रतलाम प्रदेश में अव्वल : यहां 2016 के पहले की सभी अनधिकृत कॉलोनियां हो गईं वैध

2016 पहले कटी अनधिकृत कॉलोनियों को बड़ी राहत मिली है। रतलाम जिले की 116 कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं।

Jul 20, 2023 - 20:33
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रतलाम प्रदेश में अव्वल : यहां 2016 के पहले की सभी अनधिकृत कॉलोनियां हो गईं वैध
रतलाम की 116 अनधिकृत कॉलोनियां हुई वैध।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुसार रतलाम जिले में अनाधिकृत कॉलोनियों को वैध करने का कार्य तीव्र गति से किया गया है। रतलाम प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है जहां 2016 से पहले की सभी अनधिकृत कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं।

शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी अरुण पाठक ने बताया कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में रतलाम प्रदेश का पहला जिला बन गया है जहां 2016 के पूर्व की सभी अनधिकृत कॉलोनियां वैध कॉलोनियां हो चुकी हैं। जिले में वर्ष 2016 के पूर्व की 122 कॉलोनियां चिह्नित की गई थीं। इनमें से 116 कॉलोनी वैध करने के लिए पात्र पाई गईं। इनमें जावरा की 41, नामली की 30, आलोट की 22, सैलाना की 13, ताल की 8 तथा पिपलौदा की कॉलोनियां शामिल हैं।

अब उक्त कॉलोनियों के अभिन्यास को अंतिम रूप दिया जाकर नागरिक अधोसंरचना एवं भवन अनुज्ञा प्रदान करने हेतु नियमों के अधीन विकास शुल्क का निर्धारण करते हुए रहवासियों को नगरीय निकाय भवन निर्माण के लिए अनुज्ञा प्रदान कर देंगे। इससे अब इन सभी कॉलोनियों के निवासियों की कई प्रकार की दिक्कतें अब दूर हो गई हैं। 

यह फायदा मिलेगा कॉलोनीवासियों को

  • मकानों के नामांतरण हो सकेंगे।
  • भवन निर्माण अनुमतियों पर लगी रोक हटेगी।
  • नगर पालिकाएं विकास कार्य कर सकेंगी।
  • नल कनेक्शन मिल सकेंगे।
  • सड़कों का विकास होगा।
  • बिजली संबंधी समस्या दूर होगी।
  • पेयजल की उपलब्धा में आने वाली दिक्कत दूर होगी।
  • नाले और नालियों का निर्माण हो सकेगा।
Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।