लोगों की जान बचाने का ऐसा जुनून कि मुंबई जाकर डोनेट किए प्लेटलेट्स, रतलाम में एफ्रेसिस मशीन शुरू नहीं होने का है मलाल

रक्तदान और प्लेटलेट्स दान करने के मामले में रतलाम के युवाओं का उल्लेखनीय नाम है। ये युवा लोगों की जान बचाने के लिए कितनी भी दूरी तय करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

लोगों की जान बचाने का ऐसा जुनून कि मुंबई जाकर डोनेट किए प्लेटलेट्स, रतलाम में एफ्रेसिस मशीन शुरू नहीं होने का है मलाल
मुंबई के लीलावती अस्पताल में प्लेटलेट्स डोनेट करते रतलाम के युवा।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । किसी की जान बचाना हो तो डॉक्टर होना जरूरी नहीं, भगवान द्वारा दी गई सौगात दान देकर भी ऐसा किया जा सकता है। ऐसी ही एक सौगात ईश्वर ने हम सबको दी है और वह है रक्त। रतलाम के युवाओं में रक्त और इसके अवयव दान करने का तो जैसे जुनून ही है। तभी तो वे लोगों की जान बचाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाने से भी नहीं कतराते। शहर के ऐसे ही युवाओं ने मुंबई जाकर प्लेटलेट्स डोनेट किए।

रतलाम से मुंबई पहुंचे मो. शोएब, दीपक पांचाल और बादल वर्मा ने लीलावती हॉस्पिटल में प्लेटलेट्स एसडीपी डोनेट किए। ये सभी युवा खास बात यह है कि इन युवाओं ने पहली बार प्लेटलेट्स डोनेट नहीं किए बल्कि यह सद्कार्य वे कई बार कर चुके हैं। मोहम्मद शोएब ने जहां दूसरी बार तो दीपक पांचाल ने तीसरी बार डोनेट किया। इतना ही नहीं बादल वर्मा ने तो आठवीं बार प्लेटलेट्स डोनेट कर मिसाल पेश की।

रतलाम में प्लेटलेट्स-एसडीपी डोनेट करने वाले ये तीन युवा ही नहीं हैं, इनकी टीम में कई अन्य भी शामिल हैं जो रक्तदान करने में भी सदैव आगे रहते हैं। मुंबई जाकर प्लेटलेट्स डोनेट करने पर तीनों युवाओं की सराहना राजेश पुरोहित, दिलीप भंसाली, जुगल पंड्या, इरशाद मंसूरी, महेश सोलंकी सहित अन्य ने की। सभी ने ईश्वर के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया। युवाओं का कहना है कि यह ईश्वर का वरदान है कि वे अपने रक्त और प्लेटलेट्स के माध्यम से लोगों की जान बचाने का जरिया बन पा रहे हैं।

रतलाम के जिम्मेदारों का दिल नहीं पसीजने का मलाल भी

रक्तदाता समूह के युवाओं को इस बात का मलाल है कि वे प्लेटलेट्स-एसडीपी दान करने का काम रतलाम में नहीं कर सकते। वजह यह कि रतलाम जिला अस्पताल में एफ्रेसिस मशीन की उपलब्धता नहीं है। विडंबना यह है कि रतलाम के जिम्मेदारों (अधिकारी और जनप्रतिनिधि) को इसकी कोई परवाह ही नहीं है। युवाओं का कहना है कि काश! यहां के जिम्मेदारों का दिल पसीज जाए और प्लेटलेट्स सहित रक्त के अन्य अव्यव दान करने के इच्छुक लोगों को शहर के बाहर नहीं जाना पड़े।