ईद के दिन चाकू से किया था जानलेवा हमला, न्यायालय ने सुनाई 5 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

रतलाम करीब 9 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को 5 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

Aug 4, 2023 - 16:41
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ईद के दिन चाकू से किया था जानलेवा हमला, न्यायालय ने सुनाई 5 वर्ष सश्रम कारावास की सजा
जानलेवा हमले का अभियुक्ति नासिर उर्फ नगरा।

एसीएन टाइम्स @  रतलाम । ईद के त्यौहार के दौरान एक युवक के सीने पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को 5 साल सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है। तीन हजार रुपए का अर्थदंड भी किया गया है।

अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने बताया फैसला द्वितीय सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार खरादी ने सुनाया। त्रिपाठी ने बताया घटना 29 जुलाई, 2014 की शाम 7:00 बजे की है। उस दिन ईद का त्यौहार था। फरियादी अज्जू उर्फ अजरुदीन अपनी मामी के घर मिलने जा रहा था। तभी सुभाष नगर में नासिर उर्फ नगरा पिता साबिर खान अपने घर के बाहर आया और अज्जू को रोक लिया। नासिर ने उससे बोला कि तुम्हारे भाई ने मेरे विरुद्ध रिपोर्ट लिखाई है, इसमें राजीनामा करो। अज्जू ने कहा कि मैं भाई से पूछकर बताऊंगा। इस पर आरोपी नासिर विवाद करने लगा और धक्का देकर फरियादी के सीने पर चाकू घोंप दिया। अच्चू की चीख सुनकर उसका भाई शहजाद और परिजन वहां आ गए।

एडवोकेट त्रिपाठी के अनुसार पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र ने फरियादी कि रिपोर्ट पर नासिर के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को मामले में न्यायालय ने भादंवि की धारा 341 में 1 माह, धारा 506 में 2 वर्ष तथा धारा 307 में 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 3 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक त्रिपाठी ने की।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।