Tag: श्री धैर्यमुनिजी

धर्म-संस्कृति
पात्रता से बदल जाती है, ताकत, तकदीर और तासीर, आत्म कल्याण के मार्ग पर चलें- आचार्य श्री विजयराजजी मसा

पात्रता से बदल जाती है, ताकत, तकदीर और तासीर, आत्म कल्य...

आचार्य श्री विजयराजजी का चातुर्मास इस बार रतलाम में हो रहा है। वे यहां समता शीतल...

धर्म-संस्कृति
बनना है तो रेस का घोड़ा बनो, जंगल, सर्कस और जुलूस का नहीं - आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा.

बनना है तो रेस का घोड़ा बनो, जंगल, सर्कस और जुलूस का नह...

शहर में चातुर्मास के लिए आए आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी और श्री विजयराजज...