बोला रतलाम ! जैन साध्वियों को कुचलना दुर्घटना नहीं, सुनियोजित हत्या है, आरोपियों पर चले हत्या का केस
रीवा में जैन साध्वियों को कार से कुचलने की घटना के विरोध में रतलाम में जैन समाज और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। समाज ने इसे दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोपियों पर हत्या का केस चलाने और संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्यप्रदेश के रीवा में विहाररत जैन साध्वियों को तेज रफ्तार कार से कुचलने की घटना ने पूरे जैन समाज को भीतर तक झकझोर दिया है। अहिंसा, संयम और तपस्या का संदेश देने वाली साध्वियों की इस दर्दनाक मौत के बाद रतलाम में जैन समाज का आक्रोश खुलकर सड़कों पर दिखाई दिया। श्री सकल जैन श्री संघ के नेतृत्व में समग्र जैन समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा- “इसे सड़क हादसा बताकर दबाने की कोशिश न की जाए, यह सुनियोजित हत्या है।”
रतलाम में कलेक्ट्रेट पहुंचने से पहले आयोजित सभा में समाजजनों का दर्द और गुस्सा साफ दिखाई दिया। वक्ताओं ने बेहद तीखे शब्दों में प्रशासन और व्यवस्था पर सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा कि जैन साधु-संत पैदल विहार करते हैं, किसी वाहन का उपयोग नहीं करते, निहत्थे रहते हैं और समाज को शांति व अहिंसा का संदेश देते हैं। जो साध्वियां जीवनभर त्याग, तपस्या और अहिंसा का संदेश देती हैं, उन्हें इस तरह सड़क पर कुचल दिया जाना केवल एक परिवार या समाज की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की त्रासदी है। इसे केवल दुर्घटना नहीं माना जा सकता।
समाजजन ने कहा कि लगातार जैन संतों के साथ हो रही घटनाएं अब सामान्य हादसे नहीं लगतीं। यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई तो यह समाज की आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला माना जाएगा। समाज ने साफ कहा कि यदि रीवा में साध्वियों को कुचलने वाले दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई और संतों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट पहुंच प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सुबह 11 बजे श्री सकल जैन श्री संघ, समग्र जैन समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी एवं समाजजन बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए समाज ने विहाररत जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
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ज्ञापन में कहा गया कि जैन संत-साध्वियां धार्मिक अनुशासन के तहत पैदल विहार करती हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की बनती है। समाज ने कहा कि यदि संतों की सुरक्षा नहीं हो सकती तो यह कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें
- रीवा घटना की SIT या न्यायिक जांच कराई जाए
- CCTV, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं
- आरोपी और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो
- षड्यंत्र के तथ्य मिलने पर सख्त धाराएं लगाई जाएं
- विहाररत संतों के लिए संत सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू किया जाए
- पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गाइडलाइन और SOP बनाई जाए
- विहार मार्गों पर पुलिस समन्वय, ट्रैफिक नियंत्रण और चेतावनी संकेत लगाए जाएं
- रात्रि विश्राम के लिए शासकीय स्कूल और पंचायत भवन उपलब्ध कराने के निर्देश जारी हों
क्या है रीवा की पूरी घटना
मध्यप्रदेश के रीवा में बुधवार दोपहर तीन जैन साध्वियां धार्मिक नियमों के अनुसार पैदल विहार कर रही थीं। इसी दौरान कलेक्ट्रेट के सामने एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि पूज्य श्रुति मति माता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल उपसमिति माता को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
तीसरी साध्वी आर्यिका माता की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज संजय गांधी अस्पताल में जारी है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जबलपुर में दबोचा आरोपी को
हादसे के बाद आरोपी चालक रशीद आबाद अली शाह मौके से फरार हो गया था। हादसे के बाद आरोपी फरार हो गया था और रीवा से लगभग 270 किलोमीटर दूर तक पहुंच गया था। रीवा पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर जबलपुर की बरगी पुलिस ने बहोरीपार टोल प्लाजा पर घेराबंदी कर उसे दबोच लिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर बी. एस. जामोद, डिप्टी कमिश्नर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी गुरुकरण सिंह ने अस्पताल और घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इस घटना के बाद से पूरे देश में जैन समाज में आक्रोश है। इसीके चलते 25 मई को देशभर में विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया।
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