ठग को न्यायालय का झटका ! कॉलोनाइजर मनीष सुराना की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गोल्ड कॉमप्लेक्स की जमीन के नाम पर 35 लाख की ठगी का मामला

रतलाम में समदड़िया ग्रुप द्वारा बनाए जा रहे गोल्ड कॉम्प्लेक्स की जमीन के सौदे का झांसा देकर सराफा व्यवसायी से 35 लाख ठगने वाले कॉलोनाइजर की अग्रिम जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है।

Feb 27, 2026 - 00:06
Feb 27, 2026 - 13:02
 0
ठग को न्यायालय का झटका ! कॉलोनाइजर मनीष सुराना की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, गोल्ड कॉमप्लेक्स की जमीन के नाम पर 35 लाख की ठगी का मामला
ठगी का आरोपी मनीष सुराना।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम के सप्तम अपर न्यायाधीश राजेश नामदेव ने शातिर ठग और कॉलोनाइजर मनीष सुराना की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुराना पर निर्माणाधीन गोल्ड कॉम्प्लेक्स की जमीन का सौदा कराने का झांसा देकर सराफा व्यवसायी से 35 लाख रुपए ठगने का आरोप है।

कभी कॉलोनी काटने के नाम पर तो कभी जमीन का सौदा करने के नाम पर लोगों को ठगने वाले मनीष सुराना को न्यायालय से झटका लगा है। न्यायालय ने आरोपी की अग्रिम जमनात के आवेदन को खारिज कर दिया है। जानकारी के अनुसार पुलिस थाना स्टेशन रोड रतलाम पर इंदौर के सराफा व्यवसायी देवेंद्र सोनी की शिकायत पर आरोपी मनीष सुराना के विरुद्ध अपराध कमांक 110/26 अंतर्गत धारा 420 भा.द.स. का केस दर्ज किया गया है। आरोपी की ओर से अभिभाषक संदीप निगम द्वारा न्यायालय में अग्रिम जमानत की गुहार लगाई गई थी। जबकि अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने पैरवी की।

150

Google NewsFollow Us
500
200

आरोपी की ओर से यह दी गई थी सफाई

आवेदक/अभियुक्त सुराना की ओर से सनी पिता दिलीप सुराना का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें बताया गया था कि आवेदक के विरुद्ध असत्य आधारों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें पुलिस उसे गिरफ्तार करना चाहती है जबकि उसका उक्त तथाकथित अपराध से कोई संबंध नहीं है। जमानत आवेदन में कहा गया था कि पुलिस आवेदक को गिरफ्तार कर उसकी सम्मान प्रतिष्ठा को धूमिल करना चाहती है। वह कॉलोनाइजर होकर व्यापार करता है और उसकी समाज में काफी प्रतिष्ठा है। वर रतलाम नगर का स्थायी निवासी होकर उसकी चल-अचल संपत्ति भी उक्त पते पर स्थित होने से उसके कहीं भी भाग कर जाने की संभावना नहीं है।

यहां जाने पूरा मामला

पुलिस ने यह दिया तर्क

न्यायाल द्वारा मामले में स्टेशन रोड थाने से आरोपी की केस डायरी तलब की गई। इस दौरान स्टेशन रोड पुलिस ने अभियोजन के माध्यम से बताया कि यदि आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया गया तो वह प्रकरण की विवेचना में गवाहों को डरायेगा, धमकायेगा और प्रलोभन देगा। इसका प्रकरण पर विपरीत असर पड़ेगा। वह घटना की पुनरावृत्ति करेगा।

Google NewsFollow Us

पहले भी दर्ज है केस, फरार होने की रहेगी संभावना

अभियोजन की ओर से यह भी बताया गया कि आरोपी के विरुद्ध ग्राम पंचायत की मजीन पर अवैध रूप से कॉलोनी काटने का अपराध भी पहले से दर्ज है। ऐसे में आरोपी के फरार होने की संभावना रहेगी। अतः आरोपी का अग्रिम जमानत का आवेदन निरस्त किया जाना उचित होगा।

न्यायालय ने इस आधार पर किया निरस्त

न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्क सुनने के बाद अपने फैसले में कहा कि केस डायरी के अवलोकन से दर्शित है कि आवेदक / अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी कर अपराध किया गया है। वर्तमान में इस प्रकृति के गंभीर अपराध समाज में घटित हो रहे हैं। विवेचना अपूर्ण है। अतः अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आवेदक / अभियुक्त मनीष सुराना को अग्रिम प्रतिभूति का लाभ दिया जाना न्यायालय उचित नहीं समझता। इस आधार पर आवेदन स्वीकार योग्य न होने से निरस्त किया जाता है।

Google NewsFollow Us
Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।