रतलाम निवेश क्षेत्र में पत्थरों की बारिश, आंसू गैस और भगदड़; 3 पुलिसकर्मी घायल, दो दर्जन संदिग्ध हिरासत में, देखें पथराव का वीडियो...

रतलाम के पलसोड़ी गांव में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क के लिए अतिक्रमण हटाने पहुँचे प्रशासनिक दल पर ग्रामीणों ने पथराव किया। तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, पुलिस ने आंसू गैस छोड़कर हालात काबू में किए।

रतलाम निवेश क्षेत्र में पत्थरों की बारिश, आंसू गैस और भगदड़; 3 पुलिसकर्मी घायल, दो दर्जन संदिग्ध हिरासत में, देखें पथराव का वीडियो...
रतलाम में निवेश क्षेत्र का अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर पथराव हो गया।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम जिले के पलसोड़ी गांव में शुक्रवार को उस वक्त हालात विस्फोटक हो गए, जब प्रशासन और पुलिस का दल मेगा इंडस्ट्रियल पार्क (निवेश क्षेत्र) के लिए अतिक्रमण हटाने पहुँचा। बुलडोजर और भारी पुलिस बल देखकर सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। बहस, नारेबाजी और धक्का-मुक्की के बीच अचानक पथराव शुरू हो गया। पत्थरों की बरसात में एक महिला आरक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

जिला प्रशासन का दल भारी पुलिस बल, जेसीबी और अन्य मशीनरी के साथ सुबह करीब 11 बजे पलसोड़ी पहुंचा था। प्रशासन निवेश क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने आया था। अधिकारियों के पहुंचते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा। शांति भंग होने की आशंका के चलते कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। इसके बावजूद विरोध शांत नहीं हुआ।

दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, कुछ लोगों ने प्रशासनिक दल और पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर भगदड़ मच गई। पथराव में पुलिसकर्मी पवन कुमार, राजेंद्र बारोठ और महिला आरक्षक शर्मीला कामरा घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया।

घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। अधिक चोट लगने के कारण आरक्षक पवन कुमार और शर्मिला कमरा को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कुछ देर बाद एसपी अमित कुमार, एएसपी विवेक कुमार लाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

पीढ़ियों से बसे हैं, अब अतिक्रमणकारी बता रहे- ग्रामीण

ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवार पीढ़ियों से इस भूमि पर रह रहे हैं, खेती कर रहे हैं और पशु चराते हैं। उनकी आजीविका पूरी तरह इसी जमीन पर निर्भर है। उनका आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें अतिक्रमणकारी घोषित किया जा रहा है।

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1500 हेक्टेयर में बन रहा मेगा इंडस्ट्रियल पार्क

मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) ग्राम बिबडौद, रामपुरिया, पलसोड़ी, जुलवानिया और जामथून सहित करीब 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में मेगा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित कर रहा है। प्रशासन का कहना है कि निवेश क्षेत्र के लिए अधिगृहीत भूमि शासकीय है और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं लेकिन ग्रामीण शुरू से इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं।

विरोध का पुराना इतिहास

2022 में बड़ा आदिवासी आंदोलन : विभिन्न आदिवासी संगठनों ने रैली निकालकर निवेश क्षेत्र के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था।

बिबडौद में चक्काजाम : करीब छह महीने पहले प्रशासन जब बिबडौद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचा था, तब ग्रामीणों ने रतलाम-बाजना मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था।

मकान और ईंट भट्टे हटाए गए : उस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने कुछ मकान और ईंट भट्टे हटाए थे।

तीन सप्ताह का धरना : करीब दो महीने पहले ग्रामीणों ने लगातार तीन सप्ताह तक धरना दिया था, जिसमें सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे।

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अब आगे क्या?

पुलिस ने पथराव करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पलसोड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है।

फिलहाल पलसोड़ी और आसपास के गांवों में माहौल तनावपूर्ण है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की यह लड़ाई अब सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि पुनर्वास, जमीन और आजीविका के सवाल पर बड़ा विवाद बनती जा रही है।

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