MP में पहली बार ! रतलाम अभिभाषक संघ में महिलाओं को 30% भागीदारी लागू, साधारण सभा में ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित
रतलाम अभिभाषक संघ ने महिलाओं को 30% भागीदारी देने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया। उपाध्यक्ष, सहसचिव और कोषाध्यक्ष पदों में आरक्षण लागू, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन।
उपाध्यक्ष, सहसचिव और कोषाध्यक्ष पदों में आरक्षण तय, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने वाला MP का पहला संघ
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम जिला अभिभाषक संघ ने महिलाओं को 30 प्रतिशत भागीदारी देने की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 4 मई 2026 को आयोजित साधारण सभा में इस संबंध में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किए गए, जिससे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन का रास्ता साफ हो गया है।
जिला अभिभाषक संघ रतलाम की साधारण सभा नवीन हॉल में आयोजित की गई। सभा में कार्यकारिणी द्वारा 20 अप्रैल 2026 को पारित महिलाओं की 30% भागीदारी सुनिश्चित करने वाले ऐतिहासिक प्रस्ताव को रखा गया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव के तहत कार्यकारिणी संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उपाध्यक्ष के दो पद और सहसचिव के दो पद निर्धारित किए गए, जिनमें प्रत्येक में एक-एक पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अलावा कोषाध्यक्ष पद को भी महिला अभिभाषक के लिए आरक्षित करने का निर्णय लिया गया।
अध्यक्ष राकेश शर्मा द्वारा एक वित्त लेखा समिति के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें महिला अभिभाषक अंजना राणा और रेखा सांखला को शामिल किया गया। यह प्रस्ताव भी ध्वनि मत से पारित हुआ, जिसके बाद दोनों सदस्य कार्यकारिणी का हिस्सा बनेंगी।
वकील पत्र प्रस्तुत करने के लिए भी नियम तय
सभा में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके अनुसार रतलाम जिला अभिभाषक संघ द्वारा तस्दीक किए बिना कोई भी वकील पत्र (वकालतनामा) न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। यह नियम जिला एवं राजस्व न्यायालय दोनों पर लागू होगा। साथ ही, वकील पत्र की तस्दीक तभी होगी जब उसमें कम से कम एक अधिवक्ता जिला अभिभाषक संघ का सदस्य होगा। किसी प्रकरण में पहले से वकील नियुक्त होने की स्थिति में नया वकील पत्र बिना एनओसी के स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल को दिया था आदेश
इन निर्णयों के साथ ही संघ ने माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिट याचिका क्रमांक 1404/2025 में 16 अप्रैल 2026 को दिए गए उस आदेश का पालन सुनिश्चित किया है, जिसमें अभिभाषक संघों में महिलाओं की 30% भागीदारी अनिवार्य करने की बात कही गई थी। रतलाम जिला अभिभाषक संघ अब मध्य प्रदेश का पहला ऐसा संघ बन गया है, जिसने इस व्यवस्था को स्पष्ट रूप से लागू किया है। साधारण सभा को अभिभाषक अमीन खान, लोकेन्द्र सिंह गेहलोत और निरज सक्सेना ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कार्यकारिणी की सराहना करते हुए कहा कि मात्र 5 माह के कार्यकाल में दो साधारण सभाएं आयोजित कर अभिभाषकों की समस्याओं के समाधान का प्रयास सराहनीय है। सभा का संचालन सचिव चेतन केलवा ने किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उपाध्यक्ष सुनील जैन, सहसचिव विरेन्द्र कुलकर्णी, पुस्तकालय सचिव सुनीता वासनवाल सहित कार्यकारिणी सदस्य यश केथवास, अनिल वर्मा, भूपेंद्र सिंह पंवार, आनंद बैरागी, दिव्या शर्मा सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक उपस्थित रहे। महिलाओं से जुड़े प्रस्ताव पारित होने पर महिला अभिभाषकों ने हर्ष व्यक्त किया।
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