मप्र सरकार ने बदले स्कूलों की मान्यता के नियम, आप अभिभावक हैं या स्कूल संचालक या संचालित करने के इच्छुक हैं तो यह खबर जरूर पढ़ लें

  मप्र शासन के स्कूली शिक्षा विभाग ने स्कूलों के संचालन, नई मान्यता और नवीनीकरण के नियमों में संशोधन किया है। संशोधित नियमों का प्रकाशन राजपत्र में किया गया है।

मप्र सरकार ने बदले स्कूलों की मान्यता के नियम, आप अभिभावक हैं या स्कूल संचालक या संचालित करने के इच्छुक हैं तो यह खबर जरूर पढ़ लें
स्कूल संचालन व मान्यता के नियम।

एसीएन टाइम्स @ भोपाल । मध्यप्रदेश में स्कूल संचालित करने के लिए मान्यता संबंधी नियमों में बदलाव हो गया है। मध्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय ने इस बारे में राजपत्रि में विस्तृत नियम प्रकाशित किए हैं। नियमों में संशोधन अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत किए गए हैं। इसके अनुसार अब स्कूल संचालकों को सुरक्षा निधि के तौर पर अधिक राशि जमा कराना होगी। अब स्कूल संचालन करने वाली समिति भी निर्धारित शुल्क के भुगतान करने के बाद बदल सकेगी।

राजपत्र के अनुसार कक्षा आठवीं तक की मान्यता अब डीपीसी देंगे। प्राथमिक स्कूलों को मान्यता के लिए कम से कम 20 हजार और माध्यमिक स्कूल को 25 हजार सुरक्षा निधि संयुक्त खाते में जमा करना होगी। प्राथमिक स्कूल की नई मान्यता के लिए 7500 रुपए और माध्यमिक स्कूल के लिए 10 हजार रुपए शुल्क अदा करना होगा। यह शुल्क तीन वर्ष के लिए होगा।

प्राथमिक स्कूल की मान्यता नवीनीकरण के लिए 2000 रुपए तथा माध्यमिक के लिए 3000 रुपए प्रतिवर्ष देय होगा। अगर मान्यता के लिए आवेदन समय सीमा में नहीं कर पाते हैं तो 5000 रुपए बिलम्ब शुल्क देना होगा। स्कूल का संचालन करने वाली समिति यदि स्कूल का नाम बदलना चाहे तो वह भी बदल सकती है। स्कूल का पंजीयन भी अब बदलना आसान होगा। इसके लिए 5000 शुल्क देय नियत किया गया है। इसके अलावा प्रक्रिया शुल्क भी अलग से देना होगा।

मान्यता संबंधी नियम और उसके फॉर्मेट देखने के लिए नीचे दी गई पीडीएफ फाइल डाउनलोड करें

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