अद्वितीय मिशन ! युवाम से प्रशिक्षित एक लाख युवाओं का चयन सफलता नहीं, सफलता तो हजारों युवाओं का मिशन से जुड़ना है -पारस सकलेचा
रतलाम के क्षितिज ठाकुर का बैंक में प्रोबेशनर ऑफिसर के पद पर चयन होने पर युवाम संस्था ने किया अभिनंदन। क्षितिज के परिजन बोले- युवाम से परिवार की दूसरी पीढ़ी हुई लाभान्वित।
युवाम में प्रशिक्षत क्षितित ठाकुर का बैंक ऑफ बड़ौदा में प्रोबेशनर ऑफिसर पद पर चयन होने पर किया सम्मान
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । युवाम की सफलता यह नहीं है कि युवाम से प्रशिक्षण प्राप्त कर एक लाख से ज्यादा नौजवान आज विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत हैं, यह तो अहंकार है। युवाम की सफलता तो यह है कि, इस व्यवसायिक युग में भी हजारों नौजवान नि:स्वार्थ भाव से युवाम के मिशन को जिंदा रखे हुए हैं।

यह बात युवाम संस्थापक पारस सकलेचा ने कही। वे युवाम परिवार के क्षितिज ठाकुर का बैंक ऑफ़ बड़ौदा में प्रोबेशनरी ऑफिसर पद पर चयन होने पर युवाम सभागृह में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। सकलेचा ने कहा कि चयन से यदि श्रद्धा का बीज अंकुरित नहीं होता और सेवा का पौधा नहीं लगता है तो वह सफलता अहंकार बन जाती है। स्वस्थ्य और सुखी रहने का एकमात्र मंत्र है कि, हम कुछ तो ऐसा करें, जिसमें देने का भाव हो और बदले में पद, प्रतिष्ठा, पैसा कुछ भी पाने की लालसा न हो।
‘युवाम अद्वितीय, इसका दूसरा संस्करण नहीं’
युवाम श्रीसंघ के सचिव प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि एक नौजवान का नौकरी से लगना, तीन पीढ़ी को सुखी करता है। पारस दादा ने तो लाखों परिवारों की तीन पीढ़ियों को सुखी कर दिया है। युवाम के वरिष्ठ सदस्य रविंद्र ठाकुर ने कहा कि युवाम के 50 साल के सफर में तीसरी पीढ़ी इसका लाभ ले रही है। क्षितिज हमारे परिवार की दूसरी पीढ़ी से है। युवाम अद्वितीय है, इसका दूसरा संस्करण कभी नहीं हो पाएगा।
अपने चयन पर माना अध्यापकों का आभार
क्षितिज ठाकुर ने अपने चयन पर पारस दादा सहित युवाम के सभी अध्यापकगण तथा वरिष्ठों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि हमारे परिवार की दो पीढ़ी के चार सदस्य इससे लाभान्वित हुए हैं। इस अवसर युवाम फैकल्टी जितेंद्र राठौर, हर्ष उपाध्याय तथा सौम्या ने भी क्षितिज ठाकुर का बैंक ऑफ़ बड़ौदा में प्रोबेशनरी ऑफिसर पद पर चयन होने पर अभिनंदन किया।
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