टिकट बदलने से कांग्रेस में बवाल : जावरा व पिपलौदा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सहित 10 पदाधिकारियों ने दिए इस्तीफे, हिम्मत सिंह श्रीमाल बोले- 2 दिन बाद खोलेंगे पत्ते
रतलाम जिले के जावरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट बदलने से स्थानीय कांग्रेस में भूचाल आ गया है। नाराज चार ब्लॉक अध्यक्ष सहित 10 पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं।

जावरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने हिम्मत सिंह श्रीमाल का टिकट काट कर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को मैदान में उतारा
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले की जावरा विधानसभा सीट का चुनाव सबसे अधिक चर्चा में है। इसकी वजह कांग्रेस में मचा घमासान है। कांग्रेस द्वारा पूर्व घोषित प्रत्याशी हिम्मत सिंह श्रीमाल का टिकट काटकर वीरेंद्र सिंह सोलंकी को दिए जाने से बवाल मच गया है। श्रीमाल के समर्थन में जावरा के चारों ब्लॉक अध्यक्ष सहित 10 पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। श्रीमाल समर्थकों ने नए प्रत्याशी सोलंकी का पुतला भी फूंककर विरोध जताया।
जावरा सीट से भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही प्रत्याशी घोषित करने में काफी वक्त लगाया। यहां कांग्रेस ने हिम्मत सिंह श्रीमाल को प्रत्याशी घोषित कर भाजपा से बाजी मार ली थी लेकिन इसके साथ ही कांग्रेस हाईकमान के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। आलोट से जावरा आकर टिकट मांगने वाले वीरेंद्र सिंह सोलंकी के समर्थकों ने श्रीमाल का पुतला दहन कर विरोध जताया। इतना ही नहीं, टिकट की आस में जावार में डेरा डालने वाले रतलाम के डी. पी. धाकड़ और नामली के राजेश भरावा भी सोलंकी के साथ हो लिए। तीनों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के यहां पहुंच कर विरोध प्रदर्शन भी किया। इससे कांग्रेस टिकट बदलने पर मजबूर हो गई। कांग्रेस ने श्रीमाल के स्थान पर सोलंकी को टिकट दे दिया।
अचानक टिकट बदले जाने से हिम्मत सिंह श्रीमाल सहित समर्थक भड़क उठे। उन्होंने कांग्रेस के इस फैसले के विरोध में बैठक की। इसमें 10 पार्षद भी शामिल हुए। बैठक में पदाधिकारियों ने जमकर नाराजगी जताई। इतना ही नहीं विरोध स्वरूप 10 पदाधिकारियों ने तो मंच से ही इस्तीफा देने का ऐलान भी कर दिया। इस्तीफा देने वालों में जावरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुशील कोचट्टा, पिपलौदा अध्यक्ष दिलीप राव मंडलोई, जावरा ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमसुख पाटीदार, पुजारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष ईश्वरलाल धनगड़, कार्यवाहक अध्यक्ष संजय पाटीदार, विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकित ललवानी, सेवादल प्रदेश सचिव मकसूद परदेशी, युवा कांग्रेस जावरा महासचिव अलताफ खान सहित अन्य शामिल हैं।
वरिष्ठ नेता मना करते रहे, कार्यकर्ताओं ने जला दिए पुतले
श्रीमाल के स्थान पर सोलंकी को टिकट देने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोलंकी का पुतला भी फूंक दिया। हालांकि वरिष्ठ नेताओं ने कार्यकर्ताओं को ऐसा करने से रोका लेकिन वे नहीं माने। उनका कहना था कि स्थानीय के बजाय बाहरी व्यक्ति को टिकट देकर स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया गया है।
श्रीमाल ने सोलंकी पर बोला हमला
प्रत्याशी बदलने के विरोध में हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली। घटनाक्रम को लेकर पूर्व प्रत्याशी हिम्मत सिंह श्रीमाल ने वीरेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि अगर रतलाम कलेक्टर कार्यालय से जिलाबदर के प्रकरण क्रमांक 21/2021 के प्रति मंगवाई जाए तो सोलंकी की सारी स्थिति सबके सामने आ जाएगी। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्होंने 40 साल में 40 सेकंड भी कांग्रेस के खिलाफ काम नहीं किया। 1983 से लगातार 25 साल तक पंच, सरपंच, जनपद सदस्य और जनपद अध्यक्ष जैसे चुनाव लड़े। कभी कोई चुनाव नहीं हारे। पूरे विधानसभा क्षेत्र में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं है जो लगातार 25 साल तक चुनाव लड़ा हो और सभी चुनाव जीता हो।
नगर पालिका चुनाव में 8 बागी खड़े किए थे
श्रीमला ने कहा कि- वीरेंद्र सिंह ने जावरा की कांग्रेस में आज तक कभी पैर तक नहीं रखा। उन्होंने नगर पालिका चुनाव में 8 बागी खड़े किए थे। यहां तक कि नगर पालिका अध्यक्ष की कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ एक तस्कर की पत्नी को चुनाव लड़ाया था। इस कारण से उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्काषित किया गया था, अभी दो माह पहले ही वापसी हुई है। श्रीमाल ने आश्चर्य जताया है कि जावरा के किसी भी कांग्रेस पदाधिकारी ने उनका विरोध नहीं किया। फिर भी उनका टिकट क्यों बदला, यह समझ से परे है। इसमें उन्हें बड़ा षड्यंत्र नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पता किया जा रहा है। श्रीमाल ने 2 दिन बाद अपने पत्ते खोलने की बात कही है।
मां पर 95 लाख के गबन का लगा आरोप
श्रीमाल के अनुसार 2015 में सोलंकी की माता आलोट नगर पालिका की अध्यक्ष थी। तब 95 लाख के गबन के आरोप लगे थे। इस मामले में वह जमानत पर हैं। आलोट की जनता ने उन्हें नकार दिया। आलोट में कांग्रेस को सड़क पर लाने वाले जब आलोट में पुनः काबिज नहीं हो पाए तो भला जावरा में कैसे सफल हो पाएंगे। बाहरी व्यक्ति को जावरा में सफलता मिलना मुश्किल है।