तहसीलदार के रीडर राधेश्याम सारस्वत को दी अंतिम विदाई, खेत से घर लौटते समय धोलावड़ मार्ग पर सड़क हादसे में हो गया था निधन

रतलाम तहसीलदार के रीडर राधेश्याम सारस्वत को भावपूर्ण विदाई दी गई। उन्हें विदाई देने के दौरान आयोजित शोकसभा में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

May 26, 2022 - 14:14
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तहसीलदार के रीडर राधेश्याम सारस्वत को दी अंतिम विदाई, खेत से घर लौटते समय धोलावड़ मार्ग पर सड़क हादसे में हो गया था निधन
राधेश्याम सारस्वत।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सारस्वत ब्राह्मण समाज के सचिव एवं तहसीलदार के रीडर राधेश्याम सारस्वत का अंतिम संस्कार जवाहर नगर स्थित मुक्तिधाम पर किया गया l नम आंखों से विदाई देते हुए मुक्तिधाम में शोकसभा आयोजित की गईl

तहसीलदार के रीडर सारस्वत का पिछले दिनों सड़क हादसे में निधन हो गया था। उन्हें शवयात्रा निकाल कर अंतिम विदाई दी गई। जवाहरनगर मुक्तिधाम में शोकसभा का आयोजन किया गया। इसमें तहसीलदार गोपाल सोनी, कलेक्टर कार्यालय से अरुण शर्मा, अभिभाषक संघ के पंकज बिलाला, सारस्वत समाज एवं ब्राह्मण समाज आर्थिक सहायता न्यास के डॉ. अमर सारस्वत एवं गजेंद्र ओझा, कायस्थ समाज से संदीप निगम, लायंस क्लब रतलाम क्लासिक, रतलाम कला मंच एवं एलआईसी एजेंट्स एसोसिएशन लियाफी इंदौर मंडल काउंसिल के उपाध्यक्ष शरद चतुर्वेदी, भारतीय सेन समाज अध्यक्ष कीर्ति गहलोत, भारतीय जनता पार्टी से सुनील पाल, म.प्र. कर्मचारी संघ की ओर से त्रिभुवनेश भारद्वाज, अजाक्स के बी. एल. हरोड आदि वक्ताओं ने संबोधित किया l सभी वक्ताओं ने दिवंगत सारस्वत के व्यक्तित्व और मिलनसारिता पर प्रकाश डाला। अंत में 2 मिनट का मौन रखकर सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की गईl अंतिम संस्कार में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।