NEET 2026 : फिजिक्स-केमिस्ट्री का पेपर औसत, बायोलॉजी का रहा आसान, इसलिए कटऑफ बढ़ने के संकेत, जानिए- कितना तक बढ़ सकता है कट ऑफ

NEET 2026 परीक्षा के बाद बड़ा अपडेट आया है। फिजिक्स और केमिस्ट्री मॉडरेट, बायोलॉजी आसान रही। रतलाम रेंज में 5500+ छात्र शामिल हुए। विशेषज्ञों ने इस बार कटऑफ बढ़ने की संभावना जताई।

May 5, 2026 - 00:23
 0
NEET 2026 : फिजिक्स-केमिस्ट्री का पेपर औसत, बायोलॉजी का रहा आसान, इसलिए कटऑफ बढ़ने के संकेत, जानिए- कितना तक बढ़ सकता है कट ऑफ
नीट देने के बाद उत्साहित अभ्यास करियर इंस्टिट्यूट के विद्यार्थी।

रतलाम रेंज में 15 केंद्रों पर 5500+ परीक्षार्थी शामिल; विशेषज्ञ बोले—इस बार पेपर NCERT-फोकस्ड, 570 के आसपास जा सकती है GN/OBC कटऑफ

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । NEET-UG 2026 के बाद छात्रों के फीडबैक और एक्सपर्ट एनालिसिस ने एक साफ तस्वीर दी है कि फिजिक्स और केमिस्ट्री का स्तर मॉडरेट रहा, जबकि बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही। रतलाम रेंज में बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी। पेपर आसान होने से इस बार कटऑफ बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।

NEET-UG 2026 परीक्षा देशभर में कड़ी सुरक्षा और तय प्रोटोकॉल के बीच संपन्न हुई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित इस परीक्षा में इस वर्ष करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया, जो इसे देश की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में शामिल करता है। इसी परीक्षा के माध्यम से MBBS, BDS, BAMS, BUMS, BHMS जैसे कोर्सेज के साथ AIIMS और JIPMER में भी प्रवेश मिलता है।

रतलाम रेंज की बात करें तो रतलाम, मंदसौर और नीमच में कुल 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग 5500 से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। रतलाम में केंद्रीय विद्यालय, रेलवे स्कूल, जवाहर गवर्नमेंट स्कूल, स्वामी विवेकानंद कॉमर्स कॉलेज, गवर्नमेंट गर्ल्स PG कॉलेज, साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज, गवर्नमेंट एक्सीलेंस स्कूल, MLB स्कूल और कन्या शिक्षा परिसर बिबडौद जैसे केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। वहीं मंदसौर और नीमच के प्रमुख शासकीय कॉलेजों में भी केंद्र बनाए गए थे। दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चली परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर अभिभावकों और छात्रों की भीड़ देखने को मिली।

बायोलॉजी का पेपर NCERT आधारित रहा

अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ. राकेश कुमावत के अनुसार, इस बार का पेपर संतुलित रहा, लेकिन बायोलॉजी सेक्शन ने छात्रों को राहत दी। उनका कहना है कि बायोलॉजी पूरी तरह NCERT आधारित रही, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री का स्तर औसत रहा। परीक्षा खत्म होने के बाद जैसे ही छात्र बाहर निकले, उनके चेहरे पर संतोष दिखा, जो इस बात का संकेत है कि पेपर अपेक्षाकृत आसान रहा।

ये भी पढ़ें

पेपर के इस ट्रेंड को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कटऑफ में बढ़ोतरी हो सकती है। अनुमान के अनुसार जनरल और OBC वर्ग के लिए कटऑफ करीब 570 अंक तक जा सकती है, जबकि SC के लिए लगभग 460 और ST के लिए 360 के आसपास रहने की संभावना जताई जा रही है।

परीक्षा के बाद 1-2 दिन का मानसिक विश्राम जरूरी

परीक्षा के बाद अब छात्रों के सामने सबसे अहम सवाल आगे की रणनीति का है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि परीक्षा के तुरंत बाद 1–2 दिन मानसिक विश्राम लेना जरूरी है, ताकि लंबे समय से चल रहा तनाव कम हो सके। इसके बाद संभावित स्कोर के आधार पर करियर काउंसलर से सलाह लेकर कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। सरकारी, निजी, डीम्ड यूनिवर्सिटी और मैनेजमेंट कोटा जैसे विकल्पों को फीस, लोकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर परखना जरूरी होगा।

ये भी पढ़ें

पहले से तैयार रखें प्रमाण पत्र और डॉक्यूमेंट

काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए MCC और संबंधित राज्य की वेबसाइट्स पर नजर बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। छात्रों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज-10वीं-12वीं की मार्कशीट, NEET एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और श्रेणी से जुड़े प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखने चाहिए, ताकि काउंसलिंग के समय किसी तरह की परेशानी न हो। यदि किसी छात्र की रैंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आती, तो उनके पास विकल्प भी खुले हैं। वे अगले वर्ष दोबारा तैयारी कर सकते हैं या फिर BDS, BPT, B.Sc. Nursing, BAMS, BHMS जैसे अन्य हेल्थ साइंस कोर्सेज में एडमिशन लेकर करियर की दिशा तय कर सकते हैं।

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का रखें ध्यान

विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि इस समय मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। योग, हल्की एक्सरसाइज और पर्याप्त नींद के साथ सकारात्मक सोच बनाए रखना आगे की प्रक्रिया में मददगार साबित होगा। कुल मिलाकर, NEET-UG 2026 का पेपर छात्रों के लिए संतुलित लेकिन स्कोरिंग रहा, जिसने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि मेडिकल में प्रवेश की दौड़ पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धी होती जा रही है।

ये भी पढ़ें

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।