals-in-Republic-Day-2024-horse-riding-competition https://acntimes.com/NCC-cadets-of-MP-CG-won-6-medals-in-Republic-Day-2024-horse-riding-competition एसीएन टाइम्स @ भोपाल । मध्य प्रदेश - छत्तीसगढ़ एनसीसी निदेशालय के कैडेटस् ने गणतंत्र दिवस 2024 के लिये हुई घुड़सवारी प्रतिस्पर्धा में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रतिस्पर्धा में 9 कैडेटस् शामिल हुए और पहली बार 3 स्वर्ण पदक सहित कुल 6 पदक प्राप्त किये। तालिका में एमपी-सीजी निदेशालय को तृतीय स्थान मिला है। निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने विजेता कैडेटस् को बधाई और शुभकामनाएँ दी।

    कैप्टन राहुल गुप्ता ने बताया कि पदक नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस 2024 के लिये 4 से 16 जनवरी तक घुड़सवारी में विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं का आयोजन हुआ। इसमें एसजीटी सुहाना गंभीर और कैडेट राहुल बघेल ने स्वर्ण पदक हासिल किया। कैडेट अभिषेक को रजत, कैडेट त्रिभुवन और कैडेट अंकित खराते को कांस्य पदक मिला।

    कैप्टन गुप्ता ने बताया कि गर्ल्स केटेगरी में एसजीटी सुहाना गंभीर को सर्वश्रेष्ठ राइडर ट्रॉफी मिली। सर्वश्रेष्ठ टेंट पेगर ट्रॉफी कैडेट राहुल बघेल ने जीती। एमपी-सीजी के एनसीसी कैडेटस्‍ द्वारा हासिल उपलब्धियाँ कैडेटस्‌ और उनके इन्स्ट्रक्टर स्टाफ के सतत् प्रयास, लगन और कठिन परिश्रम का परिणाम है।

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    Sat, 20 Jan 2024 19:30:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
    शेयर बाजार भी रहेगा बंद : शनिवार को करें दिनभर ट्रेडिंग क्योंकि 22 जनवरी को नहीं खुलेगा शेयर बाजार, आरबीआई का मनी मार्केट भी बंद रहेगा https://acntimes.com/Stock-market-will-remain-closed-on-Monday-trading-will-happen-throughout-the-day-on-Saturday https://acntimes.com/Stock-market-will-remain-closed-on-Monday-trading-will-happen-throughout-the-day-on-Saturday एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । अयोध्या में भगवान राम की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के चलते 22 जनवरी (सोमवार) को देश का शेयर बाजार भी बंद रहेगा। इस बारे में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बीएसई (BSE) ने इस बारे में अपडेट कर दिया है। दोनों में ही इस दिन कारोबार नहीं होगा। इसके स्थान पर शनिवार को शेयर बाजार खुला रहेगा। इस दिन सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 बजे तक कारोबार होगा।

    जानकारी के अनुसार शनिवार को शेयर बाजार में पूरे दिन कारोबार होगा। इस दिन सुबह 9.00 बजे बाजार खुल जाएगा और दोपहर 3.30 बजे बंद होगा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर दो स्पेशल सेशन होंगे। पहला सेशन सुबह 9.00 से 10.00 बजे तक होगा। इसमें प्री-ओपन सेशन 9.00 से 9:15 तक रहेगा। 9:15 बजे बाजार खुलेगा जो 10.00 बजे तक खुला रहेगा। ट्रेडिंग प्राइमरी वेबसाइट पर होगी। दूसरा सेशन सुबह 11:15 से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। इसमें सुबह 11:15 बजे मार्केट प्री-ओपन होगा। इसके बाद 11:30 से 12:30 बजे तक ट्रेडिंग होगी। प्री क्‍लोजिंग सेशन दोपहर 12:40 से 12:50 बजे तक होगी। इस दिन बाजार में सभी नकद और F&O शेयरों में 5 फीसदी का सर्किट होगा। फीसदी सर्किट वाली कंपनियों के सर्किट में कोई बदलाव नहीं होगा।

    सोमवार मनी मार्केट में आधे दिन होगी ट्रेडिंग

    प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन सोमवार को NCDEX पूरे दिन बंद रहेगा जबकि MCX में शाम 5 बजे से कारोबार होगा। इसी प्रकार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी सोमवार के लिए मनी मार्केट के समय में बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने मुद्रा बाजार 22 जनवरी को दोपहर 2.30 बजे तक बंद रहेंगे। इस दिन यह सुबह 9.00 बजे के स्थान पर दोपहर 2.30 बजे खुलेंगे। 22 जनवरी को प्राइमरी या सेकंडरी मार्केट में सरकारी सिक्योरिटीज, विदेशी एक्सचेंज, मनी मार्केट्स और रुपी इंटरेस्ट रेट डेरीवेटिव्स में कोई ट्रांजैक्शन या सेटलमेंट नहीं होगा। सभी शेष रहे ट्रांजैक्शन का सेटलमेंट अब 23 जनवरी 2024 को ही होगा। गौरतलब है कि, सरकार के 22 जनवरी को आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया है। महाराष्ट्र सरकार ने भी आधे दिन का अवकाश घोषित किया है। इसके चलते ही आरबीआई को उक्त निर्णय लेना पड़ा।

     

     

     

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    Fri, 19 Jan 2024 22:53:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी राहत : CPGRAMS पोर्टल ने दूर की पेंशनभोगियों की परेशानी, 12 महीने में 72453 पेंशनरों की शिकायतों को हुआ निराकरण https://acntimes.com/CPGRAMS-portal-solved-the-problems-of-pensioners https://acntimes.com/CPGRAMS-portal-solved-the-problems-of-pensioners एसीएन  टाइम्स @ नई दिल्ली । केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पोर्टल पेंशनों के लिए बड़ी राहत का सबब बनकर उभरा है। महज 12 महीने में इस पोर्टल के माध्यम से 72 हजार 453 पेंशनरों की शिकायतों का निरावरण हो चुका है। प्रतिमाह 5000 से अधिक मामलों का समाधान हो रहा है। अकेले 7012 प्रकरण तो सिर्फ दिसंबर के 31 दिनों में ही ही निराकृत हो गए। शिकायत के समाधान से औसत 27 दिन का समय लग रहा है। 

    केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग का एक ऑनलाइन वेब-सक्षम शिकायत निवारण पोर्टल है। इस पर केंद्र सरकार के पेंशनभोगी अपनी शिकायतें दर्ज करते हैं। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा #CPGRAMS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें इलेक्ट्रॉनिक रूप से संबंधित मंत्रालय / विभाग / संगठन को भेज दी जाती हैं। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने हाल ही में #CPGRAMS और भविष्य पर 8वीं मासिक रिपोर्ट जारी की। जिसके अनुसार उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल हुई है।

    रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

    • 1 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक CPGRAMS पोर्टल पर 78018 पेंशनभोगी शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 72453 पेंशनभोगी शिकायतों का निवारण किया गया। दिसंबर 2023 के अंत तक 8940 मामले लंबित थे। 2023 में रक्षा लेखा के प्रधान नियंत्रक ने 18592 मामलों का निवारण किया है। पूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने 13598 मामलों का तो वित्तीय सेवा विभाग ने 12682 मामलों का निवारण किया।
    • दिसंबर 2023 में 8560 पेंशनभोगी शिकायतें प्राप्त हुईं। शिकायतें प्राप्त करने वाले प्रमुख विभाग रक्षा लेखा के प्रधान नियंत्रक, पूर्व सैनिक कल्याण विभाग और वित्तीय सेवा विभाग हैं। नवंबर 2023 में 6617 शिकायतों की तुलना में दिसंबर 2023 में 7012 पेंशन शिकायतों का निवारण किया गया। लगातार 8वें महीने पेंशनभोगी शिकायतों के निवारण की संख्या 5000 मामले/माह को पार कर गई है। शिकायत निवारण का औसत समय 27 दिन था।
    • दिसंबर 2023 में ई-पीपीओ के निर्माण के लिए भविष्य मॉड्यूल को पीएफएमएस पेंशन मॉड्यूल के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है। दिसंबर 2023 में भविष्य सिस्टम के माध्यम से 3093 पीपीओ सफलतापूर्वक उत्पन्न किए गए थे।
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    Thu, 18 Jan 2024 21:26:52 +0530 Manish Kumar Shukla
    हे राम ! 22 जनवरी को UP के सभी मंदिरों में भजन और कीर्तन कराने के शासन के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, जानें हाईकोर्ट ने क्या लिया एक्शन https://acntimes.com/The-order-for-bhajan-and-kirtan-in-all-the-temples-of-UP-on-January-22-was-challenged-in-the-High-Court https://acntimes.com/The-order-for-bhajan-and-kirtan-in-all-the-temples-of-UP-on-January-22-was-challenged-in-the-High-Court एसीएन टाइम्स @ प्रयागराज l अयोध्या धाम में भगवान श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन पूरे उत्तर प्रदेश के मंदिरों में भजन कीर्तन करवाने को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव द्वारा आदेश जारी किया गया है। आदेश प्रदेश के सभी कलेक्टरों को जारी हुआ है। इसके अनुसार इस दिन सभी मंदिरों में भजन-कीर्तन के अलावा रामायण, रामचरित मान का पाठ, रथ यात्रा, कलश यात्रा आदि आयोजन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। फिलहाल हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

    जनहित याचिका ऑल इंडिया लाॅयर्स यूनियन (एआईएलयू) उत्तर प्रदेश के राज्य अध्यक्ष अधिवक्ता नरोत्तम शुक्ल की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में कुल चार लोगों को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में मुख्य सचिव के आदेश को भारतीय संविधान के धर्म निरपेक्ष चरित्र व अनुच्छेद 25, 26 और 27 के खिलाफ माना है। इसमें कहा गया है कि इसके अनुसार राज्य को किसी भी धार्मिक गतिविधि, आयोजन से निरपेक्ष रहने की अपेक्षा संविधान में की गई है।

    कोर्ट नहीं माना अर्जेंट सुनवाई का मैटर

    याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता के समक्ष दायर की गई है। याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट से याचिका पर अविलंब सुनवाई की प्रार्थना भी की गई। कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति की कोर्ट ने इसे अर्जेंट (अत्यावश्यक) नहीं माना और अर्जेंट सुनवाई करने से ही इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामली की सुनवाई इसके सूचीबद्ध होने पर ही की जाएगी।

    राजकीय कोष से स्वीकृत हुए हैं 590 लाख रुपए

    उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव ने उक्त आदेश 21 दिसंबर 2023 को जारी किया था। इसके अनुसार सभी मंदिरों में 22 जनवरी को भजन-कीर्तन, रामायाण, रामचरित मानस पाठ कराना एवं रथ और कलश यात्रा निकाली जाना है। इसके लिए गांव, ब्लाॅक, जिला और शहरों में आंगनबाड़ी, आशाओं, एएनएम आदि कर्मचारियों का सहयोग भी लिया जाना है। कथावाचकों और कीर्तन मंडलियों को जिला सांस्कृतिक कौंसिल के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा राजकोष से अलग से 590 लाख रुपए भी स्वीकृत किए गए हैं।

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    Thu, 18 Jan 2024 03:39:32 +0530 Manish Kumar Shukla
    अयोध्या में श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का होगा सीधा प्रसारण, जानिए& मीडिया कवरेज के लिए शासन&प्रशासन कर रहा क्या व्यवस्था https://acntimes.com/Shri-Rams-Pran-Pratistha-Mahotsav-will-be-telecast-live-in-Ayodhya https://acntimes.com/Shri-Rams-Pran-Pratistha-Mahotsav-will-be-telecast-live-in-Ayodhya एसीएन टाइम्स @ अयोध्या । अयोध्या धाम में 22 जनवरी 2024 को होने वाले श्री राम मंदिर के प्रतिष्ठापन समारोह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निर्धारित अनुष्ठानों के अनुसार 'प्राण प्रतिष्ठा' करेंगे। इस दिन 8,000 से अधिक अतिथियों के मंदिर में आने का अनुमान है। जबकि 23 जनवरी से भक्तों की संख्या लाखों में होगी। आयोजन के कवरेज के लिए मीडिया भी होगी। कवरेज में कोई परेशानी न हो इसके लिए भी व्यापक प्रबंधन किए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार समारोह के सीधे प्रसारण की व्यापक व्यवस्था की गई है। दूरदर्शन पूरे कार्यक्रम का डीडी न्यूज और डीडी नेशनल चैनलों पर 4K गुणवत्ता में सीधा प्रसारण करेगा। 23 जनवरी को दूरदर्शन आरती और जनता के लिए श्री राम मंदिर खुलने का प्रसारण करेगा। दूरदर्शन 22 जनवरी को एएनआई टीवी और पीटीआई वीडियो के साथ अयोध्या में कार्यक्रम की क्लीन फ़ीड साझा करेगा। सभी टीवी चैनल जो एजेंसी के ग्राहक हैं, वे वहां से फ़ीड प्राप्त कर सकेंगे हैं।

    अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रसारकों के लिए क्लीन फ़ीड की कुंजी के साथ एक यूट्यूब लिंक तैयार किया जा रहा है। यह लिंक संबंधित प्रसारकों के अनुरोध पर उनके साथ साझा किया जाएगा। यूट्यूब लिंक प्राप्त करने के लिए घरेलू प्रसारक-पत्र सूचना कार्यालय के पास अपना अनुरोध भेज सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनलों को अपना अनुरोध सीधे प्रसार भारती से करना होगा। संपर्क करने का पूरा विवरण पीआईबी मीडिया एडवाइजरी में उपलब्ध है।

    यदि क्लीन फ़ीड की आवश्यकता नहीं है तो चैनलों के पास डीडी न्यूज़ से पैचिंग का भी विकल्प होगा। इस मामले में सौजन्य: दूरदर्शन देना होगा। पीआईबी अंग्रेजी, हिंदी और राज्य की भारतीय भाषाओं में कार्यक्रम की तस्वीरें और प्रेस विज्ञप्ति भी जारी करेगा।

    अयोध्या मीडिया सेंटर में होगी वाई-फाई सुविधा

    अयोध्या के राम कथा संग्रहालय में सीमित क्षमता के साथ एक मीडिया सेंटर स्थापित किया जा रहा है। यहां प्रसारण देखने की सुविधा के लिए बड़े एलईडी टीवी लगाए जाएंगे। मीडियाकर्मियों को अपनी स्टोरी भेजने के लिए मीडिया सेंटर में वाई-फाई की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

    मीडिया पास के लिए पोर्टल की व्यवस्था

    अयोध्या से इस कार्यक्रम को कवर करने के इच्छुक मीडिया संगठन पीआईबी के केन्द्रीकृत पोर्टल के माध्यम से 17 जनवरी 2024 शाम 6 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। इसके आधार पर राज्य प्रशासन के माध्यम से सुरक्षा पास जारी किए जाएंगे।

    दूरदर्शन प्रसारित कर रहा विशेष कार्यक्रम

    सीधे प्रसारण के अलावा, दूरदर्शन 1 से 15 जनवरी, 2024 तक राम की पेढ़ी नामक एक विशेष समाचार बुलेटिन भी चला रहा है। शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक "श्री राम अयोध्या आए हैं" शीर्षक से एक विशेष लाइव कार्यक्रम होगा। इसमें दैनिक अयोध्या राउंड-अप, अतिथि चर्चा, विशेष स्टोरी और वॉक्स-पॉप शामिल होंगे।

    स्वास्थ्य सुविधाएं भी होंगी उपलब्ध

    लोगों को पर्याप्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो, इसके लिए अयोध्या में चिकित्सा देख-रेख सुविधाओं की जानकारी स्थानीय प्रशासन और राम जन्मभूमि ट्रस्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। 12 से 15 जनवरी, 2024 के दौरान अयोध्या में लगभग 200 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए दिल्ली स्थित एम्स के जेपीएनए ट्रॉमा सेंटर से एक टीम भेजी गई है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह और संबद्ध कार्यक्रम के दौरान अयोध्या में भारत सरकार द्वारा भीष्म आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा स्थापित करने की संभावना है।

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    Wed, 17 Jan 2024 09:00:00 +0530 acntimesup
    CM योगी ने अयोध्या धाम में डिजिटल टूरिज्म एप और अयाेध्या पुलिस की वेबसाइट को किया लॉन्च, ई&वाहनों की भी शुरुआत की https://acntimes.com/Chief-Minister-launches-Ayodhya-Dham-Digital-Tourism-App-and-official-website-of-Ayodhya-Police https://acntimes.com/Chief-Minister-launches-Ayodhya-Dham-Digital-Tourism-App-and-official-website-of-Ayodhya-Police एसीएन टाइम्स @ अयोध्या l उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ई-वाहनों (50 इलेक्ट्रिक बसों एवं 25 ई-ऑटो) को फ्लैग ऑफ कर अयोध्यावासियों को उपहार दिया। मुख्यमंत्री ने डिजिटल टूरिज्म एप तथा अयोध्या पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पूर्व आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इस उद्देश्य से अयोध्या नगर निगम और अयोध्या शहर में ई-बसों एवं ई-ऑटो का शुभारम्भ किया गया है। टूरिज्म सेंट्रिक मोबाइल एप तथा अयोध्या पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट भी लाॅन्च की गई है।

    22 जनवरी भारत की श्रद्धा और आस्था को सम्मान देने तथा भारत के स्वाभिमान और सम्मान को पुनर्स्थापित करने की पावन तिथि है। इस दिन प्रभु श्रीराम 500 वर्षों के बाद अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। उन्होंने कहा कि 2014 में अयोध्या धाम में, बल्कि पूरे देश और प्रदेश में रामराज्य की स्थापना का कार्य प्रारम्भ हुआ था। 22 जनवरी को यह कार्य भी मूर्त रूप लेगा। इस दिन यशस्वी भविष्य की कामना के साथ हमें श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

    श्रद्धालुओं, भक्तों, यात्रियों और पर्यटकों के लिए सज रही अयोध्या नगरी 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाभाविक रूप से इस पौराणिक और ऐतिहासिक तिथि को आने वाले श्रद्धालुओं, भक्तों, आस्थावान यात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए अयोध्या सज रही है। यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसम्बर, 2023 को किया था। क्या कोई सोचता था कि अयोध्या में इतनी शानदार सड़कें होंगी। आज अयोध्या में राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ, जन्मभूमि पथ को देखेंगे, तो हर कोई अभिभूत होगा। मल्टीलेवल पार्किंग, गुप्तार घाट से लेकर राम जी की पेढ़ी और नए घाट का निर्माण, सूरजकुण्ड, भरतकुण्ड के सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम को देखकर हर कोई अभिभूत हो जाएगा। इसी शृंखला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अवस्थापना के कार्य, अच्छे यात्री निवास, धर्मशालाओं का निर्माण, अच्छे होटल टेन्ट सिटी भी बन रही है या बन चुकी है।

    200 इलेक्ट्रिक बसें और ई-ऑटो से कम होगा प्रदूषण 

    सीएम योगी ने कहा ने कहा कि आने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए इलेक्ट्रिक बसें, ई-ऑटो और अन्य सुविधाएं यहां पर प्रारम्भ हो रही हैं। डिजिटल टूरिस्ट एप के द्वारा आने वाला कोई भी श्रद्धालु अयोध्या के हर स्पॉट का अवलोकन कर सकें और अयोध्या को नजदीक से निहार सकें, इस दृष्टि से भी इस कार्यक्रम को आज यहां सम्पन्न किया गया है।

    उन्होंने अयोध्या आने वाले सभी श्रद्धालुजन का अभी से अग्रिम अभिनन्दन करते हुए कहा कि हजारों वर्षों बाद यह अवसर आता है जब प्रभु की सेवा में कुछ कर गुजरने का अवसर मिलता है। हमारी पीढ़ी को यह अवसर मिला है। 500 वर्षों बाद प्रभु श्रीराम स्वयं के भव्य मंदिर में विराजमान होंगे। देश और दुनिया आतुर है कि कब उन्हें अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिलेगा। हम सौभाग्यशाली हैं कि यहां पर हमें प्रभु का आशीर्वाद मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि अयोध्या स्वच्छ और सुंदर दिखाई दे। सरकार का जो कार्य है, वह सरकार कर रही है।

    चमकाई जा रही अयोध्या, बढ़ रहीं सुविधाएँ 

    इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़कों का चैड़ीकरण, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के साथ ही इलेक्ट्रिक बसें अयोध्या को चमकाने का कार्य करेंगी। इनके रूट भी तय किए जा चुके हैं। लगभग 200 इलेक्ट्रिक बसें तात्कालिक रूप से अयोध्या को दी जा रही हैं। इसे 500 बसों तक विस्तार दिया जाएगा। इसमें नगर विकास के साथ परिवहन विभाग भी शामिल है। निजी क्षेत्र को भी इस क्षेत्र में आमंत्रित किया जाए। अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी बनने जा रही है,  इसलिए हमें इस कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाना है।

    हिंदी सहित अन्य भाषाओं में मिलेगी जानकारी

    प्रदेश के मुखिया ने कहा कि टूरिस्ट एप से हम अयोध्या के एक-एक स्थान को देख सकेंगे, उसका अवलोकन कर सकेंगे और आसानी से महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंच सकेंगेl ये सुविधाएं हैं। ये सुविधा सिर्फ अंग्रेजी में नहीं बल्कि हिंदी, संस्कृत सहित संविधान की अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में उपलब्ध होगी।

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    Mon, 15 Jan 2024 20:53:21 +0530 Manish Kumar Shukla
    देश को ‘गुजरात मॉडल’ अथवा ‘मोदानी मॉडल’ की नहीं, मामा बालेश्वर दयाल के मॉडल की जरूत है& डॉ. सुनीलम https://acntimes.com/The-country-does-not-need-Gujarat-Model-or-Modani-Model-Dr-Sunilam https://acntimes.com/The-country-does-not-need-Gujarat-Model-or-Modani-Model-Dr-Sunilam - प्रख्यात समाजवादी विचारक, लेखक एवं मुलताई के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम् ने कही बड़ी बात

    - मामा बालेश्वर दयाल को भारत रत्न देने और बामनिया को तीर्थ का दर्जा देने की उठाई मांग

    - मामा को महामानव नेताओं ने नहीं बल्कि आदिवासियों ने बनाया है, उन्हें देवता बनाया दिया

    - देवता मानव को पैदा करते हैं लेकिन मामा बालेश्वर दयाल को तो देवता मानव ने बनाया है

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । प्रख्यात समाजवादी नेता, विचारक, लेखक एवं मुलताई के पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने देश और देशवासियों को मामा बेलेश्वर दयाल के सिद्धांतों और विचारों की आवश्यकता जताई है। उनका कहना है कि देश और समाज के भले के लिए ‘गुजरात मॉडल’ अथवा ‘मोदानी मॉडल’ की जरूरत नहीं है, बल्कि मामा बालेश्वर दयाल के मॉडल की जरूरत है।

    डॉ. सुनीलम (सुनील मिश्रा) ने यह बात रतलाम में दौरान कही। वे वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य समाजवादी चिंतक मामा बालेश्वर दयाल की 25वीं पुण्यतिथि पर भील आश्रम, बामनिया से लौटते समय रतलाम में रुके थे। इस दौरान उन्होंने एसीएन टाइम्स से चर्चा की। उन्होंने कहा निवारीकला (इटावा-उप्र) से एक व्यक्ति आया और राजशाही व्यवस्था के खिलाफ लड़ा, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ा और भारत की जेलों के भीतर रहा। डॉ. लोहिया द्वारा दिए जेल वोट फावड़ा के सिद्धांत को अपनाया। जमुनादेवी जैसी नेत्री को पहली बार उन्होंने ही चुनाव लड़ाया था जो कभी चुनाव हारी नहीं। उनके नाम से करीब 15-20 विधायक-सांसद चुनाव जीतते रहे, यानी उन्होंने रचना का काम किया। आजीवन संघर्ष का काम करते हैं।

    इस मॉडल को आगे बढ़ाने की जरूरत

    यह जो मॉडल है वह नई पीढ़ी के सामने जाना चाहिए। इस दिशा में सरकार अगर काम न करे तो समाज को काम करना चाहिए। मामजी सरकार के भरोसे कोई काम नहीं करना चाहते थे, वे समाज के भरोसे काम करना चाहते थे। वे मानते थे कि जनशक्ति राजशक्ति से ज्यादा ताकतवर होती है और होनी चाहिए। इस मॉडल को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इस देश को गुजरात मॉडल की जरूरत नहीं है, इस देश को किसी मोदानी मॉडल जो कि सिर्फ अडानी-अंबानी को फायदा देने के लिए मोदी जी चला रहे हैं, की जरूरत नहीं है। अगर कोई जरूरत है तो देश को मामाजी के मॉडल की जरूरत है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार पैदा हो सके, पर्यावरण संतुलन ठीक हो सके, लोगों को पानी की व्यवस्था हो सके, लोगों की रोटी, कपड़ा, मकान और स्वास्थ्य, रोजगार का इंतजाम हो सके। भीलों की संस्कृति बचाई जा सके, देश के मूल निवासियों की संस्कृति बचाई जा सके, यही सब मामाजी के विचारों के केंद्र में थे।

    मामाजी को भीलों और भीलांचल ने बनाया महामानव

    मामाजी को महामानव नेताओं ने नहीं, भीलों ने बनाया है, भीलांचल के लोगों ने बनाया है। नेताओं ने मामजी को कुछ नहीं दिया। मामाजी ने नेताओं को बहुत सारे विचार दिए, सिद्धांत दिए, नैतिकता दी, सोच दी, नशाबंदी नाशामुक्ति का एक पूरा कॉन्सेप्ट दिया। उन्होंने ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता का कॉन्सेप्ट दिया। जो आदिवासी लँगोटी पहनता था, उसे पूरे कपड़े पहनाना सिखाने का काम किया। मैंने मामाजी को देखा है, राज्यसभा सदस्य के रूप में देखा है, बामनिया में देखा है। आज वे महामानव के रूप में हैं। 250 जगह पर उनकी मूर्तियां स्थापित हैं, वहां उनके नाम से भजन और कीर्तन होते हैं। उनके द्वारा दी गई सीख देने का काम होता है। कम से कम 5 हजार भगत हैं जो केवल राजस्थान के अंदर काम करते हैं। वे 21 तारीख (21 दिसंबर) को चलते हैं और चाल दिन चलकर 25 तारीख की रात को बामनिया पहुंचते हैं। एक व्यक्ति को आदिवासियों ने देवता बनाया दिया। लोग कहते हैं कि देवता पैदा करते हैं इंसान को, लेकिन इंसान भी देवता पैदा करते है ऐसा हम लोगों ने देखा है।

    सरकार का रवैया तिरस्कार पूर्ण

    अभी जो देख रहा हूं कि सरकार का उनके प्रति तिरस्कार पूर्ण रवैया है। इतने बड़े व्यक्ति के लिए अब न तो मुख्यमंत्री जाते हैं, न स्थानीय विधायक जाते हैं। उनके नाम का तो उपयोग करते रहे हैं अलग-अलग समय पर लेकिन न तो स्थानीय ग्राम पंचायत कोई व्यवस्था करती है और न ही स्थानीय प्रशासन। कल (पुण्यतिथि को) जब वहां 50 हजार आदिवासियों का कार्यक्रम चल रहा था तब प्रशासन के लोग माइक बंद करवाने जा रहे थे कि कानून बन गया है। आप रात को माइक नहीं बजा सकते हैं परंतु जहां नफरत फैलाने की बात होती है, हिंसा फैलाने की बात हो वहां माइक बज सकता है। जहां प्रेम की, शांति की और सद्भावना फैलाने की बात हो वहां माइक बजाने की दिक्कत है।

    यह चाहते हैं डॉ. सुनीलम

    • मामा बालेश्वर दयाल को भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
    • बामनिया मामाजी का एक तरह से तीर्थ बन गया है, उस तीर्थ को विकसित किया जाना चाहिए।
    • मामाजी के नाम से एक संग्रहालय बनाया जाना चाहिए।
    • मामाजी के विचारों की प्रदर्शनी लगाई जानी चाहिए।
    • मामाजी को पढ़ाया जाना चाहिए पाठ्य पुस्तकों में, ताकि लोगों को पता चल सके कि त्याग और तपस्या से ही इंसान देवता बनता है।
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    Wed, 27 Dec 2023 16:28:22 +0530 Niraj Kumar Shukla
    एकतरफा प्यार में धोखे का ऐसा इंतकाम ! पहले महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर के हाथ&पैर बांधे और फिर जला दिया जिंदा, लिंग परिवर्तन करा कर पुरुष (ट्रांस मेल) बने दोस्त की करतूत https://acntimes.com/Such-revenge-for-betrayal-in-one-sided-love https://acntimes.com/Such-revenge-for-betrayal-in-one-sided-love तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती की हत्या का दिल दहला देने वाला मामला

    एसीएन टाइम्स @ चेन्नई । तमिलनाड की राजधानी चेन्नई में एकतरफा प्यार में नाकाम हुए एक ट्रांस मेल (लिंग परिवर्तन करवा कर महिला से पुरुष बने) की दिल दहला देने वाली करतूत सामने आई है। पुलिस ने उसे एक 24 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। ट्रांस मेल ने शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर पहले युवती के हाथ पैर बांध दिए और फिर जिंदा जला दिया।

    चेन्नई के आईटी कॉरिडोर के पास पोनमर इलाके में शनिवार रात को नंदिनी एक युवती आधी जली हालत में मिली थी। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था जहां अगले दिन सुबह उसने दम तोड़ दिया। युवती की पहचान सॉफ्टवेयर इंजीनियर नंदिनी के रूप में हुई है। वह मदुरै ज़िले की रहने वाली थी। पुलिस ने मामले में पड़ताल शुरू की तो पता चला कि नंदिनी के पूर्व बॉयफ्रैंड वेतरिमारन इस जघन्य हत्याकांड के लिए जिम्मदार है। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक मोबाइल मिला। जिससे वेतरिमारन की पहचान हो सकी। 

    जन्मदिन मनाने के बहाने ले गया था सुनसान जगह

    वेतरिमारन ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वो और नंदिनी एक समय प्यार में थे। दोनों के संबंध उस समय बिगड़ गए जब वेतरिमारन को लगा कि नंदिनी अब उससे दूरी बना रही है। उसे नंदिनी के दूसरे के करीब जाने का अंदेश हुआ। धोखा खाने के डर और ईर्ष्या के चलते वेतरिमारन ने नंदिनी की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार वेतरिमारन नंदिनी को उसका जन्मदिन मनाने के बहाने एक सुनसान इलाक़े में ले गया। जहां उसने नंदिनी की आंख पर पट्टी बांधी। उसने बिना देर किए उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उसने पहले नंदिनी पर धारदार हथियार से वार किया और फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। 

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    पहले महिला था वेतरिमारन

    पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाली जानकारी मिली। वह यह कि आरोपी वेतरिमारन और नंदिनी स्कूल फ्रैंड थे। उसे तभी से नंदिनी से प्यार था। वेतरिमारन दरअसल महिला थी और उसका नाम पंडी माहेश्वरी था। स्कूल से निकलने के कई साल बाद अपना लिंग परिवर्तन करवा कर वह ट्रांस मेल (पुरुष) बन गई थी। इसके बाद ही उसने अपना नाम वेतरिमारन रख लिया था।

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    आठ माह से चेन्नई में रह रही थी नंदिनी

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नंदिनी पेशे से एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर थी। वह थोरईपक्कम इलाक़े में एक निजी सॉफ़्टवेयर कंपनी में काम करती थी। वह काम के सिलसिले में ही करीब आठ माह से चेन्नई में रह रही थी। पुलिस ने उसकी हत्या के आरोप में वेतरिमारन के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।

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    Tue, 26 Dec 2023 12:06:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
    जिन पत्थरों को कुलदेवता ‘काकड़ भैरव’ मानकर पूज रहे थे ग्रामीण, वे डायनासोर के अंडे निकले, पता चला तो वैज्ञानिक भी हो गए हैरान https://acntimes.com/Dinosaur-eggs-found-in-Padalya-village-of-Dhar-district-of-MP-villagers-used-to-worship https://acntimes.com/Dinosaur-eggs-found-in-Padalya-village-of-Dhar-district-of-MP-villagers-used-to-worship मप्र के धार जिले के पाडल्या गांव में मिले डायनासोर के अंडे, बीरबल साहनी इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों के शोध के दौरान हुआ खुलासा

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । मध्य प्रदेश के धार जिले के पाडल्या गांव में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां ग्रामीण जिन गोल पत्थरों को अपना कुल देवता ‘कांकड़ भैरव’ मानकर वर्षों से पूजते आ रहे हैं, वे वास्तव में डायनासोर के अंडे हैं। जिले में डायनासोर के ऐसे काफी जीवाश्म पहले भी मिल चुके हैं। वैज्ञानिक इन्हें सहेजने के लिए मांडू में एक जीवाश्म पार्क बनाने पर काम कर रहे हैं। जिले को यूनेस्को द्वारा ग्लोबल जियो पार्क के रूप में मान्यता दिलाने का प्रयास भी हो रहा है।

    मीडिया रिपोर्ट से अनुसार धार जिले के पाडल्या गांव के लोग सदियों से कुछ गोलाकार आकृतियों को कुलदेवता के रूप में पूज रहे हैं। कांकड़ भैरव के रूप में पूजे जाने वाले पत्थरों के डायनासोर के अंडे होने का पता तब चला जब यहां एक वर्कशॉप आयोजित की गई थी। स्थानीय डायनासोर विशेषज्ञ विशाल वर्मा द्वारा बताया गया है कि वर्कशॉप में लखनऊ के बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज (बीएसआईपी) के वैज्ञानिक डॉ. महेश ठक्कर, डॉ. विवेक वी. कपूर और डॉ. शिल्पा पांडेय शामिल हुए थे।

    खेत पर स्थापित कर दीपावली पर ऊपर से मवेशियों को गुजारते हैं

    मांडू में डायनासोर फॉसिल्स पार्क के विकास कार्य का जायजा लेने के दौरान इन वैज्ञानिकों ने ग्रामीणों को गोल पत्थरों की पूजा करते पाया। इन पत्थरों का व्यास लगभग 18 सेंटीमीटर है जिन पर लोगों ने चेहरे की आकृति बना ली है। वैज्ञानिकों द्वारा पूछने पर गांव के 41 वर्षीय वेस्ता मंडलोई व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि- इनमें कुल देवता ‘कांकड़ भैरव’ का वास है। लोग इन्हें अपने खेतों की कांकड़ (मेढ़) पर कतार में रख देते हैं। दीपावली पर लोग अपने गर्भस्थ मवेशियों को इनके ऊपर से गुजारते हैं और विधि-विधान से पूजा भी करते हैं। ग्रामीणों की मान्यता है कि ऐसा करने से मवेशी और उनका होने वाला बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं एवं खेतों की रक्षा भी होती है। कांकड़ भैरव के कारण गांव पर कोई संकट भी नहीं आता है। वेस्ता के अनुसार ऐसे ही पत्थरों की पूजा झाबा, अखाड़ा, जाम्यापुरा और ताकारी गांव में भी होती है।

    टाइटेनोसॉर प्रजाति के हैं अंडे, 70 मिलियन वर्ष पहले थी इस क्षेत्र में

    वैज्ञानिकों का दावा है कि पत्थर में तब्दील हो चुके डायनासोर के ये अंडे टाइटेनोसॉर प्रजाति के हैं और करोड़ों वर्ष पहले के हैं। यह पहला भारतीय डायनासोर है जिसका नामकरण और उचित वर्णन किया गया है। इस प्रजाति को पहली बार 1877 में दर्ज किया गया था। इसके नाम का अर्थ 'टाइटेनिक छिपकली' है। टाइटेनोसॉर इस ग्रह पर घूमने वाले सबसे बड़े डायनासोरों में से एक है। अनुमान है कि यह प्रजाति लगभग 70 मिलियन वर्ष पहले क्रेटेशियस काल के दौरान इस क्षेत्र में घूमती थी।

    जीवाश्म संरक्षण व संवर्धन का रोड मैप तैयार

    वैज्ञानिकों का मानना है कि नर्मदा घाटी का यह इलाका करोड़ों वर्ष पूर्व डायनासोर युग से जुड़ा रहा होगा। तब यहां डायनासोर का की उपस्थित रही होगी। लखनऊ के बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पैलियोसाइंसेज (बीएसआईपी) की वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा पांडेय के मुताबिक धार जिले के 120 किलोमीटर के क्षेत्र में पूर्व में करीब 256 डायनासोर के अंडों के नेक्स्ट मिल चुके हैं। 20 और नेक्स्ट इसी साल जून में भी मिले थे। ऐसे अंडों और जीवाश्म को डिनो फॉसिल नेशनल पार्क में रखकर सहेजा जा रहा है। इनके संरक्षण और संवर्धन का रोड मैप तैयार किया गया है। डॉ. शिल्पी की टीम स्थानीय लोगों को क्षेत्र में उपलब्ध जीवाश्म के संरक्षण के बारे में जागरूक करने के साथ ही जिले को यूनेस्को से ग्लोबल जियो पार्क के रूप में मान्यता दिलाने का प्रयास भी कर रही है। टीम बीएसआईपीइस पार्क विकसित करने के साथ ही यहां पाए जाने वाली सभी चीजों का डॉक्यूमेंटेशन और 3D प्रिंटिंग तैयार करने में मध्य प्रदेश सरकार की मदद भी करेगी।

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    Wed, 20 Dec 2023 21:03:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ऐसा होगा शिवराज का भविष्य ! केंद्र और राज्य की राजनीति करेंगे, दक्षिण की यात्रा करेंगे, हमेशा दिल्ली आना लगा रहेगा https://acntimes.com/This-will-be-the-future-of-Shivraj-Singh-Chauhan https://acntimes.com/This-will-be-the-future-of-Shivraj-Singh-Chauhan भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा में दिया अपने भविष्य को लेकर संकेत

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । मप्र में प्रचंड जीत के बाद भी सीएम की कुर्सी से दूर हुए लाड़ली बहनों के शिवराज भैया (शिवराज सिंह चौहान) का भविष्य लगभग तय हो गया है। ‘दिल्ली नहीं जाऊंगा, चाहे...’ कहने वाले शिवराज दिल्ली तो पहुंचे लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा के बुलावे पर। दोनों की लंबी मुलाकात हुई जिसके बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब मैं दिल्ली आता रहूंगा और आपसे मिलता रहूंगा। उन्होंने अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर कुछ संकेत भी दिए हैं, जिससे उनके भविष्य को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। आइये, जानते हैं कि- मप्र में 18 साल तक मुख्यमंत्री रहे चौहान आगामी दिनों में किस भूमिका में नजर आ सकते हैं।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा के बुलावे पर शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को दिल्ली पहुंचे थे। दोनों के बीच काफी लंबी चर्चा चली। इसमें शिवराज के भविष्य के साथ ही मप्र की राजनीति और सरकार को लेकर भी बात हुई। मुलाकात के बाद शिवराज ने पत्रकारों से बात की। नड्डा से मुलाकात के दौरान किन-किन मुद्दों को लेकर क्या बात हुई, इसका खुलासा तो शिवराज ने नहीं किया। उन्होंने लगभग हर सवाल के जवाब में एक ही बात कही कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे वे शिद्दत से निभाएंगे। उन्होंने मीडिया से साफ कहा कि वे केंद्र और राज्य की राजनीति करते रहेंगे।

    राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में करते रहेंगे काम

    शिवराज ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते जे. पी. नड्डा जी के नेतृत्व में हम काम करते हैं। वे मार्गदर्शक हैं और मेरे मित्र भी हैं। शिवराज ने बताया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा में जब नड्डा राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, तब वे राष्ट्रीय सचिव थे। लंबे समय तक दोनों ने साथ काम किया है। कार्यकर्ता के नाते मेरे लिए पार्टी जो भी भूमिका तय करेगी, वह काम मैं करूंगा। हम राज्य में रहेंगे और केंद्र में भी। मैं अपने बारे में नहीं सोचता। जो अपने बारे में सोचता है, वह अच्छा इंसान नहीं होता। विकसित भारत संकल्प यात्रा में जो भी भूमिका पार्टी तय करेगी, वह काम करूंगा। अगर आप एक बड़े मिशन के लिए काम करते हो तो पार्टी ही तय करती है कि आप क्या काम करेंगे।

    दक्षिण के राज्यों में जाएंगे शिवराज

    चौहान ने कहा कि मैं अपनी पार्टी के माध्यम से देश की सेवा कैसे कर पाऊं और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मिशन को कैसे आगे बढ़ा पाऊं, इस काम में मैं निरंतर लगा रहूंगा। फिलहाल मैं विकसित भारत संकल्प यात्रा में जो भी कार्यक्रम तय होंगे उसमें काम करूंगा। अभी कुछ जगहों पर मुझे जाने को कहा गया है। मैं दक्षिण के राज्यों में जाऊंगा। इससे जुड़े एक सवाल पर शिवराज बोले कि, फिरहाल, कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई है।

    नहीं किया लाड़ली बहना का जिक्र

    मप्र में भाजपा की बड़ी जीत का एक बड़ा कारण शिवराज सरकार की लाड़ली बहना योजना भी रही। यही कारण है कि वे जहां भी जा रहे हैं महिलाएं उन्हें घेर लेती हैं। उन्हें प्रदेश में वापस लाने को लेकर नारे भी लग चुके हैं जिससे शिवराज को भी भावुक होते देखा गया है। बावजूद, मंगलवार को शिवराज ने लाड़ली बहना का जिक्र तक नहीं किया। पत्रकारों ने जब इस बारे में सवाल दागा तो उन्होंने कहा कि बहन-भाई का प्यार अमर है। उसका किसी पद से कोई संबंध नहीं है।

    मप्र के के सीएम डॉ. यादव के लिए कही बड़ी बात

    पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री हैं। मैं एक विधायक हूं और मुख्यमंत्री होने के नाते वे मेरे भी नेता हैं। भाजपा में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता। हमने मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित मध्य प्रदेश बनाया। मेरी दिली इच्छा है कि मोहन यादव उसे और समृद्धि की तरफ और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। यह मेरा भरोसा भी है। वे मुझसे बेहतर काम करें। आगे बढ़कर काम करें।

    मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल पर फैसला पार्टी लेगी

    शिवराज सिंह ने बताया कि नड्डा जी से मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल के गठन के संबंध में भी चर्चा। सलाह-मशविरा जो होना था, वह हो गया है। जो पार्टी तय करेगी, वह होगा। भोपाल में आज भाजपा विधायक दल की पहली बैठक है। मेरा पहली बैठक में मौजूद रहना आवश्यक है। सिंह ने कहा कि मैं आज वापस जाऊंगा और फिर वापस आऊंगा और आपसे बार-बार मिलता रहूंगा।

    केंद्रीय कृषि मंत्री या राष्ट्रीय उपाध्य की मिल सकती जिम्मेदारी

    कयास लगाया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान को संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष अथवा उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देकर भोपाल से दिल्ली शिफ्ट किया जा सकता है। चौहान 2018 में भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए थे, तब उन्हें सदस्यता अभियान का प्रभारी बनाया गया था। संभव है कि लोकसभा चुनाव में उनको विदिशा से चुनाव लड़ा दिया जाए। शिवराज विदिशा से पांच बार सांसद भी रह चुके हैं। ऐसे में यदि केंद्र में पुनः भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया जा सकता है। यह भी कहा जा रहा है कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को मप्र विधानसभा का अध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में उनके स्थान पर शिवराज को केंद्रीय कृषि मंत्री की जिम्मेदारी भी मिल सकती है। शिवराज के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में मप्र ने उल्लेखनीय कार्य किया है।

    नहीं मिली प्रदेश की बागडोर, शुरू हो गया मोहन ‘राज’

    बता दें कि, मध्य प्रदेश में गत 3 दिसंबर को विधानसभा चुनावों के नतीजे आए थे। 230 सीटों वाली विधानसभा में 163 सीटों के साथ भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला। तमाम अटकलों के बाद 11 दिसंबर को हुई विधायक दल की बैठक में पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव को नेता चुना लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ ही दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए गए हैं, ये हैं राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा। शपथग्रहण के बाद डॉ. यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने काम शुरू भी कर दिया है। इससे पहले संभावना जताई जा रही थी कि निवृत्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पुनः प्रदेश की बागडोर दी जा सकती है लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद से चौहान के भविष्य को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं-कुशंकाएं व्यक्त की जा रहीं थी।

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    Tue, 19 Dec 2023 23:00:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    संसद में हंगामा : लोकसभा के 33 और राज्यसभा के 45 सहित 78 सांसद निलंबित, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी सहित अन्य पर हुई कार्रवाई, लोकसभा स्पीकर ने की गंभीर टिप्पणी https://acntimes.com/Uproar-in-parliament-78-member-of-parliament-suspended https://acntimes.com/Uproar-in-parliament-78-member-of-parliament-suspended एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । लोकसभा और राज्यसभा के शीतकालीन सत्र में सोमवार को हंगामा करने पर 78 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इनमें 33 सांसद लोकसभा के और 45 राज्यसभा के हैं। लोकसभा के निंलबित सांसदों में कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, डीएमके के टी.आर. बालू और दयानिधि मारन सहित अन्य शामिल हैं।

    संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में ही शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को हंगामे के आसार व्यक्त किए जा रहे थे। यह आशंका सही साबित हुई। दोनों ही सदनों में कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की एक वजह पिछले सप्ताह हुआ सांसदों का निलंबन भी रही। हंगामा ज्यादा बढ़ता देर लोकसभा की कार्रवाई पहले दोपहर 12 बजे तक और उसके बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसी प्रकार राज्यसभा की कार्रवाई दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी। हालांकि इसके बाद भी बात नहीं बनी। सांसदों के हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला का कहना था कि सदन में सार्थक और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए लेकिन सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। सांसदों को सदन की गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने सदन में तख्तियां लेकर आने को भी गलत बताया था।

    हंगामे के चलते संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदन में हंगामा करने वाले सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया और लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, DMK  के टी.आर बालू और दयानिधि मारन सहित 33 सांसदों को निलंबित कर दिया। इनमें से तीन सांसद के. जयकुमार, विजय वसंत और अब्दुल खालिक का निलंबन विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक रहेगा। वहीं शेष 30 सांसदों का निलंबन पूरे शीतकालीन सत्र के दौरान प्रभावशील रहेगा। इससे पहले 14 सांसदों को निलंबित किया गया था। इस तरह इस सत्र में अब तक लोकसभा के 47 सांसद निलंबित हो चुके हैं। इसी प्रकार सोमवार को राज्यसभा के 45 सांसदों को भी निलंबित कर दिया गया। संसद में सुरक्षा चूक के मुद्दे पर विपक्ष के रवैये को लेकर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने कहा है कि विपक्ष इसे लेकर राजनीति कर रहा है। 

    संसद में बोलने से डरते हैं गृहमंत्री शाह- गोगोई

    संसद की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का कहना था कि 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद के भीतर बोलने से डर रहे हैं। इस कारण वे मीडिया के माध्यम से टिप्पणी कर रहे हैं। यह गृहमंत्री के रिकॉर्ड पर धब्बा है, वे लोकतंत्र के इस मंदिर पर हमला होते देखते रहे। वहीं भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने संसद में हंगामे को लेकर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि, संसद में विचारों का आदान-प्रदान होना चाहिए लेकिन विपक्ष लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करना चाहता है। देश की जनता ये देख रही है।

    सुरक्षा चूक के लिए कौन है जिम्मेदार- चतुर्वेदी

    संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर देश की सबसे सुरक्षित इमारत की भी सुरक्षा में चूक हो सकती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? चतुर्वेदी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को यह तय करना होगा कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस बारे में उन्हें संसद में आकर बताना चाहिए।

    सांसदों को निलंबित करना लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं- बादल

    संसद की सुरक्षा में चूक को लेकर शिरोमणी अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने ने भी प्रतिक्रिया जाहिर की। उनका कहना है कि यह एक बड़ी सुरक्षा चूक थी और साथ ही खुफिया एजेंसियों की भी असफलता थी। लोग जानना चाहते हैं कि ऐसा कैसे हुआ? बादल के अनुसार जिन्होंने सवाल पूछे उन्हें संसद से निलंबित कर दिया गया है। यह लोकतंत्र के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

    भाजपा विपक्ष में होती तो दिल्ली बंद करा देती'

    शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भी भाजपा को आड़े हाथ लिया है। उनका कहना है कि अगर केंद्र में भाजपा के अलावा कोई और पार्टी होती तो भाजपा इस मुद्दे पर पूरी दिल्ली बंद करा देती। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन भाजपा सांसद ने आरोपियों को संसद में प्रवेश कराया, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। राउत के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्हें (प्रधानमंत्री) संसद में आकर इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

    टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन का निलंबन खत्म करने की रखी मांग

    उधर, सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को एक पत्र लिखा। इसमें उन्होंने टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन का निलंबन खत्म करने की मांग की। गौरतलब है कि संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर हंगामा करने पर 14 सांसदों को निलंबित किया गया था। इनमें सांसद डेरेक ओ ब्रायन भी शामिल हैं।

    नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने दे दिया था इस्तीफा

    इससे पहले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसकी जानकारी दी। बिरला ने बताया कि बेनीवाल का इस्तीफा 15 दिसंबर 2023 को स्वीकार कर लिया गया है।

    संसद की कार्रवाई देखने पहुंचे श्रीलंकाई संसद के स्पीकर

    भारतीय संसद की कार्रवाई देखने के लिए श्रीलंका की संसद के स्पीकर महिंद्रा यापा अभयवर्दना भारत आए हुए हैं। वे संसद भवन पहुंचे जहां उनका अनौपचारिक स्वागत किया गया।

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    Mon, 18 Dec 2023 18:17:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केरल में फिर कोरोना : कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 की हुई पुष्टि, स्वास्थ्य मंत्री जॉर्ज ने कहा& चिंता की बात नहीं, जानें& नए वेरिएंट के लक्षण https://acntimes.com/Corona-in-Kerala-New-variant-of-Corona-JN-1-confirmed https://acntimes.com/Corona-in-Kerala-New-variant-of-Corona-JN-1-confirmed एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । कोराना के नए-नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं। हाल ही में देश के केरल में इसका नया वेरिएंट JN.1 सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा है कि चिंता की बात नहीं है।

    जान के अनुसार केरल में कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 (Coronavirus Sub-variant JN.1) के सामने का आने की आधिकारिक पुष्टि हो गई है। नया वेरिएंट BA.2.86 का वंशज बताया जा रहा है। इसे पिरोला स्ट्रेन के तौर पर भी जाना जाता है। पहला मामला सामने आते ही सरकार अलर्ट हो गई है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) की नियमित निगरानी के दौरान नया मामला सामने आया है। ।CMR के डायरेक्टर जनरल डॉ. राजीव बहल ने भी इस बात की पुष्टि की है कि तिरुवनंतपुरम जिले के काराकुलम में 79 वर्षीय महिला में इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षण पाए जाने पर RT-PCR जांच कराई गई थी। इसमें विगत 8 दिसंबर को नए वेरिएंट का पता चला था। उक्त महिला अब कोरोना से उबर चुकी है।

    7 महीने के बाद बढ़े मामले

    INSACOG प्रमुख एन. के. अरोड़ा का कहना है कि भारत द्वारा निगरानी रखी जा रही है। इसके चलते अब तक किसी अस्पताल में किसी मरीज के भर्ती होने अथवा किसी को गंभीर बीमारी होने की जानकारी नहीं हैं। NIMA के कोविड टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष राजीव जयदेवन के अनुसार भारत में 7 महीने के अंतराल के बाद मामले बढ़े हैं। केरल में लोगों के कोविड होने की खबरें मिली हैं लेकिन चिंताजनक स्थिति नहीं पाई गई है।

    क्या हैं नए वेरिएंट के लक्षण

    लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के अनुसार कोरोना के नए वेरिएंट का संक्रमण होने पर मरीज थकान, बुखार, नाक बहना, सिरदर्द से पीड़ित हो सकता है। इसके सूंघने की क्षमता में कमी आ सकती है और स्टमक क्रैंप्स तथा डायरिया की शिकायत भी हो सकती है। इसके अलावा बहुत ज़्यादा खांसी भी संभव है।

    ऐसे करें बचाव

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस वेरिएंट को लेकर ज्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। ऐसा इसलिए कि यह एक सब वेरिएंट है। इससे बचने के लिए भी सफाई पर ध्यान महत्वपूर्ण है। इसके अलावा मास्क पहने, मुंह और नाक को ढंक कर रखें। इसका लक्षण दिखने पर जांच अवश्य करवाएं। इसके साथ ही खुद को सबसे अलग कर लें ताकि इसका संक्रमण किसी अन्य को नहीं फैले।

    नए वेरिएंट के को लेकर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा प्रदेश में मिला कोविड-19 के नए वेरिएंट JN.1 एक सब वेरिएंट है, इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं हैं। यह यह कुछ महीने पहले तब मिला था जब सिंगापुर एयपोर्ट पर भारतीय यात्रियों जांच की गई थी।

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    Mon, 18 Dec 2023 14:01:38 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मोस्ट ट्रेंडिंग न्यूज : अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को पाकिस्तान में जहर देकर मारने का प्रयास ! देखें पाकिस्तानी पत्रकार का वीडियो https://acntimes.com/News-of-attempt-to-kill-underworld-don-Dawood-Ibrahim-by-poisoning-him-in-Pakistan-goes-viral https://acntimes.com/News-of-attempt-to-kill-underworld-don-Dawood-Ibrahim-by-poisoning-him-in-Pakistan-goes-viral एसीएन टाइम्स @ डेस्क । सोशल मीडिया पर एक खबर काफी ट्रेंड कर रही है। खबर है दुनिया के कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन और भारत के मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम (#DawoodIbrahim) को जहर देकर मारने के प्रयास की। बताया जा रहा है कि दाउद को पाकिस्तान के कराची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक वीडियो भी पोस्ट किया जा रहा है। हालांकि अभी तक इस खबर को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    डी-कंपनी के प्रमुख और भारत के भगोड़े दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में होने की खबरें प्रायः आती रहती हैं लेकिन पाकिस्तान द्वारा हर बार इसे नकार दिया जाता है। पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद के समधी दाऊद की तलाश भारत सहित दुनियाभर को है। इस बीच एक खबर आई है कि पाकिस्तान में किसी अज्ञात व्यक्ति ने दाऊद इब्राहिम को जहर देकर जान से मारने का प्रयास किया है। इसे लेकर एक्स हैंडल पर साढ़े 6 हजार से भी ज्यादा पोस्ट ट्रेंड हो रही हैं। इन पोस्टों में एक वीडियो को भी लिंक किया गया है। कहा जा रहा है कि यह वीडियो पाकिस्तानी पत्रकार आरज़ू काज़मी का है जो एक्स हैंडल के साथ यू-ट्यूब पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भी कहा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर दाऊद को जहर दिए जाने की बात सामने आई है। इसके अनुसार दाऊद की हालत काफी नाजुक है। काज़मी के अनुसार इस खबर के बाद से ही पाकिस्तान में ट्विटर, गूगल और इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

    दाऊद से जुड़ी यह खबर भी देखें... Underworld don Dawood Ibrahim is hospitalized in Karachi Pakistan amid rumors of his poisoning

    इवेंट की तरह सेलिब्रेट कर अपुष्ट खबर को

    खबर अपुष्ट है लेकिन दाऊद से जुड़ी किसी भी खबर को जानने को लेकर लोगों में काफी ज्यादा उत्सुक्तता है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी लिखा है कि पाकिस्तान से जल्दी ही अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। वहीं कुछ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के नाम का उल्लेख करते हुए दाऊद को जहर देने की अपुष्ट खबर को भी किसी इवेंट की तरह सेलिब्रेट किया है। एक ने तो लिखा है कि दाऊद इब्राहिम अपने घर में बेहोश पाया गया है। एक व्यक्ति ने तो अज्ञात व्यक्ति को धन्यवाद तक दे दिया जिसने कथित तौर पर दाऊद को 72 हूरों के पास पहुंचने का बंदोबस्त किया है।

    किसी भी स्तर पर नहीं हुई पुष्टि

    दाऊद को जहर देने की खबर की पुष्टि अभी तक किसी भी स्तर पर नहीं हो सकी है। पाकिस्तानी पत्रकार आरज़ू काज़मी ने भी अपने वीडियो में खबर की पुष्टि नहीं होने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा है कि जिसे पुष्टि करना है उससे पूछने वाले के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि दाल में कुछ न कुछ तो काला जरूर है। ऐसा नहीं होता तो इंटरनेट जैसी सेवा ठप नहीं होती। यह मामला उस समय आया है जब पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अदनान अहमद उर्फ अबू हंजला और अन्य वांटेड आतंकवादी मारे गए हैं। खबर अपुष्ट होने के कारण ही माना जा रहा है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है।

    कौन है दाऊद इब्राहिम

    1993 के मुंबई विस्फोटों की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में दाऊद इब्राहिम की कथित संलिप्तता सामने आई थी। दाऊद इब्राहिम ने देश की वित्तीय राजधानी मुंबई में अपने नेटवर्क के माध्यम से 2008 में 26/11 हमले कराए थे। मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने का भी आरोप है। इसके कारण उसे भारत का मोस्ट वांटेड आतंकवादी घोषित किया गया था। भारत द्वारा पाकिस्तान के समक्ष कई बार दाऊद के कराची में मौजूद होने के सबूत पेश किए जा चुके हैं लेकिन वह लगातार इस बात से इनकार करता रहा है।

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    Mon, 18 Dec 2023 02:04:59 +0530 Niraj Kumar Shukla
    संसद की सुरक्षा में चूक : शीतकालीन शत्र के शून्य काल में दर्शक दीर्घा से कूदे संदिग्ध दो युवा, मची अफरा&तफरी, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Lapse-in-security-of-Parliament-Panic-created-due-to-entry-of-suspicious-youth https://acntimes.com/Lapse-in-security-of-Parliament-Panic-created-due-to-entry-of-suspicious-youth एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । देश की संसद की सुरक्षा में एक बार फिर बड़ी चूक नजर आई। शीतकालीन सत्र के दौरान दो युवा दर्शक दीर्घ से चलती संसद में कूद पड़े। उन्होंने लाल-पीले धुएं भी किया जिससे संसद में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान संसद के बाहर एक युवती और एक युवा नारे लगा रहे थे। सभी को सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया है। युवाओं से पूछताछ की जा रही है।

    बुधवार को संसद की सुरक्षा उस समय बड़ी चूक देखने को मिली जब में दो युवाओं ने संसद हॉल में प्रवेश कर गैस कंटेनर लेकर घुसे थे। उन्होंने घुसते ही कंटेनर खोल दिए जिससे हाल में लाल-पीला धुआं फैल गया। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना तब हुई जब संसद के शीतकालीन सत्र के 10वें दिन की कार्यवाही जारी थी। इस दौरान शून्यकाल चल रहा था जिसमें लोकमहत्व के अविलम्बनीय मुद्दों पर चर्चा जारी थी। सांसदों ने युवाओं को पकड़ने का प्रयास किया और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। उधर, बाहर भी दो युवा नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने गैस कंटेनेर से धुआं-धुआं कर दिया। पुलिस ने इन दोनों को भी हिरासत में ले लिया है।

    घटना से सांसदों में हड़कंप मच गया। सदन में दर्शक दीर्घा से नीचे कूदने वाले दो लोगों को कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पकड़ा। उन्होंने बताया कि "...उसके हाथ में कुछ था जिससे पीला रंग का धुआं निकल रहा था। मैंने उसे छीन लिया और वह बाहर फेंकता रहा...। यह एक बड़ा सुरक्षा उल्लंघन है...।"

    दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थिगत की सदन की कार्रवाई

    पीठासीन राजेंद्र अग्रवाल ने सदन की कार्रवाई दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि घटना की जांच संसद द्वारा अपने स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। बिरला के अनुसार सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। सदन की कार्यवाही आगे चलती रहेगी। जानकारी के अनुसार इस मसले पर आज शाम चार बजे सर्वदलीय बैठक की जाएगी।

    23 साल पहले आज ही के दिन दहल उठी थी संसद

    बता दें कि, साल 2001 में 13 दिसंबर को संसद पर हमला हुआ था। तब गृह मंत्रालय का फर्जी स्टीकर लगाकर 5 आतंकवादी सफेद एम्बेसडर से संसद परिसर में दाखिल हुए थे। उस वक्त संसद के भीतर तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी सहित करीब 200 सांसद में मौजूद थे। आतंकियों ने गोलियां चलाईं और बम धमाके भी किए थे। आज उसी घटना की 22वीं बरसी थी।

    विजिटर पास पर दाखिल हुए थे

    बताया जा रहा है कि दोनों युवा लोकसभा में विजिटर पास पर आए थे। सांसद दानिश अली की मानें तो वे मैसूर से बीजेपी सांसद प्रताप सिन्हा के नाम पर दोनों शख्स लोकसभा विजिटर पास से वहां आए थे। पकड़े गयाएक युवक का नाम सागर बताया जा रहा है। वह इंजीनियरिंग का छात्र है और मैसूर का रहने वाला है। वहीं दूसरे का नाम मनोरंजन है। वह भी पेशे से इंजीनियर है। दो अन्य युवाओं में एक हरियाणा के हिसार की रहने वाली नीलम और महाराष्ट्र के लातूर जिले के अमोल है। सभी को संसद मार्ग थाने ले जाया गया।

    घटना को लेकर यह बोले सांसद

    कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम का कहना है कि “अचानक लगभग 20 साल के दो युवक दर्शक दीर्घा से सदन में कूद पड़े और उनके हाथ में कनस्तर थे। ये कनस्तर पीला धुआं छोड़ रहे थे। उनमें से एक अध्यक्ष की कुर्सी की ओर भागने का प्रयास कर रहा था। वे कुछ नारे लगा रहे थे। धुआं जहरीला हो सकता था। यह सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है, खासकर 13 दिसंबर को, जिस दिन 2001 में संसद पर हमला हुआ था।” समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यह पूरी तरह से सुरक्षा चूक है। संसद के अंदर जो भी आते हैं उनकी टैग होनी चाहिए।

    इसी तरह लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि- “दो युवक गैलरी से कूद गए और उनके द्वारा कुछ फेंका गया जिससे गैस निकल रही थी। उन्हें सांसदों ने पकड़ लिया, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बाहर निकाला। सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह निश्चित रूप से एक सुरक्षा उल्लंघन है क्योंकि आज हमने उन लोगों की बरसी मनाई है जिन्होंने 2001 में अपने प्राणों की आहुति दी थी।”

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    Wed, 13 Dec 2023 15:13:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भजनलाल का राज(स्थान) : भाजपा ने पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा को बनाया राजस्थान का मुख्यमंत्री और दीया सिंह व प्रेम चंद उप मुख्यमंत्री https://acntimes.com/Bhajanlal-Sharma-declared-Chief-Minister-of-Rajasthan-first-time-leader https://acntimes.com/Bhajanlal-Sharma-declared-Chief-Minister-of-Rajasthan-first-time-leader दलित नेता वासुदेव देवनानी होंगे विधानसभा अध्यक्ष, भाजपा ने एक साथ सबको साधा

    एसीएन टाइम्स @ जयपुर । मध्य प्रदेश की ही तरह भाजपा ने राजस्थान में भी चौंका दिया है। अब भजनलाल शर्मा का राज(स्थान) होगा। पार्टी ने मुख्यमंत्री के रूप में भरतपुर निवासी ब्राह्मण नेता एवं पहली बार के विधायक भजनलाल के नाम का ऐलान कर देश स्तर पर जातीय समीकरण साधने का प्रयास किया है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ से आरक्षित वर्ग से विष्णुदेव साह को तो मप्र में ओबीसी के डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया है। दीया सिंह और प्रेमचंद्र बैरवा उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। वासुदेव देवनानी विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। यह सभी वर्गों को साधने की रणनीति है जो 2024 को होने वाले लोकसभा चुनाव की भाजपा की तैयारी माना जा रहा है।

    राजस्थान की सियासत के लिए मंगलवार का दिन काफी अहम् रहा। शाम चार बजे भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक शुरू हुई। इसमें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह, विनोद तावड़े और सरोज पांडे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी सुबह ही दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना हो गए थे। वे विशेष विमान से जयपुर पहुंचे जहां एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया सहित अन्य ने उनका स्वागत किया। यहां से सभी होटल ललित पहुंचे। राजनाथ और वसुंधरा एक ही गाड़ी से भाजपा कार्यालय पहुंचे।

    तिलक लगाया, गुड़ खिलाकर किया मुंह मीठा

    भाजपा कार्यालय पहुंचे सभी निर्वाचित विधायकों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया और गुड़ खिलाकर मुंह मीठा कराया गया। यहां सीपी जोशी और वसुंधरा राजे भी मौजूद रहीं। पर्यवेक्षकों ने विधायकों और स्थानीय नेताओं से बंद कमरे में एक-एक कर मुलाकात भी की। इसके बाद पर्यवेक्षकों ने पूरी जानकारी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को दी। उनका निर्देश मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे सिंधिया ने नए मुख्यमंत्री के तौर पर जयपुर सांगानेर विधायक भजनलाल शर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा गया जिस पर विधायकों ने सर्वसहमति दी। इसके बाद राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रियों और विधानसभा अध्यक्ष के नामों का ऐलान किया।

    वसुंधरा राजे से मिलते रहे विधायक

    राजस्थान मुख्यमंत्री को लेकर बरकरार सस्पेंस के बीच पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया से विधायकों की मुलाकात का दौर भी जारी रहा। विधायक दल की बैठक से पहले सोमवार को वसुंधरा से मिलने से पहुंचे विधायकों में कालीचरण सराफ, बाबूसिंह राठौर और गोपाल शर्मा सहित अन्य शामिल रहे।

    सिक्यूरिटी फोर्स रही मुस्तैद

    राजस्थान में नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा से पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए  गए थे। सेक्योरिटी फोर्स राजधानी भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंच गई थी। यह वही सिक्योरिटी फोर्स है जो पहले मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत की सुरक्षा में तैनात थी और अब नए मुख्यमंत्री की चौकसी के लिए अलर्ट रही।

    तेजी के साथ प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा राजस्थान

    पर्यवेक्षक एवं देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि भजनलाल शर्मा से हुई चर्चा के अनुसार प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा होंगे। उन्होंने विधानसभा स्पीरक के रूप में चुने गए वासुदेव देवनानी के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने विधायक दल के नेता भजनलाल शर्मा को बधाई दी।

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    Tue, 12 Dec 2023 16:53:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बिहार में ये क्या हो गया : रामनवमी, शिवरात्रि, जन्माष्टमी और रक्षाबंधन की छुट्टियां खत्म कर ईद&बकरीद पर दे दी 3&3 दिन छुट्टी, मच गया बवाल https://acntimes.com/Hindu-festival-holidays-canceled-in-Bihar-Muslim-holidays-increased https://acntimes.com/Hindu-festival-holidays-canceled-in-Bihar-Muslim-holidays-increased एसीएन टाइम्स @ पटना । बिहार में अब हिन्दू त्योहारों पर रामनवमी, शिवरात्रि, जन्माष्टमी और रक्षाबंधन पर छुट्टी नहीं मिलेगी। मकर संक्रांति और तीज सहित अन्य छुट्टियों में भी कटौती कर दी गई है। इसके उलट, मुस्लिम पर्वों ईद और बकरीद पर तीन-तीन दिन का अवकाश मिलेगा। गर्मी की छुट्टियां भी सिर्फ विद्यार्थियों को मिलेंगी, स्कूल स्टाफ को ड्यूटी पर जाना होगा। शैक्षणिक कलेक्टर में किए गए इन प्रावधानों ने भूचाल ला दिया है, नीतीश सरकार पर चौतरफा हमले हो रहे हैं।

    बिहार सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने वर्ष 2024 के लिए शैक्षणिक कलेक्टर जारी किया है। इसमें छुट्टियों का खुलासा किया गया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के. के. पाठक के आदेश पर जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर में साल 2024 में हिन्दू त्योहारों पर मिलने वाले त्योहारों की छुट्टियों में कटौती कर दी गई है। नए कैलेंडर पर गौर करें तो अब बिहार में रक्षाबंधन, महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी, मकर संक्रांति, तीज, विश्वकर्मा पूजा और जिउतिया पर छुट्टी नहीं मिलेगी। जबकि ईद, मुहर्रम और बकरीद पर छुट्टी के दिनों की संख्या बढ़ा दी गई है। अब इन पर्वों पर ती-तीन दिन की छुट्टी मिलेगी।

    गर्मी की छुट्टी को लेकर भी नई व्यवस्था

    शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शैक्षणिक कैलेंडर के मुताबिक गर्मी की छुट्टियां अब केवल विद्यार्थियों को ही मिलेगी। जबकि शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों सहित अन्य स्टाफ को स्कूल जाना होगा। इन सभी को कार्यालयीन और अन्य जरूरी शैक्षणिक कार्य निपटाने होंगे।

    ...और मच गया बवाल

    नया शैक्षणिक कैलेंडर जारी होते ही बवाल मच गया है। भाजपा और हिंदूवादी संगठनों के प्रमुखों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे बिहार सरकार का इस्लामिक रिवॉल्यूशन तक कह दिया है। राज्यभा सदस्य और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने हिन्दुओं के पर्व, त्यौहारों की छुट्टियों को रद्द करने को हिन्दू विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया है। उन्होंने अपने X हैंडल पर कहा है कि स्कूलों के अंदर चाहे वो प्राथमिक हों या हाईस्कूल हों, हिंदुओं के  पर्व-त्योहारों की छुट्टियों जैसे जन्माष्टमी, रामनवमी, रक्षाबंधन, शिवरात्रि, जिउतिया हो, सारे त्योहारों पर छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इतना ही नहीं मुसलमानों के जो त्योहार थे उनकी छुट्टियों को बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा है कि नीतीश जी इसे हम कदापि स्वीकार नहीं करेंगे। ये तुगलकी फरमान है, इसे अविलंब वापस लिया जाए।

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज किशोर ने भी बिहार सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि नीतीश सरकार ने तीसरी बार तुगलकी फरमान जारी किया है।

    धर्म के चश्मे से न देखें- नीरज कुमार

    जदयू के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि इसे धर्म के चश्मे से नहीं देखाना चाहिए बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के चश्मे से देखा जाए। कुमार के अनुसार शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 200 दिन पढ़ाई का प्रावधान है। 60 दिन अवकाश दिए जाते हैं। बीते 3 साल के दौरान भी इतनी ही छुट्टियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि यदि कोई विसंगति है तो विभाग के स्तर पर उसे दूर कर लिया जाएगा। शिक्षा विभाग के निर्णय को धार्मिक चश्मे से देखने की जरूरत नहीं।

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    Tue, 28 Nov 2023 21:36:06 +0530 Niraj Kumar Shukla
    छोटी उम्र & बड़ा संकल्प : बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ का संदेश देने 9 साल की रक्षिता और 8 की सान्वी रोज चला रहीं 120 किमी साइकिल, 37 दिन में 3700 किमी दूरी तय करेंगी https://acntimes.com/Welcomed-the-daughters-traveling-on-bicycle-with-the-message-of-Beti-bachao-beti-padhao https://acntimes.com/Welcomed-the-daughters-traveling-on-bicycle-with-the-message-of-Beti-bachao-beti-padhao कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा पर निलकी बेटियों ने कहा- कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बड़े संकल्प बड़ी उम्र और डील-डौल से पूरे नहीं होते, बल्कि ये साकार होते हैं हौसले और जज्बे से। खेलने-कूदने की उम्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाए जैसा बड़ा संदेश लेकर साइकिल से निकली दो नन्हीं बालिकाएं रोज 100 से 120 किमी की दूरी तय कर रही हैं। इन बेटियों के रतलाम पहुंचने पर केशव स्पोर्ट्स तथा भाजपा के झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ, खेल प्रकोष्ठ और व्यापारी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

    छोटी उम्र में बड़ा संकल्प लेकर घर से निकल पड़ीं ये बेटियां हैं राजस्थान के झुंझुनी जिले की 9 वर्षीय रक्षिता चौधरी और उत्ताखंड के टिहरी की 9 वर्षीय सान्वी पुंडीर। दोनों ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक की 3700 किलोमीटर की दूरी 37 दिन में पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। इसे प्राप्त करने के लिए दोनों 100 से 120 किलोमीटर साइकिल चलाती हैं। दोनों करीब 1750 किलोमीटर दूरी तय कर मध्यप्रदेश के रतलाम पहुंची।

    दोनों बच्चियों का जोश और जुनून देखते ही बनता है। बच्चियों का कहना है कि सफलता का को कोई शॉर्टकट नहीं होता और कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। रक्षिता और सान्वी कहती हैं कि जब वे बालिकाओं की भ्रूण हत्या के बारे में सुनती हैं तो मन दुखी हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश लेकर आगे बढ़ रही हैं। अब तक के सफर में कई जगह अच्छे अनुभव भी मिले हैं।

    इन्होंने किया बच्चियों की हौसलाअफजाई

    जयेश राठौर ने बताया दोनों बेटियों का केशव स्पोर्ट्स सैलाना बस स्टैंड चौराहे पर स्वागत किया गया। भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक मनीष शर्मा, खेल प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक यतेंद्र भारद्वाज, कमलेश जोशी, बीजेपी व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रवीण गुप्ता, अभिषेक पटेल, सौरभ शर्मा, राहुल जाट, आनंद परमार, मुन्ना, दसरथ प्रजापति, कैलाश पंड्या सहित अन्य ने स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं।

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    Mon, 23 Oct 2023 00:14:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    चूक या अनदेखी ? रतलाम पुलिस को दिया चकमा, बांसवाड़ा पुलिस ने जब्त किया DP ज्वैलर्स का 14 करोड़ का सोना&चांदी, 3 आरोपी गिरफ्तार, आयकर व जीएसटी विभाग को सौंपा, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Banswara-Police-seized-gold-and-silver-worth-Rs-14-crore-from-DP-Jewellers-3-arrested https://acntimes.com/Banswara-Police-seized-gold-and-silver-worth-Rs-14-crore-from-DP-Jewellers-3-arrested एसीएन टाइम्स @ रतलाम / बांसवाड़ा । चुनाव के दौरान भी रतलाम जिले की अन्य राज्यों और जिलों से लगी सीमाएं कितनी सुरक्षित हैं, इसकी बानगी राजस्थान में देखने को मिली। राजस्थान की बांसवाड़ा पुलिस ने रतलाम पुलिस को चकमा देकर ले जाया जा रहा 14 करोड़ रुपए के सोने-चांदी के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। सोना चांदी रतलाम की प्रसिद्ध फर्म डीपी ज्वैलर्स का बताया जा रह  है। पुलिस ने मामला आयकर और जीएसटी विभाग को सौंप दिया है।

    मध्यप्रदेश के साथ ही पड़ोसा राज्य राजस्थान में भी विधानसभा निर्वाचन हो रहे हैं। इसके मद्देनजर मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा पर चैक पोस्ट पर चैकिंग के दावे प्रशासन और पुलिस द्वारा किए जा रहे हैं। इसके बावजूद रतलाम से बड़ी मात्रा में सोना और चांदी रतलाम जिले की सीमा से पार हो गया। इसकी पुष्टि बांसवाड़ा पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से हो गई है।

    बांसवाड़ा एसपी अभिजीत सिंह के अनुसार बांसवाड़ा जिले के दानपुरा थाना क्षेत्र के बारीघाटा चैक पोस्ट पर चैंकिंग की जा रही थी। इसी दौरान रतलाम की तरफ से आ रहे बंद बॉडी वाला बोलेरो वाहन वहां से गुजरा। उसे रोक कर तलाशी ली गई थी उसमें में 17.931 किलो सोने के तथा 49.831 किलो चांदी के जेवर पाए गए। सोने की कीमत करीब 14 करोड़ रुपए है। 

    इसलिए हुई टैक्स चोरी की संख्या

    एसपी के अनुसार वाहन में चालक के अलावा दो अन्य लोग सवार थे। पूछताछ करने पर उन्होंने अपने नाम  चालक शंकरलाल पिता जगन्नाथ वर्मा निवासी ब्यावरा जिला राजगढ़ (मध्यप्रदेश), विजयसिंह पिता चैनसिंह भाटी निवासी तुलसी नगर रतलाम व रजयपाल पुत्र मईकोलाल यादव निवासी ग्राम मनोहरपुर जिला उन्नाव (यूपी) बताए। उन्होंने बताया कि सोने-चांदी के आभूषण रतलाम की डीपी ज्वैलर्स फर्म के हैं जिसे अन्य ब्रांच में पहुंचाने के लिए बांसवाड़ा और कोटा ले जाया जा रहे हैं। चूंकि रतलाम से कोटा जाने का दूसरा रास्ता भी है इसलिए शंका होने पर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर सोना-चांदी और वाहन जब्त कर लिया। पुलिस ने टैक्स चोरी की शंका के चलते मामला जीएसटी व आयकर विभाग को भी सौंपा है।

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    Sun, 22 Oct 2023 13:15:54 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विश्व एनेस्थीसिया दिवस विशेष : सिर्फ क्लोरोफार्म सुंघा कर बेहोश करना नहीं, ऑपरेशन थिएटर से व्यक्ति को जिंदा लाना है एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की जिम्मेदारी https://acntimes.com/world-anesthesia-day-special https://acntimes.com/world-anesthesia-day-special सौरभ कोठारी

    एक समय था जब मरीज को सर्जरी से पहले बेहोश करने का मतलब था क्लोरोफार्म सुंघाना। अब यह प्रक्रिया भी समय बदलने के साथ बदल चुकी है और काफी अपडेट हो चुकी है। अब एसेस्थीसिया विशेषज्ञ का काम सिर्फ व्यक्ति को बेहोश करना भर नहीं है, बल्कि ऑपरेशन थिएटर में जिंदा पहुंचे व्यक्ति को जिंदा वापस लाने की जिम्मेदारी है।

    विश्व एनेस्थीसिया दिवस के खास मौके पर इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. गौरव यादव ने। डॉ. यादव ने बताया कि सर्जरी के पहले एनेस्थीसिया की दवा के इस्तेमाल के बाद मरीज कुछ समय के लिए बेहोशी की स्थिति में होता है। ऐसे में उसे किसी प्रकार के दर्द और कष्ट का अहसास नहीं होता है। क्योंकि यह दवा मरीज की नसों के संकेतों को कुछ समय के लिए अवरुद्ध कर देती है। एनेस्थेटिक दवाओं का असर 12-18 घंटे तक रह सकता है। इस कारण ऑपरेशन के बाद भी उस स्थान पर दर्द का अनुभव नहीं होता है। दवाओं का असर समाप्त होने के बाद दर्द वापस आ सकता है। ऐसी स्थिति में दर्द दूर करने के लिए अन्य वैकल्पिक उपाय या दवाई का प्रयोग करना पड़ सकता है। 

    डॉ. गौरव के अनुसार एनेस्थीसिया चिकित्सा जगत का बेहद ही महत्वपूर्ण विभाग है। जागरूकता के अभाव में लोग इसे ज्यादा तवज्जो नहीं देते। हकीकत में किसी भी प्रकार की शल्य क्रिया चाहे वह सिजेरियन डिलीवरी हो अथवा कोई जटिल सर्जरी, इसमें एनेस्थीसिया की भूमिका बेहद अहम् होती है। बदलाव के इस दौर में एनेस्थीसिया के क्षेत्र में भी काफी बदलाव आया है। पहले जहां लोग एनेस्थीसिया को क्लोरोफार्म सुंघा के बेहोश करना जानते थे वहीं आज इसका क्षेत्र व्यापक है। ऑपरेशन के दौरान शरीर के किस भाग की सर्जरी है, कौन सी सर्जरी है एवं मरीज की वर्तमान शारीरिक स्थिति और पूर्व में कोई बीमारी रही हो तो एनेस्थीसिया के प्रकारण का निर्धारण भी उसके अनुसार होता है। इसमें शुगर, बी.पी. (उच्च रक्तचाप), हृदय रोग के आधार पर सर्जरी के दौरान दिए जाने वाले एनेस्थीसिया का प्रकार अलग हो सकता है। 

    एनेस्थीसिया के विभिन्न प्रकार 

    लोकल एनेस्थीसिया (Local anesthesia) : इसका इस्तेमाल छोटी सर्जरी या सामान्य मेडिकल प्रक्रिया में किया जाता है। इसमें मरीज के शरीर के सिर्फ़ एक हिस्से को सुन्न किया जाता है। इस दौरान मरीज़ पूरी तरह से होश में रहता है। ये मोतियाबिंद सर्जरी, डेंटल सर्जरी या स्किन बायोप्सी के दौरान दिया जाता है।

    जनरल एनेस्थीसिया (General anesthesia) : इसका इस्तेमाल लंबी और बड़ी सर्जरी से पहले किया जाता है। इस दवा का असर तुरंत होता है। लगभग एक मिनट में मरीज़ को हल्का-हल्का महसूस होने लगता है। इसके बाद वह बेहोश हो जाता है।

    रीजनल एनेस्थीसिया (Regional anesthesia) : रीजनल एनेस्थीसिया शरीर के हिस्से में दर्द रोकने के लिए दिया जाता है। बच्चे के जन्म का दर्द कम करने, सी-सेक्शन, घुटने की सर्जरी, हाथों और कूल्हों की सर्जरी के दौरान इस तरह का एनेस्थीसिया दिया जाता है।

    इन तरीकों से देते हैं एनेस्थीसिया

    एनेस्थीसिया को तीन तरह से दिया जाता है। ये तीन तरीके हैं मास्क, इंजेक्शन या ट्यूब के ज़रिए देना। एक अच्छी सर्जरी के लिए सर्जन की निर्भरता अच्छे एनेस्थीसिया पर होती है। सर्जरी के दौरान मरीज का बी.पी., हृदय गति, रक्तस्त्राव नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी निश्चेतना विशेषज्ञ की होती है। आम भाषा में कहें तो ऑपरेशन थिएटर में जिन्दा लेकर वापस जिन्दा लाने की जिम्मेदारी एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की है। सिर्फ ऑपरेशन के क्षेत्र में ही नहीं, आज एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, दर्द निवारण के क्षेत्र में, दर्द रहित सामान्य प्रसव, बहुत सी जांचों को सुगमता से सफल बनाने के लिए गहन चिकित्सा क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

    16 अक्टूबर को मनता है वर्ल्ड एनेस्थीसिया डे

    डॉ. यादव के दौरान 16 अक्टूबर, 1846 को अमेरिका के डेंटिस्ट विलियम टी. जी. मोर्टन ने एनेस्थीसिया का सबसे पहले प्रयोग आज ही के दिन किया था। एनेस्थीसिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल इस दिन वर्ल्ड एनेस्थीसिया डे मनाया जाता है।

    (सौरभ कोठारी वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्र लेखक हैं)

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    Mon, 16 Oct 2023 15:38:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
    MTFE फ्रॉड अपडेट : अब तक 250 से अधिक लोगों ने जमा कराए क्यूआर कोड, SP बोले& जितने ज्यादा फरियादी होंगे उतनी ही ज्यादा प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी, इसलिए पुलिस के पास आने में देर न करें https://acntimes.com/MTFE-Fraud-Update-Till-now-more-than-250-people-have-submitted-QR-codes https://acntimes.com/MTFE-Fraud-Update-Till-now-more-than-250-people-have-submitted-QR-codes एसीएन टाइम्स @ रतलाम । हाईटेक ठगी का जरिया बने MTFE एप और कंपनी के पीड़ितों को न्याय दिलाने की रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढ़ा की कवायद जारी है। उनकी अपील के चलते अब तक धोखाधड़ी के नेटवर्क में फंसे 250 से अधिक लोगों ने पुलिस पर भरोसा जताया है। एसपी ने पुनः दोहराया है कि यदि ठगे गए रुपए वापस चाहते हैं तो पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास क्यूआर कोड जमा कराने में देरी न करें।

    MTFE कंपनी की धोखाधड़ी उजागर होते ही कंपनी ने अपने सिस्टम के साथ ही देश भी बदल लिया। इसके बावजूद रतलाम पुलिस ने इसे ट्रैक कर ही लिया। अब रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढ़ा का प्रयास ज्यादा से ज्यादा निवेशकों को रुपया सुरक्षित करवाने और वापस दिलवाने का है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित धोखाधड़ी के इस नेटवर्क के माध्यम से ठगे गए लोगों के खून-पसीने की कमाई वापस पाने के लिए जरूरी है कि यह साबित किया जा सके कि ठगी बड़े पैमाने पर हुई है। यही वजह है कि एसपी लोढ़ा बार-बार पीड़ितों से आगे आने की अपील कर रहे हैं। एसीएन टाइम्स के माध्यम से उन्होंने पुनः लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द MTFE द्वारा उपलब्ध करवाए गए क्यूआर कोड पुलिस के पास जमा कराएं।

    एसपी लोढ़ा के अनुसार अपील का असर यह हुआ है कि अब तक 250 से ज्यादा लोगों ने पुलिस के पास क्यूआर कोड जमा कराए हैं। हालांकि यह आंकड़ा अपेक्षा से कम है। रतलाम से कितना रुपया एमटीएफ में निवेश हुआ, यह ज्यादा से ज्यादा क्यूआर कोड प्राप्त होने और उन्हें ट्रैस करने पर ही ज्ञात हो सकेगा। बता दें कि, एसपी लोढ़ा पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि किसी व्यक्ति ने निवेश करने के बाद औरों से भी निवेश करवाया है तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। वे बिना डरे पुलिस के पास क्यूआर कोड जमा करा सकते हैं।

    पुलिस इसलिए जल्दी चाह रही क्यूआर कोड

    ठगी गई राशि वापस दिलवाने के लिए पुलिस को न्यायालय का आदेश प्रस्तुत करन है। एसपी की मंशा है कि एक बार में ही ज्यादा से ज्यादा लोगों की राशि वापस करवाने को लेकर कोर्ट से आदेश प्राप्त किया जा सके। इसलिए एसपी और पुलिस द्वारा 6-7 दिन की अवधि क्यूआर कोड जमा कराने के लिए दी थी। यह समयावधि पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी क्यूआर कोड पुलिस द्वारा लिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जितने ज्यादा लोग फरियादी बनेंगे उतनी ही कार्रवाई उतनी ही ज्यादा प्रभावी होगी।

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    Fri, 29 Sep 2023 22:21:14 +0530 Niraj Kumar Shukla
    जनसंघ से लेकर भाजपा तक डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय के साहस, संघर्ष और समर्पण पर आधारित पुस्तक ‘युग पुरुष बाबूजी’ का विमोचन 30 सितंबर को CM शिवराज सिंह करेंगे , शुजापुर और मेडिकल कॉलेज में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण भी होगा https://acntimes.com/CM-will-release-the-book-Yug-Purush-Babuji-based-on-the-life-of-Dr-Lakshminarayan-Pandey-on-30th https://acntimes.com/CM-will-release-the-book-Yug-Purush-Babuji-based-on-the-life-of-Dr-Lakshminarayan-Pandey-on-30th
  • 8 बार के सांसद, सीएम को हरा विधायक और मालवा में जनसंघ का पहला विजयी हस्ताक्षर बनने वाले डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय की है जीवनी
  • रोचक जानकारियों, ठोस संदर्भ, तथ्यों और समय सामयिक घटनाओं से परिपूर्ण है किताब
  • जयपुर के कारीगरों ने बनाई हैं डॉ. पांण्डेय की दोनों प्रतिमाएं
  • एसीएन टाइम्स @ रतलाम । भारतीय जनसंघ की स्थापना के दौरान मालवा भूमि और मध्य भारत में कार्यकर्ताओं के संघर्षों से लेकर 2000 के दशक में सशक्त मोदी सरकार तक की यात्रा को समेटने वाली रोचक पुस्तक ‘युग पुरुष बाबूजी’ का विमोचन समारोह पूर्वक प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा उनके पैतृक गांव शुजापुर एवं शासकीय डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज में स्थापित की गई डॉ. पाण्डेय की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया जाएगा।

    रतलाम के वरिष्ठ पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला, रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी और युवा पत्रकार अदिति मिश्रा ने मिलकर यह जीवनी लिखी है। पुस्तक में मुख्य रूप से मालवा-निमाड़ क्षेत्र और समीपवर्ती राजस्थान में जनसंघ से लेकर भाजपा तक किए गए संघर्ष, साहस और समर्पण की कई रोचक और तथ्यात्मक घटनाओं का समावेश है। इसका विमोचन भव्य समारोह में सीएम शिवराज सिंह चौहान के हाथों से रतलाम जिले के जावरा के अरनियापीथा में 30 सितंबर को होगा। इसमें स्व. डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय के सुपुत्र और जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पाण्डेय के साथ ही आसपास के पांच जिलों के सांसद, विधायक, अधिकारी, कार्यकर्ता, किसान और आजमन शामिल होंगे।

    यात्रा ही नहीं, रोचक घटनाओं का समावेश

    पुस्तक मंदसौर संसदीय क्षेत्र से 8 बार सांसद रहकर इतिहास रचने वाले ‘डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय बाबूजी’ की जीवन यात्रा पर आधारित है। डॉ. पाण्डेय उन चुनिंदा विरले नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने मध्यप्रदेश के गठन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. कैलाशनाथ काटजू को हराकर भी इतिहास रचा था। वे रतलाम जिले ही नहीं बल्कि संपूर्ण मालवा में जनसंघ का पहला विजयी हस्ताक्षर भी रहे। उनकी संपूर्ण जीवन यात्रा को समाहित करने के साथ पुस्तक में सन् 1950, 60, 70 के दशक की परिस्थितियों में जनसंघ की मुश्किलों का तथ्यात्मक अध्य्यन है। इमरजेंसी के हालात और इसके बाद 80 और 90 के दशकों में संसद से सड़क तक आए बदलावों के विश्लेषण और सन् 2000 के बाद बदली परिस्थितियों पर व्यापक चिंतन है।

    पीएम, गृहमंत्री, सीएम से लेकर अनेक नेताओं के अनुभव भी

    पुस्तक की खास बात यह है कि आसमान से ऊंचे और सागर से गहरे व्यक्तित्व की जीवन यात्रा लिखने के साथ ही पत्रकारों ने देशभर के भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी, मार्क्सवादी नेताओं के साक्षात्कार और घटनाक्रम भी समावेशित किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता सैय्यद शाहनवाज हुसैन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय समेत कई वरिष्ठ नेताओं के संस्मरण एवं संदेश भी पुस्तक में हैं। इनके साथ ही छत्तीसगढ़ के मंत्री राजेश मूणत, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, समाजवादी नेता रघु ठाकुर, सेवानिवृत आईएएस व आईपीएस आदि के विचार भी संकलित किए गए हैं। इससे पुस्तक में दिए गए तथ्य की प्रमाणिकता के साथ स्थिति का संपूर्ण प्रस्तुतिकरण है।

    स्थानीय लेखकों और साहित्य को मिला मंच

    पुस्तक का लेखन रतलाम के तीन पत्रकारों ने किया है और इसका प्रकाशन ‘पगडंडी मीडिया एंड पब्लिकेशन’ द्वारा किया गया है। लेखक मंडली में शामिल पत्रकारों ने बताया कि- यह प्रयास न केवल ‘मालवा के गांधी’ और  महा मानव माने जाने वाले डॉ. पाण्डेय की जीवनयात्रा को लिखना था, बल्कि इसके माध्यम से युवा पीढ़ी को उनकी नींव की जानकारी देना भी है। सड़क, वाहन और प्रचार तंत्र के अभाव में भी बनने वाले आभामंडल से लेकर संसद की भूमिका और राजनीति का विभिन्न प्रकार का नफे-नुकसान को भी पुस्तक में संकलित करने का प्रयास किया गया है। लेखक शुक्ला, गोस्वामी और सुश्री मिश्रा ने बताया कि यह पुस्तक ऑनलाइन साइट्स से भी ली जा सकेगी।

    डॉ. पाण्डेय की आदमकद प्रतिमा का अनावरण भी होगा

    पुस्तक विमोचन के साथ ही डॉ. लक्ष्मीनारायण पाण्डेय के पुत्र विधायक जावरा डॉ. राजेंद्र पाण्डेय के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुजापुर भी जाएंगे। यहां पहाड़ियों पर छत्री बनाकर डॉ. पाण्डेय की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है जिसे जयपुर के कारीगरों ने बनाया है। भविष्य में यहां सुंदर नवग्रह उद्यान भी विकसित होगा। मुख्यमंत्री चौहान द्वारा इसका अनावरण भी किया जाएगा।

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    Wed, 27 Sep 2023 21:45:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भाजपा ने मप्र विधानसभा चुनाव के लिए जारी की प्रत्याशियों की दूसरी सूची, 39 नामों में केंद्रीय मंत्री तोमर, पटेल व महासचिव विजयवर्गीय सहित कई बड़े नेता शामिल https://acntimes.com/BJP-released-second-list-of-candidates-for-MP-assembly-elections https://acntimes.com/BJP-released-second-list-of-candidates-for-MP-assembly-elections एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 39 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भाजपा इससे पहले भी एक सूची जारी कर चुकी है।

    भाजपा ने सोमवार को मप्र विधानसभा चुनाव के लिए दूसरी सूची जारी की। सूची जारी करते हुए हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बताया कि गत 13 सितंबर को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा की अध्यक्षता में हुई थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह एवं केंद्रीय चुनाव समिति के अन्य सदस्य उपस्थित हुए थे। समिति ने मप्र में होने वाली आगामी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामों पर स्वीकृति दी थी। इसके अनुसार दूसरी सूची जारी की गई है।

    हर मोर्चे पर नाकेबंदी के मूड में भाजपा

    भाजपा द्वार जारी सूची में कई बड़े नामों को विधानसभा चुनाव में टिकट देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। पार्टी की दूसरी सूची से स्पष्ट है कि वह चुनाव में किसी भी मोर्चे को कमजोर नहीं छोड़ना चाहती। इसलिए केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को भी चुनाव मैदान में उतारा है। दूसरी सूची में शामिल बड़े नामों से पार्टी ने एक संकेत और भी दिया है कि यदि भाजपा पुनः बहुमत में आती है तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घेराबंदी की भी व्यवस्था रहेगी। माना जा रहा है कि भाजपा लोकसभा चुनाव में नए दौर के लोगों को भी सांसद के रूप में देखने के मूड में है।

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    Mon, 25 Sep 2023 22:22:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
    यह आसान नहीं था : डार्कवेब के जरिये क्रिप्टो करेंसी में निवेश की आड़ में चल रहा ठगी का नेटवर्क रतलाम पुलिस ने किया क्रैक, ठगे गए 39 लाख रुपए करवाए फ्रीज https://acntimes.com/Ratlam-Police-was-successful-in-getting-to-the-bottom-of-the-fraud-through-MTFE https://acntimes.com/Ratlam-Police-was-successful-in-getting-to-the-bottom-of-the-fraud-through-MTFE MTFE एप के माध्यम से हो रही ठगी की जांच में रतलाम पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 3 धोखेबाज और गिरफ्तार

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम पुलिस ने एक बड़े हाईटेक अपराध की तह तक पहुंचने में सफलता हासिल की है। डार्कवेब के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित ठगी के नेटवर्क MTFE को पुलिस ने क्रैक कर लिया है। पुलिस ने फर्जी MTFE कंपनी का प्रचार कर लाखों-करोड़ों ठगने वाले दो प्रमोटर और एक फर्जी कंपनी के मालिक को भी गिरफ्तार किया है। बड़ी बात यह है कि किसी भी तरह के नियंत्रण से मुक्त नेटवर्क में घुसकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश और अधिक रिटर्न का लालच देककर लोगों से ठगे गए 39 लाख रुपए फ्रीज भी करवा दिए हैं।

    ऐसा करने वाली रतलाम पुलिस मध्य प्रदेश ही नहीं, अपितु देश की पहली सुरक्षा इकाई है जिसने यह चुनौती भरा काम कर दिखाया है। जिस तरीके की यह धोखाधड़ी है उसे देखते हुए इसकी तह तक जा पाना आसान नहीं है। यह संभव हो सका है रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढ़ा की सूझबूझ के चलते। रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकार वार्ता में एसपी लोढ़ा ने इस नए तरह के अपराध और इसके तरीके की सिलसिलेवार जानकारी दी। उन्होंने बताया एमटीएफई एप के माध्यम से आमजन से अवैध तरीके से रुपए जमा कराने और अधिक रुपए का लालच देकर फ्रॉड करने का मामला पिछले दिनों सामने आया था। मामले में जावरा के औद्योगिक क्षेत्र थाने में धारा 406, 420, 120 (बी) भादंवि, 21(1), 21(2) एवं 21(3) अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम 2019 के तहत केस दर्ज किया गया था।

    तीन नए आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, इनमें से एक फर्जी कंपनी का मालिक है

    एसपी ने बताया प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, कॉल डिटेल, बैंक खातों की जानकारी, तकनीकी साक्ष्य के आधार पर फर्जीवाड़े की पड़ताल के लिए एक टीम गठित की गई। एएसपी राकेश खाखा एवं जावरा सीएसपी दुर्गेश अर्मो, रतलाम सीएसपी अभिनव वारंगे के मार्गदर्शन में सायबर सेल, औद्योगिक क्षेत्र एवं स्टेशन रोड थाना प्रभारियों के नेतृत्व में टीम बनी। पड़ताल के दौरान मुखबिर सूचना और फोटो के आधार पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने अपना नाम योगानन्दा बांबोरे चंद्रशेखर राव पिता चंद्रशेखर राव (41), निवासी फ्लैट नंबर 102 द्वितीय तल, 0258 ललिता गौरी जयानगर, थाना जयानगर, बैंगलुरू (कर्नाटक) बताया। योगानंदा बैंगलुरू में संचालित फर्जी कलीन कंपनी का मालिक है। इसी दौरान रतलाम के धभाईजी का वास निवासी अशरफ पिता रौनक अली (30) की रिपोर्ट पर आरोपी गोविंद सिंह चंद्रावत निवासी जवाहरनगर एवं संदीप टांक (40) निवासी प्रतापगढ़ (राजस्थान) को भी गरफ्तार किया।

    ईडी और अन्य जांच एजेंसियों को करेंगे शामिल

    एसपी लोढ़ा ने बताया कि MTFE एप व ऐसे ही अन्य तरीकों से होने वाली यह ठगी डार्कवेब के जरिए की जा रही है। यहां ऐसे लेन-देन (निवेश) में केवायसी का सिस्टम नहीं होने से धोखाधड़ी आसानी से हो जाती है और पकड़ में नहीं आती। इस पर कहीं भी, किसी भी देश में किसी तरह का कोई नियम-कानून लागू नहीं है। इस कारण इस सिस्टम को समझने और कार्रवाई में काफी समय और मशक्कत लगी। अगर इस तरह का निवेश करने वाले लोग सामने आते हैं तो बड़ी कार्रवाई संभव हो सकेगी। मामले में ईडी और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी पत्राचार किया जाएगा। मामले में बांग्लादेश, सिंगापुर और मलेशिया आदि देशों ने भी इस दिशा में जांच शुरू की है।

    जानिए, कैसे हो रही आप के साथ ठगी

    स्टेप-1 : MTFE के नेटवर्क से जुड़े अपराधी (प्रमोटर्स) आम आदमी क्रिप्टो करेंसी में निवेश और भारी रिटर्न का प्रलोभन देते हैं। भरोसा दिलाने के लिए अपने अथवा एक-दो अन्य लोगों के निवेश को बढ़ते हुए दर्शाने वाले फर्जी वीडियो भी दिखाते हैं। इससे व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता है।

    स्टेप-2 : प्रमोटर व्यक्ति को MTFE का एप डाउनलोड करवाता है और उसके माध्यम से ऑनलाइन निवेश के लिए प्रेरित करता है। इससे आम आदमी निवेश की प्रक्रिया शुरू करता है और TRC-20 नेटवर्क (धोखाधड़ी के लिए डार्कवेब के माध्यम से संचालित एक नेटवर्क) के एक एकाउंट में ट्रांजेक्शन करता है। ऐसा करने के दौरान एआई मोड सक्रिय हो जाता जिससे सारे एक्सेस दूसरे पक्ष को मिल जाता है। इससे चंद सेकंड में उसकी राशि नेटवर्क के ही अन्य एकाउंट (MTFE) में पहुंच जाती है।

    स्टेप-3 : TRC-20 नेटवर्क के दूसरे एकाउंट में निवेश होते ही उसे डॉलर में बदलकर क्रिकप्टो करेंसी एक्सचेंज करने वाले प्लेटफॉर्म Binance, Huobl, Oick आदि तक क्रिप्टो करेंसी खरीदने के लिए पहुंचा दिया जाता है। ये लीगल प्लेटफॉर्म क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज की तरह क्रिप्टो करेंसी बेचने और खरीदने का काम करते हैं।

    स्टेप-4 : क्रिप्टो करेंसी में निवेश हुए आम आदमी के रुपए के इस प्रक्रिया से गुजरने के दौरान केवाईजी जैसी अनिवार्यता खत्म हो जाती है। इसके बाद MTFE नेटवर्क से जुड़े लोग क्रिप्टो करेंसी को पुनः डॉलर में बदल कर नेटवर्क की ही हिस्सेदार फर्जी कंपनी में पहुंचा दिया जाता है। Kalin ऐसी ही कंपनी है जिसके मालिक योगानंदा को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

    स्टेप-5 : Kalin कंपनी से उक्त निवेश सीधे फ्रॉड करने वाले के एकाउंट में और उसके बाद फ्रॉड करने वाले के पास पहुंच जाता है। इधर, निवेश करने वाला आम आदमी अपने निवेश के बढ़ने और ज्यादा रिटर्न की आस लगाए बैठा रहता है।

    …ताकि झूठ पर कायम रहे आमआदमी का भरोसा

    एसपी लोढ़ा ने बताया कि MTFE के प्रमोटर्स Binance जैसे प्लेटफॉर्म में होने वाले निवेश को बढ़ते हुए दिखाने वाले वीडियो दिखा देते हैं। इन्हें देखकर लोग यकीन कर लेते हैं और निवेश कर देते हैं। जबकि धोखेबाज प्रमोटर उसका पैसा Binance के बजाय MTFE से संबंधित एकाउंट और वॉलेट में निवेश करवाते हैं। भरोसा जीतने के लिए क्रिकेट मैच सहित अन्य इवेंट में इसका विज्ञापन भी दिखवाया जाता है। ऐसा ही विज्ञापन श्रीलंकन क्रिकेट लीग 2023 के दौरान स्कोर बोर्ड और स्क्रीन पर देखने को मिला था।

    धोखाधड़ी उजागर होते ही एप बंद, जगह भी शिफ्ट

    एसपी लोढ़ा ने बताया कि एमटीएफई के माध्यम से धोखाधड़ी उजागर होते ही एप की गतिविधि को फिलहाल बंद कर दिया गया है। परंतु ठगों ने इसी नाम से अन्य एप बनाकर काम शुरू कर दिया। उन्होंने पहले इसका संचालन सिंगापुर से शुरू किया और बाद में कामकाज स्पेन में शिफ्ट कर लिया।

    आपने भी किया है ऐसा निवेश, तो सावधान, तत्काल पुलिस को बताएं

    एमटीएफ एप डाउनलोड कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने वालों की संख्या काफी है। एसपी के अनुसार ऐसे करीब 10 लाख 68 हजार एकाउंट का पता चला है जिसके माध्यम से आजमन को फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया। ठगी का आंकड़ा करोड़ों में है। हालांकि पुलिस के पास अभी गिनती के मामले ही आए हैं। मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही धोखाधड़ी में लगा रुपया वापस ले पाना लगभग असंभव है। बावजूद रतलाम पुलिस को 39 लाख रुपए फ्रीज कराने में सफलता मिली।

    एसपी लोढ़ा ने सभी लोगों से अपील की है कि जिन्होंने भी MTFE में निवेश किया है वे तत्काल पुलिस को अवगत कराएं। एसपी ने क्यूआर कोड का एक नमूना जारी किया है। ऐसा क्यूआर कोड MTFE द्वारा लोगों को दिया जाता है। एसपी ने बताया कि इसमें TRC-20 का एड्रेस है। अतः हमारे द्वारा जारी फॉर्मेट में जानकारी दर्ज कर अपने नजदीकी थाने पर जमा कराए। इसके लिए थानों पर पृथक से डेस्क स्थापित की है। इससे उनके द्वारा MTFE में किए गए निवेश का पता कर राशि को फ्रीज कराने में सफलता मिलेगी।

    नीमच और मन्दसौर के हजारों लोगों का पैसा फंसा

    बता दें कि, MTFE एक ट्रेडिंग एप है। अन्य एप की तरह इसमें भी ट्रेडिंग होती है। इसमें सबसे ज्यदा निवेश नीमच और मन्दसौर जिलों के लोगों ने किया था। यहां MTFE निवेश अभियान चला रही थी। कमीशन ने लालच में लगातार लोग इस ट्रेडिंग एप से जुड़ रहे थे। लोगों ने बिना सोचे-समझे इसमें लाखों रुपए निवेश कर दिए। अब रुपया अटक गया है।

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    Mon, 25 Sep 2023 01:17:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    एक देश एक चुनाव : सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी की 8 साल की मुहिम रंग लाई, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जिम्मेदारी देने से लगी पुष्टि की मुहर https://acntimes.com/One-country-one-election-8-years-of-campaign-of-Srijan-Bharat-convener-Anil-Jhalani-bore-fruits https://acntimes.com/One-country-one-election-8-years-of-campaign-of-Srijan-Bharat-convener-Anil-Jhalani-bore-fruits एसीएन टाइम्स @ रतलाम । देश में राजनैतिक और प्रशासनिक अस्थिरता और बड़े आर्थिक नुकसान की प्रमुख वजह लगातार चुनाव होते रहना है। केंद्र सरकार द्वारा ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ (one nation one election) के लिए समिति गठित करना इसी समस्या के समाधान की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इसने भारत गौरव अभियन (Bharat Gaurav Abhiyan) जो अब सृजन भारत (Srijan Bharat Campaign) है, के संयोजक अनिल झालानी (Anil Jhalani) की लंबी मुहिम की सार्थकता भी साबित कर दी है। समिति का अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) को बनाया जाना इसकी पुष्टि करता है।

    समस्या बताना ही काफी नहीं है, इसका हल क्या है यह बताना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस मामले में भारत गौरव अभियन  (अब सृजन भारत) के संयोजक अनिल झालानी मिसाल हैं। राजनैतिक, प्रशासनिक और सामाजिक सुधार के लिए समर्पित झालानी समस्या ही नहीं बताते, उसके उचित समाधान भी सुझाते हैं। ‘एक देश एक चुनाव’ ऐसा ही समाधान है जिसकी पैरवी वे 8 वर्ष से कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुहिम शुरू कर केंद्र सरकार, तत्कालीन राष्ट्रपति, विधि विभाग और भारत निर्वाचन आयोग से निरंतर पत्राचार किया। केंद्र सरकार द्वारा एक देश एक चुनाव के लिए गठित समिति इसकी परिणिति मानी जा सकती है।

    जुलाई 2016 में पहली बार सुझाया विकल्प

    अनिल झालानी द्वारा 28 जुलाई 2016 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी (Pranab Mukherjee) को पत्र लिखकर एक साथ चुनाव का विकल्प सुझाया था। इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी भेजी। इसमें पहली बार उन्होंने रोज-रोज चुनाव से होने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए छोटे से संशोधन की आवश्कता जताई थी। झालानी ने बताया था कि जनप्रतिनिधित्व कानून के अनुसार किसी भी रिक्त सीट या विधानसभा या लोकसभा का उप चुनाव 6 माह में कराया जाना आवश्यक है। यदि इसमें संशोधन कर इस अवधि को एक वर्ष या नौ माह कर दिया जाए तो कोई भी विघटित विधानसभा, लोकसभा उपचुनाव और रिक्त विधानसभाओं के चुनाव कुछ महीनों टाले जा सकते हैं। ऐसे में बहुत से चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं।

    यहीं नहीं रुकी मुहिम

    झालानी की मुहिम यहीं नहीं रुकी, उन्होंने 2 दिसंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विधि एवं न्याय एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) को पृथक से पत्र लिखे। प्रतिलिपि तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी भेजी। 18 अगस्त 2017 को मुख्य निर्वाचन आयुक्त, 30 अप्रैल 2018 को विधि आयोग के अध्यक्ष, 26 अगस्त 2019 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र भेजे। इसमें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दोहराए ‘एक देश – एक चुनाव’ के संकल्प का स्मरण कराते हुए हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र के साथ दिल्ली विधानसभा के चुनाव कराने का सुझाव दिया। 17 जुलाई 2020 को तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद को लिखे पत्र में उक्त राज्यों के साथ ही अक्टूबर-नवंबर 2020 में प्रस्तावित बिहार और अप्रैल 2021 में होने वाले बंगाल व असम के चुनाव का जिक्र कर जनप्रतिनिधित्व कानून में संशोधन की आवश्यकता जताई। 27 दिसंबर 2020 और 17 अप्रैल 2023 को विधि आयोग के अध्यक्ष सहित सभी को पुनः स्मरण पत्र भेजे गए।

    मुहिम को मिली तवज्जो, शुरू हो गई वैधानिक प्रक्रिया

    झालानी की मुहिम को सरकार द्वारा गंभीरता से लिए जाने की अधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागों और कार्यालयों द्वारा उन्हें दिए प्रत्युत्तर से होती है। 2 दिसंबर 2016 के पत्र के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय से सेक्शन ऑफिसर अलोक सुमन ने झालानी को पत्र लिखा। इसमें बताया कि झालानी का सुझाव आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया है। इसके बाद 13 जनवरी 2021 और 4 फरवरी 2021 को विधि आयोग ने भी झालानी के सुझावों के परीक्षण और कार्रवाई जारी होने जाने की जानकारी पत्र भेजकर दी।

    यह संयोग तो नहीं हो सकता

    पिछले दिनों केंद्र सरकार ने एक देश एक चुनाव को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। कोविंद को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने से ही साफ है कि एक देश एक चुनाव को लेकर राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने विशेष प्रयास किए। इस दौरान अनिल झालानी द्वारा उन्हें लिखे पत्रों में दिए सुझावों का जिक्र नहीं हुआ हो, यह संभव नहीं है। झालानी का तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद को इस बारे में लगातार पत्र लिखना और उन्हें ही समिति का अध्यक्ष बनाना महज इत्तिफाक नहीं हो सकता।

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    Thu, 14 Sep 2023 19:00:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी खबर : रतलाम से ISIS से जुड़ा युवक गिरफ्तार, पुलिस ने रांची NIA को सौंपा, NIA द्वारा गिरफ्तार फहजान अंसारी से पूछताछ में हुआ खुलासा, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Big-news-Youth-associated-with-ISIS-arrested-from-Ratlam-2893 https://acntimes.com/Big-news-Youth-associated-with-ISIS-arrested-from-Ratlam-2893 एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम पुलिस ने एनआईए से मिली जानकारी के आधार पर जिले के आलोट थाना क्षेत्र के खजूरी देवड़ा गांव से देशद्रोह के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक का कनेक्शन आतंकी संगठन आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी युवक को एनआईए को सौंप दिया है।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एनआईए रांची द्वारा अवैधानिक गतिविधियों में संलिप्त फहजान अंसारी नमक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ करने पर रतलाम जिले के एक व्यक्ति से सोशल मीडिया के माध्यम से कनेक्शन मिलने का पता चला। एनआईए ने रतलाम पुलिस से संपर्क किया गया। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने एएसपी राकेश कुमार खाखा के मार्गदर्शन में एनआईए, एटीएस और आलोट थाना की संयुक्त टीम का गठन कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

    टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए गुरुवार सुबह आलोट थाना क्षेत्र के ग्राम खजूरी देवड़ा में दबिश दी। यहां से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम राहुल पिता बाबूलाल सेन (23) है। उसके पास से कई सिम कार्ड, आईएसआईएस का झंडा और एक चाकू जब्त हुआ है। उसके पास से एक मोबाइल नंबर मिला संदिग्ध मिला है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी की ट्रांसिट रिमांड लेने में मदद कर विधिवत एनआईए की टीम के सुपुर्द किया गया।

    इनकी सराहनीय भूमिका रही

    एनआईए के निरीक्षक अभिषेक, आलोट थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार, उप निरीक्षक जोरावर सिंह, एएसआई अशोक चौहान, आरक्षक अंकित काला, महेंद्र सिंह, शुभम भाटी, अनीता जाटव, एनआईए के उप निरीक्षक शिशुपाल सिंह, एएसआई शिवकुमार द्विवेदी, आरक्षक सीताराम तांडेकर की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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    Thu, 14 Sep 2023 18:17:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
    PM मोदी आज मप्र और छत्तीसगढ़ में, 50 हजार 700 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं  की आधारशिला रखेंगे https://acntimes.com/PM-Modi-in-Madhya-Pradesh-and-Chhattisgarh-today https://acntimes.com/PM-Modi-in-Madhya-Pradesh-and-Chhattisgarh-today एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 सितंबर, 2023 को मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह करीब सवा ग्‍यारह बजे मध्य प्रदेश के बीना पहुंचेंगे, जहां वह 'बीना रिफाइनरी में पेट्रोकैमिकल कॉम्प्लेक्स' और राज्य भर में दस नई औद्योगिक परियोजनाओं सहित 50,700 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। दोपहर करीब सवा तीन बजे वे छत्तीसगढ़ के रायगढ़ पहुंचेंगे, जहां रेल क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' की आधारशिला भी रखेंगे और एक लाख सिकल सेल परामर्श कार्डों का वितरण करेंगे।

    मध्यप्रदेश : 49 हजार करोड़ से विकसित होगी अत्याधुनिक रिफाइनरी

    राज्य में औद्योगिक विकास को एक प्रमुख प्रोत्साहन प्रदान करने की पहल के अंतर्गत, प्रधानमंत्री भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की बीना रिफाइनरी में पेट्रोकैमिकल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला रखेंगे। इस अत्याधुनिक रिफाइनरी को लगभग 49,000 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जाएगा। यह लगभग 1200 केटीपीए (किलो-टन प्रति वर्ष) एथिलीन और प्रोपलीन का उत्पादन करेगी, जो कपड़ा, पैकेजिंग, फार्मा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण घटक हैं। इससे देश की आयात निर्भरता कम होगी और यह प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम होगा। इस व्‍यापक परियोजना से रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा और पेट्रोलियम क्षेत्र में छोटे उद्यमों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

    कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री नर्मदापुरम जिले में 'विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण क्षेत्र' में दस परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इनमें इंदौर में दो आईटी पार्क; रतलाम में एक मेगा औद्योगिक पार्क और पूरे मध्यप्रदेश में छह नए औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।

    आईटी पार्क 3 एवं 4 से पैदा होंगे रोजगार के अवसर

    'विद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण क्षेत्र' नर्मदापुरम को 460 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा और यह क्षेत्र में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ी पहल होगी। लगभग 550 करोड़ की लागत से इंदौर में बनने वाले 'आईटी पार्क-3 और 4 से सूचना प्रौद्योगिकी और आईटीईएस क्षेत्र को प्रोत्‍साहन मिलेगा और इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

    रतलाम मेगा इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखेंगे

    रतलाम में 460 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से मेगा इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जाएगा और इसे कपड़ा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने की अवधारणा की गई है। यह पार्क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से बेहतर तरीके से जुड़ा होगा और पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। इससे युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास और समान रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 310 करोड़ रुपए की लागत से शाजापुर, गुना, मऊगंज, आगर मालवा, नर्मदापुरम और मक्सी में छह नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे।

    छत्तीसगढ़ : 6350 करोड़ रुपए की रेल क्षेत्र परियोजनाएं होंगी राष्ट्र को समर्पित

    प्रधानमंत्री के देश भर में सम्‍पर्क में सुधार से रायगढ़ में सार्वजनिक कार्यक्रम में लगभग 6350 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण रेल क्षेत्र परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने को प्रोत्‍साहन मिलेगा। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1, चंपा से जमगा के बीच तीसरी रेल लाइन, पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच तीसरी रेल लाइन और तलाईपल्ली कोयला खदान को एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (एसटीपीएस) से जोड़ने वाली एमजीआर (मेरी-गो-राउंड) प्रणाली शामिल है। रेल परियोजनाएं क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही के साथ-साथ माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करेंगी।

    छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1 को महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति-बहुआयामी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है और इसमें खरसिया से धरमजयगढ़ तक 124.8 किलोमीटर की रेल लाइन शामिल है। इसमें गारे-पेलमा के लिए एक छोटी लाइन और छाल, बरौद, दुर्गापुर और अन्य कोयला खदानें को जोड़ने वाली 3 फीडर लाइनें शामिल हैं। लगभग 3,055 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह रेल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉडगेज लेवल क्रॉसिंग और यात्री सुविधाओं के साथ फ्री पार्ट डबल लाइन जैसी व्‍यवस्‍था से सुसज्जित है। यह छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्थित मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्रों से कोयला परिवहन के लिए रेल सम्‍पर्क प्रदान करेगी। पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच तीसरी रेल लाइन 50 किमी लंबी है और इसका निर्माण लगभग 516 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। चांपा और जामगा रेलखंड के बीच 98 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण करीब 796 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। नई रेल लाइनों से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होगा और पर्यटन एवं रोजगार दोनों के अवसरों में वृद्धि होगी।

    विश्वसनीय विद्युत उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

    65 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत एमजीआर (मेरी-गो-राउंड) प्रणाली की सहायता से एनटीपीसी की तलाईपल्ली कोयला खदान से छत्तीसगढ़ में 1600 मेगावाट एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन तक कम लागत में उच्च श्रेणी के कोयले का वितरण किया जा सकेगा। इससे एनटीपीसी लारा से कम लागत के साथ विश्वसनीय बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। 2070 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित एमजीआर प्रणाली, कोयला खदानों से बिजली स्टेशनों तक कोयला परिवहन में सुधार के लिए एक शानदार तकनीकी उपलब्धि है।

    50 बिस्तर के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का होगा शिलान्यास

