बालयोगी उमेश नाथ जी ने किया ‘उपासना सूत्र : द सीक्रेट्स ऑफ दाता होकम’ का विमोचन, सनातन साहित्य के अध्ययन पर दिया जोर
रतलाम में बालयोगी एवं राज्यसभा सांसद उमेश नाथ जी ने पूर्व डीएसपी भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी द्वारा संकलित पुस्तक ‘उपासना सूत्र : द सीक्रेट्स ऑफ दाता होकम’ का विमोचन किया। कार्यक्रम में सनातन साहित्य, भारतीय संस्कृति और पढ़ने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
पूर्व डीएसपी भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी की अपने पिता ठाकुर प्रताप सिंह की सीखों पर आधारित पुस्तक का हुआ विमोचन, नई पीढ़ी को भारतीय परंपरा और ग्रंथों को पढ़ने का दिया संदेश
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । हमारे पूर्व जन्म की पुण्यायी से संपत्ति और विरासत दोनों सुरक्षित होती हैं। इनका सुरक्षित होना ही उस कुल की पहचान और चरित्र को दर्शाता है तथा उसकी मर्यादा और संस्कार समाज के सामने प्रस्तुत करता है। कुल की प्रसन्नता, कुल की शांति और उसकी रक्षा तभी संभव है, जब हम अपने गुरु, ईष्ट (देवी-देवता) और पितृ देवताओं द्वारा बताए गए मार्ग पर चलें तथा उनकी सीखों का अनुसरण करें। अपने पिता ठाकुर प्रताप सिंह राठौर की सीखों को ‘उपासना सूत्र : द सीक्रेट्स ऑफ दाता होकम’ पुस्तक के रूप में संकलित कर पूर्व डीएसपी भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी ने यही कार्य किया है।
ये विचार बालयोगी एवं राज्यसभा सांसद श्री उमेश नाथ जी ने मंगलवार को मिडटाउन स्थित पूर्व डीएसपी भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी के निवास पर आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति के पद और प्रतिष्ठा के आधार पर अक्सर लोगों का व्यवहार बदल जाता है, लेकिन पुलिस विभाग में वरिष्ठ अधिकारी रहने के बावजूद भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी और उनके भाई पूर्व डीएसपी सुरेंद्र सिंह तारखेड़ी के व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया।
'उपसना सूत्र : द सीक्रेट्स ऑफ दाता होकम' का विमोचन करते राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेश नाथ जी एवं पुस्तक के संकलनकर्ता पूर्व डीएसपी भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी, पूर्व डीएसपी सुरेंद्र सिंह तारखेड़ी और अन्य।
उन्होंने कहा कि जब कोई उन्हें सांसद कहकर संबोधित करता है तो उन्हें यह बात कभी-कभी असहज करती है। उनका मानना है कि संतों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच रहने में उन्हें अधिक आनंद प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि संभवतः ईश्वर की ऐसी कृपा रही कि फकीरी के साथ राजयोग भी उनके भाग्य में लिखा था और इसी कारण उन्हें संसद तक पहुंचने का अवसर मिला।
पढ़ने की प्रवृत्ति बढ़ाना समय की आवश्यकता
अपने संबोधन में बालयोगी उमेश नाथ जी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में विशेष रूप से नई पीढ़ी भारतीय सनातन परंपरा के इतिहास को न तो पर्याप्त रूप से पढ़ रही है और न ही उसे समझने का प्रयास कर रही है। इसके परिणामस्वरूप समाज को अनेक प्रकार की हानियां उठानी पड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इन नुकसानों को समाप्त करना है तो लोगों को अध्ययन की आदत विकसित करनी होगी। नई पीढ़ी को यह जानने और समझने का प्रयास करना चाहिए कि सनातन परंपरा ने देश, संस्कृति और समाज को क्या-क्या दिया है।
उन्होंने कहा कि हमारे वेद, उपनिषद, स्मृतियां और पुराण समाज और संस्कृति को सही दिशा देने वाले ग्रंथ हैं। इनमें जीवन को व्यवस्थित और संतुलित रूप से जीने की राह दिखाई गई है। इसलिए समाज में पढ़ने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है।
दाता होकम की सीखों को पुस्तक रूप देने की यात्रा भी साझा की
कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व डीएसपी भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी एवं उनके अनुज पूर्व डीएसपी सुरेंद्र सिंह तारखेड़ी ने बालयोगी उमेश नाथ जी का पुष्पमाला, शाल और श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह तारखेड़ी ने बताया कि उनके पिता दाता होकम (ठाकुर प्रताप सिंह राठौर) की सीखों और जीवन दर्शन को पुस्तक का स्वरूप देने की परिकल्पना पगडंडी मीडिया एंड पब्लिकेशन के मुकेश पुरी गोस्वामी ने की। पुस्तक के संपादन का दायित्व पब्लिकेशन के नीरज कुमार शुक्ला एवं अदिति मिश्रा ने निभाया, जिसके परिणामस्वरूप यह संकलन पुस्तक के रूप में पाठकों के सामने आ सका। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे पुस्तक में रही कमियों और त्रुटियों के बारे में भी अवगत कराएं ताकि उन्हें अगले संस्करण में बेहतर किया जा सके।
कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र सिंह बागेड़ी ने किया, जबकि अंत में पूर्व डीएसपी सुरेंद्र सिंह तारखेड़ी ने उपस्थित अतिथियों एवं सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इनकी उपस्थिति में हुआ पुस्तक का विमोचन
पुस्तक विमोचन समारोह में रेलवे के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी जी. जी. सिंह, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा, राजपूत बोर्डिंग के डायरेक्टर जी. पी. सिंह, पूर्व मंडी अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, पगडंडी मीडिया एंड पब्लिकेशन के डायरेक्टर नीरज कुमार शुक्ला, एमआईसी सदस्य एवं पार्षद विशाल शर्मा, परमानंद योगी, मिडटाउन सोसायटी के रवि मीणा, शेरसिंह देवड़ा, राजेंद्र सिंह तारखेड़ी, सेवानिवृत्त हेड टीटीई कैलाश शर्मा, दिलीप सिंह राजावत, व्यवसायी राहुल चौपड़ा, स्वप्निल चौपड़ा, पीयूष कल्याण सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





