21वीं सदी की तीन पीढ़ियों के कहानी संग्रह ‘कथा प्रस्थान’ में ‘आशीष दशोत्तर’ की ‘एक चेहरे वाला आदमी’ को मिला स्थान

रतलाम के युवा रचनाकार एवं कथाकार आशीष दशोत्तर को सूर्यनाथ सिंह द्वारा संपादित कथा प्रस्थान में स्थान मिला है। उनकी कहानी 21वीं सदी के रंग और रसायन वाले इस संग्रह में दशोत्तर की एक चेहरे वाला आदमी कहानी शामिल की गई है।

Oct 16, 2022 - 10:29
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21वीं सदी की तीन पीढ़ियों के कहानी संग्रह ‘कथा प्रस्थान’ में ‘आशीष दशोत्तर’ की ‘एक चेहरे वाला आदमी’ को मिला स्थान
कथा प्रस्थान कहानी संग्रह जिसमें युवा रचनाकार व कथाकार आशीष दशोत्तर की कहानी को शामिल किया गया है।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । आधुनिक हिंदी कहानी के सफर को क़रीब सवा सौ साल होने आए हैं। इस बीच कहानी ने कई मोड़ लिए। कई आंदोलनों से गुज़री। इसमें कई बदलाव आए। इसकी बदलती प्रवृत्तियों को केंद्र में रखकर मूल्यांकन भी हुए। 21वीं सदी में सक्रिय तीन पीढ़ियों के कथाकारों की कहानियों को लेकर ‘कथा प्रस्थान’  का प्रकाशन किया गया है। इसमें शहर के युवा रचनाकार एवं कथाकार आशीष दशोत्तर भी शामिल हैं।

21वीं सदी की कहानियों को केंद्र में रखकर रचे गए इस ग्रंथ में तीन पीढ़ियों के कथाकारों को शामिल किया गया है। आशीष की कहानी ‘एक चेहरे वाला आदमी’  इसमें सम्मिलित की गई है। ‘कथा प्रस्थान’ के संपादक सुप्रसिद्ध कहानीकार सूर्यनाथ सिंह हैं। पुस्तक के ब्लर्व में इस संग्रह की आवश्यकता पर रोशनी डालते हुए कहा गया है कि 21वीं सदी के कथाकार का दायरा व्यापक है। उसने जीवन के बहुत बारीक और अनछुए पक्षों को देखना शुरू किया है। कहानी की पारंपरिक शैली से बाहर निकलकर तमाम विधाओं से गलबहियां करते हुए उसने अपना एक नवीन कथा स्वरूप निर्धारित किया है। कथा की छूट गई शैलियों को आत्मसात किया है। इसी को केंद्र में रखकर इन तीन पीढ़ियों ने मिलकर 21वीं सदी की कहानी का जो रंग और रसायन तैयार किया है वह एक नया क्षितिज रचता है। यहीं से एक नई संभावनाओं का द्वार भी खुलता है।

मानवीय मूल्यों और मनुष्य की संवेदना झकझोरने वाली कहानी

दशोत्तर की कहानी मानवीय मूल्यों और मनुष्य की संवेदना को झकझोरने वाली है। इसको समकालीन कहानियों में नवीन दृष्टिकोण से लिखी गई कहानी कह सकते हैं। कथा प्रस्थान में देश के चालीस महत्वपूर्ण कथाकारों को शामिल किया गया है। पांच सौ पृष्ठों में रचे ग्रंथ में तीन पीढ़ियों के कथाकार अपनी कहानियों के माध्यम से जीवन के दृष्टिकोण को प्रस्तुत कर रहे हैं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।