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के नौ जिलों में 50 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' का भी शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत कुल 210 करोड़ रुपये की लागत से दुर्ग, कोंडागांव, राजनांदगांव, गरियाबंद, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ जिलों में नौ क्रिटिकल केयर ब्लॉकों का निर्माण किया जाएगा।

    विशेष रूप से जनजातीय जनसंख्‍या के बीच सिकल सेल रोग के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से, सिकल सेल रोग की जांच की गई आबादी को प्रधानमंत्री एक लाख सिकल सेल परामर्श कार्डों का भी वितरण करेंगे। सिकल सेल परामर्श कार्ड का वितरण राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (एनएसएईएम) के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2023 में मध्य प्रदेश के शहडोल में किया गया था। 

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    Thu, 14 Sep 2023 02:32:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
    शिक्षकों के सम्मान व मेहनत को परिभाषित करता ‘टेक्निकल टीचर’ फिल्म का गीत ‘राष्ट्र का सम्मान हमसे है...’ लॉन्च, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Song-Rashtra-Ka-Samman-Humse-Hai-from-the-film-Technical-Teacher-launched https://acntimes.com/Song-Rashtra-Ka-Samman-Humse-Hai-from-the-film-Technical-Teacher-launched शिक्षक दिवस के मौके पर रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष गोस्वामी ने किया लॉन्च, मल्टी टैलेंटेड हरीश दर्शन शर्मा हैं फिल्म के निर्माता

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ‘तोतली जुबान से कविता जो सुनवाते, नन्हे-नन्हे हाथ से तबला जो बजवाते, इस धरा का मान हमसे है, राष्ट्र का सम्मान हमसे है, गीता का ज्ञान हमसे है, तेरी पहचान हमसे है...।’ शिक्षकों के सम्मान और उनकी मेहनत को परिभाषित करते इस खूबसूरत गीत की समारोह पूर्वक लॉन्चिंग शिक्षक दिवस (5 सितंबर, 2023 मंगलवार) को हुई।

    अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान बना चुके रतलाम के युवा निर्माता, निर्देशक, लेखक, संगीतकार और गीतकार हरीश दर्शन शर्मा की नई फिल्म ‘टेक्निकल टीचर’ का यह गीत रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने क्लिक कर लॉन्च किया। रतलाम प्रेस क्लब फिल्म का मीडिया पार्टनर है। शिक्षकों को समर्पित गीत को स्वर दिया दलविंदर सिंह गुरुदत्ता और संगीत हरीश दर्शन शर्मा का है।

    गीत की लॉन्चिंग के मौके पर रतलाम प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला, अदिति मिश्रा, फिल्म में महत्वपूर्ण और सशक्त भूमिका निभाने वाले कलाकार डॉ. पवन मजावदिया, प्रकाश गोलानी, हर्ष शर्मा ‘मेडी’, आकांक्षा शर्मा, नीति शर्मा, स्क्रीनप्ले राइटर अमजद खान, ईशान शर्मा आदि मौजूद रहे। खास बात यह है कि इस गीत को फिल्म में अभिनय करने वाली कलाकार नोएडा की आकांक्षा शर्मा ने ही लिखा है। पत्रकारिता से जुड़ी आकांक्षा ने फिल्म के कई डॉयलॉग भी रचे हैं।

    बेटियों की समस्या और तकनीक पर फोकस

    हरीश दर्शन शर्मा की आने वाली फिल्म ‘टेक्निकल टीचर’ बेटियों की आज के दौर में वास्तविक स्थिति और आज तक मौजूद समस्याओं के साथ तकनीक के बेहतर उपयोग और सकारात्मक होने के लाभ पर फोकस करती है। फिल्म की कहानी तो मजबूत है ही, इसका म्यूजिक, बैकग्राउंड स्कोर और दमदार डॉयलॉग और बेहतर बनाते हैं। शर्मा ने बताया कि इस फिल्म में वास्तविक दृश्यों से प्रेरित सिनेमा को गढ़ने की कोशिश की गई है। फिल्म में ज्यादातर स्थानीय कलाकारों ने ही काम किया है। इसके दृश्य भी रतलाम और आसपास की खूबसूरत लोकेशन्स पर ही फिल्माए गए हैं।

    बता दें कि मल्टीटैलेंटेड कलाकार हरीश दर्शन शर्मा सीमित संसाधनों, स्थानीय कलाकारों के साथ पूर्व में भी कई फिल्में बना चुके हैं जो राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पुरस्कृत हो चुकी हैं। इनमें मालवा मराठा और एहसास जैसी फिल्में प्रमुख हैं।

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    Wed, 06 Sep 2023 00:09:44 +0530 Niraj Kumar Shukla
    DMK नेता स्टालिन का बयान अक्षम्य अपराध, सनातन धर्म कोई किताब, वस्तु या व्यक्ति नहीं जिसे कोई नष्ट कर दे& आर्य समाज https://acntimes.com/DMK-leader-Stalins-statement-is-an-unforgivable-crime-Arya-Samaj https://acntimes.com/DMK-leader-Stalins-statement-is-an-unforgivable-crime-Arya-Samaj एसीएन टाइम्स @ रतलाम । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बेटे और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को खत्म करने के बयान पर बवाल मच गया है। उनके बयान पर आर्य समाज ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आर्य समाज ने स्टालिनक के बयान को अक्ष्मय अपराध निरूपित किया है।

    भारतीय मध्य भारतीय आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान प्रकाश आर्य द्वारा एक पत्र प्रेषित किया गया है। इसमें बताया गया कि सोमवार को डीएमके नेता स्टालिन ने जो बयान दिया है वह अक्षम्य अपराध है। सनातन धर्म के प्रति दिया गया उनका बयान न केवल आपत्तिजनक है अपितु देश की शांति को भंग करने वाला और अराजकता फैलाने का दुष्प्रयास है। पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार के बयानों से स्टालिन की साम्प्रदायिक भावना स्पष्ट होती है। जिस विचारधारा के वे अनुयायी हैं वह वर्षों से सनातन धर्म विरोधी ही  रही है। धर्मनिरपेक्षता की वकालत करने वाले राजनेता आज डरपोक और केवल वोटों की राजनीति वाले सिद्ध हो रहे हैं। इस प्रकार का बयान यदि किसी हिंदू के द्वारा दिया जाता है तो उनको आरएसएस जैसे हिंदू संगठनों और बीजेपी पर सैकड़ों बयान आ जाते हैं। रैलियां, प्रदर्शन करने लग जाते। राजनेताओं का इस प्रकार मौन धारण ही साम्प्रदायिक विचारधाराओं को प्रोत्साहन देता है।

    सनातन का विरोध करने वालों को विनाश हुआ है

    पत्र में यह भी कहा गया है कि सनातन धर्म कोई व्यक्ति या पुस्तक नहीं है, यह कोई वस्तु भी नहीं है जिसे कोई नष्ट कर दे। सनातन धर्म शाश्वत है। सदा रहने वाला सबके लिए और विश्व का पहला ज्ञान है जो परमात्मा का दिया हुआ है। सनातन धर्म एक समुद्र है। बाकी विचारधाराएं उनकी कुछ बातों का हिस्सा है। कई आक्रांत और महजबी ताकतों ने सनातन धर्म का जब-जब विरोध किया उनका विनाश हुआ। आज उनका पता भी नहीं है।  पत्र में स्टालिन के इस राष्ट्रद्रोही कार्य के लिए कठोर दंडनीय कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। आर्य समाज इसका विरोध करता है और कड़े शब्दों में निंदा करता है।

    आखिर क्यों मचा बवाल

    तमिलनाडु सरकार में मंत्री स्टालिन का कहना है कि सनातन धर्म मलेरिया और डेंगू की तरह है। इसलिए इसे खत्म किया जाना चाहिए, बजाय इसका विरोध भर करने के। सनातन धर्म एक सिद्धांत है, जो लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटता है। सनातन धर्म को उखाड़ फेंकना मानवता और मानव समानता को कायम रखना है।

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    Mon, 04 Sep 2023 22:20:18 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : एक देश एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में कमेटी गठित, सदस्यों का नोटिफिकेशन जल्द https://acntimes.com/Committee-constituted-under-the-chairmanship-of-former-President-Ramnath-Kovind-for-one-country-one-election https://acntimes.com/Committee-constituted-under-the-chairmanship-of-former-President-Ramnath-Kovind-for-one-country-one-election चुनावों में होने वाले खर्चों को सीमित करने सहित तमाम सुधारों के मद्दनजर केंद्र सराकर ने एक देश एक चुनाव के लिए कमेटी गठित की है।

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । One Nation - One Election : भारत में एक देश एक चुनाव की व्यवस्था लागू करने को लेकर लंबे समय से विचार हो रहा है। केंद्र सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए इसके लिए कमेटी ही गठित कर दी है। ‘एक देश - एक चुनाव’ (One Nation, One Election) के लिए बनी कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को सौंपी गई है। जल्दी ही इसके सदस्यों का नोटिफिकेशन भी होने वाला है। यह कमेटी इससे जुड़े सभी पहलुओं पर विचार कर रिपोर्ट सौंपेगी।

    एक देश एक चुनाव की दिशा में केंद्र सरकार के इस पहले कदम को पक्ष द्वारा मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस का सवाल है कि अभी इसकी क्या जरूरत है? कांग्रेस के मुताबिक इससे पहले महंगाई, बेरोजगारी, जैसे मुद्दों का निवारण किया जाना जरूरी है। विपक्ष के रुख को देखते हुए कहा जा रहा है कि सरकार के लिए यह फैसला लागू करना और इस संबंध में कानून बनाना इतना आसान नहीं है।

    18 से 20 सितंबर तक होगा विशेष सत्र

    इधर, केंद्र सरकार अपने एस कदम को निरंतर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। चर्चा है कि इससे संबंधित बिल 18 से 22 सितंबर तक होने वाले विशेष सत्र में लाया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के मुताबिक 18 से 22 सितंबर तक दोनों सदनों का विशेष सत्र रहेगा। यह 17वीं लोकसभा का 13वां और राज्यसभा का 261वां सत्र होगा। इसमें 5 बैठकें होंगी।

    पहले भी हो चुके हैं एक साथ चुनाव

    बता दें कि 1951-52 में लोकसभा और सभी विधानसभा चुनाव एक साथ हो चुके हैं। 1957, 1962 और 1967 में भी ऐसा ही हुआ था। इसका क्रम भंग हुआ 1968- 1969 में कुछ विधानसभाओं के समय से पहले भंग होने के कारण। 1970 में लोकसभा भी समय से पहले भंग हो गई थी। नतीजतन अब देश में लगभग हर साल कहीं न कहीं चुनाव होते ही रहते हैं। चुनावों में होने वाले खर्च, प्रशासनिक अस्थिता सहित विभिन्न कारणों के चलते ही केंद्र सरकार एक देश एक चुनाव की व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रही है।

    ये फायदे होंगे इसके

    • अलग-अलग चुनाव कराने में व्यय काफी होता है। पूरे देश में एक साथ चुनाव होने पर एक ही खर्च में लोकसभा और विधानसभा चुनाव संपन्न हो सकेंगे।
    • हर चुनाव के दौरान और उसके बाद प्रशासनिक स्थिरता सामाना करना पड़ता है। इस पर भी विराम लग सकेगा।
    • चुनावों में सुरक्षा बलों की तैनाती में भी काफी परेशानी होती है। एक साथ चुनाव होगा तो सुरक्षा बलों को बार-बार एक स्थान से दूसरे स्थान शिफ्ट नहीं करना पड़ेगा। उसके लिए अलग-अलग मॉनिटरिंग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। खर्च भी कम होगा।
    • राजनीतिक दलों को भी बार-बार खर्च करना पड़ता है। उन्हें हर चुनाव में पोस्टर, बैनर, बिल्ले और तमाम खर्च उठाने पड़ते हैं। कार्यकर्ताओं को भी साधना पड़ता है। ऐसी तमाम एक्सरसाइज से छुटकारा मिल सकेगा।
    • निर्वाचन आयोग को लगभग हर साल कहीं न कहीं की मतदाता सूचियां अपडेट कराना होती हैं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए सूचियां अलग-अलग बनती हैं। इसमें श्रम और समय जाया होता है। एक साथ चुनाव होने से एक ही मतदाता सूची से काम हो जाएगा। इससे समय और श्रम, दोनों की बचत होगी।
    • बार-बार मतदान केंद्रों का निर्धारण, रंगाई-पुताई और अन्य व्यवस्थाएं नहीं करना पड़ेंगी। मतदाताओं को भी बार-बार मतदान के लिए कतार में नहीं लगना पड़ेगा। ऑनलाइन वोटिंग जैसे सिस्टम को विकसित करना भी आसान होगा।

    ये नुकसान और कठिनाइयां भी

    • एक देश एक चुनाव से बड़ा नुकसान क्षेत्रीय दलों को होने का अंदेशा है, यही कारण है कि क्षेत्रीय दल इसके पक्ष में कम हैं। क्षेत्रीय दलों की मानें तो लोकसभा चुनाव में केंद्रीय स्तर के मुद्दों पर फोकस होता है जबकि विधानसभा चुनाव में क्षेत्रीय और स्थानीय मुद्दे हावी रहते हैं। एक देश एक चुनाव होने से क्षेत्रीय और स्थानीय मुद्दे गौण हो जाएंगे।

    • एक देश एक चुनाव का फैसला लागू होते ही उन राज्यों की सरकारों को भंग करना पड़ेगा जहां चुनाव हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है। ऐसी सरकारों द्वारा विरोध किया जाना संभव है।

    • देश में कई स्थान संवेदनशील होने से वहां चुनाव के दौरान घटनाएं होती रहती हैं। अभी अलग-अलग चुनाव होने से वहां की सुरक्षा व्यवस्था करना आसान होता है जबकि एक साथ चुनाव होने पर सुरक्षाबलों की कमी का संकट भी उत्पन्न हो सकता है।

    सबके अपने – अपने तर्क

    प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक कदम

    केंद्र सरकार के इस फैसले पर उत्तर प्रदेस के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने एक्स हैंडल पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि  देश के हित में उठाया गया शानदार कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कदम है। 

    यह नया नहीं, पुराना आइडिया है

    एक तरफ विपक्ष सरकार की मंशा पर निशाना साध रहा तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ काबिज कांग्रेस सरकार के उप मुख्यमंत्री टी. एस. सिंह देव इसका समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि व्यक्तिगत स्तर पर मैं एक देश एक चुनाव का स्वागत करता हूं। उनका कहना है कि यह नया नहीं, पुराना ही आइडिया है।

    चुनाव को आगे ले जाने का षड्यंत्र

    शिवसेना (यूबीटी) और राज्यसभा सदस्य संजय राउत केंद्र सरकार के इस कदम से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने एक राष्ट्र एक चुनाव को तो ठीक बताया है, लेकिन वे निष्पक्ष चुनाव करवाने की वकालत भी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि- केंद्र सरकार निष्पक्ष चुनाव की हमारी मांग को ठुकराने के लिए इसे लेकर आई है। राउत को लगता है कि ये चुनाव को आगे ले जाने का षड्यंत्र है।

    यह भारत के संविधान के खिलाफ है

    AIMIM पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तो इस अवधारणा को सिरे से ही खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि- देश में वन नेशन - वन इलेक्शन नहीं हो सकता। उन्होंने  यह भारत के संविधान के खिलाफ बताया है।

    पहले चर्चा करेंगे फिर रुख स्पष्ट करेंगे

    शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) नेता अनिल देसाई अभी कोई स्पष्ट राय नहीं देना चाहते हैं। वे कहते हैं कि एक राष्ट्र एक चुनाव अथवा चाहे जो भी अवधारणा हो, उसे विभिन्न राजनीतिक दलों के सामने रखा जाना चाहिए। देसाई के अनुसार इस पर सभी दल चर्चा करेंगे और उसके बाद ही रुख स्पष्ट किया जाएगा।

    संसदीय व्यवस्था की मान्यताएं तोड़ रही सरकार

    सपा नेता राम गोपाल यादव का कहना है कि संसदीय व्यवस्था की सारी मान्यताओं को यह सरकार तोड़ रही है। अगर विशेष सत्र बुलाना था तो सरकार को सभी विपक्षी पार्टियों से कम से कम अनौपचारिक तौर पर बात करनी चाहिए थी। यादव के अुसार अब किसी को नहीं पता है कि एजेंडा क्या है और सत्र बुला लिया गया है।

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    Fri, 01 Sep 2023 12:52:48 +0530 Niraj Kumar Shukla
    एक रक्षाबंधन ऐसा भी : आंखों में आंसू और हाथों में शहीद पति की तस्वीर लिए वीरांगना आगे बढ़ी तो भाइयों ने कदमों तले बिछा दीं अपनी हथेलियां https://acntimes.com/veerangana-Sapna-unveiled-the-memorial-of-martyr-husband-Kanhaiyalal-Jat-on-Raksha-Bandhan https://acntimes.com/veerangana-Sapna-unveiled-the-memorial-of-martyr-husband-Kanhaiyalal-Jat-on-Raksha-Bandhan ‘शहीद समरसता मिशन’ की टोली ने गुणावद के बेटे ‘शहीद कन्हैयालाल जाट’ के स्मारक ‘राष्ट्र शक्ति स्थल’ का वीरांगना सपना जाट ने किया अनावरण

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद कन्हैयालाल अमर रहे’ के उद्घोष के बीच जैसे बुधवार को गुणावद के सपूत शहीद कन्हैयालाल जाट के स्मारक का अनावरण हो गया। अनावरण के लिए शहीद पति की तस्वीर हाथों में लेकर वीरांगना सपना आगे बढ़ी तो भाइयों ने उसके कदमों तले अपनी हथेलियां बिछा दीं। रक्षाबंधन पर अपने शहीद समरसता मिशन के भाइयों से ऐसा संबल और अनूठा उपहार पाकर वीरांगना की आंखों से गंगा-जमना बह निकली।

    रक्षाबंधन पर बुधवार को जिले के शहीद सपूत कन्हैयालाल जाट की स्मृति में शहीद समरसता मिशन द्वारा पैतृक गांव गुणावद में बनवाए गए ‘राष्ट्र शक्ति स्थल’ का धूमधाम से अनावरण किया गया। शहीद समरसता मिशन ने गांव में शहीद जाट के चित्र के साथ, उनकी वीरांगना पत्नी और वीर माता-पिता का सम्मान करते हुए भव्य तिरंगा यात्रा निकाली। शहादत के सम्मान के इस दृश्य को जिसने भी देखा, भावुक हो गया।

    राष्ट्र रक्षार्थ गुणावद के लाल कन्हैयालाल ने 21 मई, 2021 को सिक्किम में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद समरसता मिशन के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक मोहन नारायण ने शहीद की पत्नी वीरांगना सपना जाट और उनके वीर माता-पिता से गत 31 जुलाई को महान क्रांतिकारी अमर शहीद सरदार उधम सिंह के बलिदान दिवस पर रक्षाबंधन पर शहीद का स्मारक बनाकर समर्पित करने का वादा किया था। शहीद समरसता मिशन ने महज एक माह के भीतर राष्ट्र शक्ति स्थल के रूप में शहीद का स्मारक बनाकर समर्पित कर अपना वादा पूरा कर दिया।

    आज भाइयों ने मुझे मेरा जीवन और मेरा पति लौटा दिया- वीरांगना सपना जाट

    मिशन के युवाओं ने बहन वीरांगना सपना जाट के स्वागत-सम्मान में कृतज्ञता से अपनी हथेलियों को जमीन पर बिछाकर राष्ट्र शक्ति स्थल का लोकार्पण किया। इस मौके पर वीरांगना सपना ने कहा कि- ‘मोहन भईया और मेरे शहीद समरसता मिशन के भाइयों ने मिलकर मुझे इस राष्ट्र शक्ति स्थल के रूप में मुझे मेरा जीवन, मेरा पति लौटा दिया है। सरकारों को मिशन के विचारों को आत्मसात करने के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि यह मिशन उन परिवारों के लिए जीता है, जो राष्ट्र के लिए पल-पल मरते हैं।’ उन्होंने कहा कि- ‘यह मिशन सैनिकों के सम्मान और राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए काम करता है।’

    भारत के समरस व सुदृढ़ भविष्य की नींव मजबूत कर रहे मिशन के साथी – सूरज डामोर

    मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता सूरज डामोर ने कहा कि- शहीद समरसता मिशन जो देश में शहादत के सम्मान व समरस राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, वह सराहनीय है। हमें आज भारत के भविष्य की पीढ़ी को हमारी एकता, अखंडता को लेकर जागरूक करना ही होगा ताकि वे कुशलता से इस राष्ट्र की बागडोर संभाल सकें। जो सेवा, समर्पण, त्याग व बलिदान का भाव लेकर मिशन के युवा आज देशभर में काम कर रहे हैं निश्चित ही यह भारत के समरस व सुदृढ़ भविष्य की नींव को अपने रचनात्मक कार्यों से मजबूत कर रहे हैं।

    हमारे संस्कार हमें सिर्फ देना सिखाते हैं- वीरांगना प्रतिभा यादव

    आयोजन की मुख्य अतिथि शहीद समरसता मिशन की प्रदेश संरक्षक वीरांगना प्रतिभा यादव (करगिल युद्ध में शहीद हुए राजेंद्र यादव की पत्नी) थीं। उन्होंने बताया कि मिशन का नेतृत्व देश के लिए जीने-मरने वाले परिवारों के हाथ में है। यह शहीदों के सपनों के समरस राष्ट्र निर्माण की चलने वाली सतत् प्रक्रिया है। इसके देश के लिए अपना सर्वोच्च न्योछावर करने वाले परिवारों को स्वयं के परिवार के रूप में स्वीकार कर उनकी सेवा का हर संभव प्रयास मोहन भइया के नेतृत्व में किया जाता है। राष्ट्र व शहीद सपूतों के प्रति समर्पण हमारे संस्कारों में है। इसी क्रम में आज हमारे अमर सपूत शहीद कन्हैयालाल जाट के राष्ट्र शक्ति स्थल का लोकार्पण किया गया है। यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्थल साबित होगा। इससे राष्ट्र की बलिदान परंपरा को पोषित करने वाले कई रणबाकुरों का उदय होगा।

    आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर मिशन के कार्यों में दिखेगी तेजी- राहुल राधेश्याम

    केंद्रीय टोली सदस्य राहुल राधेश्याम ने बताया कि संस्थापक मोहन नारायण के नेतृत्व एवं राज्यपाल और केंद्रीय संरक्षक लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के मार्गदर्शन में 16 वर्षों से मिशन का कार्य अनवरत जारी है। हमारा प्रयास है कि हम अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँचकर उनकी सेवा कर सकें। हमारे विचारों की स्वीकार्यता के अनुरूप आने वाले दिनों में मिशन के कार्यों में राष्ट्रीय स्तर पर तेजी देखने को मिलेगी।

    जल्द पूर्ण होगा राष्ट्र शक्ति स्थल का सौंदर्यीकरण का शेष कार्य- प्रकाश गौड़

    कार्यक्रम एवं शहीद समरसता मिशन के संयोजक प्रकाश गौड़ ने बताया कि  राष्ट्र के हर शहीद व सैनिक का परिवार, हमारा परिवार है। आज रक्षाबंधन के अवसर पर वादे के मुताबिक वीरांगना बहन सपना जाट को राष्ट्र शक्ति स्थल समर्पित किया है। इसकी कुल लागत लगभग 4 लाख रुपए है। राष्ट्र शक्ति स्थल के सौंदर्यीकरण का शेष कार्य भी आने वाले कुछ दिनों में पूर्ण किया जाएगा।

    बच्चों ने देशभक्ति नाटक और गीत प्रस्तुत किए

    देशभक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन में ग्रामीणों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने देशभक्ति नाटकों व गानों पर प्रस्तुति दी। मिशन के प्रदेश मीडिया प्रभारी अशोक वैष्णव ने बताया कि इस स्मारक का निर्माण एवं लोकार्पण समाज से एकत्रित हुई सम्मान राशि से किया गया है। मिशन ने इस कार्य हेतु ‘वन चेक - वन साइन फ़ॉर शहीद’ अभियान चलाकर वीरांगना बहन सपना जाट के बैंक अकाउंट में ही डिजिटल माध्यमों से राशि का एकत्रीकरण किया है। संचालन अशोक वैष्णव ने किया। आभार संजय जाट ने माना।

    ये रहे मौजूद

    कार्यक्रम में प्रकाश माली, सुनील यादव, राजेश डोडिया, सत्यनारायण नागर, अशोक मालवीय, पूजा चावड़ा, ओमप्रकाश पुरोहित, डॉ. दीपक मोरी, सत्यनारायण जाधव, भगवान परमार, भरत सोलंकी, कमलेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और राष्ट्रभक्त मौजूद रहे।

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    Thu, 31 Aug 2023 00:47:22 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रक्षाबंधन के दिन रतलाम जिले की वीरांगना बहन को मिलेगा अनूठा उपहार, ...ताकि अमर हो सके उसके पति की शहादत https://acntimes.com/Veerangana-sister-of-Ratlam-district-will-get-a-unique-gift-on-the-day-of-Raksha-Bandhan https://acntimes.com/Veerangana-sister-of-Ratlam-district-will-get-a-unique-gift-on-the-day-of-Raksha-Bandhan एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम के लिए इस बार का रक्षाबंधन कुछ खास होने वाला है। इस दिन एक वीरांगना बहन को अनूठा उपहार मिलने वाला है। यह उपहार रुपया-पैसा, जवाहरात नहीं बल्कि सीमा पर शहादत देने वाले रतलाम के एक देशभक्त सपूत कन्हैयालाल जाट का स्मरक है। जिले के गुणावद गांव के इस बेटे की याद में बना राष्ट्र शक्ति स्थल रक्षाबंधन के दिन उनकी पत्नी सपना जाट और उनके परिवार को समर्पित किया जाएगा।

    यह जानकारी रतलाम प्रेस क्लब पर आयोजित पत्रकार वार्ता में शहीद समरसता मिशन के केंद्रीय समन्वय टोली के सदस्य राहुल राधेश्याम एवं प्रदेश संयोजक प्रकाश गौड़ ने बताई। इस दौरान उज्जैन संभाग प्रभारी एवं शहीद कन्हैयालाल जाट की वीरांगना पत्नी सपना जाट भी उपस्थित थीं। उन्होंने बताया शहीद समरसता मिशन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मिशन से जुड़े लोगों द्वारा उन जिलों में राष्ट्रीय शक्ति स्थल का निर्माण किया जाने का बीड़ा उठाया गया है जहां का कोई वीर सपूत शहीद हुआ है। इसी कड़ी गत मई, 2021 में भारतीय सेना में पदस्थ रतलाम जिले के गुणावद निवासी कन्हैयालाल जाट ने शहादत दी थी। उनकी स्मृति में उनके पैतृक गांव गुणावद में राष्ट्र शक्ति स्थल का निर्माण किया गया। यहां शहीद की प्रतिमा स्थापित की गई है। अभी इस स्थल को सजाने-संवारने का कार्य जारी है। इसमें तकरीबन 5 लाख रुपए व्यय होंगे।

    शहीद की पत्नी ने भाइयों से मांगा यह उपहार

    वीरांगना सपना ने बताया कि उन्होंने मिशन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक मोहन नारायण से उन्होंने अनुरोध किया था कि वे अपनी इस बहन को रक्षाबंधन के उपहार के रूप में शहीद पति की स्मृति में राष्ट्र शक्ति स्थल बना कर दें। मिशन ने महज 100 दिन के भीतर ही उनकी यह मांग पूरी कर दी। सपना के अनुसार मोहन भैया मुझे इस स्मारक के रूप में मेरा शहीद पति लौटा रहे हैं। यह स्थल रक्षाबंधन के दिन 30 अगस्त को सुबह 11 बजे एक समारोह में शहीद के परिवार को सौंपा जाएगा। 

    65 जिलों में बन चुके हैं स्थल 

    राहुल राधेश्याम ने बताया कि मिशन 2007 से सक्रिय है और वर्तमान में 11 राज्यों में कार्य कर रहा है। देशभर में 36 हजार राष्ट्रीय शक्ति स्थल बनाने का लक्ष्य है। अब तक करीब 65 जिलों में स्थल बन चुके हैं जिनमें से 8 मध्यप्रदेश में बने हैं, रतलाम का राष्ट्र शक्ति स्थल प्रदेश का 9वां है। उन्होंने बताया कि शहीदों की वीरांगनाओं को मिशन के तहत घर भी बनाकर दिए जा रहे हैं। इसमें लोग ही सहभागिता कर रहे हैं। सैनिकों की शहादत को सम्मान देने के इच्छुक लोग और संस्थाएं दान कर रही हैं। यह दान डिजिटल होने से पूरी तरह पारदर्शी है। 

    शहीदों के परिवार को मिले 1 करोड़ की राशि

    राहुल राधेश्याम ने बताया कि मिशन की मांग है कि केंद्र सरकार द्वारा देश की रक्षा में जो भी शहीद हो उसके परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाए। यह राशि शहीद के अंतिम संस्कार से पहले ही उसके परिवार को मिल जानी चाहिए। इससे हर माता-पिता, पत्नी, बहन, भाई के मन में अपने बेटे-बेटी व परिवार के सदस्य को सेना में भेजने को लेकर कोई संशय नहीं रहेगा। ऐसा होने पर बेटा भी सीमा पर परिवार के भविष्य को लेकर निश्चिंत रहेगा और सेवा दे सकेगा। पेंशन रिन्यूअल मिशन द्वारा शुरू किए गए एक अभियान की सफलता का उदाहरण है।

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    Mon, 28 Aug 2023 19:53:45 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा हादसा : लखनऊ से रामेश्वरम जा रही ट्रेन के टूरिस्ट कोच में मदुरै स्टेशन पर लगी भीषण आग, 8 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल https://acntimes.com/Major-fire-in-tourist-coach-of-train-in-Madurai-8-people-died https://acntimes.com/Major-fire-in-tourist-coach-of-train-in-Madurai-8-people-died एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । तमिलनाडु के मदुरै रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह भीषण हादसा हो गया। स्टेशन के पास खड़ी लखनऊ से रामेश्वर जाने वाली ट्रेन के एक टूरिस्ट कोच में आग लग गई। हादसे में 8 लोगों के मरने और 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। हादसा अवैध रूप से ले जाए जा रहे गैस सिलेंडर में विस्फोट के कारण हुआ।

    जानकारी के अनुसार ट्रेन लखनऊ से रामेश्वरम जा रही थी। इसके टूरिस्ट कोच में आग लग गई। अधिकारियों के अनुसार हादसे की सूचना शनिवार सुबह करीब 5.15 बजे मिली जब ट्रेन मदुरै यार्ड जंक्शन पर रुकी थी।  रेलवे के अधिकारियों के अनुसार जिस कोच में आग लगी उसे एक ट्रैवल्स एजेंसी द्वारा बुक कराया गया था। इसे शुक्रवार को नागरकोइल जंक्शन में ट्रेन से जोड़ा गया था।

    बताया जा रहा है कि कोच में अवैध रूप से गैस सिलेंडर ले जा रहे थे। गैस रिसाव के बाद कोच में आग लग गई। इससे 8 लोगों की झुलसने से मौत हो गई जबकि 20 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं जिनका उपचार कराया जा रहा है। आग लगने से कोच पूरी तरह जल गया। टूरिस्ट कोच के अलावा अन्य किसी भी कोच में नुकसान नहीं हुआ है।  रेलवे द्वारा मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

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    Sat, 26 Aug 2023 10:27:07 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ‘चंद्र के ललाट पर तिलक हिंद माटी का हो गया, हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से भर गया…’ https://acntimes.com/Quick-poem-on-Chandrayaans-3-success-read-and-feel-the-pride https://acntimes.com/Quick-poem-on-Chandrayaans-3-success-read-and-feel-the-pride चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग पर त्वरित रचना

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चंद्रयान 3 की सफलता को लेकर सभी काफी उत्साहित हैं। कहीं आतिशबाजी हो रही है तो कहीं मिठाई बांटी जा रही है। चंद्रयान 3 के चांद की लैंडिंग को लेकर तरह तरह के कथानक बन रहे हैं, कोई मीम बना रहा तो कोई कविता रच रहा है। ऐसी ही एक त्वरित कविता शिक्षक एवं कैरियर मार्गदर्शक डॉ. रवीन्द्र उपाध्याय ने लिखी है।

    त्वरित कविता

    इसरो का चंद्रयान-3 चंद्र पर उतर गया, हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से भर गया।

    सितारों के बीच चांद को कर लिया मुट्ठी में, जय हिंद का नारा फिर से बुलंद कर दिया।।

    देखते रह गए रूस अमेरिका चाइना सब, नासा भी चंद्रयान को सिर्फ निहारता रह गया।

    चंद्र के ललाट पर तिलक हिंद माटी का हो गया, करवा चौथ का मोदक भोग चंद्रमा पर चढ़ गया।।

    दिखा दिया आज हिंदुस्तान ने कि हम किसी से कम नहीं, हमको आगे बढ़ने से कोई रोक सके इतना किसी में दम नहीं।

    चंद्रमा के भाल पर हिंदुस्तान का परचम फहर गया, फिर आज हर भारतवासी का मस्तक गर्व से तन गया।।

    ये बदलता भारत है साहब, यहां  जय जवान जय किसान और जय विज्ञान का अब बुलंद नारा है, सुन लो दुनिया वालों अब आने वाला हर कल हमारा है।।

    अभिनंदन है उन प्रज्ञावन वैज्ञानिकों का, जिन्होंने तिरंगे की चमक को चांद पर बिखेर दिया।

    राष्ट्र चिन्ह की अमिट आकृति को चंद्र पर उकेर दिया और विश्व पटल के पन्नों पर इतिहास आज रच दिया।।

    जय हिंद ! जय विज्ञान !

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    डॉ. रवीन्द्र उपाध्याय

    शिक्षक एवं करियर मार्गदर्शक एवं  विकासखंड समन्वयक (नवभारत साक्षरता कार्यक्रम)

    मोबाइल नं.  9425990741

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    Wed, 23 Aug 2023 20:03:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    चांद पर पहुंचा भारत, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों और इसरो के वैज्ञानिक को दी मिशन चंद्रयान 3 की सफलता की बधाई, कहा& यह क्षण नए भारत के जयघोष का https://acntimes.com/Mission-Chandrayaan-3-successful-Prime-Minister-Narendra-Modi-congratulated https://acntimes.com/Mission-Chandrayaan-3-successful-Prime-Minister-Narendra-Modi-congratulated एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आखिरकार भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन गया। भारत के चंद्रयान-3 की चांद पर सफल लैंडिंग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम चंद्रयान-3 सभी वैज्ञानिकों और देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा यह क्षण नए भारत के जयघोष का है। यह क्षण जीत के चंद्र पथ पर चलने का है, 140 करोड़ धकड़नों के सामर्थ्य का है। यह क्षण भारत की नई ऊर्जा, नए विश्वास और नई चेतना का है। यह क्षण भारत के उदयमान भारत के भाग्य का है। अमृत काल में सफलता की अमृत वर्षा हुई है। 

    चंद्रयान मिशन-3 की लैडिंग को लेकर इसरो द्वारा बेंगलुरु से सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। जैसे-जैसे चंद्रयान-3 का लैंडर चांद की सतह की तरफ बढ़ रहा था, देशभर में लोग दुआएं और प्रार्थनाएं कर रहे थे। इसरो के वैज्ञानिक लैंडिंग के हर क्षण पर नजर रख रहे थे। जैसे ही चंद्रयान-3 ने चांद की सतह को छुआ, इसरो मुख्यालय सहित पूरे देश में खुशी की लहर फैल गई और बधाइयों का दौर शुरू हो गया।

    पीएम मोदी एक समिट में भाग लेने अफ्रीका के जोहेनसबर्ग गए हुए हैं। वे वहीं से वर्चुएली इस विशेष आयोजन में जुड़े और मिशन चंद्रयान-3 की सफलता के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि- आज हम अंतरिक्ष में नए भारत के नई उड़ान के साक्षी बने हैं। मैं एक समिट में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका में हूं लेकिन हर देशवासियों की तरह मेरा मन भी चंद्रयान महाअभियान पर लगा था। नया इतिहास बनते ही भारतीय जश्न में डूब गया, हर घर में उत्सव शुरू हो गया।

    चंदा मामा बस एक टूर के

    पीएम ने कहा कि हृदय से अपने देशाविसयों और परिवारवासियों के साथ टीम चंद्रयान, इसरो, देश के सभी वैज्ञानिकों को जी-जान से बहुत-बहुत बधाई देता हूं जिन्होंने वर्षों तक इसके लिए परिश्रम किया। उल्लास, उमंग और भावुकता से भरे इस पल के लिए सभी देशवासियों को बधाई। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम और प्रतिभा से भारत चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा है, जहां आज तक दुनिया को कोई देश नहीं पहुंच सका। आज के बाद चांद से जुड़े मिथक बदल जाएंगे, कथाकन भी बदल जाएंगे। धरती को मां और चांद को हम मामा बुलाते हैं। पहले कहा जाता था कि चंदा मामा बहुत दूर के हैं। अब एक दिन वह भी आएगा जब बच्चे कहेंगे चंदा मामा बस एक टूर के हैं।

    इसरो जल्द लांच करेगा आदित्य एल-वन मिशन

    प्रधानमंत्री ने पूरे वैश्विक समुदाय को भी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत ने मिशन चंद्रमा को पूरा कर दिखाया। हमारा मून मिशन हम्यूमन सेंट्रिक मिशन है। यह पूरीर मानवता को समर्पित है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि मेरे परिवारजनों, चंद्रयान महाअभियान का मिशन सिर्फ चंद्रमा की सतह तक ही सीमित नहीं है। भारतीय उड़ान इससे आगे जाएगी, हमारे सौर मंडल की सीमाओं का सामर्थ्य परखेगी। हमने भविष्य के लिए कई बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। जल्द ही सूर्य के विस्तृत अध्ययन के लिए इसरो आदित्य एल-वन मिशन लांच करने जा रहा है, स्काई इस नॉट द लिमिट।

    संकल्पों की सिद्धि का रास्ता दिखाएगा आज का दिन

    पीएम मोदी ने कहा कि साइंस और टेक्नोलॉजी देश के भविष्य का आधार है। आज के दिन को देश हमेशा-हमेशा के लिए याद रखेगा। यह दिन उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। संकल्पों की सिद्धि का रास्ता दिखाएगा। हार से सबक लेकर जीत कैसे साबित की जाती है, यह भी यह दिन याद दिलाए। बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं।

    आप सोमनाथ हैं और चंद्र आपके नाम से जुड़ा है

    प्रधानमंत्री ने इसरो के चेयरमैन एस. सोमनाथ को टेलीफोन पर बधाई दी। उन्होंने कहा- आपका तो नाम ही सोमनाथ है। सोमनाथ का आशय ही चंद्र से जुड़ा है। इसके लिए भी आपको बधाई। इससे आपका परिवार भी काफी खुश होगा। इसके लिए आपको और पूरी टीम को पुनः बधाई।

    असफलता से सीख कर रचा इतिहास

    इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ ने मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिकों और टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह इनकी शिद्दत और मेहनत के कारण ही संभव हुआ है। मिशन डायरेक्ट श्रीकांत सहित अन्य वैज्ञानिकों ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस सफलता से सभी का आत्मसम्मान भी ऊंचा हुआ और कॉन्फिडेंस भी बढ़ा है। 2019 में जो असफलता मिली थी उससे सीख लेकर हमने सफलता हासिल की है जो अपने आप में उल्लेखनीय बात है। 

    रात 10 बजे बाद से मिलने लगेंगी सूचनाएं

    बताया जा रहा है कि विक्रम लैंडर पर पहुत ही आधुनिक सेंसर लगे हैं। यह प्रति 1 सेंटीमीटर प्रति सेकंड की गति से आगे बढ़ते हुए बुधवार रात को 10 बजे से ही सूचनाएं भेजना शुरू कर देगा। इससे चांद की सतह से जुड़ी तमाम नई जानकारियां मिल सकेंगी। माना जा रहा है कि भविष्य में लोगों की पहुंच भी चांदतक हो सकेगी।

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    Wed, 23 Aug 2023 18:53:48 +0530 Niraj Kumar Shukla
    आरक्षक की परीक्षा देने UP से आए मुन्ना भाई ने डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान संदेह होने पर छत से लगा दी छलांग, पुलिस ने घेराबंदी कर दो युवकों को धरदबोचा   https://acntimes.com/Two-Munna-Bhai-of-UP-arrested-for-constable-recruitment-exam https://acntimes.com/Two-Munna-Bhai-of-UP-arrested-for-constable-recruitment-exam  एसीएन टाइम्स @ रतलाम । आरक्षक भर्ती परीक्षा देने आए एक परीक्षार्थी और उसकी जगह परीक्षा देने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुन्ना भाई को बिलपांक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परीक्षा कक्ष में प्रवेश से पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान संदेह हुआ तो इस मुन्ना भाई ने न सिर्फ वहां से दौड़ लगा दी बल्कि छत से नीचे भी कूद गया। हालांकि बाद में पकड़ा गया।

    बिलपांक थाना प्रभारी ओ. पी. सिंह के अनुसार सातरुंडा स्थित मारुति स्कूल में आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए पेपर होना था। अभ्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए प्रवेश-पत्र, आधार कार्ड लेकर स्कूल पहुंच चुके थे और सत्यापन करवाकर परीक्षा हाल में प्रवेश कर रहे थे। इसी दौरान सत्यापन कर रही टीम को एक युवक पर संदेह हुआ। उन्होंने पूछताछ करनी चाही तो उसने छत की ओर दौड़ लगा दी और पीछे के दरवाजे से नीचे कूद कर भाग निकला। इधर, मौके पर मौजूद पुलिस हरकत में आई और युवक का पीछा किया। पुलिस ने घेराबंदी कर प्रीतमनकर-लोचीतारा गांव के बीच आरोपी युवक को धर-दबोचा।

    पुलिस ने पूछताछ की तो युवक ने अपना नाम पुष्पेंद्र पिता राकेश यादव (20) निवासी इशकपुर थाना नगला खंगर जिला फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश बताया। पुष्पेंद्र ने बताया कि वह परीक्षार्थी राहुल पिता शिवराम यादव (3) निवासी चंद्रपुर बकेवर, इटावा, उत्तर प्रदेश के स्थान पर परीक्षा देने आया था। राहुल ने उसे रुपए देने की बात कही थी जिससे वह उसके डॉक्यूमेंट और आधार कार्ड आदि लेकर यहां आया था। पुलिस ने उससे राहुल के बारे में जानकारी ली तो उसने बताया कि वह भी रतलाम में है। पुष्पेंद्र द्वारा बताए अनुसार पुलिस ने आरोपी राहुल यादव को धराड़ टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया।

    मोबाइल फोन और डॉक्यूमेंट जब्त

    पुलिस ने दोनों युवकों की तलाशी ली। इसमें आरोपी पुष्पेंद्र यादव के पास से आरोपी राहुल यादव का प्रवेश पत्र, मार्कशीट एवं आधार कार्ड मिला। इसी तरह आरोपी राहुल यादव के पास से आरोपी पुष्पेंद्र यादव का मोबाइल फोन और आईडी कार्ड जब्त हुआ। कार्रवाई में थाना प्रभारी सिंह के साथ प्रधान आरक्षक शिव कुमार यादव, आरक्षक छतर सिंह एवं मन्नू सिंह की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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    Mon, 21 Aug 2023 12:06:18 +0530 Niraj Kumar Shukla
    खुश रहना है तो मोटिवेशनल स्पीकर शांतिलाल गोलेछा के ये पांच मंत्र अपना लीजिए और फिर चमत्कार देखिए https://acntimes.com/Motivational-speaker-Shantilal-Golechhas-five-mantras-to-be-happy https://acntimes.com/Motivational-speaker-Shantilal-Golechhas-five-mantras-to-be-happy मोटिवेशनल स्टोरी स्पीकर शांतिलाल गोलेछा ने रतलाम में दिया खुश रहने का दिया मंत्र

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । एक व्यक्ति को जीवन में जो मिले उसमें खुश रहना चाहिए। उसे जीवन में आई हर अच्छी चीज को महत्व देना चाहिए और स्वयं को सकारात्मक बनाए रखना चाहिए, जिससे नकारात्मकता अपने आप खत्म हो जाएगी।

    यह बात रोटरी क्लब रतलाम प्राइम द्वारा दो बत्ती क्षेत्र में आयोजित मोटिवेशनल स्पीकर शांतिलाल गोलेछा ने उपस्थित जनसमुदाय से कही। उन्होंने कहा कि देश के हर शहर में हर 13वां व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार है। उनको सकारात्मक बातों का संदेश देना चाहिए, जिससे वो सामान्य जिंदगी जी सकें। उनका मिशन सकारात्मकता फैलाना है। उनको जो सच्ची कहानियां देखने-सुनने को मिलती हैं, वे उससे प्रेरणा ग्रहण करते हैं और वे उन्हीं कहानियों के माध्यम से लोगों को प्रेरित करते हैं। शांतिलाल गोलेछा ने कहा कि जीवन में पैसा जरूरी है परंतु पैसा ही सब कुछ नहीं है, हर चीज पैसा नहीं है। जीवन में खुशी और संतोष का भी महत्व है। व्यक्ति को पहले अपने आप को सुधारना चाहिए।

    कोरोना काल में समझा व जाना स्टोरी टेलिंग की कला को

    कार्यक्रम से पूर्व दोपहर में शांतिलाल गोलेछा शहर की मीडिया से भी रूबरू हुए थे और उनके साथ भी अपनी मोटिवेशन स्पीकर की यात्रा और मंत्र साझा किए थे। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत में पंचतंत्र की कहानियों के माध्यम से बच्चों की शिक्षा दी जाती थी। जो संदेश 45 मिनट का भाषण नहीं दे सकता है वो संदेश एक मिनट की कहानी दे देती है। अच्छी बातों को सब तक पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा स्टोरी टेलिंग एक कला है, जिसका महत्व उन्होंने कोरोना काल के समय समझा और जाना। और उसी के बाद से वो इस सेवा क्षेत्र में आ गए।

    सिद्धार्थ काश्यप की शॉर्ट फिल्म आजादी का हुआ प्रदर्शन

    क्लब अध्यक्ष हितेष-अर्चना सुराणा व सचिव गौरव-नीतिका ऐरन ने बताया कार्यक्रम के पहले शहर के युवा गीतकार, संगीतकार सिद्धार्थ काश्यप की शॉर्ट फिल्म "आज़ादी" का प्रदर्शन हुआ, जिसने दर्शकों में उत्साह का संचार किया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मोटिवेशनल स्पीकर गोलेछा के साथ पद्मश्री डॉ लीला जोशी, शहर विधायक चेतन काश्यप, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी व विकास कटारिया ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। अतिथियों का स्वागत हितेष सुराणा, गौरव ऐरन, कार्यक्रम संयोजक नीरज बरमेचा, कीर्ति बड़जात्या, सौरभ छाजेड़, मिलेश कटकानी, नीलेश सेलोत और चेतन कोठारी आदि ने किया।

    शॉल-श्रीफल भेंटकर किया गोलेछा का नागरिक अभिनंदन

    इस अवसर पर मोटिवेशनल स्पीकर गोलेचा का क्लब की ओर से शॉल श्रीफल भेंटकर नागरिक अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संस्था अध्यक्ष सुराणा ने भी संबोधित किया। मंच पर शहर के संगीत साधकों एवं बच्चों ने भी शानदार प्रस्तुति दी। बड़ी संख्या में गणमान्य जन और शहरवासी उपस्थित रहे। संचालन कीर्ति बड़जात्या ने किया। आभार गौरव ऐरन ने माना।

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    Sat, 19 Aug 2023 12:42:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम के अनुराग चौरसिया और सोनाली परमार ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रूस पर फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान और 7 बार सूर्य नमस्कार भी किया https://acntimes.com/Ratlams-couple-hoisted-the-tricolor-on-Europes-highest-peak https://acntimes.com/Ratlams-couple-hoisted-the-tricolor-on-Europes-highest-peak भारत के पहले दंपती बनाने का हासिल किया गौरव, इससे पहले अफ्रीका महाद्वीप के माउंट किलमंजारो भी कर चुके हैं फतह 

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । अगर ठान लो तो क्या कुछ नहीं हो सकता, फिर सात समुद्र पार करने हों या सातों महाद्वीप के सबसे ऊंचे शिखर फतह करने हों। रतलाम के दंपति अनुराग चौरसिया और सोनाली परमार ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रूस पर पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर यह साबित कर दिया। उन्होंने यहां राष्ट्रगान भी किया और सूर्य नमस्कार भी।

    रतलाम शहर की प्रसिद्ध पर्वतारोही जोड़ी (अनुराग चौरसिया और उनकी पत्नी सोनाली परमार) विश्व के सातों महाद्वीपों के सर्वोच्च शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराने का संकल्प लिया है। इसी के तहत उन्होंने 16 अगस्त की सुबह 5.30 बजे यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रूस पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया। 5642 मीटर (18510 फ़ीट ) ऊंची चोटी पर ध्वज फहराने के लिए दंपती ने स्वत्रंत्रता दिवस (15 अगस्त) की रात 11 बजे -20 से -25 डिग्री तापमान में चढ़ाई शुरू की थी। और 16 अगस्त की सुबह पहुंच कर लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान गाया और सात बार सूर्य नमस्कार कर राष्ट्रप्रेम और सेहत का संदेश भी दिया।

    15 अगस्त को ध्वज फहराने का था लक्ष्य, लेकिन...

    आजादी के अमृत महोत्सव में पर्वतारोही अनुराग और सोनाली ने 15 अगस्त को माउंट एल्ब्रूस पर तिरंगा फहराने का था। इसके लिए उन्होंने अपना अभियान शुरू भी कर दिया था। वे यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रूस के बेस कैम्प (3900 मीटर की ऊंचाई) पर 14 अगस्त को ह पहुंच गए थे। चूंकि रात को मौसम ज्यादा खराब था इसलिए गाइड ने उन्हें चढ़ाई करने से रोक दिया। दंपती ने बेस कैंप पर ही 75 फ़ीट का भारतीय ध्वज फहराया जो कि मध्य प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार द्वारा उन्हें सौंपा गया था। इसलिए उन्होंने 15 अगस्त की रात 11 बजे चढ़ाई शुरू करना पड़ी।

    सूर्य नमस्कार क्यों

    रतलाम के दंपती सूर्य नमस्कार कर विश्व को यह संदेश दिया कि भारतीय परंपरा में प्रयुक्त योग सम्पूर्ण मानव जाति को स्वास्थ प्रदान करने के लिए बनाया गया है। आप भारतीय परंपरा की योग पद्धति के सूर्य नमस्कार को अपने जीवन में अपना कर प्रतिदिन सूर्य नमस्कार कर अपने सम्पूर्ण शरीर को निरोगी बना सकते है। बता दें कि अनुराग और सोनाली योग प्रशिक्षक भी हैं। अनुराग बैंक ऑफ बड़ौदा की रतलाम शाखा में कार्यरत हैं जबकि सोनाली रतलाम के ही राजस्व विभाग में पटवारी हैं।

    3 साल के बेटे को माता-पिता के पास छोड़ रचा इतिहास

    अनुराग चौरसिया और सोनाली परमार माउंट एल्ब्रूस पर तिरंगा फहराने वाले पहले भारतीय दंपति बन गए हैं। खास बात यह है कि वे अपने तीन वर्षीय बेटे रुद्रांजय को अपने माता-पिता के पास छोड़कर यह इतिहास रचने गए थे।

    माउंट किलिमंजारों पर भी फहरा चुके हैं राष्ट्रीय ध्वज

    पूर्व में अनुराग और सोनाली अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो  पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रगान और सूर्य नमस्कार कर कर चुके हैं। ऐसा करने वाले वे पहली भारतीय दंपती हैं। बता दें कि यह चोटी 5895 मीटर (19341 फ़ीट) ऊंची है।

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    Thu, 17 Aug 2023 10:06:06 +0530 Niraj Kumar Shukla
    प्रियंका गांधी, कमलनाथ व अरुण यादव के खिलाफ FIR दर्ज, शिवराज सरकार पर 50% कमीशन लेने वाली सरकार होने का आरोप लगाने पर भाजपा ने की शिकायत https://acntimes.com/FIR-lodged-against-Priyanka-Gandhi-Kamal-Nath-and-Arun-Yadav-2709 https://acntimes.com/FIR-lodged-against-Priyanka-Gandhi-Kamal-Nath-and-Arun-Yadav-2709 एसीएन टाइम्स @ इंदौर / भोपाल । कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी (वाड्रा), पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रमुख अरुण यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। भाजपा की शिकायत पर संयोगितागंज थाने में केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार को 50 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार कहने के बयान को लेकर की गई है। ऐसी ही एक शिकायत भोपाल में भी भाजपा नेताओं द्वारा की गई है।

    भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के निमेश पाठक की शिकायत पर संयोगितागंज थाने में केस दर्ज किया गया। उन्होंने पुलिस को की गई शिकायत में बताया है कि प्रियंका गांधी पर ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक पत्र के द्वारा भ्रामक आरोप लगाया गया। पाठक ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने भाजपा की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। संयोगितागंज पुलिस ने मामले में प्रियंका गांधी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। भाजपा ने ईओडब्ल्यू विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई।

    हम FIR से डरने वाले नहीं- अरुण यादव

    एफआईआर दर्ज होने को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के नेता अंग्रेजों की फांसियों से नहीं डरे, तो फिर इस तरह की FIR से क्या डरेंगे? 

    क्राइम ब्रांच में शिकायत की

    भाजपा ने कांग्रेस को चौतरफा घेरने की तैयारी कर ली है। शनिवार को क्राइम ब्रांच में प्रदेश भाजपा के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी क्राइम ब्रांच पहुंचे। वहां उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, कमलनाथ और अन्य नेताओं के खिलाफ क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दी। सारंग ने कहा कि- 'मप्र में चुनाव आते ही कांग्रेस रोज झूठ का सहारा ले रही है।' 

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    Sun, 13 Aug 2023 00:08:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लांच की सिद्धार्थ काश्यप द्वारा निर्मित म्यूजिकल शॉर्ट फिल्म ‘आजादी’, कहा& 'अतीत का बलिदान देश के भविष्य को प्रेरित करता है' https://acntimes.com/Union-Minister-Nitin-Gadkari-launched-musical-short-film-Azadi-produced-by-Siddharth-Kashyap https://acntimes.com/Union-Minister-Nitin-Gadkari-launched-musical-short-film-Azadi-produced-by-Siddharth-Kashyap एसीएन टाइम्स @ नागपुर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा है कि हमारे देश का इतिहास बहुत समृद्ध है। अगर हम स्वतंत्रता संग्राम के महान देशभक्तों और क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेंगे तो हमें भविष्य के राष्ट्रीय कार्यों के लिए प्रेरणा मिलेगी। उनकी उपलब्धियाँ, विचार और नेतृत्व आज की पीढ़ी के लिए अमूल्य मार्गदर्शक हैं। जब हम स्कूल में बच्चे थे तो तरह देशभक्ति के गीत राष्ट्रीय गौरव जगाते थे।

    केंद्रीय मंत्री गडकरी गीतकार, संगीतकार और गायक सिद्धार्थ काश्यप (Siddharth Kashyap) द्वारा निर्मित संगीतमय लघु फिल्म ‘आजादी’ (Musical short film 'Azadi') की लांचिंग करते हुए बोल रहे थे। सिद्धार्थ काश्यप की एस. के. म्यूजिक वर्क्स द्वारा निर्मित यह लघु फिल्म ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने हेतु की गई अनूठी पहल है। इस संगीतमय श्रद्धांजलि में,  भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दर्शाने वाला एक अदभुद गीत शामिल हैं जिसकी संकल्पना और संगीत संगीतकार सिद्धार्थ की है। सिद्धार्थ रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप के सुपुत्र हैं। उनके द्वारा तैयार की गई फिल्म में गीत को मोहित चौहान द्वारा स्वरबद्ध किया गया ह । गीतकार शकील आज़मी हैं। लघु फिल्म का लेखन और निर्देशन रतलाम में पले-बढ़े अंशुल विजयवर्गीय ने किया है। लांच समारोह में ‘आजादी’ लघु फिल्म दिखाई गई और इसके पोस्टर का अनावरण भी नितिन गडकरी के हाथों हुआ।

    ऐसी कलाकृतियां देशभक्ति व राष्ट्र सेवा के मूल्य विकसित करने में मदद करेंगी

    स्वतंत्रता संग्राम के हमारे वास्तविक नायकों को श्रद्धांजलि देने की अनूठी संकल्पना के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी ने संगीतकार और एस. के. म्यूजिक के संचालक सिद्धार्थ कश्यप की बहुत प्रशंसा की। इस प्रयास के लिए उन्होंने ‘आजादी’ की पूरी टीम को बधाई दी और उनकी सफलता की कामना की। गडकरी ने कहा कि ऐसी कलाकृतियाँ आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं तथा देशभक्ति और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को विकसित करने में मदद करेंगी।

    स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को युवाओं तक पहुंचाना लक्ष्य- सिद्धार्थ काश्यप

    इस मौके पर सिद्धार्थ कश्यप ने कहा कि नितिन गडकरी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं और वे उनके काम से प्रेरणा लेते हैं। गडकरी नए भारत के आदर्श नेता हैं और उन्होंने भविष्य को ध्यान में रखते हुए देश के बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया है। सिद्धार्थ कश्यप ने कहा कि, संगीतकार होने के नाते, मुझे यह सुनिश्चित करना था कि मैं समय यात्रा की भावनाओं को आत्मसात कर सकूं। 1857 से लेकर 1947 तक की समयावधि की पूरी यात्रा को प्रभावशाली ढंग से संगीत और भावनाओं के माध्यम से महसूस किया जाना था। इसके अलावा, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदानों के बारे में युवाओं में जागरूकता, हम मनोरंजन मीडिया के माध्यम से लाना चाहते थे।

    साहसिक और जादुई समय यात्रा कराती फिल्म

    उन्होंने आगे बताया कि, यह लघु फिल्म दर्शकों को समय-यात्रा अभियान पर ले जाती है,  जो उनके विचारों को समृद्ध करती है और उनमें एकता और सम्मान का पोषण करती है। यह काल्पनिक लघु फिल्म वर्तमान पीढ़ी के बच्चों के एक समूह को चित्रित करती है जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक क्षणों को देखने के लिए एक जादुई समय-यात्रा साहसिक यात्रा पर निकलते हैं।

    दिल के करीब एक अच्छा गाना- मोहित चौहान

    गायक मोहित चौहान ने लॉन्च के अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, इस वर्तमान पीढ़ी को आजादी जैसे गीत की बहुत आवश्यकता है। यह एक कठिन लेकिन रोमांचकारी अनुभव था क्योंकि यह गाना उन सभी ऐतिहासिक आंदोलनों को भावनात्मक रूप से जीवंत बनाने के बारे में है। समय यात्रा के समानांतर चल रहे उतार-चढ़ाव वास्तव में चुनौतीपूर्ण थे। मैंने इस प्रोजेक्ट का भरपूर आनंद लिया और यह गाना सबसे अच्छे गानों में से एक है जो मेरे दिल के बहुत करीब है।

    ‘बड़ी महंगी है ये आजादी’ गाने की हुक लाइन- शकील आज़मी

    गीतकार शकील आज़मी ने कहा कि यह गाना कई मायनों में अलग है। इस गीत को लिखना कठिन था क्योंकि इसमें ज्ञात और अज्ञात नायकों की भावनाओं को उनके नाम का उल्लेख किए बिना दर्शाया जाना था। यह गीत उन सभी लोगों के बलिदानों को सलाम करता है जिन्होंने स्वतंत्र होने के एकमात्र उद्देश्य के लिए अंग्रेजों के लगातार उत्पीड़न को सहन किया। यह गीत आज के युवाओं के लिए कड़ी मेहनत से अर्जित स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करता है। इसलिए ‘‘बड़ी महंगी है ये आजादी’’ गाने की हुक लाइन है।

    इतिहास के उदाहरणों, गीत और गायन ने बनाया जीवंत- अंशुल विजयवर्गीय

    निर्देशक अंशुल विजयवर्गीय ने कहा कि- आजादी ने मुझे आज किशोरों, युवाओं और वयस्कों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर दिया। एक लेखक और निर्देशक के रूप में, मैं अपने विचारों को कमजोर किए बिना इस लघु फिल्म को बनाने में सक्षम होने के लिए आभारी हूं। वीएफएक्स प्रभावों के साथ इतिहास के वास्तविक उदाहरणों को शक्तिशाली गीत और गायन द्वारा समर्थित स्क्रीन पर जीवंत बनाया गया है। इसके अलावा,  जो  वीडियो है वह  ऑडियो को सहजता से पूरा करता है, जिसमें मनोरम और कलात्मक रूप से तैयार किए गए शॉट्स और दृश्य हैं जो देखने में बहुत ही आकर्षक हैं।

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    Sat, 12 Aug 2023 19:32:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा से निलंबित, 5 सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर के मामले में हुई कार्रवाई https://acntimes.com/Aam-Aadmi-Party-MP-Raghav-Chadha-suspended-from-Rajya-Sabha https://acntimes.com/Aam-Aadmi-Party-MP-Raghav-Chadha-suspended-from-Rajya-Sabha एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लग है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिल पर पांच लोगों के फर्जी हस्ताक्षर किए जाने को लेकर की गई है। उन्होंने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने की बात कही है।

    आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा पर दिल्ली सेवा बिल पर पांच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप है। इसे लेकर उन्हें राज्यसभा से निलंबित कर दिया है। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने कहा है कि ‘मुझे इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजना फायदेमंद लगता है। 24 जुलाई, 2023 का निलंबन आदेश वर्तमान सत्र से आगे भी जारी रह सकता है जब तक कि परिषद को विशेषाधिकार समिति की सिफारिश का लाभ नहीं मिल जाता।’ बताया जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट आने तक सांसद चड्ढा निलंबित ही रहेंगे। इससे पहले सांसद संजय सिंह को भी निलंबित कर दिया गया था। वे अभी निलंबित चल रहे हैं। 

    पूरा INDIA एकजुट होकर लड़ेगा तानाशाह सरकार से

    राज्यसभा से निलंबन की कार्रवाई होने पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर कहा है कि- मोदी सरकार लोकतंत्र को आजाद करो। मोदी सरकार असंवैधानिक बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग तक को बंधक बनाने में लगी है। इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले सांसदों को निलंबित किया जा रहा है। लोकतंत्र को आजा करने और संविधान को बचाने के लिए पूरा INDIA एकजुट होकर तानाशाह सरकार से लड़ेगा।

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    Fri, 11 Aug 2023 16:34:22 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम के अनुराग चौरसिया और सोनाली परमार 15 अगस्त को यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस पर फहराएंगे तिरंगा https://acntimes.com/Ratlams-couple-will-hoist-the-tricolor-on-Mount-Elbrus https://acntimes.com/Ratlams-couple-will-hoist-the-tricolor-on-Mount-Elbrus एसीएन टाइम्स @  रतलाम । रतलाम के दंपति अनुराग चौरसिया और सोनाली परमार एक बार फिर इतिहास रचने के लिए आगे बढ़ चले हैं। वे 15 अगस्त को यूरोप महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस पर राष्ट्रीय ध्वत तिरंगा फहराएंगे। यह राष्ट्रीय ध्वज उन्हें मध्यप्रदेश शासन की ओर से स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने प्रदान किया है।

    एडवेंचर को जीवन का ध्येय बनाने वाले रतलाम के दंपति अनुराग चौरसिया और सोनाली परमार एक के बाद एक चैलेंज ले रहे हैं। इस बार उन्होंने यूरोपीय महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने का संकल्प लिया है। यह चोटी 5642 मीटर (18510 फीट) ऊंची है जिस पर इसी स्वत्रंत्रता दिवस (15 अगस्त) को तिरंगा फहराने का संकल्प है। ध्वज फहराने के साथ ही वे राष्ट्रगान गाकर सूर्य नमस्कार भी करेंगे। मध्यप्रदेश शासन की ओर से स्कूल शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार ने अनुराग और सोनाली को भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा प्रदान किया।

    पहले माउंट किलिमंजारों पर फहरा चुके हैं ध्वज

    दंपति स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 के लिए रतलाम के ब्रांड एम्बेसेडर हैं। इससे पहले यह जोड़ी अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहरा चुकी है। यह चोटी 5895 मीटर (19341 फ़ीट) ऊंची है। अनुराग और सोलानी ने यहां न सिर्फ राष्ट्रीय ध्वज फहराया वरन्, राष्ट्रगान गाया और सूर्य नमस्कार भी किया। ऐसा करने वाले ये भारत के पहले दंपति हैं।

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    Fri, 04 Aug 2023 16:02:39 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम में पला&पढ़ा था जयपुर&मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में ASI व यात्रियों पर गोली दागने वाला आरक्षक चेतनकुमार https://acntimes.com/Constable-Chetankumar-who-fired-in-Jaipur-Mumbai-Express-train-grew-up-in-Ratlam https://acntimes.com/Constable-Chetankumar-who-fired-in-Jaipur-Mumbai-Express-train-grew-up-in-Ratlam पिता के निधन के बाद RPF में अनुकंपा अनुकंपा नियुक्ति मिली थी

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में ASI और तीन पैसेंजर्स को गोली मारने वाले आरोपी RPF आरक्षक चेतन कुमार जाट का रतलाम कनेक्शन सामने आया है। चेतन को पिता के निधन के बाद RPF में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।

    आरोपी चेतन कुमार जाट 31 जुलाई की सुबह जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस (12956) के B5 कोच में RPF के ASI टीकाराम मीणा और 3 यात्रियों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपी फरार हो गया था लेकिन बाद में उसे बोरिवली में राइफल सहित गिरफ्तार कर लिया गया था। घटना की जांच RPF के ADG की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति द्वारा की जा रही है।

    मामला सामने आते ही आरपीएफ और पुलिस ने पतड़ताल शुरू की और चेतन की अगला-पिछला रिकॉर्ड खंगाल लिया। इसमें पता चला कि उसका परिवार करीब 11 साल पहले रतलाम में रहता था। पता किया गया तो परिवार के रतलाम शहर के अंबिकानगर में रहने की जानकारी मिली। इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र पुलिस मौके पर पहुंची और आस-पड़ौसियों से जाट परिवार के बारे में जानकारी जुटाई।

    हार्ट अटैक से हुआ था पिता का निधन

    पुलिस के अनुसार आरोपी चेतन के पिता बच्चूसिंह जाट रतलाम रेल मंडल में आरपीएफ में आरक्षक थे। ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से उनका निधन हो गया था। इसके बाद चेतन को अनुकंपा नियुक्ति मिली। इससे पहले उसकी स्कूली पढ़ाई भी रतलाम में ही हुई थी। पिता के निधन के वक्त वह हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी कर चुका था।

    मां मकान बेच कर चली गई थी हाथरस

    फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी होने से वह रेलवे की तरफ से खेलता भी था। इसी सिलसिले में वह कुछ दिन पूर्व ही रतलाम आया था। रतलाम उप रेंज के डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने एसीएन टाइम्स को बताया कि आरपीएफ आरक्षक बच्चूसिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी वर्ष 2011-12 में मकान आदि बेचकर मथुरा चली गईं थी।

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    Tue, 01 Aug 2023 13:35:21 +0530 Niraj Kumar Shukla
    चलटी ट्रेन में धांय&धांय : जयपुर&मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में RPF जवान ने दागी गोलियां, एक ASI सहित 4 लोगों की मौत https://acntimes.com/RPF-jawan-shot-in-moving-train-4-people-including-an-ASI-died https://acntimes.com/RPF-jawan-shot-in-moving-train-4-people-including-an-ASI-died एसीएन टाइम्स @ मुंबई । जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में आरपीएफ के एक जवान द्वारा गोली मारकर चार लोगों की हत्या करने का मामला सामने आया है। गोलीकांड में आरपीएफ के एक एएसआई और तीन यात्रियों की मौत होने की खबर है। आरोपी क हिरासत में ले लिया है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ट्रेन में गोलीबारी की घटना सुबह करीब 7 बजे महाराष्ट्र के पालघर में हुई। बताया जा रहा है कि जयपुर मुंबई एक्सप्रेस जब पालघर स्टेशन को पार ही किया था तभी आरपीएफ के जवान ने गोलियां दाग दीं। हमले के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन के दहिसर रेलवे स्टेशन के नजदीक पहुंचते ही आरोपी हमलावर ट्रेन के कूदकर फरार हो गया। बाद में मुंबई जीआरपी ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। उसका नाम चेतन सिंह बताया जा रहा है। आरोपी के पकड़े जाने की पुष्टि पश्चिम रेलवे सीपीआरओ ने की है।

    गोली आरपीएफ के जवान चेतन सिंह ने चलाई। घटना में आरपीएफ के एएसआई टीकाराम तथा तीन यात्रियों की मौत हो गई। सभी शवों को मुंबई के शताब्दी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया है।

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    Mon, 31 Jul 2023 09:15:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा ने जारी की नए पदाधिकारियों की लिस्ट, मध्य प्रदेश से कैलाश, सौदान और ओमप्रकाश को मिला स्थान , देंखें सूची... https://acntimes.com/BJP-President-Nadda-announced-the-National-Executive https://acntimes.com/BJP-President-Nadda-announced-the-National-Executive एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जतन प्रकाश नड्डा द्वारा शनिवार सुबह राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया। कार्यकारिणी में कैलाश विजयवर्गीय सहित मध्यप्रदेश से तीन नाम शामिल हैं।

    राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह के हस्ताक्षर से जारी सूची में 13 राष्ट्रीय उपाध्याक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री, 1 राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन), 1 राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री, 13 राष्ट्रीय सचिव, 1 कोषाध्यक्ष एवं 1 सह कोषाध्यक्ष शामिल हैं।

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    Sat, 29 Jul 2023 12:03:36 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अभी तक Income Tax Return नहीं भरा है तो हो जाएं सावधान ! 31 जुलाई के बाद देना होगी इतनी पेनल्टी और ब्याज https://acntimes.com/Be-careful-if-ITR-is-not-filled-penalty-and-interest-will-be-imposed-after-July-31 https://acntimes.com/Be-careful-if-ITR-is-not-filled-penalty-and-interest-will-be-imposed-after-July-31 एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई नियत है। अगर अब तक आपने रिटर्न फाइल नहीं किया है तो जल्द से जल्द कर दें वरना ब्याज और पेनल्टी देना पड़ सकती है। डेडलाइन के बाद रिटर्न फाइल करने पर 1 से 5 हजार रुपए तक पेनल्टी लगेगी।

    हर साल करदाता सोचते हैं कि इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन आगे बढ़ाई जाएगी, इसलिए डेडलाइन के पास आने पर ही रिटर्न फाइल करना ज़रूरी समझते हैं जिसके कई नुकसान हो सकते हैं। करदाताओं को यह समझना ज़रूरी है की जितना महत्वपूर्ण रिटर्न फाइल करना है उतना ही महत्वपूर्ण रिटर्न समय सीमा के अंदर रिटर्न फाइल करना भी है। वित्तीय वर्ष (FY) 2022-2023 यानी असेसमेंट वर्ष (AY) 2023-24 के लिए बिना किसी लेट फीस के इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख (डेडलाइन) 31 जुलाई 2023 नजदीक आ चुकी है। अब तक सरकार ने तारीख आगे बढ़ाने का कोई संकेत नहीं दिया है।

    ...तो देना होगी 1 से 5 हजार तक पेनल्टी

    सीए गरिमा सोनी के अनुसार यदि आप 31 जुलाई की डेडलाइन के बाद रिटर्न फाइल करते हैं तो इनकम टैक्स की धारा 234F के अंतर्गत आपको पेनल्टी का भुगतान करना होगा। यह 1 से 5 हजार रुपए तक हो सकती है।

    1. अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपए के अंदर है तो 1000 रुपए पेनल्टी देनी होगी।
    2. अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपए से अधिक है तो 5000 रुपए पेनल्टी लगेगी।

    ब्याज भी लगेगा और रिफंड क्लेम भी नहीं

    सीए सोनी ने बताया डेडलाइन के बाद रिटर्न दाखिल करने की स्थिति में इनकम टैक्स की धारा 234A के अंतर्गत 1% प्रति माह की दर से ब्याज का भुगतान भी करना होगा। इतना ही नहीं यदि आप 31 जुलाई तक रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आप रिफंड भी क्लेम नहीं कर पाएंगे और न ही लॉस को कैरी फ़ॉरवर्ड कर पाएंगे। अभी तक सरकार ने डेडलाइन आगे नहीं बढ़ाई है, पर दिल्ली में जलभराव की स्थिति और मणिपुर की स्थिति के मद्देनजर यदि डेडलाइन आगे बढ़ती है तो करदाताओं के हित में होगा। हालांकि, अभी तक इसे लेकर अनिश्चितता है।

    आखिरी तारीख का न करें इंतजार

    करदातों आखिरी तारीख का इंतज़ार न करें। नुकसान आपका ही होगा। प्रायः आख़िरी दिनों में इनकम टैक्स कि साइट पे हैवी ट्रैफ़िक की वजह से भी रिटर्न भरने में समस्या होती है। कभी साइट डाउन हो जाती है तो कभी स्लो। इसके कारण भय की स्थिति भी निर्मित हो जाती है, ख़ास कर उन करदाताओं में जिनको रिफंड क्लेम करना होता है। यानी जागरूक नागरिक बनें और यह याद रखें “अगर इंटरेस्ट और पेनल्टी से बचना है तो रिटर्न हमेशा डेडलाइन के पहले भरना है”।

    24 घंटे उपलब्ध है हेल्पडेस्क की सुविधा

    सीए गोपाल काकानी के अनुसार इनकम टैक्स विभाग के मुताबकि करदाताओं की सुविधा के लिए आईटीआर भरने, टैक्स भुगतान और इससे संबंधित अन्य सुविधाओं के लिए विभाग की हेल्पडेस्क 24 घंटे कार्य कर रही है। आप हेल्पडेस्क पर कॉल करके, लाइव चैट करके, वेबेक्स सेशन के द्वारा अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से मदद प्राप्त कर सकते हैं। ये सभी सुविधाएं 31 जुलाई 2023 तक उपलब्ध होंगी। शनिवार और रविवार को भी यह मिलेगी।

    अब तक 5.36 करोड़ से ज्यादा ITR दाखिल

    बता दें कि, 28 जुलाई तक 5 करोड़ 35 लाख 80 हजार 937 ITR भरे जा चुके हैं। पिछली बार के मुकाबले यह यह आंकड़ा 28 जुलाई के पहले ही पार हो चुका है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह स्थिति 31 जुलाई 2022 को बनी थी। इस साल अब तक दाखिल हुए ITR से 4 करोड़ 70 लाख 85 हजार 595 आईटीआर को ई-वेरिफाई भी हो चुके हैं। वेरिफाई किए गए हैं ITR में से 2 करोड़ 99 लाख 96 हजार 014 आईटीआर की प्रोसेसिंग की जा चुकी है। रिटर्न का यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

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    Sat, 29 Jul 2023 09:32:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम के आतंकी पुणे में बाइक की चोरी करते गिरफ्तार, जयपुर दहलाने की रची थी साजिश https://acntimes.com/Ratlam-terrorists-arrested-for-stealing-bike-in-Pune https://acntimes.com/Ratlam-terrorists-arrested-for-stealing-bike-in-Pune एसीएन टाइम्स @ पुणे / रतलाम । महाराष्ट्र पुलिस ने पुणे में रतलाम के दो फरार आतंकियों सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों बाइक चुराते पड़े गए हैं। इनमें से रतलाम निवासी दोनों आतंकी जयपुर दहलाने की साजिश रचने के आरोपी हैं जिनमें से एक इमरान चरमपंथी संगठन सूफा का सदस्य होकर साजिश का मास्टर माइंड है। इनके रतलाम ठिकाने पर मंगलवार को ही एनआईए की टीम ने दबिश दी थी।

    पुलिस के अनुसार पुणे के कोथरूड इलाके में बाइक चुराते पकड़े गए आरोपियों में इमरान खान, फिरोज खान और मोहम्मद यूनुस शामिल हैं। उनके पास से चार मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक कारतूस जब्त हुआ है। पुलिस आरोपियों से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटा रही है। इधर, बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र पुलिस द्वारा रतलाम के आतंकियों को एनआईए के हवाले किया जा सकता है।

    मार्च 2022 में हुआ था साजिश का खुलासा

    बता दें कि, 30 मार्च 2022 को राजस्थान के निम्बाहेड़ा में कुछ संदिग्धों को विस्फोटक के साथ गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों में अल्तमस पिता बशीर खां शेरानी निवासी शेरानीपुरा रतलाम, सैफुद्दीन उर्फ सैफुल्लाह पिता रमजानी निवासी रतलाम और जुबेर पिता फकीर मोहम्मद निवासी आनंद कॉलोनी रतलाम शामिल थे। इनके पूछताछ में पता चला था कि रतलाम निवासी इमरान खान इसका मास्टर माइंड है जो चरमपंथी संगठन सूफा का प्रमुख है। बाद में इमरान, अमीन खान उर्फ अमीन फावड़ा, मोहम्मद अमीन पटेल, मजहर खान को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। तब से एनआईए, एटीएस और स्थानीय पुलिस लगातार आरोपियों से जुड़े सूत्रों पर नजर रख रही है। मंगलवार को एनआईए की टीम ने रतलाम में दबिश देकर आरोपी इमरान के फार्म हाउस पर नोटिस भी चिपकाए थे।

    यह भी पढ़ें :  NIA In Ratlam : सूफा आतंकियों की संपत्ति जांचने रतलाम पहुंची राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम  

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    Wed, 19 Jul 2023 11:25:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    व्यंग्य : सहमे पौधे का सेटलमेंट& आशीष दशोत्तर https://acntimes.com/Satire-Settlement-of-a-scared-plant-Ashish-Dashottar https://acntimes.com/Satire-Settlement-of-a-scared-plant-Ashish-Dashottar आशीष दशोत्तर

    बारिश की आहट के साथ सड़क के किनारे बेरहमी से रखा गया पौधा इस बात से प्रसन्न था कि उसे नया जीवन मिलने जा रहा है। वह नई ज़मीन से जुड़ेगा। उसका तो जीवन ही बदल जाएगा। धीरे-धीरे वह कितना बड़ा हो जाएगा। उसके फूलों को देख लोग प्रसन्न होंगे, तितलियाँ इठलाएँगी। बच्चे फल खा कर खुश होंगे। पौधा प्रसन्नता के सागर में यूँ ही टहलता रहता यदि उसका ध्यान कोई विचलित न करता। 

    पौधे को सपनों के सागर से हकीक़त की ज़मीन पर लाने वाला और कोई नहीं बल्कि एक पेड़ ही था। दरअसल, यह पेड़ भी नहीं था। यह कभी पेड़ हुआ करता था। अभी जो पौधे से मुखातिब था वह पेड़, पेड़ न होकर पेड़ की आत्मा थी। 

    पेड़ यानी पेड़ की आत्मा ने पौधे से कहा, ‘‘किस खयाल में हो बच्चू ? बड़े प्रसन्न दिखाई दे रहे हो ?’’ 

    ‘‘तुम्हें इससे क्या ? देखते नहीं, मुझे नया जीवन मिलने जा रहा है। भले ही अभी मुझे यहां बेरहमी से पटका गया है, लेकिन मुझे जल्द ही नई ज़िन्दगी मिलने वाली है।’’ पौधे ने इठलाते हुए कहा। 

    पेड़ की आत्मा बोली, ‘‘अच्छा तुम्हें ज़मीन में रोप भी दिया गया तो इसकी क्या गारंटी है कि तुम जीवित रहोगे ही ? यदि जीवित रहने के लिए तुमने कोई जुगाड़ कर भी लिया तो तुम बच जाओगे, यह तुम कैसे कह सकते हो ?’’

    पौधा विस्मयभरी नज़रों से उसे देखते हुए बोला, ‘‘तुम बहुत ही निराशावादी हो। अरे, जो मुझे रोपेगा, वही मुझे जीवित रखेगा और मेरी रक्षा भी वही तो करेगा। आखिर मैं भी उसे बहुत कुछ दूँगा। हवा, पानी, ऑक्सीजन...।’’ 

    आत्मा बोली, ‘‘अच्छी सोच है तुम्हारी। मग़र यह सोच हकीकत में कभी बदलेगी भी ?’’ क्या तुम्हें यकीन है कि तुम्हारा जीवन लम्बा होगा ?’’ 

    पौधा आत्मविश्वास को मजबूत कर बोला, ‘‘बिल्कुल। मैं दीर्घजीवी तो बनूंगा ही, मुझे रोपने वाले मुझ पर नाज़ करेंगे’’ 

    पेड़ की आत्मा जोर से हँस पड़ी, ‘‘खूब लम्बी सोच रखी है तुमने ? यहाँ तो इंसान को खुद कल का पता नहीं रहता है और तुमने इंसान के दम पर अपनी फ्यूचर प्लानिंग कर ली ?’’ 

    पौधा बोला, ‘‘यह प्लानिंग नहीं, आत्मविश्वास है। कोई इतना विश्वासघाती नहीं होता कि इतना कुछ देने वाले को यूं ही काट दे।’’

    आत्मा को पौधे के आत्मविश्वास पर गर्व भी हुआ और दया भी आई। वह बोली कुछ नहीं मग़र पौधे को गौर से देखती रही। उसे अपने दिन याद आने लगे। कभी उसमें भी ऐसी ही उमंग थी। कितने सपने संजोये थे, मग़र सब के सब धराशायी हो गए। पौधा बोला, ‘‘क्या सोच रहे हो ?’’ 

    आत्मा ने कहा, ‘‘सोच रहा हूँ, तुम्हारी बातें फलें। तुम्हें लम्बा जीवन मिले।’’ 

    पौधा कहने लगा, ‘‘तुम्हें कोई शक है ?’’ 

    आत्मा बोली, ‘‘शक नहीं, यकीन है। तुम आज इंसान की नज़र के नूर हो मग़र कल उसकी नज़र से बहुत दूर हो जाओगे।’’ 

    पौधा कहने लगा, ‘‘मुझे इंसानों पर गर्व है। वही मुझे रोप रहा है, वही मुझे संभालेगा।’’ 

    आत्मा से अब रहा नहीं गया वह बोली, ‘‘किस दुनिया में जी रहे हो बच्चू ? यहाँ सिर्फ पौधों को रोपते हुए फोटो खिंचवाने का रिवाज है। बाकी आगे का सेटलमेंट पौधे को ही करना होता है। और फिर तुम्हारी स्थिति तो और भी विकट है, ठीक मेरे जैसी।’’ 

    पौधे ने पूछा, ‘‘विकट कैसे ?’’ 

    आत्मा बोली, ‘‘तुम्हें इंसानों से भरे इलाके में जो रोपा जा रहा हैं।’’ 

    पौधा बोला, ‘‘यह तो खुशी की बात है। इस बहाने मुझे पानी मिलता रहेगा। ये लोग मेरी रक्षा करेंगे।’’ आत्मा ने इस बार जोरदार ठहाका लगाया। वह बोली, ‘‘तुम सचमुच बहुत ही भोले हो। मुझे देख रहे हो। मैं भी कभी तुम्हारी तरह ही था। मुझे भी इसी तरह इंसानों के इलाके में रोपा गया था। मैंने बहुत कुछ सहा। बहुत कुछ दिया।’’ 

    ‘‘फिर क्या हुआ ?’’ पौधे ने पूछा। 

    ‘‘अभी कुछ समय पहले मुझे बड़ी बेरहमी से काट दिया गया।’’ आत्मा बोली। 

    ‘‘क्यों ?’’ पौधे ने पूछा 

    ‘‘मैं विकास में रोड़ा जो बन गया था।’’ आत्मा ने अपने आप को संभालते हुए कहा। 

    ‘‘रोड़ा कभी पेड़ भी हो सकता है, भला ? वह तो सभी को शुद्ध हवा, पानी, वातावरण देता है। वह किसी को कैसे परेशान करेगा ?’’ पौधा बोला। 

    आत्मा बोली, ‘‘तुमने ठीक कहा , मग़र इंसान इन बातों को समझता कहाँ है ?’’

    पौधे ने पूछा, ‘‘क्या हम उनको ऐसा समझा नहीं सकते ?’’ 

    आत्मा बोली, ‘‘यह तुमने ठीक कहा। मैंने भी उस वक़्त चीख-चीख कर सबको समझाया था। किसी ने एक न सुनी। सब कहने लगे शहर की व्यस्त सड़क के किनारे खड़े इस पेड़ को हटा दिया जाए तो यातायात व्यवस्थित हो जाएगा। तत्काल नई सड़क बनाने की योजना बन गई। मुझे एक दिन में काट दिया गया।’’ 

    पेड़ की बातें सुन पौधा पहली बार रूआंसा हुआ। वह बोला, ‘‘इंसानों के बीच उगने में वाकई हम पौधों को ख़तरा है।’’

    पेड़ की आत्मा पौधे को ‘‘बेस्ट ऑफ लक’’ कहते हुए जाने लगी तो पौधा सोच रहा था, उसे कोई रोपे ही नहीं तो ही बेहतर है। 

     (लेखक के पुरस्कृत व्यंग्य संग्रह 'मोरे अवगुन चित में धरो' से) 

    आशीष दशोत्तर

    रतलाम

    मो. नं. – 9827084966

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    Tue, 18 Jul 2023 11:24:18 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पहली बार अनूठा प्रयास : टैक्स क्लीनिक में होगा करदाताओं की ई&रिटर्न व कर सबंधी समस्या व जिज्ञासा का समाधान, जानिए& कब और कहां मिलेगी सुविधा https://acntimes.com/Tax-clinic-will-open-in-Ratlam-know-when-and-where https://acntimes.com/Tax-clinic-will-open-in-Ratlam-know-when-and-where एसीएन टाइम्स @ रतलाम । इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (CIRC) की रतलाम शाखा द्वारा अनूठी पहल की गई है। ब्रांच द्वारा 13 और 14 जुलाई को आईसीएआई की प्रत्यक्ष कर समिति द्वारा ‘टैक्स क्लिनिक’ खोला जा रहा है। यहां करदाताओं की ई-रिटर्न सहित कर संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

    आईसीएआई की सीआईआरसी की रतलाम शाखा के अनुसार टैक्स क्लीनिक रतलाम ब्रांच के न्यूज रोड स्थित रतलाम प्लाजा की तीसरी मंजिल पर रहेगा। यहां दोनों दिन सुबह 11:00 से शाम 06:00 बजे तक आयकर संबंधी समस्याओं और जिज्ञासाओं का निःशुल्क समाधान किया जाएगा। आयकर विभाग (आयकर निदेशालय) के पीआर एवं पीएंडपी द्वारा समर्थित इस दो दिनी टैक्स क्लीनिक का शुभारंभ आयकर अधिकारी (आईटीओ) राजेंद्र देवल के विशेष आतिथ्य में होगा। ब्रांच की ओर से सभी सदस्यों से उपस्थित रहने की अपील की गई है। बता दें कि, इस तरह के टैक्स क्लीनिक की व्यवस्था पहली बार हो रही है। यह 13 और 14 जुलाई को देश के 168 शहरों में खुलेंगे।

    टैक्स क्लीनिक का उद्देश्य

    1. कर जागरूकता फैलाना।
    2. कर अनुपालन को बढ़ावा देना।
    3. ई-आईटीआर भरने से सबंधी जिज्ञासाओं का समाधान।
    4. आम करदाता की सहायता करना।

    नोट : टैक्स क्लिनीक में आईटीआर दाखिल नहीं किया जाएगा। यह आम करदाताओं को केवल आईटीआर फाइलिंग के लिए परामर्श दिया जाएगा।

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    Thu, 13 Jul 2023 00:30:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    महिला अधिकार, सुरक्षा और समाज : सोच नहीं बदली तो सिर्फ एक शब्द बनकर रह जाएगा ‘परिवार’ https://acntimes.com/Womens-rights-security-and-society-Garima-Soni https://acntimes.com/Womens-rights-security-and-society-Garima-Soni गरिमा सोनी 

    16 दिसंबर, 2012 में हुए दिल्ली के निर्भया रेप केस के बाद मुझे जब-जब मौका मिला, मैंने हर बार महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा की बात की है। गहराई से जब-जब सोचती हूँ, एक डर सा लगता है कि यह कैसा दौर है..., इतनी हैवानियत कहां से आती है ? वैसे बात सिर्फ इस दौर की नहीं है। द्रौपदी, सीता, या फिर निर्भया और अंकिता, शायद ही ऐसा कोई दौर हुआ होगा जब महिलाओं के प्रति समाज का रवैया पूरी तरह ठीक रहा होगा। पर आज मैं समाज के नहीं बल्कि महिलाओं/लड़कियों के रवैये की बात करने वाली हूँ। 

    समय के साथ महिलाओं की सुरक्षा का तो नहीं पता, पर शिक्षा का स्तर ज़रूर बदला है। अब महिलाओं को पढ़ने और नौकरी करने में पहले की तुलना में ज़्यादा रोक-टोक नहीं होती है। महिलाएँ आज अपने अधिकारों को जानती हैं और अपने अधिकारों के लिए लड़ती भी हैं। आज महिलाओं की अपनी सोच, अपने विचार और अपने सपने भी हैं। 

    सपनों से याद आया, ज़्यादातर लड़कियाँ बचपन से ही अपनी शादी का सपना देखती हैं। कैसा लड़का होगा ? कैसी शादी होगी ? पहले के समय में यह चिंता होती थी कि ससुराल में कैसे अपने फ़र्ज़ निभाऊंगी ? आज चिंता होती है प्री-वेडिंग शूट कहां करूंगी ? शादी धर्मशाला में होगी या किसी अच्छी डेस्टिनेशन पर ? शादी के बाद घूमने कहां जाएंगे...? अगर इंडिया में गए तो उस फ्रैंड को क्या मुंह दिखाऊंगी जो अपने पति के साथ मालदीव्स गई थी...? चलो भले ही इंडिया में चली जाऊंगी पर कम से कम फ्लाइट में तो ले जाए हसबैंड, ताकि मायके में इज़्ज़त रह जाए। आपको जान के आश्चर्य होगा कि यह लिस्ट यही नहीं रुकती। करवा चौथ पे क्या मिलेगा ? फर्स्ट एनिवर्सरी कहां मनाएं ? ऐसे सवालों और जिज्ञासाओं की लंबी फेहरिश्त है। 

    क्या अपने सपनों की लिस्ट होना कोई बुरी बात है ? बिल्कुल नहीं, हर इंसान के सपने होने चाहिए क्योंकि हमारे सपने ही हमारे जीने का मकसद बन जाते हैं। बस एक बात समझ में नहीं आती... जब सपने आपके हैं तो कोई और क्यों उन्हें पूरा करे ? अपनी खुशियों और ख्वाइशों के बीच का फ़र्क हम क्यों भूल जाते हैं ? मेरा मतलब यह नहीं है कि हसबैंड को वाइफ़ के लिए कुछ नहीं करना चाहिए। मतलब सिर्फ इतना है कि अपने सपनों का बोझ अपने पापा या पति पे नहीं डालना चाहिए। कौन पति जानबूझ कर बीवी को दुखी रखना पसंद करेगा ? कौन पिता अपनी बेटी की शादी अच्छी नहीं करना चाहेगा ? पर लड़कियों को समझना ज़रूरी है कि मूवीज़ में जो शादियाँ और मैरिड लाइफ दिखाते हैं, वो वास्तविकता नहीं है। अगर अपने अधिकार के लिए लड़ने में सक्षम हो तो अपनी ज़िम्मेदारियों को भी निभाओ। अगर कुछ पाने की इच्छा रखती हो तो कुछ खोने की भी हिम्मत रखो। 

    मेरी सभी लड़कियों से रिक्वेस्ट है कि शादी को कोई जैकपॉट या लॉटरी न समझें। शादी को ३-४ दिन का इवेंट समझना बंद करें। शादी को कोई जादू मत समझें, बल्कि परिवार को बांध के रखने की एक खूबसूरत ज़िम्मेदारी मानें। अपने सपनों को पूरा करने में अगर किसी घर के, किसी माँ-बाप के, किसी बेटे के सपने तोड़ दिए तो भले ही आपको खुशी मिल जाए पर साथ में एक शर्मिंदगी भी मिलेगी जो आपको आपकी खुशियों से दूर कर देगी। 

    मैं नहीं बोल रही हूँ कि ज़ुल्म सहो, मन मारते रहो, त्याग की देवी बन जाओ। सिर्फ इतना मानना है कि शादी अच्छी करने से ज़्यादा शादी को अच्छे से निभाने की कोशिश करो। रील्स में अच्छे दिखने से ज़्यादा रियल में अच्छे रहने पे फोकस करो और फिर देखो क्या मज़ा आता है परिवार के प्यार का।

    यह जो भी बोला है, वो सब हर लड़की के लिए नहीं है। बस यह उनके लिए है जो दिखावे में उलझ कर अपने रिश्ते ही उलझा लेती हैं। फिर उन्हें ना किसी के साथ रहके शांति मिलती हैं और ना अकेले रह के। समाज सोच से बनता है और बढ़ता है, लड़कियों को अपनी सोच सही करने की बहुत ज़रूरत है, वरना परिवार शायद केवल एक शब्द ही रह जाएगा।

    (गरिमा सोनी पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं, लेखिका, ब्लॉगर हैं। मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के साथ ही यूथ आईकॉन पुरस्कार से पुरस्कृत हैं और "LIFE SIMPLIFIED" पुस्तक की लेखिका हैं।)

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    Mon, 10 Jul 2023 01:44:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मोदी & बाइडेन का ऐतिहासिक मिलन एवं योग का अद्भुत संयोग & विष्णुदत्त शर्मा https://acntimes.com/Modi-Bidens-historical-meeting-and-amazing-combination-of-yoga-Vishnudutt-Sharma https://acntimes.com/Modi-Bidens-historical-meeting-and-amazing-combination-of-yoga-Vishnudutt-Sharma वी. डी. शर्मा

    यूं तो अनादिकाल से ही योग भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। किसी भी धार्मिक अथवा आध्यात्मिक साधना की सिद्धि से पूर्व योगाभ्यास द्वारा शरीर को साधने का कार्य योग द्वारा किया जाता है। महर्षि पतंजलि सहित अनेक योग शास्त्रियों ने योग के सरलीकरण का महनीय कार्य किया, ताकि आमजन मानस के लिए योग सुलभ हो सके। वर्तमान कालखण्ड में भारत के गौरव की यश-पताका को निरन्तर विश्व में लहराने वाले यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने इस भारतीय ज्ञान-मनीषा को समूची दुनिया में लोकप्रिय एवं नवीन पहचान दिलाने का कार्य किया है।

    यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आज पूरा विश्व योग के साथ ही भारत के वैभव और निरंतर प्रगति की मुक्त कंठ से प्रशंसा कर रहा है। कोरोना रूपी विभीषिका में प्रधानमंत्री जी एवं भारत की निर्णायक भूमिका ने तो पूरे विश्व को सम्मोहित कर दिया। निराशा और अवसाद से भरे विश्व के लिए योग एवं आयुर्वेद रामबाण औषधि बनकर उभरे। यह सिद्ध हो गया कि अथाह ज्ञान एवं विज्ञान के गूढ़तम रहस्यों से भरा हिन्दू धर्म दर्शन दुनिया की सबसे सम्पन्न एवं समृद्ध परम्परा का वाहक है। यही कारण है कि लगभग 5000 वर्ष पुराने योग की प्रासंगिकता मोदी जी के सदप्रयासों के परिणामस्वरुप रोजमर्रा के करणीय कार्यों की भांति ही बढ़ गई है। सोचिए दूरद्रष्टा प्रधानमंत्री जी के अभिनव प्रयासों के द्वारा योग एवं आयुर्वेद के साथ-साथ भारतीय प्राचीन विज्ञान के नवीनीकरण की असंख्य संभावनाएं जागी हैं। कितने रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। भारत का प्रभाव कितना बढ़ा है। ये सभी तथ्य प्रासंगिक एवं चर्चा का केंद्र हो सकते हैं।

    पतंजलि दर्शन के अनुसार, योगः चित्त वृत्ति निरोधः' अर्थात- चित्त की वृत्तियों का निग्रह  ही योग कहलाता है। प्राय: विद्वान इसके अर्थ एवं भूमिका को 'जाकी रही भावना जैसी' के अनुरूप देखते रहे हैं। अगर योग के शाब्दिक अर्थ कि बात करें तो योग संस्कृत भाषा के 'युज' धातु से बना है जिसका अर्थ है जोड़ना। इसके आध्यात्मिक दर्शन के पक्ष पर जाने से पता चलता है कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का माध्यम ही योग है।

    प्राय: वैदिक परम्परा के अनेक विद्वान हमारे द्वारा किए जा रहे योग की क्रियाओं को सम्पूर्ण योग न मानते हुए इसे अंश मात्र मानते हैं। अनुलोम-विलोम एवं किये जाने वाले कुछ शारीरिक अभ्यास से परे भी योग का एक व्यापक क्षेत्र है। उनके अनुसार योग के माध्यम से तमाम शारीरिक एवं आध्यात्मिक क्रियाओं द्वारा मन और मस्तिष्क को नियंत्रित करके व्यक्ति ईश्वरीय तत्व को प्राप्त कर सकता है। साथ ही ऐसा करने वाले के लिए कुछ भी असाध्य नहीं बचता। वह जितेन्द्रिय एवं समाधि की उच्च अवस्था को भी प्राप्त कर लेता है।

    कला और विज्ञान के अद्वितीय समावेश, योग की लोकप्रियता का यह उत्कर्ष कालखण्ड है। यही कारण है कि 27 सितम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा गया। 21 जून उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लम्बा दिन बताया जाता है जिसका दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विशेष महत्व है। इसीलिए दूरदर्शी प्रधानमंत्री जी ने योग दिवस के लिए 21 जून की तिथि का चयन किया। केवल 75 दिनों के छोटे से कालखण्ड में ही 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रस्ताव 69/131 के माध्यम से  21 जून को "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मनाने की घोषणा की।

    इस पूरे घटनाचक्र के बीच 193 सदस्य देशों में से 177 देशों ने ना केवल इस प्रस्ताव का समर्थन किया, अपितु इसे सह-प्रायोजित भी किया। 2015 से शुरू हुआ योग दिवस रूपी उत्सव अपने 9वें सोपान तक पहुंचते-पहुंचते भव्य महोत्सव के रूप में आकार ले चुका है। जहां 180 से अधिक देश मोदी जी की अगुवाई में एक साथ योग करेंगे। समूचे देश के लिए गौरव की अनुभूति इसलिए भी विशेष है क्योंकि भारतीय वैदिक परम्परा के अद्वितीय सामर्थ्य, योग को प्रधानमंत्री जी के भगीरथ प्रयासों द्वारा भारत ही नहीं विश्व के अनेक देशों में घर-घर तक पहुंचाया जा चुका है। ये कहना भी अनुचित नहीं होगा कि योग नियमित दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।

    आज भारत समूचे विश्व में एक महान लोकतंत्र एवं आधुनिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर कर सामने आया है, जो न्याय, विश्व शान्ति, सद्भाव, परस्पर सहयोग, पर्यावरण सन्तुलन एवं समग्र विकास हेतु अपने उत्तरदायित्वों के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ सतत रूप से कार्य कर रहा है। लोकप्रिय प्रधानमंत्री मोदी जी की नीतियों एवं राजनैतिक सूझ-बूझ का ही नतीजा है कि स्वयं को सुपर पॉवर मानने वाला अमेरिका आज भारतीय प्रधानमंत्री के स्वागत में पलक-पांवड़े बिछाकर स्वागत करने हेतु लालायित है। वैश्विक स्तर पर तेजी से बदले समीकरणों के कारण स्वयं अमेरिका अपने हितों की रक्षा हेतु भारत के सन्मुख आशान्वित नज़रों से देख रहा है।

    भारत-अमेरिका सहयोग की दिशा में इस यात्रा का महत्व वर्तमान समय में अत्यन्त महत्वपूर्ण है। जिसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 1997 के बाद किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का अमेरिका का यह पहला आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा होगा। देश को इस यात्रा से अनेकों उम्मीदें हैं। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन एवं उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण नेताओं एवं विभिन्न औद्योगिक कम्पनियों के सीईओ से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करेंगे। इस वैचारिक मेल-मिलाप के माध्यम से विभिन्न व्यापारिक सौदों एवं सामरिक हित के आवश्यक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया जाना है। यह हम सभी देशवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण है। क्योंकि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री दूसरी बार अमेरिकी संसद को संबोधित करेगा।

    प्रधानमंत्री जी की अमेरिकी यात्रा के दौरान विश्व की दो महत्वपूर्ण शक्तियों का मिलन, दोनों देशों के अतिरिक्त अनेक समस्याओं से ग्रस्त विश्व के लिए भी उम्मीद की किरण जैसा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कालखंड में पूरे विश्व को भारत से अनेक आशाएं हैं। भारत इन सभी समस्याओं के समाधान करने हेतु सक्षम और समर्थ भी है। इस योग दिवस के सुअवसर पर यह कामना करते हैं कि विभिन्न आपदाओं से घिरे हुए विश्व की विभिन्न समस्याओं का समाधान इस योग दिवस के दुर्लभ संयोग में प्राप्त हो और योग के माध्यम से हम सभी आरोग्य एवं सम्पन्नता को प्राप्त करें।

    वर्तमान समय अनेक चुनौतियों से निपटने का है। ऐसे अवसर पर हम सभी राष्ट्र निर्माण के पुनीत कार्य में सतत संलग्न मॉ भारती के सच्चे उपासक मोदी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर साथ दें, ताकि विश्वगुरु भारत का यश व सम्मान सदैव अक्षुण्ण बना रहे।

    (लेखक भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद है)

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    Wed, 21 Jun 2023 02:07:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    आप भी बनिए आम नागरिकों के लिए ‘बदलाव का नायक’, आज ही जुड़ें ‘पत्रिका जनप्रहरी’ अभियान से ताकि ‘स्वच्छ रहे राजनीति’ https://acntimes.com/Joining-Patrika-Jan-Prahari-Campaign-and-be-the-hero-of-change https://acntimes.com/Joining-Patrika-Jan-Prahari-Campaign-and-be-the-hero-of-change एसीएन टाइम्स @ रतलाम । राजनीति हो, समाज हो या आचरण, इनमें सुचिता आने की बात तो सभी करते हैं लेकिन इसे लाने के लिए हमें ही आगे आना होगा। आप भी इसमें सहभागिता कर सकते हैं आम नागरिक के ‘बदलाव का नायक’ बन कर। आप ऐसा पत्रिका जनप्रहरी अभियान से जुड़ कर सकते हैं ताकि समाज और आचरण के साथ ही हमारी राजनीति भी स्वच्छ रहे।

    पत्रिका का जनप्रहरी अभियान बदलाव के नायकों के लिए एक ऐसा मंच है जो उन्हें राजनीति और समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाएगा। यह अभियान प्रणालीगत तरीके से ऐसे व्यक्तियों को चुनेगा एवं प्रशिक्षण देगा, जो देश में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। अभियान का ध्येय सक्रिय नागरिकों की भागीदारी से ऐसे नेतृत्व का निर्माण करना है जो स्वच्छ, समावेशी और प्रशिक्षित हो। पत्रिका का जनप्रहरी अभियान 2018 से चले आ रहे चेंजमेकर्स अभियान का ही नया रूप है।

    ऐसे करें सहभागिता

    इस अभियान से जुड़ने के लिए आप दो प्रकार से आवेदन कर सकते हैं। 1. जनप्रहरी की भूमिका में या 2. अभियान सहयोगी के रूप में। जनप्रहरी के तौर पर नामांकन के लिए आप सही पात्रों को प्रेरित भी कर सकते हैं जो इस अभियान को आगे बढ़ाने में हमारे और आपके मददगार होंगे। इसके लिए कोई बड़ी प्रक्रिया से नहीं गुजरना है और न ही कोई बड़ा जोखम भरा काम ही करना है। आपको सिर्फ https://janprahari.patrika.com/ पर विजिट करना है और इसमें दर्शाए गए आवेदन को पूरा कर सबमिट करना है। यदि आप का ध्येय भी पत्रिका की ही तरह राष्ट्र की बेहतरी के यज्ञ में आहुति देना है तो फिर देर किस बात की, ऊपर दी गई लिंक पर क्लिक करिए और आज ही आवेदन करिए। बदलाव के नायक बनें, स्वच्छ नेतृत्व की मिसाल बनें।

    2 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

    राजनीति की स्वच्छता के महायज्ञ में आहुति के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह 2 जुलाई 2023 तक चलेगी। जनप्रहरी अभियान से जुड़ी अपडेट पाने के लए आप @patrikafoundation और @rajasthanpatrika को सोशल मीडिया पर फॉलो भी कर सकते हैं।

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    Tue, 13 Jun 2023 01:33:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अडानी समूह की शिकायत का असर : आईनॉक्स विंड हो सकती है ब्लैक लिस्टेड, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने दी कार्रवाई की चेतावनी https://acntimes.com/Effect-of-Adani-Groups-complaint-Inox-Wind-may-be-blacklisted https://acntimes.com/Effect-of-Adani-Groups-complaint-Inox-Wind-may-be-blacklisted एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आईनॉक्स विंड को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) ने ब्लैक लिस्टेड करने की चेतावनी दी है। ऐसा अडानी समूह द्वारा की गई शिकायत के चलत हुआ है। सीईए ने आगाह किया है कि यदि 15 जून तक आईनॉक्स विंड द्वारा परीक्षण पूरे नहीं किए जाते हैं तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। 

    द हिंदू के बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) द्वारा गत 18 मई को नई स्थापित हुई विंड टर्बाइनों की 'पहली बार चार्जिंग' को लेकर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई गई थी। इसमें अडानी समूह ने आईनॉक्स की मशीनों के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायतों में गैर-अनुपालन की बात सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उक्त बैठक में भाग लेने वाले एक व्यक्ति द्वारा जानकारी दी गई है कि विंड टर्बाइन लगाने वाली ऊर्जा कंपनियों से अनुकरण परीक्षण की अपेक्षा की जाती है।

    जानकारी के अनुसार, इस परीक्षण में यह पता किया जाता है कि ऑपरेशन के दौरान टर्बाइन कैसे व्यवहार करेंगी। मूल रूप से परीक्षण अधिकतर हार्मोनिक्स और प्रतिक्रियाशील शक्ति को दिखाने के लिए किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि मशीनें ग्रिड में इंजेक्ट करेंगी या नहीं। टर्बाइन की कार्यप्रणाली ग्रिड में कोई व्यवधान तो उत्पन्न नहीं करेगी। उक्त परीक्षण बाद एक रिपोर्ट करना होगी। इस के आधार पर ही सीईए द्वारा मशीनों को चालू करने की अनुमति दी जाएगी। इसके चलते ही शिकायतें सुनने के बाद सीईए ने यह फैसला सुनाया कि आईनॉक्स विंड टर्बाइन परीक्षण 15 जून तक यदि पूरा नहीं होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

    दावा 12 जून का, संदेह 4 हफ्ते का

    आईनॉक्स के प्रतिनिधियों द्वारा सीईए को आश्वासन दिया गया था कि परीक्षण पूरा कर सारा डेटा 12 जून तक तैयार हो जाएगा। अडानी समूह को इस पर संदेह है। समूह के अनुसार आईनॉक्स को सभी परीक्षण करने और रिपोर्ट आने में कम से कम चार सप्ताह का समय लग सकता है।

    एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी से मिला ऑर्डर

    आईनॉक्स विंड गुजरात के आईनॉक्सजीएफएल समूह का एक घटक है। यह समूह रसायन, विंड टर्बाइन निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में सक्रिय है। यह तीन रूपों में 2 मेगावाट क्षमता की विंड टर्बाइन का निर्माण करती है। आईनॉक्स विंड को अपनी सहायक कंपनी, आईनॉक्स ग्रीन एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड ने  एक विंड एनर्जी डेवलपर के साथ नवंबर 2022 में आईपीओ के माध्यम से ₹740 करोड़ रुपए जुटाए थे। आईनॉक्स विंड को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी से भारी मात्रा में विंड टर्बाइन बनाने का ऑर्डर मिला है।

    इस वर्ष 500 मेगावाट का लक्ष्य

    आईनॉक्सजीएफएल समूह के कार्यकारी निदेशक देवांश जैन की हाल ही में एक चर्चा विश्लेषकों के साथ हुई थी। इसमें उन्होंने बताया था कि "मुझे इस वित्तीय वर्ष में आईनॉक्स विंड के लाभदायक होने का पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा है कि कंपनी का इस साल टर्बाइन की क्षमता कम से कम 500 मेगावाट करने का लक्ष्य है। जैन के इस भरोसे के पीछे आईनॉक्स विंड को प्रवर्तकों से ₹623 करोड़ का निवेश प्राप्त होना बताया जा रहा है। कंपनी इसका उपयोग कर्ज चुकाने और वित्त लागत को कम करने के लिए किया है। कंपनी 3.3 मेगावाट की मशीन पेश करने की भी तैयारी कर रही है। कंपनी में विंड एनर्जी के कारोबार में सक्रिय सादा वैनिला होल्डिंग कंपनी को विलय किया जा रहा है। जैन के अनुसार इसके लिए एक मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया जा चुका है।

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    Tue, 06 Jun 2023 18:19:37 +0530 Niraj Kumar Shukla
    खबर रोंगटे खड़े करने वाली : पत्थर से वृद्ध महिला का सिर फोड़ कर आंख, नाक और कान खा रहा था युवक, पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें& युवक के आदमखोर बनने की वजह https://acntimes.com/Man-eater-arrested-for-eating-womans-eyes-ears-and-nose https://acntimes.com/Man-eater-arrested-for-eating-womans-eyes-ears-and-nose एसीएन टाइम्स @ डेस्क । रोंगटे खड़े कर देने वाले एक खबर राजस्थान के पाली जिले से मिली है। पाली के सेंदड़ा थाने की पुलिस ने एक आदमखोर युवक को गिरफ्तार किया है। उसने जंगल में बकरियां चरा रही एक वृद्ध महिला का पत्थर से सिर फोड़ कर हत्या कर दी और उसका चेहरा नोच डाला। युवक महिला के कान, नाक और आंखें निकाल कर खार रहा था तभी ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने पकड़ लिया। मानसिक रूप से बीमार आरोपी को जोधपुर रैफर किया गया है।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार को पाली जिले के सेंदड़ा थाना क्षेत्र के सरादना गांव में शांति देवी नामक एक वृद्धा बकरियां चराने जंगल गई थी। इसी दौरान कनक कॉलेज के पास जंगल में एक युवक आया और महिला पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इससे महिला गिर गई। इसके बाद उसने महिला के सिर पर पत्थर से कई वार किए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी युवक वहीं पास में बैठ गया और महिला के शरीर को नोच-नोच कर खाने लगा। यह देख ग्रामीणों ने शोर मचाया तो, वह भागने लगा। ग्रामीणों ने करीब एक  किलोमीटर तक पीछाकर आरोपी युवक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।

    आरोपी युवक की मानसिक हालत बहुत ज्यादा खराब होने से पुलिस को उसे काबू करने में काफी मशक्कत करना पड़ी। उसे बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब उसे यहां लाया गया तो वह काफी हिंसक था और पुलिसकर्मियों सहित 10 लोगों को भी काट लिया। इससे सभी को इंजेक्शन लगाने पड़े।

    रोशनी और पानी से डरता है युवक

    डॉक्टरों के अनुसार युवक की प्रारंभिक जांच में उसे रैबीज होने का अनुमान लगाया गया है। दरअसल, जांच के दौरान डॉक्टरों ने टॉर्च की रोशनी उसके चेहरे पर डाली तो वह ज्यादा खूंखार हो गया। इतना ही नहीं, पानी की बोतल दिखाने पर वह जोर-जोर से चिल्लाने भी लगा। डॉक्टरों के अनुसार यह हाइड्रोफोबिया बीमारी होने के लक्षण हैं जो रैबीज के संक्रमण के कारण होती है। लक्षणों के आधार पर युवक को छह एंटी रैबीज इंजेक्शन भी लगाए गए। हालत ज्यादा गंभीर होने से उसे डॉक्टरों ने कड़ी सुरक्षा में जोधपुर के मथुरादास माथुर हॉस्पिटल रैफर कर दिया है।

    बस का टिकट और आईडी कार्ड मिला

    आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके कपड़ों की तलाशी ली।  इसमें उसकी जेब से मुंबई से मध्य प्रदेश का बस का टिकट और धार कार्ड मिला। आधार कार्ड पर उसका नाम सुरेंद्र पुत्र राम बहादुर तंवर तथा निवास का पता मुंबई के उपनगर पवई का दर्ज है। उसके पास से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री एसोसिएशन का एक परिचय-पत्र भी मिला। इसके चलते पुलिस की एक टीम मुंबई रवाना हो गई है।

    हाईड्रोफोबिया ने बना दिया आदमखोर

    डॉक्टरों का कहना है कि आरोपी सुरेंद्र मानसिक रोग से ग्रसित है। उसे हाइड्रोफोबिया है। इससे पीड़ित व्यक्ति आदमखोर बन जाता है। वह आदमी का मांस खाने तक से भी गुरेज नहीं करता। हाइड्रोफोबिया बीमारी इतनी खतरनाक है कि उसके संपर्क में यदि कोई आ जाए तो उसे भी इंजेक्शन लगाने पड़ते हैं। इसलिए उन सभी को इंजेक्शन लगाने पड़े जिन्हें उसने काटा। इतना ही नहीं, संक्रमण नहीं फैले इसलिए पुलिस और डॉक्टरों को पीपीई किट भी पहनना पड़ी।

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    Mon, 29 May 2023 00:29:24 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भूकंप : अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान में धरती कांपी, भारत व चीन में भी दिखा असर, रिक्टर स्केल में 6 रही तीव्रता https://acntimes.com/Earthquake-in-Afghanistan-and-Pakistan-impact-up-to-Jammu-and-Kashmir https://acntimes.com/Earthquake-in-Afghanistan-and-Pakistan-impact-up-to-Jammu-and-Kashmir एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । पड़ोसी मुल्क अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान में रविवार क भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्‍टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6 बताई जा रही है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्‍तान और ताजिकिस्‍तान की सीमा पर 223 किमी की गहराई में बताया गया है। इसका असर भारत के जम्मू-कश्मीर तथा चीन, ताजिकिस्‍तान, उज्‍बेकिस्‍तान और किर्गिस्‍तान के कई इलाकों में तक भी देखा गया। कहीं भी किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    यूरोपीय भूकंप केंद्र के मुताबिक रविवार को आए भूकंप की तीव्रता 5.9 रही। इसका केंद्र अफगानिस्‍तान के दक्षिण पूर्व में स्थित फैजाबाद में था। स्‍थानीय समयानुसार भूकंप सुबह करीब 10.19 पर आया। इसके झटके पाकिस्‍तान की राजधानी इस्‍लामाबाद, पेशावर, लाहौर सहित अन्‍य शहरों में महसूस किए गए। अफगानिस्‍तान-ताजिकिस्‍तान की सीमा पर आया है जहां हिंदू कुश पहाड़ों की श्रेणियां मौजूद हैं। इस इलाके में अक्‍सर ही भूकंप आते रहते हैं। वैज्ञानिकों ने आगे भी इस इलाके में तेज भूकंप की चेतावनी दी है। कश्‍मीर में भूकंप की तीव्रता 5.2 मापी गई। प्रत्‍यक्षदर्शियों के अनुसार भूकंप से काफी देर तक दीवारें हिलती रहीं। लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकलकर खुले में आ गए।

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    Sun, 28 May 2023 12:53:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    यह शर्मनाक है : समोसे में आलू की जगह गौमांस भरकर बेचता था, नदी किनारे कटती थी गायें, केस दर्ज https://acntimes.com/Shameful-Its-a-shame-used-to-sell-samosas-stuffed-with-beef https://acntimes.com/Shameful-Its-a-shame-used-to-sell-samosas-stuffed-with-beef एसीएन टाइम्स @ वडोदरा । सूरत में गौ हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के मांगरोल पंचायत के कोसाडी गांव में जलपान की दुकान पर समोसे में आलू की जगह गौमांस भरकर ग्राहकों को बेचा जा रहा था। आरोपी गोमांस नदी किनारे गोहत्या करने वाले से खरीदता था। पुलिस ने जलपानगृह संचालक सहित तीन लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है।

    जानकारी के अनुसार गुजरात के सूरत में गौ हत्या और बीफ बेचने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ‘दिव्य भास्कर’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक मामला माँगरोल पंचायत के कोसाडी गाँव का है। यहां जलपान की दुकान संचालित करने वाला इस्माइल यूसुफ समोसे में गौमांस भरकर बेचने का मामला आया है।

    पुलिस को जानकारी मिली थी कि गौमांस बेचने वाला एक आरोपी मोसली गांव के चार रास्ते से गुजरने वाला है। इस आधार पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। एक टीम ने चार रास्ते से गुजर रही एक संदिग्ध ऑटो रिक्शा रोक कर तलाशी ली। पुलिस को रिक्शे से दो किलो समोसे जब्त हुए। मामले में इस्माइल यूसुफ को गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में आरोपी इस्माइल यूसुफ ने पुलिस को बताया कि वह गौमांस युक्त समोसा बनाकर बेचता है। इसके लिए वह गौमांस सुलेमान उर्फ सुल्लू सलीम भीखू और नगीन वसावा उर्फ साइमन वसावा से खरीदता है। इस्माइल ने यह सनसनीखेज खुलासा भी किया कि सुलेमान और साइमन कोसाडी गाँव में नदी के तट पर गायें काटते हैं।

    एफएएसएल ने की समोसे में गोमांस की पुष्टि 

    पुलिस द्वारा इस्माइल यूसुफ से जब्त किए समोसों को परीक्षण के लिए सूरत स्थित रीजनल जस्टिस असिस्टेंट साइंस स्कूल भेजा गया था। एफएसएल अधिकारी द्वारा पुलिस को प्रमाण-पत्र जारी किया गया है जिसमें समोसे में गोमांस होने की पुष्टि की गई है। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।

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    Thu, 25 May 2023 16:55:34 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सावधान ! साइबर फ्रॉड से जुड़ी यह खबर उड़ा देगी आपकी नींद, ओटीपी और अन्य जानकारी के बिना भी खाली हो सकता है आपका बैंक खाता, जानिए& कैसे होता है ऐसा https://acntimes.com/Attention-This-news-related-to-cyber-fraud-will-blow-your-sleep https://acntimes.com/Attention-This-news-related-to-cyber-fraud-will-blow-your-sleep एसीएन टाइम्स @ डेस्क । साइबर धोखाधड़ी के तरीके लगातार विकसित हो रहे हैं। ऐसा ही एक तरीका और सामने आया है। इसमें ओटीपी, सीवीवी नंबर और यहां तक कि बैंक विवरण के बिना भी जालसाज आपके बैंक खाते को खाली कर सकते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ऐसे मामले में आपको फ्रॉड की जानकारी भी तब तक शायद न मिले जब तक कि आप पासबुक अपडेट न कराएं या स्टेटमेंट न देख लें। इसलिए सावधान रहिए और बहुत अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।

    जैसे-जैसे साइबर सिक्यूरिटी सिस्टम मजबूत हो रहा है वैसे-वैसे साइबर दोखाधड़ी करने वाले नए-नए तरीके इजाद और उपयोग कर रहे हैं। एटीएम और अन्य उपकरणों तक अनधिकृत पहुंच प्राप्त करने के लिए जालसाजों द्वारा सिलिकॉन फिंगरप्रिंट और बायोमैट्रिक मशीनों का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। आधार नंबर का फायदा उठाकर और उंगलियों के निशान की नकल करके जालसाजों ने कई लोगों के खातों से बड़ी रकम निकाल ली। ऐसे ही कई मामलों का हवाला देते हुए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने सावधान किया है।

    धोखाधड़ी के कुछ उदाहरण

    एक प्रसिद्ध यू-ट्यूबर पुष्पेंद्र सिंह की मां भी धोखाधड़ी का शिकार हुई हैं। उनके खाते से टू-स्टेप वेरिफिकेशन के बिना ही खाते से रुपए निकाल लिए गए। खासबात यह है कि बैंक की ओर से उन्हें इसका कोई अलर्ट मैसेज तक प्राप्त नहीं हो सका। उनके परिवार को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्होंने पासबुक अपडेट करवाई। इस धोखाधड़ी को आधार से जुड़े फिंगर प्रिंट का उपयोग कर अंजाम दिया गया। 

    इस साल की शुरुआत में हरियाणा के गुरुग्राम में भी धोखाधड़ी की एक ऐसी ही घटना हुई। एक व्यक्ति के फिंगरप्रिंट का उपयोग कर उनके खाते से अवैध रूप से रुपए निकाल लिए गए। इसकी जानकारी बैंक को दी गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि आधार ऐप के माध्यम से बायोमैट्रिक जानकारी को तुरंत लॉक करके धोखाधड़ी को भी नहीं रोका जा सका।

    आखिर कैसे होती है ऐसी धोखाधड़ी

    बताया गया है कि प्रायः इस तरह की धोखाधड़ी आधार सक्षम भुगतान सेवा (AEPS) के माध्यम से होती है। धोखेबाजों के लिए विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों में यह एक पसंदीदा उपकरण बन गया है। मात्र आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट के साथ, व्यक्ति बिना किसी अतिरिक्त जानकारी के आसानी से रुपए निकाल सकते हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भी इसकी पुष्टि की है। उसके अनुसार केवल आधार नंबर और फिंगरप्रिंट के आधार पर पैसा निकाला जा सकता है। इस तरह के लेन-देन के लिए सर्विस ऑपरेटर कमीशन लेता है। AEPS न केवल निकासी को सक्षम बनाता है बल्कि धन जमा करने और खाता विवरण की जांच करने की कार्यक्षमता भी प्रदान करता है। जब कोई खाता आधार से जुड़ा होता है तो यह स्वचालित रूप से सक्रिय हो जाता है। इससे अलग से एक्टिवेशन वाली प्रक्रिया खत्म हो जाती है।

    जालसाज ऐसे हासिल करते हैं बायोमैट्रिक जानकारी

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का दावा है कि आधार डेटा सुरक्षित है। वहीं साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि आधार संख्या विभिन्न प्रारूपों में आसानी से उपलब्ध है। इनमें फोटोकॉपी और इंटरनेट पर प्रसारित सॉफ्टकॉपी शामिल हैं। साइबर अपराधी AEPS मशीनों का उपयोग बायोमैट्रिक जानकारी हासिल करने के लिए करते हैं। इसमें उनकी मदद सिलकॉन करती है। बायोमैट्रिक डेटा निकालने के बाद आसानी से बैंक खाते से रुपए निकाले जा सकते हैं।

    ऐसे करें बचाव

    ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए आपको कुछ कदम उठाना जरूरी हैं। इसमें अपने आधार को लॉक रखने और आवश्यक होने पर ही इसे अनलॉक करने की सुविधा का उपयोग करना लाभकर है। आपको इससे थोड़ी असुविधा जरूर होगी लेकिन इससे आपकी खून-पसीने की कमाई में सेंध नहीं लग पाएगी। आधार लॉक-अनलॉक करने से आपका इंटरनेट या मोबाइल डाटा पर होने वाला खर्च जरूर आंशिक रूप से बढ़ेगा किंतु अपराधी आपके आधार नंबर का दुरुपयोग नहीं कर पाएगा। इसके अलावा मास्क-आधारित प्रमाणीकरण का उपयोग भी ऐसी संभावित धोखाधड़ी को रोकने में समझम हो सकती है।

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    Sun, 21 May 2023 10:56:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
    एक और नोटबंदी ! इस बार सरकार ने नहीं RBI ने किया ऐलान, अब आपके नोट का क्या होगा जानने के लिए यह खबर पढ़ लीजिए https://acntimes.com/Another-demonetisation-Know-RBIs-big-announcement https://acntimes.com/Another-demonetisation-Know-RBIs-big-announcement एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । अगर आपने 2000 रुपए का गुलाबी नोट सहेज रखा है तो सचेत हो जाइये, क्योंकि अब यह चलन से बाहर होने वाला है। इसका ऐलान भारतीय रिजर्व बैंक ने किया है। आरबीआई ने सभी बैंकों को 2000 रुपए का नोट जारी करना बंद करने का आदेश दिया है। यह खबर आते ही बाजार में हलचल मच गई है।

    नवंबर 2016 में नोटबंदी के साथ ही 2 हजार रुपए का नोट जारी किया गया था। करीब 7 साल तक चलन में रहे इस नोट पर बंदिश लगने वाली है। आरबीआई 2000 रुपए के नोट वापस लेने जा रही है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को सलाह दी है कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपए के नोट जारी करना बंद कर दें। आरबीआई के अनुसार 30 सितंबर तक यह नोट वैध मुद्रा रहेगा और चलन में भी बना रहेगा। जिनके पास भी 2000 रुपए के नोट हैं उन्हें बैंक से बदलवा सकते हैं।

    2018-19 में बंद हो गया नोट छपना

    बता दें कि, आरबीआई ने 2018-19 में ही 2000 रुपए का नोट छापना बंद कर दिया था। इसके बाद से यह नोट चलन से बाहर होने का अंदेशा जताया जा रहा था। यही कारण है कि प्रायः लोग 2000 रुपए का नोट लेने से कतराने लगे थे।

    कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

    2000 रुपए के नोट को चलन से बाहर किए जाने के आरबीआई के फैसले को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि हमारे स्वयंभू विश्व गुरु की विशेषता है कि वे ‘पहला’ करते हैं और फिर ‘दूसरा’ सोचते हैं। जयराम के अनुसार 8 नवंबर, 2016 को तुगलकी फरमान के बाद धूमधाम से 2000 रुपए के नोट लाए गए और अब वापस लिए जा रहे हैं। 

    अब हम क्या करें...?

