मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना : कलेक्टर सूर्यवंशी की मॉनीटरिंग का कमाल, 96 फीसदी से ज्यादा महिलाओं के भर गए फॉर्म

मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत रतलाम जिले में महिलाओं के आवेदन ऑनलाइन भरने के मामले में उल्लेखनीय काम हुआ है। यहां अब तक 1 लाख 94 हजार से ज्यादा आवेदन भरे जा चुके हैं।

Apr 14, 2023 - 09:04
 0
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना : कलेक्टर सूर्यवंशी की मॉनीटरिंग का कमाल, 96 फीसदी से ज्यादा महिलाओं के भर गए फॉर्म
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की रतलाम में प्रगति।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम  मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का जिले में सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में तेजी से महिलाओं के आवेदन ऑनलाइन किए जा रहे हैं। गुरुवार तक जिले में 1 लाख 94 हजार 552 महिलाओं के फॉर्म ऑनलाइन भरे जा चुके थे। यह आंकड़ा कुल लक्ष्य का 96.31 फीसदी के करीब है। जिले का 2 लाख 2 हजार लाड़ली बहनों को योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य है।

जिला महिला बाल विकास अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य से रतलाम जिला सिर्फ 7448 आवेदन ही दूर है। अब तक जिले में सर्वाधिक फॉर्म 38 हजार 42 रतलाम जनपद पंचायत में भरवाए गए हैं। इसके अलावा जनपद पंचायत आलोट में 28 हजार 295, जावरा में 25 हजार 410, पिपलौदा में 24 हजार 931, बाजना में 20 हजार 58, सैलाना जनपद पंचायत में 17 हजार 893 नगर निगम रतलाम में 22 हजार 672, नगर पालिका जावरा में 9 हजार 447, आलोट नगर परिषद में 3 हजार 380, बड़ावदा नगर परिषद में 1 हजार 303, नामली नगर परिषद में 1 हजार 897, पिपलौदा नगर परिषद में 1 हजार 481, सैलाना नगर परिषद में 1 हजार 667, ताल नगर परिषद में 2 हजार 137 तथा धामनोद नगर परिषद  1 हजार 631 फॉर्म भरे जा चुके हैं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।