धर्म-संस्कृति : भक्ति की विजय के साथ 5 दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा का हुआ विश्राम, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और मंत्री काश्यप हुए शामिल
रतलाम नगर निगम अध्यक्ष मनीषा मनोज शर्मा मित्र मंडल द्वारा आयोजित 5 दिवसीय नानीबाई का मायरा कथा का विश्राम हो गया।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । कस्तूरबा नगर स्थित बगीचे में मनीषा मनोज शर्मा मित्र मंडल द्वारा आयोजित 5 दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा का विश्राम शनिवार को हो गया। भक्ति, श्रद्धा और उल्लास पूर्ण वातावरण में हुए आयोजन में कथावाचक पं. अनिरुद्ध मुरारी ने नानी बाई की अडिग भक्ति, प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा और सामाजिक समरसता का भावपूर्ण संदेश दिया। विश्रम दिवस पर आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप भी शामिल हुए।
विश्राम दिवस के अवसर पर सुबह विधिवत पोथी पूजन किया गया। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला संगठन, कलचुरी कलाल एकता संगठन, कस्तूरबा नगर गरबा समिति, श्री विनायक भक्ति भंडार, मां अंबे गरबा समिति, मनीष नगर समिति, श्रीमाली ब्राह्मण समाज, राठौड़ तेली समाज सहित नगर के विभिन्न समाजों, धार्मिक संस्थाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने पोथी पूजन कर कथा की सफलता की कामना की। आयोजक नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा भाजपा नेता मनोज शर्मा ने अतिथि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल और मंत्री काश्यप का सम्मान किया।
धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को संस्कार मिलते हैं- खंडेलवाल
प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने इस मौके पर कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, जिससे नई पीढ़ी में धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रति रुचि एवं ज्ञान बना रहे। खंडेलवाल ने कथावाचक पं. मुरारी को पुष्पमाला पहनाकर अभिनंदन किया। कैबिनेट मंत्री काश्यप ने कहा कि मनीषा एवं मनोज शर्मा सदैव धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। इनके प्रयासों से वार्ड में उत्साह, उमंग और सामाजिक सक्रियता बनी रहती है।

भक्ति की विजय का भावपूर्ण संदेश
कथावाचक पं. अनिरुद्ध मुरारी ने पंचम दिवस की कथा में बताया कि नानी बाई के मायरे की कथा केवल पारिवारिक प्रसंग नहीं, बल्कि सच्ची भक्ति, विश्वास और विनम्रता की विजय की कथा है। जब समाज ने नानी बाई को ठुकराया, तब भगवान श्रीकृष्ण स्वयं आगे आकर भक्त की लाज रखने पहुंचे। उन्होंने कहा कि अहंकार मनुष्य को पतन की ओर ले जाता है, जबकि भक्ति उसे ईश्वर से जोड़ती है। नानी बाई की अटूट भक्ति यह सिद्ध करती है कि प्रभु अपने भक्त को कभी निराश नहीं करते।
भजनों से भक्तिमय हुआ पंडाल
कथा के दौरान प्रस्तुत सुमधुर भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भजन पर महिलाओं एवं पुरुषों ने भक्ति भाव से नृत्य किया। पूरा पांडाल “जय श्रीकृष्ण” एवं “नानी बाई की जय” के से गूंज उठा। समापन पर भव्य सामूहिक आरती का आयोजन किया गया, जिसमें आयोजन समिति एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे। आरती संघ के पदाधिकारी द्वारा की गई। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान श्रीकृष्ण एवं नानी बाई के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। प्रसाद का वितरण किया गया।
आयोजकों ने जताया आभार
विश्राम दिवस पर आयोजक मनीषा शर्मा एवं श्री मनोज शर्मा ने सभी अतिथियों, सहयोगियों, समाजजनों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाजों और धर्मप्रेमी नागरिकों के सहयोग से ही यह आयोजन सफल हो सका। शर्मा दंपती ने कहा कि नानी बाई के मायरे की कथा ने समाज में भक्ति, समरसता और संस्कारों को सुदृढ़ किया है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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