    यह सवाल आप सभी के मन में उठ रहा होगा लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि नोट वापस जरूर लिया जा रहा है लेकिन यह वैध मुद्रा रहेगी। जिनके पास भी 2000 रुपए के नोट हैं उन्हें आरबीआई ने 23 मई से नोट बदलने की सुविधा दी है। सुविधा 30 सितंबर, 2023 तक जारी रहेगी। आरबीआई के अनुसार 23 मई से 2000 रुपए के नोट को बैंक से बदला अथवा वहां जमा कराया जा सकता है। एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपए के 2000 रुपए के नोट बदल बदले अथवा जमा कराए जा सकेंगे। इसके लिए बैंकों में स्पेशल विंडो स्थापित की जाएगा। आरबीआई द्वारा नोट बदलने और जमा करने के लिए 19 विशेष शाखाएं भी खोली जाएंगी।

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    Fri, 19 May 2023 20:31:37 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पुण्यतिथि पर विशेष : राजनीति रूपी काजल की कोठरी से बेदाग निकलने वाले योद्धा एवं त्याग, तप व समर्पण की प्रतिमूर्ति थे डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय https://acntimes.com/Special-on-the-death-anniversary-of-Dr-Lakshminarayan-Pandey-on-19th-May https://acntimes.com/Special-on-the-death-anniversary-of-Dr-Lakshminarayan-Pandey-on-19th-May एसीएम टाइम्स के लिए सौरभ कोठारी

    कहते हैं कि राजनीति काजल की कोठरी है, लेकिन विरले ही ऐसे होते हैं जो इस कोठरी से बेदाग निकलते हैं। वर्तमान की भारतीय जनता पार्टी सिर्फ एक राजनैतिक संगठन नहीं, वरन् कई वरिष्ठों की कड़ी मेहनत, त्याग व समर्पण से समाजसेवा के लिए एक ऐसी संस्था है जिसके माध्यम से निचले तबके के उत्थान के प्रयासों को क्रियान्वित किया गया। ऐसी ही सोच को लेकर जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी की नींव रखने में अहम् किरदार निभाने वाले पूर्व सांसद व भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय हैं, जो राजनीति में शुचिता के प्रतीक माने जाते हैं। 

    रतलाम जिले के छोटे से गांव सुजापुर में जन्मे डॉ. पांडेय ने राजनैतिक जीवन की शुरुआत बहुत ही चर्चित घटनाक्रम से की। उन्होंने प्रथम चुनाव विधानसभा का लड़ा। इस चुनाव में डॉ. पांडेय ने मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री, उस समय के देश के प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के खास माने जाने वाले डॉ. कैलाश नाथ काटजू को पराजित कर दिया। इस चुनाव के परिणाम में डॉ. पांडेय को पूरे देश में चर्चित कर दिया, वहीं जनसंघ को भी एक नई पहचान दिलाई। इस घटनाक्रम का कांग्रेस की राजनीति में भी गहरा असर हुआ। चुनाव में पराजित होने के बाद डॉ. काटजू कभी भी वापस लौटकर जावरा नहीं पहुंचे। स्वंय पं. नेहरू चुनाव परिणाम से आश्चर्यचकित हुए। बीबीसी ने अपने समाचार में विशेष जिक्र किया क्योंकि सत्ताधारी मुख्यमंत्री की पराजय देश की पहली ऐसी पराजय थी। डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय ने इस सफल शुरुआत के बाद पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। पूर्व प्रधानमंत्री पं. अटल बिहारी वाजपेयी को डॉ. पांडेय के रूप में एक ऐसा साथी व सहयोगी मिला जो मालवा क्षेत्र में जनसंघ व भाजपा की जड़े मजबूत कर वटवृक्ष बनाने में अहम् किरदार निभा सकता था। वाजपेयी के विश्वास को डॉ. पांडेय ने भी निष्फल नहीं किया।

    काम ने बनाया मालवा का गांधी

    पांडेय ने 1971 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा और मंदसौर नीमच लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व संसद में किया। उसके बाद डॉ. पांडेय ने लगातार आठ बार क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए संसदीय क्षेत्र को विकास कार्यों की कई सौगातें भी दिलाईं। सहज, सरल व सौम्य स्वभाव के धनी डॉ. पांडेय क्षेत्र में इतने लोकप्रिय थे कि उन्हें क्षेत्र में ‘मालवा का गांधी’ कहा जाता था। जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी के सफर में डॉ. पांडेय का अभूतपूर्व योगदान है। राजमाता विजयाराजे सिंधिया, अटल बिहारी वाजपेयी, कुशाभाऊ ठाकरे, प्यारेलाल खंडेलवाल, सुंदरसिंह भंडारी, भैरोसिंह शेखावत जैसे वरिष्ठों के समकालीन रहे डॉ. पांडेय ने भी गांव-गांव जाकर साइकिल, तांगे व दोपहिया वाहनों से संगठन को मजबूती दिलाने और कार्यकर्ताओं की फौज को तैयार करने में कड़ी मेहनत की। इसके फलस्वरूप मंदसौर, नीमच, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, धार, देवास राष्ट्रवादी विचारों से ओत-प्रोत होकर एक ऐसा क्षेत्र बन गया जहां राष्ट्रीय विचारधारा की जड़ें फैल सी गईं।

    आपातकाल की भट्टी से तपकर निकले सर्वमान्य नेता

    उस समय की कांग्रेस सरकारों के जनविरोधी कार्यों का विरोध करना भी जोखिम भरा कार्य था, क्योंकि सरकारों के खिलाफ आवाज उठाना अपराध माना जाता था और संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही भी की जाती थी। ऐसी विकट परिस्थितियों के बीच कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाकर निरंतर संगठन को सशक्त बनाने के जटिल कार्य को बखूभी निभाने के प्रयास में डॉ. पांडेय सफल रहे। हालांकि आपातकाल के दौर में अन्य राष्ट्रवादी नेताओं के साथ डॉ. पांडेय भी जेल गए, लेकिन इस बुरे दौर के बाद मजबूती से उभर कर आए। जनमानस ने भी इन्हें अपना नेता माना। सांसद के रूप क्षेत्र को रेलवे, दूरसंचार, सड़कों, पेयजल व्यवस्था, औद्योगिक क्षेत्र, ऊर्जा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय स्वीकृति दिलाने में सफल रहे।

    विद्द्वता को मिला सम्मान, 23 देशों में किया देश का प्रतिनिधित्व

    डॉ. पांडेय ने अपनी विद्वत और कार्यकुशलता से एक विशिष्ट पहचान भी बनाई। विदेश व रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभिन्न स्थायी समितियों के सभापति रहे। इसके अलावा लोकसभा अध्यक्षीय पैनल में लंबे समय तक सदस्य रहकर लोकसभा का संचालन किया। अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में 23 देशों की यात्रा की। विश्व हिंदी सम्मेलन व सीपीए सम्मेलन में भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने, नरेंद्र मोदी भी कर चुके साथ काम

    कुशल संगठक के रूप में विख्यात डॉ. पांडेय म.प्र. भारतीय जनता पार्टी के सफल प्रदेश अध्यक्ष रहे। आपके कार्यकाल में ही प्रदेश कार्यालय का शुभारंभ हुआ। जो देश के सबसे उत्कृष्ट भाजपा कार्यालयों में जाना जाता रहा। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पूरे प्रदेश का दौरा किया। कांग्रेस सरकार में विपक्षी दल के रूप भाजपा संघर्ष कर रही थी ऐसे दौर में संगठन को सशक्त करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को बखूबी निभाने वाले डॉ. पांडेय ने वर्तमान के कई नेताओं को राजनैतिक जीवन की शुरुआत कराने और विधानसभा में टिकट देकर विश्वास जताने का भी कार्य किया। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उस समय डॉ. पांडेय के निवास पर संगठन की मन्त्रणा किया करते थे। इस कार्यकाल में अटल बिहारी वाजपेयी के साथ जम्मू कश्मीर में आंदोलन का हिस्सा भी बने। हालांकि वर्तमान राजनीतिक में भाजपा भी नए कलेवर के साथ देश व प्रदेश में उभर कर स्थापित हो गयी, लेकिन पार्टी को इस स्थिति में खड़ा करने में एक स्तम्भकार के रूप में डॉ. पांडेय ने अहम् जिम्मेदारी निभाई।

    पिता जैसा पुत्र, कांग्रेस की परम्परागत सीट भाजपा की विचारधारा में बदली

    राजनैतिक कार्यकाल में मंत्री जैसे पद से सुशोभित नहीं होने का मलाल डॉ. पांडेय को कभी नहीं रहा। ऐसा ही स्वभाव उनके पुत्र विधायक डॉ. राजेन्द्र पांडेय में भी देखने को मिलता है। 1998 से जावरा क्षेत्र से भाजपा के रूप में चुनाव लड़ रहे राजेन्द्र पांडेय ने तीन चुनाव में विजयी होकर परम्परागत कांग्रेस सीट को भाजपा की विचारधारा में परिवर्तित कर दिया। 

    रतलाम, मंदसौर व नीमच के अलावा म.प्र. व राजस्थान निश्चित रूप से भाजपा के गढ़ माने जाते हैं, जिसके पीछे डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय जैसे व्यक्तित्व की मेहनत, त्याग व संगठन के प्रति समर्पण है। ऐसे कर्मठ योद्धा को उनकी पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि।

    (लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वतंत्र लेखक हैं)

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    Thu, 18 May 2023 18:41:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कर्नाटक चुनाव : परिणाम, हकीकत और फसाना, ...क्योंकि दिल्ली अभी दूर है https://acntimes.com/Karnataka-Elections-Results-Reality-and-Hoaxes-because-Delhi-is-far-away https://acntimes.com/Karnataka-Elections-Results-Reality-and-Hoaxes-because-Delhi-is-far-away नीरज कुमार शुक्ला

    देश के किस हिस्से में क्या हाल है, इस पर विचार करने के बजाय अभी सभी राजनैतिक दलों का फोकस कर्नाटक के चुनाव परिणामों पर है। यहां बहुमत में आई कांग्रेस 2024 में देश की राजधानी पर काबिज होने के सपने बुनने लगी है। वहीं दूसरी ओर भाजपा में इस हार को लेकर निराशा का माहौल है। इसकी पुष्टि हाल ही में मध्य प्रदेश के रतलाम पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय तक कर चुके हैं। ऐसे में यहां राजनीतिक दलों और उनके उम्मीदवारों को मिले वोटों का विश्लेषण करना जरूरी है, क्योंकि यही विश्लेषण आने वाले दिनों की चुनावी रणनीति का आधार बनेगा। वोट शेयर के लिहाज से देखें तो कर्नाटक की जीत कांग्रेस के लिए न तो बहुत ज्यादा खुशी मनाने वाली है और न ही भाजपा के लिए चुप बैठने और अपनी खामियों को दोहराते रहने वाली है। वोट मार्जिन में थोड़ी सी “ऊंच-नीच” ही मौजूदा राजनैतिक परिदृश्य बदलने का कारण बनी है। यदि इसमें थोड़ा सा ही अंतर हो जाता तो तस्वीर बदल सकती थी। 

    कर्नाटक चुनाव के परिणाम आने के बाद से राजनैतिक पंडित नफे-नुकसान के आकलन में लगे हैं। नफे-नुकसान का आकलन वोट शेयर यानी वोटों के जोड़-बाकी, गुणा-भाग के आधार पर किया जा रहा है। चूंकि यह चुनाव देश के एक अहम् हिस्से का था इसलिए विश्लेषण जरूरी भी है। इस जीत ने जहां कांग्रेस में नया जोश भरने का काम किया है, वहीं सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व पर निर्भर भाजपा को बड़ा झटका भी लगा है। स्थानीय मुद्दों के बजाय भाजपा मोदी के जादू के भरोसे ज्यादा रही जिसके परिणाम सबके सामने हैं। चुनाव से पहले बेदम नजर आ रही कांग्रेस अचानक ओवर एक्टिव नजर आ रह है तो भाजपा परिणामों के निराशाजनक होने की बात कह रही है। अगर कर्नाटक में हार-जीत के आंकड़ों पर गौर करें तो इसने दोनों ही प्रमुख पार्टियों को सोचने और समझने का अवसर दिया है, न कि अति उत्साहित होने या मातम मनाने का।

    ...तो ऐसी होती कर्नाटक की तस्वीर

    आइए, अब चुनाव के आंकड़ों पर नजर डाल लें। यहां कांग्रेस ने 22 ऐसी सीटें जीती हैं जहां हार-जीत का मार्जिन बहुत ही कम महज 105 से 4711 वोट के बीच का है। जबकि 15 सीटों पर यह मार्जिन 5075 से 9800 वोट के बीच का रहा। इस तरह कुल 37 सीटें ही ऐसी हैं जहां कांग्रेस को अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 105 से  9800 के बीच  ज्यादा वोट मिले। इनमें से भी 32 सीटों पर भाजपा और 5 पर जेडीएस दूसरे नंबर पर रही। आंकड़ों के आधार पर यह भी जानने में आया है कि इन 37 सीटों में से 27 सीट ऐसी हैं जहां यदि भाजपा और जेडीएस एक-दूसरे के वोट नहीं काटती तो शायद 22 स्थानों पर भाजपा और 5 पर जेडीएस पहले नंबर पर होती। 

    मुस्लिम ध्रुवीकरण और निर्दलीयों का कमाल 

    यहां जिन 37 सीटों की बात हो रही है उनमें कांग्रेस की जीत के दो कारण प्रमुख रहे। पहला मुस्लिमों का एकतरफा ध्रुवीकरण और दूसरा निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी। शायद भाजपा को यह बात समझने में देर हो गई या चूक हो गई।  माना जा रहा है कि यदि कम मार्जिन वाली 37 सीटों पर केवल 1,81,197 वोट कांग्रेस के पक्ष में नहीं गया होता तो उसकी सीटें घटकर मात्र 98 रह जातीं। ऐसे में भाजपा और जेडीएस की सीटों में क्रमशः 32 और 5 सीट का इजाफा हो गया होता। यह तब भी हो सकता था जब उक्त वोटरों के सिर्फ आधे लगभग 91 हजार का भी मन बदल गया होता और वो कांग्रेस की बजाय भाजपा या जेडीएस को दे देते। यह बड़ा और असंभव आंकड़ा भी नहीं है। 

    वोटर यथावत, क्षणिक बंटवारे से हुआ नुकसान 

    बेशक सीटों के लिहाज से कांग्रेस की यह बड़ी जीत है। पार्टी को इस पर खुशी मनानी भी चाहिए किंतु यदि इसे 2024 में लोकसभा की जीत का संकेत मान लिया जाए तो कदाचित जल्दबाजी और अदूरदर्शिता होगी। दरअसल, कर्नाटक में भाजपा का वोट शेयर कम नहीं हुआ है। पिछले विधानसभा चुनाव में उसे कुल वोट का 36 फीसदी प्राप्त हुआ था और उतना ही इस चुनाव में भी मिला है। यही कारण है कि राजनैतिक विश्लेषक यह कह रहे हैं कि भाजपा और जेडीएस यदि लोकसभा चुनाव मिलकर लड़े तो पिछली लोकसभा का इतिहास दोहराया भी जा सकता है। यह कहते भी हैं कि राजनीति में कोई किसी का स्थायी दोस्त या दुश्मन नहीं होता। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां भाजपा ने 28 में से 27 सीटें जीती थीं। 

    ज्यादा वोट प्रतिशत के बजाय अन्य दलों का परफॉर्मेंस महत्वपूर्ण 

    पिछले तीन चुनावों में यह बात भी उभर कर आई है कि अब ज्यादा वोट प्रतिशत मायने नहीं रखता। अब दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दलों (भाजपा और कांग्रेस) का भविष्य अन्य दलों के परफॉर्मेंस पर निर्भर रहने लगा है। अन्य दलों का परफॉर्मेंस जहां जितना प्रभावी रहा उतना ही भाजपा और कांग्रेस की सीटों के आंकड़ों में अंतर आया है। दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी तो कर्नाटक में जेडीएस का परफॉर्मेंस देखा जा सकता है। दस साल पहले दिल्ली में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए कांग्रेस के वोट आम आदमी पार्टी की तरफ शिफ्ट हुए या कराए गए थे। इससे भाजपा तो रुक गई लेकिन अब वहां कांग्रेस दौड़ से ही बाहर हो गई है।

    गोवा चुनाव में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला था। यहां आम आदमी पार्टी पूरी ताकत से चुनाव लड़ी जबकि कांग्रेस ने कुछ सीटों पर अघोषित तौर पर कमजोर प्रत्याशी उतारे। इसके एवज में आम आदमी पार्टी ने हिमाचल में चुनाव अभियान अचानक कमजोर कर लिया। इससे हिमाचल में तो कांग्रेस आ गई लेकिन गोवा में सफल नहीं हो पाई। यहां भाजपा आम आदमी पार्टी को रोकने में सफल हो गई। गुजरात चुनाव में भी कांग्रेस ने पूरा चुनाव स्थानीयों के भरोसे छोड़ दिया जबकि आम आदमी पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी। कांग्रेस को उम्मीद थी कि आम आदमी पार्टी द्वारा भाजपा के वोट काटने से वह जीत जाएगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ऐसा इसलिए कि कुछ स्थानों पर स्थानीय कांग्रेसी चुनाव के वक्त भाजपा के साथ हो लिए। अब मध्य प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थितियां देख कर के भी रोज नए-नए कयास लगाए जा रहे हैं। यहां भी आम आदमी पार्टी की मौजूदगी बढ़ने के आसार ज्यादा हैं। इसके प्रदर्शन से बहुत कुछ हद तक साफ हो जाएगा कि यहां भाजपा के पास सत्ता टिकी रहती है या फिर पिछली बार की तरह कांग्रेस काबिज होती है। 

    कब, किस राज्य की बारी

    इसी साल मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में भी चुनाव होने हैं। मिजोरम की विधानसभा का कार्यकाल 17 दिसंबर, 2023 को, छत्तीसगढ़ का 3 जनवरी, 2024, मध्य प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 6 जनवरी, 2024 और तेलंगाना का 16 जनवरी, 2024 को खत्म होना है। इससे इन सभी राज्यों में इसी साल चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इन राज्यों में राजनैतिक दलों की हर-जीत से जनता का मूड पता चल सकेगा कि वे 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर क्या सोच रहे हैं। इन चुनावों से सिर्फ संकेत ही पता चलेगा, लोकसभा चुनाव पूरी तरह प्रभावित हो, यह कतई जरूरी नहीं है।

    KARNATAK ELECTION - 2023
    S. No. CONG. WIN MARGIN NEAREST
    1 Gandhi Nagar 105 BJP
    2 Sringeri 201 BJP
    3 Malur 248 BJP
    4 Mudigere 722 BJP
    5 Jagalur 874 BJP
    6 Mandya 2019 JDS
    7 Karwar 2138 BJP
    8 Bhadravati 2705 JDS
    9 Gulbarga Uttar 2712 BJP
    10 Bailhongal 2778 BJP
    11 Kittur 2993 BJP
    12 Haliyal 3623 BJP
    13 Yadgir 3673 BJP
    14 Chamaraja 4094 BJP
    15 Puttur 4149 BJP
    16 Belgaum Uttar 4231 BJP
    17 Virajpet 4291 BJP
    18 Madiker 4402 BJP
    19 Nagamangala 4414 JDS
    20 Afzalpur-34 4594 BJP
    21 Devanahalli 4631 JDS
    22 Bangarapet 4711 JDS
    23 Hosakote 5075 BJP
    24 Bagalkot 5878 BJP
    25 Chikmagalur 5926 BJP
    26 Shanti Nagar 7125 BJP
    27 Vijay Nagar 7324 BJP
    28 Chamarajanagar 7533 BJP
    29 Muddebihal 7637 BJP
    30 Manvi 7719 BJP
    31 Sindgi 7808 BJP
    32 Gubb 8541 BJP
    33 Sirsi 8712 BJP
    34 Kagwad 8827 BJP
    35 B.T.M Layout -172 9222 BJP
    36 Badami 9725 BJP
    37 Ranibennur 9800 BJP
    Total 181160
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    Wed, 17 May 2023 22:03:37 +0530 Niraj Kumar Shukla
    व्यंग्य : लू ! बड़ी बेरहम है तू& आशीष दशोत्तर https://acntimes.com/satire-Loo-You-are-very-heartless--Ashish-Dashottar https://acntimes.com/satire-Loo-You-are-very-heartless--Ashish-Dashottar आशीष दशोत्तर 

        चार दिन में तेरे तेवर बदल गए। तेरा तो पारा ही चढ़ गया। तेरे अंदाज़ बदल गए। तेरी बातों में तल्ख़ी आ गई। तेरी रहम, कृपा सभी कुछ गायब हो गई। सुकून देने के बजाय तू तो चिढ़ाने लगी। तपाने लगी। झुलसाने भी लगी। आखिर किसके इशारों पर नाचने लगी है तू।

        लू, तेरा गुरूर झलकने लगा है। तू मग़रूर हो गई है। अपने आगे किसी को मान ही नहीं रही है। शायद जान तो रही है मगर मानने से कतरा रही है। क्या तुझे अपने वे पुराने दिन याद नहीं। कैसी विनयशील हुआ करती थी। आंख उठाकर नहीं देखती थी। साष्टांग किया करती थी। कभी-कभी तो रीढ़-विहीन प्रतीत हुआ करती थी। और अब तो तेरा सब कुछ बदल गया है। लू, आखिर तू किसकी हो गई पिट्ठू?

        चार दिन में तू एहसानफरामोश हो गई। कल तक तुझे कोई पहचानता नहीं था। उपेक्षित और त्याज्य समझी जाती थी, तब तुझे पूरा मान दिया, सम्मान दिया। तेरा रुतबा बढ़ाया। तुझे सारे अवसर दिए। तेरे अभिमान को कोई चोंट नहीं पहुंचने दी गई। तेरे शान में किसी ने गुस्ताखी की तो उसे चलता कर दिया गया। मगर तेरे ऊपर कोई आंच नहीं आने दी गई। और इधर, ज़रा सा समय बदलते तेरा व्यवहार ही बदल गया।

        तूने शायद वह कहावत नहीं सुनी होगी, ‘‘चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात।” या सुनी भी होगी तो इसे अनसुना कर दिया होगा यह समझकर की चांदनी से तपन का क्या रिश्ता। मगर रिश्ते तो यहीं बनते हैं और काम भी आते हैं। रिश्तों से याद आया, दुर्दिनों में तूने भी रिश्ते बनाने की तो बड़ी कोशिश की। हर किसी की दुहाई दी। न जाने किस-किस से कहलवाया। मगर उस समय तेरी नीयत समझी जा चुकी थी इसलिए तुझे कोई तवज्जो नहीं दी गई। सभी को मालूम था कि मौसम बदलते ही तू रंग बदलने में माहिर है। मुंह देखते ही तिलक लगाने की तेरी आदत रही है। तूने हर किसी को ऐसा ही समझा और हर किसी को अपने मतलब के अनुसार इस्तेमाल करती रही। मगर इस बार तेरे तीखे तेवर देखकर यह कहना पड़ रहा है कि चार दिन चांदनी के ही नहीं तेरे भी हो सकते हैं। चार दिन के बाद तेरा क्या होगा तू समझ ले। इन चार दिनों में अपनी तो जैसे-तैसे, थोड़ी ऐसे या वैसे, कट जाएगी मगर तेरा क्या होगा? तेरा कोई खैरख्वाह नहीं होगा। तू इधर की रहेगी न उधर की। 

        बारिश के चार छींटे पड़े तो तुझे तेरी औकात समझ में आ जाएगी। अभी जितना इतरा रही है न, फिर पछताएगी। सब तुझे भुला चुके होंगे। अभी जिसके इशारों पर तूने पारा चढ़ा रखा है वे भी तेरे अपने नहीं रहेंगे। तुझे न ईनाम मिलेगा न ही अवॉर्ड। कभी बारिश तुझे यह नहीं कहेगी कि तूने लोगों को परेशान कर अच्छा किया। तू अच्छा तपी तो बारिश हुई। ऐसे कोई समझेगा ही नहीं। कल जब आकाश में बादल छाएंगे तो तुझे दर-दर की ठोकर खाने पर मजबूर होना पड़ेगा। 

        लू, ज़रा अपने मौसमी मित्रों से ज़रा सीख ले। वर्षा चाहे जितनी तेज हो मगर तेरी तपिश को कभी कम नहीं होने देती। समय-समय पर तुझे भी मौका देती रहती है ताकि तेरी अहमियत भी बनी रहे। शीत कितनी ही तीखी हो मगर तेरे अस्तित्व को बनाए रखती है। बल्कि शीत के कारण तेरी कीमत और बढ़ जाती है। तेरी पूछ-परख ज्यादा होने लगती है। यानी हर कोई तुझे मौका देता रहता है और तू चार दिन में ही सबको भूल गई। लू, तेरे तेवर से आ रही है किसी षड्यंत्र की बू।

    12/2, कोमल नगर,

    बरबड़ रोड, रतलाम- 457001

    मोबाइल नं. - 098270 84966

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    Fri, 12 May 2023 11:00:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मध्य प्रदेश में जल्द शुरू होगा व्यापार एवं उद्योग लोन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जॉन बर्ला ने अभा जैन अल्पसंख्यक महासंघ को किया आश्वस्त https://acntimes.com/Business-and-industry-loan-will-start-soon-in-Madhya-Pradesh-John-Burla https://acntimes.com/Business-and-industry-loan-will-start-soon-in-Madhya-Pradesh-John-Burla एसीएन टाइम्स @ रतलाम । भारत के प्रधान मंत्री का एक नारा है ‘सबका साथ सबका विकास।’ जैन समाज के विकास के लिए भी सरकार कटिबद्ध है। समाज की आर्थिक उन्नति और तीर्थों के जीर्णोद्धार में आ रही समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा। अल्पसंख्यक समुदाय को 30 लाख का एनएमडीएफ़सी द्वारा दिए जाने वाला व्यापार एवं उद्योग लोन भी मध्य प्रदेश में जल्द शुरू किया जाएगा।

    यह आश्वासन भारत सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जॉन बर्ला ने जैन समाज की अल्पसंख्यक मामलों की शिखर संस्था अखिल भारतीय जैन अल्पसंख्यक महासंघ को दिया है। महासंघ का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित गांधी के नेतृत्व में मंत्री बर्ला से मिला था। प्रतिनिधिमंडल में रतलाम के सौरभ भंडारी भी शामिल थे। भंडारी के अनुसार अल्पसंख्यक मंत्री बर्ला से अल्पसंख्यक समुदाय को 30 लाख का एनएमडीएफ़सी द्वारा दिए जाने वाला व्यापार एवं उद्योग लोन मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में विसंगतियों से पूर्ण होने के कारण नहीं मिल पाने की जानकारी दी गई।

    ये समस्याएं भी बताईं

    महासंघ ने मांग की कि विसंगतियों को दूर कर समाज को इसका लाभ दिलाया जाए। इसके साथ ही जैन समाज की पाठशालाओं में महिला को विज्ञान, कंप्यूटर शिक्षा हेतु शासन द्वारा योजना बनाने का निवेदन किया तथा पाठशाला शिक्षकों को मानदेय और बनारस में चन्द्रावती तीर्थ के जीर्णोद्धार में पुरातत्व विभाग द्वारा आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया। उनके शासन द्वारा इसके विकास की योजना बनाकर कार्यवाही करने के लिए निवेदन किया गया।

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    Wed, 10 May 2023 13:44:06 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भारत की बेटी मयूरी चौरड़िया को ब्रिटिश संसद हाउस ऑफ कॉमंस में मिला यंग अचीवर्स अवॉर्ड, विदेशी धरती पर किया ‘जय भारत’ का उद्घोष https://acntimes.com/Indias-daughter-Mayuri-received-Young-Achievers-Award-in-British-Parliament-House-of-Commons https://acntimes.com/Indias-daughter-Mayuri-received-Young-Achievers-Award-in-British-Parliament-House-of-Commons एसीएन टाइम्स @ लंदन / रतलाम । भारत की बेटी सीए मयूरी चौरड़िया ने यहां की संसद ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ में इतिहास रच दिया। मयूरी को 'यंग अचीवर्स अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इस मौके पर उन्होंने ‘जय भारात’ का नारा लगाया।

    मयूरी चौरड़िया ने पूरे भारत का सम्मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। उन्हें मिला सम्मान पिछले दिनों ब्रिटेन की संसद के हाउस ऑफ कॉमंस में मिनिस्टर ऑफ़ लोकल गवर्नमेंट एंड फैथ सारा ओहन (Sarah Owen MP) द्वारा प्रदान किया गया। अवॉर्ड सेरेमनी में ब्रिटेन के मेंबर ऑफ पार्लियामेंट तथा एक्जिकीटिव सेक्रेटरी ऑफ कंजरवेटिव कमिटी बॉब ब्लैकमैन (Bob Blackman), मिनिस्टर ऑफ़ ट्रेड पॉलिसी गेरिथ रिचर्ड थॉमस (Gareth Richard Thomas) तथा संसद के अनेक सम्मानित सांसद और विधायक मौजूद रहे।

    पत्रकार नीलेश बाफना ने बताया कि मयूरी रतलाम से जुड़ी होकर उन्हें यह अवॉर्ड उनके द्वारा प्राप्त की गई विशेष उपलब्धियों के लिए तथा उनके द्वारा सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और व्यवसायिक क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान देने के लिए दिया गया।

    20 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर रहीं प्रयास 

    मयूरी ने ब्रिटेन की संसद में अपने सम्मान के एवज में संबोधित भी किया। उन्होंने कहा कि वे समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। ग्लोबल इकोनॉमी, सोशल वेलफेयर, एनवायरनमेंट इम्पैक्ट, और इकोनॉमिक इंपावरमेंट में विशेष सुधार लाना उनका मुख्य उद्देश्य है। वे इस दिशा में 20 वर्ष से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य संपूर्ण विश्व में शांति, अहिंसा तथा सदभाव लाना है। मयूरी के अनुसार यह अवॉर्ड सिर्फ उनका ही नहीं बल्कि प्रत्येक भारतवासी का है। उन्होंने 'जय भारत' का उद्घोष कर भारत का गौरव बढ़ाया।

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    Wed, 26 Apr 2023 22:21:38 +0530 Niraj Kumar Shukla
    तड़के 4.30 बजे हादसा : बैरियर से टकराकर बस 200 फीट गहरी खाई में गिरी, 13 की मौत ! https://acntimes.com/The-bus-collided-with-the-barrier-and-fell-into-a-200-feet-deep-gorge-13-died https://acntimes.com/The-bus-collided-with-the-barrier-and-fell-into-a-200-feet-deep-gorge-13-died एसीएन टाइम्स @ पुणे । पुणे हाईवे पर शनिवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। पुणे से मुंबई जा रही एक बस 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 13 से अधिक यात्रियों की मौत और करीब 2 दर्जन से अधिक के घायल होने की खबर है।

    हादसा शनिवार को सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। खंडाला घाट क्षेत्र में शिंदरोबा मंदिर के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इससे बस एक बैरियर से टकराकर गहरी खाई में जा गिरी। पुणे से मुंबई जा रही बस में तकरीबन 45 यात्री सवार थे। सभी यात्री नींद में थे जब हादसा हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस एवं रेस्क्यू दल मौके पर पहुंचा और ऊपर लाया जा रहा है। एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों से मृतकों और घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। रायगढ़ एसपी सोमनाथ घार्गे भी मौके पर पहुंच गए थे।

    एसपी ने बताया हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव अधिकारी मौके पर पहुंच गए। तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया गया था। जानकारी के अनुसार अभी तक करीब 13 से अधिक यात्रियों की मौत की खबर है जबकि अन्य यात्री घायल हैं।

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    Sat, 15 Apr 2023 09:47:17 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सृजन भारत के अनिल झालानी के सुझाव पर 7 दिन में हो गया अमल, खजुराहो के विश्व संरक्षित मंदिरों के आसपास का क्षेत्र No Flying Zone घोषित https://acntimes.com/Khajuraho-temple-area-declared-as-No-Flying-Zone-on-the-suggestion-of-Srijan-Bharats-Anil-Jhalani https://acntimes.com/Khajuraho-temple-area-declared-as-No-Flying-Zone-on-the-suggestion-of-Srijan-Bharats-Anil-Jhalani एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बात और तर्क में दम हो तो उस पर अमल होना मुश्किल नहीं। ऐसा ही एक सशक्त उदाहरण है सृजन भारत अभियान के अनिल झालानी के सुझाव का। उनके द्वारा केंद्रीय नागरिक उड्ययन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिए गए सुझाव पर महज सात तिन के भीतर अमल हो गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने विश्व संरक्षित मंदिर खजुराहो (Khajuraho) को नो फ्लाइंग जोन (No Flying Zone) घोषित किया है। 

    पिछले दिनों समाचार-पत्रों में एक समाचार प्रकाशित हुआ। इसमें बताया गया कि खजुराहो में एशिया का सबसे बड़ा हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग सेन्टर खुलेगा। इस समाचार को आधार लेकर दिनांक 17 मार्च 2023 को सामाजिक कार्यकर्ता एवं सृजन भारत अभियान के संयोजक अनिल झालानी ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा। इसमें इस बात की चिंता जाहिर की कि ट्रेनिंग के दौरान विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होना आम बात रहती है। अतः यदि कोई अनहोनी हुई तो खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध एवं पुरातात्विक संरक्षित ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के धरोहर रूपी संरक्षित मंदिरों के क्षतिग्रस्त या खंडित होने के खतरे का सदैव अंदेशा बना रहेगा।

    झालानी ने आगाह करते हुए आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रेनिंग सेंटर अन्यत्र स्थानान्तरित किया जाए। उन्होंने लिखा कि ट्रेनिंग सेन्टर के स्थल का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना जाए कि उनकी इन मंदिरों से पर्याप्त दूरी हो अथवा यूनेस्को की सूची में दर्ज मंदिरों के आसपास का क्षेत्र ‘नो फ्लाइंग जोन‘ घोषित किया जाए।

    पत्र पर तत्काल लिया संज्ञान

    झालानी ने अपने स्वांतः सुखाय अभियान के अंतर्गत इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि सरकारी स्तर पर इस पत्र व्यवहार को गंभीरता से लिया गया है। पत्र को तत्काल संज्ञान में लेते हुए पिछले सप्ताह भारतीय पुरातत्व विभाग को एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मंदिर के ऊपर से विमानों की उड़ान को प्रतिबंधित कर मंदिरों या इसके आसपास के क्षेत्र के साइलेंट जोन बनाते हुए उसका कड़ाई से पालन करने का वचन दिया है। संरक्षित मंदिर के क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया है।

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    Mon, 10 Apr 2023 02:13:23 +0530 Niraj Kumar Shukla
    हंगामे के कारण देश के दोनों सदन स्थगित : राहुल गांधी से माफी मांगने की उठी मांग, राजनाथ सिंह व पीयूष गोयल बोले& राहुल ने देश व लोकतंत्र को बदनाम किया https://acntimes.com/Uproar-in-Lok-Sabha-and-Rajya-Sabha-over-Rahul-Gandhis-statement-adjourned https://acntimes.com/Uproar-in-Lok-Sabha-and-Rajya-Sabha-over-Rahul-Gandhis-statement-adjourned एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । लंदन में कांग्रेस पदाधिकारी राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को लेकर यहां देश के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में हंगामा हो गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे देश का अपमान निरूपित किया। वहीं पीयूष गोयल ने भी कड़ी आपत्ति जताई और राहल गांधी से माफी मांगने की मांग की। 

    लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई सोमवार को शुरू हुई। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार को शुरू हुआ। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने चार दिवंगत पूर्व सदस्यों के निधन का उल्लेख किया। सदस्यों मौन रहकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके तुरंत बाद, भाजपा सांसदों ने अपने स्थान से ही ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अध्यक्ष की आसंदी के समीप आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 

    भाजपा सांसदों ने आपत्ति दर्ज कराई। मंत्री रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इसी सदन के सदस्य राहुल गांधी ने लंदन में भारत का अपमान किया है। मैं मांग करता हूं कि उनके बयानों की इस सदन के सभी सदस्यों द्वारा निंदा की जानी चाहिए और उन्हें सदन के सामने माफी मांगने के लिए कहा जाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा राहुल गांधी ने कहा है कि भारत में लोकतंत्र पूरी तरह से तहस नहस हो गया है और विदेशी ताकतों को आकर लोकतंत्र को बचाना चाहिए। उन्होंने (राहुल गांधी ने) भारत की गरिमा पर, भारत की प्रतिष्ठा पर गहरी चोट पहुंचाने की कोशिश की है।

    राहुल ने भारत और संसद का अपमान किया – पीयूष गोयल

    राज्यसभा में भी भाजपा सांसदों ने एक स्वर में राहुल के बयान पर विरोध दर्ज कराया। पूर्व केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राहुल गांधी एक प्रमुख विपक्षी नेता हैं। वे विदेश जाकर शर्मनाक तरीके से भारतीय लोकतंत्र पर हमला करते हैं। उन्होंने भारत और संसद के लोगों का अपमान किया है। भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है और सांसद संसद में बोल सकते हैं। राहुल गांधी को संसद में माफी मांगनी चाहिए। गोयल ने कहा, 'हम मांग करते हैं कि राहुल गांधी संसद आएं और देश की जनता और सदन से माफी मांगें'

    गिरिराज सिंह ने भी साधा निशाना

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी को आड़े हाथ लिया। सिंह ने कहा कि- 'लंदन में राहुल गांधी ने कहा कि सांसदों को संसद में बोलने नहीं दिया जाता। यह लोकसभा का अपमान है। इस बयान पर सदन के स्पीकर को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। हमारे लोकतंत्र का अपमान करने के लिए उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।'

    आपातकाल को लेकर कांग्रेस पर कसा तंज

    संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और राहुल गांधी विदेशी धरती पर जाकर उसका अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल विदेश में जाकर आसन पर आक्षेप कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं जबकि उन्हें सदन में बोलने का पूरा मौका दिया जाता है। जोशी ने सवाल किया कि आपातकाल के दौरान बुनियादी अधिकार निलंबित कर दिए गए थे तब किसकी सरकार थी ? जब उन्होंने (राहुल ने) अध्यादेश की प्रति मीडिया के सामने फाड़ दी थी तब देश में किसकी सरकार थी। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं और हम इसकी निंदा करते हैं। 

    हंगामा है क्यों बरपा, आखिर क्या कहा राहुल गांधी ने

    जानकारी के अनुसार राहुल गांधी ने लंदन में आयोजित एक व्याख्यान में आरोप लगाया था कि भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को नष्ट कर रहे हैं। भाजपाई सांसदों के हंगामे के चलते दोनों ही सदनों की कार्रवाई दो-बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। दो बजे कार्रवाई शुरू हुई लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों रही जिसके चलते सदन की कार्रवाई पुनः रद्द करना पड़ी। अब मंगलवार को कार्रवाई आगे बढ़ेगी।

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    Mon, 13 Mar 2023 16:12:41 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा सवाल ? RBI का नया फरमान कहीं राष्ट्रीयकृत बैंकों की कारगुजारियां छिपाने का नया तरीका तो नहीं, विपक्ष अनजान है या जानबूझ कर मूंद ली आंखें https://acntimes.com/big-question-Is-the-new-order-of-RBI-a-new-way-to-hide-the-activities-of-nationalized-banks https://acntimes.com/big-question-Is-the-new-order-of-RBI-a-new-way-to-hide-the-activities-of-nationalized-banks
  • आरबीआई के हालिया निर्णय से कम हो जाएगी राष्ट्रीयकृत बैंकों की बाहरी संस्थाओं द्वारा पहरेदारी

  • अभी एडवांस अर्थात दिए गए लोन के 80 फीसदी तक का होता है ऑडिट कवरेज जो अब 70 प्रतिशत रह जाएगा

  • नरेंद्रे मोदी सरकार से पहले तक 90 फीसदी की होती थी मॉनिटरिंग 

  • नीरज कुमार शुक्ला @ एसीएन टाइम्स . डेस्क बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों की नियामक संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा निर्णय लिया है।  आरबीआई ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को अपने एडवांस (लोन) के सिर्फ 70 फीसदी का ही ऑडिट करवाने का अधिकार दे दिया है। वर्तमान में यह 80 फीसदी है जो नरेंद्र मोदी सरकार के पहले तक 90 फीसदी व उससे ज्यादा था। बैंकों द्वारा बांटे जाने वाले लोन के दायरे को सीमित करने के आरबीआई के निर्णय पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारों की मानें तो यह घातक कदम हो सकता है। आर्थिक मामलों के जानकारों और विपक्ष की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।

    बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की मॉनिटरिंग और उन पर नकेल कसने की जिम्मेदारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की है। इसके लिए आरबीआई समय-समय पर नियम और नीतियां बनाता है और जारी करता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से राष्ट्रीयकृत बैंकों के कारोबार का ऑडिट कराने की व्यवस्था भी इसी मॉनिटरिंग का एक हिस्सा है। इसी भरोसे के चलते लोग बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में बेखौफ होकर निवेश अथवा लेन-देन करते हैं। आरबीआई ने हाल ही में देश की सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के चेयरमैन, महाप्रबंधकों, कार्यकारी अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा की जाने वाली मॉनिटरिंग को सीमित करने का आदेश दिया गया है। इसके पीछे आरबीआई की कौन सी छिपी मंशा है पता नहीं, जबकि जानकार इसे घातक कदम बता रहे हैं।

    बड़े पैमाने पर NPA होने का खतरा हे या पर्दे के पीछे खेल कुछ और है ?

    उक्त पत्र आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक शिवकुमार बोस द्वारा 6 मार्च, 2023 को लिखा गया है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र की सभी बैंकों को अपने एडवांस अर्थात लोन का 70% का ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा कवर हो जाए, इस अनुसार अपनी अपॉइंटमेंट लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। आरबीआई द्वारा ऑडिट के दायरे को 70 फीसदी तक सीमित करने का प्रयास किया गया है जबकि देश में नरेंद्र मोदी सरकार के पहले तक 90 फीसदी या इससे अधिक का एडवांस अर्थात लोन इस मॉनिटरिंग में कवर होता था। बैंक की प्रत्येक ब्रांच (शाखा) का हर 3 साल में एक बार ऑडिट होता रहा है। माना जा रहा है कि आरबीआई द्वारा ऑडिट का यह दायरा घटना किसी खतरनाक स्थिति को पैदा कर सकता है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है? आखिर, आरबीआई क्या छिपाना चाह रही है ? कहीं उसे बड़े पैमाने पर NPA (Non Performing Asset) होने का खतरा तो नहीं महसूस हो रहा ? या फिर परदे के पीछे कुछ और ही खेल चल रहा है ?

    विपक्ष को संज्ञान व समझ नहीं या फिर वजह कुछ और है

    पत्र जारी हुए एक सप्ताह होने को है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या आरबीआई के इस निर्णय से भारत सरकार का वित्त मंत्रालय सहमत है। अगर सहमत है तो फिर जो मोदी सरकार ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता दिखाने की बातें और दावे करती है, वह राष्ट्रीयकृत बैंकों के एडवांस के ऑडिट को सीमित क्यों करना चाह रही है। अब सरकार की इसके पीछे क्या मंशा है, यह तो वही जाने लेकिन आश्चर्य तो इस बात का है कि इस मामले में विपक्ष भी चुप है। अब तक विपक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने के दो कारण माने जा सकते हैं कि- 1. उसे आरबीआई के ताजा निर्णय का संज्ञान और समझ ही न हो या 2. उसने जानबूझ कर आंखें बंद कर ली हैं। आर्थिक और बैंकिंग व्यवस्था के विशेषज्ञों का मौन भी समझ से परे है।

    ...तब भी गड़बड़ी नहीं होगी, इसकी क्या गारंटी

    जानकारों का मानना है कि नए निर्णय के पीछे आरबीआई की सोच शायद यह हो कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में ऑडिट के दौरान कोई ज्यादा गड़बड़ियां नहीं मिल रहीं। यदि यही धारणा है तो सिर्फ इस आधार पर बैंकों की पहरेदारी / निगरानी कम कर देना समझदारी नहीं कही जा सकती। ऐसा इसलिए कि यदि अभी तक कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं हुई है तो उसकी मुख्य वजह अब तक कायम रही मॉनिटरिंग की व्यवस्था का पुख्ता होना हो सकता है। इसे कम या पूरी तरह खत्म कर देने के बाद भी कोई गड़बड़ नहीं होगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। अगर आज अमेरिकी बैंक डूबी है या सहारा के निवेशक अपनी खून-पसीने की कमाई वापस लेने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं तो इसके मूल में कहीं न कहीं मॉनिटरिंग में रही खामियां ही जिम्मेदार मानी जा सकती हैं।

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    Sun, 12 Mar 2023 20:05:31 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अजब इश्क... 21 वर्षीय बहू और 60 साल के ससुर को हुआ इश्क़ वैलेंटाइन&डे पर चढ़ा परवान, पति को अब भी पत्नी से है वफ़ा की आस https://acntimes.com/21-year-old-daughter-in-law-and-60-year-old-father-in-law-love https://acntimes.com/21-year-old-daughter-in-law-and-60-year-old-father-in-law-love एसीएन टाइम्स @ डेस्क । कहते हैं कि इश्क न उम्र का फासला देखती है और न ही रिश्तों की नज़दीकियां। बानगी राजस्थान से है जहां 21 साल की बहू को अपने ही 60 वर्षीय ससुर से इश्क हो गया। दोनों का इश्क ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों वैलेंनटाइन डे पर घर से भाग गए। बेचारा पति पुलिस से अपनी पत्नी को ढूंढकर लाने की गुहार लगा रहा है, उसे अब भी पत्नी से वफा की उम्मीद है।

    घटना राजस्थान के बूंदी जिले के सदर थानाक्षेत्र की बताई जा रही हैं। यहां के एक गांव में रहने वाले युवक ने अपने 60 वर्षीय पिता के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि- वह पिता, मां, 21 वर्षीय पत्नी पत्नी और छोटी बेटी के साथ रहता है। मां मानसिक रोगी हैं। युवक के अनुसार इस वैलेंनटाइन डे (14 फरवरी) को उसका पिता उसकी पत्नी को भगा ले गया है।

    पहले ही बताया था कि पिता की हरकतें ठीक नहीं

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़ित युवक ने पुलिस को बताया कि वह पत्नी को खुश रखने के लिए मजदूरी करता था। कभी भी किसी बात के लिए उसे परेशान नहीं किया और किसी तरह की समस्या भी नहीं होने देता था, फिर भी वह चली गई। वह वापस आ जाए। युवक के अनुसार उसने पत्नी को पहले ही बता दिया था कि- मेरे पिता की हरकतें ठीक नहीं हैं, इसलिए वह उनसे ज्यादा बातचीत नहीं करे। उसका आरोप है कि उसका पिता उसकी पत्नी को डरा-धमकाकर रखता था।

    उम्मीद नहीं थी ऐसा करेगी

    युवक के अनुसार कुछ दिन से उसकी पत्नी बदली-बदली लग रही थी। इसे लेकर उसने उससे पूछा भी था, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। मुझे भी ऐसी कोई उम्मीद नहीं थी कि वो ऐसा कुछ करेगी। युवक ने पुलिस से जल्द से जल्द अपनी पत्नी को तलाश कर वापस लाने की गुहार लगाई है।

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    Mon, 06 Mar 2023 20:18:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    दिल्ली के डिप्टी सीएम एवं आप नेता मनीष सिसौदिया गिरफ्तार, सीबीआई 8 घंटे से कर रही थी पूछताछ, कल कोर्ट में किया जाएगा पेश https://acntimes.com/Delhi-Deputy-CM-Manish-Sisodia-arrested-will-appear-in-CBI-court-tomorrow https://acntimes.com/Delhi-Deputy-CM-Manish-Sisodia-arrested-will-appear-in-CBI-court-tomorrow एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । शराब घोटाले के मामले में सीबीआई दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई उनसे 8 घंटे से पूछताछ कर रही थी। आप ने इसे सरकार की तानाशाही बताया है। सिसौदिया को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

    सीबीआई AAP के नेता और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया शराब घोटाले को लेकर बीते 8 घंटे से पूछताछ कर ही थी। पूछताछ पूरी होने के बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इससे अरविंद केजरीवाल की सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। सिसौदिया को कल मेडिकल करवाने के बाद दिल्ली रॉउज एवन्यू में सीबीआई जज एम. के. नागपाल की कोर्ट में किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक सिसौदिया की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी वकील हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि मनीष सिसौदिया अपने ऊपर लगे आरोपों के मामले में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे पाए। यही नहीं उन्होंने जांच एजेंसी को ठीक से सहयोग भी नहीं किया जिसके चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामलों में सीबीआई द्वारा कुछ लोगों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं।

    भाजपा बोली- केजरीवाल सरकार की असलियत उजागर

    सिसौदिया की गिरफ्तार के बाद बयानों की बढ़ आ गई है। दिल्ली भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि 8 घंटे की पूछताछ के बाद सीबीआई ने आप के कट्टर भ्रष्टाचारी मनीष सिसौदिया को शराब घोटाले में गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल याद रखना, एक भी भ्रष्टाचारी नहीं बचेगा। घोटालों में लिप्त केजरीवाल सरकार की असलियत जनता के सामने आ गई है। भ्रष्टाचारी आप का पतन निश्चित है।

    आप ने कहा- इस तानाशाही का होगा अंत 

    दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने सिसौदिया की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए आज के दिन को लोकतंत्र का काला दिन बताया है। वहीं AAP के संजय सिंह ने सिसौदिया की गिरफ़्तारी को तानाशाही की इंतेहा बताया है। उन्होंने कहा कि आपने एक नेक इंसान और सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री को गिरफ़्तार करके अच्छा नहीं किया मोदी जी। भगवान भी आपको माफ़ नहीं करेगा। एक दिन आपकी तानाशाही का अंत ज़रूर होगा।

    आप भी जानिए, दिल्ली की नई शराब नीति

    17 नवंबर 2021 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति लागू की। राजधानी में 32 जोन बनाए। हर जोन में ज्यादा से ज्यादा 27 दुकानों सहित कुल 849 दुकानें खुलनी थीं। नई नीति में दिल्ली की सभी शराब दुकानों को प्राइवेट कर दिया। पहले दिल्ली में 60 प्रतिशत दुकानें सरकारी और 40 प्रतिशत प्राइवेट थीं। सरकार का तर्क दिया था कि इससे 3,500 करोड़ रुपए के राजस्व का फायदा होगा। सरकार ने लाइसेंस फीस भी कई गुना बढ़ा दी। पहले एल-1 लाइसेंस के ठेकेदारों को 25 लाख देने पड़ते थे, नई नीति के बाद पांच करोड़ चुकाने पड़े। अन्य कैटेगिरी में भी लाइसेंस फीस में बढ़ गई।

    जनता व सरकार को नुकसान का आरोप

    भाजपा का आरोप है कि नई शराब नीति से जनता और सरकार दोनों को नुकसान है। इससे बड़े शराब कारोबारियों को फायदा होगा। इसमें तीन तरह से घोटाले की बात कही जा रही है। दरअसल, शराब ब्रिकी के लिए ठेकेदारों को लाइसेंस लेना पड़ता है। सरकार ने लाइसेंस शुल्क तय किया है। कई कैटेगिरी भी हैं। आरोप है कि दिल्ली सरकार ने जानबूझकर बड़े शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाइसेंस शुल्क बढ़ाया। नतीजतन छोटे ठेकेदारों की दुकानें बंद हो गईं। इसके एवज में आप के नेताओं और अफसरों को शराब माफियाओं ने मोटी घूस दी।

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    Sun, 26 Feb 2023 20:28:14 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ...ताकि कायम रहे सांप्रदायिक सौहार्द्र : अगर 2009 में ही तत्कालीन कांग्रेस सरकार यह सुझाव गंभीरता से लेती तो सत्ता की चाबी भाजपा के हाथों में नहीं जाती https://acntimes.com/Important-suggestions-of-Anil-Jhalani-convenor-of-Bharat-Gaurav-Abhiyan-to-maintain-communal-harmony https://acntimes.com/Important-suggestions-of-Anil-Jhalani-convenor-of-Bharat-Gaurav-Abhiyan-to-maintain-communal-harmony एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कांग्रेस पार्टी की मुस्लिम परस्त छवि और भाजपा की हिन्दुत्ववादी छवि के चलते देश में हुए ध्रुवीकरण ने भाजपा को सफलता के शीर्ष पर पंहुचा दिया है। यदि बरसों पहले दिए सुझाव पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अमल कर लिया होता तो आज कांग्रेस का इतना पतन नहीं हुआ होता और भाजपा भी इतनी तेजी से आगे नहीं बढ़ पाती।

    देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र बढ़ाने के लिए भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी ने वर्ष 2009 में तत्कालीन गृहमंत्री को यह सुझाव दिया था कि विभिन्न स्थानों पर होने वाले सांप्रदायिक घटनाओं के पीछे के कारणों का अध्ययन किया जाए, जिससे भविष्य में होने वाले दंगों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

    वर्ष 2009 में टाइम्स आफ इण्डिया अखबार में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इसमें कहा गया था कि तत्कालीन केन्द्र सरकार ने देश की समस्त राज्य सरकारों को सांप्रदायिक दंगों के सम्बन्ध में दिशा निर्देश जारी किए थे। इन दिशा निर्देशों के मुताबिक राज्यों में होने वाले सांप्रदायिक विवादों या दंगों की समस्त जानकारियां एक निश्चित प्रारुप में केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश राज्यों को दिए गए थे। तब भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी ने इस रिपोर्ट को देखने के बाद वर्ष 2009 में ही तत्कालीन गृहमंत्री पी. चिदम्बरम को एक पत्र लिख कर सुझाव दिया था कि राज्यों को प्रेषित दंगों की जानकारी वाले प्रारूप में दंगे के पीछे का मुख्य कारण का भी एक कॉलम जोड़ा जाए। यदि प्रत्येक दंगे के पीछे के कारणों का गहराई से अध्ययन किया जाता, तो भविष्य में इसकी सहायता से दंगों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता था।

    इसके बाद झालानी ने 02 दिसम्बर 2013 को तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे को पत्र लिखकर गृह मंत्रालय के अधीन एक सांप्रदायिक सौहार्द्र एवं धार्मिक मामले विभाग का पृथक से गठन करने का सुझाव दिया था। अपने पत्र में झालानी ने कहा था कि देश में धर्म एक सर्वकालिक विषय है। देश में विभिन्न धर्मों के नागरिक निवास करते हैं। इन धर्मों के मतावलंबियों के मध्य  सांप्रदायिक घटनाएं होती रहती हैं। दूसरी ओर सरकार सभी धर्मों को सम्मान देती हैं और सांप्रदायिक सौहार्द्र कायम रखने के लिए इस बहुधर्मी देश में इसके गठन की नितांत आवश्यकता है।

    प्रथक से मंत्रालय स्थापित करने का भी था सुझाव

    झालानी ने अपने पत्र में सुझाव दिया था कि गृह मंत्रालय में एक धर्म एव सौहार्द्रता का पृथक से उपमंत्रालय स्थापित किया जाए। इसमें इस विषय से जुड़े अन्य मंत्रालयों में कार्यरत विभागों को भी संयोजित किया जाना चाहिए। देश के वर्तमान हालातों के मद्देनजर यह नया प्रस्तावित विभाग  महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। झालानी के इस सुझाव पत्र पर गृह मंत्रालय के अवर सचिव जसवीर सिंह ने 03 अप्रैल 2014 को झालानी को पत्र लिखकर बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय साम्प्रदायिक सद्भाव प्रतिष्ठान (एनएफसीएच) एक स्वायत्त संस्था के रूप में राष्ट्रीय सद्भाव और राष्ट्रीय एकता के संवर्धन के लिए कार्यरत है।

    यदि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने इन सुझावों पर अमल कर लिया होता तो बहुसंख्यक समाज का विश्वास टूटते हुए देश में ऐसा ध्रुवीकरण नहीं हो पाता। कांग्रेस को सत्ता से बाहर होने का एक बड़ा कारण यही ध्रुवीकरण रहा।

    झालानी की सुझाव की तर्ज पर डॉ. भागवत और मदनी में हुई चर्चा

    झालानी द्वारा दिए सुझाव की तर्ज पर हाल ही के दिनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत और मौलाना अरशद मदनी के मध्य हुई सांप्रदायिक सौहार्द्र के विषय पर चर्चा हुई। झालानी ने  प्रधानमंत्री को 05 सितम्बर 2019 को पुनःपत्र लिखकर  गृहमंत्रालय के अधीन सांप्रदायिक सौहार्द्र एवं धार्मिक मामले का उपमंत्रालय गठित कर विभिन्न धर्मों के बीच जनसंख्या अनुपात, धर्मान्तरण, अंतर्धार्मिक विवाह, धर्मिक कार्यों हेतु ध्वनि विस्तारकों का उपयोग, धर्मिक चल समारोह के मार्गों, गौ-हत्या आदि  विवाद के विषयों के कारणों पर निरंतर विचार कर उसके स्थायी समाधान के लिए कार्यवाही करने का सुझाव दिया।

    अपने इस सुझाव पत्र में झालानी ने कहा कि  गृह मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय विशेष सेल गठित किया जाए जो कि एक उपमंत्रालय के रूप में हो। जो देश में सांप्रदायिक हिंसा के कारणों का सूक्ष्मता से तह में जाकर वास्तविक कारणों की खोज और विश्लेषण करे। इसके बाद बुद्धिजीवियों, धार्मिक नेताओं और ख्यातनाम हस्तियों को बैठाकर इन निष्कर्षों के ऊपर बहस व विचार-विमर्श हो। इसमें ज्ञात हो चुके कारणों पर सर्वसम्मत उपायों के लिए कार्ययोजना बनाकर इस पर राजनीतिक दलों की सहमति बनाए तथा उचित कानूनी संशोधन और आवश्यक हो तो संविधान संशोधन का प्रावधान करें।

    संवाद के निरंतर प्रयासों से हो सकता है समाधान

    झालानी ने अपने पत्र में लिखा कि इस प्रकार  संवाद के निरन्तर प्रयासों से शनै:शनै: विवादित विषयों का समाधान होता रहेगा और आपसी मतभेद, घृणा और दूरियां कम होती जाएंगी। मुख्य रूप से राजनीति और वोट बैंक से परे हटकर आपसी सौहार्द्र की दिशा में परस्पर सहमति से ठोस और सार्थक प्रयास होते रहेंगे तो इसका सुखद परिणाम यह होगा कि देश की प्रगति में सभी धर्मों के अनुयाईयों का सार्थक योगदान मिलेगा।

    यह सही समय है सेल गठित करने के लिए

    झालानी ने अपने पत्र में लिखा है कि इस प्रकार का विशेष सेल गठित करने का यही सही समय है। झालानी ने इस पत्र की प्रतिलिपि गृहमंत्री अमित शाह, संघ प्रमुख डॉ. मोहन  भागवत और मौलाना अरशद मदनी को भी प्रेषित की थी।

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    Tue, 21 Feb 2023 19:42:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ITR Forms Update : 2023&24 के लिए जारी हुए ITR&1 से ITR&6 तक जारी हुए फॉर्म, आपको कौन सा भरना है यह जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर https://acntimes.com/Update-form-of-income-tax-return-for-2023-24-released https://acntimes.com/Update-form-of-income-tax-return-for-2023-24-released एसीएन टाइम्स @ डेस्क । वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए आयकर विवरणी भरने के लिए CBDT ने नॉटिफिकेशन के माध्यम से अपडेट ITR Form जारी किए हैं।

    आप टैक्सपेयर हैं या इस दायरे में आने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए उपयोगी हो सकती है। सरकार ने इनकम टैक्स विवरणी दाखिल करने के लिए 2022-23 हेतु और असेसमेंट ईयर 2023-24 (2022-23 में हुई आय के लिए) आईटीआर फॉर्म जारी किए हैं। इसमें 6 अपडेट फॉर्म शामिल हैं जो आपकी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए अपडेट किए गए हैं।

    केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 के लिए इंडिविजुअल और बिजनेसेज़ के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने के लिए फॉर्म नोटिफाई किए गए हैं। इसके लिए 10 फरवरी को एक नॉटिफिकेशन जारी किया गया था। इसमें ITR फॉर्म ITR-1 SAHAJ, ITR-2, ITR-3, ITR-4 SUGAM, ITR-5, ITR-6, ITR-V (प्रमाणीकरण फॉर्म) और (इनकम टैक्स रिटर्न एकनॉलेजमेंट फॉर्म) आईटीआर पावती प्रपत्र शामिल हैं। अगर आप अपडेटड आईटीआर फॉर्म्स देखना चाहते हैं तो https://egazette.nic.in पर विजिट कर सकते हैं।

    काफी आसान हो गया आईटीआर फॉर्म भरना 

    वरिष्ठ कर सलाहकार गोपाल काकानी के अनुसार सीबीडीटी ने असेसमेंट वर्ष 2023-24 (2022-23 में हुई आय के लिए) के आयकर रिटर्न फॉर्म अभी से नोटिफाई कर दिए हैं। इससे टैक्सपेयर्स को इनकम के रिटर्न तैयार करने में काफई मदद मिलेगी। पिछले साल अप्रैल के पहले हफ्ते में ऐसे फॉर्म जारी हुए थे। छोटे और मध्यम टैक्सपेयर्स के उपयोग वाले आईटीआर-1 और आईटीआर-4 को भरना अब काफी आसान हो गया है।

     

    ऐसे भारतीय नागरिक जिनकी सालाना आमदनी 50 लाख रुपए तक है, उन्हें आईटीआईर 1 भरना होता है। इस आय में 50 लाख तक की कमाई शामिल होती जिसमें सैलरी, पेंशन या किसी भी अन्‍य सोर्स से प्राप्त आय भी शामिल की जाती है। 5000 तक की कृषि आय भी इसमें शामिल है। काकानी के अनुसार अगर आप किसी कंपनी के डायरेक्‍टर हैं, किसी अनलिस्‍टेड कंपनी में निवेश किया हो, कैपिटल गेन्‍स से कमाते हों अथवा एक से अधिक हाउस या प्रॉपर्टी से आमदनी प्राप्त करते हैं या फिर कारोबार से कमाते है, तो आपको यह फॉर्म नहीं भरना पड़ेगा। इसकी जगह अलग फॉर्म है। किसके लिए कौन सा फॉर्म उपयोगी है, यहां इसकी जानकारी दी जा रही है।

    आईटीआर फॉर्म के प्रकार और उनकी उपयोगिता

    ITR Form - 2 : यदि आप 50 लाख रुपए से ज्‍यादा कमाते हैं तो यह फॉर्म आपके उपयोग के लिए ही है। इसमें एक से अधिक आवासीय संपत्ति, इन्वेस्टमेंट पर हुए कैपिटल गेन या लॉस, 10 लाख से ज्यादा की डिविडेंड आमदनी और खेती से हुई 5000 से ज्यादा होने वाली कमाई प्रदर्शित करना होगी। अगर पीएफ से ब्‍याज मिलता है या म्युचुअल फंड से राशि प्राप्त होती है तब भी यही फॉर्म भरना होगा। 

    ITR Form 3 : यदि आपने बिजनेसमैन हैं और इक्विटी अनलिस्टेड शेयर में निवेश किया हो, किसी कंपनी में सहभागी के तौर पर कमाई कर रहे हों, तो आप यह फॉर्म भरना होगा। ब्याज, वेतन, बोनस से होने वाली आय, कैपिटल गेन, हॉर्स रेसिंग, लॉटरी अथवा एक से ज्यादा प्रॉपर्टी से किराए के रूप में होने वाली आय पर भी आपको यही फॉर्म भरना होगा। 

    ITR Form 4 : यह फॉर्म व्यक्तिगत और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है। यदि आपकी आमदनी बिजनेस या अन्य व्यवसाय से होती है तो आप इसका उपयोग कर सकते हैं। इसमें डॉक्‍टर-वकील की आय, पार्टनरशिप फर्म्स (LLP के अलावा) चलाने वाले, धारा 44एडी और 44एई के तहत आय प्राप्त करने वाले और वेतन या पेंशन पाने वाले शामिल हैं। ऐसी स्थिति में 50 लाख से ज्‍यादा की आय होने पर इसका उपयोग करना होगा। फ्रीलांसर हैं और सालाना कमाई 50 लाख से ज्‍यादा है, तब भी यह फॉर्म उपयोग करें।

    ITR Form - 5 : यह उन 5 संस्थाओं के लिए है, जिन्होंने खुद को फर्म, LLPs, AOPs, BOIs के रूप में रजिस्टर्ड करा रखा हो। एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स और बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स के लिए भी इस फॉर्म का उपयोग करना होगा।

    ITR Form 6 : ऐसी कंपनियां जिन्हें आयकर अधिनियम के सेक्शन 11 के तहत छूट नहीं मिलती है, उन्हें ITR Form 6 का उपयोग करना होगा।

    ITR Form - 7 : जिन लोगों को 139(4A) या सेक्शन 139(4B) या सेक्शन 139(4C) या सेक्शन 139(4D) के तहत रिटर्न दाखिल करना हो उन्हें यह फॉर्म भरना होगा। यह फॉर्म 14 फरवरी को नोटिफाई किया जा चुका है। 

    नहीं आया कॉमन ITR-फॉर्म

    1 फरवरी को बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स स्लैब में बदलाव की घोषणा की थी। तब उन्होंने कहा था कि सभी के लिए कॉमन आईटीआर फॉर्म लाया जाएगा। इससे उम्मीद थी कि इस बार CBDT इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए कॉमन इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म जारी करेगी, हालांकि ऐसा नहीं हुआ है। अभी इसके लिए कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।

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    Sat, 18 Feb 2023 12:42:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    शब्दों के पीछे, छिपे कुछ शब्द… https://acntimes.com/Behind-the-words-some-hidden-words https://acntimes.com/Behind-the-words-some-hidden-words अतुल मलिकराम (राजनीतिक विश्लेषक)

    "पानी बचाएँ, प्रकृति को बढ़ावा दें और रक्तदान करें…" ये शब्द हमारे जीवन का अहम् हिस्सा हैं, क्योंकि इनके आवरण में ही हम बड़े हुए हैं। लेकिन, क्या हो अगर मैं कहूँ कि इन कथनों या शब्दों के पीछे कुछ दूसरे अर्थ भी छिपे हुए हैं, जिनसे कहीं न कहीं हम अनजान हैं? भले ही हम इन शब्दों से अच्छी तरह परिचित हैं, लेकिन फिर भी इनके पीछे की असली मंशा कई लोगों की समझ से बाहर है।

    'पानी बचाओ' या 'सेव वाटर' सबसे आम मुहावरा है, जो हम लगभग हर दिन सुनते हैं। इस मुहावरे के माध्यम से कहीं न कहीं नीले रंग को बचाने की बात कही जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नीला रंग हमारे समाज के कमजोर तबके का भी प्रतिनिधित्व करता है। जिन लोगों के लिए जीवन संघर्ष के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है, जिनके जीवन के आधे से ज्यादा दिन भूख से कराहते हुए बीत जाया करते हैं, जिनके पास ठण्ड, धूप और बारिश से बचने के लिए छत नहीं है, यहाँ तक कि किसी बीमारी के गर्त में जाने के दौरान डॉक्टर को दी जाने वाली फीस तक नहीं है। 'सेव वाटर' या 'सेव द ब्लू' इन जरूरतमंदों की मदद करने का संकेत देता है। अक्सर हम यह भूल जाते हैं कि उन्हें हमारी हमदर्दी की जरूरत है, दया की नहीं। पैसों या अन्य सांसारिक चीजों से उनकी जरूरतों की पूर्ति करने की नहीं, बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए उन्हें अच्छे अवसर देने की आवश्यकता है। ऐसे में हमारे समाज को इस तरह की पहल के लिए एक साथ आगे आने की जरूरत है, ताकि इस तबके को उसकी क्षमता तक पहुँचने में मदद मिल सके।

    हम प्रकृति को बढ़ावा देने या हरियाली बिखेरने के बारे में भी बात करते हैं। हरे रंग का मतलब जहाँ एक तरफ हमारे आस-पास का वातावरण है, वहीं दूसरी तरफ यह इस्लाम धर्म का भी प्रतीक है। यदि अतीत की एक झलक देखें, तो पाते हैं कि इस धर्म के कई शासकों, राजनेताओं, कलाकारों और कारीगरों आदि ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। लेकिन, हाल के दिनों में उनका यह हुनर काफी हद तक थम-सा गया है। आज के समय को देखते हुए, उन्हें अपने गौरव को फिर से प्राप्त करने और खुद को साबित करने के लिए उचित शिक्षा सुविधाओं, अवसरों और प्लेटफॉर्म्स की आवश्यकता है। 

    पिछले दोनों कथनों की तरह ही 'रक्तदान' या 'डोनेट ब्लड' में भी एक छिपा हुआ खूबसूरत अर्थ है। जहाँ एक तरफ लाल रंग, रक्त को इंगित करता है, वहीं दूसरी तरफ यह हमारी हिंदू संस्कृति का भी प्रतिनिधित्व करता है। हिंदू धर्मग्रंथ इस बात की पुष्टि करते हैं कि मानवता की सेवा करना भगवान की सेवा करने के बराबर है। श्रीमद् भगवद् गीता के अनुसार, प्रशंसा या पुरस्कार की उम्मीद के बिना दिया गया उपहार, देने वाले और प्राप्तकर्ता दोनों को लाभ पहुँचाता है। दान और विशेष तौर पर अन्न दान की प्रथा भारतीय समाज के सभी वर्गों में बहुत मायने रखती है। कुछ लोग जरूरतमंदों के लिए विशेष सामान तथा भोजन आदि का बंदोबस्त करते हैं, साथ ही किसी विशेष दिन की याद में धर्मार्थ को बरकरार रखते हुए दान करते हैं। दान की इस परिभाषा का ताना-बाना अब कुछ उधड़ता हुआ जान पड़ता है, जिसकी तुरपाई करना बहुत जरूरी है।

    शब्दों की महत्ता को समझते हुए यदि इनके पीछे छिपे अर्थों को भी हम समझ सकें, तो न सिर्फ गरीब तबके को गरीबी के गर्त से उबारा जा सकता है, बल्कि अद्भुत कारीगरों और कलाकारों को फिर एक बार वही पहचान मिल सकती है, और साथ ही सनातन धर्म के अंतर्गत कहे जाने वाले कथन, "दान ही सबसे बड़ा धर्म है" को हमेशा के लिए जीवित रखा जा सकता है। जिस दिन आप इन बातों का मोल समझ लेंगे, उस दिन आप सही मायने में शब्दों के पीछे, छिपे शब्दों का अर्थ भी समझ सकेंगे।

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    डिस्क्लेमर

    ये विचार लेखक के अपने हैं। यह जरूरी नहीं कि इसमें दी गई विषय वस्तु से एसीएन टाइम्स.कॉम आंशिक या पूरी तरह सहमत हो।
    संपादक
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    Tue, 31 Jan 2023 19:37:59 +0530 Niraj Kumar Shukla
    आसाराम बापू शिष्या से रेप के एक और मामले में दोषी करार, गांधीनगर कोर्ट आज सुनाएगी सजा, जानिए क्या है मामला... https://acntimes.com/Asaram-Bapu-convicted-in-another-case-of-raping-a-disciple https://acntimes.com/Asaram-Bapu-convicted-in-another-case-of-raping-a-disciple एसीएन टाइम्स @ वडोदरा । गुजरात की गांधीनगर सेशन कोर्ट ने नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम बापू को शिष्या से बलात्कार के एक और मामले में दोषी पाया है। आसाराम पर सूरत की एक महिला से 10 साल पहले अहमदाबाद के मोटेरा आश्रम में कई बार रेप करने का आरोप है। मामले में कोर्ट मंगलवार को सजा सुनाएगी।

    लंबी सुनवाई के बाद गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने 30 जनवरी को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। इसमें आसाराम को 2001 से 2006 तक महिला शिष्या को अपने आश्रम में बुलाकर रेप करने का आरोपी करार दिया। 13 साल पुराने मामले की 6 अक्तूबर, 2013 को एफआईआर दर्ज हुई थी। कहा जा रहा था का आसाराम बापू की प्रसिद्धि के कारण पीडिता ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।

    जानकारी के अनुसार सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। मामले में कोर्ट में 68 लोगों के बयान दर्ज हुए थे। जिसमें से 55 का सरकार द्वारा परीक्षण भी कराया गया था। सभी गवाहों के बयान विरोधाभासी होने से 8 आरोपियों में से एक को गवाह बनाया गया जबकि सात के विरुद्ध चार्जशीट पेश की गई। इसमें से कोर्ट ने छह आरोपियों को निर्दोष पाया। मामले के दोषी आसाराम को कोर्ट मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे सजा सुनाएगी।

    पहले जोधपुर कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद

    बता दें कि, आसाराम पर आरोप लगा था कि उन्होंने 15 अगस्त 2013 को एक आश्रम में बुलाकर किशोरी से रेप किया था। पीड़िता के मुताबिक उसके साथ जोधपुर के पास मणि गांव में स्थित एक आश्रम में रेप हुआ था। इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजन ने दिल्ली के कमला मार्केट पुलिस थाने में आसाराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 376, 342, 506 और 509 और प्रिवेंशन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पॉक्सो) की धारा 8 और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 23 और 26 के तहत केस दर्ज प्रकरण जोधपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया था। मामले में पुलिस ने आसाराम को सितंबर 2013 में इंदौर से गिरफ्तार किया था। चार साल तक जेल में सजा काटी। इस दौरान ट्रायल जारी रहा। जोधपुर कोर्ट में 7 अप्रैल 2018 को मामले की सुनवाई पूरी हो गई थी।  25 अप्रैल 2018 को जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को 16 वर्षीय किशोरी से रेप का दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी। तब से वे जेल में सजा काट रहे हैं। 

    400 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति

    जानकारों की मानें तो आसाराम के ऑर्गेनाइजेशन के दुनिया भर में 350 आश्रम हैं। इनका मुख्यालय अहमदाबाद में है। योग सेवा समिति इन आश्रमों को संभालती है जिनका संचालन 1200 से भी ज्यादा क्षेत्रीय समिति के साथ संचालित किया जाता रहा है। आसाराम  की ट्रस्ट की वार्षिक कमाई लगभग 400 करोड़ रुपे बताई जाती है। माना जा रहा है कि यह कमाई इससे ज्यादा भी हो सकती है।

    आसाराम बापू का जीवन परिचय

    नाम आसाराम  
    वास्तविक नाम आसुमल थाउमल सिरुमलानी हरपलानी
    पेशा संत और बहुत सी संस्थाओं का संचालन
    माता मेहानगिबा
    पिता थाउमल सिरुमलानी
    जाति सिंधी
    जन्मदिन 17 अप्रैल, 1941
    जन्मस्थान नवाब-शाह सिंध पाकिस्तान
    पत्नी लक्ष्मी देवी
    पुत्र नारायण साईं
    पुत्री भारती देवी
    पत्नी लक्ष्मी देवी
    गुरु लीलाधर शाह
    विवाद हत्या, जमीन गबन, घी में मिलावट, बलात्कार जैसे गम्भीर आरोप लग चुके हैं
    सजा  77 वर्ष की आयु में उम्र कैद
    लेटेस्ट एक और शिष्या से रेप का आरोप साबित
    आगे क्या 31 जनवरी, 2023 को गांधीनगर कोर्ट सजा सुनाएगी
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    Tue, 31 Jan 2023 01:44:55 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा सुझाव : लाउडस्पीकर को लेकर होने वाले विवादों का एकमात्र हल, हर जिले में नियुक्त हों ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी& अनिल झालानी https://acntimes.com/Big-suggestion-sound-expansion-control-officer-should-be-appointed-in-every-district-Anil-Jhalani https://acntimes.com/Big-suggestion-sound-expansion-control-officer-should-be-appointed-in-every-district-Anil-Jhalani भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी ने केंद्र सरकार को दिया महत्वपूर्ण सुझाव

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । देश में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण के कारण नागरिकों के शांति से जीने के अधिकार का हनन कर रहा है। हाल के दिनों में मसजिदों के लाउड स्पीकर हटाने के लिए न्यायालय में याचिकाएं भी दायर की गई हैं। उच्चतम न्यायालय भी ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। बावजूद ध्वनि प्रदूषण कम होने के बजाय बढता ही जा रहा है। इस समस्या के समाधान भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी के सुझाव से हो सकता है। झालानी के अनुसार हर जिले में ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी की नियुक्ति इस समस्या का एकमात्र हल है।

    भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी ने इस बड़ी समस्या का समाधान करीब पांच वर्ष पूर्व 5-7-2017 को ही देश के प्रधानमंत्री को दिया था। इसमें ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए प्रत्येक जिले में एक ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी (एम्प्लीफायर कंट्रोलर) की नियुक्ति किए जाने का की बात सुझाई गई थी। इसके साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों के निर्माता, क्रेता, विक्रेता और उपयोगकर्ताओं तक का रजिस्टर भी रखने की सलाह दी थी।

    जरूरत के अनुसार हो ध्वनि विस्तारकों का वर्गीकरण

    झालानी ने बताया था कि सबसे पहले ध्वनि विस्तारकों का वर्गीकरण किया जाना चाहिए जिससे कि ढोल-नगाडों जैसे पारम्परिक वाद्य यंत्रों को इस व्यवस्था से बाहर रखा जा सके। इसके पश्चात मान्य डेसीबल से अधिक क्षमता वाले ध्वनि विस्तारकों का निर्माण करने वाली इकाइयों का रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही मान्य डेसीबल से अधिक क्षमता के ध्वनिविस्तारक यंत्रों का भी पंजीकरण किया जाना चाहिए।

    वाहन के इंजिन की तरह जारी हो नंबर, शस्त्र लायसेंस जैसी बने व्यवस्था

    झालानी ने प्रत्येक ध्वनि विस्तारक यंत्र का उत्पादन के समय ही एक नम्बर नियत किए जाने का सुझाव भी दिया था। यह नंबर ठीक उसी प्रकार होगा जैसे मोटर कार में इंजिन का नम्बर होता है। पंजीकृत ध्वनि विस्तारक यंत्र का वही नम्बर उत्पादन कर्ता से लगाकर विक्रेता, क्रेता, सेवा प्रदाता और अंतिम उपयोगकर्ता तक मान्य रखा जाए। वर्तमान में जैसी व्यवस्था शस्त्र लायसेंस के लिए बनाई गई है, कमोबेश उसी तरह की व्यवस्था बनाई जाए।

    ऐसे काम करेगा ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी

    झालानी के अनुसार जिले का ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी तय करेगा कि किस आयोजन पर कौन सा ध्वनि विस्तारक यंत्र बजेगा। उस यंत्र की उपयोगिता और कितने लोगों तक उसकी आवाज पंहुचाने की आïवश्यकता है और कितने समय तक है। इन बातों का औचित्य सिद्ध होने पर ही ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी द्वारा उसके उपयोग की अनुमति जारी की जाएगी। इसके लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने के लिए एक संक्षिप्त प्रारूप वाला आवेदन-पत्र तैयार करवाया जाए। ध्वनि विस्तारक का संचालन करने वाला या सेवा प्रदाता एजेंसी इस प्रारूप आवेदन में समस्त विवरण भरकर ध्वनि विस्तारक नियंत्रण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। आवेदन प्रस्तुत कर सूचना देने को ही अनुमति स्वीकार माना जाए।

    प्रतिबंध लगाने और दंडात्मक कार्रवाई का हो अधिकार

    झालानी ने सुझाव में कहा है कि नियंत्रण अधिकारी ऐसे प्रत्येक आवेदन पर ध्यान दें और जहां उसे प्रतीत हो कि इस आयोजन में इतने डेसीबल के उपयोग की आवश्यकता नहीं है या  अधिक समय उपयोग किया जा रहा है, तो वह लिखित आदेश जारी कर ध्वनि विस्तारक के उपयोग पर प्रतिबन्ध लगा सकेगा। वह उपकरण जप्त कर सकेगा। जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ता के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई भी कर सकेगा। झालानी ने सुझाव पत्र में एक कानून बनाने का सुझाव भी केन्द्र सरकार को दिया है ताकि देश में बढते ध्वनि प्रदूषण की समस्या से निपटा जा सके। इससे नागरिकों के शांति से जीवन जीने के अधिकार का संरक्षण हो सकेगा।

    इन सभी को स्मरण पत्र भी लिखा  

    झालानी ने अपने सुझावों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद, अध्यक्ष विधि आयोग और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को  7 मार्च 2019 को पुनः स्मरण पत्र भी भेजा था। इसकी प्रतिलिपि तत्कालीन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण NGT के अध्यक्ष और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष को भी भेजी गई थी।

    सुझाव पर अमल से ये होंगे फायदे

    झालानी ने उम्मीद जताई है कि सरकार उपरोक्त सुझावों पर अमल कर जल्द से जल्द कानून बनाकर ध्वनि विस्तारक यंत्र नियंत्रण अधिकारी की नियुक्ति करेगी। इससे सिर्फ ध्वनि प्रदूषण के मामलों में शासन को सीधे हस्तक्षेप करने का अधिकार मिल जाएगा। साथ ही ध्वनि प्रदूषण, शोर और कोलाहल से सम्बंधित सभी समस्याओं का समाधान भी हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT ) को भी राहत मिलेगी।

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    Sun, 29 Jan 2023 01:46:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
    इन्वेस्टर्स समिट में रतलाम, मंदसौर व नीमच के निवेशकों का हंगामा, आमंत्रित करने के बाद भी प्रवेश नहीं देने पर भड़के उद्योगपति व व्यापारी, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Uproar-of-industrialists-and-businessmen-at-the-Global-Investors-Summit https://acntimes.com/Uproar-of-industrialists-and-businessmen-at-the-Global-Investors-Summit एसीएन टाइम्स @ इंदौर / रतलाम । मध्य प्रदेश में निवेश लाने के लिए इंदौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट बुधवार को सुर्खियों में आ गया। यहां आमंत्रित किए गए रतलाम, मंदसौर और नीमच से पहुंचे उद्योगपतियों और व्यापारियों ने प्रवेश नहीं मिलने पर हंगामा कर दिया। उनका आरोप है कि समिट में शामिल होने के लिए उनसे रुपए लेने और समय देने के बाद भी प्रवेश नहीं दिया गया जो कि सीधे तौर पर धोखाधड़ी है। 

    मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रयासों के चलते पिछले दिनों फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्टर आर्गेनाइजेशन (फीयो) के प्रतिनिधियों ने रतलाम एक कार्यशाला का आयोजन किया था। इसमें फीयो द्वारा रतलाम, मंदसौर और नीमच के उद्योगपति और व्यापारियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 30 देशों के खरीदारों से मुलाकात करवाने का वादा भी किया गया था। इसके चलते बुधवार को तीनों जिलों के करीब 47 उद्योगपति और व्यापारी इंदौर में चल रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल होने गए थे। यहां मालवा चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के वरुण पोरवाल के नेतृत्व में पहुंचे उद्योगपति और व्यापारियों को समिट में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इससे पोरवाल भड़क गए और नाराजगी जताई। इसके वीडियो कांग्रेस के केके मिश्रा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान और पूर्व सीएम कमलनाथ को ट्वीट किए।

    यह भी देखें... ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में रतलाम के उद्योगपति व व्यवसायी भी दिखा सकेंगे अपने उत्पाद, 30 देश के 70 से अधिक खरीदारों से होगी मुलाकात

    पोरवाल सहित उद्योगपतियों ने समिट को धोखाधड़ी करने वाला आयोजन बताया। उनका कहना है कि फीयो के प्रतिनिधियों ने विदेशी खरीददारों से मुलाकात करवाने के लिए समय नियत किया गया था। सभी उद्योगपतियों को पांच-पांच लोगों से मुलाकात कराई जाना थी लेकिन यहां प्रवेश ही नहीं दिया जा रहा है। अधिकारियों को कॉल करने पर वे रिसीव तक नहीं कर रहे।

    उद्योगपतियों से रुपए लेने का आरोप

    उद्योगपति वरुण पोरवाल ने बताया समिट में शामिल होने के लिए उद्योगपतियों और व्यापारियों से रुपए भी लिए गए थे। सभी से 2-2 हजार रुपए लिए गए। कई उद्योगपतियों व व्यापारियों से पांच से छह हजार रुपए तक भी वसूले गए। एक उद्योगपति ने कहा कि उन्हें यहां बुलाया गया और उनका अमूल्य समय बर्बाद कर दिया गया। यह सीधे तौर पर धोखाधड़ी है।

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    Wed, 11 Jan 2023 16:39:40 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी ने डेढ़ साल पूर्व जताई थी जोशीमठ में भूस्खलन की आशंका, पीएम व केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर समाधान भी बताए थे https://acntimes.com/Srijan-Bharat-convenor-Anil-Jhalani-had-expressed-this-big-apprehension-a-year-and-a-half-ago https://acntimes.com/Srijan-Bharat-convenor-Anil-Jhalani-had-expressed-this-big-apprehension-a-year-and-a-half-ago एसीएन टाइम्स @ रतलाम उत्तराखण्ड के जोशीमठ में जमीन धंसने और सड़कों व मकानों में दरारें आने तथा इनके लगातार चौड़ी होने की खबरें पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसकी वजह क्षेत्र में बनाई जा रही टनल और सड़क सहित अन्य निर्माणों के लिए की गई अंधाधुंध खुदाई बताई जा रही है। इसके चलते जोशीमठ के अस्तित्व पर ही खतरा मंडराने लगा है। इस खतरे और दुर्घटना को ‘सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी ने डेढ़ वर्ष पहले ही भांप लिया था। यही नहीं उन्होंने प्रधानमंत्री सहित देश के तमाम केन्द्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर आगाह करते हुए समाधान भी सुझाए थे।

    सृजन भारत के संयोजक अनिल झालानी द्वारा ‘स्वान्तः सुखाय अभियान चलाया जा रहा है। इसकी आठवीं कड़ी में उन्होंने डेढ़ वर्ष पूर्व जताए गए अंदेशे और लिखे पत्रों के बारे में बताया है। झालानी के अनुसार जब उत्तराखण्ड के चार धामों को आल वेदर फोरलेन रोड से जोड़ने और इस हिमालयीन क्षेत्र में रेल लाइन डालने की योजना प्रारंभ हुई थी, उसी समय उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व सम्बन्धित विभागों के मंत्रियों को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने चेताया था कि ऐसे निर्माण कार्यों से हिमालयीन व्यवस्था गड़बड़ा जाएगी।

    इन समस्याओं की ओर आकर्षित किया था ध्यान

    झालानी ने अपने पत्र में लिखा था कि हिमालय के पर्वत कच्ची मिट्टी के और तीव्र ढलान वाले हैं। इन पर्वतों को थोड़ा सा भी काटने पर वर्षाकाल में भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। हिमालयीन क्षेत्र में फोरलेन रोड और रेललाइन के लिए पहाड़ों को काटने से इन क्षेत्रों में भूस्खलन, पेड़ों का गिरना, मिट्टी का बहकर रोड पर आना जैसी अनेक समस्याएं लगातार आती रहेंगी। सड़कों के घुमावदार होने के कारण यात्रियों को चक्कर आने की समस्या भी होती है। झालानी ने पत्र में केन्द्र सरकार को फोरलेन और रेल लाइन प्रोजेक्ट के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं की चेतावनी देने के साथ ही उनके समाधान भी सुझाए थे। झालानी ने प्रधानमंत्री सहित अन्य मंत्रियों को इस दिशा में नए शोध व प्रयोग कर सड़क व रेल मार्ग बनाने का सुझाव दिया था।

    समस्याओं के ये हल सुझाए थे झालानी ने

    • पर्वतीय क्षेत्र में एक ही सतह पर फोरलेन बनाने की बजाय टू-लेन की दो अलग-अलग लेन समानान्तर बनाई जाएं। दोनों लेन एक-दूसरे से काफी दूर पर अथवा ऊपर-नीचे अलग-अलग स्तर पर बनाई जा सकती हैं। ऐसा करने से पहाड़ों को अधिक काटना नहीं पड़ेगा और पहाड़ों का सन्तुलन भी बना रहेगा।
    • पर्वतीय क्षेत्र में मेट्रो की तर्ज पर मिनी मोनो रेल सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। यह मिनी मोनो रेल जहां यात्री वाहनों की आवश्यकता और उसकी मांग की पूर्ति करने में सक्षम होगी, वहीं इसके विस्तार से पर्यटन उद्योग को भी नया आधार मिलेगा। खूबसूरत पर्वतीय वादियों में मिनी मोनो रेल से धीमे-धीमे गुजरने से पर्यटकों को अद्भुत आनन्द प्राप्त होगा। इस प्रकार के रेल रूट बनाने से पहाड़ों का कटाव भी कम होगा। कटाव कम होने और ज्यादा घुमाव नहीं होने से यात्रा संक्षिप्त और कम जोखिम वाली होगी। इससे दुर्घटनाओं की आशंका भी न्यूनतम रहेगी।

    इन मंत्रियों को दिए थे सुझाव

    झालानी ने उपयोगी सुझावों वाला पत्र प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल, राजमार्ग व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, तत्कालीन वन व पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल को भी प्रेषित किया था।

    पत्र का जबाव देने तक सीमित रही केंद्र सरकार की गंभीरता

    झालानी ने उक्त पत्र 29 जून, 2021 को प्रेषित किया था। केंद्र सरकार के जिम्मेदारों द्वारा पत्र पढ़ा भी गया और उसे गंभीरता से लेने के साथ ही झालानी को 10 अगस्त 2021 को उसका जवाब भी दिया गया। इतना ही नहीं सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ तकनीकी सहायक कुलदीप सिंह ने झालानी के पत्र को मूलत: सभी सम्बन्धित अधिकारियों को प्रेषित कर उन्हें इस सम्बन्ध में कार्रवाई करने के लिए निर्देशित भी किया। पत्र राष्ट्रीय राजमार्ग के मुख्य अभियन्ता, सीमा सड़क संगठन के शिवालिक प्रोजेक्ट के मुख्य अभियन्ता, एनएचआईडीसीएल के कार्यपालन निदेशक और ऋषिकेश कर्णप्रयाग नई रेल लाइन परियोजना के मुख्य परियोजना प्रबन्धक को भेजा गया था। इसकी प्रति झालानी को भी भेजी गई।

    अफसोस ! अमल में नहीं दिखाई तत्परता

    सरकार ने जितनी गंभीरता झालानी का पत्र पढ़ने और उसे संबंधित विभागों व अधिकारियों को अग्रेषित करने में दिखाई थी, उतनी उसमें दिए सुझावों को अमलीजामा पहनाने या उसके अनुरूप आचरण करने में नहीं दिखाई। अगर समय रहते सरकार ने ऐसा किया होता तो जोशीमठ में आज जो हो रहा है, वह नहीं हुआ होता।

    झालानी द्वारा लिखा गया पत्र

    झालानी के पत्र को लेकर सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय का पत्र

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    Tue, 10 Jan 2023 00:02:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    तीर्थ स्थल ही रहेगा सम्मेद शिखर जी, केंद्र सरकार ने पर्यटन स्थल का दर्जा वापस लिया, जानें& झारखंड सरकार को क्या दिए निर्देश https://acntimes.com/Big-decision-of-the-central-government-Sammed-Shikhar-ji-will-remain-the-third-place https://acntimes.com/Big-decision-of-the-central-government-Sammed-Shikhar-ji-will-remain-the-third-place भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (वन्य जीव प्रभाग) ने झारखंड सरकार को लिखा पत्र

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली / रतलाम । केंद्र की मोदी सरकार ने झारखंड (Jharkhand) के 'सम्मेद शिखर जी' तीर्थ स्थल (Sammed Shikhar Ji) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर इस तीर्थ स्थल पर ईको टूरिज्म गतिविधियों पर रोक लगा दी है। झारखंड सरकार को भेजे एक पत्र में मंत्रालय ने एक समिति गठित की है जो निगरानी रखेगी।

    भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (वन्य जीव प्रभाग) द्वारा झारखंड सरकार को पत्र लिखा है। केंद्रीय वन महानिरीक्षक (वन्य जीव) रोहित तिवारी के हस्ताक्षर से झारखंड के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एल. के. खियांग्टे (आईएएस) को लिखे पत्र में सम्मेद शिखर जी को तीर्थ स्थल ही रहने देने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय से अवगत कराया गया है। 

    आदेश में केंद्र सरकार ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए 2019 की अधिसूचना पर राज्य को कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। 2019 की अधिसूचना के खंड 3 के प्रावधानों पर रोक लगाई गई है। पर्यटन, ईको पर्यटन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने और झारखंड सरकार को  तत्काल इस पर आवश्यक कदम उठाने के लिए भी निर्देशित किया गया है।

    जैन समुदाय व आदिवासी समुदाय के लोगों को लेकर बनेगी समिति

    मंत्रालय द्वारा पारसनाथ वन्य जीव अभयारण्य की प्रबंधन योजना को लेकर एक कमेटी भी गठित की गई है। इसके साथ ही राज्य सरकार को निर्देशित किया गया है कि समिति में जैन समुदाय के दो सदस्यों और स्थानीय आदिवासी समुदाय से एक सदस्य को शामिल करना होगा। ईको सेंसिटिव जोन अधिसूचना के प्रावधानों की प्रभावकारी निगरानी के लिए स्थानीय समुदायों को भी शामिल किया जा सकेगा। यह समिति पर्यावरण, (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा की उप-धारा (3) के तहत उक्त अधिसूचना की के प्रावधानों की प्रभावकारी निगरानी करेगी।

    पारसनाथ वन्यजीव अभयारण्य में नहीं हो सकती ये गतिविधियां

    पत्र में बताया गया है कि पारसनाथ वन्यजीव अभयारण्य की प्रबंधन योजना पूरे पारसनाथ पर्वत क्षेत्र की रक्षा करता है। इसके खंड 7.6.1 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के लिए तत्काल सभी आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। इसमें पारसनाथ पर्वत क्षेत्र पर शराब, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों की ब्किरा करना, तेज संगीत बजाना या लाउडस्पीकर का उपयोग करना, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के अपवित्र स्थल जैसे पवित्र स्रक, झीलें, चट्टानें, गुफाएं और मंदिर, हानिकारक वनस्पतियों या जीवों, पर्यावरण प्रदूषण के कारण जंगलों, जल निकायों, पौधों, जानवरों के लिए हानिकारक कार्य करना या ऐसे स्थलों की प्राकृतिक शांति को भंग करना, पालतू जानवरों के साथ आना, पारसनाथ पर्वत क्षेत्र पर अनधिकृत कैंपिंग और ट्रेकिंi आदि की अनुमति नहीं है। पत्र में राज्य सरकार को पर्वत क्षेत्र में शराब एवं मांसाहारी खाद्य वस्तुओं के विक्रय एवं उपभोग पर प्रतिबंध को भी कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

    पर्यटन क्षेत्र घोषित करने को लेकर हुआ विरोध

    बता दें कि सम्मेद शिखर जी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने को लेकर देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में भी इस मुद्दे को लेकर जैन समुदाय ने कई दिनों से आंदोलनरत है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, नर्मदापुरम, खंडवा, बालाघाट, रतलाम सहित कई जिलों में विरोध प्रदर्शन कर जैन समाज ने नारजगी जाहिर की। मामले में रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप द्वारा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र भी लिखा था और बात भी की थी। इसके अलावा रतलाम के ही पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने मामले में सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए पर्यटन स्थल बनाने का अध्याधेश वापस लेने की मांग की थी।

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    Thu, 05 Jan 2023 20:39:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    गुजरात के नवसारी में हादसा : बस की टक्कर से एसयूवी सवार 9 लोगों की मौत, सभी वलसाड की एक कंपनी के कर्मचारी थे, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Accident-in-Gujarats-Navsari-9-people-killed-in-SUV-collision-with-bus https://acntimes.com/Accident-in-Gujarats-Navsari-9-people-killed-in-SUV-collision-with-bus हर्ष कुमार शुक्ला

    एसीएन टाइम्स @ वडोदरा । गुजरात के नवसारी में शनिवार को तड़के एक बस और एसयूवी की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 32 लोग घायल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे को दुखद बताते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की है। पीएम ने प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

    जानकारी के मुताबिक गुजरात के नवसारी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पर भीषण हादसा हो गया। सूरत से वलसाड जा रही एक बस एक एसयूवी कार से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी एसयूवी के परखच्चे उड़ गए। हादसे में (फॉर्च्यूनर)  सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई। सभी अंकलेश्वर में एक फर्म के कर्मचारी थे। हादसे में 32 लोग घायल हुए। जिनमें से 17 वलसाड के हैं।

    यह भी देखें... Rishabh Pant Accident : क्रिकेटर ऋषभ पंत की मर्सिडीज बेंज डिवाइडर से टकराकर उछली और लग गई आग, कार का शीशा तोड़कर निकले बाहर, गंभीर घायल

    हादसे की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। बस चालक का भी इलाज चल रहा है। हादसे के बाद राजमार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया था। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद यातायात बहाल हो सका।

    हादसे का कारण स्पष्ट नहीं

    अभी हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। कुछ लोगों का कहना है कि बस चालक को हार्ट अटैक आने से वह बस पर नियंत्रण खो बैठा और हादसा हो गया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि एसयूवी के चालक को झपकी आने से हादसा हुआ।

    17 वलसाड, 14 नवसारी व 1 सूरत में

    अतिरिक्त जिला कलेक्टर केतन जोशी के अनुसार 32 घायलों में से 17 को वलसाड के एक अस्पताल में ले जाया गया। वहीं 14 को नवसारी के अस्पताल में भर्ती कराया है। एक अन्य घायल व्यक्ति को परिजन इलाज के लिए सूरत ले गए हैं।

    पीएम ने किया ट्वीट, अनुग्रह राशि स्वीकृत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि नवसारी में हुए सड़क हादसे में लोगों की मौत से आहत हूं। मेरे विचार शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मुझे उम्मीद है कि घायल जल्द ही ठीक हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने अपने राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2-2 लाख रुपए जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपए अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

    केंद्रीय मंत्री शाह ने जताया दुख

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दुख जताया है। उन्होंने गुजराती भाषा में ट्वीट कर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि नवसारी में हुई सड़क दुर्घटना दिल दहला देने वाली है। त्रासदी में जिन लोगों ने अपने परिवारों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना है। ईश्वर उन्हें दर्द सहने की शक्ति दे।

    इन्होंने भी किए ट्वीट

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    Sat, 31 Dec 2022 12:47:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Rishabh Pant accident : मां को सरप्राइज देने किसी को बताए बिना देर रात निकल पड़े थे ऋषभ पंत, अब खतरे से बाहर, अनुपम खेर और अनिल कपूर मिलने पहुंचे https://acntimes.com/Rishabh-Pant-accident-update-Indian-cricketer-Rishabh-Pant-is-now-out-of-danger https://acntimes.com/Rishabh-Pant-accident-update-Indian-cricketer-Rishabh-Pant-is-now-out-of-danger एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटर ऋषण पंत (Rishabh Pant accident) के प्रशंसकों के लिए यह खबर राहत देने वाली है। पंत अब खतरे से बाहर पताए जा रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हादसे का बाद उनकी मदद करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही एक्सपर्ट यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि आखिर इतना भीषण हादसे की मुख्य वजह क्या रही। इधर, शनिवार सुबह अभिनेता अनुपम खेर और अनिल कपूर पंत से मिलने अस्पताल पहुंचे।

    भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत के एक्सीडेंट से सभी सकते में है। रुड़की के नारसन इलाके में नेशनल हाईवे 58 पर उनकी मर्सिडीज बेंज दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। रुड़की पुलिस की मानें तो ऋषभ मां को सरप्राइज देना चाहते थे। वे 31 दिसंबर का दिन मां के साथ बिताना चाहते थे। इसके लिए वे किसी को भी बताए बिना परिजन से मिलने गुरुवार रात करीब 12 बजे मर्सिडीज बेंज कार से दिल्ली से रुड़की के लिए रवाना हुए थे। सुबह करीब 5 बजे नेशनल हाईवे 58 पर नारसन पुलिस चौकी से तकरीबन 20 मीटर की दूरी पर उनकी कार अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी तरफ जा गिरी।

    डिवाइडर से टकराने के बाद कार तकरीबन 150 मीटर तक घिसटती हुई दूसरी तरफ लगी रैलिंग को भी रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और विस्फोट के साथ आग लग गई। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है जिस समय हादसा हुआ ऋषभ की कार 150 किमी प्रति घंटे की स्पीड चल रही होगी। बता दें कि, ऋषभ को 1 दिन बाद बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में होने वाली ट्रेनिंग में शामिल होना था।

    250 किमी प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकती है कार

    जानकारी के अनुसार ऋषभ जिस कार को ड्राइव कर रहे थे वह Mercedes Benz GLE43 थी और उसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपए थी। उन्होंने यह 25 सितंबर 2019 को खरीदी थी। यह लग्जरी होने के साथ ही इसके सिक्यूरिटी फीचर भी काफी एडवांस थे। यह कार महज 5 सेकंड में ही 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ सकती है और 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।

    नहीं मानी साथी क्रिकेटर की सलाह

    हादसे के बाद से एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें भारतीय टीम के क्रिकेटर शिखर धवन और ऋषभ पंत बात करते नजर आ रहे हैं। धवन हंसी-मजाक में पंत को धीमी ड्राइविंग करने की सलाह दे रहे हैं। दरअसल, पंत को कार काफी तेज ड्राइव करने का शौक है। वे प्रायः ओवर स्पीड ड्राइव करते रहे हैं। बताया जाता है कि ओवर स्पीड ड्राइव के लिए पूर्व में दो बार उनका चालान तक कट चुका है।

    बड़ा सवाल ? आखिर क्यों हुआ हदास…

    जिस वक्त हादसा हुआ, कोहरे के हालात नहीं थे। इसलिए सभी को यह जिज्ञासा है कि आखिर हादसा हुआ क्यों ? यह जानने के लिए तकनीकि पहलुओं के साथ ही तरह-तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। इस कवायद में अभी तक जो संभावित कारण उभरे हैं उसके अनुसार कार चलाते समय ऋषभ को झपकी आना और सड़क पर लगा मिट्टी का ढेर जिम्मेदार हो सकता है।

    हादसे को लेकर लग रहे अनुमान और संभावनाएं

    • कार ओवर स्पीड (तकरीबन 150 किमी प्रति घंटे) थी जिससे ऋषभ उस पर नियंत्रण नहीं रख सके और हादसा हो गया।
    • ऋषभ देर रात कार से निकले और उनकी नींद पूरी नहीं हुई थी जिससे सुबह के वक्त उन्हें झपकी आ गई और कार डिवाइडर से टकरा गई।
    • जिस जगह हादसा हुआ उस जगह कोई गड्ढा होगा जिससे कार उछली और आगे चल रही रोडवेज की बस से टकराने से बचते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
    • डिवाइडर से टकराने के बाद कार फिसलती हुई सड़क की दूसरी तरफ जाकर फिर रेलिंग से टकरा गई। इस दौरान हुए घर्षण से स्पार्किंग हुई और ऑयल के रिसाव होने से आग लग गई।
    • कहा जा रहा है कि अचानक ऋषभ पंत की कार दाहिनी तरफ मुड़ी थी। हो सकता है कि उनकी कार के सामने कोई दूसरा वाहन तो नहीं आ गया था जिससे बचने के लिए ऋषभ को कार टर्न करना पड़ी और हादसा हो गई।
    • शायद ऋषभ की कार के आगे कोई दूसरा वाहन था जिसे ओवरटेक करने की हड़बड़ी में वे संतुलन खो बैठे और हादसा हो गया।
    • न्यूज 18 के अनुसार एनएच 58 पर करीब 5 किमी लंबी कैनाल है जो 40 फीट चौड़ी सड़क के 10 फीट हिस्से को घेरे है। इसके ऊपर मिट्टी का ढेर है। सड़क पर गड्ढे हैं। शायद इसी से हादसा हुआ।

    यह भी देखें... Rishabh Pant Accident : क्रिकेटर ऋषभ पंत की मर्सिडीज बेंज डिवाइडर से टकराकर उछली और लग गई आग, कार का शीशा तोड़कर निकले बाहर, गंभीर घायल

    अनुपम खेर और अनिल कपूर बोले- पंत ठीक हैं

    शनिवार सुबह फिल्म अभिनेता अनुपम खेर और अनिल कपूर ऋषभ पंत से मिलने देहरादून अस्पताल पहुंचे। वे वहां ऋषभ की मां से भी मिले। अभिनेताओं ने कहा कि- पंत ठीक  हैं। उनकी मां से मिले। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की कि वे पंत के जल्द स्वस्थ होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करें।

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    Sat, 31 Dec 2022 08:46:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Rishabh Pant Accident : क्रिकेटर ऋषभ पंत की मर्सिडीज बेंज डिवाइडर से टकराकर उछली और लग गई आग, कार का शीशा तोड़कर निकले बाहर, गंभीर घायल https://acntimes.com/Serious-accident-Mercedes-Benz-of-cricketer-Rishabh-Pant-collided-with-divider-and-caught-fire https://acntimes.com/Serious-accident-Mercedes-Benz-of-cricketer-Rishabh-Pant-collided-with-divider-and-caught-fire एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर ऋषभ पंत की मर्सिडीज बेंज कार शुक्रवार सुबह रुड़की के पास नारसन में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। एनएच 58 पर हवा की रफ्तार से दौड़ रही कार डिवाइडर से टकराकर उछली और 100 मीटर तक घिसटती हुई दूसरी तरफ लगी रेलिंग से टकरा गई। हादसे के बाद कार में आग भभक गई। इस बीच क्रिकेटर पंत कार का शीशा तोड़कर बाहर निकले। गंभीर घायल ऋषण को रुड़की के अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की वजह कार ड्राइव करने के दौरान क्रिकेटर को झपकी आना बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत शुक्रवार देर रात करीब सवा दो बजे अपनी कार मर्सिडीज बेंज से दिल्ली से रुड़की के लिए रवाना हुए थे। पंत कार खुद ही चला रहे थे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे रुड़की से कुछ पहले नरसन पुलिस चौकी के पास उनकी तेज रफ्तार कार हाइवे के डिवाइडर से जा टकराई। कार डिवाइडर की रेलिंग के आठ पिलर और स्ट्रीट लाइट के एक पोल को तोड़ते हुए पलट गई और उछलकर दूसरी तरफ हाईवे पर जा गिरी। घसिटने के कारण कार में आग लग गई। ऋषभ पंत कार के अंदर टकराए। एयरबैग खुलने के कारण से वो कार पलटने के बाद भी सुरक्षित रहे। कार का विंड स्क्रीन टूट गया था जहां से ऋषभ पंत ने बचने का रास्ता बना लिया। वे हिम्मत कर से से बाहर निकले।

    इसी दौरान वहां हरियाणा राज्य सड़क परिवहन निगम की बस और एक कार रुकी। कार सवार औयर बस चालक सुशील कुमार और परिचालक परमजीत दुर्घटनाग्रस्त कार की ओर भागे। पास में ही घायल ऋषण शॉल ओढ़कर बैठे थे। लोगों ने ऋषभ को सुरक्षित स्थान पहुंचाया और एम्बुलेंस और दमकल को सूचना दी। तब तक उन्हें यह नहीं पता था कि दुर्घटनाग्रस्त कार ऋषभ की है। ऋषभ ने वहां मौजूद लोगों को अपना परिचय दिया और मां से बात कराने का अनुरोध किया। लगभग पांच मिनट बाद पुलिस, एंबुलेंस और दमकल वहां पहुंच गई। हालांकि दमकल के वहां पहंचने तक कार पूरी तरह जल चुकी थी।

    सीट बेल्ट नहीं लगा रखा था

    हरिद्वार के एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह के अनुसार क्रिकेटर ऋषभ मां से मिलने रात को अकेले ही दिल्ली से रुड़की के लिए निकल गए थे। पंत ने उन्हें बताया कि झपकी आने के कारण वे कार पर से नियंत्रण खो बैठे और हादसा हो गया। ऋषभ ने यह भी बताया कि सीट बेल्ट नहीं लगा रखा था। कार डिवाइडर से टकराने के बाद एयरबैग खुल गए थे। हाईवे पर जहां ऋषभ की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई, वहां कोहरा नहीं था।

    आइसीयू में चल रहा इलाज

    ऋषभ पंत को देहरादून के मैक्स अस्पताल के आइसीयू में भर्ती किया गया है। उनके माथे पर दो कट लगे हैं। इसके अलावा दाहिने घुटने में लिगामेंट फट गया है। उनकी दाहिनी कलाई, टखने, पैर के अंगूठे में भी चोट लगी है। रगड़ लगने से पीठ पर भी काफी चोट है। हड्डी रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन व अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों उनका उपचार कर रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष याग्निक के अनुसार ऋषभ की हालत स्थिर है। उनकी जांघ, ब्रेन व स्पाइन की एमआरआइ की गई है।

    सीएम धामी ने दिए उपचार के निर्देश

    एंबुलेंस से गंभीर घायल ऋषभ पंत को रुड़की के अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऋषभ के माथे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। उनका पैर भी फ्रैक्चर हो गया है। डॉक्टरों की टीम उनके इलाज में जुटी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषभ के उपचार की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

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    Fri, 30 Dec 2022 16:57:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    उर्फी जावेद ने पहना ऐसा लिबास कि लोग देख कर रह गए दंग, मौलाना भी खुद को रोक नहीं सके और पहुंच गए सेल्फी लेने, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Urfi-Javed-wore-such-a-dress-that-Maulana-reached-to-take-selfie https://acntimes.com/Urfi-Javed-wore-such-a-dress-that-Maulana-reached-to-take-selfie Urfi Javed video viral . अपने पहनावे के कारण उर्फी जावेद हमेशा लाइमलाइट में रहती हैं। हालांकि यही उनके प्रति लोगों में नाराजगी का भी कारण है। बावजूद उर्फी को देखने वाले उनके साथ सेल्फी लेने से रोक नहीं पाते हैं, चाहे वह कोई आम आदमी हो या फिर मौलाना। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें उर्फी बैकलेस ब्लाउज वाली ड्रेस में नजर आ रही हैं और एक मौलाना उनके साथ सेल्फी लेते दिख रहे हैं।

    अपने अतरंगी फैशन सेंस से आए दिन चर्चा में रहने वाली उर्फी जावेद आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उर्फी का अजीब ड्रेसअप हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। उर्फी जहां भी जाती हैं, किसी न किसी वजह से लाइमलाइट में आ ही जाती हैं। एक बार फिर ऐसा ही कुछ देखने को मिला है। हाल ही में वायरल हो रहे एक वीडियो में एक मौलाना उर्फी के साथ सेल्फी लेते नजर आ रहे हैं। दरअसल उर्फी के बोल्ड अंदाज पर जैसे ही मौलाना की नजर पड़ती है, वे तुरंत सेल्फी लेने आ जाते हैं। उर्फी का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

    उर्फी जावेद का यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है। इसमें एक एयरपोर्ट पर उर्फी पैपराजी के लिए पोज देती दिख रही हैं। उर्फी को देख वहां मौजूद लोग खुद को रोक नहीं सके और उनके साथ फोटो खिंचवाने लगे। उर्फी को प्रशंसक के साथ फोटो खिंचवाते देख वहां से गुजर रहे एक मौलाना भी उत्साहित हो गए और सेल्फी लेने पहुंच गए। उर्फी शालीनता से उनके साथ मौलाना को अपने साथ सेल्फी लेने दी।

    जानिए, कौन हैं उर्फी जावेद

    उर्फी जावेद को धारावाहिक बिग बॉस से पहचान मिली थी। वे अपने फैशन के कारण भी हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। वे अपने ड्रेसिंग सेंस के कारण काफी ट्रोल भी होती हैं। इसके विपरीत रणवीर सिंह जैसे बॉलीवुड कलाकार ऐसे भी हैं जो उर्फी के फैशन की तारीफ करते नहीं थकते। कई बॉलीवुड कलाकारों पर उर्फी जावेद के फैशन की कॉपी करने का आरोप भी लगता है।

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    Wed, 28 Dec 2022 18:21:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
    लंदन में हुआ MP के 400 परिवारों का वार्षिक मिलन समारोह, मप्र के भोजन का लिया लुत्फ, रतलाम की बेटी मयूरी ने दी अपनी किताबों की जानकारी https://acntimes.com/Annual-meeting-of-400-families-of-MP-held-in-London https://acntimes.com/Annual-meeting-of-400-families-of-MP-held-in-London फ्रैंड्स ऑफ मध्यप्रदेश (UK चैप्टर) ने किया था मिलन समारोह का आयोजन, मालवा, बंघेलखंड, बुंदेलखंड, निमाड़ सहित अन्य क्षेत्रों के लोग हुए शामिल

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । फ्रैंड्स ऑफ मध्यप्रदेश (FOMP) के यूके चैप्टर ने ब्रिटेन के लंदन शहर में मध्य प्रदेश के परिवारों के लिए वार्षिक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इसमें मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के 400 परिवारों ने भागीदारी की और भारतीय व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

    वार्षिक मिलन समारोह के मुख्य अतिथि लंदन के डिप्टी मेयर राजेश अग्रवाल थे। समारोह पांच ग्रुप में विभाजित कर आयोजित किया गया। इसमें लवा, बंघेलखंड, बुंदेलखंड, निमाड़ और अन्य क्षेत्र शामिल रहे। समारोह के आयोजन का उद्देश्य अपनी भावी पीढ़ी को अपने संस्कारों और संस्कृति को से परिचित कराने और उसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित करने के लिए किया गया था। ताकि उन्हें अपने देश, प्रदेश, शहर की परंपराओं, खान-पान, वेशभूषा तथा इतिहास आदि से रूबरू कराया जा सके। खास मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्य भोजन के रूप में माने जाने वाले सभी तरह के व्यंजन भी परोसे गए।

    खेलकूद स्पर्धा का आयोजन भी किया

    कार्यक्रम में मैं कौन हूं (WHO I AM) गेम आयोजित किया गया। इसमें परिवारजन ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में आचार्य ज्योति प्रकाश दुबे, श्रेयांस जैन, रोहित दीक्षित, तपन शाह, सुदीप सांकले, आशीष जैन, सीए मयूरी चौरड़िया की भूमिका अहम रही।

    'ए जिंदगी कुछ हकीकत कुछ ख्वाब' से परिचित कराया

    रतलाम के बेटी बहुमुखी प्रतिभा की धनी मयूरी चौरड़िया ने मालवा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर संबोधित किया। उन्होंने अपने पुस्तक ''ए जिंदगी कुछ हकीकत, कुछ ख्वाब" से परिचित कराया। उन्होंने भविष्य में प्रकाशित होने वाली किताबों की भी जानकारी दी। मयूरी ने बताया यह आयोजन प्रति वर्ष दिवाली पर होता है ताकि दिवाली महोत्सव पर भावी पीढ़ी को संस्कार सिखाए जा सकें और परंपराओं से अवगत कराया जा सके।

    अन्य देशों में भी हैं ऐसे ग्रुप

    फ्रैंड्स ऑफ मध्य प्रदेश (FOMP) की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर देश में ऐसे चैप्टर हैं। ये मध्यप्रदेश के लिए अपने क्षेत्र में विकास करने के लिए और विकास से संबंधित योजनाओं पर कार्य करते हैं। ये यथासंभव मध्य प्रदेश सरकार को अपना योगदान भी प्रदान करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में विकास के विभिन्न विषयों पर चर्चा होती है और उनका क्रियान्वित कैसे हो, इसकी वैश्विक तौर पर भूमिका भी तय की जाती है।

    मध्य प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त है संस्था

    नीलेश बाफना ने बताया FOMP यूके चैप्टर मध्य प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त है। यह ग्रुप सरकार की विकासवादी योजनाओं और कई तरह की चेरिटेबल एक्टिविटीज में अपना योगदान प्रदान करता है। रतलाम की सीए मयूरी चौरड़िया ने उच्च शिक्षा, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक क्षेत्र में सकल जैन समाज और रतलाम शहर का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने पूरे मध्य प्रदेश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन किया है। उनका यह अनोखा व्यक्तित्व, योग्यता और योगदान सभी युवाओं को प्रेरणा देने वाला है।

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    Tue, 27 Dec 2022 18:36:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कूपर अस्पताल के अटॉप्सी स्टाफ के कर्मचारी का बड़ा बयान, कहा& अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के शरीर पर मारपीट व गले पर संघर्ष के निशान थे https://acntimes.com/Actor-Sushant-Singh-Rajput-was-murdered https://acntimes.com/Actor-Sushant-Singh-Rajput-was-murdered सुशांत की बहन ने सीबीआई से की निष्पक्ष जांच और अस्पताल के कर्मचारी के लिए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की

    एसीएन टाइम्स @ मुंबई । 20 वर्षीय अभिनेत्री तुनिषा शर्मा की मौत की खबर के बीच अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) का मामला फिर गरमा गया है। ऐसा कूपर अस्पताल के कर्मचारी रूपकुमार सिंह द्वारा दिए एक बयान के कारण हुआ है। सिंह के बयान के अनुसार सुशांत के शरीर पर कुछ निशान थे जो उसकी हत्या की ओर इशारा करते हैं। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग और सरकार से रूपकुमार सिंह को सुरक्षा देने की मांग की है।

    मुंबई के कूपर अस्पताल के अटॉप्सी स्टाफ के कर्मचारी रूपकुमार सिंह ने एएनआई को बयान दिया है जो चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा है कि अभिनेता सुशांत सिंह के शरीर पर कुछ निशान थे जो आत्महत्या किए जाने से नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि वे 14-15 तारीख को ड्यूटी पर थे। तभी एक बॉडी आई। साथ में काफी पुलिस भी थी जिससे लगा कि कोई वीआईपी बॉडी है। हम अपना काम करते रहे। उनका नंबर रात को 11-12 बजे आया। उसके कपड़े खोलने के दौरान पता चला कि यह सुशांत सिंह राजपूत की बॉडी है। बॉडी खोलने के बाद देखा तो अलग दिखा। सुसाइड को लेकर जो लक्षण होते हैं वे नहीं थे। इससे हमने आपस में चर्चा की। मैं सर से बात करने गया। उनसे कहा कि यह अलग दिख रहा है। साहब बोले कि अपन बाद में बात करते हैं। उन्होंने यह कहकर इग्नोर किया।

    27-28 साल का है तजुर्बा, 50 हजार से ज्यादा डेडबॉडी देखी

    (एएनआई के ट्विटर हैंडल से साभार)

    रूपसिंह के अनुसार सिंह के अनुसार उन्हें 27-28 साल में 50-60 हजार बॉडी देखने का तजुर्बा है। सुसाइड के बाद गले में जैसा निशान होता है वैसा सुशांत के गले में नहीं था। उसके गले में पकड़ने के कारण पड़ने वाले दबाव जैसे निशान थे। पैर, हाथ और बॉडी में मार के निशान थे। उसे मारा कैसे यह मैं नहीं बता सकता। जो मार लगी थी वह फ्रैक्चर के जैसी थी।

    सुशांत की बहन बोलीं- हमें सच पता चलना चाहिए

    रूपकुमार सिंह के उक्त बयान के बाद से एक बार फिर सुशांत सिंह की मौत का मामला फिर गरमा गया है। इसे लेकर सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने ट्वीट कर सीबीआई से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि हमें सच पता चलना चाहिए। श्वेता ने कूपर अस्पताल के कर्मचारी रूपसिंह को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार भी लगाई है। बता दें, कि- श्वेता सिंह का यह बयान सुशांत की मौत के बाद पहली बार आया है।

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    Tue, 27 Dec 2022 17:07:52 +0530 Niraj Kumar Shukla
    तुनिषा शर्मा का अंतिम संस्कार आज, आरोपी शिजान खान ने कहा& अलग मजहब के कारण किया ब्रेकअप https://acntimes.com/Tunisha-Sharmas-last-rites-today-accused-Shijan-said-broke-up-due-to-different-religion https://acntimes.com/Tunisha-Sharmas-last-rites-today-accused-Shijan-said-broke-up-due-to-different-religion Tunisha Sharma suicide . अलीबाबा की मरियम फेम प्रसिद्ध कलाकार तुनिषा शर्मा का अंतिम संस्कार आज (मंगलवार) शाम करीब 4 बजे होगा। इसके लिए तुनिषा की बॉडी परिजन को सौंप दी गई है। पुलिस द्वारा आत्महत्या वाले स्थल टीवी सेट के मेकअप रूम और पोस्टमार्टम की फोटोग्राफी करवाई गई है। अब तक 17 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। इधर, आरोपी कलाकार शिजान मोहम्मद खान द्वारा ब्रेकअप की वजह दोनों का मजहब अलग-अलग होना बताए जाने की जानकारी आ रही है।

    टीवी एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा ने शनिवार को दोपहर अलीबाबा धारावाहिक के सेट पर क्रैप बैंडेज से फांसी का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया था। पुलिस द्वारा तुनिषा के शव का पोस्टमार्टम जे.जे. अस्पताल में कराया गया है। शव मर्चुरी में रखा गया है जहां से परिजन उसे लेकर आज ही अंतिम संस्कार कर देंगे। बताया जा रहा कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया दोपहर तीन बजे शुरू हो जाएगी और शाम 4 बजे मुंबई के मीरा रोड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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    इससे पूर्व शव देख कर मां वनिता बेहोश हो गईं। उन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर ले जाया गया।

    17 लोगों के बयान दर्ज

    तुनिषा सुसाइड मामले में लव जिहाद के आरोप लग रहे हैं। हालांकि पुलिस इससे इनकार कर चुकी है। बावजूद वह हर एंगल से जांच कर रही है। अब तक पुलिस द्वारा 17 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस तुनिषा और आरोपी शिजान के सहकलाकारों के साथ अन्य से भी पूछताछ की जा रही है। शिजान की बहन शफक और फलक नाज ने भी थाने पहुंचकर अपने-अपने बयान दर्ज करवाए। उनका कहना है कि तुनिषा व शिजान के संबंध के बारे में उन्हें जानकारी थी। तुनिषा उनकी बहुत अच्छी मित्र थी। तुनिशा के सहकलाकार मोहित अब्रोल ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें कभी ऐसा नहीं लगा कि तुनिषा परेशान है। वह हमेशा खुश रहती थी। वह सेट और मेरे कमरे पर आकर मस्ती करती थी। हम काफी सारे पंजाबी गाने भी सुनते थे।

    बता दें कि- अभिनेता शिजान 4 दिन की पुलिस रिमांड पर है। पुलिस अब उसे घटनास्थल ले जाएगी और पूरे मामले का रिक्रेएशन भी करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि सही क्या है। पुलिस हर एक एक्शन की वीडियोग्राफी भी करवा रही है।

    मां ने कहा- बेटी के साथ धोखा हुआ था

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तुनिषा की मां वनिता का कहना है कि बेटी ने उन्हें बताया था कि उसके साथ धोखा हुआ है। वनिता के अनुसार शिजान का पहले से अन्य लड़की से संबंध था बावजूद उसने तुनिषा से भी संबंध बना लिए। अतः शिजान के को सजा मिलनी ही चाहिए। उन्होंने अपनी बेटी खोई है। गौरतलब है कि तुनिषा के पिता का बहुत पहले ही निधन हो गया था।

    अलग-अलग मजहब बना ब्रेकअप का कारण !

