शह और मात का खेल ! अभिभाषकों ने शतरंज के बोर्ड पर दौड़ाए दिमागी हाथी, घोड़ और ऊंट, पैदलों ने वज़ीर और राजा को छकाया

अभिभाषकों को शतरंज प्रतियोगिता शनिवार को शुरू हुई। स्पर्धा स्विस पद्धति से खेली जाएगी। जानिए- पहले चरण में किसे मिली सफलता।

शह और मात का खेल ! अभिभाषकों ने शतरंज के बोर्ड पर दौड़ाए दिमागी हाथी, घोड़ और ऊंट, पैदलों ने वज़ीर और राजा को छकाया
अभिभाषकों की शतरंज स्पर्धा में दो-दो हाथ करते जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा व अन्य।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । न्यायालय में अपने मुवक्किलों की जीत के लिए दिमागी घोड़े दौड़ाने वाले अभिभाषक शनिवार को शतरंज के बोर्ड पर विपक्षी को मात देने के लिए चालें चलते रहें। किसी ने हाथी और ऊंट से घेराबंदी की तो किसी की पैदलों ने वज़ीर और राजा को खूब छकाया।

नज़ारा था जिला अभिभाषक संघ रतलाम एवं अभिभाषक शतरंज क्लब के संयुक्त तत्वावधान में शुरू हुई जिला स्तरीय अभिभाषक शतरंज प्रतियोगिता का। मुख्य अतिथि अभिभाषक संघ अध्यक्ष राकेश शर्मा, विशेष अतिथि उपाध्यक्ष सुनील जैन और सचिव चेतन केलवा रहे। अध्यक्षता शतरंज क्लब के अध्यक्ष शाहिद खान ने की। स्पर्धा के मुख्य निर्णायक मनीष जोशी रहे जिन्होंने नियमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता स्विस पद्धति आधार पर खेली जाएगी।

पहले चरण में ये हुए मुकाबले

प्रथम चरण श्रवण कुमार बोयत विरुद्ध मनीष शर्मा, ओम प्रकाश बौरसिया विरुद्ध तेज कुमार चौधरी, रतन हंस राजधानी विरुद्ध अजय जोशी, भविष्य कुमावत विरुद्ध अमृतलाल व्यास,शेख इनामुल्ला विरुद्ध योगेश अधिकारी, इकबाल कुरैशी विरुद्ध अजय भटनागर, राजेश गिरी विरुद्ध अनिल वर्मा, जुल्फिकार खान विरुद्ध विनोद शर्मा, रवि भटनागर विरुद्ध राहुल सक्सेना के मुकाबले हुए। पहले राउंड में मनीष शर्मा, ओम प्रकाश बौरसिया, अजय जोशी, अमृतलाल व्यास, योगेश अधिकारी, इकबाल कुरौशी, अनिल वर्मा, विनोद शर्मा, राहुल सक्सेना विजयी रहे और 1 अंक हासिल किया। संचालन अभिभाषक संघ के सहसचिव विरेन्द्र कुलकर्णी ने किया। आभार प्रदर्शन शतरंज क्लब के उपाध्यक्ष श्रवण यादव ने किया।

ये उपस्थित रहे

इस अवसर पर शतरंज क्लब के सहसचिव देवेन्द्र सराधना प्रकाश वर्मा, राजीव ऊबी, देवेन्द्र सिंह गौर, शैलेन्द्र लश्करी, मनीष नाडकर, राहुल त्रिपाठी, राजेश शर्मा, ब्रजेश व्यास, अफरोज सहरोज, नीतेश चौपड़ा, प्रकाश राव, सौरभ दश्योत्तर, करण सिंह राजावत सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक मौजूद थे।