शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा का अनावरण और वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान आज, कुरीतियों पर रोक लगाने का निर्णय भी लेगी पूज्य सिंधी पंचायत

रतलाम में रविवार को शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा का अनावरण होगा। इस मौके पर सिंधी समाज के 50 से अधिक वरिष्ठों का अभिनंदन करने के साथ ही कुरीतियों पर रोक लगाने का निर्णय भी लिया जाएगा।

Feb 21, 2026 - 23:53
Feb 22, 2026 - 00:27
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शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा का अनावरण और वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान आज, कुरीतियों पर रोक लगाने का निर्णय भी लेगी पूज्य सिंधी पंचायत
पत्रकार वार्ता में समारोह की जानकारी देते पूज्य सिंधी समाज के अध्यक्ष राधाकिशन सतवानी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पूज्य सिंधी पंचायत और भारतीय सिंधु सभा के संयुक्त तत्वावधान में 22 फरवरी 2026 को अमर बलिदानी शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा का अनावरण समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान भी किया जाएगा। इस मौके पर समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को खत्म करने सहित अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे।

यह जानकारी पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष राधाकिशन सतवानी ने पत्रकार वार्ता में दी। इस दौरान सचिव हाशु कल्याणी, कोषाध्यक्ष कमलेश दवानी के साथ ही अनीता पाहुजा और नीता आसरानी भी मौजूद रहीं। पदाधिकारियों ने बताया कि समारोह संत कंवरराम सिंधु नगर (विरियाखेड़ी) स्थित गुरु नानक भवन में दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा। मुख्य अतिथि मप्र शासन के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप और इंदौर सांसद शंकर लालवानी होंगे। विशेष अतिथि के रूप में महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय रहेंगे। अध्यक्ष पंचायत अध्यक्ष सतवानी करेंगे। समारोह में समाज के 50 से अधिक अतिवरिष्ठजन का सम्मान किया जाएगा।

200 किमी दायरे की पंचायतें होंगी शामिल

पूज्य सिंधी पंचायत के पदाधिकारियों ने बताया कि समारोह में रतलाम व आसपास के 200 किलोमीटर के दायरे में आने वाले शहरों की पंचायतों का मिलन समारोह और संगोष्ठी का भी आयोजन होगा। इसमें रतलाम, नागदा, बांसवाड़ा, नीमच, खाचरौद सहित करीब 15 स्थानों की पंचायतों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

इन कुरीतियों पर रोक पर होगी चर्चा

पदाधिकारियों ने बताया का समाज में प्रिवेडिंग शूट की परंपरा तेजी से बढ़ रही है जो सामाजिक ताने-बाने को देखते हुए उचित नहीं है। इसके साथ ही शादियों और अन्य समारोह में सिर्फ दिखावे के लिए काफी खर्च होता है। शादी में दूल्हे को घोड़े से नहीं उतरने देने और वधू पक्ष पर भारी-भरकम नेग देने जैसी परंपराएं भी चल रही हैं जिससे आर्थिक भार पड़ता है। यही स्थिति मृत्युभोज के कारण भी होती है। अतः संगोष्ठी और मिलन समारोह के दौरान ऐसी अनावश्यक गतिविधियों पर रोक लगाने को लेकर विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा। समाज की बेहतरी के लिए और क्या-क्या किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा होगी।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।