    जानकारी के अनुसार शिजान ने पुलिस को दिए बयान में नई बात बताई है। उसका कहना है कि उसका ब्रेकअप तीन माह के भीतर ही हो गया था। शिजान ने ब्रेकअप की वजह उसका और तुनिषा के मजहब अलग-अलग होना बताई है। यही नहीं उसका कहना है कि दोनों की उम्र में भी काफी अंतर है। बताते चलें की शिजान की उम्र 28 साल है जबकि तुनिषा 20 वर्ष की ही थी। बताया जा रहा है कि शिजान ने श्रद्धा हत्याकांड के बारे में पता लगने के बाद ब्रेकअप किया। सूत्र बताते हैं कि शिजान अभी भी लगातार बयान बदल रहा है।

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    Tue, 27 Dec 2022 14:45:24 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ा खुलासा : बेईमान व्यापरियों ने 3 साल में कर ली 62 हजार करोड़ रुपए की GST चोरी, नकली चालान के माध्यम से दिया धोखाधड़ी को अंजाम https://acntimes.com/Unscrupulous-traders-have-stolen-GST-worth-62-thousand-crores-in-3-years https://acntimes.com/Unscrupulous-traders-have-stolen-GST-worth-62-thousand-crores-in-3-years केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने पता लगाया इस चोरी का, 2020 से अब तक 1,030 धोखेबाजों को किया गिरफ्तार

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । जीएसटी चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने बीते तीन साल में बेईमान व्यापारियों द्वारा की गई 62 हजार करोड़ रुपए के जीएसटी की धोखाधड़ी पकड़ी है। बदमाशों ने इस कर चोरी को नकली चालान के माध्यम से अंजाम दिया।

    CBIC के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार कर अधिकारियों ने बीते तीन वर्षों के दौरान नकली चालान का उपयोग कर 62,000 करोड़ रुपए के माल और सेवा कर (GST) चोरी का पता लगाया है। जानकारी के अनुसार 2020 के बाद से केंद्रीय स्तर पर जीएसटी अधिकारियों द्वारा जीएसटी चोरी करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब तक 1,030 से अधिक बदमाश व्यापारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये वे बेईमान व्यापारी हैं जिन्होंने अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाने अथवा पास कराने के लिए नकली चालान का उपयोग किया। माना जा रहा है कि ऐसे अपराधियों की संख्या और अधिक हो सकती है और राशि भी इससे कहीं ज्यादा होगी। ऐसा इसलिए कि अभी इसमें राज्य स्तर के प्रकरणों को शामिल नहीं किया गया है।

    अपराधों पर कार्रवाई के लिए बढ़ाई मौद्रिक सीमा

    इसके चलते सरकार ने शनिवार को संपन्न हुई जीएसटी परिषद की बैठक में इस तरह के अपराधों पर कार्रवाई के लिए मौद्रिक सीमा को बढ़ा कर दो गुना कर दिया है। जीएसटी परिषद ने विभिन्न अपराधों के लिए कार्यवाही शुरू करने के लिए सीमा को 2 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दे दी। यह कार्रवाही डिक्रिमिनलाइजेशन ड्राइव के के रूप में चलेगी।

    फर्जी ई-वे बिल और माल की आवाजाही दिखा कर की धोखाधड़ी

    CBIC के मुताबिक बेईमान व्यापारियों द्वारा फर्जी ई-वे बिल बना कर और तथा माल की आवाजाही दिखा कर धोखाधड़ी करते हैं। इनके द्वारा नकली चालान बनाए जाते हैं। दरअसल, अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत संस्थाएं अपनी संख्या में बदलाव करती रहती हैं, इसलिए उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है, बावजूद कर अधिकारियों ने यह कर दिखाया। 

    यह है सजा का प्रावधान

    बता दें कि, वर्तमान में दंड का जो प्रावधान है उसके अनुसार यदि चोरी की गई राशि 2 करोड़ रुपए (लेकिन 5 करोड़ रुपए से अधिक नहीं) से अधिक है तो तीन साल की हो सकती है। यदि कर अपवंचन 1 करोड़ रुपए से अधिक (लेकिन 2 करोड़ रुपए से कम) है, तो आरोपी को 1 साल कारावास की सजा भुगताना होगी।

    परिषद ने यह दिया सुझाव

    जीएसटी परिषद के तहत कानूनी समिति ने सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है। उसका तर्क है कि, "फर्जी चालान के खतरे को रोकने के लिए और ऐसी नकली/गैर-मौजूद इकाइयों द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट पारित करने को नियंत्रित करना जरूरी है। इस तरह के अपराध करने वालों को ऐसा कोई अवसर ही नहीं दिया जाना चाहिए। इस तरह सीजीएसटी अधिनियम की धारा 138 (मौद्रिक सीमा से संबंधित) के तहत दिए गए प्रावधानों का दुरुपयोग रोका जा सकता है।

    कानून का पालन करने वालों के लिए हैं प्रावधान

    कंपाउंडिंग प्रावधान वास्तविक और मौजूदा व्यापारियों के साथ ही कानूनी कार्यवाही को कम करने के लिए हैं। यह उनके लिए भी मददगार हैं जिन्होंने अपराध तो कर लिया है लेकिन लेकिन सुधार करने और कानून के अनुसार अपना व्यवसाय करने के लिए तैयार हैं। इसके उलट  जो कंपाउंडिंग प्रावधान का फर्जी संस्थाएं बनाने और अभियोजन से बचने के लिए जानबूझकर आर्थिक धोखाधड़ी करने में उपयोग करते हैं उन पर रोक लगाने के लिए सख्ती और मॉनिटरिंग जरूरी है। इसलिए, ऐसे व्यापारियों (फर्जी चालान बनाने वाले या उसमें लिप्त लोग) को अपराधों के डिक्रिमिनलाइजेशन से बाहर रखा जाना हितकर होगा।

    इस साल शुरू की थी क्रमिक फाइलिंग, यह कदम भी उठाया

    जीएसटी अधिकारियों ने इसी साल शुरुआत में फर्जी चालानों की जांच के लिए जीएसटीआर-1 (मासिक और त्रैमासिक रिटर्न) और जीएसटीआर-3बी (जीएसटी भुगतान के साथ महीने के दौरान आपूर्ति) की क्रमिक फाइलिंग शुरू की थी। इसके साथ ही परिषद ने जीएसटी प्रणालियों के समग्र सुदृढ़ीकरण पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए मंत्रियों के एक समूह (जीओएम) का गठन भी किया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता वाले मंत्रिस्तरीय पैनल ने जून में जीएसटी परिषद की बैठक में अपनी रिपोर्ट दी थी। 

    ये थे रिपोर्ट के प्रमुख मुद्दे

    पैनल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का पहला मुद्दा नए पंजीकरण और बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण का था। दूसरा सिस्टम से नए पंजीकरणकर्ताओं के प्रोफाइल का अध्ययन करना और इन पंजीकरणों का अनिवार्य भौतिक सत्यापन करना था। वहीं तीसरा मौजूदा करदाताओं की जांच करना था, भले ही वे नकली चालान कर रहे हों या नहीं। इनका भौतिक सत्यापन किया जाना था। पैनल ने पतों की जियो-कोडिंग का सुझाव भी दिया। रिपोर्ट तैयार करने के दौरान यह बात सामने आई थी कि नए पंजीकरण की मांग करते समय, कई करदाता गैर-मौजूदा पते/झूठे पते दे रहे थे। इन सभी बिंदुओं और सुझाव के आधार पर ही टैक्स चोरी रोकने का सिस्टम विकसित किया जा रहा है।

    ऑनलाइन गेमिंग पर कर लगाने की रिपोर्ट नहीं हो सकी शामिल

    ऑनलाइन गेमिंग की करदेयता पर भी रिपोर्ट बहुप्रतीक्षित है। राज्यों के पैनल की रिपोर्ट समय पर नहीं आ पाने से इसे शनिवार की जीएसटी बैठक में शामिल नहीं किया जा सका। CBIC के मुताबिक फिलहाल इस क्षेत्र पर 28 फीसदी जीएसटी लागू रहेगा। इससे संबंधित कार्रवाई योग्य दावों को जुंए अथवा सट्टेबाजी के समान ही माना जाएगा। अभी इसके मूल्यांकन को लेकर भी सहमति नहीं बन सकी है। माना जा रहा है कि यह अगले वित्तीय वर्ष में शुरू हो सकता है।

    यह फायदा होगा

    वरिष्ठ कर सलाहकार अनिल परवाल के अनुसार पैनल की रिपोर्ट में दिए सुझाव और उस पर होने वाले अमल होने के बाद एप्लिकेशन से मेटा डेटा लाने में मदद करेगा। इसके माध्यम से पते और कर प्रशासन को उपलब्ध हो पाएंगे। इसकी प्रासंगिक उपयोगिता भी वेबसाइट से ऑनलाइन सत्यापित की जा सकेगी। 

    GST चोरी मामले में देश में पहली सजा उत्‍तराखंड के फर्म संचालक को

    आयुक्त राज्य कर डॉ. अहमद इकबाल के निर्देश पर आठ माह पहले विभाग की केंद्रीयकृत इकाई (सीआइयू) ने फर्जी आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम के मामले में मैनपॉवर आपूर्तिकर्त्ता फर्म पीएस इंटरप्राइजेज समेत छह फर्मों पर छापेमारी की थी। जांच में पता चला था कि पीएस इंटरप्राइजेज के संचालक सुरेंद्र सिंह ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश व हरियाणा की फर्मों से आयरन और व प्लाइवुड की फर्जी खरीद की। यह खरीद अपनी पांच अन्य फर्मों के माध्यम से की। जिन फर्मों से फर्जी खरीद दिखाई गई वे अस्तित्व में ही नहीं हैं। इतना ही नहीं फर्म संचालक सुरेंद्र सिंह ने विभाग से 17.01 करोड़ रुपए का क्लेम भी प्राप्त कर लिया था। मामले में जीएसटी टीम ने 5 अप्रैल 2022 को सुरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर किया था। आठ माह में ट्रायल पूरा हुआ। जिसके चलते मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार मुकेश चंद्र आर्य ने दोषी को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। एक लाख रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं चुकाने पर छह माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।

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    Mon, 26 Dec 2022 20:19:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अभिनेत्री तुनिषा शर्मा सुसाइड मामले में पुलिस का लव जिहाद में हत्या से इनकार, कहा& फांसी लगने से दम घुटने के कारण हुई मौत https://acntimes.com/No-love-jihad-in-Tunisha-Sharma-suicide-case-suffocation-due-to-hanging-Police https://acntimes.com/No-love-jihad-in-Tunisha-Sharma-suicide-case-suffocation-due-to-hanging-Police एसीएन टाइम्स @ मुंबई । अभिनेत्री तुनिषा शर्मा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कहा है कि यह लव जिहाद का मामला नहीं है। अभिनेत्री की मौत फांसी लगने से दम घुटने के कारण हुई है। तुनिषा के गर्भवती होने की बात से भी पुलिस ने इनकार किया है। मामले में 4 दिन की रिमांड पर सौंपे गए अभिनेता शिजान मोहम्मद खान से पूछताछ जारी है।

    बहुचर्चित तुनिषा शर्मा आत्महत्या मामले को 24 घंटे से ज्यादा हो चुके  हैं। इस बीच तुनिषा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। मुंबई पुलिस के ACP चंद्रकांत जाधव ने मीडिया से बात की। उनके अनुसार पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट में स्‍पष्‍ट है मौत फंदे से लटकने के कारण हुई। पुलिस ने शीजान खान को कोर्ट में पेश किया था। हमने 7 दिन की कस्टडी मांगी थी, 4 दिन की मिली है। तुनिषा की मां वनिता की शिकायत के आधार पर शीजान के ख‍िलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज है। पुलिस का कहना है कि अभी तक की जांच में पता चला है कि तुनिषा ब्रेकअप के कारण बुरी तरह टूट गई थीं। इसके चलते ही उन्‍होंने आत्‍महत्‍या की। पुलिस के मुताबिक जांच में अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है जिससे यह लव जिहाद का मामला साबित हो। हत्‍या के मामले की जांच नहीं बनती।

    पुलिस का कहना है कि, अभी तक तो यही लग रहा है कि तुनिषा ब्रेकअप के कारण काफी दुखी थी। इसलिए उसने शिजान के मेकअप रूम में जाकर आत्‍महत्‍या की। जांच चल रही है, जब तक कुछ नया नहीं आता, कुछ नहीं कहा जा सकता। तुनिषा के परिवार वालों से पूछताछ करना है। शीजान का मोबाइल जब्‍त किया है जो जांच का हिस्‍सा है। वारदात के वक्‍त शो के सेट पर मौजूद तमाम लोगों से पूछताछ करेगी। तुनिषा के को-स्‍टार पार्थ जुत्‍थी को पूछताछ के लिए बुलाया है। 

    मोच आने पर बांधी थी क्रैप बैंडेज, वही बन गया फंदा

    जांच में स्पष्ट हुआ है कि तुनिषा जिस क्रैप बैंडेज से बने फांसी के फंदे पर लटकी मिली थी वह कुछ दिन पूर्व हाथ में मोच आने पर उसने बांधा था। यही क्रैप बैंडेज उसकी फांसी का फंदा बन गया। अभी यह पता नहीं चला है कि हाथ मोच किस कारण से आई थी।  

    यह भी देखें... ‘अलीबाबा’ की ‘मरियम’ अभिनेत्री तुनिषा शर्मा ने लगाई फांसी, आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में को-एक्टर शीजान खान गिरफ्तार

    अपनी जिंदगी की हर घटना की सार्वजनिक

    'अली बाबा' की मरियम फेम अभिनेत्री तुनिषा शर्मा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर मौत के कुछ घंटे पहले तक भी अपने वीडियो और फोटो शेयर किए। इनमें अपने परिवार और साथी कलाकारों के अलावा को-एक्टर शीजान मोहम्मद खान के साथ की रील्स और तस्वीरें भी शामिल हैं। मम्मी वनिता शर्मा, नाना-नानी और मामी व भाई के साथ के फोटो और वीडियो भी उपलब्ध हैं जिनमें उनके मस्तमौला होने की पुष्टि होती है। ऐसी हंसमुख कलाकार के अपने ही सह-कलाकार शीजान खान के मेकअप रूम में जाकर फांसी लगाने की वजह लोगों की समझ नहीं आ रही है। 

    आपकी यादें मुझे मुस्कुराने के लिए हैं...

    इंस्टाग्राम पर शेयर एक फोटो में वे अपने पापा की गोद में काजू कतली खाती दिखाई दे रही हैं। इसके साथ कैप्शन में लिखा- आपके बिना जीवन अधूरा है लेकिन आपकी यादें इसे पूरा करती हैं। कितने ही लंबे-लंबे पैराग्राफ लिख लूं लेकिन आपके लिए मेरे प्यार को बयां नहीं किया जा सकता.... मैं आपसे प्यार करती हूं और हमेशा करती रहूंगी। तआप हमें छोड़ कर चले गए लेकिन आपकी यादें अभी भी मुझे मुस्कुराने के लिए हैं ...।

    मां के कारण अपने पैरों पर खड़ी हो सकीं तुनिषा

    4 जनवरी, 2017 की एक पोस्ट में तुनिषा लिखा, कि- ‘उस समय जब मेरे बर्थडे वाले दिन मुझे आशीर्वाद देने के लिए दोनों थे, हालांकि मुझे पता है कि पापा आप अभी भी मुझे कहीं से देख रहे हैं, आप हमेशा मेरे साथ हैं, काश ! आप दोनों मेरे पास होते, लेकिन मैं धन्य हूं कि मुझे एक मां मिली है, जो दोनों भूमिकाएं निभाती है। लव यू मां, आपको हर चीज के लिए धन्यवाद। एक दिन था जब मुझे केक काटने के लिए कुर्सी पर खड़ा होना पड़ा था और आज मैं उनकी वजह से अपने पैरों पर खड़ी हूं।'

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    Mon, 26 Dec 2022 02:09:22 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ‘अलीबाबा’ की ‘मरियम’ अभिनेत्री तुनिषा शर्मा ने लगाई फांसी, आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में को&एक्टर शीजान खान गिरफ्तार https://acntimes.com/Actress-Tunisha-Sharma-hanged-herself-actor-Sheezan-Khan-arrested-for-abetment-to-suicide https://acntimes.com/Actress-Tunisha-Sharma-hanged-herself-actor-Sheezan-Khan-arrested-for-abetment-to-suicide एसीएन टाइम्स @ मुंबई । टीवी सीरियल अलीबाबा की मरियम (तुनिषा शर्मा) ने एक्टर शीजान मोहम्मद खान के मैकअप रूम में फांसी लगाकर जान दे दी। माना जा रहा है कि अपने ब्रेकअप से खिन्न होकर तुनिषा ने यह कदम उठाया। परिजन ने शीजन पर तुनिषा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी सह कलाकार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से 4 दिन की रिमांड पर भेजने के आदेश हुए हैं। 

    टीवी कलाकार तुनिषा शर्मा हमारे बीच नहीं रहीं। महज 20 वर्षीय तुनिषा ने 24 दिसंबर दोपहर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। उन्होंने आत्महत्या के लिए क्रैप बैंडेज से फंदा बनाकर अलीबाबा के सेट पर सह-कलाकार शीजान खान के मैकअप रूम में फांसी लगाई। परिजन और सहकलाकारों के अनुसार तुनीषा शीजान के काफी करीब थीं और दोनों में अफेयर था। इसकी पुष्टि तुनिषा की इंस्टाग्राम पर मौजूद दोनों की रील्स और फोटो से होती है। तुनिषा की मां ने भी इसे सही बताया है। उनके अनुसार 15 दिन पूर्व ही दोनों का ब्रेकअप हुआ था तब तुनिषा ने कहा था कि शीजन से उसका ब्रेकअप हो गया है, उसने उसे धोखा दिया है। इससे अभिनेत्री काफी दुखी थी।

    परिजन का आरोप है कि तुनिषा ने शीजान खान से ब्रेकअप होने से दुखी होकर ही आत्महत्या की है। उन्होंने शीजान पर उसे आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप भी लगाया। इसके चलते पुलिस ने शनिवार देर रात ही शीजन को गिरफ्तार कर लिया और रविवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश हुए। पुलिस मामले में तुनिषा और शीजान के अन्य सह-कलाकारों से भी पूछताछ कर रही है।

    लव जिहाद और गर्भवती होने की भी उठी बात

    तुनिषा आत्महत्या मामले में लव जिहाद व हत्या की बात भी हो रही है। इसी वजह अभिनेत्री की शिजान के मैकअप रूम में मौत होना है। फिर तुनिषा ने आत्महत्या से महज एक घंटे पहले ही इसी लोकेशन पर एक वीडियो बनाया था जिसमें वह काफी खुश थी। यह भी अभिनेत्री गर्भवती होने की शंका भी जताई गई है।

    कहीं खुशी - कहीं गम

    तुनिषा का जन्म 4 जनवरी 2002 को चंडीगढ़ में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। तुनिशा को लोग तनु भी पुकारते थे। उनकी प्रोफेशनल लाइफ काफई खुशनुमा थी। हालांकि पर्सनल लाइफ में वे बहुत खुश नहीं थी। इसकी प्रमुख वजह कम उम्र में अपने पिता को खोना था।

    पिता की कमी से वे कितनी दुखी थीं और वे उन्हें कितना याद करती थीं यह उनके सोशल मीडिया पर पिता के साथ शेयर की गई फोटो पुष्टि करती हैं।

    इन फिल्मों और धारावाहिकों में की अदाकारी

    उन्होंने धारावाहिक 'महाराणा प्रताप' से करियर की शुरुआत की थी। कई धारावाहिकों और फिल्मों में भी अभिनय किया।उन्होंने फिल्म ‘बार बार देखो, फितूर, कहानी 2 और दबंग 3 जैसी फिल्मों में अभिनय किया। इसके अलावा वे अलीबाबा दास्तान-ए-काबुल धारावाहिक से ज्यादा लोकप्रिय हुईं। इसके अलावा उन्होंने चक्रवर्ती अशोक सम्राट, गब्बर पूंछवाला, भारत का वीर पुत्र महाराणा प्रताप, इंटरनेट वाला लव और इश्क सुभानअल्लाह जैसे धाराविकों में सशक्त भूमिकाएं निभाईं।

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    Sun, 25 Dec 2022 10:44:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सिक्किम में सेना का ट्रक खाई में गिरा, 16 सैनिक शहीद, 4 घायलों को किया एयरलिफ्ट, राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने जताया दुख https://acntimes.com/Army-truck-falls-into-gorge-in-Sikkim-16-soldiers-martyred https://acntimes.com/Army-truck-falls-into-gorge-in-Sikkim-16-soldiers-martyred एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । सिक्किम के जेमा से बड़ी खबर आई है। यहां के जेमा में आर्मी का एक ट्रक खाई में गिर गया। हादसे में सेना के 16 जवान शहीद हो गए। 4 घायलों को एयरलिफ्ट किया गया। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य हस्तियों ने दुख जताते हुए हादसे का शिकार सैनिकों श्रद्धांजलि अप्रित की है।

    भारतीय सेना का एक ट्रक और दो वैन सिक्किम के चटन से थंगू जाने के लिए निकले थे। रास्ते तीखा मोड़ होने के ड्राइवर ट्रक पर नयंत्रण नहीं रख सका ट्रक जेमा में खाई में जा गिरा। इससे ट्रक में सवार 16 सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई। 4 सैनिक घायल हे, चारों को हेलीकॉप्टर से लिफ्ट कर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।

    भारतीय सेना के अधिकारियों के असार वाहन एक तीखे मोड़ पर फिसला और खाई में जा गिरा। ट्रक के साथ साथ सेना की दो वैन भी थीं। तीनों वाहन सुबह चटन से थंगू के लिए निकले थे। सेना की रेस्क्यू टीम ने 4 घायल जवानों को एयरलिफ्ट किया है। शवों को भी निकाला।

    राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया दुख

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है। प्रधानमंत्री मोदी ने जान गंवाने वाले जवानों के परिवार को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की। इसी प्रकार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दुख जताया। उन्होंने कहा है कि उत्तरी सिक्किम में सड़क दुर्घटना में भारतीय सेना के जवानों की जान जाने से बहुत दुखी हूं। देश उनकी सेवा और प्रतिबद्धता के लिए उनके प्रति कृतज्ञ है। मृतक जवानों के परिवारों को मेरी संवेदनाएं। राजनाथ सिंह ने घायल जवानों के जल्द ठीक होने की कामना की है। कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने भी दुख जताया है।

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    Fri, 23 Dec 2022 22:24:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मणिपुर में बड़ा हादसा : छात्रों को टूर पर ले जा रही 2 स्कूली बसें नोनी में पलटीं, 15 छात्रों की मौत आशंका, CM बीरेन सिंह ने जारी किया हादसे वीडियो https://acntimes.com/Major-accident-in-Manipur-2-school-buses-overturned-15-students-feared-dead https://acntimes.com/Major-accident-in-Manipur-2-school-buses-overturned-15-students-feared-dead एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । स्टडी टूर पर बच्चों को ले जा रही दो स्कूली बसें मणिपुर के नोनी जिले पलट गईं। हादसे का वीडियो प्रदेश के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर जारी किया है। हादसे में 15 स्टूडेंट की मौत की आशंका जताई जा रही है। जबकि कई घायल हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार थम्बलनू हायर सेकंडरी स्कूल की दो बसें स्टडी टूर पर खौपूम की ओर जा रही थीं। तभी वे नोनी जिले के बिष्णुपुर खैपुर रोड पर अनियंत्रित होकर पलट गईं। हादसे में कई छात्रों के घायल होने तथा 15 के करीब की मौत की आशंका जताई जा रही है। समाचार लिखे जाने तक 20 से ज्यादा गंभीर घायल छात्रों को इंफाल के मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। बताया जा रहा है कि एक बस चालक  ने बस पर नियंत्रण खो दिया जिसके चलते गंभीर हादसा हो गया। इसके चलते दूसरी बस भी पलट गई। पुलिस ने भी यही बात कही है।

    मुख्यमंत्री ने जताया दुख

    मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर घटनास्थल का वीडियो भी साझा किया है। इसमें उन्होंने कहा कि आज ओल्ड कछार रोड पर स्कूली बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में सुनकर बेहद दुख हुआ। इस हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। एसडीआरएफ, मेडिकल टीम मौके पर पहुंच रही है। सभी की सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।

     

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    Wed, 21 Dec 2022 16:36:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम विधायक काश्यप ने किया बड़ा काम, सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर किया आगाह, कहा& ‘पठान’ का प्रमाण&पत्र रद्द करें, निर्माता को प्रतिबंधित करें https://acntimes.com/Ratlam-MLA-Kashyap-asked-the-Censor-Board-to-cancel-the-certificate-of-the-film-Pathan https://acntimes.com/Ratlam-MLA-Kashyap-asked-the-Censor-Board-to-cancel-the-certificate-of-the-film-Pathan ‘भगवा’ को ‘बेशर्म रंग’ बताने से नाराज विधायक ने केंद्र सरकार से ऐसे फिल्म निर्माताओं पर रोक लगाने का आह्वान भी किया

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । करोड़ों हिंदुओं और सनातनियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली फिल्म ‘पठान’ फिल्म और इसके गीत ‘बेशर्म रंग...’ को लेकर विरोध और बयानबाजी जारी है। इस बीच रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए सेंसर बोर्ड से पठान फिल्म को जारी प्रमाण-पत्र रद्द करने की मांग ही कर डाली है। उन्होंने सेंसर बोर्ड को लिखे पत्र में फिल्म के निर्माता को प्रतिबंधित करने के लिए भी कहा है।

    ‘शाहरुख खान’ एवं ‘दीपिका पादुकोण’ अभिनीत फिल्म ‘पठान’ का अश्लीलता से सराबोर गीत ‘बेशर्म रंग...’ का विरोध इसके रिलीज होते ही शुरू हो गया है। इसका विरोध हर तरफ हो रहा है और लोग इसके कलाकारों के साथ ही निर्माता-निर्देशक से भी खफा हैं। यही वजह है कि फिल्म के साथ ही इसके कलाकारों के बहिष्कार की मुहम चल रही है। रतलाम शहर विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता चेतन्य काश्यप ने भी नाराजी जताई है। काश्यप के अपनी नाराजगी से सेंसर बोर्ड और केंद्र सरकार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है।

    हिंदू आस्था के प्रतीक भगवा रंग को किया अपमानित

    विधायक काश्यप ने सेंसर बोर्ड को पत्र लिखकर आगाह किया है कि फिल्म प्रदर्शन का प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से आह्वान किया है कि भविष्य में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी फिल्म बनाने वाले निर्माताओं को भी प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि ‘पठान’ फिल्म के एक गीत के माध्यम से हिंदू आस्था के प्रतीक भगवा रंग को अपमानित किया गया है। इससे संपूर्ण हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुंची है। उक्त गीत के माध्यम से आमजन की भावना आहत हुई है, जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

    ‘बेशर्म रंग...’ की विषय वस्तु बेशर्मी की हदें लांघने वाली

    रतलाम विधायक काश्यप ने एसीएन टाइम्स से चर्चा में कहा कि पूरे विश्व में भारत और भारतीय अपने संस्कृति, मर्यादाओं और सभी धर्मों के प्रति आदरभाव रखने के लिए जाने-पहचाने जाते हैं। ऐसी महान संस्कृति और धर्म के प्रतीकों का इस तरह दुरुपयोग और अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय है। ‘पठान’ फिल्म के गीत के बोल ही बेशर्म नहीं हैं बल्कि उसकी प्रस्तुति भी बेशर्मी की हदें लांघने वाली हैं। ऐसी विषय वस्तु को लोगों तक पहुंचने से रोकने का काम सेंसर बोर्ड का है। इसलिए सेंसर बोर्ड को फिल्म प्रदर्शन का प्रमाण-पत्र रद्द करने व निर्माता पर रोक लगाने की हिदायत दी है।

    यह भी देखें... रतलामी बोले : ‘भगवा’ नहीं है ‘बेशर्म रंग’, ऐसा कहने, करने और दिखाने वालों का होगा बहिष्कार

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    Fri, 16 Dec 2022 22:57:00 +0530 Niraj Kumar Shukla
    तवांग में चीनी PLA ने की थी LAC में घुसने की हिमाकत, हमारी सेना ने खदेड़ दिया& लेफ्टिनेंट जनरल कलिता https://acntimes.com/Chinese-PLA-dared-to-enter-LAC-in-Tawang-our-army-repelled-it-Lieutenant-General-Kalita https://acntimes.com/Chinese-PLA-dared-to-enter-LAC-in-Tawang-our-army-repelled-it-Lieutenant-General-Kalita तवांग में चीन और भारतीय सेना में झड़प को लेकर पूर्वी कमांड के कमांडर का बड़ा बयान

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय सेना में पूर्वी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलिता ने तवांग सीमा पर हुई भारतीय और चीनी सैनिकों की झपड़ पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीनी सेना के पीएलए ने एलएसी (वास्तविक सीमा रेखा) को पार करने की हिमाकत की थी लेकिन हमारे सैनिकों ने खदेड़ दिया। अब स्थिति नियंत्रण में है।

    अरुणाचल प्रदेश से सटी भारत-चीन की तवांग सीमा पर दो दिन पूर्व चीनी और भारतीय सेना के बीच झड़प हो गई थी। भारतीय सेना एलएसी में घुसने की कोशिश कर रही थी। इसके बाद से यहां भारतीय वायु सेना के जहाज उड़ाने भर रहे हैं और अभ्यास कर रहे हैं। शुक्रवार अभ्यास का तीसरा दिन रहा। इस बीच भारतीय सना के पूर्वी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट आरपी कलिता ने कहा कि अब LAC पर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उत्तरी सीमा से लगे सीमावर्ती इलाके स्थिर हैं।

    लेफ्टिनेंट जनरल कलिता के अनुसार भारतीय सेना और चीन की PLA कई बिंदुओं पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की अलग-अलग धारणाएं हैं। तवांग सेक्टर में इनमें से एक क्षेत्र में PLA ने उल्लंघन किया। इसका भारतीय सैनिकों ने मुकाबला किया। इसमें चीन के सैनिकों को ज्यादा नुकसान हुआ जबकि हमारे कुछ जवान मामूली घायल हुए। दोनों ही पक्षों की मामूली चोट आई हैं।

    झड़प व सेना के साहस को लेकर राजनीति नहीं करें

    कलिता ने सेना के साहस की तारीफ करते हुए इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मामले को द्विपक्षीय तंत्र और प्रोटोकॉल का सहारा लेकर स्थानीय स्तर पर ही सुलझा लिया गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय कमांडर मौजूदा प्रोटोकॉल का सहारा लेकर बातचीत के माध्यम से मुद्दे को हल करने में सक्षम थे। बुमला में प्रतिनिधिमंडल स्तर पर फ्लैग मीटिंग की गई, जिसमें यह मामला सुलझाया लिया गया।

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    Fri, 16 Dec 2022 18:27:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलामी बोले : ‘भगवा’ नहीं है ‘बेशर्म रंग’, ऐसा कहने, करने और दिखाने वालों का होगा बहिष्कार https://acntimes.com/Ratlami-said-shameless-color-not-saffron-film-will-be-boycotted https://acntimes.com/Ratlami-said-shameless-color-not-saffron-film-will-be-boycotted सामान्य वर्ग सर्वदलीय वाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ बेशर्म रंग में भगवा को दिखाने का विरोध

    जनप्रतिनिधि भी बोले- सनातन धर्म का ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । विवादास्पद दृश्य, संवाद और गीत अपनी पटकथा, फिल्म, धारावाहिक हिट कराने का चलन लगातार बढ़ रहा है। यही प्रयोग अब ‘शाहरुख खान’ व ‘दीपिका पादुकोण’ अभिनीत फिल्म ‘पठान’ में भी नजर आया है। इसके गीत ‘बेशर्म रंग’ में भगवा रंग का उपयोग किए जाने से रतलाम के सनातनियों में भी अक्रोश है। रतलामियों का कहना है कि #भगवा #बेशर्म_रंग नहीं है। ऐसा करने, कहने और दिखाने वालों का पुरजोर विरोध और बहिष्कार होगा।

    #भगवा को #बेशर्म_रंग के रूप में दर्शाने के इस कुत्सित प्रयास के विरोध की शुरुआत रतलाम के सामान्य वर्ग सर्वदलीय वाट्सएप ग्रुप से शुरू हुई है। विरोध का यह संदेश अन्य ग्रुपों और लोगों वाट्सएप नंबरों पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें बताया गया है कि भगवा रंग सनातन धर्म की पहचान है, इसे बशर्म करने वाले और इस बेशर्मी पर नाचने वाली टुकड़े-टुकड़े गैंग की सदस्या का विरोध जरूरी है। सामान्य वर्ग सर्वदलीय ग्रुप इस गाने की घोर निन्दा करता है और नागरिकों से इस फिल्म के बहिष्कार की अपील करता है।

    कांग्रेस व भाजपा नेताओं की चुप्पी को दी चुनौती

    बेशर्म रंग में भगवा रंग को दिखाए जाने को लेकर अब तक जिले या शहर के किसी बड़े नेता का बयान नहीं आया है। यही वजह है कि सामान्य वर्ग सर्वदलीय ग्रुप में शहर और जिले के नेताओं की इस चुप्पी को चुनौती दी गई है। संदेश में कहा गया है कि यदि रतलाम में भाजपा और कांग्रेस में कोई कम सनातनी नेता नहीं हैं। उनसे आग्रह के साथ अपेक्षा की गई है कि यदि सभी के हस्ताक्षर का ‘बेशर्म रंग’ गाने के विरोध और इसके हटाए बिना प्रतिबंध वाला एक सार्वजनिक निंदा वाला बयान आ जाएगा तो शांति की नींद में सोए बाकी सभी लोग भी जाग जाएंगे।

    एसीएन टाइम्स ने जानी नेताओं और लोगों की राय- गोपाल काकानी

    सामान्य सर्वदलीय ग्रुप के सदस्य गोपाल काकानी के अनुसार मर्यादित रहना ही हम भारतीयों की मूल प्रकृति है लेकिन कुछ लोग इसे बदलने पर तुले हैं जो स्वीकार्य नहीं है। कोई व्यक्ति जरूर बेशर्म हो सकता है, रंग नहीं और भगवा रंग तो कभी नहीं हो सकता क्योंकि वह संस्कारों और आस्था का प्रतीक है। इतिहास गवाह है कि जब-जब भी मर्यादाओं को लांघा गया है, संस्कारों का हनन हुआ है या आस्था को ठेस पहुंचाई गई है तो उसके परिणाम काफी व्यापक रहे हैं। हम भगवा रंग को बेशर्म बताने वाले प्रत्येक व्यक्ति और व्यवस्था का विरोध करते हैं।

    लज्जा नारी का गहना, भगवा हमारी आस्था की प्रतीक- हिम्मत कोठारी

    मप्र के पूर्व गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता हिम्मत कोठारी के अनुसार सभी को मर्यादा में ही रहना चाहिए फिर वह चाहे कोई भी हो। सिर्फ आर्थिक लाभ और प्रसिद्धि पाने के लिए मर्यादाओं को ताक में रखना नासमझी है और अनैतिक है। मुझे भी पता चला है कि बेशर्म रंग गाने में अभिनेत्री ने काफी फूहड़ नृत्य किया है। नारी की शर्म ही उसका गहना है। अगर वह लज्जा उतार देगी तो फिर कुछ बचेगा ही नहीं। इसके साथ ही ऐसा कुछ भी करते समय यह ध्यान में रखना चाहिए कि दूसरे की भावना आहत नहीं हो। भगवा रंग हमारी आस्था का प्रतीक है।

    भगवा रंग का अश्लील अर्थों में उपयोग धार्मिक आस्था पर चोट- पारस सकलेचा

    पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता पारस सकलेचा ‘दादा’ ने भी भगवा को बेशर्म रंग के रूप में दर्शाने पर कड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि द्विअर्थी संवाद के साथ ही अब द्विअर्थी वेशभूषा भी परोसी जा रही है, चाहे वह नृत्य, नाटक या फिर फिल्मी संवाद ही क्यों न हो। यह युवा पीढ़ी को बरगलाने का प्रयास है, निंदनीय है। सेंसर बोर्ड का अवमूल्यन हुआ है। सरकार को कठोर कार्रवाई करना चाहिए। भगवा रंग भारतीय परंपरा व आस्था का प्रतीक है। इसका अश्लील अर्थों में प्रयोग धार्मिक आस्था पर चोट है।

    भगवा रंग का दुरुपयोग करने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो- राजेश कटारिया

    हिंदू जागरण मंच के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राजेश कटारिया के अनुसार राजेश कटारिया ने भी इसे गलत बताया है। उनका कहना है कि भगवान हिंदुओं और सनातनियों के लिए पवित्र रंग है। इसका दुरुपयोग किसी भी रूप में नहीं होना चाहिए। यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाना चाहिए। पहले भी देखने में आया है कि हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों तक को निजी फायदे के लिए उपयोग किया जाता रहा है। ऐसे दृश्यों को देख कर यकीन ही नहीं होता कि सेंसर बोर्ड नाम की कोई चीज है भी।

    भावनाएं आहत न हों, यह नियंत्रण नीति-नियंताओं के लिए जरूरी- प्रहलाद पटेल

    रतलाम के महापौर एवं भाजपा नेता प्रहलाद पटेल ने कहा कि- भगवा रंग धर्म का प्रतीक है। इसके साथ किसी भी तरह का दुष्प्रयोग इसका अपमान ही है। हम अपने धर्म और संस्कृति का अपमान किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। इसका जितना विरोध हो सके करना चाहिए। इस बारे में नीति नियंताओं को भी सोचने की आवश्यकता है। किसी भी विषय वस्तु से किसी की भावना आहत न हो, यह नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की है। 

    यह संस्कृति और संस्कारों को खत्म करने का प्रयास है- पं. राजेश दवे

    पूर्व पार्षद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पं. राजेश दवे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह संस्कृति और संस्कारों को खत्म करने का प्रयास है। यह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं टहराया जा सकता। इस तरह कोई कुछ भी पहन लेगा तो कैसे चलेगा। भारत का मूल ही सनातन धर्म और संस्कृति है। अगर यह जिंदा रहेगी तो ही हमारी भावी पीढ़ी भी सुरक्षित रहेगी। अभी भी हमारी संस्कृति जितनी बची है उसे बची रहने देना चाहिए। धारावाहिक हों या फिल्में, वही दिखाया जाना चाहिए जो परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर देख सकें, किसी दृश्य या संवाद के दौरान किसी परिवार के छोटे या बड़े सदस्यों के सामने नजरें नीचे नहीं करना पड़ें।

    भगवा को बेशर्म रंग बताने वाले कौन सी पाठशाला में पढ़े- गोविंद काकानी

    सनातन धर्म महासभा के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व एमआईसी सदस्य गोविंद काकानी ने घोर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पूरे विश्व में भगवा / केसरिया रंग सनातन धर्म की पहचान है। केसरिया रंग राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) के तीन रंगों में से एक है। हमने बचपन से यही पढ़ा और समझा कि सफेद रंग शांति, त्याग और सादगी तो हरा रंग हरियाली और समृद्धि का प्रतीक है। केसरिया रंग सूर्य की तरह ऊर्जा और शौर्य का प्रतीक है। पता नहीं फिल्म बनाने वालों ने कौन सी पाठशाला में पढ़े हैं जिन्हें भगवा या केसरिया ‘बेशर्म रंग’ नजर आ रहा है। इसे इस ढंग से प्रदर्शित करना धर्म और संस्कृति का अपमानजनक है। गाने के बोल, अभिनेत्री की भाव-भंगिमाएं अश्लील हैं, निंदनीय हैं। इसका सख्त विरोध है।

    फूहड़ता और अश्लीलता किसी रूप में बर्दाश्त नहीं- महेंद्र कटारिया

    शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया का कहना है कि फूहड़ता और आश्लीलता किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जा सकती है, चाहे फिल्म हो, नाटक हो अथवा सार्वजनिक मंच। स्वस्थ मनोरंजन अवश्य होना चाहिए लेकिन वह किसी की भावना को आहत करने वाला कतई नहीं होना चाहिए।

    आश्चर्य यह है कि सेंसर बोर्ड से ऐसी सामग्री पास कैसे होती हैं- बसंत पंड्या

    शहर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बसंत पंड्या ने इस मामले में सीधे तौर पर सेंसर बोर्ड  को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि उन्हें आश्चर्य होता है कि सेंसर बोर्ड से ऐसी सामग्री पास कैसे हो जाता है। ऐसे दृश्य, संवाद व सामग्री जो विवाद का कारण बन सकते हैं, उन्हें वहीं से हटा देना चाहिए। फिल्म हों या टीवी, हर जगह अश्लीलता बढ़ रही है। आलम यह है कि टीवी पर बच्चों के साथ बैठ कर कोई कार्यक्रम नहीं देख सकते। ओटीटी प्लेटफॉर्म ने तो सारी हदें ही पार कर दी हैं।  

    इस विषय को लेकर रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया। चूंकि वे क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए लखनऊ में हैं जिससे उनसे बात नहीं हो सकी। बता दें, कि- फिल्म पठान 25 जनवरी को रिलीज हो रही है। इससे पहले ही इसका बहिष्कार शुरू हो गया है।

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    Thu, 15 Dec 2022 15:52:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
    शकर बनाने वाली मप्र की इस कंपनी का 15 दिसंबर को आ रहा IPO, निवेश के इच्छुक हैं तो यह खबर जरूर पढ़ें https://acntimes.com/The-IPO-of-this-sugar-manufacturing-company-of-MP-is-coming-on-December-15 https://acntimes.com/The-IPO-of-this-sugar-manufacturing-company-of-MP-is-coming-on-December-15 एसीएन टाइम्स @ इंदौर । मध्य प्रदेश बेस्ड शुगर बनाने वाली डोलेक्स एग्रोटेक लिमिटेड इसी माह IPO (आईपीओ) लाने जा रही है। कंपनी का आईपीओ 15 दिसंबर को खुलेगा। कंपनी का इस आईपीओ के माध्यम से 1738.80 लाख रुपए जुटाने का लक्ष्य है। 2013 से शुगर निर्माण के क्षेत्र में अग्रसर डोलेक्स एग्रोटेक इस बढ़ी पूंजी का उपयोग इथेनॉल प्लांट लगाने में करेगी। इसकी क्षमता 200 किलो लीटर प्रतिदन की होगी।

    डोलेक्स एग्रोटेक लिमिटेड शेयर बाजार में प्रवेश कर रही है। कंपनी का आईपीओ 15 दिसंबर को खुलेगा और 20 दिसंबर को बंद हो जाएगा। कंपनी के संस्थापक मेहमूद खान ने एसीएन टाइम्स को बताया 2438.80 लाख रुपए बाजार से जुटाने के उद्देश्य से कंपनी 10 रुपए मूल्य के शेयर 25 रुपए प्रीमियम पर 69,68,000 शेयर जारी करेगी। कंपनी तजा इक्विटी के माध्यम से 1738.80 लाख रुपए जुटाएगी।

    ओपन ऑफर सेल के माध्यम से 7 करोड़ रुपए के शेयर की बिक्री की जाएगी। कंपनी के आईपीओ का लॉट साइज 4000 शेयर का होगा। इसमें प्रति निवेशक 1.40 लाख रुपए तक निवेश कर सकेगा। कंपनी के आईपीओ की लीड मैनेजर ग्लोबल कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड है जबकि रजिस्टार स्काई लाइन फाइनेंसियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड है।

    2013 में हुई थी कंपनी की स्थापना, 2500 टीसीडी प्रतिदिन पेराई क्षमता है

    खान ने बताया शकर निर्माण के वर्तमान कारोबार की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य के साथ दतिया और उसके आसपास के इलाके में गन्ना किसानों को आसान बाजार उपलब्ध कराना मुख्य धेय है। वर्ष 2013 में कंपनी की स्थापना की गई थी और तभी से यह लगातार मुनाफे में है। वर्तमान में कंपनी की पिराई क्षमता 2500 टीसीडी प्रतिदिन है। आईपीओ आने के यह क्षमता बढ़कर 3500 डीसीडी हो जाएगी। कंपनी के उत्पादों में शकर के अलावा गुड़ पाउडर, फार्मा ग्रेड शुगर, मोलासिस, बगास तथा प्रेस मड उपलब्ध है।

    200 किलो लीटर इथेनॉल प्रतिदिन उत्पादन करेगी कंपनी

    संस्थापक खान ने बताया कंपनी का उद्देश्य बढ़ी पूंजी से इथेनॉल का प्लांट स्थापित करना है। इससे आने वाले वर्षों में देश की पेट्रोलियम निर्भरता कम होगी। कंपनी प्रतिदिन 200 किलो लीटर इथेनॉल उत्पादन के लिए सरकार से अनुमति लेगी। खान के अनुसार कंपनी का वित्तीय प्रबंधन लगातार मजबूत रहा है। वित्तीय वर्ष 2022 में कंपनी ने 79.40 करोड़ का राजस्व एवं 3.26 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है की सरकार से इथेनॉल उत्पादन की मंजूरी के साथ ही इस क्षेत्र में कम्पनी का कारोबार तेजी से बढ़ेगा। इथेनॉल उत्पादन के साथ ही कम्पनी को सालाना 400 करोड़ रुपए कारोबार की उम्मीद है। इथेनॉल प्लांट 2025 तक शुरू हो जाएगा।

    ...इसलिए इथेनॉल के उत्पादन का लिया निर्णय

    मेहमूद खान के मुताबिक इथेनॉल प्लांट गेम चेंजर साबित होगा। ऐसा इसलिए कि वर्तमान में पेट्रोल और डीजल में 10 फीसदी इथेनॉल की ब्लेंडिंग की जा रही है। सरकार ने 2025 तक इसे 20 फीसदी करने का लक्ष्य नियत किया है। देश में इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां का उत्पादन भी लगातार बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए डोलेक्स एग्रोटेक लिमिटेड ने भी इथेनॉल के उत्पादन का निर्णय लिया है।

    जानिए, कौन हैं कंपनी के संस्थापक

    डोलेक्स एग्रोटेक लिमिटेड के संस्थापक मेहमूद खान विज्ञान विषय में स्नातक हैं। उनके पास शकर निर्माण उद्योग, डिस्टलेशन प्लांट सहित अन्य उद्योगों में काम करने का 37 वर्षों का लंबा अनुभव है।

    कंपनी के बारे में जानना चाहते हैं तो नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें...

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    Tue, 13 Dec 2022 01:36:00 +0530 Niraj Kumar Shukla
    चीन ने फिर की गुस्ताखी : तवांग में LAC के पास भारतीय व चीनी सैनिकों में झड़प, कई सैनिक जख्मी, ज्यादा नुकसान चीन को https://acntimes.com/China-again-insolence-clash-between-Indian-and-Chinese-soldiers-near-LAC-in-Tawang-1642 https://acntimes.com/China-again-insolence-clash-between-Indian-and-Chinese-soldiers-near-LAC-in-Tawang-1642 एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । चीन ने एक बार फिर भारत के खिलाफ गुस्ताखी की है। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में LAC पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तवांग सेक्टर में LAC पर दोनों सेनाओं के बीच 9 दिसंबर की रात झड़प हुई। इसमें दोनों पक्ष के सैनिक मामूली घायल हुए हैं। 

    चीन 2006 से लगातार तवांग सेक्टर के कुछ हिस्सों पर अपना दावा जता रहा है। इसे लेकर चीन और भारत के बीच तनाव की स्थित बनी रहती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तवांग में चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी 9 दिसंबर की रात LAC तक पहुंच गई थी। यह बता चलते ही सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों ने पूरी ताकत से चीन के इस कदम का विरोध किया। इसके चलते दोनों ही सेनाओं में झड़प हो गई। भारत के जवानों ने LAC तक पहुंचने की कोशिश कर रही चीनी सेनाओं को पीछे धकेल दिया है।

    बताया जा रहा है कि इस झड़प में चीन के सैनिक ज्यादा घायल हुए हैं। हालांकि चीन अभी यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है। झड़प के बाद भारत के कमांडरों ने शांति बहाली के लिए चीनी कमांडर के साथ फ्लैग मीटिंग भी की। दावा किया जा रहा है कि मामले को सुलझा लिया गया है।

    पहले भी होती रही हैं झड़पें

    • देशों की सेना पूर्वी लद्दाख के गोगरा-हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15' पर मौजूद थे। सितंबर में समन्वित और योजनाबद्ध तरीके से दोनों ही देशों ने अपने सैनिकों के पीछे हटने का ऐलान किया। अगले ही पल चीन अपनी बाद से मुकर गया और अपने सैनिकों को पीछे हटाने से साफ इनकार कर दिया था।
    • 15 जून 2020 को लद्दाख के गलवान घाटी में दोनों सेनाओं में झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद और चीन के 38 सैनिक मारे गए थे। तब भी ज्यादा नुकसान होने के बाद भी चीन ने सिर्फ 4 सैनिकों के मारे जाने की ही पुष्टि की थी।

    चीन दक्षिणी तिब्बत को बताता है अपना, 21 जगह के नाम भी बदले

    चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी अपना अधिकार जताता रहता है। पिछले साल चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्र में 15 स्थानों के नाम बदल दिए थे। ये नाम चीनी और तिब्बती थे। ऐसा करते समय चीन की सिविल अफेयर्स मिनिस्ट्री ने दावा किया था कि हमने अपनी प्रभुसत्ता और इतिहास के आधार पर यह कदम उठाया है। चीन ने इससे पहले भी 6 जगह के नाम बदल दिए थे। ऐसा 2017 में हुआ था। चीन का दावा है कि दक्षिणी तिब्बत उसका है। उसका आरोप है कि भारत ने तिब्बत के इलाके पर कब्जा कर लिया और उसे अरुणाचल प्रदेश बना दिया। 

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    Mon, 12 Dec 2022 21:08:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    चीन ने फिर की गुस्ताखी : तवांग में LAC के पास भारतीय व चीनी सैनिकों में झड़प, कई सैनिक जख्मी https://acntimes.com/China-again-insolence-clash-between-Indian-and-Chinese-soldiers-near-LAC-in-Tawang https://acntimes.com/China-again-insolence-clash-between-Indian-and-Chinese-soldiers-near-LAC-in-Tawang एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । चीन ने एक बार फिर भारत के खिलाफ गुस्ताखी की है। अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में LAC पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तवांग सेक्टर में LAC पर दोनों सेनाओं के बीच 9 दिसंबर की रात झड़प हुई। इसमें दोनों पक्ष के सैनिक मामूली घायल हुए हैं। 

    चीन 2006 से लगातार तवांग सेक्टर के कुछ हिस्सों पर अपना दावा जता रहा है। इसे लेकर चीन और भारत के बीच तनाव की स्थित बनी रहती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तवांग में चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी 9 दिसंबर की रात LAC तक पहुंच गई थी। यह बता चलते ही सीमा पर तैनात भारतीय सैनिकों ने पूरी ताकत से चीन के इस कदम का विरोध किया। इसके चलते दोनों ही सेनाओं में झड़प हो गई। भारत के जवानों ने LAC तक पहुंचने की कोशिश कर रही चीनी सेनाओं को पीछे धकेल दिया है।

    बताया जा रहा है कि इस झड़प में चीन के सैनिक ज्यादा घायल हुए हैं। हालांकि चीन अभी यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है। झड़प के बाद भारत के कमांडरों ने शांति बहाली के लिए चीनी कमांडर के साथ फ्लैग मीटिंग भी की। दावा किया जा रहा है कि मामले को सुलझा लिया गया है।

    पहले भी होती रही हैं झड़पें

    • देशों की सेना पूर्वी लद्दाख के गोगरा-हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15' पर मौजूद थे। सितंबर में समन्वित और योजनाबद्ध तरीके से दोनों ही देशों ने अपने सैनिकों के पीछे हटने का ऐलान किया। अगले ही पल चीन अपनी बाद से मुकर गया और अपने सैनिकों को पीछे हटाने से साफ इनकार कर दिया था।
    • 15 जून 2020 को लद्दाख के गलवान घाटी में दोनों सेनाओं में झड़प हुई थी। इसमें भारत के 20 सैनिक शहीद और चीन के 38 सैनिक मारे गए थे। तब भी ज्यादा नुकसान होने के बाद भी चीन ने सिर्फ 4 सैनिकों के मारे जाने की ही पुष्टि की थी।

    चीन दक्षिणी तिब्बत को बताता है अपना, 21 जगह के नाम भी बदले

    चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी अपना अधिकार जताता रहता है। पिछले साल चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्र में 15 स्थानों के नाम बदल दिए थे। ये नाम चीनी और तिब्बती थे। ऐसा करते समय चीन की सिविल अफेयर्स मिनिस्ट्री ने दावा किया था कि हमने अपनी प्रभुसत्ता और इतिहास के आधार पर यह कदम उठाया है। चीन ने इससे पहले भी 6 जगह के नाम बदल दिए थे। ऐसा 2017 में हुआ था। चीन का दावा है कि दक्षिणी तिब्बत उसका है। उसका आरोप है कि भारत ने तिब्बत के इलाके पर कब्जा कर लिया और उसे अरुणाचल प्रदेश बना दिया। 

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    Mon, 12 Dec 2022 21:08:31 +0530 Niraj Kumar Shukla
    प्रत्यक्ष कर एवं अंतरराष्ट्रीय कराधान को लेकर ICAI ने पेश किया “बजट&2023 पूर्व ज्ञापन”, 275 पेज के ज्ञापन में 241 सुझाव हैं शामिल https://acntimes.com/ICAI-presented-Pre-Budget-2023-Memorandum-regarding-Direct-Taxes-and-International-Taxation https://acntimes.com/ICAI-presented-Pre-Budget-2023-Memorandum-regarding-Direct-Taxes-and-International-Taxation एसीएन टाइम्स @ डेस्क। द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (The Institute of Chartered Accountants of India) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बन रहे बजट के लिए कर प्रस्ताव को तैयार करने के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को "बजट पूर्व ज्ञापन 2023" (Pre-Budget Memorandum 2023) प्रस्तुत किया है। 257 पेज के इस ज्ञापन में प्रत्यक्ष कर (अंतरराष्ट्रीय कराधान सहित) को लेकर 241 सुझाव और सिफारिशें शामिल हैं।

    आईसीएआई द्वारा प्रस्तुत को "बजट पूर्व ज्ञापन 2023" में सामान्य रूप से ध्यान दी जाने वाली सिफारिशें हैं। ये तीन अलग-अलग अध्यायों के रूप में विभाजित हैं। इनमें कर प्रशासन, संग्रह और अनुपालन को बढ़ाने, मुकदमेबाजी को कम करने, विभिन्न प्रकार के कर कानूनों के प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने, नई पहल शुरू करने और कर को रोकने को लेकर भी सिफारिशें शामिल हैं।

    बजट पूर्व ज्ञापन - 2023 में समूहीकृत की गई सिफारिशें

    भाग - A : आयकर अधिनियम, 1961 की नीति और प्रावधानों से संबंधित सुझाव।

    भाग - B : कर प्रशासन और नागरिक सेवाओं में सुधार के लिए सुझाव।

    भाग - C : अंतरराष्ट्रीय कराधान से संबंधित सुझाव।

    जारी है अंतिम रूम देने का काम

    अतिरिक्त, जीएसटी और अप्रत्यक्ष करों के संबंध में सरकार के विचार के लिए आईसीएआई की सिफारिशों को अंतिम रूप देने का काम अभी जारी है। यह फाइनल ड्राफ्ट उचित समय पर प्रस्तुत किया जाएगा।

    10 अक्टूबर तय थी सुझाव आमंत्रित करने के लिए

    गौरतलब है कि आईसीएआई ने  23 सितंबर 2022 को प्रत्यक्ष करों (अंतर्राष्ट्रीय कराधान सहित) और अप्रत्यक्ष करों (GST आदि) से संबंधित मुद्दों/चिंताओं पर सदस्यों और अन्य हितधारकों से टिप्पणियां और सुझाव आमंत्रित किए थे। इसके लिए 10 अक्तूबर 2022 की डेडलाइन दी गई थी। इन्हीं सुझावों और टिप्पणियों को बजट पूर्व ज्ञापन 2023 में शामिल किया गया है।

    इन मुद्दों पर आमंत्रित किए थे सुझाव

    आईसीएआई ने बजट पूर्व ज्ञापन 2023 के लिए कर आधार को व्यापक बनाने और कर राजस्व में वृद्धि, कर परिहार के लिए क्या उपाय अपनाए जाने चाहिए, जैसे मुद्दों को लेकर सुझाव आमंत्रित किए थे। आमंत्रित सुझावों में मुकदमों को कम करना या न्यूनतम करना, प्रत्यक्ष कर या अप्रत्यक्ष कर के प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना भी शामिल है। इसके अलावा कानून, प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों को दूर करने तथा ऐसे ही अन्य बिंदु शामिल किए गए थे।

    आईसीएआई हर साल करता है ये कवायद

    वरिष्ठ कर सलाहकार गोपाल काकानी के अनुसार आईसीएआई हर साल हितधारकों की सिफारिशों पर ध्यान से विचार करता है। इन्हें इकट्ठा करने के साथ ही पूरक भी करता है। इसके बाद आगामी बजट के लिए कर प्रस्तावों का मसौदा तैयार किया जाता है। यह मसौदा भारत सरकार के लिए सीबीडीटी / सीबीआईसी को प्रस्तुत किया जाता है। 

    ICAI द्वारा ”बजट-2023 पूर्व ज्ञापन” पर की गई सिफारिशें जानने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें

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    Mon, 12 Dec 2022 20:07:04 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सावधान ! यह भी ठगी तो नहीं ? डाक से आ रहे COD वाले कार्ड लेटर, लोगों को लग रही चपत, उद्योगपति ने जताई धोखाधड़ी का आशंका https://acntimes.com/Alert-Cash-on-delivery-card-letter-coming-by-post-is-not-a-fraud https://acntimes.com/Alert-Cash-on-delivery-card-letter-coming-by-post-is-not-a-fraud एसीएन टाइम्स @ रतलाम । ऑनलाइन धोखाधड़ी के दौर में अब लोगों को डाक से आ रहे COD (कैश ऑन डिलीवरी) वाले कार्ड लेटर के नाम पर चपत लग रही है। इसका शिकार हुए रतलाम के एक उद्योगपति ने इसे किसी नए फ्रॉड का तरीका बताते हुए लोगों से सावधान रहने के लिए कहा आगाह है।

    लायंस क्लब रतलाम ग्रेटर के सदस्य एवं उद्योगपति रवि बोधरा ने जारी बयान में बताया है कि आज-कल पोस्ट ऑफिस खाकी रंग के लिफाफे आरहे हैं। इनमें ऊपर ‘कार्ड लेटर लिखा होता है। ये लेटर कैश ऑन डिलीवरी (COD) आते हैं जो 596.00 रुपए का भुगतान करने पर दिए जाते हैं। चूंकि इन पर व्यक्ति का पूरा नाम और पता लिखा होता है अतः व्यक्ति उसे लेकर भुगतान कर देता है।

    लिफाफा खोलने पर यह निकलता है

    बोथरा के अनुसार ऐसा ही एक लिफाफा उनके बेटे अभि बोथरा के नाम पर उनके घर के पते पर आया। लिफाफे पर उनके दोनों मोबाइल नंबर भी दर्ज हैं। नियत राशि भुगतान करने के बाद जब पत्र खोला तो उसमें एक कार्ड और लक्ष्मीजी का एक सिक्का निकला। घर में पूछताछ करने पर पता चला कि ऐसे किसी सिक्के का ऑर्डर नहीं दिया गया है। चूंकि लिफाफा खुल चुका था इसलिए पोस्टमैन उसे वापस लेने से इनकार कर दिया।

    सिर्फ भेजने वाले का पता है, कॉन्टेक्ट नंबर नहीं

    उद्योगपति बोथरा ने बताया पत्र में सिक्के का वजन और कैश ऑन डिलीवरी की फीस लिखी है। इसके अलावा भेजने वाले का पता ‘सत्य श्री बालाजी सेल्स, टी-59/1 बलजीत नगर, पटेल नगर -110008 भी छपा है। इसमें कोई संपर्क नंबर नहीं लिखा है। अंदर निकले कार्ड पर भी कोई जानकारी नहीं है जिससे संबंधित से संपर्क कर वस्तुस्थिति पता की जा सके।

    रोज 20 से 30 लिफाफे आ रहे

    रवि बोथरा के अनुसार ठीक ऐसा ही लिफाफा उनकी फैक्टरी के कर्मचारी के नाम पर भी प्राप्त हुआ। उस पर भी कार्ड लेटर और उक्त पता प्रिंट था। चूंकि उनके साथ घटना हो चुकी थी अतः उक्त पत्र को बिना खोले ही लौटा दिया। उद्योगपति के अनुसार रोज ऐसे 20 से 30 पत्र आ रहे हैं और लोगों को चपत लग रही है। उन्होंने आशंका जताई है शायद यह लोगों से वसूली और ठगी का कोई नया तरीका अपनाया जा रहा है। यह अंदेशा इसलिए है कि सिर्फ उनके यहां ऐसा हुआ होता तो मान लेते कि किसी ने ऑर्डर कर दिया हो लेकिन वैसे ही पत्र फैक्टरी के कर्मचारी सहित अन्य को भी मिलने से आशंका पुष्ट होती दिख रही है। चूंकि पत्र की सीओडी राशि बहुत ज्यादा नहीं है और फिर लिफाफे में लक्ष्मी जी का सिक्का निकलता है, इसलिए किसी ने इसकी शिकायत नहीं की।

    ठगी से बचने के लिए बरतें सावधानी

    उद्योगपति बोथरा ने लोगों को आगाह किया है कि वे अगर कोई पत्र COD वाला आया है और उसमें जिसका नाम लिखा है उससे पुष्टि करने के बाद ही भुगतान करें। इसी प्रकार अन्य ऑनलाइन या ऑफलाइन ठगी से बचने के लिए भी सावधानी बरतें। बता दें कि, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, सभी बैंकें और पुलिस भी लगातार अलर्ट जारी कर रही हैं और सावधानी बरतने की अपील कर रही हैं ताकि आपके खून-पसीने की कमाई कोई ठग न उड़ा ले।

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    Fri, 09 Dec 2022 19:00:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बाघ की फांसी लगने से मौत, पन्ना टाइगर रिजर्व के पास क्लच वायर से पेड़ पर लटका मिला शव, लोग बोले& यह सुसाइड कैसे कर सकता है https://acntimes.com/Tiger-death-due-to-hanging-in-Chhatarpur-district-near-Panna-Tiger-Reserve https://acntimes.com/Tiger-death-due-to-hanging-in-Chhatarpur-district-near-Panna-Tiger-Reserve एसीएन टाइम्स @ ललितपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। यहां पन्ना टाइगर रिजर्व से लगे छतरपुर जिले के जंगल में एक बाघ की फांसी लगने से मौत का मामला सामने आया है। यहां क्लच वायर के फंदे से बाघ का शव लटका मिला है। यह देखने वालों का कहना है कि- आखिर बाघ सुसाइड कैसे कर सकता है?

    टाइगरों (बाघों) की लगातार मौत हो रही मौतों के कारण पन्ना जिला चर्चा में हैं। यहां छतरपुर जिले के उत्तर वन मंडल क्षेत्र देवेंदनगर की विक्रमपुर नर्सरी के पास एक वयस्क आदमकद शरीर वाले बाघ का श्व क्लच वायर से एक पेड़ से लटटका मिला। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी मिलते ही वन विभाग और पन्ना टाइगर रिजर्व का अमला घटनास्थल पर पहुंच गया है। होश उड़ा देने वाली यह घटना लोगों के गले नहीं उतर रही है। उनकी यह समझ नहीं आ रहा कि कोई बाघ यहां कैसे पहुंचा और फिर वह फांसी के फंदे से कैसे लड़क गया। 

    पोस्टमार्टम से स्पष्ट होगा मामला

    मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ के शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर पोटमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। साथ ही वन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने पड़ताल भी शुरू कर दी है। सीसीएफ संजीव झा के अनुसार पड़ताल जारी है। यह शिकार है अथवा दुर्घटना, इसका पता लगाया जा रहा है। यहां बाघ की मौजूदगी को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है इससे काफी कुछ स्पष्ट हो सकेगा।

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    Wed, 07 Dec 2022 13:42:53 +0530 Manish Kumar Shukla
    टीचर ने क्लास रूम में लगाया ठुमका तो बच्चे बोले& ‘हाय, हाय, हाय...’, वीडियो हो रहा ट्रोल& लोगों ने कहा& ‘बचपन में ऐसी टीचर हमें क्यों नहीं मिली’ https://acntimes.com/Teacher-danced-in-class-room-video-viral https://acntimes.com/Teacher-danced-in-class-room-video-viral एसीएन टाइम्स @ डेस्क । सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो काफी चर्चा में हैं। वीडियो एक क्लास रूम का है जिसमें साड़ी पहने एक शिक्षक भोजपुरी गाने पर ठुमके लगाती नजर आ रही हैं और बच्चे गाने के बोल “हाय, हाय, हाय...” पर एक्शन कर रहे हैं। इसे लेकर लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आ रही है। कोई इसे गलत बता रहा है तो कोई ‘बचपन में हमें ऐसी टीचर क्यों नहीं मिली’ कह कर कटाक्ष कर रहा है।

    शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं ऐसे में क्लास रूम का नजारा ही बदल चुका है। अगर किसी स्कूल के क्लास रूम में टीचर को भोजपुरी आइटम सांग पर ठुमके लगाते देख ले तो आप क्या कहेंगे। इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें एक टीचर भोजपुरी गाने ‘पतली कमरिया मोरी…’ पर ठुमके लगाती दिख रही है जिसे देखकर विद्यार्थी भी आनंदित हैं और गाने के अनुसार एक्शन कर रहे हैं। इस वीडियो ट्विटर पर भी उपलब्ध है जिसे @Gulzar_sahab  एक एकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो शेयर होते ही उसमें नजर आ रही टीचर ट्रोल होने लगी। इसे देख कर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।

    कोई इसे ‘मस्ती की पाठशाला’ कह रहा है तो कोई इसकी आलोचना भी कर रहा है। आलोचना करने वालों का कहना है कि इस तरह क्लास रूम में आइटम सांग पर किसी टीचर का डांस करना गरिमा के विपरीत है। टीचर एक सम्मानित और गरिमा वाला पद है। ऐसा कहने वाले टीचर को निलंबित करने तक बात भी कह रहे हैं।

    कुछ को भाव-भंगिमाओं पर ऐतराज, ड्रेसअप पर संतुष्ट

    वहीं कुछ लोगों ने इसे क्लास रूम के माहौल को हल्का-फुल्का बनाने और बच्चों के डर से पढ़ाई का डर निकालने के लिए क्या गया प्रयास बताया है। वहीं कुछ ने यहां तक टिप्पणी कर दी है कि- बचपन में ऐसी टीचर हमें क्यों नहीं मिली। एक ने तो शायराना अंदाज में कमेंट किया, वहीं कुछ ने अभद्र शब्दों का उपयोग भी किया है। हालांकि कई लोग ऐसे भी हैं जो इसे सकारात्मक एप्रोच बता रहे हैं। उनका मानना है कि क्लास में मनोरंजक ढंग और खेल-खेल में पढ़ाई कराने से वह बच्चों को बोझिल नहीं रखती। वहीं टीचर के डांस को गलत बताने वालों से ही सवाल पूछा है कि- क्या डांस करना इतना खराब है कि उस देख कर बच्चे बिगड़ जाते हैं। कुछ को टीचर की सिर्फ भाव-भंगिमाओं पर ऐतराज है जबकि उसके पहनावे को लेकर वे संतुष्ट हैं।

    3 लाख से ज्यादा लोग देख चुके वीडियो

    उक्त वीडियो जिस ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया गया है उसे अब तक 3 लाख 15 हजार बार देखा जा चुका है। वीडियो देखने वालों की संख्या सेकंडों में बढ़ रही है। यह 1 हजार से ज्यादा बार रिट्वीट हो चुका है जबकि 9 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे लाइक किया है। अभी तय यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उक्त वीडियो किस टीचर और कहां का है। वीडियो में 22 नवंबर 2022 की तारीख जरूर नजर आ रही है।

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    Mon, 05 Dec 2022 15:03:24 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Gujarat Election 2022 : गुजरात में दूसरे चरण में अब तक 5 फीसदी से ज्यादा मतदान, PM मोदी और गृहमंत्री शाह ने अहमदाबाद में डाला वोट https://acntimes.com/Gujarat-Election-2022-Now-5-percent-voting-in-the-second-phase-PM-Modi-HM-Shah-cast-his-vote https://acntimes.com/Gujarat-Election-2022-Now-5-percent-voting-in-the-second-phase-PM-Modi-HM-Shah-cast-his-vote एसीएन टाइम्स @ वडोदरा । गुजरात में हो रहे विधानसभा चुनाव में सोमवार को प्रदेश के 14 जिलों की 93 सीटों पर दूसरे चरण का मतदान जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यहां मतदान किया और लोगों से हिंदी और गुजराती में ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की। इस दौरान मोदी-मोदी के नारे भी गूंजे। सुबह 10.30 बजे तक यहां तकरीबन 5 फीसदी मतदान हो चुका था। 10.43 बजे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सपरिवार मतदान किया।

     गुजरात के 14 जिलों की 93 विधानसभा सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण का मतदान सोमवार सुबह 8 बजे शुरू हो गया। यहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में जनता की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह संदेश देने प्रधानमंत्री एक दिन पूर्व ही गुजरात पहुंच गए थे। सोमवार को वे अपनी मां हीरा बेन का आशीर्वाद लेने के बाद सुबह करीब 9.30 बजे रानिप में निशान पब्लिक स्कूल में बने मतदान केंद्र पहुंचे। वे भी अन्य मतदाताओं के साथ कतार में खड़े हो गए और अपने आगे खड़े लोगों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया।

    अपना नंबर आने पर उन्होंने मतदान किया और उसके बाद गुजरातवासियों से गुजराती और हिंदी में ज्यादा से ज्यादा वोट डालने की अपील की। मतदान के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए भी उन्होंने लोगों से मताधिकार का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने सफल निर्वाचन के लिए चुनाव आयोग और नागरिकों का आभार भी ज्ञापित किया। वे अपने बड़े भाई सोमभाई मोदी से मिलने उनके घर भी पहुंचे। पीएम मोदी का नाम भी बड़े भाई के साथ मतदाता सूची में दर्ज है।

    पहले ही ट्वीट कर बता दिया था कि कब करेंगे मतदान

     प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही ट्वीट कर गुजरात की जनता से बड़ी संख्या में मतदान करने का अपील कर दी थी। उन्होंने ट्वीट में बताया- वे सुबह करीब 9 बजे अहमदाबाद में वोट डालेंगे। इसी दिन पीएम को पुनः दिल्ली पहुंच कर वहां होने वाली भाजपा की बड़ी मीटिंग में भी शामिल होना है। गौरतलब है कि गुजरात में भाजपा 27 वर्ष से सत्ता में काबिज है। नरेंद्र मोदी 2001 से 2014 तक गुजरात में मुख्यमंत्री रहे हैं। 2017 के चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 182 सीटों में से 99 सीटें हासिल हुईं थी।

    इन्होंने हस्तियों ने डाला वोट और ये भी डालेंगे

    गुजरात में अंतिम चरण में मतदान करने वालों में जो प्रमुख लोग शामिल हैं उनमें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व मुख्यमंत्री एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के दावेवार इसुदन गढ़वी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गुजरात के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, क्रिकेटर हार्दिक पंड्या, इरफान पठान, कुणाल पांड्या आदि शामिल हैं। सुबह साढ़े 10 बजे तक 5 फीसदी से ज्यादा मतदान हो चुका था। मतदान करने वाले प्रमुख लोगों में पीएम के अलावा उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल, हार्दिक पंड्या, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित अन्य शामिल रहे। भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद के बूथ संख्या 95 (शिलाज प्राइमरी स्कूल) में वोट डाला।

    केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी पत्नी और बेटे के साथ अहमदाबाद के नारनपुरा के अंकुर में कामेश्वर मंदिर के पास नगर निगम उप क्षेत्रीय कार्यालय में वोट डाला।

    61 दल, 833 उम्मीदवारों के भाग्य का आज है फैसला

    दूसरे चरण में 14 जिलों में चुनाव है। कुल 61 राजनीतिक दलों के 833 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। 2.51 करोड़ से अधिक मतदाता के हाथों में इनका राजनीतिक भविष्य है। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा दूसरे चरण के मतदान के लिए 26,409 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 36 हजार ईवीएम से मतदान होना है।  26,409 मतदान केंद्र स्थापित किए हैं और लगभग 36,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का मतदान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान के लिए 29 हजार पीठासीन अधिकारी और 84 हजार से ज्यादा मतदान अधिकारियों की तैनाती की गई है।

    इन जिलों में जारी है मतदान

    दूसरे चरण का मतदान 14 जिलों में जारी है। इनमें बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, साबरकांठा, अरावली, गांधीनगर, अहमदाबाद, आणंद, खेड़ा, महिसागर, पंच महल, दाहोद, वडोदरा और छोटा उदयपुर शामिल हैं। इनमें से घाटलोडिया, विरमगाम और गांधीनगर दक्षिण सबसे ज्यादा चर्चित हैं।

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    Mon, 05 Dec 2022 10:55:54 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ISRO makes history today by successfully launching India’s maiden private Vikram&suborbital (VKS) rocket to grace the skies https://acntimes.com/Indias-first-ever-private-Rocket-Vikram-suborbital-VKS-launch https://acntimes.com/Indias-first-ever-private-Rocket-Vikram-suborbital-VKS-launch

    ACNTIMES @ NEW Delhi . Soon after the successful launch of India's first ever private Rocket launch, Union Minister Dr Jitendra Singh, who was personally present at the launching site, in his very first reaction said, "Congratulations India! A new beginning in India's Space journey ! Thanks so very much PM Narendra Modi for making this effort possible by opening the Space sector to public-private-participation. A turning point for India's Start-Up movement! Kudos ISRO for a new feather in your much decorated hat".

    he Minister says, this is a major milestone in the journey of ISRO, after Prime Minister Modi unlocked the Space Sector in 2020 for private participation

    ISRO says, “Mission Prarambh is successfully accomplished”, while the Skyroot Aerospace said, “Vikram-S makes history as the first private rocket of India to grace the skies” 

    Indian Space Research Organisation (ISRO) made history today by launching successfully India’s maiden private Vikram-suborbital (VKS) rocket.

    Union Minister of Science and Technology and MoS PMO, Atomic Energy and Space, Dr Jitendra Singh personally witnessed the momentous occasion from Sriharikota, Andhra Pradesh. 

    In his brief congratulatory address to the Team ISRO and Skyroot Aerospace, an Indian Space-Tech StartUp, Dr Jitendra Singh said, “A Historic landmark under PM Narendra Modi! A turning point for Indian Start-Ups! A new beginning for ISRO” as the first ever private Rocket “Vikram-S” is in Space.

    Dr Jitendra Singh said, ISRO has added another feather in its glorious Space Journey, setting a new milestone in the 75 years history of independent India. The Minister said, the launch has put India among the frontline Space Powers of the World and many aspiring countries will look forward to take cues from Indian expertise. He described this as a major milestone after Prime Minister Narendra Modi had unlocked the Space Sector in India two years ago for private participation.

    Dr Jitendra Singh informed that Vikram-S is a single stage fuel rocket meant to test most systems and processes in Skyroot Aerospace’s project ahead of the launch of Vikram-1 next year. He said, the rocket goes to the max altitude of 81.5 kilometres and splashes into the sea and the overall duration of launch is about 300 seconds only.

    Dr Jitendra Singh said that Skyroot was the first StartUp to sign a MoU with ISRO for launching its rockets. He said, apart from being the nation's first private launch, it is also the maiden mission of Skyroot Aerospace, named “Prarambh”. 

    ISRO said in a statement that Mission Prarambh is successfully accomplished, while the Skyroot Aerospace said that Vikram-S makes history as the first private rocket of India to grace the skies. It carried a total of three payloads in space, including one from the foreign customers.

    Later, addressing the media, Dr Jitendra Singh said, the ambitious dream for India that Dr Vikram Sarabhai, the first Chairman of ISRO and the founding father of India's Space Programme saw sitting in his primitive scientific set up, stands gloriously vindicated today.

    Dr Jitendra Singh recalled that Dr Vikram Sarabhai always insisted on ISRO playing a meaningful role “nationally” and said it was a vindication that during the eight years of the Government led by Prime Minister Modi, the youth talent of India, which was waiting to be explored, got new outlets to give full play to their potential with a fiery zeal. He said, India was always having the huge talent pool and passion to dream big, but finally it was Modi who gave them a perfect outlet.

    Dr Jitendra Singh said, Space reforms have unleashed innovative potentials of StartUps and within a short span of time, from a couple of Space Start-ups three -four years back, today we have 102 start-ups working in cutting-edge areas of space debris management, nano-satellite, launch vehicle, ground systems, research etc. 

    The Minister underlined that PM Modi has enabled India to earn universal recognition for India's science, technology, innovation capabilities and our StartUps are much sought after. The whole world is looking at India as an inspirational place, as it is helping budding countries in capacity building and satellite building including nanosatellites, he said.

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    Fri, 18 Nov 2022 16:59:23 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सरकार जल्द जारी करेगी Green Bond, इससे प्राप्त धन से 9 श्रेणियों की हरित परियोजनाओं का होगा वित्तपोषण https://acntimes.com/Nine-categories-of-green-projects-will-get-funds-from-Green-Bond https://acntimes.com/Nine-categories-of-green-projects-will-get-funds-from-Green-Bond एसीएन टाइम्स @ डेस्क । देश की नौ व्यापक श्रेणियों में परियोजनाओं और पहल के वित्तपोषण का रास्ता साफ हो गया है। यह संभव होगा सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड की बदौलत। वित्त मंत्रालय इसका मसौदा तैयार कर चुका है और अब इसकी मंजूरी का इंतजार है। केंद्र सरकार के 16 हजार करोड़ रुपए के ग्रीन बॉन्ड से मिलने वाली धन राशि को देश की संचित निधि के रूप में जमा किया जाएगा। इसका उपयोग पात्र हरित परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में किया जा सकेगा।

    ग्रीन बॉन्ड के मसौदे को वित्त मंत्रालय द्वारा पिछले दिनों अंतिम रूप दिया जा चुका है। मसौदे के अनुसार नियमित बॉन्ड की ही तरह इसके धन को भी देश की संचित निधि में जमा कराया जाएगा। यही धन हरित परियोजनाओं के विकास के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। धन का आवंटन और लेखांकन पारदर्शी होगा। इसके लिए अलग से खाता होगा। इस खाते का संचालन वित्त मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। इसके लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार की अध्यक्षता में ग्रीन फाइनैंस वर्किंग कमेटी (GFWC) बनेगी। GFWC में परियोजना लागू करने वाले विभाग, पर्यावरण मंत्रालय, नीति आयोग और वित्त मंत्रालय के बजट अनुभाग और इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस सचिवालय के सदस्यों को शामिल किया जाएगा। जारी मसौदे में बताया गया है कि GFWC की बैठक साल में कम से कम दो बार आयोजित की जाएगी। यह परियोजनाओं का मूल्यांकन कर उनका चयन करेगी।

    बजट जारी करते समय वित्त मंत्री ने किया था जिक्र

    वित्त मंत्रालय के अनुसार सॉवनरे ग्रीन बॉन्ड एक फ्रेमवर्क है। यह 2021 में ग्लासगो में COP26 में पीएम मोदी के विजन “पंचामृत” के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप तैयार किया गया है। गौरतलब है कि 2022-23 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री डॉ. निर्मला सीतारमण ने सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड जारी कर ग्रीन प्रोजेक्ट्स के लिए संसाधन जुटाने का जिक्र किया था। सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड एक प्रकार का फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट है जो पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और जलवायु-उपयुक्त परियोजनाओं में निवेश के लिए धन जुटाने में मददगार होता है। जानकारों के अनुसार सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड नियमित बॉन्ड की तुलना में पूंजी की अपेक्षाकृत लागत को कम कर देती है। नॉर्वे की सिसरो को भारत के ग्रीन बॉन्ड के ढांचे का मूल्यांकन करने के लिए नियत किया गया है। सिसरो ने इसे अच्छा स्कोर दिया। साथ ही इसके फ्रेमवर्क को ‘मीडियम ग्रीन' का दर्जा भी दिया है।

    ऐसे समझें ग्रीन बॉन्ड के बारे में

    • ग्रीन बॉन्ड सरकारी प्रतिभूतियां हैं जो सरकार की तरफ से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाती हैं। यानी ये किसी भी संप्रभु संस्था, अंतर-सरकारी समूहों या गठबंधनों और कॉरपोरेट्स द्वारा जारी बॉन्ड हैं।
    • विश्व बैंक भी हरित बॉन्ड जारी करता है। 2008 से अब तक 14.4 बिलियन डॉलर मूल्य के 164 ग्रीन बॉन्ड विश्व बैंक जारी कर चुकी है।
    • ये सोने का एक विकल्प हैं। ग्रीन बॉन्ड सोने के ग्राम के रूप में प्रदर्शित किए जाते हैं।
    • ग्रीन बॉन्ड विशिष्ट जलवायु-संबंधी या पर्यावरण परियोजनाओं का समर्थन करने वाला एक निश्चित आय साधन है।
    • माना जा रहा है कि सरकार इसमें निवेश करने पर टैक्स में छूट का प्रावधान भी ला सकती है। इसका उद्देश्य निवेशकों को ग्रीन बॉन्ड में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना होगा।
    • क्लाइमेट बॉन्ड इनिशिएटिव की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 में कुल 270 बिलियन डालर के ग्रीन बॉन्ड जारी हुए।
    • 2015 के बाद से अब तक ग्रीन बांड का संचयी निर्गम 1 ट्रिलियन डॉलर से भी अधिक का हो चुका है।

    इन 9 श्रेणी की परियोजनाओं के लिए मिल सकेगा धन

    1. अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा कुशलता, 3. स्वच्छ परिवहन, 4. जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन, 5. टिकाऊ जल एवं कचरा प्रबंधन, 6. प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण, 7. ग्रीन बिल्डिंग्स, 8. प्राकृतिक संसाधनों व जमीन के इस्तेमाल का टिकाऊ प्रबंधन, 9. स्थलीय एवं जलीय जैव विविधता संरक्षण।

    ये परियोजनाएं नहीं होंगी शामिल

    1. जीवाश्म ईंधन के नए या पुराने उत्खनन, उत्पादन एवं वितरण से संबंधित परियोजनाएं, 3. परमाणु ऊर्जा उत्पादन, 4. खुले में कचरा नष्ट करने, 5. शराब, 6. हथियार, 7. तंबाकू, 8.गेमिंग, 9.पाम ऑयल उद्योग, 10. संरक्षित क्षेत्रों से फीडस्टॉक का इस्तेमाल कर बायोमास से उर्जा उत्पादन करने वाली परियोजनाएं, 11. जमीन भरने की परियोजनाएं, 12. 25 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता की पनबिजली परियोजनाएं।

    नोट- पात्र परियोजनाओं में अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा सक्षम भवनों, सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण, जलवायु के अनुकूल बुनियादी ढांचे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, भूमि और समुद्री जैव विविधता परियोजनाओं के लिए बाढ़ एवं जलवायु चेतावनी व्यवस्था शामिल होंगी।

     कॉर्बन तीव्रता भी हो सकेगी कम

    जानकार बताते हैं कि ग्रीन बॉन्ड के मसौदे को मंजूरी मिलने के साथ ही भारत पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर पाएगा। इससे ग्रीन प्रोजेक्ट्स में वैश्विक और घरेलू निवेश आकर्षित करना सुलभ होगा। सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड से प्राप्त धन सार्वजनिक में उपयोग होने से अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता (Carbon Intensity) भी कम हो सकेगी।

    वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हैं ऐसे बॉन्ड

    कर एवं वित्तीय मामलों के जानकार गोपाल काकानी के अनुसार वैश्विक स्तर पर निवेशकों में इस तरह के बॉन्ड काफी लोकप्रिय हैं। एसेट लिंक होने की वजह से इन पर सरकारों को फंड जुटाना आसान होता है। अगर यूं कहें कि ग्रीन बॉन्ड सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ली जाने वाली उधारी का एक हिस्सा हैं तो गलत नहीं होगा। इससे प्राप्त धन का उपयोग सरकार द्वारा कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली परियोजनाओं में होने से यह पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी सिद्ध होगा।

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    Fri, 18 Nov 2022 01:18:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    लिव इन का काला पन्ना : श्रद्धा ने शादी के लिए कहा तो आफताब ने कर दिए उसके 35 टुकड़े, रोज रात को 2 बजे जंगल में फेंके शरीर के 2&2 टुकड़े https://acntimes.com/Black-Chapter-of-Live-In-If-Shraddha-pressurized-for-marriage-Aftab-made-35-pieces-of-it https://acntimes.com/Black-Chapter-of-Live-In-If-Shraddha-pressurized-for-marriage-Aftab-made-35-pieces-of-it एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । लिव इन रिलेशनशिव का एक काला पन्ना (Black Chapter of Live In) सामने आया है। दक्षिण दिल्ली पुलिस ने लिव इन में रहने वाली प्रेमिका की हत्या के मामले में आफताम अमीन पूनावाला (Aftab Amin Poonawala) को गिरफ्तार किया है। श्रद्धा ने शादी के लिए दबाव बनाने पर आफताब ने उसके 35 टुकड़े कर दिए (Shraddha's dead body was cut into 35 pieces) और रोज 2-2 टुकड़े जंगल में फेंक दिए। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर मृतका के शरीर के टुकड़े तलाश रही है।

    दक्षिण दिल्ली पुलिस के अनुसार शहर के विकास मदान वाकर (59व) ने 8 नवंबर को महरौली पुलिस थाने में बेटी के अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। महाराष्ट्र के पालघर निवासी वाकर ने बताया था कि उनकी 26 वर्षीय बेटी श्रद्धा मुम्बई के मलाड स्थित एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी के कॉल सेंटर में नौकरी करती थी। यहां उसकी मुलाकात आफताब अमीन नामक युवक से हुई। दोनों लिव-इन रिलेशन में रहने लगे। परिवार को इस बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध दर्ज कराया।

    फेसबुक फोटो से मिली हिमाचल प्रदेश घूमने की जानकारी

    विकास के अनुसार बेटी श्रद्धा व आफताब अचानक मुम्बई छोड़कर अन्यत्र चले गए। तलाश करने पर पता चला कि दोनों महरौली के छतरपुर इलाके में रह रहे हैं। बाद में फेसबुक की एक फोटो से पता चला कि श्रद्धा हिमाचल प्रदेश घूमने गई है। इसके बाद उसकी कोई सूचना नहीं मिली। उसके फोन नंबर पर सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मिला। 8 नवंबर को वे छतरपुर स्थित श्रद्धा के किराये के फ्लैट पहुंचे। वहां ताला लगा होने से विकास ने महरौली थाने में बेटी के अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई।

    झगड़ा हुआ थो घोंट दिया गला, होटल से चॉपर लाकर कर दिए टुकड़े

    पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस ने आरपी आफताब का पता लगा लिया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने पूछताछ की तो आफताब ने बताया कि शादी को लेकर अक्सर श्रद्धा दबाव बनाती थी। इससे दोनों में विवाद होता था। 18 मई को भी झगड़ा हुआ तो आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी। चॉपर से शव के 35 टुकड़े कर दिए और रोज रात को दो-दो अंग जंगल में ले जाकर फेंक दिए। आफताब ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली के एक ख्यात होटल में शेफ है। श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के लिए चॉपर उसी होटल से लाया था। शव के टुकड़े सुरक्षित रखने के लिए नया फ्रिज खरीदा और बदबू को दबाने के लिए अगरबत्ती भी सुलगाता था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज किया है।

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    Mon, 14 Nov 2022 15:44:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    विश्व मंच पर आज छाएंगे रतलाम के युवा गौरव संगीतकार सिद्धार्थ काश्यप, फीफा वर्ल्ड कप के बॉलीवुड संगीत समारोह में देंगे प्रस्तुति https://acntimes.com/Ratlams-young-musician-Siddharth-Kashyap-will-perform-at-the-FIFA-World-Cup-celebrations https://acntimes.com/Ratlams-young-musician-Siddharth-Kashyap-will-perform-at-the-FIFA-World-Cup-celebrations कतर के दोहा में लुसैल स्टेडियम में हो रहा समारोह, दुनियाभर में होगा सीधा प्रसारण

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कतर के दोहा में आयोजित हो रहे फीफा वर्ल्ड कप के बॉलीवुड संगीत समारोह में 4 नवम्बर को रतलाम के प्रसिद्ध युवा संगीतकार सिद्धार्थ काश्यप प्रस्तुति देंगे। वे अपने बैण्ड परफेक्ट अमल्गेशन की प्रस्तुतियां देंगे। इस समारोह का दुनियाभर में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

    फीफा वर्ल्ड कप 2022 के लुसैल स्टेडियम में फुटबॉल के रोमांचक मुकाबलों से पूर्व संगीतकारों की मेहफिल सजेगी। बॉलीवुड संगीत समारोह को लेकर सभी जगह खासा उत्साह है। भारत के संगीतकार फीफा के कार्यक्रम में दूसरी बार प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इससे पूर्व 2010 के वर्ल्डकप के उद्घाटन समारोह में भी वे 90 हजार दर्शकों के सामने अपना प्रदर्शन कर चुके हैं। इस बार फीफा वर्ल्ड कप के बॉलीवुड संगीत समारोह में प्रसिद्ध संगीतकार सिद्धार्थ काश्यप अपने बैंड परफेक्ट अमल्गेशन के साथ भारतीय एवं पाश्चात्य वाद्य यंत्रों के फ्यूजन के साथ अभिनव प्रस्तुतियां देंगे। समारोह में भारतीय संगीतकार सलीम सुलेमान और प्रसिद्ध गायिका सुनिधि चौहान की प्रस्तुतियां भी होंगी।

    2010 में 90 हजार दर्शकों के समक्ष कर चुके हैं प्रदर्शन

    युवा संगीतकार सिद्धार्थ फीफा वर्ल्ड कप से पूर्व हो रहे इस आयोजन को लेकर काफी उत्सुक हैं। इसमें उन्हें दुनियाभर के लोगों के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। रतलाम के युवाओं के लिए भी यह अवसर काफी गौरवशाली होगा, क्योंकि पहली बार यहां के एक युवा संगीतकार दुनिया के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इससे रतलाम को नई पहचान मिलेगी। बता दें कि सिद्धार्थ रतलाम विधायक एवं उद्योगपति चेतन्य काश्यप के ज्येष्ठ पुत्र हैं।

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    Fri, 04 Nov 2022 10:01:16 +0530 Niraj Kumar Shukla
    क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष काश्यप की उपस्थिति में नई दिल्ली में हुई बैठक, राष्ट्रीय अधिवेशन पर हुई चर्चा https://acntimes.com/Krida-Bhartis-meeting-concluded-in-New-Delhi https://acntimes.com/Krida-Bhartis-meeting-concluded-in-New-Delhi उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 16 से 18 दिसंबर को होगा चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप की उपस्थिति में संपन्न हुई। इसमें क्रीड़ा भारती के चतुर्थ राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन को लेकर निर्णय लिया गया। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा आयोजित क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा के सफल आयोजन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह को लेकर चर्चा भी की गई।

    राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में चौथा राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया। तीन दिवसीय अधिवेशन 16 से 18 दिसंबर तक होगा। बैठक में इसकी विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई।

    कोरोना काल के चलते पूर्व में यह अधिवेशन टल गया था। राष्ट्रीय बैठक में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय महामंत्री राज चौधरी, संगठन मंत्री प्रसाद महानकर, कोषाध्यक्ष मिलिंद डांगे, मंत्री प्रसन्ना हरदास, मधुमय नाथ, सह मंत्री भारतीय ताई गणपुले आदि उपस्थित रहे।

     

     

     

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    Sun, 16 Oct 2022 13:51:21 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से भेंट एक अद्भुत संस्मरण& सोनवलकर https://acntimes.com/A-wonderful-memoir-from-Amitabh-Bachchan-the-megastar-of-the-century--Sonwalkar https://acntimes.com/A-wonderful-memoir-from-Amitabh-Bachchan-the-megastar-of-the-century--Sonwalkar प्रतीक सोनवलकर

    महाकवि हरिवंशराय बच्चन जी और मेरे पिताजी प्रख्यात कवि व साहित्यकार प्रोफेसर स्व. दिनकर सोनवलकर जी घनिष्ठ मित्र थे। सन् 1960 के आसपास जबलपुर में एक कवि सम्मेलन सेठ गोविन्ददास जी के सौजन्य से आयोजित किया गया था। इसमें 53 वर्षीय बच्चन जी और 28 वर्षीय पिता स्व. दिनकर जी एक ही मंच पर थे। बच्चन जी ने उनकी पहली पत्नी स्व. श्यामा जी की याद में एक दुखांत कविता "साथी अंत दिवस का आया" लिखी थी।

    दिनकर जी ने उसी मंच पर यही कविता गीत रूप में स्वरबद्ध कर अपने स्वर में हारमोनियम पर आंखें बन्द कर तल्लीनता से प्रस्तुत की। जैसे ही गीत समाप्त कर दिनकर जी ने आंखें खोलीं, देखा बच्चन जी की आँखों से अविरल अश्रुधारा बह रही है और वे दिनकर जी को एकटक देख रहे हैं। अगले ही पल बच्चन जी उठे और दिनकर जी को गले से लगाकर कवि सम्मेलन के बाद अपने साथ होटल में ले गए जहाँ वे ठहरे हुए थे। वहां परिचय हुआ और पतों व एक दूसरे के काव्य संग्रहों का आदान-प्रदान हुआ। अब बच्चन जी और दिनकर जी में पत्रों के नियमित आदान प्रदान का सिलसिला जो आरम्भ हुआ वो 2000 तक दिनकर जी की मृत्यु के कुछ साल पहले तक चलता रहा।

    आचार्य रजनीश (ओशो) के सहपाठी थे स्व. दिनकर

    बच्चन जी दिनकर जी के पैतृक घर दमोह भी आए और 1966 में रतलाम कॉलेज के गेदरिंग में दिनकर जी के अनुरोध पर मुख्य अतिथि बतौर शामिल हुए व 'मधुशाला' सुनाई। इस कार्यक्रम में हारमोनियम दिनकर जी ने बजाई। बालकवि बैरागी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। दिनकर सोनवलकर जो आचार्य रजनीश ओशो के सहपाठी रहे, वे विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कार्यक्षेत्र के रतलाम व जावरा कॉलेज में 1964 से 1993 तक दर्शनशास्त्र के प्राध्यापक रहे।

    स्व. बच्चन जी ने स्व. दिनकर की पत्नी मीरा का नाम कर दिया था मीनाक्षी

    रतलाम में 67 में पुनः बच्चन जी एक रात 12 बजे दिनकर जी के स्टेशन रोड निवास पर ट्रेन लेट होने से आए और उनकी पत्नी का नाम मीरा से मीनाक्षी रखा व दो वर्षीय बिटिया प्रतीक्षा की स्लेट पर चिड़िया बनाकर 51 रुपए आशीर्वाद स्वरूप दिए। उसी समय अमिताभ के निर्माणाधीन घर का नाम भी संयोगवश प्रतीक्षा रखा गया। एक बार दिनकर जी 72 में चकल्लस कार्यक्रम के दौरान बच्चन जी के निवास पर गए तब भोजन उपरांत बच्चन जी के निर्देश पर अमिताभ ने सितार पर कुछ धुन सुनाई।

    दुष्यंत स्मृति संग्रहालय भोपाल में हैं पत्र

    बच्चन जी ने अपने समस्त संग्रह दिनकर जी को भेंट किए। वे पत्रों में अपनी भावनाएं व वेदना भी व्यक्त करते थे। यहाँ तक कि तत्समय अमिताभ और रेखा के प्रेम प्रसंग को लेकर उतपन्न परिस्थितियों पर भी बच्चन जी पिता दिनकर जी से पत्रों में शेयर करते थे। उस समय फोन दुर्लभ व मोबाइल तो थे ही नहीं। कुछ पत्र दुष्यंत स्मृति संग्रहालय भोपाल में देखे जा सकते हैं।

    संवेदना पत्र का यूं दिया जवाब

    बचपन से ही मैं भी महानायक की फिल्मों का मुरीद था अब भी हूँ और गर्व से मित्रों व परिचितों को उनसे और उनके पिता से अपने पिता के सम्बन्धों को बताया करता था। एक स्वाभाविक इच्छा थी कि महानायक से इन सम्बन्धों, स्मृतियों, संस्मरणों, पुराने पत्रों-फोटोज के साथ भेंट की जाए। महाकवि बच्चन के 2003 में अवसान पर मैंने संवेदना पत्र के साथ दिनकर जी व महाकवि के कुछ पत्र व फोटोज अमिताभ जी को प्रसंगवश भेजे। आश्चर्यजनक रूप से 15 दिन बाद अमिताभ जी का प्रिंटेड उत्तर आया जिसमें उन्होंने अपने हाथ और हस्ताक्षर से पुनश्चः करके लिखा कि- ‘आपके पिता जी और आपके सम्बन्ध बाबू जी और मेरे परिवार से थे, ये स्मरण कर मन भर आया। पुरानी स्मृतियां छवियाँ साकार हो गईं। कभी मुम्बई आएं तो मिलें।’

    ...महानायक का बुलावा आते ही खिल गईं बांछें

    पत्र के साथ बच्चन जी का फोटो जिस पर उनकी पंक्तियाँ लिखी थी "मैं खुद को छुपाना चाहता तो जग मुझे साधु समझता। शत्रु मेरा बन गया है छल रहित व्यवहार मेरा।" इस पत्र के बाद महानायक से मिलने की उत्कंठ। आखिर एक दिन 26 आक्टूबर को पराग जी ने अमिताभ जी को उलाहना देते हुए कह दिया कि- ‘आपको प्रतीक सोनवलकर से नहीं मिलना है तो साफ मना कर दीजिए।’ बस महानायक ने बोला- ‘तुम नाराज मत हो। 30 अक्टूबर को शाम साढ़े छह बजे उन्हें बुला ही लो।’ पराग जी का जब फोन आया तब मैं सिंहस्थ मेला भवन में विधानसभा चुनाव की मीटिंग में था। मेरी बाँछें खिल गईं। खिलती भी क्यों नहीं, बरसों पुराना स्वप्न जो साकार हो रहा था।

    समय की पाबंदी और अनुशासन भी गजब का

    मैं और मेरा बेटा एडवोकेट व कवि सार्थक सोनवलकर 30 अक्टूबर 2018  को विमान से ढाई बजे मुम्बई पहुंचे। पराग जी के साथ सवा 6 बजे जलसा में प्रवेश किया। वहाँ का सारा स्टाफ पराग जी से परिचित है। कक्ष में बैठते ही चाय आई और सहायक ने बताया कि- ‘साहब का कोई विदेशी मेहमान इंटरव्यू ले रहे हैं, साहब थोड़ी देर में आते हैं।‘ यह कहकर वह चला गया। हमें लगा कम से कम 15 मिनट तो लगेंगे ही। महानायक के समय की पाबंदी और अनुशासन देखिए कि हमारी चाय भी खत्म नहीं हुई और वे अकेले ही कक्ष में तीन मिनट यानी 6 बजकर 29 मिनट पर इन्टरव्यू छोड़कर दिए समय के एक मिनट पहले आ गए।

    संस्मरण सुना यादों में खो गए बच्चन

    आते ही पराग जी को मुस्कुराते हुए धौल जमाई कि तू बहुत परेशान करता है। पराग जी ने मेरी ओर इशारा किया, बोले- ‘इन्हीं के लिए आपको परेशान किया।‘ मैंने और पुत्र ने उनके चरण स्पर्श किए और महाकाल का प्रसाद, भस्मारती की भस्म, हरिओम जल, पीला दुशाला, उज्जैन का नमकीन व मिठाई उन्हें भेंट की। उनकी विनम्रता देखिए, प्रत्येक वस्तु ध्यान से अपने हाथों में ली और ससम्मान ग्रहण कर मेज पर रखी। मैंने बच्चन जी की वही कविता जिसे सस्वर सुनकर वे पिता दिनकर जी से प्रभावित हुए थे, अपने स्वर में स्वरबद्ध कर उपरोक्त तमाम संस्मरणों सहित उन्हें भेंट की। वे भी अभिभूत हुए और यादों में खो से गए।

    ऑटोग्राफ भी उदारता के साथ दिया

    प्रत्येक संस्मरण महानायक ने बिना हड़बड़ी के धैर्यपूर्वक सुना और गुना। महाकाल का दुशाला उन्होंने इसलिए नहीं पहना क्योंकि ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ की शूटिंग के स्टंट में उनके हाथ में चोट लगने से प्लास्टर बंधा था। फ़ोटो की बारी आई तो उन्होंने अपने तरीके से मेरा और सार्थक का हाथ पकड़कर अलग-अलग कोणों से फ़ोटो खिंचवाए। पुत्र सार्थक ने जब मधुशाला की दो प्रतियों पर उनके ऑटोग्राफ चाहे तो वे बोले- ‘दो पर क्यों?’ पुत्र ने कहा- ‘एक मेरी और एक मित्र के लिए।’ उन्होंने सहर्ष ऑटोग्राफ दिए और बेटे से पूछा- ‘तुम कहाँ रहते हो, क्या कर रहे हो, क्या इरादा है आदि।’ इसी बीच मैंने उन्हें महाकाल व मध्यप्रदेश यात्रा का निमंत्रण दिया और स्मरण कराया कि ‘कुली’ फ़िल्म की शूटिंग में आपके घायल होने पर महाकाल में भी प्रार्थना की गई थी। वे श्रद्धा से भावुक हो गए। उन्होंने पूछा- ‘और कुछ आप कहना चाहते हैं?’ हमें भी लगभग 25 मिनट हो गए थे। हमने कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए इजाजत ली और पराग जी को विशेष धन्यवाद देकर गौरवपूर्ण यादों के साथ मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। रात साढ़े ग्यारह बजे उज्जैन लौटे।

    24 घंटे में सिर्फ साढ़े चार घंटे करते हैं विश्राम

    कुल मिलाकर महानायक से मिलना असम्भव जैसा ही है और यदि पिता दिनकर जी के संदर्भ व पराग जी की पहल न होती तो मिलना असम्भव ही था। पराग जी ने बताया कि 77 वर्ष की अवस्था में भी महानायक सुबह साढ़े चार बजे उठकर योग करके जिम के बाद काम पर निकल जाते हैं और देर रात 12 बजे के बाद आकर प्रशंसकों के कमेंट पर उत्तर देते हैं। नियमित स्वाध्याय के बाद ही केवल चार घण्टे विश्राम करते हैं। उनकी ऊर्जा व जीवटता दुर्लभ है। आगामी तीन वर्षों तक इतना काम है कि कोई डेट उपलब्ध नहीं है। महानायक को उनके 80 बसन्त पूर्ण होने पर बधाई, शुभकामनाएं, अभिनन्दन। वे इसी प्रकार स्वस्थ सक्रिय रहें और अपने अभिनय से देश और विश्व को आल्हादित व आनन्दित करते रहें।

    (प्रतीक सोनवलकर क्षेत्रीय ग्रामीण विकास व पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र, इंदौर - म.प्र. के संयुक्त आयुक्त हैं। उनका चलित दूरभाष नंबर 9425490735 है। )

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    Tue, 11 Oct 2022 21:21:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    स्मृति शेष : रतलाम और सुरभि संस्था मेरे लिए बहुत लक्की रहे & राजू श्रीवास्तव https://acntimes.com/Ratlam-and-Surbhi-Sanstha-be-very-lucky-for-me-Raju-Srivastava https://acntimes.com/Ratlam-and-Surbhi-Sanstha-be-very-lucky-for-me-Raju-Srivastava हास्य कला को नए रूप व प्रतिष्ठापूर्ण स्थान पर स्थापित करने के लिए राजू श्रीवास्तव को सदा याद किया जाएगा

    राजेंद्र चतुर्वेदी

    राजू श्रीवास्तव का नाम आते ही दिल खोलकर हंसने को जी चाहता है। छोटे छोटे उनके ऑब्जरवेशन बड़ी और अट्टाहस वाली हंसी की वजह बन जाते हैं। 42 दिन पहले तक हममें से किसी ने सोचा भी नहीं था कि हंसी बांटने वाले राजू श्रीवास्तव इस तरह हमें छोड़कर किसी और दुनिया में चले जाएंगे। वे बेशक आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन हम रतलामवासियों और सुरभि परिवार के सदस्यों को सदैव याद आएंगे, क्योंकि उनका हम सबसे बहुत ही नजदीक का नाता था। आप रतलाम सर्वप्रथम सुरभि संस्था के एक वृहद कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। राजू श्रीवास्तव ने सुरभि के इस कार्यक्रम में लगभग 1 घंटे तक प्रस्तुति दी थी और उपस्थित दर्शकों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया था।

