रतलाम डिजिटल अरेस्ट UPDATE ! रिटायर्ड प्रोफेसर को ठगने वाले 3 और ठग गिरफ्तार, असम, जम्मू और पंजाब के हैं ठग

रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के मामले में 3 और आरोपियों को असम, जम्मू और पंजाब से गिरफ्तार किया गया है। 9 आरोपी इससे पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।

रतलाम डिजिटल अरेस्ट UPDATE ! रिटायर्ड प्रोफेसर को ठगने वाले 3 और ठग गिरफ्तार, असम, जम्मू और पंजाब के हैं ठग
रिटायर्ड प्रोफेसर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्य और गिरफ्तार।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले ठगों की धरपकड़ में रतलाम पुलिस को लगातार सफलता मिल रही है। पुलिस ने रिटायर्ड प्रोफेसर और उनकी पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 1 करोड़ 34 लाख रुपए से अधिक की ठगने वाली गैंग के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी असम, जम्मू और पंजाब के रहने वाले हैं। आरोपियों ने तकरीबन एक माह तक डिजिटल अरेस्ट कर के रखा था।

एसपी अमित कुमार सतत् मॉनिटरिंग और फॉलोअप के चलते रतलाम पुलिस एक के बाद एक सफलताएं हासिल कर रही है। ऐसा ही एक मामला रिटायर्ड प्रोफेसर से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का है। इसके और 3 आरोपियों को पकड़ा गया है। गौरतलब है कि 15.11.2025 को रिटायर्ड प्रोफेसर को अज्ञात कॉल आई थी। इसमें कॉलर ने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर फरियादी को मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फँसाने का भय दिखाया था। आरोपियों ने फर्जी डिजिटल जांच एवं अदालत जैसा दृश्य दिखाकर Signal App के माध्यम से वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” की नकली स्थिति दिखाई थी। इसके माध्यम से आधार, बैंक व निजी दस्तावेज प्राप्त कर 15.11.2025 से 12.12.2025 के बीच कुल ₹1,34,50,000 की राशि छल व भय से प्राप्त की थी।

18 सदस्यीय SIT कर रही जांच

मामला संज्ञान में आने पर थाना दीनदयाल नगर पर BNS एवं IT Act की धाराओं में ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी ने मामले की जांच के लिए 18 सदस्यीय SIT गठित की गई। अब तक इस मामले में जबलपुर, नीमच, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात से कुल 09 आरोपी गिरफ्तार कर ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों व क्रिप्टो करेंसी में परिवर्तित करने की साजिश को उजागर किया जा चुका है। इस मामले में बीएनएस की धारा 111 भी जोड़ी गई है। तकनीकी साक्ष्य, बैंक ट्रेल, कॉल डिटेल एवं पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 03 अन्य महत्वपूर्ण आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी

  1. मोहन पिता रुघनाथ काबरा, उम्र 27 वर्ष, निवासी – 20E शिव अपार्टमेंट, एन. के. रोड, बादल कॉलोनी, जिला मोहाली, पंजाब।
  2. सुमिरन पिता स्वामीप्रसाद शर्मा, उम्र 30 वर्ष, निवासी – वार्ड नं. 07, आर्य समाज मोहल्ला, अखनूर, जिला जम्मू, जम्मू-कश्मीर।
  3. सुरेश पिता गणेश रजक, उम्र 37 वर्ष, निवासी – धुलिया जान, सोनापुर, जिला डिब्रूगढ़, असम।

यह भूमिका रही इन आरोपियों को

आरोपी मोहन ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अमरेंद्र के साथ मिलकर उसके नाम से बैंक खाते खुलवाए और उनका उपयोग ठगी की राशि के ट्रांजैक्शन में किया। आरोपी अमरेंद्र कमीशन पर खाता मोहन को देने के लिए सुरेश के साथ गुवाहाटी गया था। मोहन ने अमरेंद्र को कमीशन का लालच देकर उसके खाते का उपयोग फ्रॉड में किया। मोहन द्वारा अमरेंद्र व अन्य खातों के माध्यम से लगभग ₹02 करोड़ के फ्रॉड ट्रांजैक्शन कराए गए। महिला आरोपी सुमिरन ने पूर्व गिरफ्तार आरोपी शानू के साथ मिलकर ठगी की राशि को अपने खाते से आगे ट्रांसफर किया। महिला आरोपी सिमरन टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से apk फाइल भेज कर अकाउंट का एक्सेस लेकर फ्रॉड करती थी।

अंतरराज्यीय एवं तकनीकी साइबर गिरोह

इन तीनों आरोपियों की भूमिका से यह स्पष्ट हुआ कि यह एक संगठित, अंतरराज्यीय एवं तकनीकी रूप से संचालित साइबर गिरोह है। तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है एवं अन्य फरार आरोपियों की तलाश हेतु पुलिस टीमें विभिन्न राज्यों में सक्रिय हैं।

इनकी भूमिका सराहनीय रही

निरीक्षक अमित कोरी, निरीक्षक लिलियन मालवीय, उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक जीवन बारिया, उप निरीक्षक प्रवीण वास्कले, आरक्षक तुषार सिसौदिया, मोरसिंह डामोर और पवन जाट की सराहनीय भूमिका रही।