महापौर का आदेश हुआ हवा ! विकास शाखा में हो गई दैवेभो कर्मचारी की नियुक्ति, पार्षद ने लगाया अवहेलना का आरोप

रतलाम नगर निगम में विकास शाखा में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की नियुक्ति को लेकर विवाद बढ़ा। पार्षद हितेश कामरेड ने निगम सम्मेलन के निर्देशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए आयुक्त को पत्र लिखा।

महापौर का आदेश हुआ हवा ! विकास शाखा में हो गई दैवेभो कर्मचारी की नियुक्ति, पार्षद ने लगाया अवहेलना का आरोप
महापौर के आदेश के बाद भी विकास शाखा में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की नियुक्ति पर भाजपा पार्षद हितेश कॉमरेड ने पत्र लिखकर विरोध जताया।

भाजपा पार्षद हितेश कामरेड ने नगर निगम अध्यक्ष और आयुक्त को लिखा पत्र, नियुक्ति पर उठाए सवाल, निरस्त करने की मांग की

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । नगर निगम में हद दर्जे की स्वेच्छाचारिता हावी है। आलम यह यहां के जिम्मेदार सर्वोच्च मानी जाने वाली नगर निगम परिषद द्वारा दिए आदेशों की अवहेलना करने तक से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे ही एक आदेश के विरुद्ध विकास शाखा में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की नियुक्ति कर दी गई है। इसे लेकर बवाल मच गया है। सत्ताधारी दल भजापा के पार्षद ने आपत्ति जताते हुए नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।

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नगर निगम रतलाम में विकास शाखा में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की नियुक्ति को लेकर नया विवाद सामने आया है। वार्ड क्रमांक-42 के पार्षद हितेश शर्मा कॉमरेड ने नगर निगम अध्यक्ष और आयुक्त को पत्र लिखकर निगम सम्मेलन में दिए गए निर्देशों की अवहेलना किए जाने का आरोप लगाया है। पार्षद के अनुसार दिनांक 07 अप्रैल 2026 एवं 10 अप्रैल 2026 को साधारण सम्मेलन आयोजित हुआ था। इसमें महापौर प्रहलाद पटेल ने विकास शाखा में किसी भी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद उमेश राठौड़ नामक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को विकास शाखा में पदस्थ कर दिया गया है।

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इसलिए महापौर ने दिया था निर्देश

पार्षद ने बताया कि विकास शाखा में कथित लापरवाही को लेकर लगातार शिकायतें मिल रहीं थी, इसके चलते ही सदन में महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे। इसलिए किसी भी दृष्टि से नियुक्ति को उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने निगम अध्यक्ष व आयुक्त से मांग की है कि संबंधित अधिकारी को निर्देशित कर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी उमेश राठौड़ का विकास शाखा से आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

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पत्र का इशारा- नगर निगम में सबकुछ अच्छा नहीं

सत्ताधारी दल के पार्षद का यह पत्र अब नगर निगम के प्रशासनिक कामकाज और सम्मेलन में पारित निर्देशों के पालन को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है। इस मामले को लेकर निगम के भीतर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यह पत्र इस बात की ओर भी इशारा कर रहा है कि नगर निगम में सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है। बता दें कि पार्षद हितेश कॉमरेड पूर्व में भी नगर में व्याप्त गड़बड़ियों को लेकर आवाज उठा चुके हैं।