विप्र समाज का बड़ा ऐलान ! दिलबहार चौराहे के नामकरण और प्रतिमा स्थापना को लेकर निर्णायक बैठक 7 मई को, परशुराम युवा संघ बनाएगा रणनीति

रतलाम में परशुराम युवा संघ की 7 मई को अहम बैठक, दिलबहार चौराहा नामकरण और प्रतिमा स्थापना को लेकर निर्णायक रणनीति बनेगी।

विप्र समाज का बड़ा ऐलान ! दिलबहार चौराहे के नामकरण और प्रतिमा स्थापना को लेकर निर्णायक बैठक 7 मई को, परशुराम युवा संघ बनाएगा रणनीति
परशुराम युवा संघ की बैठक 7 मई 2026 को।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर में दिलबहार चौराहे के नाम परिवर्तन और भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापना की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। शौर्य वाहन यात्रा की गूंज के बाद विप्र समाज अब सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध नहीं, बल्कि ठोस परिणाम के लिए रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी में है।

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परशुराम युवा संघ ने इसे लेकर एक अति महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक 7 मई 2026 को शाम 7:00 बजे राजस्व कॉलोनी स्थित हनुमान मंदिर परिसर में होगी। इसमें समाज के प्रमुख जन, पदाधिकारी और युवा वर्ग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि हाल ही में निकाली गई ‘शौर्य वाहन यात्रा’ ने प्रशासन तक समाज की एकजुटता और ताकत का स्पष्ट संदेश पहुंचाया है। इस यात्रा ने न केवल जनसमर्थन दिखाया, बल्कि यह भी साबित किया कि समाज अब अपने मुद्दों पर पीछे हटने वाला नहीं है।

सिर्फ यात्रा नहीं, अब परिणाम चाहिए

संघ ने साफ किया है कि उनका उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि दिलबहार चौराहे के नामकरण और प्रतिमा स्थापना को जमीन पर उतारना है। इसी लक्ष्य के साथ अब आंदोलन को अगले स्तर पर ले जाने की रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी, जिसमें प्रशासन पर प्रभावी दबाव बनाने के लिए उग्र रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही प्रशासन को सौंपे जाने वाले ज्ञापन का मसौदा भी इसी बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा।

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संकल्प सिद्धि तक नहीं विश्राम

परशुराम युवा संघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “जब तक संकल्प सिद्ध नहीं, तब तक विश्राम नहीं।” संघ ने सभी विप्र बंधुओं से इस बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने और अपने सुझाव देने की अपील की है, ताकि इस मुहिम को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाया जा सके। यह बैठक सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे आंदोलन की दिशा तय करने वाला अहम मोड़ मानी जा रही है। अब देखना होगा कि विप्र समाज की यह एकजुटता प्रशासन को किस हद तक निर्णय लेने के लिए मजबूर कर पाती है।

परशुराम जी के अस्त्र फरसे की होना है स्थापना

बता दें कि नगर निगम द्वारा भगवान श्री परशुराम जी के अस्त्र फरसे की स्थापना की जाना है। इसकी घोषणा काफी समय पूर्व हो चुकी है लेकिन इसकी स्थापना में लगातार लेट-लतीफी हो रही है। बताया जा रहा है कतिपय लोगों द्वारा फरसे को पूर्व निर्धारित दिल बहार चौराहे के स्थान पर अनयत्र स्थापित किए जाने की कवायद चल रही है। इससे समाज में रोष व्याप्त है।

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