TLM मेला बाजना में बना मजाक, चहेतों को बांटी रेवड़ियां, पीने का पानी व भोजन में सब्जी तक कम पड़ गई, रतलाम व पिपलौदा ब्लॉक में संतुष्ट नजर आए शिक्षक

राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा टीएलएम मेलों का आयोजन किया जा रहा है। उद्देश्य विद्यार्थियों को जटिल अवधारणाएं आसानी से समझाना है। जिले के आदिवासी बहुल विकासखंड में आयोजित मेले के दौरान टीएलएम के चयन को लेकर शिक्षकों में असंतोष दिखा। कई शिक्षकों ने दबी जुबान से निर्णायकों द्वारा दिए निर्णय में भेदभाव होने की बात स्वीकार की। वहीं दूसरी ओर रतलाम और पिपलौदा विकासखंड के शिक्षकों ने निर्णय को लेकर खुश नजर आए।

TLM मेला बाजना में बना मजाक, चहेतों को बांटी रेवड़ियां, पीने का पानी व भोजन में सब्जी तक कम पड़ गई, रतलाम व पिपलौदा ब्लॉक में संतुष्ट नजर आए शिक्षक
टीएलएम-टीचिंग लर्निंग मटेरियलम

जिला स्तरीय टीएलएम मेला 14 मार्च को होगा आयोजित, विकासखंड स्तर पर चयनित टीएलएम का होगा प्रदर्शन

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । विद्यार्थियों को जटिल अवधारणाएं आसान तरीके से समझाने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा टीचिंग लर्निंग मटेरियल (TLM) तैयार करने की प्रतियोगिता आयोजित की गई है। इसे लेकर शिक्षकों में काफी उत्साह और उनके द्वारा कई-कई दिन मेहनत कर सामग्री तैयारी की गई है लेकिन निर्णयक उनकी मेहनत पर पानी फेरने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शुक्रवार को जिलेभर में आयोजित हुए टीएलएम मेले में कहीं शिक्षक निर्णय से संतुष्ट नजर आए तो कहीं निर्णायकों के रेवड़ी बांटने वाले रवैये के कारण क्षुब्द दिखे। बाजना ब्लॉक में निर्णयों को लेकर शिक्षकों में असंतोष देखने को मिला। यहां शिक्षकों को दिए गए भोजन में सब्जी तक पर्याप्त नहीं थी। अब 14 मार्च को जिला स्तरीय टीएलएम मेला आयोजित होगा।

विद्यार्थियों को जटिल से जटिल अवधाराएं समझने में भी कोई परेशानी न आए, इसलिए ही शिक्षकों से ही टीचिंग लर्निंग मटेरियल तैयार करवाया जा रहा है। इसमें से बेस्ट का उपयोग क्लास रूम में अध्यापन करवाने के दौरान किया जाएगा। उपयोगी और बेहतर टीएलएम के चयन के लिए स्कूल, जनशिक्षा केंद्र, विकासखंड और जिला स्तर पर टीएलएम मेलों का आयोजन भी किया जा रहा है। स्कूल स्तर पर चयनित टीएलम पिछले दिनों जनशिक्षा केंद्र स्तर पर और वहां चुने गए मटेरियल का शुक्रवार को विकासखंड स्तर पर आयोजित मेलों में प्रदर्शन किया गया है। निर्णायकों ने एक-एक टीएलएम का ना सिर्फ अवलोकन किया बल्कि उन्हें तैयार करने वाले शिक्षकों से उसकी कार्यपद्धति के बारे में जाना। इनमें से श्रेष्ठ टीएलएम का चयन कर शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया।

बाजना : निर्णय को लेकर असंतोष, न खाना पर्याप्त था न ही पीने का पानी

बजाना विकासखंड में आयोजित टीएलएम मेले में बाजना विकासखंड के सभी जनशिक्षा केंद्र में चयनित प्रथम, द्वितीय और तृतीय चुने गए टीएलएम का प्रदर्शन किया गया। जानकारी के अनुसार यहां निर्णायकों के निर्णय को लेकर शिक्षकों में काफी असंतोष नजर आया। नाम ना छापने की शर्त पर शिक्षकों ने बताया कि स्पर्धा के दौरान निर्णायक का रवैया पूर्वाग्रह वाला ही प्रतीत हुआ जो दिए गए निर्णय पर भी साफ दिखा। यहां कई बेहतर होने के बाद भी कई टीएलएम को तवज्जो नहीं मिली तो कुछ को कमतर आंका गया। यानी जो तकनीकी और उपयोगिता की दृष्टि से श्रेष्ठ टीएलएम को वरीयता प्रदान करते हुए नीचे रखा गया जबकि कम उपयोगी टीएलएम को उच्च श्रेणी प्रदान की गई। जानकारी के अनुसार बाजना ब्लॉक में शिक्षकों आयोजकों की ओर से ही भोजन के पैकेट तैयार करवा कर दिए गए थे जिसमें पर्याप्त खाद्य सामग्री तक नहीं थी। जानकारों के अनुसार ब्लॉक को टीएलएम मेले के लिए आवंटित बजट के लिहाज ना तो भोजन की गुणवत्ता थी और ना शिक्षकों की संख्या के मान से वहां पीने के पानी की ही व्यवस्था थी। स्पर्धा के दौरान ही पानी खत्म हो जाने से ज्यादातर शिक्षक पानी के लिए परेशान होते दिखे। यहां कुल कितने टीएलएम प्रदर्शित हुए और कितनों का चयन हुआ, इसका तक खुलासा जिम्मेदारों द्वारा नहीं किया गया।

