हादसा, हत्या या आत्महत्या ? छात्रावास में नौवीं की छात्रा की मौत, परिजन को हत्या की शंका, बोले- बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती

रतलाम के सरकारी अस्पताल में नौवीं की एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। परिजन ने हत्या की आशंका जताई है।

Dec 8, 2022 - 00:34
Dec 8, 2022 - 11:33
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हादसा, हत्या या आत्महत्या ? छात्रावास में नौवीं की छात्रा की मौत, परिजन को हत्या की शंका, बोले- बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती
कृष्णा डामोर, मृतका।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सरकारी छात्रावास में रहकर कक्षा नौवीं की पढ़ाई करने वाली एक छात्रा की मौत हो गई। परिजन ने छात्रा की हत्या की शंका जताई है। उनका कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। वहीं दूसरी ओर हादसे की शंका भी जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार बुधवार दोपहर सागोद रोड स्थित सरकारी कन्या छात्रावास के भवन के फर्श पर नवीं की छात्रा कृष्णा डामोर बेसुध पड़ी मिली। सूचना मिलने पर दीनदयाल नगर पुलिस पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रा को जिला अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने छात्रा का उपचार शुरू किया लेकिन वे उसे बचा नहीं सके। देर शाम उसने दम तोड़ दिया।

छात्रावास प्रबंधन पर लगे लापरवाही के आरोप

छात्रा के परिजन ने छात्रावास प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने छात्रा की हत्या की आशंका जताई है। परिजन ने छात्रा के आत्महत्या करने की शंका को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकती है, उसकी हत्या की गई है। अगर हत्या नहीं हुई  है तो उस पर आत्महत्या करने का दबाव बनाया गया है। परिजन ने छात्रा का पोस्टमार्टम पैनल से करवाने की मांग की है।

तीन मंजिल से गिरने के बाद भी नहीं आई चोट

मृतका कृष्णा के चचेरे भाई दिनेश का कहना है कि कृष्णा तीन मंजिल से नीचे गिरी। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी उसके चोट नहीं लगी। इसलिए घटना की जांच होनी चाहिए।

...और यह कहना है छात्रावास अधीक्षिका का

छात्रवास की अधीक्षिका सीमा कनेरिया के अनुसार आज बच्चों का पेपर था। डेढ़ बजे बच्चे आकर कपड़े बदलते हैं और फ्रेश होते हैं। आज इस दौरान मैं छात्रावास में नहीं थी, जरूरी काम से कलेक्ट्रेट गई थी। फोन पर पता चला कि छात्रावास में छात्रा कृष्णा नीचे गिर गई है। मैंने उसे अस्पताल लेकर पहुंचने के लिए कहा। मैं सीधे अस्पताल पहुंच गई जहां 5 मिनट बाद ही उसे ले आया गया था। अधीक्षिका ने बताया कि छत पर कोई नहीं जाता। आज कृष्णा ऊपर कैसे गई, पता नहीं।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।