श्री साईं इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में विराजी मिट्टी से बनी विघ्नहर्ता श्री गणेश की प्रतिमा, अनुपयोगी वस्तुओं से सजाई झांकी ताकि पर्यावरण रहे सुरक्षित

पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से रतलाम के श्री साईं इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में मिट्टी से बनी श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है।

Sep 7, 2024 - 21:43
Sep 7, 2024 - 22:11
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श्री साईं इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में विराजी मिट्टी से बनी विघ्नहर्ता श्री गणेश की प्रतिमा, अनुपयोगी वस्तुओं से सजाई झांकी ताकि पर्यावरण रहे सुरक्षित
श्री साईं इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में गणेशोत्सव शुरू।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी संस्था इस वर्ष अलग अंदाज में गणेशोत्सव मना रहा है। यहां गणेशोत्सव के प्रारंभ पर चतुर्थी को मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा स्थापित की गई। झांकी भी अनुपयोगी वस्तुओं से सजाई गई है।

श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अष्ट सिद्ध दायक, सुख-समृद्धि, यश, ऐश्वर्य, वैभव, विद्या, बुद्धि, विघ्नहर्ता और ज्ञान के देवाता श्री गणेश जी की प्रतिमा की स्थापना पूजा-अर्चना के साथ की गई। श्री गणेश शिव और पार्वती के पुत्र और भारतीय धर्म संस्कृति में सबसे पहले पूजनीय और प्रार्थनीय हैं। उनकी पूजा के बिना कोई भी मंगल काम शुरू नहीं होता है।

इस वर्ष संस्था में मिट्टी से निर्मित प्रतिमा की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से यह संदेश आजन और विद्यार्थियों में पहुंचाने का प्रयास किया गया है  कि जो वस्तु हम अनुपयोगी समझ कर फेंक देते हैं उसका उपयोग कर और नए-नए प्रयोग कर पर्यावरण का संरक्षण कर सकते हैं। मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने से जल को प्रदूषित होने से और जलीय जीव-जंतुओं को बचाने का प्रयास भी किया जा सकता है। यह हम सभी का दायित्व है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।