कब जागोगे सरकार ? ये लोग किसी पर्व पर नदी में स्नान नहीं कर रहे, बल्कि सरकार को जगाने के लिए जल सत्याग्रह कर रहे हैं
मप्र के रतलाम जिले के हतनारा के ग्रामीणों ने सरकार को जगाने के लिए जल सत्याग्रह शुरू किया है। वे गांव से गुजरने वाली नदी पर पुलिस और महज ढाई किमी सड़क नहीं बनने से त्रस्त हैं।

हतनारा की 1500 की आबादी 2.5 किमी सड़क और कुछ मीटर लंबी पुलिया नहीं बनने से हैं त्रस्त
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । तस्वीर और वीडियो में दिख रहे लोग किसी पर्व पर स्नान नहीं कर रहे, बल्कि सरकार को जगाने के लिए सत्याग्रह कर रहे हैं। वजह यह कि एक तरफ सरकार जिले में 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों के कागजी दावे कर रही है, वहीं हतनारा के ग्रामीण महज ढाई किमी सड़क और चंद मीटर लंबी पुलिया को तरस रहे हैं। अब पानी सिर के ऊपर से गुजर रहा है और ग्रामीणों के सब्र का बांध भी टूट चुका है। इसलिए जल सत्याग्रह कराना उचित समझा।
मामला मप्र के रतलाम जिला मुख्यालय से तकरीबन 18 किमी दूर स्थित 1500 की आबादी वाले हतनारा गांव का है। ग्रामीणों की समस्या है कि उनके करीब 2 हजार बीघे के खेत पहुंचने के लिए ढंग की सड़क नहीं है। रास्ते में कुरेल नदी होने से उन्हें आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के मौसम में होती है। कीचड़ और नदी उनकी राह में बाधा पैदा करती है।
1 दशक से कर रहे मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब एक दशक से नदी पर पुलिया और महज ढाई किलोमीटर सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक से अनुनय-विनय करने के साथ ही ज्ञापन और अन्य पत्राचार भी कर चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। इसलिए सरकार और जिम्मेदारों को जगाने के लिए जल सत्याग्रह का सहारा लिया है।
साढ़े नौ घंटे खड़े रहे पानी में
जिम्मेदारों की अनदेखी और उदासीनता से हार चुके ग्रामीणों ने बुधवार सुबह 11 बजे कुरेल नदी में ही जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। पहले दिन उनका सत्याग्रह करीब साढ़े नौ घंटे (रात 8.30 बजे तक) चला। जैसे ही इसकी जानकारी अफसरों को लगी तो वे ग्रामीणों को माने के लिए मौके पर पहुंच गए। इनमें जिला पंचायत क अतिरिक्त सीईओ निर्देशक शर्मा, ग्रामीण एसडीओपी अभिषेक भलावा, बांगरोद चौकी प्रभारी आनंद बागवान सहित अन्य शामिल हैं। अतिरिक्त सीईओ ने काफी देर तक ग्रामीणों से मान-मनव्वल की लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वे इस बार कोरे आश्वासनों के चक्कर में नहीं आएंगे।
ये कर रहे जल सत्याग्रह
पहले दिन जल सत्याग्रह समरथ पाटीदार, कारूलाल गामी, अशोक चौधरी, दशरथसिंह जादव, संजय बादर, अनोखीलाल गामी, दातारसिंह जादव, श्यामसुंदर गामी, अर्जुन कचरोटिया, मुकेश बादर आदि ने किया। ग्रामीणों ने बताया कि वे इसी प्रकार गुरुवार को भी जल सत्याग्रह करेंगे।