यह दरिंदा ही है ! 36 वर्षीय आबिद ने 60 साल की विधवा मां का किया बलात्कार, उन्हें पत्नी की तरह साथ रहने के लिए धमकाया भी

बुलंदशहर की कोर्ट ने 36 वर्षीय युवक को अपनी 60 वर्षीय विधवा मां से बलात्कार और उन्हें पत्नी की तरह साथ रहने के लिए धमकाने के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है।

Sep 28, 2024 - 00:14
Sep 28, 2024 - 00:14
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यह दरिंदा ही है ! 36 वर्षीय आबिद ने 60 साल की विधवा मां का किया बलात्कार, उन्हें पत्नी की तरह साथ रहने के लिए धमकाया भी
60 वर्षीय विधवा मां से बलात्कार करने वाले बेटे आबिद को न्यायालय ने सुनाई उम्र कैद की सजा।

एसीएन टाइम्स @ कानपुर । उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की न्यायालय ने 36 वर्षीय बलात्कारी युवक को उम्र कैद की सजा सुनाई है। युवक ने अपनी 60 वर्षीय विधवा मां से न सिर्फ बलात्कार किया बल्कि उस पर पत्नी की तरह साथ रहने के लिए धमकाया भी। रिश्तों को शर्मशार करने वाले ऐसे राक्षसी प्रवृत्ति के बेटे के विरुद्ध न्यायालय ने सिर्फ 19 माह में ही सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया। आरोपी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी किया गया गहै।

मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाले सनसनीखेज मामले में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश वरुण मोहित निगम ने अहम् फैसला सुनाया। सरकारी वकील विजय शर्मा के अनुसार मां से ज्यादती के मामले में न्यायालय ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत महज 20 महीने में सजा सुनाई है। शर्मा के अनुसार उन्होंने अपने अब तक के अनुभव में कभी ऐसा न तो देखा और न ही सुना कि ज्यादती जैसे गंभीर अपराध में एक मां रोते हुए यह दोहरा रही हो कि उसका बेटा राक्षस है जिसने उसके साथ बलात्कार किया। बुजुर्ग पीड़िता ने 20 बार अपने बेटे को दरिंदा कहा।

पिछले साल जनवरी में हुई थी घटना

घटना बुलंदशहर के एक गांव का है। यहां के यूसुफ और जावेद नामक युवकों ने 21 जनवरी 2023 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका बड़ा भाई आबिद 16 जनवरी 2023 को विधवा मां के साथ खेत से मवेशियों के लिए चारा लाने गया था। वहां आरोपी आबिद ने मां का बलात्कार किया। बताया जा रहा है कि पीड़ित बुजुर्ग का कहना था कि उनके पति की मृत्यु के बाद से उसका बेटा उन्हें अपनी पत्नी की तरह रहने के लिए दबाव बनाता था। आबिद चाहता था कि वह भी उसकी पत्नी के साथ रहे। मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 और 506 में प्रकरण दर्ज कर 22 जनवरी को आरोपी आबिद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद चालान न्यायालय में पेश किया गया था।

बेशर्मी की हद

पीड़िता के परिजन का कहना था कि बुजुर्ग ने वारदात के बाद घर लौटने पर बताई थी। परिजन ने आरोपी आबिद को समझाया भी था लेकिन उसका उस पर कोई असर नहीं पड़ा। वह अपनी हर हरकत को सही ठहराता रहा। वह मानने के लिए तैयार ही नहीं था कि उसने कुछ भी गलत किया है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।