    आप हमारे मित्र कमलेश राठौर के खास मित्रों में से एक रहे हैं जिन्हें श्रीवास्तव को सर्वप्रथम रतलाम लाने क़ा श्रेय जाता है। सुरभि संस्था के संस्थापक और सचिव प्रदीप उपाध्याय (अब इस दुनिया में नहीं) के कार्यकाल में उक्त कार्यक्रम आयोजित हुआ था। इसमें सुप्रसिद्ध गीतकार समीर भी सपरिवार पधारे थे। मेरे छोटे भाई शरद चतुर्वेदी ने गीतकार समीर जी को सपरिवार सैलाना के कैक्टस गार्डन आदि दर्शनीय स्थल का भ्रमण कराया।

    मुलाकात तो हुई लेकिन इंटरव्यू नहीं हो सका

    इसी दौरान भाई शरद के पास दैनिक भास्कर के पत्रकार नीरज शुक्ला (अब एसीएन टाइम्स के एडिटर) का फोन आया। उन्होंने शरद से गीतकार समीर जी एवं राजू श्रीवास्तव जी के इंटरव्यू के लिए आग्रह किया। शरद भाई गीतकार समीर जी के साथ ही थे। उन्होंने समीर जी की अनुमति से तुरंत ही नीरज शुक्ला जी को उनके इंटरव्यू के लिए बुला लिया। गीतकार समीर जी का इंटरव्यू तो नीरज शुक्ला जी ने ले लिया किंतु राजू श्रीवास्तव जी की ट्रेन का समय होने से उनसे सिर्फ मुलाकात ही हो सकी, उनका इंटरव्यू संभव नहीं हो सका।

    ...मेरी टोपी उतारकर खुद पहनी तो लग गए ठहाके

    राजू जी की तात्कालिक कॉमेडी में भी महारथ थी। आयोजन के दौरान जब मैंने पुष्पहार से आपका स्वागत करते हुए आग्रह किया कि कुछ ऐसी कॉमेडी करें कि सब हंसने को विवश हो जाएं। राजू भाई ने बिना कोई समय गंवाए मेरे सिर से टोपी उतारकर स्वयं पहन ली और जोरदार ठहाका भी लगाया। यह नजारा देखकर कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति की हंसी फूट पड़ी। दरअसल, परिवार में गमी के कारण उस समय मेरे सिर पर बाल नहीं थे, जिसके चलते मैंने टोपी पहन रखी थी। राजू भाई सुरभि संस्था के सभी सदस्यों से बहुत आत्मीयता और प्रेम से मिले और बाद में भी सतत संपर्क में रहे। मुझे नए वर्ष पर राजू भाई ने अपनी कॉमेडी के चित्रों के संग्रह वाला एक कैलेंडर भी भेजा था।

    राजू हमें फिर हंसाएंगे लेकिन ऐसा हो जाएगा, यह सोचा नहीं था

    जब भी दूरभाष पर बात होती तो सुरभि संस्था के स्व. प्रदीप उपाध्याय, मेरे (राजेंद्र चतुर्वेदी), छोटे भाई शरद चतुर्वेदी तथा अजय चौहान के बारे में राजू भाई अवश्य चर्चा करते। राजू के छोटे भाई दीपू श्रीवास्तव भी एक हास्य कलाकार हैं और मुंबई में रहते हैं। उनमें और छोटे भाई शरद में काफी मित्रता है। दीपू भाई राजू श्रीवास्तव की कॉमेडी के वीडियो शरद को प्रायः भेजते ही रहते हैं। भाई शरद को उनसे ही राजू जी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त होती रहती थी। कुछ दिन पूर्व ही दीपू भाई ने एक वीडियो भेजकर बताया था कि राजू भाई धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा अतिशीघ्र पूरी तरह ठीक होकर हम सबके बीच होंगे। वे हम सभी को अपनी हास्य फुलझड़ियां से गुदगुदाएंगे, लेकिन... जो नहीं सोचा था वह हो गया। बुधवार सुबह जो समाचार मिला उसने हम सबको स्तब्ध कर दिया। राजू भाई, हम आपको कभी भूल नहीं पाएंगे।

    रतलाम से मुंबई लौटते ही मिला था द ग्रेट डियन लाफ्टर चैलेंज शो

    मुझे याद है, सुरभि का कार्यक्रम करने के बाद राजू भाई ने रतलाम से मुम्बई लौटने के अगले ही दिन फोन किया। उन्होंने बहुत खुश होते हुए बताया था कि- सुरभि संस्था और रतलाम मेरे लिए बहुत लक्की साबित हुए हैं। उन्होंने बताया कि उक्त कार्यक्रम के बाद मुंबई लौटते ही मुझे मेरे ड्राइंग रूम में द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज शो का लेटर रखा मिला। इस कार्यक्रम से ही राजू श्रीवास्तव ने नई उचाइयों को छुआ और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैं, अपनी और सुरभि संस्था के सभी पदाधिकारियों, साथियों व रतलाम कलामंच की ओर से आपको हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे आपको अपने श्री चरणों में स्थान प्रदान करें। ईश्वर श्रीवास्तव परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे। ओम् शांति, शांति, शांति। ओम्।

    राजेंद्र चतुर्वेदी

    मोबाइल नंबर – 9827656766

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    Thu, 22 Sep 2022 02:19:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भास्कर ग्रुप ने नहीं दिया कर्मचारियों को मजीठिया वेतनमान, ऑफिस सील करने पहुंच गया सरकारी अमला, बिजली काटी, प्रबंधन ने हाईकोर्ट लगाई दौड़ https://acntimes.com/Staff-reached-to-seal-Dainik-Bhaskar-Groups-office-for-not-paying-Majithia-pay-scale-power-cut https://acntimes.com/Staff-reached-to-seal-Dainik-Bhaskar-Groups-office-for-not-paying-Majithia-pay-scale-power-cut भास्कर प्रबंधन ने  21 सितंबर को हाईकोर्ट में अवॉर्ड की आधी राशि जमा कराने के वादे पर रुकी ऑफिस सील करने की कार्रवाई

    शशिकान्त सिंह

    जस्टिस मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिश के तहत अपने कई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि नहीं करने और उनका एरियर नहीं देने पर दैनिक भास्कर समूह (डीबी कॉर्प लिमिटेड) के दैनिक दिव्य मराठी के औरंगाबाद कार्यालय को सरकारी महकमे ने दिन में ही तारे दिखा दिए। इसके बाद कंपनी प्रबंधन को भागकर पहले सरकारी विभाग फिर अंत में हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ा। तब जाकर उन्हें इस आश्वासन पर राहत मिली कि वे 21 तारीख को कर्मचारियों का बकाया आधा पैसा हाईकोर्ट में जमा करेंगे। सरकारी महकमे द्वारा दिव्य मराठी ऑफिस सील करने की प्रक्रिया लगभग पांच घंटे चली।

    बताते हैं कि दैनिक दिव्य मराठी का प्रकाशन करने वाली कंपनी डीबी कॉर्प के डिप्यूटी न्यूज़ एडिटर सुधीर जगदाले सहित अन्य कई कर्मचारियों ने जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले में अपने बकाया एरियर का मामला श्रम न्यायालय से जीता था। न्यायालय से कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आने के बाद डीबी कॉर्प ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ की शरण ली। हाईकोर्ट ने डीबी कॉर्प को निर्देश दिया कि पहले निर्धारित अवॉर्ड की 50 परसेंट रकम कोर्ट में जमा करे। मगर डीबी कॉर्प ने यह रकम नहीं जमा की।

    चार नोटिस भेजे फिर भी पैसा नहीं दिया

    कर्मचारियों के पक्ष में पारित अवॉर्ड को लेकर डीबी कॉर्प को सरकारी महकमे द्वारा कर्मचारियों को पैसा देने के लिए चार नोटिस भेजे गए थे। बावजूद डीबी कॉर्प ने कर्मचारियों को पैसा नहीं दिया। इसके बाद तहसील ऑफिस और बिजली विभाग के कर्मचारी दिव्य मराठी के औरंगाबाद स्थित ऑफिस सील करने आ धमके। उन्होंने ऑफिस में कार्यरत सभी कर्मचारियों को थोड़ी देर के लिए बाहर कर दिया।

    भास्कर प्रबंधन में मचा हड़कंप 

    ऑफिस सील करने की प्रक्रिया शुरू होते ही भास्कर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। प्रबंधन ने तुरंत अपनी टीम को ऑफिस सील करने की प्रक्रिया रुकवाने के लिए सरकारी ऑफिसों में दौड़ा दिया। अधिकारियों को फोन भी किए गए। उधर, दिव्य मराठी के दफ्तर पहुंची टीम उसे सील करने पर अड़ी थी। डीबी कॉर्प प्रबंधन को जब हर जगह निराशा हाथ लगी तो प्रबंधन ने हाईकोर्ट दौड़  लगा दी। हालां कि तब तक दिव्य मराठी के ऑफिस का बिजली कनेक्शन काट दिया गया जिससे ऑफिस में अंधेरा हो गया।

    कर्मचारियों में छाई खुशी

    बता दें कि डीबी कॉर्प ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि 21 सितंबर को वह कर्मचारियों का बकाया आधा पैसा जमा करवा देगा। तब तक ऑफिस सील करने की कारवाई रोकी जाए। इसके चलते हाईकोर्ट ने कारवाई रोकने का आदेश दिया। नतीजतन डीबी कॉर्प को दिव्य मराठी के कर्मचारियों के अवॉर्ड की राशि के हिसाब से आधा पैसा 21 सितंबर को हाईकोर्ट में जमा करना पड़ेगा। इससे कर्मचारियों में खुशी की लहर है। बता दें कि, रतलाम, इंदौर, उज्जैन सहित मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के डी.बी. कॉर्प के कर्मचारी भी विभिन्न अदालतों में हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। दिव्य मराठी के विरुद्ध हुई इस कार्रवाई से अन्य राज्यों के मजीठिया वीरों में भी खुशी है और उनका कहना है कि सत्य हमेशा जीतता है।

    (शशिकांत सिंह पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट तथा न्यूज़ पेपर एम्प्लॉयज यूनियन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं)

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    Fri, 16 Sep 2022 20:18:45 +0530 Niraj Kumar Shukla
    इलेक्ट्रिक स्कूटर के शोरूम में लगी आग, 8 लोगों की धुएं में दम घुटने से मौत, जान बचाने के लिए कई बिल्डिंग से कूद गए https://acntimes.com/Fire-breaks-out-in-electric-scooter-showroom-8-dead https://acntimes.com/Fire-breaks-out-in-electric-scooter-showroom-8-dead एसीएन टाइम्स @ सिकंदराबाद । शहर में स्थित रूबी इलेक्ट्रिक स्कूटर के शोरूम में विस्फोट के साथ भीषण आग लग गई। आग बिल्गिंड की मंजिलों में लगी।  हादसे में बिल्डिंग में संचालित होटल के 8 लोगों की धुएं में दम घुटने से मौत हो गई है। कुछ लोग जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूद गए जिन्हें स्थानीय लोगों ने बचाया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा सोमवार देर रात हुआ। रूबी इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम के बैटरी चार्जिंग यूनिट में शॉर्ट सर्किट होने के बाद हुए विस्फोट से लगी। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार इलेक्ट्रिक स्कूटर शोरूम में आग लगने के बाद धुएं का गुबार उठा और लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें भी आने लगीं। इसकी जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची राहत व बचाव का कार्य शुरू किया। पुलिस अधिकारी भी अमले के साथ पहुंच गए। राहत व बचाव कार्य में स्थानीय लोगों ने भी मदद की। बिल्डिंग में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर अस्पताल भिजवाया गया। 

    होटल में ठरे थे लोग, दम घुट गया

    तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली के अनुसार फायर ब्रिगेड की टीमों ने लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की। भारी धुएं के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई। हैदराबाद के आयुक्त सीवी आनंद के अनुसार जान बचाने के प्रयास में कई लोग बिल्डिंग से नीचे कूद गए। उन्हें स्थानीय लोगों ने बचा लिया।

    हैदराबाद के नॉर्थ जोन के डीसीपी चंदन दीप्ति ने मीडिया को बताया कि शोरूम में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई। ये सभी शोरूम के ऊपर संचालित रूबी प्राइड लग्जरी होटल में ठहरे हुए थे। धुएं के कारण दम घुटने से जनहानि हुई। कुछ और की भी प्रभावित हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज जारी है। प्रथमदृष्टया आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालांकि सही वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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    Tue, 13 Sep 2022 09:53:02 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव 17 सितंबर को, 1000 शहरों में आयोजित होंगे 2000 कैंप, आप भी अवश्य करें रक्तदान https://acntimes.com/Mega-Blood-Donation-Drive-on-September-17 https://acntimes.com/Mega-Blood-Donation-Drive-on-September-17 तेरापंथ युवक परिषद द्वारा किया जा रहा है आयोजन, नरेंद्र मोदी सहित तमाम हस्तियां जुड़ी अभियान से

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रक्तदान महादान है, क्योंकि यह जरूरतमंद को जीवन दे सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा 17 सितंबर को मेगा ब्लड डोनेसन ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत  देश के 1000 शहरों में 2000 से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन होगा। रतलाम जिले में तीन शिविर लगेंगे जिसके बैनर का लोकार्पण पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने किया।

    अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के जिला संयोजक हर्षवर्धन मूणत ने बताया रक्तदान शिविर आयोजित करने से पहले जागरूरता अभियान चलाया जाएगा। यह 5 से 17 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान लोगों को ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को रक्तदान का महत्व बताना और जब भी जरूरत पड़े तो रक्तदान के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित करना है। रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर कर इसके फायदे भी बताए जाएंगे। चूंकि रक्त किसी फैक्ट्री में पैदा नहीं होता और न ही किसी पेड़-पौधे या फल से ही मिलता है। ईश्वर ने रक्त निर्माण की सौगात सिर्फ अपने द्वारा रचे शरीर को ही दी है इसलिए सिर्फ रक्तदान के माध्यम से ही रक्त की कमी या जरूरत को पूरा किया जा सकता है।

    रतलाम जिले में आयोजित होंगे तीन शिविर

    हर्षवर्धन ने बताया देश भर में एक हजार से अधिक शहरों में दो हजार से अधिक रक्तदान शिविरों के आयोजन का लक्ष्य है। रतलाम जिले में तीन स्थानों पर शिविर होंगे। ये तीन स्थान रतलाम का रोटरी हाल, रावटी तथा इप्का लैबोरेटरी हैं। रोटरी हाल में जिला अस्पताल के शासकीय ब्लड बैंक की टीम द्वारा डॉ. चंद्रप्रकाश राठौर के मार्गदर्शन में शिविर लगेगा। यहां कुल 30 बेड लगाए जाएंगे। इसी प्रकार रावटी में मानव सेवा समिति के सहयोग से शिविर होगा जिसमें रावटी के अलावा शिवगढ़ और बाजना के रक्तदाता रक्तदान कर सकेंगे। मूणत ने बताया शिविर के लिए समाजसेवी टेहम्पटन अंकलेसरिया से निवेदन किया तो उन्होंने सहर्ष निःशुल्क हाल उपलब्ध करवा दिया।

    रतलाम जिला शाखा के बैनर का हुआ लोकार्पण

    परिषद की रतलाम जिला शाखा द्वारा मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव के बैनर का लोकार्पण कराया गया। लोकार्पण समाजसेवी एवं एनीमिया के विरुद्ध अभियान चला रहीं पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने किया। राष्ट्रीय स्तर से उन्हें भी अभियान से जुड़ने का संदेश मिला था जिसके जवाब में उन्होंने बैनर के विमोचन का फोटो भेजकर बताया कि वे अभियान का हिस्सा बन चुकी हैं।

    शासन और स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा सहयोग

    17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। इससे समर्थकों में काफी उत्साह है और वे भी मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव को समर्थन दे रहे हैं। इसके अलावा अभियान को विभिन्न समाजों, शासन और स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न संस्थाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करने के आह्वान के पत्र भेजे जा रहे हैं। तेरपंथ युवक परिषद ने भी लोगों से ज्यादा से ज्यादा रक्तदान करने का आह्वान किया है। अभियान के संयोजक मूणत ने स्वयं कम से कम 10 यूनिट रक्तदान करवाने का संकल्प लिया है।

    सेलिब्रिटी भी जुड़ीं अभियान से

    खास बात यह है कि इस मेगा ड्राइव से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी, संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा तमाम बड़ी हस्तियां और सेलिब्रिटी जुड़ी हैं। इनमें सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, अशोक गेहलोत, वसुंधरा राजे सिंधिया, अभिनेता रजनीकांत, कमल हसन, शाहरुख खान, क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर आदि शामिल हैं।

    कोरोना काल में चला था अभियान

    अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा कोरोना काल में भी अभियान चलाया गया था। इस दौरान प्लाज्मा की मांग बढ़ गई थी। इसके चलते रक्तदान की आवश्यकता भी बढ़ गई थी। इसे देखते हुए ही परिषद ने लोगों को जागरूक कर ज्यादा से ज्यादा रक्तदान के लिए प्रेरित किया था। परिषद का प्रयास नए डोनर तैयार करना है।

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    Wed, 31 Aug 2022 12:20:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
    स्मार्ट इंडिया हैकथॉन&2022 में रतलाम की बेटी आभा बोथरा ने मनवाया अपने ज्ञान का लोहा, मिला पहला पुरुस्कार https://acntimes.com/Ratlams-daughter-Abha-Bothra-got-first-prize-in-Smart-India-Hackathon-2022 https://acntimes.com/Ratlams-daughter-Abha-Bothra-got-first-prize-in-Smart-India-Hackathon-2022 एसीएन टाइम्स @ रतलाम । युवाओं में नवाचार की भावना बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित आयोजित स्मार्ट इंडिया हैकथॉन-2022 में रतलाम की बेटी आभा बोथरा ने अपने ज्ञान का लोहा मनवाया है। आभा व उनकी टीम को आयोजन में पहला पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टाइम्स ऑफ इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन ने सराहना की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं में नवाचार (इनोवेशन) की भावना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 2017 से स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (SIH) का आयोजन किया जा रहा है। यह साल में एक बार होता है। स्मार्ट इंडिया हैकथॉन मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) के नवाचार अनुभाग द्वारा आयोजित किया जाता है। इसमें छात्रों को निगमों, गैर-सरकारी संगठनों और सरकारी निकायों द्वारा उत्पन्न समस्याओं के उत्तर बनाने का मौका दिया जाता है। यह एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो उत्पाद नवाचार की संस्कृति और समस्या समाधान की मानसिकता को विकसित करता है।

    इसके लिए रतलाम की बेटी आभा बोथरा एवं उनकी टीम का चयन किया गया। आभा बेनेट यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा से बी.टेक. कर रही थीं। कॉलेज ने ही उनका व उनकी टीम का चयन किया और टीम का नाम NeoTechies रखा। उन्हें हैदराबाद में आयोजित हुए स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2022 (GRAND FINALE OF SMART INDIA HACKATHON) के फाइनल में 36 घंटे का वक्त अपनी प्रतिभा शामिल करने का मौका दिया गया। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) द्वारा प्रस्तावित समस्या पर काम करने के लिए अवसर मिला।

    NLP और PYTHON का उपयोग कर बनाया एक्सटेंशन व वेब एप

    आभा और इनकी टीम ने NLP और PYTHON का उपयोग कर क्रॉम एक्सटेंशन और वेब एप बनाया। यह किसी भी मोबाइल एप्लिकेशन के नियमों और शर्तों, गोपनीयता नीतियों, कुकीज़ और सुरक्षा खतरों की जांच करता है। इसमें आभा की टीम अव्वल रहीं। इस उपलब्धि पर  टाइम्स ऑफ़ इंडिया एवं बेनेट यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग डायरेक्टर विनीत जैन, सभी गुरुजन, मित्रमंडल एवं परिजन ने बधाई दी है। आभा के साथ टीम में अविनाश कुमार, मोहित भाटी, प्रिया गांधी, योशी बंसल एवं सिद्धार्थ मित्तल शामिल रहे। 

    पीएम नरेंद्र मोदी ने की सराहना

    ग्रांड फिनाले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा की वे छात्रों के बीच उत्पाद संबंधी नवाचार, समस्या-समाधान और लीक से हटकर सोचने की संस्कृति विकसित करने में सफल रहे हैं।

    7531 से बढ़कर 29634 तक पहुंची टीमों की संख्या

    बता दें कि, एसआईएच की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसआईएच के लिए पंजीकृत टीमों की संख्या पहले संस्करण में लगभग 7531 थी जो अब चार गुना बढ़कर वर्तमान में चल रहे पांचवें संस्करण में लगभग 29,634 हो गई है। 2022 के ग्रैंड फिनाले में ही 15,000 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा सामने रखी गईं समस्याओं का समाधान ढूंढ़ा।

    1 लाख रुपए पुरस्कार मिलता है टीम को

    हैकाथॉन में प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपए की राशि टीम को दी जाती है। हैकथॉन हेतु 6 महीने पूर्व से तैयारी शुरू हो जाती है। विभिन्न चरणों में भाग लेने के बाद टीम फाइनल राउंड में पहुँचती है। प्रत्येक टीम में 6 सदस्य रहते हैं।

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    Tue, 30 Aug 2022 23:55:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    महर्षि श्री अरविंद के जन्म अर्धशती समारोह के तहत व्याख्यानमाला आज https://acntimes.com/Lecture-series-under-the-centenary-celebrations-of-Maharishi-Sri-Aurobindo-today https://acntimes.com/Lecture-series-under-the-centenary-celebrations-of-Maharishi-Sri-Aurobindo-today एसीएन टाइम्स @ रतलाम। महान योगी, दार्शनिक, अखण्ड भारत के प्रणेता, स्वाधीनता संग्राम के पुरोधा श्री अरविंद की 150वीं जयंती पर 28 अगस्त को व्याख्यान आयोजित किया जा रहा है। आयोजन म.प्र. जन अभियान परिषद द्वारा द्वारा किया जा रहा है।

    "श्री अरविंद जन्म सार्धशती समारोह" के अंतर्गत आयोजित व्याख्यानमाला शाम 04:30 बजे डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय (लॉ कॉलेज) आनंद कॉलोनी, रतलाम पर होगा। मुख्य वक्ता म.प्र. जन अभियान परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय (राज्यमंत्री का दर्जा) होंगे। मुख्य अतिथि महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष एवं योग आयोग के उपाध्यक्ष भरत बैरागी (राज्यमंत्री का दर्जा) होंगे।

    अध्यक्षता रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल करेंगे। आयोजन के विशिष्ट अतिथि गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश समन्वयक विवेक चौधरी, समाजसेवी मनोहर पोरवाल, भारत सरकार की एमआईडीएच कमेटी के सदस्य अशोक पाटीदार तथा जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक शिवप्रसाद मालवीय होंगे।

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    Sun, 28 Aug 2022 13:47:44 +0530 Niraj Kumar Shukla
    'मालवा' के ये बेटे&बेटी दे रहे 'देश भक्ति' का संदेश, आप भी सुनिए और हो जाइये 'गर्व के महापर्व' में शामिल https://acntimes.com/har-ghar-Tiranga-abhiyan-and-azadi-ka-amrit-mahotsav-Special https://acntimes.com/har-ghar-Tiranga-abhiyan-and-azadi-ka-amrit-mahotsav-Special एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पूरा देश आजादी का उत्सव मना रहा है। यह आजादी का अमृत महोत्सव है जिससे जन-जन को जोड़ने का आह्वान रतलाम और मालवा के बेटे-बेटी भी कर रह हैं। राष्ट्रभक्ति का अलख जगाने वाले इन गीतों को आप भी सुनें और गर्व के महापर्व में शामिल होकर आजादी को अमर बनाएं।

    ब्रितानिया हुकूमत से देश को मिली आजादी को 75 वर्ष हुए हैं। इतिहास गवाह है कि हमारी यह आजादी कितने बलिदानों के बाद मिली है। हमें आजादी के परवानों पर और हमारी देशभक्ति पर गर्व है और यही कारण है कि हम इस राष्ट्रीय पर्व को महापर्व के रूप में मना रहे हैं। खास से लेकर आम तक सभी लोग इस गर्व के पर्व का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हों तो भला फिर रतलाम के बेटे-बेटी कैसे पीछे रह सकते हैं। इसकी बानगी इन दिनों लोगों के मोबाइल और घरों में गूंज रहे दो गीत हैं। राष्ट्र भक्ति और हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा बताने वाले गीत को रतलाम के मल्टी टैलेलेंटेड बेटे हरीश दर्शन शर्मा ने संगीत से सजाया भी है। मालवा मराठा जैसी कई फिल्में बना चुके हरीश निर्माता, निर्देशक, संगीतगार, गीतकार और पटकथा लेखक हैं।

    ये गीत जगा रहे राष्ट्र भक्ति की अलख

    एक गीत  हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का अभियान बनाने का जरिया बन रहा है जिसके बोल लहर लहर लहरायो म्हारे घर पे तिंरगा…’ है। इसे कमल काथा (नागदा), संगीता जैन (रतलाम) और हरीश दर्शन शर्मा (रतलाम) ने स्वरबद्ध किया है।

    इसी तरह दूसरे गीत के बोल हैं सौभाग्य हमारा है कि हम आज़ाद देश में जीते हैं…’ को संगीता जैन (रतलाम) ने आवाज दी है। वीणा जोशी द्वारा लिखे गए इस गीत का संगीत भी हरीश दर्शन शर्मा का है। दोनों ही गीतों की रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग ‘ईशान फिल्म प्रोडक्शन (Ishaan Film Productions)’ में हुई है। यह गीत आज़ादी का अमृत महोत्सव के तहत ‘राष्ट्र सेविका समिति इंदौर’ द्वारा तैयार करवाया गया है।

    मालवा का देशभक्ति गीतों से रहा गहरा नाता

    देशभक्ति गीतों के मामले में मालवा का उल्लेखनीय नाम रहा है। यहां के बड़नगर के कवि प्रदीप राष्ट्रकवि बने और देशभक्ति से जुड़े गीतों का पर्याय ही बन गए। रतलाम उनका ननिहाल रहा। उनके द्वारा लिखे गए गीत आज भी देशभक्ति की अलख जगा रहे हैं। इसी प्रकार बड़नगर में रहे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविताएं भी राष्ट्रप्रेम का संदेश देती हैं। ऐसे कवियों, गीतकारों, गायकों आदि रचनाशिल्पियों की लंबी फेहरिश्त है।

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    Sat, 06 Aug 2022 08:50:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    5.83 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल हुए 2021&22 के लिए, 4.60 लाख तो आखिर के एक घंटे में दाखिल हुए https://acntimes.com/About-5-crore-83-lakh-income-tax-returns-were-filed-for-2021-22-4-lakh-60-thousand-were-filed-in-the-last-one-hour https://acntimes.com/About-5-crore-83-lakh-income-tax-returns-were-filed-for-2021-22-4-lakh-60-thousand-were-filed-in-the-last-one-hour एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2021-22 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जमा करने को लेकर इस बार टैक्सपेयर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पूरे वित्त वर्ष के लिए पौने छह करोड़ से ज्यादा (लगभग 5.83 करोड़) रिटर्न दाखिल हुए। इनमें से 4.60 लाख तो सिर्फ आखिर के एक घंटे में ही दाखिल हो गए।

    आईटी रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया लगातार सरलीकृत की जा रही है। इसके साथ ही लोगों में अपनी आमदनी जाहिर करने को लेकर भी जागरूकता आ रही है। यही वजह है कि आईटी रिटर्न दाखिल करने में लोग ज्यादा रुचि ले रहे हैं। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए 31 जुलाई आखिरी तारीख थी। इस दिन तक कुल 5 करोड़ 82 लाख 88 हजार 692 रिटर्न दाखिल किए गए।

    अंतिम एक घंटे में 4.60 लाख रिटर्न हुए दाखिल

    खास बात यह है कि करीब 63,47,054 लाख रिटर्न तो आखिरी दिन रविवार को जमा हुए। इनमें से भी 4,60,496 लाख रिटर्न तो आखिरी के एक घंटे (रविवार रात 9 से 10 बजे तक) जमा कराए गए। यह जानकारी खुद आयकर विभाग ने एक ट्वीट में बताई।

    सोशल मीडिया पर आखिरी तारीख को बढ़ाने की मांग

    आयकर विभाग ने आईटीआर जमा करने के लिए 31 जुलाई की डेडलाइ तय की थी। इसके चलते ही विभाग दवारा लगातार लोगों से रिटर्न दाखिल करने के लिए अनुरोध कर रहा था। इसके लिए एसएमएस और ईमेल के जरिए अनुरोध किया गया। इसके बाद रिटर्न दाखिल करने पर लेट फीस का प्रावधान है। यही वजह है कि विभाग इससे बचने के लिए समय रहते रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा रहा था। वहीं दूसरी ओर लोग आखिरी तारीख बढ़ाने को लेकर मांग कर रहे थे। आखिरी दिन भी ट्वीटर पर यह मांग ट्रेंड हो रही थी।

    कॉरपोरेट और कारोबारियों को 31 अक्टूबर तक भरना होता है रिटर्न

    गौरतलब है कि आईटी रिटर्न भरने की तारीख टैक्सपेयर्स की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग रहती है। नौकरीपेशा लोगों को आईटीआर 31 जुलाई तक भरना होता है जबकि कॉरपोरेट और कारोबारियों को 31 अक्टूबर तक रिटर्न भरना होता है। 

    लोगों का रुख सकारात्मक, इसके परिणाम भी अच्छे आएंगे

    आखिरी तारीख तक इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या उनकी सकारात्मक सोच का परिचय देती है। यह देश की सरकार के प्रति करदाताओं का भरोसा है जो लगातार बढ़ रहा है। इसके भविष्य में अच्छे परिणाम आएंगे।

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    Mon, 01 Aug 2022 12:03:13 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ब्रेकिंग : रतलाम&रेलखंड में हादसा, मंगलमहूड़ी सेक्शन में ओएचई लाइन टूटने से रेल यातायात प्रभावित https://acntimes.com/Accident-in-Ratlam-Rail-section-rail-traffic-affected-due-to-OHE-line-break-in-Mangalmahudi-section https://acntimes.com/Accident-in-Ratlam-Rail-section-rail-traffic-affected-due-to-OHE-line-break-in-Mangalmahudi-section एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्यप्रदेश व गुजरात को जोडऩे वाले रतलाम - दाहोद रेल खंड पर बिजली के तार (ओएचई) लाइन के तार रविवार रात को विस्फोट के साथ टूट गए। इससे राजधानी एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें प्रभावित हुईं। करीब 13 दिन पहले इसी स्थान पर मालगाड़ी के वैगन बेबटरी हो गए थे।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार हादसा रात  रेल मंडल के रतलाम - दाहोद सेक्शन के मंगल मोहड़ी रेलवे सेक्शन पर देर रात करीब 11 बजे बिजली का तार टूटा। इससे रेल यातायात पर असर हुआ। नई दिल्ली से चलकर मुंबई जाने वाली गरीब रथ, राजधानी एक्सप्रेस, अगस्त क्रांति एक्सप्रेस, जबलपुर - सोमनाथ एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेन की गति प्रभावित हुई।

    जानकारी मिलते ही रतलाम मंडल मुख्यालय से इंजीनियरिंग विभाग का अमला घटनास्थल के लिए रवाना हो गया। वहीं आला अधिकारियों ने रेलवे नियंत्रण कक्ष पहुंच कर रूट की ट्रेनों को व्यवस्थित चलाने का काम देखा। मंडल रेल प्रबंधक विनीत गुप्ता, मंडल के वरिष्ठ परिचालन प्रबंधक पीके तिवारी, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर कोर्डिनेटर अंकित गुप्ता सहित रेल बिजली विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए थे। रेल दुर्घटना की सूचना मिलते ही रतलाम रेल मंडल से रखरखाव के लिए रात करीब 11.30 बजे दल को रवाना किया गया।

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    Mon, 01 Aug 2022 02:25:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    राजस्थान के बाड़मेर में लड़ाकू विमान मिग&21 हुआ क्रैश, दोनों पायलट की मौत, आधा किमी तक फैला विमान का मलबा https://acntimes.com/Fighter-MiG-21-crashes-in-Rajasthans-Barmer-both-pilots-killed https://acntimes.com/Fighter-MiG-21-crashes-in-Rajasthans-Barmer-both-pilots-killed एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय वायु सेना का एक लड़ाकू विमान मिग-21 एयरक्राफ्ट राजस्थान के बाड़मेर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार दोने पायलट की मौत हो गई। मालमे की जानकारी रक्षामंत्री नाजनाथ सिंह ने ली और दुख जताया।

    भारतीय वायु सेना के ट्विटर हैंडल पर जारी की गई जानकारी के असार हादसा गुरुवार रात करीब 9 बजे हुआ। हादसा बाड़मेर के बायतु थाना क्षेत्र के भीमडा गांव में हुआ। क्रैश होने के बाद विमान का मलबा आधा किलोमीटर दूर तक बिखर गया। प्रत्‍यक्षदर्शियों के मुताबिक जोरदार धमाके के साथ लोगों को आग का गोला दिखाई दिया। भारतीय वायुसेना ने कहा है कि वह जान गंवाने वाले पायलटों के शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दिया गया है।

    हादसे की पूरी जानकारी दी रक्षा मंत्री को

    उधर, मामले की जानकारी देश के  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी से ली। वायुसेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को हादसे का पूरा घटनाक्रम साझा किया।

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    Fri, 29 Jul 2022 00:04:27 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम का बेटा दर्शन यादव राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त ‘वीरता का पुलिस पदक’ से सम्मानित, उच्चकोटि के युद्ध कौशल के लिए मिला पुरस्कार, देखें वीडियो... https://acntimes.com/Ratlams-son-Darshan-Yadav-honored-with-Police-Medal-of-Gallantry-given-by-the-President https://acntimes.com/Ratlams-son-Darshan-Yadav-honored-with-Police-Medal-of-Gallantry-given-by-the-President सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर दिल्ली में हुए समारोह में महानिदेशक कुलदीपसिंह ने किया सम्मानित

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मप्र के रतलाम जिले के एक बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) में सहायक कमांडेंट के पद पर पदस्थ जिले के छोटे से गांव चिकलाना निवासी दर्शन यादव को राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त वीरत का पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। यादव को यह पुरस्कार मेघालय के दक्षिण गारो जिले के दाजीअदुगेरे गांव में जीएनएलए के चरमपंथियों में हुई मुठभेड़ में उत्कृष्ट युद्ध कौशल के लिए प्रदान किया गया। अपने बेटे की इस खुशी को ग्रामवासियों ने आतिशबाजी कर सेलिब्रेट किया।

    केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का स्थापना दिवस 27 जुलाई को मनाया गया। इस मौके पर दिल्ली में समारोह का आयोजन किया गया जिसमें सीआरपीएफ के वीर जवानों को विभिन्न वीरता पदक और पुरस्करों से नवाजा गया। इस दौरान मूलतः रतलाम जिले के निवासी दर्शन यादव को सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए गए वीरता का पुलिस पदक से सम्मानित किया। यादव के साथ उनके उप कमांडेंट रमेश कुमार और सिपाही राजाराम विश्वकर्मा को भी पुरस्कृत किया गया। दर्शन यादव रतलाम जिले की पिपलौदा तहसील के चिकलाना गांव के निवासी नारकोटिक्स के सेवानिवृत्त उप निरीक्षक जगदीश यादव के पुत्र हैं। गांव के बेटे को मिली इस उपलब्धि को ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर सेलिब्रेट किया और यादव परिवार को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

    इस मुठभेड़ के लिए मिला पुरस्कार

    मामला मेघालय के दक्षित गारो हिल्स जिले के गांव दाजीअदुगेरे की है। 20 मई, 2015 को मुखबिर से सूचना मिली की दक्षिण गारो हिल्स के पास 5-6 जीएनएलए काडर मौजूद हैं। ये स्वचलित हथियारों से लैस हैं। सूचना मिलते ही 210 कोबरा पोस्ट और राज्य पुलिस ने इन चरमपंथियों को पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन की योजना बनाई। इसके लिए गठित दस्ते में ई/210 कोबारा की 40 जवानों (टीम सं. 14 एवं 15) को शामिल किया। टीम का नेतृत्व कोबरा कमांडेंट व सीआरपीएफ के उप कमांडेंट रमेश कुमार को सौंपीं गई। सहायक के रूप में रतलाम निवासी सहायक कमांडेंट दर्शन यादव सहित अन्य ने रात को ही लक्ष्य भेदने का निर्णय लिया और निकल पड़े।

    ... और मुठभेड़ में कर दिया एक उग्रवादी को ढेर

    कोबरा कमांडर रमेश कुमार ने दल को दो हिस्से (कट-ऑफ पर्टी और असॉल्ट पार्टी) में बांटा। कट-ऑफ पार्टी को खुद रमेश कुमार ने तो असॉल्ट पार्टी को दर्शन यादव ने लीड किया। चतुराई के साथ दोनों पार्टियां आगे बढ़ीं रात करीब 03.00 बजे चरमपंथियों के ठिकानों की घेराबंदी करते हुए आगे बढ़ने लगीं। सुबह करीब 05.00 बजे चरमपंथियों के ठिकानों से उनकी ओर गोलीबारी शुरू हो गई। इस पर कोबरा पार्टी ने उन्हें आत्मसमर्पण की चेतावनी दी लेकिन वे नहीं माने जिसके चलते कोबरा पार्टी को जवाबी हमला करना पड़ा। दरअसल जब चरमपंथियों की ओर से गोलीबारी की गई तब कोबरा पार्टी के पास कोई कवर नहीं था जिससे वे अपना बचाव कर पाते। ऐसे में उन्हें अपनी जान की परवाह किए बिना मुकाबला करना मजबूरी हो गया था। जोरदार भिड़ंत के दौरान कोबरा पार्टी ने एक कट्टर उग्रवादी को मार गिराया। इसमें रमेश कुमार व दर्शन यादव के अलावा सिपाही राजाराम विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    ये हथियार हुए थे बरामद

    मुठभेड़ में मारे गए उग्रवादी की शिनाख्त सद्दाम एम. संगमा (जीएनएलए के उप एरिया कमांडर) के रूप में हुई थी। मुठभेड़ के बाद मौके की तलाशी ली गई जहां से एक इंसास राइफल, दो 7.65 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक पदार्थ, डेटोनेटर, रेडियो सेट व आपराधिक सामग्री बरामद हुई थी। इसके चलत ही तीनों का चयन राष्ट्रपति के वीरता का पुलिस पदक के लिए हुआ। यह पूरा वाकया 19 फरवरी, 2022 के राजपत्र में भी प्रकाशित हो चुका है।

    यादव पहले भी हो चुके हैं सम्मानित

    सहायक कमांडेंट दर्शन यादव इससे पहले भी विभिन्न मौकों पर सम्मानित हो चुके हैं। उन्हें 2010 में मप्र के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक एस. के. राउत और 2012 में सीआरपीएफ के एडीजी एच. आर. सिंह द्वारा बेस्ट फायरिंग अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

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    Thu, 28 Jul 2022 11:55:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    आखिर यह कैसा नशा ? पश्चिम बंगाल के युवा नशे के लिए कर रहे कंडोम का उपयोग, अचानक बढ़ी मांग ने खोला राज https://acntimes.com/youth-of-west-bengal-using-condom-for-intoxication-1135 https://acntimes.com/youth-of-west-bengal-using-condom-for-intoxication-1135 कंडोंम का नशे के रूप में उपयोग करने की लत ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । किसे किस चीज की लत (नशा) जाए, कह नहीं सकते। पश्चिम बंगाल के युवाओं को एक नए नशे की लत लग गई है। यह लत है कंडोम को नशे के रूप में उपयोग करने की। यह खुलासा राज्य में कंडोम की मांग ज्यादा बढ़ने का कारण पता लगाने के दौरान हुआ।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल के युवाओं में अजीबो-गरीब लत लग गई है। असुरक्षित यौन संबंध से बचने के काम आने वाला कंडोम इन दनों युवाओं में नशे के लिए उपयोग हो रहा है। बताया जा रहा है कि दुर्गापुर, दुर्गापुर, सिटी सेंटर, विधानगर, बेनाचिती, मुचीपारा, सी-जोन, ए-जोन में फ्लेवर्ड कंडोम की बिक्री काफी बढ़ गई। एक मेडिकल स्टोर संचालक के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पहले 3-4 पैकेट कंडोम बमुश्किल बिक पाते थे, वहीं अब पूरा का पूरा स्टॉक ही फटाफट क्लियर हो रहा है। कंडोम का उपयोग नशे के लिए किए जाने की पुष्टि दुर्गापुर के मंडल अस्पताल के धीमान मंडल नामक एक कर्मचारी ने भी की है।

    यह है कंडोम से नशा करने का राज

    कंडोम का नशे के रूप में उपयोग करने की वजह दुर्गापुर के आरई मेडिकल कॉलेज मॉडल स्कूल के रसायन शास्त्र के एक शिक्षक ने बताई है। नूरुल हक नामक शिक्षक का कहना है कि कंडोम में सुगंधित यौगिक पाया जाता है। अगर कंडोम को लंबे समय के लिए गर्म पानी में भिगो दिया जाए तो बड़े कार्बनिक अणु अल्कोहल यौगिक में टूटने लगते हैं। यह सुगंधित यौगिक एक प्रकार के गोंद में भी पाया जाता है। यही कारण है कि बहुत से लोग नशे के लिए इसका भी उपयोग करते हैं। 

    पहले टूथपेस्ट और जूते की पॉलिश सहित अन्य का हो चुका है उपयोग

    बता दें कि, 21वीं सदी के बीच में एक समय नाइजीरिया में टूथपेस्ट की बिक्री काफी बढ़ी थी। इसी प्रकार जूते की पॉलिश की बिक्री भी 6 गुना बढ़ गई थी। तब इन चीजों का उपयोग भी नशे के लिए किया जा रहा था। इसी तरह बहुत से लोगों ने व्हाइटनर का प्रयोग भी नशे के लिए किया था। अब कंडोम का उपयोग तेजी से हो रहा है। इससे प्रशासन काफी चंतित है।

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    Sat, 23 Jul 2022 12:26:51 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भारत के खिलाफ काम करने वाली 747 वेबसाइट और 94 यूट्यूब चैनल पर लगी रोक, आईटीएक्ट 2000 की धारा 69A के तहत की कार्रवाई https://acntimes.com/Ban-on-747-websites-and-94-YouTube-channels-working-against-India https://acntimes.com/Ban-on-747-websites-and-94-YouTube-channels-working-against-India केंद्रीय मंत्री सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्य सभा में दी जानकारी

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर के अनुसार मंत्रालय द्वारा बीते एक साल के दौरान 747 वेबसाइट और तथा 94 यूट्यूब चैनलों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनके अलावा 19 सोशल मीडिया एकाउंट पर भी रोक लगाई गई। मंत्री ठाकुर के अनुसार इनके द्वारा देशहित के खिलाफ काम किया जा रहा था।

    केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने गुरुवार को राज्य सभा में एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया 2021-22 में मंत्रालय ने देशहित के खिलाफ काम करने वाले यूट्यूब चैनलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। ठाकुर ने कहा कि मंत्रालय ने 94 यूट्यूब चैनलों, 19 सोशल मीडिया अकाउंट और 747 यूआरएल पर रोक लगाई गई। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69ए के तहत की गई है।

    मंत्री ठाकुर के अनुसार कि सरकार ने फर्जी खबरें फैलाकर और इंटरनेट पर दुष्प्रचार करके देश की संप्रभुता के खिलाफ काम करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

    अक्टूबर 2000 से लागू है एक्ट

    बता दें कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 भारतीय संसद द्वारा 9 जून 2000 को पारित किया गया था। इस बिल को तत्कालीन सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री प्रमोद महाजन ने संसद में पेश किया था। देश में यह यह 17 अक्टूबर 2000 से लागू है।

    जानिए, क्या है सेक्शन 69A

    सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 के सेक्शन 69A के तहत केंद्र सरकार को ऑनलाइन सामग्री को ब्लॉक करने और साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने का अधिकार प्राप्त है। यह प्राथमिक कानून है जो भारत में साइबर अपराध और इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स के ममलों से निपटने के लिए लागू किया गया था।

    यह है एक्ट में प्रावधान

    1. सोशल मीडिया और किसी अन्य वेबसाइट पर आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करना। गृह मंत्रालय ने 20 दिसंबर, 2018 को एक आदेश जारी किया था। इसमें दस केंद्रीय एजेंसियों को यह अधिकार दिया गया कि वे किसी भी कंप्यूटर में एकत्रित सामग्री को मॉनिटर करें, प्रसारित होने से रोकें और जरूरी होने पर डिकोड करें।
    2. भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, भारत की रक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन सामग्री को ब्लॉक करने अथवा इन सबको नुकसान पहुँचाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने का भी प्रावधान है।
    3. जिन वेबसाइट को जनता के लिए ब्लॉक किया जाएगा उन्हें पूरी प्रक्रिया और नियमों के तहत ही ब्लॉक किया जाएगा और अन्य सुरक्षा उपायों का भी ध्यान रखा जाएगा।
    4. जारी दिशा-निर्देशों (उपधारा 1) का अनुपालन करने में विफल रहने वाले संबंधित अधिकारियों को सात साल तक की कैद की सजा हो सकती है और जुर्माना भी देना होगा।
    5. कुछ राजनीतिक दलों ने निजता के मौलिक अधिकार के उल्लंघन के आधार पर इस एक्ट को चुनौती दी थी लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने 2015 में दिए गए निर्णय में आरोप को खारिज कर दिया था।
    6. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि केंद्र एक इंटरनेट साइट को ब्लॉक करने के निर्देश (राष्ट्रीय सुरक्षा इत्यादि से सम्बंधित मामलों में) जारी करने के लिए अपनी शक्ति का प्रयोग कर सकता है। न्यायालय ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यक्तिगत निजता से ऊपर है।
    7. जैसा कि हम जानते हैं कि भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम - 1885 केंद्र सरकार को फोन टैप करने की अनुमति देता है। सुप्रीम कोर्ट ने 1996 में एक फैसला दिया था और कहा था कि सरकार केवल "सार्वजनिक आपातकाल" के मामले में फोन टैप कर सकती है। लेकिन आईटी एक्ट के सेक्शन 69A के मामले में, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
    8. हाल ही में भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के प्रावधानों का हवाला देते हुए 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। केंद्र सरकार ने पाया था कि ये ऐप भारत के लोगों का गोपनीय डेटा इकठ्ठा कर रहे थे।
    9. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69 A, देश में साइबर अपराध रोकने के साथ ही देश की महत्वपूर्ण जानकारी का विदेशी शक्तियों द्वारा दुरुपयोग रोकने की दिशा में कारगर है।
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    Thu, 21 Jul 2022 21:19:19 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम की पोरवाल इंडस्ट्रीज राष्ट्रीय एमएसएमई समिट में सम्मानित, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने 6 देशों के राजदूतों की मौजूदगी में नवाजा https://acntimes.com/Ratlams-Porwal-Industries-honored-by-Rajasthan-Governor-Kalraj-Mishra-at-the-National-MSME-Summit https://acntimes.com/Ratlams-Porwal-Industries-honored-by-Rajasthan-Governor-Kalraj-Mishra-at-the-National-MSME-Summit समारोह में जयपुर सांसद रामचरण बोहरा एवं नाइजीरिया, तंजानिया, जमाईका, क्यूबा, कोस्टा रिका, त्रिनिदाद और टोबेगो के राजदूत भी रहे शामिल

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम / जयपुर । राष्ट्रीय एमएसएमई समिट का आयोजन राजस्थान के जयपुर में हुआ। इसमें रतलाम की पोरवाल इंडस्ट्रीज को 50 वर्षों से एथिकल बिजनेस प्रैक्टिस करने को लेकर राज्यपाल एवं पूर्व एमएसएमई केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने सम्मानित किया।  सम्मान पोरवाल इंडस्ट्रीज के संस्थापक वीरेंद्र पोरवाल एवं प्रेसिडेंट वरुण पोरवाल ने प्राप्त किया। समारोह में जयपुर सांसद रामचरण बोहरा एवं छह देशों (नाईजीरिया, तंजानिया, जमाईका, क्यूबा, कोस्टा रिका एवं त्रिनिदाद) के राजदूत भी मौजूद रहे।

    समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान राज्यपाल एवं पूर्व एमएसएमई केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने पोरवाल बंधुओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और आदर्श ही सबसे बड़ी ताकत है। 50 वर्षों से निरंतर एथिकल बिजनेस प्रैक्टिसेज का पालन करना अत्यंत ही सम्मानजनक कार्य है। ऐसे उद्योगों पर प्रदेश ही नहीं, वरन् देश को भी गर्व है।

    ‘पोरवाल इंडस्ट्री ने प्रदेस और देश  का नाम उद्योग जगत में रोशन किया’

    विशिष्ट अतिथि जयपुर सांसद रामचरण बोहरा ने भी पोरवाल बंधुओं को 50 वर्षों के संचालन हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने कहा कि पोरवाल बंधु उद्योग जगत के लिए एक उदाहरण हैं। इमानदारी और आदर्शों पर चलकर निरंतर 50 वर्षों से व्यवसाय का संचालन कर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर उद्योग जगत को गौरवान्वित कर रहे हैं।

    यह भी देखें... रतलाम की 'पोरवाल इंडस्ट्रीज' को विश्व की प्रतिष्ठित 'फार्च्यून मैगजीन' के 'भारतीय एथिकल बिजनेस विशेषांक' में मिला स्थान

    ‘वरिष्ठों से मिले संस्कार व आदर्शों के बल पर देश-विदेश में रोशन करेंगे रतलाम का नाम’

    इस मौके पर युवा उद्योगपति वरुण पोरवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अपने वरिष्ठजन के संस्कार एवं आदर्शों का पालन कर उद्योग संचालित करेंगे एवं ऐसे ही देश-विदेश में रतलाम का नाम रोशन करते रहेंगे। युवा उद्योगपति पोरवाल विश्व की प्रतिष्ठित फोर्ब्स व फॉर्चून मैगजीन का भी हिस्सा बन चुके हैं। 

    1972 में हुई थी उद्योग की स्थापना

    बता दें कि पोरवाल उद्योग की स्थापना 1972 में शहर के जाने-माने उद्योगपति वीरेंद्र एवं सुरेंद्र पोरवाल द्वारा की गई थी। इसकी नींव नारायण स्वामी के सान्निध्य में रखी गई थी। पोरवाल बंधु संस्कार, समर्पण, अनुभव और ईमानदारी के साथ 50 साल से उद्योग का संचालन बखूबी कर रतलाम का नाम देश - विदेश में रोशन कर रहे हैंl  वर्तमान में प्रदेश व देश के कई छोटे-बड़े उद्यमी पोरवाल बंधुओं को पित्र पुरुष मान सफलतापूर्वक अपना उद्योग संचालित कर रहे हैं।

    इन्होंने जताया हर्ष, दी शुभकामनाएं

    पोरवाल इंडस्ट्री को सम्मान मिलने पर प्रदेश व शहर की प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं ने बधाई संदेश प्रेषित किए हैं। इनमें फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, सीआईआई, मालवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, संभागीय उद्योग संघ, वैश्य महासम्मेलन आदि प्रमुख हैं। सभी ने इसे उद्योग जगत के लिए बड़ी उपलब्धि निरूपित किया हैl

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    Sat, 16 Jul 2022 17:25:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम की बेटी डॉ. दिव्या बनी मिसेज यूनिवर्स सेंट्रल एशिया&2021, मिसेज यूनिवर्स इंस्पिरेशन अवॉर्ड भी जीता https://acntimes.com/Ratlams-daughter-Dr-Divya-became-Mrs-Universe-Central-Asia-2021-won-Mrs-Universe-Inspiration-Award https://acntimes.com/Ratlams-daughter-Dr-Divya-became-Mrs-Universe-Central-Asia-2021-won-Mrs-Universe-Inspiration-Award साउथ कोरिया के सीयोल में हुई स्पर्धा में 120 देशों की प्रतियोगियों ने लिया भाग

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । हमारे रतलाम की बेटी डॉ. दिव्या पाटीदार जोशी ने फिर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दिव्या ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मिसेज यूनिवर्स सेंट्रल एशिया बनने के साथ ही मिसेज यूनिवर्स इंस्पिरेशन का अवॉर्ड भी जीत लिया है। अपनी इस उपलब्धि के साथ वे गृहनगर रतलाम लौंटी तो उनका रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया। परिजन ने घर पर केक काट कर अवॉर्ड सेलिब्रेट किया। दिव्या इससे पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं।

    हाल ही में साउथ कोरिया के सियोल में मिसेज यूनिवर्स 2021 ब्यूटी पेजेंट में रतलाम की डॉ. दिव्या पाटीदार जोशी शामिल हुईं थीं। इस सौंदर्य स्पर्धा में विश्व के 120 देशों से की प्रत्योगियों ने शिरकत की। बकौल दिव्या- वहां कई राउंड हुए। इनमें सोशल एक्टिविटी फोरम राउंड, स्विमसूट राउंड, नेशनल कॉस्टयूम राउंड, ईवनिंग गाउन राउंड आदि शामिल है। इस दौरान सभी प्रतियोगियों को साउथ कोरिया की संकृति को जानने का मौका मिला। यह प्रतियोगिता प्रत्येक वर्ष अलग-अलग देशों में होती है। दिव्या के अनुसार यह एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि एक जीवन यात्रा है। कोई किसी से आगे या पीछे नहीं, यहां हम सभी विद्यार्थी भी हैं और शिक्षक भी। सीखना और सिखाना हम सभी का कर्त्तव्य है। बता दें कि- दिव्या इससे पहले मिसेज इंडिया माय आईडेंटिटी-2018 की विजेता रही हैं। मिसेज यूरेशिया-2019 की टाइटल होल्डर भी रहीं।

    मां को देती हैं अपनी सफलता का श्रेय

    डॉ. दिव्या अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां राधा पाटीदार को देती हैं। दिव्या एक भारतीय मॉडल, सामाजिक कार्यकर्ता, अभिनेत्री व गायिका हैं। उन्हें टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा मध्य प्रदेश की सबसे प्रभावशाली महिलाओं के रूप में भी सूचीबद्ध किया गया है। उनके एनजीओ ‘द ग्रोइंग वर्ल्ड फाउंडेशन’ व ‘द ग्रोइंग इंडिया फाउंडेशन’ के द्वारा महिलाओं व बच्चों के विकास के लिए कार्य कर रही हैं। सोशल सर्विस में पीएचडी तथा एमबीए भी हैं। मार्केटिंग व एचआर, एमए इंग्लिश, एमए म्यूजिक की शिक्षा प्राप्त की है।

    राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक कर चुके हैं सम्मानित

    डॉ. जोशी को भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभादेवी सिंह पाटिल और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा नेशनल सर्विस स्कीम में सेवा के लिए सम्मानित किया जा चुका है। दिव्या रतलाम नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर हैं तथा कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक मुक्त शहर के लिए कई अभियानों से जुड़ी हैं।

    कोविड काल में खो दिया पिता को लेकिन हार नहीं मानी

    दिव्या एमपीपीएससी, बैंक, रेलवे और लिपिक परीक्षा जैसी कई प्रतियोगी पुस्तकों के सामान्य ज्ञान प्रश्नावली में भी सूचीबद्ध हैं। कोविड-19 के समय दिव्या ने कई ऑनलाइन सेमिनार आयोजित किए और लोगों को प्रेरित किया कोविड-19 से उन्होंने अपने पिता को खो दिया लेकिन खुद को सांत्वना देकर मजबूत होकर फिर से अपनी यात्रा जारी रखी। कई लोगों को उनके जुनून का पालन करने के लिए प्रेरित किया। अपनी ट्रेनिंग के द्वारा डॉ. दिव्या ने अपने 2 साल के बेटे को एक्ट्रा ऑर्डिनरी मेमोरी कैटेगरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बनाया। इतना ही  नहीं सिटी ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर अभियान द्वारा अपने पूरे रतलाम शहर को सिटी ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर के रूप में 221 लोगों को प्रेरित भी किया।

    पूरा हुआ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना

    बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक मुकेश छाबरा द्वारा लिविग आर्ट का प्रशिक्षण ले चुकी दिव्या का कहना है क्षितिज से परे एक बेहतर दुनिया है। आशा एक शक्तिशाली शक्ति हो सकती है। शायद इसमें कोई वास्तविक जादू नहीं है। जब आप जानते हैं कि आप सबसे अधिक क्या उम्मीद करते हैं और इसे अपने विचार में एक प्रकाश की तरह रखते हैं तो आप चीजों को लगभग एक जादू की तरह बना सकते हैं। दिव्या के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का उनका एक सपना पूरा हुआ।

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    Wed, 06 Jul 2022 11:29:49 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम में कथक सीखने वाली आराध्या राव करेंगी फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व, इसी साल जीता मिस MP का खिताब https://acntimes.com/aaradhya-rao-will-represent-madhya-pradesh-in-miss-india-competition-won-the-Miss-State-level-competition-this-year https://acntimes.com/aaradhya-rao-will-represent-madhya-pradesh-in-miss-india-competition-won-the-Miss-State-level-competition-this-year एसीएन टाइम्स @ रतलाम । राष्ट्रीय स्तर की सौंदर्य प्रतियोगिता में एक बार फिर रतलाम का नाम भी चमकेगा। यहां रहकर कथक नृत्य सीखने वाली आराध्या राव फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रतियोगिता इसी माह होगी।

    आराध्या ने इसी साल 2022 में मिस इंडिया स्पर्धा के ऑडिशन के लिए पंजीयन कराया। इसके बाद वे फेमिना मिस इंडिया मध्य प्रदेश चुनी गईं। अब वे भारत की सबसे बड़ी सौंदर्य प्रतियोगिता फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट हैं। आराध्या माह के अंत में होने वाली फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

    बता दें कि आराध्या रतलाम के मित्र निवास कॉलोनी निवासी भजन गायक सुनील भट्ट की भतीजी हैं। भट्ट रिश्ते में उनके फूफा हैं और उनकी पत्नी नम्रता बुआ। आराध्या का जन्म मध्य प्रदेश के भोपाल में हेमंत राव के यहां हुआ था। उनका पालन-पोषण राजस्थान में हुआ। उदयपुर में एमबीए की पढ़ाई करने वाली आराध्या का ज्यादातर समय रतलाम में अपने फूफा सुनील व बुआ नम्रता के यहां बीता। यहीं रहकर उन्होंने कथक सहित अन्य नृत्य सीखा। 

    2016 में मिस उदयपुर व 2019 में ईवा इंडिया का मिला खिताब

    आराध्या का सपना बचपन से ही काफी बड़ा रहा। उनकी इच्छा थी कि वे एक दिन मिस इंडिया बनें। इसके लिए बचपन से ही नृत्य और ऐसी प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी की। पढ़ाई में होशियार थी हीं। अपने लक्ष्य को पाने के लिए कदम बढ़ाया तो 2016 में मिस उदयपुर का खिताब जीत लिया। वे यहीं नहीं रुकीं और 2019 में ईवा इंडिया स्पर्धा में विजयी रहीं। एलीट मिस राजस्थान-2019 की फाइनलिस्ट बनीं। कई व्यावसायिक विज्ञापनों और संगीत वीडियो भी परफॉर्म किया। सामाजिक कार्य के क्षेत्र में केटो इंडिया के चाइल्ड हेल्पलाइन फाउंडेशन से जुड़ी हैं। आप आराध्या को इंस्टाग्राम पर सपोर्ट कर सकते हैं। उनकी इंस्टाग्राम आईडी  https://instagram.com/araadhyaaarao?igshid=YmMyMTA2M2Y= है।

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    Wed, 15 Jun 2022 18:05:42 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी खबर... क्रिकेटर नमन ओझा के पिता विनय गिरफ्तार, बैंक ऑफ महाराष्ट्र में सवा करोड़ रुपए के गबन का है आरोप https://acntimes.com/big-news-cricketer-naman-ojhas-father-vinay-arrested-accused-of-embezzlement-of-Rs.1.25-crore-in-bank-of-maharashtra https://acntimes.com/big-news-cricketer-naman-ojhas-father-vinay-arrested-accused-of-embezzlement-of-Rs.1.25-crore-in-bank-of-maharashtra जौलखेड़ा ब्रांच के तत्कालीन प्रबंधक विनय ओझा ने 2013 में बैंककर्मियों के साथ मिलकर किया था गबन

    एसीएन टाइम्स @ एमपी डेस्क । प्रसिद्ध क्रिकेटर नमन ओझा के पिता विनय ओझा को मुलताई पुलिस ने गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। ओझा पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जौलखेड़ा ब्रांच में लगभग सवा करोड़ रुपये का गबन किया था। उन के विरुद्ध धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 और आईटी एक्ट की धारा 65, 66 के तहत मामला दर्ज था। गबन के अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।

    पुलिस के अनुसार बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जौलखेड़ा ब्रांच में 2013 में गबन का मामला सामने आया था। तब वहां 2013 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जौलखेड़ा शाखा के प्रबंधक अभिषेक रत्नम ने गबन की सारिस रची थी। इसे बाद उनका तबादला हो गया और विनय ओझा शाखा प्रबंधक बन गए। उन्होंने अन्य कर्मचारियों और लोगों की मदद से फर्जी खाते खुलवाए। उन्होंने केसीसी का लोन ट्रांसफर कर करीब सवा करोड़ रुपए का आहरण कर लिया। यह राशि पूर्व प्रबंधक रत्नम व ओझा के साथ ही विनोद पंवार, लेखापाल नीलेश छलोत्रे, दीनानाथ राठौर आदि ने बांट ली। लगभग एक साल बाद यह मामला प्रकाश में आने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक रीतेश चतुर्वेदी ने 19 जून 2014 को गबन की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने रत्नम, ओझा सहित अन्य के विरुद्ध धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 34 और आईटी एक्ट की धारा 65, 66 के तहत केस दर्ज किया था।

     ऐसे अंजाम दिया गबन को

    तत्कालीन बैंक प्रबंधक रीतेश चतुर्वेदी ने पुलिस में की गई शिकायत में बताया था कि जाशि तत्कालीन बैंक प्रबंधक रत्नम के कार्यकाल में रची गई थी। उनके जाने के बाद तत्कालीन प्रबंधक ओझा व अन्य 2 जून 2013 को फर्जी नाम और फोटो के आधार पर 34 घाते खोले गए। किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर बैंक से राशि आहरित कर ली गई। तरोड़ा बुजुर्ग गांव के दर्शन पिता शिवलू की तो मौत होने के बाद भी उनके नाम से खाता खोलकर रुपये आहरित कर लिए गए थे। इस तरह करीब सवा करोड़ रुपए आर7त कर गबन किया गया था। 

    ओझा 8 साल से चल रहे थे फरार

    गबन के मामले में पूर्व प्रबंधक रत्नम सहित सभी आरोपियों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार को पूर्व प्रबंधक विनय ओझा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि मुलताई की एसडीओपी नम्रता सोंधिया ने भी की है। बता दें कि गबन के आरोपी ओझा 8 साल से फार थे। पुलिस ने ओझा को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश हुए। थाने में क्रिकेटर नमन भी मौजूद थे। उन्होंने पिता की जमानत के लिए काफी प्रयास किया लेकिन जब जमानत नहीं मिली तो वे बैतूल के एक होटल चले गए।

    गबन के आरोपी विनय के बेटे नमन ख्यात क्रिकेटर हैं, रतलाम व इंदौर से रहा नाता

    बता दें कि गबन के आरोप विनय ओझा के पुत्र नमन भारत के ख्यात क्रिकेटर हैं। रणजी ट्राफी के अलावा नमन एक टेस्ट, एक वनडे और दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेल चुके हैं। इसके अलावा 113 आईपीएल मैच भी नमन ने खेले। रनों की बात करें तो नमन ने टेस्ट में 56 रन, वनडे में 1 रन और टी-20 में 12 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। नमन व उनके उनके पिता रतलाम में भी रहे हैं। विनय ओझा यहां बैंक ऑफ महाराष्ट्र सेवाएं दे चुके हैं। नमन का नाता इंदौर भी रहा है।

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    Tue, 07 Jun 2022 00:59:19 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Hardik Patel in BJP : आज 11 बजे भाजपा के हो जाएंगे हार्दिक पटेल, गांधीनगर के पटेल कमलम् में लेंगे सदस्यता, पीएम मोदी को बताया भागीरथ https://acntimes.com/hardik-patel-will-join-bjp-today-at-11-oclock-told-pm-modi-is-bhagirath https://acntimes.com/hardik-patel-will-join-bjp-today-at-11-oclock-told-pm-modi-is-bhagirath 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ हार्दिक पटेल के भाजपा में शामिल होने का दावा

    एसीएन टाइम्स @ वडोदरा । गुजरात चुनाव से पहले कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले हार्दिक पटेल गुरुवार को सुबह 11 बजे भाजपा के हो जाएंगे। दावा किया जा रहा है कि वे 15 हजार कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा (Hardik Patel Join BJP) में शामिल होंगे। इससे पहले हार्दिक ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रे सेवा करने का नया अध्याय शुरू करने की जानकारी दी। उन्होंने पीएम मोदी को ‘भागीरथ’ बताया है।

    कभी मरते दम तक कांग्रेस नहीं छोड़ने का दावा करने वाले गुजरात के एग्रेसिव नेता हार्दिक पटेल ने पिछले दिनों कांग्रेस को तिलांजलि दे दी थी। उन्होंने इसके लिए अपनी उपेक्षा के साथ ही शीर्ष नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनके इस्तीफे के बाद से ही माना जा रहा था कि वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इन कयासों पर उन्होंने खुद ही ट्वीट कर मुहर लगा दी। हार्दिक ने गुरुवार को किए ट्वीट में स्पष्ट कर दिया कि वे राष्ट्र सेवा का नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को भागीरथ बताते हुए उनके नेतृत्व में एक छोटे से सिपाही के रूप में राष्ट्र सेवा करने की जानकारी दी।

    गांधीनगर में लेंगे भाजपा की सदस्यता  

    हार्दिक पटेल गुजरात की राजनीति में एक उभरता सितारा बन चुके हैं। पाटीदार आंदोलन के कारण चर्चा में आए हार्दिक गुरुवार को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित होने वाले एक समारोह में भाजपा में शामिल होंगे। आयोजन पटेल कमलम् में होगा। इसके पोस्टर भी जगह-जगह लगाए गए हैं। भाजपा में शामिल होने से पहले हार्दिक अपने घर पर दुर्गा पाठ करेंगे। इसके बाद SGVP गुरुकुल पर श्याम और धनश्याम की आरती करेंगे। साधु-संतों के साथ गौपूजन करेंगे। तत्पश्चात गुजरात भाजपा के प्रदेश प्रमुख की मौजूदगी में भाजपा  की सदस्यता लेंगे। उनके साथ 15 हजार कार्यकर्ताओं के भी भाजपा ज्वाइन होने की बात कही जा रही है। 

    लंबे समय से थे कांग्रेस से नाराज, 18 मई को छोड़ था साथ

    पाटीदार आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने के बाद वे 2019 में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने तब अपने एक ट्वीट में मरते दम तक कांग्रेस नहीं छोड़ने की बात कही थी। कांग्रेस ने उन्हें 11 जुलाई 2020 को प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि वे कांग्रेस की रीति-नीति और नेताओं की उपेक्षा वाली कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हुए। इसलिए गत 18 मई को उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कह दिया था। गौरतलब है कि पीएम मोदी को यमराज से लेकर झूठा तक कहने वाले हार्दिक अब उन्हीं के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा करने का वादा किया है।

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    Thu, 02 Jun 2022 10:13:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
    खोट भारतीय गेहूं में या तुर्की की नीयत में ? तुर्की सरकार का भारत से भेजा गया 15 मिलियन टन गेहूं लेने से इंकार, बताई यह बड़ी वजह https://acntimes.com/Fault-in-Indian-Wheat-or-Turkeys-intention-Waiting-for-Turkish-government-to-take-15-million-tonnes-of-wheat-sent-from-India https://acntimes.com/Fault-in-Indian-Wheat-or-Turkeys-intention-Waiting-for-Turkish-government-to-take-15-million-tonnes-of-wheat-sent-from-India गेहूं लेकर 29 मई को पहुंचा शिप तुर्की प्रशासन ने लौटाया

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । तुर्की प्रशासन ने भारत से व्यापारियों द्वारा भेजी गई गेहूं की खेप लेने से इनकार कर दिया है। तुर्की सरकार ने भारतीय गेहूं बीमारी ग्रसित होने का हवाला दिया है। करीब 15 मिलियन टन गेहूं लौटाने से यहां व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। इससे पहले मार्च में भारत ने 7 मिलियन टन गेहूं टर्की भेजा था।

    तुर्की सरकार को भारतीय गेहूं में खोट नजर आई है। सरकार ने भारतीय व्यापारियों द्वारा वहां भेजा गया 15 मिलियन टन गेहूं लेने से मना कर दिया है। भारत से गेहूं लेकर 29 मई को एक शिप तुर्की पहुंचा था किंतु तुर्की के अफसरों ने भारतीय गेहूं में फाइटोसैनिटरी का संक्रमण होने से लौटा दिया।

    एस एंड पी ग्लोबल कमोडिटी के मुताबिक भारत के गेहूं की खेत में रूबेला नामक बीमारी मिली थी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय पौधों में रूबेला बीमारी की गंभीर शिकायत है। इसके चलते ही तुर्की कृषि मंत्रालय ने गेहूं लेने से इनकार कर दिया।

    निर्यात पर प्रतिबंध लगने से पहले भेजा गया था गेहूं

    तुर्की द्वारा गेहूं लौटाए जाने को लेकर भारतीय कृषि मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि भारत से गेहूं लेकर उक्त शिप सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से पहले ही भेजा गया था। यह गेहूं एक निजी कंपनी एमवी इंसे एकडेनिज से 56 हजार 877 टन गेहूं भेजा गया था। यह कंडाला पोर्ट से वापस आ रहा है।

    इसलिए निर्यात पर लगाई रोक

    बता दें कि, अप्रैल में महंगाई दर में उछाल आया था। एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में महंगाई दर अपने उच्चतम स्तर 7.79 प्रतिशत पहुंच गई थी। खाद संबंधी वस्तुओं की कीमतों में भी 8.38 फीसदी का उछाल दर्ज हुआ था। इस दौरान सीजन होने के बाद भी गेहूं की कीमत में 20 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। ऐसे में किसानों और व्यापारियों को तो मुनाफा हुआ किंतु आम आदमी के लिए गेहूं की खरीदी महंगी पड़ रही थी। इसके बाद ही भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी।

    युद्ध के कारण भारतीय गेहूं की बढ़ी मांग

    रूस और यूक्रेन दुनिया की कुल खपत का 29 प्रतिशत गेहूं की आपूर्ति करते हैं। 99 दिन से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। इससे वहां से होने वाली गेहूं की आपूर्ति प्रभावित है। नतीजतन दुनियाभर में खाद्य संकट गहराने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में भारत के पास गेहूं की सप्लाई का भारत के पास बड़ा मौका है। विश्व के अन्य देशों ने भी भारतीय गेहूं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं लेकिन भारत सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर लगाई गई रोक से व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है।

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    Thu, 02 Jun 2022 09:29:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
    प्लेबैक सिंगर KK नहीं रहे : कोलकाता में लाइव परफॉर्मेंस के दौरान हार्टअटैक, PM मोदी सहित कई हस्तियों ने जताया शोक https://acntimes.com/playback-singer-KK-is-no-more-heart-attack-during-live-performance-in-kolkata-many-celebrities-including-pm-modi-expressed-grief https://acntimes.com/playback-singer-KK-is-no-more-heart-attack-during-live-performance-in-kolkata-many-celebrities-including-pm-modi-expressed-grief कोलकाता के निजी अस्पताल सीएमआरआई ले जाया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, केके पिछले दो दिनों से कोलकाता में थे

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । मशहूर प्लेक बैक सिंगर कृष्णकुमार कुन्नाथ (KK) का निधन हो गया। कोलकाता में एक लाइव परफॉर्मेंस के दौरान वे अचानक गिर पड़े और उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। 53 वर्षीय केके को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश की कई हस्तियों ने शोक जताया।

    जानकारी के अनुसार कृष्णकुमार कुन्नाथ ( #KK ) तीन दिन के कोलकाता प्रवास पर थे। वे मंगलवार की शाम वे यहां उल्टाडांगा में गुरूदास महाविद्यालय के नजरुल मंच में लाइव पॉरफार्मेंस देने पहुंचे। मंच पर जाने के दौरान उन्होंने असहजता जाहिर की। इसके बाद वे एक लोटल में चले गए। सीढ़ियां चढ़ने के दौरान वे बेसुध हो गए और सीढ़ियों से गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल पास के एक निजी अस्पताल सीएमआरआई ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। केके दो दिनों से कोलकाता में ही थे।

    निधन की खबर जैसे मिली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जाहिर किया। कई लोगों ने उनके निधन पर पहले तो यकीन ही नहीं किया लेकिन जब पुष्टि हो गई तो शोक व्यक्त संवेदनाओं की झड़ी लग गई। क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट कर कहा कि- "कोलकाता में प्रदर्शन के दौरान बीमार पड़ने के बाद केके के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। जीवन कितना नाजुक है। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना। ओम शांति।" इसी तरह गायक राहुल वैद्य ने भी ट्वीट कर शोक जताया। उन्होंने लिखा कि-  "मैंने सुना है कि गायक केके का अभी-अभी निधन हुआ है। भगवान वास्तव में क्या हो रहा है!! ??  मेरा मतलब है कि क्या हो रहा है। सबसे अच्छे इंसानों में से एक केके सर थे। 53 साल की उम्र में बहुत जल्दी चले गए। चौंक गए। RIP सर।‘

    गायक व संगीत निर्देशक अरमान मलिक ने भी ट्वीट कर दुख जाहिर किया। उन्होंने लिखा- "बेहद दुखद। हम सभी के लिए एक और चौंकाने वाला नुकसान। हमारे केके सर पर विश्वास नहीं कर सकता।‘ हर्षदीप कौर ने ट्वीट किया कि- "विश्वास नहीं हो रहा है कि हमारे प्रिय #KK नहीं रहे। यह वास्तव में सच नहीं हो सकता। प्यार की आवाज चली गई है। यह दिल दहला देने वाला है।"

    फिल्मों में ब्रेक मिलने से पहले ही गा चुके थे 3500 जिंगल्स

    भारतीय फिल्म उद्योग में बहुमुखी प्रतिभा वाले गायकों में केके भी शुमार हैं। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बंगाली में 350 से अधिक गाने गाए। दिल्ली के माउंट सेंट मेरी स्कूल से स्कूली पढ़ाई करने वाले केके का ग्रेजुएशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से हुआ। फिल्मों में ब्रेक मिलने से पहले ही केके ने करीब 3500 जिंगल्स गाए थे। उन्होंने 1999 में क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान भारतीय टीम के समर्थन में ‘जोश ऑफ इंडिया’ गाना गाया। इस गाने में कई भारतीय क्रिकेटर भी दिखे थे।

    ‘हम दिल दे चुके सनम’ के गीत ‘तड़प-तड़प के इस दिल से...’ मिला था बड़ा ब्रेक

    अपने बचपन के प्यार ज्योति कृष्णा से शादी रचाने वाले केके के दो बच्चे हैं। केके को शोहरत "पल" म्यूजिक एलबम से मिली और उन्होंने बतौर गायक करियर चुना। केके को फिल्म "हम दिल दे चुके सनम" के गाने "तड़प तड़प के इस दिल से..." से बड़ा ब्रेक मिला। इसके बाद केके बड़े गायकों में गिने जाने लगे। उनके अन्य मुख्य गानों में "कोई कहे कहता रहे...", "मैंने दिल से कहा...", "आवारापन बंजारापन...", "दस बहाने...", "अजब सी...", जैसे गाने शामिल हैं।

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    Wed, 01 Jun 2022 01:32:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    वेश्यावृत्ति भी एक प्रोफेशन है, बालिग और सहमति से सेक्स वर्क करने वाली महिलाओं को बेवजह परेशान न करे पुलिस& सुप्रीम कोर्ट https://acntimes.com/Prostitution-is-also-a-profession-police-should-not-unnecessarily-harass-women-who-do-sex-work-with-consent-Supreme-Court https://acntimes.com/Prostitution-is-also-a-profession-police-should-not-unnecessarily-harass-women-who-do-sex-work-with-consent-Supreme-Court एसीएन टाइम्स @ डेस्क । देश की सर्वोच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय का कहना है कि वेश्यावृत्ति भी एक प्रोफेशन है। बालिग और सहमति से सेक्स वर्क करने वाली महिलाओं पर आपराधिक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। तीन सदस्यीय पीठ ने सेक्स वर्कर्स के अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर 6 निर्देश भी दिए हैं। ये निर्देश सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास को लेकर बनाए पैनल की सिफारिश के संदर्भ में जारी कि एगए हैं।

    सेक्स वर्कर्स को होने वाली परेशानियों से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई की जा रही है। मामले में जस्टिस एल. नागेश्वर राव, जस्टिस बी. आर. गवई तथा जस्टिस ए. एस. बोपन्ना की बेंच ने सेक्स वर्कर्स की सुरक्षा को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किए। इसमें कहा गया कि इस देश के हर नागरिक को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिला है। सेक्स वर्कर्स भी देश के नागरिक हैं। वे भी कानून के तहत गरिमा, समान और सुरक्षा की हकदार हैं।

    मर्जी से सेस्क वर्कर बनना अवैध नहीं, वेश्यालय चलाना गैरकानूनी, बच्चे को नहीं कर सकते अलग

    बेंच ने अपने निर्देशों में कहा है कि कहा, अगर पुलिस को किसी वजह से उनके (सेक्स वर्कर्स) घर पर छापेमारी करनी भी पड़ती है तो उन्हें गिरफ्तार अथवा परेशान न करे। न्यायालय के अनुसार अपनी मर्जी से प्रॉस्टीट्यूट बनना अवैध नहीं है, वेश्यालय का संचालन गैरकानूनी है। शीर्ष न्यायालय ने सेक्स वर्कर्स से उससे बच्चे को अलग करने को भी गलत बताया है। न्यायालय के अऩुसार कोई महिला सेक्स वर्कर है, सिर्फ इसलिए उसके बच्चे को मां से अलग नहीं किया जा सकता। यदि बच्चा वेश्यालय अथवा सेक्स वर्कर के साथ रहता है तो इससे यह साबित नहीं होता कि वह बच्चा तस्करी कर लाया गया है।

    यौन अपराध होने पर तत्काल मिले सभी सहायता, पुलिस बने संवेदनशील

    न्यायालय ने पुलिस के लिए एक आदर्श निर्देशिका भी जारी की है। इसके अनुसार यदि सेक्स वर्कर के साथ कोई अपराध होता है तो तुरंत उसे मदद उपलब्ध कराई जाए। उसके साथ यौन उत्पीड़न होने की स्थिति में उसे कानूनी सहायता के साथ ही तुरंत मेडिकल सहायता सहित अन्य सभी सुविधाएं मिलनी चाहिए जो किसी भी यौन पीड़ित महिला को मिलती हैं। न्यायालय ने कहा है कि कई मामलों में यह देखने में आया है कि कि पुलिस सेक्स वर्कर्स के प्रति क्रूर और हिंसक रवैया अपनाती है। ऐसे में पुलिस और संबंधित एजेंसियों को सेक्स वर्कर के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना जरूरी है।

    न्यायालय के मुताबिक पुलिस को प्रॉस्टिट्यूट के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए। उनके साथ मौखिक या शारीरिक रूप से बुरा व्यवहार नहीं होना चाहिए। कोई भी व्यक्ति सेक्स वर्कर को यौन गतिविधि के लिए मजबूर नहीं कर सकता है।

    प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से मीडिया के लिए गाइडलाइन बनाने को कहा

    शीर्ष न्यायालय ने मीडिया को भी संवेदनशीलता के साथ पेश आने की बात कही है। न्यायालय ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया अपील की है कि सेक्स वर्कर्स से जुड़े मामले के कवरेज के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इसमें गिरफ्तारी, छापे या किसी अन्य अभियान के दौरान सेक्स वर्कर्स की पहचान उजागर नहीं होना जैसी व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।

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    Thu, 26 May 2022 18:54:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
    टैक्सपेयर्स को अब वर्ष 2022&23 के लिए ITR में देनी होगी अतिरिक्त जानकारी, आप भी जानिए आयकर विभाग ने क्या किए नए प्रावधान https://acntimes.com/Taxpayers-will-now-have-to-give-additional-information-in-ITR-for-the-year-2022-23 https://acntimes.com/Taxpayers-will-now-have-to-give-additional-information-in-ITR-for-the-year-2022-23 एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आयकर विभाग द्वारा आकलन वर्ष 2022-23 के लिए नए आईटीआर (आयकर रिटर्न) फॉर्म जारी किए गए हैं। इसमें वित्त वर्ष 2021-22 से संबंधित जानकारी देना होगी। आयकर दाताओं को इस साल से आईटीआर फॉर्म में कुछ अतिरिक्त जानकारी देनी होंगी।

    आयकर विभाग द्वारा जारी फॉर्म आईटीआर-1 से लेकर आईटीआर-6 तक सभी फॉर्म पिछले साल की ही तरह हैं। इनमें बड़ा बदलाव नहीं किया गया है किंतु कुछ अतिरिक्त जानकारी का प्रावधान जरूर किया गया है। अब आईटीआर सूचनाओं में पेंशन के स्रोत, ईपीएफ खाते से प्राप्त ब्याज, जमीन की खरीद या बिक्री की तारीख और कई अन्य जानकारियां दर्ज करना होंगी। अगर आपको आईटीआर में किए गए इन बदलावों की जानकारी नहीं है तो आपको इन्हें भरने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि आईटीआर फॉर्म भरते समय उपरोक्त बदलावों को जरूर ध्यान में रखें।

    ये अतिरिक्त जानकारियां दर्ज करना होंगी आईटीआईर में

    पेंशन का स्रोत : आईटीआर फॉर्म में पेंशनभोगियों को अब पेंशन का स्रोत भी बताना होगा। यानी कि आपको केंद्र सरकार से पेंशन मिल रही है तो आईटीआर फॉर्म में दिया गया 'पेंशनर्स सीजी' ऑप्शन चुनना होगा। इसी तरह राज्य सरकार के पेंशनभोगियों को 'पेंशनर्स एससी' विकल्प चुनें। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के पेंशनभोगियों के लिए 'पेंशनभोगी PAYU' विकल्प भरना होगा। बाकी पेंशनभोगियों को 'पेंशनर अदर' का चयन करना होगा। इसमें ईपीएफ पेंशन आदि शामिल है।

    भूमि संबंधी : अब आपको आईटीआर में भूमि की खरीदी और बिक्री की तारीख भी दर्ज करना होगी। अगर 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2022 के बीच आपने कोई जमीन खरीदी अथवा बेची है, तो कैपिटल गेन्स के तहत आईटीआर फॉर्म में खरीद या बिक्री की तारीख दर्ज करना होगी। इतना ही नहीं हर साल जमीन अथवा भवन के नवीनीकरण पर होने वाले खर्च का ब्यौरा भी दर्ज करना होगा। यह खर्च लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर पहुंचने के लिए बिक्री मूल्य से घटाना पड़ेगा।

    विदेशी संपत्ति व कमाई : विदेश में संपत्ति होने और उस पर होने वाले लाभांश की जानकारी भी आईटीआर में देना अनिवार्य है। यानी अगर आपके पास विदेश में कोई संपत्ति है या विदेश से किसी संपत्ति पर लाभांश या ब्याज अर्जित किया गया है, तो यह जानकारी आईटीआर-2 और आईटीआर-3 में दर्ज होगी।

    देश के बाहर बेची संपत्ति : यदि कोई टैक्सपेयर देश के बाहर कोई संपत्ति बेचता है, तो उसे नए आईटीआर फॉर्म में इसका ब्यौरा भी देना होगा। आईटीआर में खरीदार का पूरा पता और संपत्ति से संबंधित पूरी जानकारी दर्ज करना होगी।

    ईपीएफ का ब्याज : कई बार कर्मचारी अपने ईपीएफ खाते में सालभर में अतिरिक्त राशि भी जमा कराते हैं। यह राशि 2.50 लाख रुपए तक होने पर अतिरिक्त योगदान पर ब्याज अर्जित होगा। इस पर भी टैक्स चुकाना होगी। इसकी गणना कर जानकारी आईटीआर फॉर्म में दर्ज करना होगी।

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    Thu, 26 May 2022 12:29:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भारत के पहले बहुभाषी माइक्रो&ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo App ने छिंदवाड़ा में खोला पहला लोकल ऑफिस, ऐप के 3 करोड़ डाउनलोड हुए पूरे https://acntimes.com/Indias-first-multilingual-micro-blogging-platform-Koo-App-opened-its-first-local-office-in-Chhindwara https://acntimes.com/Indias-first-multilingual-micro-blogging-platform-Koo-App-opened-its-first-local-office-in-Chhindwara अब तक कर्नाटक स्थित बेंगलुरु मुख्यालय से ही नियंत्रित हो रहा था कू ऐप, 7 हजार विशिष्ट लोग उठा रहे प्लेटफॉर्म का लाभ

    एसीएन टाइम्स @ छिंदवाड़ा । भारत के पहले बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू-ऐप ने देश में अपना दूसरा कार्यालय खोला है। अब तक कर्नाटक स्थित बेंगलुरु मुख्यालय से ही नियंत्रित किए जाने वाले कू-ऐप (Koo App)  के देश में तेजी से बढ़ते दायरे और नए जुड़ते कर्मचारियों के चलते कंपनी ने अब मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में अपने नए कार्यालय का उद्घाटन किया।

    कू ऐप के छिंदवाड़ा में शुरू हुए दूसरे कार्यालय में कू की टीम के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं छिंदवाड़ा सांसद नकुल नाथ।

    मप्र के पहले व देश के दूसरे कार्यालय के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कई दिग्गज शख्सियतों ने शिरकत की। इनमें मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ और छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ शामिल हैं। इस दौरान कू ऐप (Koo App)  के छिंदवाड़ा दफ्तर में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा अन्य कई लोग भी मौजूद रहे। मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा इसकी घोषणा करते हुए स्वदेशी सोशल मीडिया मंच कू ऐप  (Koo App) पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी गई। इसके साथ ही कार्यालय का शुभारंभ किए जाने की कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की गईं।

    आप भी जानिए Koo App (कू ऐप) के बारे में

    Koo App की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी। इसके उद्देश्य भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जाना है। कू ऐप ने भाषा-आधारित माइक्रो-ब्लॉगिंग में नया बदलाव किया है। Koo App फिलहाल हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में उपलब्ध है। Koo App भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है।

    रीयल टाइम कई भाषाओं में अनुवाद कर संदेश भेजने में सक्षम

    मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है। यह यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ करता है। प्लेटफॉर्म 3 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छू चुका है और राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के 7,000 से ज्यादा प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठा रहे हैं।

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    Tue, 24 May 2022 22:17:51 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कॉन्ग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा& ‘राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते करते हैं पेशाब’, हार्दिक पटेल ने पूछा& भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी? हिन्दुओं से इतनी नफरत क्यों? https://acntimes.com/Bad-words-of-Congress-leader-Dogs-urinate-on-the-bricks-of-Ram-temple-Hardik-Patel-asked-What-is-the-enmity-with-Lord-Shri-Ram-Why-hate-Hindus-so-much https://acntimes.com/Bad-words-of-Congress-leader-Dogs-urinate-on-the-bricks-of-Ram-temple-Hardik-Patel-asked-What-is-the-enmity-with-Lord-Shri-Ram-Why-hate-Hindus-so-much एसीएन टाइम्स @ डेस्क । पाटीदार आंदोलन से चमके फायर ब्रांड लीडर हार्दिक पटेल ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। पटेल के अनुसार गुजरात के कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने विवादित बयान दिया है कि- ‘राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं...।‘ इसे लेकर उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि उसे श्री राम मंदिर और हिंदुओं से दुश्मनी क्यों है।

    हार्दिक ने ट्वीट कर कॉन्ग्रेस पर हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि- “मैंने पहले भी कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का काम करती है, हमेशा हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करती है। आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता ने बयान दिया कि- राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..!”

    पटेल ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, कि- “मैं कॉन्ग्रेस और उसके नेताओं से पूछना चाहता हूँ कि आपको भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी है? हिंदुओं से क्यों इतनी नफरत? सदियों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बन रहा है, फिर भी कॉन्ग्रेस के नेता भगवान श्रीराम के खिलाफ अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं।”

    आप भी जानिए, कांग्रेस नेता ने क्या दिया था बयान और क्यों मचा बवाल

    गौरतलब है कि- गुजरात कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने कहा था कि- भाजपा ने राम के नाम पर करोड़ों रुपए इकट्ठा किए। राम के नाम पर जो पैसे इकट्ठा किए गए उसका कोई हिसाब भाजपा वालों ने नहीं दिया। हिसाब तो नहीं दिया लेकिन जब सरकार ने बजट में पैसों का प्रस्ताव रख राम मंदिर बनाया, तब ये राम मंदिर क लिए पैसे इकट्ठा करने निकले। जिस रामशिला को इस देश के लोगों ने खूब श्रद्धा, आस्था और विश्वास के साथ दर्शन-पूजन कर भेजा, गांव में किनारे रखकर ये सोचा कि इससे मंदिर बनेगा। आपने देखा होगा कि उस पर कुत्ते वहां पेशाब करते हुए दिखे। सोलंका का कहना है कि- उस रामशिला की किसी ने भी बिल्कुल चिंती नहीं की। उसका सही मायने में राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया। रामशिला का उपयोग खुद का फायदा लेने के लिए, प्रजा के लय्आम और प्रजा के धर्म के लिए नहीं, बल्कि राजनीति के लिए किया गया।

    बयान पर मचा बवाल तो बदल गए सुर, कहा- भरत ने तो राम मंदिर बनवाया था

    उक्त बयान को लेकर जब हंगामा शुरू हुआ तो कांग्रेस नेता सोलंकी ने यह कहते हुए अपना बचाव किया कि उनका बयान राम के विरोध में नहीं था और न ही हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए ही उन्होंने बयान दिया। उनका नाम तो भरत है और भरत ने तो राम का मंदिर बनवाया था।

    19 मई को हार्दिक ने दिया था कांग्रेस से इस्तीफा, इसके बाद से लगातार कर रहे पार्टी पर हमले

    बता दें कि- गत 19 मई को हार्दिक पटेल ने कांग्रेस के शीर्ष नेता और गुजरात के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कांग्रेस में भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरने का माद्दा नहीं होने, पार्टी के नेताओं के अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं होने, शीर्ष नेतृत्व (राहुल गांधी) के गुजरात आने के दौरान उनके (हार्दिक) सहित अन्य कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होने जैसे आरोप भी लगाए थे।

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    Tue, 24 May 2022 19:57:58 +0530 Niraj Kumar Shukla
    माँ भारती की अभिनव अर्चना, राष्ट्र की प्रदक्षिणा को नागपुर में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने झंडी दिखाकर किया रवाना https://acntimes.com/Abhinav-Archana-of-Mother-Bharati-Pradakshina-of-the-nation-was-flagged-off-by-Chetanya-Kashyap-in-Nagpur https://acntimes.com/Abhinav-Archana-of-Mother-Bharati-Pradakshina-of-the-nation-was-flagged-off-by-Chetanya-Kashyap-in-Nagpur आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर क्रीड़ा भारती ने किया अनूठा आयोजन, देश के 225 स्थानों से निकली युवाओं की टोलियों ने दोपहिया वाहन से तय की 18 हजार किमी की दूरी

    एसीएन टाइम्स @ नागपुर / रतलाम । क्रीड़ा भारती के तत्वावधान में आज़ादी की 75 वी वर्षगाँठ के अवसर पर माँ भारती की अभिनव अर्चना के उद्देश्य से राष्ट्र की प्रदक्षिणा का आयोजन किया गया। देश में ‘एक साथ-एक समय’ हुए इस राष्ट्र की प्रदक्षिणा को नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर, राष्ट्रीय मंत्री हरदास प्रसन्ना, नागपुर महानगर अध्यक्ष शरद सूर्यवंशी, रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी सनी फ्रांसिस, कॉलेज प्राचार्य शारदा नायडू, विद्या भारती नागपुर के अध्यक्ष शैलेन्द्र मानावत सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    क्रीड़ा भारती द्वारा नागपुर के ईश्वर देशमुख फिजिकल एज्युकेशन कॉलेज में आयोजित राष्ट्र की प्रदक्षिणा कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव में ॐ की आकृति बनाकर इस आयोजन के माध्यम से देश के प्रति सम्मान और समर्पण प्रकट किया जाएगा। रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी सनी फ्रांसिस ने भी विचार रखे।

    कार्यक्रम में दो यात्राएं नागपुर से जाम और भंडारा के लिए रवाना हुईं। इनमें 100-100 सदस्य शामिल हुए। यात्रा के प्रारंभ में भारत माता का पूजन कर राष्ट्रगान किया गया। इस मौके पर केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के संदेश का वाचन किया गया। क्रीड़ा भारती प्रतिज्ञा एवं राष्ट्र गीत वंदे मातरम् के गान के पश्चात ठीक 8.56 बजे एक साथ-एक समय पूरे देश भर के करीब 225 स्थानों से युवाओं की दोपहिया वाहन रैली का शुभारंभ हुआ।

    देश में पहली बार आयोजित राष्ट्र प्रदक्षिणा के इस आयोजन में देश के मध्य ओम् की आकृति बनाई गई। राष्ट्र प्रदक्षिणा कर रही युवाओं की टोलियां 18 हजार किलोमीटर का भ्रमण करेंगी। 225 स्थानों से निकली इन टोलियों में 75 युवक-युवति शामिल हुए। इसमें केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय का सहयोग रहा।

    प्रदक्षिणा शुभारंभ के पूर्व क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप, संगठन मंत्री प्रसाद महानकर एवं राष्ट्रीय मंत्री हरदास प्रसन्ना ने रेशमबाग नागपुर स्थित डॉ. हेडगेवार के स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए एवं वरिष्ठों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।

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    Tue, 24 May 2022 12:17:31 +0530 Niraj Kumar Shukla
    WHO ने भारत की 10 लाख ASHA कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित, कहा& ‘ASHA’ यानी ‘HOPE’, पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई https://acntimes.com/WHO-honored-10-lakh-ASHA-workers-of-India-said-ASHA-means-HOPE-PM-Modi-tweeted-and-congratulated https://acntimes.com/WHO-honored-10-lakh-ASHA-workers-of-India-said-ASHA-means-HOPE-PM-Modi-tweeted-and-congratulated वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान, क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के लिए प्रतिबद्धता व शानदार नेतृत्व के लिए ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉ‌र्ड्स का किया ऐलान

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा रविवार को भारत की 10 लाख महिला आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया है। यह सम्मान देश में ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने और कोरोनाकाल में महामारी पर लगाम लगाने के अथक प्रयासों के लिए किया गया। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डा. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसिस ने 'आशा' का हिंदी अऩुवाद करते हुए कहा कि इसका अर्थ होप (Asha) है। इस उपलब्धि पर देश की सभी आशाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के जिनेवा मुख्यालय से प्रेस ट्रस्ट द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसिस ने रविवार को छह पुरस्कारों की घोषणा की गई। ये पुरस्कार वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान, क्षेत्रीय स्वास्थ्य मुद्दों के लिए प्रतिबद्धता और शानदार नेतृत्व के लिए ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉ‌र्ड्स देने का फैसला किया। इसमें भारत की 10 लाख आशा कार्यकर्ताएं भी शामिल हैं। सम्मान समारोह में डॉ. टेड्रोस ने कहा कि 'आशा' का हिंदी अर्थ होप (Asha) है। भारत की अधिक महिला स्वयंसेवकों ने समुदाय को स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये वास्तव में सम्मान की हकदार हैं।

    आशा कार्यकर्ताओं का समर्पण और दृढ़ संकल्प सराहनीय- पीएम मोदी

    आशा कार्यकर्ताओं के सम्मानित होने पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने खुशी जताई है। पीएम ने सोमवार सुबह ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं को डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है, मुझे खुशी है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को बधाई। वे एक स्वस्थ भारत सुनिश्चित करने में सबसे आगे हैं। मोदी ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं का समर्पण और दृढ़ संकल्प सराहनीय है।

    प्रतिकूल समय में पेश की समर्पण और मनवता की मिसाल

    बता दें कि, कोरोना काल में आशा कार्यकर्ताओं का कार्य काफी सराहनीय रहा। इन्होंने बच्चों में होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए टीकाकरण और मातृ देखभाल का तो काम काम किया ही, सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल, तपेदिक के उपचार, पोषण और स्वच्छता के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब दुनिया असमानता, संघर्ष, खाद्य असुरक्षा और कोरोना के संकट से जूझ रही थी तब आशा कार्यकर्ताओं ने समर्पण और मानवता की नि:स्वार्थ सेवा की मिसाल पेश की।

    अफगानिस्तान की टीम को भी मिला सम्मान

    डब्ल्यूएचओ ने अफगानिस्तान के पोलियो टीकाकरण कर्मियों की टीम भी शामिल है। इसी साल फरवरी में देश के तखर और कुंदुज प्रांतों में सशस्त्र बंदूकधारियों ने टीम के कार्यकर्ताओं को मार डाला था। इनमें मोहम्मद जुबैर खलजई, नजीबुल्लाह कोशा, शादाब योसुफी, शरीफुल्लाह हेमती, हसीबा ओमारी, खदीजा अत्ताई, मुनीरा हकीमी, रोबिना योसुफी और उनके भाई शादाब शामिल हैं। इनमें चार महिलाएं थीं जो उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में घर-घर जाकर हजारों बच्चों का टीकाकरण कर रहीं थी।

    गौरतलब है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में शुमार हैं जहां पोलियो के सर्वाधिक मामले पाए जाते हैं। इसलिए इन दोनों देशों के कुछ हिस्सों से इस अपंग वायरस को मिटाने का प्रयास किया जाता रहा है जो आतंकी गतिविधियों के कारण बाधित हुआ। आतंकवादियों का कहना है कि पोलियो रोधी दवाई बांझपन का कारण बनती है। डब्ल्यूएचओ ने हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में वैश्विक स्वास्थ्य और सामाजिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन पार्टनर्स इन हेल्थ के सह-संस्थापक डॉ. पॉल फार्मर को भी सम्मानित किया। उनका इसी साल फरवरी में रवांडा में निधन हो गया था।

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    Mon, 23 May 2022 12:57:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पते की बात : चुनाव, आरक्षण और भोली&भाली जनता... https://acntimes.com/Election-Reservation-and-innocent-people-by-anil-pendase https://acntimes.com/Election-Reservation-and-innocent-people-by-anil-pendase अनिल पेंडसे

    मध्य प्रदेश में होने वाले निकाय / पंचायत चुनाव होने के समाचार से सभी समाचार-पत्र भरे पड़े हैं। सोशल मीडिया पर लंबी-लंबी बहस देखी जा रही है। अगर SC (सुप्रीम कोर्ट) ने ये कहा है तो नये आरक्षण के नियमों के अनुसार अब क्या होगा? क्या सभी वार्डों में पुनः आरक्षण होगा? क्या केवल General (सामान्य) वार्डों में ही आरक्षण की प्रक्रिया फिर से दोहराई जाएगी? क्या केवल पुरुषों वाले वार्ड में प्रक्रिया होगी या महिला वाले वार्ड में भी? ऐसे तमाम प्रश्न सामने आ रहे हैं। अभी भी वार्ड के आरक्षण की स्थिति न प्रत्याशियों को स्पष्ट है, ना जनता को।


     
    आपने देखा होगा जब भी किसी भी दल के नेता कोई राजनैतिक चुनावी भाषण देते हैं तो जनता से ‘भारत माता की जय’ का नारा लगवाते हैं। मंच से जोरदार आवाज में ‘हम सब एक हैं’ बुलवाते हैं। पर वास्तविकता में जब चुनाव होते हैं तो खुले आम कहते हैं कि- ‘नहीं तुम सभी एक नहीं हो, कुछ SC (अनुसूचित जाति) हैं, कुछ ST (अनुसूचित जनजाति) हैं, कुछ OBC (अन्य पिछड़ा वार्ग) और General (सामान्य) हैं। खुले आम दोगलापन जारी है।

    एक दल कहता है कि हम xx% आरक्षण देंगे तत्काल दूसरा दल कहता है कि हम उनसे अधिक xxx% देंगे। लेकिन कोई भी नेता, किसी भी दल का, यह नहीं कहता कि सारे भारतवासी एक हैं। हम भारत माता के सभी पुत्रों को जाति का आधार बनाकर आपस में लड़वाया जा रहा है। दुःख तो इस बात का है कि जिस न्यायालय से न्याय की अपेक्षा हो वह भी स्वतः संज्ञान न लेकर इसी प्रक्रिया में ही इधर-उधर करता दिख रहा है। 
    आप सोचिये, जो व्यक्ति 15 अगस्त 1947 को पैदा हुआ था वह अब 75 वर्ष का हो चुका है। उसका संपूर्ण जीवन इस जातिगत आरक्षण की भेंट चढ़ गया। आठ दशकों से यही चल रहा है। क्या अब भी इस भारत में जातिगत आरक्षण की कोई आवश्यकता रह गई है? 

    (क्या वाकई ऐसा संभव है...?)

