कांग्रेस को फिर झटका : लोकसभा चुनाव से पहले रतलाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल ने छोड़ी पार्टी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष ली भाजपा की सदस्यता

रतलाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल और आईटी सेल के प्रदेश सचिव शुभम पाटीदार ने भी भाजपा का दामन थाम कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। दोनों नेताओं ने एक दिन पूर्व ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को इस्तीफा भेज दिया था।

कांग्रेस को फिर झटका : लोकसभा चुनाव से पहले रतलाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल ने छोड़ी पार्टी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष ली भाजपा की सदस्यता
रतलाम जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल व आईटी सेल प्रदेश सचिव शुभम पाटीदार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भाजपा की सदस्यता ली।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । लोकसभा चुनाव की सरगर्मी जारी है ऐसे में कांग्रेस को झटके पर झटके लग रहे हैं। नेताओं को कांग्रेस अब डूबता जहाज नजर आ रही है और वे एक के बाद एक उसे छोड़ रहे हैं। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल व आईटी सेल के प्रदेश सचिव शुभम पाटीदार ने भी पार्टी छोड़ दी है। दोनों नेताओं ने बुधवार को उज्जैन में संभागीय कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। 

कांग्रेस छोड़ने वाले दोनों नेताओं की भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और भाजपा नेता प्रवीण सोनी सहित अन्य नेता मौजूद रहे। इस दौरान आलीराजपुर के वरिष्ठ  नेता सुरपालसिंह अजनार, जोबट के रघुनन्दन शर्मा एवं चन्द्रशेखर आजाद नगर के आनंद पाल ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

जानकारी के अनुसार कैलाश पटेल ने मंगलवार को ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना त्यागपत्र भेज दिया था। दरअसल, पटेल काफी समय से पार्टी में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। पिछले दिनों राहुल गांधी के रतलाम दौरे के दौरान जब वे सैलाना में रुके थे तब भी जिला कांग्रेस अध्यक्ष पटेल को उनसे मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा था। वहीं अन्य छुटभैये नेता आसानी से गांधी से मुलाकात कर पा रहे थे।

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों रतलाम में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान रतलाम संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया के बेटे युवा कांग्रेस के तत्कालीन प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया द्वारा मंच से जिस तरह की भाषा उपयोग की गई वह भी उन्हें रास नहीं आई थी। बताया जा रहा है इन्हीं सब वजहों के चलते पटेल ने पार्टी छोड़ना उचित समझा।

कांग्रेस पर लगाया ठेकेदारी प्रथा हावी होने का आरोप

कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले कैलाश पटेल के अनुसार उनके परिवार ने 75 वर्ष तक ईमानदारी से कांग्रेस की सेवा की। इसके बावजूद पार्टी द्वारा लगातार असहयोग और जिला संगठन को महत्व नहीं दिया जा रहा है। पार्टी में ठेकेदारी प्रथा चल रही। काम करने वाले वफादार लोगों का मूल्यांकन नहीं हो रहा। उनका आरोप है कि कांग्रेस दिशा से भटक गई है। इसके चलते ही उन्होंने पार्टी से त्यागपत्र दिया है।

गौरतलब है कि, कैलाश पटेल के पिता सोहनलाल पाटीदार कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष, जनपद सदस्य, कृषि उपज मंडी उपाध्यक्ष आदि महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। पटेल से पहले मार्च के अंतिम सप्ताह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के रतलाम आगमन के दौरान आलोट से कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज चावला तथा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव व प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रमोद गुगलिया भी कांग्रेस को अलविदा कह कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। 

भाजपा जिला कार्यालय में हुआ स्वागत

भाजपा की सदस्यता लेन के बाद कैलाश पटेल और रतलाम ग्रामीण के शुभम् पाटीदार जिलाध्यक्ष उपाध्याय के रतलाम में पैलेस रोड स्थित जिला भाजपा कार्यालय पहुंचे। यहां जिला पदाधिकारी एवं रतलाम ग्रामीण विधानसभा के पदाधिकारियों ने विधायक मथुरालाल डामर के नेतृत्व में उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान जिला महामंत्री निर्मल कटारिया, पूर्व विधायक दिलीप मकवाना, लोकसभा संयोजक किशोर शाह, चुनाव प्रबंधन समिति सदस्य प्रवीण सोनी, विधानसभा संयोजक कन्हैयालाल पाटीदार, जिला उपाध्यक्ष सुनील सारस्वत, जिला कार्यालय मंत्री मनोज शर्मा, सह कार्यालय मंत्री राकेश  नागर, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी, सह प्रभारी नीलेश बाफना, ग्रामीण के मंडल अध्यक्ष राकेश पाटीदार बारिया, राकेश  पाटीदार, दिनेश  धाकड़, राजेन्द्र जाट, युवा मोर्चा प्रदेश सदस्य राकेश  पाटीदार, प्रकोष्ट पदाधिकारी श्रीकांत डोसी, करन वशिष्ठ,  पूर्व नामली मंडल अध्यक्ष मदन परमार आदि मोजूद रहे।