भारी दबाव के बाद भाजपा के दो बागी प्रत्याशियों ने पार्टी को दिया समर्थन, बोले- हम नहीं चाहते हमारे कारण पार्टी का नुकसान हो

भाजपा के दो बड़े बागी नेताओं ने रतलाम महापौर और वार्ड पार्षद पद क  चुनाव से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। उन्होंने शहर विधायक चेतन्य काश्यप से चर्चा के बाद अपना फैसला सुनाया।

भारी दबाव के बाद भाजपा के दो बागी प्रत्याशियों ने पार्टी को दिया समर्थन, बोले- हम नहीं चाहते हमारे कारण पार्टी का नुकसान हो
अनिल कटारिया, चेतन्य काश्यप, अरुण राव

महापौर व वार्ड 11 के पार्षद पर के निर्दलीय प्रत्याशी अरुण राव तथा वार्ड 23 के निर्दलीय प्रत्याशी अनिल कटारिया चुनावी रण से हटे पीछे

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । भाजपा और विधायक चेतन्य काश्यप पार्टी के दो बड़े बागियों को मनाने में सफल हो गए हैं। उनकी समझाइश के बाद पूर्व एमआईसी सदस्य व महापौर तथा वार्ड 11 से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण राव ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को समर्थन दे दिया है। इसी तरह वार्ड 23 से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे एक और वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल कटारिया ने भी अपने वार्ड के अधिकृत प्रत्याशी को समर्थन देते हुए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। दोनों ही नेताओं का कहना है कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने जिंदगी के इतने कीमते साल दिए उसे उनके कारण नुकसान हो, यह उन्हें गवारा नहीं। दोनों के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले का विधायक काश्यप ने स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी और पूर्व एमआईसी सदस्य अरुण राव ने बगावत कर दी थी। उन्होंने नगर निगम चुनाव में महापौर पद के निर्दलीय प्रत्याशी एवं वार्ड 11 में पार्षद पद के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था। इसी तरह एक और वरिष्ठ भाजपाई अनिल कटारिया ने भी बगावत कर वार्ड 23 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया था। पार्टी नेता उन्हें भी नाम वापसी की तारीख तक मना नहीं पाए थे।

माना जा रहा था कि दोनों ही भाजपा के महापौर और पार्षद प्रत्याशियों के नगर निगम की कुर्सी के रास्ते में बड़ी रुकावट बन सकत हैं। हालांकि अब दोनों ने ही भाजपा प्रत्याशियों को समर्थन देते हुए चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। दोनों नेताओं ने विधायक चेतन्य काश्यप, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं महापौर प्रत्याशी की उपस्थिति में अपनी-अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की।

छोटी सी नाराजगी से परिवार का नुकसान नहीं होना चाहिए- राव

पूर्व एमआईसी सदस्य राव का कहना है कि वे 42 वर्षों से कार्यकर्ता के रूप में भाजपा से जुड़े हैं। पार्टी उनका परिवार है। परिवार में नाराजगी हो सकती है, लेकिन छोटी सी नाराजगी से परिवार का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसलिए महापौर और वार्ड 11 के प्रत्याशी के समर्थन में अपनी उम्मीदवारी वापस ली है। राव ने भाजपा को विजयी बनाने का संकल्प व्यक्त किया। 

वार्ड की समस्याओं के निराकरण के आश्वासन पर वापस लिया नाम- कटारिया

इसी तरह वार्ड 23 के निर्दलीय प्रत्याशी अनिल कटारिया ने विधायक चेतन्य काश्यप से चर्चा उपरांत भाजपा के पार्षद प्रत्याशी के समर्थन में अपनी उम्मीदवारी वापस ली। कटारिया बताया कि उन्होंने विधायक काश्यप से वार्ड की समस्याओं के निराकरण के लिए चर्चा की थी। काश्यप ने प्राथमिकता से वार्ड की समस्याओं के निराकरण हेतु आश्वस्त किया है। उन्होंने वार्ड सहित पूरे नगर में भाजपा को विजयी बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान भाजपा के महापौर प्रत्याशी के अलावा नगर निगम भाजपा चुनाव संयोजक मनोहर पोरवाल, सुनील मूणत व उदित मूणत मौजूद रहे।

कार्यकर्ताओं के त्याग एवं समर्थन से शिखर पर पहुंची भाजपा - विधायक काश्यप

महापौर प्रत्याशी राव और पार्षद प्रत्याशी कटारिया की उम्मीदवारी वापस लेने का विधायक चेतन्य काश्यप ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए यह खुशी का क्षण है। भाजपा जिलाध्यक्ष तथा सांसद गुमानसिंह डामोर एवं हम सबकी भावना को देखते हुए पार्टी एवं परिवार के हित में राव ने महापौर एवं वार्ड 11 के पार्षद प्रत्याशी के रूप में तथा कटारिया ने पार्षद पद से अपना नाम वापस लेने का जो निर्णय लिया है, वह स्वागत योग्य है। भाजपा ऐसे ही वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के त्याग एवं समर्थन से शिखर पर पहुंची है। रतलाम में यदि भाजपा के महापौर प्रत्याशी को आशीर्वाद मिलता है तो वे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक कार्य करेंगे और रतलाम के विकास को नई दिशा देंगे।