चुनाव है या मजाक ! फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव पर सवालों के साथ उठी नेतृत्व परिवर्तन की मांग, शांतिलाल वर्मा के फिर अध्यक्ष चुने जाने पर क्लबों में नाराजगी

रतलाम जिला फुटबॉल एसोसिएशन चुनाव में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं। शांतिलाल वर्मा के फिर अध्यक्ष चुने जाने पर भी क्लबों ने सवाल उठाए हैं।

चुनाव है या मजाक ! फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव पर सवालों के साथ उठी नेतृत्व परिवर्तन की मांग, शांतिलाल वर्मा के फिर अध्यक्ष चुने जाने पर क्लबों में नाराजगी
रतलाम फुटबाल एसोसिएशन के चुनाव को लेकर विवाद गहराया।

दो साल बाद हुए चुनाव की प्रक्रिया पर क्लबों ने उठाए सवाल, मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन से जांच की मांग

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम जिला फुटबॉल एसोसिएशन के हाल ही में हुए चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। शांतिलाल वर्मा के फिर से अध्यक्ष और राजेश कौशल के सचिव चुने जाने पर जिले के फुटबॉल क्लबों ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। क्लबों द्वारा मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन से शिकायत कर नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि करीब दो साल बाद हुए चुनाव में पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

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फुटबॉल क्लबों द्वारा की गई शिकायत में बताया गया है कि जिला फुटबॉल एसोसिएशन के चुनाव लगभग दो वर्षों से नहीं हुए थे। इसे लेकर पूर्व में भी मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के समक्ष शिकायतें की जाती रही हैं। ऐसे में जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई तो क्लबों को उम्मीद थी कि इस बार निर्वाचन निर्धारित नियमों और पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा। क्लबों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में ही कई ऐसे सवाल सामने आए, जिनसे निर्वाचन की वैधता को लेकर संदेह पैदा हुआ है।

क्लबों के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। इसके बावजूद समिति के ही दो सदस्यों और जिले के कई फुटबॉल क्लबों को चुनाव की पूर्व सूचना नहीं दिए जाने का आरोप है। क्लब से जुड़े लोगों का सवाल है कि यदि निर्वाचन पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से कराया जाना था तो उससे जुड़े सभी क्लबों तथा निगरानी समिति के सदस्यों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई?

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गुपचुप तरीके से चुनाव कराने का आरोप

सलमान अब्बासी का आरोप है कि चुनाव की पर्याप्त जानकारी संबंधित लोगों और क्लबों को नहीं दी गई तथा प्रक्रिया जल्दबाजी में गुपचुप तरीके से पूरी कर ली गई। क्लबों ने इन्हीं आरोपों के आधार पर चुनाव की प्रक्रिया और उसकी वैधता की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चुनाव निर्धारित नियमों के अनुरूप हुए हैं या नहीं।

शांलिलाल वर्मा को लेकर उठे सवाल

चुनाव विवाद का दूसरा और महत्वपूर्ण पहलू अध्यक्ष पद को लेकर है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा लंबे समय से रतलाम जिला फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। हालिया चुनाव में भी उन्हें अध्यक्ष चुना गया है। इसी को लेकर फुटबॉल क्लबों के एक वर्ग में यह सवाल उठ रहा है कि संगठन के इतने महत्वपूर्ण पद पर लंबे समय से एक ही नेतृत्व बने रहने के बजाय अब नए लोगों को जिम्मेदारी देने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा।

क्लबों की ओर से यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या लंबे समय से पद पर बने रहने के कारण नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाएं पीछे छूट रही हैं। इस पर अंतिम निर्णय संबंधित फुटबॉल संगठन के नियमों और सक्षम संस्था की प्रक्रिया के आधार पर ही होना है।

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प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची शिकायत

बताया जा रहा है कि चुनाव को लेकर क्लबों का विरोध केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। मामला मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित देव, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ, जिला खेल अधिकारी और मध्यप्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन को भी भेजी गई है। इसमें मनफाइटर क्लब, मुनीमन फुटबॉल क्लब, मॉर्निंग स्टार फुटबॉल क्लब, नवभारत फुटबॉल क्लब, जावरा यूनाइटेड, रतलाम स्पोर्ट्स एसोसिएशन सहित अन्य क्लबों का उल्लेख किया गया है। इसमें निर्वाचन प्रक्रिया की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की मांग की है। पूरे मामले में अब निगाहें मध्यप्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन पर हैं। क्लबों की शिकायत में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल उठाए गए हैं।