रतलाम का राजमहल खतरे में ! जर्जर हालत पर उठी आवाज, कलेक्टर से त्वरित संरक्षण की मांग
रतलाम का ऐतिहासिक राजमहल जर्जर हालत में, प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को दिखाए फोटो, त्वरित संरक्षण और मरम्मत की उठी मांग।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को दिखाए महल की कमजोर नींव के फोटो, कहा- समय रहते कदम नहीं उठा तो कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम की पहचान माने जाने वाला ऐतिहासिक राजमहल अब गंभीर जर्जरावस्था में पहुंच चुका है। इंडो-यूरोपियन वास्तुकला की यह धरोहर धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि यदि समय रहते संरक्षण और मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो यह भव्य इमारत कभी भी हादसे का कारण बन सकती है।
रतलाम शहर के ऐतिहासिक राजमहल के संरक्षण को लेकर अब सामाजिक स्तर पर आवाज तेज होने लगी है। शहर के जागरूक नागरिकों और जानकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर मिशा सिंह से मुलाकात कर महल की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में इंटक सदस्य एवं संरक्षण विशेषज्ञ विजय सोनी, सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र श्रेष्ठ और मीडियाकर्मी शाहिद मीर सहित अन्य शामिल रहे। उन्होंने कलेक्टर को महल के जर्जर हिस्सों के हालिया फोटो भी दिखाए, जिनमें इमारत की नींव के नीचे बढ़ते खोखलेपन और संरचनात्मक कमजोरी के संकेत स्पष्ट नजर आ रहे हैं।
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ढह सकती है इमारत
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से कहा कि लगभग 100 फीट ऊंची यह ऐतिहासिक इमारत दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यदि जल्द ही मरम्मत और संरक्षण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह कभी भी ढह सकती है। इससे बड़ा हादसा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस धरोहर के संरक्षण, मरम्मत और संधारण के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि शहर की इस ऐतिहासिक पहचान को बचाया जा सके। साथ ही यह भी कहा गया कि महल अब लावारिस स्थिति की ओर बढ़ता नजर आ रहा है, जो किसी भी ऐतिहासिक संपदा के लिए चिंताजनक है।
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कलेक्टर के आश्वासन से जागी उम्मीद
कलेक्टर मिशा सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे जल्द ही राजमहल का निरीक्षण करेंगी। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी आश्वस्त किया। इस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन आमजन की भावनाओं को समझते हुए शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि प्रशासन संरक्षण के लिए कोई अभियान चलाता है, तो शहरवासी उसमें पूरा सहयोग देंगे, ताकि रतलाम की इस ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।
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