'अहम् ब्रह्मास्मि' : एक IAS अफसर की आत्मचेतना, नारी शक्ति और सृष्टि के शाश्वत सत्य की प्रभावी अभिव्यक्ति
'अहम् ब्रह्मास्मि' कविता में IAS वैशाली जैन ने आत्मबोध, नारी शक्ति, प्रकृति और ब्रह्म के अद्वैत स्वरूप को प्रभावशाली शब्दों में अभिव्यक्त किया है। पढ़ें यह प्रेरक एवं चिंतनशील काव्य रचना।
यह अभिव्यक्ति केवल एक कविता नहीं, बल्कि आत्मबोध, नारी शक्ति और मानव अस्तित्व की दिव्यता का गहन उद्घोष है। वैशाली जैन (IAS) ने इस रचना में मनुष्य और ब्रह्म के अद्वैत संबंध को शब्द दिए हैं। कविता यह संदेश देती है कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर वही चेतना विद्यमान है, जो समस्त सृष्टि का आधार है। संवेदना, शक्ति, करुणा और आत्मविश्वास से ओतप्रोत यह रचना पाठक को स्वयं के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देती है।
'अहम् ब्रह्मास्मि'
मुख पर हूं तेज लिए, आंखों में प्रकाश है।
है मेरी ही जमीन ये, मेरा ही आकाश है।।
जो गूंजती है हर जगह, वो मेरी ही आवाज़ है।
मुझी में पाए ब्रह्म तू, मेरा ही ब्रह्माण है।।
हूं रात की खामोशी मैं, हूं जुगनुओं का शोर मैं।
मुझे ही तू निहारे तू, मैं चंदा मैं चकोर हूं।।
हूं आंखों का नीर मैं, बाढ़ का प्रहार हूं।
मुझे क्या तू भुलाएगा, मैं ज़िंदगी का सार हूं।।
हूं मां कभी, बहन कभी, मैं हृदय विशाल हूं।
रौंदेगा तो मान को तो रूप मैं विकराल हूं।।
हूं भावना प्रवाह मैं, और हिम की चट्टान हूं।
थी कल्पना में तेरी कल, और कल का भी निदान हूं।।
हूं मान मैं और ज्ञान मैं, पुनीत पुण्यवान हूं।
कि, मुझको न पहचाने तू, मैं तेरी ही पहचान हूं।।
वैशाली जैन, सीईओ- जिला पंचायत, रतलाम
रचनाकार का संक्षिप्त परिचय
वैशाली जैन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की वर्ष 2021 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा-2020 में अखिल भारतीय स्तर पर 21वीं रैंक हासिल कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। वे दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग में बी.टेक. (2015 बैच) तथा एम.टेक. की डिग्री प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में आईं। उनकी बड़ी बहन अंकिता जैन ने भी यूपीएससी-2020 में अखिल भारतीय तीसरी रैंक प्राप्त की थी। दोनों बहनों की इस उपलब्धि को डीटीयू के लिए गौरवपूर्ण माना गया और विश्वविद्यालय परिवार ने उन्हें सम्मानित करते हुए विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मध्य प्रदेश कैडर की डायरेक्ट रिक्रूट (DR) आईएएस अधिकारी वैशाली जैन ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत अगस्त 2022 में सहायक कलेक्टर, छिंदवाड़ा के रूप में की। इसके बाद दिसंबर 2023 से सितंबर 2025 तक वे रीवा जिले के हुजूर में एसडीएम (राजस्व) रहीं। सितंबर 2025 से वे रतलाम जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ, जलग्रहण मिशन, पर्यावरण संरक्षण, साहित्य और सृजनात्मक अभिव्यक्ति में भी उनकी गहरी रुचि है। उनकी कविता ‘अहम् ब्रह्मास्मि’ आत्मबोध, नारी शक्ति, संवेदना और अद्वैत दर्शन के भावों को प्रभावशाली अभिव्यक्ति है।