      हमें आपस में अपने मोहल्ले में, अपने वार्ड में, अपने पड़ोसियों में जातिगत आधार पर बांटा जा रहा है। क्या ऐसे चुनाव से देश का भला हो सकता है? ऐसे में समझदार व्यक्ति की स्थिति उस अर्जुन के समान हो गई है जिसके सामने युद्ध के मैदान में उसके अपने लोग खड़े हैं, लेकिन उसे उपदेश देने कोई श्रीकृष्ण नहीं दिख रहा। कुछ राजनैतिक दलों का काम तो लोगों को जानबूझकर बाँटना ही है। जैसे भी हो जनता को एक मत होने दो।

    वहीँ कुछ राजनैतिक दल न चाहते हुए भी अन्य दलों के मकड़जाल में उलझे दिखाई देते हैं। ऐसे में जनता अत्यंत भ्रमित अवस्था में आ गई है। इस बात पर चुनाव आयोग में बहस चल रही है कि अगर चुनाव में NOTA को प्राप्त संख्या जीतने वाले प्रत्याशी से ज्यादा हो तो इसका क्या अर्थ निकाला जाए। कोई भी दल ये नहीं कह रहा कि चुनाव जातिगत आरक्षण से मुक्त हो। 

    मध्य प्रदेश की कथा प्रेमी, भजन संध्या प्रेमी, भंडारा प्रेमी जनता जब तक इन राजनेताओं को धार्मिक मंच पर स्वीकार करती रहेगी, तब तक कोई विशेष परिवर्तन जैसी बात नहीं हो सकती है। इसीलिए कोई भी नेता हमें ‘विज्ञान संध्या’ का आयोजन करता दिखाई नहीं देता। चुनाव जीतना कोई सेवा न होकर Simple Mathematics (सामान्य गणित) बन गया है जिसमें जीतना जरुरी ना होकर सामने वाले प्रत्याशी के वोट कैसे काटे जा सकते हैं इसकी प्रतियोगिता मात्र बन कर रह गया है। आइये, हम सभी मिलकर इस भारत को बाँट दें, यही ध्येय रह गया है।

    जातिगत जनगणना के सर्वे पर करोड़ों रुपए लगाए जा रहे हैं। योग्यता को पैरों तले कुचल कर नया भारत बनाने चले हैं। फिर भी देखते हैं, आने वाले चुनावों में general category (सामान्य श्रेणी) जनता क्या गुल खिलाती है। यह देखकर बड़े-बड़े पूर्वानुमान के दावे करने वाले आकलनकर्ता अपनी ऊँगली स्वयं ही अपने दातों तले दबाते दिखाई दे सकते हैं।

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    लेखक अनिल पेंडसे विचारक हैं।
    मो. नं. +91 9425103895

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    Sun, 22 May 2022 13:39:22 +0530 Niraj Kumar Shukla
    संस्कृति मंत्रालय मनाएगा राजा राम मोहन राय का 250वां जयंती महोत्सव, 22 मई 2023 तक होंगे विभिन्न आयोजन, प्रतिमा अनावरण आज कोलकाता में https://acntimes.com/Ministry-of-Culture-will-celebrate-the-250th-birth-anniversary-festival-of-Raja-Ram-Mohan-Roy-various-events-will-be-held-till-22-May-2023 https://acntimes.com/Ministry-of-Culture-will-celebrate-the-250th-birth-anniversary-festival-of-Raja-Ram-Mohan-Roy-various-events-will-be-held-till-22-May-2023 एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली ।  ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के क्रम में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय 22 मई, 2022 से 22  मई, 2023 तक राजा राम मोहन राय की 250वीं जयंती मनाएगा। महोत्सव का उद्घाटन समारोह 22 मई को कोलकाता स्थित राजा राम मोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान, सॉल्ट लेक और विज्ञान नगरी प्रेक्षागृह मनेगा। इस दौरान संस्कृति, पर्यटन और उत्तरी पूर्वी क्षेत्र मंत्री जी. किशन रेड्डी राजा राम मोहन राय की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनकड़ विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

    संस्कृति विभाग के अनुसार संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी सुबह 11 बजे राजा राम मोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान, कोलकाता में वर्चुअल माध्यम से राजा राम मोहन राय की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके साथ ही कोलकाता में ही सॉल्ट लेक, विज्ञान नगरी प्रेक्षागृह में कई अन्य कार्यक्रम भी होंगे। इस मौके पर बच्चों के लिए संगोष्ठी और क्विज का भी आयोजन किया जायेगा। राजा राम मोहन राय के जीवन के विभिन्न पक्षों पर एक मल्टी-मीडिया प्रस्तुतिकरण भी होगा।

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    Sun, 22 May 2022 03:43:02 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पेट्रोल व डीज़ल पर उत्पाद शुल्क घटाने तथा गैस सिलेंडर पर 200 रुपए सब्सिडी देने के लिए पीएम मोदी का जताया आभार https://acntimes.com/Union-Home-Minister-Amit-Shah-thanked-PM-Modi-for-reducing-excise-duty-on-petrol-and-diesel-and-giving-subsidy-of-Rs-200-on-gas-cylinders https://acntimes.com/Union-Home-Minister-Amit-Shah-thanked-PM-Modi-for-reducing-excise-duty-on-petrol-and-diesel-and-giving-subsidy-of-Rs-200-on-gas-cylinders एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क घटाने तथा गैस सिलेंडर पर 200 रुपए सब्सिडी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार ज्ञापित किया है। शाह ने ट्वीट कर इसे आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया है। उनका मानना है कि इससे उत्पादों के दामों में कमी आएगी।

    केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह के अऩुसार “इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति में भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर excise duty घटाकर व गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी देकर आम जनता को बहुत बड़ी राहत दी है। अन्य क्षेत्रों के लिए भी कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे उत्पादों के दाम में कमी आएगी

    मंत्री शाह ने कहा कि “मोदी जी देश के हर वर्ग की चिंता करने वाले एक संवेदनशील नेता हैं। इसलिए पिछले 8 सालों से देश के गरीबकिसान और आम जनता के हितों की चिंता हमेशा से मोदी सरकार के निर्णयों के केंद्र में रही है। इस जन-हितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति भी आभार व्यक्त करता हूँ 

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    Sun, 22 May 2022 03:08:41 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केंद्र ने पेट्रोलियम पदार्थ पर घटाई एक्साइज ड्यूटी, पेट्रोल 9.50 रुपए व डीजल 7 रुपए लीटर सस्ता, उज्ज्वला योजना के सिलेंडर पर 200 रुपए सब्सिडी मिलेगी   https://acntimes.com/Petrol-is-cheaper-by-Rs-9-and-diesel-by-Rs-7-a-liter-Ujjwalas-cylinder-will-get-a-subsidy-of-Rs-200 https://acntimes.com/Petrol-is-cheaper-by-Rs-9-and-diesel-by-Rs-7-a-liter-Ujjwalas-cylinder-will-get-a-subsidy-of-Rs-200 केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान, पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताई जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, नई कीमतें रात 12 बजे से लागू

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । पेट्रोल और डीजल की कीमतों से आहत देशवासियों को थोड़ी राहत मिली है। केंद्र ने पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। इससे दोनों ही प्रकार के ईंधन में क्रमशः 9.50 रुपए और 7 रुपए की कमी आई है। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के गैस सिलेंडर पर भी 200 रुपए सब्सिडी देने का ऐलान किया गया है। पेट्रोल और डीजल की नई दरें देर रात 12 बजे से प्रभावशील हो गई हैं।

    केंद्रीय वित्त मंत्री ने शनिवार को एक्साइज ड्यूटी में कटौती करने सहित अन्य निर्णयों की जानकारी दी। अभी सरकार द्वारा पेट्रोल पर 27.90 और डीजल पर 21.80 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जा रही थी। शनिवार को की गई कटौती के बाद पेट्रोल पर 19.90 और डीजल पर 15.80 रुपए एक्साइज ड्यूटी रह गई है। इसे पूरे देश में पेट्रोल साढ़े 9 रुपए और डीजल 7 रुपए प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है। इससे अब दिल्ली में पेट्रोल 105.41 रु. के बजाय 95.91 रुपए तथा डीजल 96.67 रु. के स्थान पर 89.67 रु. प्रति लीटर हो गया है। उधर, केरल सरकार ने भी 2.41 रुपए पेट्रोल पर और 1.36 रुपए डीजल पर प्रति लीटर स्टेट टैक्स कम किया है।

    9 करोड़ परिवारों को मिलेगा गैस सब्सिडी का लाभ

    प्रत्येक परिवार को साल में 12 सिलेंडर मिलेंगे। इससे 9 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे। इसके अलावा प्लास्टिक प्रोडक्ट्स के कच्चे माल पर भी एक्साइज ड्यूटी कम की जा रही है। प्लास्टिक के मामले में आयात पर हमारी निर्भरता अधिक है। इसके अलावा कुछ स्टील प्रोडक्ट्स के कच्चे माल पर भी आयात कर में कमी की गई है। कुछ स्टील प्रोडक्ट्स पर निर्यात कर लागू रहेगा। सीमेंट की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयस भी सरकार कर रही है। बेहतर लॉजिस्टिक्स से सीमेंट के दाम भी कम होंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी ने किया ट्वीट, कहा- लोग हमारे लिए पहले

    एक्सजाइड ड्यूटी घटाने की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ट्वीट किया। इसमें बताया कि- हमारे लिए हमेशा ही लोग पहले होते हैं! आज के फैसले, विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उल्लेखनीय कमी से विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेंगे। यह हमारे नागरिकों को राहत प्रदान करेंगे और 'जीवन की सुगमता' को आगे बढ़ाएंगे। पीएम ने कहा कि उज्ज्वला योजना ने करोड़ों भारतीयों, खासकर महिलाओं की मदद की है। उज्ज्वला के लिए सब्सिडी देने से लाभार्थियों के बजट में काफी आसानी होगी।

    जानिए, क्या है पेट्रोल और डीजल की कीमत का गणित

    शुल्क का प्रकार

    पेट्रोल व लीटर

    डीजल व लीटर

    बेस प्राइस

    56.35 रुपए

    57.94 रुपए

    भाड़ा

    0.20 रुपए

    0.22 रुपए

    एक्साइज ड्यूटी

    27.90 रुपए

    21.80 रुपए

    डीलर कमीशन

    3.85 रुपए

    2.69 रुपए

    वैट

    17.13 रुपए

    14.12 रुपए

    कुल कीमत

    105.41 रुपए

    96.67 रुपए

    पिछले साल भी घटाई थी एक्साइज ड्यूटी

    बता दें के पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों को पेट्रोल व डीजल पर टैक्स घटाने का सुझाव दिया था। केरल सरकार द्वारा लिया निर्णय इसी दिशा में उठाया गया कदम है। महाराष्ट्र, प. बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, केरल और झारखंड ने सिर्फ वैट से ही 11 हजार 945 करोड़ रुपए राजस्व अर्जित किया। केंद्र सरकार शनिवार से पहले गत 3 नवंबर को पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए एक्साइज ड्यूटी घटाई थी।

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    Sun, 22 May 2022 02:48:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल की छात्राओं में खूब चले लात&घूंसे और लठ्ठ, लड़ाई सोशल मीडिया में हो गई वायरल, देखें वीडियो... https://acntimes.com/The-girls-of-Bishop-Cotton-Girls-School-got-kicked-punched-and-lathed-the-fight-went-viral-on-social-media https://acntimes.com/The-girls-of-Bishop-Cotton-Girls-School-got-kicked-punched-and-lathed-the-fight-went-viral-on-social-media एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आपने अखाड़े में मल्लयुद्ध तो खूब देखा होगा लेकिन इस तरह स्कूली छात्राओं के बीच लात-घूंसे और लट्ठ चलते हुए शायद ही देखा हो। यह नजारा हैसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बेंगलुरू के एक वीडियो का जिसमें स्कूली छात्राएं एक दूसरे पर ऐसे लात-घूंसे बरसा रही हैं जैसे कोई गैंगवार हो।

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। यह वीडियो बेंगलुरू की छात्राओं के दो समूह के विवाद का बताया जा रहा है। वीडियों में छात्राएं यूनिफॉर्म में नजर आ रही हैं। कोई छात्रा लठ्ठ से हमला कर रही है तो कोई लात-घूसों और थप्पड़ों की बारिश कर रही है। एक छात्रा ने तो एक को सीढ़ियों से धक्का ही दे दिया। वहीं कुछ छात्राएं दूसरी छात्रा के बाल खींचती दिखी। मारपीट के दौरान घटना स्थल पर स्कूली छात्र भी नजर आ रहे हैं।

    प्रबंधन ने नहीं दिखाई विवाद रोकने में रुचि न ही अधिकृत बयान ही आया

    अभी तक विवाद की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। वह क्या कारण रहा जिसके छात्राएं इस तरह एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू हो गईं। बताया जा रहा है कि मल्लयुद्ध करने वाली ये छात्राएं बेंगलुरू के फेमस बिशप कॉटन गर्ल्स स्कूल की छात्राएं हैं। हालांकि अभी तक स्कूल की ओर से कोई अधिकृत बयान जारी हीं किया गया है और न ही प्रबंधन ने विवाद रोकने में ही कोई भूमिका निभाई।

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    Wed, 18 May 2022 17:27:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मप्र&छग मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन की 40वीं सिल्वर जुबली कॉन्फ्रेंस संपन्न, संजय सिंह पुनः अध्यक्ष व रतलाम के अश्विन उपाध्यक्ष बने   https://acntimes.com/40th-Silver-Jubilee-Conference-of-MP-CG-Medical-and-Sales-Representative-Union-concluded-in-Rajpur https://acntimes.com/40th-Silver-Jubilee-Conference-of-MP-CG-Medical-and-Sales-Representative-Union-concluded-in-Rajpur छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ सम्मेलन, रतलाम के अश्विन शर्मा को मिली उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी 

    एसीएन टाइम्स @ रायपुर । मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन का 40वां और एमपीएमएसआरयू का सिल्वर जुबली कॉन्फ्रेंस रायपुर के पंजाब केसरी भवन में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि सीटू के राष्ट्रीय सचिव ज्ञानशंकर मजूमदार के थे। इस दौरान दो वर्षीय नई कार्यकारिणी का चुनाव भी हुआ। इसमें संजय सिंह तोमर पुनः अध्यक्ष चुने गए।

    मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के सम्मेलन में अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद रायपुर सम्मेलन को सफल बनाने हेतु रिसेप्शन कमेटी के सान्निध्य के साथ ओपन सेशन के उपरांत बिजनेस सेशन प्रारंभ हुआ। इसके बाद अध्यक्ष संजय सिंह तोमर ने अध्यक्षीय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। 182 प्रतिनिधियों के समक्ष महासचिव शैलेन्द्र शर्मा और कोषाध्यक्ष अनुराग शर्मा अपना ने भी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें 21 इकाइयों के 52 प्रतिनिधियोंने ने सचिव एवं कोषाध्यक्ष के प्रतिवेदन पर विचार-विमर्श किया। महासचिव एवं कोषाध्यक्ष शर्मा ने पूछे गए सवालों के जवाब दिए। प्रस्तावों और प्रतिवेदन को ध्वनि मत से पारित किया गया।

    दो वर्षीय नई कार्यकारिणी का हुआ निर्वाचन

    अध्यक्ष तोमर ने पुरानी कार्यकारणी भंग करने का ऐलान किया। महासचिव शैलेंद्र शर्मा ने नई कार्यकारणी का प्रस्ताव रखा। इसका समर्थन संयुक्त महासचिव सौरव मिश्रा ने निर्वाचन अधिकारी अनिंदो मुखर्जी, सलिल शुक्ला एवं विक्रम सिंह चौहान के समक्ष किया। कार्यकारिणी के मनोनयन को सम्मेलन ने ध्वनिमत पारित कर किया।   

    ये बने पदाधिकारी

    नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष संजय सिंह तोमर, उपाध्यक्ष अश्विनी शर्मा, अंजना दीक्षित, सचिन तलरेजा, आशीष जैन, महासचिव शैलेन्द्र शर्मा, संयुक्त महासचिव देवरूप बिस्वास, सौरव मिश्रा, सचिव संदीप चतुर्वेदी, वीरेंद्र सिंह रावल, राजीव त्यागराजन, अनुपम उपाध्याय, प्रकाश नारायण सिंह एवं कोषाध्यक्ष अनुराग सक्सेना निर्वाचित घोषित किए गए।

    इन्हें कार्यकारणी में मिला स्थान

    अर्जुन तिवारी, जितेंद्र मिश्रा (सतना), वीरेश पांडेय, अबेहयात खान (रीवा), मनोज तिवारी (कटनी), ओपी नामदेव (छतरपुर), राजेश ओझा (जबलपुर), रूपेश बिसेन, (बालाघाट), पंकज साहू (बैतूल), तुहीन चक्रवर्ती, अरिंदम चक्रवर्ती (दुर्ग),  रीतेश तिवारी, अमित रॉय, रोशन कुमार (बिलासपुर), रघुनाथ प्रधान (अम्बिकापुर), विभाष पैदून्दी, प्रदीप मिश्रा (रायपुर), खगेश पटेल (रायगढ़), संदीप भाटिया (भोपाल), अभिषेक पाठक (ग्वालियर), संजय वर्मा (गुना), कपिलकान्त जैन (दमोह), मनीष ठक्कर (इंदौर), हरीश सोनी, (रतलाम), उपेंद्र रॉय (मंदसौर), संजय राठौर (उज्जैन)।

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    Wed, 18 May 2022 15:41:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कांग्रेस को बड़ा झटका : देश व समाज हित के विपरीत काम कर रही कांग्रेस, सिर्फ विरोध की राजनीति तक सीमित, इसलिए दे रहा हूं इस्तीफा& हार्दिक पटेल https://acntimes.com/Hardik-Patel-resigns-from-the-primary-membership-of-Congress-making-serious-allegations-against-the-top-leadership https://acntimes.com/Hardik-Patel-resigns-from-the-primary-membership-of-Congress-making-serious-allegations-against-the-top-leadership हार्दिक तीन पर्ष पूर्व जुड़े थे कांग्रेस से, गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले इस्तीफा देकर दिया बड़ा झटका

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । फायर ब्रांड नेता बनकर उभरे हार्दिक पटेल ने गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस्तीफा देकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। तीन वर्ष पूर्व कांग्रेस में शामिल हुए हार्दिक ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जनता द्वारा नकारे जाने की वजह नेतृत्व द्वारा जनता और कार्यकर्ताओं की समस्यें सुनने के बजाय मोबाइल और अन्य चीजों पर ज्यादा ध्यान देना बताया है। वे जनता के समक्ष बेसिक रोडमैप तक प्रस्तुत नहीं कर सके। उनका कहना है कि देश जब संकट में था तब हमारे नेता विदेश में थे।

    हार्दिक पटेल ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपने इस्तीफे की पुष्टि अपने ट्विटर हैंडल से की। उन्होंने इस्तीफे की जानकारी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को हिंदी और अंग्रेजी में लिखे पत्र भी संलग्न किए हैं। इसमें उन्होंने बताया कि एक राष्ट्रीय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से जनता और उसके कार्यकर्ताओं की क्या अपेक्षा है और दोनों की नेतृत्व द्वारा किस तरह उपेक्षा की जा रही है। पटेल ने गुजरात के पार्टी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात के बड़े नेताओं को जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं, उन्हें तो सिर्फ यह चिंता रहती है कि दिल्ली से आए उनके नेता को चिकन सैंडविच मिला या नहीं।

    कांग्रेस में युवाओं के प्रति द्वेश की भावना

    हार्दिक ने अफसोस जताते हुए कहा है कि कांग्रेस को गुजरात के लोगों के लिए कुछ भी नहीं करना चाहती है। वे राज्य के लिए कुछ करना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उनका तिरस्कार ही किया है। पटेल के अनुसार उन्हें नहीं पता था कि कांग्रेस युवाओं के प्रति इस तरह की द्वेश भावना रखती है। हार्दिक ने गुजरात कांग्रेस के नेताओं पर उनका करियर खराब करने का आरोप भी लगाया है। कांग्रेस से स्तीफा देने के बाद गुजरात के लिए स्वतंत्र होकर कुछ अच्छा कर पाएंगे।

    गुजरात में कांग्रेस के लिए हो सकता है बड़ा नुकसान

    हार्दिक पटेल का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है जब गुजरात में विधानसभा चुनाव होना हैं। उनके इस कदम को कांग्रेस के लिए गुजरात में बड़ा झटका और नुकसानदेह माना जा रहा है। पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में हुए चुनावों में कांग्रेस की करारी हार ने पहले ही पार्टी को हासिये पर ला दिया है, ऐसे में नई ऊर्जा के साथ जुड़े युवाओं का इस तरह दूर जाना पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है। 

    12 मार्च 2019 को बने थे कांग्रेस के सदस्य

    बता दें कि, हार्दिक 2019 में हुए लोकसभा चुनाव से पहले 12 मार्च 2019 को कांग्रेस की सदस्यता ली थी। उन्हें 19 महीने में ही गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया दिया गया। हार्दिक ने पार्टी हाईकमान के समक्ष कई बार अपनी मांगें उठाईं।

    हार्दिक पटेल द्वारा सोनिया गांधी को लिखे गए हिंदी और अंग्रेजी में पत्र

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    Wed, 18 May 2022 12:09:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    क्रीड़ा भारती 22 मई को करेगी राष्ट्र प्रदक्षिणा, 18 हजार से अधिक युवा दोपहिया वाहन 225 स्थानों से एक साथ शुरू करेंगे प्रदक्षिणा, 'ऊॅं' की आकृति भी बनाएंगे https://acntimes.com/Krida-Bharati-will-do-nation-circumambulation-on-22-May-more-than-18-thousand-youth-two-wheelers-will-start-simultaneously-from-225-places https://acntimes.com/Krida-Bharati-will-do-nation-circumambulation-on-22-May-more-than-18-thousand-youth-two-wheelers-will-start-simultaneously-from-225-places राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने बताई रूपरेखा, सुबह 8.56 बजे देशभर एकसाथ शुरू होगी दोपहिया वाहन रैली, पहली बार होगा ऐसा अनूठा आयोजन

    एसीएन टाइम्स  रतलाम । क्रीड़ा भारती 22 मई को देशभर में ‘एक साथ-एक ही समय’ सुबह 8.56 बजे पर राष्ट्र की प्रदक्षिणा करेगी। देशभर के 225 स्थान से वाहन रैली निकाली जाएगी। वहीं, देश के मध्य में ऊॅं की आकृति बनाई जाएगी। ऐसा आयोजन देश में पहली बार हो रहा है।
    क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने बताया कि क्रीड़ा भारती का देश के 27 प्रांतों के 450 जिलों में फैलाव है। हर बच्चा खेल से जुड़े, निरोगी रहे, साथ ही बच्चों में संस्कार का निर्माण करना क्रीड़ा भारती का काम है। इस साल स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में दो आयोजन किए है। जनवरी में 75 करोड़ सूर्य नमस्कार किए गए थे, इसमें करीब 125 सूर्य नमस्कार का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना था। इसी कड़ी में अब अलग स्वरूप में राष्ट्र की प्रदक्षिणा की जा रही है।

    देशभर के 225 स्थानों से इसकी शुरुआत होगी। यह यात्रा 18 हजार किमी घूमेगी, जिसमें करीब 18 हजार सहभागी रहेंगे। तय मार्ग पर 75-75 किमी के अंतर में यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई है। यात्रा के प्रारंभ में भारत माता का पूजन कर जन गण मन का गान होगा। प्रमुख अतिथियों के उद्बोधन के पश्चात केन्द्रीय पदाधिकारियों के संदेश वाचन होंगे। क्रीड़ा भारती प्रतिज्ञा एवं वंदे मातरम् गान के पश्चात 8.56 पर यात्रा प्रारंभ होगी।

    राष्ट्र प्रदक्षिणा में यह रहेगा खास
    - ‘एक ही दिन, एक ही समय’ पूरे देश भर लगभग 225 स्थान से युवाओं की दुपहिया वाहन रैली का प्रारंभ ।
    - प्रत्येक जत्थें में कम से कम 75 युवक-युवती ।
    - प्रत्येक जत्थें 75 किमी अंतर चले और एक अखंड श्रृंखला बने।
    - सिर्फ 3 घंटे में पूरे देश के अधिकतम गांव, शहर तक खेल के माध्यम से राष्ट्र के प्रति उद्बोधन होगा।
    - दुपहिया वाहन जत्थे के साथ सबसे आगे राष्ट्र ध्वज, भारत माता की प्रतिमा तथा अपने अपने स्थान से क्रांतिकारियों की जीवनी का चित्र रहेंगे।
    - दुपहिया वाहन चालक क्रीड़ा-भारती गणवेश में रहेंगे।
    - स्थानीय खिलाड़ी, प्रशिक्षक, क्रीड़ा प्रेमी नागरिक आदि को दुपहिया वाहन लेकर रैली में सम्मिलित होने का आग्रह करना है।
    - स्थानीय क्रीड़ा संगठन, प्रशिक्षण संस्था भी सम्मिलित हो।
    - सभी 225 स्थान पर यात्रा एक ही समय 8.56 मिनिट पर प्रारंभ होगी।
    - आयोजन में सिर्फ राष्ट्रभक्ति के नारे लगेंगे।
    - 75 अर्जुन अवार्डी भी इस आयोजन में शामिल होंगे।

    उपलब्धियां
    - संगठित रूप में, एक ही दिन-एक ही समय संपूर्ण राष्ट्र की प्रदक्षिणा करने की अनुभूति (आज तक का एकमात्र अनूठा उपक्रम)
    - युवा कार्यकर्ता की टीम और उनमें नया विश्वास निर्माण करने वाला साहसपूर्ण अनुशासित उपक्रम
    - संपूर्ण देश में 3 घंटे क्रीड़ा-भारती का वातावरण
    - सिर्फ 3 घंटे में पूरे देश के अधिकतम गांव, शहर तक खेल के माध्यम से राष्ट्र के प्रति उद्बोधन।
    - अधिकतम खिलाड़ी, प्रशिक्षक को जोड़ने का प्रयास
    - अधिकतम नागरिक खेल के प्रति आकर्षित हो
    - आनंद के लिए खेल संकल्पना से राष्ट्र निर्माण।

    22 को नागपुर में रहेंगे राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप, वर्ल्ड रिकॉर्ड की भी तैयारी
    क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चेतन्य काश्यप 22 मई को नागपुर से निकलने वाली रैली में शामिल होंगे। गुरुवार को मीडिया से चर्चा में काश्यप ने बताया सभी कार्यकर्ता अंतिम तैयारी के साथ उत्साह से लगे हुए है। यह अभिनव प्रयास है। वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भी दावेदारी होगी। मीडिया से चर्चा के दौरान मध्य भारत प्रांत के कार्यकारिणी सदस्य अशोक जैन लाला, क्रीड़ा भारती रतलाम अध्यक्ष गोपाल मजावदिया, सचिव अनुज शर्मा, क्रीड़ा भारती सदस्य व खेल चेतना मेला सचिव मुकेश जैन भी मौजूद थे।
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    Thu, 12 May 2022 19:07:45 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कवि प्रदीप जी के नाम से वायरल हो रहा वीडियो भ्रामक, कवि प्रदीप फाउंडेशन ने जताई नाराजगी, सुपुत्री मितुल प्रदीप ने की प्रचारित&प्रसारित नहीं करने की अपील https://acntimes.com/The-video-going-viral-in-the-name-of-Kavi-Pradeep-is-misleading-Kavi-Pradeep-Foundation-expressed-displeasure https://acntimes.com/The-video-going-viral-in-the-name-of-Kavi-Pradeep-is-misleading-Kavi-Pradeep-Foundation-expressed-displeasure एसीएन टाइम्स @ रतलाम । 'ऐ मेरे वतन के लोंगो...' तमाम राष्ट्रभक्ति की गीत लिखने वाले ख्यात कवि एवं गीतकार प्रदीप जी के नाम से एक वीडियो वायरल हो रहा है। तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियों की सत्यता पर सवाल उठ रहे हैं। यह सवाल खुद कवि प्रदीप फाउंडेशन ने उठाया है। फाउंडेशन ने इसे भ्रामक वीडियो बताते हुए इसे प्रचारित और प्रसारित नहीं करने की अपील की है। 

    कवि प्रदीप फाउण्डेशन की अध्यक्ष एवं कवि प्रदीप जी की सुपुत्री मितुल प्रदीप ने कवि प्रदीप के नाम से वायरल हो रहे वीडियो को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। कवि पं. प्रदीप जी के पारिवारिक सदस्य नीतेश जोशी ने बताया कि सोशल नेटवर्क साइट पर एक वीडियो हमारे सम्मानीय कवि प्रदीप जी के नाम से चल रहा है। यह गलत है।

    जोशी के अऩुसार वीडियो में जो व्यक्ति है वह कवि प्रदीप जी नही हैं। कवि प्रदीप जी के नाम से जो जानकारी प्रसारित हो रही है, वह भी उनकी विचारधारा से मेल नहीं खाती। इस वीडियो के संदर्भ मे कवि प्रदीप फाउण्डेशन की मितुल प्रदीप, डॉ. जयकिरण शोध संस्थान के प्रमोद त्रिवेदी, डॉ. दिनेश जोशी, वरिष्ठ पत्रकार  शरद जोशी (रतलाम), नीतेश जोशी आदि ने उक्त भ्रामक वीडियो को प्रचारित और प्रसारित नहीं करने की अपील जनसामान्य से की।

    वीडियो में नजर आ रहे सज्जन कवि प्रदीप नहीं हैं- जोशी

    बता दें, कि कवि प्रदीप जी का जुड़ाव रतलाम से रहा है और उनके परिवारजन आज भी यहां निवास करते हैं। पारिवारिक सदस्य एवं वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी के अनुसार कवि प्रदीप जी का नाम देश ही नहीं पूरे विश्व में पूरे सम्मान के साथ लिया जाता है। उनके नाम से वायरल हो रहे वीडियो से कवि प्रदीप जी को चाहने वालों को ठेस पहुंची है। यह कृत्य घोर निंदनीय है। वायरल वीडियो में नजर आ रहे सज्जन कवि प्रदीप जी नहीं हैं। इसकी पुष्टि इंटरनेट पर उपलब्ध कवि प्रदीप जी के गीतों, उनके इंटरव्यूव आदि के वीडियो देख कर की जा सकती है।

    कवि प्रदीप जी कैसे दिखते हैं और विचारधारा कैसी है यह आप इस वीडियो को देख कर जान सकते हैं 

    एसीएन टाइम्स परिवार आदरणीय कवि प्रदीप जी का सम्मान करता है इसलिए यहां उनके नाम से वायरल किए जा रहे वीडियो को साझा नहीं किया गया है। हमारी भी अपील है कि आप भी ऐसा न करे, यहां कवि प्रदीप जी के प्रति हमारे अंतर में निहित सम्मान का परिचायक है। 

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    Tue, 26 Apr 2022 10:54:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    INDIAS GOT TALENT 2022 : किस्मत से बनी बांसुरीवादक मनुराज और बीट बॉक्सर दिव्यांश की जोड़ी रही IGT 9 की विजेता https://acntimes.com/INDIAS-GOT-TALENT-2022-Flute-player-Manuraj-and-beat-boxer-Divyansh-won-IGT-9 https://acntimes.com/INDIAS-GOT-TALENT-2022-Flute-player-Manuraj-and-beat-boxer-Divyansh-won-IGT-9 सोनी टीवी पर तीन माह पूर्व शुरु हुए रियलिटी शो इंडियाज गॉट टैलेंट 2022 का रविवार को हुआ ग्रैंड फिनाले

     एसीएन टाइम्स @ डेस्क । सोनी टीवी पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शो इंडियाज गॉट टैलेंट 2022 (INDIAS GOT TALENT 2022) ने देश के संगीत जगत को एक अनूठी जोड़ी दे दी। रविवार रात को प्रसारित शो IGT - 9 के ग्रैंड फिनाले में राजस्थान के बीट बॉक्स दिव्यांश और बांसुरी वादक मनुराज की जोड़ी ने अपनी उनूठी जुगलबंदी के दम पर विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया। जोड़ी को एक वेगनआर कार, नकद पुरस्कार और ट्रॉफी से नवाजा गया। दोनों कलाकारों ने कहा कि किस्मत से बनी उनकी यह जोड़ा आगे भी बरकरार रहेगी।

    शो का ग्रैंड फिनाले रविवार को सोनी टीवी पर प्रसारित हुआ। तीन घंटे चले समारोह के अंत में दिव्यांश और मनुराज को विजेता घोषित किया गया। शो के जज प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं अभिनेता अनुपम खेर की पत्नी सांसद किरण खेर, शिल्पा सेट्टी, रैपर बादशाह और गीतकार व पटकथा लेखकर मनोज मुंतशिर रहे। विशेष अतिथियों के रूप में अभिनेता टाइगर श्रॉफ, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, अभिनेत्री तारा सुतारिया, सुपर स्टार सिंगर – 2 के होस्ट आदित्य नारायण और सभी कैप्टन्स के अलावा कॉमेडियन सुगंधा मिश्रा भी रहे। सुगंधा मिश्रा जल्द ही सोनी टीवी पर आने वाले एक कॉमेडी सीरियल के प्रमोशन के तहत शामिल हुईं। यह शो कपिल शर्मा शो की जगह रिप्लेस होगा।

    इन प्रतियोगियों में था मुख्य मुकाबला, सभी एक से बढ़कर एक 

    IGT - 9 में टॉप-5 प्रतियोगियों में दिव्यांश व मनुराज की जोड़ी के अलावा 26 सदस्यी द डिमोलिशन ग्रुप, गुरुग्राम का स्टंट ग्रुप वॉरियर स्क्वॉड, दिल्ली की लड़कियों का बॉम्ब फायर ग्रुप, छोटी लता के नाम से पहचान बनाने वाली जबलपुर की इशिता विश्वकर्मा तथा अमृतसर के युवा गायक ऋषभ चतुर्वेदी भी शामिल रहे। द डिमोलिशन ग्रुप जहां बैक-टू-बैक परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं तो वॉरियर स्क्वॉड स्टंट और बॉम्ब फायर आग लगा देने वाले डांस के लिए। इशिता को शो के दौरान ही कंगना रणौत की फिल्म सीता में सीता की आवाज के लिए साइन किया गया है। इसके अलावा मैजीशियन बी. एस. रेड्डी के जादू के शो ने भी खूब दाद बटोरी।

    3 महीने चला रियलिटी शो, एक से बढ़ कर एक प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल

    15 जनवरी 2022 को IGT – 9 का प्रीमियर शो हुआ था। इसके बाद प्रति शनिवार और रविवार प्रसारित होने वाले शो में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक उम्दा प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। तीन महीने चले शो के दौरान गीत-संगीत के अलावा रोमांचकारी और हैरतअंगेज प्रदर्शन के अलावा शरीर साधकों ने करतब दिखाए। डिमोलेशन, बम्ब फायर सहित एक और कलाकारों के समूहों द्वारा दी गई नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों के दिलो-दिमाग पर अलग छाप छोड़ी। कंगना रणौत की फिल्म सीता में सीता की आवाज बन चुकी जबलपुर की इशिता ने अपनी गायकी से हर बार जजों और दर्शकों को स्वर कोकिला लता मंगेशकर की याद दिलाई।

    कलाकारों के ये मिले पुरस्कार- विजेता जोड़ी दिव्यांश और मनुराज को एक कार, 20 लाख रुपए नकद तथा ट्रॉफी से नवाजा गया। वहीं शो की फर्स्ट रनर अप रहीं इशिता विश्वकर्मा और सेकंड रनर अप बॉम्ब फायर ग्रुप को 5 – 5 लाख रुपये का इनाम मिला।  

    रहन-सहन अलग लेकिन संगीत ने करवा दी ट्यूनिंग, IGT भी जीतो और फिल्म में साथ कर रहे काम

    शो में पहली बार हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी संगीत की अनूठी जुगलबंदी देखने को मिली। इंडियाज गॉट टैलेंटके विजेता मनुराज और दिव्यांश का कहना हैकि उनकी जोड़ी भविष्य में भी बरकररार रहेगी। बता दें कि बीट बॉक्सर दिव्यांश के साथ प्रारंभ में एक अन्य कलाकार प्रस्तुति देने वाले थे लेकिन उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। ऐसे में दिव्यांश अकेले रह गए। कुछ ऐसा ही मनुराज के साथ हुआ। अभ्यास के दौरान दिव्यांश और मुनराज संपर्क में आए तो एक सफल जोड़ी बन गई। दोनों का रहन-सहन आलग-अलग है। दिव्यांश जहां सुबह चार बजे  सोते हैं वहीं मनुराज सुबह चार बजे उठ जाते हैं। संगीत साधना ने दोनों की ऐसी ट्यूनिंग करा दी कि वे न सिर्फ विजेता बन गए बल्कि रोहित शेट्टी की फिल्म सर्कसके बैकग्राउंड और थीम म्यूजिक में भी साथ काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे आगे भी इसी तरह साथ काम करते रहेंगे।

    हरिप्रसाद चौरसिया के गुरुकुल में सीखा शास्त्रीय संगीत, चाय की दुकान में सीखी बांसुरी

    बांसुरी वादक मनुराज शास्त्रीय संगीत के जानकार हैं। पंडित हरिप्रसाद चौरसिया के मुंबई गुरुकुल में 12 साल तक शास्त्रीय संगीत सीखने वाले मनुराज के अनुसार उनके लिए गुरुकुल में प्रवेश लेना आसान नहीं था। गुरुकुल में आने से पहले उन्होंने संगीत की थोड़ी शिक्षा ली। गुरुकुल में सिर्फ संगीत ही नहीं सिखाय जाता बल्कि गुरुकुल प्रथा का पालन करना भी सिखाया जाता है जिसे मनुराज आगे बढ़ाना चाहते हैं। मनुराज के बांसुरी सीखने की कहानी भी रोचक है। मनुराज की मां पेशे से अध्यापिका होकर मदिरों में शौकिया तौर पर भजन-कीर्तन करती भी हैं। एक बार स्कूल से लौटते समय मनुराज ने एक चायवाले को बांसुरी बजाते देखा। उन्होंने चाय बनाने वाले से बांसुरी बजाना सीखा। जब जयपुर के एक कार्यकम में गुरु संदीप सोनी को बांसुरी बजाते देखा तो वे सुनकर हैरान ही रह गए। उन्होंने गुरु संदीप सोनी से भी बांसुरी सीखी। बाद में उन्होने 2600 रुपए की एक बांसुरी खरीदी। इसकी वर्तमान में कीमत करीब 18 हजार रुपए है।

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    Mon, 18 Apr 2022 10:01:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
    वोकल फॉर लोकल : ‘एक स्‍टेशन एक प्रोडक्‍ट’ के तहत उज्‍जैन रेलवे स्‍टेशन पर भेरूगढ़ प्रिंट वाले कपड़ों की लगी स्‍टॉल, महिला स्व&सहायता 15 अप्रैल तक करेगी संचालन  https://acntimes.com/Vocal-for-Local-Under-One-Station-One-Product-a-stall-with-Bherugarh-print-clothes-at-Ujjain-railway-station https://acntimes.com/Vocal-for-Local-Under-One-Station-One-Product-a-stall-with-Bherugarh-print-clothes-at-Ujjain-railway-station एसीएन टाइम्स @ उज्जैन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल की अवधारणा पर रतलाम रेल मंडल भी अमल कर रहा है। मंडल रेल प्रशासन ने स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने हेतु उज्‍जैन रेलवे स्‍टेशन पर भेरूगढ़ प्रिंट से सुसज्जित कपड़ों की स्‍टॉल लगाई है। इसका संचालन 15 अप्रैल तक महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा।

    रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने बताया स्थानीय उत्पादों को देशभर में लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से ‘वन स्टेशन - वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत रतलाम रेल मंडल के उज्‍जैन रेलवे स्टेशन पर भेरूगढ़ क्राफ्ट द्वारा कपड़ों की स्‍टॉल शुरू की गई है। स्‍टॉल का संचालन स्‍वास्तिक हैंडीक्राफ्ट वेलफेयर एसोसिएशन (महिला स्‍व-सहायता ग्रुप) द्वारा किया जा रहा है। इस स्‍टॉल पर भेरूगढ़ प्रिंट वाली बेडशीड, थैलियां, महिलाओं की ड्रेस, शॉल इत्यादि वस्तुओं की प्रदर्शनी व बिक्री की जा रही है। यह यात्रियों में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वर्तमान में उज्‍जैन स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म क्रमांक 01 पर स्‍टॉल संचालित है। यह 15 अप्रैल तक रहेगी।

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    Wed, 06 Apr 2022 20:12:27 +0530 Niraj Kumar Shukla
    राजस्थान एटीएस की रतलाम में सर्चिंग : जयपुर को दहलाने की साजिश के मास्टर माइंड इमरान के पोल्ट्री फॉर्म से मिला 4 बोरे संदिग्ध पदार्थ, विस्फोटक होने का अनुमान https://acntimes.com/Rajasthan-ATS-searching-in-Ratlam-4-sacks-of-suspicious-substances-found-from-Imrans-poultry-farm-mastermind-of-conspiracy-to-shake-Jaipur https://acntimes.com/Rajasthan-ATS-searching-in-Ratlam-4-sacks-of-suspicious-substances-found-from-Imrans-poultry-farm-mastermind-of-conspiracy-to-shake-Jaipur एसीएन टाइम्स @ रतलाम । अमन के दुश्मन और गुलाबी नगरी जयपुर को बम धमाकों से दहलाने की सजिश रचने वालों के नेटवर्क का पता लगाने की कार्रवाई जारी है। राजस्थान और मप्र एटीएस द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई कर अब तक मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। राजस्थान एटीएस मंगलवार शाम साजिश के मास्टर माइंड और अलसुफा के सदस्य इमरान के रतलाम स्थित पोल्ट्री फॉर्म पहुंची। यहां रतलाम के दो राजपत्रित अधिकारियों की मौजूदगी में पोल्ट्री फॉर्म पर खुदाई कर 4 बोरे संदिग्ध पदार्थ जब्त किए जाने की खबर है। इसकी अधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

    सूत्रों के मुताबिक राजस्थान एटीएस की टीम मंगलवार शाम कट्टरपंथी संगठन अलसुफा के सदस्य इमरान के रतलाम शहर से लगे जुलवानिया स्थित पोल्ट्री फॉर्म पहुंची। इससे पहले एटीएस ने रतलाम जिला प्रशासन से सर्चिंग की कार्रवाई और जब्ती के दौरान गवाह के रूप मौजूद रहने के लिए दो राजपत्रित अधिकारियों को साफ भेजने का अनुरोध किया। राजपत्रित अधिकारियों की मौजूदगी में राजस्थान एटीएस ने इमरान के पोल्ट्रीफॉर्म की सर्चिंग की। सूत्र बताते हैं कि एटीएस ने पोल्ट्रीफॉर्म परिसर की खुदाई कर करीब चार बोरे संदिग्ध पदार्थ जब्त किया। उक्त पदार्थ का वजन भी किया गया और एफएसएल शाखा के विशेषज्ञ को भी मौके पर बुलाए जाने की बात सूत्र कह रहे हैं। इससे माना जा रहा है कि जब्त हुआ पदार्थ विस्फोटक हो सकता है।

    अवैध निर्माण पर पहले ही चल चुके हैं बुलडोजर

    राजस्थान में संदिग्ध आतंकियों जुबेर, सैफुल्ला और अल्तमस के पकड़े जाने के तुरंत बाद हरकत में आई रतलाम पुलिस ने सभी आरोपियों के ठिकानों और साथियों के नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया था। पुलिस सभी आरोपियों की अवैध संपत्ति भी बुलडोजर की मदद से ढहा चुकी है। इसके अलावा 40 अन्य संदिग्धों की भी जांच की जा रही है। रतलाम पुलिस द्वारा तत्काल एक्शन में आने की सराहना प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा कर चुके हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि देश और समाज विरोधी हर ताकत का सिर सख्ती से कुचल दिया जाएगा।

    ऐसे हुआ आतंकी साजिश का खुलासा और शुरू हुई धरपकड़

    बताते चलें कि, राजस्थान के निम्बाहेड़ा थाना पुलिस ने 30 मार्च को वाहन चैकिंग के दौरान कार नंबर MP 43 CA 7091 से 12 किलो RDX और टाइमर जब्त कर तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। तीनों ही रतलाम के रहने वाले हैं। जानकारी मिलने पर रतलाम पुलिस और मप्र एटीएस ने रतलाम में सर्चिंग कर इमरान खान निवासी मोहननगर और आमीन फावड़ा व आमीन मोबाइल को हिरासत में लेकर राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया था।

    इसके अलावा राजस्थान पुलिस ने चित्तौड़गढ़ और टोंक से भी दो संदिग्ध पकड़े जा चुके हैं। इस तरह राजस्थान एटीएस के कब्जे में 8 आरोपी हैं। न्यायालय ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर सौंप रखा है। इसके अलावा करीब चार दर्जन संदिग्धों की जांच रतलाम पुलिस कर रही है। इसके बाद से ही राजस्थान और मप्र एटीएस पुलिस की मदद से आरोपियों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। पुलिस को अभी आरोपी असजद और उसके साथियों की भी तलाश है।

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    Wed, 06 Apr 2022 00:47:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    INCOME TAX UPDATE : 31 मार्च से पहले निपटा लें आयकर से जुड़े ये काम वरना हो जाएगा बड़ा नुकसान, ठप हो सकती है लेन&देन की सुविधा https://acntimes.com/INCOME-TAX-UPDATE-Before-March-31-settle-this-work-related-to-income-tax-or-else-there-will-be-a-big-loss https://acntimes.com/INCOME-TAX-UPDATE-Before-March-31-settle-this-work-related-to-income-tax-or-else-there-will-be-a-big-loss एसीएन टाइम्स @ डेस्क । वित्तीय वर्ष 2021-22 बीतने वाला है। कुछ कार्य हैं ऐसे हैं जो 31 मार्च से  पहले करना जरूरी है। इसके लिए आपके पास सिर्फ एक सप्ताह का समय है। अगर समय पर ये काम नहीं किए गए तो आपको आर्थिक नुकसान हो सकता है। मानसिक परेशानी भी झेलना पड़ सकता है।

    आप आयकरदाता हैं या निकट भविष्य में इस दायरे में आने वाले हैं तो टैक्स संबंधी जरूरी कार्यों को एक सप्ताह के भीतर निपटा लें। ये काम 31 मार्च से पहले ही पूरे करने में समझदारी है। अगर आप ये काम पहले ही कर चुके हैं तो कोई बात ही नहीं किंतु यदि नहीं किए हैं तो बिना समय गंवाए आज ही जुट जाएं। 31 मार्च से पहले आपको कौन-कौन से कार्य कर लेने चाहिए, यहां हम बता रहे हैं क्योंकि हमें आपकी फिक्र है। आइये जानते हैं वरिष्ठ कर सलाहकार एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट गोपाल काकानी से टैक्स संबधी जरूरी काम...

    INCOME TAX में छूट : अगर आप इनकम टैक्स में छूट पाना चाहते हैं तो आपको को 31 मार्च के पहले ही निवेश करना होगा। यह निवेश आप सुकन्या समृद्धि योजना, जीवन बीमा, पीपीएफ सहित सभी टैक्स सेविंग स्कीमों में 31 मार्च तक निवेश कर फायदा उठा सकते हैं। इसके बाद किया निवेश की गणना इस वित्त वर्ष में नहीं होगी।

    ITR RETURN : अब तक की जानकारी के अनुसार आपको वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) 31 मार्च से पहले दाखिल करना होगा। आप संशोधित आईटीआर भी महीने के अंत तक दाखिल कर सकते हैं। यहां यह जानना जरूरी है कि यदि आपने आयकर रिटर्न नहीं भरा है तो आपकी टीडीएस (TDS) के दायरे में आने वाली आय के एवज में आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। नए नियम के अनुसार रिटर्न दाखिल नहीं होने पर 1 अप्रैल के बाद आपकी आय से 20 % टीडीएस कटना शुरू हो जाएगा जो अभी बहुत ह कम है। इस लिहाज से भी 31 मार्च के पहले रिटर्न दाखिल करना जरूरी है।

    ADHAR व PAN लिंक : क्या आपने अपना आधार नंबर और पैन लिंक कर लिया है। अगर नहीं किया है तो जल्द से जल्द कर लें। पैन कार्ड और आधार कार्ड लिंक करने की आखिरी तारीख भी 31 मार्च ही नियत है। दरअसल 1 अप्रैल से आधार कार्ड से लिंक नहीं होने वाला पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। यदि ऐसा होता है तो आप पैन कार्ड से जुड़ा किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन नहीं कर पाएंगे। यहां तक कि आईटीआर भी फाइल नहीं कर पाएंगे। भारी-भरकम जुर्माना होगा सो अलग।

    KYC अपडेशन : बैंक खाताधारकों को 31 मार्च तक अपनी केवाईसी (KYC) अपडेट कराना जरूरी है। यदि आपकी केवाईसी अपडेट नहीं हुई है तो यह काम भी समय गंवाए बिना ही कर लें। केवाईसी अपडे नहीं होने की स्थिति में आपके लेन-देन बंद हो सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो आपको इनकम टैक्स का रिफंड भी मिलने में भी दिक्कत आ सकती है।

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    Thu, 24 Mar 2022 10:39:12 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बड़ी खबर : EPFO ने घटाई ब्याज दर, 1977&78 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंची दर, 6 करोड़ से ज्यादा नौकरीपेशा लोगों को मिली मायूसी https://acntimes.com/EPFO-reduced-the-interest-rate-the-rate-reached-the-lowest-level-since-1977-78-more-than-6-crore-employed-people-got-disheartened https://acntimes.com/EPFO-reduced-the-interest-rate-the-rate-reached-the-lowest-level-since-1977-78-more-than-6-crore-employed-people-got-disheartened एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली : नौकरीपेशा लोगों को भविष्य निधि खाते में जमा राशि पर ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन हुआ इसके उलट। EPFO ने ब्याज दर बढ़ाने के बजाय घटा दी है। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 8.1 फीसदी ब्याज दर नियत की गई है जो कि 2020-21 के मुकाबले कम है। जानकारों का कहना है कि भविष्य निधि जमा पर ब्याज की दर में आई कमी में बीते 40 साल में सबसे निचले स्तर पर है। बताया जा रहा है कि इससे पूर्व 1977-78 में जब ईपीएफ की ब्याज दर 8 फीसदी रह गई थी। नए प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए केंद्रीत वित्त मंत्रालय भेजा गया है।

    सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की शनिवार को गुवाहटी में बैठक हुई। यह बैठक शुक्रवार को शुरू हुई थी। दो दिन चली बैठक में 2021-22 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने जमा पर 8.1 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का फैसला लिया। पिछले वर्ष मार्च में सीबीटी ने 2020-21 के लिए ईपीएफ जमा पर 8.5 प्रतिशत ब्याज दर नियत की थी।

    इस हिसाब से इस साल घोषित ब्याज दर 0.4 फीसदी की कमी आई है। यह कमी ईपीएफओ की आय को ध्यान मे रखते हुए लिया गया है। बताया जा रहा है कि सीबीटी द्वारा लिए गए फैसले को 2021-22 के लिए लागू करने का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा जाएगा। वहां से सहमति होने के बाद सीबीटी द्वारा नई दर लागू की जाएगी और कर्मचारियों को ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा।

    बीते चार दशक में सबसे कम ब्याज दर

    जानकारों का कहना है कि यह पिछले 10 साल में सबसे कम ब्याज ईपीएफ द्वारा नितय किया गया है। सबसे कम 1977-78 में 8 फीसदी ब्याज दर थी। इसके बाद 8.25 फीसदी या इससे ज्यादा ब्याद मिला कर्मचारियों को मिला। बीते एक दशक के दौरान की ब्याज दर का आकलन करें तो 2011-12 में 8.25 फीसदी, 2012-13 में 8.5 फीसदी, 2014-15 में 8.75 फीसदी, 2015-16 में 8.8 फीसदी ब्याज मिला था। इसके बाद वित्त वर्ष 2016-17 में 8.65 फीसदी, 2017-18 में 8.55, वित्त वर्ष 2018-19 में 8.65 ब्याज दर रही। 2019-20 में 8.5 और 2020-21 में ब्याज दर 8.5 रही।

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    Sat, 12 Mar 2022 14:22:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    BJP की प्रचंड जीत : UP में ‘बुल्डोजर बाबा’ ने निकाली ‘साइकिल’ की हवा तो हाथ व हाथी हुए पस्त, उत्तराखंड व मणिपुर में ‘कमल’ खिला, गोवा में सिंगल लार्जेस्ट पार्टी https://acntimes.com/Assembly-election-result-2022-BJPs-thumping-victory-in-three-states-becoming-the-largest-party-in-one-and-AAP-getting-tremendous-success-in-one https://acntimes.com/Assembly-election-result-2022-BJPs-thumping-victory-in-three-states-becoming-the-largest-party-in-one-and-AAP-getting-tremendous-success-in-one पंजाब में पहली बार होगी आम आदमी पार्टी की सरकार, कांग्रेस नहीं बचा सकी अपनी साख

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । Election Result 2022 : पांच राज्यों में हुए विधानसभा के चुनावों में डाले गए वोटों की गिनती जारी है। ताजा रुझान के मुताबिक उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर में भाजपा ने प्रचंड जीत अर्जित कर रही है। यहां भाजपा के ‘बुल्डोजर बाबा’ ने सपा की ‘साइकिल’ की हवा निकाल दी है वहां हाथ और हाथी के भी हौसले पस्त हो चुके हैं। पंजाब ने आम आदमी पार्टी ने पहली बार उल्लेखनीय सफलता हासिल की है जबकि गोवा में अभी तस्वीर धुंधली है। हालांकि यहां भी भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनती दिखाई दे रही है।

    देश के पांच राज्यों में अलग-अलग चरणों में मतदान हुआ था। इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब के लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। उत्तर प्रदेश में पहले चरण की वोटिंग  10 फरवरी को हुई थी और इसके साथ ही चुनाव का श्रीगणेश हुआ था। सातवें दौर के साथ ही 7 मार्च को चुनाव पर विराम लग गया था। उत्तर प्रदेश की 403 सीटों पर चुनाव हुआ तो पंजाब की 117, गोवा की 40, उत्तराखंड की 70 और मणिपुर की 60 सीटों पर वोट डाले गए। यहां बहुमत के लिए क्रमशः 202, 59, 21, 36 और 31 सीटों की ही आवश्यकता है। गोवा, यूपी, उत्तराखंड और मणिपुर में भाजपा जबकि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है। नई सरकार किस पार्टी की बनेगी इसके लिए मतों की गणना शुक्रवार सुबह शुरू हुई जो समाचार लिखे जाने तक जारी है। 

    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ फिर बनेंगे सीएम

    उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में वर्तमान में योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार है। यहां हुई मतों की गणना में अब तक जो रुझान मिले हैं उसके अनुसार भाजपा बहुमत के आंकड़े 202 से काफी आगे निकल चुकी है। यहां भाजपा 265 सीटों पर भाजपा या तो जीत हासिल कर चुकी है या फिर आगे चल रही है। वहीं सपा 133 से सिमटती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश में बुल्डोजर बापा (योगी आदित्य नाथ) की सरकार भले ही बनने जा रही हो लेकिन यह भी गौर करने वाली बात है कि भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबरे काफी सीटों का नुसकान नजर आ रहा है। वहीं दूसरे नंबर की पार्टी सपा ने सीटों में बढ़त हासिल की है। इसके उलट कांग्रेस और सपा दोनों को सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस को करीब 2 सीटों जबकि बसपा को 17 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है।

    बता दें कि, 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 325 सीटें हालिक कर इतिहास रचा था। इसके बाद पार्टी ने योगी आदित्य नाथ को सत्ता की बागडोर सौंपी। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सत्ता में वापसी कर रहे हैं। वे ऐसा करने वाले प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं। आदित्य नाथ भाजपा के पहले मुख्यमंत्री हैं जो यहां लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। पार्टी की प्रचंड जीत को लेकर भाजपाइयों ने जमकर खुशी प्रदर्शित की। ढोल-ढमाके के साथ जय श्री राम के नारे भी लगे। लोग यह कहते नजर आए कि बुल्डोजर ने निकाल दी साइकिल की हवा। यहां शाम को प्रधानमंत्री मोदी का आगमन प्रस्तावित है। भाजपा पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक भी आज ही होगी।

    उत्तराखंड में भाजपा फिर होगी सत्तासीन

    उत्तराखंड : यहां भी भाजपा वापस सत्ता में आने में सफल हो रही है। यहां भाजपा 48 सीटें प्राप्त होती नजर आ रही है। वहीं कांग्रेस को 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अन्य को 4 सीटों पर बढ़त है। पहले माना जा रहा था कि उत्तराखंड में भाजपा की वापसी मुश्किल थी लेकिन भाजपा को बहुमत से ज्यादा सीटें प्राप्त करने में सफलता मिली है। उत्तराखंड में चुनाव से कुछ माह पहले ही मुख्यमंत्री बदलना भी पड़ा था। उत्तर प्रदेश की ही तरह उत्तराखंड में भी भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 9 सीटों का नुकसान दिखाई दे रहा है जबकि कांग्रेस 7 सीटों की बढ़त बना रही है। यहां इस बार अन्य को दो सीटों का इजाफा है।

    मणिपुर में 32 सीटों पर भाजपा आगे, पिछले चुनाव से 10 सीटों का हो रहा लाभ

    मणिपुर : यहां 60 सीटों पर चुनाव हुए थे। यहां भाजपा 32 सीटों पर आगे चल रही है अथवा जीत चुकी है। पिछले चुनाव के मुकाबले यहां पार्टी को 11 सीटों का लाभ हो रहा है। इसके विपरीत कांग्रेस 23 सीटों के नुकसान के साथ 5 सीटों के करीब लेती प्रतीत हो रही हैं।  कांग्रेस के लिए यह बड़ा नुकसान है। इस राज्य में 23 सीटों पर अन्य आगे चल रहे हैं और इन्हें 12 सीटों का फायदा पिछले चुनाव के मुकाबले है।

    गोवा में भाजपा 19 सीटों के साथ सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बनी

    गोवा : इस राज्य में 40 सीटे हैं और सभी सीटों के लिए वोट डाले गए थे। इसके भी रुझान आ चुके हैं। यहां भाजपा सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के रूप में नजर आ रही है। भाजपा को यहां 19 सीटों पर बढ़त है जो पिछले चुनाव के मुकाबले 6 ज्यादा है। वहीं कांग्रेस को 12 सीटों के लगभग ही मिल रही हैं और उसे 8 सीटों का नुकसान हो रहा है। गोवा में 2 सीटों पर आम आदमी पार्टी भी आ रही है जबकि 4 सीटें अन्य के खाते में जाती प्रतीत हो रही हैं।

    आम आदमी पार्टी को ऐतिहासिक 91 सीटों की बढ़त, 70 सीटों का हो रहा लाभ

    पंजाब : किसान आंदोलन के कारण पंजाब काफी चर्चा में रहा। इसके अलावा कांग्रेस में मची राजनीतिक उठा-पटक भी सुर्खियों में रही। यहां कांग्रेस की सरकार है लेकिन शुक्रवार को हुई मतगणना में आ रहे रुझान से तस्वीर साफ हो गई है और कांग्रेस सत्ता से लगभग जा चुकी है। सिर्फ औपचारिकता ही बाकी है। पंजाब में आम आदमी पार्टी का जादू सिर चढ़ कर बोले। राज्य में 117 सीटों पर हुचान हुआ जिसमें से आम आदमी पार्टी 91 सीटं पर आगे है या जीत चुकी है। पार्टी को 70 सीटों की ऐतिहासिक बढ़त मिली है। वहीं करीब 58 सीटों के नुकसान के साथ कांग्रेस 20 के आंकड़े पर सिमटती दिख रही है। राज्य में भाजपा को सफलता नहीं मिली। उसे दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ रहा है। उसे पिछले साल के मुकाबले 1 सीट का नुकसान है। अकाली दल को 4 और अन्य को 1 सीट मिल रही है। दोनों को क्रमशः 10 और 1 सीट का नुकसान है।

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    Thu, 10 Mar 2022 15:40:21 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रामकृष्ण परमहंस जयंती पर विशेष : रोमां रोला के चिंतन में रामकृष्ण परमहंस... जानिए& एक यूरोपियन जाति में जन्मे नोबेल पुरस्कार विजेता इतिहासकार के विचार https://acntimes.com/Ramakrishna-Paramahansa-Jayanti-Special-Ramakrishna-Paramahansa-in-the-contemplation-of-Roma-Rola https://acntimes.com/Ramakrishna-Paramahansa-Jayanti-Special-Ramakrishna-Paramahansa-in-the-contemplation-of-Roma-Rola श्वेता नागर

    'कदाचित् बिरले ही मूल स्त्रोत तक पहुँचने का यत्न करते हैं। बंगाल के इस ग्राम्य वासी ने अपने हृदय की वाणी को सुना था। उसे सुनकर वह अंतर्वर्ती समुद्र के पथ का अनुसंधान करने के लिए बढ़ा था। वहीं समुद्र के साथ उसका मिलन हुआ और उपनिषद की यह वाणी सिद्ध हुई'-

    "मैं ज्योतिर्मय देवताओं की अपेक्षा भी प्राचीन हूँ। मैं सत्ता की प्रथम संतान हूँ। मैं अमरत्व- शोणितवाही धमनी हूँ।"

    उपरोक्त दिव्यता से परिपूर्ण भाव दिव्य महापुरुष श्री रामकृष्ण परमहंस के प्रति श्रद्धा-सक्त होकर पाश्चात्य दार्शनिक, विद्वान, महान नाटककार और फ्रेंच साहित्यकार रोमां रोला के हैं जो उन्होंने रामकृष्ण परमहंस पर 1928 में लिखी अपनी पुस्तक 'रामकृष्ण की जीवनी' में अभिव्यक्त किए हैं।

    उल्लेखनीय है कि रोमां रोला को अपनी पुस्तक 'ज्यां क्रिसतोफ' पर साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। रोमां रोला का नाम विश्व इतिहास में उन दार्शनिक साहित्यकारों में अमर रहेगा, जिन्होंने साहित्य के माध्यम से विश्व की संपूर्ण मानवजाति को परस्पर एकता, शांति और बंधुत्व का संदेश दिया। 'धर्म' विश्व की सभी मानव सभ्यता को चिंतन और चेतना का प्रकाश देने वाला दीप है इसलिए रोमां रोला ने स्वयं को किसी एक धर्म के सिद्धांतों के पिंजरे में कैद न कर, उन्मुक्त गगन के उस जिज्ञासु पंछी की तरह उड़ान भरना पसंद किया जिसने भौगोलिक और सांस्कृतिक सीमा रेखा को पारकर हर उन महान और उदात्त विचारों को आत्मसात् किया। जिसने मानव जीवन को प्रकृति की चैतन्यता से साक्षात्कार कराया।

    इसका प्रमाण है स्वयं रोमां रोला का जीवन, जिन्होंने उस समय की सभ्य और उच्च कही जाने वाली यूरोपियन जाति में जन्म लिया लेकिन उन्होंने कभी इसका दंभ न पालते हुए पूर्व की सभ्यता के दर्शन और चिंतन को समझने और समझाने के लिए गहन अध्ययन किया। वेदों, उपनिषदों और महान भारतीय चिंतकों की वाणी को पश्चिम की सभ्यता तक पहुंचाने का कार्य भी किया और इसलिए उन्होंने रामकृष्ण परमहंस के अध्यात्म , चिंतन और विचारों से विश्व के दूसरे कोने यानी पश्चिम की सभ्यता को भी परिचित करवाया।

    निश्चित तौर पर तर्क और ज्ञान से भरपूर मस्तिष्क होने के साथ ही एक प्रेम और करुणा से भरा हृदय ही महान श्री रामकृष्ण परमहंस के व्यक्तित्व को समझ सकता है और रोमां रोला का व्यक्तित्व तर्क, ज्ञान, प्रेम और करुणा का संगम था क्योंकि बहुत ही आश्चर्य की बात है कि रोमां रोला कभी भी भारत नहीं आए लेकिन भारतीय साहित्य और दर्शन को उन्होंने इतना पवित्र भाव से अध्ययन किया कि विश्वास करना कठिन हो जाता है कि कैसे वे भारतीय संस्कृति और अध्यात्म पर इतनी प्रामाणिक और भावपूर्ण अभिव्यक्ति अपने लेखन में लेकर आ गये कि सब कुछ सजीव हो उठता है। लेकिन इसके साथ ही रोमां रोला ने श्री रामकृष्ण परमहंस पर लिखी अपनी पुस्तक में ईमानदारी से इस बात को भी स्वीकारा है कि 'पश्चिमी देशवासी होने के कारण जिस स्वतंत्र विचार-बुद्धि का मेरे अंदर जन्म हुआ है, उसका भी मैंने परित्याग नहीं किया है। सभी के विश्वासों के प्रति मैं श्रद्धा रखता हूँ किंतु मैं कभी भी उन्हें अपना मत नहीं कह सकता।'

    रोमां रोला अपने इस विचार के कारण ही श्री रामकृष्ण परमहंस के निकट हो जाते हैं क्योंकि रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन में सभी धर्मों, संस्कृतियों और विचारों का स्वागत किया, उन्हें आत्मसात् किया और ईश्वर से एकाकार कराने वाले हर पथ को अपना माना। लेकिन उनका स्वभाविक मत था कि जो जिस भाव से ईश्वर को अपने निकट पाता है उसे उसी भाव में रहने दो, उस पर अपना मत या विश्वास लादने की चेष्टा नहीं करना चाहिए। इस संबंध में केशवचंद्र सेन से उनका  वार्तालाप यही सिद्ध करता है जिसका उल्लेख रोमां रोला ने अपनी पुस्तक रामकृष्ण की जीवनी में किया है।

    ईश्वर के स्वरूप और उनके अस्तित्व पर तर्क और वाद-विवाद में लीन रहने वाले केशवचंद्र सेन को रामकृष्ण देव कहते हैं, 'तिरस्कार और परनिंदा का यह भौंकना बंद कर दो। परम सत्ता के हाथी को सब पर अपने आशीर्वाद की घोषणा करने दो। तुम्हारे अंदर भी वह शक्ति विद्यमान है, क्या तुम उसका उपयोग करोगे? अथवा केवल दूसरों को दोष देकर व उनका तिरस्कार करके ही अपना जीवन नष्ट कर दोगे?

    'रामकृष्ण परमहंस के इन शब्दों का केशवचंद्र सेन के विचारों पर गहरा प्रभाव पड़ा और अब उनका मन सब धार्मिक विश्वासों के प्रति सहिष्णु और उदार हो गया। अद्भुत है रामकृष्ण परमहंस का व्यक्तित्व। जिन्होंने कभी अपने जीवन में औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की लेकिन वे अपनी प्रज्ञा शक्ति से केशवचंद्र सेन जैसे तर्कशास्त्री और ज्ञानी व्यक्ति के भी विचारों को सही दिशा प्रदान करने में सक्षम हैं। शायद यही कारण है कि रोमां रोला जैसे विद्वान व्यक्ति को भी रामकृष्ण परमहंस जैसे एक अनपढ़ व्यक्ति में जीवन दर्शन और आत्मज्ञान का  भरपूर खजाना मिला।

    स्वयं रोमां रोला ने रामकृष्ण परमहंस के प्रति श्रद्धावनत होकर कहा है कि, 'जिस ईश्वररूपी महानदी में सब नालों और नदियों का महासंगम होता है, उसकी रामकृष्ण ने औरों की अपेक्षा अपने मन में पूर्णतर रूप से कल्पना ही नहीं की है। उन्होंने अपने अंदर उसकी साक्षात अनुभूति की है। यही कारण है कि मैं उन्हें प्रेम करता हूँ और इसलिए मैंने उनके अंदर से कुछ विशुद्ध जल, पृथ्वी की महातृष्णा को दूर करने के लिए आहूत किया है।'

    श्वेता नागर

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    (नोट- स्वामी रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल के कामारपुकुर गांव में एक गरीब ब्राह्मण परिवार खुदीराम एवं चन्द्रमणिदेवी चट्टोपाध्याय के यहां हुआ था। पंचांग अनुसार, उस दिन फाल्गुन शुक्ल द्वितीया थी। यह तिथि 4 मार्च को है।इसलिए इस दिन उनकी जयंती मनाई जा रही है। रामकृष्ण परमहंस भारत के एक महान संत, आध्यात्मिक गुरु एवं विचारक थे। इन्होंने सभी धर्मों की एकता पर जोर दिया। उन्हें बचपन से ही विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं, अतः ईश्वर की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठोर साधना और भक्ति का जीवन बिताया। स्वामी रामकृष्ण मानवता के पुजारी थे। उनकी पत्नी शारदी देवी थीं। 16 अगस्त, 1886 को यह दिव्यात्मा भौतिक शरीर को त्याग कर अनंत की यात्रा पर रवाना हो गई। ऐसे आध्यात्मिक गुरु को एसीएन टाइम्स परिवार का शत्-शत् नमन।

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    Fri, 04 Mar 2022 06:27:14 +0530 Niraj Kumar Shukla
    यूक्रेन&रूस युद्ध में खारकीव में भारतीय छात्र नवीन की गोलीबारी में मौत, भोजन लेने के लिए कतार में लगा था तभी हमले में चली गई जान, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि https://acntimes.com/Indian-student-Naveen-killed-in-firing-in-Kharkiv-in-Ukraine-Russia-war https://acntimes.com/Indian-student-Naveen-killed-in-firing-in-Kharkiv-in-Ukraine-Russia-war भारतीय विदेश मंत्रालय के सचिव ने रूस और यूक्रेन के राजदूतों से की बात, भारतीय छात्रों को निकालने के लिए खोला जा सकता है खारकीव का रूसी बॉर्डर

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । यूक्रेन-रूस युद्ध के मैदान से भारत के लिए बुरी खबर है। यूक्रेन के खारकीव में जारी गोलीबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई। मृतक छात्र भारत के कर्नाटक का रहने वाला बताया जा रहा है। घटना को लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। इसके अऩुसार छात्र की मौत रेलवे स्टेशन जाते समय हुई जबकि एक अन्य जानकारी के अनुसार छात्र भोजन लेने के लिए लाइन में लगा था और तब हमले में मारा गया। भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से की गई है।

    यूक्रेन-रूस युद्ध ने पूरे विश्व को चौंका दिया है। युद्ध के छठे दिन खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र की गोलीबारी में मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान कर्नाटक के नवीन एस. जी. के रूप में हुई है। वह यूक्रेन में मेडिकल के चौथे वर्ष का छात्र था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नवीन भोजन के लिए कतार में लगा था तब गोली लगने से उसकी जान चली गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने भारतीय छात्र की मौत की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि खारकीव में रूसी सेना की ओर से की गई गोलीबारी में भारतीय छात्र की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि सरकार छात्र के परिवार के संपर्क में है।

    घटना के बाद भारतीय छात्रों ने दूतावास से मदद की गुहार लगाई गई। इसके चलते विदेशी मामलों के सचिव हर्ष श्रंगला ने रूस और यूक्रेन के राजदूतों से बात की है। उधर, यूक्रेन से खबर मिल रही है कि भारतीय प्रयासों के बाद अब खारकीव का रूस बॉर्डर खोला जा सकता है जहां से भारतीय छात्रों को बाहर निकाला जा सकता है। गौरतलब है कि भारत सरकार के मिशन गंगा के तहत तीन दिन से लगातार भारतीय छात्रों को यूक्रेन से निकालने का अभियान जारी है। अभी तक कई भारतीयों को स्वदेश लाया जा चुका है। मंगलवार को भी विमान यूक्रेन में रह रहे भारतीयों को लेने पहुंचे। सरकार ने अपने मंत्रियों को भी वहां भेजा है ताकि भारतीयों को सुरक्षित लाया जा सके।

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    Tue, 01 Mar 2022 16:00:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Ukraine&Russia War : 219 भारतीयों को लेकर विमान रोमानिया से रवाना, रात 8 बजे पहुंचेगा मुंबई, सरकार का वादा& हर भारतीय को वापस लाएंगे https://acntimes.com/Ukraine-Russia-war-Aircraft-carrying-219-Indians-departs-from-Romania-will-reach-Mumbai-at-8-pm https://acntimes.com/Ukraine-Russia-war-Aircraft-carrying-219-Indians-departs-from-Romania-will-reach-Mumbai-at-8-pm एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते यूक्रेन में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए भारत सरकार हर प्रकार की तैयारी कर रही है। 219 भारतीयों को लेकर एक विमान रोमानिया के वुखारेस्ट से रवाना भी हो चुका हो जो आज ही रात 8 बजे तक मुंबई पहुंचने का अनुमान है। इधर, भारतीय विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और शिक्षा मंत्री ने यूक्रेन से सभी भारतीयों को निकाल कर लाने के लिए आश्वस्त किया है।

    यूक्रेन और रूस के बीच शुरू हुआ युद्ध तीसरे दिन और तेज हो गया। युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेन में फंसे भारतीयों के लिए यहां उनके परिजन काफी चिंतित हैं लेकिन उनके लिए राहत की बात यह है कि भारत सरकार उनके साथ है। नरेंद्र मोदी सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि यूक्रेन में फंसे हर भारतीय को सुरक्षित देश लाया जाएगा। सरकार के इसी वादे को पूरा करने के लिए एयर इंडिया के विशेष विमान AI-1941 और AI-1943 रोमानिया के बुखारेस्ट पहुंच गए थे।

    विमान AI-1943 वुखारेस्ट से 219 भारतीयों को लेकर भारत के लिए रवाना भी हो चुका है। इसकी पुष्टि खुद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ट्वीट के माध्यम से की है। उन्होंने कहा है कि- “यूक्रेन से निकाले गए 219 भारतीयों के साथ पहली उड़ान रोमानिया से मुंबई के लिए रवाना हो गई है। विदेश मंत्री के अनुसार हम प्रगति कर रहे हैं। हमारी टीमें 24 घंटे ज़मीन पर काम कर रही हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहा हूं। गौरतलब है कि- यूक्रेन से करीब 470 छात्र शुक्रवार को ही रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट के एयरपोर्ट पहुंच गए थे। यूक्रेन और रोमानिया में भारतीय दूतावास द्वारा उन्हें वापस भारत ले जाने के लिए यूक्रेन से निकाल रहे हैं।

    भारत सरकार और यूरोपीय देशों में भारतीय दूतावासों ने जारी की एडवाइजरी

    यूक्रेन में फंसे भारतीयों को लेकर भारत सरकार ने एडवाइजारी की। इसके अनुसार, भारत सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय के बिना कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी बॉर्डर के पास नहीं जाएगा। उधर, भारतीयों को वापस लाने के लिए विभिन्न यूरोपीय देशों में भारतीय दूतावासों द्वारा एडवाइजरी जारी की जा रही है।

    स्लोवाकिया में भारतीय दूतावास ने उज़होरोड-वैस्ने नेमेके सीमा के माध्यम से भारतीयों को निकालने की सलाह जारी की है। हंगरी में भी भारतीय दूतावास ने हंगरी के रास्ते निकालने को लेकर एडवाइजरी जारी की है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि विश्व में भारत की अच्छी छवि का ही नतीजा है कि यूक्रेन में फंसे भारतीयों से कहा गया है कि उन्हें रूसी सेना या अन्य नजर आए तो भारतीय झंडा दिखाएं ताकि उन्हें सुरिक्षित जाने दिया जाए। दो दिन से ऐसे कई उदाहरण भी सामने आए हैं जिसमें भारतीय झंडा देखने के बाद लोगों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।

    नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी बच्चे यूक्रेन से भारत पहुंचेंगे- केंद्रीय मंत्री रेड्डी

    केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने का कहना है कि- ‘यूक्रेन में जो बच्चे फंसे हैं उनके परिवारों को मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी बच्चे भारत पहुंचेंगे। भारत सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।

    भारतीयों को सुरक्षित लाने की व्यवस्था जारी- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी आश्वस्त किया है कि- यूक्रेन में फंसे लोगों को भारत सरकार अपने खर्च पर वापस लाएगी। वहां से कई लोग आ भी चुके थे। हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री से बातचीत की है। उन्हें यहां सुरक्षित लाने की व्यवस्था चल रही है। हम चाहते हैं कि हालात सामान्य हों।

    यूक्रेन से सरकार सभी को वापस जरूर लाएगी- शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार

    भारत के केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने कहा है कि- ‘भारत सरकार यूक्रेन में फंसे हमारे छात्रों को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज ही 2 एयरक्राफ्ट निकल चुके हैं। सरकार सभी को वापस जरूर लाएगी। हमारी हेल्पलाइन पर जितनी कॉल आ रही हैं, सभी को नोट किया जा रहा है।

    कैबिनेट में विदेश मंत्री ने यूक्रेन की स्थिति पर दी जानकारी

    बताया जा रहा है कि- शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कैबिनेट के साथियों को रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की रणनीतिक स्थिति की जानकारी दी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कैबिनेट मंत्रियों को यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के प्लान से अवगत कराया। यह चर्चा करीब 20 मिनट तक चली।

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    Sat, 26 Feb 2022 19:16:16 +0530 Niraj Kumar Shukla
    यूक्रेन&रूस युद्ध की आंच रतलाम तक : यूक्रेन में फंसे नामली के अनिल का मोबाइल फोन बंद, परिजन ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार https://acntimes.com/Ukraine-Russia-War-mobile-phone-of-Ratlams-youth-trapped-in-Ukraine-switched-off-family-appealed-to-the-administration-for-help https://acntimes.com/Ukraine-Russia-War-mobile-phone-of-Ratlams-youth-trapped-in-Ukraine-switched-off-family-appealed-to-the-administration-for-help यूक्रेन में रतलाम सहित अन्य भारतीय छात्र बंकरों, मैट्रो ट्रेन की टनल और गोदामों में छिपकर मदद का कर रहे इंतजार

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । यूक्रेन पर रूस के हमले (Ukraine-Russia War) ने रतलामवासियों की भी परेशानी बढ़ा दी है। यहां के तीन युवा यूक्रेन में फंसे होने से उनके परिजन की परेशानी बढ़ गई है। नामली के युवक का मोबाइल फोन बंद होने से परिजन ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। जानकारी के उक्त युवक सहित अन्य मेट्रो ट्रेन की टनल और गोदामों में छिपे हैं।

    अब तक रतलाम के तीन युवाओं के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। इसमें रतलाम शहर के सुमंगल गार्डन के पास रहने वाली वैशाली, हाट रोड की खुशबू कुरैशी और नामली का अनिल राठौड़ शामिल है। तीनों के ही अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। सभी के परिजन यूक्रेन की मौजूदा स्थिति के चलते काफी चिंतित हैं। उनकी परेशानी अपने बच्चों से संपर्क नहीं हो पाना है।

    नामली के अनिल राठौड़ भी यूक्रेन की राजधानी कीव में फंसे हैं। अनिल के परिजन ने प्रशासन से बेटे को सुरक्षित स्वदेश लाने की गुहार लगाई है। अनिल के पिता गोपाल का कहना है कि कि उनकी अऩिल से शुक्रवार को बात हुई थी। तब अनिल ने बताया था कि उसके सहित कई भारतीय छात्र मेट्रो स्टेशन की टनल तथा गोदाम में छिपे हुए हैं। गोपाल राठौड़ के मुताबिक अनिल ने उन्हें कुछ वीडियो भी भेजे थे जिसमें उनके आसपास के इलाकों पर मिसाइलों से हमले होते दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि परिजन की परेशानी बढ़ गई है।

    गोपाल के अऩुसार अनिल ने बताया था कि जहां वे ठहरे हैं वहां मोबाइल चार्जिंग की व्यवस्था नही है। ऐसे में वे मोबाइल फोन का बहुत जरूरी होने पर ही उपयोग कर रहे हैं ताकि बैटरी बची रहे। परंतु अब अनिल के मोबाइल फोन पर कॉल करने पर उससे संपर्क नही हो पा रहा है। इससे चिंता ज्यादा बढ़ गई है। इसके चलते ही गोपाल व अन्य ने नामली टीआई प्रीति कटारे, तथा तहसीलदार कुलभूषण शर्मा से अऩिल को सुरक्षित रतलाम लाने की गुहार लगाई है। नामली के युवक के यूक्रेन में फंसे होने के बारे में पता चलने पर कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने नामली के अधिकारियों से चर्चा की थी और अनिल के परिवार को रतलाम बुलवा लिया था और संयम से काम लेने का अनुरोध किया था।

    ये युवा फंसे हैं यूक्रेन में

    1. रतलाम के सुमंगल गार्डन के पास रहने वाली वैशाली पिता विजय राठौड़ (24) यूक्रेन के कारक्यू शहर में रहती हैं। वे वहां एमबीबीएस के आखिरी वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। वे गत वर्ष अगस्त से यूक्रेन में हैं।
    2. रतलाम के ही हाट रोड क्षेत्र की खुशबू कुरैशी भी यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही हैं। वे यूक्रेन की विनिस्या नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पांचवें वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं।
    3. नामली के 23 वर्षीय अनिल राठौड़ यूक्रेन की राजधानी कीव के बोगो मॉलेट्स यूनिवर्सिटी कॉलेज में एमबीबीएस के चौथे वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं।
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    Sat, 26 Feb 2022 12:03:38 +0530 Niraj Kumar Shukla
    धर्म गार्जियन&2022 : संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए जापान की ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्स की टुकड़ी भारत पहुंची, 27 फरवरी से 10 मार्च तक करेंगे अभ्यास https://acntimes.com/Dharma-Guardian-2022-Joint-military-exercise-between-India-and-Japans-Ground-Self-Defense-Force-from-February-27 https://acntimes.com/Dharma-Guardian-2022-Joint-military-exercise-between-India-and-Japans-Ground-Self-Defense-Force-from-February-27 भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 15वीं बटालियन और जापानी ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्सेज की 30वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के अनुभवी सैनिक ले रहे भाग

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारत और जापान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास "धर्म गार्जियन-2022" 27 फरवरी से 10 मार्च तक आयोजित होगा। प्रशिक्षण बेलगावी (बेलगाम-कर्नाटक) के फॉरेन ट्रेनिंग नोड में इमें दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियां संयुक्त रूप से अभ्यास करेंगी ताकि जरूरत पड़ने पर दुश्मनों के दांत खट्टे किए जा सकें।

    सैन्य अभ्यास धर्म गार्जियन-2022 एक वार्षिक अभ्यास कार्यक्रम है। यह 2018 से भारत में आयोजित किया जा रहा है। विभिन्न देशों के साथ भारत द्वारा किए सैन्य प्रशिक्षण व अभ्यासों की शृंखला में अब जापान के साथ "धर्म गार्जियन" के अंतर्गत अभ्यास किया जाएगा। वर्तमान वैश्विक परिस्थिति की पृष्ठभूमि में दोनों देशों द्वारा सामना किए जाने वाली सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में निर्णायक और अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभ्यास के दौरान जंगल और अर्ध शहरी/शहरी इलाकों में जंगी कार्रवाई पर प्लाटून स्तर का संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा।

    भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 15वीं बटालियन और जापानी ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्सेज (जेजीएसडीएफ) की 30वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के अनुभवी सैनिक इस वर्ष अभ्यास में भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य जंगल और अर्ध शहरी/शहरी इलाकों में विभिन्न कौशलों की योजना तथा निष्पादन अंतर-संचालन बढ़ाने के लिए युद्धक कार्रवाई के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करना है। जापानी ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्सेज की टुकड़ी का अभ्यास स्थल पहुंचने पर भारतीय सैनिकों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

    रक्षा सहयोग बढ़ेगा, द्विपक्षीय संबंध और मजूबत होंगे

    संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास में हाउस इंटरवेंशन ड्रिल, अर्ध शहरी इलाकों में आतंकवादी ठिकानों पर छापेमारी, प्राथमिक उपचार, बिना हथियार के मुकाबला करना और क्लोज क्वार्टर कॉम्बैट फायरिंग अभ्यास शामिल हैं। दोनों पक्ष संयुक्त रूप से संभावित खतरों को बेअसर करने के लिए अच्छी तरह से विकसित सामरिक अभ्यासों की एक शृंखला के दौरान प्रशिक्षण, योजना निर्माण और क्रियान्वयन करेंगे। वैश्विक आतंकवाद से लड़ने के लिए सामरिक कौशल को बढ़ाने तथा बलों के बीच अंतर-संचालन बढ़ाने और एक सेना से दूसरी सेना के संबंधों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। "एक्सरसाइज धर्म गार्जियन" से भारतीय सेना तथा जापानी ग्राउंड सेल्फ डिफेंस फोर्सेज के बीच रक्षा सहयोग का स्तर बढ़ेगा। यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा।

    8 व 9 मार्च को होगा समापन

    12 दिनों तक चलने वाला संयुक्त क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास, संयुक्त युद्ध चर्चा और संयुक्त प्रदर्शन का समापन 08 और 09 मार्च 2022 को होगा। इन दो दिनों में निर्धारित दो दिवसीय वैलीडेशन एक्सरसाइज होगी।

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    Sat, 26 Feb 2022 10:09:52 +0530 Niraj Kumar Shukla
    जिस्म एक, जान दो  और वोट भी अलग&अलग डाले, खूब वायरल हो रहे पंजाब के ये जुड़वां भाई, क्योंकि इन्होंने हालातों से हार नहीं मानी https://acntimes.com/Twin-brothers-attached-to-the-body-cast-their-first-vote-in-the-Punjab-Assembly-becoming-very-viral https://acntimes.com/Twin-brothers-attached-to-the-body-cast-their-first-vote-in-the-Punjab-Assembly-becoming-very-viral जन्म से जुड़े मोहन सिंह और सोहन सिंह ने पहली बार किया अपने मताधिकार का प्रयोग, अलग-अलग किया मतदान

    हर्ष शुक्ला @ एसीएन टाइम्स इन दिनों पंजाब के जुड़वां भाई मोहन सिंह और सोहन सिंह खूब वायरल हो रहे हैं। राष्ट्रीय मीडिया हो या सोशल मीडिया, इनके फोटो, वीडियो और इनकी हिम्मत और जज्बे की कहानी लोग एक-दूसरे को मिसाल के तौर पर साझा कर रहे हैं। एक जिस्म और दो जान वाले इस अनूठी जुड़वां भाइयों की जोड़ी ने हाल ही में पंजाब चुनाव में अपने मताधिकार का पहली बार उपयोग किया। दावा किया जा रहा है कि इनका शरीर भले ही एक है लेकिन दोनों के विचारों में भिन्नता है। इसलिए इनके लिए वोट देने की प्रक्रिया भी अलग से अपनाई गई।

    इस बार का पंजाब चुनाव कई मायनों में अलग रहा और चर्रा में रहा। किसान आंदोलन, कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस इस्तीफे, चरणजीत सिंह चन्नी के सीएम बनने सहित कई अन्य घटनाक्रम के बाद हुआ यह पहला विधानसभा चुनाव शरीर से जुड़े जुड़वां भाइयों के पहली बार वोट डालने के कारण भी चर्चा में रहा। इस जोड़ी ने एक ही समय में अलग-अलग मतदान किया। देश में यह पहला मौका रहा जब ऐसे दो लोगों ने वोट डाला जिनके कूल्हे के ऊपर से तो दो शरीर हैं (दो सिर, चार हाथ आदि) किंतु कूल्हे के नीचे एक शरीर (दो पैर, एक यकृत आदि) है।

    पिछले साल 18 वर्ष उम्र होने पर दिए गए थे वोटर आईडी

    मोहन सिंह और सोहन सिंह को सभी प्यार से मोहना और सोहना कहकर पुकारते हैं। दोनों को पिछले साल ही 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. करुणा राजू ने अलग-अलग वोट डालने के योग्य पाया था। इसके आधार पर ही उन्होंने मोहन और सोहन को अलग-अलग मतदाता परिचय पत्र जारी किए थे। इनका उपयोग उन्होंने हाल ही में विधानसभा चुनाव में किया।

    यह प्रक्रिया अपनाई मतदान की ताकि बनी रहे गोपनीयता

    सोहन सिंह और मोहन सिंह दोनों शरीर के आधे हिस्से से भले ही एक हों लेकिन दोनों अलग-अलग व्यक्ति होकर उनके विचारों में भी भिन्नता है। दोनों एक ही वक्त में अलग-अलग सोच, समझ, देख और कर सकते हैं। वजह यह कि दोनों के ही सिर, दिल, दिमाग, हाथ आदि अलग-अलग हैं। ऐसे में मतदान के दौरान दोनों की गोपनीयता बनी रहना जरूरी हो गया था। अतः निर्वाचन विभाग ने उनके लिए मतदान हेतु अलग प्रक्रिया अपनाई गई। उन्होंने अपने निवास से करीब 10 किमी दूर मन्नावाला नामक जगह पर वोट डाला। दोनों यह जान सकें कि किसने-किसको वोट दिया, इसलिए पहले एक भाई को स्लीपिंग गॉगल (चश्मा) पहनाया गया और दूसरे भाई ने वोट डला। इसके बाद वोट डाल चुके भाई को स्लीपिंग गॉगल पहानाया गया तब पहले वाले ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोनों को पहली बार वोट डाल रहे मतदाता के रूप में प्रमाण-पत्र भी जारी किया गया।

    निर्वाचन आयोग ने दिए थे वीडियोग्राफी कराने के निर्देश

    अमृतसर के उपायुक्त गुरप्रीत सिंह खेड़ा खुद उस मतदान केंद्र पर पहुंचे जहां सोहन और मोहन ने वोट डाला था। मतदान केंद्र के बाहर उनके गांव के सरपंच और अन्य गणमान्यजन भी मौजूद थे। उन्होंने मतदान के बाद जुड़वां भाइयों का माला पहनाकर स्वागत किया। खेड़ा के अऩुसार दोनों की गोपनीयता बनी रहे इसलिए उन्हें चश्मे पहनाए गए थे। चूंकि यह बहुत ही अलग मामला है अतः निर्वाचन आयोग ने प्राधिकारियों को उचित वीडियोग्राफी करने के भी निर्देश दिए थे। सोहन सिंह और मोहन सिंह पहला मतदान कर काफी खुश हैं। उनका कहना है कि वे दिव्यांगों के लिए आइकन हैं।

    प्रकृति ने तो मजाज किया ही, अपनों ने भी छोड़ दिया, हौसले से जी रहे जिंदगी

    सोहन सिंह और मोहन का जन्म जून 2003 में दिल्ली में हुआ था। विषम परिस्थिति और शरीर के साथ जन्में जुड़वां बच्चों को उनके माता-पिता ने छोड़ दिया। इससे दोनों को शहर के पिंगलवाड़ा में स्थित) एक चैरिटेबल ट्रस्ट ने गोद ले लिया। इसके बाद से वे अमृतसर के एक अनाथालय में ही रह रहे है।

    दोनों को अलग करने में था जान का खतरा, इसलिए दोनों आज भी हैं एक

    मोहन सिंह और सोहन सिंह के दो दिल, दो जोड़ हाथ, अलग-अलग किडनी और रीढ़ की हड्डी है। इसके विपरीत उनका यकृत और पित्ताशय एक-एक ही हैं। पैर भी एक जोड़ ही हैं। जन्म के बाद दोनों को अलग करने के लिए एम्स ले जाया गया था। वहां विशेषज्ञों ने परीक्षण करने के बाद बताया कि ऑपरेशन काफी जटिल है। इसमें कम से कम एक जान जा सकती है। यही कारण है कि वे आज भी एक जिस्म – दो जान हैं।

    हालात से नहीं हारे, अपनी काबलियत पर पाई नौकरी

    मोहन सिंह और सोहन सिंह अतनी विषम परीस्थिति के बाद भी हालात से हार नहीं मानी। बल्कि उन्हें उनके हालातों ने हिम्मत दी और हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपनी काबलियत के दम पंजाब में ही सरकारी नौकरी भी प्राप्त की। खबर के मुताबिक दोनों ने जुलाई 2021 में इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में नौकरी के लिए अर्जी दाखिल कर दी। पंजाब सरकार ने उन्हें उक्त कंपनी में जूनियर इंजीनियर के तौर पर नौकरी प्रदान कर दी। 19 वर्षीय यह जोड़ी गत 20 दिसंबर से मेंटेनेंस कर्मचारी के तौर पर काम कर रही है। इसके लिए दोनों ने पंजाब सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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    Fri, 25 Feb 2022 14:37:08 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पटरी टूटी देख बकरी चरा रहे चरवाहे ने अपनी शर्ट लहरा कर रुकवा दी मालगाड़ी, टल गया बड़ा रेल हादसा, आज होगा सम्मान https://acntimes.com/Seeing-the-track-broken-the-shepherd-waved-his-shirt-and-stopped-the-goods-train-a-big-train-accident-was-averted https://acntimes.com/Seeing-the-track-broken-the-shepherd-waved-his-shirt-and-stopped-the-goods-train-a-big-train-accident-was-averted दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग की घटना, ने टाली बड़ी दुर्घटना, रतलाम डीआरएम करेंगे चरवाहे को पुरस्कृत और सम्मानित

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । दिल्ली - मुंबई रेल मार्ग पर एक चरवाहे की सूझ-बूझ से बड़ा रेल हादसा टल गया। बकरी चराने के दौरान एक चरवाहे ने पटरी टूटी देख अपनी लाल शर्ट लहरा कर मालगाड़ी को रुकवा दिया। इस सतर्कता के लिए रतलाम रेल मंडल द्वारा चरवाहे को पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा।

    घटना रतलाम रेल मंडल की है। रतलाम - दाहोद रेलखंड पर मंगलमहूड़ी और उसरा रेलवे स्टेशन के बीच फालिया गांव का चरवाहा राकेश दीपसिंह जंगल में बकरियां चरा रहा था। तभी राकेश को पास से गुजर रे रेलवे ट्रैक पर पड़ी। उसे पटरी में फ्रैक्चर नजर आया। इसी दौरान उसे 521-12 किमी पर दूर से तेज रफ़्तार मालगाड़ी आती दिखी। पटरी टूटी होने से वह सहम गया। पहले तो राकेश को कुछ समझ नहीं आया कि हादसे को कैसे काले। अचानक ही उसे कुछ सुझाव और उसने अपनी शर्ट उतार कर लहराते हुए मालगाड़ी की तरफ दौड़ने लगा।

    रेल फ्रैक्चर (फाइल फोटो)

    मालगाड़ी की ओर एक व्यक्ति को इस तरह आते देख चालक अलर्ट हो गया। चालक ने बिना समय गंवाए आपात ब्रेक लगा कर ट्रेन रोक दी।

    लाल रंग देखर चालक ने रोकी मालगाड़ी

    दरअसल चरवाहे राकेश के हाथ में जो शर्ट थी उसका रंग लाल था। यही लाल रंग देखकर चालक और सहायक चालक ने मालगाड़ी रोकने का फैसला किया। ट्रेन रुकने पर चालक और शायद चालक ने चरवाहे से पूरा माजरा। चरवाहे ने बताया उससे ज्यादा कुछ समझ नहीं आया बस इतना पता था कि लाल रंग की झंडी देखकर ट्रेन रुक जाती है। इसलिए उसने अपनी लाल शर्ट लहरा दी सात्विक पटरी टूटी होने से कोई हादसा ना हो जाए। रेलवे के कंट्रोल रूम पर पूरी जानकारी दी। जानकारी मिलते ही रतलाम से तकनीकी दल मौके पर पहुंचा और रेलवे ट्रैक को दुरस्त किया। ब्लैक सुधारने के बाद मालगाड़ी रवाना हो गई।

    डीआरएम आज करेंगे सम्मान

    मंडल रेल प्रबंधक विनीत ग्रुप्ता ने बताया चरवाहे ने सतर्कता दिखाते हुए बड़ी रेल दुर्घटना को टाला। उसे बुधवार को पांच हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।

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    Wed, 23 Feb 2022 10:40:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Alert ! Alert ! Alert ! क्या आपको भी मिला है आयकर विभाग में नियुक्ति का पत्र तो पहले कर लें जांच, क्योंकि यह हो सकता है फर्जी https://acntimes.com/Alert-Income-Tax-Department-warned-against-fraud-by-issuing-public-notice https://acntimes.com/Alert-Income-Tax-Department-warned-against-fraud-by-issuing-public-notice आयकर विभाग ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल और वेबसाइट पर किया लोगों को सावधान, बताई विभाग में नियुक्ति के संबंध में प्रक्रिया

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । आयकर विभाग (Income Tax Department) ने जनहित में अलर्ट जारी किया है। इसमें विभाग की ओर से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी नौकरी के इच्छुक लोगों को गुमराह किए जाने का अंदेशा जताया है। आयकर विभाग ने आगाह किया है कि यदि किसी को ऐसा पत्र प्राप्त होता है तो वह फर्जी हो सकता है। नियुक्ति के संबंध में विभाग द्वारा बताए सोर्स से वस्तुस्थिति जानी जा सकती है।

    आयकर विभाग ने मंगलवार को अपनी वेबसाइट पर पब्लिक नोटिस जारी किया। यह पब्लिक नोटिस https://incometaxindia.gov.in/news/public-no पर देखा जा सकता है। विभाग ने इस बारे में अपने ट्विटर हैंडल पर भी अलर्ट किया है। इस नोटिस के अनुसार आयकर विभाग के संज्ञान में लाया गया है कि कतिपय फर्जीवाड़ा (fraudulent persons misleading) करने वाले फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे हैं

    आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयकर विभाग के सभी ग्रुप बी एवं ग्रुप सी के लिए डीआईआरईसीटी भर्ती प्रक्रिया का संचालन कर्मचारी चयन आयोग द्वारा किया जाता है। इसकी अधिसूचना और परिणाम एसएससी की वेबसाइट https://ssc.nic.in पर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके बाद, चयनित उम्मीदवारों का क्षेत्रीय आवंटन किया जाता है और सूची विभाग की वेबसाइट https:// incometaxindia.gov.in पर अपलोड की गई है।

    आयकर विभाग की आमजन को सलाह

    विभाग ने आमजन को सावधान रहने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार यदि किसी को कहीं ऐसे विज्ञापन / अधिसूचनाएं / नियुक्तियां / पत्र विज्ञापित / प्रसारित आयकर विभाग अधिकारिक वेबसाइटों वेबसाइटों के अलावा अन्य प्लेटफॉर्म / पोर्टल आदि पर देखने को मिलती हैं तो वे फर्जी हैं। अतः अनाधिकृत प्लेटफॉर्म या पोर्टल पर जानकारी देखने को मिलती है अथवा कोई पत्र आदि प्राप्त होता है तो उस पर भरोसा न करें। वस्तुति स्थिति जानने के लिए विभाग की अधिकृत वेबसाइटों पर ही विजिट करें।

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    Tue, 22 Feb 2022 16:17:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    देश में कम हुई कोरोना की रफ्तार, 24 घंटे में 16051 नए मामले आए सामने, दैनिक एक्टिव केस का आंकड़ा 2 फीसदी से भी नीचे https://acntimes.com/Coronas-speed-decreased-in-the-country-16051-new-cases-were-reported-in-24-hours-daily-active-cases-are-less-than-2-percent https://acntimes.com/Coronas-speed-decreased-in-the-country-16051-new-cases-were-reported-in-24-hours-daily-active-cases-are-less-than-2-percent देश में अब तक 175 करोड़ 46 लाख से ज्यादा टीके लगे, इसमें 7 लाख टीके बीते 24 घंटे के दौरान लगाए गए

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । कोरोना संक्रमितों की रफ्तार लगातार घट रही है। बीते 24 घंटों के दौरान सिर्फ 16 हजार 51 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही दैनिक एक्टिव केस भी 2 फीसदी के अंदर सिमट गए हैं। इधर, कोरोना से बचाव के लिए टीके लगाने का काम जारी है। अब तक 175 करोड़ 46 लाख से अधिक डोज देश में लगाए जा चुके हैं।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार सुबह 7 बजे तक जारी की गई रिपोर्ट के अनुसारदेश में पिछले 24 घंटों में 7 लाख से अधिक (7,00,706) वैक्सीन की खुराक दी गई। इसके सहित देश में कोविड-19 टीकाकरण कवरेज 175.46 करोड़ (1,75,46,25,710) से अधिक हो गया। यह उपलब्धि 1,98,99,635 टीकाकरण सत्र आयोजित होने से प्राप्त हो सकी है।

    देश में अब तक कुल टीकाकरण

    स्वास्थ्य कर्मी

    पहली खुराक

    1,04,00,693

    दूसरी खुराक

    99,52,973

     

    प्रीकॉशन खुराक

    40,49,502

     

     

    अग्रिम पंक्ति के कर्मी

    पहली खुराक

    1,84,07,927

    दूसरी खुराक

    1,74,18,259

     

    प्रीकॉशन खुराक

    59,11,252

      15-18 वर्ष आयु वर्ग

    पहली खुराक

    5,36,77,342

     

    दूसरी खुराक

    2,17,30,069

     

     18-44 वर्ष आयु वर्ग

    पहली खुराक

    55,03,74,397

    दूसरी खुराक

    43,59,27,908

     

    45-59 वर्ष आयु वर्ग

    पहली खुराक

    20,20,44,355

    दूसरी खुराक

    17,83,73,700

     

     

     

    60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग

    पहली खुराक

    12,62,13,826

    दूसरी खुराक

    11,11,19,012

    प्रीकॉशन खुराक

    90,24,495

        प्रीकॉशन खुराक

     

    1,89,85,249

    कुल

     

    1,75,46,25,710

     37901 लोग कोरोना से हुए ठीक

    कोरोना से संक्रमित हुए लोगों के ठीक होने का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में 37,901 मरीज ठीक हुए। इसके सहित महामारी शुरू होने से लेकर अब तक 4,21,24,284 लोग कोरोना को हरा चुके हैं। नतीजतन, भारत में स्वस्थ होने की दर 98.33 प्रतिशत हो गई है। 

    https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002USIV.jpg

    पिछले 24 घंटे में 16,051 नए मरीज सामने आए 

    https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0033SM5.jpgवर्तमान में 2,02,131 सक्रिय रोगी हैं। वर्तमान में ये सक्रिय मामले देश के कुल पुष्टि वाले मरीजों का 0.47 प्रतिशत हैं। 

    https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image004RFCH.jpg देश भर में जांच क्षमता का विस्तार लगातार जारी है। पिछले 24 घंटों में कुल 8,31,087 जांच की गई हैं। भारत ने अब तक कुल 76.01 करोड़ (76,01,46,333) जांच की गई हैं। जांच क्षमता को भी बढ़ाया गया है। साप्ताहिक पुष्टि वाले मामलों की दर 2.12 प्रतिशत है, दैनिक रूप से पुष्टि वाले मामलों की दर 1.93 प्रतिशत है। 

    https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image00564KG.jpg

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    Mon, 21 Feb 2022 11:17:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ईपीएफओ पेरोल डाटा अपडेट : ईपीएफओ ने दिसंबर 2021 में जोड़े 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर, नवंबर में 12.54 लाख ही जुड़े थे https://acntimes.com/EPFO-Payroll-Data-Update-EPFO-added-14-lakh-60-thousand-net-subscribers-in-December-2021 https://acntimes.com/EPFO-Payroll-Data-Update-EPFO-added-14-lakh-60-thousand-net-subscribers-in-December-2021 ईपीएफओ ने जारी किया अनंतिम पेरोल डाटा, एक माह में हुई 19.98 फीसदी सब्सक्राइबर्स की वृद्धि

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । ईपीएफओ (EPFO) के 20 फरवरी 2022 को जारी अनंतिम पेरॉल डाटा में रेखांकित किया गया है कि ईपीएफओ ने दिसंबर 2021 के दौरान 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े हैं। तुलनात्मक अध्ययन से प्रदर्शित होता है कि दिसंबर 2021 में शुद्ध पेरोल वृद्धि में लगभग 2.06 लाख की वृद्धि हुई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि के दौरान 12.54 लाख नेट सब्सक्राइबर जोड़े गए थे। दिसंबर 2021 में नवंबर 2021 की तुलना में 19.98 प्रतिशत की शुद्ध ग्राहक वृद्धि हुई है।

    जोड़े गए कुल 14.60 लाख नेट सब्सक्राइबर में से, 9.11 लाख नए सदस्यों को पहली बार ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के तहत नामांकित किया गया है। लगभग 5.49 लाख नेट सब्सक्राइबर इसे छोड़ चुके थे लेकिन अंतिम विदड्रॉल का विकल्प चुनने की जगह पिछले खाते से वर्तमान पीएफ खाते में अपनी पीएफ राशि हस्तांतरित करने के द्वारा उन्होंने ईपीएफओ के साथ अपनी सदस्यता जारी रखने के विकल्प के द्वारा फिर से ईपीएफओ में शामिल हो गए। इसके अतिरिक्त, ईपीएफओ से बाहर निकलने वाले सदस्यों की संख्या जुलाई, 2021 से घट रही है।

    पेरोल डाटा की आयु-वार तुलना से प्रदर्शित होता है कि दिसंबर 2021 के दौरान 3.87 लाख वृद्धि के साथ 22-25 वर्ष के आयु समूह ने सर्वाधिक शुद्ध नामांकन दर्ज किया है। 18-21 वर्ष के आयु-समूह ने भी लगभग 2.97 लाख की अच्छी नामांकन वृद्धि दर्ज की है। 18-25 वर्ष के आयु समूहों ने दिसंबर 2021 में कुल शुद्ध ग्राहक वृद्धि में लगभग 46.89 प्रतिशत का योगदान दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि पहली बार रोजगार चाहने वाले बड़ी संख्या में संगठित क्षेत्र के कार्यबल में शामिल हो रहे हैं।

    8.97 लाख ग्राहक सिर्फ पांच राज्यों में ही जुड़े

    पेरोल के आंकड़ों की राज्य-वार तुलना यह रेखांकित करती है कि महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में कवर किए गए प्रतिष्ठान लगभग 8.97 लाख ग्राहकों को जोड़कर महीने के दौरान अग्रणी स्थिति में रहे हैं, जो सभी आयु समूहों में कुल शुद्ध पेरोल वृद्धि के लगभग 61.44 प्रतिशत है।

    3 लाख महिला पेरोल जुड़े

    जेंडर-वार विश्लेषण से यह संकेत मिलता है कि महीने के दौरान नेट महिला पेरोल वृद्धि लगभग 3 लाख है। दिसंबर 2021 के महीने के दौरान महिला नामांकन की हिस्सेदारी कुल शुद्ध ग्राहकों की संख्या का लगभग 20.52 प्रतिशत है।

    40.24 फीसदी पेरोल सब्सक्राइबर विशेषज्ञ सेवा श्रेणी के

    उद्योग-वार पेरोल डाटा से संकेत मिलता है कि 'विशेषज्ञ सेवाएं' श्रेणी (श्रमशक्ति एजेंसियों, निजी सुरक्षा एजेंसियों और छोटे ठेकेदारों आदि से निर्मित) महीने के दौरान कुल ग्राहक वृद्धि का 40.24 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, भवन और निर्माण उद्योग, कपड़ा, रेस्तरां, लोहा और इस्पात आदि जैसे उद्योगों में शुद्ध पेरॉल वृद्धि का रूझान दर्ज किया गया है।

    हर महीने अपडेट होता है पेरोल डाटा

    बता दें कि, पेरोल डाटा अनंतिम है क्योंकि डाटा निर्माण एक सतत प्रक्रिया है, जैसा कि कर्मचारी रिकॉर्ड का अद्यतन भी एक सतत प्रक्रिया है। इसलिए पिछले डाटा को हर महीने अपडेट किया जाता है। मई 2018 के महीने से ईपीएफओ दिसंबर 2017 के बाद की अवधि को कवर करते हुए पेरोल डाटा जारी करता रहा है।

    गौरतलब है कि- ईपीएफओ सदस्यों को उनकी सेवानिवृत्ति पर भविष्य निधि, पेंशन लाभ और सदस्य की असामयिक मृत्यु के मामले में उनके परिवारों को पारिवारिक पेंशन और बीमा लाभ प्रदान करता है। ईपीएफओ देश का प्रमुख संगठन है जो ईपीएफ और एमपी अधिनियम, 1952 के विधान के तहत कवर किए गए संगठित / अर्ध-संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है।

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    Mon, 21 Feb 2022 00:00:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Bappi Lahiri Death : ख्यात संगीतकार और गायक बप्पी लाहिड़ी का निधन, मुंबई के क्रिटी केयर अस्पताल में देर रात ली आखिरी सांस https://acntimes.com/Veteran-music-composer-and-singer-Bappi-Lahiri-passes-away https://acntimes.com/Veteran-music-composer-and-singer-Bappi-Lahiri-passes-away एसीएन टाइम्स @ मुंबई । सदी की महान गायिका लता मंगेशकर के निधन के बाद प्रसिद्ध भारतीय गायक और संगीतकार बप्पी लाहिड़ी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। 69 वर्षीय लहरी ने मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। गीत-संगीत और फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    देश और दुनिया में बप्पी दा के नाम से ख्यात आलोकेश लाहिड़ी का निधन हो गया। वे काफी समय से अस्वस्थ थे। उनका इलाज क्रिटी केयर अस्पताल में चल रहा था। 27 नवंबर 1952 में जन्मे बप्पी दा ने देर रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली। उनकी उम्र 69 साल थी। गौरतलब है कि पिछले साल वे कोरोना की गिरफ्त में भी आ गए थे।

    तीन साल की उम्र से शुरू कर दिया था तबला बजाना

    बता दें कि- संगीतकार व गायक बप्पी लाहिड़ी को सोना पहनना और हमेशा चश्मा लगाकर काफी पसंद था। गले में सोने की मोटी-मोटी चेन और हाथ में बड़ी-बड़ी अंगूठियां सहित सोने के गहने पहनना उनकी पहचान थी। 70 से 80 के दशक में अनेकों हिट गीत और संगीत देने वाले बप्पी दा मात्र तीन साल की उम्र में तबला बजाने लगे थे। इसके बाद उन्होंने संगीत की शिक्षा ली। वे बॉलीवुड के पहले रॉक स्टार रहे। वे रियाज भी एस.डी. बर्मन के गानों पर किया करते थे।

    पोते के गाए गीत का किया था प्रचार

    बप्पी दा की स्क्रीन पर आखिरी उपस्थिति रियलिटी शो बिग बॉस 15 में सलमान खान के साथ थी। यहां वे अपने पोते स्वास्तिक के नए गीत 'बच्चा पार्टी' का प्रचार कर रहे थे।

    पीएम नरेंद्र मोदी व मप्र के सीएम शिवराज सिंह ने दी श्रद्धांजलि

    बप्पी दा के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मशहूर क्रिकेटर सचिव तेंडुलकर सहित बड़ी हस्तियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया पर भी श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है।

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    Wed, 16 Feb 2022 08:56:46 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पंजाबी फिल्मों के अभिनेता और लाल किला हिंसा के मुख्य आरोपी दीप सिद्धू की सड़क हादसे में मौत, पंजाब के सीएम ने जताया शोक https://acntimes.com/Punjabi-film-actor-and-main-accused-of-Red-Fort-violence-Deep-Sidhu-dies-in-road-accident https://acntimes.com/Punjabi-film-actor-and-main-accused-of-Red-Fort-violence-Deep-Sidhu-dies-in-road-accident दिल्ली से बठिंडा जाते समय कुंडली मानेसर एक्सप्रेस-वे पर पीपली टोल के पास आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी दीप की स्कॉर्पियो

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । पंजाबी फिल्म एक्टर तथा 26 जनवरी हिंसा मामले में जमानत पर रिहा चल रहे दीप सिद्धू (Deep Sidhu) की मंगलवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा कुंडली मानेसर एक्सप्रेस-वे पर पीपली टोल के पास हुआ। दिल्ली से बठिंडा जाते समय उनकी गाड़ी आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शोक व्यक्त किया है।

    जानकारी के अनुसार अभिनेता दीप सिद्धू स्कॉर्पियो वाहन से दिल्ली से बठिंडा जा रहा थे। उनके साथ उनकी रीना नामक महिला मित्र भी थीं। मंगलवार रात 9.30 बजे खरखोदा थाना क्षेत्र के कुंडली मानेसर एक्सप्रेस-वे पर पीपली टोल के पास उनकी स्कॉर्पियो आगे चल रहे एक ट्रेलर में जा घुसी। इससे सिद्धू की मौके पर ही मौत हो गई जबकि महिला मित्र बाल-बाल बच गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही सोनीपत पुलिस घटना स्थल पहुंच गई। अन्य आला अधिकारी भी पहुंचे। पुलिस ने सिद्धू का शव पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के सिविल अस्पताल भिजवाया। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। हादसे के बाद आरोपी चालक फरार हो गया था।

    26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा के थे आरोपी, इनाम भी हुआ था घोषित

    गौरतलब है कि दीप सिद्धू किसान आंदोलन के समय काफी सुर्खियों में आए थे। उन्होंने किसान आंदोलन में शिरकत की थी। 26 जनवरी 2021 को राजधानी दिल्ली में लाल किले पर ट्रैक्टर परेड हुई थी। इस दौरान लाल किले में हुई हिंसा के मामले में दीप आरोपी थे। लाल किला हिंसा में पुलिस ने 17 आरोपियों के खिलाफ यूएपी सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसमें दीप सिद्धू मुख्य आरोपी थे। उन पर भीड़ को उकसाने तथा लाल किले पर तिरंगा हटाकर निशान साहिब फहराने का आरोप था। उस समय सिद्धू की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। फरवरी 2021 में दीप की गिरफ्तारी हुई थी। अप्रैल 2021 में उन्हें कोर्ट ने ज़मानत दी थी।

    बता दें कि- दीप सिद्धू ने रमता जोगी’, ‘जोरा-10 नंबरिया’, ‘जोरा : द सेकंड चैप्टरजैसी पंजाबी फिल्मों में उल्लेखनीय भूमिकाएं निभाईं। सिद्धू की मौत पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने शोक व्यक्त किया है।

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    Wed, 16 Feb 2022 00:47:23 +0530 Niraj Kumar Shukla
    हमारा एलसीए तेजस विमान सिंगापुर एयर शो&2022 में दिखाएगा करतब, प्रदर्शन के लिए भारतीय वायु सेना की 44 सदस्यीय टुकड़ी सिंगापुर पहुंची https://acntimes.com/Our-LCA-Tejas-aircraft-will-show-the-feat-at-the-Singapore-Air-Show-2022-a-44-member-contingent-of-the-Indian-Air-Force-reached-Singapore https://acntimes.com/Our-LCA-Tejas-aircraft-will-show-the-feat-at-the-Singapore-Air-Show-2022-a-44-member-contingent-of-the-Indian-Air-Force-reached-Singapore उत्कृष्ट हैंडलिंग की विशेषताओं तथा गतिशीलता को प्रदर्शित करने में सक्षम है हमारा तेजस, दुबई और मलेशिया के एयर शो में ले चुका है भाग

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारतीय वायु सेना की 44 सदस्‍यीय एक टुकड़ी ‘सिंगापुर एयर शो- 2022‘ में भाग लेने के लिए शनिवार को सिंगापुर के चांगी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पहुंची। इसमें हमारे तेजस विमान को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

    सिंगापुर में एयर शो का आयोजन 15 से 18 फरवरी तक होगा। सिंगापुर एयर शो एक द्विवार्षिक कार्यक्रम है जो वैश्विक उड्डयन उद्योग को अपने उत्‍पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच उपलब्‍ध कराता है। इसमें भारतीय वायु सेना विश्‍वभर के प्रतिभागियों के साथ स्‍वदेशी तेजस एमके-1 एसी प्रस्‍तुत करेगी। तेजस विमान अपनी उत्‍कृष्‍ट हैंडलिंग विशेषताओं तथा गतिशीलता को प्रदर्शित करते हुए नीची ऊंचाई के ऐरोबैटिक्‍स को प्रदर्शित करते हुए दर्शकों को मंत्र मुग्‍ध कर देने में समक्षम है।

    एयर शो में भारतीय वायु सेना की प्रतिभागिता भारत को तेजस विमान को प्रदर्शित करने तथा आरएसएएफ (रॉयल सिंगापुर एयर फोर्स) तथा अन्‍य प्रतिभागी टुकड़ियों के साथ परस्‍पर संपर्क करने का अवसर भी प्रदान करेगी। इससे पूर्व, भारतीय वायु सेना ने स्‍वदेशी विमानों को प्रदर्शित करने तथा एरोबैटिक्‍स टीमों का निर्माण करने के लिए मलेशिया में एलआईएमए-2019 तथा दुबई एयर शो-2021 जैसे समान प्रकार के एयर शो में भाग लिया था।

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    Sat, 12 Feb 2022 23:07:49 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मुगलसराय स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर शव देख भीड़ से आई आवाज& "अरे ! ये तो भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष दीनदयाल उपाध्याय हैं" ... और देश में दौड़ गई शोक लहर https://acntimes.com/Special-presentation-by-senior-journalist-and-BJP-leader-Govind-Malu-on-the-death-anniversary-of-Pt-Deendayal-Upadhyay https://acntimes.com/Special-presentation-by-senior-journalist-and-BJP-leader-Govind-Malu-on-the-death-anniversary-of-Pt-Deendayal-Upadhyay राजनीति के युधिष्ठिर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन

    प्रस्तुति : गोविन्द मालू

    दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर 1916 को मथुरा जिले के नगला चन्द्रभान ग्राम में हुआ था। उनके पिता का नाम भगवती प्रसाद उपाध्याय था, जो नगला चंद्रभान (फरह, मथुरा) के निवासी थे। उनकी माता का नाम रामप्यारी था, जो धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। पिता रेलवे में जलेसर रोड स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर थे।

    रेल की नौकरी होने के कारण उनके पिता का अधिक समय बाहर ही बीतता था। कभी-कभी छुट्टी मिलने पर ही घर आते थे। दो वर्ष बाद दीनदयाल के भाई ने जन्म लिया, जिसका नाम शिवदयाल रखा गया। पिता भगवती प्रसाद ने बच्चों को ननिहाल भेज दिया। उस समय उपाध्याय जी के नाना चुन्नीलाल शुक्ल धनकिया (जयपुर, राज०) में स्टेशन मास्टर थे। नाना का परिवार बहुत बड़ा था। दीनदयाल अपने ममेरे भाइयों के साथ बड़े हुए।

    नाना का गाँव आगरा जिले में फतेहपुर सीकरी के पास 'गुड़ की मँढई' था। दीनदयाल अभी 3 वर्ष के भी नहीं हुये थे, कि उनके पिता का देहांत हो गया। पति की मृत्यु से माँ रामप्यारी को अपना जीवन अंधकारमय लगने लगा। वे अत्यधिक बीमार रहने लगीं। उन्हें क्षय रोग लग गया। 8 अगस्त 1924 को उनका भी देहावसान हो गया। उस समय दीनदयाल 7 वर्ष के थे।

    1926 में नाना चुन्नीलाल भी नहीं रहे। 1931 में पालन करने वाली मामी का निधन हो गया। 18 नवम्बर 1934 को अनुज शिवदयाल ने भी उपाध्याय जी का साथ सदा के लिए छोड़कर दुनिया से विदा ले ली। 1935 में स्नेहमयी नानी भी स्वर्ग सिधार गयीं। 19 वर्ष की अवस्था तक उपाध्याय जी ने मृत्यु-दर्शन से गहन साक्षात्कार कर लिया था। 

    8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उपाध्याय जी ने कल्याण हाईस्कूल, सीकर, राजस्थान से दसवीं की परीक्षा में बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1937 में पिलानी से इंटरमीडिएट की परीक्षा में पुनः बोर्ड में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

    1939 में कानपुर के सनातन धर्म कालेज से बी० ए० की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। अंगरेजी से एम० ए० करने के लिए सेंट जॉन्स कालेज, आगरा में प्रवेश लिया और पूर्वार्द्ध में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुये। बीमार बहन रामादेवी की शुश्रूषा में लगे रहने के कारण उत्तरार्द्ध न कर सके। बहन की मृत्यु ने उन्हें झकझोर कर रख दिया।

    मामाजी के बहुत आग्रह पर उन्होंने प्रशासनिक परीक्षा दी, उत्तीर्ण भी हुये किन्तु अंगरेज सरकार की नौकरी नहीं की। 1941 में प्रयाग से बी०टी० की परीक्षा उत्तीर्ण की। बी०ए० और बी०टी० करने के बाद भी उन्होंने नौकरी नहीं की। 

    1937 में जब वह कानपुर से बी०ए० कर थे, अपने सहपाठी बालूजी महाशब्दे की प्रेरणा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क में आये। संघ के संस्थापक डॉ० हेडगेवार का सान्निध्य कानपुर में ही मिला। उपाध्याय जी ने पढ़ाई पूरी होने के बाद संघ का द्वितीय वर्ष का प्रशिक्षण पूर्ण किया और संघ के जीवनव्रती प्रचारक हो गये। आजीवन संघ के प्रचारक रहे। संघ के माध्यम से ही उपाध्याय जी राजनीति में आये।

    21 अक्टूबर 1951 को डॉ० श्यामाप्रसाद मुखर्जी की अध्यक्षता में 'भारतीय जनसंघ' की स्थापना हुई। गुरुजी (गोलवलकर जी) की प्रेरणा इसमें निहित थी। 1952 में इसका प्रथम अधिवेशन कानपुर में हुआ। उपाध्याय जी इस दल के महामंत्री बने। इस अधिवेशन में पारित 15 प्रस्तावों में से 7 उपाध्याय जी ने प्रस्तुत किये।

    डॉ० मुखर्जी ने उनकी कार्यकुशलता और क्षमता से प्रभावित होकर कहा- "यदि मुझे दो दीनदयाल मिल जाएं, तो मैं भारतीय राजनीति का नक्शा बदल दूँ।" 1967 तक उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के महामंत्री रहे। 1967 में कालीकट अधिवेशन में उपाध्याय जी भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। वह मात्र 43 दिन जनसंघ के अध्यक्ष रहे।

    10/11 फरवरी 1968 की रात्रि में मुगलसराय स्टेशन पर उनकी हत्या? कर दी गई। 11 फरवरी को प्रातः पौने चार बजे सहायक स्टेशन मास्टर को खंभा नं० 1276 के पास कंकड़ पर पड़ी हुई लाश की सूचना मिली। शव प्लेटफॉर्म पर रखा गया तो लोगों की भीड़ में से चिल्लाया- "अरे, यह तो भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष दीनदयाल उपाध्याय हैं।" पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गयी।


    (लेखक गोविंद मालू भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, प्रदेश मीडिया प्रभारी और वरिष्ठ पत्रकार हैं)

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    Fri, 11 Feb 2022 17:46:21 +0530 Niraj Kumar Shukla
    राजस्थान में जन्मे मुनीश्वर नाथ मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तो मनिंदरसिंह मप्र उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने, 15 अन्य नियुक्तियां भी, देखें लिस्ट https://acntimes.com/Appointment-of-17-judges-in-various-High-Courts-of-the-country-orders-issued-by-President-Ram-Nath-Kovind https://acntimes.com/Appointment-of-17-judges-in-various-High-Courts-of-the-country-orders-issued-by-President-Ram-Nath-Kovind एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की गई। राजस्थान में जन्मे जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी को मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है। वहीं एडवोकेट मनिंदरसिंह मप्र उच्च न्यायलय में न्यायाधीश बनाए गए हैं। इनके सहित देश के मद्रास, मध्यप्रदेश, उड़ीसा और आंध्रप्रदेश के उच्च न्यायालयों में भी कुल 17 नई नियुक्तियां की गई हैं।

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    Fri, 11 Feb 2022 10:30:32 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भारत सरकार के गृह मंत्रालय को संभालने वाले प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने 'मेड&इन&इंडिया' सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'Koo' पर खोला खाता https://acntimes.com/Press-Information-Bureau-opens-account-on-Made-in-India-social-media-platform-Koo https://acntimes.com/Press-Information-Bureau-opens-account-on-Made-in-India-social-media-platform-Koo एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । गृह मंत्रालय की सूचनाओं को संभालने वाली प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की इकाई ने मेड-इन-इंडिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Koo App पर अपना आधिकारिक खाता खोला है। 'Koo' पर देश के कई मंत्रालयों के एकाउंट हैं।

    गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक है। गृह मंत्रालय (एमएचए) को संभालने वाली पीआईबी की इकाई, बहुभाषी माइक्रो-ब्लॉगिंग मंच Koo App का इस्तेमाल समय-समय पर इस मंत्रालय से संबंधित सार्वजनिक महत्व के विकास पर जानकारी प्रदान करने में करेगी।

    पीआईबी के एमएचए Koo अकाउंट ने अपनी पहली पोस्ट में आतंकवाद के प्रति भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के संबंध में 2 फरवरी को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्रालय द्वारा दिए गए उत्तर से संबंधित जानकारी प्रदान की। मंच पर गृह मंत्रालय को संभालने वाली पीआईबी इकाई का स्वागत करते हुए Koo App के प्रवक्ता ने कहा, “हमें 'Koo' पर गृह मंत्रालय को संभालने वाली पीआईबी की इकाई की मेजबानी करने का विशेष मौका प्राप्त हुआ है। हम पीआईबी की इकाई को गृह मंत्रालय द्वारा की गई पहलों और गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करने में सक्षम बनाएंगे।”

    जानिए क्या है 'Koo'

    'Koo' एक मेड-इन-इंडिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है जो लोगों को अपनी स्थानीय भाषा में व्यक्त करने और दूसरों के साथ जुड़ने में सक्षम बनाता है। 'Koo' 10 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। 'Koo' के 2 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं और यह भारतीय भाषाओं में सबसे बड़ा माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है। सार्वजनिक क्षेत्र, सरकार, मनोरंजन, क्रिकेट और खेल जगत की कई शीर्ष हस्तियों का 'Koo' पर खाता है।

    ये महत्वपूर्ण विभाग हैं 'Koo' पर

    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, संचार मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और जनजातीय मामलों के मंत्रालय सहित अधिकांश केंद्रीय मंत्री और मंत्रालय पहले से ही 'Koo' पर मौजूद हैं।

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    Thu, 10 Feb 2022 22:27:03 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भाजपा कार्यालय पर देर रात पेट्रोल बम से हमला, हिंदू महासभा के पदाधिकारी की कार पर भी फेंका जा चुका है पेट्रोल बम https://acntimes.com/Petrol-bomb-attacked-BJP-office-in-TamilNadu https://acntimes.com/Petrol-bomb-attacked-BJP-office-in-TamilNadu तमिलनाडु में भाजपा और हिंदू संगठनों पर लगातार हो रहे हमलों से कार्यकर्ताओं में आक्रोश

    एसीएन टाइम्स @ चेन्नई । चेन्नई से बड़ी खबर आ रही है। यहां तमिलनाडु स्थित भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। हमला देर रात हुआ। अभी हमला करने वाले के बारे में पता नहीं चल सका है। इससे पहले हिंदू महासभा के पदाधिकारी की कार पर भी पेट्रोल बम से हमला हो चुका है। पूर्व में भाजपा के एक पदाधिकारी के घर पर एयरगन से गोलियां भी दागी गईं थीं।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु स्थित भाजपा कार्यालय पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पेट्रोल बम फेंका। इसकी पुष्टि भाजपा नेता कराटे त्यागराजन ने की। उन्होंने बताया कि हमारे कार्यालय पर लगभग 1:30 बजे एक पेट्रोल बम फेंका गया। भाजपा कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। उन्होंने घटना को लेकर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल बम फेंकने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। भाजपा नेता त्यागराजन का कहना है कि इसी तरह की घटना करीब 15 साल पहले भी हुई थी। उक्त घटना में डीएमके का हाथ होने की बात सामने आई थी। बीती रात हुए हमले के लिए हम तमिलनाडु सरकार की निंदा करते हैं। दरअसल

    दो लोगों ने फेंका था कार पर पेट्रोल बम

    बता दें कि, हाल ही में कोयंबटूर में हिंदू महासभा के एक पदाधिकारी की कार पर भी पेट्रोल बम से हमला किया गया था। पुलिस के मुताबिक महासभा की युवा इकाई के सचिव सुभाष अपने घर पर थे तभी उन्होंने करीब 11 बजे उन्होंने अपनी कार पर कुछ गिरने की आवाज सुनी। उन्होंने घर के बाहर जाकर देखा तो घर के सामने खड़ी उनकी कार जल रही थी। इसकी सूचना पुलिस को दी और पड़ोसियों की मदद से आग बुझाई। पुलिस ने बताया घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में हेलमेट पहने दो लोग कार पर पेट्रोल बम फेंकते दिख रहे हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    भाजपा के क्षेत्रीय सचिव के घर पर भी हुआ हमला

    पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में भाजपा के क्षेत्र सचिव जगदीश के मकान पर भी हमला हुआ। जगदीश जब एक रात अपने घर लौटे तो उन्होंने घर की एक खिड़की को क्षतिग्रस्त पाया। जांच में मकान के परिसर में एयरगन की गोली के 10 खाली खोखे मिले। आशंका है कि खिड़की इन्हीं गोलियों से क्षतिग्रस्त हुई।

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    Thu, 10 Feb 2022 10:02:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    स्वर कोकिला लताजी के सम्मान में दो दिन राष्ट्रीय शोक, देश के सरकारी कार्यालयों व विदेशों में भारतीय दूतावासों में आधे झुके रहेंगे राष्ट्रीय ध्वज https://acntimes.com/National-mourning-for-two-days-in-honor-of-Swara-Nightingale-Lataji https://acntimes.com/National-mourning-for-two-days-in-honor-of-Swara-Nightingale-Lataji एसीएन टाइम्स @ डेस्क । वसंत पंचमी के अगले ही दिन मां सरस्वती की साधक स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के निधन से पूरे देश में शोक व्याप्त है। केंद्र सरकार ने भारत रत्न लताजी के सम्मान में दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। इस दौरान देश में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। विदेशों में भारतीय दूतावासों में भी राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। इस दौरान कोई अधिकारिक रूप से कोई आयोजन नहीं  होगा। देश के कई राज्यों की सरकारों ने भी दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। महाराष्ट्र और बंगाल में तो सोमवार को सार्वजनिक अवकाश ही घोषित कर दिया गया है।

    सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर  के निधन (Lata Mangeshkar Death) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि- देश ने अपनी आवाज खो दी है। वे देश के लिए किसी धरोहर से कम नहीं थीं। लताजी को 2001 में देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किया गया था। सरकार ने लताजी के सम्मान में दो दिन के राष्ट्रीय शोक (national mourning) का ऐलान किया है।

    मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर में जन्मी लता मंगेशकर के निधन पर दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि- स्वर साम्राज्ञी, परम श्रद्धेय लता मंगेशकर जी के निधन से अन्तर्मन दुख, पीड़ा, शोक से व्यथित है। देश ही नहीं, समूचे विश्व ने एक ऐसी स्वर साधिका को खो दिया, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से जीवन में आनंद घोलने वाले असंख्य गीत दिए। लता दीदी का तपस्वी जीवन स्वर साधना का अप्रतिम अध्याय है।

    शिवराज सिंह ने कहा आपका जीवन हिंदी फिल्म जगत के साथ ही भारतीय संगीत की ऐसी अद्भुत यात्रा रही, जिसने कई पीढ़ियों को मानवीय संवेदनाओं को जीवंत करते गीत-संगीत से जोड़ा। फिल्म जगत के उद्भव से अत्याधुनिक युग में प्रवेश करने तक दीदी सहयोगी से संरक्षक तक की भूमिका में रहीं। आपका योगदान अविस्मरणीय रहेगा।

    मप्र के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि- लता दी सुरों का जीवंत इतिहास थीं। उनका जाना सुरों की दुनिया के साथ ही पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।उनके जाने से अचानक जिस खालीपन का अहसास हो रहा है, वो शायद लंबे समय तक भरा नहीं जा सकेगा। 

    इन्य राज्यों में भी दो-दो दिन का राजकीय शोक

    लता मंगेशकर के निधन पर उत्तराखंड, राजस्थान और बिहार सरकारों ने दो-दो दिन का राजकीय अवकाश घोषित किया है।

    राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन पर 6 और 7 फरवरी को 2 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। इसी प्रकार बिहार बिहार सरकार के संयुक्त सचिव ने पत्र जारी कर 6 और 7 फरवरी को राज्य में राजकीय शोक मनाने की जानकारी दी। पत्र में बताया गया है कि इस अवधि में राज्य में उन सभी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज झुका रहेगा जिन पर नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। इस अवधि में राजकीय समारोह व सरकारी मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे।

    महाराष्ट्र में सोमवार को सार्वजनिक अवकाश, बंगाल में आधा दिन रहेगी छुट्टी

    महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार (7 फरवरी) को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई। पश्चिम बंगाल सरकार ने भी उनके सम्मान में सोमवार को आधे दिन का अवकाश घोषित किया है।

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वे मंगेशकर की आवाज से मंत्रमुग्ध थीं। मंगेशकर ने बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को काफी प्यार दिया इसके लिए वे उनकी आभारी हैं।मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा- लता मंगेशकर जी की कोमल और अति सुंदर मधुर वाणी सदैव विशिष्ट थी। उनके गीत न केवल मंत्रमुग्ध कर देने वाले थे बल्कि आत्मा को भी सुकून देने वाले थे।

    मां सरस्वती अपनी बेटी को भी साथ ले गईं- गिरिराज सिंह

    केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तो भावुक ही हो गए। बोलते-बोलते गला भर आया और आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा- कल बसंत पंचमी थी। मां सरस्वती का आगमन हुआ था। आज मां सरस्वती की हर जगह विदाई हो रही है। मां सरस्वती अपने साथ-साथ अपनी पुत्री लता मंगेशकर को भी साथ ले गईं। लता मंगेशकर सिर्फ स्वर कोकिला नहीं थीं, देश और राष्ट्र सम्मान का प्रतीक थीं।

    साधना, तप और जीवन जीने की ऊर्जा का स्रोत थीं लताजी- यादव

    जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव ने कहा कि- हम जब भी मुसीबत में रहे तो लताजी के गानों ने हमें शक्ति दी। वो एक साधना, एक तप और जीवन जीने की ऊर्जा का स्रोत थीं। मुस्कुराने के लिए, जीवन जीने के लिए हर पीड़ा में, हर दुखों में, हर संकट में आंतरिक ताकत मन को रोमांचित करता था। लता जी आज हमारे बीच नहीं रहीं और हमलोग को अनंत-अनंत पीड़ा देकर ईश्वर के पास चली गईं। ईश्वर उनके चाहने वालों को ताकत दे। 

    स्वर कोकिला के निधन का ऐसा भी असर कि, यूपी चुनाव का भाजपा का घोषणा-पत्र नहीं हुआ जारी

    यूपी चुनाव के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ में थे। उन्होंने व सीएम योगी आदित्य नाथ, डिप्टी सीएम केपी मौर्य और यूपी बीजेपी प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह ने लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने के लिए 2 मिनट का मौन रखा। लता मंगेशकर के निधन के कारण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का घोषणा-पत्र जारी करने का कार्यक्रम टाल दिया गया।

    बता दें, कि- स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई में निधन हो गया। वे 29 दिन से ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं। 8 जनवरी को उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने रविवार सुबह करीब 8 बजे अंतिम सांस ली।

    अब जानिए, राष्ट्रीय और राजकीय शोक के मायने...

