सरकार के खिलाफ हल्ला बोल : कांग्रेस की किसान न्याय यात्रा 20 सितंबर को सैलाना में, ट्रैक्टर के साथ शामिल होंगे हजारों किसान- हर्षविजय गेहलोत
किसानों पर चौतरफा मार, महंगाई, महिलाओं और दलितों के शोषण व अत्याचार आदि के खिलाफ किसान 20 सिंतबर को रतलाम के सैलाना में किसान न्याय यात्रा के तहत ट्रैक्टर रैली निकालेगी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । आसमान छूती महंगाई, अत्याचार, भारी-भरकम बिजली बिल के खिलाफ और किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशव्याप किसान न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। यह 20 सितंबर को प्रत्येक जिले में निकाली जाएगी। रतलाम में किसान न्याय यात्रा सैलाना में दोपहर 12 बजे निकलेगी। इसमें हजारों की संख्या किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैक्टर लेकर शामिल होंगे।
यह जानकारी सैलाना के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने पत्रकार वार्ता में दी। गेहलोत ने बताया कि रैली सरवन रोड से शुरू होगी और विक्टोरिया तालाब तक निकलेगी। इस दौरान ज्ञापन भी दिया जाएगा। किसान न्याय यात्रा में 1 हजार ट्रैक्टर लाने का लक्ष्य है। इसके लिए ब्लॉक स्तर की सभी इकाइयों को लक्ष्य दिए गए हैं। यात्रा को सफल बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर तैयारियां चल रही है। गेहलोत ने बताया कि बेशक जिला अध्यक्ष नहीं है लेकिन कार्यवाहक जिला अध्यक्ष के रूप में दिनेश शर्मा नेतृत्व कर रहे हैं। किसान न्याय यात्रा भी जिले के सभी कांग्रेस पदाधिकारियों के संयुक्त नेतृत्व में ही आयोजित होगी।
भाजपा सरकार ने की वादाखिलाफी, किसानों को कर्जवान बना रही
रतलाम में निकलने वाली किसान न्याय यात्रा के संयोजक हर्षविजय ने कहा कि आज किसानों की स्थिति काफी खराब है। उस पर चौतरफा मार पड़ रही है। प्रकृति की मार झेलने के साथ ही उसे खाद-बीज के लिए संघर्ष करना पड़ता है और जब फसल आती है तो उसका भाव नहीं बढ़ता। नतीजतन 10 वर्ष से सोयाबीन 4000-4500 प्रति क्विंटल के भाव में बेचने को मजबूर है। ग्रामीण इलाकों में यूरिया की कालाबाजारी हो रही है। 80 प्रतिशत किसान केसीसी पर लिया लोन नहीं भर पाते हैं। सैकड़ों किसान हर वर्ष आत्महत्या कर लेते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव के दौरान किसानों की आय दो गुनी करेंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। भाजपा किसान सिर्फ किसानों को कर्जवान बना रही है। सरकार ने तो किसानों की ग्रोथ के आंकड़ों के पैमाने ही बदल दिए हैं।
घर तक सीमित नहीं महंगाई
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गेहलोत ने कहा कि महंगाई चरमोत्कर्ष पर है। यह सिर्फ घर तक सीमित नहीं रही, खेती-बाड़ी सहित हर तरफ है। अबोध बालिकाओं, महिलाओं और दलितों पर आए दिन अत्याचार हो रहे हैं। बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। यूनिट कम हैं लेकिन बिल हजारों में आ रहे हैं। प्रदेश में सड़कों की हालत बदतर है। ऐसी ही तमाम समस्याओं को लेकर राहुल गांधी सहित प्रदेश के पदाधिकारियों के नेतृत्व में कांग्रेस नने किसान न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है।
यह चाहती है कांग्रेस और किसान
- सोयाबीन का मूल्य 6000 रुपए प्रति क्विंटल तय हो।
- गेहूं का सरकारी खरीदी मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल से कम नहीं होना चाहिए।
- धान का भी न्यूनतम मूल्य 2100 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित होना चाहिए।
- स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों की पुनः समीक्षा हो और वे लागू हों।
- किसानों का कर्ज माफी किया जाना चाहिए।
- बिजली की दरों में कटौती होनी चाहिए।
- दलितों, अबोध बालिकाओं, महिलाओं और किसानों पर हो रहे अत्याचार बंद हों।
ये रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता को शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि किसान न्याया यात्रा के लिए सुसनेर विधायक भेरूसिंह बापू को प्रभारी बनाया गया है। पत्रकार वार्ता में दिनेश शर्मा, फैयाज मंसूरी जोएब आरिफ आदि मौजूद रहे।