रतलाम : BJP नेता आलोक शर्मा ने मुस्लिमों से ऐसा क्या कह दिया कि हर तरफ हो रही आलोचना, लोग बोले- तो क्या निर्वाचन आयोग और प्रशासन की मुहिम गलत है
भाजपा नेता आलोक शर्मा ने मुस्लिम समुदाय से वोट नहीं देने की बात कहकर राजनैतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चुनावी दौर में मतदाताओं को साधने के बजाय भाजपा के नेता उनसे वोट नहीं देने जैसी बातें कर रहे हैं। जावरा विधानसभा क्षेत्र में हुई एक सफा में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष आलोक शर्मा ने मुस्लिम समुदाय से वोट देने नहीं जाने की बात कह डाली। इसे लेकर उनकी काफी आलोचना हो रही है।
भाजपा नेता आलोक शर्मा शुक्रवार को जावरा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने आए थे। इस दौरान उन्होंने सम्मेलन को संबोधित किया जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि- ‘मुस्लिम भाइयों से कहना चाहता हूं कि तुम वोट तो दोगे नहीं मियां, वोट मत देना... पर दिल से स्वीकार तो करो कि जिस मकान में तुम रह रहे हो ये मकान प्रधानमंत्री की योजना में मिला है।’
उन्होंने दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, मोतीलाल वोरा सहित कई मुख्यमंत्रियों के नाम गिनाते हुए कहा कि- ‘किसी भी मुख्यमंत्री ने हज हाउस बनने दिया क्या? नहीं ना, क्योंकि अल्लाह को भी मालूम था कि ये नियत हैं ही नहीं। शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में हज हाउस बनाया और तुम्हारी सेवा करने का काम किया।‘ भाजपा नेता शर्मा ने यहां तक कह कि- ‘हम जो कहते हैं खुलकर कहते हैं। वोट नहीं देना, मत दो पर एक काम तो करो मेरे भाई हमने इतना किया है तो तुम इतना तो करना, वोट मत देना, पर वोट डालने भी मत जाना। भैय्या इतना ही कर दो यार।’
बंद करवा दिए मीडिया के कैमरे
सभा को कवर कर रहे मीडिया पर भाजपा उपाध्यक्ष आलोक शर्मा की नजर पड़ी तो उन्होंने तत्काल कैमरा बंद करवा दिया। भले ही शर्मा ने कैमरा बंद करवा दिया हो लेकिन उनका भाषण तो फिर भी रिकॉर्ड हो ही गया, वीडियो कैमरे में भले ही कैद न हुआ हो किंतु लोगों के मोबाइल फोन बंद कराना वे भूल गए। बताया जा रहा है, उनके संबोधन को कई लोगों ने मोबाइल में रिकॉर्ड किया।
बड़ा सवाल ? ...तो क्या प्रशासन और निर्वाचन आयोग की मुहिम गलत है
भाजपा नेता शर्मा ने जो कुछ भी कहा उसे लेकर लोग प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं। चूंकि जावरा मुस्लिम बहुल आबादी वाला विधानसभा क्षेत्र है ऐसे में वोट नहीं देने जैसी बात कहना कहीं भाजपा के लिए नुकसानदेह साबित न हो जाए। इसके साथ लोग यह भी कह रहे हैं कि प्रशासन और निर्वाचन आयोग द्वारा शत-प्रतिशत मतदान के लिए लोगों को प्रेरित करने का अभियान चलाया जा रहा है, ऐसे में खुद को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी मानने वाली भाजपा के नेता द्वारा मत देने नहीं जाने का कहना, क्या उचित है?