बाल विवाह अपराध है, आपने किया या इसमें शामिल हुए तो 2 साल की हो जाएगी कैद, आपके आसपास हो रहा हो ऐसा तो इन नंबरों पर दें जानकारी

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की आशंका के चलते जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर ऐसे आयोजनों को रोकने का आह्वान किया है।

बाल विवाह अपराध है, आपने किया या इसमें शामिल हुए तो 2 साल की हो जाएगी कैद, आपके आसपास हो रहा हो ऐसा तो इन नंबरों पर दें जानकारी
बाल विवाह रोकने में करें सहयोग।

बाल विवाह रोकने के लिए जिला प्रशासन तैयार, आपके आसपास हो रहे हों ऐसे आयोजन तो इन नंबरों पर दें जानकारी

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बाल विवाह कानूनी अपराध है। इसे रोकने के लिए कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों की जानकारी देने के लिए टेलीफोन नंबर भी जारी किए हैं। यदि आपके आसपास ऐसा अपराध घटित हो रहा हो तो आप जानकारी देकर समाज से यह कुरीति मिटाने में मदगार बन सकते हैं।

कलेक्टर के निर्देश पर अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे आयोजनों पर अंकुश लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मांगलिक कार्यक्रमों में सेवाएं देने वाले मैरिज हॉल, टेंट व्यवसाय वाले, बैंडबाजा, कैटरर्स संचालकों, पंडित व मौलवी को भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसमें उनसे कहा जा रहा है कि वैवाहिक आयोजन संपन्न करवाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वर-वधू निर्धारित आयु से कम के नहीं हों। यदि ऐसा होना पाया जाता है तो दोनों पक्षों के अलावा आयोजन में कार्यरत सभी व्यक्तियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मामले में 2 वर्ष के दंड का प्रावधान है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रजनीश सिन्हा ने बताया गया कि 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व मनेगा। इस दिन बड़ी संख्या में विवाह होते हैं। बाल विवाह की आशंका रहती है। सिन्हा के अनुसार बाल विवाह कानूनी अपराध है। इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर 2 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 लाख रुपए के जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के अनुसार विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष एवं लड़के की 21 वर्ष से अधिक होना चाहिए। इससे कम आयु वालों की शादी बाल विवाह की श्रेणी में आती है।

गुप्त रखी जाएगी शिकायत

सिन्हां ने बताया बाल विवाह की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा। इस तरह की शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर की जा सकती है। कंट्रोल रूम की स्थापना महिला बाल विकास विभाग द्वारा जिले में 22 अप्रैल को ध्यान में रखते हुए बाल विवाह की रोकथाम एवं शिकायत दर्ज करवाने हेतु कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है इसके अंतर्गत पवनकुंवर सिसौदिया, बाल संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थानिक) मोबाइल नंबर 7581083143 एवं प्रेम चौधरी समन्वयक चाइल्ड हेल्पलाइन के मोबाइल नंबर 9826259087 तथा इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।