कर्तव्यपरायणता और अनुशासनप्रियता की मिसाल हैं डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता : प्रदीप उपाध्याय

रतलाम में वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता के सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, विधि और पत्रकारिता जगत की हस्तियों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें कर्तव्यपरायणता और अनुशासन की मिसाल बताया।

कर्तव्यपरायणता और अनुशासनप्रियता की मिसाल हैं डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता : प्रदीप उपाध्याय
सेवानिवृत्ति पर डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता को प्रशस्ति पत्र भेंट करते फोटो जर्नलिस्ट राकेश पोरवाल।

गरिमामय समारोह में हुआ सेवानिवृत्ति सम्मान, शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, विधि और पत्रकारिता जगत की हस्तियों ने दी शुभकामनाएं

एसीएन टाइम्स @ रतलाम। दीर्घ एवं गौरवपूर्ण सेवाकाल पूर्ण करने पर वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता का सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह स्थानीय सैलाना रोड स्थित अमृत गार्डन में गरिमामय एवं उत्सवी वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, विधि, पत्रकारिता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर डॉ. गुप्ता के योगदान की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सक्रिय एवं यशस्वी उत्तरजीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन नरसिंहलाल गुप्ता, डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता, नूतन मजावदिया, आयुष गुप्ता, पलाशा गुप्ता एवं संबोधी गुप्ता ने किया। युक्ति फरक्या ने सरस्वती वंदना तथा संबोधी गुप्ता ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की भावपूर्ण शुरुआत की। जांगड़ा पोरवाल समाज ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. गोपाल मजावदिया ने स्वागत उद्बोधन में डॉ. गुप्ता के उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी सेवाकाल की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। बड़नगर से आए दिनेश पोरवाल ने डॉ. गुप्ता के व्यवहार-कौशल, सहज व्यक्तित्व तथा सभी के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करने की उनकी अद्भुत क्षमता की प्रशंसा की।

वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश व्यास ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञानदान को सर्वोच्च दान माना गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षण केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि एक सृजनात्मक कला भी है। डॉ. गुप्ता उन विरले शिक्षकों में हैं जिन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ अपने आचरण, व्यवहार और कार्यशैली से जीवन जीने की कला भी सिखाई है। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सुलोचना शर्मा ने डॉ. गुप्ता के समर्पित एवं आदर्श शिक्षकीय जीवन की सराहना की।

भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता ऐसे शिक्षक हैं, जिन पर पूरा शिक्षक समाज गर्व कर सकता है। उन्होंने अपने संपूर्ण सेवाकाल में कर्तव्यपरायणता, अनुशासनप्रियता और निष्ठा की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की है, जो नई पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

डॉ. गुप्ता का संपूर्ण जीवन चलती-फिरती पाठशाला

वरिष्ठ पत्रकार राकेश पोरवाल ने कहा कि डॉ. गुप्ता का संपूर्ण जीवन एक चलती-फिरती पाठशाला है, जहां अनुशासन, सरलता और मानवीय संवेदनाओं का मधुर समन्वय निरंतर दिखाई देता है। डॉ. दिव्या पोरवाल ने भी डॉ. गुप्ता की कार्यशैली, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षण कार्य से जुड़े सभी शिक्षकों को उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए।

इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. उदय यार्दे, पूर्व महापौर डॉ. सुनीता यार्दे, प्रदीप उपाध्याय, उमेश मजावदिया, विकास मजावदिया तथा संजय मजावदिया ने शॉल एवं श्रीफल भेंट कर डॉ. नरेंद्र कुमार गुप्ता का सम्मान किया।

डॉ. गुप्ता की जीवनसंगिनी नूतन मजावदिया ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस स्नेह एवं सम्मान को परिवार के लिए अविस्मरणीय बताया। पलाशा गुप्ता ने डॉ. गुप्ता के सरल, विनम्र एवं विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ. विजया कुशवाह ने किया। अंत में आयुष गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।

ये उपस्थित रहे

समारोह में प्रकाश सेठिया, आर. एन. केरावत, आशीष दशोत्तर, कमलेश पापरीवाल, प्रतीक मजावदिया, रक्षा के. कुमार, संजय जैन, धर्मेंद्र मंडवारिया सहित शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, विधि, पत्रकारिता एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।