राहत वाला आदेश : छुट्टी के दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, लोग करवा सकेंगे भवन-भूखंड की रजिस्ट्री

मप्र के पंजीयक महानिरक्षक द्वारा मार्च 2025 में होली को छोड़ कर सभी सार्वजनिक अवकाशों (शनिवार-रविवार सहित) पर पंजीयन कार्यालय खुले रखने के आदेश जारी किए हैं। 

Feb 25, 2025 - 10:53
Feb 25, 2025 - 11:01
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राहत वाला आदेश : छुट्टी के दिनों में भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय, लोग करवा सकेंगे भवन-भूखंड की रजिस्ट्री
छुट्टी वाले दिन भी खुले रहेंगे पंजीयन कार्यालय।

एसीएन टाइम्स @ भोपाल / रतलाम । भवन एवं भूखंड की रजिस्ट्री करवाने वाले और अनुबंध पत्रों को रजिस्टर्ड करवाने वालों के लिए राहत की खबर है। यह काम छुट्टी वाले दिनों में भी हो सकेगी क्योंकि अब सभी पंजीयन कार्यालय आगामी आदेश तक छुट्टी वाले दिन भी खुले रहेंगे।

मप्र के पंजीयक महानिरीक्षक एवं मुद्रांक अधीक्षक अमित तोमर ने एक आदेश जारी किया है। इसमें बताया गया है कि शासन के राजस्व के लक्ष्य की पूर्ति और वृद्धि तथा जन सामान्य को अधिक सुविधा देने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी पंजीयन कार्यालय छुट्टी के दिनों में भी खुले रहेंगे। यह आदेश होली के दिनांक 14 मार्च 2025 को छोड़ कर सभी सार्वजनिक अवकाश और शनिवार व रविवार पर लागू होगा।

आदेश की प्रति सभी परिक्षेत्रीय उप महानिरीक्षक पंजीयन, समस्त वरिष्ठ जिला पंजीयक एवं जिला पंजीयक को भेजा गया है। बता दें, संपत्ति की खरीदी-बिक्री पर प्रायः नए वित्तीय वर्ष के शुरुआत से विभिन्न प्रकार के करों में बदलाव आदि की संभावना रहती है। ऐसे में ज्यादातर लोग मार्च में भवन-भूखंडों की रजिस्ट्री करवाते हैं। इसके साथ ही राजस्व से जुड़े सभी विभागों में मार्च अंत तक राजस्व के लक्ष्य की पूर्ति के साथ उसमें वृद्धि का दबाव भी रहता है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।