    पहले ऐसा सीमित लोगों के लिए ही घोषित होता था राष्ट्रीय शोक, अब बदल गए नियम

    पहले सीमित लोगों के लिए ही राष्ट्रीय शोक घोषित करने का नियम था। इन सीमित व्यक्तियों में केवल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री रह चुके लोग ही शामिल थे। उनके निधन पर ही राष्ट्रीय या राजकीय शोक की घोषणा होती थी। आजादी के बाद सर्वप्रथम राष्ट्रीय शोक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के बाद घोषित किया गया था। बाद में पद पर रहते हुए प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति या फिर पूर्व में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति रह चुके व्यक्ति का निधन होने पर राष्ट्रीय शोक की घोषणा होती थी। अब नियम बदल चुके हैं। अब गणमान्य व्यक्तियों के निधन पर भी केंद्र सरकार विशेष निर्देश जारी कर राष्ट्रीय शोक का ऐलान कर सकती है। इसके अलावा देश में बड़ी आपदा के वक्त भी ‘राष्ट्रीय शोक’ घोषित किया जा सकता है। राष्ट्रीय अथवा राजकीय शोक की घोषणा पहले केवल केंद्र सरकार ही करती थी। केंद्र सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति ही करते थे। अब राज्यों को भी यह अधिकार है। राज्य खुद तय कर सकते हैं कि किसे राजकीय सम्मान देना है। केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग राजकीय शोक घोषित कर सकती हैं। उदाहरण के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग घोषणा की गई थी।

    राष्ट्रीय शोक के दौरान राष्ट्रीय ध्वज और छुट्टी को लेकर यह है नियम

    राष्ट्रीय ध्वज के मान-सम्मान के लिए राष्ट्रीय ध्वज संहिता है। इसके अनुसार राष्ट्रीय शोक के दौरान सचिवालय, विधानसभा सहित सभी महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में लगे राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे। विदेशों में भारतीय दूतावासों और उच्‍चायोगों में भी राष्‍ट्रीय ध्‍वज आधे झुके रहेंगे। औपचारिक और सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन भी नहीं होगा। इसी तरह जिन राज्यों में राजकीय शोक घोषित किया गया है वहां इस अवधि में समारोह और आधिकारिक मनोरंजन भी नहीं होंगे।

    केंद्र सरकार द्वारा 1997 में नोटिफिकेशन जारी किया गया था जिसके मुताबिक राजकीय शवयात्रा के दौरान कोई सार्वजनिक छुट्टी अनिवार्य नहीं है। अब इसका प्रावधान नहीं है। राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए किसी का निधन होने पर छुट्टी होती है। हालांकि सरकारों के पास यह अधिकारी है कि यदिव चाहे तो किसी भी गणमान्य व्यक्ति के निधन के बाद सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर सकती है। बता दें कि, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन पर कई राज्यों में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश और सात दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया था। 

    राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार के ये हैं मायने

    राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार महत्वपूर्ण पहलू है। हालाकि यह जरूरी नहीं कि राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार होने पर राष्ट्रीय अथवा राजकीय शोक घोषित हो। ऐसा सरकारों पर निर्भर है। भारतीय सेना अथवा अन्य फोर्स में जब कोई सैनिक या सैन्य अधिकारी शहीद होता है तो उनका अंतिम संस्कार राजकीय समम्मान से होता है लेकिन तब राजकीय अथवा राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं होता। कहने का आशय यह है कि राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करना और राष्ट्रीय या राजकीय शोक घोषित होना दोनों अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर है।

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    Mon, 07 Feb 2022 02:40:25 +0530 Niraj Kumar Shukla
    दुनिया को अलविदा कह आसमान का तारा बन गईं स्वर सम्राज्ञी लताजी, राजकीय सम्मान के साथ हुई अंतिम विदाई, भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने दी मुखाग्नि https://acntimes.com/Vocal-queen-Bharat-Ratna-Lata-ji-merged-in-Panchtatva-cremated-with-state-honors-482 https://acntimes.com/Vocal-queen-Bharat-Ratna-Lata-ji-merged-in-Panchtatva-cremated-with-state-honors-482 एसीएन टाइम्स @ मुंबई । भारत रत्न स्वर कोकिला, स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की पार्थिव देह पंचतत्व में विलीन हो गई। उनका रविवार देर शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के अलावा जल, थल और वायु सेना के अधिकारी, नेता-राजनेता, बॉलीवुड और स्पोर्ट्स से जुड़ी बड़ी हस्तियां मौजूद थीं।

    रविवार को इस सदी की बड़ी क्षति का समाचार मिलते ही देशवासी स्तब्ध रह गए। खबर थी भारत रत्न लाता दीदी के धरती से अलविदा होकर आसमान का तारा बन जाने की। यानी उनके दुखद निधन की। लता मंगेशकर का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उनका 8 जनवरी को कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया था। उन्हें निमोनिया भी हो गया था। अस्पताल की ओर से उनके लिए सबसे अच्छे डॉक्टरों की टीम लगाई गई थी। उनकी अस्वस्थता के बाद से ही लोग उनकी लंबी उम्र की दुआएं कर रहे थे। स्वास्थ्य में सुधार भी हुआ लेकिन शनिवार को पुनः वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। 

    डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद 92 की उम्र में लता जी ने रविवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। यकीन ही नहीं हुआ कि उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। दोपहर करीब 1 बजे उनका पार्थिव शरीर एंबुलेंस के जरिए ब्रीच कैंडी अस्पताल से उनके निवास 'प्रभुकुंज' के लिए रवाना हुआ। इस दौरान पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए थे। प्रभकुंज में परिवार और प्रमुख हस्तियों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शिवाजी पार्क ले जाने के लिए तिरंगे में लिपटा लता जी का पार्थिव शरीर सुसज्जित ट्रक में रखा गया। 

    शिवाजी पार्क से 12 साल बाद हुई किसी हस्ती की अंतिम विदाई

    विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम करीब पौने छह बजे पार्थिव शरीर शिवाजी पार्क पहुंचा। जहां करीब सात बजे राजकीय सम्मान के बीच भाई संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। अंत‍िम संस्कार के लिए उनकी बहन और प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले समेत पूरा पर‍िवार पहुंचा था। लताजी की अंतिम यात्रा को देखने भारी जनसमुदाय उमड़ा। बता दें कि नवंबर 2012 के बाद यह पहला अवसर था जब किसी हस्ती की अंतिम विदाई शिवाजी पार्क से हुई। इससे पूर्व 18 नवंबर 2012 को बाला साहेब ठाकरे को यहां से अंतिम विदाई दी गई थी।

    पीएम मोदी ने पुष्पांजलि अर्पित की, परिक्रमा भी की, बोले- यह खालीपन कभी नहीं भरा जा सकेगा

    अंतिम संस्कार से पहले अंतिम दर्शन के लिए लता मंगेशकर का पार्थिव शरीर कुछ समय के लिए श‍िवाजी पार्क में रखा गया। यहां लताजी के अंतिम दर्शन करने के लिए राजनीतिक, फिल्मी सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक बड़ी हस्तियां पहुंचीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं पहुंचे और लताजी के पार्थ‍िव शरीर पर पुष्पांजल‍ि अर्प‍ित कर परिक्रमा भी की। इससे पूर्व पीएम मोदी ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "लता दीदी के गानों ने कई तरह के इमोशन्स को उभारा। उन्होंने दशकों तक भारतीय फिल्म जगत के बदलावों को करीब से देखा। फिल्मों से परे, वह हमेशा भारत के विकास के बारे में भावुक थीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थी।" पीएम ने कहा कि- 'आज का दिन बहुत दुखद है। इस खालीपन को कभी भरा नहीं जा सकता। लता दीदी देश में खालीपन छोड़ गई। आने वाली पीढ़ी उन्हें हमेशा याद रखेगी।'

    सचिन तेंडुलकर अस्पताल तो अमिताभ बच्चन लता जी के घर पहुंचे

    लताजी को श्रद्धांजलि देने और अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लगा रहा है। निधन की खबर मिलते ही मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे और लाताजी के दर्शन किए। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई स्थित उनके आवास 'प्रभुकुंज' पहुंचे। मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने भी अंतिम दर्शन किए। प्रभकुंज पहुंचने वाले स्लेब्स में श्रद्धा कपूर, अनुपम खेर, भाग्यश्री, फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर, सुपरस्टार शाहरुख खान और सिंगर शंकर महादेवन सहित अन्य शामिल हैं। अनुपम खेर ने लता मंगेशकर की प्यारी याद में ट्विटर पर एक इमोशनल नोट भी लिखा। बॉलीवुड के तमाम दिग्गज सेलेब्रिटी उन्हें सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अक्षय कुमार, भूमि पेडनेकर और दिया मिर्जा जैसे सेलेब्स ने ट्वीट करके शोक जताया है।

    नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने जताया शोक, दिनभर चला श्रद्धांजलि का दौर

    नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने नेपाली भाषा में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "कई नेपाली गीतों को अपनी सुरीली आवाज से सजा चुकीं प्रसिद्ध भारतीय गायिका लता मंगेशकर के निधन की खबर से दुखी हूं। असाधारण प्रतिभा की धनी स्वर्गीय लता मंगेशकर को मैं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।"

    लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं 'स्वर कोकिला' भारत रत्न लता मंगेशकर जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता हूं। उनके गीतों ने दुनिया भर के लोगों को भाषा की बाधाओं को तोड़ते हुए भारत से जोड़ा। उनका निधन पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।" 

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, मैं खुद को सौभाग्यशाली समझता हूं कि समय-समय पर मुझे लता दीदी का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। अपने अतुलनीय देशप्रेम, मधुर वाणी और सौम्यता से वो सदैव हमारे बीच रहेंगी। उनके परिजनों व असंख्य प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूँ। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आज मैं मुंबई आया था और दुख भरा समाचार सुना। संगीत की दुनिया में उनके योगदान को कोई भुला नहीं सकता। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनका जाना अत्यंत दुखद है। कला जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है। 

    कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने - शोक जताया। उन्होंने कहा, "आज एक युग का अंत हो गया। लता जी हमेशा पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगी।" राहुल गांधी ने भी शोक जताया। उन्होंने लिखा, "लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त किया। वह कई दशकों तक भारत की सबसे प्रिय आवाज बनी रहीं। उनकी सुनहरी आवाज अमर है और उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।"

    शिवसेना सांसद संजय राउत ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि महान गायिका लता मंगेशकर का निधन हो गया है। डॉक्टरों ने इससे पहले शनिवार को जानकारी दी थी कि लता मंगेशकर को स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद वेंटिलेटर से आईसीयू शिफ्ट किया गया था लेकिन अचानक बीते रोज उनकी सेहत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें फिर वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार सुबह उन्होंने अस्पताल में ही आखिरी सांस ली। राउत ने कहा- लता मंगेशकर हमेशा अमर रहेंगी।

    गीत-संगीत की दुनिया के फनकारों ने भी जताया दुख, बताया बड़ी क्षति

    पद्म भूषण उस्ताद राशिद खान ने कहा- लता मंगेशकर भारत की शान हैं। उनके निधन से मुझे और पूरे देश को गहरा सदमा पहुंचा है। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले। हम उन्हें हमेशा याद रखेंगे; उनकी जगह कोई नहीं ले सकता।

    संगीतकार एआर रहमान ने भी लता जी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा- हमारे लिए दुखद दिन है। लता जी कोई सिर्फ एक आइकन ही नहीं हैं, वह भारत के संगीत और कविता का एक हिस्सा हैं; यह शून्यता सदा बनी रहेगी। मैं लता दीदी को याद करते हुए जागता था और प्रेरित हो जाता था; कुछ गाने रिकॉर्ड करने और उनके साथ गाने के लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। वहीं अभिनेता धर्मेंद्र बोले- लता मंगेशकर के निधन पर पूरी दुनिया दुखी है।

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    Sun, 06 Feb 2022 23:48:02 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Alert ! कहीं आपके बैंक खाते पर भी तो नहीं है साइबर चोरों की नजर, RBI कहता है& ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय रहें सावधान https://acntimes.com/Alert-There-is-no-eye-of-cyber-thieves-even-on-your-bank-account-RBI-says-be-careful-while-doing-online-transactions https://acntimes.com/Alert-There-is-no-eye-of-cyber-thieves-even-on-your-bank-account-RBI-says-be-careful-while-doing-online-transactions एसीएन टाइम्स @ डेस्क । ऑनलाइन लेन-देन के दौरान ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर चोरों की नजर हर बैंक खाते पर है, संभवत: आपके खाते पर भी। इसके मद्देनजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) सावधानी बरतने के लिए आगाह किया है ताकि कोई आपके खून-पसीने की कमाई पर डाका न डाल सके।

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक ट्वीट कर ग्राहकों को अलर्ट किया है। आरबीआई कहता है- आप बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए सुरक्षित वेबसाइट और ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। पब्लिक नेटवर्क से किसी भी प्रकार का लेन-देन न करें। ऐसा करने से आप ठगी का शिकार हो सकते हैं और आपके खून-पसीने के कमाई पर डाका डाला जा सकता है। आरबीआई ने अपना ओटीपी, सीक्रेट पिन कोड, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी कोड आदि किसी से भी शेयर नहीं करने की हिदायत दी है।

    प्रायः देखने में आया है कि साइबर अपराध से जुड़े अपराधी आपकी गोपनीय जानकारी प्राप्त करने के लिए जालसाजी करते हैं। वे धोखे से आपकी KYC का ब्यौरा अपडेट करने के लिए कहते हैं। कई बार वे KYC का सुझाव देकर अथवा नौकरी का ऑफर देते हैं। कभी-कभी आपका बैंक खाता ब्लॉक होने का हवाला भी दिया जाता है ताकि आप डर कर अपनी गोपनीय जानकारी दे दें और उन्हें आपके खाते को खाली करने का मौका मिल जाए। इसके लिए लॉटरी लगने के बहाने से भी आपसे ओटीपी व अन्य जानकारी मांगी जाती है। ऐस धोखाधड़ी करने वालों में धोखेबाज बैंककर्मी, फर्जी या घोटालेबाज बीमा अभिकर्ता, फर्जी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य सेवा या दूरसंचार से जुड़े फर्जी कर्मचारी शामिल होते हैं।

    अंजान लिंक पर कभी भी क्लिक न करें

    कई बार आपको लोक-लुभावने ऑफर वाले मैसेज आते हैं। यदि ऐसे ऑफर अधिकृत एप या वेबसाइट से नहीं आए हों तो उन्हें कभी भी क्लिक न करें। ऐसी फर्जी लिंक फिशिंग वेबसाइट से भेजी गई होती हैं। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करेंगे आप उक्त वेबसाइट में प्रवेश कर जाएंगे और आपके साथ धोखाधड़ी का शिकार बन सकते हैं।

    OTP और PIN को किसी से साझा न करें

    लोग विभिन्न प्रकार के ऑफर देकर आपसे ओटीपी चाहते हैं। वे कह सकते हैं कि आपके ओटीपी या पिन बताने पर ही आपके खाते में राशि स्थानांतरित हो जाएगी। जबकि सच्चाई यह है कि किसी से भी खाते में राशि प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार के ओटीपी या पिन की जरूरत नहीं पड़ती। यह राशि भुगतान में ही जरूरी होते हैं। अतः जब भी ऐसा कोई मैसेज या कॉल आए तो एहतियात बरतें और शिकायत करें। आरबीआई सहित सभी बैंक व संस्थान स्पष्ट करते रहते हैं कि उनके द्वारा ईमेल, वाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से कोई जानकारी नहीं मांगी जाती।

    अनजान सेवाप्रदाता व ई-कॉमर्स पोर्टल या वेबसाइट पर न करें भुगतान

    कई जालसाज अपनी सेवाओं के एवज में भुगतान की डिमांड करते हैं। इसके लिए वे आपके बैंक खाते का विवरण चाहते हैं। इसके लिए एटीएम कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी भी दर्ज करवा लेते हैं। इसलिए ऐसे अनजान सेवाओं वाले या ई-कॉमर्स पोर्टल व वेबसाइट पर कभी भी ऐसी जानकारी दर्ज न करें और भुगतान न करें। ऐसे पोर्टल और वेबसिट आपको ऑनलाइन जॉब या नौकरी देने का लालच देकर ठगी कर सकते हैं।

    अगर कोई नंबर चाहिए तो ऑफिशियल वेबसाइट से ही लें

    बीमा, बैंक सहित कई अन्य नाम से जालसाज आपको प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी वेबसाइट और पोर्टल भी आपको बताए जाएंगे जिस पर बकायदा कस्टमर केयर का नंबर भी दर्शित होगा। ये नंबर आपका भरोसा जीतने के लिए दिए जाते हैं जो आपसे वही बात करेंगे और जानकारी लेंगे जो उनके लिए काम की हो और आपको ठगने में काम आ सके। इसलिए हमेशा कस्टमर केयर का नंबर ऑफिशियल बेवसाइट से ही प्राप्त करें।

    ... और सबसे जरूरी बात

    जब भी आपके साथ कोई फ्रॉड हो जाए तो उसकी शिकायत साइबर सेल और अपने बैंक में करना न भूलें। शिकायत बिना देर किए करें क्योंकि आरबीआई कहता है- कि यदि आपने समय रहते फ्रॉड की शिकायत की है तो आपके नुकसान भी भरपाई काफी हद तक संभव है।

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    Fri, 04 Feb 2022 23:19:20 +0530 Niraj Kumar Shukla
    वित्त मंत्री डॉ निर्मला सीतारमण का ऐलान& टैक्सपेयर्स को दो साल तक रिवाइज्ड ITR भरने की छूट... लेकिन *शर्ते लागू, जानिए क्या हैं ये शर्तें https://acntimes.com/Taxpayers-are-allowed-to-file-Revised-ITR-for-two-years-but-conditions-apply https://acntimes.com/Taxpayers-are-allowed-to-file-Revised-ITR-for-two-years-but-conditions-apply बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री ने किया था छूट का ऐलान, जानका्रों के अनुसार शर्तों के बिना मिले छूट

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्‍ली : वित्‍त मंत्री डॉ. निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने टैक्सपेयर्स को दो साल तक रिवाइज ITR (इनकम टैक्स रिटर्न) भरने की छूट देने का ऐलान किया है। प्रथमदृष्टया तो यह राहत वाली घोषणा जान पड़ती है लेकिन इस छूट का लाभ सभी टैक्सपेयर्स नहीं उठा पाएंगे। इसकी वजह इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सरकार द्वारा लागू की गई शर्तें हैं।

    वित्‍तमंत्री सीतारमण ने रिवाइज ITR में छूट देने की घोषणा संसद में बजट प्रस्तुत करने के दौरान की थी। उनका कहना कहना था कि- 'अगर किसी वजह से ITR में कोई गलती हो गई है अथवा टैक्‍स चुकाने में फेल हो गए हों तो करदाता अगले दो वित्‍तीय वर्ष तक रिवाइज ITR भर सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्‍हें टैक्‍स पर ब्‍याज के रूप में 25 से 50 फीसदी तक अतिरिक्‍त भुगतान करना होगा। इसके अलावा भी सरकार ने कई शर्तें लागू हैं जिसके चलते अब उक्त छूट का लाभ सभी टैक्सपेयर्स नहीं उठा पाएंगे। अगर आप एक भी शर्त के दायरे में आते हैं तो आपको इसका फायदा नहीं मिलेगा। जबकि यह फायदा उन सभी टैक्सपेयर्स को मिलना चाहिए जो ITR भरने की आखिरी तारीख चूक जाते हैं।

    इन्हें नहीं होगी रिवाइज ITR भरने की पात्रता

    • यदि आप ऐसे टैक्सपेयर हैं जिनकी आमदनी नुकसान में है तो आप रिवाइज ITR नहीं भर पाएंगे।
    • यदि आपके रिफंड की राशि पूर्व में फाइल किए गए ITR में कम था और रिवाइज ITR में बढ़ रहा है तो आपका रिवाइज ITR मान्य नहीं होगा।
    • आपने पहले अपनी टैक्स देनदारी ज्यादा बताई थी और अब कम आ रही है तो भी आपको इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
    • यदि आयकर विभाग द्वारा आपके विरुद्ध स्क्रूटनी प्रारंभ कर दी है तब भी आप वित्त मंत्री द्वारी की गई घोषणा का फायदा नहीं उठा पाएंगे।
    • यदि आप ऐसे करदाता हैं जिनके यहां आयकर विभाग द्वारा छापे की कार्रवाई की गई हो अथवा आपका नाम सर्चिंग के दौरान अघोषित आय उजागर होने में आया हो तो आप रिवाइज ITR फाइल नहीं कर पाएंगे।

     अब ‘जो भी करें परफेक्ट करें’ वाली एप्रोच जरूरी

    टैक्स से जुड़े मामलों के जानकारों के अनुसार वित्त मंत्री की यह घोषणा सभी टैक्सपेयर्स को फायदा पहुंचाने वाली प्रतीत नहीं होती। शर्तें लागू होने से बहुत से टैक्सपेयर्स को परेशानी का सामना कर पड़ सकता है। प्रसिद्ध कर सलाकार गोपाल काकानी भी मानते हैं अब यदि कोई जल्दी में ITR भर दे और वह रिवाइज्ड ITR भरना चाहे तो यह संभव नहीं होगा। यानी अब ‘जो भी करें परफेक्ट करें’ वाली एप्रोच जरूरी हो गई है। काकानी के मुताबिक रिवाइज्ड ITR में सही गणना में कम करने ऑप्शन टैक्सपेयर्स को मिलना चाहिए। यह एक प्रकार का मौलिक अधिकार भी है।

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    Thu, 03 Feb 2022 02:38:16 +0530 Niraj Kumar Shukla
    इनकम टैक्स के छापे में पूर्व IPS अफसर के घर के बेसमेंट में मिले 650 से अधिक गुप्त लॉकर, 2000 और 500 रुपए के नोटों का मिला खजाना https://acntimes.com/More-than-650-secret-lockers-found-in-the-basement-of-former-IPS-officers-house https://acntimes.com/More-than-650-secret-lockers-found-in-the-basement-of-former-IPS-officers-house एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश से नोएडा के सेक्टर 50 में एक सेवानिवृत्त आईपीएस अफसर के घर आयकर विभाग की रेड में कुबेर का खजाना निकला। पूर्व अधिकारी के घर के बेसमेंट में 650 लॉकर मिले हैं। अधिकारी समाजवादी पार्टी का करीबी बताया जा रहा है।

    जानकारी के अऩुसार आयकर विभाग द्वारा पूर्व आईपीएस अधिकारी आर. एन. सिंह (Former IPS RN Singh ) के यहां सर्चिंग की। इसस दौरान टीम को अधिकारी के नोएडा के सेक्टर 50 में स्थित मकान में 2000 और 500 रुपए के नोटों का खजाना मिला। बताया जा रहा है कि मकान के बेस्टमेंट के एक फर्म का संचालन हो रहा था जिसमें 650 प्राइवेट लॉकर मिले। आयकर विभाग यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आईपीएस के घर मिले रुपए बेमानी हैं या नहीं। इसलिए फिलहाल विभाग ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।

    आयकर विभाग की टीम ने पूर्व आईपीएस अधिकारी के यहां रविवार देर शाम सर्चिंग शुरू की थी। कार्रवाई अभी तक जारी है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग की कई टीमों ने वाराणसी और जौनपुर में एक साथ 10 से अधिक ठिकानों में छापामारी की थी। 

    रिटायर्ड अफसर बोले- बेटे के हैं लॉकर, किराये पर देता है

    मीडिया रिपोर्ट के अऩुसार पूर्व आईपीएस अधिकारी सिंह का कहना है कि वे गांव में रहत हैं। उनका बेटा यहां प्राइवेट लॉकर लोगों को किराये पर उपलब्ध कराता है। जो रुपए मिले हैं वे लोगों द्वारा लॉकर में रखे गए हैं। इसकी पूरा हिसाब है। सिंह की मानें तो उनका बेटा बैंक से ज्यादा अच्छी सेवाएं देता है जिसके चलते लोग उसके यहां के किराये के लॉकर में लोग रुपए रखते हैं।

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    Wed, 02 Feb 2022 05:09:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    यदि क्लेम देते समय हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की नियत में आ जाए खोट और करे भुगतान में आनाकानी तो कानून में मिले अधिकारों का उपयोग कर ऐसे करें चोट https://acntimes.com/What-to-do-if-health-insurance-claim-is-not-received https://acntimes.com/What-to-do-if-health-insurance-claim-is-not-received बीमा कंपनी ने आपका हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम देने इनकार कर दिया है तो पढ़ें यह खबर, ...क्योंकि हमें आपकी फिक्र है

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जैसे-जैसे आधुनिकता आ रही है वैसे-वैसे बीमारियां भी बढ़ रही हैं। रहन-सहन और खान-पान और जिंदगी की भागदौड़ कई बीमारियों के मुख्य कारण हो गए हैं। बीमारी छोटी हो या बड़ी, लेकिन इनके इलाज का खर्च वहन करना आसान नहीं है। लोगों की जिंदगी भर की जमा पूंजी इसकी भेंट चढ़ जाती है। कोरोना जैसी बीमारियों ने तो स्थिति और भी भयावह कर दी है। ऐसे में रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा हेल्थ इंश्योरेंस मूल आवश्यकता हो गई है।

    ज्यादातर लोग अब हेल्थ इंश्योरेंस करवा रहे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इलाज आसानी से हो सके। नतीजतन हेल्थ इंश्योरेंस की योजनाएं और कंपनियां बहुतायत में बाजार में आ चुकी हैं। कई बार देखने में आया है कि जब जरूरत पड़ती है तो यही कंपनियां अपने वायदे के मुताबिक हेल्थ इंश्योरेंस का क्लेम देने में आनाकानी करती हैं। अगर आपके साथ भी हुआ है ऐसा तो आप चिंता न करें और यहां बताए अनुसार अपने कानूनी अधिकारों का उपयोग करें।

    कानूनी अधिकारों को जानने से पहले यह जानना जरूरी है कि हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी क्या हैं और ये कैसे काम करती हैं। दरअसल ये ऐसी संस्थाएं हैं जो स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पॉलिसी लेने वाले से अनुबंध करती हैं। कोई भी अनुबंध बिना शर्तों के नहीं होता खासकर तब जब बात रुपए-पैसों के भुगतान से जुड़ा हो। यानी हेल्थ इंश्योरेंस करते समय ये कंपनियां ग्राहकों का शर्तों के अधीन बीमा करती हैं या एक वचन देते हैं उनके द्वारा दिए जाने वाले प्रीमियम के एवज में नियत अवधि के दौरान जब उन्हें इलाज के लिए राशि की जरूरत होगी तो वे उपलब्ध कराएंगी। राशि कीक सीमा भी नियत होती है जो इलाज के दौरान या उसके बाद देय हो सकती है।

    कैशलेस इलाज की पॉलिसी की डिमांड ज्यादा

    अब कैशलेस इलाज की अवधारणा पर ज्यादा काम हो रहा है और लोग भी यही पसंद करते हैं। इसमें ग्राहक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही इंश्योरेंस कंपनी सारे खर्च उठाती है। कंपनी इलाज पर व्यय होने वाली सारी राशि स्वयं ही अनुबंधित अथवा संबंधित अस्पताल को उपलब्ध कराती हैं जहां पॉलिसीधारक का इलाज हो रहा होता है। इलाज के दौरान होने वाले कुछ खर्च ऐसे भी होते हैं जो इंश्योरेंस कंपनी वहन नहीं करतीं। हालांकि इसके एवज में ग्राहक को एक प्रीमियम चुकाना होती है जो एक वर्ष तक के लिए रहती है। बाजार में व्यक्तिगत और सामूहिक इंश्योरेंस की योजनाएं उपलब्ध हैं।

    सरकार के नियमों का पालन करना है बंधनकारी

    कई बार देखने में आया है कि पॉलिसी बेचने के दौरान तो इंश्योरेंस कपनियां काफी लोकलुभावने वादे करती हैं लेकिन इलाज के दौरान या उसके बाद क्लेम देने से इनकार कर देती हैं। ऐसा कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है। ग्राहकों को होने वाली ऐसी परेशानियों और इंश्योरेंस कंपनियों के एकाधिकार या अनियमितता पर रोक लगाने के उद्देश्य से ही सरकार ने कुछ नियम लागू किए हैं। हर श्योरेंस कंपनी के लिए इन नियमों का पालन करना अऩिवार्य है। यानी वे सरकार के अधीन ही कार्य करती हैं। बावजूद ये कंपनियां कई बार शर्तों का उल्लंघन बताकर क्लेम निरस्त कर देती हैं या फिर इलाज के दौरान अस्पताल में भुगतान के लिए भी मना कर देती हैं। यह स्थिति पॉलिसीधारक के लिए काफी परेशानी वाली बन सकती है।

    प्रायः कब निरस्त हो सकता है क्लेम

    • पॉलिसी में दी गई अवधि के बाद व्यक्ति का बीमार होना।
    • नियत समय पर इंश्योरेंस कंपनी को अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी नहीं देना।
    • बिल में अनावश्यक दवाइयां अथवा जांच आदि होने पर।
    • यदि पूर्व में कोई बीमारी है जो पॉलिसी लेते समय छिपाई गई हो।
    • जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर 

    सभी शर्तें-नियम ठीक से पढ़ें, अपनी जानकारी छिपाएं नहीं

    • लोन लेना हो या इंश्योरेंस, सभी में कई शर्तें होती हैं। इन्हीं शर्तों के आधार पर ही आपको डिफाल्टर बनाती है। इसलिए जब भी कोई पॉलिसी लें या उसका फॉर्म भरें तो उसकी शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें।
    • एजेंट या इंश्योरेंस कंपनी के एम्पलाई द्वारा यदि कुछ बताया जा रहा है या शर्तों पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं तो उनका रिकॉर्ड अवश्य रखें ताकि जरूरत पड़ने पर काम आ सकें। संभव हो तो रिकॉर्ड कर लें और फोटोकॉपी करवा लें।
    • हेल्थ पॉलिसी लेते समय अपनी पुरानी बीमारी या मौजूदा बीमारी के बारे में न छिपाएं। अस्पताल में भर्ती हने पर आपका यह झूठ पकड़ा जा सकता है। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी क्लेम का भुगतान करने से रोक सकती है। 

    ...फिर नैतिकता को परे रख दे इंश्योरेंस कंपनी तो लें उपभोक्ता फोरम की शरण

    ऐसे मामले भी आते हैं जब सबकुछ सही होते हुए भी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने में आनाकानी करती है। यदि इस तरह कोई कपनी आपका क्लेम रोकती है तो परेशान न हों बल्कि ग्राहक को मिले कानून का उपयोग करें। ऐसा कर के आप अपने नुकसान की भरपाई करवा सकते हैं। वैसे भी बाजारवाद के दौर में ग्राहक की संतुष्टि ही सबकुछ है और इसके लिए उसे अधिकार संपन्न भी बनाया गया है। यदि आपका क्लेम खारिज कर दिया जाए तो आप उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर सकते हैं। फोरम की स्थापना उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ही उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत हुई है। अधिनियम की धारा 35 के अंतर्गत आप याचिका दायर कर सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार की कोर्ट फीस आदि का भुगतान नहीं करना पड़ता। बता दें कि- इस प्रकार के वाद सामान्य मुकदमों की तरह ही चलते हैं और प्रायः एक साल के भीतरह इनका निराकरण भी हो जाता है।

    ... तो हो सकता है ग्राहक के पक्ष में एकतरफा फैसला

    ग्राहकों के साथ हुई किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, नियमों की अनदेखी, हितों की हानि, सेवा में कमी आदि पर अन्य किसी भी न्यायालय में प्रकरण नहीं चल सकता। यह सिर्फ उपभोक्ता फोरम के अधिकार क्षेत्र का मामला है। अन्य मामलों की तरह यहां प्रक्रिया भी ज्यादा नहीं हैं। वाद दायर होने के बाद सेवाप्रदाता को दो बार नोटिस जारी होते हैं। उसे ग्राहक द्वारा लगाए आरोपों के संबंध में अपना जवाब प्रस्तुत करना होता है। यदि इंश्योरेंस कंपनी यह साबित नहीं कर पाने में सफल होती है कि शर्तों का उल्लंघन हुआ है तो फोरम ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाती है। यदि कंपनी नोटिस जारी करने के बाद भी जवाब देने के लिए फोरम में उपस्थित नहीं होती है तो फोरम ग्राहक के पक्ष में एक-तरफा फैसला सुनान देता है।

    राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील का अधिकार भी

    ऐसे में आदेश का पालना करना इंश्योरेंस कंपनी या अन्य सेवाप्रदाता के लिए अनिवार्य हो जाता है। प्रायः फोरम इंश्योरेंस कंपनी को अस्पताल का सारा खर्च उठाने का आदेश देती है जो पॉलिसीधारक द्वारा किया गया होता है। वाद व्यय का भुगतान भी कंपनी को ही करना पड़ता है। यदि चाहे तो वह राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील प्रस्तुत कर सकती है। यह अपील ग्राहक भी कर सकता है यदि वह जिला उपभोक्ता फोरम के फैसले से संतुष्ट नहीं हो। राज्य स्तर पर हुआ आदेश अंतिम होता है जिसे मान्य करना जरूरी है।

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    Mon, 31 Jan 2022 13:53:45 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भ्रष्टाचार मामले में हमारा देश 180 देशों की सूची में 85वें स्थान पर, गत वर्ष से एक पायदान ऊपर खिसका वहीं पाकिस्तान 16 पायदान नीचे लुढ़ककर 140वें स्थान पर पहुंचा https://acntimes.com/Our-country-ranks-85th-in-the-list-of-180-countries-in-corruption-case https://acntimes.com/Our-country-ranks-85th-in-the-list-of-180-countries-in-corruption-case एसीएन टाइम्स @ डेस्क । देश में भ्रष्टाचार को लेकर कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। भ्रष्टाचार के पैमाने वाली 180 देशों की सूची में भारत का नंबर 85वां हैं। पिछले साल के मुकाबले हमारा देश महज एक पायदान ऊपर खिसका है जो मामूली सुधार है। अगर पड़ोसी देश पाकिस्तान की बात करें तो उसकी स्थिति काफी दयनीय है। पाकिस्तान बीते एक साल में भ्रष्टाचर के मामले में 16 पायदान नीचे गिरा। सूची में उसका नंबर 140वां है।

    विश्व का कौन सा देश कितना भ्रष्ट है और कौन इससे मुक्त है, इसका वैश्विक सर्वेक्षण ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल  (Transparency International) नामक एजेंसी द्वारा किया जाता है। यह सर्वेक्षण में विश्व के 180 देश शामिल होते हैं। लोगों के निजी अनुभवों के आधार यह तय होता है कि किस देश में भ्रष्टाचार के मामले में सुधार हुआ और किसमें नहीं। एजेंसी द्वारा यह करप्शन इंडेक्स (Corruption index) प्रतिवर्ष जारी करता है। एजेंसी ने 2021 का करप्शन इंडेक्स मंगलवार को जारी किया। इसमें सबी 180 देशों को शून्य से 100 तक अंक दिए गए हैं। इसमें शून्य से आशय पूर्णतः भ्रष्टाचार मुक्त और 100 अंक सर्वोच्च भ्रष्ट देश से है। इन अंकों के साथ ही सभी देशों को भ्रष्टाचार के स्तर (कम से ज्यादा) के आधार पर पदक्रम नियत किया जाता है।

    डेनमार्क भ्रष्टाचार मुक्त तो साउथ सूडान सबसे भ्रष्ट देश 

    2021 की रिपोर्ट के अनुसार भ्रष्टाचार से मुक्त देशों में डेनमार्क, फिनलैंड और न्यूजीलैंड हैं सबसे ऊपर हैं। इन सभी को 88 अंक मिले हैं। वहीं सबसे नीचे 180वें स्थान पर 11 अंक के साथ साउथ सूडान है। भारत और पाकिस्तान क्रमशः 85वें और 140वें स्थान पर हैं। आंकों की बात करें तो भारत को 100 CPI स्कोर में से 40 अंक मिले वहीं पाकिस्तान को 28 मिले। 2020 के करप्शन इंडेक्स में दोनों क्रमशः 86वें और पाकिस्तान 124वें स्थान पर था। यानी बीते एक साल में भारत एक पायदान ऊपर उठा जबकि पाकिस्तान 16 पायदान नीचे गिरा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत 180 में से उन 86 फीसदी देशों में शामिल है जहां 2012 के बाद से भ्रष्टाचार मुक्ति को लेकर बहुत कम या कोई प्रगति नहीं हुई। 2012 में भारत 95वें पायदान पर था।

    सरकार के खिलाफ बोलने वाले बने निशाना

    ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशल ने भारत के इस ठहराव को चिंताजनक बताया है। रिपोर्ट में देश की लोकतांत्रिक स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की गई है। यह भी बताया गया है कि देश में पत्रकार और कार्यकर्ता विशेष तौर पर जोखिम से जूझ रहे हैं। वे पुलिस, रानीजितक लोगों, उग्रवादियों, आपराधिक गिरोह तथा स्थानीय भ्रष्ट अधिकारियों के शिकार बने हैं। यहां सरकार के खिलाफ बोलने वाले नागरिकों, समाज और संगठनों को सुरक्षा, मानहानि, देशद्रोह, अभद्र भाषा और अदालत की अवमानना के आरोपों के साथ ही विदेशी फंडिंग आदि को लेकर भी निशाना बनाए गए।

    भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन हुए लेकिन बदलाव न के बराबर हुआ

    तीन साल से औसत स्कोर 45 जबकि 70 फीसदी देश 50 से नीचे की रैंक वाले हैं। भारत की ही तरह चीन को भी खराब स्कोर वाले देशों में माना गया है। एजेंसी का मानना है कि ऐसे देशों में सरकारें उसके विरुद्ध उपजने वाली असहमति को कुचलती हैं और मानव अधिकारों को भी सीमित कर देती हैं। एशिया के ऐसे देशों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों ने आंदोलन भी किए फिर भी बीते एक दशक में बहुत कम बदलाव देखने को मिला। यहां लोकलुभावन और निरंकुश नेताओं द्वारा सत्ता पर काबिज रहने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी संदेशों का चयन कर लोगों को प्रदर्शन के लिए सड़क पर जाने से रोका गया। इसके उलट बीते एक दशक के दौरान सेशेल्स और आर्मेनिया जैसे छोटे देशों ने बड़ी प्रगति की है। यहां भ्रष्टाचार में कमी आई।

    बड़े देशों की स्थिति में एक दशक में आया सुधार

    इसी तरह बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में इटली, चीन, ऑस्ट्रिया, यूके और अर्जेंटीना के स्कोर में भी सुधार दर्ज किया गया। 10 वर्षों के दौरान ऑस्ट्रेलिया ने 85 से 73 पर, कनाडा 84 से 74 और अमेरिका ने 73 से 67 अंक पर पहुंच कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। 27 देश ऐसे हैं जहां 2021 में सुधार होने के बजाय स्थिति बिगड़ी।

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    Wed, 26 Jan 2022 11:21:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
    नन से 13 बार ज्यादती के केस में बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बरी करने पर वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने उठाए सवाल, बोलीं& ये फैसला न्याय का अपमान है https://acntimes.com/Senior-advocate-Rebecca-John-raised-questions-on-the-acquittal-of-Bishop-Franco-Mulakkal-in-the-case-of-nun-atrocities-13-times https://acntimes.com/Senior-advocate-Rebecca-John-raised-questions-on-the-acquittal-of-Bishop-Franco-Mulakkal-in-the-case-of-nun-atrocities-13-times कोट्टायम पुलिस ने फ्रैंको को 19 सितंबर 2018 को किया था गिरफ्तार, कोर्ट में 26 माह चले ट्रायल के बाद 14 जनवरी को हुआ बिशप को बरी करने का फैसला

    एसीएन टाइम्स @ डेस्क । एक नन से 13 बार ज्यादती (Nun Rape Case)  के कथित आरोपी कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल (Bishop Franco Mulakkal) को बरी किए जाने के केरल ट्रायल कोर्ट के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन (Rebecca Jon) ने उठाया है। उन्होंने इस फैसले को न्याय का अपमान बताते हुए रेप पीड़िता की गवाही को अन्य मामलों से अलग रख कर देखे जाने की वकालत की है। रेबेका के अनुसार इस फैसले ने न्यायशास्त्र को ही उलट दिया है जो कि देश के कानून की अवहेलना है।

    ऑपइंडिया.कॉम में प्रकाशित खबर के अनुसार केरल की एक अदालत द्वारा नन रेप केस में बिशप फ्रैंको मुलक्कल को बरी किए जाने के फैसले को लेकर वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अदालत के फैसले पर सवाल उठाया है। बकौल रेबेका- “कोटाय्यम के ट्रायल कोर्ट के फैसले से जो मुझे समझ आया, वो ये है कि आरोपित की जगह रेप पीड़िता ट्रायल पर चली गई है। इस फैसले ने उसे (पीड़िता) नकारा है और उस पर अविश्वास जताया है, जो कि कानून में अस्वीकार्य है।”

    पुलिस के साथ बिशप फ्रैंको मुलक्कल। (फाइल फोटो)

    रेबेका जॉन कहती हैं कि- कोर्ट ने रेप पीड़िता के सबूतों को नकारने और उनपर अविश्वास जताने में काफी समय खर्च कर दिया। यह इसलिए हुआ क्योंकि पीड़िता ने अपनी पहली एफआईआर और अन्य सिस्टर्स के समक्ष अपने  साथ हुए यौन अपराध की सीमा का खुलासा नहीं किया था। अदालत रेप पीड़िता की स्थिति समझने में विफल रही है। वकील जॉन के मुताबिक यह फैसला एक उपहास है। क्योंकि रेप पीड़िता की गवाही को हमेशा अन्य अपराधों की गवाही से अलग रखकर देखना चाहिए। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट भी पहले कई बार बोल चुका है।

    एफआईआर तथ्यों का विश्वकोश नहीं, उच्च व केरल न्याया के निर्णयों के लिए भी सम्मान नहीं

    ऑपइंडिया.कॉम के अनुसार वरिष्ठ वकील ने कहा है, कि- FIR तथ्यों का विश्वकोश नहीं है। इसमें केवल व्यापक मापदंडों का उल्लेख किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेशक नन ने पहली एफआईआर में यौन अपराध के विवरण का उल्लेख नहीं किया, लेकिन सहज होने के बाद उसने मजिस्ट्रेट के सामने पूरा घटनाक्रम बताया। इसिलए सिर्फ पहली प्राथमिकी के आधार पर ज्यादती पीड़िता की गवाही खारिज करना और बदनाम करना अनावश्यक था। इतना ही नहीं ट्रायल कोर्ट के निर्णय में उच्च न्यायालय और केरल न्यायालय के निर्णयों के लिए भी कोई सम्मान नहीं है।

    शपथ लेने के बाद दिए बयान को नहीं माना, पुराने पर किया विश्वास

    वरिष्ठ वकील ने फैसले को पढ़ने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है कि फैसले के पीछे पूर्वनिर्धारित मानसिकता थी कि अभियुक्त को बरी किया जाना चाहिए। इसलिए कोर्ट ने शपथ लेने के बाद दिए गए बयान को नहीं माना, पुराने बयानों पर ही विश्वास किया। यह एक साहसिक पीड़िता  और उसकी तीन साथियों को बदनाम करने जैसा है।

    जानिए कौन हैं कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाने वाली वकील रेबेका जॉन

    रेबेका जॉन, एडवोकेट (फाइल फोटो)

    रेबेका जॉन देश की वरिष्ठ वकील हैं। वे दिल्ली के आरुषि तलवार हत्याकांड, शेयर घोटाले हर्षत मेहता स्कैम, हाशमीपुरा में हुए नरसंहार, 1984 में हुए सिख नरसंहार और 2जी स्पेक्ट्रम जैसे बड़े मामले संभाल चुकी हैं। ऐसी वरिष्ठ वकील का किसी न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाना गंभीर और विचारणीय मामला है खास तक ज्यादती, अप्राकृतिक यौन संबंध और पीड़िता को धमकाने जैसे आरोप से जुड़े मामले को लेकर।

    यह है पूरा मामला : कॉन्वेंट की ननों ने किया था बिशप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

    रेप पीड़िता के पक्ष में विरोध प्रदर्शन करने वाली अन्य सिस्टर्स और नन को कॉन्वेंट से बाहर निकाला जाने लगा था। (फाइल फोटो)

    कोट्टायम पुलिस को 29 जून 2018 को एक नन ने शिकायत दर्ज कराई। नन ने पुलिस को बताया था कि कैथोलिक बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने अपने कॉन्वेंट में 2014 से 2016 के दरम्यिन उसके साथ 13 बार ज्यादती की। बिश पर नन को गलत तरीके से कैद करने, ज्यादती, अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने और धमकी देने का भी आरोप था। इसे लेकर कॉन्वेंट की कई नन ने बिशप के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था। इसके चलते कोट्टायम पुलिस ने फ्रैंको को 19 सितंबर 2018 को गिरफ्तार कर चालान कोर्ट में पेश किया था। पुलिस द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट दाखिल की गई थी जिसमें 83 गवाहों के बयान दर्ज थे। 26 महीने चले ट्रायल के बाद गत इस 14 जनवरी को कोर्ट ने बिशप को बरी कर दिया था। फैसला आने के बाद फ्रैंको मुअक्कल के वकील ने रिपब्लिक टीवी से कहा था कि पीड़िता झूठ बोल रही थी। उसके आरोपों में कोई सच्चाई नहीं थी। उन्होंने इस मामले को फ्रैंको मुअक्कल के खिलाफ नहीं, बल्कि ईसाइयत के खिलाफ बताया था।

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    Tue, 25 Jan 2022 12:06:31 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पराक्रम के पर्याय नेताजी सुभाषचंद्र बोस... जिन्होंने कहा था& एक सैनिक की शहादत से ही देश हमेशा जिंदा रहता है https://acntimes.com/Special-on-Netaji-Subhash-Chandra-Bose-Jayanti-Parakram-Diwas https://acntimes.com/Special-on-Netaji-Subhash-Chandra-Bose-Jayanti-Parakram-Diwas पराक्रम दिवस (नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती) पर विशेष

    - श्वेता नागर

    स्वामी विवेकानंद की आँखों में पलता भारत माता की अस्मिता और स्वाधीनता का स्वप्न... और... इस स्वप्न को साकार करने के लिए स्वामी जी की प्रबल इच्छाशक्ति ने प्रकृति, पर्यावरण और परमात्मा को उनके इस दिव्य कार्य में सहभागी बनाया। इसलिए इसे दिव्य संयोग ही कहा जा सकता है कि बंगाल की भूमि से ही जन्में एक वीर साहसी युवक ने स्वामी जी के विचारों को मूर्त रूप दिया और वे थे वीरता, साहस के पर्याय नेताजी सुभाषचंद्र बोस।

    स्वामी विवेकानंद

    ऐसा लगता है कि 1893 शिकागो विश्वधर्म महासभा में स्वामी जी की दिव्य वाणी की अनुगूंज ने ब्रह्मांड की सकारात्मक शक्तियों को सक्रिय कर दिया और इसका परिणाम था, 23 जनवरी 1897 को उड़ीसा के कटक शहर में सुभाष चंद्र बोस जैसी विभूति का जन्म। स्वयं सुभाषचंद्र बोस भी स्वामी विवेकानंद के विचारों से अत्यंत प्रभावित थे, वे स्वामी विवेकानंद को अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे इसलिए उनके विचारों के प्रभाव के कारण ही सुभाष चंद बोस ने आई.सी.एस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भी ब्रिटिश सरकार का अधिकारी न बनते हुए भारत की स्वतंत्रता संग्राम का योद्धा बनना पसंद किया। 
     सुभाषचंद्र बोस ने स्वयं कहा भी था, "हम सभी के अंदर बस एक इच्छा होनी चाहिए... मरने की इच्छा... ताकि भारत जी सकेl एक सैनिक की शहादत से ही देश हमेशा जिंदा रहता हैI"

     सुभाषचंद्र बोस की शुरुआती स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने रेवेनशा कॉलेजिएट स्कूल  (ravenshaw collegiate School) में दाखिला लिया। उसके बाद उन्होंने प्रेसिडेंसी कॉलेज कोलकाता में प्रवेश लिया। परंतु उग्र राष्ट्रवादी गतिविधियों के कारण उन्हें वहाँ से निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए कैंब्रिज विश्वविद्यालय चले गये। 

     भारत आने के बाद वे महात्मा गांधी और चितरंजनदास से मिले। सुभाषचंद्र बोस चितरंजन दास के विचारों और कार्य योजना से ज्यादा प्रभावित हुए। इसलिए चितरंजन दास को वे अपना राजनीतिक गुरु मानते थे। 1921 में चितरंजन दास की स्वराज पार्टी द्वारा 'फॉरवर्ड' के संपादन का कार्य भार भी संभाला। 'द इंडियन स्ट्रगल' नामक पुस्तक का पहला भाग भी लिखा। 

     भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के1938-1939 के अधिवेशनों में अध्यक्ष पद पर भी वे चुने गये परंतु महात्मा गांधी से उनके विचारों का मेल न होने की वजह से उन्होंने अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दे दिया। कांग्रेस से खुद को अलग कर सुभाषचंद्र बोस ने भारत को स्वतंत्रता दिलाने के लिए भारतीय सेना का गठन किया। बोस ने बर्लिन में स्वतंत्र भारत केंद्र की स्थापना की। और युद्ध के लिए भारतीय कैदियों से भारतीय सेना का गठन किया। आजाद हिंद रेडियो का आरंभ नेताजी सुभाष चंद बोस ने 1942 में जर्मनी में किया। इस रेडियो से ही बोस ने महात्मा गांधी को 'राष्ट्र पिता ' के रूप में संबोधित किया। गांधीजी से भले ही वैचारिक मतभेद हो लेकिन उनके प्रति सम्मान का भाव उनका हमेशा बना रहा। वास्तव में ये चरित्र ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस को महान बनाता है।

     जुलाई 1943 में जर्मनी से जापान नियंत्रित सिंगापुर पहुंचे। वहाँ से उन्होंने अपना प्रसिद्ध नारा 'दिल्ली चलो' जारी किया और आजाद हिंद सरकार तथा भारतीय राष्ट्रीय सेना के गठन की घोषणा की। ब्रिटिश भारत में स्वतंत्र भारत की पहली अस्थाई सरकार बनाने का श्रेय भी सुभाषचंद बोस को जाता है। जापान ने अंडमान और निकोबार द्वीप इस अस्थाई सरकार को सौंप दिये थे।

     नि:संदेह सुभाषचंद्र बोस के विचार भारत की स्वाधीनता का स्वप्न बुनते थे और उसे यथार्थ के धरातल पर मूर्त रूप देने का कार्य भी कर रहे थे। वर्तमान समय में भी उनके विचार युवाओं को जीवन जीने की कला सिखाते हैं क्योंकि उनके विचारों में जीवन दर्शन भी है और मनोविज्ञान को समझने की गहराई भी। साहस, ज्ञान, विवेक और अध्यात्म का समन्वय उनके व्यक्तित्व को संपूर्णता प्रदान करता है। ऐसे उनके कई विचार हैं जिनमें उनके व्यक्तित्व की इस संपूर्णता के दर्शन होते है। कई बार जीवन में संघर्षों का सफर हमें थका देता है। इससे हमारा आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है लेकिन संघर्षों को लेकर सुभाषचंद्र बोस ने बहुत ही सकारात्मक बात कही-

    "संघर्षों ने मुझे मनुष्य बनाया, इसके कारण मुझमें ऐसा आत्मविश्वास उत्पन्न हुआ जो मेरे में पहले कभी नहीं था।"

     18 अगस्त 1945 को फर्मोसा जापान शासित (अब ताईवान) में एक विमान दुर्घटना में सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु हो गयी लेकिन इनकी मृत्यु को लेकर संशय बना रहा। वैसे भी सुभाषचन्द्र बोस अपने क्रांतिकारी विचारों और कार्यों से सदैव अमर रहेंगे क्योंकि सुभाषचंद्र बोस ने कहा भी था-

     "एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है लेकिन वह विचार उसकी मृत्यु के बाद, हज़ारों लोग में अवतार लेगा।"

    श्वेता नागर

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    Sun, 23 Jan 2022 20:07:54 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सरकार की नई गाइडालइन : वयस्क कोविड&19 रोगियों के लिए हाई रिस्क वाली बीमारियों में अब TB भी शामिल, रेमडेसिविर के उपयोग के लिए दी यह सलाह https://acntimes.com/Governments-new-guideline-TB-is-now-included-in-high-risk-diseases-for-adult-Covid-19-patients https://acntimes.com/Governments-new-guideline-TB-is-now-included-in-high-risk-diseases-for-adult-Covid-19-patients स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किए नए दिशा-निर्देश, हाईरिस्क वाली बीमारियों व परिस्थितियों में किया इजाफा

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने नए कोविड-19 (COVID-19) को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार अब एक्टिव ट्यूबरकुलोसिस (TB) भी कोविड-19 के रोगियों के लिए हाई रिस्क वाली मानी गईं बीमारियों में शामिल की गई है। इसके अलावा मंत्रालय ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के उपयोग को लेकर भी हिदायत जारी की है।

    देश में कोविड के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे सरकार अलर्ट मोड पर है। भारत सरकार के स्वास्थ्य और वरिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी दिशा-निर्देश के अनुसार सक्रिय तपेदिक (TB) को भी वयस्क COVID-19 संक्रमितों के लिए एक उच्च जोखिम (high-risk) वाली बीमारियों ( disease) में जोड़ा गया है। इससे पहले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी, पुराने फेफड़े, गुर्दे, यकृत रोग, सेरेब्रोवास्कुलर रोग और मोटापा वाले लोगों को ही उच्च जोखिम वाली कैटेगरी में रखा गया था। अब इसमें TB के रूप में एक बीमारा का इजाफा हो गया है।

    नए निर्देशों में कहा गया है कि स्टेरॉयड जैसे अतिसंवेदनशील अथवा या इम्यूनोमॉड्यूलेटरी थेरेपी से दूसरे प्रकार का संक्रमण बढ़ाने का खतरा और बढ़ सकता है। इसमें वैसा ही खतरा हो सकता है जैसा कि इन्वेसिव (आक्रामक) म्यूकोर्मिकोसिस जब बहुत जल्दी अथवा ज्यादा मात्रा में या फिर अधिक समय तक देने से होता है।

    ऑक्सीजन सपोर्ट न हो या घर में हो रहा हो इलाज तो न दें रेमडेसिविर

    स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सलाह दी है कि रेमडेसिविर का उपयोग भी उन रोगियों में नहीं किया जाना चाहिए जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर नहीं हैं अथवा घर में रहकर इलाज करवा रहे हैं। इसमें कहा गया है कि रेमेडिसविर के बारे में केवल उन्हीं रोगियों के संदर्भ में विचार किया जा सकता है जिन्हें मध्यम से गंभीर कोविड-19 रोग है, जिन्हें पूरक ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। मंत्रालय ने यह भी सलाह दी है कि कोविड-19 का प्रभाव तेजी से बढ़ने पर यदि ऑक्सीजन की पूरकता की आवश्यकता हो तो टोसीलिज़ुमैब पर विचार किया जा सकता है।

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    Tue, 18 Jan 2022 12:24:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    व्यक्तिगत करदाताओं के लिए चालू वित्त वर्ष में लागू हैं प्रमुख आयकर प्रावधान, इनके बारे में आपको जानकारी होनी ही चाहिए, क्योंकि हमें आपकी फिक्र है  https://acntimes.com/Major-Income-Tax-Provisions-Applicable-in-the-Current-Financial-Year https://acntimes.com/Major-Income-Tax-Provisions-Applicable-in-the-Current-Financial-Year एसीएन टाइम्स @ डेस्क । चालू वित्त वर्ष जल्द खत्म होने वाला है। 1 अप्रैल से अगला वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा। प्रसिद्ध कर सलाहकार गोपाल काकानी का मानना है कि चालू वित्त वर्ष से लेनदेन के लिए लागू प्रावधानों के बारे में करदाताओं को पता होना चाहिए। आइए करते हैं कुछ बड़े बदलावों पर चर्चा जो वित्तीय वर्ष 21-22 से व्यक्तिगत करदाता को प्रभावित करेंगे।

    यूनिट लिंक्ड बीमा पॉलिसियों (ULIP) के लिए परिवर्तित कराधान नियम

    पहले जानते हैं यूलिप सहित जीवन बीमा पॉलिसी के तहत प्राप्त धन के बारे में। आम तौर पर उस वर्ष के लिए प्रीमियम की शर्तों के अधीन छूट दी जाती है। यह पॉलिसी खरीदने के वर्ष के आधार पर बीमित राशि के कुछ प्रतिशत से अधिक नहीं होती है। अब इक्विटी म्यूचुअल फंड पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ 1 लाख रुपये की प्रारंभिक छूट के बाद 10% पर कर योग्य हो गया है। 
    यूलिप का इक्विटी म्यूचुअल फंड पर फायदा था और लोग यूलिप में निवेश करते थे और कर-मुक्त आय का आनंद लेते थे। वित्त अधिनियम 2021 ने 1 फरवरी 2021 के बाद जारी किए गए कुछ यूलिप के संबंध में प्राप्त धन पर पॉलिसी धारकों को कर अदा करना होगा। हालाँकि, पॉलिसी धारक की मृत्यु पर प्राप्त परिजन को प्राप्त होने वाला कोई भी धन कर मुक्त होगा।

    संशोधित नियम किसी भी वर्ष के लिए भुगतान की गई प्रीमियम 2.50 लाख रुपये से अधिक होने पर लागू होगा। संबंधित वर्ष के दौरान देय राशि 1 लाख रुपये से अधिक होने की स्थिति में बीमा कंपनियां 5% की दर से अंतर पर कर काट लेंगी। यूलिप जिनके कार्यकाल के दौरान इक्विटी उत्पादों में न्यूनतम 65% निवेश होता है, उन पर इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरह कर लगाया जाएगा, जबकि अन्य यूलिप के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम और प्राप्त धन के बीच के अंतर पर कर लगेगा।

    निर्दिष्ट राशि से अधिक भविष्य निधि में किए योगदान पर अर्जित ब्याज पर कर

    वर्तमान में आपके भविष्य निधि में शेष राशि पर आपको सालाना लगभग 8.50% की दर से ब्याज मिलता है। यह किसी भी अन्य सुरक्षित ऋण उत्पाद से अधिक है। इस तरह के उच्च रिटर्न और निवेश की सुरक्षा ने बड़ी कंपनियों में प्रमोटरों और प्रमुख कर्मियों जैसे कई उच्च वेतन पाने वालों को अपने भविष्य निधि में बड़ी रकम का योगदान करने के लिए अनिवार्य रूप से आवश्यकता से अधिक राशि का योगदान दिया। इस तरह के दुरुपयोग को हतोत्साहित करने के लिए ही कानून में संशोधन किया गया था। इसके अनुसार एक साल में आपके भविष्य निधि योगदान पर साल-दर-साल आपके द्वारा अर्जित ब्याज, चाहे अनिवार्य हो या स्वैच्छिक, 2.50 लाख रुपये से अधिक की अब छूट नहीं होगी। यानी अब आपको कर देना होगा। यदि नियोक्ता आपके ईपीएफ में योगदान नहीं करता है, तो आप 5 लाख रुपये की उच्च वार्षिक सीमा का आनंद ले सकते हैं। इस प्रावधान को प्रभावी करने के लिए भविष्य निधि कार्यालय द्वारा सदस्य के दो अलग-अलग भविष्य निधि खातों को यथावत रखेगा। एक जहां ब्याज कर मुक्त होगा और दूसरा जहां 2.50 लाख रुपये या 5 लाख रुपये से अधिक के सभी वार्षिक योगदान के लिए पूर्ण ब्याज कर योग्य होगा। 

    किफायती आवास के लिए होम लोन पर विशेष कर लाभ प्राप्त करने की विस्तारित अवधि

    आप हर साल 1.50 लाख रुपये तक के ब्याज के संबंध में कर लाभ प्राप्त करने के हकदार हैं। धारा 24 (बी) के तहत उपलब्ध कटौती से अधिक 45 लाख रुपये से अधिक की स्टाम्प ड्यूटी वैल्यूएशन वाले घर के लिए 1 अप्रैल 2019 और 2021 के बीच स्वीकृत होम लोन पर भुगतान किया गया। गृह ऋण स्वीकृत करने की समय सीमा अब 31 मार्च 2021 की पूर्व समय सीमा से बढ़ाकर 31 मार्च 2022 कर दी गई है।

    कुछ शर्तों को पूरा करने पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए आईटीआर दाखिल करने की कोई आवश्यकता नहीं

    70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के बोझ से राहत प्रदान करने के लिए कानून में प्रावधान करने के लिए संशोधन किया गया है। इसके अनुसार पेंशन प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को अपना आईटीआर दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि वे उस बैंक को एक घोषणा प्रस्तुत करते हैं जहां से उनकी ब्याज आय के बारे में पेंशन का वितरण किया जाता है। बशर्ते, उनका किसी अन्य बैंक खाता न हो और पेंशन का वितरण के अलावा उनकी कोई अन्य आय नहीं हो। बैंक पेंशन सहित ऐसी आय पर धारा 87ए के तहत कटौती और छूट का लाभ देने के बाद उचित कर काटेगा। ऐसे पात्र वरिष्ठ नागरिक को आईटीआर दाखिल करने के दायित्व से मुक्त कर दिया जाएगा।

    दो साल के लिए अपने आईटीआर दाखिल न करने के लिए उच्च टीडीएस/टीसीएस

    यदि आप कटौती के वर्ष से ठीक पहले लगातार दो वर्षों तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं और आईटीआर दाखिल करने की नियत तारीख तक और आपकी आय पर काटा गया कुल कर इन दो वर्षों में 50 हजार से अधिक है तो भुगतानकर्ता को लागू दर से अधिक दर पर टीडीएस/टीसीएस काटना होगा।

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    Sun, 16 Jan 2022 19:55:28 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कोविड&19 अपडेट : 24 घंटे में 1,79,723 नए केस, 13.29 पहुंची दैनिक पॉजिटिविटी दर, अब तक 4033 लोगों को हुआ ओमिक्रोन, देखें राज्यवार आंकड़े https://acntimes.com/1-lakh-79-thousand-723-new-corona-infected-were-found-in-the-country-in-24-hours https://acntimes.com/1-lakh-79-thousand-723-new-corona-infected-were-found-in-the-country-in-24-hours

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । एक्सप्रेस ट्रेन की रफ्तार से दौड़ रहे कोरोना वायरस ने बीते 24 घंटे में 1 लाख 79 हजार 723 लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया है। इससे कोरोना की दैनिक पॉजिटिवटी दर 13 फीसदी से ज्यादा पहुंच गई है। देश में अब तक 4033 मामले ओमिक्रोन के भी पाए गए हैं जिनमें सबसे ज्यादा 1261 महाराष्ट्र व सबसे कम 1-1 मामला छत्तीसगढ़, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में मिले।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को बीते 24 घंटे के दौरान के कोरोना के ट्रेंड के आंकड़े जारी किए गए। इसके अनुसार इस अवधि में 1,79,723 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके सहित देश में वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या  7,23,619 पहुंच गई। अभी तक देश में 69.16 करोड़ सैंपलों की जांच हुई है।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि सक्रिय मामलों की दर 2.03 फीसदी है। जबकि दैनिक पॉजिटिविटी दर 13.29 फीसदी दर्ज की गई है। वहीं साप्ताहिक पॉजिटिविटी दर 7.92 फीसदी रही।  देश में कोरोना के मरीजों की स्वस्थ होने की रफ्तार भी अच्छी है। 24 घंटे में कोरोना को पछाड़ने वालों की बात करें तो आंकड़ा 46,569 रहा। वहीं पूरे देश में अब तक 3 करोड़ 45 लाख 172 लोगों ने कोरोना पर विजय पाई। यानी स्वस्थ्य होने की दर 96.62 फीसदी है।

    151.94 करोड़ डोज लग चुके हैं कोरोना रोधी वैक्सीन के

    बता दें कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 151.94 करोड़ कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं। अब तक 31 फीसदी से ज्यादा 15 से 18 वर्ष के किशोरों का वैक्सीनेशन भी हो चुका है। सोमवार से प्रिकॉशन डोज लगने भी शुरू हो गए। यह डोज उन लोगों को लगाए जा रहे हैं जो दो टीके लगवा चुके हैं और दूसरा टीका लगे हुए 9 महीने पूरे हो चुके हैं।

    राज्यों में ओमिक्रोन वेरिएंट के संक्रमितों की स्थिति

    क्रम संख्या

    राज्य

    ओमिक्रोन मामलों की संख्या

    अस्पताल से छुट्टी / स्वस्थ हुए / स्थानांतरित मामले

    1

    महाराष्ट्र

    1216

    454

    2

    राजस्थान

    529

    305

    3

    दिल्ली

    513

    57

    4

    कर्नाटक

    441

    26

    5

    केरल

    333

    93

    6

    गुजरात

    236

    186

    7

    तमिल नाडु

    185

    185

    8.

    हरियाणा

    123

    92

    9.

    तेलंगाना

    123

    47

    10.

    उत्तर प्रदेश

    113

    6

    11.

    ओडिशा

    74

    8

    12.

    आंध्र प्रदेश

    28

    9

    13.

    पंजाब

    27

    16

    14.

    पश्चिम बंगाल

    27

    10

    15.

    गोवा

    19

    19

    16.

    मध्य प्रदेश

    10

    10

    17.

    असम

    9

    9

    18.

    उत्तराखंड

    8

    5

    19.

    मेघालय

    4

    3

    20.

    अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

    3

    0

    21.

    चंडीगढ़

    3

    3

    22.

    जम्मू-कश्मीर(केंद्र शासित)

    3

    3

    23.

    पुद्दुचेरी

    2

    2

    24.

    छत्तीसगढ़

    1

    1

    25.

    हिमाचल प्रदेश

    1

    1

    26.

    लद्दाख

    1

    1

    27.

    मणिपुर

    1

    1

     

    कुल

    4,033

    1,552

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    Mon, 10 Jan 2022 12:15:08 +0530 Niraj Kumar Shukla
    माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़, 2 महिलाओं सहित 12 श्रद्धालुओं की मौत, पीएम ने जताया दु:ख, सहायता राशि स्वीकृत, हेल्पलाइन नंबर जारी https://acntimes.com/Stampede-in-Mata-Vaishno-Devi-Bhawan-12-devotees-including-2-women-died https://acntimes.com/Stampede-in-Mata-Vaishno-Devi-Bhawan-12-devotees-including-2-women-died एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । वर्ष 2022 के पहले दिन जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मच गई। हादसे में दो महिलाओं सहित 12 लोगों की मौत हुई है। 20 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। राहत और बचाव कार्य जारी है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह हादसे का जायजा लेने स्वयं रवाना हुए। पीएम नरेंद्र मोदी और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर दुख जताते हुए आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। एलजी ऑफिस द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

    जानकारी के अनुसार शुक्रवार को श्री माता वैष्णोदेवी के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रात करीब ढाई बजे भीड़ में धक्का-मुक्की हुई जिसके बाद भगदड़ मच गई। इससे कई लोग घायल हो गए। काटरा अस्पताल के बीआरओ डॉ. गोपाल दत्त ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी 12 लोगों के मरने की जानकारी मिली है। आधिकारिक आंकड़ा अभी नहीं बताया गया है। मरने वालों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बताए जा रहे हैं। डॉ. दत्त ने बताया मृतकों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। घायलों का इलाज नरायणा अस्पताल में चल रहा है। हादसे की जानकारी मिलते ही केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ पर त्रासदी से उत्पन्न स्थिति का जायज़ा लेने कटरा रवाना हो गए थे। भगदड़ के बाद कटरा में माता वैष्णो देवी भवन में रजिस्ट्रेशन का काम रोक दिया गया था जो फिर से शुरू हो गया है।

    मृतकों को 12 लाख एवं घायलों के उपचार के लिए 1-1 लाख की सहायता 

    हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए मुआवजे का ऐलान किया। इसी प्रकार जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे का शिकार हुए लोगों के परिजन को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की। घायलों के इलाज के लिए 2 हजार रुपए दिए जाएंगे।

    जम्मू-कश्मीर एलजी ऑफिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

    श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड हेल्पलाइन नंबर

    01991-234804

    01991-234053

    अन्य हेल्पलाइन नंबर

    पीसीआर कटरा – 01991232010 / 9419145182

    पीसीआर रियासी – 0199145076 / 9622856295

    डीसी ऑफिस रियासी (कंट्रोल रूम) - 01991245763/ 9419839557

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    Sat, 01 Jan 2022 10:56:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    अब 21 साल की उम्र में हो सकेगी लड़कियों की शादी, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी, अब संसद में पेश होगा बिल https://acntimes.com/Modi-cabinet-approved-the-bill-to-increase-the-age-of-marriage-of-girls https://acntimes.com/Modi-cabinet-approved-the-bill-to-increase-the-age-of-marriage-of-girls एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । सरकार ने लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए केंद्रीय कैबिनेट ने बिल को मंज़ूरी दे दी है। अब यह बिल संसद में पेश किया जाएगा। इसके लागू होने के बाद लड़कियों की शादी 21 साल बाद ही हो सकेगी।

    केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बुधवार को हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्यक्षता की। इसमें लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने के बिल को मंजूरी दी गई। माना जा रहा है कि इसी शीतकालीन सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा। बिल मंजूर होने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद लड़कियों की शादी 21 वर्ष से पहले नहीं हो सकेगी।

    बता दें कि- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर लाल क़िले से भाषण दिया था। तब उन्होंने सरकार की मंशा ज़ाहिर कर दी थी। उन्होंने लड़कियों की उम्र बढ़ाने को लेकर संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए शादी की उम्र सीमा बढ़ाए जाने की संभावना पर विचार होना चाहिए। कैबिनेट में हुए निर्णय ने इसकी पुष्टि कर दी है। बताया जा रहा है कि शादी की न्यूनतम उम्र बढ़ाने के लिए बाल विवाह क़ानून में संशोधन करना होगा।

    टास्क फोर्स ने भी की थी शादी की उम्र बढ़ाने की अनुशंसा 

    गौरतलब है कि शादी की उम्र और बाल विवाह कानून में संशोधन के मद्देनजर एक टास्क फोर्स का गठन किया गया था। पूर्व सांसद जया जेटली को इसका अध्यक्ष बनाया गया था। टास्क फोर्स ने पिछले साल ही लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने की अनुशंसा की थी। टास्क फोर्स ने मां बनने की उम्र और महिलाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी अनुशंसाएं की थी।

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    Thu, 16 Dec 2021 17:27:38 +0530 Niraj Kumar Shukla
    CDS बिपिन रावत की शहादत पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, लिखा& अल्लाह जालिमों को बेहतर सजा देता है, आरोपी गिरफ्तार https://acntimes.com/Offensive-remarks-on-social-media-against-CDS-Bipin-Rawat-FIR-registered https://acntimes.com/Offensive-remarks-on-social-media-against-CDS-Bipin-Rawat-FIR-registered एसीएन टाइम्स @ रतलाम । देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की शहादत पर आपत्तिनजक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। वाट्सएप ग्रुप पर टिप्पणी करने वाले ने लिखा है कि- अल्लाह जालिमों को बेहतर सजा देता है। पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर हिरासत में लिया है।

    पुलिस के अनुसार शहर के अमलतास कॉलोनी निवासी आशीष सोनी नामक युवक ने माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया कि वे दिनांक 15 दिसंबर को एक साथी ने अवगत कराया कि उनके वाट्सएप ग्रुप 'मेरा भारत महान' में राष्ट्रीय अखंडता को प्रभावित करने व शांति भंग करने के आशय से पोस्ट की गई है। मित्र ने पोस्ट के स्क्रीन शॉट भी भेजे। आशीष ने पोस्ट चैक की तो उसमें सीडीएस बिपिन रावत के प्लेन क्रैश की दो वायरल फोटो के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसकी पुष्टि उन्होंने एक अन्य साथी से भी की। उपरोक्त आपत्तिजनक पोस्ट जिस नंबर से की गई उसमें मोहम्मद शकील कुरैशी नाम लिखा आ रहा है। इसके आधार पर माणक चौक पुलिस ने आरोपी मोहम्मद शकील कुरैशी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की है।

    जानिए, क्या लिखा सीडीएस रावत की शहादत के बारे में

    आशीष सोनी ने पुलिस को आपत्तिजनक पोस्ट के स्क्रीन शॉट भी साझा किए। इसमें आरोपी द्वारा लिखा गया है कि- 'मिशन कश्मीर 370 के हीरो जनरल रावत जिन्होंने 6 महीने तक कश्मीरी मर्द, औरतें, बिमार, बच्चों को घरों में कैद रखने में मेन रोल अदा किया था, हेलिकाप्टर क्रेश में...' इसके बाद हेलिकाप्टर क्रैश के दो वायरल फोटो हैं दिए गए हैं और उसके नीचे लिखा गया है कि- 'अल्लाह जालिमों को बेहतर सजा देता है।'

    आरोपी को गिरफ्तार

    सीडीएस बिपिन रावत को लेकर आपत्तिनजक टिप्पणी करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    दिलीप राजोरिया, टीआई- माणक चौक, रतलाम

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    Thu, 16 Dec 2021 14:59:18 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ‘ACNTIMES.COM’ की आपत्ति वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी ने की स्वीकार, कंटेंट चोरी की झूठी शिकायत पर 40 घंटे में सेवा बंद करने का दिया था नोटिस https://acntimes.com/Web-hosting-company-accepted-ACNTIMESs-objection-valid-had-given-notice-to-stop-service-on-false-complaint https://acntimes.com/Web-hosting-company-accepted-ACNTIMESs-objection-valid-had-given-notice-to-stop-service-on-false-complaint डेस्क @ एसीएन टाइम्स कुछ लोगों के लिए कट, कॉपी और पेस्ट ही पत्रकारिता है और दूसरों को भी अपने जैसा ही समझते हैं। आपका अपना एसीएन टाइम्स.कॉम इस अवधारणा से कोसों दूर है और आगे भी बना रहेगा, क्योंकि हमारे साथ आपका भरोसा जुड़ा है। इसी ताकत के दम पर एसीएन टाइम्स.कॉम ने एक साजिश को विफल करने में सफलता पाई है।

    पत्रकारिता की आड़ लेकर दूसरों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित एक तथाकथित न्यूज वेबसाइट की झूठी शिकायत पर एसीएन टाइम्स.कॉम को उसकी वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी ने 40 घंटे में कंटेंट रिमूव नहीं करने पर सेवा बाधित करने का नोटिस जारी किया था। यह एक पक्षीय कार्यवाई गलत थी, यह वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी ने मान लिया है। हालांकि यह सफलता आंशिक ही है क्योंकि जब तक एसीएन टाइम्स.कॉम के विरुद्ध साजिश रचने वाले दंडित नहीं होते, तब तक इसे 100 फीसदी नहीं माना जा सकता है।

    बहुत ही कम समय में ही एसीएन टाइम्स.कॉम ने अलग मुकाम हासिल किया है जो आप सभी सुधि पाठकों के स्नेह के बिना संभव नहीं था। वहीं इसके उलट कतिपय लोगों या समूह के हिस्से ‘ईर्ष्या’ आई और खुद कंटेंट चुराने वालों ने ही एसीएन टाइम्स.कॉम पर कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए एसीएन टाइम्स.कॉम की वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी से झूठी शिकायत कर दी।

    होस्टिंग प्रदाता कंपनी ने बिना जांच-पड़ताल के कथित विवादित कंटेंट 40 घंटे में रिमूव करने का नोटिस एसीएन टाइम्स.कॉम को जारी कर दिया। इसमें चेतावनी दी गई थी कि कंटेंट रिमूव नहीं किए जाने पर उसके द्वारा दी जा रही सेवाएं बाधित कर दी जाएंगी। इस पर टीम एसीएन टाइम्स.कॉम तत्काल हरकत में आई और मामले की सत्यता जांची गई। इसमें एसीएन टाइम्स.कॉम अपने कमिटमेंट, उद्देश्य और कार्य के मामले में 100 फीसदी खरा उतरा। तकनीकी टीम ने शिकायत झूठी होने के प्रमाण के साथ होस्टिंग प्रदाता कंपनी द्वारा जारी किए गए नोटिस को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई। साथ ही झूठी शिकायत करने वालों का पूरा ब्यौरा भी चाहा गया।

    एसीएन टाइम्स.कॉम द्वारा कंटेंट चोरी के आरोप झूठे होने के संबंध में दिए तर्क और प्रमाण को वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी ने न सिर्फ स्वीकार किया बल्कि उसे मान्य भी किया। होस्टिंग प्रदाता कंपनी से प्राप्त ई-मेल यहां साझा किया जा रहा है किंतु व्यावसायिक प्रतिबद्धता और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए कंपनी के नाम को छिपा दिया गया है।

    झूठी शिकायत करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के एसीएन टाइम्स.कॉम के निश्चय के बारे में सहयोग प्रदान करने को लेकर भी कंपनी ने आश्वस्त किया है। 

    गलाकाट प्रतियोगिता नहीं, सबको साथ लेकर चलने का पैरोकार है एसीएन टाइम्स.कॉम  

    एसीएन टाइम्स.कॉम के विरुद्ध साजिश किसने और कैसे की, यह आप नीचे दी गई लिंक ओपन कर जान सकते हैं। चूंकि एसीएन टाइम्स.कॉम गलाकाट प्रतियोगिता में यकीन नहीं रखता बल्कि सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का पैरोकार है, इसलिए अपने जैसे सभी प्लेटफॉर्म का संचालन करने वालों को हमेशा सतर्क रहने की सार्वजनिक अपील भी की है।

    यहां पढ़ें एसीएन टाइम्स पर लगे आरोप का पूरा मामला

    ACNTIMES.COM ने दूसरी वेबसाइट से चुराई खबर ! 40 घंटे में कंटेंट रिमूव नहीं करने पर वेबसाइट बंद करने का मिला नोटिस, जानिए- क्या है पूरा मामला

    वह खबर जिसे चुराने का झूठा आरोप एसीएन टाइम्स पर लगा

    Sahara India Manager Jaild : जमा राशि का भुगतान नहीं करने पर सहारा इंडिया के प्रबंधक मो. अजीज कादरी को 6 माह का कारावास, उपभोक्ता फोरम ने सुनाई सजा

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    Wed, 15 Dec 2021 14:21:08 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में उड़ीसा की ट्रेनी नन की आत्महत्या की 11 सदस्यीय SIT करेगी जांच, SP ने टीम को 7 दिन में रिपोर्ट देने के दिए निर्देश https://acntimes.com/11-member-SIT-to-probe-the-suicide-of-Orissas-trainee-nun-at-St-Joseph-Convent-School https://acntimes.com/11-member-SIT-to-probe-the-suicide-of-Orissas-trainee-nun-at-St-Joseph-Convent-School 9 दिसंबर की रात स्कूल के हॉस्टल में लगा ली थी फांसी, तीन डॉक्टरों की पैनल ने किया था पीएम

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । स्थानीय सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में उड़ीसा की युवती की आत्महत्या के मामले की जांच 11 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) करेगी। एसपी गौरव तिवारी SIT से 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब की है।

    एसपी गौरव तिवारी ने सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में 17 वर्षीय युवती की आत्महत्या के मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय SIT का गठन किया है। सीएसपी हेमंत चौहान के नेतृत्व वाली टीम में एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल, स्टेशन रोड थाना प्रभारी किशोर पाटनवाला, एसआई मुकेश सस्तिया, हाट रोड चौकी प्रभारी एसआई अनुराग यादव, बांगरोद चौकी प्रभारी एसआई सपना राठौर, माणक चौक थाने की एसआई निशा चौबे, स्टेशन रोड थाना के एएसआई प्रदीप शर्मा, प्रधान आरक्षक मनीष शर्मा, साइबर सेल से विपुल भावसार और महिला थाना की  प्रतिभा परिहार शामिल हैं। एसपी तिवारी ने टीम को मामले की जांच कर जांचकर 7 दिन में अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

    यह भी देखें... उड़ीसा की युवती ने रतलाम के सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में फांसी लगाकर की आत्महत्या, नन बनने आई थी रतलाम, आज होगा पोस्टमार्टम

    गौरतलाब है कि स्कूल में 17 वर्षीय एक युवती उड़ीसा से यहां सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल में सिस्टर (नन) की ट्रेनिंग लेने आई थी। वही कक्षा 11वीं में पढ़ रही थी। 9 दिसंबर की रात उसने स्कूल के होस्टल में उसने फांसी लगा ली थी। उड़ीसा से माता-पिता के आने के बाद उसका तीन डॉक्टरों की पैनल ने पीएम किया था। स्टेशन रोड पुलिस ने मर्ग दर्ज किया था।

    यह भी पढ़ें... सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में ट्रेनी नन की आत्महत्या का मामला दबाने का प्रयास ! माता-पिता सहित सभी ने साधी चुप्पी, पीएम रिपोर्ट में हो सकता है नया खुलासा

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    Tue, 14 Dec 2021 00:14:23 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में ट्रेनी नन की आत्महत्या का मामला दबाने का प्रयास ! माता&पिता सहित सभी ने साधी चुप्पी, पीएम रिपोर्ट में हो सकता है नया खुलासा https://acntimes.com/Attempt-to-suppress-suicide-of-trainee-nun-in-St-Joseph-Convent-School https://acntimes.com/Attempt-to-suppress-suicide-of-trainee-nun-in-St-Joseph-Convent-School 11वीं में पढ़ने वाली छात्रा ने गुरुवार रात स्कूल के कमरे में लगा ली थी फांसी, सिर में चोंट और गले में निशान मिले, शव भी जमीन पर पड़ा मिला था, एबीवीपी ने की संदिग्ध मामले की जांच की मांग

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल रतलाम में ट्रेनी नन की आत्महत्या का मामला अनसुलझी पहेली बनता जा रहा है। शनिवार को उड़ीसा से रतलाम आए मृतक छात्रा के माता-पिता भी इस मामले में कुछ भी बोलनेे से बचते रहे। अभी तक पुलिस भी यह पता नहीं कर पाई है कि युवती ने आत्महत्या क्यों की। शनिवार को पीएम हुआ जिसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में घटना को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व पदाधिकारी ने तो मामले को दबाए जाने की आशंका भी जताई है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

    मप्र के रतलाम जिला मुख्यालय स्थित सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल का विवादों से पुराना नाता है। ताजा मामला उड़ीसा की एक युवती द्वारा स्कूल के कमरे में फांसी लगाकर जान देने का है। कक्षा 11वीं में पढ़ने वाली युवती की मौत का रहस्य अभी भी बरकरार है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर उसने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया और वह भी पढ़ाई के दौरान। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व नगर अध्यक्ष मनीष शर्मा ने मामले में मुख्यमंत्री एव प्रदेश के ग्रहमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    परिषद के पूर्व पदाधिकारी शर्मा का कहना है कि कक्षा 11वीं की  छात्रा पढ़ाई करने के साथ यहां नन बनने की ट्रेनिंग लेने आई थी। उसने संदिग्ध परिस्थिति में  फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अतः मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। शर्मा का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा प्रशासन को गुमराह कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

    कॉन्वेंट स्कूल में युवती के आत्महत्या करने को लेकर सवाल उठने की वजह घटनास्थल की परिस्थितियां हैं। दरअसल युवती सहपाठियों के साथ पढ़ाई करने के दौरान अचानक खाना खाने का कह कर अपने कमरे में गई थी। इसके बाद जब अन्य छात्रा उसके कमरे में पहुंची तो पता चला कि युवती ने फांसी लगा ली है। सूत्रों के अनुसार युवती के गले में निशान तो थे ही, सिर पर भी चोट मिली। इतना ही नहीं वह फर्श पर पड़ी मिली।

    ...तो क्या नन नहीं बनना चाहती थी युवती ?

    सूत्रों से पता चला है कि युवती आई तो नन बनने ही थी लेकिन बाद में उसका मन बदल गया। इस बारे में स्कूल प्रबंधन और उसके परिजन को भी उसने बता दिया था। बताया जा रहा है इसे लेकर उस पर मानसिक दबाव था। फिलहाल इस बारे में हम दावे के साथ कुछ नहीं कह सकते। 

    घटना ने दिया इन सवालों को जन्म

    • जब युवती पढ़ाई छोड़ कर अपने कमरे में गई तब उसकी मनःस्थिति क्या थी? अगर वह उग्र या व्यग्र थी तो साथ पढ़ रही छात्राओं को क्या कुछ गलत होने का अंदेशा हुआ? अगर अंदेशा हुआ तो उन्होंने उसे अकेला क्यों छोड़ दिया ?
    • युवती फंदे पर लटकी होने के बजाय जमीन पर पड़ी मिली। यदि फंदा टूटा या खुला और वह गिरी तो क्या इस दौरान किसी तरह की आवाज नहीं हुई ?
    • फांसी लगाने के लिए किसी चीज (स्टूल-कुर्सी-पलंग इत्यादि) का उपयोग हुआ ही होगा। इसके बिना ऊंचाई वाली जगह बंधे फंदे तक पहुंचना संभव नहीं। ऐसे में फंदा खुलने या टूटने पर वह चीज गिरी होगी तो उसकी आवाज भी जरूर हुई होगी। अगर आवाज हुई थी तो फिर किसी ने सुनी क्यों नहीं ? किसी ने आवाज सुन कर अनसुनी तो नहीं कर दी ?
    • फंदे पर झूलने के कितनी देर बाद युवती जमीन पर गिरी ? यदि तत्काल गिरी तो संभव है कि वह तब जीवित रही होगी और उसे बचाया जा सकता था ?
    • सूत्र बता रहे हैं कि युवती के सिर पर चोट के निशान मिले। यदि ऐसा है तो ऐसा कैसे हुआ होगा क्योंकि फंदा टूटने-खुलने से गिरने पर चोट पैरों में लगनी चाहिए न कि सिर में। सिर में चोट तभी लग सकती है जब कोई सिर के बल गिरे। ऐसा तब संभव है जब उसके हाथ बंधें हों ?
    • अगर किसी के हाथ बंधे हों तो सवाल यह उठता है कि उसने खुद फांसी कैसे लगाई ?
    • यह भी देखने वाली बात है कि वार्डन या स्कूल की सिस्टर्स और नन्स छात्र-छात्राओं के कक्ष से कितनी दूर रहती हैं ? क्योंकि प्रायः दूरी इतनी होनी चाहिए कि यदि छात्र-छात्राओं को कोई तकलीफ हो तो वे जल्द से जल्द जिम्मेदार वहां पहुंच सकें। यदि दूरी ज्यादा है तो क्या यह इसे सही ठहराना उचित होगा ?

    तीन डॉक्टरों की पैनल ने किया पीएम

    शनिवार को मृतका के माता-पिता भी रतलाम पहुंच गए थे। इसके बाद जिला अस्पताल में युवती के शव का तीन डॉक्टरों की पैनल ने पीएम किया। पैनल में डॉ. हुसैनी, डॉ. सुधा राजावत और डॉ. प्रियल जैन शामिल थीं। पीएम में क्या निकला यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन सूत्रों का कहना है कि मामला सामान्य नहीं है। इस बारे में अभी खुल कर कुछ भी कह पाना मुश्किल है। अगले एक-दो दिन में कुछ नया खुलासा हो सकता है। पीएम के बाद परिजन शव को स्कूल ले गए जहां धार्मिक प्रक्रिया के बाद कब्रिस्तान ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।

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    Sat, 11 Dec 2021 19:26:15 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ईपीएफओ खाताधारक ध्यान दें ! आपको मिल सकता है 50 हजार रुपए तक का अतिरिक्त बोनस, जानने के लिए पढ़ें यह खबर https://acntimes.com/Attention-EPFO-​​account-holders-You-can-get-an-additional-bonus-of-up-to-50-thousand-rupees https://acntimes.com/Attention-EPFO-​​account-holders-You-can-get-an-additional-bonus-of-up-to-50-thousand-rupees एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में जमा राशि सेवानिवृत्ति के बाद बहुत काम आती है। लेकिन आप शायद यह नहीं जानते कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के ​​खाते पर 50 हजार रुपए अतिरिक्त बोनस भी मिल सकता है। इसके लिए आपको ईपीएफ का नियम और बोनस प्राप्त करने के लिए क्या करना होगा, यह जानना जरूरी है।

    जानकारी के अऩुसार एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (Employees's Deposit Linked Insurance) योजना के तहत सभी पीएफ खाताधारकों को 7 लाख रुपए तक का बीमा मिलता है। इसके अलावा पीएफ खाताधारकों को लॉयल्टी-कम-लाइफ बेनिफिट के तहत भी फायदा मिलता है। इसमें खाताधारक को सेवानिवृत्त होने के समय 50 हजार रुपए का अतिरिक्त बोनस भी मिलता है।

    20 साल तक योगदान जरूरी

    नियम के अनुसार एक ईपीएफ खाताधारक अन्य ईपीएफ लाभ के साथ सेवानिवृत्ति पर 50 हजार रुपए तक अतिरिक्त बोनस पाने का पत्र है। इसके लिए कम से कम 20 वर्ष तक उसका योगदान होना जरूरी है। जानकारों की सलाह है कि अगर कोई ईपीएफ खाताधारक नौकरी बदले तो उसे उसी ईपीएफ खाते को निरंतर रखना चाहिए। इससे लॉयल्टी-कम-लाइफ बेनिफिट के लाभ के लिए न्यूनतम 20 साल की शर्त पूरी हो सकती है।

    निधन होने पर उत्तराधिकारी को मिलता है बीमे का लाभ

    नौकरी के दौरान कर्मचारी का निधन होने पर कर्मचारी भविष्य निधि सदस्य के नॉमिनी अथवा कानूनी उत्तराधिकारी को 7 लाख रुपए तक का बीमा लाभ मिलता है। अगर सदस्य की मृत्यु हो जाती है और वह मृत्यु से पहले 12 महीने तक लगातार नौकरी कर रहा था तो उसके नॉमिनी को कम से कम 2.5 लाख रुपए का बीमा लाभ मिल सकता है।

    बीमे के लिए अधिकतम 15 हजार रुपए मासिक वेतन जरूरी

    यह सुविधा का लाभ उन्हीं कर्मचारियों को मिल सकता है जिनका वेतन अधिकतम 15 हजार रुपए हो। इसमें नियोक्ता कर्मचारी के मासिक वेतन में 0.5 प्रतिशत की दर से न्यूनतम अंशदान देता है। कर्मचारी को किसी भी प्रकार का अंशदान नहीं करना पड़ता है। 

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    Sat, 11 Dec 2021 17:59:01 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक ने दाहोद रेलवे अस्पताल में स्थापित PSA ऑक्सीजन प्लांट का किया वर्चुअल उद्घाटन, 41 लाख रुपए आई लागत https://acntimes.com/Inauguration-of-PSA-Oxygen-Plant-at-Dahods-Railway-Hospital https://acntimes.com/Inauguration-of-PSA-Oxygen-Plant-at-Dahods-Railway-Hospital एसीएन टाइम्स @ दाहोद । पश्चिम रेलवे द्वारा कोविड-19 और नए वैरिएंट को लेकर तैयार है। इसके तहत दाहोद स्थित रेलवे अस्पताल में प्रेशर स्विंग एबजाॅर्पशन (PSA) ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। इसका वर्चुअल उद्घाटन गुरुवार को पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल ने किया। यह जोन का 8वां प्लांट है। 

    पश्चिम रेलवे हमेशा अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाने, उपचार की नवीनतम चिकित्सा प्रक्रियाओं और रोगियों के इलाज के लिए एक मजबूत बुनियादी ढाँचा बनाने में सबसे आगे रही है। नए COVID-19, वैरिएंट ऑफ कंसर्न (VoC) ओमिक्रोन की हालिया स्थिति के मद्देनजर भी पश्चिम रेलवे के रेलवे अस्पतालों में सतर्कता बरती जा रही है। यहां कोविड प्रभावित मरीजों के सर्वोत्तम संभव उपचार और देखभाल के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। COVID-19 महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में पश्चिम रेलवे चिकित्सा क्षेत्र में अपने चिकित्सा विभाग को मजबूत और अपने लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए स्वयं के प्रयासों को और बेहतर करने की ओर अग्रसर है।

    पश्चिम रेलवे का 8वां पीएस प्लांट, 41 मरीजों को मिल सकेगी सुविधा

    पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक आलोक कंसल ने 9 दिसंबर, 2021 को रेलवे मुख्य अस्पताल दाहोद में एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। पश्चिम रेलवे द्वारा शुरू किए गए 8वें पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन हुआ। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक कंसल के दूरदर्शी नेतृत्व, निरंतर मॉनीटरिंग और सक्षम मार्गदर्शन के तहत इस संयंत्र को स्थापित एवं चालू किया गया। पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 180 एलपीएम की क्षमता वाला यह पीएसए ऑक्सीजन प्लांट रेलवे मुख्य अस्पताल, दाहोद के इनडोर रोगियों को ऑक्सीजन की निरंतर आपूर्ति करेगा। इस अस्पताल में कुल 105 बिस्तर हैं और नया कमीशन किया गया पीएसए संयंत्र 41 बिस्तरों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने में सक्षम होगा।

    40 लाख रुपए की आई है लागत, जरूरतमंदों को मिलेगा सुविधा

    यह प्रेशर स्विंग एबजाॅर्पशन (PSA) ऑक्सीजन प्लांट आपातकालीन स्थितियों के दौरान ऑक्सीजन की कमी को रोकने में मददगार होगा। यह पीएसए संयंत्र लगभग 40 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया है। । पश्चिम रेलवे ने जगजीवन राम अस्पताल, साबरमती, राजकोट, भावनगर, वडोदरा और रतलाम में मंडल रेलवे अस्पतालों में भी ऐसे पीएसए ऑक्सीजन प्लांट चालू किए हैं। इन निरंतर प्रयासों के साथ पश्चिम रेलवे माननीय प्रधान मंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में ये ऑक्सीजन संयंत्र संकट के दौरान चिकित्सा ऑक्सीजन की आत्मनिर्भरता और इसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे जिससे जरूरतमंद रोगियों को राहत मिलेगी।

    रेलकर्मियों व परिवारों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा अच्छी होनी चाहिए- कंसल

    जीएम कंसल ने कहा कि पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र के चालू होने से पश्चिम रेलवे को ऑक्सीजन सिलेंडरों पर निर्भरता से मुक्त करने में काफी मदद मिलेगी। यह आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करेगा। प्लांट को चलाने और ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम को संभालने एवं रखरखाव के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिक्स को पर्याप्त प्रशिक्षण मिलना चाहिए। महाप्रबंधक ने कर्मचारियों के लिए निवारक चिकित्सा स्वास्थ्य देखभाल के प्रति पूर्व नियोजित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कर्मचारियों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सुविधा सबसे अच्छी होनी चाहिए।

    रेलकर्मी परिजन का टीकाकरण सुनिश्चित करने का आह्वान

    उन्होंने  इस संबंध में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने पर बल दिया। महाप्रबंधक ने सभी को हर समय कोविड उपयुक्त व्यवहार (सीएबी) का पालन करने का आह्वान किया। साथ ही कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के सदस्यों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए क्योंकि जैसा कि विदित है कि टीकाकरण वाले व्यक्तियों में गंभीरता की घटनाएं कम होती हैं। इस दौरान अपर महाप्रबंधक, प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक और पश्चिम रेलवे के विभागों के अन्य प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्ष उपस्थित थे। रतलाम के मंडल रेल प्रबंधक विपिन गुप्ता सहित दाहोद के मुख्य कारखाना प्रबंधक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजन में शामिल हुए। 

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    Thu, 09 Dec 2021 23:46:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    CDS रावत सहित सभी दिवंगतों की पार्थिव देह दिल्ली पहुंचीं, PM नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और NSA डोभाल ने पालम एयरबेस पर दी श्रद्धांजलि https://acntimes.com/All-the-bodies-of-Coonoor-chopper-accident-reached-Delhi-PM-Defense-Minister-and-NSA-paid-tribute https://acntimes.com/All-the-bodies-of-Coonoor-chopper-accident-reached-Delhi-PM-Defense-Minister-and-NSA-paid-tribute एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । तमिलनाडु में कनुन्नूर के पास क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में जान गंवाने वाले देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सहित सभी 13 लोगों के पार्थिव शरीर गुरुवार देर शाम दिल्ली पहुंचे। सभी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। नागरिक शुक्रवार को दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। दिवंगतों का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ होगा। जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है उनके शव डीएनए जांच के बाद परिजन को सौंपे जाएंगे।

    देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 12 अन्य सैन्य कर्मियों को वेलिंगटन ले जा रहा वायु सेना का हेलिकॉप्टर बुधवार दोपहर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में रावत दंपत्ति सहित 13 लोग हताहत हुए। सभी के पार्थिव शरीर गुरुवार शाम करीब 7.30 बजे वायुसेना के एक विमान तमिलनाडु के सुलूर से दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पहुंचे। यहां सबसे पहले शहीदों के परिजन ने श्रद्धांजिल अर्पित की। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी समेत हादसे में जान गंवाने वाले सभी सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि देने से पहले वे पालम एयरबेस पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत सहित जान गंवाने वाले सभी सैन्यकर्मियों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सभी को ढांढस बंधाया। उन्होंने गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में हादसे को लेकर जानकारी भी दी थी।

    दिवंगतों की पार्थिव देह के पहुंचने से पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी पालम एयरबेस पहुंचे। एनएसएस और बिपिन रावत के बीच काफी नजदीकी थी। डोभाल ने परिजन से भेंट की और रावत दंपती सहित सभी दिवंगतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। 

    अभी 4 शवों की हुई पहचान, बाकी का होगा डीएनए

    कुन्नूर हादसे का शिकार हुए 13 सैन्यकर्मियों में से अभी तक सिर्फ सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत के अलावा ब्रिगेडियर एल. एस. लिड्डर और लांस नायक विवेक कुमार के शव की ही पहचान हो सकी है। अतः बाकी के शवों की पहचान के लिए उनका डीएनए परिवार से मैच किया जाएगा। इसके बाद शव परिजन को सौंपे जाएंगे। इधर बताया जा रहा है कि सीडीएस बिपिन और उनकी पत्नी मधुलिका की पार्थिव देह को उनके घर सुबह 11.00 बजे से दोपहर 2.00 बजे तक लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा।

    कुन्नूर में हुए चॉपर हादसे में इन्होंने गंवाई जान

    तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए चॉपर हादसे में 13 लोगों की मौत हुई। इनमें सीडीएस जनरल बिपिन रावत, मधुलिका रावत, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक गुरसेवक सिंह, लांस नायक बीएस तेजा, नायक जितेंद्र कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर, हवालदार सतपाल राज, विंग ग्रुप कमांडर पीएस चौहान, स्क्वॉड्रन लीडर के सिंह, जूनियर वारंट ऑफिसर राणा प्रताप दास और प्रदीप ए. शामिल हैं।

    ग्रुप कमांडर वरुण सिंह की हालत स्थिर, बेंगलुरू शिफ्ट किया

    पूरे देश को गमजदा कर देने वाली खबर के बीच राहत की एक खबर यह है कि हादसे में बचे एकमात्र सैन्य अधिकारी ग्रुप कमांडर वरुण सिंह की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। उन्हें गुरुवार देर शाम सेना के अस्पताल से बेंगलुरु के अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि हादसे के बाद वरुण सिंह को गंभीर हालत में सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें यहां लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों ने काफी मशक्कत की।

    अमेरिका, नेपाल सहित विभिन्न देशों के प्रमुखों ने जताया दुख

    चॉपर हादसे को लेकर विश्व के कई देशों के प्रमुखों द्वारा दुख जताया गया है। उन्होंने सीडीएस रावत सहित सभी दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दें कि सीडीएस रावत का विभिन्न देशों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संबंध रहा। भारतीय फिल्म उद्योग ने भी रावत के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना से जुड़ी फिल्मों के निर्माण में भी रावत का मार्गदर्शन निर्माता-निर्देशकों को मिला। बीते कुछ समय में बनी ऐसी फिल्मों ने काफी सफलता भी अर्जित की जिससे विश्व के अन्य देशों में भारतीय सेना का दबदबा भी नजर आया।  

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    Thu, 09 Dec 2021 22:06:47 +0530 Niraj Kumar Shukla
    सुलुर से उड़ान भरने के 20 मिनट बाद ही CDS रावत के हेलिकॉप्टर का ATC से टूट गया था संपर्क, एयर मार्शल के नेतृत्व वाली कमेटी कर रही जांच https://acntimes.com/CDS-Rawats-chopper-lost-contact-with-ATC-20-minutes-after-take-off https://acntimes.com/CDS-Rawats-chopper-lost-contact-with-ATC-20-minutes-after-take-off एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 14 सैन्य अधिकारियों व कर्मियों को लेकर उड़ा भारतीय वायु सेना का वीआईपी हेलिकॉप्टर चंद मिनट बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। सुलुर से उड़ान भरने के महज 20 मिनट बाद ही हेलिकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया था और जब उसकी लोकेशन मिली तो वह मलबे में तब्दील हो गया था। हादसे में ग्रुप कमांडर वरुण सिंह को छोड़ कर अन्य सभी 13 लोगों की जान चली गई थी। एकमात्र जिंदा बचे वरुण की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है। उन्हें आर्मी अस्पताल से बेंगुलुरु शिफ्ट किया गया है। उधर हेलिकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स सेना को मिल गया है जिससे हादसे से जुड़े अन्य राज्य सामने आ सकते हैं। हादसे की जांच के लिए सरकार ने एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीनों सेनाओं के अध्यक्षों वाली समिति गठित की है।

    हेलिकॉप्टर क्रैश होने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद को संबोधित करते हुई दी। उन्होंने सदन को बताया, कि- ‘प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत बुधवार को वेलिंग्टन स्थित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज के छात्रों से संवाद करने के लिए पूर्व निर्धारित यात्रा पर थे। जनरल रावत ने अपनी पत्नी (मधुलिका) और 12 अन्य लोगों के साथ सुलुर से MI-17V5 हेलीकॉप्टर से सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर वेलिंग्टन के लिए उड़ान भरी थी। इसे दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर वेलिंग्टन में उतरना था। सुलूर एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) का दोपहर 12 बजकर 8 मिनट पर हेलिकॉप्टर से संपर्क टूट गया था। बाद में कुन्नूर के पास जंगल में स्थानीय लोगों ने आग लगी देखी। मौके पर जाकर उन्होंने हेलिकॉप्टर को आग की लपटों से घिरा देखा। इसके बाद स्थानीय प्रशासन का एक बचाव दल वहां पहंचा। हेलिकॉप्टर से लोगों को निकालकर जल्दी से जल्दी वेलिंग्टन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया।

    रक्षामंत्री ने बताया कि- दुर्घटना में हेलिकॉप्टर में सवार 14 लोगों में से 13 की मृत्यु हो गई। इनमें सीडीएस जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल हैं। अन्य मृतकों में सीडीएस के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर, सीडीएस के सैन्य सलाहकार एवं स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर प्रतीक सिंह चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अधिकारी राणाप्रताप दास, जूनियर अधिकारी अरक्कल प्रदीप, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेन्द्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक वीर साई तेजा शामिल हैं।

    सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

    सिंह ने सदन को बताया कि ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंग्टन के सैन्य अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं। सभी पार्थिव शरीर को वायु सेना के विमान से आज शाम तक दिल्ली लाया जाएगा। जनरल रावत और अन्य दिवंगत सैन्य कर्मियों का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    एयर मार्शल के नेतृत्व में जांच समिति गठित

    केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि- दुर्घटना के बाद एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी को कल ही दुर्घटनास्थल भेज दिया गया था। उन्होंने वहां स्थिति का जायजा लिया। दुर्घटना की जांच के लिए एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तीनों सेनाओं के दल को हादसे की जांच का आदेश दिया है। इसने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि- मानवेंद्र सिंह एयर मार्शल हैं और वायुसेना के ट्रेनिंग कमांड के कमांडर हैं। वे खुद भी हेलिकॉप्टर पायलट हैं।

    वरुण सिंह लाइफ की सपोर्ट पर

    हेलिकॉप्टर क्रैश होने के दौरान उसमें 14 सैन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे। 13 जान गंवा चुके। सिर्फ ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (Group Captain Varun Singh) जीवित हैं। उन्हें बुधवार को गंभीर हालत में आर्मी के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रही है।

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    Thu, 09 Dec 2021 20:02:34 +0530 Niraj Kumar Shukla
    वायु सेना का हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर में क्रैश, CDS बिपिन रावत व उनकी पत्नी सहित 14 लोग थे सवार, 13 की मौत, रावत गंभीर https://acntimes.com/CDS-Bipin-Rawats-helicopter-crashes-in-Sulur-TamilNadu https://acntimes.com/CDS-Bipin-Rawats-helicopter-crashes-in-Sulur-TamilNadu एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । तमिलनाडु के कुन्नूर में भारतीय वायु सेना का एक हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हेलिकॉप्टर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल विपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहि 14 लोग सवार थे। हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि वायु सेना द्वारा की जा चुकी है। वहीं सीडीएस रावत स्थिति अभी भी काफी नाजुक बताई जा रही है। शवों की पहचान के लिए डीएनए करवाना पड़ सकता है।

    हादसा बुधवार को पर्वतीय नीलगिरि जिले के पास कुन्नूर में हुआ। जहां हादसा हुआ वहां काफी घना जंगल है। वायु सेना का हेलिकॉप्टर सुलुर अड्डे से वेलिंगटन में डिफेंस सर्विसेज कॉलेज (डीएससी) जा रहा था। बताया जा रहा है कि घना कोहरा होने के कारण नंजप्पनचथिराम इलाके में हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हदसा जोरदार धमाके के साथ हुआ था। हेलिकॉप्टर में आग की लपटें उठती देखी गईं।

    हादसे को लेकर भारतीय वायु सेना का ट्वीट देखने के लिए यहां क्लिक करें

    सूत्रों के अनुसार हादसे में 14 में से 13 लोगों की मौत हो गई। शवों की स्थिति काफी खराब थी। बुरी तरह झुलसे सीडीएस बिपिन रावत को सेना द्वारा मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया गया जहां उपचार जारी है। बता दें, कि- दो इंजन वाला यह Mi-17V5 हेलिकॉप्टर वायुसेना का होकर वीआईपी है। यह काफी भरोसेमंद हेलिकॉप्टर माना जाता है। भारतीय वायु सेना ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही सेना के अधिकारियों की आपात बैठक भी बुलाई गई। दुर्घनाट को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने साउथ ब्लॉक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मीटिंग की। वे सीडीएस रावत के घर पहुंचे और परिजन से मिलने के बाद संसद के लिए रवाना हो गए।

    सेना के हेलिकॉप्टर में ये थे सवार

    बुधवार को दिल्ली से सुलुर के लिए सेना का हेलिकॉप्टर रवाना हुआ था। इसमें जनरल बिपिन रावत के अलावा पत्नी मधुलिका रावत सवार थे। ब्रिगेडियर एल. एस. लिदर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक बी. साई. तेजा और हवालदार सतपाल भी थे। बताया जा रहा है कि 14 में से 13 के शव बरामद हो चुके हैं। शवों की हालत ज्यादा खराब होने से पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। अतः सेना द्वारा डीएनए कराने की बात कही जा रही है। वहीं सीडिएस रावत की हालत नाजुक हैं।

    एयरचीफ मार्शल चौधरी घटनास्थल रवाना, सरकार कल देगी अधिकृत बयान

    एयरचीफ मार्शल वी. आर. चौधरी भी सुलुर के लिए रवाना हो गए। उन्हें रक्षामंत्री सिंह ने तत्काल घटनास्थल पहुंचने के लिए कहा था। चौधरी सिंह को मामले की रिपोर्ट सौंपेंगे। मामले में सरकार द्वारा अधिकृत बयान 9 दिसंबर को जारी किया जाएगा। हालांकि इससे पहले बुधवार को ही संसद में रक्षामंत्री बोलने वाले थे लेकिन विभिन्न बैठकों में व्यस्त रहे।

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    Wed, 08 Dec 2021 15:29:23 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बच्चों के लिए संवेदना टोल फ्री काउंसिलिंग शुरू, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल https://acntimes.com/Child-Rights-Protection-Commission-started-samvedana-toll-free-counseling https://acntimes.com/Child-Rights-Protection-Commission-started-samvedana-toll-free-counseling एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । कोरोना संक्रमण के चलते बच्चे मानसिक रूप से प्रभावित हुए हैं। इसे देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पहल की है। आयोग ने संवेदना नाम से टोल फ्री टेली काउंसिलिंग शुरू की है।

    जानकारी के अनुसार आयोग ने बच्चों की मदद के लिए टोल फ्री नंबर 18001212-830 जारी किया है। इस पर बच्चे काल कर विशेषज्ञों से बात कर अपनी समस्या का समाधान पा सकेंगे।

    टोल फ्री नम्बर पर सुबह 10 से दोपहर 1.00 बजे तक और दोपहर 3.00 से रात 8.00 बजे तक कभी भी काल कर सकते हैं। यह सुविधा सोमवार से शनिवार तक उपलब्ध रहेगी। कोविड-19 के दौरान 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ा। ऐसे बच्चे टोल फ्री नंबर पर काल कर अपनी समस्याओं पर विषय विशेषज्ञों और काउंसलर से बात कर सकते हैं।

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    Tue, 07 Dec 2021 09:07:55 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ACNTIMES.COM ने दूसरी वेबसाइट से चुराई खबर ! 40 घंटे में कंटेंट रिमूव नहीं करने पर वेबसाइट बंद करने का मिला नोटिस, जानिए& क्या है पूरा मामला https://acntimes.com/acntimes-dot-com-accused-of-stealing-news-by-another-website https://acntimes.com/acntimes-dot-com-accused-of-stealing-news-by-another-website एसीएन टाइम्स . कॉम । गलाकाट प्रतिष्पर्धा के इस दौर में कोई किसी भी हद तक जा सकता है। अब तक आपने रुपए, पैसे, गीत-गजल और फिल्म की स्क्रिप्ट तक की चोरी होने की खबरें पढ़ी और सुनी होंगी, लेकिन खबर चुराने की खबर कम ही सुनने को मिलती है। खबर चुराने का आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि आपके अपने उसी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगा है जिसे आपने अपने स्नेह रूपी जल सींचकर बीज से पौधे तक विकसित किया है।

    जी, आप सही समझे। हम इसी प्लेटफॉर्म www.acntimes.com की ही बात कर रहे हैं जहां आप अभी यह खबर पढ़ रहे हैं। एक वेबसाइट का आरोप है कि- उसमें प्रकाशित की गई एक खबर को www.acntimes.com ने चुराकर प्रकाशित/प्रसारित किया। इसे उक्त वेबसाइट ने कॉपीराइट का उल्लंघन मानते हुए एक फोरम पर शिकायत भी की जहां से www.acntimes.com को उक्त विवादित कंटेंट 40 घंटे में रिमूव नहीं करने पर सेवाएं बाधित करने का नोटिस भी जारी कर दिया गया। इस आरोप और शिकायत से हम भी उतने ही हैरान हुए जितने कि यह खबर पढ़ कर आप हो रहे हैं। आइये, जानते हैं कि क्या है पूरा मामला।

    मामला यूं है कि, दो दिन पूर्व टीम www.acntimes.com को वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी द्वारा एक अर्जेंट ई-मेल भेजा गया। इसमें बताया गया कि एक वेबसाइट  ( https://newspressreader.com ) द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है कि उसके द्वारा प्रकाशित की गई एक खबर को www.acntimes.com द्वारा चुराकर प्रकाशित किया गया है। ऐसा कर के www.acntimes.com ने कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन किया है। वेब होस्टिंग प्रदाता ने निर्देशित किया कि उपरोक्त कंटेंट तत्काल रिमूव करें। 40 घंटे में कंटेंट रिमूव नहीं करने पर www.acntimes.com की सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। चूंकि समय काफी कम था, इसलिए हमारी तकनीकी टीम ने पहले दोनों ही वेबसाइट पर प्रकाशित / प्रसारित खबर का अवलोकन किया जो लगभग हू-ब-हू था। ऐसा इत्तेफाकन हो सकता है, अतः टीम ने बिना समय गंवाए आगे की प्रक्रिया अपनाने से पहले उक्त कंटेंट को हाइड (आदृश्य) कर होस्टिंग सेवा प्रदाता कंपनी को अपडेट दिया।

    यह भी खूब रही, चोरी और ऊपर से सीना जोरी

    अब www.acntimes.com की टीम का फोकस इस यह पता लगाने पर केंद्रित हो गया कि विगत 26 साल से फील्ड रिपोर्टिंग और दूसरों की खबरें एडिट करने के लंबे अनुभव, विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में विभिन्न पदों की जिम्मेदारियां निभाने तथा इन सब कार्यों के लिए प्रशिक्षित नेतृत्व होने के बाद भी ऐसा कैसे संभव हो गया ? थोड़े ही प्रयास में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। दरअसल www.acntimes.com ने किसी की खबर नहीं चुराई बल्कि उसमें प्रकाशित / प्रसारित खबर आरोप लगाने वाली वेबसाइट के कर्ताधर्ताओं ने ही कॉपी कर प्रकाशित कर ली। इतना ही नहीं चोरी और ऊपर से सीना जोरी वाला आचरण निभाते हुए साहूकार पर ही चोरी का आरोप लगाकर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।

    आरोप और उसके झूठे होने के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु जो आपको जानने चाहिए

    https://newspressreader.com का आरोप

    https://newspressreader.com में प्रकाशित खबर को www.acntimes.com ने चुराकर प्रकाशित किया।

    पहली नजर में दोषी कौन...

    • https://newspressreader.com में उपरोक्त खबर प्रकाशित होने की तारीख 17 सितंबर 2021 प्रदर्शित है।
    • www.acntimes.com में वही खबर प्रकाशित होने की तारीख 26 अक्टूबर 2021 एवं समय 23.50 बजे प्रदर्शित है। (इसी दिन अन्य न्यूज वेबसाइट्स पर भी इसी आशय की खबर प्रकाशित हुई।) 

    प्रथमदृष्टया प्रकाशन तारीखें देखने से तो यही प्रतीत होता है कि खबर की चोरी www.acntimes.com द्वारा ही की गई लेकिन... यह सच नहीं है... 

    फिर सच क्या है ? सच यह है कि...

    जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग रतलाम ने सहारा इंडिया के मैनेजर मो. अजीज कादरी को सजा 26 अक्टूबर 2021 को सुनाई। इसी आदेश के आधार पर ग्राहकों की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट रोहित कटारिया द्वारा समाचार प्रकाशन के लिए प्रेसनोट जारी किया गया।

    www.acntimes.com सहित अन्य मीडिया ने उपरोक्त आदेश और प्रेसनोट के आधार पर आदेश पारित होने वाले दिन (26 अक्टूबर 2021 को) ही खबर प्रकाशित / प्रसारित की।

    बड़ा सवाल ?

    जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग रतलाम ने जो आदेश 26 अक्टूबर 2021 को पारित किया, भला वह 40 दिन पहले कोई भी मीडिया या कोई अन्य भी ( https://newspressreader.com में 17 सितंबर 2021 को प्रकाशित ) कैसे जान सकता है या प्रकाशित कर सकता है ? 

