कॉन्ग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा- ‘राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते करते हैं पेशाब’, हार्दिक पटेल ने पूछा- भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी? हिन्दुओं से इतनी नफरत क्यों?
गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर हलचल मचाने वाले पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने पार्टी पर एक बार फिर हमला बोल दिया है। उन्होंने राम कांग्रेस व उसके नेताओं से पूछा है कि- आखिर भगवान श्रीराम से उन्हें दुश्मनी क्या है और वे हिंदुओं से इनती नफरत क्यों करते हैं?

एसीएन टाइम्स @ डेस्क । पाटीदार आंदोलन से चमके फायर ब्रांड लीडर हार्दिक पटेल ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट कर कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है। पटेल के अनुसार गुजरात के कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने विवादित बयान दिया है कि- ‘राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं...।‘ इसे लेकर उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि उसे श्री राम मंदिर और हिंदुओं से दुश्मनी क्यों है।
हार्दिक ने ट्वीट कर कॉन्ग्रेस पर हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि- “मैंने पहले भी कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का काम करती है, हमेशा हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करती है। आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता ने बयान दिया कि- राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..!”
पटेल ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा, कि- “मैं कॉन्ग्रेस और उसके नेताओं से पूछना चाहता हूँ कि आपको भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी है? हिंदुओं से क्यों इतनी नफरत? सदियों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बन रहा है, फिर भी कॉन्ग्रेस के नेता भगवान श्रीराम के खिलाफ अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं।”
आप भी जानिए, कांग्रेस नेता ने क्या दिया था बयान और क्यों मचा बवाल
गौरतलब है कि- गुजरात कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी ने कहा था कि- भाजपा ने राम के नाम पर करोड़ों रुपए इकट्ठा किए। राम के नाम पर जो पैसे इकट्ठा किए गए उसका कोई हिसाब भाजपा वालों ने नहीं दिया। हिसाब तो नहीं दिया लेकिन जब सरकार ने बजट में पैसों का प्रस्ताव रख राम मंदिर बनाया, तब ये राम मंदिर क लिए पैसे इकट्ठा करने निकले। जिस रामशिला को इस देश के लोगों ने खूब श्रद्धा, आस्था और विश्वास के साथ दर्शन-पूजन कर भेजा, गांव में किनारे रखकर ये सोचा कि इससे मंदिर बनेगा। आपने देखा होगा कि उस पर कुत्ते वहां पेशाब करते हुए दिखे। सोलंका का कहना है कि- उस रामशिला की किसी ने भी बिल्कुल चिंती नहीं की। उसका सही मायने में राम के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया। रामशिला का उपयोग खुद का फायदा लेने के लिए, प्रजा के लय्आम और प्रजा के धर्म के लिए नहीं, बल्कि राजनीति के लिए किया गया।
बयान पर मचा बवाल तो बदल गए सुर, कहा- भरत ने तो राम मंदिर बनवाया था
उक्त बयान को लेकर जब हंगामा शुरू हुआ तो कांग्रेस नेता सोलंकी ने यह कहते हुए अपना बचाव किया कि उनका बयान राम के विरोध में नहीं था और न ही हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए ही उन्होंने बयान दिया। उनका नाम तो भरत है और भरत ने तो राम का मंदिर बनवाया था।
19 मई को हार्दिक ने दिया था कांग्रेस से इस्तीफा, इसके बाद से लगातार कर रहे पार्टी पर हमले
बता दें कि- गत 19 मई को हार्दिक पटेल ने कांग्रेस के शीर्ष नेता और गुजरात के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कांग्रेस में भाजपा के खिलाफ मैदान में उतरने का माद्दा नहीं होने, पार्टी के नेताओं के अपने काम के प्रति ईमानदार नहीं होने, शीर्ष नेतृत्व (राहुल गांधी) के गुजरात आने के दौरान उनके (हार्दिक) सहित अन्य कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होने जैसे आरोप भी लगाए थे।