संयम की शक्ति : 45 डिग्री तापमान में 40 दिन में 650 किमी दूरी तय कर आचार्य बंधु बेलड़ी पहुंचे रतलाम, बोले- स्वच्छता में इंदौर तो संयम में रतलाम सिरमौर
रतलाम धर्म नगरी बन कर उभरा है। यहां धार्मिक आयोजनों और अनुष्ठानों का क्रम लगातार जारी है। जैन समाज में दीक्षाओं का दौर भी चल रहा है। इसी क्रम में तीन दीक्षाओं के लिए चार साल बाद बंधु बेलड़ी आचार्य का रतलाम में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। इस मौके पर दीक्षार्थियों का वर्षीदान वरघोड़ा भी निकला।
चाणोदिया परिवार की जुड़वां बहनों मुमुक्षु पलक और तनिष्का तथा कोठारी परिवार के बाल मुमुक्षु ईशान ने वर्षीदान वरघोड़े में लुटाई अपनी सुख-सुविधाएं
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । बंधु बेलड़ी आचार्य श्री जिनचंद्रसागरसूरिजी म.सा. आदि ठाणा का चार साल के अंतराल पर रतलाम में भव्य मंगल प्रवेश रविवार को उत्साह हुआ। सागर समुदाय में वर्षों बाद होने जा रही एक साथ तीन दीक्षाओं के लिए आचार्य श्री लगभग 40 दिन में 650 कि.मी. का 45 डिग्री की प्रचंड गर्मी में विहार कर रतलाम पहुंचे हैं। रतलाम आगमन पर सैकड़ों भक्तों ने मार्ग में गहुली कर आचार्य श्री की दर्शन वंदन की। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूमते हुए घर-घर संयम पताका फहराने का उद्घोष भी किया। वर्षीदान वरघोड़े में रथनुमा बग्घी में सवार चाणोदिया परिवार की दीक्षार्थी जुड़ावां बहनों और कोठारी परिवार के बाल मुमुक्षु ने सांसारिक वस्तुएं लुटाईं।
आचार्य श्री बंधु बेलड़ी आदि श्रमण-श्रमणी वृन्द के रतलाम मंगल प्रवेश टाटा नगर निवासी लाभार्थी प्रेमलता-समरथमल चाणोदिया परिवार की दीक्षार्थी जुड़वाँ बहनों के आवास से वर्षीदान वरघोड़े के साथ प्रारम्भ हुआ। इस मौके पर पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, रतलाम शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सहित गणमान्यजन ने आचार्य श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।
वरघोड़े में सबसे आगे अश्वारोही बालक जिनशासन की पताका थामे थे। पीछे मंगल और धर्म ध्वजा धारण कर महिला मंडल की सदस्य जय-जयकार करती चल रही थी। इंदौर के प्रसिद्ध राजकमल और नीमच के सांवरिया बैंड भक्ति रस बरसाती सुमधुर स्वर लहरियां बिखेर रहा था।
जगह-जगह मंगल अभिनंदन, नासिक व बड़नगर के ढोल की कीं गूंज के साथ लुटी सुख संपदा
वरघोड़ा का एक आकर्षण नासिक और बड़नगर के ढोल भी रहे जिनी थाप के बीच दीक्षार्थी मुमुक्षु ईशान कोठारी और जुड़वाँ बहनों पलक व तनिष्का चाणोदिया ने वर्षीदान किया। मार्ग में समाजजन ने घरों के बाहर आचार्य श्री के समक्ष गहुली कर मंगल गीत गाए। विभिन संस्थाओं और प्रतिष्ठानों की ओर से स्वागत मंच सजाए गए थे। जगह-जगह शीतल पेय के साथ आगवानी की गई।
टाटा नगर से बाजना बस स्टैंड, चांदनी चौक, चौमुखीपुल होते हुए वरघोड़ा हनुमान रुंडी स्थित करमचंद उपाश्रय पहुंचा। इस मौके पर दीक्षा महोत्सव समिति, व्यवस्था सहयोगी जैनानन्द युवक मंडल, चंद्रवीर परिवार, नवकार परिवार, नागेश्वर पूनम मंडल, पार्श्वनाथ सेवा समिति और जीव मैत्री परिवार रतलाम के पदाधिकारी व सदस्यों के साथ समाजजन उपस्थित रहे। दोपहर में पंचकल्याणक पूजन हुआ जिसके लाभार्थी आजाद-अभयकुमार सालेचा परिवार (गौतमपुरा) रहा।
स्वच्छता में इंदौर और संयम के मामले में रतलाम सिरमौर बन रहा- आचार्यश्री
हनुमान रुंडी में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री ने कहा कि इंदौर भले ही स्वच्छता के मामले में देश में शीर्ष पर है लेकिन संयम के मामले में रतलाम सिरमौर बनने जा रहा है। मालवा में इन दिनों संयम की लहर चल रही है। रतलाम में इन दिनों में सर्वाधिक दीक्षा के कीर्तिमान कायम होने जा रहा है। धर्मस्व नगरी में एक के बाद एक लगातार हो रही भव्य दीक्षाओं की देशभर में चर्चा है।
थावरिया बाजार में व्याख्यान 23 मई को, दीक्षा 26 मई को होगी
भव्य मंगल प्रवेश के साथ पांच दिवसीय दीक्षा पर्व की शुरुआत हो गई। धर्मसभा में गणिवर्य श्री पदमचन्द्र सागर जी व गणिवर्य श्री आनंदचन्द्र सागर जी म.सा. ने बताया 23 मई (सोमवार) को आचार्य श्री विशाल श्रमण श्रमणी वृन्द के साथ करमचंद उपाश्रय से प्रातः 6.30 बजे थावरिया बाजार स्थित बाबा साहेब मन्दिर पहुंचेंगे। यहां लाभार्थी अनिल चाणोदिया के निवास पर व्याख्यान होंगे। मुमुक्षु ईशान कोठारी, जुड़वाँ बहनों पलक व तनिष्का चाणोदिया की दीक्षा 26 मई को होगी।
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