छेड़छाड़ से परेशान होकर गोस्वामी समाज की बेटी और पिता ने कर ली थी आत्महत्या, घटना से नाराज गोस्वामी समाज ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

विदिशा जिले में छेड़छाड़ से परेशान बेटी और पिता की मौत से नाराज रतलाम के गोस्वामी समाज ने सोमवार को रतलाम में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

छेड़छाड़ से परेशान होकर गोस्वामी समाज की बेटी और पिता ने कर ली थी आत्महत्या, घटना से नाराज गोस्वामी समाज ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते गोस्वामी समाज के पदाधिकारी व सदस्य।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । छेड़छाड़ से परेशान होकर पुलिस के पास जाने के बाद भी सुरक्षा और न्याय नहीं मिलने पर रक्षा गोस्वामी और उसके पिता धीरेंद्र गिरी गोस्वामी ने आत्महत्या कर ली थी। इससे नाराज गोस्वामी समाज ने सोमवार को रतलाम में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। समाजजन ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा।

श्री दशनाम गोस्वामी समाज सेवा समिति मंडल रतलाम के अध्यक्ष प्रकाश गिरी एवं सचिव विनोद गिरी ने बताया कि विदिशा जिले की शमशाबाद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दुपारिया में धीरेंद्र गोस्वामी हनुमान मंदिर के पुजारी थे। कॉलेज में पढ़ने वाले उनकी बालिका रक्षा गोस्वामी के साथ आरोपियों द्वारा छेड़छाड़ की जा रही थी। साहस के साथ बालिका ने जब इसका विरोध किया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई तो उसे न्याय मिलने के बजाय आरोपियों द्वारा इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 

इसके बाद भी प्रशासन और पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और आरोपी उसके पिता को भी प्रताड़ित करते रहे। इससे अपनी बेटी खो चुके पिता भी इससे हताश हो गए और उन्होंने भी आत्महत्या कर ली। इस घटना को लेकेर समाजजन ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन देते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी से कड़ी पुलिस कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि बालिका सुरक्षा को लेकर प्रदेश में वास्तविक रूप से गंभीर और ठोस प्रयास किए जाएं अन्यथा बच्चियां सुरक्षित रूप से घर से बाहर निकलने में भी डरेंगी। पीड़ित परिवार को उचित मदद देने की भी मांग की।

ये रहे मौजूद

प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौरान महंत मंडल भंवर गिरी, कैलाश भारती, निरंजन गिरी, रमेश गिरी, शिव गिरी, शिव भारती, मोहित गिरी, दीपक गिरी, ललित गिरी, गोपालपुरी, अशोक गिरी, संजय गिरी, बाबू गिरी, रमेश गिरी, गोपाल भारती, नाथू गिरी, विवेक गिरी आदि उपस्थित थे।