रतलाम ब्लॉक : 15 जनशिक्षा केंद्र के 135 टीएलएम प्रदर्शित, अतिथियों ने किया पुरस्कृत

जिला मुख्यालय पर जनपद शिक्षा केंद्र में रतलाम विकासखण्ड स्तरीय TLM मेला लगा। शुभारम्भ सहायक संचालक लक्ष्मण देवड़ा ने माँ सरस्वती को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। मेले में 15 जनशिक्षा केन्द्र के कुल 135 टीएलएम (प्रत्येक से 3 हिन्दी, 3 गणित व 3 विज्ञान प्रदर्शित हुए। बीएससी एवं टीएलएम प्रभारी योगेश सरवाड़ ने बताया प्रतियोगिता में विषयवार निर्णायक शिक्षाविद् सेवानिवृत्त बीईओ डॉ. मुरलीधर चाँदनीदवाला, प्राचार्य आर. एन. केरावत, उच्चतर माध्यमिक शिक्षक राजीव पण्डित, स्वतंत्र श्रोत्रिय, प्राचार्य पार्वती परमार, माध्यमिक शिक्षक किरण अहिरवार, युगलकिशोर पाल ने अवलोकन कर प्रतिभागियों के टीएलएम को प्रथम, द्वितीय व तृतीय के लिए चयनित किया।

पुरस्कार वितरण नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया के मुख्य आतिथ्य, डीपीसी एम. एल. सांसरी की अध्यक्षता व बीआरसीसी मुकेश राठौर के विशेष अथितिथ्य में विषयवार प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार वितरित किए। बीएससी अशफाक अहमद कुरैशी, अजय बक्क्षी एवं पूर्व बीएससी के. सी. व्यास, जगदीश शर्मा एवं जनशिक्षकों ने सहभागिता की।

पिपलौदा : 6 जनशिक्षा केंद्र के 54 शिक्षकों ने की सहभागिता, श्रेष्ठ टीएलएम हुए पुरस्कृत

पिपौलादा विकासखंड में टीएलएम मेला आंबेडकर मांगलिक भवन में आयोजित किया गया। इसमें 6 जनशिक्षा केन्द्र के 54 शिक्षकों ने स‍हभागिता की और अपने द्वारा बनाए गए टीएलएम का प्रदर्शन किया। भाषा, गणित, विज्ञान व पर्यावरण विषय की कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने के लिए शिक्षकों ने चार्ट, चलित मॉडल और बहुउपयोगी सामग्री का प्रदर्शन किया। अतिथि भाजपा के मंडल अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह गूडरखेड़ा, नगर अध्यक्ष मुकेश मोगरा तथा  विकासखंड शिक्षा अधिकारी शक्तिसिंह डोडियार थे। सरस्वती वंदना शिक्षिका सुनीता शर्मा ने प्रस्तुत की। स्वागत भाषण बीएसी रामदयाल आंजना ने दिया व मेले की अवधारणा स्प़ष्ट की। बीआरसी विनोद शर्मा ने बताया पारंपरिक शिक्षा से हटकर अब तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षकों द्वारा बनाई सहायक शिक्षण सामग्री का प्रदर्शन मेले में किया गया। यहां चयनित प्रतिभागी 14 मार्च को जिलास्तर पर सहभागिता करेंगे।  अतिथियों ने शिक्षकों को बधाई दी।

पिपलौदा में इन्हें मिली सफलता : गणित में प्रोन्नत प्रा.वि. नांदलेटा के यज्ञराज हरगौड़ प्रथम, माध्यमिक विद्यालय बछोडि़या की श्रद्धा पंवार द्वितीय, चिकलाना के अब्दgल हमीद खान तृतीय रहे। भाषा में प्रौन्नत प्रा.वि. रांकोदा के दिनेश गुजराती प्रथम, प्राथमिक विद्यालय सोहनगढ़ की अनीता चौहान द्वितीय, गणेशगंज की गौरी परमार तृतीय रहीं। विज्ञान में प्रौन्नत प्रा.वि. उपरवाड़ा की सुधा शर्मा प्रथम, प्रा.वि. लालपुरा के सरदार मो. शेख द्वितीय तथा मा.वि. मामटखेड़ा के ओमनारायण शर्मा  तृतीय रहे। चयन समिति में भाषा के संजय भट्ट व मनोहरसिंह मुजाल्दे, गणित के रीतेश सुराणा व शांतिलाल देवड़ा और विज्ञान के जयेन्द्र सिंह राठौर  व हर्षा नामदेव शामिल रहे।  जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आनन्द शर्मा, डॉ. नरेन्द्र गुप्‍ता, जिला शिक्षा केन्द्र  के अकादमिक समन्‍वयक चेतराम टांक की उपस्थिति में पुरस्कार प्रदान किए गए। संचालन अम्बाराम बोस ने किया।