सुस्ती या राजनीति का पेंच ! नगर निगम की दीवारों में अटका भगवान परशुराम का फरसा, सीएम हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत
रतलाम के दिल बहार चौराहे पर स्वीकृत भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापना में नगर निगम की देरी। जुगल पंडिया ने सीएम हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई शिकायत। जानिए क्या है पूरा मामला।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर में विकास की बातें और फाइलों की रफ्तार के बीच एक बड़ा विरोधाभास सामने आता है। इस बार मामला शहर के दिलबहार चौराहे का है, जहाँ 'भगवान परशुराम' की प्रतिमा स्थापना की फाइल नगर निगम की दीवारों में अटकी हुई है। कछुआ चाल को भी पीछे छोड़ने वाले इस मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन (181) पर गुहार लगाई गई है।
वार्ड नंबर 32 के निवासी जुगल पंड्या ने सीएम हेल्पलाइन (181) पर एक शिकायत दर्ज करवाई है। इसमें बताया गया है कि दिलबहार चौराहे पर भगवान परशुराम जी के फरसे की स्थापना की आधिकारिक मंजूरी हो चुकी है। परंतु हकीकत यह है कि फाइलों पर लगी स्वीकृति की मुहर जमीन पर उतरने का नाम ही नहीं ले रही है। यही वजह है कि पंड्या ने सीधे मुख्यमंत्री के द्वार पर ही अर्जी दायर कर दी है। उनकी शिकायत को 37895823 पर दर्ज किया गया है। फिलहाल, शिकायत सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से 'शिकायत निराकरण अधिकारी (L1)' पर पहुँच चुकी है और प्रगति विवरण का इंतजार है।
आस्था पर सिस्टम के 'ब्रेक' से उठे सवाल
यहां यह चर्चा चल पड़ी है कि जिस नगरीय विकास विभाग को शहर के सौंदर्यीकरण और जनभावनाओं का ख्याल रखना चाहिए, वह 'स्वीकृति' देने के बाद स्थापना करना ही भूल गया। यह मामला नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। अब जो सवाल उठ रहे हैं उनमें ये सवाल शामिल हैं-
- जब स्वीकृति मिल चुकी है, तो देरी का कारण क्या है? कहीं इसमें कोई राजनीतिक पेंच तो नहीं आड़े आ रहा है?
- क्या अधिकारियों को किसी विशेष 'मुहूर्त' का इंतजार है या फिर बजट की फाइल किसी टेबल के नीचे दबी है?
- प्रतिमा स्थापना जैसी संवेदनशील और आस्था से जुड़ी योजनाओं में भी ऐसी लापरवाही क्यों?
- नगर निगम के संवैधानिक पद अध्यक्ष की आसंदी और केंद्र, राज्य और नगर सरकार जिस पार्टी की है, उसके जिले के मुखिया (जिला अध्यक्ष) भी भगवान परशुराम के वंशज है, फिर भी अब तक स्वीकृति धरातल पर क्यों नहीं उतर पा रही है?
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इंदौर और सतना की तरह मिले सम्मान
शिकायतकर्ता पंड्या का कहना है कि इंदौर के रेडिशन चौराहे का नाम अब भगवान परशुराम चौराहा किया जा रहा है। यह निर्णय वर्ष 2025 की इंदौर महानगर निगम परिषद ने लिया था। इसी प्रकार सतना में बदखर रोड पर भगवान परशुराम की 15 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित हुई थी। इसे 40 दिन में 6 मजदूरों ने तैयार किया था। इसी तरह रतलाम में भी प्रस्तावित दिलबहार चौराहे पर ब्राह्मणों के आराध्य भगवान श्री परशुराम का फरसा जल्द से जल्द स्थापित किया जाना चाहिए। पंड्या के अनुसार किसी भी अन्य स्थान की अपेक्षा यह सबसे उपयुक्त स्थान है जहां बाहर से आने वाले लोगों को शहर में प्रवेश करते ही भगवान परशुराम के फरसे का दर्शन हो सकेगा।
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