जनवादी लेखक संघ की पहल, प्रतिवर्ष दिया जाए 'दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान', कालजयी कथाकारों पर केंद्रित आयोजन भी होगा

जनवादी लेख संघ द्वारा मरहूम शायर दानिश अलीगढ़ी के नाम पर सम्मान स्थापित किया गया है। इसकी रूपरेखा तय करने के लिए संघ की बैठक संपन्न हुई जिसमें कई अन्य निर्णय लिए गए।

Jun 8, 2023 - 09:37
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जनवादी लेखक संघ की पहल, प्रतिवर्ष दिया जाए 'दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान', कालजयी कथाकारों पर केंद्रित आयोजन भी होगा
जनवादी लेखक संघ हर साल देगा दानिश अलीगढ़ी सम्मान।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम ।अपनी रचनाओं के माध्यम से देशभर में रतलाम का नाम रोशन करने वाले मरहूम शायर दानिश अलीगढ़ी की स्मृति में जनवादी लेखक संघ द्वारा 'दानिश अलीगढ़ी स्मृति सम्मान' की स्थापना की गई है। यह सम्मान प्रति वर्ष उल्लेखनीय साहित्यिक अवदान वाले रचनाकारों को प्रदान किया जाएगा।

यह निर्णय जनवादी लेखक संघ रतलाम की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता जलेसं अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने की‌। जलेसं के सचिव सिद्दीक़ रतलामी ने बताया कि उस्ताद शायर दानिश अलीगढ़ी ने अपनी ग़ज़लों के माध्यम से पूरे देशभर में बहुत ऊंचा स्थान प्राप्त किया था। रतलाम में उनकी स्मृतियां बनी रहें, इस उद्देश्य से जनवादी लेखक संघ द्वारा प्रति वर्ष उनकी याद में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान प्रति वर्ष जनवादी लेखक संघ उर्दू विंग प्रदेश कार्यसमिति सह प्रभारी सिद्दीक़ रतलामी द्वारा संयोजित होगा। चयन समिति में दो वरिष्ठ साहित्यकार एवं जनवादी लेखक संघ रतलाम के पदेन अध्यक्ष एवं सचिव शामिल होंगे। वर्ष 2022 एवं 2023 के लिए सम्मानित व्यक्तित्व के नाम निर्धारण हेतु गठित समिति में वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. रतन चौहान एवं यूसुफ़ जावेदी के साथ वर्तमान अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर एवं सचिव सिद्दीक़ रतलामी शामिल होंगे। सम्मान समारोह में दानिश अलीगढ़ी की रचनाओं एवं उनके कार्यों का स्मरण भी किया जाएगा।

कहानी की प्रासंगिकता पर होगा विमर्श

जनवादी लेखक संघ की बैठक में आगामी कार्यक्रमों का निर्धारण भी किया गया। जलेसं द्वारा कालजयी कथाकारों की कहानियों पर केंद्रित कार्यक्रम आगामी माह में आयोजित किया जाएगा। इसमें उन कथाकारों को याद करते हुए वर्तमान संदर्भों में उनकी कहानी की प्रासंगिकता पर विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही जलेसं द्वारा हिंदवी के प्रणेता अमीर खुसरो एवं अंचल के युवा एवं महिला रचनाकारों पर केंद्रित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में जलेस द्वारा की जाने वाली गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत कर उस पर चर्चा की गई। इस दौरान केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं वरिष्ठ कवि प्रो. रतन चौहान, यूसुफ जावेदी, कीर्ति शर्मा, मांगीलाल नगावत, आशीष दशोत्तर सहित सामान्य सदस्य भी मौजूद थे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।