रतलाम में 2 जून से होगा श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ, महामंडलेश्वर चिदम्बरानंद सरस्वती करेंगे कथा वाचन
रतलाम में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर 2 से 9 जून 2026 तक दयाल वाटिका, बंजली-सैलाना रोड पर श्रीमद् भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का आयोजन होगा। महामंडलेश्वर चिदम्बरानंद सरस्वती कथा वाचन करेंगे।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । श्री हरिहर सेवा समिति, श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट एवं भट्ट परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 2 से 9 जून तक श्रीमद् भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का आयोजन होगा। इसमें केशवपुर मठ के महंत स्वामी 1008 महामंडलेश्वर चिदम्बरानंद सरस्वती (मुंबई) कथा वाचन करेंगे।
मीडिया प्रभारी राकेश पोरवाल ने बताया कि ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ 2 जून (मंगलवार), 2026 को सायं 4.00 बजे बंजली-सैलाना रोड रतलाम स्थित दयाल वाटिका में होगा। पोरवाल के अनुसार कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वाचन किया जाएगा। इसमें शोभायात्रा, परीक्षित जन्म एवं शुकदेव आगमन, सती एवं ध्रुव चरित्र, राम जन्म, कृष्ण जन्म, कृष्ण बाल लीला, गोवर्धन पूजा, गोप गीत, रुक्मिणी विवाह, भगवान का विवाह, सुदामा चरित्र, परीक्षित का अंतिम उपदेश, पूर्णाहुति एवं प्रसादी वितरण आदि शामिल रहेंगे। कथा के परीक्षित श्यामा देवी एवं मोहनलाल भट्ट रहेंगे।
ये भी पढ़ें
आयोजन की तैयारियों के तहत ग्राम बंजली स्थित दयाल वाटिका में कथा स्थल पर पंडाल पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मोहनलाल भट्ट, राजाराम मोतियानी, कैलाश व्यास, सुनील भट्ट, महेंद्र भट्ट एवं हरीश सुरोलिया ने पंडाल पूजन कर आरती की। आयोजन के संरक्षकों में कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप, पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, समाजसेवी डॉ. राजेश शर्मा, भेरूलाल शर्मा, प्रकाश मजावदिया, मनोहर पोरवाल, सचिन तिवारी, नवीन व्यास, अभय काबरा, ललित दख, पातीराम शर्मा, सुभाष सोनी, जसपाल बग्गा, राजेश धनोतिया, विश्वजीत टंडन, गोविंद काकानी एवं सतीश झंवर आदि शामिल किए गए हैं। मदनलाल भट्ट, रमेशचंद्र भट्ट, ओमप्रकाश भट्ट, जगदीशचंद्र राव, शांतिलाल राव एवं हेमंत राव ने नगर के धर्मप्रेमी नागरिकों से इस ज्ञान यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आग्रह किया है।
ये भी पढ़ें
आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का सर्वोत्तम समय पुरुशोत्तम मास
बता दें, कि अधिक मास भगवान विष्णु (पुरुषोत्तम) को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पवित्र मास में किए गए जप, तप, दान और धार्मिक अनुष्ठानों का फल अनंत गुना प्राप्त होता है। पद्म पुराण में वर्णित है कि इस मास में भगवान विष्णु के नाम का जाप, व्रत, कथा श्रवण और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसे आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का सर्वोत्तम समय माना गया है।






