गुरुभक्ति से होते हैं बड़े कार्य, चेतन्य काश्यप जैसे श्रद्धालु समाज की प्रेरणा : नित्यसेन सूरीश्वरजी
रतलाम में गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी का भव्य स्वागत हुआ। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास पर गहुली कार्यक्रम में गुरुभक्ति, धर्मनीति और समाजसेवा पर प्रेरक संदेश दिए गए।
रतलाम में गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी का भव्य पदार्पण, मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास पर हुई गहुली और आशीर्वचन सभा
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पुण्य सम्राट श्रीमद विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी मसा के शिष्य वर्तमान गच्छाधिपति, आचार्यदेवेश श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा. आदि ठाणा का गुरुवार सुबह कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के निवास पर पदार्पण हुआ। इससे पहले दिलबहार चौराहा से चल समारोह निकाला गया। इसमें मंत्री चेतन्य काश्यप, महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, उपाध्यक्ष गोविंद काकानी एवं प्रवीण सोनी सहित गणमान्यजन एवं समाजजन शामिल हुए।
श्री सौधर्म वृहत्तपोगच्छीय राजेन्द्रसूरी त्रिस्तुतिक जैन श्री संघ संरक्षक चेतन्य काश्यप ने परिवार सहित गच्छाधिपति के पदार्पण पश्चात गहुली कर आशीर्वाद लिया। उपस्थित गुरूभक्तों को संबोधित करते हुए काश्यप ने कहा कि गुुरु का आशीर्वाद उनके परिवार का सौभाग्य है। पुण्य सम्राट श्रीमद विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा. ने रतलाम में अंतिम चातुर्मास किया था। उनके बाद प्रथम शिष्य गच्छाधिपति, आचार्यदेवेश श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा. के माध्यम से सर्व समाज को उनकी कृपा दृष्टि प्राप्त हो रही है। गच्छाधिपति का 22 मई को सुबह लोकेन्द्र टॉकीज क्षेत्र से नगर में मंगल प्रवेश हुआ। मोहन टॉकीज में धर्मसभा के बाद वे नीमवाला उपाश्रय में प्रवास के लिए पहुंचे। 23 मई को वे जयंतसेन धाम जाएंगे और फिर इंदौर चातुर्मास के लिए विहार करेंगे। मंत्री काश्यप ने गुरुदेव को कांबली भी ओढ़ाई।
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धन-वैभव का सदुपयोग ही महानता है
गच्छाधिपति, आचार्यदेवेश श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीश्वर जी मसा ने आर्शीवचन में कहा कि पुण्य सम्राट गुरुदेव का रतलाम चातुर्मास ऐतिहासिक था। पुण्य सम्राट स्वयं भी ये कहते थे और दीक्षा पश्चात उन्होंने भी रतलाम जैसा चातुर्मास नहीं देखा। गुरु के प्रति समर्पण के भाव के कारण ही ऐसा संभव हुआ। धन-वैभव मिलना और मिलने के बाद उसका सदुपयोग करना महानता का काम होता है। चेतन्य काश्यप परिवार ऐसे कार्य निरंतर करता आ रहा है, जो अनुमोदनीय है। ऐसे गुरु भक्त मिल जाए, तो अनेक अच्छे काम हो सकते हैं।
श्रद्धा, आस्था और विश्वास की गंगोत्री बहा रहा काश्यप परिवार
इससे पूर्व मुनिश्री विद्वरत्न विजय जी म.सा. ने कहा कि काश्यप परिवार आरंभ से परम भक्त और परम सुश्रावक होकर श्रद्धा, आस्था और विश्वास की गंगोत्री बहा रहा है। रतलाम में पुण्य सम्राट का वर्ष 2016 में ऐतिहासिक चातुर्मास करने से पूर्व मोहनखेडा में विक्रम संवत 2016 में स्व. सेठ कन्हैयालाल काश्यप ने गुरुदेव श्रीमद विजय यतीन्द्रसेन सूरीश्वरजी की आज्ञा से हाल निर्मित कराया था। गुरु आज्ञा ही इस परिवार का धर्म है और चेतन्य काश्यप ने राजनीति में भी धर्मनीति का समावेश किया है। धर्मनीति जहां होती है, वहां सफलता मिलना निश्चित है।
कार्यक्रम के आरंभ में मंगलाचरण हुआ। समापन पर गुरुदेव ने महामांगलिक श्रवण कराई।संचालन राजकमल दुग्गड़ ने किया।
ये उपस्थित रहे
इस दौरान त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ अध्यक्ष सुशील छाजेड़, ट्रस्टीगण, विभिन्न श्रीसंघों के अध्यक्ष अशोक चौटाला, विनोद मेहता, अशोक चौपड़ा, प्रकाश दरड़ा, हिम्मत गेलड़ा, अजय खिमेसरा, रजनीकांत झामर, मांगीलाल जैन, मंगल अग्रवाल, गौरव अजमेरा और भाजपा के प्रदेश, जिला, मंडल पदाधिकारी एवं मंडल अध्यक्षगण तथा आरडीए पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे।
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