    तस्वीरों में देखें खबर चुराने के आरोप की सच्चाई

    उपभोक्ता फोरम का 26 अक्टूबर 2021 को पारित आदेश

    www.acntimes.com पर 26 अक्टूबर 2021 को प्रकाशित खबर

    शिकायतकर्ता वेबसाइट पर 17 सितंबर 2021 को प्रकाशित खबर

    डिस्क्लेमर

    यह खबर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वालों के लिए सतर्क रहने के लिए है क्योंकि जैसा षड्यंत्र www.acntimes.com को प्रभावित या नुकसान पहुंचाने के के उद्देश्य से किया गया है, वैसा किसी अन्य के साथ भी हो सकता है। अतः आप भी अलर्ट रहें और अपने ई-मेल निरंतर चैक करते रहें। हो सकता है कि किसी ने आपको नुकसान पहुंचाने का इंतजाम भी कर दिया हो।

    www.acntimes.com द्वारा वेब होस्टिंग प्रदाता कंपनी को संपूर्ण तथ्यों से सप्रमाण अवगत करा दिया गया है और भविष्य में एक पक्षीय कार्रवाई करने या नोटिस जारी करने से पहले दूसरे पक्ष को अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए भी तकीद की गई है। 

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    Sun, 05 Dec 2021 21:15:07 +0530 Niraj Kumar Shukla
    मौसम विज्ञान केंद्र का अलर्ट : चक्रवाती तूफान जवाद शनिवार सुबह आंध्र प्रदेश व ओडिशा तटों से टकराने की संभावना, पीएम मोदी ने ली बैठक, 95 ट्रेनें निरस्त, NDRF की 65 टीमें तैनात https://acntimes.com/Cyclonic-storm-Jawad-likely-to-hit-Andhra-Pradesh-and-Odisha-coasts-on-Saturday-morning https://acntimes.com/Cyclonic-storm-Jawad-likely-to-hit-Andhra-Pradesh-and-Odisha-coasts-on-Saturday-morning चक्रवात जवाद को लेकर आंध्रप्रदेश व ओडिशा अलर्ट पर, ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 95 ट्रेनें रद्द की हैं

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा ने ताजा बुलेटिन जारी किया है। इसके अनुसार चक्रवाती तूफान जवाद शनिवार की सुबह आंध्र प्रदेश-ओडिशा तड़ों से टकराने का पूर्वानुमान है। तूफान को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री ने आला अधिकारियों की बैठक लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 95 ट्रेनें भी निरस्त कर दी गई हैं। एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ ने 29 टीमें भी तैनात की हैं। 

    बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इस चक्रवाती तूफान के लगातार तेज होने और शनिवार सुबह आंध्र प्रदेश-ओडिशा तटों तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इसे लेकर अलर्ट भी जारी किया है। केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट मोड पर हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने आला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने राज्य सरकारों को इससे निपटने के प्रबंध करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ ने आंध्रप्रदेश और ओडिशा में 29 टीमें तैनात कर दी हैं।  

    95 ट्रेनें रद्द, 13 जिलों के कलेक्टरों को किया अलर्ट

    ईस्ट कोस्ट रेलवे ने गुरुवार से तीन दिन के लिए 95 ट्रेनों का परिचालन रद्द कर दिया। यात्रियों की सुरक्षा के लिए एहतियाती उपाय के रूप में विभिन्न स्थानों से चलने वाली और क्षेत्र से गुजरने वाली 95 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को 2-4 दिसंबर से रद्द किया गया है। ऊधर, ओडिशा सरकार ने 13 जिलों के कलेक्टरों को लोगों को निकालने के लिए तैयार करने के लिए कहा था। बचाव और राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन विभाग के कर्मियों को बुलाकर आपदा प्रबंधन को लेकर रणनीति तैयार की। 

    3 से 6 दिसंबर तक रहेगा तूफान का असर

    बंगाल की खाड़ी से उठ रहे चक्रवाती तूफान जवाद के शुक्रवार से एक्शन में आने के कारण केंद्र और राज्य सरकार एक्शन मोड में हैं। इस तूफान का असर 3 से 6 दिसंबर तक रहने का पूर्वानुमान है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक और चक्रवातीय तूफान ने देश की चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक ने बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव वाला क्षेत्र बनने की आशंका जताई थी। इसके 3 दिसंबर तक चक्रवाती तूफान जवाद में तब्दील होने की आशंका है। IMD के अनुसार यह 4 दिसंबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों को पार करने का अनुमान है।

    90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा, भारी बारिश के भी आसार 

    इस दौरान हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के साथ होगी, साथ ही भारी वर्षा होने की भी आशंका है। इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में चक्रवाती तूफान को लेकर बनी स्थिति को लेकर एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। पीएम ने विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को ‘किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचने और संपत्ति, बुनियादी ढांचे और फसलों को कम से कम नुकसान पहुंचने देने’’ का निर्देश दिया।

    तीन राज्यों में ज्यादा असर के आसार

    चक्रवाती तूफान के आगामी तीन दिन में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को बुरी तरह प्रभावित करने की आशंका है। आईएमडी ने ओडिशा के 3 दिसंबर को गजपति, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में रेड अलर्ट (भारी से बहुत भारी वर्षा का संकेत) जारी किया है। वहीं केंद्रपाड़ा, कटक, खुर्दा, नयागढ़, कंधमाल, रायगडा और कोरापुट जिलों में 4 दिसंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवाती तूफान के आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विशाखापत्तनम और विजयनगरम जिलों को भी प्रभावित करने की आशंका है। इसके साथ ही ओडिशा के तटीय क्षेत्रों और पश्चिम बंगाल के कुछ भागों में भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका है।

    30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा

    चक्रवात जवाद का पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों पर व्यापक असर का अंदेशा है। मौसम विभाग ने शनिवार से बंगाल के तटीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की आशंका जाहिर की है। पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हावड़ा व झाड़ग्राम जिलों में भारी से अति भारी बारिश के आसार हैं। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में चेतावनी जारी की है।

    एनडीआरएफ के ट्विटर एकाउंट पर जारी तस्वीर।

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    Fri, 03 Dec 2021 01:56:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
    रतलाम का बेटा देश की सेवा करते हुए मणिपुर में हुआ शहीद, शुक्रवार को मावता में सैन्य सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई https://acntimes.com/Ratlams-son-martyred-in-Manipur-while-serving-the-country https://acntimes.com/Ratlams-son-martyred-in-Manipur-while-serving-the-country एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम की धरती एक बार फिर धन्य हो गई। मावता जैसे छोटे से गांव के बेटे लोकेश कुमावत ने देश की सेवा करते हुए जान दे दी। जवान को शुक्रवार को रतलाम सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देगा।

    रतलाम जिले के मावता निवासी 22 वर्षीय युवक लोकेश कुमावत भारतीय सेना में पदस्थ होकर मणिपुर के इम्फाल में पदस्थ थे। शहादत की सूचना परिजन को मिली तो सभी स्तब्ध रह गए। लोकेश की पार्थिवदेह इंदौर के लिए हवाई जहाज में इम्फाल से रवाना हुई। पार्थिव देह गुरुवार देर रात इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। यहां से सेना के वाहन और टुकड़ी रतलाम लेकर आएगी। पार्थिव देह शुक्रवार की अल सुबह गांव मावता पहुंचेगी। यहां सेन्य सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा भी तैयारी की जा रही है।

    अभी स्पष्ट नहीं हो पाया कि कैसे हुई शहादत

    मावता के मुकेश कुमावत के होनहार बेटे लोकेश के देश सेवा के लिए प्राण गंवाने की खबर जैसे ही मिली तो गांव का माहौल गमगीन हो गया। सेना के अधिकारियों से सूचना मिलने पर परिजन देर रात को ही इंदौर पहुंच गए थे। वे शहीद की पार्थिव देह के साथ लौटेंगे। फिलहाल यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि लोकेश की शहादत कैसे हुई।

    दो वर्ष पूर्व बने थे सेना का हिस्सा

    लोकेश का चयन सेना के लिए हुआ था। वे 2019 में सेना में चयनित हुए। इसके बाद से बीते वे देशसेवा में संलग्न थीं। परिवार में लोकेश के पिता मुकेश पेशे से किसान हैं। उनके अलावा परिवार में लोकेश की मां रेखाबाई, एक छोटा भाई विशाल आदि हैं।

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    Fri, 03 Dec 2021 00:10:43 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भारत पहुंच ही गया Omicron, कर्नाटक में दो लोग मिले संक्रमित, संपर्क में आए 5 लोगों के सैम्पल जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए भेजे https://acntimes.com/Omicron-reaches-India-two-people-found-infected-in-karnataka-Health-Ministry-confirmed https://acntimes.com/Omicron-reaches-India-two-people-found-infected-in-karnataka-Health-Ministry-confirmed केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने दी जानकरी, 66 और 46 साल के पुरुष हैं संक्रमित

    एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली । दुनिया के विभिन्न देशों में हड़कंप मचाने वाला कोरोना का ओमिक्रोन (Omicron) वेरिएंट भारत आ पहुंचा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कर्नाटक में दो पुरुष इस वेरिएंट के संक्रमित पाए गए हैं। इनके संपर्क में आए 5 लोगों के सैंपल जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। ओमिक्रोन डेल्टा वेरिएंट से 5 गुना घातक है।

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने पत्रकार वार्ता ली। इसमें उन्होंने कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट की दस्तक होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया देश के कर्नाटक में दो लोगों में ओमिक्रोन का संक्रमण पाया गया है। मरीजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए मरीजों की पहचान उजागर नहीं की जाएगी। ये 66 और 46 वर्षीय पुरुष हैं। इनकी कॉटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है।

    लव अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि ओमिक्रोन वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट की तुलना में 5 गुना ज्यादा घातक है। ऐसे में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन बहुत जरूरी हो गया है। इससे मास्क ही ही हमे बचा सकता है। यह युनिवर्सल वैक्सीन है अतः लोग जल्द से जल्द वैक्सीनेशन करवाएं। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और नियमित अंतराल पर हाथ धोते रहने के लिए भी कहा है।

    बता दें कि Omicron वेरिएंट के बारे में सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका से पता चला था। इसके बाद से अब तक यह 29 देशों तक पहुंच चुका है। अभी तक इससे करीब 373 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। इसके भारत में पहुंचने का पता चलते ही पूरा देश सतर्क हो गया है। भारत में आने वाले विदेशी यात्रियों की टेस्टिंग और जांच-पड़ताल तेज़ कर दी गयी है।

    ओमिक्रोन प्रभावित देश से भारत आए 3476 लोग, 6 कोविड पॉजिटिव मिले

    ओमिक्रोन वेरिएंट प्रभावित हाईरिस्क वाले देशों से भारत के हवाईअड्डों पर 11 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें अब तक उतरी हैं। इन फ्लाइट्स से 3,476 लोग अब तक भारत आए। ऐसे सभी लोगों की जांच की जा रही है। इस दौरान 6 लोगों के कोविड-19 संक्रमित पाए गए हैं। इसकी पुष्टि भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की जा चुकी है। कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट को ध्यान में रखते हुए संशोधित दिशानिर्देश भी लागू किए गए हैं। RT-PCR कराने के सात ही कोविड पॉजिटिव यात्रियों के सैम्पल्स की जीनोमिक सीक्वेंसिंग भी कराई जा रही है।

    यह भी देखें... Social Concerns of RSS : 1 लाख गांव में 3.50 लाख स्वास्थ्य सैनिकों की मदद से कोरोना की तीसरी लहर से मानवता को बचाएगा

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    Thu, 02 Dec 2021 17:57:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    काम को बोझ मत समझिए एंज्वॉय कीजिए, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर और देखें वीडियो https://acntimes.com/Don-nott-think-of-work-as-a-burden-enjoy-it-183 https://acntimes.com/Don-nott-think-of-work-as-a-burden-enjoy-it-183 बोझ उठाने के काम को भी आनंद के साथ करने का वीडियो आईपीएस अधिकारी ने टि्वटर पर किया साझा

    Enjoy Everything : कुछ लोग काम को बोझ समझते हैं और कुछ लोग बोझ उठाने के काम को भी मजा लेकर करते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। एक आईपीएस अधिकारी ने इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर भी साझा किया है।

    नागालैंड के आईपीएस अधिकारी रुपिन शर्मा ने बोझ को भी एंज्वॉय करने के वीडियो को वायरल किया है। वीडियो कहां का है, यह तो स्पष्ट नहीं है किंतु उस में दिखाया गया दृश्य सार्थक संदेश देने वाला है। यह वीडियो लोडिंग और अनलोडिंग करने वाले एक मजदूर का है। इसमें मजदूर ठेले पर गुलाटी मारता है और जब दूसरी तरफ पहुंचता है तो उसकी पीठ पर बोरी लदी नजर आती है। वीडियो आईपीएस अधिकारी ने देखा तो उन्हें भी काफी मजा आया और उन्होंने सकारात्मक संदेश के साथ साझा किया।

    बोझ उठाने के काम को एंज्वॉय करने का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें...

    काम को अनूठे ढंग से करने के वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। किसी ने इसे पाकिस्तान का बताया तो ज्यादातर ने काम को एंज्वॉय करने के मैसेज के साथ लाइक भी किया और दूसरों को शेयर भी किया। लोगों का कहना है कि हम इस तरह किसी भी काम को आसान बना सकते है।

    डिस्क्लेमर

    यहां यह वीडियो साझा करने का उद्देश्य सिर्फ सकारात्मक संदेश देना है। www.acntimes.com ऐसे किसी भी तरीके की नकल करने की पैरवी नहीं करता जो शारीरिक अथवा स्वास्थ्य की दृष्टि से घातक हो। 

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    Thu, 02 Dec 2021 13:27:53 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Social Concerns of RSS : 1 लाख गांव में 3.50 लाख स्वास्थ्य सैनिकों की मदद से कोरोना की तीसरी लहर से मानवता को बचाएगा RSS https://acntimes.com/Social-Concerns-of-RSS-:-Trained-3.50-lakh-people-in-1-lakh-villages-to-fight-the-third-wave-of-Corona https://acntimes.com/Social-Concerns-of-RSS-:-Trained-3.50-lakh-people-in-1-lakh-villages-to-fight-the-third-wave-of-Corona देश में 1 लाख 30 हजार से अधिक सेवा कार्यों का संचालन कर रहा है आरएसएस, महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

    एसीएन टाइम्स @ रतलाम । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिर्फ एक संगठन नहीं बल्कि सेवा का पर्याय है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान मानवता की रक्षा में महती भूमिका निभाने वाले इस संगठन ने तीसरी लहर से लड़ने के लिए भी तैयार है। आरएसएस ने ऐसी किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में नरनारायण की सेवा के लिए एक लाख गांवों में करीब 3.50 लाख लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी प्रशिक्षण दिया है। इन्हें टेस्टिंग किट भी उपलब्ध करवाई गई है।

    अनौपचारिक चर्चा के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी आरएसएस के अखिल भारतीय सेवा प्रमुख पराग अभ्यंकर ने दी। उन्होंने बताया प्रशिक्षण का काम तीन महीने पूर्व ही पूरा हो चुका है। प्रशिक्षित टीम के सदस्य गांवों में एएनएम, आशा कार्यकर्ता और कोटवार आदि की मदद से सर्वे कर संक्रमितों का पता लगाने का काम करेंगे। इसके लिए टीमों को किट भी प्रदान की गई हैैं जिनमें थर्मल गन, पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, 10-10 सर्जिन हैंड ग्लब्ज और मास्क शामिल हैं।संक्रमण के लक्षण पाए जाने पर गांव में होम आइसोलेट किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर गांवों में ही आइसोलेशन केंद्र भी बनाए जाएंगे। 

    दूसरी लहर के दौरान 10 हजार ऑक्सीजन कॉन्सट्रेटर व 500 वेंटीलेटर भी दिए

    सेवा प्रमुख अभ्यंकर के अनुसार दूसरी लहर के दौरान भी आरएसएस के स्वयं सेवकों ने महत्पूर्ण भूमिका निभाई थी। देशभर में करीब 10 हजार ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर भी उपलब्ध करवाए गए थे। इसके अलावा 500 वेंटीलेटर भी विभिन्न अस्पतालों को उपलब्ध करवाए गए थे। इंदौर व अन्य स्थानों पर ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी स्थापित किए गए। यह सब सेवा इंटरनेशनल संस्था की मदद से संभव हो सका। 

    आरएसएस के सेवा कार्य एक नजर में

    स्वास्थ्य के क्षेत्र के कार्य...

    • देशभर में संघ के  शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े 1 लाख 30 हजार से अधिक सेवा कार्य संचालित हैं। इनका 2019 में भौतिक सत्यापन कराया गया था।
    • देश में 336 छात्रावासों का संचालन होता है जिनमें गरीब और निर्धन बच्चे रहते और पढ़ाई करते हैं।
    • नॉर्थ-ईस्ट के गरीब और निर्धन बच्चों के लिए भी 75 छात्रावास हैं जहां 12वीं तक की पढ़ाई करवाई जाती है। ऐसे छात्रावास बैंगलुरु, मुंबई, अमरावती, कानपुर, अहमदाबाद सहित अन्य शहरों में स्थित हैं। 
    • 156 सर्व सुविधायुक्त ओपीडी (डिस्पेंसरी संचालित हैं जहां सभी प्रकार का इलाज होता है।
    • 18 से 19 बड़े चिकित्सालय हैं। यहां हर तरह की गंभीर बीमारी का इलाज होता है। गुरुग्राम, नेल्लोर, औरंगाबाद, ग्वालियर के अस्पताल प्रमुख हैं।
    • आरोग्य पैथी के 3500 केंद्र गुजरात और 3500 आसाम में संचालित हैं। इससे जुड़े लोगों को आयुर्वेद की दवाई उपलब्ध कराई जाती है और उसके उपयोग के बारे में प्रशिक्षत किया जाता है। केरल में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए एक प्रयोग भी किया गया है।
    • इंदौर में गुरुजी सेवा न्यास अस्पताल संचालित है। यहां सभी प्रकार की जांचों न्यूनतम शुल्क पर होती है। इसके अलावा कई डायलिसिस सेंटर भी हैं। बाजार में यदि डायलिसिस में 2 से ढाई हजार रुपए तक लगते हैं तो संघ द्वारा संचालित केंद्रों में वही 600-700 रुपए में हो जाती है।  

    स्वावलंबन के क्षेत्र के कार्य...

    • कन्याकुमारी के 1200 गांवों में 3500 महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इनसे करीब 20 हजार महिलाएं जुड़ी हैं।
    • 990 सिलाई-कड़ाई और बुनाई केंद्रों का संचालन भी किया जा रहा है। स्टार्ट अप वाले भी सहयोग कर रहे हैं। वे ऐसे संस्थानों की महिलाओं से अन्य कंपनियां भी काम करवा रही हैं।
    • दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित देशभर में ब्यूटीपार्लर की ट्रेनिंग के सेंटर भी संचालित हैं। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भ बनाने में मदद मिली है।
    • सोलापुर में पापड़-बड़ी जैसी चीजें बनाने का काम महिलाएं करती हैं। पिछले कोरोना काल में इन समूहों को सरकार ने काम उपलब्ध करवाया। इन्होंने मरीजों को प्रभावितों को भोजन उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी दी थी।

    सामाजिक क्षेत्र के कार्य...

    • 70 के करीब मातृछाया केंद्र संचालित हैं। यहां अनाथ नवजात बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था की जाती है।
    • विधवा आश्रम और अनाथ बालिका आश्रमों का संचालन भी हो रहा है। यहां पढ़ाई करवाने के साथ ही उनकी शादी भी करवाई जाती है।

    सेवादाता एप से जुड़ा 650 कामगारों को

    अभ्यंकर ने बताया कि सेवा प्रकल्पों के तहत रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑनलाइन सुविधा भी मुहैया करवाई जा रही है। इससे पर अभी तक 650 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। 60 प्रकार के कार्य से जुड़े लोग शामिल हैं। इसके अलावा एक सेवागाथा एप भी है ज सेवा कार्यों के प्रचार-प्रसार होता है। वर्तमान में यह एप हिंदी, मराठी, अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में उपलब्ध है। 19 दिसंबर को यह गुजराती भाषा में भी उपलब्ध हो जाएगा।

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    Thu, 02 Dec 2021 01:17:29 +0530 Niraj Kumar Shukla
    बिट क्वाइन व निजी क्रिप्टोकरेंसी होगी बैन, आरबीआई लाएगी आधिकारिक डिजिटल मुद्रा, शीतकालीन सत्र में आएगा बिल https://acntimes.com/Private-cryptocurrencies-will-be-banned https://acntimes.com/Private-cryptocurrencies-will-be-banned एसीएन टाइम्स @ नई दिल्ली : देश में बिट क्वाइन और अन्य निजी क्रिप्टोकरेंसी को विनियमित करने की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है। इसके लिए आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक (2021) संसद के शीतकालीन सत्र में पेश होगा। इस बिल को लाने का उद्देश्य भारत में सभी प्रकार की निजी क्रिप्टोकरेंसी गैरकानूनी घोषित करना है।

    लोकसभा द्वारा एक विज्ञप्ति जारी की गई है। यह विदायी कार्यक्रम को लेकर है। इसके अनुसार 29 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। इसमें सरकार द्वारा करीब 26 नए बिल पेश किए जाने हैं। इनमें आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक 2021 का क्रिप्टोक्यूरेंसी और विनियमन भी शामिल है। सरकार इसे पारित करवा कर किसी भी प्रकार की निजी क्रिप्टो करेंसी पर रोक लगाना चाहती है। इसके स्थान पर आधिकारिक डिजिटल करेंसी निर्धारित करना मुख्य उद्देश्य है। बिल के माध्यम से सरकार इसके अंतर्निहित तकनीक और इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए विशिष्ट अपवाद प्रदान किए जा सकते हैं।

    सरकार चाहती है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक डिजिटल मुद्रा के निर्माण के लिए एक सुविधाजनक वातावरण प्रदान किया जाए। इसके लिए ही उक्त कानून संसद में पारित करवाने की तैयारी की जा रही है। 

    आगामी वित्तीय वर्ष के वार्षिक बजट में हो सकता है समायोजन

    राजस्व सचिव तरुण बजाज ने समाचार एजेंसी पीटीआई को एक इंटरव्यू दिया गया है। इसमें बताया गया है कि सरकार टैक्स के दायरे में क्रिप्टोकरेंसी को शामिल करने के लिए आयकर नियमों में बदलाव की जांच करेगी। इन समायोजनों को आगामी वित्तीय वर्ष के वार्षिक बजट में शामिल किया जा सकता है।

    अन्य सेवाओं की ही तरह लागू होगा जीएसटी

    बजाज के अनुसार कुछ लोग पहले से अपनी क्रिप्टोकरेंसी मुनाफे पर पूंजीगत लाभ का भुगतान कर रहे थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जीएसटी कानून काफी स्पष्ट है। अब अन्य सेवाओं के समान ही टैक्स लगाया जाएगा। सरकार मौजूदा नियमों का उपयोग फैसिलिटेटर्स, ब्रोकरेज और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को वर्गीकृत करने के लिए करेगी। समान सेवाएं प्रदान करने वाले अन्य प्लेटफॉर्म द्वारा उपयोग की जाने वाली कर विधियों का भी उपयोग होगा। उन पर जो भी क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पर लागू जीएसटी की दर ही प्रभावी होगी।

    आतंकियों को मदद के लिए हो रहा है दुरुपयोग

    बता दें कि पूर्व में ऐसी रिपोर्ट मिली हैं को निजी क्रिप्टो करेंसी का दुरुपयोग हो रहा है। इनका उपयोग झूठे दावों के लिए लिया जा रहा है। इसके अलवा निवेशकों को धाखा देने और आतंकवादी गतिविधियों को आर्थिक मदद केने के लिए किया जा रहा है। सरकार ने इसी पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।

    अभी देश में कोई विनियमन नहीं

    देश में अभी में क्रिप्टोकरेंसी के लिए कोई कानून नहीं है। बिटकॉइन, डॉगकोइन और एथेरियम किसी भी बैंकिंग नियामक द्वारा विनियमित नहीं की जा सकती है। यही कारण है कि लोग इसमें ज्यादा रुचि ले रहे हैं। सरकार द्वारा इस पर बैन का बिल भी इसी के मद्देनजर लाया जा जा रहा है।

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    Wed, 24 Nov 2021 17:10:50 +0530 Niraj Kumar Shukla
    पद्मश्री से सम्मानित कंगना रनौत के खिलाफ आगरा में वाद दायर, एडवोकेट ने देशद्रोह का केस दर्ज कराने की लगाई गुहार, सुनवाई कल https://acntimes.com/Case-filed-against-Kangana-Ranaut-in-Agra https://acntimes.com/Case-filed-against-Kangana-Ranaut-in-Agra एसीएन टाइम्स @ आगरा । आजादी और महात्मा गांधी के विरुद्ध विवादित बयान देने को लेकर पद्मश्री कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आगरा न्यायालय में अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने एक वाद दायर किया है। उन्होंने पद्म श्री प्राप्त अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा चलाने की गुहार लगाई है। न्यायालय ने याचिका मंजूर कर पुलिस की जांच रिपोर्ट पर 25 नवंबर को सुनवाई नियत की है।

    पदमश्री पुरस्कार पाने के बाद फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने जो बयान दिया उसे लेकर राजनैतिक संगठनों और समाजिक कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया है। राजीव गांधी बार एसोसिएशन आगरा के अध्यक्ष अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने न्यायालय में दायर कराए वाद में बताया है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 17 नवंबर को कंगना रनौत ने वर्ष 1947 में मिली आजादी को भीख बताया। उन्होंने महात्मा गांधी जी को लेकर भी अमर्यादित बयान दिया। इसके चलते ही शर्मा ने रनौत के विरुद्ध आईपीसी की धारा 500, 120बी के तहत देशद्रोह का मुकदमा चलाने की गुहार लगाई है।

    सीजेएम न्यायालय ने मंजूर की याचिका, पुलिस से जांच आख्या रिपोर्ट तलब की

    सीजेएम कोर्ट ने अधिवक्ता की याचिका मंजूर कर ली है। न्यायालय ने न्यू आगरा थाने से जांच आख्या की रिपोर्ट तलब की है। इसके आधार पर 25 नवंबर को सुनवाई होगी। अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा की ओर से अधिवक्ता बी. एस. फौजदार पैरवी करेंगे।

    प्रदर्शन हुए, पुतले भी जलाए गए

    कंगना अपने बयानों को लेकर अक्सर ही विवादित रहती हैं। इस बार भी वे विवादों के घेरे में हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंगना ने 1947 में मिली आजादी को भीख बताया था। यही नहीं उन्होंने महात्मा गांधी तक को नहीं छोड़ा। इसे लेकर पूरे देश में उनका विरोध हो रहा है और अभी तक कई राज्यों में उनके विरुद्ध केस दर्ज हो चुके हैं। आगरा में भी उनके बयानों को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन हुए।

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    Wed, 24 Nov 2021 15:45:52 +0530 Niraj Kumar Shukla
    365 दिन आपके साथ, आपके विश्वास और हमारे संबल के, ACNTIMES इसके लिए आपका आभारी है, यह स्नेह यूं ही बनाए रखिए https://acntimes.com/365-days-with-you-for-your-trust-and-our-strength-ACNTIMES-Grateful-to-you-for-this-keep-it-as-it-is https://acntimes.com/365-days-with-you-for-your-trust-and-our-strength-ACNTIMES-Grateful-to-you-for-this-keep-it-as-it-is

    एक साल, जी हां, आज एक साल पूरा हो गया, आपके साथ, आपके विश्वास और हमारे संबल का।

    365 दिन पूर्व 'ACNTIMES.COM' के रूप में हमने जो बीज बोया था, वह अब एक वर्ष का पौधा बन चुका है। कोरोना काल और प्रतिकूल परिस्थितियों जैसे अन्य झंझावातों का सामना करते हुए आज यह पौधा मजबूती के साथ खड़ा रहने का साहस कर पा रहा है, तो यह आपके कारण ही संभव हो सका है। इसकी जड़ों में आपके विश्वास की खाद है और इसे सहयोग का जल हर पल, हर क्षण मिलता रहा है। इसके लिए आभार बहुत छोटा सा शब्द है, फिर भी इसे स्वीकार करें और आपना स्नेह बनाए रखें।

    मौजूदा दौर में पत्रकारिता करना चुनौतियों से भरा है, फिर भी 'ACNTIMES.COM' परिवार आपको यह यकीन दिलाता है कि संस्कारित और मर्यादित पत्रकारिता के उच्च मानदंडों को बनाए रखने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए हम निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

    'ACNTIMES.COM' टकराव और नकारात्मकता का समर्थक नहीं, बल्कि सद्भाव कायम करने, सहकार की संकल्पना को मजबूत करने और सरकार व आमजन के बीच सेतु बनकर सकारात्मक प्रयास करने की पैरवी करता है। इसी से तो ACNTIMES.COM के एक दिन वटवृक्ष बनने की उम्मीद कायम है।

    विश्व के 82 देशों तक ACNTIMES.COM  ने बनाई पहुंच

    गूगल एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार ACNTIMES.COM ने बीते एक साल (20 नवंबर 2020 से 19 नवंबर 2021 तक) में विश्व के 82 देशों के 893 शहरों तक अपनी पहुंच बनाई। उपयोगकर्ताओं में 25 से 34 वर्ष (25.88 फीसदी) आयुवर्ग वाले पहले नंबर पर, 35 से 44 की उम्र वाले दूसरे (21.43 फीसदी), 18 से 24 साल वाले तीसरे (17.69 फीसदी), 45 से 54 वाले चौथे (15.08 फीसदी), 55 से 64 साल वाले पांचवें (13.67 फीसदी) और 65+ की आयु वाले छठे नंबर (6.25 फीसदी) पर रहे। इस तरह 18 से 35 की उम्र वाले उपयोगकर्ता का आंकड़ा 65 फीसदी रहा।  

    विश्व के 82 देशों तक ACNTIMES.COM ने बनाई पहुंच

    ACNTIMES.COM की विश्व के देशों में पहुंच (स्रोत : गूगल एनलिटिक्स)

    पुनःश्च आभार।

    Team ACNTIMES.COM

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    Sat, 20 Nov 2021 00:08:17 +0530 Niraj Kumar Shukla
    PADMA awards distributed : रतलाम की डॉ. लीला जोशी 'पद्मश्री' से सम्मानित, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 50 वर्ष की चिकित्सकीय सेवा के लिए किया पुरस्कृत, देखें वीडियो... https://acntimes.com/padma-awards-distributed-dr-leela-joshi-of-ratlam-honored-with-padma-shri https://acntimes.com/padma-awards-distributed-dr-leela-joshi-of-ratlam-honored-with-padma-shri नई दिल्ली / रतलाम @ एसीएन टाइम्स . देश में चिकित्सा और महिलाओं में आयरन की कमी दूर करने के लिए ख्यात रतलाम की डॉ. लीला जोशी को सोमवार को पद्मश्री (Padma awards distributed) से नवाजा गया। उन्हें उनकी 50 वर्षीय चिकित्सकीय सेवाओं के लिए पद्मश्री राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किया। एनीमिया से मुक्ति के लिए जीवन समर्पित करने वाली डॉ. जोशी मध्य प्रदेश की मदर टेरेसा और आयरन लेडी के नाम से भी जानी जाती हैं।

    देश की विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रही शख्सियतों को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पद्म पुरस्कार (Padma awards distributed) प्रदान किए गए। पुरस्कार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किए। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य मौजूद रहे। पुरस्कृत होने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज सहित अन्य विभूतियां शामिल हैं। इनमें कुछ को मरणोपरांत भी पुरस्कृत किया गया। 2020 के लिए चितिक्सा के क्षेत्र में पुरस्कृत होने वालों में रतलाम की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. लीला जोशी को पद्मश्री से नवाजा गया। उन्होंने यह पुरस्कार पांच दशक तक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में की गई चिकित्सकीय सेवाओं के लिए दिया गया। डॉ. जोशी मप्र के अलावा असम, दिल्ली, मुंबई सहित विभिन्न स्थानों में सेवाएं दीं। वे लंबे समय से किशोरियों और महिलाओं में एनीमिया की कमी दूर करने के लिए अभियान चला रही हैं।

    कोरोना के चलते अब मिला सम्मान

    Padma awards distributed
    रतलाम की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लीला जोशी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

    82 वर्षीय डॉ. लीला जोशी को पद्मश्री पुरस्कार (Padma awards distributed) देने की घोषणा 2019 में ही हो गई थी। कोरोना काल के चलते नियत समय पर पुरस्कार वितरण समारोह नहीं हो सका था। इससे अब सम्मान समारोह में डॉ. जोशी को पुरस्कृत किया गया। बता दें कि असम में पोस्टिंग के दौरान डॉ. जोशी की मुलाकात मदर टेरेसा से हुई थी। टेरेसा की अपील पर ही डॉ. जोशी ने आदिवासियों की स्वास्थ्य सेवा करने का संकल्प लिया जो आज भी जारी है।

    1962 में शुरू हुआ था मेडिकल के क्षेत्र करियर

    • डॉ. जोशी ने 1962 में कोटा के रेलवे अस्पताल में असिस्टेंट सर्जन के रूप में मेडिकल के क्षेत्र में करियर शुरू किया था।
    • नियुक्ति के 29 साल बाद मेडिकल सुप्रिटेंडेंट बनीं।
    • 1991 में रेल मंत्रालय दिल्ली में एक्ज़ीक्यूटिव हेल्थ डायरेक्टर बनीं।
    • इसके बाद मुंबई में मेडिकल डायरेक्टर बनाई गईं।
    • असम के चीफ मेडिकल डायरेक्टर पद से रिटायर हुईं।
    • 1997 में सेवानिवृत्त होने के बाद मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ को अपनी कर्मस्थली बनाया।
    • लगातार 22 साल से आदिवासी महिलाओँ को मुफ्त इलाज दे रही हैं।
    • रतलाम जिले में महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की कमी दूर करने के लिए अभियान चला रही हैं।
    • आदिवासी अंचल में मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए निरंतर सक्रिय।

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    Tue, 09 Nov 2021 01:23:11 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Supreme Court Decision : कर्मचारी के तबादले से यदि सेवा शर्तों में बदलाव होता है तो लागू होगी आईडी अधिनियम की धारा 9A, कर्मचारी को नोटिस देना होगा जरूरी https://acntimes.com/supreme-court-decision-if-there-is-a-change-in-the-service-condition-the-transfer-is-illegal https://acntimes.com/supreme-court-decision-if-there-is-a-change-in-the-service-condition-the-transfer-is-illegal

    कपारो इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड विरुद्ध उम्मेदसिंह लोधी व अन्य से जुड़े मामले में न्यायालय ने दिया आदेश, 25 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया

    नई दिल्ली @ एसीएन टाइम्स . सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्णय फैसला (Supreme Court Decision) सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि यदि कामगारों के स्थानांतरण के कारण उनकी सेवा की शर्तों और काम की प्रकृति में बदलाव होता है तो औद्योगिक विवाद (आईडी) अधिनियम, 1947 की चौथी अनुसूची और धारा 9A लागू होगी। आईडी अधिनियम की धारा 9A के अनुसार चौथी अनुसूची में निर्दिष्ट किसी भी मामले के संबंध में किसी भी कर्मचारी पर लागू सेवा की शर्तों में किसी भी बदलाव के संबंध में नियोक्ता को कर्मचारी को नोटिस देना होगा। देवास से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी का तबादला करने वाले उद्योग प्रबंधन के विरुद्ध 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

    यह महत्वपूर्ण निर्णय न्यायमूर्ति एम. आर. शाह और न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना की पीठ (Supreme Court Decision) ने दिया। न्यायालय कपारो इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड बनाम उम्मेद सिंह लोधी और अन्य से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के श्रम न्यायालय के फैसले को बरकरार रखने के निर्णय दिया गया था। इसमें श्रम न्यायालय ने संबंधित कर्मचारियों के स्थानांतरण के आदेश को अवैध और अमान्य घोषित किया था। इसके विरुद्ध प्रबंधन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। पीठ ने उक्त अपील खारिज कर प्रबंधन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। शीर्ष कोर्ट ने उक्त स्थानांतरण को मनमाना, दुर्भावना और उत्पीड़न वाला करार दिया है।

    सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों के स्थानांतरण को मनमाना, दुर्भावना व उत्पीड़न माना

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Decision) ने मामले में कहा है कि,- "संबंधित कामगार को देवास से चोपांकी, जो लगभग 900 किलोमीटर दूर है, स्थानांतरित करने का 23.01.2015 का आदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम की चौथी अनुसूची के साथ पठित धारा 9ए का उल्लंघन है और मनमाना, दुर्भावना और उत्पीड़न है। जैसा कि ऊपर देखा गया है, इस तरह के स्थानांतरण से, "वर्कमैन" के रूप में उनकी स्थिति "पर्यवेक्षक" के रूप में बदल जाएगी। चोपांकी में उनके स्थानांतरण के बाद और पर्यवेक्षक के रूप में काम करने के बाद इस तरह के बदलाव से वे संबंधथित लाभों से वंचित हो जाएंगे।"

    यह है पूरा मामला : 13 जनवरी 2015 को 900 किमी दूर कर दिया था तबादला

    मामला देवास के कपारो इंजीनियरिंग इंडिया लिमिटेड द्वारा कर्मचारी उम्मेद सिंह लोधी और अन्य सहित 9 कामगारों का है। प्रबंधन द्वारा लोधी सहित अन्य का 13 जनवरी 2015 को राजस्थान के अलवर जिला स्थित चोपांकी स्थानांतरण कर दिया गया था। चोपांकी देवास से 900 किलोमीटर दूर है। इसके विरुद्ध कामगारों ने अपने संघ के माध्यम से औद्योगिक विवाद को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उठाया लेकिन सुलह की कार्यवाही विफल रही। इसके चलते मामला श्रम न्यायालय में पहुंचा।

    जहां स्थानांतरण किया गया वहां न तो शैक्षिक व चिकित्सा सुविधा थी न 40-50 किमी तक आवासी क्षेत्र

    श्रम न्यायालय को कामगारों ने बताया कि कि देवास कारखाने में कामगारों की संख्या को कम करने के इरादे से उनका स्थानांतरण दुर्भावना से किया गया। यह अधिनियम की धारा 9A के तहत अवैध परिवर्तन है। नियोक्ता ने कामगारों पर इस्तीफा देने के लिए दबाव डाला और इनकार करने पर उन्हें बिना किसी उचित कारण के राजस्थान के चोपांकी स्थानांतरित कर दिया, जो कि 900 किलोमीटर दूर है। स्थानांतरण से उनके काम की प्रकृति बदल जाएगी। वे देवास में प्रिसिजन पाइप का निर्माण करते हैं जबकि चोपांकी में काम नट और बोल्ट के निर्माण का है। उनके लिए बहुत कठिनाई होगी क्योंकि जिस स्थान पर उनका स्थानांतरण किया गया था, वहां कोई शैक्षिक और चिकित्सा सुविधा नहीं थी।

    स्थानांतरण उनके स्कूल जाने वाले बच्चों और वृद्ध माता-पिता को परेशान करने के उद्देश्य से किया गया है। जिस स्थान पर स्थानांतरण किया गया वहां 40-50 किलोमीटर के भीतर कोई आवासीय क्षेत्र भी नहीं था और न ही परिवहन की सुविधा ही थी।

    नियोक्ता ने एक्ट का प्रावधान नकारा, कहा- नोटिस देने की जरूरत ही नहीं थी

    नियोक्ता ने श्रम न्यायालय के समक्ष अपना जवाब प्रस्तुत किया और देवास में कामगारों की संख्या को कम करने के लिए के कर्मचारियों को स्थानांतरित करने के तथ्य को नकार दिया। प्रबंधन का दावा था कि कोई अनुचित श्रम प्रथा नहीं अपनाई गई। यह भी कहा कि मामले में आई. डी. अधिनियम की धारा 9A के तहत किसी नोटिस की आवश्यकता नहीं थी क्योंकि देवास में उत्पादन में लगातार कमी हो रही थी और कर्मचारी सरप्लस हो गए थे। इसलिए कामगारों के रोजगार को जारी रखने के लिए सेवा-शर्तों के अनुरूप उनका तबादला किया गया।


    यह भी देखें... Facility of CBDT :
    नया वार्षिक सूचना विवरण (AIS) जारी, आयकर संबंधी जानकारी लीजिए और ऑनलाइन फीडबैक भी दीजिए

    मामले में नियोक्ता (उद्योग प्रबंधन) श्रम न्यायालय में यह साबित नहीं कर सका कि देवास कारखाने में उत्पादन में लगातार कमी हो रही थी और कर्मचारी अधिशेष हो गए थे। न्यायालय ने पाया कि देवास में नियोजित व्यक्तियों की संख्या को कम करने के इरादे से ही 9 कामगारों को देवास से स्थानांतरित किया गया था। इसे आई. डी. अधिनियम की अनुसूची 4 के खंड 11 द्वारा कवर किया गया। परिवर्तन की कोई जानकारी भी नहीं दी गई। अतः श्रम न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश को आई. डी. अधिनियम की धारा 9ए का उल्लंघन माना। इसके चलते ही श्रम न्यायालय ने स्थानांतरण आदेश अवैध मानते हुए निरस्त कर दिया था

    हाईकोर्ट की एकल और डिवीजन बेंच ने भी खारिज कर दी प्रबंधन की रिट याचिकाएं

    प्रबंधन ने श्रम न्यायालय के निर्णय और आदेश से असंतुष्ट होकर मप्र हाईकोर्ट में रिट पिटिशन दायर की। एकल बेंच द्वारा रिट पिटिशन खारिज करने पर नियोक्ताओं ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया लेकिन याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं होने से डिवीजन बेंच ने भी खारिज कर दिया। बाद में प्रबंधन ने शीर्ष न्यायालय की शरण ली लेकिन वहां भी दाल नहीं गली। शीर्ष न्यायालय (Supreme Court Decision) ने भी उद्योग प्रबंधन द्वारा किए गए स्थानांतरण को आई. डी. एक्ट की धारा 9A का उल्लंघन माना।

    सुप्रीम कोर्ट ने सबूतों और साक्ष्यों के आधार पर यह की टिप्पणी

    रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों पर विचार करते हुए शीर्ष न्यायालय (Supreme Court Decision) की बेंच ने कहा कि, "रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों से सामने आता है कि संबंधित प्रतिवादी - कर्मचारी देवास में कार्यरत थे और 25 से 30 वर्षों से अधिक समय से देवास में काम कर रहे थे। उन सभी का अचानक से देवास से तबादला चोपांकी हो गया, जो देवास से 900 किलोमीटर की दूरी पर है। उनका तबादला कैरियर के अंतिम समय पर हुआ। जिस स्थान पर उनका स्थानांतरण किया गया, वहां कोई शैक्षिक और चिकित्सा सुविधाएं भी नहीं थीं। वह स्थान जहां उनका स्थानांतरण किया गया था वहां परिवहन की सुविधा नहीं थी। संयंत्र से 40-50 किलोमीटर के भीतर कोई आवासीय क्षेत्र नहीं था। यह भी सामने आया है कि कामगारों को चोपांकी स्थानांतरित करके देवास कारखाने में श्रमिकों की संख्या नौ कम कर दी गई है।"

    शीर्ष न्यायालय ने खारिज कर दिया उद्योग प्रबंधन का तर्क

    न्यायमूर्ति एम. आर. शाह द्वारा लिखे गए फैसले में पीठ ने माना कि प्रतिवादी अधिनियम की धारा 2 (एस) के तहत कामगार थे और इसलिए उन्हें अधिनियम के प्रावधानों के तहत संरक्षण प्राप्त होगा। चोपांकी में उनके स्थानांतरण के कारण उन्हें पर्यवेक्षक की क्षमता में काम करना होगा। इससे वे अधिनियम के प्रावधानों से वंचित हो जाएंगे। अपीलकर्ता का यह कहना कि स्थानांतरण सेवा की शर्त का एक हिस्सा था और धारा 9A लागू नहीं होगा, इसका कोई अर्थ नहीं है।

    पीठ ने कहा कि, "प्रश्न केवल स्थानांतरण के बारे में नहीं है। सवाल स्थानांतरण के परिणामों के बारे में है। वर्तमान मामले में, कार्य/सेवा शर्तों की प्रकृति को बदल दिया जाएगा और स्थानांतरण के परिणामों के परिणामस्वरूप सेवा शर्तों में परिवर्तन होगा और देवास कारखाने में कर्मचारियों की कमी होगी। इसके लिए चौथी अनुसूची और धारा 9A लागू होगी।" पीठ ने कहा कि- "यह स्थापित और साबित हुआ कि कर्मचारी संबंधित अधिनियम की धारा 2 (एस) की परिभाषा के भीतर 'कामगार' थे और इसलिए, अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुरक्षा के हकदार थे।"

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    Mon, 08 Nov 2021 02:35:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    ऐसा है हमारा दिल्ली&मुंबई एक्सप्रेस&वे https://acntimes.com/Delhi-Mumbai-Expressway https://acntimes.com/Delhi-Mumbai-Expressway Sun, 07 Nov 2021 01:00:11 +0530 Niraj Kumar Shukla Facility of CBDT : नया वार्षिक सूचना विवरण (AIS) जारी, आयकर संबंधी जानकारी लीजिए और ऑनलाइन फीडबैक भी दीजिए https://acntimes.com/facility-of-it-department-cbdt-prepares-new-annual-information-statement-ais https://acntimes.com/facility-of-it-department-cbdt-prepares-new-annual-information-statement-ais
    एसीएन टाइम्स  @ नई दिल्ली । आयकर विभाग ने अनुपालन पोर्टल पर नया वार्षिक सूचना विवरण (AIS) जारी (Facility of IT Department) किया है। CBDT द्वारा तैया किया गया यह विवरण ऑनलाइन प्रतिक्रिया (फीडबैक) प्राप्त करने की सुविधा के साथ करदाताओं को आयकर से संबंधित सूचनाओं के बारे में एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करता है। इस सुविधा का उपयोग आयकर की नई ई-फाइलिंग पोर्टल (https://www.incometax.gov.in) पर जाकर किया जा जा सकता ह।

    भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अनुसार https://www.incometax.gov.in के “सेवा” टैब पर जाकर”वार्षिक सूचना विवरण (AIS)” लिंक पर क्लिक करके इस नए वार्षिक सूचना विवरण (AIS) का उपयोग किया जा सकता है। फॉर्म 26एएस समानांतर रूप से ट्रेसेस पोर्टल पर तब तक जारी रहेगा जब तक कि नया वार्षिक सूचना विवरण (AIS) पूरी तरह से मान्य और कारगर नहीं हो जाता।

    कौन सी जानकारियां मिलेंगे और किस रूप में कर सकते हैं डाउनलोड

    नए वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में ब्याज, लाभांश, प्रतिभूति लेन-देन, म्यूचुअल फंड लेनदेन, विदेशी अदायगी आदि से संबंधित अतिरिक्त जानकारी शामिल है। दोहरी (डुप्लिकेट) जानकारी हटाने के उद्देश्य से दर्ज जानकारी को संसाधित किया गया है। करदाता वार्षिक सूचना विवरण (AIS) से जुड़ी जानकारी को पीडीएफ (PDF), जेएसओएन (JSON), सीएसवी (CSV) प्रारूपों में डाउनलोड कर सकेंगे।

    सूचना प्रदान करने वाले स्रोत से करें संपर्क

    अगर किसी करदाता को यह लगता है कि दी गई जानकारी गलत है, उस जानकारी का संबंध अन्य व्यक्ति/वर्ष, दोहरे होने (डुप्लीकेट) आदि से है, तो उसे ऑनलाइन प्रतिक्रिया (फीडबैक) देने की सुविधा (Facility of IT Department) भी है। विस्तृत रूप से अनेक सूचनाएं प्रस्तुत कर के भी प्रतिक्रिया दी जा सकती है। करदाताओं को ऑफलाइन तरीके से वार्षिक सूचना विवरण (AIS) को देखने और प्रतिक्रिया अपलोड करने के लिए एक AIS संबंधी यूटिलिटी भी प्रदान की गई है। दर्ज किए गए मूल्य और प्रतिक्रिया देने के बाद के मूल्य कोवार्षिक सूचना विवरण ( AIS ) में अलग से दिखाया जाएगा। अगर दी गई सूचना को संशोधित/अस्वीकार किया जाता है, तो इसकी पुष्टि के लिए सूचना प्रदान करने वाले स्रोत से संपर्क किया जा सकता है।

    स्वचलित रूप से तत्काल अपडेट होगी जानकारी

    प्रत्येक करदाता के लिए एक सरलीकृत करदाता सूचना सारांश (TIS) भी तैयार (Facility of IT Department) किया गया है, जोकि रिटर्न दाखिल करने में आसानी के उद्देश्य से करदाता के लिए समग्र मूल्य को दर्शाता है। करदाता सूचना सारांश (TIS) संसाधित मूल्य (अर्थात पूर्व-निर्धारित नियमों के आधार पर सूचना के दोहराव को समाप्त करने के बाद उत्पन्न मूल्य) और गणना किए गए मूल्य (अर्थात करदाता की प्रतिक्रिया और संसाधित मूल्य पर विचार करने के बाद गणना किया गया मूल्य) को दर्शाता है।

    अगर करदाता वार्षिक सूचना विवरण ( AIS ) के बारे में प्रतिक्रिया प्रस्तुत करता है, तो करदाता सूचना सारांश (TIS) में प्राप्त जानकारी स्वचालित रूप से तत्काल अपडेट हो जाएगी। करदाता सूचना सारांश (TIS) में प्राप्त जानकारी का उपयोग रिटर्न भरने से पहले (प्री-फिलिंग)के उद्देश्यों के लिए किया जाएगा (प्री-फिलिंग की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से सक्षम बनाया जाएगा)।

    सभी सूचनाओं की ठीक सके करें जांच फिर करें दर्ज

    करदाताओं को यह याद रखना चाहिए कि वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) में आयकर विभाग के पास वर्तमान में उपलब्ध जानकारियां शामिल हैं। करदाता से संबंधित कुछ ऐसे अन्य लेन-देन हो सकते हैं, जो वर्तमान में वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में प्रदर्शित नहीं हों। करदाताओं को सभी संबंधित सूचनाओं की जांच करनी चाहिए और आयकर रिटर्न में पूर्ण और सटीक जानकारी दर्ज करानी चाहिए।

    जनकारी में संशोधन की जरूरत हो तो फीडबैक जरूर दें

    करदाताओं से यह अनुरोध किया जाता है कि वे वार्षिक सूचना विवरण ( AIS ) में प्रदर्शित की गई जानकारी को देखें और अगर जानकारी में किसी संशोधन की आवश्यकता है तो उसके बारे में अपनी प्रतिक्रिया दें। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय करदाता सूचना सारांश (TIS) में दिखाए गए मूल्य पर विचार किया जा सकता है। अगर आयकर रिटर्न (ITR) पहले ही दाखिल किया जा चुका है और कुछ जानकारियां आयकर रिटर्न (ITR) में शामिल नहीं की गई है, तो सही जानकारी को दर्शाने के लिए रिटर्न को संशोधित किया जा सकता है।

    ट्रेसेस पोर्टल पर प्रदर्शित जानकारी पप कर सकते हैं भरोसा

    अगर टीडीएस/टीसीएस से संबंधित जानकारी या ट्रेसेस पोर्टल पर फॉर्म 26एएस में प्रदर्शित किए गए कर के विवरण और टीडीएस/टीसीएस जानकारी या अनुपालन पोर्टल पर AIS (Facility of IT Department) में प्रदर्शित कर भुगतान से संबंधित जानकारी के बीच भिन्नता है, तो करदाता आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने और अन्य कर अनुपालन संबंधी उद्देश्यों के लिए ट्रेसेस पोर्टल पर प्रदर्शित जानकारी पर भरोसा कर सकता है।

    करदाता किसी भी प्रश्न के लिए एआईएस होमपेज पर “संसाधन” अनुभाग में प्रदान किए गए वार्षिक सूचना विवरण (AIS) से जुड़े दस्तावेजों (AIS की विवरण पुस्तिका, प्रस्तुति, उपयोगकर्ता गाइड और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) की सहायता ले सकते हैं या “सहायता” अनुभाग के माध्यम से हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं।

    नए वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में यह सब नजर आएगा (Facility of IT Department)

    • सभी बचत बैंक खातों पर खाता-वार ब्याज आय (बचत बैंक खाता संख्या के साथ)।

    • सावधि जमा की ब्याज आय प्रत्येक FD के लिए अलग से (FD खाता संख्या के साथ)।

    • वित्तीय वर्ष के दौरान की गई/बंद की गई सावधि जमा की राशि।

    • प्रत्येक कंपनी से अलग-अलग अर्जित लाभांश आय।

      म्युचुअल फंड – लंबी अवधि और अल्पकालिक संपत्ति में विभाजन के साथ-साथ म्यूचुअल फंड के खरीद मूल्य और बिक्री मूल्य का विवरण।

    • शेयरों / प्रतिभूतियों की बिक्री और खरीद – प्रत्येक कंपनी के बेचे गए इक्विटी शेयरों का विवरण (जैसे कि तारीख जिस पर इक्विटी शेयर बेचा गया, बिक्री दर, नहीं बेचे गए शेयरों की कुल बिक्री प्रतिफल और लंबी अवधि और छोटी अवधि में विभाजन)

    • खरीदी / बेची गई अचल संपत्ति का विवरण – खरीदी / बेची गई संपत्ति का पता भी (नई एआईएस कार्यक्षमता में)

    • विदेशों में किए गए प्रेषण का विवरण – प्रेषण की तारीख, राशि, देश का नाम, उद्देश्य जिसके के लिए विदेशी प्रेषण किया जाता है।

    • नकद जमा / नकद निकासी – प्रत्येक खाते (चालू / बचत) के लिए बैंक द्वारा अलग से रिपोर्ट किए गए बैंक खाते से जमा / निकाले गए नकद का कुल मूल्य (चालू / बचत)।

    • आयकर मांग उठाई गई / जारी किए गए रिफंड और आयकर रिफंड पर ब्याज का विवरण।

    • वेतन आय के मामले में – अनुलाभ की राशि अलग से दर्शाई जा रही है।

    • कर्मचारी द्वारा प्राप्त ESOP का विवरण भी परिलक्षित हो रहा है।

    स्वागत योग्य कदम है AIS जारी करना

    सीबीडीटी (CBDT) द्वारा जारी वार्षिक सूचना विवरण (AIS) एक स्वागत योग्य कदम है। आयकर अधिनियम का 285BB ग्राहकों के आयकर रिटर्न को अधिक सटीकता के साथ दाखिल करने में मदद करेगा। भविष्य में, AIS में पूंजीगत लाभ, मूल्यांकन और जुर्माना कार्यवाही का विवरण भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    गोपाल काकानी, वरिष्ठ चार्टर्ड एकाउंटेंट

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    Fri, 05 Nov 2021 01:21:59 +0530 Niraj Kumar Shukla
    "Mann ki Baat" में पहली बार गैस, पेट्रोल और डीजल की बात, "मित्रो..." आप भी जान लीजिए क्यों बढ़ रहे इतनी तेजी से दाम https://acntimes.com/for-the-first-time-in-mann-ki-baat-the-talk-of-gas-petrol-and-diesel https://acntimes.com/for-the-first-time-in-mann-ki-baat-the-talk-of-gas-petrol-and-diesel

    अमित निगम @ एसीएन टाइम्स

    Mann-Ki-Baat

    मित्रो,

    काफी समय से गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम उत्साहपूर्वक बढ़े हैं। इसके संदर्भ में मैं काफी समय से आपके साथ 'मन की बात' करना चाह रहा था, परंतु ऐसे समय का इंतजार कर रहा था जब यह उत्साह चरमोत्कर्ष पर हो। यह तभी उपयोगी साबित होगी जब हर्षोल्लास का वातावरण हो और मेरे 'मन की बात' से आपके तन-मन में दोगुना-चौगुना उत्साह का संचार हो। अब दीपावली का हर्षोल्लास से भरा त्यौहार नजदीक आ गया है तो मैंने भी सोचा आज आपसे इन तीनों विषय पर 'मन की बात' कर ली जाए।

    मित्रो, गैस, पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने से आज आम आदमी को काफी राहत कोरोना काल के बाद मिली है। इनके दामों में जिस तेजी से उछाल हम लाए हैं, उतनी ही तेजी से आपकी आमदनी भी बढ़ी है। यह दीपावली का पर्व मनाने के लिए आप में दोगुनी शक्ति का एहसास कराएगी, हर्ष-उल्लास का अहसास कराएगी।

    मित्रो, मैं बताना चाहूंगा कि गैस के दाम बढ़ने से आज आम जनता का एक बार पुनः बहुत भला हुआ है। जहां घर में हर महीने 1000 रुपए का अतिरिक्त पड़ता था, उसको हमने कम करने का प्रयास किया है। इसी प्रयास के लिए हमने एक योजना भी शुरू कर दी है 'चूल्हा जला योजना'। इस योजना का लाभ यह हुआ है कि हमने घर-घर में जो स्टेनलेस स्टील के गैस स्टोव दिए थे उनका सही-सही उपयोग होने लगया है। गरीब-मध्यमवर्गीय लोग एक बार पुन: अपनी मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। कहते हैं कि जमीन से जुड़े रहना चाहिए और प्रकृति के नजदीक रहना चाहिए। देखिए, नई योजना से लोग फिर से जंगल जाने के लिए प्रेरित हुए हैं। खुद ही लकड़ियां ला रहे हैं, कंडे ला रहे हैं। इनका स्टेनलेस स्टील के चूल्हे में उपयोग भी कर रहे हैं।

    मित्रो, ईको फ्रैंडली लूट के कारण स्टील के चूल्हे बनाने वाले 'आत्मनिर्भर' हुए हैं और 'भारत' भी मजबूत हो रहा है। अब माताओं और बहनों को भी काफी सुविधा मिली है। अब उन्हें हर हफ्ते अपने ईंट-गारे के चूल्हे लीपने-पोतने नहीं पड़ते। इससे उनका समय और श्रम दोनों बच रहाहै। नई योजना से 'पकोड़े' तलने को विवश कई लोगों को परंपरागत रोजगार मिला है। जंगल जाने से उनकी सेहत भी ठीक रहने लगी है। पहले घर की चार सीढ़ी चढ़ने से थक जाने वाले लोग अब कई-कई किलोमीटर पैदल आ-जा पा रहे हैं। इससे उनके फेफड़े मजबूत हुए हैं। ऐसे फेफड़े ही कोरोना जैसी घातक बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं। इससे उन्हें ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर में या प्लांट में बनने वाली कृत्रिम ऑक्सीजन की जरूत नहीं पड़ेगी। वे ब्लैक फंगस जैसी बीमारी से भी बच सकेंगे।

    मित्रो, हम नहीं चाहते कि लोग फिर से मिट्टी के कारण धूल-धूसरित हों। इसलिए इस शब्द वाली वस्तु भी हटाने का अभियान चला रखा है। शुरुआत मिट्टी के तेल को बाजार से हटाकर की है। हम नहीं चाहते कि साइकिल से या पैदल चलने से जिनका तेल निकल रहा हो, उन्हें मिट्टी मिला तेल मिले। मिट्टी के तेल को कुछ लोग घासलेट भी कहते हैं, यह भी बदलते भारत में निम्नतम सोच का पर्याय प्रतीत होता है। इसलिए अब न तो घास होगी और ना ही कोई लेटेगा।

    साथियो, विरोधी कह सकते हैं कि लकड़ी और कंडे के युग में लौटने से गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को बीमारियां होंगी। इस बारे में मैं कहना चाहूंगा कि हम 'सबके साथ' और 'सबके विकास' के सिद्धांत पर चलने वाले लोग हैं। डॉक्टर और उनसे जुड़ी सहायक इकाइयां भी तो इसी समाज का हिस्सा हैं। इन कोरोना वारियर्स को भी रोजगार मिलता रहे और ये भी आत्म सम्मान से जी सकें, इसलिए किसी न किसी का तो बीमार होना जरूरी है। हमारा देश त्याग और बलिदान के लिए जाना जाता है। मुझे इस बात का गर्व है कि इस मामले में भी हमारे गरीब और मध्यमवर्गीय लोग अग्रपंक्ति में खड़े नजर आएंगे।

    मैं सभी से आह्वान करता हूं कि- सिर्फ अपना फायदा मद सोचिए। चूंकि आप 'लोकल' हैं इसलिए डॉक्टरों और उनसे सहयोगियों की मदद के लिए 'वोकल' बनिए। चूल्हे से किसी की आंख में खराबी होती है तो होने दीजिए, दम घुटता है तो घुटने दीजिए। आपके इलाज के लिए भी मुफ्त इलाज की योजना चल रही है। आप अस्पतालों में भर्ती होंगे तो आपका मुफ्त इलाज भी होगा और चिकित्सकीय पेशे से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी भी चलेगी।

    जिस तरह डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से लोगों में निजी वाहनों के उपयोग की प्रवृत्ति कम हुई है उससे सार्वजनिक परिवहन की मांग बढ़ रही है। इससे कोरोना काल में बेरोजगार हुए लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसी तरह गैस महंगी होने से इलेक्ट्रॉनिक चूल्हों का उपयोग भी बढ़ा है। इससे बिजली कंपनी वालों को भी काम मिलेगा और उन किसानों को भी फायदा मिलेगा जो अपने खेत में सूरज से बिजली पैदा करने वाले प्लांट लगाने के इच्छुक हैं। मित्रो, मैं आप सब से एक सवाल पूछना चाहता हूं... कि- किसानों की अमदनी दो गुनी होनी चाहिए या नहीं ? हाथ उठा कर जवाब दीजिए, कि- किसानों की आमदनी दो गुनी होनी चाहिए या नहीं ? अगर इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे ज्यादा बिकेंगे तो बताइये पैसा कहां जाएगा...? बताइये कहां जाएगा...? अरे और कहां...? अपने व्यापारियों की जेब में। अब बताइये, कि- आप व्यापारियों का भला चाहते हैं या नहीं ?

    दोस्तो, हमने गैस के अलावा पेट्रोल-डीजल का भी पूरा ध्यान रखा है। हमने उसके दाम नहीं घटने दिए। ये कम होंगे भी नहीं, क्योंकि हम जानते हैं कि इसके दूरगामी परिणाम मध्यम वर्ग से लेकर उच्च वर्ग तक को मिल रहा है और आगे भी मिलता रहेगा। पेट्रोल निकालने वाले बड़े-बड़े आका बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर दिन-रात एक करके आपके लिए जो डीजल-पेट्रोल निकालने का काम करते हैं, उन्हें भी तो फायदा मिलना चाहिए कि नहीं ? बताइये- मिलना चाहिए कि नहीं ? देखो, आप भी तो चाहते हैं कि उन्हें लाभ मिलना चाहिए। मैं भी यही सोचता हूं। इसलिए तो हर वह प्रयास करता हूं जिससे उन्हें लाभ मिले। सोचिए, इससे क्या सिर्फ उन्हीं का फायदा है ? अरे भाई, पेट्रोल-डीजल निकालाने, पंपों तक पहुंचाने और फिर आपकी गाड़ियों में भरने तक हर काम में मानव श्रम लगता है या नहीं। आजादी के बाद से अब तक इन कामों में लगे लोगों का सिर्फ शोषण ही होता आया है, लेकिन हमने तय किया है कि न तो हम इनका शोषण करेंगे न किसी को करने देंगे। पेट्रोल-डीजल के भाव जितने ज्यादा बढ़ेंगे, उनतनी ही आमदनी इनकी भी बढ़ेगी।

    पेट्रोल - डीजल के दाम नहीं बढ़ते तो भला मालभाड़ा बढ़ता। लोडिंग-अनलोडिंग में लगे कारोबारी और कर्मचारी औने-पौने दाम में सामान परिवहन करते रहते। हमें सब्जी, फल, तेल, दाल महंगा होगा तभी तो किसानों और व्यापारियों को ज्यादा मुनाफा मिलेगा। इससे उनकी आमदनी बढ़ी है और जीवन स्तर भी सुधरा है। लोगों के थोड़े से ज्यादा पैसे देने से अगर किसी का जीवन स्तर सुधरता है तो इन विरोधियों का पेट दर्द करने लगता है। आवागमन के साधन ऑटो-टैंम्पो गरीब ही तो चलाते हैं। बताइये, क्या इनकी आर्थिक स्थिति नहीं सुधरनी चाहिए ? कुछ गरीब लोगों के लिए हवाई जहाज का ईंधन सस्ता भी रखा है। इन सबसे गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है। हमारा प्रयास रहेगा कि हम इसे और ज्यादा, बहुत ज्यादा ऊपर तक ले जाएं।

    मित्रो, हमने जो कहा था, वह कर के दिखा दिया है। हमने बेरोजगारी का भी ध्यान रखा है। सभी टीवी चैनल खासकर ओटीटी प्लेटफॉर्म वालों को समझा दिया है। उनसे कहा कि वे ज्यादा से ज्यादा ऐसी वेब सीरीज बनाएं जिसे देखने में युवा दिनभर व्यस्त रहे। हमने कुछ मोबाइल गेम भी लॉन्च करवाए हैं जो युवाओं का ध्यान बाहर आने-जाने में भटकने के बजाय मोबाइल पर ही रहेे। इसके लिए अगर थोड़ी अश्लीलता परोसनी पड़े तो भी कोई बात नहीं लेकिन इससे पेट्रोल-डीजल की तो खपत घटेगी।

    कुछ विदेशी मीडिया वाले हम पर उंगली उठाते हैं। इसलिए हमने कुछ टीवी वालों को खास हिदायत दी है, खासकर चैनल वालों को कि- सप्ताह भर में दो ऐसी खबरें दिनभर जरूर चलाएं जिससे युवाओं का ध्यान पूरे समय उसी पर लगा रहे। खबर ड्रग्स से संबंधित हो, घोटालों से संबंधित हो या फिर अन्य विषय से संबंधित। कंटेंट ऐसा परोसा जाए कि युवा दिनभर उसकी ही चर्चा करें और बेरोजगारी जैसे 'गैरजरूरी' विकास में बाधक मुद्दे भूल जाए। ऐसा हो भी रहा है। हमें इसके सार्थक परिणाम मिले हैं।

    हमने देखा है कि इन वेब सीरीज और मोबाइल गेम के कारण एकदम से मोबाइल डाटा की मांग बढ़ी है। हमने मोबाइल कंपनियों का भी ध्यान रखा है और फ्री इनकमिंग को बंद कर कम से कम 80 रुपए का रिचार्ज अनिवार्य करा दिया है। पश्चिमी देशों ने सिर्फ फरवरी को ही 28 का बनाया था लेकिन हमने तो पूरे 12 महीने ही 28-28 दिन के करवा दिए हैं। इसका फायदा गरीब मोबाइल कंपनियों को थोड़ी सी राहत मिली है। यह राहत और बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्दी ही हमारे महीने और छोटे होंगे। हम कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की तरह 15-15 दिन के महीने निश्चित करने का काम कर रहे हैं।

    मित्रो, एक बात का मुझे बहुत ज्यादा अफसोस है। हमने विपक्ष को इतना नकारा कर दिया है कि वह हमारी इन उपलब्धियों को बिल्कुल भी गिना नहीं पा रहा है और उसका काम हमारे कुछ साथी या आम जनता कर रही है। मैं उनका धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। हमने मीडिया के लिए भी अच्छा काम किया है। लगातार उनको विज्ञापन और टीआरपी बढ़ाने वाले मुद्दे भी दिए हैं।

    हमने इस बार दीपावली पर पुनः वोकल फॉर लोकल का नारा दिया है। ध्यान रखा है कि इसका फायदा सभी वर्गों को मिले। स्वदेशी का पूरा-पूरा उपयोग किया जाए, प्रचार-प्रसार किया जाए। इसके लिए हमने सभी जगह निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर मिट्टी के दिए ही खरीदें जो कि स्वदेशी तकनीक से बनाए और पकाए गए हों। इनको ज्यादा से ज्यादा बेचा जाए। मित्रो, अब दीपावली के दीयों की बात हुई है तो खाद्य तेल की और दीयों के तेल की भी बात करनी पड़ेगी। बताइये करनी पड़ेगी कf नहीं ? करनी पड़ेगी कि नहीं ? करनी पड़ेगी कि नहीं ?

    दोस्तो, हमने इसका भी ध्यान रखा है। हमने खाद्य तेल के दामों में भी इतनी वृद्धि कर दी है कि लोग दीये तो खरीदेंगे लेकिन जला नहीं पाएंगे। इसके पीछे भी हमारा एक विजन है। विश्व ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से परेशान है, हम भी चिंतित है। दीये जलेंगे तो वातावरण का तापमान और बढ़ेगा। लोगों को दीये जलाने से रोकने के लिए एक और विचार किया है। हम चैनलों व समाचार-पत्रों के माध्यम से विज्ञापन जारी करेंगे कि- यदि आप दीये जलाते हैं तो अंटार्कटिका की बर्फ पिघल सकती है। इससे पूरे विश्व को बड़ा नुकसान हो सकता है।

    मित्रों, हम अभी एक योजना पर और काम कर रहे हैं, मुफ्त दीया उजाला योजना। ऐसे लोग जो अपने घरों को चाइना की इलेक्ट्रॉनिक लाइट से रोशन नहीं कर पाएंगे, उनको दीया और तेल मुफ्त देने का प्रयास करेंगे। हां, बत्ती उनको खुद खरीदना होगी, क्योंकि हम "बत्ती" तो किसी को नहीं देते। आप भी "बत्ती" देने-लेने से बचें।

    ...तो मित्रो, देखा आपने हमारा अर्थशास्त्र और मेरे 'मन की बात' ? दोनों ही हैं न कमाल के ? जाते-जाते एक बात अवश्य कहना चाहूंगा- सभी लोग इस दीपावली पर हर्षोल्लास के साथ मिठाई आदि जरूर खरीदें। गैस, पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के कारण ये मिठाई के दाम बढ़ा सकते हैं (हम बिल्कुल ऐसा नहीं होने देना चाहते लेकिन ये नया भारत है, विकास के लिए थोड़ा त्याग करना पड़े तो फर्क नहीं पड़ता)। इनके घर भी ज्यादा पैसा पहुंच सके, इसका भी ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखें। इसलिए अपना भी मुंह मीठा करें और दूसरों के भी करवाएं। पुनः मिलेंगे।

    - अमित निगम

    अमित निगम
    (लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। आज के हालात पर उन्होंने अपने 'मन की बात' आप सभी से साझा की है। यदि लगे कि उन्होंने आपके 'मन की बात' की है तो प्रतिक्रिया जरूर दीजिए। आप कमेंट बॉक्स में प्रतिक्रिया दे सकते हैं।)

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    Fri, 29 Oct 2021 00:39:56 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Dr Subbarao on Ventilator : जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती गांधीवादी विचारक डॉ. सुब्बराव को देर शाम आया अटैक, हालत नाजुक https://acntimes.com/dr-subbarao-on-ventilator-attack-came-in-sawai-mansingh-hospital https://acntimes.com/dr-subbarao-on-ventilator-attack-came-in-sawai-mansingh-hospital

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को अस्पताल जाकर जानी थी कुशलक्षेम

    जयपुर @ एसीएन टाइम्स . प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी व गांधीवादी चिंतक पद्मश्री डॉ. एस. एन. सुब्बराव जयपुर से सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती हैं। आईसीयू में भर्ती सुब्बाराव की तबीयत मंगलवार शाम ज्यादा खराब हो गई। दिल का दौरा पड़ने से उनकी हालक नाजुक बताई गई है। डॉक्टरों ने उन्होंने वेंटिलेटर (Dr Subbarao on Ventilator) पर रखा है।

    Dr Subbarao on ventilator
    जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती गांधीवादी विचारक डॉ. एस. एस. सुब्बाराव की कुशलक्षेम जानते राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।

    डॉ. सुब्बाराव ‘भाई जी’ के नाम से भी जाने जाते हैं। भाई जी वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन में सहभागी भी रहे हैं। वे कई दिन से जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती हैं। मंगलवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इससे पहले शनिवार को ही राजस्‍थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत डॉ. सुब्बाराव से मिलने सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे थे और उनकी कुशलक्षेम जानी थी। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति में सुधार बताया था लेकिन मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से उनकी स्थिति नाजुक (Dr. Subbarao on Ventilator) हो गई।  

    6 दशक से लगा रहे हैं युवाओं के लिए रचनात्मक शिविर

    गांधीवादी व्यवक्तित्व डॉ. सुब्बाराव की उम्र भरे ही 93 वर्ष हो लेकिन जोश-जज्बे से वे युवा ही हैं। वे विगत 6 दशक से युवा शविरों का आयोजन कर रहे हैं जो उल्लेखनीय कार्य है। इन शिविरों में युवाओं को अनेकता में एकता, संस्कार और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में बताते हैं।

    भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल गए, 600 से अधिक डकैतों से आत्मसमर्पण करवाया

    भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के दौरान वे वे जेल भी जा चुके हैं। वे उन लोगों में से एक हैं जिन्हें प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू और के. कामराज जैसे कद्दावर नेताओं के साथ काम करने का मौका भी मिला। उन्होंने चंबल के जौरा में 1954 में 10 महीने तक गांधी आश्रम का संचालन भी किया था। यह पहला आश्रम था। इसी आश्रम के बूते पर डॉ. सुब्बाराव ने 1972 में मोहनसिंह और माधोसिंह सहित 600 से ज्यादा डकैतों का आत्मसमर्पण करवाया था। इन्हीं कारणों से वे विदेशों में काफी लोकप्रिय हैं।

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    Wed, 27 Oct 2021 02:46:30 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Sahara India Manager Jaild : जमा राशि का भुगतान नहीं करने पर सहारा इंडिया के प्रबंधक मो. अजीज कादरी को 6 माह का कारावास, उपभोक्ता फोरम ने सुनाई सजा https://acntimes.com/Sahara-India-Manager-Jaild-District-Consumer-Disputes-Redressal-Forum-sentenced https://acntimes.com/Sahara-India-Manager-Jaild-District-Consumer-Disputes-Redressal-Forum-sentenced 14 नवंबर 2018 को लौटानी थी राशि, उपभोक्ता फोरम ने 26 नवंबर 2019 को दिया था भुगतान का आदेश

    रतलाम @ एसीएन टाइम्स . जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। फोरम ने सहारा इंडिया की रतलाम ब्रांच के मैनेजर मो. अज़ीज कादरी को 6 माह के कारावास की सजा सुनाई है। परिवादी को राशि का भुगतान नहीं करने पर कादरी को जेल (Sahara India Manager jailed) भेज दिया गया है।

    अभिभाषक रोहित कटारिया के माध्यम से परिवादी विनोद जायसवाल निवासी धीरजशाह नगर ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम में वाद दायर किया था। इसमें बताया गया था कि सहारा इण्डिया परिवार की सहारा सुपर एबी योजना में एक लाख रुपए से अधिक राशि जमा करवाए थे। योजना की परिपक्वता की तारीख 14 नवंबर 2018 थे। जमाकर्ता विनोद जायसवाल को सहारा द्वारा 1,68,168 रुपए लौटाए जाने थे। परिपक्वता अवधि पूरी होने पर भी सहारा इण्डिया ने परिवादी को उसकी जमा राशि नहीं लौटाई। इसके चलते जायसवाल ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। जिला उपभोक्ता फोरम ने 26 नवंबर 2019 को सहारा इण्डिया के विरुद्ध फैसला सुनाया था। इसमें परिवादी की जमा राशि समस्त लाभ के साथ भुगतान के आदेश दिए थे।

    शाखा प्रबंधक ने कई बार आश्वासन दिया लेकिन भुगतान नहीं किया

    सहारा इण्डिया के शाखा प्रबन्धक मोहम्मद अजीज कादरी ने फोरम को भुगतान के आश्वासन दिए गए थे। बावजूद जायसवाल को राशि नहीं लौटाई गई। इससे परिवादी ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 27 के तहत आवेदन प्रस्तुत कर राशि दिलवाने की गुहार लगवाई। उपभोक्ता फोरम में प्रतिवादी कंपनी सहारा इण्डिया के शाखा प्रबन्धक मोहम्मद अजीज कादरी ने स्वयं उपस्थित होकर कई बार राशि भुगतान का आश्वासन दिया।राशि भुगतान के लिए फोरम ने कई बार समय दिया। बावजूद परिवादी को भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते जिला उपभोक्ता फोरम ने मंगलवार को सहारा इण्डिया के शाखा प्रबन्धक मो. कादरी को छ: माह के सादे कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद कादरी को जेल (Sahara India Manager jailed) भेज दिया गया।

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    Tue, 26 Oct 2021 23:50:05 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Big action of ICAI : 19 चार्टर्ड एकाउंटेंट के नाम सदस्यता रजिस्टर से हटाए, पेशेवर कदाचार का दोषी पाए जाने पर की कार्रवाई https://acntimes.com/big-action-of-icai-remove-the-names-of-19-cas-from-the-membership-register https://acntimes.com/big-action-of-icai-remove-the-names-of-19-cas-from-the-membership-register

    नई दिल्ली @ एसीएन टाइम्स . इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने पेशेवर कदाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई (Big action of ICAI) की है। 19 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के नाम से CA शब्द हटा दिया है। ICAI ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इसमें दोषी पाए गए सभी सदस्यों के नाम से तय अवधि के लिए रजिस्टर से हटा दिए जाएंगे।

    ICAI द्वारा जारी अधिसूचनाओं में बताया गया है कि अनुशासन समिति ने 19 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को कदाचार का दोषी पाया गया है। सभी चार्टर्ड एकाउंटेंट्स अधिनियम, 1949 की धारा 21बी(3) के प्रावधानों के साथ-साथ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स (पेशेवर और अन्य कदाचार और आचरण की जांच की प्रक्रिया) के नियम 18(17) और 19(1) के तहत मामले) नियम, 2007 के अनुसार दोषी ठहराए गए हैं।

    Big action of ICAI : इन सीए के विरुद्ध लिया गया है एक्शन

    सीए विशाल ढींगरा, सीए अविनाश लालवानी, सीए किशोर, सीए पुरुषोत्तम जोशी, सीए संजीत कुमार सिंह, सीए प्रिया वाधवा चावला, सीए सुरेशकुमार गोकलानी, सीए अंकित डागा, सीए मधुकर रघुनाथ टाइल, सीए. जितेंद्र कुमार अमर, सीए प्रेम कुमार पीके, सीए पद्मकेश दुबे, सीए अनुग्रह श्रीवास्तव, सीए दिनेश गोपालराव मालपथक, सीए गौरव अग्रवाल, सीए अवधेश मित्तल, सीए मूलराज देवचंद गाला, सीए राजकुमार साहनी, सीए मोहम्मद शाहीन अशरफ पदथ और सीए नीलम धवन।

    किस सीए का नाम सदस्यों के रजिस्टर के कितने समय के लिए हटाया जाएगा

    1. सीए विशाल ढींगरा (सदस्यता संख्या 408383)। 22 अक्टूबर 2021 से 5 साल की अवधि के लिए।
    2. सीए अविनाश लालवानी (सदस्यता संख्या 048715) । 22 अक्टूबर 2021 से 3 महीने के लिए।
    3. सीए किशोर पुरुषोत्तम जोशी (सदस्यता संख्या 034760) । 22 अक्टूबर 2021 से 5 साल की अवधि के लिए।
    4. सीए संजीत कुमार सिंह (सदस्यता संख्या 504600) को 22 अक्टूबर 2021 से 15 दिनों के लिए।
    5. सीए प्रिया वाधवा चावला (सदस्यता संख्या 516631) को 22 अक्टूबर 2021 से 2 महीने के लिए।
    6. सीए सुरेश कुमार गोकलानी (सदस्यता संख्या 075009) 22 अक्टूबर 2021 से 4 महीने (3 महीने और एक महीना अतिरिक्त) की समेकित अवधि के लिए।
    7. सीए अंकित डागा (सदस्यता संख्या 419176) 22 अक्टूबर 2021 से 1 वर्ष के लिए।
    8. सीए मधुकर रघुनाथ टाइल (सदस्यता संख्या 042963) 22 अक्टूबर 2021 से 1 वर्ष के लिए।
    9. सीए जितेंद्र कुमार अमर (सदस्यता संख्या 065389) 22 अक्टूबर 2021 से 1 महीने के लिए।
    10. सीए प्रेम कुमार पी के (सदस्यता संख्या 028270) को 22 अक्टूबर 2021 से 1 महीने के लिए।
    11. सीए पद्मकेश दुबे (सदस्यता संख्या 403892) 22 अक्टूबर 2021 से 1 महीने के लिए।
    12. सीए अनुग्रह श्रीवास्तव (सदस्यता संख्या 073264) 22 अक्टूबर 2021 से प्रभावी 15 महीने (01 वर्ष और अतिरिक्त 03 महीने) की समेकित अवधि के लिए।
    13. सीए दिनेश गोपालराव मालपाठक (सदस्यता संख्या 006427) 22 अक्टूबर 2021 से 03 महीने के लिए।
    14. सीए गौरव अग्रवाल (सदस्यता संख्या 505241) 22 अक्टूबर 2021 से 01 महीने के लिए।
    15. सीए अवधेश मित्तल (सदस्यता संख्या 083360) 22 अक्टूबर 2021 से 45 दिन के लिए।
    16. सीए मूलराज देवचंद गाला (सदस्यता संख्या 041206) 22 अक्टूबर 2021 से 01 वर्ष के लिए।
    17. सीए राजकुमार साहनी (सदस्यता संख्या 010516) 22 अक्टूबर 2021 से 01 वर्ष के लिए।
    18. सीए मोहम्मद शाहीन अशरफ पदथ (सदस्यता संख्या 210295) 22 अक्टूबर 2021 से 01 वर्ष के लिए।
    19. सीए नीलम धवन (सदस्यता संख्या 081035) 22 अक्टूबर 2021 से 03 महीने के लिए।

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    Tue, 26 Oct 2021 04:09:10 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Waqf Council's Decision : अब वक्फ की जमीनों पर बनेंगे स्कूल&कॉलेज, अस्पताल और स्किल डेवलपमेंट सेंटर https://acntimes.com/waqf-councils-decision-schools-colleges-and-hospitals-to-be-built-on-waqf-lands https://acntimes.com/waqf-councils-decision-schools-colleges-and-hospitals-to-be-built-on-waqf-lands

    केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी की अध्यक्षता में हुई सेंट्रल वक्फ काउंसिल की 89वीं बैठक में हुआ फैसला

    दिल्ली @ एसीएन टाइम्स . आजादी के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने वक्फ की खाली जमीनों को लेकर बड़ा फैसला (Waqf Council's Decision) लिया है। वक्फ की ऐसी सभी जमीनों पर स्कूल-कॉलेज, आईटीआई, होस्टल, हॉस्पिटल और सद्भाव मंडपों का निर्माण होगा। ये सुविधाएं प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत विकसित की जाएंगी।

    यह निर्णय सेंट्रल वक्फ काउंसिल की शनिवार को हुई 89वीं बैठक में हुआ। बैठक केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें देशभर में मौजूद वक्फ बोर्ड की ज़मीनों के बेहतर तरीक़े से इस्तेमाल का निर्णय (Waqf Council's Decision) लिया गया। लिए गए निर्णय के अनुसार ऐसी जमीनों पर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के सार्वजनिक हित की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, हॉस्टल, हॉस्पिटल और सद्भाव मंडप शामिल होंगे।

    केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने इस बारे में ट्वीट कर जानकारी दी। उन्होंने बताया वक्फ की देश भर में खाली पड़ी जमीनों की जीपीएस व जीआईएस द्वारा मैपिंग की जाएगी। इससे देश के दूर-दराज इलाक़ों में मौजूद ज़मीनों की सुरक्षा और संरक्षण बेहतर तरीक़े से हो सकेगा। उन्होंने कहा इन जमीनों पर तेजी से विकास कार्य करवाए जाएंगे।

    कॉमन सर्विस सेंटर भी बनेंगे, लोगों को मिलेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी

    केन्द्रीय मंत्री नकवी के मुताबिक राज्यों के विभिन्न वक़्फ़ सेंटरों पर कॉमन सर्विस सेंटर बनाने का निर्णय (Waqf Council's Decision) भी लिया गया है। इन सेंटर के माध्यम से सरकार की शिक्षा, रोज़गार और स्वरोज़गार से संबंधित योजनाओं की जानकारी जनसामान्य को मिल सकेगी। कॉमन सर्विस सेंटरों से सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों से भी लोगों को अवगत कराया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उनका लाभ ले सकें। इसका फायदा महिलाओं को भी होगा।

    मैपिंग से वास्तविक लोकेशन देखना होगा आसान
    , दुरुपयोग भी रुक सकेगा

    केंद्र सरकार द्वारा वक्फ की सम्पत्तियों का ब्योरा एक जगह एकत्र किया जाएगा। इसकी जीपीएस के माध्यम से मैपिंग करने से जमीनों की मॉनीटरिंग आसानी से हो सकेगी क्योंकि इससे जमीनों की वास्तविक स्थिति पता चल सकेगी। यदि कहीं इन जमीनों को दुरुपयोग हो रहा है तो वह भी रुक सकेगा। मैपिंग का काम शुरू भी कर दिया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह काम जल्द पूरा हो जाएगा।

    यह भी देखें... Gift to Central Employees : केंद्रीय कैबिनेट ने की केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी, 1 जुलाई 2021 से लागू होगी वृद्धि, जानिए अब कितनी सैलरी मिलेगी आपको

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    Sun, 24 Oct 2021 00:45:44 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Gift to Central Employees : केंद्रीय कैबिनेट ने की केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी, 1 जुलाई 2021 से लागू होगी वृद्धि, जानिए अब कितनी सैलरी मिलेगी आपको https://acntimes.com/gift-to-central-employees-dearness-allowance-of-central-employees-increased-by-3-percent https://acntimes.com/gift-to-central-employees-dearness-allowance-of-central-employees-increased-by-3-percent

    केंद्रीय कर्मचारियों का DA 28 प्रतिसत से बढ़कर 31 किया, 1 करोड़ कर्मचारियों व पेंशनरों को होगा फायदा

    नई दिल्ली @ एसीएन टाइम्स . केंद्रीय कर्मचारियों (Central government employees) के लिए दीपावली से पहले एक और खुशखबरी (Gift to Central Employees) है। केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। इससे अब महंगाई भत्ता 31 फीसदी हो जाएगा। इसका फायदा देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों (Pensioners) को होगा। दीपावली से पूर्व यह केंद्र सरकार का तोहफा है।

    केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अभी तक 28 फीसदी था जो अब 31 फीसदी हो जाएगा। यह तीन फीसदी की वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट (union cabinet) की बैठक में गुरुवार को हुई। अगस्त 2021 में All India Consumer Price Index for Industrial Workers (AI CPI-IW) बढ़कर 123 पर पहुंच गया था। अभी सितंबर की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। इसलिए अभी सरकार ने जून, जुलाई और अगस्त के इंडेक्स के आधार पर ही केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। इससे देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों को जबकि महंगाई राहत का पेंशनरों को लाभ होगा। यह वृद्धि 1 जुलाई 2021 से ही लागू होगी।

    सरकारी खजाने पर पड़ेगा हर साल 9400 करोड़ का पड़ेगा बोझ

    कैबिनेट की बैठक की जानकारी मीडिया को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) ने दी। उन्होंने बताया इस वृद्धि सेहर साल सरकारी खजाने पर 9488.74 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा। इससे पहले जनवरी 2020 में महंगाई भत्ता 4 फीसदी बढ़ा था। इसके बाद जून 2020 में 3 फीसदी और जनवरी 2021 में फिर 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कोरोना की वजह से सरकार ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक के तीन महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी स्थगित कर दी थी किंतु जुलाई में सरकार ने यह रोक हटा ली। वर्तमान में कर्मचारियों को 28 फीसदी की दर से महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है जो नई तीन फीसदी की वृद्धि के बाद 31 फीसदी हो जाएगी। CM के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने महंगाई भत्ते में वृद्धि को अच्छी खबर (Gift to Central Employees) बताया है।

    Gift to Central Employees : ये वेतन में बढ़ोतरी का गणित

    • किसी कर्मचारी का मूल वेतन 18 हजार रुपए है तो उसे अभी 28 फीसदी डीए के रूप में 5,040 रुपए मिलता है। 3 फीसदी इजाफे के बाद डीए के तौर पर 5,580 रुपए मिलने लगेंगे। यानी तकरीबन 540 रुपए का फायदा होगा। सालभर में यह लाभ करीब साढ़े छह हजार रुपए होगा।
    • अगर आपका मूल वेतन 25,000 है, तो आपको 750 रुपए प्रतिमाह का लाभ मिलेगा। सालभर में आपको करीब 9 हजार रुपए का फायदा होने वाला है।
    • मूल वेतन 30 हजार रुपए महीना है तो उसे 900 रुपए महीने का फायदा होगा। इस तरह उन्हें तकरीब 10 हजार 800 रुपए का लाभ होगा।
    • यदि मूल वेतन 50,000 रुपए है तो करीब 1,500 रुपए मासिक की वृद्धि होगी। यानी आपको सालभर में अब 18 हजार रुपए ज्यादा मिलेगे।
    • जिस कर्मचारी का मूल वेतन 1,00,000 रुपए है तो उसे सीधे तौर पर हर माह 3 हजार रुपए अधिक मिलेंगे। सालभर में यह वृद्धि 3 हजार रुपए की होगी।
    • कैबिनेट सचिव स्‍तर के अफसरों का मूलवेतन वर्तमान में लगभग 2 लाख 50 हजार रुपए होता है। उन्हें 7500 रुपए महीने तक की वृद्धि होगी। इस श्रेणी के अधिकारियों सालभर में 90 हजार रुपए सालाना ज्यादा मिलेंगे।

    यह भी देखें... Vaccination Crosses 100 Crores : भारत ने वैक्सीनेशन में बनाया रिकॉर्ड, 100 करोड़ डोज का आंकड़ा पूरा होने पर सरकार को हर तरफ से मिल रही बधाई

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    Thu, 21 Oct 2021 19:41:09 +0530 Niraj Kumar Shukla
    100 करोड़ पार : वैक्सीनेशन के मामले में भारत ने बनाया रिकॉर्ड, सरकार को हर तरफ से मिल रही बधाई और धन्यवाद https://acntimes.com/indias-biggest-achievement-vaccination-crosses-100-crores https://acntimes.com/indias-biggest-achievement-vaccination-crosses-100-crores

    नई दिल्ली @ एसीएन टाइम्स . कोरोना की महामारी के खिलाफ जारी जंग में भारत ने सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बुधवार को देश ने 100 करोड़ से अधिक के वैक्सीनेशन के लक्ष्य को पार कर लिया। इस उपलब्धि की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर पोस्ट कर दी। इसे लेकर नरेंद्र मोदी सरकार को हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं और धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में अन्य विकसित और विकासशील देशों की तुलना में भारत काफी पीछे है, ऐसे में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है।

    कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन का 100 करोड़ का आंकड़ा बुधवार को पार हो गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर हिंदी और अंग्रेजी में जानकारी साझा कर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताया। कहा कि 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का मुकाबला करने के लिए अब 100 करोड़ वैक्सीन डोज का मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने इसे भारत के प्रत्येक नागरिक की उपलब्धि निरूपित किया। लगातार वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए उन्होंने वैक्सीन मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों, ट्रांसपोर्टेशन में लगी कंपनियों और कर्मयोगियों, वैक्सीनेशन में जुटे हेल्थ सेक्टर के अमले और प्रोफेशनल्स के प्रति आभार भी ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इन सबके बिना यह संभव नहीं था।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया उपलब्धि का ग्राफ

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने 100 करोड़ लोगों को वैक्सीनेशन का पहला डोज दिए जाने की उपलब्धि को अपने ट्विटर हैंडल पर आंकड़ों के रूप में प्रदर्शित किए। इसमें ग्राफ भी दिए कि भारत ने में वैक्सीनेशन का इतना बड़ा लक्ष्य किस गति से प्राप्त किया। इसमें विश्व के अन्य देशों में हुए वैक्सीनेशन से तुलना भी की गई है। खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट किया। उनके ट्विटर हैंडल पर उनका वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें वे इसे अभूतपूर्व उबल्धि बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारीत ने कोविड महामारी के विरुद्ध लड़ाई में महत्वपूर्ण माइल स्टोन को पार किया है।

    मप्र व उप्र सहित अन्य राज्यों के सीएम ने भी दी बधाई

    वैक्सीनेशन का 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया। मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के करिश्माई, दूरदर्शी और सुदृढ़ नेतृत्व में देश अभूत्वपूर्व ऊंचाइयां छू रहा है। पीएम मोदी सवा सौ करोड़ से अधिक देशवासियों की उम्मीद, आशा और विश्वास हैं। सीएम शिवराज ने मप्र में हुए टीकाकरण का ब्यौरा भी जारी किया।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनया में सबसे तेज, व्यवस्थ्ति और बेहतर वैक्सीनेशन अभियान के तहत देश में 100 करोड़ वैक्सीन की डोज लगाने का आंकड़ा पार हो चुका है। उन्होंने कोरोना मुक्त भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान के लिए प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई भी दी। योगी ने इसे कोविड पर जीत का टीका बताया।

    https://twitter.com/CMOfficeUP/status/1451067360337534976?s=20

    सबसे आगे हम, अन्य महाद्वीपों को पीछे छोड़ा

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    वैक्सीनेशन के मामले में भारत अन्य सभी महाद्वीपों में सबसे आगे रहा। यहां 1000 मिलियन वैक्सीनेशन 19 अक्टूबर को ही हो चुका था। वहीं 830 मिलियन डोज के साथ यूरोप दूसरे, 660 मिलियन डोज के साथ उत्तरी अमेरिका तीसरे नंबर पर है। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका चौथे पायदान पर है जहां 481 मिलियन डोज लगाए गए। इसी प्रकार अफ्रीका में 176 और ओशिनिया में 41 मिलियन डोज लोगों को लगे।

    एक दिन में 35 लाख डोज तक का रिकॉर्ड

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    वैक्सीनेशन के मालमे में भारत ने एक दिन में सर्वाधिक टीके लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया है। 15 अक्टूबर को देश में 35 लाख डोज लगाए गए थे, जो अब तक के सर्वाधिक हैं। इस दिन वैक्सीनेशन के मामले में सबसे सक्तिशाली और संपन्न देश अमेरिका में महज 13 लाख लोगों को ही टीके लगाए जा सके थे। बाकी के प्रमुख देश तो अमेरिका में हुए वैक्सीनेशन के आंकड़े के लगभग आधे तक भी नहीं पहुंच पाए।

    पहले 85 दिन में लगे 10 करोड़, बाद में 19 दिन में ही लगा दिए इतने टीके

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    भारत में वैक्सीनेशन की गति बाद के दिनों में काफी तेज रही। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुरुआती 10 करोड़ टीके लगाने में जहां 85 दिन लग गए थे वहीं बाद में यह एक चौथाई दिनों में ही संभव हो सका। अंतिम 10 करोड़ वैक्सीनेशन महज 19 दिन में ही लगाए गए। इसके लिए देशभर में चलाए गए विशेष अभियान से संभव हो सका।

    प्रतिदिन औसत डोज में ऐसी आई तेजी

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    जैसे-जैसे कोविड से बचाव की वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ी, वैसे-वैसे वैक्सीनेशन भी तेज होता गया। 21 जून से पहले तक देश में 18 लाख डोज औसत के हिसाब से लगाए जा रहे थे, वहीं उसके बाद औसत टीकाकरण की संख्या 60 लाख रोज के करीब पहुंच गई। बता दें कि, अभी तक देश में 18 वर्ष तक की उम्र को ही टीके लगाए जा रहे हैं। किंतु अब इससे कम उम्र के लिए टीके लगने भी शुरू होने वाले हैं। इसके लिए पहले दौर का ट्रायल हो चुका है। अंतिम दौर का ट्रायल होते ही टीके लगने शुरू हो जाएंगे।

    24 घंटे में 18,454 नए कोरोना पॉजिटिव आए सामने

    देश में अभी भी महामारी मौजूद है। कोरोना संक्रमित मरीज अभी भी सामने आ रहे हैं। अब तक देश में कोविड की 59.57 कोरड़ सैंपलों की जांच हो चुकी है। बीते 24 घंटे के दौरान देश में 18 हजार 454 नए संक्रमित सामने आए। वर्तमान में देश में 1 लख 78 हजार 831 सक्रिय मामले हैं। ये 1 प्रतिशत भी कम हैं। वर्तमान में 0.52 प्रतिशत है जो मार्च 2020 के बाद अब तक की सबसे कम है। साप्ताहिक पॉजिटिविटी की दर भी 1.34 प्रतिशत है। बीते 118 दिन में यह 3 फीसदी से कम दर्ज की ग ईहै। दैनिक पॉजिटिविटी की बात करें तो यह अभी 1.48 फीसदी जो 52 दिन पहले 3 प्रतिशत या इससे ज्यादा थी। बीते 24 घंटे में 17 हजार 51 लोग स्वस्थ हुए। इसके सहित अब 3 करोड़ 34 लाख 95 हजार 808 लोग कोरोना कि गिरफ्त से आजाद हो चुके हैं।

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    Thu, 21 Oct 2021 12:53:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Devastating rain in Uttarakhand : भारी बारिश से 34 की मौत, नैनी झील उफनी, हेलिकॉप्टर से हो रहा रेस्क्यू, सीएम धामी ने किया हवाई सर्वे, पीएम ने ली हालात की जानकारी https://acntimes.com/devastating-rain-in-uttarakhand https://acntimes.com/devastating-rain-in-uttarakhand

    नदियां उफनने से चारधाम की यात्रा ठप, सीएम ने किया मुआवजा आपदा प्रभावितों के लिए मुआवजे का ऐलान

    हल्द्वानी @ एसीएन टाइम्स . उत्तराखंड में भारी बारिश जारी है। इस ततबाही की बारिश (Devastating rain in Uttarakhand) में के कारण नदियों में बाढ़ आ गई है। भू-स्खलन भी हुआ है। अब तक करीब 34 लोगों की मौत हो चुकी है । नैनी झील सहित नदी-नालों में उफान के कारण चारधाम की यात्रा भी ठप हो गई है। राहत कार्य के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। उन्होंने मुआवजे का ऐलान भी किया है।

    Devastating rain in Uttarakhand
    बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास करते सुरक्षाकर्मी।

    उत्तराखंड में तीन दिन से भारी बारिश और बर्फबारी लगातार जारी है। प्राकृतिक आपदा के कारण अराजक स्थिति निर्मित हो गई है। नतीजतन सोमवार को इस पहाड़ी इलाके में कई जगह भूस्खलन हुआ। इसमें पांच लोगों की जान चली गई। रामनगर-रानीखेत रूट पर बाढ़ आने से एक रिजॉर्ट में 100 लोग फंस गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक राज्य में 34 लोगों की मौत भारी बारिश (Devastating rain in Uttarakhand) के कारण बने बाढ़ के हालात के कारण हो चुकी है।

    Devastating rain in Uttarakhand
    बाढ़ में फंसी कार निकालने के लिए जेसीबी बुलवाना पड़ी। फोटो- सोशल मीडिया से।

    चंपावत जिले में एक घर गिरने से दो अन्य लोगों की मौत हो गई। जलस्तर बढ़ने से चलठी नदी पर स्थित एक निर्माणाधीन पुल ही बह गया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ। पीएम मोदी ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से बात करके हालात का जायजा लिया है।

    नैनी झील का उफना, सड़कों और घरों तक पानी ही पानी

    प्रसिद्ध नैनी झील का पानी सड़कों और घरों तक पहुंच गया। नैनीताल के लोगों का कहना है कि आज से पहले ऐसी तबाही और नजारा पहले कभी नहीं देखा। पानी के कारण सारे रास्ते बंद हो गए। बिजली भी बंद हो गई। प्रशासन ने लोगों से घरों के भीतर ही रहने की अपील की गई है। कमोबेश नैनीताल, रानीखेत और अल्मोड़ा से हल्द्वानी तथा काठगोदाम तक के रास्ते बंद हो चुके हैं।

    Devastating rain
    गोला नदी में समाया रेलवे ट्रैक।

    काठगोदाम जाने वाले रूट पर हल्द्वानी से कुछ आगे गोला नदी में रेलवे का ट्रैक ही समा गया। यहां रेल यातायाता ठप हो गया है। गोला नदी के एक पुल पर से एक एक मोटरसाइकिल सवार एक पुल से गुजर रहा था जिसे लोगों ने शोर मचाकर रोका।

    गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला

    लगातार बारिश (Devastating rain in Uttarakhand) के कारण हर जगह पानी ही पानी है। एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस राहत कार्य में जुटी है। दोनों सुरक्षा एजेंसियों ने जानकी चट्टी से कई यात्रियों को देर रात सुरक्षित निकाला और गौरीकुंड पहुंचाया। ये सभी लोग यात्री हैं। ये केदारनाथ के दर्शन के बाद गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ़ फंस गए थे। यहां मूसलधार बारिश के कारण भू-स्खलन और मलबा गिरने का अंदेशा था।

    जोशीमठ में फंसे गुजरात के यात्री, सीएम ने की बात

    भूस्खलन के कारण उत्तराखंड के जोशीमठ में गुजरात के कई यात्री फंस गए। गुजरात के सीएम ने मौजूदा स्थिति पर उत्तराखंड के सीएम धामी से बात की। गुजरात के आपदा प्रबंधन मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी के अनुसार दोनों राज्य लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। त्रिवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए गुजरात से 80-100 लोग उत्तराखंड गए थे। 6 लोग बद्रीनाथ और केदारनाथ में फंस गए। भारी बारिश के कारण हेलीकॉप्टर वहां नहीं पहुंच पाने से दिक्कत का सामना करना पड़ा।

    जिम कॉर्बेट पार्क के होटल में फंसे 100 लोग, सभी को बचाया

    Devastating rain in Uttarakhand
    फोटोग्राफर मुस्तफा कुरैशी के इंस्टाग्राम से साभार।

    फोटोग्राफर मुस्तफा कुरैशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तबाही की बारिश (Devastating rain in Uttarakhand) की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। एसोसिएट प्रेस के साथ काम कर चुके कुरैशी द्वारा शेयर किए गए फोटो में जिम कॉर्बेट पार्क के पॉश लेमन ट्री होटल पर पर्यटक खड़े नजर आ रहे हैं। नीचे पानी ही पानी है। जिम कॉर्बेट की एक अन्य तस्वीर में रामगंगा नदी का पानी सभी जगह भरा नजर आ रहा है। हालांकि इन सभी को बचा लिया गया है।

    Devastating rain in Uttarakhand
    फोटो सोशल मीडिया से।

    यह चमोली जिले में स्थित कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण दोनों नदियां उफान पर हैं। खासकर कुमायूं के पिंडारी ग्लेशियर से आने वाली पिंडर नदी में जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है।

    सीएम धामी ने की धैर्य बनाए रखने की आपील

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों से अनुरोध है कि इस स्थिति में धैर्य बनाकर रखें। हम हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। मौसम विभाग ने बताया है कि आज देर रात तक मौसम ठीक हो जाएगा। इसके बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के अलावा राज्य से लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट से भी फोन पर बात की और राज्य में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली। 

    केरल में 35 की मौत, सफदरजंग में 61 साल की बारिश का रिकॉर्ड टूटा

    उधर, केरल में बाढ़ और भारी बारिश (Devastating rain in Uttarakhand) से मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यहां अब तक 35 लोगों की जान चुकी है। लगभग 4,000 लोग अब राज्य के विभिन्न शिविरों में रहने को मजबूर हैं। यहां अभी भी बारिश रोज रिकॉर्ड तोड़ रही है। इसी तरह दिल्ली (सफदरजंग) में भी बारिश ने बीते 61 साल का रेकॉर्ड तोड़ ध्वस्त कर दिया है। पालम में भी 24 घंटे में काफी बारिश हुई। यह पहला मौका है जब इतनी बारिश हुई। सफदरजंग में 24 घंटे के दौरान 87.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को दिल्ली में मौसम साभ रहा।

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    Tue, 19 Oct 2021 21:36:33 +0530 Niraj Kumar Shukla
    Big relief by RBI : IMPS (तत्काल भुगतान सेवा) की लेन&देन की दैनिक सीमा 2 लाख से बढ़कर 5 लाख रुपए की https://acntimes.com/big-relief-by-rbi-imps-transaction-daily-limit-increased-3 https://acntimes.com/big-relief-by-rbi-imps-transaction-daily-limit-increased-3 आरबीआई के गवर्नर शशिकांत दास ने राहत का ऐलान किया, तत्काल भुगतान में उपभोक्ताओं को होगी आसानी

    नई दिल्ली @ एसीएन टाइम्स . भारतीय रिजर्व बैंक ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत (Big relief by RBI) दी है। लोगों की सुविधा के लिए आरबीआई ने शुक्रवार को IMPS (तत्काल भुगतान सेवा) लेन-देन की दैनिक सीमा को ढाई गुना बढ़ा दिया है। पहले के 2 लाख थी जो अब 5 लाख कर गई है। IMPS विभिन्न चैनलों के माध्यम से 24×7 तत्काल घरेलू धन हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करती है।

    आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास के अनुसार “घरेलू भुगतान लेन-देन के प्रसंस्करण में आईएमपीएस प्रणाली के महत्व को देखते हुए, एसएमएस और आईवीआरएस के अलावा अन्य चैनलों के लिए प्रति लेन-देन सीमा रुपए 2 लाख से बढ़ाकर रुपए 5 लाख (Big relief by RBI) करने का प्रस्ताव है। इससे डिजिटल भुगतान में और वृद्धि होगी और ग्राहकों को रुपए 2 लाख से अधिक डिजिटल भुगतान करने के लिए एक अतिरिक्त सुविधा प्रदान की जाएगी"।

    जनवरी 2014 से प्रभावी है आईएमपीएस की सेवा

    भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) एक महत्वपूर्ण भुगतान प्रणाली है। यह 24x7 तत्काल घरेलू धन हस्तांतरण सुविधा प्रदान करती है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप, बैंक शाखाओं, एटीएम, एसएमएस और आईवीआरएस जैसे विभिन्न चैनलों के माध्यम से सुलभ है। जनवरी 2014 से प्रभावी आईएमपीएस में प्रति लेन-देन 2 की सीमा वर्तमान में एसएमएस और आईवीआरएस के अलावा अन्य चैनलों के लिए 2 लाख रुपए नियत है।

    यह भी देखें... Great News for Railways : रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का बोनस, 11.56 लाख कर्मचारियों में बंटेंगे 1985 करोड़ रुप

    आरबीआई ने बेंचमार्क ब्याज दर को भी 4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। हालांकि एक एक उदार रुख भी बनाए रखा है। यह तब है जबकि अर्थव्यवस्था दूसरी COVID लहर के बाद रिकवरी के संकेत दे रही है। ऐसा आठवीं बार हुआ है जब आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली National Payments Corporation of India (मौद्रिक नीति समिति) ने यथास्थिति बनाए रखी है।

    रेपो रेट 4 प्रतिशत पर रखने का फऐसला

    गवर्नर दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि एमपीसी ने बेंचमार्क पुनर्खरीद (रेपो) दर को 4 प्रतिशत पर रखने का फैसला किया है। नतीजतन, रिवर्स रेपो दर भी बैंकों के लिए आरबीआई के पास उनकी जमा राशि के लिए 3.35 प्रतिशत अर्जित करना जारी रखेगी। दास ने कहा कि एमपीसी ने ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया और विकास का समर्थन करने और लक्ष्य के भीतर मुद्रास्फीति को बनाए रखने के लिए जब तक आवश्यक हो, अपने उदार रुख को जारी रखने का फैसला किया।

    ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच अगस्त में खुदरा महंगाई दर 5.3 फीसदी रही।

    बता दें कि, आरबीआई ने पिछली साल 22 मई, 2020 को अपनी नीतिगत रेपो दर या अल्पकालिक उधार दर एक ऑफ-पॉलिसी चक्र में संशोधित की थी। इसका उद्देश्य ब्याज दर को ऐतिहासिक कम कर मांग को पूरा करना था।

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    Tue, 19 Oct 2021 01:44:35 +0530 Niraj Kumar Shukla
    केंद्रीय मंत्री गडकरी ने 172 किमी की स्पीड से कार चलवा कर जांची दिल्ली&मुंबई एक्सप्रेस&वे की गुणवत्ता https://acntimes.com/कदरय-मतर-गडकर-न-172-कम-क-सपड-स-कर-चलव-कर-जच-दलल-मबई-एकसपरसव-क-गणवतत https://acntimes.com/कदरय-मतर-गडकर-न-172-कम-क-सपड-स-कर-चलव-कर-जच-दलल-मबई-एकसपरसव-क-गणवतत एसीएन टाइम्स @ रतलाम । भारतमाला परियोजना के सबसे बड़े प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का गुरुवार को केंद्रीय सड़क परिहवन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जायजा लिया। उन्होंने 172 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी कार में बैठक कर 8 हजार करोड़ से अधिक में बन रहे एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता जांची। गडकरी ने मप्र हो रहे निर्माण कार्य को राजस्थान के सवाई माधोपुर में हुए निर्माण से बेहतर बताया। इसके लिए यहां काम कर रही टीम की पीठ भी थपथपाई। केंद्रीय मंत्री ने बताया भविष्य में 8 लेन का यह मार्ग 12 लेन में तब्दील होगा। उन्होंने इसे 'विकास का महामार्ग' निरूपित करते हुए मध्य प्रदेश के लिए ग्रोथ इंजिन बताया।

    केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 1380 किमी लंबे एक्सप्रेसवे का निरीक्षण गुरुवार सुबह सोहना (गुरुग्राम) से शुरू किया था। अन्य राज्यों से होकर गुजर रहे इस राष्ट्रीय राजमार्ग का जायजा लेते हुए वे अपराह्न करीब 4 बजे रतलाम जिले के जावरा पहुंचे। वे निर्धारित समय के करीब एक घंटे की देरी से रतलाम पहुंचे थे। उन्होंने यहां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highway Authority of India) द्वारा आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।

    एनएचएआई (भोपाल) के आरओ विवेक जायसवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर पीआईडीयू-रतलाम रविंद्र गुप्ता, आरओ (भोपाल) मनोज कुमार जैन, डीजीएम (टेक्निकल-रतलाम) आशुतोष सोनी, जीआरआईएल के जनरल मैनेजर विनोद अग्रवाल, एनपीएसपी डी. एम. जामे, पी. सी. बनास्कर सहित अन्य ने मंत्री और अन्य अतिथियों का पौधे भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद मंत्री गडकरी ने निरीक्षण का अनुभव साझा किया। समारोह के दौरान रतलाम सांसद गुमान सिंह डामोर और जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने मंत्री गडकरी का अभिनंदन किया। दोनों ने अलग-अलग पगड़ी पहनाकर और शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।

    विधायक डॉ. पांडेय ने जावरा में एग्रो बेस्ड औद्योगिक हब बनाने की मांग का पत्र भी गडकरी को सौंपा। इसमें उन्होंने विभिन्न सुझाव भी दिए। इस मौके पर प्रदेश के लघु, सूक्ष्म उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया, मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक चेतन्य काश्यप, नीमच विधायक दिलीपसिंह परिहार, जिला पंचायत प्रधान परमेश मईड़ा, कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी, जावरा एसडीएम हिमांशु प्रजापति, नेशनल हाईवे के अधिकारी व अन्य मौजूद थे।

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    Fri, 17 Sep 2021 10:10:49 +0530 Niraj Kumar Shukla
    कोरोना से मुक्ति के लिए RATLAM के शिक्षाविद् डॉ. चांदनीवाला ने PM से यह किया निवेदन, जानकर रह जाएंगे हैरान कोविड&19 मुख्य कोरोना से मुक्ति के लिए RATLAM के शिक्षाविद् डॉ. चांदनीवाला ने PM से यह किया निवेदन, जानकर रह जाएंगे हैरान https://acntimes.com/RATLAM-educationist-Dr-Chandniwala-requested-PM-to-get-rid-of-Corona https://acntimes.com/RATLAM-educationist-Dr-Chandniwala-requested-PM-to-get-rid-of-Corona ई-मेल भेज कर किया अगले रविवार को सामूहिक प्रार्थना का आयोजन करने का दिया सुझाव

    कोरोना से मुक्ति हेतु एक विनम्र निवेदन

    माननीय प्रधानमंत्री जी,
    सादर अभिवादन।

    कोरोनाकाल की आपदा से सम्पूर्ण पृथ्वी का जीवन प्रभावित है। आपके पुरुषार्थ से हम एक संग्राम तो जीत चुके हैं, दूसरा सामने है। आपके पास राजनैतिक ही नहीं, आध्यात्मिक नेतृत्व भी है, जो ईश्वर-प्रदत्त है।

    मैं आपसे एक विनम्र निवेदन कर रहा हूँ। यदि देश भर के छोटे-छोटे बच्चे आने वाले रविवार को एक निश्चित् समय पर केवल दो मिनट के लिये आँखें बंद कर एक साथ प्रार्थना और ध्यान करें, तो कोरोना संकट इस पृथ्वी से हमेशा के लिये दूर चला जायेगा।
    [डेढ़ मिनट का ध्यान और आधा मिनट की प्रार्थना]

    यह कोई कल्पित विचार नहीं, गूढ़ संकल्प है। बच्चे निर्मल होते हैं, और विगत एक वर्ष सबसे अधिक मानसिक त्रास बच्चों ने ही झेला है। बच्चों की सामूहिक प्रार्थना में बड़ी भारी शक्ति है। यह प्रार्थना अवश्य सुनी जायेगी। प्रार्थना का जो प्रारूप मुझे साक्षात् हुआ है, वह अविकल दे रहा हूँ।

    मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप मेरे निवेदन पर अवश्य ही ध्यान देंगे।

    आपका ही

    मुरलीधर चाँदनीवाला

    ‘मधुपर्क’

    7, प्रियदर्शिनी,

    रतलाम (मध्यप्रदेश) – 457001

    मोबा. नंबर – 9424869460

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    Mon, 12 Apr 2021 23:49:26 +0530 Niraj Kumar Shukla
    भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी का सुझाव बना हजारों वन्य प्राणियों के लिए जीवनदान, वन क्षेत्र में कम हुए हादसे https://acntimes.com/A-suggestion-saved-the-lives-of-thousands-of-wild-animals https://acntimes.com/A-suggestion-saved-the-lives-of-thousands-of-wild-animals एसीएन टाइम्स @ रतलाम । दुनियाभर में सबसे ज्यादा शेरों वाला देश बन चुके भारत में वन्य जीवों की दुर्घटनाओं में मृत्यु बड़ी समस्या है। वन क्षेत्रों से गुजरने वाले हाई-वे और रेलमार्गों पर वाहनों या ट्रेन की चपेट में आकर वन्यजीवों की मौत की खबरें आए दिन सुनने को मिलती थीं। भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी द्वारा भारत सरकार को दिए सुझाव के बाद इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में पहल की जा रही है। वन क्षेत्रों से गुजरने वाले अनेक प्रमुख सड़कों और रेलवे ट्रैक को वन क्षेत्र के ऊपर या नीचे से निकालने की योजनाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। इन पर अमल होने के कारण हजारों वन्य प्राणियों का जीवन सुरक्षित रह सका है।

    देश के अनेक वन्य जीव अभयारण्यों में से कई प्रमुख सड़क मार्ग या रेल मार्ग गुजरते हैं। वन क्षेत्रों से गुजरने वाले इन सड़क मार्गों पर चलने वाले भारी वाहनों और रेलवे ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेनों की चपेट में आकर वन्य जीवों की मौत एक आम बात सी हो गई थी। पेंच टाइगर रिजर्व, बांधवगढ़ नेशनल पार्क इत्यादि ऐसे अनेक सघन वन क्षेत्र हैं जिनके बीच में से हाई-वे या रेलवे लाइन गुजरती है। ऐसे क्षेत्रों में वन्य जीवों की दुर्घटना में मृत्यु होने की खबरों को देखते हुए भारत गौरव अभियान के संयोजक अनिल झालानी ने करीब आठ वर्ष पूर्व 10 मई, 2015 को तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को एक पत्र लिखकर वन्यजीवों की दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।

    यह दिया था सुझाव

    झालानी ने अपने पत्र में लिखा था कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाले हाई-वे या रेलवे ट्रैक के दोनों ओर सुरक्षा की दृष्टि से लोहे की जालियां लगाई जाना चाहिए। इससे कि वन्यप्राणी वाहन या ट्रेन की चपेट में आने से बच सकें। झालानी के मुताबिक वन क्षेत्रों में जहां-जहां से सड़क या रेल लाइन गुजरती है, वहां वन्य प्राणियों के स्वच्छंद विचरण के लिए अधिकतम स्थानों पर जहां भी संभव हो सके अंडरपास बनाए जाने चाहिए, जिससे कि वन्य प्राणी इधर-उधर आ जा सकें।

    15 जून, 2016 को भेजा था स्मरण पत्र

    झालानी ने अपने पत्र में यह भी कहा था कि कुछ ऐसे भी वन क्षेत्र हैं, जहां हाईवे या सड़क बनाना अत्यन्त आवश्यक होता है, लेकिन वन क्षेत्र होने के कारण परियोजना स्वीकृत नहीं हो पाती। ऐसी स्थिति में ऐसे वनक्षेत्र में बनाए जाने वाले मार्गों को पिलर और ओवरहेड रोड बनाकर ब्रिज बनाते हुए सड़क को निकाला जा सकता है। इससे वन्य क्षेत्र की प्राकृतिकता भी सुरक्षित रह सकेगी और वन्य प्राणियों की भी सुरक्षा हो सकेगी। झालानी ने इस पत्र के करीब एक साल बाद 15 जून, 2016 को भी तत्कालीन पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को दोबारा स्मरण पत्र भेजा। अपने इस स्मरण पत्र में झालानी ने थाईलैंड और नीदरलैंड में किए गए इसी प्रकार के उपयों का हवाला दिया था।

    ईकोडक्ट से आसान हुई राह

    उल्लेखनीय है कि नीदरलैंड में वन्य क्षेत्रों से गुजरने वाले प्रमुख हाईवे पर प्राकृतिक पुल (ईकोडक्ट) बनाए गए हैं, ताकि वन्य प्राणियों के सड़क पर ना करना पड़े। पूरे नीदरलैंड में इस प्रकार के 600 से ज्यादा क्रॉसिंग बनाए गए हैं। इतना ही नहीं ईकोडक्ट पर चलने के लिए घांस और पौधे उगाए जाते हैं ताकि वन्य प्राणियों को अच्छा महसूस हो सके।

    वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए ऐसा पहली बार हो रहा देश में

    झालानी द्वारा दिए गए इन सुझावों को भारत सरकार द्वारा अब अमल में लाया जा रहा है। देश के सबसे बड़े नेशनल पार्क कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व को जोड़ने वाले करीब 22 किमी लंबे कॉरिडोर में बनाए जा रहे नेशनल हाईवे 7 में 14 एनिमल अंडर पासिंग और 18 पुलियाओं का निर्माण किया जा रहा है। झालानी द्वारा दिए सुझाव के मुताबिक पुलियों और अंडरपास के आसपास दीवार खड़ की जाएगी, ताकि वन्य जीव सड़क पर ना आ सके। हाईवे की उंचाई भी जमीन से काफी अधिक होगी। वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए देश में यह पहली बार गया है।

    अंडर पास के कारण थमी दुर्घटनाएं

    उल्लेखनीय है कि झालानी द्वारा दिए सुझाव पर अमल करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 44 के 16 किमी के क्षेत्र में 9 एनिमल अंडरपास बनाए गए। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक इन अंडर पासेस के बनने के बाद 10 महीनों में अंडर पासेस में लगाए गए कैमरों में 89 बार बाघ के गुरजने की घटनाएं दर्ज हुईं। इसी तरह 18 प्रजाति के 5450 वन्यप्राणी भी इस अंडरपास से गुजरे। यह स्पष्ट हुआ कि इन अंडरपासेस के कारण हजारों दुर्घटनाएं टल गईं और सैकड़ों बाघ व अन्य वन्य प्राणियों का जीवन सुरक्षित रहा।

    बन चुकी है स्पष्ट नीति

    झालानी द्वारा दिए सुझाव के चलते ही अब भारत सरकार द्वारा वन्य क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों और रेल मार्गों पर वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट नीति बनाई जा चुकी है कि वन क्षेत्रों से रेलवे लाइन या सड़क निकालने पर वन्य प्राणियों की सुरक्षा को प्राथमिकता पर रखा जाएगा, ताकि विकास की गति भी ना रुके और पर्यावरण तथा प्राणी भी प्रभावित ना हों।

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    Tue, 30 Nov -001 00:00:00 +0553 Niraj Kumar Shukla