Tag: व्यंग्य बाण

नीर का तीर : रतलाम बिक रहा है ! बोलो- खरीदोगे ? पसंद आप...

यह ‘नीर का तीर’ कमान से छूट चुका है। इसे वापस अपनी ओर मोड़ पाना संभव नहीं है। इस...

शुक्र है... एक सुपारी, सब पर भारी

साप्ताहिक व्यंग्य शृंखला ‘शुक्र है...’ में पढ़ें सुपारी के प्रकार और जिंदगी में ...

व्यंग्य के पंच-प्रपंच : विद्रूपताओं और विसंगतियों पर कम...

जनवादी लेखक संघ द्वारा व्यंग्य विधा को लेकर अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें व...