MPPSC में OBC को 27 फीसदी आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक, सरकार व MPPSC को नोटिस भी जारी किया, क्योंकि कोर्ट ने 14 फीसदी का दिया था आदेश

मप्र हाईकोर्ट ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सरकार को 14 फीसदी आरक्षण देने का अंतरिम आदेश दिया था लेकिन सरकार ने 27 फीसदी दे दिया।

Feb 16, 2022 - 21:55
Feb 16, 2022 - 21:59
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MPPSC में OBC को 27 फीसदी आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक, सरकार व MPPSC को नोटिस भी जारी किया, क्योंकि कोर्ट ने 14 फीसदी का दिया था आदेश

मप्र हाईकोर्ट ने सिर्फ 14 फीसदी आरक्षण देने का दिया था निर्देश, सरकार ने 27 फीसदी दे दिया

एसीएन टाइम्स @ इंदौर । मप्र हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने मप्र लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 फीसदी आरक्षण देने पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सिर्फ 14 फीसदी आरक्षण देने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य सरकार और MPPSC को नोटिस जारी 27 फीसदी आरक्षण देने पर जवाब भी तलब किया है।

MPPSC द्वारा गत 31 दिसंबर को रिजल्ट जारी किया गया था। इसमें सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण दिया गया है। इस पर आपत्ति लेते हुए सामान्य श्रेणी की छात्रा निहारिका त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई बुधवार को हुई। मामले में हाईकोर्ट ने मप्र सरकार और MPPSC को नोटिस जारी किया है। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 के बजाय 27 फीसदी आरक्षण दिए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है।

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बता दें कि, हाईकोर्ट ने चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में पहले अन्य पिछड़ा वर्ग को 14 फीसदी ही आरक्षण था। इसे प्रदेश सरकार ने बढ़ा कर 27 फीसदी किया था। इसके विरुद्ध दायर याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2019 को 14 प्रतिशत आरक्षण जारी रखने का अंतरिम आदेश पारित किया था। हाईकोर्ट द्वारा MPPSC की अन्य परीक्षाओं की चयन सूची सहित अन्य याचिकाओं पर भी अन्य पिछड़ा वर्ग को सिर्फ 14 फीसदी आरक्षण देने का अंतरिम आदेश देते हुए 27 फीसदी आरक्षण पर रोक लगा दी गई थी।

इससे संबंधित मामलों में भी चल रही सुनवाई

हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण के समर्थन, ईडब्ल्यूएस आरक्षण और न्यायिक सेवा में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर याचिकाएं विचाराधीन हैं। इसके अलावा महिला आरक्षण और एनएचएम भर्ती में आरक्षण दका निर्धारण किए जाने को लेकर भी याचिकाएं विचाराधीन हैं जिन पर सुनवाई जारी है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।