LPG के अवैध गोदाम पर पुलिस का छापा, मौके से सिलेंडरों से भरा अल्पा गैस एजेंसी का वाहन भी मिला, 1 हॉकर सहित 4 गिरफ्तार, एक पत्रकार के साथ ऐसा भी हुआ...
रतलाम में पुलिस ने अवैध गैस गोदाम पर छापा मार कर भारी मात्रा में गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। मौके से शहर की एक गैस एजेंसी का सिलेंडर से भरावा वाहन भी मिला।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । एक तरफ ग्राहक बुकिंग कराने के बाद गैस सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं और दूसरी तरफ इसकी कालाबाजारी की जा रही है। पुलिस ने ऐसे ही एक मालमे का भंडाफोड़ किया। शहर के मुखर्जी मंडल में अवैध रूप से संचालित गैस गोदाम पर छापा मार कर भारी मात्रा में गैस सिलेंडर सहित अन्य सामान जब्त किए। मौके पर अल्पा गैस एजेंसी का सिलेंडरों से भरा वाहन भी मिला। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुखर्जी नगर क्षेत्र में गैस की टंकियों का अवैध गोदाम होने की जानकारी मुखबिर से मिली थी। औद्योगिक क्षेत्र टीआई ने टीम बनाकर मुखर्जी नगर क्षेत्र में दबिश दी। यहां मकान नंबर 13 के बाहर किनारे एक लोडिंग ऑटो क्र. MP43 L1872 में से इंडेन कंम्पनी के 14.2 किलो क्षमता वाले भरे हुए 19 गैस सिलेंडर मिले। मकान में तलाशी लेने पर वहां 14.2 किलो क्षमता वाले इंडेन कम्पनी के 14 घरेलू गैस सिलेंडर व 06 व्यावसयिक गैस सिलेंडर 19 किलो क्षमता वाले मिले।
अल्पा गैस का हॉकर साथियों के साथ कर रहा था कालाबाजारी
पुलिस पूछताछ में राजेशकुमार ने खुद को अल्पा गैस कंपनी रतलाम का हॉकर बताया। वह अपने तीनों साथियों की मदद से गैस निकाल कर दूसरे सिलेंडरों में भरने का काम कर रहा था। हॉकर मौके पर मिले सिलेंडरों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इससे पुलिस ने राजेशकुमार पिता मोहनसिंह (47), रोशनसिंह पिता राजेशकुमार (22) दोनों निवासी 19 मुखर्जीनगर रतलाम, सवाईसिंह पिता अजयसिंह (45) निवासी आशाराम बापूनगर रतलाम, बापूसिंह पिता माँगूसिंह (26) निवासी ग्राम उगरान, पिपलियामंडी जिला मंदसौर को हिरासत में ले लिया।
गोदाम से यह भी मिला पुलिस को
गैस सिलेंडर के अलावा तलाशी में मकान और आरोपियों के पास से एक बड़ा स्परिंग बैलेंस, एक छोटा डिजिटल बैलेंस, एक चाकू, एक गैस अंतरण पाईप (बंशी), 7 गैस डायरियां और बड़ी संख्या में गैस टंकियों के ढक्कन मिले। उप खाद्य अधिकारी एएसओ ने पंचनामा बनाकर संबंधित आरोपियों के कथन दर्ज किए। पुलिस ने राजेशकुमार व उसके तीनों साथियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 का प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दी है। मामले में अल्पा गैस एजेंसी के संचालक की मिलीभगत के एंगल से भी जांच की जा रही है।
1 अप्रैल को कराई बुकिंग, शिकायत करने के बाद मिला सिलेंडर
गैस उपभोक्ता पेशे से पत्रकार नीरज कुमार शुक्ला के अनुसार विगत काफी दिनों से शहर में गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी महसूस की जा रही है। शुक्ला द्वारा गत 1 अप्रैल 2023 को गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराई थी। उसी समय ऑनलाइन भुगतान भी कर दिया गया था। प्रायः एक से दो दिन में मिल जाने वाले सिलेंडर जब 6 दिन बाद भी नहीं मिला तो उन्होंने टोल फ्री नंबर पर इंडियन ऑइल कंपनी को शिकायत दर्ज कराना चाही। वहां से बताया गया कि 7 दिन बाद ही शिकायत दर्ज हो सकती है।
उपभोक्ता ने स्थानीय वितरक ललित गैस कंपनी को कॉल किया लेकिन वहां से स्टाफ की कमी का हवाला देकर अगले एक-दो दिन में सिलेंडर मिल जाने की बात कही। जब सिलेंडर नहीं मिला तोत शुक्ला ने पुनः टोल फ्री नंबर पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद 10 अप्रैल को एक हॉकर सिलेंडर लेकर पहुंचा। हॉकर ने कहा कि आपका घर बहुत दूर है, यहां तक आने में दिक्कत है। अतः आप अल्पा गैस कंपनी में ट्रांसफर करवा लीजिए। इससे पूर्व में भी बुकिंग के काफी दिनों बाद एजेंसी में शिकायत करने पर गैस सिलेंडर प्राप्त हुआ था। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और मौके से अल्पा गैस कंपनी का सिलेंडर से भरा वाहन मिलने के बाद से उपभोक्ता ने आशंका जताई है कि गैस सिलेंडरों की शॉर्टेज और कालाबाजारी में और भी हॉकर या लोगों तथा गैस एजेंसियों की मिलीभगत हो सकती है।
आप भी बरते यह सावधानी
अगर आप भी गैस सिलेंडर की बुकिंग करवा रहे हैं और कई दिनों बाद भी डिलीवरी नहीं हुई है तो आप टोल फ्री नंबरों पर शिकायत अवश्य दर्ज कराएं। हालांकि कंपनी बुकिंग के 7 दिन बाद ही शिकायद दर्ज करवाती हैं। इस बीच आप संबंधित गैस एजेंसी पर संपर्क कर भी अपनी बुकिंग का स्टेटस पता कर सकते हैं। इससे यदि कोई हॉकर या एजेंसी स्तर पर कोई गड़बड़ी है तो वह उजागर हो सकती है। आप इस बारे में प्रशासन को भी शिकायत कर सकते हैं।